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Tuesday, 7 July 2026

#NetflixIndia पर #Ikka और ओटीटी पर अन्य कोर्ट रूम ड्रामा फ़िल्में !



नेटफ्लिक्स इंडिया, १० जुलाई से, सनी देओल और अक्षय खन्ना की फिल्म इक्का की स्ट्रीमिंग प्रारम्भ कर रहा है।  यह फिल्म कोर्ट  रूम ड्रामा फिल्म है। सनी देओल, दामिनी के बाद, एक बार फिर वकील का चरित्र कर रहे है।  वकील अर्जुन उर्फ़ इक्का एक ईमानदार और प्रतिष्ठित वकील है, जो कभी कोई केस नहीं हारा। किन्तु, वह उस समय बेबस हो जाता है, जब उसे एक अपराधी शौर्यमान को बचाना पड़ता है।  




इस शुक्रवार, जब ओटीटी के दर्शक फिल्म इक्का को देखेंगे तो उन्हें ऎसी ही अन्य कोर्ट रूम ड्रामा फिल्मों की याद आएगी।  वह ऐसी ही फिल्मों को घर बैठे देखना चाहेंगे।  तो ऎसी कुछ फिल्में ओटीटी प्लेटफार्म पर भी उपलब्ध है। ऎसी ही कुछ कोर्ट रूम ड्रामा फ़िल्में और वेब सीरीज पर एक दृष्टि। 






दामिनी (१९९३): यह बॉलीवुड की सबसे आइकॉनिक कानूनी ड्रामा फिल्म है। इसमें सनी देओल का तारीख पर तारीख वाला डायलॉग आज भी बेहद लोकप्रिय है।




पिंक (२०१६): अमिताभ बच्चन और तापसी पन्नू अभिनीत यह फिल्म लड़की की सहमति या असहमति  जैसे गंभीर मुद्दे को कोर्ट में बेहद मजबूती से उठाती है।





जॉली एलएलबी १ और २: अरशद वारसी और अक्षय कुमार की यह सीरीज भारतीय न्यायिक व्यवस्था पर एक बेहतरीन व्यंग्य करने वाली मनोरंजक ड्रामा फिल्म है।





जय भीम (२०२१): यह फिल्म तमिल एक वकील के संघर्ष और आदिवासियों के अधिकारों की सच्ची घटना पर आधारित एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला कोर्ट ड्रामा फिल्म है।




ओएमजी २ (२०२३): पंकज त्रिपाठी और यामी गौतम स्टारर इस फिल्म में सेक्स एजुकेशन जैसे सामाजिक विषय को अदालत के जरिए बेहद अनोखे अंदाज में पेश किया गया है।





सेक्शन ३७५ (२०१९): अक्षय खन्ना और ऋचा चड्ढा की यह फिल्म कानून की बारीकियों और उसके दोनों पक्षों को गहराई से दिखाती है।





वेब सीरीज़  क्रिमिनल जस्टिस  जिओ हॉटस्टार पर उपलब्ध। इस सीरीज में पंकज त्रिपाठी वकील 'माधव मिश्रा' के किरदार में हैं। इसके अब तक चार सीजन आ चुके हैं और यह भारत की सबसे बेहतरीन लीगल थ्रिलर मानी जाती है।





मामला लीगल है: रवि किशन अभिनीत यह सीरीज  नेटफ्लिक्स  पर उपलब्ध है। पटपड़गंज जिला अदालत के कामकाज को कॉमेडी और हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाती है।




गिल्टी माइंड्स: अमेज़न प्राइम वीडियो की यह सीरीज दो अलग-अलग विचारधाराओं वाले वकीलों के इर्द-गिर्द घूमती है और हर एपिसोड में एक नया व दिलचस्प केस देखने को मिलता है।





योर ऑनर: जिमी शेरगिल की सोनी लाइव पर उपलब्ध वेब सीरीज एक ऐसे ईमानदार जज की कहानी है, जिसका बेटा एक एक्सीडेंट केस में फंस जाता है।





द वर्डिक्ट: स्टेट वर्सेस नानावटी: ज़ी ५ की यह सीरीज भारत के मशहूर के.एम. नानावटी वाले ऐतिहासिक अदालती मामले पर आधारित है।





कोर्ट रूम ड्रामा फिल्म की बात करें तो १९८६ में प्रदर्शित फिल्म एक रुका हुआ फैसला का उल्लेख न करना उपयुक्त नहीं होगा।  यह फिल्म विशुद्ध कोर्ट रूम ड्रामा नहीं, बल्कि एक कमरे में जूरी के १२ सदस्यों की एक केस पर आपस में विचार विमर्श और कानूनी दावपेंच प्रस्तुत करने वाली फिल्म थी। बासु चटर्जी निर्देशित इस फिल्म के अतिरिक्त अन्य कोई ऎसी फिल्म नहीं बनाई गई। यह फिल्म हॉलीवुड की १९५७ में प्रदर्शित फिल्म १२ एंग्री मैन का आधिकारिक रूपांतरण थी।  इस फिल्म में सामान्य बॉलीवुड फिल्मों की तरह कोई गाना, डांस या बाहरी ड्रामा नहीं था। पूरी फिल्म सिर्फ एक बंद कमरे के अंदर १२ जूरी सदस्यों की बहस, इंसानी पूर्वाग्रहों और मनोविज्ञान पर आधारित थी।




चूंकि भारत में १९५९ के मशहूर के.एम. नानावटी मामले के बाद जूरी सिस्टम को समाप्त कर दिया गया था, इसलिए इसके बाद हिंदी सिनेमा में इस तरह की 'जूरी रूम' ड्रामा फिल्में बनना पूरी तरह बंद हो गईं।हालांकि, अगर आप बिना किसी व्यावसायिक तड़क-भड़क के, शुद्ध रूप से यथार्थवादी (Realistic) और गंभीर कानूनी दांव-पेंच वाली फिल्में देखना चाहते हैं, तो हिन्दी में कुछ ऐसी फिल्में जरूर बनी हैं जो 'एक रुका हुआ फ़ैसला' के स्तर की गंभीरता को छूती हैं। 







कोर्ट (२०१४) : यह भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे वास्तविक कानूनी ड्रामा फिल्म मानी जाती है। इसमें किसी भी तरह का मेलोड्रामा या चिल्लाने वाले डायलॉग नहीं हैं। यह फिल्म बहुत ही शांति से भारतीय निचली अदालतों की जमीनी हकीकत, वहां की सुस्ती और व्यवस्था की कमियों को दिखाती है।






सेक्शन ३७५: अक्षय खन्ना और ऋचा चड्ढा की यह फिल्म पूरी तरह से अदालत के कमरे के भीतर चलती है। यह फिल्म 'एक रुका हुआ फ़ैसला' की तरह ही दर्शकों के दिमाग में यह द्वंद्व पैदा करती है कि आरोपी सच बोल रहा है या झूठ। इसमें कानून के तकनीकी पहलुओं को बिना किसी फालतू ड्रामे के बेहद संजीदगी से दिखाया गया है।





