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Friday, 21 August 2026

रॉकिंग स्टार #Yash की #Toxic एडवांस बुकिंग

  


 

 

रॉकिंग स्टार यश की ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ की एडवांस बुकिंग शुरू, पहले ही दिन दिखा जबरदस्त क्रेज; नॉन-फ्रेंचाइज़ी फिल्म के लिए स्टार पावर का बड़ा सबूत

 

 




दुनियाभर में अपनी थिएट्रिकल रिलीज की उलटी गिनती शुरू होने के साथ ही टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स के मेकर्स ने फैंस को बड़ा तोहफा देते हुए फिल्म की एडवांस बुकिंग खोलने का ऐलान कर दिया है।

 




 

एडवांस बुकिंग के खुलने के खास मौके पर मेकर्स ने एक स्पेशल वीडियो भी जारी किया है, जिसमें रॉकिंग स्टार यश, डायरेक्टर गीतू मोहनदास और फिल्म की शानदार स्टारकास्ट नजर आ रही है। इस वीडियो में कई कैंडिड मोमेंट्स और खास बातचीत के जरिए नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत, हुमा कुरैशी, अक्षय ओबेरॉय और सुदेव नायर बताते हैं कि आखिर टॉक्सिक उनके लिए इतनी खास क्यों है। फिल्म की अलग दुनिया से लेकर गीतू मोहनदास के अनकन्वेंशनल डायरेक्शन तक, स्टारकास्ट की बातें फिल्म को लेकर उनके भरोसे और रिलीज से पहले की एक्साइटमेंट की झलक देती हैं।

 




 

इस अनाउंसमेंट ने यश को एक बार फिर बड़े पर्दे पर देखने की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। केजीएफ फ्रेंचाइज़ी की ऐतिहासिक सफलता के बाद यश की वापसी का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। केजीएफ: चैप्टर 2 ने दुनियाभर में ₹1,200 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था और यश को भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में और मजबूती से स्थापित किया था। अब टॉक्सिक के साथ यश ऐसी फिल्म लेकर लौट रहे हैं, जिसने अपने बड़े स्केल, अलग दुनिया और दमदार सिनेमैटिक विजन के चलते पहले ही जबरदस्त बज बना लिया है।

 




 

सबसे दिलचस्प बात यह है कि टॉक्सिक के पास न किसी फ्रेंचाइज़ी की विरासत है और न ही कोई पहले से स्थापित सिनेमैटिक यूनिवर्स। फिल्म पूरी तरह एक नई दुनिया के साथ दर्शकों के सामने आ रही है और इसके पीछे सबसे बड़ी ताकत है रॉकिंग स्टार यश की जबरदस्त स्टार पावर। एडवांस बुकिंग आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुकी है और शुरुआत से ही इसे शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। यह साफ दिखाता है कि यश का क्रेज सिर्फ किसी फ्रेंचाइज़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि दर्शक उन्हें एक बिल्कुल नई कहानी और नई दुनिया में देखने के लिए भी उतने ही एक्साइटेड हैं।

 

 




टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स 26 अगस्त 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार है। फिल्म को कन्नड़ और इंग्लिश में एक साथ शूट किया गया है और यह हिंदी, तेलुगु, तमिल और मलयालम में भी रिलीज होगी, ताकि इसकी अनोखी दुनिया अलग-अलग भाषाओं के दर्शकों तक पहुंच सके।

Friday, 14 August 2026

#Yash ने #Toxic में #HumaQureshi के रोल पर कहा- वह आपके होश उड़ा देंगी



 

 

टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स का ट्रेलर आखिरकार आ गया है, जो दर्शकों को फिल्म की अंधेरी और दिलचस्प दुनिया की एक झलक पेश करता है। जबकि ट्रेलर में कई आश्चर्य छुपाए गए हैं, रॉकिंग स्टार यश का मानना ​​है कि दर्शकों को हुमा कुरेशी की एक प्रस्तुति का इंतज़ार करना चाहिए।

 

 

 

 

 

बेंगलुरु में भव्य ट्रेलर लॉन्च पर बोलते हुए, यश ने फिल्म पर विश्वास करने और टीम पर भरोसा रखने के लिए हुमा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्वीकार किया कि अद्वितीय और स्वतंत्र सिनेमा के प्रति उनके झुकाव के बावजूद, उन्होंने अपना समय टॉक्सिक को समर्पित किया और अपने चरित्र के लिए निर्माताओं के दृष्टिकोण को अपनाया।

 

 

 

 

 

"इसके बावजूद, आपने इस फिल्म के लिए बहुत समय लिया है और आपने इस पर विश्वास किया है और आपने हमें आप में से प्रत्येक को स्थान देने की स्वतंत्रता दी है। मुझे पता है कि आप लोगों के पास यह होगा लेकिन आपको अभी भी विश्वास था।"

