Sunday, 28 June 2026

#Pathan को ललकार रहा #AjayDevgn का #Chauhan !



अजय देवगन की आगामी एक्शन ड्रामा फिल्म चौहान की घोषणा उनके पिता और दिग्गज एक्शन डायरेक्टर वीरू देवगन की जयंती पर की गई है। यह फिल्म कश्मीर की पृष्ठभूमि है। इस फिल्म में अजय एक फौजी के अवतार में दिखाई देंगे। फिल्म १ अक्टूबर २०२७ को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।




  

फिल्म चौहान का टीज़र अनावृत होते ही इंटरनेट पर छा गया है। इसमें अजय देवगन का एक दमदार डायलॉग काफी वायरल हो रहा है, "पठानों से कहना, चौहान आ रहा है।" 
फिल्म की घोषणा के वीडियो में कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाओं और भारतीय सैनिकों की चुनौतियों को दिखाया गया है।  






अजय देवगन का बोला गया यह संवाद पठानों से अधिक शाहरुख़ खान के पठान को मिर्ची लगाने वाला प्रतीत होता है। कुछ ने यहाँ तक समाचार रेल दिया कि शाहरुख़ खान इस संवाद से बेहद झल्लाए हुए है। उन्हें यह अपने लिए चुनौतीपूर्ण संवाद लग रहा है। इसके कारण भी है। 





अजय देवगन और शाहरुख़ खान की प्रतिद्वंद्विता का प्रारम्भ १९९५ में, राकेश रोशन की फिल्म करण अर्जुन की कास्टिंग के समय जन्मा था।  उस समय, प्रारम्भ में इस फिल्म में शाहरुख़ खान के साथ अजय देवगन को लिया जाना तय हुआ था। कहा जाता है कि शाहरुख़ खान और अजय देवगन, दोनों को ही फिल्म की स्क्रिप्ट पसंद नहीं आई थी। इसलिए दोनों ने ही यह तय किया कि वह फिल्म से निकल जाए। किन्तु, बताते हैं कि शाहरुख़ खान ने अजय देवगन को धोखा दिया और बाद में वापस आ कर राकेश रोशन से सौदेबाजी कर फिल्म में वापस आ गए और अजय देवगन की जगह सलमान खान को ले लिया गया। 





इन दोनों का दूसरा टकराव २०१२ की दिवाली में हुआ।  उस दिवाली शाहरुख़ खान की फिल्म जब तक है जान और अजय देवगन की फिल्म सन ऑफ़ सरदार प्रदर्शित हो रही थी।  जब तक है जान यशराज फिल्म्स की थी। जैसी की इस बैनर की तिकड़म होती है, इस बैनर ने वितरको पर दबाव बना कर अपनी फिल्म के लिए सिनेमाघर हथियाने शुरू कर दिए।  इसे लेकर अजय देवगन कम्पटीशन कमीशन ऑफ़ इंडिया भी गए थे। यद्यपि, अजय देवगन को दिवाली का हीरो माना जाता था। किन्तु, यशराज फिल्म्स की तिकड़मों के कारण अजय देवगन की फिल्म दिवाली का पूरा फायदा नहीं उठा पाई।






इस फिल्म का निर्देशन नीरज यादव कर रहे है। किन्तु, जिओ स्टूडियोज के साथ एक अन्य निर्माता आनंद एल राय का कलर येलो प्रोडक्शंस भी है।   बताते चले कि आनंद एल राय ने  शाहरुख़ खान के साथ फिल्म जीरो बनाई थी। यह फिल्म २०१८ की विनाशकारी फिल्म साबित हुई थी। 





कुछ भी हो शाहरुख़ खान को मिर्च लगना स्वभाविक है। वैसे वह भी इस प्रकार के खेल खेलते रहते हैं। उनकी फिल्म जवान के 'बेटे को हाथ लगाने से पहले बाप से बात कर' को सरकार के विरोध में तक उपयोग किया गया था।  इसलिए वह अच्छी तरह से समझ रहे हैं कि आनंद एल राय और अजय देवगन ने इस बार खेला कर दिया है।  फिल्म चौहान का 'पठानो से यह कहना, चौहान आ रहा है' फिल्म को हिट बना चुका है।  अजय देवगन के प्रशंसक 'पठानों से कहना' शब्द को 'पठान से कहना' बना कर शाहरुख़ खान और उनकी फिल्म पठान के लिए चुनौती की तरह पेश कर रहे है। इस तरकीब से अजय देवगन की १ अक्टूबर २०२७ के प्रदर्शन के लिए तय फिल्म भारी प्रचार बटोर चुकी है।  






फिल्म के संवादों का इस तरह का प्रयोग निश्चित रूप से सामाजिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील है।  कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह आज के समय में फिल्मों के विपणन और प्रचार की एक सोची-समझी रणनीति का भाग है। बॉलीवुड और भारतीय सिनेमा में ऐतिहासिक या सीमा-पार के संघर्षों पर आधारित फिल्मों के लिए ऐसे भारी-भरकम और आक्रामक संवादों का उपयोग सामान्य रहा है। फिल्म निर्माता जानते हैं कि ऐसे बयानों से सोशल मीडिया पर तुरंत चर्चा मिलती है और बहस शुरू हो जाती है। इससे फिल्म को मुफ्त का प्रचार मिल जाता है।






कश्मीर या पाकिस्तान के साथ संघर्ष की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्मों  का एक लक्षित दर्शक होता है।  ऐसे संवाद फिल्म के मुख्य नायक (चौहान) के साहसी और कड़े चरित्र को स्थापित करने के लिए इस्तेमाल किया गया है, जो राष्ट्रवाद और एक्शन फिल्मों के शौकीन दर्शकों को सिनेमाघरों तक आकर्षित करने का प्रयास है। 






यद्यपि, आलोचकों और समाजशास्त्रियों का मानना है कि किसी विशिष्ट समुदाय (जैसे पठान या कोई अन्य जातीय समूह) को सीधे तौर पर एक विलेन या चुनौती के रूप में पेश करने वाले संवाद सामाजिक विभाजन या रूढ़िवादिता को बढ़ावा दे सकते हैं। किन्तु, कल्पना के घोड़े पर सवार बॉलीवुड फिल्मे ऐसा विभाजन करने में विशेष समर्थ नहीं होती। 






