Wednesday, 1 July 2026

रिलीज़ से पहले पैसा वसूल हैं #Alpha और #BabyDoDie Do ?

इसमें कोई संदेह नहीं आज के सॅटॅलाइट युग में, भारत में बनी अधिकांश फ़िल्में छविगृहों में प्रदर्शन से पहले ही अपने बजट की काफी हद तक वसूली कर लेती है।  अधिकांश फिल्मे अपने बजट का ६० से ८० प्रतिशत तक  थिएटर्स में रिलीज होने से पहले ही डिजिटल और नॉन-थिएट्रिकल


 राइट्स बेचकर वसूल कर लेती है। यद्यपि, पूरी तरह से मुनाफे में आने और बॉक्स ऑफिस पर 'हिट' का टैग पाने के लिए उन्हें सिनेमाघरों में भी अच्छा प्रदर्शन करना पड़ता है।





इस  दृष्टि से, इस ३ जुलाई को प्रदर्शित होने जा रही दोनों फ़िल्में, क्या अपनी लागत का बड़ा हिस्सा अपने निर्माताओं को वापस दिलवा चुकी है ? इसके लिए इन दोनों फिल्मों का बजट और प्रदर्शन से पूर्व के विभिन्न प्रकार के अधिकारों को बेचने का गणित समझना होगा।





इस दृष्टि से बेबी डू डाई डू सुरक्षित लगती है। बेबी डू डाई डू  की निर्माण लागत मात्र २२ करोड़ रुपये है । निर्देशक के रूप में स्त्री २ के निर्देशक अमर कौशिक  का नाम जुड़ा होने के कारण इस फिल्म के ओटीटी अधिकार, सैटेलाइट अधिकार और म्यूजिक अधिकार  बहुत अच्छे दामों में बिके हैं। इस प्रकार से फिल्म ने रिलीज से पहले ही अपने २२ करोड़ के बजट का लगभग ७५ से ८० प्रतिशत अर्थात  १६ से १८ करोड़ इन अधिकारों को बेच कर आसानी से सुरक्षित कर लिया है।





अब बेबी डू डाई डू अपनी बाकी बची लागत और डिस्ट्रीब्यूशन कमीशन निकालने के लिए बॉक्स ऑफिस पर केवल १० से १५ करोड़ का शेयर अर्थात ३० से ३५ करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन ही करना है। सप्ताहांत के १० करोड़ अनुमानित कारोबार को देखते हुए यह बहुत जल्द मुनाफा कमाने लगेगी।





वहीँ दूसरी ओर अल्फा भारी बजट, बड़ा जोखिम लागत वाली फिल्म लगती है। इस फिल्म की लागत ८० से १२० करोड़ के बीच की बताई जा रही है। चूंकि यह वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की बड़ी फिल्म है, इसके ओटीटी और डिजिटल राइट्स की वैल्यू बहुत ज्यादा है। मार्केट रिपोर्ट्स के अनुसार, यशराज फिल्म्स ने इसके डिजिटल प्रीमियर के लिए एक लीडिंग प्लेटफॉर्म के साथ भारी-भरकम डील की है, जिससे बजट का ६५ से ७० प्रतिशत अर्थात लगभग ६० से ८० करोड़ पहले ही कमा लिए है।




इतनी बड़ी वसूली के बावजूद, फिल्म का बजट इतना विशाल है कि डिजिटल रिकवरी के बाद भी इसे टेबल-प्रॉफिट में आने के लिए सिनेमाघरों से कम से कम ८० से १०० करोड़ का शुद्ध डिस्ट्रीब्यूटर शेयर कमाना होगा। इसके लिए फिल्म को भारत में कम से कम १५०-१६० करोड़ का नेट कलेक्शन करना होगा । फिल्म के प्रति सुस्त माहौल और 'नागबंधम' के टकराव के कारण इस थिएटर शेयर को निकालना फिल्म के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।





फिल्म निर्माताओं  के नजरिए से देखें तो दोनों ही फिल्में सुरक्षित हैं और डिजिटल डील्स की वजह से उन्हें कोई भारी नुकसान नहीं होगा। लेकिन जहाँ 'बेबी डू डाई डू' अपने छोटे बजट की वजह से आसानी से नेट प्रॉफिट कमाकर सुपरहिट की तरफ बढ़ेगी, वहीं 'अल्फा' अपनी भारी लागत के कारण सिर्फ ओटीटी के भरोसे नहीं रह सकती और उसे खुद को फ्लॉप होने से बचाने के लिए थिएटर्स में बहुत लंबी लड़ाई लड़नी होगी।

#Yash की #Toxic को सेक्सी बनाती #Nayanthara @advani_kiara #TaraSutaria @rukminitweets @humasqureshi !

 


 

लेडीज़ एंड लेडीज़’ के साथ और भी खतरनाक हुई टॉक्सिक की दुनिया: दमदार महिलाओं ने संभाली कमान, यश लौटे हाई-इम्पैक्ट एक्शन अवतार में 

 

 

बोल्ड, दमदार और बेखौफ: ‘लेडीज़ एंड लेडीज़’ ने टॉक्सिक की दुनिया को दिया नया विस्तार

 


 

टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स की दुनिया अब पहले से भी ज्यादा खतरनाक और रोमांचक हो गई है। ‘लेडीज़ एंड लेडीज़’ के लॉन्च के साथ फिल्म का एक नया वीडियो सामने आया है, जो इस डार्क और स्टाइलिश दुनिया की ताकतवर महिलाओं पर रोशनी डालता है। पावर, मिस्ट्री, एटीट्यूड और रोमांच से भरपूर यह वीडियो उन महिला किरदारों की झलक देता है जो इस कहानी को दिशा दे रही हैं — और साफ कर देता है कि वे किसी के बनाए नियमों पर चलने वाली नहीं हैं।

 



 

नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी हर फ्रेम में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराती हैं। उनके किरदार जितने प्रभावशाली हैं, उतने ही जटिल भी। नयनतारा का तीखा और प्रभावशाली अंदाज़, कियारा की आकर्षक और भावनात्मक झलक, तारा की सहज और जीवंत उपस्थिति, रुक्मिणी की तीव्रता और हुमा की दृढ़ और प्रभावी झलक — हर एक किरदार टॉक्सिक की दुनिया पर अपनी अलग छाप छोड़ता है। इस पूरे माहौल को और गहराई देता है एक प्रभावशाली महिला वॉइस-ओवर, जो कहानी को एक महिला के दृष्टिकोण से पेश करता है और उसमें रहस्य, शक्ति और विद्रोह की भावना जोड़ता है।

 



 

वीडियो की शुरुआत से ही इसका विद्रोही अंदाज़ साफ नजर आता है, जब स्क्रीन पर एक चेतावनी दिखाई देती है: “बच्चे… दूर रहें। माता-पिता… अपने बच्चों को दूर रखें। दादा-दादी… अपने बच्चों के बच्चों को भी दूर रखें। परदादा-परदादी… अपनी जिम्मेदारी पर देखें।” यह बेबाक और साफ चेतावनी फिल्म के मूड को पूरी तरह दर्शाती है।

#SSRajamouli ने बताया कि #Varanasi के सेट पर #MaheshBabu कभी मोबाइल नहीं लाये !



निर्देशक एसएस राजामौली, तेलुगु फिल्मों के सुप्रसिद्ध अभिनेताओं प्रभास, जूनियर एनटीआर और रामचरण के बाद, पहली बार एक अन्य तेलुगु फिल्म अभिनेता महेश बाबू के साथ काम कर रहे है। इन दोनों की पहली फिल्म का नाम वाराणसी है।  यह एक पौराणिक कथानक पर आधारित फिल्म है। इस फिल्म में महेश बाबू ने मुख्य चरित्र रूद्र का निर्वहन किया है। 




फिल्म वाराणसी की शूटिंग २०२४ में प्रारम्भ हुई थी। राजामौली, महेश बाबू के साथ फिल्म की शूटिंग फरवरी २०२५ से कर रहे हैं।  स्पष्ट है कि अभिनेता के साथ निर्देशक का साथ पर्याप्त अंतराल वाला रहा है।  वह महेश बाबू के अभिनेता के अतिरिक्त एक व्यक्ति के रूप में महेश बाबू को भी भलीभांति जान चुके होंगे। 




महेश बाबू ने वैरायटी को एक साक्षात्कार में महेश बाबू के विषय में कुछ रहस्योद्घाटन किये।  उन्होंने महेश  बाबू की अच्छी आदतों पर भी बात की। उन्होंने पत्रिका को  महेश बाबू के साथ वाराणसी  शूटिंग करते समय उनकी किस आदत ने उन्हें प्रभावित किया। राजामौली वर्षों से महेश बाबू के अभिनय की तारीफ़ करते रहे हैं, किन्तु, वाराणसी के सेट पर उन्हें महेश बाबू के अनुशासन, कार्य के प्रति समर्पण और चरित्र पर केंद्रित क्षमता ने प्रभावित किया और अपनी गहरी छाप छोड़ी।  




महेश बाबू के बारे में, बात करते हुए राजामौली ने कहा, "उन्हें एक एक्टर के रूप में देख कर, मुझे ज़्यादा हैरानी नहीं हुई, क्योंकि मैं बहुत लंबे समय से उनकी फिल्में देख रहा था। मुझे पता है कि वह क्या कर सकते हैं। जो बात हैरान करने वाली थी, वह थी उनका वर्क एथिक।"




राजामौली ने महेश बाबू की एक आदत के बारे में बताया जो उन्हें खास तौर पर पसंद आई। फिल्ममेकर के मुताबिक, एक्टर पूरे काम के दिन अपना फोन दूर रखते हैं, जिससे वह पूरी तरह से अपने काम पर फोकस कर पाते हैं।




"वह बिना फोन के ऑफिस आते हैं। वह फोन अपनी कार में रखते हैं और ऑफिस में चले जाते हैं। शूटिंग के दौरान, मैंने उन्हें कभी भी फोन के साथ सेट पर आते नहीं देखा। कार में वापस आने के बाद ही वह अपना फोन ले जाते हैं।"




फिल्ममेकर ने आगे बताया कि महेश का डिसिप्लिन सिर्फ ध्यान भटकाने वाली चीज़ों से बचने से कहीं ज़्यादा है। ब्रेक के दौरान भी, वह अपना फ़ोन उठाने के बजाय चुपचाप अपने आस-पास हो रही हर चीज़ को देखना पसंद करते हैं।




"कभी-कभी दो, तीन घंटे ऐसे होते हैं, जब वह बस अपनी टेबल पर बैठकर काम करने वाले सभी लोगों को देखते हैं। वह अपना फ़ोन नहीं उठाते। वह बस देखते रहते हैं।"





राजामौली ने यह भी बताया कि महेश के अप्रोच ने उन्हें पर्सनली इंस्पायर किया, जिससे उन्हें अपने परिवार के साथ समय बिताते हुए अपने फ़ोन से दूर रहने की हिम्मत मिली।





जहाँ महेश बाबू को स्क्रीन पर उनके परफॉर्मेंस के लिए लंबे समय से सराहा जाता रहा है, वहीं राजामौली की तारीफ़ उनके डिसिप्लिन, फोकस और प्रोफेशनलिज़्म की एक झलक दिखाती है जो उन्हें ऑफ-स्क्रीन भी डिफाइन करते हैं, जिससे यह और पक्का होता है कि वह इंडस्ट्री के सबसे सम्मानित स्टार्स में से एक क्यों बने हुए हैं।





दर्शक महेश बाबू को अगले साल, एस.एस. राजामौली की बहुप्रतीक्षित एपिक वाराणसी में ६ अप्रैल २०१७ को देखेंगे।  इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा जोनास और पृथ्वीराज सुकुमारन की भूमिकाएं भी बहुत महत्वपूर्ण  हैं।

#KumarSiddharth's Vertical Series #TheRehearsal



Director Kumar Siddharth is set to make a significant mark in the rapidly growing vertical content space with his upcoming series, The Rehearsal, a compelling drama that explores ambition, relationships, and the fine line between performance and reality.

