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Wednesday, 15 July 2026

#SanjayLeelaBhansali का #King से प्यार, टाली #LoveAndWar ?



मुंबई के गलियारों से समाचार है कि निर्माता निर्देशक संजयलीला भंसाली ने अपनी फिल्म लव एण्ड वॉर की प्रदर्शन  की तिथि टाल दी है।  अब यह फिल्म अगले वर्ष २१ जनवरी २०२७ को हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओँ में प्रदर्शित होगी।





 

इसके साथ ही अटकलों का दौर प्रारम्भ हो गया है।  कहा जा रहा है कि लव एंड वॉर की रिलीज़ फिल्म की नायिका आलिया भट्ट की फिल्म अल्फा के बॉक्स ऑफिस पर लुढ़कने के कारण टाली गई है। भंसाली यह नहीं चाहते थे कि अपनी फिल्म की नायिका की इतनी बड़ी असफलता के बाद, बड़े बजट की फिल्म को प्रदर्शित किया जाए। क्योंकि, आलिया के कारण फिल्म को नकारात्मक प्रचार ही मिलेगा।




 

अटकलें तो यहाँ तक हैं कि अल्फा के बाद, लव एंड वॉर में आलिया भट्ट के हिस्सों को कतरा जा रहा है। निर्माता नहीं चाहते थे कि इतना बुरा अभिनय करने वाली अभिनेत्री का मुंह दर्शकों के सामने बार बार आये। वह सोचते हैं कि फिल्म के दो नायकों रणबीर कपूर और विक्की कौशल के चेहरों की सहायता से फिल्म को दर्शकों की पसंदीदा बनाया जा सकेगा।




 

किन्तु, सवाल कई उठते है। आलिया भट्ट का अभिनय उत्कृष्ट कब होता था? गंगूबाई काठियावाड़ी में उनका अभिनय साधारण स्तर का ही था।  अब बात दूसरी है कि उन्हें राष्ट्रिय फिल्म पुरस्कार मिल गया। जहाँ तक निर्माताओं का प्रश्न है क्या गंगूबाई काठियावाड़ी शूट करते समय आलिया भट्ट का बुरा अभिनय सामने नहीं आया था? क्या लव एंड वॉर की शूटिंग में आलिया खराबा अभिनय नहीं कर रही थी? स्पष्ट है कि लव एंड वॉर की प्रदर्शन  की तिथि बदलने का कारण कोई दूसरा है।




 

यह सोचना इस लिए भी आवश्यक है कि लव एंड वॉर उनकी नायिका प्रधान एकल अभिनेत्री फिल्म नहीं है। इस फिल्म में उनके लव और वॉर रणबीर कपूर और विक्की कौशल  भी है। यह दोनों अभिनेता अपनी कई फिल्मों में अद्वितीय अभिनय कर चुके है।  राजकुमार हिरानी की फिल्म संजू में इस जोड़ी ने कमाल कर दिखाया था। तो यह कैसे समझ लिया गया कि लव एंड वॉर में आलिया भट्ट का कमाल ही बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की सफलता की गारंटी है?





 

निश्चित रूप से आलिया भट्ट की फिल्म अल्फा फ्लॉप हुई है। किन्तु, रणबीर कपूर ने २०२३ में तू झूठी मैं मक्कार और एनिमल जैसी बड़ी सफल फिल्म दी है।  विक्की कौशल ने तो पिछली साल ही छावा जैसी सुपर हिट फिल्म  दी है।  उनका अभिनय भी अद्वितीय पाया गया था। इसके लिए उन्हें ज़ी सिने अवार्ड भी मिला है। क्या लव एंड वॉर इन दोनों अभिनेताओं के अभिनय से सफल नहीं हो सकती थी ? फिल्म को आलिया भट्ट के व्यक्तित्व की इतनी जरुरत क्यों कि फिल्म की रिलीज़ टालनी पड़ी ?




 

जहाँ तक लव एंड वॉर के प्रदर्शन की तिथि बदलने की बात है, इस फिल्म की रिलीज़ पहले भी टालनी पड़ी थी। २०२४ में घोषित फिल्म लव एंड वॉर को मूल रूप में २०२५ की क्रिसमस को प्रदर्शित किया जाना था।  फिल्म को निर्माण में देरी के कारण २० मार्च २०२६ तक टालना पड़ा।  किन्तु, मार्च रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर २ द रिवेंज तथा यश की फिल्म टॉक्सिक प्रदर्शित हो रही थी।  इन दोनों फिल्मों से टकराव टालने के लिए फिल्म को क्रिसमस २०२६ को प्रदर्शित किया जाना तय किया गया। अब जबकि, फिल्म की रिलीज़ अगले साल तक बढ़ा दी गई है तो इसके लिए आलिया भट्ट को दोषी क्यों ठहराना ?





 

लव एंड वॉर की रिलीज़ बढाए जाने के एकाधिक कारण लगते हैं। पहला तो यह कि संजय लीला भंसाली हमेशा से टकराव से बचते रहे है।  क्रिसमस २०२६ में, २४ दिसंबर को शाहरुख़ खान की एक्शन फिल्म किंग प्रदर्शित हो रही है।  शाहरुख खान, हमेशा से संजय लीला भंसाली के प्रिय एक्टर रहे है। उन्होंने उनके साथ देवदास जैसी बड़ी हिट फिल्म बनाई है। शाहरुख़ खान की फिल्म किंग का प्रचार काफी ठंडा चल रहा है। रक्षकों में कोई विशेष उत्सुकता नहीं है।  इसलिए भंसाली नहीं चाहते थे कि उनकी फिल्म का किंग से टकराव हो या किंग को उनकी फिल्म से कोई नुकसान उठाना पड़े।  इसलिये उन्होंने फिल्म को टालना उपयुक्त समझा।




 

एक कारण और है।  फिल्म के एक नायक रणबीर कपूर की सबसे मूल्यवान फिल्म रामायण का पहला हिस्सा, दिवाली २०२६ में ३० अक्टूबर को प्रदर्शित हो रहा है। इस फिल्म को भारी भरकम व्यवसाय करने वाली फिल्म बताया जा रहा है।  यदि रामायण सुपरडुपर हिट होती है तो भी और यदि असफल होती है तो भी लव एंड वॉर का दो महीने से भी कम समय में प्रदर्शित होना लाभदायक नहीं होगा।

 




इस प्रकार से, अब लव एंड २१ जनवरी २०२७ को प्रदर्शित होगी। यह स्लॉट बिलकुल खाली है।  संदीप रेड्डी वंगा की तेलुगु भाषा की अखिल भारतीय स्तर पर प्रदर्शित होने वाली प्रभास की फिल्म स्पिरिट ५ जनवरी को प्रदर्शित हो जाएगी। 

Saturday, 11 July 2026

हांफने लगी #YRF और #AliaBhatt की #Alpha


ऊपर का चित्र देखिये ! अल्फा के इस पोस्टर में हृथिक रोशन के चेहरे के बड़े से क्लोज़अप के नीचे अनिल कपूर और शरवरी से संरक्षित आलिया भट्ट कितनी डरी डरी  सी लग रही है। उनके डर का क्या कारण है ? शायद इस कहानी से आगे चल कर कोई निष्कर्ष निकले। 





ईश्वर की कृपा कि बिना पाकिस्तान में रिलीज़ हुए यशराज फिल्म्स की आलिया भट्ट अभिनीत फिल्म अल्फ़ा दूसर सप्ताह में प्रवेश कर गई।  अब यह बात दूसरी है कि दूसरे शुक्रवार इस फिल्म का कलेक्शन औंधे मुंह गिर रहा है।  यशराज फिल्म्स और आलिया भट्ट की स्पाई यूनिवर्स की फीमेल स्पाई फिल्म अल्फा ५० करोड़ के लिए हांफ रही है।  क्या इसे अल्फा और स्पाई यूनिवर्स की ख़त्म कहानी समझा जाए ?





