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Saturday, 11 July 2026

हांफने लगी #YRF और #AliaBhatt की #Alpha


ऊपर का चित्र देखिये ! अल्फा के इस पोस्टर में हृथिक रोशन के चेहरे के बड़े से क्लोज़अप के नीचे अनिल कपूर और शरवरी से संरक्षित आलिया भट्ट कितनी डरी डरी  सी लग रही है। उनके डर का क्या कारण है ? शायद इस कहानी से आगे चल कर कोई निष्कर्ष निकले। 





ईश्वर की कृपा कि बिना पाकिस्तान में रिलीज़ हुए यशराज फिल्म्स की आलिया भट्ट अभिनीत फिल्म अल्फ़ा दूसर सप्ताह में प्रवेश कर गई।  अब यह बात दूसरी है कि दूसरे शुक्रवार इस फिल्म का कलेक्शन औंधे मुंह गिर रहा है।  यशराज फिल्म्स और आलिया भट्ट की स्पाई यूनिवर्स की फीमेल स्पाई फिल्म अल्फा ५० करोड़ के लिए हांफ रही है।  क्या इसे अल्फा और स्पाई यूनिवर्स की ख़त्म कहानी समझा जाए ?





अल्ला अल्ला खैर सल्ला करते करते अल्फा दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर गई।  किन्तु, दूसरे शुक्रवार इसका १.६५ करोड़ का विशुद्ध व्यवसाय, इसके एक दिन पहले के २.५० के विशुद्ध व्यवसाय से ३४ प्रतिशत गिरावट वाला था।  यद्यपि, यह गिरावट अजय देवगन की हास्य फिल्म धमाल ४ की रिलीज़ के कारण हुई, क्योंकि इसके यह स्क्रीन धमाल ४ को आवंटित कर दिए गए।  





 किन्तु, पहले सप्ताह की कहानी भी तो कुछ उत्साहजनक नहीं नहीं रही। शिव रवैल द्वारा निर्देशित यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की सातवीं फिल्म अल्फा ने पहले दिन ९.२५ करोड़ का नेट जुटाया। इस नेट में अगले दो दिनों में वृद्धि हुई। फिल्म ने शनिवार को ११.५०  करोड़ और रविवार को १३.२५ करोड़ का विशुद्ध कारोबार किया। किन्तु, सप्ताहांत समाप्त होते ही यह औंधे मुंह गिरी। फिल्म के व्यवसाय में ७० प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई।  फिल्म ने ३.८५ करोड़ का नेट किया। 





इसके बाद, यशराज फिल्म्स ने एक में एक फ्री का कार्ड खेला।  इससे फिल्म के कलेक्शन में वृद्धि हुई।  फिल्म ने ४० लाख अधिक का व्यवसाय कर लिया। किन्तु, क्या यह पर्याप्त था ? इससे और कुछ नहीं तो यह अवश्य साफ हो गया कि दर्शक फ्री के लालच में नहीं आने वाला। इसका प्रमाण आगामी दो दिनों में सामने आया।  फिल्म ने बुद्धवार को २.८५ करोड़ और गुरुवार को इससे भी कम २.५० करोड़ का व्यवसाय किया।





स्पष्ट रूप से फिल्म पहले सप्ताह पचास करोड़ का विशुद्ध व्यवसाय नहीं कर पाई। जबकि, यह ओवररेटेड स्पाई यूनिवर्स की फिल्म थी।  इसके साथ फिल्म को पहले दिन ७५३४ शो दिलवा देने वाला बैनर था। 





दलील दी जा रही है कि फिल्म के परदे अजय देवगन की फिल्म को चले गए।  यह तर्क अपनी जगह सही हो सकता है। किन्तु, पहले सप्ताह में क्या हुआ ? रविवार को ७४३९ शो में १३.२५ करोड़ का  विशुद्ध व्यवसाय करने वाली फिल्म अगले दिन ७४२ शो ७० प्रतिशत कैसे गिर गई? बिना किसी नई फिल्म के रिलीज़ हुये,अल्फा के परदे कैसे कम हो गए? 





