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Tuesday, 11 August 2026

#TheEndofOakStreet की #Batwara1947 और #Awarapan2 को डायनोसॉर चुनौती!




हॉलीवुड फिल्म The End of Oak Street के 14 अगस्त 2026 को रिलीज़ होने से दो बॉलीवुड फिल्मों Batwara 1947 और Awarapan 2  के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर सीधा असर पड़ता दिखाई दे रहा है।

 

 

 

हॉलीवुड फ़िल्म दएंड ऑफ़ ओक स्ट्रीट साइंस-फिक्शन फिल्म है। पहले से चल रही 'स्पाइडर-मैन' फ्रेंचाइजी स्पाइडर मैन ब्रांड न्यू डे और द ओडिसी फ़िल्में थिएटर्स और स्क्रीन शेयरिंग को लेकर इन दोनों भारतीय फिल्मों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा पैदा करने जा रही है।हॉलीवुड फिल्मों के साथ पहले से मजबूत पकड़ बना चुकी अन्य फिल्मों के कारण Batwara 1947 और Awarapan 2 को मनमुताबिक सिंगल-स्क्रीन और मल्टीप्लेक्स शोज़ पाने में संघर्ष करना पड़ रहा है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

युवा वर्ग और अर्बन दर्शक हॉलीवुड तथा एक्शन जॉनर की तरफ खिंच सकते हैं, जिससे दोनों बॉलीवुड फिल्मों के शुरुआती दर्शकों की संख्या पर असर पड़ेगा।  दर्शकों की जेब पर पहले ही कई बड़ी फिल्मों का बोझ होने के कारण, तीनों फिल्मों के बीच टिके रहने के लिए बजट-फ्रेंडली और लोकप्रिय टिकट दरों का सहारा लेना पड़ रहा है।

 

 

 

 

 

स्वतंत्रता दिवस के लंबे वीकेंड का फायदा तीनों फ़िल्मों के बीच बंट जाएगा, जिससे किसी एक अकेली फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर पूरी तरह से एकाधिकार होना मुश्किल हो गया है।

 

 

 


The End of Oak Street की सबसे बड़ी खासियत इसका बिल्कुल अनोखा 'हाई-कॉन्सेप्ट' और डायनासोर सरवाइवल जॉनर का मिश्रण है, जो इसे पारंपरिक सुपरहीरो फ्रेंचाइजी (जैसे स्पाइडर-मैन) से अलग बनाता है।

 

 

 

जहां स्पाइडर-मैन एक जानी-पहचानी कॉमिक बुक कहानी है, वहीं यह फिल्म दर्शकों के लिए एक सस्पेंस से भरा नया सिनेमाई अनुभव लेकर आई है।इस फिल्म की मुख्य खासियतें अनोखा कॉन्सेप्ट और कॉस्मिक घटना क्रम है ।

 

 

 

डायनासोर कहानी में एक रहस्यमयी ब्रह्मांडीय घटना के कारण पूरा का पूरा अमेरिकी रिहायशी इलाका अचानक अतीत में किसी अनजान समय में पहुंच जाता है। वहां इंसानों का सामना खतरनाक डायनासोर और प्रागैतिहासिक जीवों से होता है, जहां उन्हें ज़िंदा रहने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।

 

 

 

 

 

The End of Oak Street, अस्सी के दशक का 'स्पीलबर्ग' स्टाइल और ड्रामा युक्त पारिवारिक सस्पेंस फ़िल्म है।  यह फिल्म जे.जे. अब्राम्स (J.J. Abrams) द्वारा निर्मित है, जो 'Super 8' और 'Cloverfield' जैसी सस्पेंस वाली फिल्मों के लिए जाने जाते हैं।

 

 

 

डायनासोर से लड़ने के साथ-साथ, फिल्म में एक ऐसे परिवार की कहानी दिखाई गई है जो आपसी मतभेदों और रहस्यों के बावजूद एक साथ मिलकर सर्वाइव करने की कोशिश करता है।

 

 

 

