उन्यासी साल पहले, १४ अगस्त १९४७ को भारत का बंटवारा कर, पाकिस्तान बनवाया गया था। इस बार, स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले १४ अगस्त, २०२६ को भारत के बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों, फिल्म के पर्दों, शोज और सीटों का बंटवारा होगा। यह बटवारा बॉलीवुड की दो फिल्मों के माध्यम से होगा।
१४ अगस्त २०२६ को बॉक्स ऑफिस पर दो फिल्मों का टकराव होने जा रहा है। यह दोनों फ़िल्में अपनी घोषणा से ही फिल्म प्रेमियों के मध्य चर्चा में है। यह दो फ़िल्में है इमरान हाशमी की रोमांस फिल्म आवारापन २ और सनी देओल की देश के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बटवारा १९४७।
आवारापन २, २००७ में प्रदर्शित इमरान हाशमी की थ्रिलर फिल्म आवारापन की सीक्वल फिल्म है। इस फिल्म का निर्देशन नितिन कक्कड़ ने किया है। फिल्म में, इमरान हाश्मी अपने १९ साल पहले के आवारापन के चरित्र शिवम् पंडित को दोहरा रहे है। इसमें उनका साथ दिशा पटानी, रणदीप हूडाऔर शबाना आज़मी दे रहे है।
वहीँ बटवारा १९४७, जिसे लाहौर १९४७ शीर्षक के साथ पूरा किया गया था, राजकुमार संतोषी की पीरियड ड्रामा फिल्म है। इस फिल्म को आमिर खान ने निर्मित किया है। फिल्म सनी देओल, प्रीति ज़िंटा और शबाना आज़मी ने अभिनय किया है। यह दोनों ही फ़िल्में दर्शकों का ध्यान आकृष्ट कर पाने में सफल होती है। इसलिए उम्मीद तो यही की जाती है कि यह फ़िल्में अपने लक्षित दर्शकों को छविगृहों ला पाने में समर्थ होंगी। इसीलिए, उत्सुकता से देखा जा रहा है कि कौन फिल्म किस पर भारी पड़ती है अर्थात अधिक कारोबार कर पाती है।
बटवारा १९४७ ज़्यादा मास अपील और सनी देओल के हालिया ट्रैक रिकॉर्ड और देशभक्ति थीम्स की वजह से अधिक ओपनिंग ले सकती है। अनुमानित है कि अपनी थीम और सनी देओल की छवि के कारण बटवारा १९४७ बॉक्स ऑफिस पर २० से ३० करोड़ का लक्ष्य पा सकती है। यह भी संभव है कि यह फिल्म स्वत्नत्रता दिवस सप्ताहांत का अपने विषय और सनी देओल की देशभक्ति से सरोबार एक्शन छवि तथा आमिर खान प्रोडक्टिविन की प्रतिष्ठा के प्रभाव से अधिक कारोबार भी कर सकती है। किन्तु, इसके बावजूद सनी देओल की फिल्म बटवारा १९४७ अपनी पूर्व की देशभक्तिपूर्ण फिल्मों बॉर्डर २ के प्रथम दिन ३२ करोड़ और ग़दर २ के ४० के लक्ष्य को नहीं पा सकेगी।
आवारापन २ प्रदर्शन पूर्व की सुगबुगाहट में सबसे आगे है। इसकी रोमांटिक शैली रोमांस फिल्मों के कीर्तिमानों को लक्ष्य में रखती है। ऐसा प्रतीत होता है कि आवारापन २ का लक्ष्य शायद रोमांस शैली में कीर्तिमान प्रारम्भ लेने वाली फिल्म सैयारा के २२ करोड़ नेट को तोड़ना चाहेगी। आवारापन कल्ट फिल्म मानी गई थी। आवारापन की कल्ट इमेज ज़बरदस्त नॉस्टैल्जिया लिए हुए है। इमरान हाशमी लम्बे समय बाद रोमांटिक मुद्रा में दिखाई देंगे। इसी कारण से फिल्म को २२ से २५ करोड़ का नेट कारोबार करने की आशा है।
