Thursday, 20 August 2026

#Ramayan के राम नहीं बन सके #SalmaKhan, ##HrithikRoshan और #AjayDevgn !



नितेश तिवारी की 8 नवम्बर को प्रदर्शित होने जा रही रामायण और 2023 मे प्रदर्शित प्रभाष की फिल्म आदिपुरुष से पहले, बॉलीवुड ने इस महा-गाथा को एक बार नहीं, दो बार नहीं, बल्कि तीन बार बड़े पर्दे पर लाने की घोषणा की। हर परियोजना बड़े सितारोंभारीभरकम बजट, उत्साह और बड़ी उम्मीदों के साथ प्रारम्भ की गई थी। कुछ की शूटिंग भी शुरू हुई। कुछ घोषणा तक सीमित रह गई। कोई भी, किन्ही न किन्ही कारणों के चलते दर्शकों तक नहीं पहुंच सकीं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

पहली बड़ी कोशिश 1990 के दशक की शुरुआत में हुई जब सोहेल खान ने सलमान खान को भगवान राम और सोनाली बेंद्रे को सीता की भूमिका में लेकर रामायण निर्देशित करने की योजना बनाई। रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस अति महात्वाकांक्षी फिल्म की 40 प्रतिशत शूटिंग भी हुई. किन्तु, अंततः यह फिल्म डिब्बा बंद कर दी गई।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

उस समय की कतरनो के अनुसार उस दौरान फिल्म में पूजा भट्ट भी सह निर्देशक के रूप में फिल्म से जुड़ी जुड़ी हुई थीं. सोहेल खान के साथ उनके व्यक्तिगत संबंधों (लव अफ़ेयर) की चर्चाएं थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, खान परिवार इस रिश्ते के पक्ष में नहीं था, जिसके चलते सेट पर और व्यक्तिगत जीवन में काफी तनाव पैदा हो गया। पूजा भट्ट ने बीच में ही फिल्म छोड़ दी. अंदरूनी विवाद और क्रिएटिव मतभेदों के कारण करीब 40% शूटिंग पूरी होने के बावजूद फिल्म को हमेशा के लिए ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सालों बाद, राजकुमार संतोषी ने अजय देवगन को भगवान राम, काजोल को सीता, रितेश देशमुख को लक्ष्मण और प्रकाश राज को रावण के रोल में लेकर एक अन्य भव्य पटकथा रूपांतरण की कल्पना की। फिल्म के प्रति अत्यंत उत्सुकता और उत्साह के बावजूद, फिल्म को उसके बड़े बजट और शेड्यूलिंग इशू की वजह से रोक दिया गया।

 

 

 

 

 

 

 

मुख्य कलाकार अजय देवगन (राम) और काजोल (सीता) के पास पहले से ही कई अन्य बड़ी फिल्में थीं। राजकुमार संतोषी के बार-बार प्रोजेक्ट्स की घोषणा करने और फिर उन्हें आगे बढ़ाने की आदत (जैसे बाद में 'पावर' जैसी फिल्मों के साथ हुआ) के चलते कलाकारों के साथ तालमेल नहीं बैठ पाया। आखिरकार, बजट की तंगी और तारीखों के टकराव के चलते फिल्म को डिब्बाबंद करना पड़ा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

ऐसी ही एक तीसरी रामायण की घोषणा 2008 में, संजय खान ने 'द लेजेंड ऑफ़ रामा' शीर्षक के साथ घोषित की.  इस फिल्म को 50 करोड़ की लागत से बनाया जाना था। इसमें ऋतिक रोशन भगवान राम, ज़ायद खान लक्ष्मण और अमिताभ बच्चन राजा दशरथ बने थे। यह फ़िल्म भी कभी प्लानिंग स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाई।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 ऋतिक रोशन उस समय 'क्रिश' और 'धूम 2' की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद बॉलीवुड के टॉप स्टार बन चुके थे। इस फिल्म के लिए उन्हें कम से कम 6 से 8 महीने का लगातार शेड्यूल देना था। ऋतिक ने अपने ससुर के प्रोजेक्ट में रुचि तो दिखाई, लेकिन उनके पास पहले से ही अन्य निर्देशकों की बड़ी फिल्में कतार में थीं, जिससे वह तारीखें नहीं निकाल पा रहे थे।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

