अभी थोड़ी देर पहले, अभिनेता अक्षय कुमार की, प्रियदर्शन के निर्देशन में फिल्म भूत बंगला का आधिकारिक ट्रेलर अनावृत हुआ है। अनावरण के साथ ही यह ट्रेलर फिल्म प्रेमियों के बीच चर्चा में आ गया है। यह एक हॉरर-कॉमेडी फ़िल्म है जिसे प्रियदर्शन ने अक्षय कुमार के लिए १४ साल बाद निर्देशित किया है।
इस फ़िल्म में अक्षय कुमार मुख्य हास्य भूमिका में नज़र आ रहे है। फिल्म में, उनके साथ तब्बू, परेश रावल, वामिका गब्बी, मिथिला पालकर और राजपाल यादव भी हँसी का फव्वारा छोड़ रहे हैं। फ़िल्म की कहानी एक भूतिया हवेली पर आधारित है। इस के ट्रेलर में बढ़िया साफ़ सुथरा हास्य भयावने तत्वों के साथ सम्मिलित है। अक्षय कुमार एक बार फिर अपनी पुरानी फ़िल्मों हेरा फेरी और भूल भुलैया वाली क्लासिक कॉमिक टाइमिंग दिखाते हुए देखा जा सकता है। भूत बंगला का पेड प्रीव्यू १६ अप्रैल को रात ९ बजे से शुरू होगा। इसके बाद, यह फिल्म १७ अप्रैल से दर्शकों को नियमित शो में देखने को मिलेगी।
विशेष बात है कि अक्षय कुमार चौदह से अधिक सालों के बाद प्रियदर्शन के साथ फिर से काम कर रहे हैं। प्रियदर्शन अक्षय कुमार को अपना लकी चार्म और निर्देशक की खुशी बताते है। वह वादा करते है कि इस फ़िल्म में अक्षय की क्लासिक कॉमिक टाइमिंग एक बार फिर देखने को मिलेगी, जिसमें डरावने और मज़ेदार (स्लैपस्टिक) एलिमेंट्स भी शामिल होंगे। अक्षय इस फ़िल्म के प्रोड्यूसर भी हैं।
प्रियदर्शन और अक्षय कुमार की जोड़ी बॉलीवुड की सबसे सफल डायरेक्टर-एक्टर जोड़ियों में से एक है, विशेष रूप से २००० के दशक की कॉमेडी फिल्मों में। उनकी पार्टनरशिप की पहचान है बड़ी स्टारकास्ट, गलत पहचान, स्लैपस्टिक ह्यूमर और अफरा-तफरी वाले हालात। इस फिल्मों में सामान्य रूप से परेश रावल और राजपाल यादव जैसे कलाकार बार-बार नज़र आते हैं।
अक्षय कुमार और प्रियदर्शन ने एक सात फिल्में की हैं। इनमे से अधिकतर कॉमेडी और हॉरर-कॉमेडी फ़िल्में सम्मिलित है। भूत बंगला इन दोनों की आठवीं फिल्म है। इन दोनों की एक साथ विगत फिल्म २०१० में प्रदर्शित खट्टा मीठा थी। खट्टा मीठा के १४ साल बाद, इस जोड़ी के काम को परदे पर देखना दर्शकों में फिल्म के प्रति उत्सुकता बढ़ाने के लिए पर्याप्त है।
अक्षय कुमार ने प्रियदर्शन के निर्देशन में पहली बाद फिल्म हेरा फेरी (२०००) में काम किया था। इस फिल्म में, अक्षय ने राजू का किरदार निभाया था, जिसे अपने दोस्तों परेश रावल और सुनील शेट्टी के साथ टोली में एक तेज़-तर्रार और जुगाड़ू लडके के रूप में दिखाया गया था । ये तीनों जल्दी पैसा कमाने का सपना देखते हैं, लेकिन मज़ेदार मुश्किलों में फंस जाते हैं। इसके यादगार डायलॉग, फिजिकल कॉमेडी और फोन कॉल वाला सीन इसे एक कल्ट क्लासिक बनाते हैं और इसने बॉलीवुड कॉमेडी को एक नई पहचान दी।
गरम मसाला, इस जोड़ी की दूसरी फिल्म थी। किन्तु, इस फिल्म में जॉन अब्राहम भी उनके मित्र की भूमिका कर रहे थे। अक्षय ने इसमें एक फ्लर्ट करने वाले फोटोग्राफर मैक की भूमिका की थी , जो अपने दोस्त (जॉन अब्राहम) की मदद से एक साथ कई गर्ल फ्रेंड्स को संभालता है। बढ़ा-चढ़ाकर बोले गए झूठ, बेडरूम की कॉमेडी और अक्षय की ज़बरदस्त परफॉर्मेंस के लिए उन्हें फिल्मफेयर का 'बेस्ट कॉमेडियन' अवॉर्ड मिला। यह अपने आप में एक बेहतरीन 'सिचुएशनल कॉमेडी' का बेजोड़ उदाहरण है।
