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Monday, 29 June 2026

बॉक्स ऑफिस पर #EmraanHashmi का #Awarapan2 और #SunnyDeol का #Batwara1947 ?



उन्यासी साल पहले, १४ अगस्त १९४७ को भारत का बंटवारा कर, पाकिस्तान बनवाया गया था।  इस बार, स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले १४ अगस्त, २०२६ को भारत के बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों,  फिल्म के पर्दों, शोज और सीटों का बंटवारा होगा।  यह बटवारा बॉलीवुड की दो फिल्मों के माध्यम से  होगा।





१४ अगस्त २०२६ को बॉक्स ऑफिस पर दो फिल्मों का टकराव होने जा रहा है।  यह दोनों फ़िल्में अपनी घोषणा से ही फिल्म प्रेमियों के मध्य चर्चा में है।  यह दो फ़िल्में है इमरान हाशमी की रोमांस फिल्म आवारापन २ और सनी देओल की देश  के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बटवारा १९४७। 





आवारापन २, २००७ में प्रदर्शित इमरान हाशमी की थ्रिलर फिल्म आवारापन की सीक्वल फिल्म है।  इस फिल्म का निर्देशन नितिन कक्कड़ ने किया है।  फिल्म में, इमरान हाश्मी अपने १९ साल पहले के आवारापन के चरित्र शिवम् पंडित को दोहरा रहे है। इसमें उनका साथ दिशा पटानी, रणदीप हूडाऔर शबाना आज़मी दे रहे है।



 


वहीँ बटवारा १९४७, जिसे लाहौर १९४७ शीर्षक के साथ पूरा किया गया था, राजकुमार संतोषी की पीरियड ड्रामा फिल्म है। इस फिल्म को आमिर खान ने निर्मित किया है। फिल्म सनी देओल, प्रीति ज़िंटा और शबाना आज़मी ने अभिनय किया है। यह दोनों ही फ़िल्में दर्शकों का ध्यान आकृष्ट कर पाने में सफल होती है।  इसलिए उम्मीद तो यही की जाती है कि यह फ़िल्में अपने लक्षित दर्शकों को छविगृहों ला पाने में समर्थ होंगी। इसीलिए, उत्सुकता से देखा जा रहा है कि कौन फिल्म किस पर भारी पड़ती है अर्थात अधिक कारोबार कर पाती है।   





बटवारा १९४७  ज़्यादा मास अपील और सनी देओल के हालिया ट्रैक रिकॉर्ड और देशभक्ति थीम्स की वजह से अधिक ओपनिंग ले सकती है। अनुमानित है कि अपनी थीम और सनी देओल की छवि के कारण बटवारा १९४७ बॉक्स ऑफिस पर २० से ३० करोड़ का लक्ष्य पा सकती है। यह भी संभव है कि यह फिल्म स्वत्नत्रता दिवस सप्ताहांत का अपने विषय और सनी देओल की देशभक्ति से सरोबार एक्शन छवि तथा आमिर खान प्रोडक्टिविन की प्रतिष्ठा के प्रभाव से अधिक कारोबार भी कर सकती है। किन्तु, इसके बावजूद सनी देओल की फिल्म बटवारा १९४७ अपनी पूर्व की देशभक्तिपूर्ण फिल्मों बॉर्डर २ के प्रथम दिन ३२ करोड़ और ग़दर २ के ४० के लक्ष्य को नहीं पा सकेगी।





आवारापन २ प्रदर्शन पूर्व की सुगबुगाहट में सबसे आगे है। इसकी रोमांटिक शैली रोमांस फिल्मों के कीर्तिमानों को लक्ष्य में रखती है।  ऐसा प्रतीत होता है कि आवारापन २ का लक्ष्य  शायद रोमांस शैली में कीर्तिमान प्रारम्भ लेने वाली फिल्म सैयारा के २२ करोड़ नेट को तोड़ना चाहेगी। आवारापन कल्ट फिल्म मानी गई थी। आवारापन की कल्ट इमेज ज़बरदस्त नॉस्टैल्जिया लिए हुए है। इमरान हाशमी लम्बे समय बाद रोमांटिक मुद्रा में दिखाई देंगे।  इसी कारण से फिल्म को २२ से २५ करोड़ का नेट कारोबार करने की आशा है। 