कुछ भी हो, अल्फा ९वे दिन और उतार पर है।  फिल्म दोपहर तक पचास करोड़ का आंकड़ा नहीं छू पाई है। इसका तीन बजे दोपहर तक का कुल करोबार ४९.६६ करोड़ ही है। फिल्म के सौ ४८३१ से घट कर १५८२ रह गए है।  फिल्म का  वर्ल्ड वाइड ग्रॉस ८२.०६ का हो गया है। यह स्पाई यूनिवर्स का सबसे घटिया प्रदर्शन है।  






अल्फा के घटिया प्रदर्शन के लिए घटिया कहानी और पटकथा के अतिरिक्त आलिया भट्ट का घटिया चुनाव भी है।  वह किसी भी स्तर पर भाड़े की हत्यारिन नहीं लगती। ऎसी भूमिका में उनसे अधिक प्रभावित बेबी डू डाई डू की हुमा कुरैशी करती है। 






आलिया भट्ट ने, विगत कुछ  सालों में असफल फिल्मों की श्रृंखला बना दी है।  वह अल्फा के अतिरिक्त जिगरा, हार्ट ऑफ स्टोन, रॉकी और रानी की प्रेम कहानी, ब्रह्मास्त्र, डार्लिंग्स, गंगूबाई काठियावाड़ी, सड़क २, स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर २ तथा कलंक जैसी बॉक्स ऑफिस पर कलंक फ़िल्में दे चुकी है। क्या अल्फा असफलता के बाद, आलिया भट्ट का करियर समाप्त हो जाएगा।  ऎसी आशा तो नहीं की जा सकती। किन्तु, आलिया भट्ट ने यशराज फिल्म की स्पाई यूनिवर्स की फिल्मों के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह अवश्य लगा दिया है।






समाचार है कि संजय लीला भंसाली लव एंड वॉर में आलिया भट्ट के दृश्यों को छोटा कर रहे है।  यह भी समाचार है कि फरहान अख्तर अपनी फिल्म को जिन्दा रखने के लिए जी ले जरा से आलिया भट्ट को निकालने जा रहे है।





सबसे बड़ी बात ! क्या यशराज फिल्म्स अपनी अगली स्पाई यूनिवर्स फिल्म पठान २ और टाइगर वर्सेज पठान को घोषणा से आगे ले जाएगा ? अभी कुछ भी कहना जल्दी होगी। कदाचित, आदित्य चोपड़ा को सिद्धार्थ आनंद निर्देशित और २४ दिसंबर को प्रदर्शित होने जा रही एक्शन थ्रिलर फिल्म किंग को दर्शको के रुझान की प्रतीक्षा होगी। 

Sunday, 21 June 2026

क्या #Alpha पर टिका है #YRF के #SpyUniverse का भविष्य ?



अल्फा के, १७ जून को अनावृत ट्रेलर को मिली जुली प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है।  यह प्रतिक्रियाएं उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव की तरह है।  इससे फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर मिल सकने वाले प्रतिसाद को स्थापित नहीं किया जा सकता।  किन्तु, महिला प्रधान एक्शन फिल्म अल्फा को, पूर्व में प्रदर्शित महिला प्रधान एक्शन फिल्मों के प्रकाश में अल्फा की सफलता पर कोई टिप्पणी तो की ही जा सकती है।





 शिव रवैल द्वारा निर्देशित फिल्म अल्फा को, फ्रेंच फिल्म ला फेम्मे निकिता की रीमेक बताया जा रहा है।  फ्रेंच फिल्म, एक पोलिसवाले की ह्त्या के लिए सजायाफ्ता छोटी बच्ची की कहानी थी, जिसे एक सरकारी व्यक्ति अपने लिए भाड़े की हत्यारी बना कर ट्रेनिंग देता है।  फिल्म के ट्रेलर में बॉबी देओल ऐसा करते दिखाई देते है। इस दृष्टि से, एक्शन फिल्म कहा जा सकता है।  





