Saturday, 13 June 2026

#Alpha के #Teaser ने मचाया #Bollywood में #Dhurandhar बवाल !



यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म अल्फा  के टीज़र ने, रिलीज़ होते ही सोशल मीडिया पर धुरंधर बवाल मचा दिया है। तरह तरह के मीम और कमैंट्स दे दना दन छापे जा रहे है।  





अल्फा, यशराज बैनर की पहली स्पाई फिल्म  है, जो महिला जासूस पर पहली महिला एक्शन फिल्म है।  इस फिल्म में महेश भट्ट और सोनी राजदान की बेटी आलिया भट्ट भाड़े की हत्यारिन अल्फा की भूमिका कर रही है। 





आलिया भट्ट को नेपो किड्स कहा जाता है।  बॉलीवुड के एक अन्य नेपो किड्स निर्देशक में सम्मिलित निर्देशक करण जोहर ने, आलिया भट्ट को स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर के माध्यम से हिंदी दर्शकों से परिचित कराया।  अल्फा भी एक अन्य नेपो किड्स आदित्य चोपड़ा की फिल्म है।  इस फिल्म के निर्देशक शिव रवैल को भी नेपो किड्स कहा जा सकता है, क्योंकि उनके पिता राहुल रवैल प्रसिद्द फिल्म निर्देशक हैं, जिन्होंने बेताब जैसी फिल्म बनाई थी। 





अल्फा का टीज़र जैसे ही सोशल मीडिया पर तैरा, बॉलीवुड के कथित बादशाह शाहरुख़ खान टपक पड़े। उन्होंने, यशराज फिल्म्स की टीज़र वाली पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा- बहुत बढ़िया आलिया, दिल तोड़ने से लेकर हड्डियां तोड़ने तक, तुम्हारा हुनर ​​लगातार बढ़ रहा है। उम्मीद है 'अल्फा' लोगों का दिल जीतेगी और सीक्वल के लिए कुछ विलेन भी बचाकर रखेगी। जाओ और कमाल कर दिखाओ, सिग्मा गर्ल! लॉर्ड बॉबी... जब आप विलेन का रोल करते हैं तो बहुत ज़बरदस्त लगते हैं!!! ढेर सारा प्यार। और शिव व उनकी टीम को भी बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।





यह वही शाहरुख़ खान हैं, जिनके मुंह पर उस समय दही जैम गया था, जब रणवीर सिंह की आदित्य धर निर्देशित फिल्म धुरंधर  प्रदर्शित हुई थी।  लगा था जैसे शाहरुख़ खान अंतर्धान हो गये है। इसे निशाने पर लेते हुए एक ट्विटेरती ने लिखा - धुरंधर के लिए एक शब्द भी नहीं कहा। क्योंकि इससे इस्लाम की असलियत पता चलती है। दूसरे ने लिखा - सर कुछ महीने पहले धुरंधर भी प्रदर्शित हुई थी। तब आप कहाँ थे ?





इसी प्रकार से, अमिताभ बच्चन ने भी अल्फा पर रिपोस्ट लिखा - मेरी प्यारी आलिया को ढेर सारा प्यार और शुभकामनाएँ। उनके इस ट्वीट पर भी धुरंधर प्रतिक्रियाएं सामने आई।  एक ट्वीट में लिखा था - यह अजीब बात है कि बॉलीवुड के 'बिग बी' कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन आलिया भट्ट की फ़िल्म 'अल्फा' के बारे में पोस्ट करते हैं और अपना प्यार और आशीर्वाद देते हैं, लेकिन 'धुरंधर' के लिए एक शब्द भी नहीं कहा। क्या बॉलीवुड के 'बिग बी' भी पाकिस्तान की असलियत सामने आने पर चुप रहना ही अच्छा समझते हैं? मिस्टर बच्चन, ऐसा दोहरा रवैया क्यों?





किन्तु, जहाँ तक अल्फा के टीज़र पर सधी प्रतिक्रिया की बात  है,एक समेकित प्रतिक्रिया का उल्लेख करना उपयुक्त होगा- वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स ने अभी-अभी अल्फा का टीज़र रिलीज़ किया है और यह गलत वजहों से चर्चा में है। आलिया भट्ट एक बेरहम युवा हत्यारे का रोल कर रही हैं, जिन्हें बचपन से बॉबी देओल ने ट्रेन किया है — लेकिन एक बड़ी समस्या है: वह 33 साल की हैं और अपने "बर्थडे मिशन" पर 18 साल की लड़की का रोल कर रही हैं। इंटरनेट यूज़र्स इस पर कड़ा रिएक्शन दे रहे हैं:





"किसी असली युवा एक्ट्रेस को कास्ट क्यों नहीं किया?"

"ओरिजिनैलिटी कहाँ है? सीन तो सीधे La Femme Nikita से लिए हुए लग रहे हैं!"

"बॉलीवुड में दोहरे मापदंड (double standards) कमाल के हैं — पुरुष तो हर बार ऐसा करके बच जाते हैं।"





ज़बरदस्त एक्शन सीन से लेकर साफ़ दिखने वाले अल्फा टैटू और दमदार स्पाई वाइब्स तक, इस टीज़र ने लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ लोग इसके ज़बरदस्त लुक की तारीफ़ कर रहे हैं, तो कुछ उम्र के अंतर पर सवाल उठा रहे हैं और पूछ रहे हैं कि क्या आलिया एक खतरनाक हत्यारे का विश्वसनीय रोल निभा पाएंगी।  

#YRF की #ShivRawail निर्देशित फिल्म #Alpha का टीज़र



आदित्य चोपड़ा की यश राज फिल्म्स ने 'अल्फा' का टीज़र रिलीज़ किया है, जिसमें आलिया भट्ट मुख्य भूमिका में हैं। यह टीज़र YRF स्पाई यूनिवर्स में एक युवा हत्यारी (assassin) की शुरुआती कहानी दिखाता है, जिसे मारने के लिए ही पाला-पोसा और तैयार किया गया है!





पहले टीज़र में, YRF ने एक ऐसी हत्यारी (आलिया) की कहानी पेश की है जिसे बॉबी देओल ने पाला-पोसा है। YRF जल्द ही दूसरी मुख्य अभिनेत्री, शरवरी के किरदार का भी खुलासा करेगा, क्योंकि वे अपने मार्केटिंग कैंपेन के ज़रिए दर्शकों के सामने हर किरदार को पेश कर रहे हैं।






'अल्फा' पूरी तरह से मनोरंजन से भरपूर (पॉपकॉर्न एंटरटेनर) फिल्म है। यह सिनेमा में महिलाओं के नेतृत्व वाली ऐसी एक्शन फिल्म है जो पहले कभी नहीं बनी; यह दो लड़कियों के 'अल्फा' एटीट्यूड का जश्न मनाती है!






'अल्फा' का अनुभव एक रोमांचक सफर जैसा होगा - जिसमें रोमांच, भावनाएं, मज़ाक, अनपेक्षित मोड़ और भरपूर मनोरंजन होगा।






शिव रवैल द्वारा निर्देशित 'अल्फा' 3 जुलाई, 2026 को दुनिया भर में सिर्फ़ सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। इसमें बॉबी देओल और अनिल कपूर भी अहम भूमिकाओं में हैं!