 

 

 

 

 

यश ने यह भी खुलासा किया कि ट्रेलर जानबूझकर हुमा के चरित्र को पीछे रखता है, यह संकेत देता है कि दर्शकों ने फिल्म में जो कुछ भी लाया है उसकी एक छोटी सी झलक ही देखी है। उनके अभिनय को लेकर आश्वस्त उन्होंने वादा किया कि वह बड़े पर्दे पर अमिट छाप छोड़ेंगी।

 

 

 

 

 

"लेकिन दोस्तों, मुझे हुमा को धन्यवाद देना है और आप सिनेमा में उनकी उपस्थिति देखेंगे। मुझे लगता है कि हमने उन्हें यहां बहुत कुछ नहीं दिखाया है। वह आपके होश उड़ा देने वाली हैं और उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है।"

 

 

 

 

 

अंत में उन्होंने अपने सह-कलाकार को धन्यवाद देते हुए कहा, "धन्यवाद, हुमा। इसका हिस्सा बनने के लिए धन्यवाद।"

 

 

 

 

 

यश द्वारा खुद हुमा कुरेशी के प्रदर्शन को फिल्म के सबसे बड़े आश्चर्यों में से एक के रूप में छेड़ने के साथ, उनके चरित्र के प्रति प्रत्याशा और भी मजबूत हो गई है। जैसे-जैसे टॉक्सिक अपनी नाटकीय रिलीज के लिए तैयार हो रही है, दर्शक बड़ी स्क्रीन पर बहुत सारी छिपी हुई परतों के सामने आने की उम्मीद कर सकते हैं।

#Toxic जैसा प्रोजेक्ट पहले कभी नहीं किया- #RukiminiVasanth

 


मुंबई में टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स के म्यूज़िक लॉन्च पर, रुक्मिणी वसंत ने फिल्म का हिस्सा बनने और मेलिसा की दुनिया में कदम रखने के अपने अनुभव के बारे में बताया, और इस प्रोजेक्ट को ऐसा बताया जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं किया।





 

टॉक्सिक उनके लिए क्या खास बनाता है, इस बारे में बात करते हुए, रुक्मिणी ने कहा, “टॉक्सिकहर उस व्यक्ति के लिए खास है. जो इसका हिस्सा रहा है, खासकर मेरे लिए। इसमें बहुत सी चीजें हैं जिनके बारे में मैं बात कर सकती हूँ। जिस दुनिया में हम रहते हैं, उसका विस्तार है। मुझे लगता है कि इसका स्केल कुछ ऐसा था जिसने पहली बार इसके बारे में सुनते ही मुझे चौंका दिया था।




 

हालांकि, उन्होंने बताया कि उन्हें सिर्फ फिल्म का स्केल और भव्यता ही नहीं, बल्कि इसके किरदारों की कॉम्प्लेक्सिटी भी पसंद आई। “लेकिन मुझे लगता है, इसके स्केल और इस दुनिया की भव्यता के साथ-साथ इन सभी किरदारों का शानदार ग्रेनेस भी है। उनमें से हर एक बहुत रॉ और बहुत ह्यूमन है 




रुक्मिणी ने अपनी जिज्ञासा के बारे में बताया कि वह यह जानना चाहती हैं कि टॉक्सिक की बड़ी दुनिया में मेलिसा कहाँ फिट होती है और उसका किरदार कहानी के दूसरे किरदारों से कैसे जुड़ता है। उन्होंने कहा, “मैं इस सफ़र को लेकर बहुत उत्साहित थी कि मेलिसा इस दुनिया में कैसे फिट होती है और बाकी लोग एक-दूसरे से कैसे जुड़े हैं। और यह सब कैसे एक साथ जुड़ा हुआ है, मुझे लगता है कि मैं बस इसके बारे में जानने को उत्सुक थी।”





 

एक्टर ने यह भी माना कि यश के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करने का मौका मिलना इस अनुभव का एक रोमांचक हिस्सा था। रुक्मिणी ने कहा, “यश सर की फैन गर्ल होने और फिर स्क्रीन स्पेस शेयर करने की बात भी है। यह मेरे लिए भी अविश्वसनीय था।”





 

यह पूछे जाने पर कि टॉक्सिक को क्या खास बनाता है, खासकर जब दर्शकों ने उन्हें पहले कभी इस तरह की दुनिया या किरदार में नहीं देखा है, रुक्मिणी ने कहा, “यह उन सभी किरदारों से बहुत अलग है जो मैंने पहले किए हैं। मुझे लगता है कि उनमें एक खासियत और एक खास जे ने सईस क्वॉई है।”





 

टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स, जिसे गीतू मोहनदास ने डायरेक्ट किया है और जिसमें यश, नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी हैं, 26 अगस्त, 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

Monday, 10 August 2026

रॉकिंग स्टार #Yash का #ToxicTrailer !

