Sunday, 9 August 2026

बॉलीवुड से समाचार है कि बॉलीवुड फिल्म अभिनेता अजय देवगन कथित अपनी आगामी फ़िल्मों के प्रदर्शन की तिथियों में बड़ा परिवर्तन कर रहे हैं. जिस 2026 की सबसे बड़ी बॉक्स ऑफिस लड़ाइयों में से एक तय हो गई है। वैरायटी इंडिया के अनुसार, देवगन की जंगल एडवेंचर फिल्म रेंजर कथित तौर पर 2027 तक पोस्टपोन हो गई है, और गोलमाल 5 इसकी जगह 4 दिसंबर, 2026 की रिलीज़ डेट लेगी। अगर रिपोर्ट सही साबित होती है, तो रोहित शेट्टी डायरेक्टेड यह फिल्म प्रभास की फौजी और अक्षय कुमार की अनटाइटल्ड कॉमेडी एंटरटेनर अनीस बज़्मी के साथ मुकाबला करेगी।

इस फेरबदल से दिसंबर कॉरिडोर के लिए दांव काफी बढ़ गए हैं। जहां गोलमाल 5 और अक्षय कुमार की अभी तक टाइटल नहीं रखी गई फिल्म कॉमेडी जॉनर की है, वहीं हनु राघवपुडी के डायरेक्शन में बनी फौजी, प्रभास के लीड रोल वाली एक बड़े लेवल की पीरियड एक्शन ड्रामा है। यह क्लैश दर्शकों को पैन-इंडिया एक्शन तमाशे के खिलाफ दो कमर्शियल कॉमेडी देगा, जिससे यह हाल के सालों में सबसे अलग-अलग तरह की और जिसका बेसब्री से इंतज़ार था, बॉक्स ऑफिस लड़ाइयों में से एक बन जाएगी।


लेकिन, गोलमाल 5 के आने (अगर ऑफिशियली) से एक और बड़ा रिलीज़ चेंज भी हो सकता है। अक्षय कुमार, अजय देवगन के साथ रोहित शेट्टी की कॉमेडी में एक मेन रोल निभा रहे हैं। एक ही दिन अक्षय कुमार की दो कमर्शियल एंटरटेनर फ़िल्मों को रिलीज़ करने से एक्टर के फ़ैनबेस और कॉमेडी ऑडियंस दोनों बंट जाएँगे, जिससे यह एक अनलाइकली सिनेरियो बन जाएगा। इस वजह से, अनीस बज़्मी की अनटाइटल्ड फ़िल्म भी दूसरी रिलीज़ डेट पर जाने के लिए एक मज़बूत कैंडिडेट है, हालाँकि अभी तक कोई ऑफिशियल फ़ैसला अनाउंस नहीं किया गया है।


अगर ऐसा होता है, तो प्रभास की फ़ौज़ी के सामने सिर्फ़ गोलमाल 5 रह सकती है, जिससे यह क्लैश इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी कॉमेडी फ़्रैंचाइज़ी में से एक और देश के सबसे बड़े पैन-इंडिया स्टार्स में से एक के बीच बैटल बन जाएगा। गोलमाल 5 में अजय देवगन, अक्षय कुमार, अरशद वारसी, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, कुणाल खेमू और शरमन जोशी जैसे स्टार्स हैं, जो ओरिजिनल गोलमाल: फ़न अनलिमिटेड (2006) में दिखने के बाद फ़्रैंचाइज़ी में वापस आ रहे हैं।


इस बीच, फौजी में प्रभास के साथ इमानवी, अनुपम खेर, मिथुन चक्रवर्ती, भानु चंदर और जयाप्रदा हैं। डायरेक्टर हनु राघवपुडी की क्रिटिक्स द्वारा सराही गई सीता रामम और प्रभास के बड़े पैन-इंडिया फैन बेस को देखते हुए फिल्म से काफी उम्मीदें हैं। दूसरी ओर, अनीस बज़्मी के साथ अक्षय कुमार की अनटाइटल्ड कॉमेडी में विद्या बालन और राशि खन्ना भी हैं। हालांकि रिलीज़ कैलेंडर अभी ऑफिशियली फाइनल नहीं हुआ है, लेकिन आने वाले हफ्तों में यह साफ हो जाएगा कि बॉलीवुड में तीन-तरफ़ा ब्लॉकबस्टर क्लैश होगा या स्ट्रेटेजिक पोस्टपोनमेंट का एक और दौर होगा।

#Haiwaan #AkshayKumar को केयरटेकर #SaifAliKhan की चुनौती ?

 

हैवान' साल 2026 की एक बहुप्रतीक्षित बॉलीवुड साइको-थ्रिलर फिल्म बताई जा रही है। इस फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है। इसमें मुख्य भूमिका में अक्षय कुमार और सैफ अली खान हैं। यह फिल्म एक ऐसी क्राइम-थ्रिलर है जो दर्शकों को हैरान कर देगी।




 

'हैवान' साल 2016 की ब्लॉकबस्टर मलयालम फिल्म 'ओप्पम' का आधिकारिक हिंदी रीमेक है। फ़िल्म की कहानी एक ऐसे व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है जिसे देखने में परेशानी होती है (विजुअली चैलेंज्ड) लेकिन उसकी बाकी इंद्रियां बहुत तेज होती हैं। वह एक बच्ची की जान बचाता है और एक क्रूर साइको किलर (सीरियल किलर) का सामना करता है।




 

 

फ़िल्म के मुख्य चरित्र बॉलीवुड के नामचीन कलाकार है। फ़िल्म में सैफ अली खान एक नेत्रहीन केयरटेकर (रखवाला) और मार्शल आर्ट्स एक्सपर्ट की भूमिका में दिखाई देंगे ।फ़िल्म में बॉलीवुड के एक्शन अभिनेता अक्षय कुमार एक बेहद ठंडे और क्रूर विलेन के खतरनाक कीभूमिका जार रहे हैं । इस साइको थ्रिलर फ़िल्म की नायिका सैयामी खेर हैं । फ़िल्म में श्रिया पिलगांवकर और बोमन ईरानी महत्वपूर्ण भूमिका कर रहे है ।





फिल्म में अक्षय कुमार और सैफ अली खान की जोड़ी लगभग 20 साल बाद बड़े पर्दे पर वापस आ रही है।इस जोड़ी ने मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी, यह दिल्लगी, मैं चोरतू सिपाही,  क़ीमत  एक साथ की है। इन दोनों की विगत प्रदर्शित फ़िल्म टशन(२००८) थी।



 