किन्तु, जहाँ मूल फिल्म सरकार के लिए ह्त्या करने वाली लड़की की कहानी थी, वहीँ रीमेक फिल्म अल्फा, निर्माता अदित्य चोपड़ा के स्पाई यूनिवर्स के अंतर्गत बनाई गई फिल्म है। इससे स्पष्ट है कि अल्फा  किसी सरकार की एजेंट है।  इससे इसे, सीक्रेट एजेंट एक्शन फिल्म कहा जा सकता है। 





ऐसे में, हिंदी फिल्मों के इतिहास पर दृष्टिपात करते हुए, यह जानना  उपयुक्त होगा कि बॉलीवुड ने कितनी महिला प्रधान एक्शन स्पाई फिल्म बनाई हैं और इनमे से कितनी फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल हुई है या दर्शकों द्वारा मान्यता प्राप्त है। 




भारतीय सिनेमा में महिला जासूस या रॉ एजेंट की भूमिकाओं वाली फिल्मों की बात करें तो आलिया भट्ट की फिल्म राज़ी (रॉ एजेंट) की नायिका भारत के लिए जासूसी करने के लिये एक पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी से निकाह करती है।  इससे काफी पहले, विद्या बालन की फिल्म कहानी पूरी फिल्म तक एक गर्भवती महिला की कोलकत्ता में अपने पति की खोज का कथानक प्रतीत होती थी, किन्तु, क्लाइमेक्स में आ आकर पता चलता था कि वह अंडरकवर थी।





तापसी पन्नू ने फिल्म बेबी में अंडरकवर एजेंट की छोटी भूमिका की थी। इस फिल्म के बाद, वह फिल्म नाम शबाना में अंडरकवर नायिका बन गई। फाॅर्स २ में सोनाक्षी सिन्हा, जॉन अब्राहम के साथ एक मिशन पर जाने वाली रॉ एजेंट बनी थी। फिल्म धूम २ में ऐश्वर्या राय का चरित्र सुनहरी भी अंडरकवर थी। 





इन सभी फिल्मों को ध्यान में रखें तो पता चलता है कि महिला अंडरकवर वाली अधिकतर फ़िल्में पूरी तरह से महिला चरित्र पर निर्भर नहीं थी।  बेबी के कथानक के केंद्र में अक्षय कुमार थे।  नाम शबाना, तापसी पन्नू की शबाना पर केंद्रित थी। किन्तु, फिल्म फ्लॉप हुई थी। फाॅर्स २ की सोनाक्षी सिन्हा भी, जॉन अब्राहम की जोड़ीदार एजेंट थी।  यही बात धूम २ की सुनहरी उर्फ़ ऐश्वर्या राय के लिए कही जा सकती है। 





 

स्पष्ट  रूप से, बॉलीवुड ने, विशेष रूप से महिला एजेंट पर फिल्म नहीं बनाई है।  केवल राज़ी और कहानी अपवाद स्वरुप हैं।  आलिया भट्ट और विद्या बालन अभिनीत यह दोनों फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल भी हुई थी।  






 यह सोचना कि आलिया भट्ट अभिनीत रॉ एजेंट फिल्म राज़ी सफल हुई थी तो अल्फा भी सफल होगी, ठीक नहीं होगा।  राज़ी में आलिया रॉ एजेंट थी। किन्तु, एक्शन नहीं थे।  अल्फा में एक्शन को महत्त्व दिया जा रहा है। किन्तु, आलिया भट्ट एजेंट की तरह रफ़ टफ नहीं लगती।  वह नाज़ुक बदन बॉलीवुड की फिल्म नायिका जैसी लगती है। इसलिए, अल्फा के यशराज फिल्म्स की स्पाई यूनिवर्स की फिल्म होने के नाते सफल होने की उम्मीद लगाना उपयुक्त नहीं होगा।