अल्ला अल्ला खैर सल्ला करते करते अल्फा दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर गई।  किन्तु, दूसरे शुक्रवार इसका १.६५ करोड़ का विशुद्ध व्यवसाय, इसके एक दिन पहले के २.५० के विशुद्ध व्यवसाय से ३४ प्रतिशत गिरावट वाला था।  यद्यपि, यह गिरावट अजय देवगन की हास्य फिल्म धमाल ४ की रिलीज़ के कारण हुई, क्योंकि इसके यह स्क्रीन धमाल ४ को आवंटित कर दिए गए।  





 किन्तु, पहले सप्ताह की कहानी भी तो कुछ उत्साहजनक नहीं नहीं रही। शिव रवैल द्वारा निर्देशित यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की सातवीं फिल्म अल्फा ने पहले दिन ९.२५ करोड़ का नेट जुटाया। इस नेट में अगले दो दिनों में वृद्धि हुई। फिल्म ने शनिवार को ११.५०  करोड़ और रविवार को १३.२५ करोड़ का विशुद्ध कारोबार किया। किन्तु, सप्ताहांत समाप्त होते ही यह औंधे मुंह गिरी। फिल्म के व्यवसाय में ७० प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई।  फिल्म ने ३.८५ करोड़ का नेट किया। 





इसके बाद, यशराज फिल्म्स ने एक में एक फ्री का कार्ड खेला।  इससे फिल्म के कलेक्शन में वृद्धि हुई।  फिल्म ने ४० लाख अधिक का व्यवसाय कर लिया। किन्तु, क्या यह पर्याप्त था ? इससे और कुछ नहीं तो यह अवश्य साफ हो गया कि दर्शक फ्री के लालच में नहीं आने वाला। इसका प्रमाण आगामी दो दिनों में सामने आया।  फिल्म ने बुद्धवार को २.८५ करोड़ और गुरुवार को इससे भी कम २.५० करोड़ का व्यवसाय किया।





स्पष्ट रूप से फिल्म पहले सप्ताह पचास करोड़ का विशुद्ध व्यवसाय नहीं कर पाई। जबकि, यह ओवररेटेड स्पाई यूनिवर्स की फिल्म थी।  इसके साथ फिल्म को पहले दिन ७५३४ शो दिलवा देने वाला बैनर था। 





दलील दी जा रही है कि फिल्म के परदे अजय देवगन की फिल्म को चले गए।  यह तर्क अपनी जगह सही हो सकता है। किन्तु, पहले सप्ताह में क्या हुआ ? रविवार को ७४३९ शो में १३.२५ करोड़ का  विशुद्ध व्यवसाय करने वाली फिल्म अगले दिन ७४२ शो ७० प्रतिशत कैसे गिर गई? बिना किसी नई फिल्म के रिलीज़ हुये,अल्फा के परदे कैसे कम हो गए? 





कुछ भी हो, अल्फा ९वे दिन और उतार पर है।  फिल्म दोपहर तक पचास करोड़ का आंकड़ा नहीं छू पाई है। इसका तीन बजे दोपहर तक का कुल करोबार ४९.६६ करोड़ ही है। फिल्म के सौ ४८३१ से घट कर १५८२ रह गए है।  फिल्म का  वर्ल्ड वाइड ग्रॉस ८२.०६ का हो गया है। यह स्पाई यूनिवर्स का सबसे घटिया प्रदर्शन है।  






अल्फा के घटिया प्रदर्शन के लिए घटिया कहानी और पटकथा के अतिरिक्त आलिया भट्ट का घटिया चुनाव भी है।  वह किसी भी स्तर पर भाड़े की हत्यारिन नहीं लगती। ऎसी भूमिका में उनसे अधिक प्रभावित बेबी डू डाई डू की हुमा कुरैशी करती है। 






आलिया भट्ट ने, विगत कुछ  सालों में असफल फिल्मों की श्रृंखला बना दी है।  वह अल्फा के अतिरिक्त जिगरा, हार्ट ऑफ स्टोन, रॉकी और रानी की प्रेम कहानी, ब्रह्मास्त्र, डार्लिंग्स, गंगूबाई काठियावाड़ी, सड़क २, स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर २ तथा कलंक जैसी बॉक्स ऑफिस पर कलंक फ़िल्में दे चुकी है। क्या अल्फा असफलता के बाद, आलिया भट्ट का करियर समाप्त हो जाएगा।  ऎसी आशा तो नहीं की जा सकती। किन्तु, आलिया भट्ट ने यशराज फिल्म की स्पाई यूनिवर्स की फिल्मों के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह अवश्य लगा दिया है।






समाचार है कि संजय लीला भंसाली लव एंड वॉर में आलिया भट्ट के दृश्यों को छोटा कर रहे है।  यह भी समाचार है कि फरहान अख्तर अपनी फिल्म को जिन्दा रखने के लिए जी ले जरा से आलिया भट्ट को निकालने जा रहे है।





सबसे बड़ी बात ! क्या यशराज फिल्म्स अपनी अगली स्पाई यूनिवर्स फिल्म पठान २ और टाइगर वर्सेज पठान को घोषणा से आगे ले जाएगा ? अभी कुछ भी कहना जल्दी होगी। कदाचित, आदित्य चोपड़ा को सिद्धार्थ आनंद निर्देशित और २४ दिसंबर को प्रदर्शित होने जा रही एक्शन थ्रिलर फिल्म किंग को दर्शको के रुझान की प्रतीक्षा होगी। 

Wednesday, 8 July 2026

#Toxic #Eetha और #Vvan : बॉक्स ऑफिस पर टकराव, किसको फायदा या नुकसान !



स्वतंत्रता दिवस २०२६ सप्ताहांत में, सनी देओल की बटवारा १९४७ और आवारापन २ प्रदर्शित हो रही है। ट्रेड पंडित बॉक्स ऑफिस पर इस टकराव को उत्सुकता से देख रहे है। किन्तु, अगस्त का सबसे दिलचस्प टकराव रक्षाबंधन सप्ताहांत में देखने को मिल सकता है। इस सप्ताहांत में, तीन फिल्मों टॉक्सिक, इथा और वन के अतिरिक्त खोसला का घोसला २ के प्रदर्शित होने की सूचना है। 

 

 

 

 

 

 

 

रक्षाबंधन पूरे देश में, शुक्रवार २८ अगस्त को मनाया जायेगा। किन्तु, यश की फिल्म टॉक्सिक, दो दिन पहले अर्थात बुधवार २६ अगस्त को ही रिलीज़ ही जाएगी। श्रद्धा कपूर की वास्तविक चरित्र पर फिल्म इथा और सिद्धार्थ मल्होत्रा की वन, दो दिन बाद, रक्षाबंधन के दिन २८ अगस्त को प्रदर्शित हो रही है। इस प्रकार से, जहाँ २८ अगस्त कोई तीन फिल्मों का दुर्लभ टकराव देखने को मिलेगा, वह यश की फिल्म को दो दिनों तक सोलो रिलीज़ का फायदा मिल जायेगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इस महा टकराव से किस फिल्म को फायदा या नुकसान होगा और कितना होगा ? यह निर्भर करता है कि फिल्म के प्रति दर्शकों की रूचि और रुझान पर। इसके लिए फिल्म के एक्टर के दर्शकों पर प्रभाव, विगत फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन और स्टार कास्ट महत्वपूर्ण है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