The End of Oak Street दमदार स्टार कास्ट और निर्माताओं वाली फ़िल्म है । इस फ़िल्म में हॉलीवुड के दो बड़े नाम ऐन हैथवे (Anne Hathaway) और इवान मैकग्रेगर (Ewan McGregor) मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसका निर्देशन डेविड रॉबर्ट मिचेल (David Robert Mitchell) ने किया है, जो अपने अनोखे थ्रिलर सिनेमा के लिए जाने जाते हैं।

 

 

 

 

 

फिल्म को विशेष रूप से बड़े IMAX स्क्रीन्स के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि डायनासोर और सरवाइवल के विजुअल्स को बेहद वास्तविक और डरावना दिखाया जा सके।

 

 

 

 

 

फिल्म The End of Oak Street भारत में 14 अगस्त 2026 को अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में भी रिलीज हो रही है। भारत में BookMyShow जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर फिल्म की एडवांस बुकिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। फिल्म को विशेष रूप से 'Filmed for IMAX' फॉर्मेट में प्रमोट किया जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस के लंबे वीकेंड के कारण देश भर के बड़े शहरों (जैसे मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु) के IMAX थिएटर्स में इसे प्राइम स्लॉट्स दिए जा रहे हैं, जो भारतीय फिल्मों के शोज़ को सीधे प्रभावित कर रहे हैं।

 

 

 

 

 

The End of Oak Street, बँटवारा 1947, और आवारापन 2  फिल्में 14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के वीकेंड पर रिलीज़ हो रही हैं। चूंकि अभी फिल्में आधिकारिक तौर पर आम दर्शकों के लिए रिलीज़ नहीं हुई हैं, इसलिए क्रिटिक्स के शुरुआती रिएक्शन्स (First Reactions), एडवांस सेंसर स्क्रीनिंग और ट्रेलर रिव्यूज के आधार पर इनका शुरुआती रिव्यू और माहौल इस प्रकार बन रह है।

 

 

 

 

 

The End of Oak Street पर हॉलीवुड की प्रेस और अर्ली स्क्रीनिंग से आ रहे क्रिटिक्स के शुरुआती रिएक्शन्स बेहद सकारात्मक और धमाकेदार हैं। फिल्म समीक्षकों ने इसे 80 और 90 के दशक के क्लासिक स्टीवन स्पीलबर्ग और 'एम्बलिन एंटरटेनमेंट' (Amblin-esque) शैली का एक बेहतरीन लव-लेटर बताया है। इसे 'जुरासिक पार्क' के बाद पिछले कुछ दशकों की सबसे मजेदार और डरावनी डायनासोर फिल्म कहा जा रहा है। रिपोर्टर के अनुसार, ऐन हैथवे और इवान मैकग्रेगर का अभिनय शानदार है। विशेष रूप से ऐन हैथवे द्वारा टी-रेक्स (T-Rex) से मुकाबला करने वाले सीन्स और फिल्म के विजुअल टेंशन को बहुत सराहा गया है। कुछ समीक्षकों का मानना है कि कहानी में लॉजिक की थोड़ी कमी है और कुछ जगहों पर यह काफी हद तक पुरानी जुरासिक फिल्मों जैसी ही (derivative) लगती है।

 

 

 

 

 


बँटवारा 1947 (बॉलीवुड)राजकुमार संतोषी के निर्देशन और आमिर खान के प्रोडक्शन में बनी इस फिल्म की सेंसर बोर्ड (CBFC) स्क्रीनिंग के बाद बेहद भावुक कर देने वाले शुरुआती रिव्यू सामने आए हैं।शुरुआती स्क्रीनिंग अटेंड करने वाले समीक्षकों ने इसे 4.5/5 स्टार देते हुए एक गहरा, झकझोर देने वाला और इमोशनल ड्रामा बताया है। फिल्म विभाजन (Partition) की त्रासदी के मानवीय दर्द को बखूबी पर्दे पर उतारती है। सनी देओल का किरदार अब तक का सबसे मजबूत और नैतिक साहस से भरपूर बताया जा रहा है। ए.आर. रहमान का संगीत और संतोष सिवन की सिनेमैटोग्राफी फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर और दृश्यों को बेहद जीवंत और ऐतिहासिक बनाते हैं। 2 घंटे 40 मिनट का लंबा रनटाइम होने के कारण इसे सिनेमाघरों में शोज़ शेयर करने में थोड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है।