इतना कहा जा सकता है कि इस प्रकार के संवाद केवल मनोरंजन और कहानी के विलेन-हीरो के टकराव के रूप में ही देखे जाने चाहिए। इसे समकालीन सामाजिक-राजनीतिक वातावरण का लाभ उठाने के प्रयास के रूप में भी देखा जा सकता है। यह दर्शको में फिल्म के  प्रदर्शन से पर्याप्त पूर्व ही भावनात्मक प्रतिक्रिया देने वाली कोशिश साबित होती है।  






अब कुछ हल्का हो जाये। फिल्म चौहान के टीज़र में जुम्मा चुम्मा दे दे गाने का प्रयोग फिल्म निर्माताओं की एक गहरी और दोहरी रणनीति को दर्शाता है। इसका अमिताभ बच्चन से कोई सीधा मिलान (Crossover) नहीं है, लेकिन इसके पीछे कुछ खास रचनात्मक और सामाजिक कारण अवश्य है 1 फिल्म में इस गीत का उपयोग कर विरोधाभास और प्रभाव पैदा करना।







टीज़र में कश्मीर (पुलवामा) के तनावपूर्ण माहौल, शुक्रवार की नमाज़ (जुम्मा) के बाद होने वाली पत्थरबाजी और लाउडस्पीकर पर होने वाले ऐलानों को दिखाया गया है।  इसी गंभीर बैकग्राउंड के बीच में अचानक से यह एनर्जेटिक और मस्ती भरा गाना बजता है, जो दर्शकों को चौंकाने और अजय देवगन की दमदार एंट्री को धमाकेदार बनाने के लिए पर्याप्त है।




निर्माताओं ने कश्मीर में जुम्मे (शुक्रवार) के दिन होने वाली पत्थरबाजी और पठान (स्थानीय चुनौती) को काउंटर करने के लिए फिल्मी अंदाज़ में इस गाने के शब्दों का सहारा लिया है।






'जुम्मा चुम्मा' एक बेहद लोकप्रिय रेट्रो गाना है। एक्शन फिल्मों में पुराने गानों को मॉडर्न बीट्स के साथ रीमिक्स या बैकग्राउंड में यूज़ करना आज की तारीख में दर्शकों को आकर्षित करने का एक लोकप्रिय ट्रेंड बन चुका  है।






पर इसका अमिताभ बच्चन से कोई सीधा मिलान नहीं है। टीज़र में अपने गाने के इस नए वर्जन के इस्तेमाल पर अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया पर खुद इस वीडियो को शेयर किया।  उन्होंने अजय देवगन और मेकर्स की सराहना करते हुए लिखा, "अजय की सराहना, चौहान आ रहा है।"







अब यह बात दूसरी है कि सोशल मीडिया पर शाहरुख खान और अजय देवगन के प्रशंसकों के बीच युद्ध सा छिड़ गया है। कई इसे शाहरुख खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'पठान' पर सीधा कटाक्ष या ओपन चैलेंज मान रहे हैं।






ऎसी फिल्मों में राजनीतिक एंगल  (फिल्म में २०१८ के पुलवामा विस्फोट की पृष्ठभूमि और बड़े पैमाने पर पत्थरबाजी को दिखाए जाने के कारण) इंटरनेट पर एक वर्ग इसे प्रोपेगैंडा फिल्म कह रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स इसकी तुलना 'द कश्मीर फाइल्स', 'द केरल स्टोरी' और हालिया राजनीतिक थ्रिलर फिल्मों से कर रहे हैं। वहीं कुछ आलोचकों का आरोप है कि फिल्म में एक खास 'हिंदू-मुस्लिम' और ध्रुवीकरण का एंगल देने की कोशिश की गई है।






विवाद चाहे जो भी खड़े किये जाएँ फिल्म चौहान पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। फिल्म के १५ महीने बाद प्रदर्शित होने तक हवा और बनेगी।  यह हवा निम्न कारणों से बनेगी -  






फिल्म चौहान  की कहानी की पृष्ठभूमि पुलवामा और कश्मीर का यथार्थ है। यह फिल्म की कहानी २०१८ के पुलवामा विस्फोट के बाद अपने तनाव की पृष्ठभूमि पर है।   





 
फिल्म में पत्थरबाजी का मुद्दा उठाया गया है। घटनाक्रम कश्मीर में होने वाली लोकल पत्थरबाजी और दंगों के इर्द-गिर्द है। टीज़र में दिखाया गया है कि कैसे स्थानीय युवाओं को गुमराह करके उनके हाथों में पत्थर थमाए जाते हैं।  






फिल्म भारतीय सुरक्षाबलों को चुनौतियां भी दिखाने वाली है कि  कैसे भारतीय सेना और सुरक्षाबल इन विषम परिस्थितियों और उपद्रवियों का सामना करते हैं। अजय देवगन इसमें एक निडर आर्मी ऑफिसर (चौहान) की भूमिका में हैं, जो आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ एक बड़ी ताकत बनकर खड़ा होता हैं। 





   
यह फिल्म एक खास जुड़ाव का परिणाम है। यह पहली बार है जब अजय देवगन और फिल्म निर्माता आनंद एल राय किसी प्रोजेक्ट के लिए एक साथ आए हैं।  

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आज, जिस फिल्म ब्लास्ट की बात की जा रही है, यह २०२६  में प्रदर्शित तमिल भाषा की मार्शल आर्ट्स एक्शन-थ्रिलर है। इस फिल्म को सुभाष के. राज ने निर्देशित किया है और निर्माता एजीएस एंटरटेनमेंट है।





फिल्म में एक्शन किंग अर्जुन एक कराटे मास्टर के रोल में हैं, जो अपने कॉम्बैट-ट्रेंड परिवार के साथ मिलकर एक बेरहम कॉर्पोरेट सिंडिकेट से लड़ता है। यह फिल्म २८ मई २०२६ को छविगृहों में प्रदर्शित हुई। अब यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है ।




फिल्म में तमिल फिल्मों के एक्शन किंग अर्जुन सरजा राजारमन (कराटे टीचर और समर्पित पिता) प्रीति मुकुंदन नीला (राजरमन की मार्शल-आर्टिस्ट बेटी) अभिरामी नीलावेनी (राजरमन की पत्नी), जॉन कोकेन वरुण दयालन (मुख्य विलेन और कॉर्पोरेट सिंडिकेट हेड) के रोल में।