अक्षय कुमार ने साल 2026 की फिल्म 'हैवान' से पहले कोई  5 फिल्मों में नकारात्मक (खलनायक या ग्रे) भूमिका निभाई थी। उनकी खल भूमिकाओं वाली प्रमुख फिल्मों का विवरण इस प्रकार है:

 

 

 

 

 

 

 

अजनबी (2001): इस फिल्म में उन्होंने 'विक्रम बजाज' नाम के एक शातिर और धोखेबाज विलेन का किरदार निभाया था। इस रोल के लिए उन्हें उनका पहला Filmfare Award for Best Villain भी मिला था।

 

 

 

 

 

 

 

2.0 (2018): सुपरस्टार रजनीकांत के साथ इस तमिल/हिंदी ब्लॉकबस्टर साइंस-फिक्शन फिल्म में अक्षय ने 'पक्षी राजन' नाम के एक डरावने और शक्तिशाली सुपरविलेन की भूमिका निभाई थी।

 

 

 

 

 

 

 

वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा (2013): इस गैंगस्टर-ड्रामा फिल्म में उन्होंने 'शोएब खान' नाम के एक अंडरवर्ल्ड डॉन (क्रूर विलेन) का किरदार निभाया था।

 

 

 

 

 

 

 

खिलाड़ी 420 (2000): इस फिल्म में अक्षय कुमार दोहरी भूमिका (डबल रोल) में थे, जिसमें से एक किरदार (देव कुमार) पूरी तरह से नकारात्मक, लालची और धोखेबाज था।

 

 

 

 

 

 

 

अफलातून (1997): अपने करियर के शुरुआती दौर की इस फिल्म में भी उन्होंने डबल रोल निभाया था, जिसमें से 'रॉकी' नाम का किरदार एक बेरहम अपराधी और विलेन था।

 

 

 

 

 

 

 

इनके अलावा उन्होंने फिल्म 'ब्लू' (2009) और 'गब्बर इज बैक' (2015) में एंटी-हीरो या ग्रे शेड किरदार निभाए थे, जबकि 'डिशूम' (2016) में उन्होंने एक छोटा लेकिन मजेदार विलेन का कैमियो रोल किया था।

 

 

 

वेंकट के. नारायण और शैलजा देसाई फेन के बैनर KVN Productions और Thespian Films की निर्मिति फ़िल्म के निर्देशक प्रियदर्शन है । यह फ़िल्म 11 सितंबर 2026 को प्रदर्शित होगी । फ़िल्म रिलीज़ के आठ सप्ताह बाद यह फ़िल्म सोनी  लाइव पर स्ट्रीम होने लगेगी ।

Thursday, 16 July 2026

#Vijay का #JanaNayagan, हिन्दी मे #JanaNeta



 

सेंसर से एडल्ट वाला टैग पाने के बाद, विजय जोसफ की फिल्म जन नायगन की छविगृहों में प्रदर्शित किये जाने की तयारी बड़े जोरशोर से हो रही है । यह फिल्म २३ जुलाई २०२६ को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म को हिंदी में भी जन नेता शीर्षक के साथ प्रदर्शित किया जायेगा ।




फिल्म 'जन नायकन' (Jana Nayagan) के बॉक्स ऑफिस पर सफल होने की पूरी उम्मीद है। यह सुपरस्टार थलपति विजय के अभिनय जीवन की अंतिम फिल्म बताई जा रही है। इसलिए, दर्शकों में, विशेषकर तमिल फिल्म दर्शकों में  इसे लेकर भारी उत्साह है । अनुमान है कि फिल्म दुनिया भर में १०० करोड़ तक की ओपनिंग कर सकती है।





फिल्म की सफलता के प्रमुख कारणों में से एक तो यह है कि यह तमिलनाडु का मुख्य मंत्री बनने के बाद, चंद्रशेखर जोसफ विजय की अंतिम फिल्म  है । प्रशंसक अपने जन नायगन विजय को अंतिम बार पर्दे पर देखने के लिए बहुत उत्सुक हैं।




फिल्म में तेलुगु तमिल फिल्मों की स्थापित अभिनेत्री पूजा हेगड़े और बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल जैसे बड़े कलाकार भी हैं। 




फिल्म को  'A' सर्टिफिकेट के बावजूद, एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह विदेशी बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहास बना सकती है।




विगत दिनों, १४ जुलाई को, फिल्म को पूनः सेंसर के लिए भेजा गया था । क्योंकि, फिल्म से ४१ सेकंड के फुटेज जोड़े गए है । इस प्रकार से यह फिल्म कुल ३ घंटा ३ मिनट और ५२ सेकंड की हो गई है ।





फिल्म को मूल रूप से जनवरी २०२६ (पोंगल) में रिलीज होना था । क्योंकि, विजय ने राजनीति में कदम रखने का मन बना लिया था । वह जन नायगन बन कर तमिल जनता के सामने जाना चाहते थे । किन्तु, सेंसर बोर्ड में यह मामला लगभग सात महीनों तक अटका रहा। इस फिल्म पर बोर्ड के एक सदस्य की गंभीर आपत्ति की थी । दिसंबर २०२५ में स्क्रीनिंग के दौरान बोर्ड के ५ में से ४ सदस्य फिल्म को पास करने के लिए तैयार थे, लेकिन एक सदस्य ने फिल्म के कंटेंट पर कड़ी आपत्ति जताई।




बोर्ड सदस्य का आरोप था कि फिल्म में कुछ ऐसे सैन्य संदर्भ और धार्मिक/सांप्रदायिक लाइनें थीं, जिससे सार्वजनिक भावनाएं आहत हो सकती थीं। फिल्म में थलपति विजय (जो अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं) की राजनीतिक पार्टी टीवीके  के सीधे संदर्भ थे । प्रारंभ में निर्माता केवीएन प्रोडक्शनस बोर्ड द्वारा सुझाए गए कट्स से पूरी तरह सहमत नहीं थे। उन्हें लगा कि बोर्ड बेवजह देरी कर रहा है, इसलिए उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। निर्माता अपनी फिल्म की मूल कहानी और राजनीतिक संदेशों को बचाना चाहते थे।





किन्तु, अप्रैल २०२६ में बिना सेंसर हुई पूरी फिल्म की एक एचडी कॉपी इंटरनेट पर लीक हो गई, जिसे करीब 1.2 करोड़ लोगों ने देख लिया। इस भारी पायरेसी के कारण फिल्म को रिलीज से पहले ही बड़ा आर्थिक नुकसान होने लगा। इस संकट से बचने और कोर्ट केस को लंबा खींचने के बजाय निर्माताओं ने फरवरी में अपनी याचिका वापस ले ली और बोर्ड की बात मानकर फिल्म रिलीज करना ही बेहतर समझा।





