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Sunday, 10 August 2025

प्रेम त्रिकोण बनाती अरुण गोविल की राधा और सीता !



निर्माता जीपी सिप्पी की उनके पुत्र रमेश सिप्पी द्वारा निर्देशित फिल्म सीता और गीता, १७ नवंबर १९७२ को प्रदर्शित हुई थी। धर्मेंद्र, संजीव कुमार और हेमा मालिनी की दोहरी सीता गीता भूमिका वाली यह ड्रामा फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफल हुई थी।





यद्यपि इस फिल्म से, बॉलीवुड में दोहरी भूमिकाओं का चलन नहीं हुआ था। क्योंकि, सीता और गीता से पांच साल पहले, ७ अप्रैल १९६७ को प्रदर्शित दिलीप कुमार की दोहरी शीर्षक भूमिका वाली फिल्म राम और श्याम ने ऎसी फिल्मों का चलन बना दिया था। 





किन्तु, सीता और गीता ने, प्रसिद्द निर्माता ताराचंद बड़जात्या कोई मिलते जुलते शीर्षक वाली फिल्म बनाने के लिए अवश्य प्रेरित किया होगा।  यह फिल्म थी, १० अगस्त १९७९ को प्रदर्शित फिल्म राधा और सीता।  यह फिल्म दोहरी भूमिका वाली फिल्म नहीं थी। क्योंकि, फिल्म की राधा और सीता दो नायिकाएं, रीता भादुड़ी राधा सक्सेना और आभा धुलिया गीता माथुर बानी थी।





राधा और सीता के इकलौते नायक अरुण गोविल थे। अरुण गोविल, रामायण के राम के रूप में प्रसिद्द होने से पहले, राजश्री प्रोडक्शंस के ताराचंद बड़जात्या की फिल्मों के नायक के रूप में प्रसिद्द थे।  उनके अभिनय जीवन का प्रारम्भ ही राजश्री की फिल्म पहेली १९७७ से हुआ था।  इस फिल्म के प्रदर्शन के दो वर्ष पश्चात्, १९७९ में अरुण गोविल की तीन फ़िल्में सावन को आने दो, साँच को आंच नहीं तथा राधा और सीता प्रदर्शित हुई थी। 




राधा और सीता, जब प्रदर्शित हुई, उससे पहले ही अरुण गोविल संगीतमय फिल्म सावन को आने दो की सुपर सफलता के बाद, सफल नायक बन चुके थे।  यद्यपि, सावन को आने दो के बाद प्रदर्शित अरुण गोविल की फिल्म साँच कोई आंच नहीं को अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी। 





राधा और सीता का निर्देशन विजय कपूर ने किया था। शेखर कपूर की यह दूसरी फिल्म थी। वह अपनी फिल्म, ज़ाहिरा और विक्रम के साथ नग्न दृश्यों वाली फिल्म कॉल गर्ल बना कर कुख्यात हो चुके थे।  फिल्म का संगीत रविंद्र जैन ने दिया था। उन्होंने फिल्म के लिए सात गीतों की रचना की थी। इस सभी गीतों को उनकी प्रिय गायिका हेमलता ने गाया था। 





आज की दृष्टि से, राधा और सीता का कथानक काफी पिटा हुआ सा था।  फिल्म की दोनों नायिकाएं अरुण गोविल के शेखर से प्रेम करती थी। दोनों आपस में अच्छी सहेलियां थी। किन्तु, वह अपने प्रेम के बारे में एक दूसरे को नहीं बताती थी। भावनाओं का टकराव उस समय होता है, जब शेखर का पिता, अपने मित्र और शेखर की मिल के मालिक की बेटी राधा से करना चाहता है।





फिल्म की दूसरी भूमिकाओं में राजेंद्र नाथ, लीला मिश्रा, पिंचू कपूर, उर्मिला भट्ट, जगदीप, मदनपुरी, सविता बजाज, आदि  के नाम उल्लेखनीय है।