Wednesday, 19 August 2026

#Dharm की #BhavnaTalwar की #ValmikiRamayana !

 


2 अक्टूबर 2026 को रिलीज होने वाली फिल्म 'वाल्मीकि रामायण'  कोई एनिमेशन फिल्म नहीं है, बल्कि यह एक लाइव-एक्शन भव्य सिनेमाई फिल्म है। अक्सर दर्शक इसे 1992 की मशहूर भारत-जापान को-प्रोडक्शन वाली एनिमेशन फिल्म 'रामायण: द लीजेंड ऑफ प्रिंस राम' समझ लेते हैं, जिसे हाल ही में 4K विजुअल्स के साथ दोबारा थिएटर्स में रिलीज करने की चर्चा रही है। लेकिन 2026 में आने वाली 'वाल्मीकि रामायण' वास्तविक कलाकारों और भव्य सेट्स के साथ बनाई गई एक लाइव-एक्शन फिल्म है।





इस फिल्म का निर्देशन भावना तलवार ने किया है। फिल्म की भव्यता को बड़े पर्दे पर उतारने के लिए इंडस्ट्री के दिग्गज शामिल हैं, जैसे 'बाहुबली' के सेट डिजाइन करने वाले साबू सिरिल (प्रोडक्शन डिजाइनर), प्रसिद्ध सिनेमैटोग्राफर विनोद प्रधान, और ऑस्कर विजेता रेसुल पुकुट्टी (साउंड डिजाइनर)।





इसकी कहानी को मशहूर लेखक आनंद नीलकंठन और चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने इस प्रकार से लिखा है, ताकि रामायण को बेहद सरल और सांस्कृतिक गहराई के साथ प्रस्तुत किया जा सके। यह फिल्म 2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती) को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए निर्धारित है।





जहां तक फिल्म की स्टार कास्ट का प्रश्न है मेकर्स ने इस फिल्म के मुख्य अभिनेताओं (राम, सीता, रावण) के नामों को अभी पूरी तरह से गोपनीय रखा है। इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है। यद्यपि,  फ़िल्म के कलाकारों के नाम सामने नहीं आए हैं, लेकिन इसके बैक-स्टेज दिग्गजों की सूची बहुत बड़ी है। फिल्म का स्क्रीनप्ले 'बाहुबली' सीरीज के लेखक आनंद नीलकंठन ने लिखा है और संवाद डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने तैयार किए हैं। संगीत के बेताज बादशाह इलियाराजा इसका म्यूजिक दे रहे हैं।





रणबीर कपूर की 'रामायण' दिवाली में 8 नवम्बर को प्रदर्शित हो रही है. इसलिए दोनों फ़िल्मों के सीधे  टकराव की स्थितियां नहीं बन रही हैं. क्यों कि भावना तलवार की 'वाल्मीकि रामायण' 2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती) को सिनेमाघरों में आएगी। वहीं, नितेश तिवारी के निर्देशन वाली रणबीर कपूर स्टारर 'रामायण: पार्ट 1' दिवाली के मौके पर 8 नवंबर 2026 को रिलीज होने वाली है।





इस प्रकार से दोनों फ़िल्मों का बॉक्स ऑफिस पर सीधा टकराव नहीं होने जा रहा. क्यों कि तकनीकी रूप से दोनों फिल्मों के प्रदर्शन मे लगभग एक महीने का अंतर है। किन्तु वाल्मीकि रामायण' को पहले रिलीज होने का फायदा अवश्य मिलेगा। दर्शक एक ही कहानी को दो बेहद अलग सिनेमाई शैलियों और दृष्टिकोणों (एक अत्यधिक वीएफएक्स-ओरिएंटेड और दूसरी पारंपरिक लाइव-एक्शन) में देख पाने का लोभ नहीं छोड़ पाएंगे।






फिल्म के आधिकारिक पोस्टर पर दर्शकों का रिस्पॉन्स बहुत उत्साहजनक रहा है। फिल्म का पहला लुक पोस्टर बेहद सादगी भरा और आध्यात्मिक था। पोस्टर में केवल भगवान श्री राम के पूजनीय चरण कमलों को दर्शाया गया था, जो विनम्रता, आस्था और यात्रा की शुरुआत से पहले आशीर्वाद लेने की रीत का प्रतीक है।





'आदिपुरुष' जैसी फिल्मों के भारी-भरकम और आधुनिक वीएफएक्स से थके दर्शकों ने इस शांत और पारंपरिक पोस्टर की काफी सराहना की है। सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे रामायण की मूल आत्मा के करीब बताया है और फिल्म को लेकर एक सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलनी शुरू हो गई है।





फिल्म की निर्देशक भावना तलवार अवार्ड-विनिंग फिल्ममेकर हैं। 'वाल्मीकि रामायण' उनके करियर की चौथी बड़ी निर्देशित फिल्म है। उनकी निर्देशित उल्लेखनीय फ़िल्मों में-