 

 

 

 

 

 

 

आवारापन 2 (बॉलीवुड)इमरान हाशमी की इस कल्ट-क्लासिक फ्रेंचाइजी के सीक्वल के ट्रेलर और म्यूजिक को लेकर दर्शकों में ज़बरदस्त क्रेज़ बना हुआ है।ट्रेलर और म्यूजिक रिस्पॉन्स: Cinephile इंस्टाग्राम ट्रेलर रिव्यूज के अनुसार, 'विंटेज इमरान हाशमी' का पुराना दर्द और एक्शन अवतार दर्शकों को बेहद पसंद आ रहा है। फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक और गाने काफी एनर्जेटिक और पुरानी यादें ताज़ा करने वाले हैं। कहानी में 'शिवम' का किरदार मौत के मुंह से बचकर वापस अपराध की दुनिया में लौटता है और अपनों के लिए बदला व मोक्ष तलाशता है।

 

 

 

 

 

 

 

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने स्वतंत्रता दिवस के इस क्लैश में शामिल तीनों फिल्मों को अपनी मंजूरी दे दी है। दिलचस्प बात यह है कि जहाँ सनी देओल की 'बँटवारा 1947' को बिना किसी कट के पास किया गया है, वहीं इमरान हाशमी की 'आवारापन 2' पर सेंसर बोर्ड की कैंची चली है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 


The End of Oak Street सेंसर सर्टिफिकेट 'UA' मिला है।फिल्म के मुख्य डायनासोर अटैक और सरवाइवल वाले सीन्स में विजुअल डैमेज या खून-खराबे की तीव्रता को भारतीय दर्शकों के लिहाज से थोड़ा टोन-डाउन (कम) किया गया है। साथ ही कुछ अंग्रेजी अपशब्दों को म्यूट या सबटाइटल्स से हटाया गया है।

 

 

 

 

 

'A' (Adults Only) सर्टिफिकेट मिलने से 'बँटवारा 1947' के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह का गहरा प्रभाव पड़ेगा। स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) जैसे बड़े नेशनल हॉलिडे वीकेंड पर पारिवारिक दर्शकों (Family Audience) का थिएटर्स में आना बहुत आम होता है, इसलिए यह रेटिंग फिल्म के बिज़नेस के समीकरण को बदल देती है।ट्रेड एनालिस्ट्स और बॉक्स ऑफिस ट्रेंड्स के अनुसार इस फैसले के नकारात्मक प्रभाव (चुनौतियां)फैमिली और बच्चों की नो-एंट्री: चूंकि कानूनन 18 साल से कम उम्र के बच्चे थिएटर्स में नहीं जा सकते, इसलिए स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जो पूरा परिवार एक साथ फिल्म देखने निकलता है, वह 'बँटवारा 1947' से दूर हो सकता है। वे इसके बजाय 'The End of Oak Street' (UA) या 'आवारापन 2' (UA 16+) को चुन सकते हैं।

 

 

 