टॉक्सिक अ फेयरी लव स्टोरी फॉर ग्रोन अप्स में यश, नयनतारा, किआरा अडवाणी, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसे बड़े नाम है। यह फिल्म यश की ४२७ करोड़ का विशुद्ध व्यवसाय करने वाली फिल्म केजीएफ चैप्टर २ के बाद प्रदर्शित होने जा रही है। इस फिल्म की सम्पूर्ण भारत के दर्शको को घोषणा के समय से ही प्रतीक्षा है। यह फिल्म अखिल भारतीय नहीं, अखिल विश्व स्तर पर प्रदर्शित हो रही है। फिल्म की शूटिंग मूल कन्नड़ के अतिरिक्त अंग्रेजी में एक साथ हुई है। यह फिल्म हिंदी सहित विश्व की कुछ अन्य भाषाओँ में भी प्रदर्शित की जाएगी।  इस फिल्म का बजट ८५० करोड़ का भारी भरकम है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इथा पूरी तरह से अभिनेत्री श्रद्धा कपूर पर केंद्रित और उनकी स्टार अपील पर निर्भर फिल्म है। प्रसिद्ध लावणी आर्टिस्ट विथाबाई नारायणगांवकर की भूमिका कर रही अभिनेत्री श्रद्धा कपूर सबका ध्यान खींचती है। यह फिल्म विथाबाई की ज़िंदगी की कहानी बताती है और लोक थिएटर के प्रति उनके डेडिकेशन को दिखाती है, जिसमें वह बहुत ज़्यादा प्रेग्नेंट होने के बावजूद परफॉर्म करती थीं और बच्चे को जन्म देने के तुरंत बाद बैकस्टेज स्टेज पर लौट आई थीं। इस फिल्म का बजट, टॉक्सिक से काफी कम १२० करोड़ है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सिद्धार्थ मल्होत्रा की थ्रिलर फिल्म वन की सशक्त कड़ी कथानक, लोक कथा और थ्रिल का मिश्रण है। यह फिल्म पूरी तरह से, अपनी स्टार अपील नहीं, बल्कि कथानक की अपील पर निर्भर है। इस फिल्म का बजट ७० करोड़ से अधिक है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इसमें कोई संदेह नहीं कि यह तीनों फ़िल्में रक्षा बंधन, ओणम और ईद के त्यौहार पर प्रदर्शित हो रही है। ऐसे छुट्टियों के माहौल में, फिल्म प्रेमी दर्शक सिनेमाघरों तक जरूर पहुंचेगा। उनके लिए, भिन्न शैली वाली इन तीन फिल्मों में से एक का चुनाव आसान होगा।  इसलिए, तीनों फिल्में दर्शक पा सकती है। किन्तु, बात टिकेगी स्क्रीन की संख्या पर।  इसमें कोई संदेह नहीं कि टॉक्सिक को सबसे अधिक परदे मिलेंगे। दो दिन बाद, टॉक्सिक के परदे ईठा और वन के मध्य बटेंगे। किन्तु, इतनी सकारात्मक परिस्थितियो में भी ईठा  को टॉक्सिक से परदे लेने में जोर आजमाइश करनी होगी।  वन के लिए तो उचित संख्या में परदे और शो टाइम मिलना काफी कठिन लगता है। यद्यपि, टॉक्सिक और वन की चर्चा इस वजह से भी हो रही है कि टॉक्सिक और वन से रियल लाइफ की पत्नी और पति टकरा रहे है। किआरा अडवाणी टॉक्सिक की नायिका है, जबकि उनके पति सिद्धार्थ मल्होत्रा वन के नायक है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, टॉक्सिक के क्रेज और ईथ की श्रद्धा कपूर की लोकप्रियता के बीच सिद्धार्थ मल्होत्रा की 'वन' को स्क्रीन शेयरिंग और दर्शकों को अपनी ओर खींचने में सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है। चर्चा है कि 'वन' के मेकर्स इस नुकसान से बचने के लिए रिलीज डेट आगे बढ़ा सकते हैं। 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 तीन बड़ी फिल्में एक साथ आने से किसी भी एक फिल्म को पूरे देश में शत-प्रतिशत थिएटर्स नहीं मिल पाएंगे। हिंदी बेल्ट में श्रद्धा कपूर की 'ईथा' और यश की 'टॉक्सिक' के बीच स्क्रीन शेयरिंग को लेकर तगड़ी खींचतान होगी। यदि, तीनों फिल्मों का कथानक बहुत अच्छा भी हुआ, तो भी दर्शक अपनी जेब और समय के हिसाब से बजट बांट लेंगे। इससे जो फिल्म सोलो रिलीज होकर ५०० करोड़ कमा सकती थी, वह क्लैश के कारण ३०० से ५००  करोड़ पर सिमट सकती है।  इस क्लैश में कंटेंट ही किंग साबित होगा। शुरुआती फायदा यश की 'टॉक्सिक' को अपनी पैन-इंडिया स्टार पावर के कारण मिलेगा। यदि, श्रद्धा कपूर की 'ईथा' को 'स्त्री 2' जैसी मजबूत माउथ-पब्लिसिटी मिल गई, तो वह लंबी रेस में 'टॉक्सिक' के हिंदी कलेक्शन को बड़ा नुकसान पहुँचा सकती है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

किसी भी फिल्म का बजट और स्टार कास्ट ही यह तय करते हैं कि उसे बॉक्स ऑफिस पर हिट होने के लिए कितनी कमाई करनी होगी। भारी-भरकम बजट फिल्म के लिए जोखिम बढ़ा देता है, जबकि मजबूत स्टार कास्ट शुरुआती दिनों में दर्शकों को खींचने की गारंटी होती है । भारी बजट (८५०-९०० करोड़)  के कारण टॉक्सिक पर सबसे ज्यादा दबाव है। इस फिल्म को हिट का टैग पाने के लिए ही ११०० करोड़ ककी कमाई करनी होगी । ईथा टकराव के बाद भी १२० करोड़ के बजट के कारण सुरक्षित मानी जा रही है । जिस प्रकार से, श्रद्धा कपूर की विगत फिल्म स्त्री २ ने कीर्तिमान कमाई की थी, उसे देखते हुए फिल्म ईथा २५० करोड़ की कमाई आसानी से कर ले जायेगी । किन्तु, ७० से ९० करोड़ के बजट वाली सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म वन को लागत निकालने के लिए ही १०० करोड़ का कारोबार करने में कठिनाई होगी ।

Tuesday, 30 June 2026

#Nagabandham से हो सकती है #Alpha और #BabyDoDieDo को #Shiver



यो तो सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया पर, बॉक्स ऑफिस पर अल्फा और बेबी डू डाई के टकराव की ही चर्चा है।  किन्तु, बॉक्स ऑफिस पर तीसरा और चौथा कोण, वास्तव में तीसरा कोण ही उलटफेर कर सकता है।  यह तीसरे और चौथे कोण, अल्फा और बेबी डू डाई डू को नागबंधन में बांध सकते है या शिविर पैदा कर सकते हैं।  क्या आप नहीं समझे? 