धर्म (Dharm - 2007)- भावना तलवार की बतौर निर्देशक पहली फिल्म थी, जिसमें पंकज कपूर ने मुख्य भूमिका निभाई थी। राष्ट्रीय एकता और धार्मिक सद्भाव पर बनी इस फिल्म को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना मिली और इसने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी जीता।





हैप्पी (Happi - 2019) - महान अभिनेता चार्ली चैपलिन को श्रद्धांजलि देने वाली एक ब्लैक एंड व्हाइट कॉमेडी-ड्रामा फिल्म थी, जिसमें एक बार फिर पंकज कपूर मुख्य भूमिका में नजर आए थे।





हाइडी: क्वीन ऑफ द माउंटेन (Heidi: Queen of the Mountain - 2017)- बच्चों के एक मशहूर क्लासिक उपन्यास पर आधारित अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रोजेक्ट था।





वाल्मीकि रामायण' के पर्दे पर दिखाई देने वाले चेहरे गुप्त हैं। किन्तु, इसके तकनीक से जुड़ी हस्तियां फिल्म को चर्चा मे लाने में सफल हो  है। फिल्म के संगीतकार इलियाराजा और इसके स्क्रीनप्ले लेखक आनंद नीलकंठन दोनों ही अपने-अपने क्षेत्रों के दिग्गज हैं। 





दिग्गज संगीतकार इलियाराजा का इस फिल्म से जुड़ना इसके सबसे मजबूत पक्षों में से एक माना जा रहा है। मेकर्स ने फिल्म में उनके संगीत को केवल 'साउंडट्रैक' न कहकर एक "संगीतमय आह्वान" का नाम दिया है। इलियाराजा पिछले पांच दशकों से भारतीय सिनेमा को अपने संगीत से समृद्ध कर रहे हैं। वे इस महाकाव्य के लिए एक ऐसा बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं जो पूरी तरह से शास्त्रीय भारतीय संगीत और आध्यात्मिक धुनों पर आधारित होगा। इलियाराजा को भारतीय संगीत में पश्चिमी ऑर्केस्ट्रा के साथ पारंपरिक लोक धुनों के बेहतरीन फ्यूजन के लिए जाना जाता है। उन्होंने 'अन्नाकिली', 'थलपति' (राक्काम्मा कैया थट्टू गाना), और 'नायकन' जैसी कालजयी फिल्मों में संगीत दिया है। 'वाल्मीकि रामायण' में उनका संगीत दर्शकों को सीधे त्रेतायुग के माहौल का अहसास कराने का काम करेगा।





पटकथाकार आनंद नीलकंठन ने  वाल्मीकि रामायण के मूल पाठ  को आधार बनाकर इस फिल्म की पटकथा को रूपांतरित किया है. आनंद नीलकंठन को भारत में पौराणिक कथाओं को एक नए, तार्किक और सिनेमाई दृष्टिकोणों से प्रस्तुत करने के लिए जाना जाता है.  उन्होंने महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित 24,000 श्लोकों के विशाल महाकाव्य में से मुख्य घटनाओं (जैसे राम का वनवास, सीता हरण और लंका विजय) को चुनकर एक बेहद कसी हुई स्क्रिप्ट तैयार की है। आनंद नीलकंठन को सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बाहुबली: द बिगिनिंग' और 'बाहुबली 2: द कन्क्लूजन' के प्रीक्वल उपन्यासों (जैसे 'द राइज ऑफ शिवगामी') के लेखन के लिए जाना जाता है, जिस पर नेटफ्लिक्स सीरीज भी बन चुकी है। इसके अलावा उन्होंने टीवी के मशहूर पौराणिक शोज़ जैसे 'सिया के राम' और 'महाबली हनुमान' के लिए भी लेखन किया है।





इसके अतिरिक्त इस फिल्म में आनंद नीलकंठन की सशक्त पटकथा को दूरदर्शन के क्लासिक सीरियल 'चाणक्य'  से प्रसिद्ध डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी के लिखे संवादों का साथ मिला है। यह जुगलबंदी फिल्म को भाषाई और वैचारिक रूप से बेहद समृद्ध बनाती है।