 बड़े शहरों के मल्टीप्लेक्सों में नियमों का कड़ाई से पालन होता है। ऐसे में कॉलेज स्टूडेंट्स का वह ग्रुप या माता-पिता जो छोटे बच्चों के साथ आते हैं, उनकी टिकटें सीधे तौर पर कम हो जाएंगी।  बिना कट के असली सिनेमा: फिल्म समीक्षकों और मेकर्स का मानना है कि 'A' सर्टिफिकेट मिलने का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि फिल्म में सेंसर बोर्ड ने एक भी कट नहीं लगाया। निर्देशक राजकुमार संतोषी विभाजन के दर्द, दंगों और ऐतिहासिक क्रूरता को जिस ईमानदारी के साथ दिखाना चाहते थे, वह बिना किसी छेड़छाड़ के हूबहू स्क्रीन पर दिखेगी। आजकल की युवा पीढ़ी 'रॉ और रियलिस्टिक' (Raw & Realistic) सिनेमा पसंद करती है (जैसे Animal या Kabir Singh के मामले में देखा गया था)। सनी देओल का आक्रामक अंदाज़ और विभाजन की सच्ची, बिना कटी हुई हिंसक घटनाएं मास सेंटर्स (सिंगल स्क्रीन थिएटर्स) में दर्शकों को बेहद रोमांचित कर सकती हैं।मजबूत ओपनिंग की उम्मीद: Koimoi और IMDb की बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट के अनुसार, इस 'A' रेटिंग के बावजूद फिल्म अपने पहले दिन आसानी से 10 से 13 करोड़ रुपये की डबल-डिजिट ओपनिंग ले सकती है।इमरान हाशमी की 'आवारापन 2' ने रिलीज से पहले एडवांस बुकिंग के मामले में सनी देओल की 'बँटवारा 1947' पर एकतरफा बढ़त बना ली है! दोनों फिल्मों की एडवांस बुकिंग सोमवार (10 अगस्त 2026) देर रात खोल दी गई थी, जिसके बाद के शुरुआती आंकड़े 'आवारापन 2' के पक्ष में झुके हुए नजर आ रहे हैं।एडवांस बुकिंग और स्क्रीन शेयरिंग की पूरी रिपोर्ट निम्नलिखित है: एडवांस बुकिंग रिपोर्ट (शुरुआती आंकड़े)टिकटों की बिक्री: नेशनल चेन थिएटर्स (PVR INOX और Cinepolis) में 'आवारापन 2' ने अब तक लगभग 9,000 टिकटें बेच ली हैं। इसके मुकाबले 'बँटवारा 1947' केवल 1,050 टिकटें ही बेच पाई है। सैकनिल्क (Sacnilk) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 'आवारापन 2' ने करीब ₹21.50 लाख की ग्रॉस बुकिंग कर ली है, जबकि 'बँटवारा 1947' लगभग ₹8.55 लाख पर बनी हुई है। ट्रेड एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस मजबूत बढ़त के कारण 'आवारापन 2' अपने पहले दिन ₹11 करोड़ से ₹20 करोड़ के बीच धमाकेदार ओपनिंग कर सकती है, जो 'बँटवारा 1947' की तुलना में 3 से 4 गुना बड़ी होने की उम्मीद है।

 

 

 

 

 

दोनों बड़े बैनर्स की फिल्में होने के कारण सिनेमाघरों में स्क्रीन्स और शोज़ को लेकर निर्माताओं के बीच बड़ी खींचतान चल रही है। 'बँटवारा 1947' के डिस्ट्रीब्यूटर्स देश भर के सिंगल-स्क्रीन थिएटर्स पर शत-प्रतिशत (100%) कब्जा करने की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि सनी देओल का मास-एक्शन अवतार सिंगल स्क्रीन के दर्शकों के लिए एकदम सही है। 'आवारापन 2' को इसके कल्ट फ्रेंचाइजी वैल्यू और यूथ क्रेज के कारण मल्टीप्लेक्स और टियर-2 शहरों में बहुत अच्छी प्राथमिकता मिल रही है।

 

 

 

 

 

थिएटर्स के लिए इन दोनों फिल्मों को बराबर शोज़ आवंटित करना इसलिए भी मुश्किल हो रहा है क्योंकि पहले से चल रही हॉलीवुड फिल्म 'स्पाइडर-मैन' और आने वाली 'The End of Oak Street' के लिए भी शोज़ और आईमैक्स स्क्रीन्स को बचाकर रखना पड़ रहा है।

Monday, 29 June 2026

बॉक्स ऑफिस पर #EmraanHashmi का #Awarapan2 और #SunnyDeol का #Batwara1947 ?