यशराज फिल्म्स द्वारा, अल्फा की अल्फा पर बॉबी देओल के चरित्र पर अधिक जोर दिया जा रहा है।  इससे ऐसा प्रतीत होता है कि बैनर भी सशंकित है।  या फिर वह देखना चाहता है कि टाइगर ३ की मद्धम सफलता और वॉर २ की असफलता के बाद, अल्फा को दर्शक किस प्रकार का रिस्पांस देता है। क्योंकि, इस फिल्म पर यशराज बैनर के स्पाई यूनिवर्स का भविष्य टिका हुआ है।  यदि अल्फा गिरी तो स्पाई यूनिवर्स भी ध्वस्त हो जायेगा। 

Saturday, 13 June 2026

#YRF की #ShivRawail निर्देशित फिल्म #Alpha का टीज़र



आदित्य चोपड़ा की यश राज फिल्म्स ने 'अल्फा' का टीज़र रिलीज़ किया है, जिसमें आलिया भट्ट मुख्य भूमिका में हैं। यह टीज़र YRF स्पाई यूनिवर्स में एक युवा हत्यारी (assassin) की शुरुआती कहानी दिखाता है, जिसे मारने के लिए ही पाला-पोसा और तैयार किया गया है!





पहले टीज़र में, YRF ने एक ऐसी हत्यारी (आलिया) की कहानी पेश की है जिसे बॉबी देओल ने पाला-पोसा है। YRF जल्द ही दूसरी मुख्य अभिनेत्री, शरवरी के किरदार का भी खुलासा करेगा, क्योंकि वे अपने मार्केटिंग कैंपेन के ज़रिए दर्शकों के सामने हर किरदार को पेश कर रहे हैं।






'अल्फा' पूरी तरह से मनोरंजन से भरपूर (पॉपकॉर्न एंटरटेनर) फिल्म है। यह सिनेमा में महिलाओं के नेतृत्व वाली ऐसी एक्शन फिल्म है जो पहले कभी नहीं बनी; यह दो लड़कियों के 'अल्फा' एटीट्यूड का जश्न मनाती है!






'अल्फा' का अनुभव एक रोमांचक सफर जैसा होगा - जिसमें रोमांच, भावनाएं, मज़ाक, अनपेक्षित मोड़ और भरपूर मनोरंजन होगा।






शिव रवैल द्वारा निर्देशित 'अल्फा' 3 जुलाई, 2026 को दुनिया भर में सिर्फ़ सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। इसमें बॉबी देओल और अनिल कपूर भी अहम भूमिकाओं में हैं!

Friday, 10 April 2026

#SoorajBarjatya की #YehPremMohMayaHai में #AyushmannKhurrana और #Sharvari का प्रेम



 नवीनतम समाचार के अनुसार,  फिल्म निर्माता निर्देशक सूरज बड़जात्या ने, अपनी यह प्रेम मोल लिया शीर्षक वाली फिल्म का शीर्षक बदल कर यह प्रेम मोह माया है, कर दिया है।  जैसा कि सूरज बड़जात्या की फिल्मों के शीर्षक की शैली होती है, दोनों ही शीर्षकों में प्रेम सम्मिलित था। किन्तु, इनमे सूरज के पहले प्रेम सलमान खान नहीं है। 





२०२३ से, यह  समाचार आ रहे थे कि सूरज बड़जात्या और सलमान खान अगली फिल्म में काम करने  जा रहे है। उस समय इस फिल्म का नामा प्रेम की शादी होना था। यह फिल्म सूरज बड़जात्या की पारिवारिक फिल्मों की परंपरा में होने के बाद भी पर्याप्त भिन्न थी। यह एक जोड़े के प्रेम की, एकल परिवार, के कथानक से गुंथी प्रेम कथा थी।





२०१५ में, सलमान खान ने सूरज बड़जात्या के निर्देशन में, सोनम कपूर के साथ फिल्म प्रेम रतन धन पायो की थी।  इसके बाद से, यह दोनों ही, साथ काम करने के लिए उपयुक्त पटकथा की तलाश में थे।