फिल्म 'वाल्मीकि रामायण'  के अन्य प्रमुख तकनीशियनों मे साबू सिरिल और रसूल पूकुट्टी का तकनीकी योगदान भी उल्लेखनीय है. इस लाइव-एक्शन फिल्म को तकनीकी रूप से विश्वस्तरीय बनाने के लिए भारत के दो सबसे बड़े अवॉर्ड विनिंग दिग्गजों में शामिल किया गया है. साबू सिरिल,  भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित प्रोडक्शन डिजाइनरों में से एक हैं, जिन्होंने 'बाहुबली' 1 और 2, 'RRR', और 'रोबोट' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के भव्य और अविश्वसनीय सेट्स डिजाइन किए हैं। 'वाल्मीकि रामायण' में वे त्रेतायुग के वैभव को बिना किसी कृत्रिमता के, वास्तविक और दिव्य सेट्स के जरिए बड़े पर्दे पर जीवंत कर रहे हैं। उनके साथ फिल्म 'स्लमडॉग मिलेनियर' के लिए ऑस्कर पुरस्कार जीत चुके रसूल पूकुट्टी इस फिल्म के साउंड डिजाइन की कमान संभाल रहे हैं। उनका मुख्य ध्यान फिल्म में उपयोग किए जा रहे मंत्रों, चौपाइयों, प्रकृति की ध्वनियों और युद्ध के दृश्यों के दौरान दर्शकों को एक गहरा और ध्यानमयी आध्यात्मिक अनुभव देने पर है।





वाल्मीकि रामायण'  के छायाकार बिनोद प्रधान भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित और अनुभवी सिनेमैटोग्राफर्स में से एक हैं। उन्हें फिल्मों में शानदार लाइटिंग, रंगों के बेहतरीन संयोजन और दृश्यों को बेहद सजीव व आकर्षक रूप में कैमरे में कैद करने के लिए जाना जाता है। 'वाल्मीकि रामायण' में उनका विजुअल स्टाइल इस प्रकार रहने वाला है. बिनोद प्रधान ने इससे पहले 'देवदास', 'रंग दे बसंती', 'भाग मिल्खा भाग', और '२ स्टेट्स' जैसी फिल्मों में अपनी बेहतरीन सिनेमैटोग्राफी का हुनर दिखाया है। 'वाल्मीकि रामायण' में उनका मुख्य फोकस कृत्रिम या बनावटी लाइटिंग के बजाय वास्तविक सूर्य की रोशनी, सुबह की लालिमा, और जंगलों के प्राकृतिक दृश्यों का उपयोग करना है। प्रधान त्रेतायुग के आश्रमों, राजमहलों और जंगलों के दृश्यों को साबु सिरिल के सेट्स के साथ इस तरह फ्रेम कर रहे हैं कि वह अत्यधिक चमकदार या कंप्यूटर-जनित (VFX) न लगकर पूरी तरह वास्तविक और दिव्य प्रतीत हो।





यद्यपि, फिल्म के निर्माताओं ने 'वाल्मीकि रामायण' के सटीक बजट का कोई आधिकारिक आंकड़ा साझा नहीं किया है, लेकिन फिल्म से जुड़े बड़े राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता क्रू (जैसे साबू सिरिल, रसूल पूकुट्टी, और बिनोद प्रधान) को देखते हुए इसे एक बड़ी और भव्य स्तर की फिल्म  माना जा रहा है। यह फिल्म रणबीर कपूर की मेगा-बजट 'रामायण' (जिसका बजट लगभग ₹4000 करोड़ बताया जा रहा है) जितनी अत्यधिक महंगी नहीं है इसका कारण यह है कि इस फिल्म में हॉलीवुड स्तर के भारी-भरकम और महंगे डिजिटल वीएफएक्स  पर पैसे पानी की तरह बहाने के बजाय, पारंपरिक लाइव-एक्शन, वास्तविक अभिनय और कलात्मक भव्यता पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। इस लिहाज से इसका बजट भारतीय सिनेमा के मानकों के अनुसार काफी संतुलित पर बड़ा है।





वाल्मीकि रामायण को सोलो रिलीज का फायदा मिल सकता है. यह फिल्म 2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती) के बड़े नेशनल हॉलिडे पर रिलीज हो रही है। इस दिन कोई अन्य बड़ी हिंदी फिल्म निर्धारित नहीं होने के कारण, इसे देश भर के मल्टीप्लेक्सों और सिंगल-स्क्रीन थिएटरों में अधिकतम स्क्रीन्स मिलने की पूरी उम्मीद है। नितेश तिवारी और रणबीर कपूर की 'रामायण: पार्ट 1' इसके ठीक एक महीने बाद दिवाली (8 नवंबर 2026) को आएगी। इस प्रकार, 'वाल्मीकि रामायण' के पास सिनेमाघरों में दर्शकों को आकर्षित करने और मजबूत कमाई करने के लिए पूरे 4 हफ्तों का एक लंबा और बिना किसी रुकावट वाला समय (Free Run) उपलब्ध रहेगा। अगर माउथ-पब्लिसिटी बेहतरीन रही, तो यह फिल्म दिवाली के बाद भी स्क्रीन्स पर टिकी रह सकती है।

#RAMAYAN के बाद छत्तीसगढ़ी #MahakavyaShriRamayanKatha !