 

 

काफी इंतज़ार के बाद आखिरकार टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स का ट्रेलर आ गया है, जो एक हुए दुनिया की पहली झलक देता है जहाँ कैओस का टकराव कैओस से होता है, वफादारियाँ टेस्ट होती हैं और हर किरदार अपनी अलग कहानी लेकर चलता है। रॉकिंग स्टार यश की अगुवाई में ये ट्रेलर टॉक्सिक को एक बड़े स्केल वाली, लार्जर दैन लाइफ मैग्नम ओपस के रूप में पेश करता है, जिसमें हाई-ऑक्टेन एक्शन के साथ एक इमोशन से भरी कहानी है—जो प्यार, पावर की भूख, धोखा और रिडेम्प्शन पर टिकी है। दमदार विजुअल्स, धमाकेदार एक्शन, लेयर्ड कैरेक्टर्स और इंटेंस रिश्तों के साथ ये ट्रेलर एक ऐसे गैंगस्टर सागा का वादा करता है जो जितना स्पेक्टैक्युलर है, उतना ही इमोशन से भरा हुआ भी है।



 

 

टॉक्सिक के दिल में बसी है राया और उसके बेटे टिकट के बीच की कॉम्प्लेक्स रिलेशनशिप, जो इस बड़े गैंगस्टर वर्ल्ड को एक इमोशनल गहराई देती है। ट्रेलर में रिश्तों और दुश्मनियों का एक पूरा जाल भी दिखाया गया है, जिसमें नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी के किरदारों की झलक मिलती है। पूरी स्टारकास्ट जबरदस्त असर छोड़ती है, जहाँ हर कलाकार अपने किरदार में अलग शेड्स और इंटेंसिटी लेकर आता है।




 

 

अवॉर्ड-विनिंग फिल्ममेकर गीथू मोहनदास अपनी यूनिक स्टोरीटेलिंग और विजुअल स्टाइल के साथ टॉक्सिक में एक इमर्सिव और अनप्रेडिक्टेबल दुनिया रचती हैं। ट्रेलर में यश vs यश का जबरदस्त फेस-ऑफ देखने को मिलता है, जहाँ यश राया और टिकट दोनों किरदार निभा रहे हैं—एक बाप और बेटा, जो एक धमाकेदार टकराव के दो अलग किनारों पर खड़े हैं। इस सेंट्रल लड़ाई के अलावा, ट्रेलर फिल्म की एम्बिशियस वर्ल्ड-बिल्डिंग भी दिखाता है—हाई-ऑक्टेन एक्शन, थ्रिलिंग सीक्वेंस, शानदार प्रोडक्शन डिजाइन और एटमॉस्फेरिक विजुअल्स के जरिए। सिनेमैटोग्राफी इस डार्क और टेक्सचर्ड दुनिया को और भी विजुअली अरेस्टिंग बनाती है, जबकि गीथू एक्शन, इमोशन और कैरेक्टर डायनामिक्स को मिलाकर एक एम्बिशियस सिनेमैटिक एक्सपीरियंस पेश करती हैं।

 




 

इंग्लिश और कन्नड़ में एक साथ शूट की गई टॉक्सिक को हिंदी, तेलुगु, तमिल और मलयालम में भी डब्ड वर्ज़न में रिलीज़ किया जाएगा, ताकि इसकी एक्शन और थ्रिल से भरी दुनिया हर भाषा के दर्शकों तक पहुँच सके।

 




 

गीथू मोहनदास के निर्देशन में बनी टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स में यश, नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। KVN प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस द्वारा निर्मित ये फिल्म 26 अगस्त 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के लिए तैयार है।

Friday, 3 July 2026

क्या कामुक हैं #ToxicTheMovie की #LadiesAndLadies ?



कन्नड़ सुपरस्टार यश की अखिल विश्व फिल्म टॉक्सिक, अपनी घोषणा के साथ ही चर्चा में आ गई थी।  दर्शकों को, केजीएफ फिल्मों के नायक यश की इस फिल्म की उत्सुकता से प्रतीक्षा थी।  किन्तु, १ जुलाई को फिल्म की महिला चरित्रों का  परिचय कराने वाला टीज़र जारी हुआ, यह फिल्म विवादित रूप से चर्चा में आ गई।  







टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स को पावर और ग्लैमर का जबरदस्त जश्न बताया जा रहा है।  गीतू मोहनदास निर्देशित फिल्म टॉक्सिक में पांच महिला चरित्र है।  १ जुलाई को अनावृत टीज़र इन चरित्रों का परिचय करने वाला है।  समीक्षक इस टीज़र को महिला चरित्रों का विषैला परिचय बता रहे है।   