शाहिद (२०१२)मानवाधिकार वकील शाहिद आज़मी के जीवन पर आधारित राजकुमार राव की यह फिल्म बेहद यथार्थवादी ढंग से बनाई गई है। इसमें अदालतों के चक्कर, तारीखों का इंतजार और वकीलों के बीच की बहस को बिना किसी फिल्मी तड़के के असली रूप में पेश किया गया है।





कानून (१९६०) : बी.आर. चोपड़ा द्वारा निर्देशित यह अपने समय की एक अनूठी फिल्म थी। उस दौर में भी इस फिल्म में एक भी गाना नहीं था, जो कि तत्कालीन बॉलीवुड के लिए एक बहुत बड़ा प्रयोग था। यह फिल्म मृत्युदंड की प्रासंगिकता पर एक गंभीर अदालती बहस पेश करती है।






यहाँ बताते चलें कि निर्देशक दर्शन आश्विन त्रिवेदी, एक रुका हुआ फैसला का आधिकारिक आधुनिक रीमेक बनाने जा रहे है।  इस फिल्म में अतुल कुलकर्णी, नीरज काबी और दिव्या दत्ता जैसे बेहतरीन कलाकार सम्मिलित किये गए हैं।

Monday, 29 June 2026

बॉक्स ऑफिस पर #EmraanHashmi का #Awarapan2 और #SunnyDeol का #Batwara1947 ?



उन्यासी साल पहले, १४ अगस्त १९४७ को भारत का बंटवारा कर, पाकिस्तान बनवाया गया था।  इस बार, स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले १४ अगस्त, २०२६ को भारत के बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों,  फिल्म के पर्दों, शोज और सीटों का बंटवारा होगा।  यह बटवारा बॉलीवुड की दो फिल्मों के माध्यम से  होगा।





१४ अगस्त २०२६ को बॉक्स ऑफिस पर दो फिल्मों का टकराव होने जा रहा है।  यह दोनों फ़िल्में अपनी घोषणा से ही फिल्म प्रेमियों के मध्य चर्चा में है।  यह दो फ़िल्में है इमरान हाशमी की रोमांस फिल्म आवारापन २ और सनी देओल की देश  के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बटवारा १९४७। 





आवारापन २, २००७ में प्रदर्शित इमरान हाशमी की थ्रिलर फिल्म आवारापन की सीक्वल फिल्म है।  इस फिल्म का निर्देशन नितिन कक्कड़ ने किया है।  फिल्म में, इमरान हाश्मी अपने १९ साल पहले के आवारापन के चरित्र शिवम् पंडित को दोहरा रहे है। इसमें उनका साथ दिशा पटानी, रणदीप हूडाऔर शबाना आज़मी दे रहे है।



 


वहीँ बटवारा १९४७, जिसे लाहौर १९४७ शीर्षक के साथ पूरा किया गया था, राजकुमार संतोषी की पीरियड ड्रामा फिल्म है। इस फिल्म को आमिर खान ने निर्मित किया है। फिल्म सनी देओल, प्रीति ज़िंटा और शबाना आज़मी ने अभिनय किया है। यह दोनों ही फ़िल्में दर्शकों का ध्यान आकृष्ट कर पाने में सफल होती है।  इसलिए उम्मीद तो यही की जाती है कि यह फ़िल्में अपने लक्षित दर्शकों को छविगृहों ला पाने में समर्थ होंगी। इसीलिए, उत्सुकता से देखा जा रहा है कि कौन फिल्म किस पर भारी पड़ती है अर्थात अधिक कारोबार कर पाती है।   





बटवारा १९४७  ज़्यादा मास अपील और सनी देओल के हालिया ट्रैक रिकॉर्ड और देशभक्ति थीम्स की वजह से अधिक ओपनिंग ले सकती है। अनुमानित है कि अपनी थीम और सनी देओल की छवि के कारण बटवारा १९४७ बॉक्स ऑफिस पर २० से ३० करोड़ का लक्ष्य पा सकती है। यह भी संभव है कि यह फिल्म स्वत्नत्रता दिवस सप्ताहांत का अपने विषय और सनी देओल की देशभक्ति से सरोबार एक्शन छवि तथा आमिर खान प्रोडक्टिविन की प्रतिष्ठा के प्रभाव से अधिक कारोबार भी कर सकती है। किन्तु, इसके बावजूद सनी देओल की फिल्म बटवारा १९४७ अपनी पूर्व की देशभक्तिपूर्ण फिल्मों बॉर्डर २ के प्रथम दिन ३२ करोड़ और ग़दर २ के ४० के लक्ष्य को नहीं पा सकेगी।





आवारापन २ प्रदर्शन पूर्व की सुगबुगाहट में सबसे आगे है। इसकी रोमांटिक शैली रोमांस फिल्मों के कीर्तिमानों को लक्ष्य में रखती है।  ऐसा प्रतीत होता है कि आवारापन २ का लक्ष्य  शायद रोमांस शैली में कीर्तिमान प्रारम्भ लेने वाली फिल्म सैयारा के २२ करोड़ नेट को तोड़ना चाहेगी। आवारापन कल्ट फिल्म मानी गई थी। आवारापन की कल्ट इमेज ज़बरदस्त नॉस्टैल्जिया लिए हुए है। इमरान हाशमी लम्बे समय बाद रोमांटिक मुद्रा में दिखाई देंगे।  इसी कारण से फिल्म को २२ से २५ करोड़ का नेट कारोबार करने की आशा है। 






दर्शकों के बंटवारे की दृष्टि से दोनों फिल्मों को उनके अलग-अलग जॉनर थोड़ा अलग बनाते हैं। इसलिए आवारापन २ शहरी युवाओं, जोड़ो और इमरान हाशमी के परंपरागत दर्शकों  को रोमांस-थ्रिलर नॉस्टैल्जिया के साथ टारगेट करती है, जबकि बटवारा १९४७ सनी देओल की एक्शन-हीरो इमेज और पार्टीशन ड्रामा के ज़रिए आम/ग्रामीण दर्शकों, परिवारों और देशभक्ति की भावना को अपील करती है। इस कारण से  इन फिल्मों के कलेक्शन में सीधे कमी नहीं हो सकती है, किन्तु, छविगृहों के पर्दों का बटवारा अवश्य कर जाती हैं। 






यद्यपि, स्वतंत्र दिवस सप्ताहांत की लंबी छुट्टियों और दर्शकों में फिल्मों के प्रति जोश बॉक्स ऑफिस पर उत्साह पैदा करते है। यह स्थिति बटवारा १९४७ के कथानक को सहयोग करती है। किन्तु, यदि सलमान खान की फिल्म मातृभूमि की संभावित प्रविष्टि इसे प्रभावित कर सकती है।  यह टकराव पर्दों को साझा करने का तनाव और खास सर्किट में एडवांस बुकिंग की लड़ाई को बढ़ाता हैं। 






सनी देओल की फिल्मों की खासियत होती है कि वह अपने कथानक और सन्देश के कारण अन्य फिल्मों पर भरी पड़ जाती है। यही कारण है कि फिल्म व्यापार के जानकारों का अनुमान है कि सनी देओल की फिल्म को ५५ से ६५ प्रतिशत परदे मिल सकते हैं। वही  आवारापन २ को रोमांस-थ्रिलर नॉस्टैल्जिया और युवा आबादी की पसंदगी के अनुरूप शहरी और मल्टीप्लेक्स छविगृहों में ४० से ६० प्रतिशत सीटें मिल सकती है।