संजय खान को उम्मीद थी कि ऋतिक के नाम पर कॉर्पोरेट स्टूडियोज तुरंत पैसा लगा देंगे। लेकिन उस दौर में पौराणिक फिल्मों का बॉक्स ऑफिस ट्रैक रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं था। बिना किसी पक्के स्टूडियो पार्टनर और ऋतिक की कन्फर्म डेट्स के, फिल्म का प्री-प्रोडक्शन कभी खत्म ही नहीं हो सका और स्क्रिप्ट केवल कागजों पर रह गई।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अब, दशकों तक तीन असफल प्रयासों के बाद, नितेश तिवारी के कल्पना वाली रामायण पर्दे पर आने वाली है। नमित मल्होत्रा ​​निर्मित इस महादशा में रणबीर कपूर भगवान राम, साईं पल्लवी सीता, यश रावण और सनी देओल हनुमान बने हैं. इस समय यह फिल्म अब तक की सबसे बड़ी और सबसे ज़्यादा इंतज़ार की जा रही भारतीय फ़िल्मों में से एक बन गई है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

यह सोचना दिलचस्प है कि अगर उन पुराने वर्शन में से कोई भी थिएटर में आया होता तो बॉलीवुड का इतिहास कितना अलग होता।  

Wednesday, 19 August 2026

#PrasanthVarma की फ़िल्म #Mahakali के शुक्राचार्य #AkshayeKhanna




प्रशांत वर्मा की फ़िल्म 'महाकाली' देश की पहली महिला सुपरहीरो फ़िल्म है, जो प्रशांत वर्मा सिनेमैटिक यूनिवर्स (PVCU) का हिस्सा है। इसे पूजा अपर्णा कोल्लुरु द्वारा निर्देशित किया गया है। फ़िल्म में भूमि शेट्टी मुख्य भूमिका (महाकाली) में हैं, जबकि अक्षय खन्ना असुर गुरु शुक्राचार्य और रोहित सराफ भी अहम किरदारों में नजर आएंगे। यह तेलुगु और हिंदी दोनों भाषाओं में 8 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तय है।





इस फ़िल्म की कहानी प्रशांत वर्मा ने लिखी है और इसका निर्माण आरकेडी स्टूडियोज़ के बैनर तले किया जा रहा है। यह पैन-इंडिया फ़िल्म 8 जनवरी 2027 को संक्रांति के मौके पर रिलीज होगी।





इस फ़िल्म में भूमि शेट्टी महाकाली मुख्य सुपरहीरोअक्षय खन्ना - असुर गुरु शुक्राचार्य (इस फ़िल्म से उनका तेलुगु सिनेमा में डेब्यू है)रोहित सराफ - प्रमुख अभिनेताआप बिल्कुल सही कह रहे हैं।





कल्याणी प्रियदर्शन स्टारर फिल्म लोका चैप्टर 1: चंद्रा (Lokah Chapter 1: Chandra) अगस्त 2025 में रिलीज हो चुकी है, जिसे भारत की पहली महिला सुपरहीरो फिल्म के तौर पर देखा जाता है। इसलिए प्रशांत वर्मा की आने वाली फिल्म 'महाकाली' को भारत की पहली पौराणिक  महिला सुपरहीरो फिल्म कहना पूरी तरह सही और सटीक है।





इस विषय को और बेहतर ढंग से समझने के लिए दोनों फिल्मों के बीच का मुख्य अंतर निम्नलिखित है:दोनों फिल्मों में मुख्य अंतर लोका चैप्टर 1: चंद्रा (2025): इस मलयालम फिल्म में कल्याणी प्रियदर्शन ने 'चंद्रा' नाम की सुपरहीरो का किरदार निभाया है। हालांकि यह कहानी भी लोककथाओं (Folklore) से प्रभावित है, लेकिन इसे एक आधुनिक शहरी बैकड्रॉप (बेंगलुरु) और क्राइम-थ्रिलर (अंग तस्करी गिरोह) के साथ जोड़ा गया है।