इसमें कोई संदेह नहीं कि इस टीज़र में शक्ति और सेक्सी  सौंदर्य का प्रभावशाली परिचय हुआ है।  यश का मरदाना जिस्म उनकी शक्ति और क्षमता का परिचय देता है।  उनको देखते हुए आप भयभीत भी हो सकते है।  यद्यपि, वह ऐसा कुछ करते दिखाई नहीं देते।  क्योंकि, वह फिल्म के गैंगस्टर तो हैं ही।  






कुछ समीक्षकों का मानना है कि फिल्म बताती है कि महिला चरित्रों को किस प्रकार से प्रस्तुत किया जाना चाहिए।  ऐसा, कदाचित इसलिए कहा जा रहा है कि फिल्म कोई निर्देशक गीतू मोहनदास स्वयं एक महिला है।  एक महिला दूसरी महिला की सेक्स अपील और कामुकता को भली भांति प्रस्तुत कर सकती है।  गीतू मोहनदास से पहले भी कई महिला फिल्म निर्देशक ऐसा दावा करती रही है। 






अखिल भारतीय और अखिल विश्व आकर्षण  वाली फिल्म टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स में बॉलीवुड की किआरा अडवाणी, तारा सुतरिया और हुमा कुरैशी जैसी सेक्सी अभिनेत्रियां हैं तो दक्षिण से नयनतारा और रुक्मिणी वसंत का ग्लैमर भी है। फिल्म की इन महिला चरित्रों को, टीज़र में कुछ इस प्रकार से प्रस्तुत किया गया है कि वह कामुक भी दिखती है और यश जैसे गैंगस्टर से भिड़ जाने वाली शक्तिशालिनी सुंदरियाँ भी। 






क्या टॉक्सिक टीज़र सचमुच महिला चरित्रों की इतनी टॉक्सिक झलक दिखा जाता है कि होहल्ला मचा हुआ है ! टॉक्सिक का लेडीज एंड लेडीज प्रोमो ग्लैमरस, डार्क  विज़ुअल्स पर केंद्रित है। इससे फिल्म की पांच महिलाओं की सेक्सुअलिटी चित्रण पर शंका पैदा हो सकती है। किन्तु, ध्यान रहे कि टीज़र में कहीं भी नग्न या उकसाने वाले अंग प्रदर्शन नहीं है। 






आरोप लगाया जा रहा है कि टीज़र से, महिला  चरित्रों का ऑब्जेक्टिफिकेशन होता लगता है। जिस प्रकार से, यश पांच महिलाओं को युद्ध मुद्रा में अपने सामने देखते हैं, वह कहते हैं लेडीज एंड लेडीज ! क्या एक एक कर आओगी या पांचों एक साथ होगी।  लोग इसे द्विअर्थी बता रहे है। महिला चरित्रों को वस्तु की भांति प्रस्तुत करना बता रहे है। 






इस फिल्म के प्रारंभिक एक टीज़र में एक कार के दृश्य की आलोचना हुई थी। इसे मेल गेज़ बताया गया था।  मेल गेज़ का अर्थ फिल्मों में नारी चरित्र का पुरुष दृष्टि से कामुक चित्रण किया जाना।  इसमें नारी शरीर को वस्तु की तरह, पुरुष दर्शको की कामवासना उभाड़ने का प्रयास किया जाता है। 







जहाँ तक, महिला चरित्र का वस्तुकरण करने की बात है, इस प्रकार के चित्रण वाली कई फ़िल्में पहले भी बन चुकी है।  महेश भट्ट और उनकी कंपनी महिला चरित्र को मेल गेज़ की तरह ही प्रस्तुत करती थी।  जिस्म, मर्डर, आदि भट्ट कैंप की फ़िल्में ऐसा ही वस्तुकरण करने वाली होती थी। रामगोपाल वर्मा की फिल्म रंगीला मेल गेज़ का श्रेष्ठ उदाहरण है।  इस फिल्म की नायिका उर्मिला मातोंडकर अपने कामुक अंग प्रदर्शन और हाव भाव के कारण चर्चित हो गई थी। 






किन्तु, टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स की गीतू मोहनदास मेल गेज़ के आरोपों को नकारते हुए इस फिल्म को फीमेल गेज़ फिल्म बताती है।  फीमेल गाजे की अवधारण स्थापित करती है कि किसी भी नारी में कामुकता होती है।  वह अपनी इस कामुकता को कैसे मिटाती है, वह उस  चरित्र पर निर्भर है।  गीतू मोहनदास अपनी फिल्म की नारी चरित्र के चित्रण को फीमेल प्लेज़र बताती है। यदि, कोई महिला अपनी कामुकता के चलते किसी पुरुष से सम्बन्ध बनाना चाहती है तो वह उसका अपना सुख है।  गीतू मोहनदास कहती है, "यह नारी सुख, सहमति और तंत्र का अपने अनुसार उपयोग करना है। फिल्म की महिलाएं सशक्त हैं और आत्मनिभर है।" 