 




Having built a strong foundation in the film and advertising industries, Kumar Siddharth brings years of creative experience to the project. Over the course of his career, he has directed more than 200 advertising films and several feature films, earning recognition for his distinctive visual style, engaging storytelling, and ability to connect with audiences across formats. His latest feature film is currently streaming on a reputed OTT platform, further reflecting his versatility as a filmmaker.

 




The Rehearsal marks an exciting new chapter in his directorial journey. Designed specifically for the vertical viewing format, the series aims to deliver a fast-paced and emotionally engaging narrative tailored for today's mobile-first audience.





Speaking about the project, Kumar Siddharth said: "The Rehearsal is a story that examines the roles we play in our lives and the moments when those roles begin to blur with reality. The vertical format offers a unique opportunity to create an intimate viewing experience, and we're excited to bring a fresh, immersive narrative to audiences."

 




The series combines contemporary storytelling with innovative visual techniques, reflecting Kumar Siddharth's experience across both cinematic and commercial filmmaking. With a focus on character-driven drama and relatable human emotions, The Rehearsal seeks to resonate with viewers across generations.




 

As vertical storytelling continues to gain momentum across digital entertainment platforms, The Rehearsal is positioned to be a notable addition to this evolving entertainment landscape.





 

Further details regarding the cast, release schedule, and streaming platform will be announced in the coming weeks.

 




About Kumar Siddharth- Kumar Siddharth is a filmmaker and director with extensive experience in feature films, advertising, and digital content. He has directed over 200 advertising films and several feature films, developing a distinctive storytelling approach that blends cinematic vision with audience-focused narratives. His latest feature film is currently streaming on a reputed OTT platform. The Rehearsal represents his latest creative venture and his entry into the emerging vertical series format.

#YRF और #PoshamPaPictures की #AyushmannKhurrana अभिनीत #Mupapa



यशराज फिल्म्स और पोशम पा पिक्चर्स का पहला सिनेमाई सहकार फिल्म मुपापा में आयुष्मान खुराना मुपपा की शीर्षक भूमिका कर रहे हैं। इस फिल्म को, यशराज फिल्म्स के सीईओ और फिल्म सैयारा के निर्माता अक्षय विधानी ही निर्मित कर रहे है।





इस फिल्म को समीर सक्सेना ने निर्देशित किया है, जो भारत के जाने-माने शो रनर और डायरेक्टरो में से एक हैं।   





पोशम पा पिक्चर्स को भारतीय एंटरटेनमेंट में सबसे आगे की सोचने वाली आवाज़ों में से एक माना जाता है। यशराज और पोशम पा का उद्देश्य आज के दर्शकों के लिए डिसरप्टिव और इमर्सिव थिएटर एक्सपीरियंस देना है। उनके क्रिएटिव कोलेबोरेशन में दोनों मिलकर थिएटर फिल्में बनाएंगे। इसका प्रारंभ मोपपा से हो चुका है। 





यह पार्टनरशिप आदित्य चोपड़ा के उस विज़न के मुताबिक है जिसमें अक्षय विधानी के अधीन एक नया क्रिएटिव बिज़नेस मॉडल बनाना है, जो एक निर्माता के रूप में यशराज फिल्म्स के अंदर स्टूडियो मॉडल की व्यूह रचना है । 






मुपापा एक जॉनर-बेंडिंग थिएटर फिल्म है। यह थिएटर में लोगों को एक बहुत ही नया विज़ुअल एक्सपीरियंस देगी। आयुष्मान खुराना, जिन्होंने कंटेंट डिसरप्शन को अपना परिचय बना लिया है, इस प्रोजेक्ट में अभिनय कर रहे हैं। यह फिल्म दर्शकों को प्रारम्भ से ही सीट से बांधे रखेगा। 

#Trivikram की फिल्म #GodOfWar के भगवान् मुरुगन #JrNTR



तेलुगु सुपरस्टार अभिनेता जूनियर एनटीआर और निर्देशक त्रिविक्रम श्रीनिवास बड़े पैमाने पर पौराणिक महाकाव्य को परदे पर उतारने के लिए फिर साथ आ रहे हैं। इन दोनों की, अंतिम बार २०१८ की ब्लॉकबस्टर फिल्म अरविन्द समेता वीर राघव प्रदर्शित हुई थी।  यह फिल्म इन दोनों का इकलौता सहकार है। अब आठ साल बाद, यह दोनों इस भव्य परियोजना के साथ सोशल मीडिया पर आये हैं। 






त्रिविक्रम श्रीनिवास, जिस परियोजना को लेकर आ रहे है, उसका अस्थाई शीर्षक गॉड ऑफ़ वॉर अर्थात युद्ध के देवता रखा गया है।  इस परियोजना में एनटीआर को हिंदू योद्धा देवता भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) के रूप में दिखाये जाने की अटकलें  है।






भगवान् कार्तिकेय, देवों के देव महादेव और महादेवी पारवती के पुत्र थे।  वह उत्तर में जन्मे थे और उन्होंने सम्पूर्ण जीवन दक्षिण और पश्चिम को राक्षसों से मुक्त कराने के लिए युद्ध किया।  उन्हें दक्षिण के भक्त भगवान् मुरुगन बोलते हैं। 