 


आगामी बहुभाषी फिल्म महाकाव्य श्रीरामायण कथा हिंदी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी भाषा में भी 25 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस फिल्म का निर्देशन अभिषेक सिंह ने किया है। यह फिल्म मोबिया फिल्म्स के बैनर तले बनाई गई है, जिसके निर्माता प्रकाश मोबिया और संजय बुंदेला हैं।





फिल्म में देव शर्मा भगवान श्री राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि मशहूर सोशल मीडिया स्टार अंजलि अरोड़ा इस फिल्म से माता सीता के रूप में अपना फीचर-फिल्म डेब्यू कर रही हैं।





इस फिल्म को बड़े पैमाने पर हिंदी और छत्तीसगढ़ी दोनों संस्करणों में एक साथ शूट किया गया है ताकि स्थानीय संस्कृति और बड़े दर्शक वर्ग दोनों तक पहुंच बनाई जा सके। यह फिल्म एक्शन या केवल भव्यता से अधिक भगवान राम और माता सीता के प्रेम, आस्था, त्याग और मर्यादा की भावनात्मक यात्रा पर आधारित है।





महाकाव्य श्रीरामायण कथा' का सटीक आधिकारिक बजट निर्माताओं द्वारा घोषित नहीं किया गया है, लेकिन ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार यह एक सीमित से मध्यम बजट की फिल्म है। कई बार दर्शक इसे निर्देशक नितेश तिवारी की रणबीर कपूर स्टारर मेगा-बजट फिल्म 'रामायण' (जिसका संयुक्त बजट ₹4000 करोड़ है) समझकर भ्रमित हो जाते हैं, परंतु यह दोनों बिल्कुल अलग प्रोजेक्ट हैं।





इस फिल्म से अपने अभिनय जीवन का प्रारंभ करने वाली अभिनेत्री अंजलि अरोड़ा की सोशल मीडिया पर मजबूत फैन फॉलोइंग फिल्म को शुरुआती ओपनिंग और बज (Buzz) बनाने में मददगार साबित हो सकती है। चूंकि यह एक मध्यम बजट की फिल्म है, इसलिए इसकी अंतिम सफलता पूरी तरह से माउथ-पब्लिसिटी और कहानी के भावनात्मक जुड़ाव पर टिकी होगी।




यदि सितंबर 2026 में किसी बड़ी बॉलीवुड फिल्म के साथ इसका टकराव होता है, तो इसके हिंदी संस्करण के स्क्रीन काउंट और शोज प्रभावित हो सकते हैं। किन्तु क्षेत्रीय स्तर परकिसी भी बड़े टकराव के बावजूद छत्तीसगढ़ के स्थानीय सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्सों में छत्तीसगढ़ी संस्करण को प्राथमिकता मिलने की पूरी संभावना रहेगी।





पौराणिक और आस्था से जुड़े विषयों को भारतीय दर्शक हमेशा पसंद करते हैं। यदि फिल्म की कहानी अच्छी हुई, तो यह क्लैश के बाद भी सिनेमाघरों में लंबी रेस का घोड़ा साबित हो सकती है।





फिल्म के मुख्य कलाकारों में देव शर्मा (भगवान श्री राम), इस फ़िल्म से पहले बॉलीवुड की चर्चित फिल्मों जैसे 'हीरोपंती', 'यारियां', 'बेखुदी' और 'जंक्शन वाराणसी' में नजर आ चुके हैं। इस फिल्म में मर्यादा पुरुषोत्तम का मुख्य किरदार निभाना उनके करियर का अब तक का सबसे बड़ा ब्रेक माना जा रहा है।





सोशल मीडिया पर "कच्चा बादाम" गाने के वायरल रील वीडियो से देशव्यापी पहचान बनाने वाली अंजलि अरोड़ा  इस फिल्म के जरिए बड़े पर्दे पर अपना एक्टिंग डेब्यू कर रही हैं।




टीजर के सामने आते ही दर्शकों की तरफ से मिश्रित और तीखी प्रतिक्रियाएं  देखने को मिल रही हैं  कई दर्शकों को फिल्म का सादगी भरा अंदाज पसंद आ रहा है। कुछ यूजर्स का कहना है कि भव्य वीएफएक्स (VFX) की होड़ से दूर, यह साधारण तरीके से राम-सीता के प्रेम और वियोग की कहानी को दिखाता है, जो प्रभास की 'आदिपुरुष' से बेहतर लग रहा है।





फिल्म की मुख्य कास्टिंग को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। अंजलि अरोड़ा को माता सीता के रूप में देखकर एक बड़ा वर्ग आपत्ति जता रहा है, क्योंकि उनकी पहचान मुख्य रूप से एक रील्स स्टार और डांसर की रही है। वहींदेव शर्मा के एक्सप्रेशन्स को लेकर भी कुछ लोगों ने ट्रोल किया है कि वे दृश्यों में जरूरत से ज्यादा मुस्कुरा रहे हैं।