महाकाली (2027): इस फिल्म को सीधे तौर पर सनातन धर्म की पौराणिक कथाओं, असुर गुरु शुक्राचार्य और देवी महाकाली की शक्तियों से जोड़ा गया है। यह पूरी तरह से एक प्योर माइथोलॉजिकल सुपरहीरो फिल्म होने वाली है। यही वजह है कि तकनीकी और व्यावहारिक रूप से 'महाकाली' को भारत की पहली 'पौराणिक' फीमेल सुपरहीरो फिल्म कहना ज्यादा सही है, भले ही इसके निर्माता इसे बड़े स्तर पर पहली 'भारतीय महिला सुपरहीरो' फिल्म के टैग के साथ प्रमोट कर रहे हों।





प्रशांत वर्मा की फिल्म 'महाकाली' केवल एक काल्पनिक या पारंपरिक कहानी नहीं है, बल्कि इसे एक खास सामाजिक संदेश और पौराणिक पृष्ठभूमि के साथ बुना गया है। यह फिल्म पूरी तरह से प्राचीन काल की पारंपरिक कथा पर आधारित न होकर, आधुनिक काल और पौराणिक तत्वों का एक मिश्रण है। फिल्म की कहानी पश्चिम बंगाल के बैकड्रॉप पर आधारित है, जहां मां काली की पूजा का विशेष महत्व है।




 

कहानी में माँ काली के किसी एक खास पौराणिक युद्ध (जैसे रक्तबीज संहार) को सीधे दिखाने के बजाय, असुर गुरु शुक्राचार्य के अमर और विद्रोही अस्तित्व को केंद्र में रखा गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शुक्राचार्य को मृत संजीवनी विद्या और असुरों का मार्गदर्शन करने की शक्ति प्राप्त थी। फिल्म में इसी शक्ति और उनके सनातन प्रभाव को आधुनिक दुनिया के संकट से जोड़ा गया है।




फिल्म के निर्माताओं के अनुसार, यह फिल्म सिर्फ  वीएफएक्स  या चमत्कारों से भरी व्यावसायिक फिल्म नहीं होगी, बल्कि यह एक गहरा सामाजिक संदेश देगी। फिल्म मुख्य रूप से रंगभेद और पहचान की लड़ाई पर आधारित है। भारतीय सिनेमा में गोरेपन को ही सुंदरता का मानक माना जाता रहा है, लेकिन सांवली/काली त्वचा वाली उग्र देवी 'महाकाली' के माध्यम से यह फिल्म इन स्थापित 'ब्यूटी स्टैंडर्ड्स' को तोड़ेगी और रूढ़िवादिता को चुनौती देगी।





फिल्म 'महाकालीमहा नाम की एक आम लड़की के भीतर छिपी असीम दैवीय शक्ति (महाकाली का अंश) के जागृत होने और समाज की बुराइयों के खिलाफ खड़े होने की कहानी है। भूमि शेट्टी का चरत्र एक ऐसी लड़की का है, जो ब्रह्मांड की सबसे भयंकर और शक्तिशाली देवी 'महाकाली' के रूप में उभरती है। उनका फर्स्ट लुक काफी उग्र और पारंपरिक लाल-काले रंगों के साथ दिखाया गया है।





अक्षय खन्ना, फिल्म में मुख्य प्रतिपक्षी (Antagonist) या एक बेहद रहस्यमयी और शक्तिशाली विद्रोही 'असुरगुरु शुक्राचार्य' के रूप में नजर आएंगे। इस फिल्म के जरिए वे तेलुगु सिनेमा में अपना डेब्यू भी कर रहे हैं। 





रोहित सराफ, फिल्म में मुख्य अभिनेता की भूमिका में हैं, जो 'महा' के सफर में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होंगे।





फिल्म 'महाकाली' के दो मुख्य फर्स्ट लुक पोस्टर्स जारी किए जा चुके हैं, जो अपने अनोखे और दमदार लुक के लिए चर्चा में है। भूमि शेट्टी के फर्स्ट लुक पोस्टर में उन्हें एक उग्र और दिव्य अवतार  में दिखाया गया है। उनका पूरा चेहरा लाल और काले रंग के पारंपरिक पेंट से ढका है। उनकी आंखें बेहद तीव्र हैं और वे पारंपरिक सोने के आभूषणों व धार्मिक प्रतीकों से सजी हुई हैं, जो सीधे तौर पर ब्रह्मांड की सबसे शक्तिशाली देवी की ऊर्जा को दर्शाती हैं। 