फिल्म एक महत्वाकांक्षी, बड़े बजट की पौराणिक फंतासी है जिसमें उच्च कोटि के दृश्य प्रभाव (वीएफएक्स) है, जो रामायण या महाभारत जैसे महाकाव्यों के चिरपरिचित कथानक के पुनर्कथन के बजाय युद्ध के देवता की कम सुनी कहानियों की खोज करती है।





जूनियर एनटीआर वर्तमान में प्रशांत नील निर्देशित फिल्म ड्रैगन की शूटिंग में व्यस्त हैं।  इसे पूरा करने के बाद ही वह त्रिविक्रम की फिल्म की  शूटिंग प्रारम्भ कर  सकते हैं। 




 

विशेष बात यह है कि इस जोड़ी की  २०१८ में प्रदर्शित ब्लॉकबस्टर फिल्म 'अरविंद समेता वीरा राघव एक एक्शन-ड्रामा फिल्म थी। इसकी कहानी आंध्र प्रदेश के 'रायलासीमा' क्षेत्र में दो गुटों के बीच सालों से चली आ रही हिंसक दुश्मनी पर आधारित थी।




इस फिल्म में एनटीआर ने 'वीर राघव' नाम के युवक का किरदार निभाया था, जो अपने पिता की मौत के बाद हिंसा को छोड़कर शांति स्थापित करने की कोशिश करता है।




स्पष्ट रूप से, अरविन्द समेता वीर राघव  कथानक की दृष्टि से आधुनिक, पारिवारिक और सामाजिक पृष्ठभूमि पर बनी एक्शन फिल्म थी। गॉड ऑफ़ वॉर भी युद्ध दृश्यों की अधिकता वाली एक्शन फिल्म होगी, किन्तु, यह इन दोनों की पहली पौराणिक और फंतासी  फिल्म होने जा रही है। जिसमे एनटीआर पहली बार भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) से प्रेरित एक योद्धा के रूप में नजर आएंगे।  





जूनियर एनटीआर और निर्देशक त्रिविक्रम श्रीनिवास की इस आगामी पौराणिक महागाथा 'गॉड ऑफ वॉरको भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे भव्य और महंगी फिल्मों में से एक बनाने की तैयारी है।  यह फिल्म डुओलॉजी होगी अर्थात दो भागों में बनाई जाएगी।  इस फिल्म का बजट एक हजार करोड़ रखा गया।




  

फिल्म के निर्माता सूर्यदेवेरा नागा वामसी का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के निर्माण में बजट की कोई सीमा या कोई दायरा नहीं रखा जाएगा। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने के लिए बड़े पैमाने पर पैसा लगाया जा रहा है। 





चूंकि यह फिल्म भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) की दिव्य युद्ध कला और उनके आकाशीय सेनापति के रूप में पौराणिक लड़ाइयों पर आधारित है, इसलिए इसके दृश्यों को जीवंत करने के लिए हॉलीवुड के शीर्ष  वीएफएक्स  स्टूडियो के साथ बात किये जाने की चर्चा है।  





निर्देशक त्रिविक्रम श्रीनिवास अपनी इस काल्पनिक पौराणिक दुनिया को सशक्त पटकथा के माध्यम से अत्याधुनिक कंप्यूटर जनित दृश्यों का उपयोग करेंगे ताकि देवलोक, प्राचीन युद्धक्षेत्रों और मायावी शक्तियों को स्क्रीन पर जादुई तरीके से दिखाया जा सके।





फिल्म का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से मोशन कैप्चर और उन्नत विजुअल इफेक्ट्स पर निर्भर करेगा, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी दृश्यात्मक रूप से भव्य फिल्मों अर्थात 'बाहुबली' या 'कल्कि २८९८ एडी' की श्रेणी में खड़ी हो सके।  





फिल्म के मेकर्स इस प्रोजेक्ट के जरिए भारतीय पौराणिक कथाओं को वैश्विक स्तर पर ले जाने की योजना बना रहे हैं, यही वजह है कि इसके बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा सिर्फ वीएफएक्स और प्री-प्रोडक्शन रिसर्च पर खर्च किया जा रहा है।

Tuesday, 30 June 2026

#AdiviSesh और #WamiqaGabbi जुलाई में शुरू करेंगे #G2 की शूटिंग



 

अभिनेता अदिवि शेष अपनी बहुप्रतीक्षित स्पाई एक्शन थ्रिलर G2 के अगले शूटिंग शेड्यूल की तयारी कर रहे हैं। फिल्म का अगला शिड्यूल जुलाई में शुरू होगा ।





हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर, अदिवि ने अपने प्रशंसकों की स की उत्सुकता बढ़ा दी। उन्होंने लिखा, "जुलाई में G2 की शूटिंग से पहले...तूफ़ान से पहले की शांति ।"





इस पोस्ट से उन्होंने इशारा दिया कि जुलाई से फिल्म के अत्यधिक महत्त्वपूर्ण और रोमांचक शूटिंग चरण शिड्यूल शुरू होने वाला है।   





गुड़ाचारी की सफल फ्रेंचाइज़ी की अगली कड़ी G2 का ऐलान होने के बाद से ही दर्शकों में इसे लेकर ज़बरदस्त उत्साह है। गुड़ाचरी ने अदिवि शेष को स्पाई-थ्रिलर शैली के सबसे भरोसेमंद कलाकारों में शामिल कर दिया था। अब G2 में कहानी का दायरा पहले से कहीं बड़ा होगा और उनके जासूस किरदार का सफर भी नए स्तर पर पहुंचेगा। 





इस फिल्म में अदिवी सेश के साथ इमरान हाशमी और वामिका गब्बी भी अहम भूमिकाओं में नज़र आएंगे। दमदार स्टारकास्ट के साथ यह एक्शन-थ्रिलर अपने अगले चरण की शूटिंग में प्रवेश करने जा रही है। फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदें लगातार बढ़ती जा रही हैं और यह अदिवी की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक मानी जा रही है। 