#ManojBajpayee की फिल्म #Governor की #Madhoo



कुक्कू कोहली के निर्देशन में बनी,  १९९१ में प्रदर्शित म्यूजिकल रोमांस एक्शन फिल्म फूल और काँटे से अजय देवगन के साथ बॉलीवुड में प्रवेश करने वाली हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री मधू इन दिनों अपने अभिनय जीवन के एक विशेष दौर से गुजर रही हैं। उनकी दो महत्वपूर्ण फिल्में कुछ ही दिनों के अंतराल पर प्रदर्शित होने जा रही हैं।





राजनीतिक ड्रामा फिल्म ‘गवर्नर’ 12 जून को रिलीज़ हो चुकी है। इस फिल्म में मनोज बाजपेई के सम्मुख मधु अपने चरित्र के माध्यम से प्रशंसा बायर रही है। जबकि, तमिल-मलयालम द्विभाषी फिल्म ‘चिन्ना चिन्ना असाई’ 18 जून को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी ।






फूल और कांटे तथा रोजा जैसी यादगार फिल्मों से हिंदी पेटी के घर-घर में पहचान बनाने वाली मधू ने अपने लंबे अभिनय सफर में हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा दोनों में अनेक सफल फिल्में दी हैं। योद्धा, जेंटलमैन, अल्लारी प्रियुडु, दिलजले और यशवंत जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को भी खूब सराहा गया।





अपनी आगामी फिल्म ‘गवर्नर’ के बारे में मधू ने कहा कि इसमें मुख्य भूमिका मनोज बाजपेयी निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनका पात्र भले ही छोटा हो, लेकिन कहानी में उसका विशेष महत्व है।






मधू ने कहा, “‘गवर्नर’ में मेरा पात्र बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। मनोज बाजपेयी के साथ काम करना मेरे लिए एक शानदार अनुभव रहा। इस फिल्म का हिस्सा बनना किसी जादुई यात्रा से कम नहीं था।”






वहीं दूसरी ओर, ‘चिन्ना चिन्ना असई’ को मधू ने अपने अभिनय जीवन की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि काशी और बनारस में एक महीने तक चली शूटिंग ने उन्हें भीतर तक प्रभावित किया।






“यह फिल्म मेरे जीवन को बदल देने वाला अनुभव रही है। इसे शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है। मैं इसे अपने अभिनय जीवन की सर्वश्रेष्ठ फिल्म मानती हूं,” मधू ने कहा।






उन्होंने संगीतकार गोविंद वसंत की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके संगीत ने फिल्म को एक दिव्य अनुभूति प्रदान की है और उसकी आत्मा को और गहराई दी है।






करीब तीन दशक से अधिक समय से दर्शकों का प्यार हासिल कर रहीं मधू अब इन दोनों फिल्मों के माध्यम से एक बार फिर बड़े पर्दे पर अलग-अलग रंगों में दिखाई देंगी। एक ओर ‘गवर्नर’ में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, वहीं ‘चिन्ना चिन्ना आसै’ को वह अपने पूरे अभिनय जीवन की सर्वश्रेष्ठ फिल्म मानती हैं। ऐसे में आने वाले दिन उनके प्रशंसकों के लिए विशेष होने वाले हैं।

#WelcomeToTheJungle के #UchaLambaKad के लिए #KatrinaKaif की आभारी हैं #DishaPatani !



“मुझे कैटरीना कैफ बहुत पसंद हैं और मैं इस गाने का हिस्सा बनकर बहुत शुक्रगुजार महसूस कर रही हूँ,” दिशा पाटनी ने ‘ऊँचा लंबा कद फॉरएवर’ के बारे में कहा।






बहुत चर्चित फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ का ट्रेलर आज रिलीज़ किया गया। इसे ‘वेलकम 3’ के नाम से भी जाना जाता है। इस एक्शन-कॉमेडी फिल्म में कई बड़े कलाकार एक साथ नज़र आएंगे। फिल्म में फीमेल लीड रोल निभाने वालीं दिशा पाटनी ट्रेलर लॉन्च इवेंट में हरे रंग की शानदार ड्रेस में बेहद खूबसूरत लग रही थीं।






फिल्म के मेकर्स ने पहले ‘ऊँचा लंबा कद’ का नया वर्शन ‘ऊँचा लंबा कद फॉरएवर’ रिलीज़ किया था, जिसमें अक्षय कुमार और दिशा पाटनी नज़र आए थे। इस गाने और दोनों की केमिस्ट्री को दर्शकों से बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। कई लोग उन्हें एक नई और शानदार कमर्शियल ऑन-स्क्रीन जोड़ी बता रहे हैं।







ट्रेलर लॉन्च के दौरान जब गाने के बारे में पूछा गया, तो दिशा ने कहा, “मैं बहुत शुक्रगुजार हूँ और कैटरीना [कैफ] की बहुत बड़ी फैन हूँ। मुझे यह गाना बहुत पसंद था और मुझे याद है कि मैंने अक्षय सर से कहा था, ‘क्या आप प्लीज़ यह गाना ले सकते हैं?’ मैं हमेशा इस गाने पर डांस करती थी। मैं सच में शुक्रगुजार हूँ कि मुझे इस गाने का हिस्सा बनने और कुछ बहुत मज़ेदार करने का मौका मिला।”






फिल्म में काम करने के अपने अनुभव के बारे में बात करते हुए दिशा ने कहा, “अहमद सर के साथ यह मेरी दूसरी फिल्म है और यह एक बहुत अच्छा सफ़र रहा। सेट पर आना स्कूल ट्रिप पर जाने जैसा था। हम सब दोस्त बन गए और यह मेरी ज़िंदगी के सबसे खूबसूरत अनुभवों में से एक था।”






‘ऊँचा लंबा कद फॉरएवर’ और हाल ही में रिलीज़ हुए ट्रेलर की चर्चा के बीच, अक्षय कुमार और दिशा पाटनी स्क्रीन पर एक नई और शानदार कमर्शियल जोड़ी के तौर पर उभर रहे हैं। वे फिल्म की भव्य दुनिया में ग्लैमर, मज़ा और एंटरटेनमेंट का तड़का लगा रहे हैं।






अक्षय और दिशा के अलावा, अहमद खान के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सुनील शेट्टी, जैकलीन फर्नांडीज, अरशद वारसी, जैकी श्रॉफ, परेश रावल, रवीना टंडन, लारा दत्ता और कई अन्य कलाकार भी शामिल हैं।






काम की बात करें तो, दिशा कई बेहतरीन प्रोजेक्ट्स के साथ एक रोमांचक दौर में कदम रख रही हैं। 26 जून को रिलीज़ होने वाली ‘वेलकम टू द जंगल’ के बाद, वह ‘आवारापन 2’ और अपने हॉलीवुड प्रोजेक्ट ‘द पोर्टल ऑफ़ फ़ोर्स’ में नज़र आएंगी, जो भारतीय और इंटरनेशनल सिनेमा में उनकी बढ़ती मौजूदगी को दिखाएगा।

#JaspalRana के जीवन पर फिल्म बनाएगी #RoyKapurFilms



भारतीय सिनेमा और खेल जगत एक साथ शोक में डूबे हैं, क्योंकि रॉय कपूर फिल्म्स भी महान शूटर जसपाल राणा के अचानक और दुखद निधन पर देश के साथ शोक मना रहा है। राणा एक बेहतरीन शूटर और हाई-परफॉर्मेंस कोच थे, जिनका 49 साल की उम्र में कार्डियक इमरजेंसी के कारण निधन हो गया।

 




 

रॉय कपूर फिल्म्स, एक ऐसा प्रोडक्शन हाउस जो लंबे समय से भारत के असली नायकों की कहानियों को सामने लाता रहा है, ने सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। यह श्रद्धांजलि पोस्ट उस बैनर के लिए बहुत निजी थी जिसने अपनी पहचान हिम्मत, त्याग और राष्ट्रीय गौरव की कहानियों के आधार पर बनाई है।