२०२४ में फिर यह खबर आई कि सलमान खान और सूरज बड़जात्या एक फिल्म के लिए फिर से साथ आने वाले हैं। किन्तु, जहाँ पहले कहा जा रहा था कि फिल्म का नाम ‘प्रेम की शादी’ होगा, वहीं फिल्म का यह शीर्षक नहीं होना था । बॉलीवुड फिल्मों पर एक वेब पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार, सलमान और सूरज ने आखिरकार अपनी आने वाली फिल्म की स्क्रिप्ट फाइनल कर ली है, लेकिन अभी तक उसका नाम तय नहीं किया है।किन्तु, इसके मार्च २०२६ में पता चला कि अभी ऐसा कुछ भी नहीं है। सूरज ‘प्रेम की शादी’ नाम से कोई फिल्म नहीं बना रहे हैं। बात ख़त्म !





अब समाचार है कि सूरज  बड़जात्या के निर्देशन में बनाई जा रही फिल्म यह प्रेम मोल लिया की शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी है।  इस फिल्म के नायक प्रेम आयुष्मान खुराना है।  उनकी प्रेमिका शरवरी वाघ होंगी।  कहा जा रहा है कि फिल्म यह प्रेम मोल लिया की शूटिंग इस महीने या आगामी माह मई तक अवश्य पूरी हो जाएगी।




  

फिल्मों की सूरज शैली वाली फिल्म यह प्रेम मोल लिया बनी मधुर संगीत से भरपूर प्रेम कहानी होगी।  इस फिल्म के रोमांटिक संगीत के लिए हिमेश रेशमिया यह प्रेम मोल लिया की टोली में शामिल किये गए है। राजश्री फिल्म्स की फिल्मों के नियमित संगीतकार रविंद्र जैन की असामयिक मृत्यु के पश्चात्, फिल्म प्रेम रतन धन पायो में हिमेश रेशमिया ने उनकी जगह ले ली थी।  इस प्रकार से, यह प्रेम  मोल लिया, सूरज बड़जात्या के लिए हिमेश की दूसरी फिल्म है। 





अब प्रश्न यह है कि क्या संगीत से सनी सूरज  बड़जात्या की प्रेम कहानी फिल्म दर्शक स्वीकार करेंगे। इसमें कोई संदेह नहीं कि सूरज बड़जात्या की शैली की फ़िल्में विशुद्ध, भावुक, परिवार-केंद्रित रोमांस, जिसमें सरल प्रेम, संस्कार, संगीत, परिवार की एकता और प्रेम  जैसे ग्रीन फ्लैग फ़िल्में बनाई है। इस शैली की फ़िल्में आज के दर्शकों के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया पाती है। दर्शकों का एक वर्ग, जो अतीत के विशुद्ध पारिवारिक रोमांस को पसंद करता है, ऎसी फिल्म स्वीकार करते हैं, किन्तु, आज का कथित जेन जेड और मिलेनियल युवा दर्शक अक्सर इसे पुराना या 'सांस्कारिक' मानते हैं।





सूरज बड़जात्या की फिल्में १९९० और २००० के दशक में खूब चलीं।  क्योंकि तब पारिवारिक मूल्यों और भावुक कहानियों से जुड़ने वाला दर्शक पर्याप्त था। अमिताभ बच्चन का क्रुद्ध युवा का नशा युवाओं पर नहीं चढ़ा था। इसी लहर में बहते हुए सूरज बड़जात्या मैंने प्यार किया, हम आपके हैं कौन, हम साथ साथ हैं, विवाह, एक विवाह ऐसा भी और प्रेम रतन धन पायो हिट हो गई। किन्तु, प्रेम रतन धन पायो ने एक संकेत दे दिया था। हिट संगीत तथा सलमान खान और सोनम की फिल्म प्रेम रतन धन पायो, राजश्री की प्रेम फिल्मों में सबसे कम १९४ करोड़ का विशुद्ध व्यवसाय करने वाली फिल्म थी। इस कम दर्शकों  ने भी देखा। स्वयं सूरज बड़जात्या भी इसे स्वीकार करते  हुए कहते हैं कि आज का दर्शक कबीर सिंह जैसी इंटेंस फिल्में पसंद करता है।