फिल्म की कहानी राजारमन की है, जो एक मिडिल-क्लास मार्शल आर्ट्स टीचर है, और अपनी पत्नी और बेटी के साथ शांति से ज़िंदगी जी रहा है। उनका शांत रूटीन तब बिखर जाता है जब वरुण दयालन की लीडरशिप में एक बेरहम कॉर्पोरेट सिंडिकेट पास के पहाड़ में एक खास चीज़ के लिए ड्रिल करने की कोशिश करता है, एक ऐसा प्रोजेक्ट जिससे एक लोकल गांव के खत्म होने का खतरा है।






सिंडिकेट के शैतानी योजना की सबसे बड़ी बाधा राजारमन परिवार बनता है, जिससे लड़ाई की ट्रेनिंग पाए परिवार और कॉर्पोरेट हत्यारों के बीच एक बड़ा, स्टंट वाला टकराव शुरू हो जाता है।





फिल्म को इसके पुराने ज़माने के, जैकी चैन-स्टाइल एक्शन कोरियोग्राफी और हाई-एनर्जी थ्रिल के लिए आम तौर पर पॉजिटिव रिव्यू मिले। कई क्रिटिक्स ने खास तौर पर प्रीति मुखुनधन की परफॉर्मेंस और मार्शल आर्ट्स एक्शन के पीछे के मजबूत इमोशनल सपोर्ट को हाईलाइट किया।





यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर व्यावसायिक दृष्टि से सफल रही है।  फिल्म ने अपने पहले कुछ दिनों में ही अपना १८  करोड़ का बजट वसूल कर लिया था। यह फिल्म अब तक पूरी दुनिया में ७०  करोड़ से अधिक की कमाई कर चुकी है ।






ब्लास्ट को देखते समय आप अपनी जगह से हिलना नहीं चाहेंगे।  फिल्म इतनी दिलचस्प है कि अगला सीन छोड़ने का मन नहीं करेगा।  यद्यपि, फिल्म देखते समय, दर्शकों को मोहनलाल की मलयालम फिल्म दृश्यम की याद आ सकती है। किन्तु, इस फिल्म का ट्रीटमेंट, मोहनलाल की फिल्म से बिलकुल इतर है।





ब्लास्ट का कथानक भावनात्मक संवेगों के साथ साथ मार्शल आर्ट्स की कलाबाजियों के साथ आगे बढ़ता जाता है। कराटे में माहिर राजाराम का परिवार हार मानना नहीं सीखा है।  वह टूटता नहीं। प्रत्येक घटना उन्हें सशक्त बनाती जाती है। यद्यपि, आपको कथानक में अतिरेक और अस्वाभाविकता लग सकती है। किन्तु, यही तो फिल्मों का संसार है। 




अर्जुन सरजा 

 

खेती में कीटनाशकों के उपयोग का खतरा दर्शाती #TheIndiaStory

 


बहुप्रतीक्षित फिल्म द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइज़न इन प्रोग्रेस का टीज़र रिलीज़ कर दिया गया है, जो देश में बढ़ती कीटनाशक खेती (पेस्टिसाइड फार्मिंग) और उसके समाज पर पड़ रहे गंभीर प्रभावों को उजागर करती है। अभिनेत्री काजल अग्रवाल और अभिनेता श्रेयस तलपड़े अभिनीत यह फिल्म एक ऐसे बढ़ते खतरे पर प्रकाश डालती है, जो हर दिन करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है।




 

ज़ी स्टूडियोज़ और एमआईजी प्रोडक्शन एंड स्टूडियोज़ के सहयोग से प्रस्तुत इस फिल्म का निर्देशन चेतन डीके ने किया है, जबकि इसकी कहानी, पट लेखन और निर्माण सागर बी. शिंदे ने किया है। यह फिल्म 24 जुलाई 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में हिंदी, तेलुगु तथा तमिल भाषाओं में दर्शकों के सामने आएगी।



 

गौरतलब है कि फिल्म के प्रभावशाली टीज़र में काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े के संघर्ष को बेहद मार्मिकता से दर्शाया गया है, जो न्याय की लड़ाई लड़ते हुए कीटनाशक खेती की भयावह सच्चाई को उजागर करने का प्रयास करते हैं। टीज़र यह दिखाता है कि किस तरह जहरीले रसायन धीरे-धीरे हमारी रोज़मर्रा की खाद्य सामग्री में शामिल हो रहे हैं और विशेष रूप से युवा पीढ़ी के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं।





 

भावनात्मक और सामाजिक रूप से प्रासंगिक कहानी के माध्यम से फिल्म एक ऐसे मुद्दे पर लोगों का ध्यान आकर्षित करती है, जो अपनी व्यापकता के बावजूद अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।





 

फिल्म के बारे में बात करते हुए निर्देशक चेतन डीके ने कहा, "द इंडिया स्टोरी सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐसी बातचीत है, जिसे समाज में हमें शुरू करने की जरूरत है। इस कहानी के माध्यम से हम कीटनाशक खेती की चिंताजनक वास्तविकता और उससे पैदा हो रहे मौन स्वास्थ्य संकट को सामने लाना चाहते थे। टीज़र केवल उस बड़े मुद्दे की एक झलक है, जो हर दिन लाखों परिवारों को प्रभावित कर रही है। हमारा उद्देश्य जागरूकता पैदा करना, लोगों को सोचने पर मजबूर करना और उन्हें यह सवाल पूछने के लिए प्रेरित करना है कि आखिर उनकी थाली में क्या परोसा जा रहा है।"





 

इस विषय में श्रेयस तलपड़े कहते हैं, "द इंडिया स्टोरी की सबसे बड़ी खासियत इसका प्रासंगिक विषय है। आज कीटनाशक खेती ऐसा मुद्दा बन चुका है, जो हर घर से जुड़ा हुआ है, लेकिन हम अक्सर इसके लंबे परिणामों पर ध्यान नहीं देते। मेरे किरदार की यात्रा एक आम पिता के संघर्ष को दर्शाती है, जो खुद से कहीं ज़्यादा बड़े व्यवस्था के खिलाफ एक लड़ाई लड़ता है। यह फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ एक बेहद जरूरी चर्चा की शुरुआत भी करती है।"





 