पोस्ट में लिखा था, "हम एक सच्चे चैंपियन, असाधारण कोच और भारत की खेल उत्कृष्टता के शिल्पकारों में से एक, जसपाल राणा के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं। शूटिंग रेंज में उनकी उपलब्धियों ने देश का गौरव बढ़ाया, लेकिन शायद उनकी सबसे बड़ी विरासत उन अनगिनत युवा एथलीटों में है जिन्हें उन्होंने अपने पसंदीदा खेल के प्रति अटूट समर्पण के साथ प्रेरित किया, उनका मार्गदर्शन किया और उन्हें तराशा। अपने पूरे जीवन में, उन्होंने अनुशासन, दृढ़ता और उत्कृष्टता की निरंतर खोज को अपनाया और खुद को भारतीय चैंपियंस की अगली पीढ़ी को तैयार करने में समर्पित कर दिया।"

 

 



सिद्धार्थ रॉय कपूर के प्रोडक्शन हाउस ने इस भावुक पोस्ट में यह भी बताया कि उनकी टीम राणा के साथ मिलकर एक ऐसी स्क्रिप्ट पर काम कर रही थी जो उनकी कहानी को पर्दे पर ला सके। पोस्ट में आगे लिखा गया, "जब हम पर्दे के लिए उनकी अद्भुत कहानी को विकसित करने पर उनके साथ काम कर रहे थे, तो हम उनके जुनून और अपने छात्रों को उनकी पूरी क्षमता का एहसास कराने और हमेशा भारतीय खेलों के भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने की उनकी अटूट प्रतिबद्धता से बहुत प्रभावित हुए। फिर भी उनकी उपलब्धियों और समर्पण से परे, हम जिस चीज को सबसे ज्यादा याद रखेंगे, वह है उनका बेबाक अंदाज़, उनका अनोखा सेंस ऑफ ह्यूमर और अपने आस-पास के सभी लोगों को हंसाने की उनकी अद्भुत क्षमता। चाहे स्थिति कैसी भी हो, वे अपनी कहानियों, हाजिरजवाबी और उत्साह से हमें हंसाते थे और हर बातचीत में खुशी लाते थे।"

#AmazonPrime के #GramChikitsalay की डॉक्टर #AkanshaRanjanKapoor

Akansha Ranjan Kapoor
                                              


एक छोटी किन्तु स्मरणीय भूमिका से प्रारंभ हुई थी ग्राम चिकित्सालय की यात्रा, अब एक महत्वपूर्ण चरित्र में परिवर्तित हो चुकी है। 





सीरीज 'ग्राम चिकित्सालय' सीज़न 2 का ट्रेलर दर्शकों के सम्मुख आ चुका है। इस शो के अन्य बहुत से सशक्त चरित्रों की भांति आकांक्षा रंजन कपूर भी इस नए सीज़न के प्रमुख सशक्त चरित्रों में से एक में दिखाई देती हैं। यह दर्शाता है कि पहले सीजन में उनकी अभिनयशीलता  दर्शकों को कितनी पसंद आई थी।

 

 



प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होने वाले 'ग्राम चिकित्सालय' को झारखंड के भातखंडी में ग्रामीण हेल्थकेयर की सच्ची और असल तस्वीर दिखाने के लिए प्रशंसा मिली थी। सीज़न १ में, जहाँ दर्शकों को डॉ. प्रभात (अमोल पाराशर) के आदर्शवादी संघर्षों से परिचित कराया गया, वहीं आकांक्षा की डॉ. गार्गी ने भी सबका ध्यान खींचा।





कम समय के लिए स्क्रीन पर दिखने के बावजूद, उन्होंने एक स्थानीय डॉक्टर के चरित्र में अभिनय क्षमता और संवेगों की समझ दिखाई। यह चरित्र व्यवस्था को इसलिए समझती है क्योंकि उसने खुद उसे झेला है। प्रभात की प्रोफेशनल बराबरी और नैतिक मार्गदर्शक के तौर पर, डॉ. गार्गी की मौजूदगी ने कहानी को मज़बूती दी — और दर्शकों में आगे देखने की इच्छा जगाई।

 




 

दर्शकों का रिस्पॉन्स तेज़ और ज़बरदस्त था। डॉ. गार्गी की स्पष्टता, संयम और दिखावे से दूर रहने की आदत ने लोगों के दिलों को छू लिया, जिससे शुरू में एक छोटी सी भूमिका (कैमियो) लगने वाला चरित्र शो के सबसे चर्चित हिस्सों में से एक बन गया।





सीज़न 2 इस मांग को पूरी तरह से पूरा करता है। जैसा कि हाल ही में रिलीज़ हुए ट्रेलर से पता चलता है, डॉ. गार्गी का सफ़र अब मुख्य भूमिका में आ गया है, जिसमें ज़्यादा बड़े दांव, गहरे नैतिक द्वंद्व है। इस सीजन के कथानक का भार आकांक्षा के कंधों पर है।

 

 



अपने चरित्र के विस्तार के बारे में बात करते हुए आकांक्षा ने कहा, "मेरे लिए, इस सफ़र का सबसे संतोषजनक हिस्सा यह रहा है कि मेकर्स ने डॉ. गार्गी के साथ दर्शकों के जुड़ाव पर कैसा रिस्पॉन्स दिया।





सीज़न एक में उन्हें ईमानदारी से पेश किया गया - उन्हें असल इंसान के तौर पर लिखा गया था। दर्शकों द्वारा इसे पसंद किए जाने से क्रिएटर्स को सीज़न दो में उनकी दुनिया को और ज़्यादा एक्सप्लोर करने का भरोसा मिला।"





गार्गी अब मुश्किल फैसलों, बड़ी ज़िम्मेदारियों और ऐसे सिस्टम में प्रतिबद्ध रहने की कीमत का सामना कर रही हैं जो हर दिन आपकी परीक्षा लेता है। मुझे ऐसे शो का हिस्सा बनकर बहुत सपोर्ट महसूस होता है जहाँ प्लेटफ़ॉर्म बारीकियों को महत्व देता है और जहाँ मेकर्स एक्टर्स पर सच्चाई के साथ आगे बढ़ने का भरोसा करते हैं। इस तरह का भरोसा एक कलाकार को और हिम्मत देता है।"

 

 




काम के मोर्चे पर, 'ग्राम चिकित्सालय' सीज़न 2 के अलावा, वह जल्द ही सनी देओल और अक्षय खन्ना के साथ 'इक्का' में नज़र आएंगी। उनके पास कई रोमांचक प्रोजेक्ट्स भी पाइपलाइन में हैं, जिनकी जानकारी जल्द ही घोषित किए जाने की उम्मीद है।

Tuesday, 9 June 2026

#BabyDoDieDo में सिद्धू बने हैं #RachitSingh



थम्मा में अपनी इंटेंस और डार्क स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों को लुभाने के बाद, एक्टर और एक्टिंग कोच रचित सिंह अब बेबी डू डाई डू के साथ एक बिल्कुल अलग जगह पर कदम रख रहे हैं। फिल्म से एक्टर का पहला लुक ऑफिशियली सामने आ गया है, जिससे दर्शकों को उनके किरदार सिद्धू की एक झलक मिलती है — एक सॉफ्ट, ज़्यादा सिंपल अवतार जो उनके पिछले रोल से बिल्कुल अलग है।





हालांकि सिद्धू के बारे में बहुत कुछ अभी भी छिपा हुआ है, लेकिन पहला लुक एक ऐसे किरदार की ओर इशारा करता है जिसमें गर्मजोशी, आकर्षण और शांत गहराई है, जो दर्शकों में और जानने की उत्सुकता जगाता है।





