Thursday, 9 July 2026

#SaiPallavi का #Toxic इंटरव्यू और निशाने पर #KiaraAdvani ?



इस समय,  बॉलीवुड फिल्म रामायण में रणबीर कपूर के राम की सीता साई पल्लवी का एक इंटरव्यू चर्चा में है और निशाने पर टॉक्सिक की किआरा अडवाणी है। साई का उदाहरण देते हुए किआरा अडवाणी को सोशल मीडिया पर उपदेश दिया जा रहा है कि वह साई का उदाहरण ले कर बदलाव लाएं। मामला जानने के लिए साई पल्लवी के इंटरव्यू के बारे में जानना होगा कि  उन्होंने क्या कहा !

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

एक इंटरव्यू में, साक्षात्कारकर्ता ने साई से चुम्बन के  विषय में पूछा था कि वह फिल्मों में चुम्बन क्यों नहीं देती ? उस समय साई ने जो उत्तर दिया, वह कुछ यों था - यदि  मेरा कोई बॉयफ्रेंड है, तो मुझे किसी और का चुम्बन नहीं करना चाहिए, चाहे वह एक्टिंग हो या कुछ और। एक आदमी या औरत को अच्छी ज़िंदगी जीने के लिए बस एक खुशहाल परिवार, एक कार और एक घर चाहिए होता है। मेरे पास ये सब पहले से ही है। मुझे सिर्फ़ एक और कार खरीदने के लिए किसी और को किस करने की ज़रूरत नहीं है। मेरे पास जो है, मैं उसी में खुश हूं। अगर आप मुझे एक्टिंग के लिए फिल्म में चाहते हैं, तो मुझे ले लो। अगर इंटिमेट सीन के लिए, तो किसी और को कास्ट करो। मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इस इंटरव्यू के सोशल मीडिया पर आने के बाद, किआरा अडवाणी निशाने  पर आ गई।  वह निशाने पर आईं फिल्म टॉक्सिक के लेडीज एंड लेडीज टीज़र में अपने यश के साथ आतंरिक संबंधों का चित्रण कर।  लोग कायरा आडवाणी पर शादी के बाद बोल्ड सीन करने पर सवाल उठाने लगे। उन्होंने किआरा को उपदेश दिया कि वह साई पल्लवी से सीख लें।  क्योंकि, वह शादी  शुदा हैं। उन्हें ऐसे दृश्य नहीं करने चाहिए।  किआरा के पति अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा को भी खींच लाया गया कि उन्होंने किआरा को ऐसे दृश्य करने की अनुमति कैसे दे दी! इसके बाद, सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

समझ से बाहर है कि किआरा अडवाणी को यह सलाह क्यों ? साई पल्लवी ऐसे दृश्य नहीं करती तो वैसा ही किआरा को क्यों करना चाहिए? किसी भी ऐसे आतंरिक यौन संबंधों वाले दृश्य करने के लिए एक स्त्री के साथ एक पुरुष भी होता है।  टॉक्सिक के अंतरंग दृश्य में यह पुरुष अभिनेता यश है।  किआरा की तरह यश भी शादी शुदा है।  उन्हें ऐसे दृश्य क्यों करने चाहिए ? उनकी पत्नी ने उन्हें ऐसे दृश्य करने की अनुमति कैसे दे दी ? ऐसे सवाल यश की तरफ क्यों नहीं उछाले गए?

 

 

 

 

 

 

 

 

 

यदि, आपको किसी इंटिमेट सीन से सच में बुरा लगता है क्योंकि एक्टर असल ज़िंदगी में शादीशुदा हैं, तो आपको उन दोनों से परेशान होना चाहिए। इसके बजाय, पुरुष अभिनेता के काम को स्टैंडर्ड बिज़नेस माना जाता है, जबकि फीमेल अभिनेत्री के चरित्र पर निशाना बनाया जाता है।  ऐसा क्यों ?

 

 

 

 

 

 

 

 

 

एक सीधी सी बात, जो लोग समझ नहीं पा रहे हैं वह यह है कि एक इंटिमेट सीन को फिल्माने के लिए दो लोगों की ज़रूरत होती है। अगर आपका गुस्सा सिर्फ़ औरत पर है, तो आपकी प्रॉब्लम असल में सीन से नहीं है- यह औरतों से है।  अन्यथा, यश पर भी यह सवाल उठाये जाने चाहिए थे।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

ऐसा प्रतीत होता है कि  किआरा अडवाणी और लेडीज एंड लेडीज टीज़र के कारण फिल्म निशाने पर है।  इस टीज़र के बाद, फिल्म टॉक्सिक की हवा बड़ी तेजी से बहने लगी है। इस फिल्म की दर्शकों को अत्यधिक उत्सुकता से प्रतीक्षा है।  अनुमान लगाया जा रहा है कि यह फिल्म हजार करोड़ का व्यवसाय आसानी से कर ले जाएगी।  इस इंडस्ट्री में ऐसे लोगों की कमी नहीं, जो किसी की सफलता पर प्रसन्न नहीं हो सकते। 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

यश की फिल्म टॉक्सिक के सेक्सुअल कंटेंट वाले दृश्य और उन पर किआरा की आलोचना को फिल्म के एक अभिनेता बेनेडिक्ट गैरेट खारिज करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे कोई आइडिया नहीं है। मैं बस यह मान सकता हूं कि लोगों को हिंसा देखने से ज़्यादा सेक्स से जुड़ा कंटेंट देखने में दिक्कत होती है, जो मेरी राय में पूरी तरह से बकवास है। मुझे किसी भी दिन हिंसा से ज़्यादा सेक्स वाली दुनिया दिखाओ।"

#NetflixIndia पर #Ikka और #Peddi, पर #SonyLiv पर #Balti !