वहीं काजल अग्रवाल ने कहा, "द इंडिया स्टोरी एक मजबूत सामाजिक संदेश वाली फिल्म है। एक मां होने के नाते यह कहानी मुझे व्यक्तिगत स्तर पर बेहद करीब लगी, क्योंकि यह उन चिंताओं और डर को दर्शाती है जिनका सामना आज कई माता-पिता कर रहे हैं। इस टीज़र के माध्यम से ऐसी वास्तविकता दिखाई गई है, जो अक्सर लोगों की नजरों से ओझल रहती है। मुझे उम्मीद है कि यह फिल्म जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को अपने भोजन तथा आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग बनाएगी।"




 

फिल्म के सह-निर्माताओं में स्वाति विनायक सैंदाने, अनीता जाधव, विनायक सैंदाने, कल्पेश शाह, देवयानी खोराटे और प्रेम जोशी शामिल हैं। फिल्म की तकनीकी टीम में सिनेमैटोग्राफर निशांत भागवत, संगीतकार मंगेश धाकड़े, संपादक आशीष म्हात्रे, गीतकार शकील आज़मी और साउंड डिज़ाइनर अनमोल भावे शामिल हैं।





 

हालांकि 'द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइज़न इन प्रोग्रेस' एक ऐसी फिल्म है, जो मनोरंजन के साथ-साथ समाज को एक गंभीर और महत्वपूर्ण मुद्दे पर सोचने के लिए भी प्रेरित करेगी।

दर्शक पसंद कर रहे है #MaaIntiBangaaram की हत्यारिन #SamanthaRuthPrabhu को !



तेलुगु फिल्म माँ इंति बंगाराम का बॉक्स ऑफिस पर दूसरा वीकेंड बहुत अच्छा चल रहा है। बॉक्स ऑफिस पर इसके  कलेक्शन में ज़बरदस्त उछाल देखा गया है। फिल्म के प्रदर्शन के नवें दिन का कुल व्यवसाय, पहले दिन के बराबर है। इससे पता चलता है कि फिल्म की दर्शकों पर पकड़ कितनी मजबूत है। 





पूरे भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस ४९.७१ करोड़ का हो गया है। ओवरसीज़ ग्रॉस मिलाकर फिल्म ने ९ दिनों में कुल ७० करोड़ का अखिल विश्व व्यवसाय पर कर लिया है। इस प्रकार से यह फिल्म एक बहुत बड़ी ब्लॉकबस्टर बनने जा रही है। 





जहाँ तक भारत की बात है, माँ इंति बंगाराम ने ९ वें दिन  (शनिवार, २७ जून २०२६) ३५० शहरों में २७६०  शो से रूपया ५.५३ करोड़ का व्यवसाय किया है, जो शुक्रवार के ४.७८ करोड़ के व्यवसाय से  अधिक है।





इस प्रकार का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन चर्चा में आने के दो  स्पष्ट कारण है। पहला यह कि यह फिल्म एक महिला प्रधान फिल्म है। फिल्म कहानी है भाड़े में हत्या करने वाली एक पूर्व हत्यारिन की, जिसे अपने नए परिवार को पुराने लोगों से खतरा होने के बाद अपने रास्ते पर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यह फिल्म बताती है कि अपने डर और बहादुरी, दोनों पलों में, एक औरत को पता चलता है कि अपनी कमज़ोरियों को अपनाना उसकी अंदर की ताकत के लिए उतना ही ज़रूरी है जितना कि चुनौतियों का सीधे सामना करना। 





दूसरा और सबसे बड़ा कारण यह है कि माँ इंति बंगाराम की हिंदी दर्शकों में फिल्म पुष्पा के अपने आइटम गीत ऊ बोलेगा साला ऊ ऊ बोलेगा की नर्तकी सामंथा रुथ प्रभु। इस फिल्म की ज़बरदस्त सफलता के बाद, फिल्म की नायिका के रूप में सामंथा रूथ प्रभु की सफल वापसी हो रही है।





फिल्म अभिनेता नाग चैतन्य से, २०२१ शादी टूटने के बाद, सामंता बिलकुल टूट चुकी थी। वह फिल्मों से संन्यास लेने का मन बना चुकी थी।  क्योंकि, पुष्पा के आइटम गीत के बावजूद सामंता की प्रदर्शित फिल्मों यशोदा, शाकुंतलम और ख़ुशी को दर्शकों ने  बॉक्स ऑफिस पर अस्वीकार कर दिया था। 





तब उनके जीवन में, फिल्म निर्देशक राज निदिमोरू आये। इन दोनों ने, २०२५ में विवाह कर लिया।  उस समय राज ने उन्हें समझाया कि वह फ़िल्में न छोड़े।  राज के बहुत समझने पर सामंता ने, तेलुगु फिल्म माँ इंति बंगाराम में  अभिनय करना स्वीकार कर लिया।  इस फिल्म की निर्माता, राज के साथ सामंता भी थी।  फिल्म की निर्देशक बी वी नंदिनी रेड्डी है।  




फिल्म की सफलता का उत्सव मनाते हुए फिल्म के निर्माता राज निदिमोरू ने बताया कि इस फिल्म का सीक्वल भी बनाया जायेगा।  सीक्वल फिल्म में भी सामंता होंगी। इस तरह से सामंता रुथ प्रभु की रुपहले परदे पर सफल वापसी होने जा रही है। 




यहां बताते चले कि बी वी नंदिनी रेड्डी के डायरेक्शन में बनी, माँ इंति बंगाराम सामंथा की सबसे बड़ी सोलो बॉक्स ऑफिस सफलताओं में से एक है । इस एक्शन-कॉमेडी को दर्शकों और समीक्षकों द्वारा समान रूप पसंद किया जा रहा है।  इस प्रकार से  सामंथा की तेलुगु सिनेमा के लीडिंग स्टार्स में जगह बनती दिख रही है । इस फिल्म के ओटीटी प्लेटफार्म जिओ हॉट स्टार पर जुलाई या अगस्त में प्रदर्शित होने की भी संभावना है।  

तमिल फिल्मो के0 #Bhagyaraj का निधन



तमिल और हिंदी फिल्मों के प्रसिद्ध निर्देशक के भाग्यराज का निधन हो गया है।  वह  ७३ वर्ष के थे। कृष्णास्वामी भाग्यराज का जन्म, वेलोंकोइल, जिला कोइम्बटूर में ७ जनवरी १९५३ को हुआ था। उनका निधन हृदयाघात से हुआ।  उन्होंने अभिनेत्री पत्नी प्रवीण की १९८३ में मृत्यु के पश्चात् १९८४ में, फिल्म डार्लिंग डार्लिंग डार्लिंग में अपनी सह नायिका पूर्णिमा जयराम से विवाह किया था। उनके एक बेटी और बेटा शरण्या और शांतनु भी फिल्मों में अभिनय करते है।