उन्यासी साल पहले, १४ अगस्त १९४७ को भारत का बंटवारा कर, पाकिस्तान बनवाया गया था।  इस बार, स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले १४ अगस्त, २०२६ को भारत के बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों,  फिल्म के पर्दों, शोज और सीटों का बंटवारा होगा।  यह बटवारा बॉलीवुड की दो फिल्मों के माध्यम से  होगा।





१४ अगस्त २०२६ को बॉक्स ऑफिस पर दो फिल्मों का टकराव होने जा रहा है।  यह दोनों फ़िल्में अपनी घोषणा से ही फिल्म प्रेमियों के मध्य चर्चा में है।  यह दो फ़िल्में है इमरान हाशमी की रोमांस फिल्म आवारापन २ और सनी देओल की देश  के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बटवारा १९४७। 





आवारापन २, २००७ में प्रदर्शित इमरान हाशमी की थ्रिलर फिल्म आवारापन की सीक्वल फिल्म है।  इस फिल्म का निर्देशन नितिन कक्कड़ ने किया है।  फिल्म में, इमरान हाश्मी अपने १९ साल पहले के आवारापन के चरित्र शिवम् पंडित को दोहरा रहे है। इसमें उनका साथ दिशा पटानी, रणदीप हूडाऔर शबाना आज़मी दे रहे है।



 


वहीँ बटवारा १९४७, जिसे लाहौर १९४७ शीर्षक के साथ पूरा किया गया था, राजकुमार संतोषी की पीरियड ड्रामा फिल्म है। इस फिल्म को आमिर खान ने निर्मित किया है। फिल्म सनी देओल, प्रीति ज़िंटा और शबाना आज़मी ने अभिनय किया है। यह दोनों ही फ़िल्में दर्शकों का ध्यान आकृष्ट कर पाने में सफल होती है।  इसलिए उम्मीद तो यही की जाती है कि यह फ़िल्में अपने लक्षित दर्शकों को छविगृहों ला पाने में समर्थ होंगी। इसीलिए, उत्सुकता से देखा जा रहा है कि कौन फिल्म किस पर भारी पड़ती है अर्थात अधिक कारोबार कर पाती है।   





बटवारा १९४७  ज़्यादा मास अपील और सनी देओल के हालिया ट्रैक रिकॉर्ड और देशभक्ति थीम्स की वजह से अधिक ओपनिंग ले सकती है। अनुमानित है कि अपनी थीम और सनी देओल की छवि के कारण बटवारा १९४७ बॉक्स ऑफिस पर २० से ३० करोड़ का लक्ष्य पा सकती है। यह भी संभव है कि यह फिल्म स्वत्नत्रता दिवस सप्ताहांत का अपने विषय और सनी देओल की देशभक्ति से सरोबार एक्शन छवि तथा आमिर खान प्रोडक्टिविन की प्रतिष्ठा के प्रभाव से अधिक कारोबार भी कर सकती है। किन्तु, इसके बावजूद सनी देओल की फिल्म बटवारा १९४७ अपनी पूर्व की देशभक्तिपूर्ण फिल्मों बॉर्डर २ के प्रथम दिन ३२ करोड़ और ग़दर २ के ४० के लक्ष्य को नहीं पा सकेगी।





आवारापन २ प्रदर्शन पूर्व की सुगबुगाहट में सबसे आगे है। इसकी रोमांटिक शैली रोमांस फिल्मों के कीर्तिमानों को लक्ष्य में रखती है।  ऐसा प्रतीत होता है कि आवारापन २ का लक्ष्य  शायद रोमांस शैली में कीर्तिमान प्रारम्भ लेने वाली फिल्म सैयारा के २२ करोड़ नेट को तोड़ना चाहेगी। आवारापन कल्ट फिल्म मानी गई थी। आवारापन की कल्ट इमेज ज़बरदस्त नॉस्टैल्जिया लिए हुए है। इमरान हाशमी लम्बे समय बाद रोमांटिक मुद्रा में दिखाई देंगे।  इसी कारण से फिल्म को २२ से २५ करोड़ का नेट कारोबार करने की आशा है। 