इस सप्ताह (६ जुलाई से १२ जुलाई) विभिन्न ओटीटी प्लेटफार्म से स्ट्रीम होने वाली  कुछ प्रमुख फ़िल्में आपके मूड के अनुसार लगती है। जी हाँ, विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर फिल्मों और सीरीज की एक शानदार खेप रिलीज हो रही है। इस हफ्ते एक्शन, सस्पेंस, कोर्टरूम थ्रिलर और रीजनल सिनेमा का बेहतरीन तालमेल देखने को मिल रहा है।






यदि आप इस वीकेंडसप्ताहांत घर बैठ कर फिल्मे या सीरियल देखने का कार्यक्रम बनाने जा रहे हैं तो नीचे की चुनिंदा फिल्मों और सीरियलों पर विचार कर सकते है। विवरण को पढ़ कर आप अपने मूड के अनुरूप फ़िल्में या सीरियल चुन सकते है। 







इक्का (Ikka) — नेटफ्लिक्स इंडिया पर १० जुलाई से स्ट्रीम होने जा रही फिल्म इक्का बॉलीवुड के एक्शन फिल्मों के सुपरस्टार सनी देओल का बहुप्रतीक्षित ओटीटी डेब्यू हो रहा है। इस कानूनी दांवपेंच के साथ साथ भावनाओं से परिपूर्ण कोर्टरूम थ्रिलर में सनी देओल और अक्षय खन्ना, युद्ध फिल्म बॉर्डर के २९ साल बाद फिर स्क्रीन साझा करते दिखाई देंगे।




 

इक्का का कथानक एक सिद्धांतवादी वकील के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे एक ऐसे संदिग्ध का केस लड़ना पड़ता है जिसके पतन के पीछे वह खुद था। दमदार डायलॉग और सस्पेंस के शौकीनों के लिए यह श्रेष्ठ चुनाव साबित हो सकता है।






पेड्डी (Peddi) — नेटफ्लिक्स इंडिया पर आज 9 जुलाई से तेलुगु फिल्म पेड्डी स्ट्रीम हो रही है। यह, तेलुगु सुपरस्टार राम चरण और बॉलीवुड अभिनेत्री जाह्नवी कपूर अभिनीत एक इमोशनल स्पोर्ट्स एक्शन ड्रामा है। कहानी गांव के एक ऐसे क्रिकेटर की है, जो अपनी निजी जिंदगी के बड़े हादसे से उबरकर अपने गांव के सम्मान के लिए लड़ता है। यदि आप 'क्रिकेट और हाई-वोल्टेज ड्रामा' के फैन हैं, तो यह आपको बेहद पसंद आएगी। यह जाह्नवी कपूर की पहले तेलुगु फिल्म है।  






पति पत्नी और वो दो (Pati Patni Aur Woh Do) भी नेटफ्लिक्स इंडिया पर कल १० जुलाई से स्ट्रीम हो रही है। आयुष्मान खुराना की यह फिल्म उन लोगों के लिए है जो वीकेंड पर हल्की-फुल्की कॉमेडी और पारिवारिक ड्रामा देखना पसंद करते हैं। इसमें आपको भरपूर ह्यूमर और मजेदार ट्विस्ट देखने को मिलेंगे। किन्तु, यह फिल्म आयुष्मान खुराना, वामिका गब्बी, सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह के ग्लैमर के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर ६० करोड़ के बजट के मुकाबले ६४ करोड़ ही कमा सकी थी। 






बाल्टी (Balti) — सोनी लिव पर १० जुलाई से स्ट्रीम हो रही फिल्म बाल्टी एक मलयालम फिल्म है।  इस फिल्म के नायक शेन निगम की यह २५ वी फिल्म में खेल और रहस्य्पूर्ण  एक्शन की मिलावट है। यह एक हाई-ऑक्टेन स्पोर्ट्स एक्शन फिल्म है, जहां एक कबड्डी खिलाड़ी स्थानीय टूर्नामेंट जीतने के बाद अनजाने में अपराध के एक खतरनाक जाल में फंस जाता है। कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा पसंद करने वालों के लिए यह एक बेहतरीन चयन हो सकता है।

परिमाला एंड कंपनी (Parimala & Co) - ज़ी ५ पर १० जुलाई से स्ट्रीम होने जा रही तमिल फिल्म परिमला एंड कंपनी के ब्लैक कॉमेडी थ्रिल्लर है। इस फिल्म में जयराम और उर्वशी रौतेला मुख्य भूमिका में है।  कथानक एक आम परिवार पर केंद्रित हैं, जिसकी जिंदगी तब पूरी तरह बदल जाती है जब उनके पड़ोस में रहने वाले एक उपद्रवी की रहस्यमयी मौत हो जाती है। 

Wednesday, 8 July 2026

#Yash और #KiaraAdvani की #Toxic प्रेम कहानी की #Tabaahi

 


कुछ लव स्टोरीज़ “आई लव यू” से शुरू होती हैं… लेकिन ‘तबाही’ खामोशी से शुरू होती है। और शायद यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।

 



 

रॉकिंग स्टार यश और कियारा आडवाणी के साथ ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ का पहला गाना ‘तबाही’ हमें उस प्यार की दुनिया में ले जाता है, जो कहा कम और महसूस ज़्यादा किया जाता है। विशाल मिश्रा की आवाज़ और धुन इस इमोशनल खामोशी को और गहरा बना देती है, जहां हर नज़र, हर ठहराव अपने आप में एक कहानी बन जाता है।

 



 

पूरे म्यूज़िक वीडियो में यश और कियारा के बीच एक अजीब सा खिंचाव महसूस होता है। उनकी हर नज़र में तड़प है, और हर खामोशी किसी लंबी बातचीत से भी ज़्यादा भारी लगती है। यहां बड़े-बड़े इज़हार नहीं हैं, बल्कि दिल को चुपचाप दबाकर रखने की कोशिश है… और यही इसे और ज़्यादा असरदार बना देता है।




 

 

वीडियो का एक बेहद खास पल तब आता है, जब तारा सुतारिया का किरदार रेबेका, राया (यश) से पूछती है, “क्या तुम खुद के अलावा किसी और से प्यार नहीं कर सकते?”