गीतू मोहनदास की माने तो टॉक्सिक के महिला चरित्र यश के चरित्र के सेक्स गुलाम नहीं।  वह अपनी सहमति से सेक्स कर सकती है और सुख प्राप्त कर सकती है। वह तंत्र को अपने अनुसार उपयोग कर सकती है।  वह गहराई से भावुक है।  किन्तु, वास्तविकता क्या है, यह तो फिल्म प्रदर्शित होने के पश्चात् ही पता चलेगा।  इस समय तो टॉक्सिक विवादित हो चुकी है।  इससे फिल्म को भारी प्रचार मिला है और बड़ी ओपनिंग सुनिश्चित है। कदाचित फिल्मकार का उद्देश्य यही था।  इससे फिल्म वयस्कों के लिए प्रमाणपत्र प्राप्त करेगी। किन्तु, इससे क्या ? एनिमल भी तो वयवस्कों के लिए थी और कबीर सिंह भी। 

Wednesday, 1 July 2026

#Yash की #Toxic को सेक्सी बनाती #Nayanthara @advani_kiara #TaraSutaria @rukminitweets @humasqureshi !

 


 

लेडीज़ एंड लेडीज़’ के साथ और भी खतरनाक हुई टॉक्सिक की दुनिया: दमदार महिलाओं ने संभाली कमान, यश लौटे हाई-इम्पैक्ट एक्शन अवतार में 

 

 

बोल्ड, दमदार और बेखौफ: ‘लेडीज़ एंड लेडीज़’ ने टॉक्सिक की दुनिया को दिया नया विस्तार

 


 

टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स की दुनिया अब पहले से भी ज्यादा खतरनाक और रोमांचक हो गई है। ‘लेडीज़ एंड लेडीज़’ के लॉन्च के साथ फिल्म का एक नया वीडियो सामने आया है, जो इस डार्क और स्टाइलिश दुनिया की ताकतवर महिलाओं पर रोशनी डालता है। पावर, मिस्ट्री, एटीट्यूड और रोमांच से भरपूर यह वीडियो उन महिला किरदारों की झलक देता है जो इस कहानी को दिशा दे रही हैं — और साफ कर देता है कि वे किसी के बनाए नियमों पर चलने वाली नहीं हैं।

 



 

नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी हर फ्रेम में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराती हैं। उनके किरदार जितने प्रभावशाली हैं, उतने ही जटिल भी। नयनतारा का तीखा और प्रभावशाली अंदाज़, कियारा की आकर्षक और भावनात्मक झलक, तारा की सहज और जीवंत उपस्थिति, रुक्मिणी की तीव्रता और हुमा की दृढ़ और प्रभावी झलक — हर एक किरदार टॉक्सिक की दुनिया पर अपनी अलग छाप छोड़ता है। इस पूरे माहौल को और गहराई देता है एक प्रभावशाली महिला वॉइस-ओवर, जो कहानी को एक महिला के दृष्टिकोण से पेश करता है और उसमें रहस्य, शक्ति और विद्रोह की भावना जोड़ता है।

 



 

वीडियो की शुरुआत से ही इसका विद्रोही अंदाज़ साफ नजर आता है, जब स्क्रीन पर एक चेतावनी दिखाई देती है: “बच्चे… दूर रहें। माता-पिता… अपने बच्चों को दूर रखें। दादा-दादी… अपने बच्चों के बच्चों को भी दूर रखें। परदादा-परदादी… अपनी जिम्मेदारी पर देखें।” यह बेबाक और साफ चेतावनी फिल्म के मूड को पूरी तरह दर्शाती है।

Tuesday, 30 June 2026

#Nagabandham से हो सकती है #Alpha और #BabyDoDieDo को #Shiver



यो तो सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया पर, बॉक्स ऑफिस पर अल्फा और बेबी डू डाई के टकराव की ही चर्चा है।  किन्तु, बॉक्स ऑफिस पर तीसरा और चौथा कोण, वास्तव में तीसरा कोण ही उलटफेर कर सकता है।  यह तीसरे और चौथे कोण, अल्फा और बेबी डू डाई डू को नागबंधन में बांध सकते है या शिविर पैदा कर सकते हैं।  क्या आप नहीं समझे? 