फिल्म को बहुत सोच-समझकर और मेहनत से तैयार किया गया है। जुलाई से यह अगले अहम चरण में प्रवेश कर रही हैं। यह शेड्यूल दर्शकों को उस कहानी के और करीब ले जाने वाला है, जिसे फिल्मकार बड़े पर्दे पर दिखाना चाहते हैं।





अदिवि जुलाई में फिर से सेट पर लौटने को लेकर बेहद उत्साहित हूं क्योंकि इस चरण में फिल्म के कुछ सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों की शूटिंग होगी।  





 

जुलाई से शुरू होने वाले इस नए शेड्यूल के साथ निर्माता फिल्म की शूटिंग पूरी करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही G2 अपनी बहुप्रतीक्षित रिलीज़ के और करीब पहुंच रही है।

#Nagabandham से हो सकती है #Alpha और #BabyDoDieDo को #Shiver



यो तो सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया पर, बॉक्स ऑफिस पर अल्फा और बेबी डू डाई के टकराव की ही चर्चा है।  किन्तु, बॉक्स ऑफिस पर तीसरा और चौथा कोण, वास्तव में तीसरा कोण ही उलटफेर कर सकता है।  यह तीसरे और चौथे कोण, अल्फा और बेबी डू डाई डू को नागबंधन में बांध सकते है या शिविर पैदा कर सकते हैं।  क्या आप नहीं समझे? 





जी हां, हम  इसी सप्ताह ३ जुलाई २०२६ को रिलीज हो रही पैन-इंडिया पौराणिक फिल्म 'नागबंधम' द सीक्रेट ट्रेज़र और हॉलीवुड फिल्म शिविर की। नागबंधम और शिविर के प्रदर्शित होने का 'अल्फा' और 'बेबी डू डाई डू' के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर  पर काफी बड़ा और गहरा प्रभाव पड़ने वाला है।






जहाँ नागबंधम पौराणिक कथानक पर खजाने के रहस्य के कथानक पर है, वही दूसरी और शिविर एक हॉरर थ्रिलर फिल्म है।  सभी जानते हैं कि हिंदी पेटी के दर्शकों को हॉरर बहुत भाता है।  चूंकि, शिविर एक छोटी फिल्म है, किन्तु, इसका उपरोक्त दो फिल्मों के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर सीमित प्रभाव अवश्य दिखाई देगा।




'नागबंधमका सबसे बड़ा खतरा इसकी अखिल भारतीय अपील है। यह सनातन पर आधारित है। 'नागबंधम' एक बड़े बजट की पौराणिक एडवेंचर-थ्रिलर फिल्म है, जो प्राचीन विष्णु मंदिरों और गुप्त 'नागबंधम' मंत्र के रहस्यों पर आधारित है। यह फिल्म हिंदी, तेलुगु और तमिल सहित कई भाषाओं में बड़े स्टार पर ज़ी स्टूडियोज द्वारा रिलीज हो रही है। चूंकि 'अल्फा' का प्रदर्शन पूर्व का माहौल पहले से ही कमजोर है, 'नागबंधम' हिंदी बेल्ट और विशेषकर दक्षिण भारत में उसके स्क्रीन काउंट और दर्शकों की संख्या को बुरी तरह प्रभावित करेगी। जो दर्शक बड़े पर्दे पर भव्य सिनेमा देखना चाहते हैं, वे कमजोर हाइप वाली 'अल्फा' की बजाय 'नागबंधम' को चुन सकते हैं।





वही, बेबी डू डाई डू का बजट छोटा है और यह एक सस्पेंस डार्क-कॉमेडी है। 'नागबंधम' के आने से इसे मल्टिप्लेक्सों में स्क्रीन्स मिलने में कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि थिएटर मालिक 'नागबंधम' को अधिक शोज दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त 'शिवरका प्रभाव बेबी डू डाई डू के लक्षित दर्शकों का बंटवारा कर पड़ेगा। 'शिवर' एक विशुद्ध हॉरर/साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है। इसलिए इसका सीधा मुकाबला 'बेबी डू डाई डू' से होगा, क्योंकि दोनों ही फिल्में थ्रिलर जॉनर (Genre) की हैं। जो दर्शक इस वीकेंड पर कुछ डरावना या सस्पेंस से भरपूर देखना चाहते हैं, उनकी पसंद इन दोनों फिल्मों के बीच बंट जाएगी, जिससे 'बेबी डू डाई डू' की दर्शक संख्या में थोड़ी कमी आ सकती है।






इस चौकोणीय संघर्ष के कारण सिनेमाघरों में स्क्रीन्स और शोज का भयंकर बंटवारा होगा। ऐसे में 'अल्फा' के लिए अपनी भारी लागत वसूलना और मुश्किल हो जाएगा। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' और 'नागबंधम' को अपने-अपने जॉनर के दर्शकों का साथ मिलने की उम्मीद ज्यादा है।






फिल्म व्यापार के विशेषज्ञों के अनुसार, चारों फिल्मों के स्क्रीन शेयरिंग प्रतिशत और पहले सप्ताहांत के संभावित कलेक्शन का विश्लेषण निम्न अनुसार है- 




स्क्रीन शेयरिंग प्रतिशत - सिनेमाघरों (मल्टिप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन) में शोज का बंटवारा इस प्रकार हुआ है। अल्फा को ४५ प्रतिशत स्क्रीन शेयर मिला है। बड़ा बैनर की फिल्म होने के कारण इसे हिंदी बेल्ट के मल्टिप्लेक्सों में सबसे ज्यादा शोज मिले हैं।नागबंधम को ३५ प्रतिशत स्क्रीन शेयर मिला है। दक्षिण भारत में इस फिल्म का दबदबा ७० प्रतिशत से अधिक है, जबकि हिंदी मार्केट में इसे ज़ी स्टूडियोज की वजह से लगभग २५-३० प्रतिशत स्क्रीन्स मिली हैं ।





