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Saturday, 11 July 2026

#KCBokadia की #TeesriBegam अब #WAVES पर!

 


दिग्गज फिल्म निर्माता-निर्देशक के. सी. बोकाडिया की चर्चित फिल्म ‘तीसरी बेगम’ अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम होने जा रही है। सिनेमाघरों में सराहनीय प्रदर्शन के बाद यह फिल्म १८ जुलाई २०२६ से WAVES OTT पर स्ट्रीम होगी।






तेरी मेहरबानियाँ, प्यार झुकता नहीं, नसीब अपना अपना, आज का अर्जुन और फूल बने अंगारे जैसी सुपरहिट फिल्मों के निर्माता-निर्देशक के. सी. बोकाडिया ने इस फिल्म के माध्यम से एक संवेदनशील सामाजिक मुद्दे को उठाया है।






जरीना वहाब, मुग्धा गोडसे और कायनात अरोड़ा अभिनीत ‘तीसरी बेगम’ महिला सशक्तिकरण, आत्मसम्मान और सामाजिक जागरूकता का सशक्त संदेश देती है।






फिल्म की कहानी के बारे में बताते हुए के. सी. बोकाडिया ने कहा कि यह एक वास्तविक घटना से प्रेरित है। उन्होंने बताया, “एक कार्यक्रम में एक व्यक्ति ने बड़े गर्व से मुझे अपनी पहली, दूसरी और तीसरी पत्नी से मिलवाया। तीनों अलग-अलग समुदायों से थीं। तीसरी पत्नी के चेहरे पर जो झिझक और दर्द मैंने देखा, उसने मुझे भीतर तक झकझोर दिया। उसी क्षण मैंने इस विषय पर फिल्म बनाने का निर्णय लिया और तीसरी बेगम की शुरुआत हुई।”






भारतीय सिनेमा के कई दिग्गज सितारों के साथ काम कर चुके बोकाडिया ने अपने लंबे करियर में अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, राजेश खन्ना, विनोद खन्ना, हेमा मालिनी, शाहरुख खान, सलमान खान, सैफ अली खान, माधुरी दीक्षित, ऐश्वर्या राय, अक्षय कुमार, सनी देओल, अजय देवगन और प्रियंका चोपड़ा सहित अनेक सुपरस्टार्स की फिल्मों का  निर्देशन किया है।





बोकाडिया का कहना है कि ‘तीसरी बेगम’ केवल एक फिल्म नहीं बल्कि समाज के लिए एक आईना है, जो महिलाओं की स्थिति और उनके अधिकारों पर गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सिनेमाघरों की तरह OTT दर्शक भी इस फिल्म को भरपूर प्यार देंगे।






गौरतलब है कि के. सी. बोकाडिया की आगामी फिल्म ‘तेरी मेहरबानियाँ २ भी अगस्त २०२६ में रिलीज होने वाली है। वहीं उनका नया टीवी धारावाहिक ‘संस्कार’ भी जल्द प्रसारित किया जाएगा। 

युवती ने टावर पर चढ़ कर #LoveLottery का बैनर क्यों लहराया ?

 


विगत दिनों, देहरादून में, एक युवती ने ऊँचे टावर पर चढ़ कर एक बनने लहराया। इस पर अंग्रेजी में लिखा था - लव लाटरी। यह तमाशा क्या था ? वह लड़की किसी से अपने प्रेम की अभिव्यक्ति कर रही थी? या कोई अन्य कारण था ?





 

जी हाँ, टॉवर पर लड़की द्वारा बैनर लहराने की यह घटना पूरी तरह से फिल्म 'लव लॉटरी' की मार्केटिंग और प्रचार की एक अनूठी नौटंकी थी, इसका फिल्म की ऑन-स्क्रीन कहानी से सीधा संबंध नहीं है। आजकल फिल्मों की हाइप और चर्चा बढ़ाने के लिए मेकर्स इस तरह के स्टंट और आउट-ऑफ-द-बॉक्स आइडियाज का इस्तेमाल करते हैं। हाल ही में फिल्म का फर्स्ट लुक और टीज़र जारी किया गया है, जिसके प्रमोशन के तहत लोगों का ध्यान खींचने के लिए यह बैनर स्टंट प्लान किया गया था। यह पूरी तरह से दर्शकों के बीच फिल्म के नाम कौतूहल पैदा करने और सोशल मीडिया पर वायरल ट्रेंड बनाने के उद्देश्य से किया गया एक सुनियोजित प्रमोशनल स्टंट था।





 

तो तय हो गया कि  यह तमाशा फिल्म के प्रचार के लिए था।लव लॉटरी, एक आगामी हिंदी मर्डर मिस्ट्री और कोर्टरूम ड्रामा फिल्म है। इस फिल्म का रहस्य क्या है ? किसी की हत्या हुई है और यह किसने की है ? इसी प्रकार के प्रश्नों के इर्दगिर्द घूमती है लव लाटरी की कहानी।