परिणामस्वरूप, सेंसर बोर्ड की १२ बड़ी शर्तों और कट्स को निर्माताओं ने मान लिया है, जिनमें ऑडियो और विजुअल्स से थलपति विजय की पार्टी टीवीके  और न्यू इंडिया शब्दों को म्यूट कर दिया गया है । राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) के जमीन पर गिरने वाले एक दृश्य को फिल्म से हटा दिया गया है । बी.आर. अंबेडकर की किताब वाले कवर और उनसे जुड़े कुछ संवादों को बदलना पड़ा है। गाली-गलौज वाले शब्द और एक बच्चे को जलाने वाले दर्दनाक दृश्य को भी हटाना पड़ा है ।





फिल्म के क्लाइमेक्स और कुछ अन्य दृश्यों में भारतीय सेना (Military) से जुड़ी कुछ विवादित लाइनों को बदला गया है। डॉ. बी.आर. अंबेडकर की किताब के कवर पेज को बदला गया है और उनसे जुड़े कुछ संवादों में संशोधन किया गया है। फिल्म के अलग-अलग दृश्यों में इस्तेमाल की गई गालियों और आपत्तिजनक शब्दों को म्यूट किया गया है। लड़ाई  के कुछ दृश्यों में अत्यधिक खून-खराबा और क्रूरता दिखाई गई थी, जिसे छोटा किया गया है। फिल्म के शुरुआती टाइटल कार्ड्स और कुछ संवादों में बदलाव किए गए हैं ताकि किसी वास्तविक राजनीतिक हस्ती से इसकी तुलना न हो। विदेशी लोकेशन के कुछ दृश्यों में दिखाए गए झंडों और प्रतीकों को बदला गया है ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई विवाद न हो।





फिल्म में धूम्रपान और शराब के दृश्यों के दौरान वैधानिक चेतावनी को अधिक स्पष्ट रूप से दिखाने को कहा गया। इन सभी बदलावों को मानने के बाद, निर्माताओं ने हाल ही में 41 सेकंड का एक नया फुटेज जोड़ा है, जिसे बोर्ड ने फिर से पास कर दिया है।





 यहाँ बताते चलें कि 'जन नायकन' मौलिक फिल्म नहीं है । यह साल 2023 में आई सुपरहिट तेलुगु फिल्म 'भगवंत केसरी' की, बड़े बदलाव के साथ आधिकारिक रीमेक है। मूल तेलुगु फिल्म में सुपरस्टार नंदामुरी बालकृष्ण, श्रीलीला और अर्जुन रामपाल मुख्य भूमिकाओं में थे। यद्यपि, फिल्म के निर्देशक एच. विनोद ने ऑडियो लॉन्च के दौरान कहा था कि यह पूरी तरह से एक थलपति विजय की फिल्म है। फिल्म की मूल आत्मा और कुछ खास इमोशनल दृश्यों को 'भगवंत केसरी' से लिया गया है, लेकिन थलपति विजय की राजनीतिक छवि को ध्यान में रखते हुए कहानी में भारी राजनीतिक बदलाव और नए सीन जोड़े गए हैं।





मूल फिल्म में जो भूमिका नंदामुरी बालकृष्ण ने निभाई थी, उसे 'जन नायकन' में थलपति विजय निभा रहे हैं। वहीं, विलेन के रूप में अर्जुन रामपाल की जगह इस फिल्म में बॉबी देओल नजर आएंगे।





फिल्म 'जन नायकन' में बॉबी देओल और पूजा हेगड़े के किरदार मूल फिल्म 'भगवंत केसरी' के किरदारों पर ही आधारित हैं, लेकिन इन्हें हूबहू नकल करने के बजाय तमिल सिनेमा के स्वाद और थलपति विजय की राजनीतिक छवि के अनुसार बड़े बदलावों के साथ पेश किया गया है। किन्तु, दोनों किरदारों में भारी बदलाव किया गया है । भगवंत केसरी' में अर्जुन रामपाल ने 'राहुल संघवी' नाम के एक चालाक कॉर्पोरेट बिजनेस टायकून का किरदार निभाया था, जो पैसे और व्यापार के दम पर अपना वर्चस्व चलाता है। जबकि, 'जन नायकन' में बॉबी देओल का किरदार 'फीनिक्स'  मूल फिल्म से बहुत अलग है। यहाँ उन्हें सिर्फ एक बिजनेस विलेन नहीं, बल्कि एक मिलिट्री/आर्मी बैकड्रॉप और राजनीतिक ताकत से लैस बेहद खूंखार और क्रूर विलेन के रूप में दिखाया गया है। उनका किरदार ज्यादा हिंसक और डरावना है।





'भगवंत केसरी' में: काजल अग्रवाल ने 'डॉ. कात्यायनी' का किरदार निभाया था, जो पेशे से एक मनोवैज्ञानिक थीं। उनका काम नायक (बालकृष्ण) की मदद करना और फिल्म में हल्के-फुल्के रोमांटिक पल जोड़ना था। 'जन नायकन' में अंतर: पूजा हेगड़े के किरदार का नाम 'कयाल' है। फिल्म में उनके पेशे को पूरी तरह बदल दिया गया है । वह डॉक्टर नहीं बल्कि एक पत्रकार की भूमिका में हैं। यह बदलाव फिल्म के राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए किया गया है ताकि उनका किरदार कहानी में ज्यादा सक्रिय और मजबूत दिखे।




निर्देशक एच. विनोथ ने फिल्म के कोर इमोशन (पिता-पुत्री/अभिभावक जैसा रिश्ता) को वही रखा है, लेकिन थलपति विजय के बड़े स्टारडम के लिए इंट्रोडक्शन सीन, इंटरवल ब्लॉक, प्री-क्लाइमेक्स और एक्शन सीक्वेंस को पूरी तरह से बदल दिया है। मूल फिल्म के मुकाबले 'जन नायकन' में 7 एक्शन सीन्स हैं जो बेहद हिंसक और प्रभावशाली हैं।