दर्शकों के बंटवारे की दृष्टि से दोनों फिल्मों को उनके अलग-अलग जॉनर थोड़ा अलग बनाते हैं। इसलिए आवारापन २ शहरी युवाओं, जोड़ो और इमरान हाशमी के परंपरागत दर्शकों  को रोमांस-थ्रिलर नॉस्टैल्जिया के साथ टारगेट करती है, जबकि बटवारा १९४७ सनी देओल की एक्शन-हीरो इमेज और पार्टीशन ड्रामा के ज़रिए आम/ग्रामीण दर्शकों, परिवारों और देशभक्ति की भावना को अपील करती है। इस कारण से  इन फिल्मों के कलेक्शन में सीधे कमी नहीं हो सकती है, किन्तु, छविगृहों के पर्दों का बटवारा अवश्य कर जाती हैं। 






यद्यपि, स्वतंत्र दिवस सप्ताहांत की लंबी छुट्टियों और दर्शकों में फिल्मों के प्रति जोश बॉक्स ऑफिस पर उत्साह पैदा करते है। यह स्थिति बटवारा १९४७ के कथानक को सहयोग करती है। किन्तु, यदि सलमान खान की फिल्म मातृभूमि की संभावित प्रविष्टि इसे प्रभावित कर सकती है।  यह टकराव पर्दों को साझा करने का तनाव और खास सर्किट में एडवांस बुकिंग की लड़ाई को बढ़ाता हैं। 






सनी देओल की फिल्मों की खासियत होती है कि वह अपने कथानक और सन्देश के कारण अन्य फिल्मों पर भरी पड़ जाती है। यही कारण है कि फिल्म व्यापार के जानकारों का अनुमान है कि सनी देओल की फिल्म को ५५ से ६५ प्रतिशत परदे मिल सकते हैं। वही  आवारापन २ को रोमांस-थ्रिलर नॉस्टैल्जिया और युवा आबादी की पसंदगी के अनुरूप शहरी और मल्टीप्लेक्स छविगृहों में ४० से ६० प्रतिशत सीटें मिल सकती है।





यहाँ, १९ साल पूर्व के अतीत में विचारना होगा। इमरान हाशमी की म्यूजिकल रोमांस फिल्म आवारापन २९ जून २००७ को प्रदर्शित हुई थी। इसी दिन सनी देओल की पारिवारिक फिल्म अपने भी प्रदर्शित हुई थी। जून २००७ में, सनी देओल की फिल्म 'अपने' ने बॉक्स ऑफिस पर इमरान हाशमी की 'आवारापन' से अधिक व्यवसाय किया था। 'अपने' ने औसत प्रारम्भ किया था, जबकि 'आवारापन' की शुरुआत खराब रही थी।  यह दूसरी है कि बाद में फिल्म को कल्ट स्टेटस मिल गया। 




   

किन्तु, १९ साल बाद, आज स्थिति काफी कुछ बदली हुई है। २००७ में आवारापन २ और अपने छुट्टियों के सप्ताहांत के बिना प्रदर्शित हुई थी। जबकि २०२६ स्वतंत्रता दिवस सप्ताहांत के अतिरिक्त लम्बी छुट्टियों का सिलसिला है। इंडिपेंडेंस डे वीकेंड बटवारा १९४७ की देश विभाजन की पृष्ठभूमि के कथानक को पसंद प्राथमिकता देने वाला है, जिसमें पिछली देशभक्ति फिल्मों की सफलताओं की तरह लंबे समय तक चलने की संभावना है, जबकि आवारापन २ को सीक्वल की याद और शहरी मल्टीप्लेक्स वृद्धि का लाभ मिलता है। यह संकेत २००७ में दिखाई नहीं देता था