यहाँ, १९ साल पूर्व के अतीत में विचारना होगा। इमरान हाशमी की म्यूजिकल रोमांस फिल्म आवारापन २९ जून २००७ को प्रदर्शित हुई थी। इसी दिन सनी देओल की पारिवारिक फिल्म अपने भी प्रदर्शित हुई थी। जून २००७ में, सनी देओल की फिल्म 'अपने' ने बॉक्स ऑफिस पर इमरान हाशमी की 'आवारापन' से अधिक व्यवसाय किया था। 'अपने' ने औसत प्रारम्भ किया था, जबकि 'आवारापन' की शुरुआत खराब रही थी।  यह दूसरी है कि बाद में फिल्म को कल्ट स्टेटस मिल गया। 




   

किन्तु, १९ साल बाद, आज स्थिति काफी कुछ बदली हुई है। २००७ में आवारापन २ और अपने छुट्टियों के सप्ताहांत के बिना प्रदर्शित हुई थी। जबकि २०२६ स्वतंत्रता दिवस सप्ताहांत के अतिरिक्त लम्बी छुट्टियों का सिलसिला है। इंडिपेंडेंस डे वीकेंड बटवारा १९४७ की देश विभाजन की पृष्ठभूमि के कथानक को पसंद प्राथमिकता देने वाला है, जिसमें पिछली देशभक्ति फिल्मों की सफलताओं की तरह लंबे समय तक चलने की संभावना है, जबकि आवारापन २ को सीक्वल की याद और शहरी मल्टीप्लेक्स वृद्धि का लाभ मिलता है। यह संकेत २००७ में दिखाई नहीं देता था

Friday, 19 June 2026

#Netflix पर #SunnyDeol और #AkshayeKhanna का कोर्ट रूम ड्रामा #IKKA



क्या होता है जब सही काम करने की कीमत आपको अपनी सबसे प्यारी चीज़ें खोकर चुकानी पड़ती है? नेटफ्लिक्स की आगामी थ्रिलर फ़िल्म इक्का  में हिंदी सिनेमा के दो बेहतरीन कलाकार - सनी देओल और अक्षय खन्ना - एक साथ आ रहे हैं। यह दोनों फिल्म बॉर्डर के तीन दशक  बाद एक ज़बरदस्त कोर्टरूम ड्रामा में स्क्रीन पर साथ दिखेंगे। 






प्रतिष्ठित ओटीटी प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स पर १० जुलाई को रिलीज़ होने वाली इक्का एक हाई-स्टेक्स कानूनी लड़ाई की कहानी है, जिसमें निजी अतीत, नैतिक उलझनें और टकराती विचारधाराएँ आमने-सामने होती हैं। कहानी के केंद्र में एक मशहूर वकील (सनी देओल) हैं, जिन्हें अपने अतीत के एक व्यक्ति (अक्षय खन्ना) का बचाव करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उस व्यक्ति की वापसी पुराने ज़ख्मों को फिर से ताज़ा कर देती है और वकील को एक ऐसा केस लेने पर मजबूर करती है जो उनके सभी सिद्धांतों को चुनौती देता है। परिवार की सुरक्षा और सिद्धांतों के दांव पर होने के कारण, हर कदम की एक कीमत चुकानी पड़ती है।






सनी देओल और अक्षय खन्ना के साथ, तिलोत्तमा शोम एक मज़बूत पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की भूमिका में हैं जो न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जबकि दीया मिर्ज़ा एक समर्पित पत्नी और माँ का किरदार निभा रही हैं जो बढ़ती अनिश्चितता के बीच अपने परिवार को एकजुट रखने के लिए संघर्ष कर रही हैं।






नेटफ्लिक्स इंडिया में कंटेंट की वाइस प्रेसिडेंट मोनिका शेरगिल ने कहा, "इक्का  में वह सभी सामग्री हैं जो दर्शकों को एक बेहतरीन कोर्टरूम ड्रामा में पसंद आती हैं, प्रतिष्ठा, नैतिक जटिलता और भावनात्मक संघर्ष। सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा ​​द्वारा निर्देशित यह फ़िल्म न्याय, सच्चाई और जवाबदेही को एक दिलचस्प कहानी के ज़रिए दिखाती है। यह कहानी दर्शकों को आखिर तक उत्सुक बनाए रखती है, जिसमें कई परतों वाले किरदार, अप्रत्याशित मोड़ और ऐसे नैतिक सवाल हैं जो फ़ैसले के बाद भी लंबे समय तक मन में रहते हैं।"





वह आगे कहती हैं, "यह फ़िल्म हमारे लिए एक अहम पड़ाव भी है क्योंकि सनी देओल नेटफ्लिक्स फ़िल्म में डेब्यू कर रहे हैं। वे इस जॉनर में अपनी यादगार भूमिका के तीन दशक से भी ज़्यादा समय बाद एक वकील के तौर पर कोर्टरूम में लौट रहे हैं। उनके साथ स्क्रीन पर वापसी करते हुए, बेहद प्रतिभाशाली अक्षय खन्ना एक बेहतरीन साथी कलाकार साबित होंगे, और यह बुद्धि की एक ज़बरदस्त लड़ाई होगी।





"तिलोत्तमा शोम और दीया मिर्ज़ा की अहम भूमिकाओं के साथ, यह फ़िल्म असाधारण प्रतिभाओं को एक ऐसी कहानी के लिए एक साथ लाती है जो अपने संदर्भ में गहराई से जुड़ी है और हर किसी को प्रभावित करती है - ऐसी कहानी जिसे नेटफ्लिक्स पर दर्शकों के सामने लाने में हमें गर्व है।"






अल्केमी फ़िल्म्स द्वारा निर्मित और सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा ​​द्वारा निर्देशित फिल्म इक्का सनी देओल का स्ट्रीमिंग डेब्यू है। इसमें वे नेटफ्लिक्स पर एक नए, परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड रोल में अपनी खास तीव्रता के साथ कोर्टरूम में वापसी कर रहे हैं। यह फ़िल्म ऐसे फैसलों की कीमत और न्याय की पेचीदगियों को दिखाती है, जो पूरे परिवार के लिए एक दिलचस्प अनुभव साबित होगी।





फ़िल्म के कथानक के बारे में बात करते हुए सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा ​​ने कहा, "एक कहानीकार के तौर पर, मैं हमेशा ऐसी कहानियों की तलाश में रहता हूँ जो मुझे भावनात्मक और रचनात्मक रूप से चुनौती दें। इक्का मेरे लिए ऐसा ही एक सफ़र रहा है। मैं हमेशा से कोर्टरूम ड्रामा का बहुत बड़ा फ़ैन रहा हूँ, और यह विषय कई सालों से मेरे दिल के बहुत करीब रहा है। असल में, यह उन पहली कहानियों में से एक थी जिन्हें मैं पर्दे पर लाना चाहता था।" 