 

भाग्यराज का फिल्म जीवन जी रामकृष्ण और भारतीराजा के सह निर्देशक के रूप में प्रारम्भ हुआ।  उन्होंने तमिल फिल्म के माध्यम से १९७९ में फिल्म निर्देशक के रूप में अपना परिचय तमिल दर्शकों से कराया। 





भाग्यराजा ने अमिताभ बच्चन की फिल्म आखिरी रास्ता और राजेश खन्ना की फिल्म मास्टरजी का लेखन किया था।  मास्टरजी, राजेश खन्ना के फिल्म जीवन की बड़ी हिट फिल्मों में एक है। वह अनिल कपूर की फिल्म मिस्टर बेचारा के अतिरिक्त कृष्ण कुमार की फिल्म पापा द ग्रेट के भी निर्देशक थे। 





अनिल कपूर के फिल्म जीवन को नया मोड़ देने वाली बापू निर्देशित फिल्म वो सात दिन, के भाग्यराज निर्देशित तमिल फिल्म का हिंदी रूपांतरण थी। मोहब्बत की कहानी, स्क्रीनप्ले और डायलॉग भाग्यराज ने लिखे थे। उन्होंने अनिल कपूर की फिल्म बेटा के तमिल संस्करण के लेखक निर्देशक भाग्यराज ही थे।  भाग्यराज, डेविड धवन द्वारा निर्देशित सलमान खान, अक्षय कुमार और प्रियंका चोपड़ा अभिनीत फिल्म मुझसे शादी करोगी  के कथा और पटकथा लेखक भाग्यराज थे । यह फिल्म अक्षय कुमार के फिल्म जीवन के लिए महत्वपूर्ण  थी ।

Thursday, 25 June 2026

#Asrani की अंतिम फिल्म #HumAngrezonKeZamaneKeJailorHain

 


दिग्गज अभिनेता असरानी की आखिरी फिल्म को लेकर जहां एक भावुक और यादगार रिलीज़ की उम्मीद की जा रही थी, वहीं अब मामला अचानक कानूनी विवाद में घिरता नजर आ रहा है। फिल्म ‘हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं’ के मेकर्स को शोले से जुड़े कथित इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी अधिकारों को लेकर एक कानूनी नोटिस मिलने के बाद अब मामला कानूनी पचड़े में फँस गया है। खबरों के मुताबिक, मेकर्स अब लगभग 5 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करने की तैयारी में हैं।

 




पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब शोले मीडिया एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कथित तौर पर फिल्म ‘हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं’ के टाइटल पर आपत्ति जताई गई। गौरतलब है कि यह वही मशहूर डायलॉग है जिसे असरानी ने 1975 की क्लासिक फिल्म शोले में अपने अनोखे अंदाज़ में निभाए गए जेलर किरदार के जरिए यादगार बना दिया था। नोटिस में कथित रूप से दावा किया गया कि शोले से जुड़े कुछ किरदार, डायलॉग और अन्य रचनात्मक तत्वों पर विशेष अधिकार मौजूद हैं।

 




हालांकि निर्माता भंवर सिंह पुंडीर और फिल्ममेकर राकेश सावंत ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए विस्तृत कानूनी जवाब दाखिल किया है।

 




मेकर्स की तरफ से दिए गए जवाब में आरोपों को “निराधार”, “तथ्यहीन” और “बिना किसी आधार के” बताया गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि फिल्म का टाइटल पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत IMPPA से लिया गया है और फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से वैध सर्टिफिकेट भी प्राप्त है।

 




जवाब में यह भी दावा किया गया कि रिलीज़ से ठीक पहले थिएटर चेन, डिस्ट्रीब्यूटर्स, एक्जीबिटर्स और ट्रेड पार्टनर्स को नोटिस भेजे जाने से फिल्म के बिजनेस और रिलीज़ प्लान पर असर पड़ा है। मेकर्स ने इसे कथित तौर पर दबाव बनाने की रणनीति बताया है और इसी वजह से कानूनी विकल्पों पर विचार करते हुए करीब 5 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की तैयारी की बात सामने आ रही है।

 




इस पूरे मामले में मेकर्स ने एक भावनात्मक पहलू का भी जिक्र किया है। उनके मुताबिक, फिल्म का टाइटल किसी अधिकार का उल्लंघन करने के लिए नहीं बल्कि असरानी को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से चुना गया था। कानूनी जवाब में कहा गया है कि इंडस्ट्री के सबसे सम्मानित कलाकारों में गिने जाने वाले असरानी की यह आखिरी फिल्म मानी जा रही है और इसी वजह से इस शीर्षक को उनके प्रति सम्मान के तौर पर रखा गया।

क्या #SalmanKhan बनेंगे #RakeshOmprakashMehra और #FarhanAkhtar के #Karna ?



बॉलीवुड में अब नई अटकलें प्रारम्भ हो गई हैं। यहअटकलें  हिन्दू महाकाव्य महाभारत के चरित्र कर्ण पर फिल्म को लेकर लगाई जा रही है। समाचारों के अनुसार, बॉलीवुड फिल्म निर्माता और निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा अपनी लंबे समय से रुकी हुई फिल्म कर्ण को पुनर्जीवित करने जा रहे हैं।  





एक तेलुगु पोर्टल के समाचारों में यह बताया गया था कि दिल्ली ६ और रंग दे बसंती के निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने महाकाव्य ड्रामा फिल्म कर्ण का निर्माण करेंगे। उनकी इस परियोजना से तमिल फिल्म अभिनेता सूर्या का बॉलीवुड डेब्यू होना था, किन्तु बजट की कमी के कारण इसे प्री-प्रोडक्शन स्टेज पर ही रोक दिया गया था। क्योंकि,  पौराणिक और पीरियड फिल्मों के लिए बहुत ज़्यादा प्री-विज़ुअलाइज़ेशन, बड़े सेट, वीएफएक्स, कॉस्ट्यूम और लंबे प्रोडक्शन शेड्यूल की ज़रूरत होती है। राकेश मेहरा इतना बजट जुटाने में सफल नहीं हो सके थे।