जी हां, हम  इसी सप्ताह ३ जुलाई २०२६ को रिलीज हो रही पैन-इंडिया पौराणिक फिल्म 'नागबंधम' द सीक्रेट ट्रेज़र और हॉलीवुड फिल्म शिविर की। नागबंधम और शिविर के प्रदर्शित होने का 'अल्फा' और 'बेबी डू डाई डू' के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर  पर काफी बड़ा और गहरा प्रभाव पड़ने वाला है।






जहाँ नागबंधम पौराणिक कथानक पर खजाने के रहस्य के कथानक पर है, वही दूसरी और शिविर एक हॉरर थ्रिलर फिल्म है।  सभी जानते हैं कि हिंदी पेटी के दर्शकों को हॉरर बहुत भाता है।  चूंकि, शिविर एक छोटी फिल्म है, किन्तु, इसका उपरोक्त दो फिल्मों के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर सीमित प्रभाव अवश्य दिखाई देगा।




'नागबंधमका सबसे बड़ा खतरा इसकी अखिल भारतीय अपील है। यह सनातन पर आधारित है। 'नागबंधम' एक बड़े बजट की पौराणिक एडवेंचर-थ्रिलर फिल्म है, जो प्राचीन विष्णु मंदिरों और गुप्त 'नागबंधम' मंत्र के रहस्यों पर आधारित है। यह फिल्म हिंदी, तेलुगु और तमिल सहित कई भाषाओं में बड़े स्टार पर ज़ी स्टूडियोज द्वारा रिलीज हो रही है। चूंकि 'अल्फा' का प्रदर्शन पूर्व का माहौल पहले से ही कमजोर है, 'नागबंधम' हिंदी बेल्ट और विशेषकर दक्षिण भारत में उसके स्क्रीन काउंट और दर्शकों की संख्या को बुरी तरह प्रभावित करेगी। जो दर्शक बड़े पर्दे पर भव्य सिनेमा देखना चाहते हैं, वे कमजोर हाइप वाली 'अल्फा' की बजाय 'नागबंधम' को चुन सकते हैं।





वही, बेबी डू डाई डू का बजट छोटा है और यह एक सस्पेंस डार्क-कॉमेडी है। 'नागबंधम' के आने से इसे मल्टिप्लेक्सों में स्क्रीन्स मिलने में कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि थिएटर मालिक 'नागबंधम' को अधिक शोज दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त 'शिवरका प्रभाव बेबी डू डाई डू के लक्षित दर्शकों का बंटवारा कर पड़ेगा। 'शिवर' एक विशुद्ध हॉरर/साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है। इसलिए इसका सीधा मुकाबला 'बेबी डू डाई डू' से होगा, क्योंकि दोनों ही फिल्में थ्रिलर जॉनर (Genre) की हैं। जो दर्शक इस वीकेंड पर कुछ डरावना या सस्पेंस से भरपूर देखना चाहते हैं, उनकी पसंद इन दोनों फिल्मों के बीच बंट जाएगी, जिससे 'बेबी डू डाई डू' की दर्शक संख्या में थोड़ी कमी आ सकती है।






इस चौकोणीय संघर्ष के कारण सिनेमाघरों में स्क्रीन्स और शोज का भयंकर बंटवारा होगा। ऐसे में 'अल्फा' के लिए अपनी भारी लागत वसूलना और मुश्किल हो जाएगा। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' और 'नागबंधम' को अपने-अपने जॉनर के दर्शकों का साथ मिलने की उम्मीद ज्यादा है।






फिल्म व्यापार के विशेषज्ञों के अनुसार, चारों फिल्मों के स्क्रीन शेयरिंग प्रतिशत और पहले सप्ताहांत के संभावित कलेक्शन का विश्लेषण निम्न अनुसार है- 




स्क्रीन शेयरिंग प्रतिशत - सिनेमाघरों (मल्टिप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन) में शोज का बंटवारा इस प्रकार हुआ है। अल्फा को ४५ प्रतिशत स्क्रीन शेयर मिला है। बड़ा बैनर की फिल्म होने के कारण इसे हिंदी बेल्ट के मल्टिप्लेक्सों में सबसे ज्यादा शोज मिले हैं।नागबंधम को ३५ प्रतिशत स्क्रीन शेयर मिला है। दक्षिण भारत में इस फिल्म का दबदबा ७० प्रतिशत से अधिक है, जबकि हिंदी मार्केट में इसे ज़ी स्टूडियोज की वजह से लगभग २५-३० प्रतिशत स्क्रीन्स मिली हैं ।





बेबी डू डाई डू का स्क्रीन शेयर १२ प्रतिशत का है। सीमित बजट और कल्ट अपील के कारण इसे मुख्य रूप से मेट्रो शहरों के चुनिंदा मल्टिप्लेक्सों में जगह मिली है ।





शिवर को ८ प्रतिशत स्क्रीन शेयर एक हॉलीवुड/इंग्लिश सर्वाइवल थ्रिलर फिल्म होने के कारण इसे केवल बड़े शहरों के चुनिंदा अंग्रेजी शोज दिए गए हैं ।






इस प्रकार से इन फिल्मों का पहले सप्ताहांत का संभावित बॉक्स ऑफिस कलेक्शन  पहले तीन दिनों (शुक्रवार से रविवार) में का २८ से ३२ करोड़ अनुमानित है। सौ करोड़ से अधिक के बजट वाली फिल्म के लिए यह वीकेंड कलेक्शन बेहद निराशाजनक माना जाएगा। 'नागबंधम' के कारण इसके मास-सर्किट (सिंगल स्क्रीन्स) के दर्शक बुरी तरह बंट गए हैं।