ध्यान रखिये कि इक्का का प्रीमियर १०  जुलाई को सिर्फ़ नेटफ़्लिक्स पर होगा।

Tuesday, 24 February 2026

मई में #BobbyDeol की #Bandar और #SunnyDeol की #Gabru



इस वर्ष, मई का महीना, बॉलीवुड के देओल बंधुओं की फिल्म यात्रा की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने जा रहा है।  इस महीने, दोनों भाइयों की एक एक फिल्म प्रदर्शित होंगी।  यह फ़िल्में उनकी अब तक की फिल्मों से भिन्न कथानक और  भूमिका वाली होंगी।  यह फ़िल्में, दो सप्ताह के अंतराल में प्रदर्शित होंगी। 





जैसे कि मीडिया मीडिया में समाचार हैं, मई २०२६ में प्रदर्शित होने वाली देओल की बंधुओं की दो फ़िल्में सशक्त विषय सामग्री वाली फ़िल्में है। इसमें सनी देओल अभिनीत फिल्म गबरू, जन-सामान्य के दैनिक जीवन से सम्बंधित विशिष्ट घटनाक्रम पर फिल्म है। इस फिल्म में, जहाँ एक्शन की प्रचुरता है, वही भावुक घटनाक्रम भी हैं, जो फिल्म के कथानक के लिए महत्वपूर्ण है।  इस फिल्म का निर्देशन शशांक उदापुरकर कर रहे है। फिल्म में सिमरन और दर्शन जरीवाला की भूमिकाये महत्वपूर्ण है। सलमान खान और रकुल प्रीत सिंह के स्वयं की भूमिका में दिखाई देने की संभावना है।





दूसरी फिल्म, बॉबी देओल की बन्दर है। इस फिल्म का अंग्रेजी शीर्षक मंकी इन अ केज है। फिल्म का जारी पोस्टर स्वयं में रुचिकर है।  इस पोस्ट में बॉबी देओल सीखंचों के पीछे बंद बन्दर की तरह दिखाए गए है।  बन्दर के निर्देशक अनुराग कश्यप है। इसलिए यह फिल्म भी कश्यप परंपरा की क्राइम थ्रिलर फिल्म है। बताया जा रहा है कि बन्दर में बॉबी देओल अपने अब तक की सबसे क्रूर भूमिका में दिखाई देंगे। फिल्म की नायिका सान्या मल्होत्रा है।






सनी देओल की फिल्म गबरू का कथानक एक बाल कलाकार और सनी देओल के चरित्र के संबंधों के प्रकाश में अपने व्यक्तिगत संघर्ष के कथानक वाली फिल्म है। जबकि, बॉबी देओल की फिल्म बन्दर में समाप्तप्राय फ़िल्मी जीवन वाले सितारे पर बलात्कार का आरोप लगता है।  इस आरोप के बाद वह कलाकार कितना क्रूर हो जाता है, इसका पता तो फिल्म देखने के बाद ही चल सकता है।





यह दोनों फ़िल्में सनी देओल के अपने छोटे भाई बॉबी के प्रति प्यार का अनोखा उदहारण है। यहाँ बताते चलें कि सनी देओल की फिल्म गबरू, इस वर्ष १३ मार्च को प्रदर्शित होने जा रही थी। किन्तु, धुरंधर २ और टॉक्सिक से टकराव को टालने के लिए फिल्म का प्रदर्शन मई तक के लिए टाल दिया गया।  





किन्तु, सनी देओल ने भी मई में संभावित टकराव को टाल दिया। मई में,गबरू से पहले बॉबी देओल की फिल्म बन्दर प्रदर्शित होनी थी। किन्तु, सनी देओल ने, छोटे देओल की फिल्म के हित को देखते हुए, गबरू के बाद, बॉबी देओल की फिल्म को प्रदर्शित किये जाने का सुझाव दिया। इस प्रकार से, सनी देओल की फिल्म गबरू ८ मई को प्रदर्शित होगी और इसके दो सप्ताह बाद, बॉबी देओल की फिल्म बन्दर प्रदर्शित होगी। इस प्रकार से बॉबी देओल की फिल्मं को दो सप्ताह का खुला बॉक्स ऑफिस मिल जायेगा।





यदि, बॉबी देओल की फिल्म बन्दर ८ मई को प्रदर्शित होती तो उसे धर्मा प्रोडक्शंस की रोमांस ड्रामा फिल्म चाँद मेरा दिल से टकराव झेलना पड़ता।  इस फिल्म में मुख्य भूमिका अनन्या पांडेय और लक्ष्य की है। इसी दिन, हॉलीवुड की फिल्म द शीप डिटेक्टिव्स भी प्रदर्शित होगी। इतना ही नहीं, बाद के सप्ताह में टॉप गन की चालीसवीं वर्षगांठ पर फिल्म का पुनर्प्रदर्शन भी होना है। आयुष्मान खुराना की फिल्म पति पत्नी और वह दो भी प्रदर्शित होगी। तमन्ना भाटिया और सिद्धार्थ मल्होत्रा की माइथोलॉजीकल ड्रामा फिल्म ववान भी प्रदर्शित हो रही है। अब यह मुकाबला सनी देओल की फिल्म गबरू को झेलना पड़ेगा। 

Sunday, 19 October 2025

जाट के बाद #SunnyDeol बनेंगे #Gabru

 

सनी देओल आज अपना ६९वां जन्मदिन मना रहे है।  इस अवसर पर उन्होंने एक ३५  सेकंड का टीज़र एक्स पर जारी किया है।  यह वीडियो उनकी आगामी फिल्म गबरू के १३ मार्च २०२६ को प्रदर्शित किये जाने की घोषणा करता है।  




पूरे वीडियो में  देओल के बेहद करीबी दृश्य दिखाए गए हैं।  इन दृश्यों के साथ आगे चलकर टैग लाइन  शक्ति वह नहीं है जो आप दिखाते हैं, बल्कि वह है जो आप करते हैं से कथानक काफी कुछ स्पष्ट हो जाता है। यह शीर्षक और टैग लाइन यह भी स्पष्ट करती है कि शक्ति दिखाने की बात नहीं, बल्कि वह है जो आप करते हो। 





सनी देओल के साथ सिमरन बग्गा और प्रीत कमनी की फिल्म गबरू के निर्देशक  मराठी फिल्म निर्देशक शशांक उदापुरकर हैं।  उन की १४ फरवरी २०२० को प्रदर्शित मराठी फिल्म प्रवास की समीक्षकों ने प्रशंसा की थी तथा दर्शकों ने इस फिल्म को देखने में अपनी रूचि दिखाई थी। 






 प्रवास की कहानी प्रेरक है। यह फिल्म एक प्रौढ़ जोड़े की है, जो सोचते हैं कि जो आया है वह एक दिन जायेगा। किन्तु,  बात यह है कि आपने अपनी जिंदगी में दूसरों के लिए किया किया। यह सोच कर वह लोग दूसरे लोगों की सहायता करते हैं।  इसमें वह  असीम आनंद प्राप्त करते है। इस फिल्म में मुख्य भूमिका अशोक सराफ और पद्मिनी कोल्हापुरे ने की थी।