आज कल का समाचार इसी फिल्म को लेकर है। समाचार है कि सलमान खान, फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रोड्यूस की जाने वाली एक पीरियड ड्रामा के लिए राकेश ओमप्रकाश मेहरा के साथ हाथ मिलाएंगे।  आगे बताया गया कि राकेश ओमप्रकाश मेहरा, सलमान खान को लीड रोल में लेकर कर्ण को फिर से बनाने की योजना बना रहे हैं।यद्यपि, इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई  है और यह अभी भी अटकलें ही है।





इस परियोजना को पुनर्जीवित होने में संदेह की गुंजाईश इस लिए है कि फिल्म से फरहान अख्तर के साथ की रितेश सिधवानी की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट इस फिल्म के साथ जुडी हुई है। बॉलीवुड के मतभेदों और मनभेदों के जानने वाले जानते हैं कि फरहान अख्तर के पिता जावेद अख्तर और सलमान खान के पिता सलीम खान साथ साथ पटकथाएं लिखा करते थे। किन्तु, जावेद अख्तर ने, सलीम खान को अँधेरे में रख कर फ़िल्में हथियानी प्रारम्भ कर दी थी। सलमान खान को इस बात से बड़ी चोट पहुंची है। वह फरहान अख्तर के साथ कोई फिल्म करना नहीं चाहते। 





सलमान खान की अगली थिएटर रिलीज़ 'मातृभूमि: मे वार रेस्ट इन पीस' होगी। प्रारम्भ में इस फिल्म का शीर्षक बैटल ऑफ़ गलवान रखा गया था। अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म में सलमान खान के साथ चित्रांगदा सिंह नज़र आएंगी। यह फ़िल्म १४ अगस्त, २०२६ को सिनेमाघरों में रिलीज़ हो सकती है।  





सलमान खान इस समय एक्शन फिल्म एसवीसी ६३ की शूटिंग कर रहे हैं। वामशी पैडिपल्ली के निर्देशन में बनाई जा रही इस एक्शन फ़िल्म को दिल राजू की श्री वेंकटेश्वर क्रिएशन्स निर्मित कर रही है। इस फ़िल्म में नयनतारा पहली बार सलमान खान के साथ रुपहला पर्दा साझा करेंगी। यह फ़िल्म ईद २०२७ पर प्रदर्शित की जा सकती है। इसकी शूटिंग अगस्त या सितंबर २०२६ तक पूरी हो जाएगी ।





कर्ण महाभारत के सबसे दिलचस्प किरदारों में से एक है। उसकी कहानी में पहचान, वफ़ादारी, समाज का ठुकराना, दोस्ती, सम्मान और दुखद घटनाएँ हैं। ये बातें उसे सिनेमा के लिए एक दमदार किरदार बनाती हैं, खासकर जब उसे मॉडर्न ड्रामा के नज़रिए से दिखाया जाए। यही इमोशनल वज़न एक वजह है कि फ़िल्म बनाने वाले बार-बार इस आइडिया पर लौटते हैं। सलमान खान जैसे स्टार के लिए, यह रोल फिज़िकैलिटी और इमोशनल टकराव दोनों दे सकता है। कर्ण कोई साधारण हीरो नहीं है। वह एक योद्धा है जो त्याग, बेइज्ज़ती और वफ़ादारी से बना है। एक सीरियस अडैप्टेशन के लिए सिर्फ़ दिखावे से ज़्यादा की ज़रूरत होगी। इसके लिए एक मज़बूत स्क्रीनप्ले की ज़रूरत होगी जो माइथोलॉजी, कैरेक्टर ड्रामा और दर्शकों की उम्मीदों के बीच बैलेंस बनाए। भारतीय सिनेमा भी एक ऐसे दौर में है जहाँ इतिहास, लोककथाओं और माइथोलॉजी की बड़े फ़ॉर्मेट की कहानियाँ बहुत ज़्यादा दिलचस्पी जगा रही हैं। कल्चरल जान-पहचान और विज़ुअल एम्बिशन वाली फ़िल्में अक्सर एक भाषा के मार्केट से आगे निकल जाती हैं।  

#PawanKalyan की #Sujeeth निर्देशित OG2, के पीछे #SurenderReddy की फिल्म !



चर्चा है कि तेलुगु फिल्म अभिनेता और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, निर्देशक सुजीत की सीक्वल फिल्म को प्राथमिकता दे रहे है।  इस कारण से, निर्देशक सुरेंदर रेड्डी की, पूर्व में पवन कल्याण के साथ घोषित फिल्म पीछे धकेल दी गई है। 





बता दें कि पवन कल्याण की घोषित फिल्म ओजी २, उनकी २०२५ में प्रदर्शित फिल्म दे कॉल हिम ओजी की सीक्वल फिल्म है।  जापान से भाग कर मुंबई पहुंचे एक गैंगस्टर की उसके विरोधियों से टकराव के कथानक पर आधारित फिल्म २५ सितम्बर २०२५ को प्रदर्शित हुई थी।  इस फिल्म के खलनायक इमरान हाश्मी थे।  अन्य भूमिकाओं में प्रकाश राज,  प्रियंका मोहन, अर्जुन दास और श्रिया रेड्डी थे। 





फिल्म दे कॉल हिम ओजी, २०२५ की सबसे सफल तेलुगु फिल्म बन गई थी।  यह फिल्म भारत की सबसे अधिक ग्रॉस करने वाली २०२५ की फिल्मों में नवीं पायदान पर रखा गया था।  फिल्म ने पहले दिन, सम्पूर्ण विश्व में, १५५ करोड़ का ग्रॉस किया था।  फिल्म को मिश्रित समीक्षा मिलने के कारण अधिक सफलता नहीं मिली। फिल्म ३०० करोड़ के विश्वव्यापी ग्रॉस पर सिमट गई। 





जहाँ तक, ओजी २ के निर्माण की बात है, इसकी स्क्रिप्ट को तराशा जा रहा है।  फिल्म निर्माण पूर्व की  स्थिति में है।  इस फिल्म की घोषणा जुलाई २०२६ में की गई थी। किन्तु,इस  पवन कल्याण से हरी झंडी मिलने के पश्चात फिल्म की शूटिंग नवंबर २०२६ में प्रारम्भ होगी। फिल्म के निर्देशक सुजीत ने, रोमांटिक कॉमेडी थ्रिलर फिल्म रन राजा रन (शर्वानन्द और सीरत कपूर). साहो (प्रभास) और दे कॉल हिम ओजी (पवन कल्याण) का निर्देशन किया है। 