बेबी डू डाई डू का स्क्रीन शेयर १२ प्रतिशत का है। सीमित बजट और कल्ट अपील के कारण इसे मुख्य रूप से मेट्रो शहरों के चुनिंदा मल्टिप्लेक्सों में जगह मिली है ।





शिवर को ८ प्रतिशत स्क्रीन शेयर एक हॉलीवुड/इंग्लिश सर्वाइवल थ्रिलर फिल्म होने के कारण इसे केवल बड़े शहरों के चुनिंदा अंग्रेजी शोज दिए गए हैं ।






इस प्रकार से इन फिल्मों का पहले सप्ताहांत का संभावित बॉक्स ऑफिस कलेक्शन  पहले तीन दिनों (शुक्रवार से रविवार) में का २८ से ३२ करोड़ अनुमानित है। सौ करोड़ से अधिक के बजट वाली फिल्म के लिए यह वीकेंड कलेक्शन बेहद निराशाजनक माना जाएगा। 'नागबंधम' के कारण इसके मास-सर्किट (सिंगल स्क्रीन्स) के दर्शक बुरी तरह बंट गए हैं।





नागबंधम पहला वीकेंड कलेक्शन सभी भाषाओं में ४५-५५ प्रतिशत आँका गया है। अपनी पौराणिक थीम और शानदार विजुअल्स के कारण यह फिल्म इस वीकेंड की सबसे बड़ी कमाऊ फिल्म बनने की राह पर है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और हिंदी बेल्ट के सिंगल स्क्रीन्स पर यह फिल्म 'अल्फा' को कड़ी शिकस्त दे रही है।





वही बेबी डू डाई डू का संभावित वीकेंड कलेक्शन ८-१० करोड़ के आसपास रह सकता है।अपने बजट की दृष्टि से तीन दिनों में दस करोड़ के आसपास पहुंचना, इस फिल्म के लिए एक अच्छी और सुरक्षित स्थिति होगी। अमर कौशिक के निर्देशन और हुमा के अभिनय को मिल रही तारीफ इसे लंबी रेस का घोड़ा बना सकती है।





शिवर का संभावित वीकेंड कलेक्शन ढाई से साढ़े तीन करोड़ के आसपास रह सकता है।सीमित स्क्रीन्स और केवल अंग्रेजी भाषा में होने के कारण इसका कलेक्शन कम रहना स्वाभाविक है। किन्तु, यह 'बेबी डू डाई डू' के कुछ सस्पेंस-थ्रिलर प्रेमी दर्शकों को अपनी ओर खींचने में सफल रहेगी।





वर्तमान में, इस चौ-कोणीय मुकाबले में 'नागबंधम' अपनी पैन-इंडिया अपील के कारण बॉक्स ऑफिस की रेस में सबसे आगे निकलती दिख रही है। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' अपने छोटे बजट की वजह से सुरक्षित है। सबसे बड़ा घाटा 'अल्फा' को हो रहा है, जिसे 'नागबंधम' की आंधी के कारण भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।





किन्तु, इससे यह निष्कर्ष निकलना ठीक नहीं कि अल्फा के लिए क्या आलिया भट्ट का स्टार स्टेटस नाकाम हो रहा है। जी नहीं, उनका स्टार स्टेटस पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। लेकिन 'जिगरा' के बाद उन पर दबाव बढ़ा है । पर आलिया भट्ट आज भी बॉलीवुड की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में से हैं जो अपने दम पर किसी फिल्म को आठ से दस करोड़ की ओपनिंग दिला सकती हैं।  दर्शकों में उत्साह की कमी के बावजूद 'अल्फा' की पहले दिन की अनुमानित कमाई हुमा की फिल्म से कहीं अधिक है।





अलबत्ता, गंगूबाई काठियावाड़ी' और 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' की सफलता के बाद, 'जिगरा' का फ्लॉप होना और अब 'अल्फा' का ठंडा प्री-रिलीज उत्साह यह दिखाता है कि दर्शक सिर्फ स्टार के नाम पर थिएटर नहीं आ रहे हैं। उन्हें वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स से और बेहतर कंटेंट की उम्मीद थी।





इसी प्रकार से यह भी नहीं कहा जा सकता है कि हुमा कुरैशी की पहचान हिंदी दर्शकों को आकर्षित नहीं कर पा रही है। हुमा की पहचान 'मास स्टार' की नहीं, बल्कि 'कल्ट/ओटीटी स्टार' की है । महारानी सीरीज की हुमा कुरैशी को दर्शक बेहतरीन अदाकारी के लिए जानते हैं, न कि २० करोड़ की बंपर ओपनिंग के लिए । उनके नाम पर दर्शक पहले दिन थियेटर नहीं भागते, लेकिन फिल्म का अनोखा कांसेप्ट (मूक-बधिर हिटवुमन) और अमर कौशिक-नचिकेत सामंत का कॉम्बिनेशन दर्शकों को 'माउथ पब्लिसिटीके जरिए धीरे-धीरे थिएटर्स तक खींच ला सकता है ।





यदि बॉक्स ऑफिस के 'बिजनेस मॉडल' और मुनाफे को देखा जाए, तो इस टकराव की असली विजेता 'बेबी डू डाई डूबनती दिख रही है। भारी बजट वाली फिल्म अल्फा का कारोबार,  'नागबंधम' के पैन-इंडिया क्रेज के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बड़े बजट की वजह से इसके लिए १५० करोड़ का आंकड़ा पार करना बेहद मुश्किल चुनौती बन गया है ।