फिल्म 'जन नायकन' में मामिता बैजू का किरदार मूल फिल्म 'भगवंत केसरी' में श्रीलीला द्वारा निभाए गए किरदार पर ही आधारित है। दोनों ही फिल्मों में यह पात्र पूरी कहानी का भावनात्मक केंद्र है । लेकिन निर्देशक एच. विनोथ ने दोनों के बैकग्राउंड और उनके एक्शन सफर में कुछ महत्वपूर्ण अंतर रखे हैं ।  मूल फिल्म में श्रीलीला के पिता (आर. सरथकुमार) एक जेलर होते हैं, जिनकी एक एक्सीडेंट में मौत हो जाती है। इसके बाद उनके पिता के दोस्त भगवंत केसरी (नंदामुरी बालकृष्ण) विजी के गार्जियन (अभिभावक) बनते हैं। चरित्र का स्वभाव: विजी स्वभाव से थोड़ी डरी-सहमी लड़की है, जिसे सेना में जाने का कोई शौक नहीं है, लेकिन बालकृष्ण का किरदार उसे मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के लिए जबरन ट्रेनिंग देता है। श्रीलीला के किरदार के जरिए समाज को यह संदेश दिया गया था कि लड़कियों को 'कमजोर' नहीं, बल्कि 'शेरनी' की तरह मजबूत बनना चाहिए।





'जन नायकन' में इस बैकग्राउंड को तमिल सिनेमा के अनुसार बदला गया है। यहाँ विजी के असली पिता के रूप में गौतम वासुदेव मेनन नजर आएंगे, जो एक ईमानदार पुलिस अधिकारी और नायक (थलपति विजय) के मेंटर होते हैं। उनकी मौत के बाद विजय उनके सम्मान में मामिता बैजू को गोद लेते हैं और पाल-पोसकर बड़ा करते हैं।




जहाँ मूल फिल्म में श्रीलीला का किरदार शुरुआत में बहुत रोता है और ट्रेनिंग से भागता है, वहीं 'जन नायकन' में मामिता बैजू के किरदार को शुरुआत से ही थोड़ा ज्यादा आक्रामक और 'एक्शन मोड' में दिखाया गया है। थलपति विजय का किरदार उन्हें समाज के भ्रष्ट सिस्टम से लड़ने के लिए एक योद्धा की तरह तैयार करता है। 'प्रेमलू' फेम मामिता बैजू की मासूमियत और थलपति विजय के साथ उनकी स्क्रीन बॉन्डिंग फिल्म का सबसे बड़ा इमोशनल यूएसपी है।





मूल रूप से दोनों किरदारों का उद्देश्य एक ही है—एक लड़की को सशक्त बनाना। अंतर सिर्फ इतना है कि 'भगवंत केसरी' में श्रीलीला का सफर पूरी तरह से आर्मी में भर्ती होने और व्यक्तिगत डर पर काबू पाने के इर्द-गिविर्द घूमता है, जबकि 'जन नायकन' में मामिता बैजू का किरदार थलपति विजय के राजनीतिक और सामाजिक मिशन (भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ लड़ाई) में सीधे तौर पर उनका साथ देता नजर आता है।





मूल तेलुगु फिल्म 'भगवंत केसरी' में सुपरस्टार नंदामुरी बालकृष्ण ने 'नेलाकोंडा भगवंत केसरी' का किरदार निभाया था। इसके विपरीत, फिल्म 'जन नायकनमें थलपति विजय के किरदार को पूरी तरह से उनकी असली राजनीतिक छवि और स्टारडम के अनुरूप ढाला गया है।




इस फिल्म में विजय के किरदार का नाम 'थलपति वेत्री कोंडान' है । फिल्म के ट्रेलर के अनुसार, वेत्री कोंडान को शुरुआत में "क्रिमिनल्स का किंग" कहा गया है, जिससे लोग थर-थर कांपते हैं। उनका एक बहुत ही आक्रामक और डार्क अतीत दिखाया गया है।





चूंकि विजय असल जिंदगी में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री  बन चुके हैं, इसलिए उनके इस किरदार को एक पॉलिटिकल एक्शन हीरो के रूप में पेश किया गया है, जो सीधे सरकार और भ्रष्ट राजनीतिक व्यवस्था से लोहा लेता है।





वेत्री कोंडान के किरदार को ज्यादा 'लार्जर दैन लाइफबनाया गया है, जिसमें बहुत सारे स्टाइल और भारी एक्शन सीन्स जोड़े गए हैं। नंदामुरी बालकृष्ण का किरदार 'नेलाकोंडा भगवंत केसरी' का स्वभाव: एक बेहद अनुशासित, ठेठ तेलंगाना की बोली बोलने वाला और जमीन से जुड़ा हुआ व्यक्ति है।





वह अपनी गोद ली हुई बेटी (श्रीलीला) को सेना में भेजने के लिए एक सख्त गुरु या पिता की भूमिका निभाते हैं। उनका मुख्य ध्यान केवल अपनी बेटी के डर को भगाकर उसे सशक्त बनाने पर होता है।





इसलिए मूल फिल्म मुख्य रूप से एक पारिवारिक भावना और महिला सशक्तिकरण के एजेंडे पर आधारित थी, उसमें कोई बड़ा राजनीतिक या सिस्टम-विरोधी एजेंडा नहीं था।





जहाँ बालकृष्ण का 'भगवंत केसरी' किरदार मुख्य रूप से एक सुरक्षात्मक पिता और मेंटर के रूप में सीमित था, वहीं थलपति विजय का 'वेत्री कोंडान' एक क्रूर योद्धा और जनता का मसीहा है। निर्देशक एच. विनोथ ने विजय के किरदार को एक ऐसा राजनीतिक रंग दिया है जो सीधे तौर पर समाज के बड़े विलेन (बॉबी देओल) और भ्रष्ट सिस्टम को उखाड़ फेंकने के मिशन पर निकलता है।





 

फिल्म 'जन नायकन' का क्लाइमेक्स मूल फिल्म से बिल्कुल अलग और बेहद खास बनाया गया है, क्योंकि यह थलपति विजय के अभिनय करियर का आखिरी सीन है‌।





मूल तेलुगु फिल्म 'भगवंत केसरी' का अंत मुख्य विलेन के खात्मे और बेटी के सशक्तिकरण के साथ एक पारंपरिक तरीके से होता है। लेकिन जन नायकन के क्लाइमेक्स को थलपति विजय की इच्छा पर बदला गया है ताकि यह उनके फैंस के लिए एक यादगार विदाई  बन सके । क्लाइमेक्स में विजय के साथ काम कर चुके मशहूर निर्देशकों—एटली, लोकेश कनकराज और नेल्सन दिलीपकुमार  का एक खास कैमियो दृश्य है। इस सीन में विजय प्रतीकात्मक रूप से सिनेमाई स्टारडम की कमान नई पीढ़ी के निर्देशकों और अभिनेताओं को सौंपते हुए दिखाई देंगे।





फिल्म का अंत 'थलपति कचेरी' गाने के बैकग्राउंड म्यूजिक, विजय के 1 मिनट के हाई-एनर्जी डांस और फैंस को उनके सिग्नेचर स्टाइल में झुककर आखिरी सलाम करने के साथ होगा।

Wednesday, 15 July 2026

दर्शकों को लगेगा #ChristopherNolaan #MattDemon #TomHolland की #TheOdyssey का चस्का !