सुरेंदर रेड्डी के साथ पवन कल्याण की फिल्म की घोषणा  २६ में हुई थी। फिल्म की शूटिंग तो प्रारम्भ नहीं हो सकी थी। क्योंकि, फिल्म की स्क्रिप्ट पर अभी तक काम ही चल रहा है। किन्तु, निर्माता राम ताल्लुरी की फिल्म को  इस फिल्म को संक्रांति २०२६ पर प्रदर्शित किया जाना था। 





दे कॉल हिम ओजी को, पवन कल्याण के फिल्म जीवन की सबसे सफल फिल्म माना जाता है।  इस फिल्म ने उत्तरी अमेरिका के बॉक्स ऑफिस पर ६४-६५ करोड़ का ग्रॉस किया था। तेलुगु प्रदेश में २०० करोड़ का आंकड़ा पार करने वाली यह पहली तेलुगु फिल्म थी।  

Wednesday, 24 June 2026

#SonyPicturesIndia रिलीज़ #SpiderManBrandNewDay



सोनी पिक्चर्स इंडिया, अपनी आगामी फिल्म  'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' के नए ट्रेलर को प्रमोट करने के लिए की गई टैग लाइन, "हो सकता है कि दुनिया पीटर पार्कर को भूल गई हो, लेकिन भारत इस हीरो को याद रखता है" के साथ एक पोस्ट लिखता है। स्पष्ट रूप से सोनी पिक्चर्स का उद्देश्य भारतीय दर्शको, विशेष रूप से तमिल, तेलुगु और हिंदी दर्शकों को फिल्म से जोड़ना है। इसमें कोई संदेह भी नहीं कि भारतीय दर्शक भी इस सुपर हीरो के दीवाने है।





टॉम हॉलैंड की स्पाइडर मैन भूमिका वाली मार्वल की फ़िल्म विगत स्पाइडरमैन फिल्म  'नो वे होम' के बाद घटनाक्रम को दिखने वाली कहानी है, जिसमें पीटर पूर्णतया स्पाइडर-मैन के रूप में काम कर रहा है, जबकि दुनिया पीटर पार्कर को भूल चुकी है। यह फ़िल्म भारत में ३० जुलाई, २०२६ को इंग्लिश, हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में रिलीज़ होगी।






पीटर पार्कर उर्फ़ स्पाइडर मैन अभिनेता टॉम हॉलैंड २०१६ से मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स में पीटर पार्कर/स्पाइडर-मैन का चरित्र निभा रहे हैं। उन्होंने टोनी स्टार्क के मार्गदर्शन में एक युवा, उत्साही किशोर के रूप में चरित्र का आरम्भ किया था। वह अब धीरे-धीरे एक अधिक स्वतंत्र और समझदार नायक बन गए है। उनकी कहानी में बड़ी ताक़त और ज़िम्मेदारी के साथ निजी ज़िंदगी में संतुलन बनाने, मल्टीवर्स से जुड़ी चीज़ों और नुकसान के बावजूद आगे बढ़ने पर ज़ोर दिया गया है।





 स्पाइडर- मैन: ब्रांड न्यू डे (३० जुलाई, २०२६ को प्रदर्शित) का घटनाक्रम २०२८-२०२९ का है। पीटर एक ऐसी दुनिया में गुमनाम रहकर पूर्ण रूप से स्पाइडर-मैन के तौर पर रहता है। जबकि दुनिया उसे भूल चुकी है। बढ़ते दबाव के बीच वह न्यूयॉर्क को सड़क पर घटित होने वाले खतरों से बचाता है, जिससे उसकी शक्तियों में एक हैरान करने वाला (और शायद खतरनाक) बदलाव आता है। उसके सामने एक शक्तिशाली नया अदृश्य खतरा भी सामने आता है।





डेस्टिन डेनियल क्रेटों निर्देशित फिल्म ब्रांड न्यू डे में टॉम हॉलैंड का साथ ज़ेंडया (एमजे), जैकब बैटलन (नेड), सैडी सिंक, जॉन बर्नथल (पनिशर) और अन्य दे रहे हैं। इसे डेस्टिन डैनियल क्रेटन ने डायरेक्ट किया है। यह एक ज़्यादा मैच्योर और आज़ाद हीरो के तौर पर एक नए चैप्टर की शुरुआत करने वाली फिल्म है।





'ब्रांड न्यू डे' के बाद और भी स्पाइडर-मैन फ़िल्में प्लान की गई हैं, जिनसे शायद एक नई ट्रिलॉजी पूरी होगी। उम्मीद है कि हॉलैंड आने वाली एवेंजर्स फ़िल्मों डूम्सडे और/या सीक्रेट वॉर्स) में नज़र आएंगे।  हॉलैंड के पीटर के तार स्टार्क, एवेंजर्स और अब मल्टीवर्सल एलिमेंट्स के ज़रिए बड़ेएमसीयू से मज़बूती से जुड़े हैं। 





हॉलैंड का स्पाइडर-मैन अपनी कम उम्र, मज़ाकिया अंदाज़, टेक इंटीग्रेशन (शुरुआत में) और ज़मीन से जुड़े इमोशनल विकास के लिए अलग पहचान बनाता है। एक उत्साही रिक्रूट से लेकर अकेले हीरो बनने तक, उनकी कहानी पहचान, त्याग और हिम्मत को दिखाती है। 'ब्रांड न्यू डे' उन्हें एक ऐसे स्ट्रीट-लेवल गार्डियन के तौर पर पेश करता है जो पर्सनल और फिजिकल बदलावों का सामना कर रहा है।

फिल्म #Naagbandham का नया गीत #VeerNaga 26 जून को होगा रिलीज



 

हैदराबाद और मुंबई में फिल्म नागबंधम के ट्रेलर लॉन्च के बाद बनी जबरदस्त चर्चा के बीच अब निर्माता फिल्म का नया और दमदार ट्रैक ‘वीरा नागा’ २६ जून को रिलीज करने जा रहे हैं।

 





फिल्म के निर्माताओं ने हाल ही में इस गाने का एक बेहद आकर्षक और दमदार पोस्टर जारी किया है, जिसने फैंस की उत्सुकता और बढ़ा दी है। पोस्टर में नागा साधुओं के कई शक्तिशाली और अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं, जो साहस, आध्यात्मिकता और योद्धा जैसी ऊर्जा को दर्शाते हैं। इसकी भव्य और रहस्यमयी झलक फिल्म की उस दुनिया की तरफ इशारा करती है, जिसे नागबंधम बड़े पर्दे पर लेकर आने वाली है।