सिद्धू का रोल करने के बारे में बताते हुए रचित सिंह ने कहा, "सिद्धू के बारे में मुझे सबसे ज़्यादा जो बात एक्साइटेड करती है, वह यह है कि वह हाल ही में मैंने जो भी रोल किए हैं, उनसे कितना अलग है। उनमें एक सॉफ्टनेस है और एक बहुत ही ज़मीन से जुड़ी क्वालिटी है जिससे मैं तुरंत कनेक्ट हो गया। डायरेक्टर नचिकेत सामंत और पूरी टीम के साथ काम करना सच में एक अच्छा एक्सपीरियंस रहा है — सेट पर बहुत भरोसा और कोलेबोरेशन था, जिससे मुझे सिद्धू का रोल बहुत ही ईमानदार और ऑर्गेनिक तरीके से करने का मौका मिला। मैं एक्साइटेड हूं कि ऑडियंस धीरे-धीरे उनके इस साइड को जानेगी।”





थम्मा की इंटेंसिटी से बेबी डू डाई डू की दुनिया में बदलाव एक बार फिर रचित की अलग-अलग कैरेक्टर्स में आसानी से ढलने की काबिलियत को दिखाता है। हालांकि फर्स्ट लुक में सिर्फ़ एक झलक मिलती है, लेकिन इसने ऑडियंस को सिद्धू और स्क्रीन पर उनके द्वारा लाई गई कहानी के बारे में क्यूरियस कर दिया है।




बेबी डू डाई डू 3 जुलाई को रिलीज़ होने वाली है।

#Slumdog33TempleRoad के दिलचस्प फर्स्ट लुक में #Samyuktha

स्लमडॉग ३३ टेम्पल रोड के ट्रेलर रिलीज़ पर संयुक्ता और अन्य 


मलयालम और तेलुगु फिल्मों की अभिनेत्री संयुक्ता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह अपनी जेनरेशन की सबसे ज़बरदस्त परफॉर्मर्स में अपनी जगह क्यों पक्की कर पा रही हैं! फिल्म स्लमडॉग – 33 टेंपल रोड इस का नवीनतम प्रमाण है। इस बहुप्रतीक्षित फिल्म का दर्शकों को बहुत इंतज़ार था, आखिरकार उसका टीज़र आज ही गया।   




तमिल और तेलुगु भाषा में कुछ रोचक फिल्मों के निर्माता पुरी जगन्नाथ के डायरेक्शन में बनी फिल्म  स्लमडॉग – 33 टेंपल रोड का टीज़र दर्शकों को एक अंधेरी, खून से लथपथ दुनिया में ले जाता है जहाँ ज़िंदा रहना ही एकमात्र धन है। फिल्म के इस मुश्किल माहौल में, संयुक्ता एक ज़बरदस्त विज़ुअल इम्पैक्ट डालती हैं, जो टीज़र खत्म होने के काफी देर बाद तक रहता है।





एक दिलचस्प पल में, संयुक्ता गहरे लाल रंग की साड़ी और काले सनग्लासेस में एक कमांडिंग फिगर में दिखती हैं, और एक छाते के नीचे चुपचाप खतरनाक अंदाज़ में आगे बढ़ती हैं।  वह जमीन से जुडी एक ऎसी जबरदस्त औरत लगती है जो अपने आस-पास की उथल-पुथल को अपनाती है, उससे भागती नहीं।





इसके ठीक उलट, एक और झलक में वह काले, कमर तक फैले कपड़ों में जलती हुई दिखती है, काजल लगी आँखें और उलझी हुई लहरें उसकी बेबाक कामुकता को और बढ़ा रही हैं। वह पूरी ताकत और आत्मविश्वास के साथ फ्रेम में सबसे आगे रहती है, एक निडर औरत की एनर्जी दिखाती है जो उस दुनिया के लिए खुद को नरम करने से मना कर देती है जिसमें वह रहती है।




फिल्म में अपने रोल के बारे में बात करते हुए, संयुक्ता ने कहा, "मेरा कैरेक्टर बहुत खूबसूरत है। मैंने पहले कभी ऐसा कुछ नहीं किया है। इसमें अलग-अलग लेकिन बहुत ज़्यादा बदलाव हैं, और इसी बात ने मुझे सबसे ज़्यादा उत्साहित किया। इसने मुझे एक एक्टर के तौर पर चुनौती दी, और मैं सच में खुश हूँ कि मुझे इतना अनोखा कैरेक्टर निभाने का मौका मिला।"





स्लमडॉग – 33 टेंपल रोड के साथ, संयुक्ता इंडस्ट्रीज़ में अपनी अलग  पहचान बना रही हैं। वह अगली बार स्वयंभू, द ब्लैक गोल्ड और अमेज़न ओरिजिनल सीरीज़ गुव्वाला चेरुवु घाट में भी दिखेंगी, जो उन्हें आज के भारतीय सिनेमा में देखने लायक ताकत बनाती है।

#EshaDeol की #HorrorComedy फिल्म #ghuunghat

 


ईशा देओल अब फिल्मों में बहुत कम दिखाई देती है. कन्नड़ हिंदी फिल्म किल देम यंग (२०१५) के दस साल बाद उनकी विक्रम भट्ट निर्देशित ड्रामा फिल्म तुमको मेरी कसम प्रदर्शित हुई थी. अब वह एक हॉरर कॉमेडी फिल्म घूंघट में दिखाई देने वाली है. फिल्म की खास बात यह है कि ईशा पहली बार हॉरर-कॉमेडी जॉनर में नजर आएंगी।  




 

अभिनेत्री ईशा देओल आगामी हॉरर कॉमेडी फिल्म घूंघट निर्देशक राजीव रुइया के निर्देशन में बन रही। इस फिल्म का निर्माण बेंगलुरु के निर्माता  देवेश कुमार द्वारा उनके बैनर  नेटिव सिनेमाज़ के अंतर्गत किया जा रहा है।




 

यद्यपि, ईशा देओल इससे पहले डार्लिंग और कुछ तो है जैसी हॉरर फिल्मों में नायिका की भूमिका कर चुकी हैं। किन्तु, ‘घूंघट’ उनकी पहली ऐसी फिल्म है जिसमें हॉरर और कॉमेडी का अनोखा मिश्रण देखने को मिलेगा।




 

फिल्म के बारे में बात करते हुए ईशा देओल ने कहा“‘घूंघट’ मेरे लिए एक बिल्कुल नया जॉनर है। मुझे हमेशा कॉमेडी फिल्मों का हिस्सा बनना पसंद रहा है और मैंने पहले हॉरर फिल्में भी की हैं, लेकिन यह दोनों का एक अनोखा संगम है। इस फिल्म की कहानी की सबसे खास बात यह है कि मनोरंजन और रोमांच के साथ इसमें एक सार्थक संदेश भी छिपा हुआ है। यह भावनात्मक, मनोरंजक और मेरे लिए एक कलाकार के रूप में बेहद अलग अनुभव है।”




 

रहस्यमयी गांव जांगीपुरा की पृष्ठभूमि पर आधारित घूंघट की कहानी भूरी नामक एक आत्मा के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका दर्दनाक अतीत पूरे गांव के लिए एक भयानक अभिशाप बन जाता है। फिल्म में अलौकिक रहस्य, हास्य, रोमांस, फैंटेसी और भावनात्मक ड्रामा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।




 

फैंटेसी और हॉरर आधारित फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले निर्देशक राजीव एस. रुइया इस फिल्म के माध्यम से अपने खास अंदाज़ में एक ऐसा पारिवारिक मनोरंजन प्रस्तुत करने जा रहे हैं, जिसमें डर और हंसी दोनों का भरपूर तड़का होगा।




 

रहस्य और लोककथाओं की पृष्ठभूमि पर बनी ‘घूंघट’ दर्शकों को एक नया सिनेमाई अनुभव देने का वादा करती है, जहां हॉरर और कॉमेडी के साथ-साथ  एक भावनात्मक सामाजिक संदेश भी देखने को मिलेगा।

Wednesday, 20 May 2026

#RukminiVasanth Brings the Emotional Core to #PrashanthNeel’s #Dragon First Glimpse



As anticipation for Dragon reaches fever pitch, the much-awaited first glimpse of the NTR–Neel collaboration has finally dropped—unleashing chaos and an unexpected emotional pulse. Among the standout highlights is actress Rukmini Vasanth, who appears in a striking avatar. Adding an eerie emotional depth to the high-octane visuals, the glimpse also features Rukmini’s haunting voice-over.