टीजर के मुताबिक, फिल्म बड़े-बड़े एक्शन सेट या काल्पनिक दुनिया के बजाय स्वयंवर, वनवास, रघुकुल की रीत और लक्ष्मण रेखा पार करने जैसे बेहद पारंपरिक और भावनात्मक पहलुओं पर केंद्रित है। फिल्म में बहुत भारी कंप्यूटर ग्राफिक्स (VFX) के बजाय पारंपरिक इनडोर सेट्स और प्राकृतिक वनवास वाले विजुअल्स का इस्तेमाल किया गया है ताकि कहानी जमीनी और वास्तविक लगे।





फिल्म'महाकाव्य श्रीरामायण कथा'  की कमान अभिषेक सिंह के हाथों में है। उन्होंने कहानी को एक्शन-ओरिएंटेड बनाने के बजाय इसके भावनात्मक और सांस्कृतिक पहलुओं पर अधिक जोर दिया है। छत्तीसगढ़ी और हिंदी दोनों भाषाओं की मर्यादा और व्याकरण को ध्यान में रखकर अलग-अलग संवाद लिखे गए हैं ताकि दोनों क्षेत्रों के दर्शक इससे गहराई से जुड़ सकें।





फिल्म का संगीत पारंपरिक भारतीय वाद्ययंत्रों (जैसे बांसुरी, सितार और शंख) पर आधारित है टीज़र और बैकग्राउंड स्कोर में पारंपरिक चौपाइयों और मंत्रों का उपयोग किया गया है, जो दर्शकों को एक शांत और आध्यात्मिक अनुभव देने का प्रयास करता है। फिल्म के छत्तीसगढ़ी संस्करण में वहां के स्थानीय लोक संगीत और गीतों की झलक देखने को मिल सकती है, जो वहां के दर्शकों के लिए एक बड़ा आकर्षण होगा।

Tuesday, 18 August 2026

#LionsgatePlay पर #Mandarin फ़िल्म #Snakes5: Monster City हिन्दी में



स्नेक 5: मॉन्स्टर सिटी (जिसे बिग स्नेक 5: मॉन्स्टर सिटी के नाम से भी जाना जाता है) लिन झेनझाओ द्वारा निर्देशित 2026 की एक चीनी विज्ञान- एक्शन मॉन्स्टर फिल्म है। चीन में 29 जनवरी, 2026 को रिलीज़ हुई, 1 घंटे 47 मिनट की यह फ़िल्म वू चुआन नाम के एक कैदी की कहानी है, जो एक तटीय शहर पर एक बड़े राक्षस के हमले के दौरान जेल से भाग जाता है।





एक बहुत बड़ा पुराने ज़माने का साँप और दूसरे म्यूटेंट जीव अचानक एक हलचल भरे आइलैंड मेट्रोपोलिस (नांगा सिटी) पर हमला कर देते हैं, जिससे शहरी इलाका एक जानलेवा शिकारगाह बन जाता है।






दहशत और टूटती ऊँची इमारतों के बीच, भागा हुआ कैदी वू चुआन अपनी माँ को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने का फैसला करता है, जो एक केमिकल प्लांट में फँसी हुई है।




फ़िल्म में झांग आओयू, लियांग सोंगकिंग और बाओ बेयर मुख्य भूमिका में हैं।





फिल्म Snake 5: Monster City सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हुई है। यह एक वेब या इंटरनेट फिल्म (Network Movie) है। इसे पारंपरिक सिनेमाघरों के बजाय सीधे चीनी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म जैसे कि iQIYI और Youku पर 29 जनवरी 2026 को डिजिटल रूप से रिलीज किया गया था।





#Snakes5: मॉन्स्टर सिटी (2026) 21 अगस्त से सिर्फ़ लायंसगेट प्ले पर तमिल, हिंदी, मैंडरिन और तेलुगु में स्ट्रीम होगी ।






हालांकि Snake 5 के सटीक व्यक्तिगत ऑनलाइन कलेक्शन के आंकड़े अभी शुरुआती हैं, लेकिन इस पूरी 'Big Snake' फिल्म सीरीज ने अब तक ऑनलाइन रेवेन्यू-शेयरिंग के जरिए कुल 146 मिलियन युआन (लगभग ₹170+ करोड़) से अधिक की कमाई की है और इसे चीन के सबसे सफल वेब-मूवी फ्रेंचाइजी में से एक माना जाता है।

 