 

और राया बिना रुके जवाब देता है, “बिलकुल नहीं।”




 

 

ऊपर से ये जवाब बहुत पक्का लगता है… जैसे उसे यकीन हो कि उसके दिल में किसी के लिए जगह ही नहीं है।




 

लेकिन अगले ही पल ये यकीन खुद ब खुद टूटने लगता है।




 

 

कैमरा जैसे ही राया को कियारा की तरफ देखते हुए दिखाता है… शब्द बेकार हो जाते हैं। उसकी आंखें सब कुछ बयां कर देती हैं, जो वो खुद से भी छुपा रहा है।




 

वो तड़प, वो झिझक, वो छुपी हुई नर्मी… ये सब मिलकर एक ऐसे इंसान की कहानी बताते हैं, जो अपने ही जज़्बातों से भाग रहा है, लेकिन उनसे बच नहीं पा रहा।




 

 

यही अंदरूनी टकराव ‘तबाही’ को इतना यादगार बनाता है।




 

ये प्यार की वो कहानी नहीं है, जो खुलेआम कबूल की जाती है… ये वो प्यार है जिसे नकारा जाता है, दबाया जाता है, लेकिन फिर भी जो हर हाल में रास्ता निकाल ही लेता है।





 

 

और शायद यही ‘तबाही’ को बाकी सब से अलग बनाता है।




 

यहां प्यार कोई नरम एहसास नहीं, बल्कि एक ऐसी ताकत है जो हर फैसले, हर ठहराव और हर नज़र के पीछे चुपचाप अपना असर छोड़ जाती है।





 

 

राया चाहे जितना भी मना कर ले… कुछ जज़्बात ऐसे होते हैं, जो छुपाए नहीं छुपते।





 

 

गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में यश के साथ नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी जैसी शानदार स्टारकास्ट नजर आएगी।




 

 

वेंकट के. नारायण और यश द्वारा केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के बैनर तले प्रोड्यूस की गई यह फिल्म इस साल की सबसे बड़ी सिनेमैटिक रिलीज़ में से एक बनने जा रही है।





 

 

फिल्म 26 अगस्त 2026 को दुनियाभर में बड़े पैमाने पर सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

#EvilDeadSeries की छठी फिल्म है #EvilDeadBurn



हॉलीवुड की फिल्म ईविल डेड बर्न की टैग लाइन एव्री फॅमिली हैज़ इट्स डेमन के अनुरूप फिल्म का कथानक है। अपने पति को खोने के बाद, एक स्त्री अपने ससुराल वालों के पास सुकून ढूंढती है। किन्तु, परिवार के लोग, जैसे जैसे एक-एक करके डेडाइट्स में बदलते हैं, उसे पता चलता है कि उसने ज़िंदगी में जो कसमें खाई थीं - वे मौत के बाद भी ज़िंदा रहती हैं।

 




ईविल डेड बर्न २०२६ की एक अमेरिकन सुपरनैचुरल हॉरर फ़िल्म है, जिसे सेबेस्टियन वैनिसेक और फ्लोरेंट बर्नार्ड ने निर्देशित किया है और लिखा है।  इस फिल्म को रॉब टैपर्ट और सीरीज़ क्रिएटर सैम रैमी ने निर्मित किया है।

 





ईविल डेड बर्न, २०१३ में प्रदर्शित फिल्म ईविल डेड और २०२३ में प्रदर्शित ईविल डेड राइज़ की  स्टैंडअलोन सीक्वल है।  यह ईविल डेड फ़िल्म सीरीज़ की छठी कड़ी है। फ़िल्म में सौहेला याकूब, टैंडी राइट, हंटर डूहान, लुसियान बुकानन, एरोल शैंड और मौड डेवी ने अभिनय किया है।

 





ईविल डेड बर्न को वार्नर ब्रदर्स पिक्चर्स द्वारा १० जुलाई, २०२६ अमेरिकी सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जा रही है । इसी के साथ यह फिल्म भारत में भी १० जुलाई कोई ही प्रदर्शित होगी तथा अजय देवगन की फिल्म धमाल ४ से टकराएगी।

 





ईविल डेड सीरीज की सातवीं कड़ी,  ईविल डेड रैथ ७ अप्रैल, २०२८ को प्रदर्शित होगी। यह फिल्म द ईविल डेड की प्रीक्वल फिल्म है ।

 





निर्देशक सेबेस्टियन वैनिसेक ने फिल्म के प्रचार के दौरान पत्रकारों से कहा कि उन्हें एन सी १७  रेटिंग से बचने और थिएटर के लिए आर रेटिंग पाने के लिए ईविल डेड बर्न के एक बहुत ही ग्राफ़िक सीन को ट्रिम करना पड़ा। वैनिसेक ने डिलीट किए गए फुटेज को सच में बहुत, बहुत मुश्किल सीन बताया।

#Toxic #Eetha और #Vvan : बॉक्स ऑफिस पर टकराव, किसको फायदा या नुकसान !



स्वतंत्रता दिवस २०२६ सप्ताहांत में, सनी देओल की बटवारा १९४७ और आवारापन २ प्रदर्शित हो रही है। ट्रेड पंडित बॉक्स ऑफिस पर इस टकराव को उत्सुकता से देख रहे है। किन्तु, अगस्त का सबसे दिलचस्प टकराव रक्षाबंधन सप्ताहांत में देखने को मिल सकता है। इस सप्ताहांत में, तीन फिल्मों टॉक्सिक, इथा और वन के अतिरिक्त खोसला का घोसला २ के प्रदर्शित होने की सूचना है। 

 

 

 

 

 

 

 

रक्षाबंधन पूरे देश में, शुक्रवार २८ अगस्त को मनाया जायेगा। किन्तु, यश की फिल्म टॉक्सिक, दो दिन पहले अर्थात बुधवार २६ अगस्त को ही रिलीज़ ही जाएगी। श्रद्धा कपूर की वास्तविक चरित्र पर फिल्म इथा और सिद्धार्थ मल्होत्रा की वन, दो दिन बाद, रक्षाबंधन के दिन २८ अगस्त को प्रदर्शित हो रही है। इस प्रकार से, जहाँ २८ अगस्त कोई तीन फिल्मों का दुर्लभ टकराव देखने को मिलेगा, वह यश की फिल्म को दो दिनों तक सोलो रिलीज़ का फायदा मिल जायेगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इस महा टकराव से किस फिल्म को फायदा या नुकसान होगा और कितना होगा ? यह निर्भर करता है कि फिल्म के प्रति दर्शकों की रूचि और रुझान पर। इसके लिए फिल्म के एक्टर के दर्शकों पर प्रभाव, विगत फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन और स्टार कास्ट महत्वपूर्ण है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