Fresh off a career-defining phase following her soul-stirring, award-winning performance in Sapta Saagaradaache Ello and her growing pan-Indian momentum with Kantara: Chapter 1, Rukmini now steps into yet another compelling cinematic space.





In director Prashanth Neel’s brutal and gritty world, chaos reigns supreme. Amid the destruction, Rukmini is seen emoting fear and vulnerability as she recites verses from Genesis about creation—her voice echoing against a backdrop of violence and devastation, creating one of the glimpse’s most intriguing moments.





Yet, beneath that seemingly gentle exterior lies a character layered with psychological intrigue and mystery. In a film built on brute force, aggression, and survival, Rukmini appears poised to emerge as the emotional anchor of the story.







Helmed by Prashanth Neel and jointly produced by Mythri Movie Makers and NTR Arts, Dragon is mounted as a massive pan-Indian action spectacle. The film reportedly explores dark themes of immigration, survival, oppression, and violent heroism, with NTR Jr. essaying a rugged saviour battling systemic brutality. Amid the scale, bloodshed, and intensity, Rukmini appears ready to leave a lasting impact.





Further cementing her position as one of Indian cinema’s most exciting emerging talents, Rukmini will next be seen in the pan-Indian epic Toxic alongside Yash.

Saturday, 11 April 2026

चुनाव से पहले #JanaNayagan नहीं बन सके #ThalapathyVijay



२०२६ के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के पूर्व प्रदर्शित करने के लिए बनाई गई, दलपति विजय की तमिल फिल्म जन नायकन, प्रदर्शन से पूर्व ही लफड़े में फंस गई . तमिलनाडु की राजनीति में सक्रीय भूमिका करने के इच्छुक विजय की इस फिल्म को केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की गंभीर आपत्तियों का ऐसा सामना पड़ा कि फिल्म अभी तक प्रदर्शित नहीं हो पा रही है। 




सेंसर बोर्ड के सदस्यों तथा अन्य की आपत्ति फिल्म की सामग्री पर है, जो राष्ट्रीय और धार्मिक हितों के विरुद्ध होने के कारण अति सवेदनशील है।  फ़िल्म में आपत्तिजनक माने गए मुख्य तत्व निम्न प्रकार थे - 




सशस्त्र बलों का चित्रण: सेंसर ने फ़िल्म पर भारतीय सशस्त्र बलों को गलत रोशनी में या अनुचित तरीके से दिखाने का आरोप लगा। कुछ विशिष्ट प्रसंगो में बिना 'उचित अनुमति' या 'विशेषज्ञता' के सैन्य प्रतीकों के गलत उपयोग किया गया।  फ़िल्म में एक विशिष्ट रक्षा प्रतीक का इस्तेमाल किया गया था, जिसके लिए न तो किसी विशेषज्ञ की समीक्षा ली गई थी और न ही कोई आधिकारिक अनुमति ली गई थी। इससे फ़िल्म में गलत जानकारी या गलत चित्रण को लेकर चिंताएँ पैदा हो गईं।





धार्मिक भावनाएँ: बोर्ड की जाँच समिति के एक सदस्य ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि फ़िल्म के कुछ दृश्य 'धार्मिक रूप से आपत्तिजनक' हैं और इनसे जनता की भावनाएँ आहत हो सकती हैं। कुछ खास संवादों का ज़िक्र किया गया, जिनके बारे में माना गया कि वे किसी अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं। फिल्म में ब्राह्मण समुदाय को लगातार अपमानजनक तरीके से दिखाए जाने का आरोप भी लगा। 




 

विदेशी हस्तक्षेप: मद्रास हाई कोर्ट ने उन दृश्यों से जुड़ी शिकायतों पर गौर किया, जिनमें विदेशी ताकतों को भारत के भीतर अशांति फैलाते हुए दिखाया गया था। उन दृश्यों पर आपत्तियां उठाई गईं जिनमें कथित तौर पर यह दिखाया गया था कि विदेशी ताकतें भारत के भीतर धार्मिक अशांति फैलाकर आंतरिक अराजकता पैदा कर रही हैं। 





राजनीतिक संकेत: विजय के अपनी पार्टी 'तमिलगा वेट्री कज़गम' के साथ पूर्णकालिक राजनीति में उतरने को देखते हुए, फ़िल्म के शीर्षक (जिसका अर्थ है "जनता का नेता") और फिल्म में भ्रष्ट राजनेताओं की आलोचना ने इस आरोप को जन्म दिया कि यह महज़ मनोरंजन का साधन न होकर एक राजनीतिक हथियार है।




कटौती की माँग: फ़िल्म निर्माताओं द्वारा समिति द्वारा सुझाए गए शुरुआती २७ कटों पर सहमति जताने के बावजूद, आंतरिक शिकायत के चलते मामला और उलझ गया और इसे एक 'रिविज़िंग कमेटी' (पुनरीक्षण समिति) के पास भेज दिया गया।




सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म पर आपत्ति लगाने और उसके बाद, उस यूए प्रमाणपत्र देने से प्रकरण और जटिल हो गया।  परिणामस्वरुप यह मामला मद्रास उच्चन्यायालय तक गया। न्यायलय ने समस्त तर्कों को सुनने के पश्चात् फिल्म के प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया।  कोर्ट ने इन गंभीर आरोपों और फ़िल्म के कंटेंट की गहन समीक्षा की आवश्यकता पर बल दिया। ध्यान रहे कि फिल्म को यूए प्रमाणपत्र भी मद्रास उच्च न्यायलय की एकल पीठ के आदेश के बाद सेंसर बोर्ड द्वारा दिया गया था। 




कुछ अन्य आपत्तियां: फिल्म में बार-बार और लगातार हिंसा दिखाई गई है, जिसमें गोलीबारी, धमाके और हथौड़े व कुल्हाड़ी जैसे हथियारों से वार करना शामिल है। इन दृश्यों को अक्सर स्लो मोशन में और बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए प्रभावों के साथ पेश किया गया है।  कुछ खौफनाक दृश्यों, जैसे सिर काटना और शरीर के अंगों को काटना, को १६ साल से कम उम्र के दर्शकों के लिए अनुपयुक्त माना गया। ध्यान रहे कि इस फिल्म को अपने अभिभावकों के साथ बच्चे देख सकते हैं, का प्रमाण पत्र दिया गया है। इसके अतरिक्त संवेदनशील सामाजिक मुद्दे भी आपत्ति में आये। फिल्म तेलुगू फिल्म 'भगवंत केसरी' की रीमेक होने के नाते, इसमें बाल शोषण और यौन शोषण से जुड़े कुछ गंभीर दृश्य शामिल हैं; इन दृश्यों को प्रभावशाली तो माना गया, लेकिन इनके चित्रण में बेहद सावधानी बरतने की ज़रूरत थी।