'Big Snake' फ्रेंचाइजी (Snake 1 से 4) सीरीज चीनी ऑनलाइन सिनेमा (Web Movies) के इतिहास की सबसे सफल मॉन्स्टर फ्रेंचाइजी मानी जाती है। सभी फिल्मों का निर्देशन लिन झेंझाओ (Lin Zhenzhao) ने किया है। Big Snake 1 (2018) में एक वैज्ञानिक अपनी बीमार बेटी को बचाने के लिए "लाइफ फ्रूट" की खोज में एक अनजान द्वीप पर जाता है, जहाँ पूरी टीम का सामना एक विशालकाय प्रागैतिहासिक सांप से होता है। मात्र 70 लाख युआन के बजट में बनी इस फिल्म ने 5 करोड़ युआन (₹58+ करोड़) से अधिक कमाए और चीन में मॉन्स्टर फिल्मों का ट्रेंड शुरू किया।






Big Snake 2 (2019) की कहानी एक पिता के इर्द-गिर्द घूमती है जो एक भारी आपदा के बाद एक विशाल सांप द्वारा अगवा की गई अपनी बेटी को बचाने के लिए खतरनाक जंगलों और गुफाओं में जाता है। फिल्म ने रिलीज होते ही वीकेंड ओपनिंग के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और साल की दूसरी सबसे बड़ी वेब-फिल्म बनी।





Big Snake 3: Dinosaur vs Python (2022)- एक कंस्ट्रक्शन क्रू गलती से एक थीम पार्क बनाने के लिए द्वीप को खोद देता है, जिससे दो महा-दानव (एक विशाल टाइटन पायथन और एक मांसाहारी डायनासोर) जाग जाते हैं और पर्यटकों के बीच जंग छिड़ जाती है। फिल्म ने रिलीज के पहले ही दिन 35 लाख युआन से ज्यादा की कमाई कर बॉक्स ऑफिस चार्ट्स में टॉप किया था।





Big Snake 4 (2024)- इस पार्ट में विशाल सांपों के साथ-साथ अन्य म्यूटेंट और उड़ने वाले जीवों को शामिल कर ऐक्शन और वीएफएक्स (VFX) का दायरा शहरों और मिलिट्री ऑपरेशन्स तक बढ़ाया गया। इस फिल्म ने फ्रेंचाइजी की पकड़ को मजबूत बनाए रखा और दर्शकों को सीधे Snake 5 के शहरी विनाश वाले प्लॉट की ओर ले गई।  

#𝐀𝐰𝐚𝐫𝐚𝐩𝐚𝐧𝟐 के बाद #GunmaasterG9 बन जासूसी करेंगे #EmraanHashmi

 


इमरान हाशमी ने लेटेस्ट ब्लॉकबस्टर अवारापन 2 के बाद अपनी अगली बड़े पर्दे की फ़िल्म लॉक कर ली है। एक्टर आदित्य दत्त द्वारा डायरेक्टेड एक्शन एंटरटेनर गनमास्टर G9 में मुख्य भूमिका निभाएंगे, जिसके मेकर्स ने आधिकारिक तौर पर 27 नवंबर, 2026 को दुनिया भर में थिएटर में रिलीज़ की तारीख घोषित की है। यह फ़िल्म इमरान, आदित्य और म्यूज़िक कंपोज़र हिमेश रेशमिया को उनके पिछले कोलेबोरेशन के लगभग दो दशक बाद एक बार फिर साथ ला रही है।





गनमास्टर G9, सनमतेरीकसम और जीनियस की म्यूज़िकल सफलताओं के बाद, सोहम रॉकस्टार एंटरटेनमेंट और हिमेश रेशमिया के बीच एक और कोलेबोरेशन है। गनमास्टर G9 में इमरान हाशमी, जेनेलिया देशमुख और अपारशक्ति खुराना अहम रोल में हैं। फिल्म को दीपक मुकुट, संगीता अहीर और हुनर ​​मुकुट प्रोड्यूस कर रहे हैं और सोहम रॉकस्टार एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड इसे प्रेज़ेंट कर रहा है। एक्शन पर बेस्ड इस प्रोजेक्ट में इमरान के एक और एक्शन-ओरिएंटेड अवतार में दिखने की उम्मीद है, इससे पहले वे आवारापन 2 से सुर्खियों में आए थे। 





इमरान हाशमी, आदित्य दत्त और हिमेश रेशमिया का रीयूनियन इस प्रोजेक्ट के बारे में बातचीत के बड़े पॉइंट्स में से एक है। तीनों ने 2000 के दशक में (इमरान के करियर के पीक पर) साथ काम किया था, जिससे उनकी एक साथ वापसी उन दर्शकों के लिए खास तौर पर दिलचस्प हो गई है जो उनके सफल म्यूजिकल-एक्शन कोलेबोरेशन को याद करते हैं। हिमेश एक बार फिर म्यूजिक के लिए ज़िम्मेदार होंगे, जो नई फिल्म में एक मज़बूत नॉस्टैल्जिक एलिमेंट जोड़ देगा। 