दर्शकों के बंटवारे की दृष्टि से दोनों फिल्मों को उनके अलग-अलग जॉनर थोड़ा अलग बनाते हैं। इसलिए आवारापन २ शहरी युवाओं, जोड़ो और इमरान हाशमी के परंपरागत दर्शकों को रोमांस-थ्रिलर नॉस्टैल्जिया के साथ टारगेट करती है, जबकि बटवारा १९४७ सनी देओल की एक्शन-हीरो इमेज और पार्टीशन ड्रामा के ज़रिए आम/ग्रामीण दर्शकों, परिवारों और देशभक्ति की भावना को अपील करती है। इस कारण से इन फिल्मों के कलेक्शन में सीधे कमी नहीं हो सकती है, किन्तु, छविगृहों के पर्दों का बटवारा अवश्य कर जाती हैं।
यद्यपि, स्वतंत्र दिवस सप्ताहांत की लंबी छुट्टियों और दर्शकों में फिल्मों के प्रति जोश बॉक्स ऑफिस पर उत्साह पैदा करते है। यह स्थिति बटवारा १९४७ के कथानक को सहयोग करती है। किन्तु, यदि सलमान खान की फिल्म मातृभूमि की संभावित प्रविष्टि इसे प्रभावित कर सकती है। यह टकराव पर्दों को साझा करने का तनाव और खास सर्किट में एडवांस बुकिंग की लड़ाई को बढ़ाता हैं।
सनी देओल की फिल्मों की खासियत होती है कि वह अपने कथानक और सन्देश के कारण अन्य फिल्मों पर भरी पड़ जाती है। यही कारण है कि फिल्म व्यापार के जानकारों का अनुमान है कि सनी देओल की फिल्म को ५५ से ६५ प्रतिशत परदे मिल सकते हैं। वही आवारापन २ को रोमांस-थ्रिलर नॉस्टैल्जिया और युवा आबादी की पसंदगी के अनुरूप शहरी और मल्टीप्लेक्स छविगृहों में ४० से ६० प्रतिशत सीटें मिल सकती है।
यहाँ, १९ साल पूर्व के अतीत में विचारना होगा। इमरान हाशमी की म्यूजिकल रोमांस फिल्म आवारापन २९ जून २००७ को प्रदर्शित हुई थी। इसी दिन सनी देओल की पारिवारिक फिल्म अपने भी प्रदर्शित हुई थी। जून २००७ में, सनी देओल की फिल्म 'अपने' ने बॉक्स ऑफिस पर इमरान हाशमी की 'आवारापन' से अधिक व्यवसाय किया था। 'अपने' ने औसत प्रारम्भ किया था, जबकि 'आवारापन' की शुरुआत खराब रही थी। यह दूसरी है कि बाद में फिल्म को कल्ट स्टेटस मिल गया।
किन्तु, १९ साल बाद, आज स्थिति काफी कुछ बदली हुई है। २००७ में आवारापन २ और अपने छुट्टियों के सप्ताहांत के बिना प्रदर्शित हुई थी। जबकि २०२६ स्वतंत्रता दिवस सप्ताहांत के अतिरिक्त लम्बी छुट्टियों का सिलसिला है। इंडिपेंडेंस डे वीकेंड बटवारा १९४७ की देश विभाजन की पृष्ठभूमि के कथानक को पसंद प्राथमिकता देने वाला है, जिसमें पिछली देशभक्ति फिल्मों की सफलताओं की तरह लंबे समय तक चलने की संभावना है, जबकि आवारापन २ को सीक्वल की याद और शहरी मल्टीप्लेक्स वृद्धि का लाभ मिलता है। यह संकेत २००७ में दिखाई नहीं देता था ।

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