 

फिल्म की मुख्य कहानी एक अनुशासित कॉर्पोरेट पेशेवर कार्तिक सक्सेना के इर्द-गिर्द घूमती है। कार्तिक का विवाह भरानी वर्मा से हुआ था। प्यार से शुरू यह विवाह, धीरे-धीरे गोपनीयता और धोखे के कारण टूट जाता है। जब कार्तिक को अपनी पत्नी के विवाहेतर संबंध का पता चलता है, तो वह तलाक की अर्जी देता है। इसके बदले में भरानी और उसकी माँ कार्तिक पर घरेलू हिंसा का झूठा केस दर्ज कर देती हैं।






वकील प्रशांत बत्रा की मदद से कार्तिक अपनी बेगुनाही और प्रतिष्ठा की लड़ाई लड़ रहा होता है, तभी भरानी की बेरहमी से हत्या हो जाती है। हत्या का संदेह सीधे कार्तिक पर जाता है और उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है। इसके बाद छिपे हुए इरादों, रहस्यों और असली कातिल की तलाश शुरू होती है।





 

इस फिल्म के मुख्य कलाकार अक्षय ओबेरॉय (कार्तिक सक्सेना के रूप में), हेली दारूवाला (भरानी वर्मा के रूप में), कबीर दुहान सिंह, और हेमंत पांडे आदि है। फिल्म का निर्देशन अरविंद पांडे ने किया है । यह फिल्म १८ सितंबर २०२६ को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो सकती है।





 

फिल्म का मुख्य बैकड्रॉप और मुख्य शूटिंग उत्तराखंड की खूबसूरत और पहाड़ी वादियों में की गई है। फिल्म के प्रोड्यूसर कुलदीप भार्गव 'तुषार' और निर्देशक अरविंद पांडे ने इसकी शूटिंग का एक बड़ा हिस्सा वहीं पूरा किया है।फिल्म लव लॉटरी की उत्तराखंड में केवल शूटिंग ही नहीं हुई है, बल्कि फिल्म 'लव लॉटरी' की कहानी का उत्तराखंड से सीधा संबंध है। फिल्म की पूरी पृष्ठभूमिऔर कोर्टरूम ड्रामा वहीं पर आधारित है। वहीं, टॉवर पर बैनर लहराने का जो वायरल स्टंट किया गया था, वह भी उत्तराखंड के देहरादून शहर में ही अंजाम दिया गया था।





 

निर्देशक अरविंद पांडे और सिनेमा गंज फिल्म्स के मेकर्स ने उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों के साथ-साथ वहां के शहरी बैकड्रॉप का इस्तेमाल फिल्म की मिस्ट्री और गंभीर अदालती कार्यवाही को दिखाने के लिए किया है। टावर वाला स्टंट भी  फिल्म के प्रति उत्सुकता पैदा करना था, ताकि लोगों को पता चल सके कि उनके शहर में एक बड़े मर्डर मिस्ट्री और कोर्टरूम ड्रामा फिल्म की शूटिंग चल रही है।





 

लव लॉटरी' के गीतों और संगीत का फिल्म की कहानी से गहरा संबंध है, क्योंकि यह एक रोमांटिक कोर्टरूम थ्रिलर फिल्म है। इसके गानों का कथानक (plot) से जुड़ाव और संगीत की टीम की जानकारी देते हुए निर्देशक अरविंद पांडे बताते हैं कि फिल्म केवल एक कोर्टरूम ड्रामा नहीं है बल्कि यह इंसानी रिश्तों की उलझनों को भी दिखाती है। फिल्म के गीत कार्तिक (अक्षय ओबेरॉय) और भरानी (हेली दारूवाला) के बीच के शुरुआती प्यार, उनके टूटते भरोसे और कहानी में आने वाले सस्पेंस के उतार-चढ़ाव को भावनात्मक गहराई देते हैं। गाने सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि मर्डर मिस्ट्री के रहस्य और किरदारों के मानसिक द्वंद्व (इमोशनल ड्रामा) को आगे बढ़ाने के लिए कहानी के साथ खूबसूरती से बुने गए हैं।





 

फिल्म का संगीत मुख्य रूप से वरुण मिश्रा और खुद निर्देशक अरविंद पांडे द्वारा मिलकर तैयार किया गया है। इस फिल्म के लिए वरुण मिश्रा ने दो विशेष गाने कंपोज़ किए हैं। चूंकि हाल ही में (जुलाई 2026 में) फिल्म का सिर्फ फर्स्ट लुक पोस्टर जारी हुआ है, इसलिए मेकर्स ने अभी तक इसके गानों के गायकों और उनके आधिकारिक टाइटल्स के नाम सस्पेंस में रखे हैं और उन्हें पूरी तरह से रीवील नहीं किया है। फिल्म 'लव लॉटरी' का अभी तक मुख्य ऑफिशियल ट्रेलर जारी नहीं किया गया है, बल्कि मेकर्स ने जुलाई २०२६ के प्रारम्भ में केवल एक ५०  सेकंड का मोशन पोस्टर/फर्स्ट लुक वीडियो जारी किया है।