अभी, १३ जुलाई को, मुंबई के १०८ साल पुराने ओलम्पिया कैफ़े में, हॉलीवुड के फिल्म निर्देशक क्रिस्टोफर नोलान, अभिनेता मैट डेमन और टॉम हॉलैंड के साथ दिखाई दिए। यह तीनों इस कैफ़े में कैफ़े के प्रसिद्ध बन चस्का मस्का और चाय का आनंद लेने गए थे।




हॉलीवुड के दिग्गज जानते हैं कि मुंबई के वासियों में जितना इस कैफ़े का चाय बन चस्का मस्का का चस्का है, उतना ही हॉलीवुड फिल्मों का भी चस्का है। इसीलिए वह इस कैफ़े में अपनी १७ जुलाई को प्रदर्शित होने जा रही फिल्म द ओडिसी के दौरान दिखाई दिए थे।




 

'द ओडिसी',  हॉलीवुड की एक बहुप्रतीक्षित एपिक फैंटेसी एक्शन फिल्म है, जिसे प्रसिद्ध निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन ने लिखा और निर्देशित किया है। होमर के प्राचीन ग्रीक महाकाव्य पर आधारित इस फिल्म में मैट डेमन, टॉम हॉलैंड और ऐनी हैथवे मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म १७  जुलाई २०२६ को भारत के सिनेमाघरों में अंग्रेजी और हिंदी में रिलीज हो रही है।




 

फिल्म का कथानक ट्रोजन युद्ध के बाद, ग्रीक राजा ओडिसियस (मैट डेमन) की अपने घर इथाका लौटने की लंबी और खतरनाक यात्रा का है। इस दौरान उसका सामना कई पौराणिक जीवों, जैसे साइक्लोप्स और सायरन से होता है। यह फिल्म होमर के प्रसिद्ध प्राचीन ग्रीक महाकाव्य 'द ओडिसी' पर आधारित है। 





 

इस फिल्म के मुख्य चरित्रों में मैट डेमन के साथ ऐनी हैथवे, टॉम हॉलैंड, रॉबर्ट पैटिनसन और जेंडाया भी शामिल हैं।




 

विशेष बात यह है कि यह फीचर फिल्म पूरी तरह से आईमैक्स फिल्म कैमरों से शूट की गई है, जो दर्शकों को शानदार सिनेमाई अनुभव देने जा रही है।




 

विगत दिनों,  फिल्म के भव्य प्रीमियर के लिए  निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन, अपनी फिल्म के अभिनेताओं मैट डेमन और टॉम हॉलैंड आये थे ।   

 


 

 

अब तक 'द ओडिसी' पर सीधे तौर पर या उससे प्रेरित होकर लगभग पांच से अधिक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय फ़िल्में और टीवी मिनी-सीरीज़ बनाई जा चुकी हैं। इनमें से सबसे प्रसिद्ध रूपांतरण निम्नलिखित हैं-

 

 


 

यूलिसिस (१९५४): यह इस महाकाव्य पर बनी पहली सबसे बड़ी और लोकप्रिय हॉलीवुड फिल्म थी । इसमें मुख्य चरित्र ओडिसियस/यूलिसिस को दिग्गज अभिनेता किर्क डगलस (Kirk Douglas) ने निभाया था और उनके साथ एंथनी क्विन थे । इसके निर्देशक मारियो कैमेरिनी थे। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर व्यावसायिक रूप से काफी सफल रही थी। इसे क्लासिक सिनेमा का हिस्सा भी माना जाता है।



 

ओ ब्रदर, व्हेयर आर्ट दाउ? (२०००): यह फिल्म 'द ओडिसी' का एक मॉडर्न और अनोखा रूपांतरण थी, जिसकी कहानी १९३० के दशक के अमेरिका में सेट की गई थी। इसके मुख्य अभिनेता जॉर्ज क्लूनी थे और फिल्म का निर्देशन कोएन ब्रदर्स (Joel and Ethan Coen) ने किया था। २६ मिलियन डॉलर के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में ७२ मिलियन से अधिक का व्यवसाय किया और यह एक बड़ी सफल फिल्म साबित हुई।

 



'द ओडिसी' का मूल कथानक एक नायक की घर वापसी की लंबी, बाधाओं से भरी और एडवेंचरस यात्रा पर आधारित है। इस थीम पर कई अन्य ब्लॉकबस्टर हॉलीवुड फिल्में बनी हैं:

 



ट्रॉय (२००४): यह होमर के ही दूसरे महाकाव्य 'इलियाड' पर आधारित है, जो ओडिसी की कहानी से ठीक पहले की घटना (ट्रोजन युद्ध) को दिखाती है। इसमें ब्रैड पिट मुख्य भूमिका में थे और इसने दुनिया भर में  ४९७ मिलियन डॉलर से अधिक की बंपर कमाई की थी।

 

 

 


इंटरस्टेलर (२०१४): क्रिस्टोफर नोलन की ही इस फिल्म को स्पेस के बैकड्रॉप में एक 'आधुनिक ओडिसी' माना जाता है, जहाँ एक पिता अपने बच्चों के पास घर लौटने के लिए ब्रह्मांड की खतरनाक यात्रा पर निकलता है। इसने दुनिया भर में ७३० मिलियन डॉलर से अधिक का कारोबार किया था।

 




द रेवेनेंट (२०१५): लियोनार्डो डिकैप्रियो की यह फिल्म भी एक व्यक्ति के जीवित बचकर अपने घर लौटने के कठिन संघर्ष की महागाथा है, जिसने बॉक्स ऑफिस पर ५३२ मिलियन डॉलर की शानदार कमाई की थी।

 



बॉलीवुड की बात करें तो क्या ऐसे कथानक को पर्दे पर उतारा गया है? बॉलीवुड में सीधे तौर पर ग्रीक पौराणिक कथाओं पर फिल्में नहीं बनी हैं, लेकिन "घर वापसी की लंबी यात्रा, रास्ते की मुश्किलें और अपनों से मिलने की तड़प" वाले कथानक को भारतीय संदर्भ में कई बार बेहद खूबसूरती से उतारा गया है।



 

बजरंगी भाईजान (२०१५): यह आधुनिक भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी 'होमकमिंग' और 'ओडिसी' कहानियों में से एक है, जहाँ एक व्यक्ति सभी बाधाओं, देशों की सीमाओं और खतरों को पार करते हुए एक मूक बच्ची को उसके घर पहुँचाने की यात्रा पर निकलता है। कबीर खान की यह फिल्म ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर रही थी।

 



कारवां (२०१८) और जिंदगी ना मिलेगी दोबारा (२०११) जैसी फ़िल्में यात्रा (Road Trip) के माध्यम से जीवन की खोज और खुद को समझने के आधुनिक कथानक पर आधारित हैं, जिन्हें दर्शकों ने काफी पसंद किया।

 




अब फिर आते हैं 'द ओडिसी' पर। यह हॉलीवुड की अब तक की सबसे भव्य फिल्म मानी जा रही है, जो पूरी तरह IMAX कैमरों पर शूट हुई है और जिसके ओपनिंग वीकेंड में ही दुनिया भर से २०० मिलियन डॉलर की कमाई करने के अनुमान लगाए जा रहे हैं!