नागबंधम पहला वीकेंड कलेक्शन सभी भाषाओं में ४५-५५ प्रतिशत आँका गया है। अपनी पौराणिक थीम और शानदार विजुअल्स के कारण यह फिल्म इस वीकेंड की सबसे बड़ी कमाऊ फिल्म बनने की राह पर है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और हिंदी बेल्ट के सिंगल स्क्रीन्स पर यह फिल्म 'अल्फा' को कड़ी शिकस्त दे रही है।





वही बेबी डू डाई डू का संभावित वीकेंड कलेक्शन ८-१० करोड़ के आसपास रह सकता है।अपने बजट की दृष्टि से तीन दिनों में दस करोड़ के आसपास पहुंचना, इस फिल्म के लिए एक अच्छी और सुरक्षित स्थिति होगी। अमर कौशिक के निर्देशन और हुमा के अभिनय को मिल रही तारीफ इसे लंबी रेस का घोड़ा बना सकती है।





शिवर का संभावित वीकेंड कलेक्शन ढाई से साढ़े तीन करोड़ के आसपास रह सकता है।सीमित स्क्रीन्स और केवल अंग्रेजी भाषा में होने के कारण इसका कलेक्शन कम रहना स्वाभाविक है। किन्तु, यह 'बेबी डू डाई डू' के कुछ सस्पेंस-थ्रिलर प्रेमी दर्शकों को अपनी ओर खींचने में सफल रहेगी।





वर्तमान में, इस चौ-कोणीय मुकाबले में 'नागबंधम' अपनी पैन-इंडिया अपील के कारण बॉक्स ऑफिस की रेस में सबसे आगे निकलती दिख रही है। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' अपने छोटे बजट की वजह से सुरक्षित है। सबसे बड़ा घाटा 'अल्फा' को हो रहा है, जिसे 'नागबंधम' की आंधी के कारण भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।





किन्तु, इससे यह निष्कर्ष निकलना ठीक नहीं कि अल्फा के लिए क्या आलिया भट्ट का स्टार स्टेटस नाकाम हो रहा है। जी नहीं, उनका स्टार स्टेटस पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। लेकिन 'जिगरा' के बाद उन पर दबाव बढ़ा है । पर आलिया भट्ट आज भी बॉलीवुड की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में से हैं जो अपने दम पर किसी फिल्म को आठ से दस करोड़ की ओपनिंग दिला सकती हैं।  दर्शकों में उत्साह की कमी के बावजूद 'अल्फा' की पहले दिन की अनुमानित कमाई हुमा की फिल्म से कहीं अधिक है।





अलबत्ता, गंगूबाई काठियावाड़ी' और 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' की सफलता के बाद, 'जिगरा' का फ्लॉप होना और अब 'अल्फा' का ठंडा प्री-रिलीज उत्साह यह दिखाता है कि दर्शक सिर्फ स्टार के नाम पर थिएटर नहीं आ रहे हैं। उन्हें वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स से और बेहतर कंटेंट की उम्मीद थी।





इसी प्रकार से यह भी नहीं कहा जा सकता है कि हुमा कुरैशी की पहचान हिंदी दर्शकों को आकर्षित नहीं कर पा रही है। हुमा की पहचान 'मास स्टार' की नहीं, बल्कि 'कल्ट/ओटीटी स्टार' की है । महारानी सीरीज की हुमा कुरैशी को दर्शक बेहतरीन अदाकारी के लिए जानते हैं, न कि २० करोड़ की बंपर ओपनिंग के लिए । उनके नाम पर दर्शक पहले दिन थियेटर नहीं भागते, लेकिन फिल्म का अनोखा कांसेप्ट (मूक-बधिर हिटवुमन) और अमर कौशिक-नचिकेत सामंत का कॉम्बिनेशन दर्शकों को 'माउथ पब्लिसिटीके जरिए धीरे-धीरे थिएटर्स तक खींच ला सकता है ।





यदि बॉक्स ऑफिस के 'बिजनेस मॉडल' और मुनाफे को देखा जाए, तो इस टकराव की असली विजेता 'बेबी डू डाई डूबनती दिख रही है। भारी बजट वाली फिल्म अल्फा का कारोबार,  'नागबंधम' के पैन-इंडिया क्रेज के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बड़े बजट की वजह से इसके लिए १५० करोड़ का आंकड़ा पार करना बेहद मुश्किल चुनौती बन गया है ।





इस प्रकार से, कुल कमाई के मामले में 'अल्फा' आगे रहेगी, लेकिन बिजनेस के नियमों (प्रतिशत लाभ) और बॉक्स ऑफिस वर्डिक्ट के लिहाज से 'बेबी डू डाई डू' एक सुरक्षित और बड़ी विनर साबित होगी।