टॉक्सिक अ फेयरी लव स्टोरी फॉर ग्रोन अप्स में यश, नयनतारा, किआरा अडवाणी, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसे बड़े नाम है। यह फिल्म यश की ४२७ करोड़ का विशुद्ध व्यवसाय करने वाली फिल्म केजीएफ चैप्टर २ के बाद प्रदर्शित होने जा रही है। इस फिल्म की सम्पूर्ण भारत के दर्शको को घोषणा के समय से ही प्रतीक्षा है। यह फिल्म अखिल भारतीय नहीं, अखिल विश्व स्तर पर प्रदर्शित हो रही है। फिल्म की शूटिंग मूल कन्नड़ के अतिरिक्त अंग्रेजी में एक साथ हुई है। यह फिल्म हिंदी सहित विश्व की कुछ अन्य भाषाओँ में भी प्रदर्शित की जाएगी।  इस फिल्म का बजट ८५० करोड़ का भारी भरकम है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इथा पूरी तरह से अभिनेत्री श्रद्धा कपूर पर केंद्रित और उनकी स्टार अपील पर निर्भर फिल्म है। प्रसिद्ध लावणी आर्टिस्ट विथाबाई नारायणगांवकर की भूमिका कर रही अभिनेत्री श्रद्धा कपूर सबका ध्यान खींचती है। यह फिल्म विथाबाई की ज़िंदगी की कहानी बताती है और लोक थिएटर के प्रति उनके डेडिकेशन को दिखाती है, जिसमें वह बहुत ज़्यादा प्रेग्नेंट होने के बावजूद परफॉर्म करती थीं और बच्चे को जन्म देने के तुरंत बाद बैकस्टेज स्टेज पर लौट आई थीं। इस फिल्म का बजट, टॉक्सिक से काफी कम १२० करोड़ है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सिद्धार्थ मल्होत्रा की थ्रिलर फिल्म वन की सशक्त कड़ी कथानक, लोक कथा और थ्रिल का मिश्रण है। यह फिल्म पूरी तरह से, अपनी स्टार अपील नहीं, बल्कि कथानक की अपील पर निर्भर है। इस फिल्म का बजट ७० करोड़ से अधिक है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इसमें कोई संदेह नहीं कि यह तीनों फ़िल्में रक्षा बंधन, ओणम और ईद के त्यौहार पर प्रदर्शित हो रही है। ऐसे छुट्टियों के माहौल में, फिल्म प्रेमी दर्शक सिनेमाघरों तक जरूर पहुंचेगा। उनके लिए, भिन्न शैली वाली इन तीन फिल्मों में से एक का चुनाव आसान होगा।  इसलिए, तीनों फिल्में दर्शक पा सकती है। किन्तु, बात टिकेगी स्क्रीन की संख्या पर।  इसमें कोई संदेह नहीं कि टॉक्सिक को सबसे अधिक परदे मिलेंगे। दो दिन बाद, टॉक्सिक के परदे ईठा और वन के मध्य बटेंगे। किन्तु, इतनी सकारात्मक परिस्थितियो में भी ईठा  को टॉक्सिक से परदे लेने में जोर आजमाइश करनी होगी।  वन के लिए तो उचित संख्या में परदे और शो टाइम मिलना काफी कठिन लगता है। यद्यपि, टॉक्सिक और वन की चर्चा इस वजह से भी हो रही है कि टॉक्सिक और वन से रियल लाइफ की पत्नी और पति टकरा रहे है। किआरा अडवाणी टॉक्सिक की नायिका है, जबकि उनके पति सिद्धार्थ मल्होत्रा वन के नायक है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, टॉक्सिक के क्रेज और ईथ की श्रद्धा कपूर की लोकप्रियता के बीच सिद्धार्थ मल्होत्रा की 'वन' को स्क्रीन शेयरिंग और दर्शकों को अपनी ओर खींचने में सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है। चर्चा है कि 'वन' के मेकर्स इस नुकसान से बचने के लिए रिलीज डेट आगे बढ़ा सकते हैं। 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 तीन बड़ी फिल्में एक साथ आने से किसी भी एक फिल्म को पूरे देश में शत-प्रतिशत थिएटर्स नहीं मिल पाएंगे। हिंदी बेल्ट में श्रद्धा कपूर की 'ईथा' और यश की 'टॉक्सिक' के बीच स्क्रीन शेयरिंग को लेकर तगड़ी खींचतान होगी। यदि, तीनों फिल्मों का कथानक बहुत अच्छा भी हुआ, तो भी दर्शक अपनी जेब और समय के हिसाब से बजट बांट लेंगे। इससे जो फिल्म सोलो रिलीज होकर ५०० करोड़ कमा सकती थी, वह क्लैश के कारण ३०० से ५००  करोड़ पर सिमट सकती है।  इस क्लैश में कंटेंट ही किंग साबित होगा। शुरुआती फायदा यश की 'टॉक्सिक' को अपनी पैन-इंडिया स्टार पावर के कारण मिलेगा। यदि, श्रद्धा कपूर की 'ईथा' को 'स्त्री 2' जैसी मजबूत माउथ-पब्लिसिटी मिल गई, तो वह लंबी रेस में 'टॉक्सिक' के हिंदी कलेक्शन को बड़ा नुकसान पहुँचा सकती है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