 

देहरादून में हुए बैनर स्टंट और ५० सेकंड के सस्पेंस से भरे 'फर्स्ट लुक' ने सोशल मीडिया और सिनेमा प्रेमियों के बीच एक शुरुआती उत्सुकता तो जरूर पैदा की है। 'सच्ची घटना पर आधारित' टैगलाइन और गंभीर कोर्टरूम सस्पेंस के कारण जॉनर के दीवाने इसे लेकर बात कर रहे हैं। यद्यपि, इसे एक बहुत बड़ा राष्ट्रव्यापी 'माहौल' या बज कहना अभी जल्दबाजी होगी। चूंकि फिल्म १८ सितंबर को रिलीज होनी है, इसलिए ढाई महीने पहले फर्स्ट लुक लाना फिल्म उद्योग के एक सोचे-समझे तरीके का हिस्सा है।





दर्शकों की भूलने की आदत से निपटने के लिए आजकल निर्माता एक ही बार में सब कुछ रिलीज नहीं करते। दर्शकों की कम होती जा रही भूलने की आदत को ध्यान में रखते हुए वे 'ड्रिप मार्केटिंग' अपनाते हैं। इसके अंतर्गत पहले फर्स्ट लुक, फिर एक महीने बाद टीज़र, फिर गाने, और रिलीज से ठीक 2-3 हफ्ते पहले 'मुख्य ट्रेलर' जारी किया जाता है। इस रणनीति का मकसद दर्शकों को हर १५-२० दिन में फिल्म की याद दिलाते रहना है ताकि वे इसे भूल न जाएं।





एक छोटी या मध्यम बजट की सस्पेंस फिल्म के लिए इस तरह धीरे-धीरे माहौल बनाना जरूरी होता है, क्योंकि उनके पास बड़े सितारों की तरह बिना प्रचार के भी सीधे थियेटर में भीड़ खींचने का विकल्प नहीं होता। मुख्य ट्रेलर आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह दर्शकों के दिमाग में कितनी गहरी छाप छोड़ पाता है।और नकारात्मक भूमिकाओं के लिए जाने जाने वाले कबीर इस फिल्म में एक बेहद महत्वपूर्ण और संदिग्ध किरदार में नजर आएंगे, जो मर्डर मिस्ट्री की कड़ियों को जोड़ता है।इस फिल्म में अभिनेता हेमंत पांडे फिल्म में कोर्टरूम के माहौल या जांच प्रक्रिया में कुछ स्थानीय पुट और उत्तराखंड के माहौल के अनुसार एक महत्वपूर्ण चरित्र निभाते नजर आएंगे।





 

यह एक सस्पेंस मर्डर मिस्ट्री है, इसलिए इस तरह की फिल्मों की मांग ओटीटी पर बहुत अधिक होती है। फिल्म के निर्माता सिनेमाघरों में रिलीज के बाद इसके डिजिटल प्रीमियर के लिए प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से बातचीत कर रहे हैं, ताकि फिल्म डिजिटल माध्यम से भी अच्छा मुनाफा कमा सके।

Friday, 10 July 2026

#MindBlowing #AamirKhanProductions #KabirKhanFilms की #SILKYARA41

 


आमिर खान प्रोडक्शंस (भारत), माइंड ब्लोइंग फिल्म्स (ऑस्ट्रेलिया) और कबीर खान फिल्म्स ने अपनी नई फीचर फिल्म 'सिलक्यारा 41' की घोषणा की है। यह फिल्म उत्तराखंड के सिलक्यारा टनल रेस्क्यू मिशन से प्रेरित है, जिसमें ४१ मज़दूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चले ऐतिहासिक बचाव अभियान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध टनल विशेषज्ञ एवं ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य के गौरव प्रोफेसर अर्नोल्ड डिक्स की अहम भूमिका को बड़े पर्दे पर दिखाया जाएगा। यह वास्तविक घटना २०२३ में दुनिया भर में सुर्खियां पाई थी, जब ४१ मज़दूर १७ दिनों तक सुरंग में फंसे रहे और एक बड़े बचाव अभियान के बाद सुरक्षित निकाले गए।




 

इस फिल्म की कहानी मशहूर ऑस्ट्रेलियाई स्क्रीनराइटर एंड्रयू अनास्तासियोस (द वाटर डिवाइनर) ने लिखी है और इसका निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्मकार कबीर खान (बजरंगी भाईजान, '83) करेंगे। यह फिल्म भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रचनात्मकता, कहानी कहने की परंपरा और फिल्म निर्माण के अनुभव को साथ लाने वाली एक ऐतिहासिक साझेदारी है।