बताया जा रहा है कि गबरू इसी मराठी फिल्म की रीमेक फिल्म है।  फिल्म का निर्देशन  शशांक उदापुरकर  ही कर रहे है।  गबरू में, सनी देओल का साथ सिमरन बग्गा और प्रीत कमनी दे रहे है। कदाचित, फिल्म में सिमरन सनी की पत्नी बनी है और प्रीत इन दोनों के पुत्र है।  प्रीत कमनी मस्का, जर्सी और मिडिल-क्लास लव जैसी उल्लेखनीय फ़िल्में कर चुके है। 





गबरू फिल्म के निर्माता एचेलोन एंटरटेनमेंट और वितरक पीवीआर पिक्चर्स है। फिल्म का संगीत मिथुन और सतिंदर सरताज ने दिया है।  गीत सईद कादरी ने लिखे है।  





समाचार यह भी है कि पहले फिल्म के निर्माता इस फिल्म को सीधे ओटीटी पर   प्रदर्शित करना चाहते थे।  किन्तु, सनी देओल की विगत दो फिल्मों ग़दर २ और जाट की सफलता के बाद, फिल्म को छविगृहों मे प्रदर्शित करने का निर्णय लिया गया है।   

Wednesday, 13 August 2025

भारत में फ्लॉप सनी देओल की कसम, बांगलादेश में हिट फूल और पत्थर !



बेताब  फिल्म से बॉलीवुड में प्रवेश करने वाले अभिनेता सनी देओल, हिट और फ्लॉप के दंश से जूझते रहे है। १९८३ में, बेताब बड़ी हिट फिल्म साबित हुई।  लेकिन, उनकी १९८४ में प्रदर्शित सोहनी महिवाल, सनी और मंजिल मंजिल फ्लॉप हो गई।  १९८५ में राहुल रवैल की फिल्म अर्जुन ने सनी देओल का सिक्का जमाया। किन्तु, इसके बाद ज़बरदस्त, सवेरे वाली गाड़ी, सल्तनत और समंदर  फ्लॉप हो गई।






सनी के साथ हिट और फ्लॉप फिल्मों का सिलसिला चलता रहा। २००१ में तो अभूतपूर्व हुआ था।  सनी देओल की १५ जून २००१ को प्रदर्शित फिल्म ग़दर एक प्रेम कथा, आमिर खान की फिल्म लगान को बुरी तरह से पछाड़ कर आल टाइम हिट फिल्म साबित हुई थी। किन्तु, इसके बाद सब कुछ नकारात्मक ही हुआ। उनकी यह रास्ते हैं प्यार के और इंडियन, ग़दर के हैंगओवर में बह गई।  किन्तु, उनके लिए दुःस्वप्न साबित हुई फिल्म कसम। इस डाकू फिल्म की असफलता को सनी देओल आज याद भी नहीं करना चाहते। 





वास्तव में कसम फिल्म अजीबोगरीब पेंच में फंसती निकलती रही।  यह फिल्म पहले तो शीर्षक बदलाव में फसी रही। फिल्म का निर्माण पत्थर और पायल शीर्षक के साथ हुआ था। इस बीच, सनी देओल के पिता धर्मेंद्र की डाकू फिल्म पत्थर और पायल प्रदर्शित हो गई। अब फिल्म का शीर्षक बदला जाना बहुत आवश्यक हो गया था। फिल्म का नाम बदल कर काल करम और विधाता रखा गया।  यह नाम जमा नहीं तो इसे बदल कर काली शंकर कर दिया गया।  अंत में फिल्म कसम शीर्षक के साथ प्रदर्शित हुई।    





बिंदिया और बन्दूक जैसी सुपरहिट फिल्म निर्देशित कर अपने फिल्म जीवन का प्रारम्भ करने वाले शिबू मित्र ने, खून की कीमत, ज़ोरो, शंकर दादा, आखिरी गोली, राखी की सौगंध, पांच कैदी, इंसाफ मैं करूंगा, दुर्गा, माँ कसम, सीतापुर की गीता, इलज़ाम, आग ही आग, पाप की दुनिया, कसम वर्दी की, आखिरी गुलाम, वीरता, आदि बड़ी हिट फिल्मे बनाई थी। किन्तु, कसम की बुरी असफलता ने उन्हें निर्देशन से संन्यास लेने के लिए  विवश कर दिया।





कसम के संगीतकार कल्याणजी आनंदजी थे।  किन्तु, उनके फिल्म को छोड़ देने के बाद इसका संगीत कल्याणजी के बेटे विजय शाह उर्फ़ विजु शाह ने दिया।





कसम ने सोनू वालिया और नीलम का करियर भी समाप्त कर दिया। नीलम की यह अंतिम फिल्म थी।  सोनू वालिया को २००८ में प्रदर्शित जय संतोषी माँ में देखा गया था। नीलम की अंतिम फिल्म वास्तव में हम साथ साथ है (१९९९) थी. किन्तु, कसम के विलम्ब से प्रदर्शित होने के कारण यह फिल्म नीलम की अंतिम फिल्म नहीं बन सकी।





शिबू मित्रा ने, १९८७ में सनी देओल, चंकी पांडेय और नीलम के साथ पाप की दुनिया जैसी बड़ी हिट फिल्म बनाई थी।  किन्तु, वह इसी तिकड़ी के साथ कसम में बुरी तरह से असफल  हुए। यहाँ दिलचस्प तथ्य यह है कि फिल्म पाप की दुनिया के क्लाइमेक्स में चंकी पांडेय की  मौत हो जाती है, जबकि कसम में सनी देओल गोली का शिकार हो जाते है। कदाचित सनी का यो मारा जाना दर्शकों को पसंद नहीं आया था। 





कसम को भिन्न शीर्षक के साथ १९९० में प्रारम्भ किया गया था। इस फिल्म में सनी देओल को मेहमान भूमिका ही करनी थी। समय और शीर्षक बदलने के साथ साथ फिल्म में सनी देओल की भूमिका की लम्बाई बढ़ती गई। अंत में फिल्म सनी देओल की कसम के रूप में प्रदर्शित हुई।





इस फिल्म को बंगलादेश में बांगला भाषा में सहयोगी सितारों के बदलाव के साथ फूल और पत्थर शीर्षक से प्रदर्शित किया गया था।  इस फिल्म को यू ट्यूब पर देखा जा सकता है। दिलचस्प तथ्य यह है कि जहाँ हिंदी कसम बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई थी, बांगला  में डब फूल और पत्थर हिट साबित हुई। 

Friday, 24 January 2025

#BoxOffice पर #Jat से #JollyLLB3 का टकराव !



बॉलीवुड में आज सनसनी का वातावरण है।  आज जैसे ही सनी देओल की फिल्म जाट के १० अप्रैल २०२५ को प्रदर्शित किये जाने की घोषणा की गई, पूरा बॉलीवुड चौंक गया। क्योंकि, १० अप्रैल को अक्षय कुमार की जॉली एलएलबी सीरीज की तीसरी फिल्म जॉली एलएलबी ३ के प्रदर्शन की तिथि पूर्व निर्धारित थी।  इसका मतलब, १० अप्रैल को सनी देओल का अक्षय कुमार की फिल्म से टकराव !