किसी भी फिल्म का बजट और स्टार कास्ट ही यह तय करते हैं कि उसे बॉक्स ऑफिस पर हिट होने के लिए कितनी कमाई करनी होगी। भारी-भरकम बजट फिल्म के लिए जोखिम बढ़ा देता है, जबकि मजबूत स्टार कास्ट शुरुआती दिनों में दर्शकों को खींचने की गारंटी होती है । भारी बजट (८५०-९०० करोड़)  के कारण टॉक्सिक पर सबसे ज्यादा दबाव है। इस फिल्म को हिट का टैग पाने के लिए ही ११०० करोड़ ककी कमाई करनी होगी । ईथा टकराव के बाद भी १२० करोड़ के बजट के कारण सुरक्षित मानी जा रही है । जिस प्रकार से, श्रद्धा कपूर की विगत फिल्म स्त्री २ ने कीर्तिमान कमाई की थी, उसे देखते हुए फिल्म ईथा २५० करोड़ की कमाई आसानी से कर ले जायेगी । किन्तु, ७० से ९० करोड़ के बजट वाली सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म वन को लागत निकालने के लिए ही १०० करोड़ का कारोबार करने में कठिनाई होगी ।

Tuesday, 7 July 2026

#NetflixIndia पर #Ikka और ओटीटी पर अन्य कोर्ट रूम ड्रामा फ़िल्में !



नेटफ्लिक्स इंडिया, १० जुलाई से, सनी देओल और अक्षय खन्ना की फिल्म इक्का की स्ट्रीमिंग प्रारम्भ कर रहा है।  यह फिल्म कोर्ट  रूम ड्रामा फिल्म है। सनी देओल, दामिनी के बाद, एक बार फिर वकील का चरित्र कर रहे है।  वकील अर्जुन उर्फ़ इक्का एक ईमानदार और प्रतिष्ठित वकील है, जो कभी कोई केस नहीं हारा। किन्तु, वह उस समय बेबस हो जाता है, जब उसे एक अपराधी शौर्यमान को बचाना पड़ता है।  




इस शुक्रवार, जब ओटीटी के दर्शक फिल्म इक्का को देखेंगे तो उन्हें ऎसी ही अन्य कोर्ट रूम ड्रामा फिल्मों की याद आएगी।  वह ऐसी ही फिल्मों को घर बैठे देखना चाहेंगे।  तो ऎसी कुछ फिल्में ओटीटी प्लेटफार्म पर भी उपलब्ध है। ऎसी ही कुछ कोर्ट रूम ड्रामा फ़िल्में और वेब सीरीज पर एक दृष्टि। 






दामिनी (१९९३): यह बॉलीवुड की सबसे आइकॉनिक कानूनी ड्रामा फिल्म है। इसमें सनी देओल का तारीख पर तारीख वाला डायलॉग आज भी बेहद लोकप्रिय है।




पिंक (२०१६): अमिताभ बच्चन और तापसी पन्नू अभिनीत यह फिल्म लड़की की सहमति या असहमति  जैसे गंभीर मुद्दे को कोर्ट में बेहद मजबूती से उठाती है।





जॉली एलएलबी १ और २: अरशद वारसी और अक्षय कुमार की यह सीरीज भारतीय न्यायिक व्यवस्था पर एक बेहतरीन व्यंग्य करने वाली मनोरंजक ड्रामा फिल्म है।





जय भीम (२०२१): यह फिल्म तमिल एक वकील के संघर्ष और आदिवासियों के अधिकारों की सच्ची घटना पर आधारित एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला कोर्ट ड्रामा फिल्म है।




ओएमजी २ (२०२३): पंकज त्रिपाठी और यामी गौतम स्टारर इस फिल्म में सेक्स एजुकेशन जैसे सामाजिक विषय को अदालत के जरिए बेहद अनोखे अंदाज में पेश किया गया है।





सेक्शन ३७५ (२०१९): अक्षय खन्ना और ऋचा चड्ढा की यह फिल्म कानून की बारीकियों और उसके दोनों पक्षों को गहराई से दिखाती है।





वेब सीरीज़  क्रिमिनल जस्टिस  जिओ हॉटस्टार पर उपलब्ध। इस सीरीज में पंकज त्रिपाठी वकील 'माधव मिश्रा' के किरदार में हैं। इसके अब तक चार सीजन आ चुके हैं और यह भारत की सबसे बेहतरीन लीगल थ्रिलर मानी जाती है।





मामला लीगल है: रवि किशन अभिनीत यह सीरीज  नेटफ्लिक्स  पर उपलब्ध है। पटपड़गंज जिला अदालत के कामकाज को कॉमेडी और हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाती है।




गिल्टी माइंड्स: अमेज़न प्राइम वीडियो की यह सीरीज दो अलग-अलग विचारधाराओं वाले वकीलों के इर्द-गिर्द घूमती है और हर एपिसोड में एक नया व दिलचस्प केस देखने को मिलता है।





योर ऑनर: जिमी शेरगिल की सोनी लाइव पर उपलब्ध वेब सीरीज एक ऐसे ईमानदार जज की कहानी है, जिसका बेटा एक एक्सीडेंट केस में फंस जाता है।





द वर्डिक्ट: स्टेट वर्सेस नानावटी: ज़ी ५ की यह सीरीज भारत के मशहूर के.एम. नानावटी वाले ऐतिहासिक अदालती मामले पर आधारित है।





कोर्ट रूम ड्रामा फिल्म की बात करें तो १९८६ में प्रदर्शित फिल्म एक रुका हुआ फैसला का उल्लेख न करना उपयुक्त नहीं होगा।  यह फिल्म विशुद्ध कोर्ट रूम ड्रामा नहीं, बल्कि एक कमरे में जूरी के १२ सदस्यों की एक केस पर आपस में विचार विमर्श और कानूनी दावपेंच प्रस्तुत करने वाली फिल्म थी। बासु चटर्जी निर्देशित इस फिल्म के अतिरिक्त अन्य कोई ऎसी फिल्म नहीं बनाई गई। यह फिल्म हॉलीवुड की १९५७ में प्रदर्शित फिल्म १२ एंग्री मैन का आधिकारिक रूपांतरण थी।  इस फिल्म में सामान्य बॉलीवुड फिल्मों की तरह कोई गाना, डांस या बाहरी ड्रामा नहीं था। पूरी फिल्म सिर्फ एक बंद कमरे के अंदर १२ जूरी सदस्यों की बहस, इंसानी पूर्वाग्रहों और मनोविज्ञान पर आधारित थी।