 

यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध एक नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। दोनों देशों के नेता और प्रतिनिधिमंडल आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। ऐसे में 'सिलक्यारा 41' दोनों देशों के साझा मूल्यों, सहयोग और मानवता की भावना का प्रतीक बनकर सामने आ रही है।





 

आमिर खान, निर्माता और संस्थापक, आमिर खान प्रोडक्शंस ने कहा, "माइंड ब्लोइंग फिल्म्स और आमिर खान प्रोडक्शंस के बीच इस ऐतिहासिक साझेदारी की घोषणा करते हुए हमें बेहद खुशी हो रही है। सिलक्यारा टनल रेस्क्यू की कहानी ने मुझे गहराई से प्रभावित किया। यह साहस, धैर्य, सूझबूझ और इंसानियत की ऐसी कहानी है, जिसमें असंभव लगने वाली परिस्थितियों के बीच भी उम्मीद जिंदा रही। आज जब भारत और ऑस्ट्रेलिया अपने रिश्तों के एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं, ऐसे खास दिन पर इस फिल्म की घोषणा करना हमारे लिए बेहद गर्व की बात है। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि दो देशों के साथ मिलकर बनाई जा रही ऐसी कहानी है जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग और इंसानी जज़्बे की जीत का जश्न मनाती है।"




 

निर्देशक कबीर खान ने कहा, "सिलक्यारा टनल रेस्क्यू हाल के वर्षों की सबसे प्रेरणादायक सच्ची घटनाओं में से एक है। यह सिर्फ एक रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं, बल्कि साहस, धैर्य और सामूहिक प्रयास की कहानी है। मुझे सबसे ज़्यादा इसकी मानवीय संवेदनाओं ने आकर्षित किया सुरंग में फंसे लोगों की ज़िंदगी, बाहर इंतज़ार कर रहे उनके परिवार और वे सभी लोग जिन्होंने मिलकर इस असंभव लगने वाले मिशन को सफल बनाया। इस सच्ची और प्रेरणादायक कहानी को बड़े पर्दे पर लाना मेरे लिए सम्मान की बात है।"





 

प्रोफेसर अर्नोल्ड डिक्स ने कहा, "सिलक्यारा रेस्क्यू किसी एक व्यक्ति की कहानी नहीं थी। यह अलग-अलग देशों, संस्कृतियों और विशेषज्ञताओं से आए लोगों के एक साथ मिलकर एक ही लक्ष्य के लिए काम करने की कहानी थी - 41 मज़दूरों को सुरक्षित घर पहुंचाना। मुझे खुशी है कि यह असाधारण कहानी अब दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचेगी। उम्मीद है कि यह फिल्म लोगों को याद दिलाएगी कि जब इंसान मिलकर काम करते हैं तो वे किसी भी चुनौती को पार कर सकते हैं।"




 

मितु भोमिक लांगे एएम, संस्थापक एवं सीईओ, माइंड ब्लोइंग फिल्म्स ने कहा, "जब मैंने पहली बार सिलक्यारा रेस्क्यू के बारे में सुना, तभी मुझे लगा कि यह कहानी बड़े पर्दे पर जरूर आनी चाहिए। यह उम्मीद, संघर्ष और सामूहिक प्रयास की कहानी है। आमिर खान प्रोडक्शंस के साथ इस फिल्म पर काम करना हमारे लिए बेहद खास है। हमें विश्वास है कि यह भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच फिल्म निर्माण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सहयोग साबित होगी और दोनों देशों की गहरी होती दोस्ती का उत्सव भी होगी।"





 

विक्टोरिया की प्रीमियर जैसिंटा एलन ने कहा,।"विक्टोरिया और भारत के बीच पहले से ही मज़बूत संबंध हैं और 'सिलक्यारा 41' जैसी सह-निर्माण परियोजनाएं इन रिश्तों को और मजबूत करेंगी। यह फिल्म हमारी साझा कहानी को दुनिया तक पहुंचाएगी एक ऐसी कहानी जो परिवार, मेहनत, समुदाय, उम्मीद और सिनेमा के प्रति हमारे साझा प्रेम पर आधारित है।"




 

ऑस्ट्रेलिया के गृह एवं कला मंत्री टोनी बर्क ने कहा, "भारत और ऑस्ट्रेलिया के सहयोग की इससे बेहतर कहानी शायद ही कोई हो सकती है। मुझे बेहद खुशी है कि 'सिलक्यारा 41' जैसी प्रेरणादायक कहानी अब बड़े पर्दे पर दिखाई जाएगी।"





 