भागम भाग, इस जोड़ी की तीसरी फिल्म थी। इस फिल्म में अक्षय कुमार ने गोविंदा और परेश रावल के साथ मिलकर एक ऐसी मज़ेदार दौड़-भाग वाली कहानी पेश की, जिसमें एक गायब लाश, थिएटर ग्रुप की अफरा-तफरी और लगातार होने वाली गलतफहमियां दर्शकों को दिलचस्प मसाला देती थी । यह एक हाई-एनर्जी वाली कॉमेडी फिल्म है, जिसमें थ्रिलर का भी हल्का-फुल्का पुट देखने को मिलता है।
प्रियदर्शन की २००७ में प्रदर्शित फिल्म भूल भुलैया में अक्षय कुमार ने एक विचित्र मनोचिकित्सक डॉ. आदित्य की भूमिका की थी, जो एक भुतहा हवेली में हो रही अलौकिक घटनाओं की जांच करता है। इस फिल्म में साइकोलॉजिकल थ्रिल, भूतों का डर और प्रियदर्शन की खास कॉमेडी का ज़बरदस्त मेल देखने को मिलता है। फिल्म विद्या बालन के सशक्त अभिनय के कारण दर्शनीय बन गई थी । यह फिल्म अक्षय कुमार की सबसे ज़्यादा पसंद की जाने वाली और बार-बार देखी जाने वाली फिल्मों में से एक है।
प्रियदर्शन की हेरा फेरी के बाद, अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी की जोड़ी, प्रियदर्शन की क्लासिक मल्टी-कैरेक्टर कॉमेडी फिल्म दे दना दन में दो हताश दोस्तों के रूप में आती हैं, जो पैसे की समस्या सुलझाने के लिए एक नकली अपहरण की साजिश रचते हैं, जिससे होटल में अफरा-तफरी मच जाती है। इस फिल्म में अन्य कई कलाकारो के साथ परेश रावल भी अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हँसाने में शामिल हो जाते हैं।
प्रियदर्शन निर्देशित और २०१० में प्रदर्शित फिल्म खट्टा मीठा, व्यवस्था पर एक व्यंग्यात्मक फिल्म थी। इस फिल्म में, अक्षय एक भ्रष्ट लेकिन ईमानदार सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार के रूप में परिवार, राजनीति और छोटे शहर के व्यंग्य से जूझते हैं। उनकी विशुद्ध प्रहसन फिल्मों की तुलना में यह अधिक परिस्थितिजन्य और सामाजिक कॉमेडी है जिसमें भावनात्मक परतें भी हैं। यह प्रियदर्शन और अक्षय कुमार की जोड़ी की विगत प्रदर्शित फिल्म थी।
अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी इतनी सफल क्यों है ? प्रियदर्शन अपनी साफ़-सुथरी, तेज़ रफ़्तार वाली ग्रुप कॉमेडी फिल्मों, जो सामान्य रूप से उनकी मलयालम हिट फ़िल्मों की रीमेक या उनसे प्रेरित फिल्मे थी, में अपनी महारत दिखाते हैं, जबकि अक्षय विचित्र परिस्थितियों में फंसे एक सामान्य युवक के रूप में, अपने शारीरिक हाव-भाव और सटीक टाइमिंग से दर्शकों को हँसाते हैं। इन फ़िल्मों में, सामान्य रूप से परेश रावल और राजपाल यादव हास्य बिखेरते दिखाई देते है। इन फिल्मों में अश्लीलता बिल्कुल नहीं होती, जिसकी वजह से ये फ़िल्में पूरे परिवार के साथ बैठकर हँसने-हँसाने के लिए बेहतरीन होती हैं।
अक्षय की कॉमेडी का सुनहरा दौर २००४ से २०१० के मध्य का रहा है, जब उन्होंने लगातार हिट फ़िल्में देकर अपना दबदबा बनाया था। बाद में, उन्होंने एक्शन, ड्रामा (एयरलिफ़्ट, स्पेशल 26) और सामाजिक फ़िल्मों की ओर रुख कर लिया, किन्तु, उनके प्रशंसक दर्शक उन्हें आज भी उन्हें उसी हल्के-फुल्के, हँसी-मज़ाक वाले अंदाज़ में वापस देखना चाहते हैं। उनकी इस उम्मीद को भूत बंगला पूरी कर सकती है।