चूंकि भारत में १९५९ के मशहूर के.एम. नानावटी मामले के बाद जूरी सिस्टम को समाप्त कर दिया गया था, इसलिए इसके बाद हिंदी सिनेमा में इस तरह की 'जूरी रूम' ड्रामा फिल्में बनना पूरी तरह बंद हो गईं।हालांकि, अगर आप बिना किसी व्यावसायिक तड़क-भड़क के, शुद्ध रूप से यथार्थवादी (Realistic) और गंभीर कानूनी दांव-पेंच वाली फिल्में देखना चाहते हैं, तो हिन्दी में कुछ ऐसी फिल्में जरूर बनी हैं जो 'एक रुका हुआ फ़ैसला' के स्तर की गंभीरता को छूती हैं। 







कोर्ट (२०१४) : यह भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे वास्तविक कानूनी ड्रामा फिल्म मानी जाती है। इसमें किसी भी तरह का मेलोड्रामा या चिल्लाने वाले डायलॉग नहीं हैं। यह फिल्म बहुत ही शांति से भारतीय निचली अदालतों की जमीनी हकीकत, वहां की सुस्ती और व्यवस्था की कमियों को दिखाती है।






सेक्शन ३७५: अक्षय खन्ना और ऋचा चड्ढा की यह फिल्म पूरी तरह से अदालत के कमरे के भीतर चलती है। यह फिल्म 'एक रुका हुआ फ़ैसला' की तरह ही दर्शकों के दिमाग में यह द्वंद्व पैदा करती है कि आरोपी सच बोल रहा है या झूठ। इसमें कानून के तकनीकी पहलुओं को बिना किसी फालतू ड्रामे के बेहद संजीदगी से दिखाया गया है।





शाहिद (२०१२)मानवाधिकार वकील शाहिद आज़मी के जीवन पर आधारित राजकुमार राव की यह फिल्म बेहद यथार्थवादी ढंग से बनाई गई है। इसमें अदालतों के चक्कर, तारीखों का इंतजार और वकीलों के बीच की बहस को बिना किसी फिल्मी तड़के के असली रूप में पेश किया गया है।





कानून (१९६०) : बी.आर. चोपड़ा द्वारा निर्देशित यह अपने समय की एक अनूठी फिल्म थी। उस दौर में भी इस फिल्म में एक भी गाना नहीं था, जो कि तत्कालीन बॉलीवुड के लिए एक बहुत बड़ा प्रयोग था। यह फिल्म मृत्युदंड की प्रासंगिकता पर एक गंभीर अदालती बहस पेश करती है।






यहाँ बताते चलें कि निर्देशक दर्शन आश्विन त्रिवेदी, एक रुका हुआ फैसला का आधिकारिक आधुनिक रीमेक बनाने जा रहे है।  इस फिल्म में अतुल कुलकर्णी, नीरज काबी और दिव्या दत्ता जैसे बेहतरीन कलाकार सम्मिलित किये गए हैं।

#Dhamaal4 में #AjayDevgn, #RiteishDeshmukh, #RaviKishan का धमाल !



अजय देवगन की, साहस और हास्य से भरपूर फिल्म धमाल ४, १० जुलाई २०२६ को प्रदर्शित होने जा रही है।  इस फिल्म में अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी, जावेद जाफरी और संजय मिश्रा की टीम खजाने की खोज में है।  इस फिल्म को रवि किशन के साथ ग्लैमर की छौंक संजीदा शेख, अंजलि आनंद और ईशा गुप्ता ने दी है।  





 अजय देवगन, इस धमाल फ्रैंचाइज़ी की तीसरी फिल्म टोटल धमाल (२२ फरवरी २०१९)  से पहली बार जुड़े थे।  इस फिल्म में अजय देवगन अपने साथियों के साथ ५० करोड़ के काले धन के खजाने को प्राप्त करने के लिए अभियान पर निकलते है। नब्बे करोड़ के बजट में बनी टोटल धमाल ने, बॉक्स ऑफिस पर २२८ करोड़ का ग्रॉस किया था। 




 

धमाल ४ भी छुपे हुए खजाने की खोज के कथानक वाली है।  इस खोज यात्रा को रोमांटिक बनाने के लिए संजीदा शेख, अंजलि आनंद और ईशा गुप्ता को लिया गया है।  संजय मिश्रा,  रितेश देशमुख, जावेद जाफरी और अरशद वारसी के साथ हास्य का तड़का देंगे।  धमाल ४ का बजट २०० करोड़ का बताया  जा रहा है।  इसलिए, इस फिल्म को भारी ओपनिंग तो लेनी ही होगी, बॉक्स ऑफिस पर पकड़ बनाये रखने का प्रयास भी करना होगा।





धमाल ४ के निर्देशक इंद्र कुमार हैं। फिल्म के निर्माताओं में टी सीरीज, पैनोरमा स्टूडियोज और अजय देवगन की निर्माण संस्था देवगन फिल्म्स के नाम सम्मिलित हैं। यह फिल्म पहले यह फिल्म ३ जुलाई को प्रदर्शित होने जा रही थी। किन्तु, यशराज फिल्म्स की स्पाई फ्रैंचाइज़ी फिल्म अल्फा से टकराव टालने के लिए इसे १० जुलाई को शिफ्ट कर दिया गया।





जहाँ तक, धमाल ४ की स्टार कास्ट का सरोकार है, रितेश देशमुख, अरशद वारसी और जावेद जाफरी ही, पहली धमाल से जुड़े हुए है। पहली दो धमाल फिल्मों में संजय दत्त और आशीष चौधरी भी थे। किन्तु, टोटल धमाल और धमाल ४ में यह दोनों नहीं है।




जहाँ तक बजट का प्रश्न है, धमाल ४ इस फ्रैंचाइज़ी की सबसे अधिक बजट में बनी फिल्म है। पहली धमाल का बजट १० करोड़ था, फिल्म ने ५०.७३ का ग्रॉस किया था। डबल धमाल का बजट २९ करोड़ था, फिल्म ने ७०.५४ करोड़ का ग्रॉस किया था। टोटल धमाल का बजट ९० करोड़ था फिल्म ने २२८ करोड़ का ग्रॉस किया। अब देखने वाले बात होगी कि २०० करोड़ की चौथी धमाल कितना ग्रॉस कर पाती है!