जी हां, हम  इसी सप्ताह ३ जुलाई २०२६ को रिलीज हो रही पैन-इंडिया पौराणिक फिल्म 'नागबंधम' द सीक्रेट ट्रेज़र और हॉलीवुड फिल्म शिविर की। नागबंधम और शिविर के प्रदर्शित होने का 'अल्फा' और 'बेबी डू डाई डू' के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर  पर काफी बड़ा और गहरा प्रभाव पड़ने वाला है।






जहाँ नागबंधम पौराणिक कथानक पर खजाने के रहस्य के कथानक पर है, वही दूसरी और शिविर एक हॉरर थ्रिलर फिल्म है।  सभी जानते हैं कि हिंदी पेटी के दर्शकों को हॉरर बहुत भाता है।  चूंकि, शिविर एक छोटी फिल्म है, किन्तु, इसका उपरोक्त दो फिल्मों के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर सीमित प्रभाव अवश्य दिखाई देगा।




'नागबंधमका सबसे बड़ा खतरा इसकी अखिल भारतीय अपील है। यह सनातन पर आधारित है। 'नागबंधम' एक बड़े बजट की पौराणिक एडवेंचर-थ्रिलर फिल्म है, जो प्राचीन विष्णु मंदिरों और गुप्त 'नागबंधम' मंत्र के रहस्यों पर आधारित है। यह फिल्म हिंदी, तेलुगु और तमिल सहित कई भाषाओं में बड़े स्टार पर ज़ी स्टूडियोज द्वारा रिलीज हो रही है। चूंकि 'अल्फा' का प्रदर्शन पूर्व का माहौल पहले से ही कमजोर है, 'नागबंधम' हिंदी बेल्ट और विशेषकर दक्षिण भारत में उसके स्क्रीन काउंट और दर्शकों की संख्या को बुरी तरह प्रभावित करेगी। जो दर्शक बड़े पर्दे पर भव्य सिनेमा देखना चाहते हैं, वे कमजोर हाइप वाली 'अल्फा' की बजाय 'नागबंधम' को चुन सकते हैं।





वही, बेबी डू डाई डू का बजट छोटा है और यह एक सस्पेंस डार्क-कॉमेडी है। 'नागबंधम' के आने से इसे मल्टिप्लेक्सों में स्क्रीन्स मिलने में कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि थिएटर मालिक 'नागबंधम' को अधिक शोज दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त 'शिवरका प्रभाव बेबी डू डाई डू के लक्षित दर्शकों का बंटवारा कर पड़ेगा। 'शिवर' एक विशुद्ध हॉरर/साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है। इसलिए इसका सीधा मुकाबला 'बेबी डू डाई डू' से होगा, क्योंकि दोनों ही फिल्में थ्रिलर जॉनर (Genre) की हैं। जो दर्शक इस वीकेंड पर कुछ डरावना या सस्पेंस से भरपूर देखना चाहते हैं, उनकी पसंद इन दोनों फिल्मों के बीच बंट जाएगी, जिससे 'बेबी डू डाई डू' की दर्शक संख्या में थोड़ी कमी आ सकती है।






इस चौकोणीय संघर्ष के कारण सिनेमाघरों में स्क्रीन्स और शोज का भयंकर बंटवारा होगा। ऐसे में 'अल्फा' के लिए अपनी भारी लागत वसूलना और मुश्किल हो जाएगा। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' और 'नागबंधम' को अपने-अपने जॉनर के दर्शकों का साथ मिलने की उम्मीद ज्यादा है।






फिल्म व्यापार के विशेषज्ञों के अनुसार, चारों फिल्मों के स्क्रीन शेयरिंग प्रतिशत और पहले सप्ताहांत के संभावित कलेक्शन का विश्लेषण निम्न अनुसार है- 




स्क्रीन शेयरिंग प्रतिशत - सिनेमाघरों (मल्टिप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन) में शोज का बंटवारा इस प्रकार हुआ है। अल्फा को ४५ प्रतिशत स्क्रीन शेयर मिला है। बड़ा बैनर की फिल्म होने के कारण इसे हिंदी बेल्ट के मल्टिप्लेक्सों में सबसे ज्यादा शोज मिले हैं।नागबंधम को ३५ प्रतिशत स्क्रीन शेयर मिला है। दक्षिण भारत में इस फिल्म का दबदबा ७० प्रतिशत से अधिक है, जबकि हिंदी मार्केट में इसे ज़ी स्टूडियोज की वजह से लगभग २५-३० प्रतिशत स्क्रीन्स मिली हैं ।





बेबी डू डाई डू का स्क्रीन शेयर १२ प्रतिशत का है। सीमित बजट और कल्ट अपील के कारण इसे मुख्य रूप से मेट्रो शहरों के चुनिंदा मल्टिप्लेक्सों में जगह मिली है ।





शिवर को ८ प्रतिशत स्क्रीन शेयर एक हॉलीवुड/इंग्लिश सर्वाइवल थ्रिलर फिल्म होने के कारण इसे केवल बड़े शहरों के चुनिंदा अंग्रेजी शोज दिए गए हैं ।






इस प्रकार से इन फिल्मों का पहले सप्ताहांत का संभावित बॉक्स ऑफिस कलेक्शन  पहले तीन दिनों (शुक्रवार से रविवार) में का २८ से ३२ करोड़ अनुमानित है। सौ करोड़ से अधिक के बजट वाली फिल्म के लिए यह वीकेंड कलेक्शन बेहद निराशाजनक माना जाएगा। 'नागबंधम' के कारण इसके मास-सर्किट (सिंगल स्क्रीन्स) के दर्शक बुरी तरह बंट गए हैं।





नागबंधम पहला वीकेंड कलेक्शन सभी भाषाओं में ४५-५५ प्रतिशत आँका गया है। अपनी पौराणिक थीम और शानदार विजुअल्स के कारण यह फिल्म इस वीकेंड की सबसे बड़ी कमाऊ फिल्म बनने की राह पर है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और हिंदी बेल्ट के सिंगल स्क्रीन्स पर यह फिल्म 'अल्फा' को कड़ी शिकस्त दे रही है।





वही बेबी डू डाई डू का संभावित वीकेंड कलेक्शन ८-१० करोड़ के आसपास रह सकता है।अपने बजट की दृष्टि से तीन दिनों में दस करोड़ के आसपास पहुंचना, इस फिल्म के लिए एक अच्छी और सुरक्षित स्थिति होगी। अमर कौशिक के निर्देशन और हुमा के अभिनय को मिल रही तारीफ इसे लंबी रेस का घोड़ा बना सकती है।





शिवर का संभावित वीकेंड कलेक्शन ढाई से साढ़े तीन करोड़ के आसपास रह सकता है।सीमित स्क्रीन्स और केवल अंग्रेजी भाषा में होने के कारण इसका कलेक्शन कम रहना स्वाभाविक है। किन्तु, यह 'बेबी डू डाई डू' के कुछ सस्पेंस-थ्रिलर प्रेमी दर्शकों को अपनी ओर खींचने में सफल रहेगी।





वर्तमान में, इस चौ-कोणीय मुकाबले में 'नागबंधम' अपनी पैन-इंडिया अपील के कारण बॉक्स ऑफिस की रेस में सबसे आगे निकलती दिख रही है। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' अपने छोटे बजट की वजह से सुरक्षित है। सबसे बड़ा घाटा 'अल्फा' को हो रहा है, जिसे 'नागबंधम' की आंधी के कारण भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।





किन्तु, इससे यह निष्कर्ष निकलना ठीक नहीं कि अल्फा के लिए क्या आलिया भट्ट का स्टार स्टेटस नाकाम हो रहा है। जी नहीं, उनका स्टार स्टेटस पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। लेकिन 'जिगरा' के बाद उन पर दबाव बढ़ा है । पर आलिया भट्ट आज भी बॉलीवुड की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में से हैं जो अपने दम पर किसी फिल्म को आठ से दस करोड़ की ओपनिंग दिला सकती हैं।  दर्शकों में उत्साह की कमी के बावजूद 'अल्फा' की पहले दिन की अनुमानित कमाई हुमा की फिल्म से कहीं अधिक है।