इमरान हाशमी के लिए, गनमास्टर G9 उनके करियर के एक दिलचस्प मोड़ पर आई है। आवारापन 2 के बाद, जो अभी थिएटर में ब्लॉकबस्टर कलेक्शन के साथ चल रही है, इमरान हाशमी एक्शन-ड्रिवन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं, और नवंबर में रिलीज़ होने से फिल्म को साल के आखिर में थिएटर में एक ज़रूरी मौका मिलता है। जेनेलिया देशमुख और अपारशक्ति खुराना के उनके साथ जुड़ने से, मेकर्स फिल्म को एक कमर्शियल एक्शन एंटरटेनर के तौर पर पैकेज करना चाह रहे हैं।





गनमास्टर G9, एक एजेंट (जासूस) फ़िल्म है, और इसका मिथुन चक्रवर्ती की फ़िल्मों से सीधा संबंध है। इमरान हाशमी इस फ़िल्म में 'एजेंट ईश्वर' यानी 'एजेंट G9' की मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। यह फ़िल्म सीधे तौर पर मिथुन चक्रवर्ती की क्लासिक फ़िल्मों को एक ट्रिब्यूट (श्रद्धांजलि) देती है




फ़िल्म का नाम और थीम मिथुन चक्रवर्ती की 1979 की ब्लॉकबस्टर जासूसी फ़िल्म सुरक्षा और 1981 की फ़िल्म वारदात से लिया गया है। उन फ़िल्मों में मिथुन चक्रवर्ती ने एक सीबीआई ऑफिसर 'गोपी' का किरदार निभाया था, जिनका सीक्रेट कोडनेम गनमास्टर G9 था। 





इमरान हाशमी की यह फ़िल्म उसी पुरानी क्लासिक स्पाई थ्रिलर को आज के नए जमाने के एक्शन, रोमांस और संगीत के साथ पर्दे पर पेश करेगी।





गनमास्टर G9' की सटीक कहानी को मेकर्स ने अभी पूरी तरह से सीक्रेट (गोपनीय) रखा है, लेकिन यह पाकिस्तान पर केंद्रित फिल्म नहीं है। फिल्म से जुड़े अब तक के अपडेट्स के अनुसारयह किसी एक पड़ोसी देश (जैसे पाकिस्तान) पर केंद्रित पारंपरिक देशभक्ति वाली स्पाई फिल्म नहीं है। बल्कि, इसे एक "न्यू एज एक्शन ड्रामा" और "फैमिली एक्शन ड्रामा" के रूप में प्रमोट किया जा रहा है जो क्लासिक भारतीय जासूसी फिल्मों को एक स्टाइलिश ट्रिब्यूट देती है।





फिल्म के शुरुआती टीज़र में इमरान हाशमी को बंदूक चलाने वाले एक अनोखे 'दूधवाले' (एजेंट ईश्वर / G9), जेनेलिया डिसूजा को घर की बहू लेकिन चीनी चाकू से गुंडों को काटने वाली महिला, और अपारशक्ति खुराना को हाथ में बम लिए गुड़गांव के एक गैंगस्टर या विलेन के रूप में दिखाया गया है।




अंतरराष्ट्रीय स्पाई फिल्मों की तरह विदेशों के बजाय, इस फिल्म की मुख्य शूटिंग भारत में ही मुंबई, हरिद्वार और मसूरी की खूबसूरत और व्यस्त सड़कों पर की गई है, जहाँ एक बड़ा कार चेस (पीछा करने का) सीक्वेंस भी फिल्माया गया है।




फिल्म के निर्देशक आदित्य दत्त के अनुसार, कहानी में सिर्फ जासूसी और गोलियां ही नहीं चलेंगी, बल्कि इसमें इमरान हाशमी के पुराने अंदाज वाला भरपूर रोमांस, इमोशन और हिमेश रेशमिया का बेहतरीन संगीत भी मिलेगा। 

#lionsgateplayindia पर @duttsanjay और #namashichakraborty का #RSS पर #aakhrisawal

 


लायंसगेट प्ले पर उपलब्ध संजय दत्त की 'आखिरी सवाल' कोई वेब सीरीज़ या शो नहीं, बल्कि एक सोशियो-पॉलिटिकल ड्रामा फिल्म है। यह फिल्म एक प्रोफेसर (संजय दत्त) और उनके छात्र के बीच वैचारिक टकराव और इतिहास के संवेदनशील राजनीतिक मुद्दों पर आधारित है. यह फिल्म 14 अगस्त 2026 को ओटीटी प्लेटफॉर्म लायंसगेट प्ले पर रिलीज हुई है।




फिल्म 'आखिरी सवाल’ एक गुरु (संजय दत्त द्वारा निभाए गए प्रोफेसर गोपाल नाडकर्णी) और उनके छात्र विक्की (नमाशी चक्रवर्ती) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर एक थीसिस लिखी है।





