यो तो सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया पर, बॉक्स ऑफिस पर अल्फा और बेबी डू डाई के टकराव की ही चर्चा है। किन्तु, बॉक्स ऑफिस पर तीसरा और चौथा कोण, वास्तव में तीसरा कोण ही उलटफेर कर सकता है। यह तीसरे और चौथे कोण, अल्फा और बेबी डू डाई डू को नागबंधन में बांध सकते है या शिविर पैदा कर सकते हैं। क्या आप नहीं समझे?
जी हां, हम इसी सप्ताह ३ जुलाई २०२६ को रिलीज हो रही पैन-इंडिया
पौराणिक फिल्म 'नागबंधम' द सीक्रेट ट्रेज़र और हॉलीवुड फिल्म शिविर की। नागबंधम और शिविर के प्रदर्शित होने का 'अल्फा' और 'बेबी डू डाई डू' के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर पर काफी बड़ा और
गहरा प्रभाव पड़ने वाला है।
जहाँ नागबंधम पौराणिक कथानक पर खजाने के रहस्य के कथानक पर है, वही दूसरी और शिविर एक हॉरर थ्रिलर फिल्म है। सभी जानते हैं कि हिंदी पेटी के दर्शकों को हॉरर बहुत भाता है। चूंकि, शिविर एक छोटी फिल्म है, किन्तु, इसका उपरोक्त दो फिल्मों के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर सीमित प्रभाव अवश्य दिखाई देगा।
'नागबंधम' का सबसे बड़ा
खतरा इसकी अखिल भारतीय अपील है। यह सनातन पर आधारित है। 'नागबंधम' एक बड़े बजट की
पौराणिक एडवेंचर-थ्रिलर फिल्म है, जो प्राचीन विष्णु मंदिरों और गुप्त 'नागबंधम' मंत्र के रहस्यों
पर आधारित है। यह फिल्म हिंदी, तेलुगु और तमिल सहित कई भाषाओं में बड़े स्टार पर ज़ी स्टूडियोज द्वारा रिलीज हो रही
है। चूंकि
'अल्फा' का प्रदर्शन पूर्व का माहौल पहले से ही कमजोर है, 'नागबंधम' हिंदी बेल्ट और विशेषकर दक्षिण भारत में उसके स्क्रीन काउंट
और दर्शकों की संख्या को बुरी तरह प्रभावित करेगी। जो दर्शक बड़े पर्दे पर भव्य सिनेमा देखना चाहते हैं, वे कमजोर हाइप वाली 'अल्फा' की बजाय 'नागबंधम' को चुन सकते हैं।
वही, बेबी डू डाई डू का बजट छोटा है और यह एक सस्पेंस डार्क-कॉमेडी
है। 'नागबंधम' के आने से इसे मल्टिप्लेक्सों में स्क्रीन्स
मिलने में कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि थिएटर मालिक 'नागबंधम' को अधिक शोज दे
सकते हैं। इसके अतिरिक्त 'शिवर' का प्रभाव बेबी डू डाई डू के लक्षित दर्शकों का बंटवारा कर पड़ेगा। 'शिवर' एक विशुद्ध हॉरर/साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है। इसलिए इसका सीधा मुकाबला 'बेबी डू डाई डू' से होगा, क्योंकि दोनों ही फिल्में थ्रिलर जॉनर (Genre) की हैं। जो दर्शक इस
वीकेंड पर कुछ डरावना या सस्पेंस से भरपूर देखना चाहते हैं, उनकी पसंद इन दोनों फिल्मों के बीच बंट जाएगी, जिससे 'बेबी डू डाई डू' की दर्शक संख्या में थोड़ी कमी आ सकती है।
इस चौकोणीय संघर्ष के कारण सिनेमाघरों में स्क्रीन्स और शोज का भयंकर बंटवारा
होगा। ऐसे में 'अल्फा' के लिए अपनी भारी लागत वसूलना और मुश्किल हो
जाएगा। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' और 'नागबंधम' को अपने-अपने
जॉनर के दर्शकों का साथ मिलने की उम्मीद ज्यादा है।
फिल्म व्यापार के विशेषज्ञों के अनुसार, चारों फिल्मों के स्क्रीन शेयरिंग प्रतिशत और
पहले सप्ताहांत के संभावित
कलेक्शन का विश्लेषण निम्न अनुसार है-
स्क्रीन शेयरिंग प्रतिशत - सिनेमाघरों (मल्टिप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन) में
शोज का बंटवारा इस प्रकार हुआ है। अल्फा को ४५ प्रतिशत स्क्रीन शेयर मिला है। बड़ा बैनर की फिल्म होने के कारण इसे
हिंदी बेल्ट के मल्टिप्लेक्सों में सबसे ज्यादा शोज मिले हैं।नागबंधम को ३५ प्रतिशत स्क्रीन शेयर मिला है। दक्षिण भारत में इस फिल्म का दबदबा ७० प्रतिशत से अधिक है, जबकि हिंदी
मार्केट में इसे ज़ी स्टूडियोज की वजह से लगभग २५-३० प्रतिशत स्क्रीन्स मिली
हैं ।
बेबी डू डाई डू का स्क्रीन शेयर १२ प्रतिशत का है। सीमित बजट और कल्ट अपील के कारण इसे
मुख्य रूप से मेट्रो शहरों के चुनिंदा मल्टिप्लेक्सों में जगह मिली है ।
शिवर को ८ प्रतिशत स्क्रीन शेयर एक
हॉलीवुड/इंग्लिश सर्वाइवल थ्रिलर फिल्म होने के कारण इसे केवल बड़े शहरों के चुनिंदा अंग्रेजी शोज दिए गए हैं ।