अलबत्ता, गंगूबाई काठियावाड़ी' और 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' की सफलता के बाद, 'जिगरा' का फ्लॉप होना और अब 'अल्फा' का ठंडा प्री-रिलीज उत्साह यह दिखाता है कि दर्शक सिर्फ स्टार के नाम पर थिएटर नहीं आ रहे हैं। उन्हें वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स से और बेहतर कंटेंट की उम्मीद थी।





इसी प्रकार से यह भी नहीं कहा जा सकता है कि हुमा कुरैशी की पहचान हिंदी दर्शकों को आकर्षित नहीं कर पा रही है। हुमा की पहचान 'मास स्टार' की नहीं, बल्कि 'कल्ट/ओटीटी स्टार' की है । महारानी सीरीज की हुमा कुरैशी को दर्शक बेहतरीन अदाकारी के लिए जानते हैं, न कि २० करोड़ की बंपर ओपनिंग के लिए । उनके नाम पर दर्शक पहले दिन थियेटर नहीं भागते, लेकिन फिल्म का अनोखा कांसेप्ट (मूक-बधिर हिटवुमन) और अमर कौशिक-नचिकेत सामंत का कॉम्बिनेशन दर्शकों को 'माउथ पब्लिसिटीके जरिए धीरे-धीरे थिएटर्स तक खींच ला सकता है ।





यदि बॉक्स ऑफिस के 'बिजनेस मॉडल' और मुनाफे को देखा जाए, तो इस टकराव की असली विजेता 'बेबी डू डाई डूबनती दिख रही है। भारी बजट वाली फिल्म अल्फा का कारोबार,  'नागबंधम' के पैन-इंडिया क्रेज के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बड़े बजट की वजह से इसके लिए १५० करोड़ का आंकड़ा पार करना बेहद मुश्किल चुनौती बन गया है ।





इस प्रकार से, कुल कमाई के मामले में 'अल्फा' आगे रहेगी, लेकिन बिजनेस के नियमों (प्रतिशत लाभ) और बॉक्स ऑफिस वर्डिक्ट के लिहाज से 'बेबी डू डाई डू' एक सुरक्षित और बड़ी विनर साबित होगी।

#AliaBhatt की #Alpha से टकराती #HumaQureshi की #BabyDoDieDo



इस शुक्रवार दो महिला हत्यारिनो का टकराव होने जा रहा है। यह महिलाएं, अपने कारण से या किसी के कहने से पैसा लेकर या फ्रीलांसिंग कर हत्याएं करती है। इन विदेशी सिनेमा से प्रेरित इन चरित्रों के माध्यम से यह टकराव आलिया भट्ट की फिल्म  'अल्फा' और हुमा कुरैशी की फिल्म 'बेबी डू डाई डू' के बीच होगा।  बॉक्स ऑफिस पर दो फिल्मों की यह भिड़ंत ३ जुलाई २०२६ को होने जा रही है। दोनों ही फिल्मों में महिला हत्यारों (फीमेल हिटवुमन) की कहानी दिखाई गई है। इन फिल्मों से सिनेमाघरों में एक्शन का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। 






अल्फा, वाईआरएफ के स्पाई यूनिवर्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म है। यशराज फिल्म्स इस फिल्म से पहली बार महिला स्पाई लेकर आ रहा है। इस फिल्म में आलिया भट्ट के साथ शरवरी लीड रोल में नजर आएंगी। बॉबी देओल की विशिष्ट केंद्रीय भूमिका है। बेबी डू डाई डू फिल्म में हुमा कुरैशी ने एक मूक-बधिर हिटवुमन का किरदार निभाया है जो अपनी दिवंगत बहन की आवाज सुनकर खूंखार मिशन को अंजाम देती है।  उनके साथ फिल्म में सिकंदर खेर और चंकी पांडे भी प्रमुख भूमिकाओं में है। 





बॉक्स ऑफिस पर दो महिला फिल्मों की टक्कर दर्शकों के लिए काफी रोमांचक है। क्योंकि एक तरफ बड़े बजट और जासूसी फ्रेंचाइजी फिल्म 'अल्फा' है तो दूसरी तरफ हुमा कुरैशी की सस्पेंस-थ्रिलर 'बेबी डू डाई डू' है।  'बेबी डू डाई डू' को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त  माहौल बना हुआ है।  हॉलीवुड निर्देशक जैक स्नाइडर द्वारा इसके एक्शन की तारीफ किए जाने के बाद दर्शकों में फिल्म के प्रति उत्सुकता और बढ़ गई है। 






बजट, प्री-रिलीज बिजनेस और मौजूदा मौजूदा माहौल के गणित को देखते हुए हुमा कुरैशी की 'बेबी डू डाई डू'  के बॉक्स ऑफिस पर 'हिट' का टैग हासिल करने की संभावना काफी अधिक है। फिल्मों का व्यापारिक विश्लेषण के अनुसार बेबी डू डाई डू  के  हिट होने की सबसे  सशक्त कारण कम बजट, सुरक्षित दांव है। फिल्म की अनुमानित लागत मात्र २२ करोड़ है। कम लागत होने के कारण फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर क्लीन 'हिट' होने के लिए केवल ४० से ५० करोड़ का लाइफटाइम कलेक्शन करना होगा, जो इसके अनोखे 'मूक-बधिर हिटवुमन' कांसेप्ट के चलते काफी आसान लग रहा है।






बेबी डू डाई डू  के  पक्ष में सबसे महत्वपूर्ण बात इसका प्रभावशाली प्रदर्शन पूर्व बना माहौल है।  हॉलीवुड डायरेक्टर द्वारा इसके एक्शन की तारीफ करने के बाद से सोशल मीडिया पर इसका वर्ड-ऑफ-माउथ बेहद सशक्त है।







अल्फा की अधिक जोखिम और बड़ी चुनौती, इसका भारी-भरकम बजट माथे पर सिलवटें लाने वाला है। वाईआरएफ  की इस एक्शन थ्रिलर का बजट अस्सी करोड़ से १२० करोड़ के बीच आंका जा रहा है। इस बजट के मद्देनजर फिल्म को केवल 'हिट' का दर्जा पाने के लिए  ही भारत में कम से कम १४०-१६० करोड़ का नेट बिजनेस करना होगा।







किन्तु, अल्फा की प्रदर्शन से पूर्व की हाइप काफी कमजोर है। ट्रेड एनालिस्ट्स के अनुसार, रिलीज के ठीक पहले 'अल्फा' का सोशल मीडिया पर माहौल काफी ठंडा पड़ा है। अगर फिल्म को पहले दिन सिंगल-डिजिट (१० करोड़ से कम) की ओपनिंग मिलती है, तो इतने बड़े बजट की रिकवरी करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।







इस तुलना से स्पष्ट है कि अनुमानित बजट के प्रकाश में इन फिल्मों को हिट होने के लिए  जरूरी कमाई का कर लेना आवश्यक हो जाता है। वर्तमान प्री-रिलीज स्थिति में बेबी डू डाई डू अपने बजट २२ करोड़ के बदले में ४०-४५ करोड़ की उम्मीद कर सकती है। जबकि, अल्फा  ८०-१२० करोड़ के बजट को ध्यान में रखे तो फिल्म को अपनी ओपनिंग के दृष्टिगत ही १४०-१६० उम्मीद कर सकती है। 






बॉक्स ऑफिस के अर्थशास्त्र के नियम के अनुसार, जो फिल्म अपनी लागत कम रखती है, उसके मुनाफे में जाने के  अवसर अधिक होते हैं। इसलिए निवेश पर प्रतिफल के मामले में 'बेबी डू डाई डू' बाजी मार सकती है। जबकि, 'अल्फा' को हिट होने के लिए सिनेमाघरों में असाधारण  प्रदर्शन करना होगा।