'सिलक्यारा 41' उस ऐतिहासिक बचाव अभियान की सच्ची कहानी को बड़े पर्दे पर लेकर आएगी, जिसने दुनिया भर के करोड़ों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। यह फिल्म दिखाएगी कि कैसे कठिन परिस्थितियों में इंसानी सूझबूझ, टीमवर्क और अटूट हौसले ने एक असंभव दिखने वाले मिशन को सफल बनाया।




 

इस फिल्म को भारत और ऑस्ट्रेलिया की संयुक्त रचनात्मक और तकनीकी टीम मिलकर तैयार करेगी, ताकि साहस, सहयोग और मानवता की यह प्रेरणादायक कहानी दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंच सके। फिल्म की स्टारकास्ट, अन्य निर्माण साझेदारों और रिलीज़ से जुड़ी जानकारी जल्द ही साझा की जाएगी।

#SidharthMalhotra की #TheVvaan #Tamannaah Bhatia


 

जैसा कि अनुमान लगाया जा रहा था, फिल्म निर्माता एकता कपूर ने, अपनी २८ अगस्त को प्रदर्शन के लिए तैयार फिल्म वन की प्रदर्शन की तिथि बढ़ा कर २५ सितम्बर कर दी है।  यह फिल्म लोक कथाओं पर आधारित थ्रिलर फिल्म है। फिल्म के निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा हैं। मुख्य भूमिकाएं सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया ने की है। 






एकता कपूर ने,फिल्म वन को २५ सितम्बर तक सरका कर, फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर सुरक्षित करने का प्रयास किया है।  क्योंकि, २८ अगस्त को वन, यश की अखिल भारतीय स्तर पर ही नहीं, अखिल विश्व स्तर पर प्रदर्शित होने जा रही फिल्म टॉक्सिक सितम्बर को श्रद्धा कपूर की महाराष्ट्र की लावणी नर्तकी के जीवन पर आधारित फिल्म ईठा के बीच सैंडविच बनी हुई थी। इससे सिद्धार्थ की फिल्म को स्क्रीन मिलने तक के लाले लगे हुए थे। 





 २५ सितम्बर को, बॉक्स ऑफिस पूरी तरह से सिद्धार्थ की फिल्म वन के लिए खुला हुआ है।  इस दिन, अभी तक की सूचनाओं के अनुसार, हॉलीवुड की ब्रैड पिट अभिनीत एक्शन थ्रिलर फिल्म हार्ट ऑफ़ द बीस्ट ही प्रदर्शित हो रही है। इससे पहले के शुक्रवार १८ सितम्बर को भी, हॉलीवुड की हॉरर थ्रिलर रेजिडेंट ईविल और करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन की क्राइम ड्रामा फिल्म दायरा ही प्रदर्शित हो रही है। यह दोनों फ़िल्में सिद्धार्थ की वन के बहुत अधिक स्क्रीन नहीं छीन लेने वाली है।





फिल्म वन की निर्माता एकता कपूर ने एक अन्य कारनामा भी किया है। उन्होंने, स्पेलिंग के अक्षरों को टोटका करते हुए, अतिरिक्त वी वाले शीर्षक वन की अंग्रेजी स्पेलिंग में एक ए अतिरिक्त जोड़ कर, आगे द लगा दिया है।  कपूर का यह करिश्मा, द व्वान के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर क्या सकारात्मक प्रभाव डालेगा, यह तो २५ सितम्बर को ही साफ हो सकेगा।  किन्तु, इस समय तो उन्होंने वन को बड़े टकराव से बचाते हुए, अधिक स्क्रीन पा सकने का जुगाड़ अवश्य कर लिया है। 





सिद्धार्थ मल्होत्रा अपनी फिल्मो की असफलता से जूझ रहे है।  उन्हें आवश्यकता है एक अदद हिट फिल्म की।  व्वान: फोर्स ऑफ़ द फॉरेस्ट का थ्रिल और पौराणिक कथानक उनको आस बढ़ाने वाला है।  फिल्म में उनकी नायिका तमन्ना भाटिया है। तमन्ना भाटिया, आइटम गर्ल के खांचे में फिट कर दी गई है। उनकी विशेष भूमिका वाली फिल्म ओ रोमियो भी बॉक्स ऑफिस पर कुछ विशेष नहीं कर सकी है। स्पष्ट है कि सिद्धार्थ की तरह तमन्ना की तमन्ना भी एक अदद हिट फिल्म है। क्या इन दोनों की तमन्ना पूरी होगी?