 



मैट डेमन (ओडिसियस), फिल्म के मुख्य नायक हैं, जो इथाका का राजा है। ट्रोजन युद्ध जीतने के बाद, वह अपने घर लौटने के लिए समुद्र के सबसे भयानक खतरों और राक्षसों से लड़ते हैं।




अभिनेत्री ऐनी हैथवे ने ओडिसियस की वफादार पत्नी पेनेलोप की भूमिका की है। वह सालों तक अपने पति का इंतजार करती है और इस बीच अपने राज्य को हड़पने की कोशिश करने वाले दुष्टों से खुद को और अपने महल को बचाती है।




टॉम हॉलैंड (टेलीमेकस),  ओडिसियस और पेनेलोप के बेटे बने हैं । वह अपने पिता की तलाश में निकलता है और महल के दुश्मनों के खिलाफ खड़ा होता है।



रॉबर्ट पैटिनसन (पॉलीफेमस / साइक्लोप्स), ओडिसियस की यात्रा का सबसे बड़ा विलेन, जो एक आँख वाला विशालकाय राक्षस (Cyclops) है।




जेंडाया (सायरन / एथेना): युद्ध और बुद्धि की ग्रीक देवी बनी हैं, जो ओडिसियस की इस मुश्किल यात्रा में गुप्त रूप से उसका मार्गदर्शन करती हैं।

#SanjayLeelaBhansali का #King से प्यार, टाली #LoveAndWar ?



मुंबई के गलियारों से समाचार है कि निर्माता निर्देशक संजयलीला भंसाली ने अपनी फिल्म लव एण्ड वॉर की प्रदर्शन  की तिथि टाल दी है।  अब यह फिल्म अगले वर्ष २१ जनवरी २०२७ को हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओँ में प्रदर्शित होगी।





 

इसके साथ ही अटकलों का दौर प्रारम्भ हो गया है।  कहा जा रहा है कि लव एंड वॉर की रिलीज़ फिल्म की नायिका आलिया भट्ट की फिल्म अल्फा के बॉक्स ऑफिस पर लुढ़कने के कारण टाली गई है। भंसाली यह नहीं चाहते थे कि अपनी फिल्म की नायिका की इतनी बड़ी असफलता के बाद, बड़े बजट की फिल्म को प्रदर्शित किया जाए। क्योंकि, आलिया के कारण फिल्म को नकारात्मक प्रचार ही मिलेगा।




 

अटकलें तो यहाँ तक हैं कि अल्फा के बाद, लव एंड वॉर में आलिया भट्ट के हिस्सों को कतरा जा रहा है। निर्माता नहीं चाहते थे कि इतना बुरा अभिनय करने वाली अभिनेत्री का मुंह दर्शकों के सामने बार बार आये। वह सोचते हैं कि फिल्म के दो नायकों रणबीर कपूर और विक्की कौशल के चेहरों की सहायता से फिल्म को दर्शकों की पसंदीदा बनाया जा सकेगा।




 

किन्तु, सवाल कई उठते है। आलिया भट्ट का अभिनय उत्कृष्ट कब होता था? गंगूबाई काठियावाड़ी में उनका अभिनय साधारण स्तर का ही था।  अब बात दूसरी है कि उन्हें राष्ट्रिय फिल्म पुरस्कार मिल गया। जहाँ तक निर्माताओं का प्रश्न है क्या गंगूबाई काठियावाड़ी शूट करते समय आलिया भट्ट का बुरा अभिनय सामने नहीं आया था? क्या लव एंड वॉर की शूटिंग में आलिया खराबा अभिनय नहीं कर रही थी? स्पष्ट है कि लव एंड वॉर की प्रदर्शन  की तिथि बदलने का कारण कोई दूसरा है।




 

यह सोचना इस लिए भी आवश्यक है कि लव एंड वॉर उनकी नायिका प्रधान एकल अभिनेत्री फिल्म नहीं है। इस फिल्म में उनके लव और वॉर रणबीर कपूर और विक्की कौशल  भी है। यह दोनों अभिनेता अपनी कई फिल्मों में अद्वितीय अभिनय कर चुके है।  राजकुमार हिरानी की फिल्म संजू में इस जोड़ी ने कमाल कर दिखाया था। तो यह कैसे समझ लिया गया कि लव एंड वॉर में आलिया भट्ट का कमाल ही बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की सफलता की गारंटी है?





 

निश्चित रूप से आलिया भट्ट की फिल्म अल्फा फ्लॉप हुई है। किन्तु, रणबीर कपूर ने २०२३ में तू झूठी मैं मक्कार और एनिमल जैसी बड़ी सफल फिल्म दी है।  विक्की कौशल ने तो पिछली साल ही छावा जैसी सुपर हिट फिल्म  दी है।  उनका अभिनय भी अद्वितीय पाया गया था। इसके लिए उन्हें ज़ी सिने अवार्ड भी मिला है। क्या लव एंड वॉर इन दोनों अभिनेताओं के अभिनय से सफल नहीं हो सकती थी ? फिल्म को आलिया भट्ट के व्यक्तित्व की इतनी जरुरत क्यों कि फिल्म की रिलीज़ टालनी पड़ी ?




 

जहाँ तक लव एंड वॉर के प्रदर्शन की तिथि बदलने की बात है, इस फिल्म की रिलीज़ पहले भी टालनी पड़ी थी। २०२४ में घोषित फिल्म लव एंड वॉर को मूल रूप में २०२५ की क्रिसमस को प्रदर्शित किया जाना था।  फिल्म को निर्माण में देरी के कारण २० मार्च २०२६ तक टालना पड़ा।  किन्तु, मार्च रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर २ द रिवेंज तथा यश की फिल्म टॉक्सिक प्रदर्शित हो रही थी।  इन दोनों फिल्मों से टकराव टालने के लिए फिल्म को क्रिसमस २०२६ को प्रदर्शित किया जाना तय किया गया। अब जबकि, फिल्म की रिलीज़ अगले साल तक बढ़ा दी गई है तो इसके लिए आलिया भट्ट को दोषी क्यों ठहराना ?