एक पोस्टर में अक्षय खन्ना को पहचानना भी मुश्किल है। वे एक तपस्वी की वेशभूषा में लंबी सफेद दाढ़ी और लहराते हुए भूरे बालों के साथ नजर आ रहे हैं। उनकी आँखों में एक अनोखी चमक है, जो एक ऐसे रहस्यमयी चरित्र को दर्शाती है जिसके पास देवताओं और असुरों दोनों का ज्ञान है।

इस फिल्म के संगीत निर्देशन की जिम्मेदारी बेहद प्रतिभाशाली संगीतकार स्मरन साई को सौंपी गई है। वे दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपने गहरे और भावपूर्ण संगीत प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं। प्रशांत वर्मा की फिल्मों (जैसे हनु-मैन) की तरह ही 'महाकाली' का संगीत भी फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) होने वाला है। फिल्म का संगीत पारंपरिक आध्यात्मिक मंत्रों/धूनों और आधुनिक सिनेमाई बैकग्राउंड स्कोर का एक फ्यूजन होगा।

चूंकि यह फिल्म मां काली के रौद्र रूप और उनके प्रभाव पर केंद्रित है, इसलिए संगीत में पारंपरिक वाद्ययंत्रों (जैसे शंख, डमरू और भारी ड्रम) का उपयोग करके एक ऐसा प्रभाव तैयार किया जा रहा है जो दर्शकों को रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव दे सके।

फिल्म 'महाकाली' सिर्फ एक एक्शन या सुपरहीरो फिल्म नहीं है, बल्कि एक लड़की के संघर्ष की कहानी भी है, इसलिए संगीत में एक आम लड़की से सुपरहीरो बनने के सफर की भावनात्मक गहराई भी सुनने को मिलेगी।

फिल्म 'महाकाली' को लेकर कुछ बेहद खास और अनोखे तथ्य हैं, जो इसे अन्य पारंपरिक सुपरहीरो फिल्मों से बिल्कुल अलग बनाते हैं. इस फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह न केवल भारत की पहली पौराणिक महिला सुपरहीरो फिल्म है, बल्कि इसके परदे के पीछे की कमान भी एक महिला के हाथ में है।






प्रशांत वर्मा ने अपनी बनाई इस दुनिया (PVCU) को निर्देशित करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक पूजा अपर्णा कोल्लुरु को सौंपी है। एक महिला सुपरहीरो की कहानी को एक महिला निर्देशक के नजरिए से पर्दे पर उतारना भारतीय सिनेमा में एक ऐतिहासिक कदम है।






फिल्म के दृश्यों को भव्य और जीवंत बनाने के लिए एक विशेष विजुअल टोन सेट की गई है. फिल्म की शूटिंग के लिए पश्चिम बंगाल के वास्तविक और ऐतिहासिक स्थानों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि मां काली की पूजा की प्रामाणिकता और वहां की संस्कृति को हूबहू पर्दे पर दिखाया जा सके।






फिल्म में रंगों (कलर पैलेट) का बहुत खास इस्तेमाल किया गया है, जहां अंधकार, उग्रता और दिव्यता को दर्शाने के लिए गहरे लाल और काले रंगों की थीम रखी गई है।





जैसा कि प्रशांत वर्मा की फिल्म 'हनु-मैन' में देखा गय था कि कम बजट के बावजूद उसका वीएफएक्स हॉलीवुड स्तर का था, ठीक वैसा ही 'महाकाली' के साथ भी किया जा रहा है। फिल्म में मां काली की अलौकिक शक्तियों और असुर गुरु शुक्राचार्य की मृत-संजीवनी विद्या जैसी चमत्कारी शक्तियों को दिखाने के लिए भारत और विदेशों की बेहतरीन वीएफएक्स टीमों को काम पर लगाया गया है।





