Wednesday, 4 March 2026

क्या अब भी भारत छोड़ कर जायेंगी ईरानी अभिनेत्री #MandanaKarimi ?



आजकल, ईरान से आई दो अभिनेत्रियां मंदना करीमी और नोरा फतेही चर्चा में है। उनकी यह चर्चा, उनके ईरान में ख़ामेनई की मृत्यु और सत्ता परिवर्तन के बाद की है।  इससे वह सोशल मीडिया पर आलोचना का  शिकार भी हो रही है और समर्थन भी पा रही है।  आज हम चर्चा करते हैं मंदना करीमी की।  





२०२५ में, जब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी मिलिट्री बेस पर बमबारी की थी,  तब भारत में काम कर रही ईरानी मॉडल मंदाना करीमी ने भारत सरकार की आलोचना की थी।  उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि दुनिया जल रही है। कुछ देर पहले भारत ने पाकिस्तानी कश्मीर पर बमबारी की, जिसमें आम लोगों और बच्चों की मौत हो गई। कुछ देर पहले ही इज़राइल ने खान यूनिस में एक परिवार की हत्या कर दी। अमेरिका ने कल ही यमन पर बमबारी की, जिसमें आम लोगों की मौत हो गई। ये सभी मौतें नरसंहार करने वाली ताकतों का सीधा जवाब हैं, जिन्होंने एक-दूसरे से सीखा है कि आप बिना किसी सज़ा के युद्ध अपराध कर सकते हैं, जबकि दुनिया चुप रहती है। चाहे वह ज़ायोनिज़्म हो, हिंदुत्व फासीवाद हो या अमेरिकी अपवादवाद हो, साम्राज्यवाद लगातार बढ़ता जा रहा है और अपने रास्ते में आने वाली हर चीज़ को जला रहा है।





इस प्रकार से आजकल, बेकार बैठी फिल्म क्या कूल हैं हम २ में उदार अंग प्रदर्शन और अश्लील अंग सचांलन करने वाली ईरानी अभिनेत्री ने ऑपरेशन सिंदूर की तुलना हिंदुत्व फासीवाद से कर दी थी और भारत को नरसंहार करने वाली ताकत बताया था।  इस पोस्ट से सोशल मीडिया पर उन्हें देश से निकालने की मांग उठने लगी।





लेकिन बॉलीवुड में उन्हें कोई विरोध नहीं मिला क्योंकि बॉलीवुड खुद पाकिस्तान समर्थक, इस्लाम समर्थक और भारत विरोधी है। यही  कारण है कि देश के नेतृत्व को फासिस्ट कहने वाली अभिनेत्री के विरुद्ध बॉलीवुड ने सांस तक नहीं ली।  किन्तु, बॉलीवुड को ५० हजार से अधिक निर्दोष लोगों का क़त्ल करने वाले खूनी अयातुल्ला और ईरान के इस्लामिक शासन की बुराई पसंद नहीं आई । पता चला है कि ईरानी शासन की बुराई करने के कारण मंदना को इस साल जनवरी से बॉलीवुड ने कोई काम नहीं दिए है। बताते हैं कि इससे तंग का कर मंदना ने अपना बोरिया बिस्तर भारत से बाँध लेने की तयारी कर ली है। वह जल्द ही भारत छोड़ देंगी।





पता चला है कि युद्ध के चौथे दिन, जब अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा को नया नेता चुना गया, तो करीमी ने इसकी कड़ी आलोचना की । ईरान टुडे उर्फ़ इंडिया टुडे को इंटरव्यू में ईरान के नेतृत्व की कड़ी आलोचना करने पर टीवी की एंकर मरिया शकील और गीता मोहन ने उनकी बातों को बीच में ही काट कर खबरे दिखाना प्रारम्भ कर दिया। ऐसा लगता है कि इंडिया टुडे मुस्लिम देशों से घबराता है। क्योंकि इस टीवी ने करीमी ने पश्चिम विरोधी शिक्षाओं और हिजाब न तोड़ने पर कोड़े मारने जैसी सरकार की क्रूरता की निंदा करनी प्रारंभ कर दी थी ।





 फिलहाल, मंदना करीमी बुरी फंसी  है। वह ऑपरेशन सिन्दूर और सीएए की विरोधी होने के कारण भारत छोड़ कर ईरान जाने की तैयारी करने लगी थी। किन्तु अब जब ईरान का सुप्रीम लीडर अयातुल्ला का बीटा चुन लिया गया है, उनके लिए ईरान  भी बंद लगते हैं। क्या वह भारत रहेंगी या किसी दूसरे देश का रुख करेंगी ?

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