इस प्रकार से, कुल कमाई के मामले में 'अल्फा' आगे रहेगी, लेकिन बिजनेस के नियमों (प्रतिशत लाभ) और बॉक्स ऑफिस वर्डिक्ट के लिहाज से 'बेबी डू डाई डू' एक सुरक्षित और बड़ी विनर साबित होगी।

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इस शुक्रवार दो महिला हत्यारिनो का टकराव होने जा रहा है। यह महिलाएं, अपने कारण से या किसी के कहने से पैसा लेकर या फ्रीलांसिंग कर हत्याएं करती है। इन विदेशी सिनेमा से प्रेरित इन चरित्रों के माध्यम से यह टकराव आलिया भट्ट की फिल्म  'अल्फा' और हुमा कुरैशी की फिल्म 'बेबी डू डाई डू' के बीच होगा।  बॉक्स ऑफिस पर दो फिल्मों की यह भिड़ंत ३ जुलाई २०२६ को होने जा रही है। दोनों ही फिल्मों में महिला हत्यारों (फीमेल हिटवुमन) की कहानी दिखाई गई है। इन फिल्मों से सिनेमाघरों में एक्शन का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। 






अल्फा, वाईआरएफ के स्पाई यूनिवर्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म है। यशराज फिल्म्स इस फिल्म से पहली बार महिला स्पाई लेकर आ रहा है। इस फिल्म में आलिया भट्ट के साथ शरवरी लीड रोल में नजर आएंगी। बॉबी देओल की विशिष्ट केंद्रीय भूमिका है। बेबी डू डाई डू फिल्म में हुमा कुरैशी ने एक मूक-बधिर हिटवुमन का किरदार निभाया है जो अपनी दिवंगत बहन की आवाज सुनकर खूंखार मिशन को अंजाम देती है।  उनके साथ फिल्म में सिकंदर खेर और चंकी पांडे भी प्रमुख भूमिकाओं में है। 





बॉक्स ऑफिस पर दो महिला फिल्मों की टक्कर दर्शकों के लिए काफी रोमांचक है। क्योंकि एक तरफ बड़े बजट और जासूसी फ्रेंचाइजी फिल्म 'अल्फा' है तो दूसरी तरफ हुमा कुरैशी की सस्पेंस-थ्रिलर 'बेबी डू डाई डू' है।  'बेबी डू डाई डू' को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त  माहौल बना हुआ है।  हॉलीवुड निर्देशक जैक स्नाइडर द्वारा इसके एक्शन की तारीफ किए जाने के बाद दर्शकों में फिल्म के प्रति उत्सुकता और बढ़ गई है। 






बजट, प्री-रिलीज बिजनेस और मौजूदा मौजूदा माहौल के गणित को देखते हुए हुमा कुरैशी की 'बेबी डू डाई डू'  के बॉक्स ऑफिस पर 'हिट' का टैग हासिल करने की संभावना काफी अधिक है। फिल्मों का व्यापारिक विश्लेषण के अनुसार बेबी डू डाई डू  के  हिट होने की सबसे  सशक्त कारण कम बजट, सुरक्षित दांव है। फिल्म की अनुमानित लागत मात्र २२ करोड़ है। कम लागत होने के कारण फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर क्लीन 'हिट' होने के लिए केवल ४० से ५० करोड़ का लाइफटाइम कलेक्शन करना होगा, जो इसके अनोखे 'मूक-बधिर हिटवुमन' कांसेप्ट के चलते काफी आसान लग रहा है।






बेबी डू डाई डू  के  पक्ष में सबसे महत्वपूर्ण बात इसका प्रभावशाली प्रदर्शन पूर्व बना माहौल है।  हॉलीवुड डायरेक्टर द्वारा इसके एक्शन की तारीफ करने के बाद से सोशल मीडिया पर इसका वर्ड-ऑफ-माउथ बेहद सशक्त है।







अल्फा की अधिक जोखिम और बड़ी चुनौती, इसका भारी-भरकम बजट माथे पर सिलवटें लाने वाला है। वाईआरएफ  की इस एक्शन थ्रिलर का बजट अस्सी करोड़ से १२० करोड़ के बीच आंका जा रहा है। इस बजट के मद्देनजर फिल्म को केवल 'हिट' का दर्जा पाने के लिए  ही भारत में कम से कम १४०-१६० करोड़ का नेट बिजनेस करना होगा।







किन्तु, अल्फा की प्रदर्शन से पूर्व की हाइप काफी कमजोर है। ट्रेड एनालिस्ट्स के अनुसार, रिलीज के ठीक पहले 'अल्फा' का सोशल मीडिया पर माहौल काफी ठंडा पड़ा है। अगर फिल्म को पहले दिन सिंगल-डिजिट (१० करोड़ से कम) की ओपनिंग मिलती है, तो इतने बड़े बजट की रिकवरी करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।







इस तुलना से स्पष्ट है कि अनुमानित बजट के प्रकाश में इन फिल्मों को हिट होने के लिए  जरूरी कमाई का कर लेना आवश्यक हो जाता है। वर्तमान प्री-रिलीज स्थिति में बेबी डू डाई डू अपने बजट २२ करोड़ के बदले में ४०-४५ करोड़ की उम्मीद कर सकती है। जबकि, अल्फा  ८०-१२० करोड़ के बजट को ध्यान में रखे तो फिल्म को अपनी ओपनिंग के दृष्टिगत ही १४०-१६० उम्मीद कर सकती है। 






बॉक्स ऑफिस के अर्थशास्त्र के नियम के अनुसार, जो फिल्म अपनी लागत कम रखती है, उसके मुनाफे में जाने के  अवसर अधिक होते हैं। इसलिए निवेश पर प्रतिफल के मामले में 'बेबी डू डाई डू' बाजी मार सकती है। जबकि, 'अल्फा' को हिट होने के लिए सिनेमाघरों में असाधारण  प्रदर्शन करना होगा।