फिल्म के मेकर्स इसके गानों को लेकर एक अनोखा प्रयोग कर रहे हैं। फिल्म में एक विशेष 'महाकाली एंथम' तैयार किया जा रहा है, जिसमें पारंपरिक बंगाली ढाक संगीत और आधुनिक रॉक एलिमेंट्स का मिश्रण होगा, जो फिल्म के क्लाइमेक्स और एक्शन सीन्स के दौरान दर्शकों में जबरदस्त जोश भर देगा। 






आरकेडी स्टूडियोज़ और प्रशांत वर्मा सिनेमैटिक यूनिवर्स के आने वाले बड़े प्रोजेक्ट 'महाकाली' के लिए आरकेडी स्टूडियोज़ बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है। फिल्म की शूटिंग पर पहले ही 125 से अधिक दिन खर्च किए जा चुके हैं और इसके लिए बड़े-बड़े सेट्स का निर्माण किया गया है।

प्रशांत वर्मा सिनेमैटिक यूनिवर्स के प्रशांत वर्मा भारतीय इतिहास और पौराणिक कथाओं से प्रेरित होकर एक बहुत बड़ा सुपरहीरो यूनिवर्स तैयार कर रहे हैं। 'हनु-मैन' की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद इस यूनिवर्स में निम्नलिखित फिल्में आने वाली हैं:

जय हनुमान (Jai Hanuman): यह फिल्म 'हनु-मैन' का सीधा सीक्वल होगी। इस फिल्म में कंतारा (Kantara) फेम स्टार ऋषभ शेट्टी (Rishab Shetty) भगवान हनुमान की मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। यह फिल्म 2027 में रिलीज के लिए प्रस्तावित है।

अधीरा (Adhira): यह इस यूनिवर्स की एक और महत्वपूर्ण सुपरहीरो फिल्म होगी। इसकी कहानी भगवान इंद्र की शक्तियों (बिजली और वज्र) से प्रेरित एक आधुनिक सुपरहीरो पर आधारित हैजिसमें कल्याणी दासारी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे।

असुरगुरु (Asuraguru / ओक्टोपस): इस यूनिवर्स के तहत कुछ अन्य स्पिन-ऑफ फिल्मों और विलेन-केंद्रित कहानियों पर भी काम चल रहा है, जो आगे चलकर आपस में जुड़ेंगी।

फिल्म 'महाकाली' का पहला आधिकारिक मुख्य वीडियो ग्लैम्प्स (First Glimpse) 24 अगस्त 2026 को जारी होने जा रहा है, जिसकी टैगलाइन "The End Begins" रखी गई है।





 

महाकाली #हिंदी समेत कई भाषाओं में रिलीज़ होगी।

#Dharm की #BhavnaTalwar की #ValmikiRamayana !

 


2 अक्टूबर 2026 को रिलीज होने वाली फिल्म 'वाल्मीकि रामायण'  कोई एनिमेशन फिल्म नहीं है, बल्कि यह एक लाइव-एक्शन भव्य सिनेमाई फिल्म है। अक्सर दर्शक इसे 1992 की मशहूर भारत-जापान को-प्रोडक्शन वाली एनिमेशन फिल्म 'रामायण: द लीजेंड ऑफ प्रिंस राम' समझ लेते हैं, जिसे हाल ही में 4K विजुअल्स के साथ दोबारा थिएटर्स में रिलीज करने की चर्चा रही है। लेकिन 2026 में आने वाली 'वाल्मीकि रामायण' वास्तविक कलाकारों और भव्य सेट्स के साथ बनाई गई एक लाइव-एक्शन फिल्म है।





इस फिल्म का निर्देशन भावना तलवार ने किया है। फिल्म की भव्यता को बड़े पर्दे पर उतारने के लिए इंडस्ट्री के दिग्गज शामिल हैं, जैसे 'बाहुबली' के सेट डिजाइन करने वाले साबू सिरिल (प्रोडक्शन डिजाइनर), प्रसिद्ध सिनेमैटोग्राफर विनोद प्रधान, और ऑस्कर विजेता रेसुल पुकुट्टी (साउंड डिजाइनर)।





इसकी कहानी को मशहूर लेखक आनंद नीलकंठन और चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने इस प्रकार से लिखा है, ताकि रामायण को बेहद सरल और सांस्कृतिक गहराई के साथ प्रस्तुत किया जा सके। यह फिल्म 2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती) को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए निर्धारित है।