 

लव एंड वॉर की रिलीज़ बढाए जाने के एकाधिक कारण लगते हैं। पहला तो यह कि संजय लीला भंसाली हमेशा से टकराव से बचते रहे है।  क्रिसमस २०२६ में, २४ दिसंबर को शाहरुख़ खान की एक्शन फिल्म किंग प्रदर्शित हो रही है।  शाहरुख खान, हमेशा से संजय लीला भंसाली के प्रिय एक्टर रहे है। उन्होंने उनके साथ देवदास जैसी बड़ी हिट फिल्म बनाई है। शाहरुख़ खान की फिल्म किंग का प्रचार काफी ठंडा चल रहा है। रक्षकों में कोई विशेष उत्सुकता नहीं है।  इसलिए भंसाली नहीं चाहते थे कि उनकी फिल्म का किंग से टकराव हो या किंग को उनकी फिल्म से कोई नुकसान उठाना पड़े।  इसलिये उन्होंने फिल्म को टालना उपयुक्त समझा।




 

एक कारण और है।  फिल्म के एक नायक रणबीर कपूर की सबसे मूल्यवान फिल्म रामायण का पहला हिस्सा, दिवाली २०२६ में ३० अक्टूबर को प्रदर्शित हो रहा है। इस फिल्म को भारी भरकम व्यवसाय करने वाली फिल्म बताया जा रहा है।  यदि रामायण सुपरडुपर हिट होती है तो भी और यदि असफल होती है तो भी लव एंड वॉर का दो महीने से भी कम समय में प्रदर्शित होना लाभदायक नहीं होगा।

 




इस प्रकार से, अब लव एंड २१ जनवरी २०२७ को प्रदर्शित होगी। यह स्लॉट बिलकुल खाली है।  संदीप रेड्डी वंगा की तेलुगु भाषा की अखिल भारतीय स्तर पर प्रदर्शित होने वाली प्रभास की फिल्म स्पिरिट ५ जनवरी को प्रदर्शित हो जाएगी। 

Tuesday, 14 July 2026

#RanveerSingh की #ZombieThriller फिल्म #Pralay के लिए #28DaysLater के आर्टिस्ट !



धुरंधर श्रंखला की दो फिल्मों की धुरंधर सफलता के बाद, अभिनेता रणवीर सिंह, एक बार फिर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करना चाहते लगते है।  यह फिल्म है ज़ोंबी थ्रिलर फिल्म प्रलय, जो बर्बाद हो चुके मुंबई के कथानक पर है। इस फिल्म में रणवीर सिंह और कल्याणी 'लोका चैप्टर १' प्रियदर्शन अपनी जान बचते हुए शहर को बचाने के लिए निकले दम्पति की भूमिका कर रहे है। यह कल्याणी की पहली हिंदी फिल्म होगी।  




रणवीर सिंह की, ज़ॉम्बी सर्वाइवल थ्रिलर प्रलय भारतीय सिनेमा में अब तक के सबसे ज़्यादा तकनीकी रूप से समृद्ध और महत्वकांक्षी फिल्म के रूप में गिनी जा रही है, जिसमे ज़ोंबी शैली की परख की जा रही है। 




रोचक तथ्य यह है कि फिल्म के निर्माता निर्देशक जय मेहता ने फिल्म को विश्व स्तरीय बनाने के लिए कमर कस ली है। फिल्म को, भारत की अनोखी और स्वाभाविक ज़ोंबी फिल्म बनाने के लिए मेहता ने फिल्म से विश्व स्तर के मेकअप आर्टिस्ट्स को जोड़ना शुरू कर दिया है। बताते हैं कि फिल्म के निर्माता ने कथित तौर पर डैनी बॉयल की कल्ट क्लासिक 28 डेज़ लेटर (2002) के लेजेंडरी हॉलीवुड प्रोस्थेटिक मास्टर्स के साथ फिल्म के डरावने मरे हुए लोगों की भीड़ को बनाने के लिए सक्रिय बातचीत शुरू कर दी है।





प्रलय का बजट ३०० करोड़ बताया जा रहा है। किन्तु, इतने बजट के बावजूद सीजीआई पर निर्भर होना नहीं चाहते। इसके लिए उन्होंने अपनी कल्पना को साकार करने, चेहरे पर मेकअप पर निर्भर रहने का निर्णय लिया है ताकि ज़ोंबी फिल्म वास्तविकता के निकट लग सके।  इसके लिए उन्होंने पुराने ज़माने के सिनेमैटिक रियलिज़्म को दिखाने के लिए जाने-माने स्पेशल इफ़ेक्ट्स के पुराने अंतर्राष्ट्रीय कलाकारों लिसा क्रॉली, एड्रियन गेटली, बैरी गॉवर और केट हिल से संपर्क किया है। इस मशहूर टीम को लेने से फिल्म की हॉरर पहचान तत्काल विश्व स्तर पर बन जाएगी।




विनाश ग्रस्त मुंबई के वातावरण को दिखाने के लिए, डायरेक्टर जय मेहता ऑस्ट्रेलिया में एक बहुत बड़ा और कई हफ़्तों का शूटिंग शेड्यूल बना रहे हैं। इस फिल्म की कहानी एक शादीशुदा जोड़े पर केंद्रित है जो बर्बाद मुंबई में ज़िंदा रहने के लिए संघर्ष कर रहा है।  




इस प्रोजेक्ट की ज़बरदस्त अपील में कल्याणी प्रियदर्शन का हिंदी डेब्यू भी शामिल है, जिन्होंने मलयालम सुपरहीरो एपिक लोका चैप्टर 1: चंद्रा में अपने करियर की सबसे बड़ी सफलता हासिल की है। इंडस्ट्री के सूत्रों ने बताया कि रणवीर सिंह ने एक्ट्रेस को पर्सनली एक स्पेशल कॉल किया ताकि हिंदी मार्केट में कदम रखने को लेकर उनकी झिझक दूर की जा सके। उन्होंने ज़ॉम्बी की दुनिया के बड़े पैमाने और नवीनता पर बल दिया 





प्रलय का पहला आधिकारिक कार्यक्रम सितम्बर २०२६ से प्रारम्भ होने जा रहा है। वेस्टर्न क्लासिक्स की डरावनी फिलॉसफी को इंडियन स्टोरीटेलिंग के रॉ इमोशनल हिस्से के साथ मिलाकर, जय मेहता की सर्वाइवल एपिक सबकॉन्टिनेंट में हॉरर-थ्रिलर के लिए एक बिल्कुल नया बेंचमार्क सेट करने के लिए तैयार है।