फिलहाल के लिए तो जन नायकन फिल्म लटक गई लगती है। किन्तु, फिल्म को एक बड़ा झटका १० अप्रैल २०२६ को लगा, जब फिल्म का पूरा संस्करण सोशल मीडिया और अवैध प्लेटफॉर्म के ज़रिए ऑनलाइन लीक हो गया है। निर्माताओं ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से इन लिंक्स को हटाने का अनुरोध किया है। 





एच. विनोद द्वारा निर्देशित और केवीएन प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित यह फिल्म, दलपति विजय की अंतिम फिल्म मानी जा रही है; इसके बाद वह अपने राजनीतिक दल तमिलगा वेट्री कज़गम के  साथ पूरी तरह से राजनीति में कदम रखेंगे। इस फिल्म में, विजय ने भारतीय पुलिस सेवा के एक अधिकारी वेत्री कोंडन की है। बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल मुख्य दुष्ट चरित्र है।  अन्य भूमिकाओं में पूजा हेगड़े, ममिता बैजू, प्रकाश राज, गौतम वासुदेव मेनन और प्रियमणि है। एक अफवाह यह भी है कि फिल्म दक्षिण के तीन बड़े निर्देशक एटली, लोकेश कनगराज और नेल्सन दिलीपकुमार विशिष्ट भूमिकाओं में दिखाई देंगे।  यह तीनों ही विजय की फिल्में निर्देशित कर चुके है।






जन नायकन के प्रति दर्शकों में उत्सुकता है। इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि ३ जनवरी २०२६ को अनावृत फिल्म के ट्रेलर को २४ घंटों में ८ करोड़ ३० लाख दर्शकों ने देख लिया था। फिल्म में दर्शकों को आकर्षित करने वाले ज़बरदस्त एक्शन और गहरे राजनीतिक रंग देखने को मिलते हैं। 

Friday, 10 April 2026

#VickyKaushal के #Mahavtar में #ShraddhaKapoor का धरनी अवतार !



बॉलीवुड से आज का नवीनतम समाचार बॉलीवुड की एक नई स्टार जोड़ी के बनने का है। समाचार है कि स्त्री अभिनेत्री  श्रद्धा कपूर अब फिल्म महावतार में विक्की कौशल के साथ काम करने जा रही हैं। विक्की कौशल और श्रद्धा कपूर ने पहले किसी फिल्म मे साथ अभिनय नहीं किया  है, इसलिए  जोड़ी को बॉलीवुड फिल्मों की बिलकुल नई जोड़ी माना जा रहा है। 





मैडॉक फ़िल्म्स की अमर कौशिक द्वारा निर्देशित फिल्म महावतार पौराणिक ड्रामा फ़िल्म है।  यह फिल्म अपने बड़े पैमाने के लिए पहले से ही सुर्ख़ियों में है। श्रद्धा के इस फ़िल्म में शामिल होने की संभावना से फ़िल्म को एक मज़बूत व्यावसायिक चमक मिलेगी, क्योंकि यह फ़िल्म बैनर की सबसे महत्वाकांक्षी फ़िल्मों में से एक के तौर पर अपनी पहचान बना रही है।





यह घटनाक्रम इसलिए भी विशिष्ट है क्योंकि इसमें तीन ऐसे नाम एक साथ आ रहे हैं जिनकी सफलता साबित हो चुकी है। श्रद्धा कपूर स्त्री २ की ज़बरदस्त सफलता के बाद, स्त्री, भेड़िया और स्त्री २ जैसी सफल फिल्मों के निर्देशक अमर कौशिक ने दर्शकों को पसंद आने वाली मनोरंजक फ़िल्में देने वाले निर्देशक के तौर पर अपनी साख मज़बूत की है और विक्की कौशल अब परशुराम की शक्तिशाली भूमिका निभाने जा रहे हैं। यदि, श्रद्धा इस फ़िल्म से जुड़ती हैं, तो 'महावतार' विक्की के साथ उनकी पहली पूरी फ़िल्म होगी, जो दर्शकों को अपनी ओर खींचने की पूरी क्षमता रखती है।






महावतार में मुख्य अभिनेत्री की भूमिका निभाने के लिए श्रद्धा कपूर से पहले, दीपिका पादुकोण का नाम इस फ़िल्म से जोड़ा जा रहा था। स्त्री २ के बाद श्रद्धा कपूर का मैडॉक फिल्म्स, दिनेश विजनऔर अमर कौशिक के साथ पहले से ही एक सफल तालमेल बना हुआ है। विक्की के साथ उनकी जोड़ी देखने की संभावना महावतार को एक ऐसी आधुनिक स्टार जोड़ी प्रदान करती है, जो दर्शकों की उत्सुकता और फ़िल्म की पहुँच, दोनों को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो सकती है।




फ़िल्म महावतार अपने आप में एक भव्य पौराणिक गाथा के रूप में तैयार की जा रही है। इस फिल्म में विक्की कौशल भगवान परशुराम की भूमिका निभाने जा रहे है। फिल्म में, श्रद्धा कपूर की भूमिका भगवान परशुराम की पत्नी धरणी की बताई जा रही है। यहाँ बताते चलें कि परशुराम भगवान विष्णु  के अवतार थे।  जिस प्रकार से, माता लक्ष्मी ने, विष्णु के राम अवतार में सीता अवतार लिया था, उसी  प्रकार से धरणी भी परशुराम की संगिनी लक्ष्मी अवतार थी।  





अमर कौशिक के लिए, यह एक ऐसे बड़े कहानी कहने के मंच की ओर बढ़ाया गया कदम है, जहाँ वे अपनी शैली-आधारित सफल फ़िल्मों के माध्यम से पहले ही मुख्यधारा में अपनी एक मज़बूत पहचान बना चुके हैं। मैडॉक फ़िल्म्स के लिए, यह अपनी फ़िल्मों के दायरे को और अधिक विस्तृत करने की दिशा में उठाया गया एक और स्पष्ट कदम है, जिसमें फ़िल्म की सफलता के केंद्र में स्टार पावर को ही रखा गया है।




इस फिल्म के लिए विक्की कौशल को भगवान परशुराम के व्यक्तित्व् के अनुरूप भारी-भरकम और गठीला शरीर बनाने के लिए एक बड़े शारीरिक बदलाव करने के लिए प्रयास करना होगा। यह उस एथलेटिक लुक से बिल्कुल अलग होगा जिसे वह संजय लीला भंसाली की फिल्म लव एंड वॉर के लिए बनाए हुए हैं। उनकी भूमिका में एक खुरदुरा और बीहड़ रूप देखने को मिलेगा, जिसमें लंबे और उलझे हुए बाल भी शामिल होंगे। इस दिव्य भूमिका की तैयारी के लिए, समाचारों के अनुसार विक्की ने सात्विक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया है, जिसके अंतर्गत उन्होंने शराब और मांसाहारी भोजन का त्याग कर दिया है।





इस फ़िल्म का बजट लगभग पांच सौ करोड़ तक हो सकता है, जो मैडॉक फ़िल्म्स का अब तक का सबसे महंगा प्रोजेक्ट कहा जा सकता है ।  प्रोडक्शन टीम महीनों से फिल्म की प्रारंभिक तैयारियों में जुटी है, जिसमें हथियारों के डिज़ाइन, सेट डिज़ाइन और एक खास दुनिया बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वीएफएक्स प्रभाव अंतरराष्ट्रीय मानकों के समान हो सकें।





महावतार अमर कौशिक का पैशन प्रोजेक्ट है। निर्देशक अमर कौशिक अरुणाचल प्रदेश में परशुराम कुंड के पास पले-बढ़े हैं। उन्होंने इस फ़िल्म को एक 'आध्यात्मिक यात्रा' और एक 'बड़ी ज़िम्मेदारी' बताया है, जिसे वह बचपन से महसूस करते आ रहे हैं।