जहां तक फिल्म की स्टार कास्ट का प्रश्न है मेकर्स ने इस फिल्म के मुख्य अभिनेताओं (राम, सीता, रावण) के नामों को अभी पूरी तरह से गोपनीय रखा है। इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है। यद्यपि,  फ़िल्म के कलाकारों के नाम सामने नहीं आए हैं, लेकिन इसके बैक-स्टेज दिग्गजों की सूची बहुत बड़ी है। फिल्म का स्क्रीनप्ले 'बाहुबली' सीरीज के लेखक आनंद नीलकंठन ने लिखा है और संवाद डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने तैयार किए हैं। संगीत के बेताज बादशाह इलियाराजा इसका म्यूजिक दे रहे हैं।





रणबीर कपूर की 'रामायण' दिवाली में 8 नवम्बर को प्रदर्शित हो रही है. इसलिए दोनों फ़िल्मों के सीधे  टकराव की स्थितियां नहीं बन रही हैं. क्यों कि भावना तलवार की 'वाल्मीकि रामायण' 2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती) को सिनेमाघरों में आएगी। वहीं, नितेश तिवारी के निर्देशन वाली रणबीर कपूर स्टारर 'रामायण: पार्ट 1' दिवाली के मौके पर 8 नवंबर 2026 को रिलीज होने वाली है।





इस प्रकार से दोनों फ़िल्मों का बॉक्स ऑफिस पर सीधा टकराव नहीं होने जा रहा. क्यों कि तकनीकी रूप से दोनों फिल्मों के प्रदर्शन मे लगभग एक महीने का अंतर है। किन्तु वाल्मीकि रामायण' को पहले रिलीज होने का फायदा अवश्य मिलेगा। दर्शक एक ही कहानी को दो बेहद अलग सिनेमाई शैलियों और दृष्टिकोणों (एक अत्यधिक वीएफएक्स-ओरिएंटेड और दूसरी पारंपरिक लाइव-एक्शन) में देख पाने का लोभ नहीं छोड़ पाएंगे।






फिल्म के आधिकारिक पोस्टर पर दर्शकों का रिस्पॉन्स बहुत उत्साहजनक रहा है। फिल्म का पहला लुक पोस्टर बेहद सादगी भरा और आध्यात्मिक था। पोस्टर में केवल भगवान श्री राम के पूजनीय चरण कमलों को दर्शाया गया था, जो विनम्रता, आस्था और यात्रा की शुरुआत से पहले आशीर्वाद लेने की रीत का प्रतीक है।





'आदिपुरुष' जैसी फिल्मों के भारी-भरकम और आधुनिक वीएफएक्स से थके दर्शकों ने इस शांत और पारंपरिक पोस्टर की काफी सराहना की है। सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे रामायण की मूल आत्मा के करीब बताया है और फिल्म को लेकर एक सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलनी शुरू हो गई है।





फिल्म की निर्देशक भावना तलवार अवार्ड-विनिंग फिल्ममेकर हैं। 'वाल्मीकि रामायण' उनके करियर की चौथी बड़ी निर्देशित फिल्म है। उनकी निर्देशित उल्लेखनीय फ़िल्मों में-





धर्म (Dharm - 2007)- भावना तलवार की बतौर निर्देशक पहली फिल्म थी, जिसमें पंकज कपूर ने मुख्य भूमिका निभाई थी। राष्ट्रीय एकता और धार्मिक सद्भाव पर बनी इस फिल्म को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना मिली और इसने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी जीता।





हैप्पी (Happi - 2019) - महान अभिनेता चार्ली चैपलिन को श्रद्धांजलि देने वाली एक ब्लैक एंड व्हाइट कॉमेडी-ड्रामा फिल्म थी, जिसमें एक बार फिर पंकज कपूर मुख्य भूमिका में नजर आए थे।





हाइडी: क्वीन ऑफ द माउंटेन (Heidi: Queen of the Mountain - 2017)- बच्चों के एक मशहूर क्लासिक उपन्यास पर आधारित अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रोजेक्ट था।