छात्र अपने प्रोफेसर से इतिहास की विभिन्न घटनाओं (फिल्म मुख्य रूप से महात्मा गांधी की हत्या, 1975 का आपातकाल, बाबरी मस्जिद विध्वंस, स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका और 'हिंदू राष्ट्र' की अवधारणा से संबंधित तीखे सवालों व बहसों को चित्रित करती है।) को लेकर तीखे सवाल पूछता है और एक सार्वजनिक टीवी डिबेट का माहौल बनता है।




'आखिरी सवाल' में संजय दत्त के अलावा नमाशी चक्रवर्ती, अमित साध, समीरा रेड्डी और नीतू चंद्रा जैसे कलाकार शामिल हैं। इस फिल्म के निर्देशक अभिजीत मोहन वारंग हैं। फिल्म 'आखिरी सवाल' 15 मई 2026 को भारत सहित दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसे बड़ी असफलता का सामना करना पड़ा.





फिल्म का निर्माण लगभग 30 से 33 करोड़ के भारी-भरकम बजट में किया गया था। फिल्म की शुरुआत बेहद धीमी रही और इसने पहले दिन केवल 35 से 40 लाख की कमाई की। अपने पूरे थिएट्रिकल रन के दौरान यह फिल्म भारत में केवल 2.94 करोड़ नेट (लगभग 3.15 करोड़ ग्रॉस) ही कमा सकी। ओवरसीज (विदेशों) को मिलाकर इसका कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन केवल 3.96 करोड़ ग्रॉस के आसपास रहा।





भारी बजट और संजय दत्त जैसे बड़े नाम के बावजूद, लागत का 15% हिस्सा भी न निकाल पाने के कारण इसे बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ी फ्लॉप घोषित किया गया।





फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों से मिले-जुले (Mixed) रिव्यू मिले थे. द टाइम्स ऑफ इंडिया और कुछ समीक्षकों ने संजय दत्त और नमाशी चक्रवर्ती के बीच वैचारिक बहस और उनके अभिनय की तारीफ की, और इसे इतिहास व विचारधारा पर एक साहसिक फिल्म बताया। वही हिंदुस्तान टाइम्स और इंडिया टुडे जैसे कई बड़े मीडिया पोर्टल्स ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि फिल्म एक गहरी राजनीतिक बहस बनने के बजाय उपदेशात्मक (Preachy) और शोर-शराबे से भरपूर लगती है, जिसके कारण यह आम दर्शकों को जोड़ने में पूरी तरह असफल रही।





फिल्म 'आखिरी सवाल' वैचारिक रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पक्ष (Pro-RSS) में झुकी हुई है और इसे संघ के समर्थन में एक रक्षात्मक (Defensive) फिल्म के रूप में देखा जाता है। फिल्म के निर्माता निखिल नंदा ने खुद मीडिया साक्षात्कारों में स्पष्ट किया है कि यह फिल्म संघ के प्रति उनके गुरु-दक्षिणा के रूप में है, जिसका मुख्य उद्देश्य पिछले 100 वर्षों से RSS पर उठ रहे विवादित सवालों और भ्रांतियों को दूर करना है.




 

फिल्म 'आखिरी सवाल' राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रति शंकाओं का समाधान करती है या नहीं, यह पूरी तरह से दर्शक के अपने व्यक्तिगत नजरिए और वैचारिक झुकाव पर निर्भर करता है। फिल्म किसी निष्पक्ष जांच की तरह काम नहीं करती है। इसके बजाय, यह दो अलग-अलग दृष्टिकोणों को जन्म देती है: संघ के समर्थकों के नजरिए से (शंकाओं का समाधान) तथ्यों का प्रस्तुतीकरण: फिल्म में प्रोफेसर (संजय दत्त) ऐतिहासिक संदर्भों और अदालती फैसलों का उपयोग करते हैं। छवि सुधारने का प्रयास: महात्मा गांधी की हत्या के बाद संघ पर लगे प्रतिबंधों के हटने पर दिए गए कानूनी तर्क छवि सुधारने का प्रयास हैं।





राष्ट्रवादी दृष्टिकोण  संघ के सामाजिक कार्यों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को मजबूती से उभारा गया है। जो लोग संघ की विचारधारा के करीब हैं, उन्हें इन तर्कों से अपनी शंकाओं का समाधान मिलता है। आलोचकों और निष्पक्ष दर्शकों के नजरिए से फिल्म में छात्र के सवालों और प्रतिवादों   को जानबूझकर कमजोर दिखाया गया है। यह एक निष्पक्ष और स्वस्थ डिबेट के बजाय केवल एकतरफा उपदेश जैसी लगती है।





विरोधी या न्यूट्रल दर्शकों के लिए फिल्म कोई नया ठोस या ऐतिहासिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं करती है। नाटकीय संवादों और कमजोर पटकथा के कारण यह फिल्म वैचारिक रूप से किसी को प्रभावित करने में असफल रहती है।