ऎसी दशा में, क्या आयुष्मान खुराना और शरवरी का एकल परिवार रोमांस दर्शक स्वीकार करेंगे ? सफल हो सकता है तभी यदि दर्शक आयुष्मान-शरवरी में शुद्ध रोमांस अनुभव करे।  क्या ऐसा संभव है ? आयुष्मान खुराना की इमेज विशिष्ट रोमांस फिल्में नहीं की है। उनकी हालिया प्रदर्शित फिल्मों थम्मा, ड्रीम गर्ल, एन एक्शन हीरो, आर्टिकल १५, अंधाधुन, आदि ने उनकी रोमांटिक इमेज नहीं बनने दी है। स्वयं खुराना ने भी ऐसी फिल्में चुनी हैं, जो पारम्परिक बम्बईया नहीं थी।




 

कुछ यही दशा शरवरी वाघ की है। कॉन फिल्म बंटी और बबली २ से हिंदी फिल्मों में  पदार्पण करने वाली शरवरी की आगामी फिल्म अल्फा की बड़ी चर्चा है। किन्तु, यह प्रेम मोह माया है की कोई विशेष चर्चा नहीं हो रही। क्योंकि, शरवरी  की मुँज्या और महराज जैसी फिल्मे उनकी रोमांटिक इमेज में सहायक नहीं है। प्रदर्शित फिल्म वेदा और आगामी दो तीन फ़िल्में उनके एक्शन के प्रति रुझान का संकेत है। 





क्या इतने विपरीत के बाद भी यह प्रेम मोह माया है सफल हो सकेगी ? फिल्म की सफलता के बड़े कारण है। विगत कुछ महीनों में प्रदर्शित रोमांस फिल्मों सैयारा, एक दीवाने की दीवानीयत, तेरे इश्क़ में, आदि को मिली सफलता दर्शकों द्वारा रोमांस को संरक्षण देने की ओर इशारा करने वाली है। दर्शको की नब्ज पहचाने वाले फिल्म दर्शक पुष्टि करते हैं कि दर्शक रोमांस का दीवाना है। विशेष रूप से त्योहारों में, दर्शक सपरिवार पारिवारिक रोमांस फिल्में देखने निकलता है।




राजश्री फिल्म्स, अपनी फ़िल्में बड़े योजनाबद्ध ढंग से करता है। उनका झुकाव वर्ड ऑफ़ माउथ अर्थात दर्शकों की प्रतिक्रिया पर निर्भर करती है। वह बैनर अपनी फिल्मो के प्रति दर्शकों में उत्सुकता जगाता है। इसलिए, फिल्मों को कम प्रिंट में रिलीज़ करता है। दर्शकों के रुझान के साथ फिल्म के प्रिंट भी बढ़ते चले जाते हैं। सूरज बड़जात्या की पहली फिल्म मैंने प्यार किया मात्र २९ प्रिंट में प्रदर्शित की गई थी। हम आपके हैं कौन के तो केवल २६ प्रिंट रिलीज़ किये गए थे। जबकि, हम साथ साथ हैं के ६० प्रिंट बाहर आये थे। इस व्यूह रचना से, यह फिल्म कंपनी अच्छे दर्शक पाने में सफल होती है। 





फिल्म यह प्रेम मोह माया है को भी फिल्म प्रदर्शन के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा होगी। आज के समय में ओपनिंग वीकेंड तो स्टार पावरट्रेलर और मार्केटिंग से तय हो जाता हैलेकिन लॉन्ग रन और मल्टीप्लेक्स/सिंगल स्क्रीन्स में ग्रोथ दर्शकों की प्रतिक्रिया से ही तय होती है। सैयारा, एक दीवाने की दिवानीयत, तेरे इश्क़ में, आदि रोमांस फिल्मे दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया के बल पर सफल हो सकी। अब देखने की बात होगी कि यह प्रेम मोह माया है  दर्शकों में अपने प्रति मोह जगा कर, उनसे माया (पैसा) वसूल पाएगी ?  