 

यद्यपि यह टकराव पहला और अनोखा नहीं था।  सनी देओल और अक्षय कुमार, दोनों की ही फ़िल्में बॉलीवुड के दूसरे बड़े सितारों की फिल्मो से टकराई है।  स्वयं सनी देओल और अक्षय कुमार की फिल्मों का टकराव बॉलीवुड देख चुका है।





विगत वर्ष, ११ अगस्त २०२३ को दो सीक्वल फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर टकराई थी।  सनी देओल की, २००१ की सुपरडुपर हिट फिल्म ग़दर एक प्रेम कथा की सीक्वल फिल्म ग़दर २ प्रदर्शित होने जा रही थी।  इसी दिन, अक्षय कुमार की, २०१२ की सामाजिक हास्य फिल्म ओएमजी- ओह माय गॉड की सीक्वल फिल्म ओएमजी २ प्रदर्शित होने जा रही थी।  दोनों मूल फिल्में ग़दर एक प्रेम कथा और ओह माय गॉड बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी। इसलिए दो सफल फिल्मों के सीक्वल का टकराव दिलचस्प से देखा जा रहा था।


#BobbyDeol के बाद  #SunnyDeol दक्षिण की फिल्मों में !



ग़दर २ और ओएमजी २ के टकराव से दोनों फिल्मों को भरपूर प्रचार मिला।  किन्तु, सफलता भिन्न मिली।  साठ करोड़ के बजट से बनी ग़दर २ बॉक्स ऑफिस पर धुंआधार कारोबार करते हुए ६९१ करोड़ का व्यवसाय कर लिया। यह सुपरडुपर हिट फिल्म मानी गई।  किन्तु, ओएमजी २ का कारोबार भिन्न रहा। ओएमजी २ का बजट भी ६० करोड़ था, किन्तु, फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर मात्र २२१ करोड़ का ही व्यवसाय किया।





इसमें कोई संदेह नहीं कि भिन्न शैली और हिट अभिनेताओं की इन फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों का प्यार मिलेगा।  किन्तु, इन फिल्मों की एक साथ प्रदर्शन पर संदेह अभी भी बना हुआ है।  यह अफवाह है कि जॉली एलएलबी ३ के प्रदर्शन की तिथि आगे सरका दी गई है।  अब यह फिल्म १० अप्रैल को प्रदर्शित नहीं होगी। कुछ जाट के प्रदर्शन को टाल दिए जाने की भविष्यवाणी कर रहे है। किन्तु, को आधिकारिक  पुष्टि नहीं हो पाई है।





यह एक दिलचस्प बात।  विगत वर्ष सितम्बर में यह अफवाह जोरदार थी कि  अक्षय कुमार और सनी देओल की फिल्मों का पहला टकराव जनवरी में होगा। कहा गया कि अक्षय कुमार की २४ जनवरी को प्रदर्शित होने वाली युद्ध की पृष्ठभूमि पर एक्शन फिल्म स्काई फाॅर्स का टकराव सनी देओल की फिल्म लाहौर १९४७ से होगा। यह फिल्म भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर फिल्म थी।  किन्तु, निर्देशक राजकुमार संतोषी की यह फिल्म अब जून में किसी तिथि में प्रदर्शित होगी।  इस प्रकार से स्काई फ़ोर्स सोलो फिल्म के रूप में प्रदर्शित हुई है।

#AkshayKumar के लिए बॉक्स ऑफिस का फ़ोर्स बनेगी  #SkyForce ?

Sunday, 20 August 2023

क्यों नहीं हुई Sunny Deol की Indian2 की घोषणा ?


ग़दर २  की सफलता के साथ ही, सनी देओल की पुरानी फिल्मों के सीक्वल बनाये जाने का प्रारंभ हो चुका है.

 



कल ही निर्माता निर्देशक जेपी दत्ता और उनकी पुत्री निधि दत्ता ने, १९९७ की हिट फिल्म बॉर्डर के सीक्वल बॉर्डर २ के निर्माण की घोषणा की थी।  इस फिल्म की स्टारकास्ट क्या होगी, अभी यह सपष्ट नहीं है. परन्तु, सनी देओल को लिया जाना सुनिश्चित है।  कुछ का कहना है कि बॉर्डर २ में बॉर्डर की स्टारकास्ट ही होगी।  कहानी वही १९७१ के भारत -पाकिस्तान युद्ध की होगी।  फिल्म बॉर्डर में सनी देओल ने एक सिख मेजर की रील लाइफ को साकार किया था। कुल १० करोड़ के बजट में बनी  बॉर्डर ने अब तक की सूचना के अनुसार ६५,५७ करोड़ का ग्रॉस कर रखा है। 

 



आज सोशल मीडिया पर  सनी देओल की, २००२ में प्रदर्शित फिल्म माँ तुझे सलाम के सीक्वल की सूचना एक पोस्टर के साथ दी गई है।  इस पोस्टर में, फिल्म का एक संवाद तुम दूध मांगोगे तो खीर देंगे, तुम कश्मीर मांगोगे तो  चीर देंगे बहुत प्रसिद्द हुआ था।  सूचना पोस्टर में यह संवाद तिरंगे के साथ दिखाई देता है। यद्यपि सनी देओल के साथ तब्बू और अरबाज खान की भूमिका वाली टीनू वर्मा निर्देशित इस फिल्म का उपरोक्त संवाद हिट अवश्य हुआ था, परन्तु यह संवाद फिल्म निर्माताओं ने पूरी धर्मनिरपेक्षता दिखाते हुए अरबाज खान के कश्मीरी मुस्लिम चरित्र अलबख्श के मुंह से बुलवाया है। अरबाज खान ने इस संवाद को बेहद सपाट तरीके से बोला था।  इस बदलाव का परिणाम था कि सात महीने बाद प्रदर्शित १३ करोड़ की माँ तुझे सलाम केवल २२,८४ करोड़ का कारोबार ही कर सकी।

 



इस लिए, स्पष्ट रुप से माँ तुझे सलाम का सीक्वल बनाये जाने की घोषणा का उद्देश्य ग़दर २ की सफलता को ही भुनाना है।  परन्तु, ध्यान दें कि सनी देओल की ग़दर एक प्रेमकथा के पूर्व और  पश्चात्  प्रदर्शित एक्शन फिल्मों के सीक्वल बनाये जाने की इस होड़ में सनी देओल की, ग़दर की सफलता के ठीक चार महीने बाद प्रदर्शित फिल्म इंडियन के सीक्वल बनाये जाने की घोषणा नहीं की गई है। जबकि, यह फिल्म बड़ी हिट हुई थी। फिल्म का बजट १५ करोड़ था।  फिल्म ने १५.६० करोड़ का कारोबार किया था।

 



वास्तव में, इंडियन का निर्माण निर्माता धर्मेंद्र ने किया था।  इस फिल्म  के निर्देशक  निर्देशक  एन महाराजन थे।  महाराजन मूल रूप में तमिल फिल्म निर्देशक थे।  इंडियन की सफलता के १६ साल बाद, २०१८ में इंडियन २ बनाये जाने की घोषणा हुई थी।  पर सनी देओल की २००२ के पश्चात् प्रदर्शित हुई फिल्मों को एक के बाद एक मिल रही असफलता ने उनके पिता को पैर पीछे खींच लेने को विवश कर दिया। 

 



हो सकता है कि विजयता फिल्म शीघ्र ही इंडियन २ को पुनर्जीवित कर दे। परन्तु, यहाँ बताते चलें कि कमल हासन अभिनीत फिल्म इंडियन २ शीघ्र ही प्रदर्शित होने वाले है .