 





मेकर्स ने इस अनाउंसमेंट को खास अंदाज में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते हुए लिखा:

"हर हर महादेव 🐍🔱"

"नागबंधम के ‘वीरा नागा’ गीत के साथ नागा साधुओं के शौर्य और पराक्रम को महसूस करने के लिए तैयार हो जाइए।"

 





फिल्म के निर्माता निशिता नागिरेड्डी और किशोर अन्नापुरेड्डी ने संयुक्त बयान में कहा, "फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है, जिसने हमारा उत्साह और बढ़ा दिया है। ‘वीरा नागा’ सिर्फ एक गीत नहीं है, बल्कि यह एक भावना, ऊर्जा और आत्मा को अपने साथ लेकर आता है, जो नागबंधम की दुनिया से गहराई से जुड़ा हुआ है। हमें विश्वास है कि दर्शक इस गीत की शक्ति और इसकी तीव्रता को महसूस करेंगे।"

 





वहीं फिल्म के निर्देशक अभिषेक नामा ने कहा, "‘वीरा नागा’ साहस, आस्था और योद्धा भावना का प्रतीक है। इस गीत को तैयार करते समय हमारी कोशिश थी कि दर्शक नागा दुनिया की भव्यता और उसकी तीव्रता को महसूस कर सकें। इसके विजुअल्स, संगीत और स्केल मिलकर एक ऐसा अनुभव तैयार करते हैं जो फिल्म की कहानी को और मजबूत बनाता है।"

 





मिस्ट्री, पौराणिक कथाओं, एडवेंचर और शानदार विजुअल अनुभव से भरपूर नागबंधम पहले से ही इस साल की सबसे चर्चित पैन इंडिया फिल्मों में अपनी जगह बना चुकी है।

 




विराट कर्ण, नभा नटेश, दक्षा नागरकर, ऋषभ साहनी और महेश मांजरेकर अभिनीत इस फिल्म का निर्माण किशोर अन्नापुरेड्डी और निशिता नागिरेड्डी ने निक स्टूडियो  और अभिषेक पिक्चर्स के बैनर तले किया है। फिल्म को ज़ी स्टूडियो  प्रस्तुत कर रहा है और यह 3 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

Tuesday, 23 June 2026

रहस्य और रोमांच की पौराणिक दुनिया दिखाता #Nagabandham का ट्रेलर


 

रहस्य, पौराणिक दुनिया, रहस्यमयी नाग, छुपे हुए खजाने और बड़े स्केल के विजुअल्स से भरपूर पैन इंडिया फिल्म 'नागाबंधम' का ट्रेलर आखिरकार मुंबई में लॉन्च किया गया। फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में स्टारकास्ट और मेकर्स की मौजूदगी ने माहौल को और खास बना दिया। इस मौके पर विराट कर्ण, नभ नटेश, दक्षा नागरकर, ऋषभ साहनी, महेश मांजरेकर, गणेश आचार्य, निर्देशक अभिषेक नामा और निर्माता निशिता नागिरेड्डी और किशोर अन्नापुरेड्डी मौजूद रहे।




 

ट्रेलर की शुरुआत ही दर्शकों को अपनी ओर खींच लेती है। सबसे पहले एक रहस्यमयी नगर दिखाई देता है, जहां एक धर्मगुरु एक दुर्लभ और रहस्यमयी पुष्प की चर्चा करता नजर आता है। इसके बाद अचानक एक शब्द सुनाई देता है — ब्रह्मकमलम। इसी के साथ कहानी एक अलग मोड़ लेती है और एक रहस्यमयी नाग इस पवित्र ब्रह्मकमलम की रक्षा करता दिखाई देता है, जो ट्रेलर में रहस्य और उत्सुकता को और बढ़ा देता है।

 




जैसे-जैसे ट्रेलर आगे बढ़ता है, इसकी रफ्तार भी तेज होती जाती है। एक अघोरी, कई सर्पों के विजुअल्स और एक युवा का किसी रहस्यमयी सपने से जागने वाला दृश्य कहानी के प्रति दिलचस्पी बढ़ाता है। इसके बाद सेना, पुजारियों, राजाओं और छुपे हुए खजानों की भव्य झलकियां फिल्म की दुनिया को और विशाल बनाती हैं। ट्रेलर का एक खास आकर्षण महेश मांजरेकर का पुजारी वाला किरदार है, जो अपनी दमदार मौजूदगी से ध्यान खींचता है। वहीं भगवान शिव से प्रेरित कुछ दिव्य विजुअल्स ट्रेलर में पौराणिक और आध्यात्मिक रंग भी जोड़ते हैं।

 




3 मिनट 19 सेकंड का यह ट्रेलर अपने अंतिम हिस्से में कई हाई-स्केल और फैन मोमेंट्स के साथ खत्म होता है, जो दर्शकों को और जानने के लिए उत्साहित छोड़ देता है। ट्रेलर को देखकर साफ महसूस होता है कि नागाबंधम इस साल की सबसे बड़ी Mythological Action Adventure फिल्मों में से एक बन सकती है, जहां फैंटेसी, रहस्य और एक्शन का बड़ा मेल देखने को मिलने वाला है।

 




निर्माता निशिता नागिरेड्डी और किशोर अन्नापुरेड्डी ने कहा, "नागाबंधम हमारे लिए बेहद खास प्रोजेक्ट है। हमारी कोशिश शुरू से ही एक ऐसी कहानी दर्शकों तक पहुंचाने की रही है, जिसमें मिथोलॉजी और रहस्य को बड़े स्केल पर दिखाया जाए। फिल्म के हर पहलू को बहुत पैशन और डिटेलिंग के साथ बनाया गया है ताकि दर्शकों को एक विजुअली रिच और इमोशनल अनुभव मिल सके।"

 




निर्देशक अभिषेक नामा ने कहा, "नागाबंधम दर्शकों को रहस्य, एडवेंचर और भावनाओं से भरी एक अलग दुनिया में ले जाएगी। हमने बड़े स्केल की विजुअल्स और मजबूत कहानी के साथ एक नया सिनेमाई अनुभव बनाने की कोशिश की है। ट्रेलर सिर्फ एक झलक है, फिल्म में अभी कई बड़े सरप्राइज बाकी हैं।"