दर्शकों के बंटवारे की दृष्टि से दोनों फिल्मों को उनके अलग-अलग जॉनर थोड़ा अलग बनाते हैं। इसलिए आवारापन २ शहरी युवाओं, जोड़ो और इमरान हाशमी के परंपरागत दर्शकों  को रोमांस-थ्रिलर नॉस्टैल्जिया के साथ टारगेट करती है, जबकि बटवारा १९४७ सनी देओल की एक्शन-हीरो इमेज और पार्टीशन ड्रामा के ज़रिए आम/ग्रामीण दर्शकों, परिवारों और देशभक्ति की भावना को अपील करती है। इस कारण से  इन फिल्मों के कलेक्शन में सीधे कमी नहीं हो सकती है, किन्तु, छविगृहों के पर्दों का बटवारा अवश्य कर जाती हैं। 






यद्यपि, स्वतंत्र दिवस सप्ताहांत की लंबी छुट्टियों और दर्शकों में फिल्मों के प्रति जोश बॉक्स ऑफिस पर उत्साह पैदा करते है। यह स्थिति बटवारा १९४७ के कथानक को सहयोग करती है। किन्तु, यदि सलमान खान की फिल्म मातृभूमि की संभावित प्रविष्टि इसे प्रभावित कर सकती है।  यह टकराव पर्दों को साझा करने का तनाव और खास सर्किट में एडवांस बुकिंग की लड़ाई को बढ़ाता हैं। 






सनी देओल की फिल्मों की खासियत होती है कि वह अपने कथानक और सन्देश के कारण अन्य फिल्मों पर भरी पड़ जाती है। यही कारण है कि फिल्म व्यापार के जानकारों का अनुमान है कि सनी देओल की फिल्म को ५५ से ६५ प्रतिशत परदे मिल सकते हैं। वही  आवारापन २ को रोमांस-थ्रिलर नॉस्टैल्जिया और युवा आबादी की पसंदगी के अनुरूप शहरी और मल्टीप्लेक्स छविगृहों में ४० से ६० प्रतिशत सीटें मिल सकती है।





यहाँ, १९ साल पूर्व के अतीत में विचारना होगा। इमरान हाशमी की म्यूजिकल रोमांस फिल्म आवारापन २९ जून २००७ को प्रदर्शित हुई थी। इसी दिन सनी देओल की पारिवारिक फिल्म अपने भी प्रदर्शित हुई थी। जून २००७ में, सनी देओल की फिल्म 'अपने' ने बॉक्स ऑफिस पर इमरान हाशमी की 'आवारापन' से अधिक व्यवसाय किया था। 'अपने' ने औसत प्रारम्भ किया था, जबकि 'आवारापन' की शुरुआत खराब रही थी।  यह दूसरी है कि बाद में फिल्म को कल्ट स्टेटस मिल गया। 




   

किन्तु, १९ साल बाद, आज स्थिति काफी कुछ बदली हुई है। २००७ में आवारापन २ और अपने छुट्टियों के सप्ताहांत के बिना प्रदर्शित हुई थी। जबकि २०२६ स्वतंत्रता दिवस सप्ताहांत के अतिरिक्त लम्बी छुट्टियों का सिलसिला है। इंडिपेंडेंस डे वीकेंड बटवारा १९४७ की देश विभाजन की पृष्ठभूमि के कथानक को पसंद प्राथमिकता देने वाला है, जिसमें पिछली देशभक्ति फिल्मों की सफलताओं की तरह लंबे समय तक चलने की संभावना है, जबकि आवारापन २ को सीक्वल की याद और शहरी मल्टीप्लेक्स वृद्धि का लाभ मिलता है। यह संकेत २००७ में दिखाई नहीं देता था

Wednesday, 7 August 2019

Mithun Chakraborthy का बेटा बैडबॉय


राजकुमार संतोषी के निशाने पर एक बार फिर युवा दर्शक हैं। उनकी अगली फिल्म बैडबॉय युवा जॉनर की फिल्म है। यानि कि फिल्म की कहानी में दोस्ती, प्रेम, गीत-संगीत और थोडा एक्शन की घालमेल होगी। निर्माता साजिद कुरैशी की फिल्म बैडबॉय के बैडबॉय नमाशी हैं, जो मिथुन चक्रवर्ती के बेटे हैं। फिल्म में नमाशी की नायिका, निर्माता साजिद कुरैशी की बेटी अमरीन हैं।