Saturday, 30 May 2020

Shahrukh Khan ने दिए Sunny Deol को दामिनी के रीमेक के अधिकार


निर्देशक राजकुमार संतोषी की १९९३ में रिलीज़ फिल्म दामिनी में मुख्य भूमिका मे ऋषि कपूर थे। लेकिन, सनी देओल की खासियतों को पहचानने वाले राजकुमार संतोषी ने सनी देओल को एक शराबी वकील की भूमिका में उनकी प्रतिभा का ज़बरदस्त उपयोग किया था। इस फिल्म को सफलता मिली ही, सनी देओल को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सह अभिनेता का पुरस्कार भी मिला। सनी देओल इस फिल्म का रीमेक अपने बेटे करण के साथ बनाना चाहते थे। लेकिन, वह ऐसा तभी कर सकते थे, जब उन्हें फिल्म के रीमेक बनाने के अधिकार मिल जाते। इस में पेंच यह था कि दामिनी के सारे अधिकार, शाहरुख़ खान की कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के पास हैं। दरअसल, सनी देओल और शाहरुख़ खान की प्रतिद्वंद्विता भी फिल्म जितनी ही पुरानी है। १९९३ में प्रदर्शित सनी देओल, शाहरुख़ खान और जूही चावला अभिनीत फिल्म डर की जब शूटिंग हो रही थी, उस समय सनी देओल को लगा था कि फिल्म के निर्देशक यश चोपड़ा ने शाहरुख़ खान की भूमिका को सहानुभूतिपूर्ण बना दिया है। सनी ने अपनी आपत्ति सेट पर व्यक्त भी की, लेकिन यश चोपड़ा ने कान नहीं दिया। इससे सनी देओल, शाहरुख़ खान के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रस्त हो गए। उन्होंने कई बार इस घटना का जिक्र भी किया था। बताते हैं कि जब सनी देओल ने दामिनी के रीमेक के लिए शाहरुख़ खान से संपर्क किया तो खान ने बिना हिचक यह अधिकार सनी देओल को सौंप दिए।

Saturday, 28 March 2020

एक्शन फिल्म से Sunny Deol की वापसी



सनी देओल की बतौर एक्टर फिर वापसी होने जा रही है। उन्हें लेकर, दक्षिण के फिल्म निर्देशक हनु राघवापुडी एक एक्शन थ्रिलर फिल्म बनाने जा रहे है। हनु ने चार तेलुगु फिल्मों का निर्देशन किया है। लेकिन, सनी देओल के साथ हनु की फिल्म किसी तमिल या तेलुगु फिल्म का रीमेक फिल्म नहीं होगी। यह मौलिक कथानक पर फिल्म होगी। एक्टर सनी देओल पिछले छः सालों को भूल जाना चाहेंगे। हालाँकि इसी दौरान २०१९ में वह लोकसभा के लिए चुने गए। लेकिन बतौर एक्टर उनकी कोई उपलब्धि नहीं रही। यहाँ तक कि उनका निर्देशक भी दर्शकों को प्रभावित नहीं कर सका। वह अपने बेटे के फिल्म करियर की धमाकेदार शुरुआत नहीं करा सके। सनी देओल अभिनीत पिछली हिट फिल्म सिंह साहब द ग्रेट थी, जो २०१३ में प्रदर्शित हुई थी. इस फिल्म का निर्देशन ग़दर वाले अनिल शर्मा कर रहे थे. सिंह साहब द ग्रेट के बाद सनी देओल की बतौर एक्टर ८ हिंदी फ़िल्में ढिसकियाऊँ, आई लव न्यू इयर, घायल वन्स अगेन, पोस्टर बॉयज, यमला पगला दीवाना फिर से, मोहल्ला अस्सी, भैयाजी सुपरहिट और ब्लैक रिलीज़ हुई. यह सभी फ़िल्में फ्लॉप हुई. दिलचस्प तथ्य यह था कि इनमे से मोहल्ला अस्सी और भैयाजी सुपरहिट लम्बे अरसे तक डिब्बाबंद रहने के बाद रिलीज़ हुई थी। क्या सनी देओल की सफल वापसी होगी ? सनी की वापसी फिल्म रीमेक नहीं है। इसलिए मूल फिल्म की सफलता की रोशनी में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता है। लेकिन यह फिल्म एक्शन थ्रिलर फिल्म होगी। एक्शन, सनी देओल का मज़बूत पक्ष है। उनका ढाई किलो का हाथ आज भी दर्शकों की सीटियाँ और तालियाँ बटोर सकता है। हनु की फिल्म में ज़बरदस्त एक्शन दृश्य हैं। निर्देशक हनु राघवापुडी भी तो सनी देओल को ज़बरदस्त एक्शन स्टार मानते हैं।

Monday, 5 August 2019

Sunny Deol के बेटे Karan Deol की फिल्म Pal Pal Dil Ke Paas का Teaser

Friday, 21 June 2019

क्या सनी देओल के कारण रुकी करण की फिल्म ?


ढाई किलो के हाथ वाले बॉलीवुड हीरो सनी देओल के बेटे करण की पहली फिल्म का दर्शकों को बेसब्री से इंतज़ार था । क्योंकि, सनी देओल, न केवल इस फिल्म के निर्माता हैं, बल्कि अपने बेटे को निर्देशित भी कर रहे हैं । दर्शक देखना चाहते हैं कि सनी ने अपने बड़े बेटे को किस अंदाज़ में पेश किया है !
लेकिन, मई में, सनी देओल लोकसभा चुनाव में कूद पड़े और गुरदासपुर से जीत भी गए । एमपी बनने के बाद, सनी देओल पर राजनीतिक और क्षेत्र की ज़िम्मेदारी भी आ गयी थी । दल के सर्वोच्च नेताओं के निर्देश पर, उन्हें अपने क्षेत्र को पहले देखना ज़रूरी हो गया । सनी देओल, अपने चुनाव क्षेत्र गुरदासपुर की समस्या से रु-ब-रु होने में जुट गए ।

क्या सनी देओल की राजनीतिक व्यस्तताओं ने, करण देओल की फिल्म को १९ जुलाई को रिलीज़ नहीं होने दिया ? यह काफी हद तक सही भी है । सनी देओल फिल्म के निर्माता और निर्देशक होने के अलावा करण देओल के पिता भी हैं । वह अपने बेटे को हर तरह से तैयार पेश करना चाहते हैं । पल पल दिल के पास के साथ हुआ यह कि इस फिल्म का टाइटल सॉन्ग अभी फिल्माया नहीं जा सका है । इसे फिल्माने में तीन दिन लगेंगे । संभव है कि खबर छपने तक सनी देओल इस गीत को शूट कर लें ।

सनी देओल की व्यस्तता और टाइटल गीत की शूटिंग का नतीजा है कि पल पल दिल के पास को, अब १९ जुलाई के बजाय, २० सितम्बर को रिलीज़ किया जाएगा । इस प्रकार से, १९ जुलाई की सोलो रिलीज़ के बजाय पल पल दिल के पास अब मुकाबले में आ गई है । २० सितम्बर को, सोनम कपूर की फिल्म द जोया फैक्टर भी रिलीज़ हो रही है । यह फिल्म क्रिकेट के लकी मैस्कॉट पर फिल्म है ।

यह एक दिलचस्प मुकाबला होगा । द जोया फैक्टर के मुकाबले पल पल दिल के पास का बढ़िया कारोबार नए चेहरों करण देओल और सहर बामबा के स्टारडम की परीक्षा भी होगा । यह भी पता चल जाएगा कि सनी देओल की अपने प्रशंसक दर्शकों में कितनी पकड़ है ? 