Wednesday, 8 July 2026

#Yash और #KiaraAdvani की #Toxic प्रेम कहानी की #Tabaahi

 


कुछ लव स्टोरीज़ “आई लव यू” से शुरू होती हैं… लेकिन ‘तबाही’ खामोशी से शुरू होती है। और शायद यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।

 



 

रॉकिंग स्टार यश और कियारा आडवाणी के साथ ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ का पहला गाना ‘तबाही’ हमें उस प्यार की दुनिया में ले जाता है, जो कहा कम और महसूस ज़्यादा किया जाता है। विशाल मिश्रा की आवाज़ और धुन इस इमोशनल खामोशी को और गहरा बना देती है, जहां हर नज़र, हर ठहराव अपने आप में एक कहानी बन जाता है।

 



 

पूरे म्यूज़िक वीडियो में यश और कियारा के बीच एक अजीब सा खिंचाव महसूस होता है। उनकी हर नज़र में तड़प है, और हर खामोशी किसी लंबी बातचीत से भी ज़्यादा भारी लगती है। यहां बड़े-बड़े इज़हार नहीं हैं, बल्कि दिल को चुपचाप दबाकर रखने की कोशिश है… और यही इसे और ज़्यादा असरदार बना देता है।




 

 

वीडियो का एक बेहद खास पल तब आता है, जब तारा सुतारिया का किरदार रेबेका, राया (यश) से पूछती है, “क्या तुम खुद के अलावा किसी और से प्यार नहीं कर सकते?”




 

और राया बिना रुके जवाब देता है, “बिलकुल नहीं।”




 

 

ऊपर से ये जवाब बहुत पक्का लगता है… जैसे उसे यकीन हो कि उसके दिल में किसी के लिए जगह ही नहीं है।




 

लेकिन अगले ही पल ये यकीन खुद ब खुद टूटने लगता है।




 

 

कैमरा जैसे ही राया को कियारा की तरफ देखते हुए दिखाता है… शब्द बेकार हो जाते हैं। उसकी आंखें सब कुछ बयां कर देती हैं, जो वो खुद से भी छुपा रहा है।




 

वो तड़प, वो झिझक, वो छुपी हुई नर्मी… ये सब मिलकर एक ऐसे इंसान की कहानी बताते हैं, जो अपने ही जज़्बातों से भाग रहा है, लेकिन उनसे बच नहीं पा रहा।




 

 

यही अंदरूनी टकराव ‘तबाही’ को इतना यादगार बनाता है।




 

ये प्यार की वो कहानी नहीं है, जो खुलेआम कबूल की जाती है… ये वो प्यार है जिसे नकारा जाता है, दबाया जाता है, लेकिन फिर भी जो हर हाल में रास्ता निकाल ही लेता है।





 

 

और शायद यही ‘तबाही’ को बाकी सब से अलग बनाता है।




 

यहां प्यार कोई नरम एहसास नहीं, बल्कि एक ऐसी ताकत है जो हर फैसले, हर ठहराव और हर नज़र के पीछे चुपचाप अपना असर छोड़ जाती है।





 

 

राया चाहे जितना भी मना कर ले… कुछ जज़्बात ऐसे होते हैं, जो छुपाए नहीं छुपते।





 

 

गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में यश के साथ नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी जैसी शानदार स्टारकास्ट नजर आएगी।




 

 

वेंकट के. नारायण और यश द्वारा केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के बैनर तले प्रोड्यूस की गई यह फिल्म इस साल की सबसे बड़ी सिनेमैटिक रिलीज़ में से एक बनने जा रही है।





 

 

फिल्म 26 अगस्त 2026 को दुनियाभर में बड़े पैमाने पर सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

#EvilDeadSeries की छठी फिल्म है #EvilDeadBurn



हॉलीवुड की फिल्म ईविल डेड बर्न की टैग लाइन एव्री फॅमिली हैज़ इट्स डेमन के अनुरूप फिल्म का कथानक है। अपने पति को खोने के बाद, एक स्त्री अपने ससुराल वालों के पास सुकून ढूंढती है। किन्तु, परिवार के लोग, जैसे जैसे एक-एक करके डेडाइट्स में बदलते हैं, उसे पता चलता है कि उसने ज़िंदगी में जो कसमें खाई थीं - वे मौत के बाद भी ज़िंदा रहती हैं।

 




ईविल डेड बर्न २०२६ की एक अमेरिकन सुपरनैचुरल हॉरर फ़िल्म है, जिसे सेबेस्टियन वैनिसेक और फ्लोरेंट बर्नार्ड ने निर्देशित किया है और लिखा है।  इस फिल्म को रॉब टैपर्ट और सीरीज़ क्रिएटर सैम रैमी ने निर्मित किया है।

 





ईविल डेड बर्न, २०१३ में प्रदर्शित फिल्म ईविल डेड और २०२३ में प्रदर्शित ईविल डेड राइज़ की  स्टैंडअलोन सीक्वल है।  यह ईविल डेड फ़िल्म सीरीज़ की छठी कड़ी है। फ़िल्म में सौहेला याकूब, टैंडी राइट, हंटर डूहान, लुसियान बुकानन, एरोल शैंड और मौड डेवी ने अभिनय किया है।