आशा है कि फ़िल्म की शूटिंग जुलाई २०२६ (या अधिक से अधिक अक्टूबर २०२६ तक) में शुरू होगी, जब विक्की अपनी फ़िल्म लव एंड वॉर की शूटिंग पूरी कर लेंगे। जहाँ तक इस फिल्म की रिलीज़ की संभावना है, प्रारम्भ में क्रिसमस २०२६ पर रिलीज़ का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब इंडस्ट्री की रिपोर्टों के अनुसार, फ़िल्म २०२७ या २०२८ में रिलीज़ हो सकती है, ताकि ६ से ८ महीने के लम्बे शूटिंग शिड्यूल और भारी पोस्ट-प्रोडक्शन का काम ठीक से पूरा हो सके।

@warnerbros द्वारा रिलीज़ होगी #MortalKombatMovie



लोकप्रिय वीडियो गेम सीरीज मोर्टल कॉम्बैट पर, आधारित चौथी फिल्म की  पहली रिबूट फिल्म मोर्टल कॉम्बैट १, २०२१ में प्रदर्शित हुई थी।  इस कॉम्बैट सीरीज में चौथी फिल्म मोर्टल कॉम्बैट २ आगामी ८ मई २०२६ को प्रदर्शित होने जा रही है।  






अमेरिका की मार्शल आर्ट्स फंतासी फिल्म मोर्टल कॉम्बैट २ में, अभिनेता कार्ल अर्बन, दूसरी बार जोहनी केज की  भूमिका कर रहे है।  उन्होंने, २०२१ में प्रदर्शित पहली रिबूट फिल्म में भी यही भूमिका की थी।  फिल्म की  अन्य भूमिकाओं  में,एडेलीन रुडोल्फ, जेसिका मैकनामी, जोश लॉसन, आदि प्रमुख चरित्र कर रहे है।  इस फिल्म का निर्देशन सिमोन मैक्वॉयड ने किया है।  २०२१ में प्रदर्शित कॉम्बैट फिल्म से सिमोन ने फिल्म डेब्यू किया था। 





इस सीरीज पहली तीन फिल्मों में सबसे अधिक कारोबार १९९५ में प्रदर्शित फिल्म मोर्टल कॉम्बैट ने किया था।  पहले मोर्टल कॉम्बैट  वर्ल्ड वाइड बॉक्स ऑफिस पर १२२.२  डॉलर का ग्रॉस किया था।  बाद की रिलीज़ फ़िल्में मोर्टल कॉम्बैट अन्निहिलेशन (१९९७) ने ५१.४ मिलियन डॉलर और मोर्टल कॉम्बैट (२०२१) ने ८४,४ मिलियन डॉलर का कारोबार किया था। 

#SoorajBarjatya की #YehPremMohMayaHai में #AyushmannKhurrana और #Sharvari का प्रेम



 नवीनतम समाचार के अनुसार,  फिल्म निर्माता निर्देशक सूरज बड़जात्या ने, अपनी यह प्रेम मोल लिया शीर्षक वाली फिल्म का शीर्षक बदल कर यह प्रेम मोह माया है, कर दिया है।  जैसा कि सूरज बड़जात्या की फिल्मों के शीर्षक की शैली होती है, दोनों ही शीर्षकों में प्रेम सम्मिलित था। किन्तु, इनमे सूरज के पहले प्रेम सलमान खान नहीं है। 





२०२३ से, यह  समाचार आ रहे थे कि सूरज बड़जात्या और सलमान खान अगली फिल्म में काम करने  जा रहे है। उस समय इस फिल्म का नामा प्रेम की शादी होना था। यह फिल्म सूरज बड़जात्या की पारिवारिक फिल्मों की परंपरा में होने के बाद भी पर्याप्त भिन्न थी। यह एक जोड़े के प्रेम की, एकल परिवार, के कथानक से गुंथी प्रेम कथा थी।





२०१५ में, सलमान खान ने सूरज बड़जात्या के निर्देशन में, सोनम कपूर के साथ फिल्म प्रेम रतन धन पायो की थी।  इसके बाद से, यह दोनों ही, साथ काम करने के लिए उपयुक्त पटकथा की तलाश में थे।





२०२४ में फिर यह खबर आई कि सलमान खान और सूरज बड़जात्या एक फिल्म के लिए फिर से साथ आने वाले हैं। किन्तु, जहाँ पहले कहा जा रहा था कि फिल्म का नाम ‘प्रेम की शादी’ होगा, वहीं फिल्म का यह शीर्षक नहीं होना था । बॉलीवुड फिल्मों पर एक वेब पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार, सलमान और सूरज ने आखिरकार अपनी आने वाली फिल्म की स्क्रिप्ट फाइनल कर ली है, लेकिन अभी तक उसका नाम तय नहीं किया है।किन्तु, इसके मार्च २०२६ में पता चला कि अभी ऐसा कुछ भी नहीं है। सूरज ‘प्रेम की शादी’ नाम से कोई फिल्म नहीं बना रहे हैं। बात ख़त्म !





अब समाचार है कि सूरज  बड़जात्या के निर्देशन में बनाई जा रही फिल्म यह प्रेम मोल लिया की शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी है।  इस फिल्म के नायक प्रेम आयुष्मान खुराना है।  उनकी प्रेमिका शरवरी वाघ होंगी।  कहा जा रहा है कि फिल्म यह प्रेम मोल लिया की शूटिंग इस महीने या आगामी माह मई तक अवश्य पूरी हो जाएगी।




  

फिल्मों की सूरज शैली वाली फिल्म यह प्रेम मोल लिया बनी मधुर संगीत से भरपूर प्रेम कहानी होगी।  इस फिल्म के रोमांटिक संगीत के लिए हिमेश रेशमिया यह प्रेम मोल लिया की टोली में शामिल किये गए है। राजश्री फिल्म्स की फिल्मों के नियमित संगीतकार रविंद्र जैन की असामयिक मृत्यु के पश्चात्, फिल्म प्रेम रतन धन पायो में हिमेश रेशमिया ने उनकी जगह ले ली थी।  इस प्रकार से, यह प्रेम  मोल लिया, सूरज बड़जात्या के लिए हिमेश की दूसरी फिल्म है। 





अब प्रश्न यह है कि क्या संगीत से सनी सूरज  बड़जात्या की प्रेम कहानी फिल्म दर्शक स्वीकार करेंगे। इसमें कोई संदेह नहीं कि सूरज बड़जात्या की शैली की फ़िल्में विशुद्ध, भावुक, परिवार-केंद्रित रोमांस, जिसमें सरल प्रेम, संस्कार, संगीत, परिवार की एकता और प्रेम  जैसे ग्रीन फ्लैग फ़िल्में बनाई है। इस शैली की फ़िल्में आज के दर्शकों के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया पाती है। दर्शकों का एक वर्ग, जो अतीत के विशुद्ध पारिवारिक रोमांस को पसंद करता है, ऎसी फिल्म स्वीकार करते हैं, किन्तु, आज का कथित जेन जेड और मिलेनियल युवा दर्शक अक्सर इसे पुराना या 'सांस्कारिक' मानते हैं।