Tuesday, 23 April 2019

बीजेपी के साथ, सनी देओल (Sunny Deol) का ढाई किलों का हाथ !


भारत की प्रतिरक्षा मंत्री (Defence Minister) निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) की मौजूदगी में, बॉलीवुड फिल्म अभिनेता सनी देओल (Sunny Deol) ने, आज भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। दिलचस्प बात यह है कि उन्हें तुरंत ही गुरदासपुर (Gurdaspur) से पार्टी का उम्मीदवार भी घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही पूरा देओल परिवार (Deol Familiy) बीजेपी का सदस्य बन गया है।

जैसा कि बॉलीवुड (Bollywood) फिल्म प्रेमी जानते हैं कि सनी देओल (Sunny Deol) के पिता धर्मेन्द्र (Dharmendra) और सौतेली माँ हेमा मालिनी (Hema Malini) पहले से ही बीजेपी में हैं। धर्मेन्द्र पूर्व सांसद हैं। वह बीकानेर (Bikaner) राजस्थान से सांसद थे। उन्होंने पिछला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था। उनकी पत्नी हेमा मालिनी मथुरा (Mathura) से बीजेपी की सांसद हैं और इस बार भी चुनाव लड़ रही हैं।

अब सनी देओल (Sunny Deol) भी चुनाव के मैदान में आ कूदे हैं। सनी देओल का बॉलीवुड में पहले वाला समय नहीं रहा। उनकी ज़्यादातर रिलीज़ फ़िल्में फ्लॉप हो रही हैं। उनकी एक एक्शन थ्रिलर फिल्म ब्लेंक (Blank) ३ मई २०१९ को रिलीज़ हो रही है।


सनी देओल (Sunny Deol), जिस गुरदासपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, उस सीट से बॉलीवुड एक्टर विनोद खन्ना (Vinod Khanna) चार बार से सांसद थे। अपनी मृत्यु के समय भी वह इस क्षेत्र से सांसद थे। विनोद खन्ना की मृत्यु के बाद हुए उपचुनाव में बीजेपी यह सीट हार गई थी। 

इस लिहाज़ से, सनी देओल (Sunny Deol) के लिए गुरदासपुर की सीट जीतना प्रतिष्ठा की जीत होगी। अकाली दल से गठबंधन के कारण, पंजाब में बीजेपी की स्थिति कमज़ोर हुई है। अगर देओल जूनियर चुनाव जीतते हैं तो यह बीजेपी (BJP) में उनकी प्रतिष्ठा में वृद्धि करेगी। 


सनी देओल (Sunny Deol) पंजाबी जाट हैं। पंजाब क्या पूरे देश में सनी देओल (Sunny Deol) और उनके पिता धर्मेन्द्र (Dharmendra) मर्दाना सौन्दर्य के प्रतीक हैं. क्या गुरदासपुर (Gurdaspur) की जनता में, एक एक्टर विनोद खन्ना (Vinod Khanna) के बाद, दूसरे एक्टर सनी देओल (Sunny Deol) को अपनी राजनीतिक कमान सौंपने का जज्बा है ? 



१६ साल बाद बनेगा तेरे नाम (Tere Naam) का सीक्वल- क्लिक करें 

Tuesday, 9 April 2019

करण (Karan) के लिए Sunny Deol और Akshay Kumar साथ साथ


बॉलीवुड के परिचय के लिहाज़ से, ब्लेंक एक्टर करण कपाडिया (Karan Kapadia) का परिचय सिर्फ इतना है कि वह बॉबी एक्ट्रेस डिंपल कपाडिया (Dimple Kapadia) की छोटी बहन सिंपल (Simple) के बेटे हैं । जब वह किशोर थे, तभी उनकी माँ का देहांत हो गया था । उसके बाद से, करण अपनी मौसी डिंपल की देखरेख में बड़े हुए ।

डिंपल की बदौलत
अब जबकि वह फिल्म डेब्यू करने जा रहे हैं तो डिंपल की बदौलत अक्षय कुमार (Akshay Kumar) और सनी देओल (Sunny Deol उनके साथ हैं । रिश्ते के लिहाज़ से, करण कपाडिया डिंपल मौसी की बेटी ट्विंकल खन्ना (Twinkle Khanna) के कजिन हैं। इस लिहाज़ से अक्षय कुमार, करण के जीजा हुए ।

ब्लेंक के गीत में अक्षय
अपने साले का दमदार डेब्यू करवाने के लिए अक्षय कुमार ने भी कमर कस ली है । इस फिल्म के लिए एक ख़ास गीत तेरी मिटटी के विडियो में अक्षय कुमार (Akshay Kumar) नज़र आएंगे । इस गीत की शूटिंग पिछले दिनों मुंबई में हुई है । इस गीत में, अक्षय कुमार के साथ करण कपाडिया भी नज़र आयेंगे ।



करण से प्रभावित अक्षय
जहाँ तक करण की अभिनय प्रतिभा का सवाल है, अक्षय कुमार उससे प्रभावित नज़र आते हैं । वह कहते हैं, “करण प्रतिभाशाली लड़का है | फिल्म में उसने अभिनय की कई परतें खोली हैं।  करण ने अपनी पहली फिल्म में खुद को सुसाइड बॉम्बर की भूमिका के लिए चुना है । यह बड़ी हिम्मत का काम है ।

साथ में सनी भी
इसी फिल्म में करण कपाडिया (Karan Kapadia) का साथ सनी देओल (Sunny Deol) भी दे रहे हैं । सनी देओल एक गुप्तचर अधिकारी बने हैं, जो करण के किरदार को बचाना चाहता है । सभी जानते हैं कि कभी सनी देओल और डिम्पल कपाडिया (Dimple Kapadia) के सम्बन्ध रोमांस से अगली सीढ़ी तक जा पहुंचे थे । उन्हें देख कर दर्शक आज भी सनी-डिंपल इश्क की गरमी महसूस कर सकता है । शायद इसी का तकाजा था कि सनी देओल ने खुद को एक गीत के बजाय, एक पूरी लम्बाई की भूमिका में आना पसंद किया ।

क्या डिंपल के सौजन्य से अक्षय कुमार और सनी देओल की मेहरबानी करण कपाडिया की फिल्म ब्लेंक (Blank) को दर्शक दिला पाएगी ? बेहज़ाद खम्बाटा (Behzad Khambata) निर्देशित फिल्म ब्लेंक ३ मई को रिलीज़ होगी । 

Amitabh Bachchan ने क्यों किया पाकिस्तानी बनने से इंकार ?- क्लिक करें