वाल्मीकि रामायण' के पर्दे पर दिखाई देने वाले चेहरे गुप्त हैं। किन्तु, इसके तकनीक से जुड़ी हस्तियां फिल्म को चर्चा मे लाने में सफल हो  है। फिल्म के संगीतकार इलियाराजा और इसके स्क्रीनप्ले लेखक आनंद नीलकंठन दोनों ही अपने-अपने क्षेत्रों के दिग्गज हैं। 





दिग्गज संगीतकार इलियाराजा का इस फिल्म से जुड़ना इसके सबसे मजबूत पक्षों में से एक माना जा रहा है। मेकर्स ने फिल्म में उनके संगीत को केवल 'साउंडट्रैक' न कहकर एक "संगीतमय आह्वान" का नाम दिया है। इलियाराजा पिछले पांच दशकों से भारतीय सिनेमा को अपने संगीत से समृद्ध कर रहे हैं। वे इस महाकाव्य के लिए एक ऐसा बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं जो पूरी तरह से शास्त्रीय भारतीय संगीत और आध्यात्मिक धुनों पर आधारित होगा। इलियाराजा को भारतीय संगीत में पश्चिमी ऑर्केस्ट्रा के साथ पारंपरिक लोक धुनों के बेहतरीन फ्यूजन के लिए जाना जाता है। उन्होंने 'अन्नाकिली', 'थलपति' (राक्काम्मा कैया थट्टू गाना), और 'नायकन' जैसी कालजयी फिल्मों में संगीत दिया है। 'वाल्मीकि रामायण' में उनका संगीत दर्शकों को सीधे त्रेतायुग के माहौल का अहसास कराने का काम करेगा।





पटकथाकार आनंद नीलकंठन ने  वाल्मीकि रामायण के मूल पाठ  को आधार बनाकर इस फिल्म की पटकथा को रूपांतरित किया है. आनंद नीलकंठन को भारत में पौराणिक कथाओं को एक नए, तार्किक और सिनेमाई दृष्टिकोणों से प्रस्तुत करने के लिए जाना जाता है.  उन्होंने महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित 24,000 श्लोकों के विशाल महाकाव्य में से मुख्य घटनाओं (जैसे राम का वनवास, सीता हरण और लंका विजय) को चुनकर एक बेहद कसी हुई स्क्रिप्ट तैयार की है। आनंद नीलकंठन को सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बाहुबली: द बिगिनिंग' और 'बाहुबली 2: द कन्क्लूजन' के प्रीक्वल उपन्यासों (जैसे 'द राइज ऑफ शिवगामी') के लेखन के लिए जाना जाता है, जिस पर नेटफ्लिक्स सीरीज भी बन चुकी है। इसके अलावा उन्होंने टीवी के मशहूर पौराणिक शोज़ जैसे 'सिया के राम' और 'महाबली हनुमान' के लिए भी लेखन किया है।





इसके अतिरिक्त इस फिल्म में आनंद नीलकंठन की सशक्त पटकथा को दूरदर्शन के क्लासिक सीरियल 'चाणक्य'  से प्रसिद्ध डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी के लिखे संवादों का साथ मिला है। यह जुगलबंदी फिल्म को भाषाई और वैचारिक रूप से बेहद समृद्ध बनाती है।





फिल्म 'वाल्मीकि रामायण'  के अन्य प्रमुख तकनीशियनों मे साबू सिरिल और रसूल पूकुट्टी का तकनीकी योगदान भी उल्लेखनीय है. इस लाइव-एक्शन फिल्म को तकनीकी रूप से विश्वस्तरीय बनाने के लिए भारत के दो सबसे बड़े अवॉर्ड विनिंग दिग्गजों में शामिल किया गया है. साबू सिरिल,  भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित प्रोडक्शन डिजाइनरों में से एक हैं, जिन्होंने 'बाहुबली' 1 और 2, 'RRR', और 'रोबोट' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के भव्य और अविश्वसनीय सेट्स डिजाइन किए हैं। 'वाल्मीकि रामायण' में वे त्रेतायुग के वैभव को बिना किसी कृत्रिमता के, वास्तविक और दिव्य सेट्स के जरिए बड़े पर्दे पर जीवंत कर रहे हैं। उनके साथ फिल्म 'स्लमडॉग मिलेनियर' के लिए ऑस्कर पुरस्कार जीत चुके रसूल पूकुट्टी इस फिल्म के साउंड डिजाइन की कमान संभाल रहे हैं। उनका मुख्य ध्यान फिल्म में उपयोग किए जा रहे मंत्रों, चौपाइयों, प्रकृति की ध्वनियों और युद्ध के दृश्यों के दौरान दर्शकों को एक गहरा और ध्यानमयी आध्यात्मिक अनुभव देने पर है।