सूरज बड़जात्या की फिल्में १९९० और २००० के दशक में खूब चलीं।  क्योंकि तब पारिवारिक मूल्यों और भावुक कहानियों से जुड़ने वाला दर्शक पर्याप्त था। अमिताभ बच्चन का क्रुद्ध युवा का नशा युवाओं पर नहीं चढ़ा था। इसी लहर में बहते हुए सूरज बड़जात्या मैंने प्यार किया, हम आपके हैं कौन, हम साथ साथ हैं, विवाह, एक विवाह ऐसा भी और प्रेम रतन धन पायो हिट हो गई। किन्तु, प्रेम रतन धन पायो ने एक संकेत दे दिया था। हिट संगीत तथा सलमान खान और सोनम की फिल्म प्रेम रतन धन पायो, राजश्री की प्रेम फिल्मों में सबसे कम १९४ करोड़ का विशुद्ध व्यवसाय करने वाली फिल्म थी। इस कम दर्शकों  ने भी देखा। स्वयं सूरज बड़जात्या भी इसे स्वीकार करते  हुए कहते हैं कि आज का दर्शक कबीर सिंह जैसी इंटेंस फिल्में पसंद करता है।





ऎसी दशा में, क्या आयुष्मान खुराना और शरवरी का एकल परिवार रोमांस दर्शक स्वीकार करेंगे ? सफल हो सकता है तभी यदि दर्शक आयुष्मान-शरवरी में शुद्ध रोमांस अनुभव करे।  क्या ऐसा संभव है ? आयुष्मान खुराना की इमेज विशिष्ट रोमांस फिल्में नहीं की है। उनकी हालिया प्रदर्शित फिल्मों थम्मा, ड्रीम गर्ल, एन एक्शन हीरो, आर्टिकल १५, अंधाधुन, आदि ने उनकी रोमांटिक इमेज नहीं बनने दी है। स्वयं खुराना ने भी ऐसी फिल्में चुनी हैं, जो पारम्परिक बम्बईया नहीं थी।




 

कुछ यही दशा शरवरी वाघ की है। कॉन फिल्म बंटी और बबली २ से हिंदी फिल्मों में  पदार्पण करने वाली शरवरी की आगामी फिल्म अल्फा की बड़ी चर्चा है। किन्तु, यह प्रेम मोह माया है की कोई विशेष चर्चा नहीं हो रही। क्योंकि, शरवरी  की मुँज्या और महराज जैसी फिल्मे उनकी रोमांटिक इमेज में सहायक नहीं है। प्रदर्शित फिल्म वेदा और आगामी दो तीन फ़िल्में उनके एक्शन के प्रति रुझान का संकेत है। 





क्या इतने विपरीत के बाद भी यह प्रेम मोह माया है सफल हो सकेगी ? फिल्म की सफलता के बड़े कारण है। विगत कुछ महीनों में प्रदर्शित रोमांस फिल्मों सैयारा, एक दीवाने की दीवानीयत, तेरे इश्क़ में, आदि को मिली सफलता दर्शकों द्वारा रोमांस को संरक्षण देने की ओर इशारा करने वाली है। दर्शको की नब्ज पहचाने वाले फिल्म दर्शक पुष्टि करते हैं कि दर्शक रोमांस का दीवाना है। विशेष रूप से त्योहारों में, दर्शक सपरिवार पारिवारिक रोमांस फिल्में देखने निकलता है।




राजश्री फिल्म्स, अपनी फ़िल्में बड़े योजनाबद्ध ढंग से करता है। उनका झुकाव वर्ड ऑफ़ माउथ अर्थात दर्शकों की प्रतिक्रिया पर निर्भर करती है। वह बैनर अपनी फिल्मो के प्रति दर्शकों में उत्सुकता जगाता है। इसलिए, फिल्मों को कम प्रिंट में रिलीज़ करता है। दर्शकों के रुझान के साथ फिल्म के प्रिंट भी बढ़ते चले जाते हैं। सूरज बड़जात्या की पहली फिल्म मैंने प्यार किया मात्र २९ प्रिंट में प्रदर्शित की गई थी। हम आपके हैं कौन के तो केवल २६ प्रिंट रिलीज़ किये गए थे। जबकि, हम साथ साथ हैं के ६० प्रिंट बाहर आये थे। इस व्यूह रचना से, यह फिल्म कंपनी अच्छे दर्शक पाने में सफल होती है। 





फिल्म यह प्रेम मोह माया है को भी फिल्म प्रदर्शन के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा होगी। आज के समय में ओपनिंग वीकेंड तो स्टार पावरट्रेलर और मार्केटिंग से तय हो जाता हैलेकिन लॉन्ग रन और मल्टीप्लेक्स/सिंगल स्क्रीन्स में ग्रोथ दर्शकों की प्रतिक्रिया से ही तय होती है। सैयारा, एक दीवाने की दिवानीयत, तेरे इश्क़ में, आदि रोमांस फिल्मे दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया के बल पर सफल हो सकी। अब देखने की बात होगी कि यह प्रेम मोह माया है  दर्शकों में अपने प्रति मोह जगा कर, उनसे माया (पैसा) वसूल पाएगी ?  

Thursday, 9 April 2026

कपूर खानदान के दूसरे राम हैं #Ramayan के #RanbirKapoor

 


हनुमान जयंती के अवसर पर रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ का टीजर रिलीज हुआ था। इस फिल्म में मर्यादापुरुषोत्तम राम की भूमिका में उनकी पहली झलक दर्शकों को पसंद आई है। दर्शकों को लगता है कि रणबीर कपूर बड़े परदे पर राम को सजीव और स्वाभाविक कर पाएंगे और फिल्म रामायण एक बड़ी हिट फिल्म बनेगी।





यहाँ एक दिलचस्प तथ्य । परदे पर राम की भूमिका कर रहे रणबीर कपूर, कपूर खानदान में अकेले और पहले अभिनेता नहीं है, जिन्होंने भगवान राम का चरित्र बड़े पर्दे पर निभाया है। आज से लगभग ९३ साल पहले कपूर खानदान के एक दिग्गज अभिनेता ने भी श्रीराम की भूमिका बड़े पर्दे पर निभाई थी। साथ ही उनकी फिल्म ने एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज किया था।





 

यह फिल्म थी १९३३ में प्रदर्शित फिल्म सीता में, रणबीर कपूर के पितामह पृथ्वीराज कपूर ने राम की भूमिका की थी । यह पृथ्वीराज की, सवाक युग की  एक और बड़ी हिट फिल्म थी । पहली सवाक फिल्म आलमआरा पृथ्वीराज की पहली हिट फिल्म थी । सीता की सफलता ने पृथ्वीराज के फिल्म जीवन को सशक्त बना दिया । पृथ्वीराज ने इस चरित्र को कुछ इतना सहज बनाया था कि फिल्म सीता दर्शकों द्वारा पसंद की ही गई, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी बड़ा व्यवसाय कर पाने में सफल भी रही।





सीता, बांगला में बनाई गई थी, जो बाद में हिंदी में भी प्रदर्शित हुई । यह फिल्म रामायण के उत्तरकाण्ड पर आधारित थी । इस फिल्म के निर्देशक देबकी बोस थे। यह फिल्म वेनिस फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जाने वाली पहली  भारतीय फिल्म थी । इस फेस्टिवल में फिल्म के निर्देशक देबकी बोस को डिप्लोमा अवार्ड दिया गया था ।





फिल्म में सीता की भूमिका युवा दुर्गा खोटे ने निबाही थी । यह उनकी मराठी के अतिरिक्त किसी भाषा की पहली फिल्म थी । दुर्गा खोटे बाद में, फिल्म मुगले आजम में, पृथ्वीराज कपूर के अकबर की जोधा बाई भी बनी थी । यहाँ एक दिलचस्प तथ्य और । दुर्गा खोटे, रणबीर कपूर के पितामह पृथ्वीराज कपूर की सीता और जोधा बाई बनी थी थी, वह रणबीर कपूर के पिता ऋषि कपूर की नायक के रूप में पहली फिल्म बॉबी में उनकी आया मिसेज ब्रगेंजा की भूमिका कर रही थी । वह ऋषि कपूर की फिल्म कर्ज में भी थी ।