ऐसा प्रतीत होता है कि बॉलीवुड फिल्म निर्माण शैली में ज़ोंबी  प्रयोग करने जा रहा है। क्योंकि, वेलकम टू द जंगल के निर्देशक अहमद खान, अपनी बागी २, बागी ३ और हीरोपंथी २  फिल्मों के नायक टाइगर श्रॉफ के साथ ज़ोंबी कॉमेडी फिल्म का निर्माण प्रारम्भ करने जा रहे है।   

#JioHotstarTelugu पर #SamanthaRuthPrabhu की #MaaIntiBangaaram

 


इसी महीने, ३ जुलाई को, दो एक्शन थ्रिलर फ़िल्में आलिया भट्ट की  फिल्म अल्फा और हुमा कुरैशी की फिल्म बड़ी डू डाई डू  प्रदर्शित हुई थी।  इन दोनों फिल्मों की नायिकाएं एक्शन मोड में थी और सीरियल किलर की भूमिकाएं कर रही थी।




 

आलिया भट्ट की फिल्म अल्फा का बजट १२० करोड़ के आसपास था। जबकि, बेबी डू डाई  डू  के निर्माण में २२ करोड़ के लगभग व्यय हुए थे।  आशा की जा रही थी कि बड़े बैनर यशराज फिल्म्स की स्पाई यूनिवर्स की सातवी फिल्म अल्फा और कम लागत में बनी फिल्म बेबी डू डाई डू  अपना खर्च निकाल कर. निर्माताओं को मुनाफा कमा कर देगी।  लेकिन हुआ बिलकुल उल्टा।  दोनों ही फिल्मे दर्शकों द्वारा नकार दी गई।  इस का अर्थ हुआ कि दर्शको ने महिला एक्शन फिल्म या सटीक कहिये तो भाड़े की हत्यारिन नायिका वाली फिल्मों को सिरे से नकार दिया। 





 

इससे ऐसा प्रतीत हो सकता है कि भारतीय दर्शक हत्यारी नायिकाओं वाली फिल्म को नकार देता है।  किन्तु, यह अर्ध सत्य है। बॉलीवुड फिल्मों के दर्शको को लेकर तो यह कहा जा सकता है।  किन्तु, भारतीय दर्शकों के सन्दर्भ में नहीं।  दक्षिण के दर्शक इसका प्रमाण है। 




 

तेलुगु एक्शन ड्रामा फिल्म मा इनती बंगारम, अल्फा और बेबी डू डाई डू से मात्र दो सप्ताह पहले १९ जून को प्रदर्शित हुई थी। इस फिल्म के निर्माण में ४५ करोड़ के आसपास व्यय हुए थे।  फिल्म की नायिका सामंथा रुथ प्रभु थी। फिल्म में उनके विरुद्ध गुलशन देवैया का चरित्र था। सामंथा की विगत प्रदर्शित फ़िल्में ख़ुशी, शाकुंतलम, यशोदा, आदि फ्लॉप हुई थी।  ऐसा प्रतीत होता था कि  सामंथा का फिल्म जीवन समाप्त हो गया।  किन्तु, मा इनती बंगारम ने चमत्कार कर दिखाया। इस फिल्म ने, बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को आकर्षित करते हुए बॉक्स ऑफिस १०० करोड़ का ग्रॉस करने वाले पहली महिला तेलुगु फिल्म का गौरव हासिल कर लिया। 





 

क्या आप जानते हैं कि इस फिल्म का कथानक क्या था ? यह फ़िल्म स्वर्णा (सामंथा रूथ प्रभु) की कहानी है, जो अनाथ है और डॉ. अनिरुद्ध (दिगंत मनचले) के साथ भाग जाती है। बाद में, वह परिवार की एक शादी के लिए उनके पारंपरिक, पुरुष-प्रधान गाँव वाले घर लौटती है। परिवार में अपनी जगह बनाने की कोशिश में, वह एक आदर्श और आज्ञाकारी बहू का रोल निभाती है।

 



लेकिन, उसका यह घरेलू रूप सिर्फ़ एक दिखावा है। वास्तव में वह झाँसी है, जो पहले एक खतरनाक हत्यारी और नक्सली विद्रोही रह चुकी है। शांति तब भंग हो जाती है जब उसका जुनूनी पूर्व गैंग लीडर, करुणा (गुलशन देवैया), उसे ढूँढ निकालता है। इससे स्वर्णा को अपने हिंसक अतीत का सहारा लेना पड़ता है, ताकि वह उन्हीं ससुराल वालों की रक्षा कर सके जो उस पर शक करते हैं। यह ज़िंदा रहने और छिपी हुई पहचान की एक रोमांचक कहानी है। स्पष्ट रूप  से इस फिल्म में सामंथा एक भाड़े की हत्यारिन की भूमिका कर रही थी।




 

मा इनती बंगारम को बॉक्स ऑफिस पर इतनी सफलता कैसे मिली ? इस फिल्म में पारंपरिक पारिवारिक ड्रामा और जबरदस्त हत्यारे वाले एक्शन का यह अनोखा मिश्रण था।  इस मिश्रण ने दर्शकों को इतना आकर्षित किया कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कीर्तिमान स्थापित कर पाने में सफल हुई।




 

सामंथा रूथ प्रभु की फिल्म मा इनती बंगारम ने बॉक्स ऑफिस पर कीर्तिमान स्थापित करते हुए अनुष्का शेट्टी की फिल्म रुद्रमा देवी के ८६.९२ करोड़, कीर्ति सुरेश की फिल्म महानटी के ८३ करोड़, अनुष्का शेट्टी की फिल्म अरुंधति के ६८.५० करोड़ और उन्ही की फिल्म भागमती के ६७.२ करोड़ के ग्रॉस को पीछे धकेल दिया है।




 

मा इन्टी बंगारम, अभी छविगृहों में चल रही है।  किन्तु, इस फिल्म के ओटीटी प्लेटफार्म पर प्रदर्शित किये जाने की घोषणा हो चुकी है। जिओ हॉटस्टार की घोषणा के अनुसार, सामंथा रुथ प्रभु की सीरियल किलर महिला वाली फिल्म मा इनती बंगारम उनके प्लेटफार्म पर स्ट्रीम होगी। यद्यपि, अभी इस फिल्म के हिंदी संस्करण के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। किन्तु, सामंथा के इस अनोखे रूप को देखने के लिए हिंदी दर्शक अंग्रेजी सब टाइटल के साथ फिल्म को १७ जुलाई से देख सकते हैं।