Tuesday, 26 November 2024

वर्कआउट के लिए प्रेरित करेंगे शर्वरी के एथलीजर स्टाइल




फिल्म अभिनेत्री शर्वरी ने सोशल मीडिया पर अपने 'मंडे मोटिवेशन' सीरीज से तहलका मचा रखा है, जिसमें वे अपने कठोर वर्कआउट सेशन्स और फिट बॉडी को फ्लॉन्ट करती नजर आती हैं। उनके एथलीजर फैशन ने इंटरनेट पर धमाल मचा दिया है, जिसमें आराम और स्टाइल का बेहतरीन तालमेल देखने को मिलता है। ताजगी और यंग फैशन के लिए मशहूर शर्वरी के आउटफिट्स में स्लीक सिल्हूट्स, बोल्ड रंग और ट्रेंडी कट्स देखने को मिलते हैं। शर्वरी ने यह साबित किया है कि एक्टिव रहने का मतलब फैशनेबल रहना भी है। चाहे वे जिम में हों, बीच पर हों या पेडल खेल रही हों, शर्वरी दिखाती हैं कि एथलीजर सिर्फ एक ट्रेंड नहीं बल्कि एक लाइफस्टाइल स्टेटमेंट है।




 

बारबेल रो वर्कआउट से पंप अप करती हुई शर्वरी अपने वर्कआउट की तीव्रता को एक स्पोर्टी आउटफिट में पेश करती हैं जो फंक्शनल और ट्रेंडी दोनों है। स्पोर्ट्स ब्रा और ट्रेनिंग शॉर्ट्स के कॉम्बिनेशन में, वे दिवाली के बाद अल्फा ट्रेनिंग के लिए तैयार हैं। सोशल मीडिया पर उनके फैंस उन्हें 'क्वीन' कहते हुए उनकी फिटनेस की तारीफ कर रहे हैं। यह आउटफिट हर उस इंसान के लिए है जो अपने फिटनेस रूटीन को एक स्टाइलिश टच देना चाहता है।




 

 

 

पेडल के खेल में रौनक बढ़ाते हुए शर्वरी पेडल खेलते हुए ब्रीदेबल फैब्रिक और फ्लैटरिंग फिट वाले आउटफिट में नजर आती हैं। उनका यह स्लीक एथलीजर लुक एक कूल और कंफर्टेबल वर्कआउट आउटफिट है जो वर्कआउट करने के लिए प्रेरित करता है।

 




 

 

जिम बॉल वर्कआउट में ताकत दिखाते हुए अगर आप जिम में जमकर पसीना बहाना चाहते हैं, तो स्पोर्ट्स ब्रा और ट्रैकसूट का कॉम्बिनेशन बेस्ट है। अपनी रिफ्टेड एब्स को फ्लॉन्ट करते हुए शर्वरी का यह स्लीक और फिटिंग लुक उनके डेडिकेशन और एथलीजर स्टाइल की पहचान है।

 




 

 

बॉक्सिंग सेशन में बीस्ट मोड ऑन बॉक्सिंग सेशन के दौरान फ्री मूवमेंट के लिए परफेक्ट फिट वाली स्पोर्ट्स टाइट्स एकदम सही विकल्प है। उनके फैंस इस लुक में उनके हॉट और फियरलेस अवतार की तारीफ कर रहे हैं। जो लोग फिटनेस फैशन में स्टाइल के साथ हॉटनेस चाहते हैं, उनके लिए यह एक आदर्श आउटफिट है।

 




 

 

बीच रन के साथ दिन की शुरुआत बीच पर अच्छा वर्कआउट एक स्टाइलिश को-ऑर्ड के बिना अधूरा है! शर्वरी का यह आउटफिट उनके फैंस को 'क्रश' बनने का कारण देता है। यह एथलीजर लुक बीच पर रनिंग के लिए परफेक्ट इंस्पिरेशन है और साथ ही स्टाइल को भी बढ़ाता है।