इस प्रकार से इन फिल्मों का पहले सप्ताहांत का संभावित
बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पहले तीन दिनों (शुक्रवार से रविवार) में का २८ से ३२ करोड़ अनुमानित है। सौ करोड़ से अधिक के बजट वाली फिल्म के लिए यह वीकेंड कलेक्शन बेहद निराशाजनक माना जाएगा। 'नागबंधम' के कारण इसके मास-सर्किट (सिंगल स्क्रीन्स) के दर्शक बुरी तरह बंट गए
हैं।
नागबंधम पहला वीकेंड
कलेक्शन सभी भाषाओं में ४५-५५ प्रतिशत आँका गया है। अपनी पौराणिक थीम और शानदार विजुअल्स के
कारण यह फिल्म इस वीकेंड की सबसे बड़ी कमाऊ फिल्म बनने की राह पर है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और हिंदी बेल्ट के सिंगल स्क्रीन्स पर
यह फिल्म 'अल्फा' को कड़ी शिकस्त दे रही है।
वही बेबी डू डाई डू का संभावित वीकेंड कलेक्शन ८-१० करोड़ के आसपास रह सकता है।अपने बजट की दृष्टि से तीन दिनों में दस करोड़ के आसपास पहुंचना, इस फिल्म के लिए एक अच्छी और सुरक्षित स्थिति होगी। अमर कौशिक के निर्देशन और हुमा
के अभिनय को मिल रही तारीफ इसे लंबी रेस का घोड़ा बना सकती है।
शिवर का संभावित वीकेंड कलेक्शन ढाई से साढ़े तीन करोड़ के आसपास रह सकता है।सीमित स्क्रीन्स और केवल अंग्रेजी भाषा में होने के कारण इसका कलेक्शन कम रहना स्वाभाविक है। किन्तु, यह 'बेबी डू डाई डू' के कुछ
सस्पेंस-थ्रिलर प्रेमी दर्शकों को अपनी ओर खींचने में सफल रहेगी।
वर्तमान में, इस चौ-कोणीय मुकाबले में 'नागबंधम' अपनी पैन-इंडिया अपील के कारण बॉक्स ऑफिस की रेस में सबसे आगे निकलती दिख रही है। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' अपने छोटे बजट की वजह से सुरक्षित है। सबसे बड़ा
घाटा 'अल्फा' को हो रहा है, जिसे 'नागबंधम' की आंधी के कारण
भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
किन्तु, इससे यह निष्कर्ष निकलना ठीक नहीं कि अल्फा के लिए क्या आलिया भट्ट
का स्टार स्टेटस नाकाम हो रहा है। जी नहीं, उनका स्टार स्टेटस
पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। लेकिन 'जिगरा' के बाद उन पर दबाव बढ़ा है । पर आलिया भट्ट आज भी बॉलीवुड की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में से हैं जो अपने दम पर
किसी फिल्म को आठ से दस करोड़ की ओपनिंग
दिला सकती हैं। दर्शकों में उत्साह की कमी के बावजूद 'अल्फा' की पहले दिन की
अनुमानित कमाई हुमा की फिल्म से कहीं अधिक है।
अलबत्ता, गंगूबाई काठियावाड़ी' और 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' की सफलता के बाद, 'जिगरा' का फ्लॉप होना और अब 'अल्फा' का ठंडा प्री-रिलीज उत्साह यह दिखाता है कि दर्शक सिर्फ स्टार के नाम पर थिएटर
नहीं आ रहे हैं। उन्हें वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स से और बेहतर कंटेंट की उम्मीद थी।
इसी प्रकार से यह भी नहीं कहा जा सकता है कि हुमा कुरैशी की
पहचान हिंदी दर्शकों को आकर्षित नहीं कर पा रही है। हुमा की पहचान 'मास स्टार' की नहीं, बल्कि 'कल्ट/ओटीटी स्टार' की है । महारानी सीरीज की हुमा कुरैशी को दर्शक बेहतरीन अदाकारी के लिए जानते
हैं, न कि २० करोड़ की बंपर ओपनिंग के
लिए । उनके नाम पर दर्शक पहले दिन थियेटर नहीं भागते, लेकिन फिल्म का अनोखा कांसेप्ट (मूक-बधिर
हिटवुमन) और अमर कौशिक-नचिकेत सामंत का कॉम्बिनेशन दर्शकों को 'माउथ पब्लिसिटी' के जरिए धीरे-धीरे
थिएटर्स तक खींच ला सकता है ।
यदि बॉक्स ऑफिस के 'बिजनेस मॉडल' और मुनाफे को देखा जाए, तो इस टकराव की असली विजेता 'बेबी डू डाई डू' बनती दिख रही है। भारी बजट वाली फिल्म अल्फा का कारोबार, 'नागबंधम' के पैन-इंडिया क्रेज के कारण बुरी
तरह प्रभावित हो रहा है। बड़े बजट की वजह से इसके लिए १५० करोड़ का आंकड़ा पार
करना बेहद मुश्किल चुनौती बन गया है ।
इस प्रकार से, कुल कमाई के मामले में 'अल्फा' आगे रहेगी, लेकिन बिजनेस के
नियमों (प्रतिशत लाभ) और बॉक्स ऑफिस वर्डिक्ट के लिहाज से 'बेबी डू डाई डू' एक सुरक्षित और बड़ी विनर साबित होगी।