यहाँ बताते चलें कि यशराज फिल्म्स ने आलिया भट्ट की 'अल्फा' को अब ३ जुलाई के स्थान पर एक दिन पहले २ जुलाई को प्रदर्शित करने का निर्णय लिया है। जबकि, हुमा कुरैशी की 'बेबी डू डाई डू'  ३ जुलाई को ही प्रदर्शित हो रही है।






इन दोनों फिल्मों को मिली एडवांस बुकिंग ट्रेंड्स के अनुसार अल्फा वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की फिल्म होने के बावजूद इसकी एडवांस बुकिंग उम्मीद से काफी धीमी और ठंडी शुरू हुई है। नेशनल मल्टीप्लेक्स चेन्स में भी टिकटों की बिक्री की रफ्तार सुस्त है, जो मेकर्स के लिए चिंता का विषय है।







वहीँ, बेबी डू डाई डू, छोटे बजट की फिल्म होने के कारण फिल्म की एडवांस बुकिंग इसके पैमाने के हिसाब से काफी संतोषजनक और मजबूत है। फिल्म का 'कल्ट/डार्क-कॉमेडी' एक्शन प्रोमो दर्शकों को आकर्षित कर रहा है, जिससे लिमिटेड स्क्रीन्स पर भी इसकी टिकटें अच्छी गति से बिक रही हैं।






पहले दिन के बॉक्स ऑफिस प्रेडिक्शन  के अनुसार अल्फा को अनुमानित ओपनिंग ८ से १० करोड़ नेट की मिल रही है। जबकि, फिल्म का भारी-भरकम बजट देखते हुए इसे कम से कम  १५ -१८ करोड़ की ओपनिंग चाहिए । धीमी शुरुआत के कारण अब यह फिल्म पूरी तरह से स्पॉट बुकिंग और शाम के शोज में जनता के  वर्ड-ऑफ-माउथ (सकारात्मक समीक्षा) पर निर्भर करेगी। 






बेबी डू डाई डू की अनुमानित ओपनिंग २-३ करोड़ नेट मिलती दिखाई दे रही है। फिल्म के २२ करोड़ के दृष्टिगत फिल्म के लिए २-३ करोड़ की ओपनिंग को बेहतरीन शुरुआत माना जाएगा। यदि दर्शकों को इसका अनूठा एक्शन पसंद आता है, तो वीकेंड (शनिवार और रविवार) को इसकी कमाई में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है।






जहाँ तक कमाई के आंकड़ों की बात है, 'अल्फा' नंबर १ रहेगी, लेकिन अपनी भारी लागत के कारण उस पर पहले ही दिन से दबाव रहेगा। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' अपने सीमित बजट और अच्छे एडवांस बुकिंग रिस्पॉन्स के कारण पहले दिन से ही मुनाफे की तरफ सुरक्षित कदम बढ़ाती दिख सकती है। 






दोनों फिल्मों के स्क्रीन काउंट अर्थात सिनेमाघरों की संख्या पर दृष्टि डालें तो अल्फा वाईआरएफ के बड़े बैनर की फिल्म होने के कारण भारत में बड़े पैमाने पर रिलीज की जा रहा है। 'अल्फा' को भारत में लगभग ३५०० से ४०००  स्क्रीन्स मिलने का अनुमान है। फिल्म को सभी प्रमुख मल्टिप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन्स पर मुख्य प्राइम-टाइम शोज दिए गए हैं। वही बेबी डू डाई डू एक सीमित और कल्ट-ऑडियंस अर्थात लक्षित दर्शकों वाली फिल्म है। इसे भारत में लगभग ८०० से १२००  स्क्रीन्स मिलने की उम्मीद है। इसे मुख्य रूप से बड़े शहरों और चुनिंदा मल्टिप्लेक्स चेन में ज्यादा जगह दी जा रही है।







इन दोनों फिल्मों के ट्रेलर को मिले  रिस्पॉन्स के अनुसार अल्फा के ऑफिशियल ट्रेलर को दर्शकों से मिला-जुला लेकिन चर्चा से भरपूर  रिस्पॉन्स मिला है। आलिया भट्ट और शरवरी के 'नेवर-सीन-बिफोर' एक्शन अवतार, बैकग्राउंड म्यूजिक और विजुअल्स की काफी तारीफ हो रही है। सबसे बड़ा सरप्राइज इंटरनेट पर वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स के 'कबीर' यानी ऋतिक रोशन  के कैमियो की झलक को लेकर है, जिससे फैन्स के बीच जबरदस्त क्रेज बन गया है। कुछ दर्शकों को फिल्म के शुरुआती डायलॉग्स और बॉबी देओल का हरियाणवी लहजा  थोड़ा कमजोर लगा।






बेबी डू डाई डू के ट्रेलर को लेकर सोशल मीडिया और समीक्षकों की राय काफी बंटी हुई  नजर आ रही है। हुमा कुरैशी के मूक-बधिर सीरियल किलर के अनोखे कांसेप्ट और सस्पेंस से भरे बैकग्राउंड टोन को काफी पसंद किया जा रहा है। इसके शुरुआती टीज़र ने दर्शकों में कहानी को लेकर अच्छी उत्सुकता जगाई थी। किन्तु, फिल्म समीक्षकों का मानना है कि ट्रेलर थोड़ा फीका है और इसमें थिएटर्स जैसी बड़ी अपील की कमी दिखती है। कुछ जगहों पर एक्शन सीन्स की एडिटिंग थोड़ी कमजोर बताई गई है।






स्क्रीन काउंट और स्टार पावर के मामले में 'अल्फा' का पलड़ा भारी है, लेकिन 'ऋतिक रोशन' के कैमियो हाइप के बावजूद इसके खुद के कंटेंट को लेकर दर्शकों में थोड़ा संशय है। वहीं 'बेबी डू डाई डू' अपने अनूठे कांसेप्ट के दम पर सीमित स्क्रीन्स में भी अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है।

Monday, 29 June 2026

बॉक्स ऑफिस पर #EmraanHashmi का #Awarapan2 और #SunnyDeol का #Batwara1947 ?



उन्यासी साल पहले, १४ अगस्त १९४७ को भारत का बंटवारा कर, पाकिस्तान बनवाया गया था।  इस बार, स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले १४ अगस्त, २०२६ को भारत के बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों,  फिल्म के पर्दों, शोज और सीटों का बंटवारा होगा।  यह बटवारा बॉलीवुड की दो फिल्मों के माध्यम से  होगा।





१४ अगस्त २०२६ को बॉक्स ऑफिस पर दो फिल्मों का टकराव होने जा रहा है।  यह दोनों फ़िल्में अपनी घोषणा से ही फिल्म प्रेमियों के मध्य चर्चा में है।  यह दो फ़िल्में है इमरान हाशमी की रोमांस फिल्म आवारापन २ और सनी देओल की देश  के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बटवारा १९४७। 





आवारापन २, २००७ में प्रदर्शित इमरान हाशमी की थ्रिलर फिल्म आवारापन की सीक्वल फिल्म है।  इस फिल्म का निर्देशन नितिन कक्कड़ ने किया है।  फिल्म में, इमरान हाश्मी अपने १९ साल पहले के आवारापन के चरित्र शिवम् पंडित को दोहरा रहे है। इसमें उनका साथ दिशा पटानी, रणदीप हूडाऔर शबाना आज़मी दे रहे है।



 