 





ईविल डेड बर्न को वार्नर ब्रदर्स पिक्चर्स द्वारा १० जुलाई, २०२६ अमेरिकी सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जा रही है । इसी के साथ यह फिल्म भारत में भी १० जुलाई कोई ही प्रदर्शित होगी तथा अजय देवगन की फिल्म धमाल ४ से टकराएगी।

 





ईविल डेड सीरीज की सातवीं कड़ी,  ईविल डेड रैथ ७ अप्रैल, २०२८ को प्रदर्शित होगी। यह फिल्म द ईविल डेड की प्रीक्वल फिल्म है ।

 





निर्देशक सेबेस्टियन वैनिसेक ने फिल्म के प्रचार के दौरान पत्रकारों से कहा कि उन्हें एन सी १७  रेटिंग से बचने और थिएटर के लिए आर रेटिंग पाने के लिए ईविल डेड बर्न के एक बहुत ही ग्राफ़िक सीन को ट्रिम करना पड़ा। वैनिसेक ने डिलीट किए गए फुटेज को सच में बहुत, बहुत मुश्किल सीन बताया।

#Toxic #Eetha और #Vvan : बॉक्स ऑफिस पर टकराव, किसको फायदा या नुकसान !



स्वतंत्रता दिवस २०२६ सप्ताहांत में, सनी देओल की बटवारा १९४७ और आवारापन २ प्रदर्शित हो रही है। ट्रेड पंडित बॉक्स ऑफिस पर इस टकराव को उत्सुकता से देख रहे है। किन्तु, अगस्त का सबसे दिलचस्प टकराव रक्षाबंधन सप्ताहांत में देखने को मिल सकता है। इस सप्ताहांत में, तीन फिल्मों टॉक्सिक, इथा और वन के अतिरिक्त खोसला का घोसला २ के प्रदर्शित होने की सूचना है। 

 

 

 

 

 

 

 

रक्षाबंधन पूरे देश में, शुक्रवार २८ अगस्त को मनाया जायेगा। किन्तु, यश की फिल्म टॉक्सिक, दो दिन पहले अर्थात बुधवार २६ अगस्त को ही रिलीज़ ही जाएगी। श्रद्धा कपूर की वास्तविक चरित्र पर फिल्म इथा और सिद्धार्थ मल्होत्रा की वन, दो दिन बाद, रक्षाबंधन के दिन २८ अगस्त को प्रदर्शित हो रही है। इस प्रकार से, जहाँ २८ अगस्त कोई तीन फिल्मों का दुर्लभ टकराव देखने को मिलेगा, वह यश की फिल्म को दो दिनों तक सोलो रिलीज़ का फायदा मिल जायेगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इस महा टकराव से किस फिल्म को फायदा या नुकसान होगा और कितना होगा ? यह निर्भर करता है कि फिल्म के प्रति दर्शकों की रूचि और रुझान पर। इसके लिए फिल्म के एक्टर के दर्शकों पर प्रभाव, विगत फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन और स्टार कास्ट महत्वपूर्ण है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