यहाँ बताते चलें कि यशराज फिल्म्स ने आलिया भट्ट की 'अल्फा' को अब ३ जुलाई के स्थान पर एक दिन पहले २ जुलाई को प्रदर्शित करने का निर्णय लिया है। जबकि, हुमा कुरैशी की 'बेबी डू डाई डू'  ३ जुलाई को ही प्रदर्शित हो रही है।






इन दोनों फिल्मों को मिली एडवांस बुकिंग ट्रेंड्स के अनुसार अल्फा वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की फिल्म होने के बावजूद इसकी एडवांस बुकिंग उम्मीद से काफी धीमी और ठंडी शुरू हुई है। नेशनल मल्टीप्लेक्स चेन्स में भी टिकटों की बिक्री की रफ्तार सुस्त है, जो मेकर्स के लिए चिंता का विषय है।







वहीँ, बेबी डू डाई डू, छोटे बजट की फिल्म होने के कारण फिल्म की एडवांस बुकिंग इसके पैमाने के हिसाब से काफी संतोषजनक और मजबूत है। फिल्म का 'कल्ट/डार्क-कॉमेडी' एक्शन प्रोमो दर्शकों को आकर्षित कर रहा है, जिससे लिमिटेड स्क्रीन्स पर भी इसकी टिकटें अच्छी गति से बिक रही हैं।






पहले दिन के बॉक्स ऑफिस प्रेडिक्शन  के अनुसार अल्फा को अनुमानित ओपनिंग ८ से १० करोड़ नेट की मिल रही है। जबकि, फिल्म का भारी-भरकम बजट देखते हुए इसे कम से कम  १५ -१८ करोड़ की ओपनिंग चाहिए । धीमी शुरुआत के कारण अब यह फिल्म पूरी तरह से स्पॉट बुकिंग और शाम के शोज में जनता के  वर्ड-ऑफ-माउथ (सकारात्मक समीक्षा) पर निर्भर करेगी। 






बेबी डू डाई डू की अनुमानित ओपनिंग २-३ करोड़ नेट मिलती दिखाई दे रही है। फिल्म के २२ करोड़ के दृष्टिगत फिल्म के लिए २-३ करोड़ की ओपनिंग को बेहतरीन शुरुआत माना जाएगा। यदि दर्शकों को इसका अनूठा एक्शन पसंद आता है, तो वीकेंड (शनिवार और रविवार) को इसकी कमाई में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है।






जहाँ तक कमाई के आंकड़ों की बात है, 'अल्फा' नंबर १ रहेगी, लेकिन अपनी भारी लागत के कारण उस पर पहले ही दिन से दबाव रहेगा। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' अपने सीमित बजट और अच्छे एडवांस बुकिंग रिस्पॉन्स के कारण पहले दिन से ही मुनाफे की तरफ सुरक्षित कदम बढ़ाती दिख सकती है। 






दोनों फिल्मों के स्क्रीन काउंट अर्थात सिनेमाघरों की संख्या पर दृष्टि डालें तो अल्फा वाईआरएफ के बड़े बैनर की फिल्म होने के कारण भारत में बड़े पैमाने पर रिलीज की जा रहा है। 'अल्फा' को भारत में लगभग ३५०० से ४०००  स्क्रीन्स मिलने का अनुमान है। फिल्म को सभी प्रमुख मल्टिप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन्स पर मुख्य प्राइम-टाइम शोज दिए गए हैं। वही बेबी डू डाई डू एक सीमित और कल्ट-ऑडियंस अर्थात लक्षित दर्शकों वाली फिल्म है। इसे भारत में लगभग ८०० से १२००  स्क्रीन्स मिलने की उम्मीद है। इसे मुख्य रूप से बड़े शहरों और चुनिंदा मल्टिप्लेक्स चेन में ज्यादा जगह दी जा रही है।







इन दोनों फिल्मों के ट्रेलर को मिले  रिस्पॉन्स के अनुसार अल्फा के ऑफिशियल ट्रेलर को दर्शकों से मिला-जुला लेकिन चर्चा से भरपूर  रिस्पॉन्स मिला है। आलिया भट्ट और शरवरी के 'नेवर-सीन-बिफोर' एक्शन अवतार, बैकग्राउंड म्यूजिक और विजुअल्स की काफी तारीफ हो रही है। सबसे बड़ा सरप्राइज इंटरनेट पर वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स के 'कबीर' यानी ऋतिक रोशन  के कैमियो की झलक को लेकर है, जिससे फैन्स के बीच जबरदस्त क्रेज बन गया है। कुछ दर्शकों को फिल्म के शुरुआती डायलॉग्स और बॉबी देओल का हरियाणवी लहजा  थोड़ा कमजोर लगा।






बेबी डू डाई डू के ट्रेलर को लेकर सोशल मीडिया और समीक्षकों की राय काफी बंटी हुई  नजर आ रही है। हुमा कुरैशी के मूक-बधिर सीरियल किलर के अनोखे कांसेप्ट और सस्पेंस से भरे बैकग्राउंड टोन को काफी पसंद किया जा रहा है। इसके शुरुआती टीज़र ने दर्शकों में कहानी को लेकर अच्छी उत्सुकता जगाई थी। किन्तु, फिल्म समीक्षकों का मानना है कि ट्रेलर थोड़ा फीका है और इसमें थिएटर्स जैसी बड़ी अपील की कमी दिखती है। कुछ जगहों पर एक्शन सीन्स की एडिटिंग थोड़ी कमजोर बताई गई है।






स्क्रीन काउंट और स्टार पावर के मामले में 'अल्फा' का पलड़ा भारी है, लेकिन 'ऋतिक रोशन' के कैमियो हाइप के बावजूद इसके खुद के कंटेंट को लेकर दर्शकों में थोड़ा संशय है। वहीं 'बेबी डू डाई डू' अपने अनूठे कांसेप्ट के दम पर सीमित स्क्रीन्स में भी अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है।