Wednesday, 7 August 2019

Mithun Chakraborthy का बेटा बैडबॉय


राजकुमार संतोषी के निशाने पर एक बार फिर युवा दर्शक हैं। उनकी अगली फिल्म बैडबॉय युवा जॉनर की फिल्म है। यानि कि फिल्म की कहानी में दोस्ती, प्रेम, गीत-संगीत और थोडा एक्शन की घालमेल होगी। निर्माता साजिद कुरैशी की फिल्म बैडबॉय के बैडबॉय नमाशी हैं, जो मिथुन चक्रवर्ती के बेटे हैं। फिल्म में नमाशी की नायिका, निर्माता साजिद कुरैशी की बेटी अमरीन हैं।


युवाओं के लिए संतोषी की फ़िल्में
घायल, पुकार और द लीजेंड ऑफ़ भगत सिंह जैसी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता फिल्मों के निर्देशक राजकुमार संतोषी ने हल्की-फुल्की युवा रोमांस वाली फिल्मों में भी हाथ आजमाया है। उनकी ऎसी पहली फिल्म अंदाज़ अपना अपना (१९९४) थी। इस फिल्म में आमिर खान और सलमान खान की जोड़ी बनाई गई थी। यह इस जोड़ी की इकलौती फिल्म है। इसके बाद, संतोषी की २००९ की  फिल्म अजब प्रेम की गज़ब कहानी और २०१३ की फिल्म फटा पोस्टर निकला हीरो भी युवा दर्शकों के लिए फ़िल्में थी। अजब प्रेम की गज़ब कहानी से पहली बार रणबीर कपूर और कैटरीना कैफ की जोड़ी बनी थी।

छह साल बाद वापसी
राजकुमार संतोषी की, फटा पोस्टर निकला हीरो की रिलीज़ के ६ साल बाद, वापसी हो रही है। उन्होंने, इस फिल्म की शूटिंग मई से बेंगलोर में शुरू की थी। यह फिल्म मुंबई शूट के बाद, समय से पहले ६० दिनों में पूरा कर लिया गया है। फिल्म के नायक नमाशी, पूर्व फिल्म अभिनेत्री योगिता बाली से मिथुन चक्रवर्ती के बेटे हैं। इस फिल्म को दीवाली वीकेंड में रिलीज़ किये जाने की योजना है। अगर ऐसा होता है तो इन दो नए चेहरों को अक्षय कुमार जैसे स्थापित अभिनेता की भारी बजट की फिल्म से भिड़ना होगा।

Tuesday, 27 November 2018

राजकुमार संतोषी के फ़तेह सिंह बनेगे सनी देओल !


घायल, दामिनी और घातक जैसी सुपरहिट फ़िल्में देने वाली राजकुमार संतोषी और सनी देओल के संबंधों में उस समय खटास पैदा हो गई थी, जब राजकुमार संतोषी ने भगत ससिंह के बलिदान पर अजय देवगन के साथ फिल्म द लीजेंड ऑफ़ भगत सिंह (२००२) बना कर, सनी देओल और बॉबी देओल की भगत सिंह फिल्म २३ मार्च १९३१ - शहीद के खिलाफ ला खडी की थी। अब यह बात दीगर है कि दोनों ही फ़िल्में सफल नहीं हुई।


भगत सिंह ने पैदा की दरार
लेकिन, इस टकराव ने देओल-संतोषी जोड़ी के बीच दूरियां पैदा कर दी थी। लेकिन, अब लगातार फ्लॉप फ़िल्में देने के बाद, सनी देओल को एक अच्छी एक्शन फिल्म की ज़रुरत महसूस हो रही है। राजकुमार संतोषी को भी समझ में आ गया है कि उनकी और सनी देओल की एक्शन जोड़ी बेमिसाल है।

२२ साल बाद
इसलिए, घातक की रिलीज़ के २२ साल बाद, यह दोनों सब कुछ भूल कर साथ आ रहे हैं। राजकुमार संतोषी की फिल्म फ़तेह सिंह में सनी देओल केंद्रीय भूमिका करेंगे।


पहले थे अजय देवगन
कुछ समय पहले यह अफवाह थी कि राजकुमार संतोषी के फ़तेह सिंह अजय देवगन बनेंगे। लेकिन, अब चूंकि सनी देओल और राजकुमार संतोषी के सम्बन्ध तनावपूर्ण नहीं रहे, सनी देओल को फ़तेह सिंह बना दिया गया है।