वहीँ बटवारा १९४७, जिसे लाहौर १९४७ शीर्षक के साथ पूरा किया गया था, राजकुमार संतोषी की पीरियड ड्रामा फिल्म है। इस फिल्म को आमिर खान ने निर्मित किया है। फिल्म सनी देओल, प्रीति ज़िंटा और शबाना आज़मी ने अभिनय किया है। यह दोनों ही फ़िल्में दर्शकों का ध्यान आकृष्ट कर पाने में सफल होती है।  इसलिए उम्मीद तो यही की जाती है कि यह फ़िल्में अपने लक्षित दर्शकों को छविगृहों ला पाने में समर्थ होंगी। इसीलिए, उत्सुकता से देखा जा रहा है कि कौन फिल्म किस पर भारी पड़ती है अर्थात अधिक कारोबार कर पाती है।   





बटवारा १९४७  ज़्यादा मास अपील और सनी देओल के हालिया ट्रैक रिकॉर्ड और देशभक्ति थीम्स की वजह से अधिक ओपनिंग ले सकती है। अनुमानित है कि अपनी थीम और सनी देओल की छवि के कारण बटवारा १९४७ बॉक्स ऑफिस पर २० से ३० करोड़ का लक्ष्य पा सकती है। यह भी संभव है कि यह फिल्म स्वत्नत्रता दिवस सप्ताहांत का अपने विषय और सनी देओल की देशभक्ति से सरोबार एक्शन छवि तथा आमिर खान प्रोडक्टिविन की प्रतिष्ठा के प्रभाव से अधिक कारोबार भी कर सकती है। किन्तु, इसके बावजूद सनी देओल की फिल्म बटवारा १९४७ अपनी पूर्व की देशभक्तिपूर्ण फिल्मों बॉर्डर २ के प्रथम दिन ३२ करोड़ और ग़दर २ के ४० के लक्ष्य को नहीं पा सकेगी।





आवारापन २ प्रदर्शन पूर्व की सुगबुगाहट में सबसे आगे है। इसकी रोमांटिक शैली रोमांस फिल्मों के कीर्तिमानों को लक्ष्य में रखती है।  ऐसा प्रतीत होता है कि आवारापन २ का लक्ष्य  शायद रोमांस शैली में कीर्तिमान प्रारम्भ लेने वाली फिल्म सैयारा के २२ करोड़ नेट को तोड़ना चाहेगी। आवारापन कल्ट फिल्म मानी गई थी। आवारापन की कल्ट इमेज ज़बरदस्त नॉस्टैल्जिया लिए हुए है। इमरान हाशमी लम्बे समय बाद रोमांटिक मुद्रा में दिखाई देंगे।  इसी कारण से फिल्म को २२ से २५ करोड़ का नेट कारोबार करने की आशा है। 






दर्शकों के बंटवारे की दृष्टि से दोनों फिल्मों को उनके अलग-अलग जॉनर थोड़ा अलग बनाते हैं। इसलिए आवारापन २ शहरी युवाओं, जोड़ो और इमरान हाशमी के परंपरागत दर्शकों  को रोमांस-थ्रिलर नॉस्टैल्जिया के साथ टारगेट करती है, जबकि बटवारा १९४७ सनी देओल की एक्शन-हीरो इमेज और पार्टीशन ड्रामा के ज़रिए आम/ग्रामीण दर्शकों, परिवारों और देशभक्ति की भावना को अपील करती है। इस कारण से  इन फिल्मों के कलेक्शन में सीधे कमी नहीं हो सकती है, किन्तु, छविगृहों के पर्दों का बटवारा अवश्य कर जाती हैं। 






यद्यपि, स्वतंत्र दिवस सप्ताहांत की लंबी छुट्टियों और दर्शकों में फिल्मों के प्रति जोश बॉक्स ऑफिस पर उत्साह पैदा करते है। यह स्थिति बटवारा १९४७ के कथानक को सहयोग करती है। किन्तु, यदि सलमान खान की फिल्म मातृभूमि की संभावित प्रविष्टि इसे प्रभावित कर सकती है।  यह टकराव पर्दों को साझा करने का तनाव और खास सर्किट में एडवांस बुकिंग की लड़ाई को बढ़ाता हैं। 






सनी देओल की फिल्मों की खासियत होती है कि वह अपने कथानक और सन्देश के कारण अन्य फिल्मों पर भरी पड़ जाती है। यही कारण है कि फिल्म व्यापार के जानकारों का अनुमान है कि सनी देओल की फिल्म को ५५ से ६५ प्रतिशत परदे मिल सकते हैं। वही  आवारापन २ को रोमांस-थ्रिलर नॉस्टैल्जिया और युवा आबादी की पसंदगी के अनुरूप शहरी और मल्टीप्लेक्स छविगृहों में ४० से ६० प्रतिशत सीटें मिल सकती है।





यहाँ, १९ साल पूर्व के अतीत में विचारना होगा। इमरान हाशमी की म्यूजिकल रोमांस फिल्म आवारापन २९ जून २००७ को प्रदर्शित हुई थी। इसी दिन सनी देओल की पारिवारिक फिल्म अपने भी प्रदर्शित हुई थी। जून २००७ में, सनी देओल की फिल्म 'अपने' ने बॉक्स ऑफिस पर इमरान हाशमी की 'आवारापन' से अधिक व्यवसाय किया था। 'अपने' ने औसत प्रारम्भ किया था, जबकि 'आवारापन' की शुरुआत खराब रही थी।  यह दूसरी है कि बाद में फिल्म को कल्ट स्टेटस मिल गया। 




   

किन्तु, १९ साल बाद, आज स्थिति काफी कुछ बदली हुई है। २००७ में आवारापन २ और अपने छुट्टियों के सप्ताहांत के बिना प्रदर्शित हुई थी। जबकि २०२६ स्वतंत्रता दिवस सप्ताहांत के अतिरिक्त लम्बी छुट्टियों का सिलसिला है। इंडिपेंडेंस डे वीकेंड बटवारा १९४७ की देश विभाजन की पृष्ठभूमि के कथानक को पसंद प्राथमिकता देने वाला है, जिसमें पिछली देशभक्ति फिल्मों की सफलताओं की तरह लंबे समय तक चलने की संभावना है, जबकि आवारापन २ को सीक्वल की याद और शहरी मल्टीप्लेक्स वृद्धि का लाभ मिलता है। यह संकेत २००७ में दिखाई नहीं देता था

Sunday, 28 June 2026

दर्शक पसंद कर रहे है #MaaIntiBangaaram की हत्यारिन #SamanthaRuthPrabhu को !



तेलुगु फिल्म माँ इंति बंगाराम का बॉक्स ऑफिस पर दूसरा वीकेंड बहुत अच्छा चल रहा है। बॉक्स ऑफिस पर इसके  कलेक्शन में ज़बरदस्त उछाल देखा गया है। फिल्म के प्रदर्शन के नवें दिन का कुल व्यवसाय, पहले दिन के बराबर है। इससे पता चलता है कि फिल्म की दर्शकों पर पकड़ कितनी मजबूत है। 





पूरे भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस ४९.७१ करोड़ का हो गया है। ओवरसीज़ ग्रॉस मिलाकर फिल्म ने ९ दिनों में कुल ७० करोड़ का अखिल विश्व व्यवसाय पर कर लिया है। इस प्रकार से यह फिल्म एक बहुत बड़ी ब्लॉकबस्टर बनने जा रही है। 





जहाँ तक भारत की बात है, माँ इंति बंगाराम ने ९ वें दिन  (शनिवार, २७ जून २०२६) ३५० शहरों में २७६०  शो से रूपया ५.५३ करोड़ का व्यवसाय किया है, जो शुक्रवार के ४.७८ करोड़ के व्यवसाय से  अधिक है।