क्या धमाल ४ में हिट होने का कथानक है ? बताते हैं कि फिल्म में अजय देवगन और गैंग ट्रेज़र ऑफ़ लाइफ यानि जीवन के सबसे बहुमूल्य खजाने की खोज में निकालेंगे। यह खजाना सोने और आभूषणों का बहुमूल्य खजाना है। ट्रेलर के अनुसार उपेंद्र लिमये खजाने का राज खोलते है।  ट्रेलर में अभिनेता रवि किशन एक समुद्री डाकू की भूमिका में भोजपुरी सुर में संवाद बोलते है। फिल्म में रवि किशन पर, दर्शकों को थिरकाने वाला चटनी गीत भी है।





धमाल ४ का भारी भरकम बजट इसकी स्टार कास्ट की फीस के कारण बढ़ा है। फिल्म की प्रमुख तिकड़ी रितेश देशमुख ने १० करोड़, अरशद वारसी और रवि किशन ने ३-३ करोड़, जावेद जाफरी, संजय मिश्रा और ईशा गुप्ता ने २-२ करोड़ की फीस ली है।



  

धमाल ४ की सफलता के कितने अवसर हैं? धमाल ४ एकल फिल्म के रूप में प्रदर्शित हो रही है। इस फिल्म को हॉलीवुड की ड्वेन जॉनसन अभिनीत लाइव एक्शन फिल्म मोआना से ही मुकाबला है। आलिया भट्ट की फिल्म अल्फा के तुरंत बाद रिलीज होने के बावजूद, धमाल ४ अपने मास-अपील और कॉमेडी जोनर के कारण बॉक्स ऑफिस पर बंपर ओपनिंग ले सकती है।





धमाल ४ को दुनिया भर में ४५०० से ५००० तक स्क्रीन मिल सकते है। यह फिल्म भारत में ३८०० स्क्रीन तक मिल सकते हैं। फिल्म को अपनी जनमानस में अपील और हास्य के कारण सिंगल स्क्रीन में अधिक जगह मिलेगी। अजय देवगन मल्टीप्लेक्स दर्शकों की पसंद होते है। 

#Disney की लाइव एक्शन #Moana १० जुलाई से



२०२६ की लाइव-एक्शन मोआना, डिज़्नी की २०१६ में प्रदर्शित एनिमेटेड फिल्म का ही रियल-लाइफ रूपांतरण है। ड्वेन जॉनसन माउई के रूप में लौट रहे हैं। अपनी संस्कृति और गीतों के लिए याद की जाने वाली यह फिल्म १० जुलाई, २०२६ को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है




 

ड्वेन 'द रॉक' जॉनसन द्वारा माउई की भूमिका निभाने और कैथरीन लागा'इया  द्वारा मोआना का चरित्र निभाने के अतिरिक्त इस लाइव-एक्शन फिल्म से जुड़ी कुछ बेहद दिलचस्प बातें और तथ्य निम्नलिखित हैं इस फिल्म के प्रशंसकों के लिए जानने रोचक होंगे ।




 

ड्वेन जॉनसन के लिए यह चरित्र बहुत भावनात्मक है। उन्होंने बताया कि एनिमेटेड फिल्म में माउई का लुक और हाव-भाव उनके असली नाना, महान हाई चीफ पीटर माविया से प्रेरित थे ।




 

ड्वेन जॉनसन का कहना है कि जब उन्होंने २०१६ में माउई को आवाज़ दी थी, तब से लेकर अब तक एक पिता के रूप में उनके जीवन में बहुत बदलाव आया है। अब वह अपने वास्तविक जीवन के अनुभवों को इस किरदार में और भी गहराई से जोड़ पाए हैं।




 

इस लाइव-एक्शन फिल्म के लिए डिज़्नी ने १७ वर्षीय नवोदित अभिनेत्री कैथरीन लागा'इया को चुना है। एनिमेटेड फिल्म में मोआना को आवाज़ देने वाली अभिनेत्री, औली'इ क्रावाल्हो ने इस लाइव-एक्शन फिल्म के लिए खुद मना कर दिया था, ताकि किसी अन्य पैसिफिक आइलैंड की नई कलाकार को आगे आने का मौका मिल सके।




 

औली'इ क्रावाल्हो ने भले ही लाइव-एक्शन फिल्म में मोआना का किरदार नहीं निभाया, लेकिन वह इस फिल्म में एक कार्यकारी निर्माता के रूप में जुड़ी हुई हैं।




 

लाइव-एक्शन फिल्म का निर्देशन टोनी और एमी पुरस्कार विजेता थॉमस कैल  (हैमिल्टन) कर रहे हैं। इसके अलावा, फिल्म में लिन-मैनुअल मिरांडा द्वारा रचित सदाबहार गाने और संगीत का जादू देखने को मिलेगा।




 

ड्वेन जॉनसन के अनुसार, पूरी कास्ट और क्रू ने यह सुनिश्चित किया है कि फिल्म में पोलिनेशियन संस्कृति का असली सम्मान हो और उसमें मना कीआध्यात्मिक शक्ति और ऊर्जा की झलक स्पष्ट दिखाई दे।




 

१० जुलाई २०२६ प्रदर्शित होने जा रही लाइव-एक्शन 'मोआना' फिल्म के सीक्वल को लेकर डिज़्नी ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। अभी, डिज़्नी का पूरा ध्यान १० जुलाई, २०२६ को रिलीज़ होने वाली इसी पहली लाइव-एक्शन फिल्म को सफल बनाने पर केंद्रित है।




 