फ्लॉप प्रोडूसर की फिल्म
लेकिन, इस फिल्म को एक फ्लॉप प्रोडूसर साजिद कुरैशी बना रहे हैं।  साजिद ने, सनी देओल के कजिन अभय देओल के साथ नानू की जानू और गोविंदा के साथ कॉमेडी फिल्म फ्राईडे का निर्माण किया था । यह दोनों फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर कामयाब नहीं हो पाई थी।


साजिद की असफलता, अजय का इंकार
साजिद कुरैशी की फिल्मों की असफलता देख कर ही, अजय देवगन ने फ़तेह सिंह बनने से इंकार कर दिया था। क्या घायल, दामिनी और घातक जैसी सुपरहिट फ़िल्में देने वाली राजकुमार संतोषी और सनी देओल की जोड़ी साजिद कुरैशी को एक अदद हिट फिल्म दे सकेगी ?  


क्या फिल्म के लिए गायब हो गई कोमोलिका ? - पढ़ने के लिए क्लिक करें 

Friday, 24 August 2018

क्या सनी देओल बनेंगे राजकुमार संतोषी के योद्धा ?

अब यह तय हो गया  है कि सनी देओल और राजकुमार संतोषी अपने सारे मतभेद भुला कर एक बार फिर साथ आने जा रहे हैं ।

राजकुमार संतोषी की एक पीरियड ड्रामा फिल्म में सनी देओल सिख योद्धा फ़तेह सिंह की भूमिका करेंगे।

सनी देओल और राजकुमार संतोषी का यह साथ २२ साल बाद बनने जा रहा है।

इस जोड़ी ने, १९९० के दशक में, घायल (१९९०), दामिनी (१९९३) और घातक (१९९६) जैसी एक्शन फिल्मों का निर्माण किया था। इन फिल्मों ने, सनी देओल और राजकुमार संतोषी को सफलता और प्रशंसा दोनों ही दिलाई।

कहा जाता था कि राजकुमार संतोषी ने सनी देओल की  खूबियों और खामियों को ध्यान में रख कर ही फ़िल्में बनाई थी। दामिनी ने तो सनी देओल को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी दिलवाया था।

१६ साल पहले, इन दोनों के ईगो का टकराव हुआ २००२ में  शहीद भगत सिंह पर फिल्मों के कारण।

सनी देओल ने, अपने भाई बॉबी देओल को भगत सिंह बना कर फिल्म २३ मार्च १९३१ - शहीद का निर्माण किया था। इस फिल्म में सनी देओल शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की भूमिका में थे। फिल्म के निर्देशक गुड्डू धनोआ थे।

दूसरी तरफ, राजकुमार संतोषी अभिनेता अजय देवगन को भगत सिंह बना कर फिल्म द लीजेंड ऑफ़ भगत सिंह बना रहे थे।

सनी देओल और राजकुमार संतोषी की फ़िल्में ७ जून २००२ को टकराई। दोनों ही फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से पिटी। इसके बाद, संतोषी और देओल का दोस्ताना बिलकुल ख़त्म हो गया।

२०१३ में, राजकुमार संतोषी ने फ़तेह सिंह पर फिल्म बनाने का ऐलान संजय दत्त के साथ किया था।लेकिन, बात नहीं बन पाई।

अब, राजकुमार संतोषी ने स्क्रिप्ट को चुस्त दुरुस्त कर लिया है और सनी देओल को भी फिल्म में शामिल कर लिया है।

अगर, योद्धा फ़तेह सिंह पर फिल्म शुरू हो जाती है तो राजकुमार संतोषी और सनी देओल घातक के २२ साल बाद कैमरे के आमने-सामने होंगे। 


सनी देओल के बॉबी देओल और पापा धर्मेंद्र के साथ फिल्म यमला पगला दीवाना फिर से ३१ अगस्त को रिलीज़ हो रही है।

रायलसीमा के स्वतंत्रता सेनानी बने चिरंजीवी - पढ़ने के लिए क्लिक करें