वाल्मीकि रामायण'  के छायाकार बिनोद प्रधान भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित और अनुभवी सिनेमैटोग्राफर्स में से एक हैं। उन्हें फिल्मों में शानदार लाइटिंग, रंगों के बेहतरीन संयोजन और दृश्यों को बेहद सजीव व आकर्षक रूप में कैमरे में कैद करने के लिए जाना जाता है। 'वाल्मीकि रामायण' में उनका विजुअल स्टाइल इस प्रकार रहने वाला है. बिनोद प्रधान ने इससे पहले 'देवदास', 'रंग दे बसंती', 'भाग मिल्खा भाग', और '२ स्टेट्स' जैसी फिल्मों में अपनी बेहतरीन सिनेमैटोग्राफी का हुनर दिखाया है। 'वाल्मीकि रामायण' में उनका मुख्य फोकस कृत्रिम या बनावटी लाइटिंग के बजाय वास्तविक सूर्य की रोशनी, सुबह की लालिमा, और जंगलों के प्राकृतिक दृश्यों का उपयोग करना है। प्रधान त्रेतायुग के आश्रमों, राजमहलों और जंगलों के दृश्यों को साबु सिरिल के सेट्स के साथ इस तरह फ्रेम कर रहे हैं कि वह अत्यधिक चमकदार या कंप्यूटर-जनित (VFX) न लगकर पूरी तरह वास्तविक और दिव्य प्रतीत हो।





यद्यपि, फिल्म के निर्माताओं ने 'वाल्मीकि रामायण' के सटीक बजट का कोई आधिकारिक आंकड़ा साझा नहीं किया है, लेकिन फिल्म से जुड़े बड़े राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता क्रू (जैसे साबू सिरिल, रसूल पूकुट्टी, और बिनोद प्रधान) को देखते हुए इसे एक बड़ी और भव्य स्तर की फिल्म  माना जा रहा है। यह फिल्म रणबीर कपूर की मेगा-बजट 'रामायण' (जिसका बजट लगभग ₹4000 करोड़ बताया जा रहा है) जितनी अत्यधिक महंगी नहीं है इसका कारण यह है कि इस फिल्म में हॉलीवुड स्तर के भारी-भरकम और महंगे डिजिटल वीएफएक्स  पर पैसे पानी की तरह बहाने के बजाय, पारंपरिक लाइव-एक्शन, वास्तविक अभिनय और कलात्मक भव्यता पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। इस लिहाज से इसका बजट भारतीय सिनेमा के मानकों के अनुसार काफी संतुलित पर बड़ा है।





वाल्मीकि रामायण को सोलो रिलीज का फायदा मिल सकता है. यह फिल्म 2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती) के बड़े नेशनल हॉलिडे पर रिलीज हो रही है। इस दिन कोई अन्य बड़ी हिंदी फिल्म निर्धारित नहीं होने के कारण, इसे देश भर के मल्टीप्लेक्सों और सिंगल-स्क्रीन थिएटरों में अधिकतम स्क्रीन्स मिलने की पूरी उम्मीद है। नितेश तिवारी और रणबीर कपूर की 'रामायण: पार्ट 1' इसके ठीक एक महीने बाद दिवाली (8 नवंबर 2026) को आएगी। इस प्रकार, 'वाल्मीकि रामायण' के पास सिनेमाघरों में दर्शकों को आकर्षित करने और मजबूत कमाई करने के लिए पूरे 4 हफ्तों का एक लंबा और बिना किसी रुकावट वाला समय (Free Run) उपलब्ध रहेगा। अगर माउथ-पब्लिसिटी बेहतरीन रही, तो यह फिल्म दिवाली के बाद भी स्क्रीन्स पर टिकी रह सकती है।