युवाओं के लिए संतोषी की फ़िल्में
घायल, पुकार और द लीजेंड ऑफ़ भगत सिंह जैसी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता फिल्मों के निर्देशक राजकुमार संतोषी ने हल्की-फुल्की युवा रोमांस वाली फिल्मों में भी हाथ आजमाया है। उनकी ऎसी पहली फिल्म अंदाज़ अपना अपना (१९९४) थी। इस फिल्म में आमिर खान और सलमान खान की जोड़ी बनाई गई थी। यह इस जोड़ी की इकलौती फिल्म है। इसके बाद, संतोषी की २००९ की  फिल्म अजब प्रेम की गज़ब कहानी और २०१३ की फिल्म फटा पोस्टर निकला हीरो भी युवा दर्शकों के लिए फ़िल्में थी। अजब प्रेम की गज़ब कहानी से पहली बार रणबीर कपूर और कैटरीना कैफ की जोड़ी बनी थी।

छह साल बाद वापसी
राजकुमार संतोषी की, फटा पोस्टर निकला हीरो की रिलीज़ के ६ साल बाद, वापसी हो रही है। उन्होंने, इस फिल्म की शूटिंग मई से बेंगलोर में शुरू की थी। यह फिल्म मुंबई शूट के बाद, समय से पहले ६० दिनों में पूरा कर लिया गया है। फिल्म के नायक नमाशी, पूर्व फिल्म अभिनेत्री योगिता बाली से मिथुन चक्रवर्ती के बेटे हैं। इस फिल्म को दीवाली वीकेंड में रिलीज़ किये जाने की योजना है। अगर ऐसा होता है तो इन दो नए चेहरों को अक्षय कुमार जैसे स्थापित अभिनेता की भारी बजट की फिल्म से भिड़ना होगा।

Tuesday, 27 November 2018

राजकुमार संतोषी के फ़तेह सिंह बनेगे सनी देओल !


घायल, दामिनी और घातक जैसी सुपरहिट फ़िल्में देने वाली राजकुमार संतोषी और सनी देओल के संबंधों में उस समय खटास पैदा हो गई थी, जब राजकुमार संतोषी ने भगत ससिंह के बलिदान पर अजय देवगन के साथ फिल्म द लीजेंड ऑफ़ भगत सिंह (२००२) बना कर, सनी देओल और बॉबी देओल की भगत सिंह फिल्म २३ मार्च १९३१ - शहीद के खिलाफ ला खडी की थी। अब यह बात दीगर है कि दोनों ही फ़िल्में सफल नहीं हुई।


भगत सिंह ने पैदा की दरार
लेकिन, इस टकराव ने देओल-संतोषी जोड़ी के बीच दूरियां पैदा कर दी थी। लेकिन, अब लगातार फ्लॉप फ़िल्में देने के बाद, सनी देओल को एक अच्छी एक्शन फिल्म की ज़रुरत महसूस हो रही है। राजकुमार संतोषी को भी समझ में आ गया है कि उनकी और सनी देओल की एक्शन जोड़ी बेमिसाल है।

२२ साल बाद
इसलिए, घातक की रिलीज़ के २२ साल बाद, यह दोनों सब कुछ भूल कर साथ आ रहे हैं। राजकुमार संतोषी की फिल्म फ़तेह सिंह में सनी देओल केंद्रीय भूमिका करेंगे।


पहले थे अजय देवगन
कुछ समय पहले यह अफवाह थी कि राजकुमार संतोषी के फ़तेह सिंह अजय देवगन बनेंगे। लेकिन, अब चूंकि सनी देओल और राजकुमार संतोषी के सम्बन्ध तनावपूर्ण नहीं रहे, सनी देओल को फ़तेह सिंह बना दिया गया है।