इस प्रकार का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन चर्चा में आने के दो  स्पष्ट कारण है। पहला यह कि यह फिल्म एक महिला प्रधान फिल्म है। फिल्म कहानी है भाड़े में हत्या करने वाली एक पूर्व हत्यारिन की, जिसे अपने नए परिवार को पुराने लोगों से खतरा होने के बाद अपने रास्ते पर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यह फिल्म बताती है कि अपने डर और बहादुरी, दोनों पलों में, एक औरत को पता चलता है कि अपनी कमज़ोरियों को अपनाना उसकी अंदर की ताकत के लिए उतना ही ज़रूरी है जितना कि चुनौतियों का सीधे सामना करना। 





दूसरा और सबसे बड़ा कारण यह है कि माँ इंति बंगाराम की हिंदी दर्शकों में फिल्म पुष्पा के अपने आइटम गीत ऊ बोलेगा साला ऊ ऊ बोलेगा की नर्तकी सामंथा रुथ प्रभु। इस फिल्म की ज़बरदस्त सफलता के बाद, फिल्म की नायिका के रूप में सामंथा रूथ प्रभु की सफल वापसी हो रही है।





फिल्म अभिनेता नाग चैतन्य से, २०२१ शादी टूटने के बाद, सामंता बिलकुल टूट चुकी थी। वह फिल्मों से संन्यास लेने का मन बना चुकी थी।  क्योंकि, पुष्पा के आइटम गीत के बावजूद सामंता की प्रदर्शित फिल्मों यशोदा, शाकुंतलम और ख़ुशी को दर्शकों ने  बॉक्स ऑफिस पर अस्वीकार कर दिया था। 





तब उनके जीवन में, फिल्म निर्देशक राज निदिमोरू आये। इन दोनों ने, २०२५ में विवाह कर लिया।  उस समय राज ने उन्हें समझाया कि वह फ़िल्में न छोड़े।  राज के बहुत समझने पर सामंता ने, तेलुगु फिल्म माँ इंति बंगाराम में  अभिनय करना स्वीकार कर लिया।  इस फिल्म की निर्माता, राज के साथ सामंता भी थी।  फिल्म की निर्देशक बी वी नंदिनी रेड्डी है।  




फिल्म की सफलता का उत्सव मनाते हुए फिल्म के निर्माता राज निदिमोरू ने बताया कि इस फिल्म का सीक्वल भी बनाया जायेगा।  सीक्वल फिल्म में भी सामंता होंगी। इस तरह से सामंता रुथ प्रभु की रुपहले परदे पर सफल वापसी होने जा रही है। 




यहां बताते चले कि बी वी नंदिनी रेड्डी के डायरेक्शन में बनी, माँ इंति बंगाराम सामंथा की सबसे बड़ी सोलो बॉक्स ऑफिस सफलताओं में से एक है । इस एक्शन-कॉमेडी को दर्शकों और समीक्षकों द्वारा समान रूप पसंद किया जा रहा है।  इस प्रकार से  सामंथा की तेलुगु सिनेमा के लीडिंग स्टार्स में जगह बनती दिख रही है । इस फिल्म के ओटीटी प्लेटफार्म जिओ हॉट स्टार पर जुलाई या अगस्त में प्रदर्शित होने की भी संभावना है।  

Friday, 3 April 2026

#Jawan से ३०० करोड़ आगे #RanveerSingh की #Dhurandhar2



बॉक्स ऑफिस पर, रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर २ की धुरंधर सफलता को देखते हुए, एक्स और दूसरे सोशल मीडिया पर पेड पीआर सक्रिय हो गए हैं।  वह धुरंधर के रणवीर सिंह को अस्वीकार करते हुए, शाहरुख़ खान को ही बड़ा स्टार मानते हैं।





इसमें कोई संदेह नहीं कि शारुख खान, १९९२ से अर्थात लगभग ३४ साल से फिल्मों में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने फिल्म जीवन में जहाँ बड़ी सफल फ़िल्में दी हैं, वही कई बुरी तरह से असफल फ़िल्में भी दी है।  २०२३ से पहले,  शाहरुख़ खान, दिलवाले, फैन, रईस, जब हैरी मेट सेजल, जैसी बड़ी फ्लॉप फिल्में दे रहे थे।





किन्तु, २०२३ में बॉक्स ऑफिस ने पलटा खाया। पहले शाहरुख़ खान अभिनीत फिल्मं पठान हजार करोडिया फिल्म बनी।  यद्यपि इस फिल्म को गणतंत्र दिवस सप्ताहांत का खूब लाभ मिला।  फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस १०५० करोड़ का रहा। इसी साल उनकी दूसरी हजार करोडिया फिल्म जवान जन्माष्टमी के विस्तारित सप्ताहांत में प्रदर्शित हुई।  इस फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस ११४८ करोड़ रहा। इस प्रकार से, जवान शाहरुख़ खान के फिल्म जीवन की सबसे बड़ी सफल फिल्म कही जा सकती है।





शाहरुख़ खान की फिल्म जवान की सफलता के गुणगान गाने वाले पीआर लोगों के सामने कुछ आंकड़े प्रस्तुत करने है।  यह आंकड़े जवान और धुरंधर २ के है।  इन आंकड़ों से पता चलेगा कि शाहरुख़ खान की फिल्म जवान, रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर २ की तुलना में कहाँ खड़ी है। 





एंटरटेनमेंट उद्योग की खोजखबर रखने वाले चैनल सक्निलक के आंकड़ों पर भरोसा करे तो जवान ने ७ सप्ताहों अर्थात ६३ दिनों में ११६० करोड़ था।  फिल्म का भारत में ग्रॉस ७६० करोड़ का था।  फिल्म जवान ने भारत में ६४० करोड़ का विशुद्ध व्यवसाय किया था। उस समय शाहरुख़ खान को दुनिया का सबसे बड़ा अभिनेता का  झुनझुना बजाया गया था। यद्यपि, यह कीर्तिमान जल्द ही तोड़ दिया गया। जवान ने, विदेशी छविगृहों में ४०० करोड़ का ग्रॉस किया था।





जवान के ६३ दिनों की आंकड़ों की धुरंधर २ के आंकड़ों की तुलना से पता चलता है कि धुरंधर २ ने, १५ दिनों में धुआंधार आंकड़ों के कीर्तिमान भंग कर दिए है। यह फिल्म अभी तक वर्ल्डवाइड १४९२ करोड़ से अधिक का ग्रॉस कर लिया है। यह फिल्म ११२२ करोड़ से अधिक का ग्रॉस कर चुकी है।  धुरंधर २ ने, शाहरुख़ खान की फिल्म जवान के वर्ल्डवाइड ४०० करोड़ के ग्रॉस की तुलना में १५ दिनों में ही ३७० करोड़ का ग्रॉस कर लिया है। विशुद्ध कारोबार की तुलना करे तो धुरंधर २ का ९३७ करोड से अधिक का विशुद्ध कारोबार जवान के तुलान में ३०० करोड़ अधिक है।





इस प्रकार से, रणवीर सिंह की फिल्म ने, शाहरुख़ खान की फिल्म के भारत में ग्रॉस से ३६२ करोड़, वर्ल्ड वाइड ग्रॉस से ३३२ करोड़ अधिक का ग्रॉस कर लिया है। भारत में विशुद्ध कारोबार भी जवान की तुलना में धुरंधर २ का २९७ करोड़ अधिक है।





धुरंधर २ के, हिंदी पेटी में अब तक, ,६७,८१६ शो हो चुके है।  फिल्म ने १०५५ करोड़ १५ लाख का ग्रॉस कर लिया है।  इस फिल्म ने अब तक ८७९ करोड़ २९ लाख से अधिक का विशुद्ध व्यवसाय कर चुकी है।  सक्निलक के अनुसार, फिल्म ने १६वे दिन दोपहर तक पूरे विश्व के छविगृहों में १५०० करोड़ का ग्रॉस कर, एक सशक्त कीर्तिमान बना दिया है।