टॉक्सिक अ फेयरी लव स्टोरी फॉर ग्रोन अप्स में यश, नयनतारा, किआरा अडवाणी, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसे बड़े नाम है। यह फिल्म यश की ४२७ करोड़ का विशुद्ध व्यवसाय करने वाली फिल्म केजीएफ चैप्टर २ के बाद प्रदर्शित होने जा रही है। इस फिल्म की सम्पूर्ण भारत के दर्शको को घोषणा के समय से ही प्रतीक्षा है। यह फिल्म अखिल भारतीय नहीं, अखिल विश्व स्तर पर प्रदर्शित हो रही है। फिल्म की शूटिंग मूल कन्नड़ के अतिरिक्त अंग्रेजी में एक साथ हुई है। यह फिल्म हिंदी सहित विश्व की कुछ अन्य भाषाओँ में भी प्रदर्शित की जाएगी।  इस फिल्म का बजट ८५० करोड़ का भारी भरकम है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इथा पूरी तरह से अभिनेत्री श्रद्धा कपूर पर केंद्रित और उनकी स्टार अपील पर निर्भर फिल्म है। प्रसिद्ध लावणी आर्टिस्ट विथाबाई नारायणगांवकर की भूमिका कर रही अभिनेत्री श्रद्धा कपूर सबका ध्यान खींचती है। यह फिल्म विथाबाई की ज़िंदगी की कहानी बताती है और लोक थिएटर के प्रति उनके डेडिकेशन को दिखाती है, जिसमें वह बहुत ज़्यादा प्रेग्नेंट होने के बावजूद परफॉर्म करती थीं और बच्चे को जन्म देने के तुरंत बाद बैकस्टेज स्टेज पर लौट आई थीं। इस फिल्म का बजट, टॉक्सिक से काफी कम १२० करोड़ है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सिद्धार्थ मल्होत्रा की थ्रिलर फिल्म वन की सशक्त कड़ी कथानक, लोक कथा और थ्रिल का मिश्रण है। यह फिल्म पूरी तरह से, अपनी स्टार अपील नहीं, बल्कि कथानक की अपील पर निर्भर है। इस फिल्म का बजट ७० करोड़ से अधिक है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इसमें कोई संदेह नहीं कि यह तीनों फ़िल्में रक्षा बंधन, ओणम और ईद के त्यौहार पर प्रदर्शित हो रही है। ऐसे छुट्टियों के माहौल में, फिल्म प्रेमी दर्शक सिनेमाघरों तक जरूर पहुंचेगा। उनके लिए, भिन्न शैली वाली इन तीन फिल्मों में से एक का चुनाव आसान होगा।  इसलिए, तीनों फिल्में दर्शक पा सकती है। किन्तु, बात टिकेगी स्क्रीन की संख्या पर।  इसमें कोई संदेह नहीं कि टॉक्सिक को सबसे अधिक परदे मिलेंगे। दो दिन बाद, टॉक्सिक के परदे ईठा और वन के मध्य बटेंगे। किन्तु, इतनी सकारात्मक परिस्थितियो में भी ईठा  को टॉक्सिक से परदे लेने में जोर आजमाइश करनी होगी।  वन के लिए तो उचित संख्या में परदे और शो टाइम मिलना काफी कठिन लगता है। यद्यपि, टॉक्सिक और वन की चर्चा इस वजह से भी हो रही है कि टॉक्सिक और वन से रियल लाइफ की पत्नी और पति टकरा रहे है। किआरा अडवाणी टॉक्सिक की नायिका है, जबकि उनके पति सिद्धार्थ मल्होत्रा वन के नायक है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, टॉक्सिक के क्रेज और ईथ की श्रद्धा कपूर की लोकप्रियता के बीच सिद्धार्थ मल्होत्रा की 'वन' को स्क्रीन शेयरिंग और दर्शकों को अपनी ओर खींचने में सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है। चर्चा है कि 'वन' के मेकर्स इस नुकसान से बचने के लिए रिलीज डेट आगे बढ़ा सकते हैं। 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 तीन बड़ी फिल्में एक साथ आने से किसी भी एक फिल्म को पूरे देश में शत-प्रतिशत थिएटर्स नहीं मिल पाएंगे। हिंदी बेल्ट में श्रद्धा कपूर की 'ईथा' और यश की 'टॉक्सिक' के बीच स्क्रीन शेयरिंग को लेकर तगड़ी खींचतान होगी। यदि, तीनों फिल्मों का कथानक बहुत अच्छा भी हुआ, तो भी दर्शक अपनी जेब और समय के हिसाब से बजट बांट लेंगे। इससे जो फिल्म सोलो रिलीज होकर ५०० करोड़ कमा सकती थी, वह क्लैश के कारण ३०० से ५००  करोड़ पर सिमट सकती है।  इस क्लैश में कंटेंट ही किंग साबित होगा। शुरुआती फायदा यश की 'टॉक्सिक' को अपनी पैन-इंडिया स्टार पावर के कारण मिलेगा। यदि, श्रद्धा कपूर की 'ईथा' को 'स्त्री 2' जैसी मजबूत माउथ-पब्लिसिटी मिल गई, तो वह लंबी रेस में 'टॉक्सिक' के हिंदी कलेक्शन को बड़ा नुकसान पहुँचा सकती है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

किसी भी फिल्म का बजट और स्टार कास्ट ही यह तय करते हैं कि उसे बॉक्स ऑफिस पर हिट होने के लिए कितनी कमाई करनी होगी। भारी-भरकम बजट फिल्म के लिए जोखिम बढ़ा देता है, जबकि मजबूत स्टार कास्ट शुरुआती दिनों में दर्शकों को खींचने की गारंटी होती है । भारी बजट (८५०-९०० करोड़)  के कारण टॉक्सिक पर सबसे ज्यादा दबाव है। इस फिल्म को हिट का टैग पाने के लिए ही ११०० करोड़ ककी कमाई करनी होगी । ईथा टकराव के बाद भी १२० करोड़ के बजट के कारण सुरक्षित मानी जा रही है । जिस प्रकार से, श्रद्धा कपूर की विगत फिल्म स्त्री २ ने कीर्तिमान कमाई की थी, उसे देखते हुए फिल्म ईथा २५० करोड़ की कमाई आसानी से कर ले जायेगी । किन्तु, ७० से ९० करोड़ के बजट वाली सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म वन को लागत निकालने के लिए ही १०० करोड़ का कारोबार करने में कठिनाई होगी ।