यद्यपि, इस लाइव-एक्शन फिल्म के भविष्य और इसके संभावित सीक्वल को लेकर कुछ महत्वपूर्ण बातें ऐसी है, जो लाइव-एक्शन फ्रैंचाइज़ी की संभावना की ओर संकेत करते है । डिज़्नी का इतिहास रहा है कि उसने अलादीन और द लायन किंग जैसी अपनी ब्लॉकबस्टर लाइव-एक्शन फिल्मों के सीक्वल या स्पिन-ऑफ बनाए हैं। अगर २०२६ की यह लाइव-एक्शन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक धमाल मचाती है, तो डिज़्नी इसके लाइव-एक्शन सीक्वल पर काम शुरू कर सकता है।




 

यदि, डिज़्नी इस लाइव-एक्शन फिल्म का अगला भाग बनाने का फैसला करता है, तो उसके पास कहानी पहले से तैयार है। वे हाल ही में आई एनिमेटेड फिल्म   मोआना २ (२०२४) की कहानी, जिसमें मोआना सुदूर समुद्रों में मोटुफेतु द्वीप की खोज करती है, को ही लाइव-एक्शन सीक्वल के रूप में ढाल सकते हैं ।





 

डिज़्नी अपने कई शानदार और क्लासिक एनिमेटेड किरदारों को बड़े पर्दे पर असल दुनिया यानि लाइव-एक्शन में उतारने की बड़ी तैयारी कर रहा है। मुफासा और हर्कुलस के साथ-साथ आने वाले सालों में कई और बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में दस्तक देंगी । 





मोआना फ्रैंचाइज़ फिल्मों की बॉक्स ऑफिस  ओपनिंग पर एक नजर -  १/ मोआना (२०१६) को पहले ३ दिन ५६ मिलियन डॉलर की ओपनिंग मिली थी। इसकी पांच दिनों का थैंक्स गिविंग ८२ मिलियन डॉलर की थी।  २०२४ में प्रदर्शित सीक्वल फिल्म मोआना २ ने पहले तीन दिन १३९ मिलियन डॉलर और थैंक्स गिविंग के पांच दिन में २२५ मिलियन डॉलर की ओपनिंग मिली थी।  





जहाँ तक लाइव एक्शन फिल्म मोआना की बात हैं, इसकी  पहले तीन दिनों में  ६० से ७० मिलियन डॉलर की अग्रिम  बुकिंग अनुमानित है।  

Monday, 6 July 2026

#ZEE5 से बाहर #DiljitDosanjh की #Satluj



ओटीटी प्लेटफार्म जी५ ने दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज (पहले पंजाब ९५) को सिर्फ़ ४८ घंटे बाद अपने इंडियन प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। ज़ी५ के इस फैसले की निंदा की जा रही  है। इसे फिल्म की बिना कट वाली ओटीटी रिलीज़ के बावजूद क्रिएटिव फ्रीडम के लिए एक झटका बताया गया है।





सतलुज, जसवंत सिंह खालरा की बायोग्राफिकल ड्रामा है, जो एक ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट थे, जिन्होंने 1990 के दशक में पंजाब में खालिस्तानी आतंकवाद के दौरान कथित एक्स्ट्राज्यूडिशियल हत्याओं को डॉक्यूमेंट किया था। उन्हें एक दिन पंजाब पुलिस ने घर के बाहर से उठा लिया। उसके बाद जसवंत को कोई पता नहीं चला।





उन पर इस फिल्म सतलज को, तीन साल तक भारतीय सेंसर बोर्ड से लड़ाई झेलनी पड़ी। सेंसर ने १२० से ज़्यादा कट्स की मांग की थी। इसी कारण से फिल्म के शीर्षक को बदलना पड़ा।  इसके बावजूद फिल्म थिएटर में रिलीज़ नहीं हो पाई ।





इस तेज़ी से हटाए जाने से ऑनलाइन अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आई हैं, जिसमें सपोर्टर्स ने सरकार के कामों को ईमानदारी से दिखाने की तारीफ़ की है और क्रिटिक्स का कहना है कि यह उस समय की हिंसा की एकतरफ़ा कहानी पेश करती है, जिसमें आम लोगों की मिलिटेंट हत्याओं पर बात नहीं की गई है।






जसवंत सिंह खालरा एक सिख ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट और पंजाब के अमृतसर के खालरा गाँव के पूर्व बैंक कर्मचारी थे। पंजाब में सिख आतंकवाद के दौरान गायब हुए हजारों लोगों की घटनाओं से प्रेरित होकर, उन्होंने म्युनिसिपल रिकॉर्ड का इस्तेमाल करके पंजाब पुलिस द्वारा हज़ारों कथित एक्स्ट्राज्यूडिशियल हत्याओं और गुप्त दाह संस्कारों को डॉक्यूमेंट किया, जिसका अनुमान है कि ज़िलों में २५ हजार से ज़्यादा अज्ञात शवों का दाह संस्कार किया गया।






उनकी रिसर्च, जिसे इंटरनेशनल लेवल पर शेयर किया गया, ने १९८४ की घटनाओं के बाद ज़बरदस्ती गायब किए गए लोगों और पुलिस की ज़्यादतियों को हाईलाइट किया। सुप्रीम कोर्ट की एक पिटीशन के कारण सीबीआई और ह्यूमन राइट कमीशन ने जांच शुरू की। इस जांच में सीबीआई ने अकेले एक ज़िले में २०९७ गैर-कानूनी दाह संस्कारों की पुष्टि की। खालरा को धमकियाँ मिलीं लेकिन उन्होंने अपना काम जारी रखा।





जसवंत सिंह को, सितंबर १९९५ पंजाब पुलिस ने उनके घर के बाहर से किडनैप कर लिया, टॉर्चर किया और मार डाला। उनका मृत शरीर कभी नहीं मिला । २००५ में उनकी हत्या के लिए छह अधिकारियों को दोषी ठहराया गया तथा उन्हें उम्रकैद या उससे कम की सज़ा दी गई। उनकी विधवा परमजीत कौर वकालत करती रहती हैं।