फ्लॉप प्रोडूसर की फिल्म
लेकिन, इस फिल्म को एक फ्लॉप प्रोडूसर साजिद कुरैशी बना रहे हैं।  साजिद ने, सनी देओल के कजिन अभय देओल के साथ नानू की जानू और गोविंदा के साथ कॉमेडी फिल्म फ्राईडे का निर्माण किया था । यह दोनों फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर कामयाब नहीं हो पाई थी।


साजिद की असफलता, अजय का इंकार
साजिद कुरैशी की फिल्मों की असफलता देख कर ही, अजय देवगन ने फ़तेह सिंह बनने से इंकार कर दिया था। क्या घायल, दामिनी और घातक जैसी सुपरहिट फ़िल्में देने वाली राजकुमार संतोषी और सनी देओल की जोड़ी साजिद कुरैशी को एक अदद हिट फिल्म दे सकेगी ?  


क्या फिल्म के लिए गायब हो गई कोमोलिका ? - पढ़ने के लिए क्लिक करें 

Friday, 24 August 2018

क्या सनी देओल बनेंगे राजकुमार संतोषी के योद्धा ?

अब यह तय हो गया  है कि सनी देओल और राजकुमार संतोषी अपने सारे मतभेद भुला कर एक बार फिर साथ आने जा रहे हैं ।

राजकुमार संतोषी की एक पीरियड ड्रामा फिल्म में सनी देओल सिख योद्धा फ़तेह सिंह की भूमिका करेंगे।

सनी देओल और राजकुमार संतोषी का यह साथ २२ साल बाद बनने जा रहा है।

इस जोड़ी ने, १९९० के दशक में, घायल (१९९०), दामिनी (१९९३) और घातक (१९९६) जैसी एक्शन फिल्मों का निर्माण किया था। इन फिल्मों ने, सनी देओल और राजकुमार संतोषी को सफलता और प्रशंसा दोनों ही दिलाई।

कहा जाता था कि राजकुमार संतोषी ने सनी देओल की  खूबियों और खामियों को ध्यान में रख कर ही फ़िल्में बनाई थी। दामिनी ने तो सनी देओल को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी दिलवाया था।

१६ साल पहले, इन दोनों के ईगो का टकराव हुआ २००२ में  शहीद भगत सिंह पर फिल्मों के कारण।

सनी देओल ने, अपने भाई बॉबी देओल को भगत सिंह बना कर फिल्म २३ मार्च १९३१ - शहीद का निर्माण किया था। इस फिल्म में सनी देओल शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की भूमिका में थे। फिल्म के निर्देशक गुड्डू धनोआ थे।

दूसरी तरफ, राजकुमार संतोषी अभिनेता अजय देवगन को भगत सिंह बना कर फिल्म द लीजेंड ऑफ़ भगत सिंह बना रहे थे।

सनी देओल और राजकुमार संतोषी की फ़िल्में ७ जून २००२ को टकराई। दोनों ही फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से पिटी। इसके बाद, संतोषी और देओल का दोस्ताना बिलकुल ख़त्म हो गया।

२०१३ में, राजकुमार संतोषी ने फ़तेह सिंह पर फिल्म बनाने का ऐलान संजय दत्त के साथ किया था।लेकिन, बात नहीं बन पाई।

अब, राजकुमार संतोषी ने स्क्रिप्ट को चुस्त दुरुस्त कर लिया है और सनी देओल को भी फिल्म में शामिल कर लिया है।

अगर, योद्धा फ़तेह सिंह पर फिल्म शुरू हो जाती है तो राजकुमार संतोषी और सनी देओल घातक के २२ साल बाद कैमरे के आमने-सामने होंगे। 


सनी देओल के बॉबी देओल और पापा धर्मेंद्र के साथ फिल्म यमला पगला दीवाना फिर से ३१ अगस्त को रिलीज़ हो रही है।

रायलसीमा के स्वतंत्रता सेनानी बने चिरंजीवी - पढ़ने के लिए क्लिक करें