#AliaBhatt की #Alpha से टकराती #HumaQureshi की #BabyDoDieDo



इस शुक्रवार दो महिला हत्यारिनो का टकराव होने जा रहा है। यह महिलाएं, अपने कारण से या किसी के कहने से पैसा लेकर या फ्रीलांसिंग कर हत्याएं करती है। इन विदेशी सिनेमा से प्रेरित इन चरित्रों के माध्यम से यह टकराव आलिया भट्ट की फिल्म  'अल्फा' और हुमा कुरैशी की फिल्म 'बेबी डू डाई डू' के बीच होगा।  बॉक्स ऑफिस पर दो फिल्मों की यह भिड़ंत ३ जुलाई २०२६ को होने जा रही है। दोनों ही फिल्मों में महिला हत्यारों (फीमेल हिटवुमन) की कहानी दिखाई गई है। इन फिल्मों से सिनेमाघरों में एक्शन का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। 






अल्फा, वाईआरएफ के स्पाई यूनिवर्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म है। यशराज फिल्म्स इस फिल्म से पहली बार महिला स्पाई लेकर आ रहा है। इस फिल्म में आलिया भट्ट के साथ शरवरी लीड रोल में नजर आएंगी। बॉबी देओल की विशिष्ट केंद्रीय भूमिका है। बेबी डू डाई डू फिल्म में हुमा कुरैशी ने एक मूक-बधिर हिटवुमन का किरदार निभाया है जो अपनी दिवंगत बहन की आवाज सुनकर खूंखार मिशन को अंजाम देती है।  उनके साथ फिल्म में सिकंदर खेर और चंकी पांडे भी प्रमुख भूमिकाओं में है। 





बॉक्स ऑफिस पर दो महिला फिल्मों की टक्कर दर्शकों के लिए काफी रोमांचक है। क्योंकि एक तरफ बड़े बजट और जासूसी फ्रेंचाइजी फिल्म 'अल्फा' है तो दूसरी तरफ हुमा कुरैशी की सस्पेंस-थ्रिलर 'बेबी डू डाई डू' है।  'बेबी डू डाई डू' को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त  माहौल बना हुआ है।  हॉलीवुड निर्देशक जैक स्नाइडर द्वारा इसके एक्शन की तारीफ किए जाने के बाद दर्शकों में फिल्म के प्रति उत्सुकता और बढ़ गई है। 






बजट, प्री-रिलीज बिजनेस और मौजूदा मौजूदा माहौल के गणित को देखते हुए हुमा कुरैशी की 'बेबी डू डाई डू'  के बॉक्स ऑफिस पर 'हिट' का टैग हासिल करने की संभावना काफी अधिक है। फिल्मों का व्यापारिक विश्लेषण के अनुसार बेबी डू डाई डू  के  हिट होने की सबसे  सशक्त कारण कम बजट, सुरक्षित दांव है। फिल्म की अनुमानित लागत मात्र २२ करोड़ है। कम लागत होने के कारण फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर क्लीन 'हिट' होने के लिए केवल ४० से ५० करोड़ का लाइफटाइम कलेक्शन करना होगा, जो इसके अनोखे 'मूक-बधिर हिटवुमन' कांसेप्ट के चलते काफी आसान लग रहा है।






बेबी डू डाई डू  के  पक्ष में सबसे महत्वपूर्ण बात इसका प्रभावशाली प्रदर्शन पूर्व बना माहौल है।  हॉलीवुड डायरेक्टर द्वारा इसके एक्शन की तारीफ करने के बाद से सोशल मीडिया पर इसका वर्ड-ऑफ-माउथ बेहद सशक्त है।







अल्फा की अधिक जोखिम और बड़ी चुनौती, इसका भारी-भरकम बजट माथे पर सिलवटें लाने वाला है। वाईआरएफ  की इस एक्शन थ्रिलर का बजट अस्सी करोड़ से १२० करोड़ के बीच आंका जा रहा है। इस बजट के मद्देनजर फिल्म को केवल 'हिट' का दर्जा पाने के लिए  ही भारत में कम से कम १४०-१६० करोड़ का नेट बिजनेस करना होगा।







किन्तु, अल्फा की प्रदर्शन से पूर्व की हाइप काफी कमजोर है। ट्रेड एनालिस्ट्स के अनुसार, रिलीज के ठीक पहले 'अल्फा' का सोशल मीडिया पर माहौल काफी ठंडा पड़ा है। अगर फिल्म को पहले दिन सिंगल-डिजिट (१० करोड़ से कम) की ओपनिंग मिलती है, तो इतने बड़े बजट की रिकवरी करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।







इस तुलना से स्पष्ट है कि अनुमानित बजट के प्रकाश में इन फिल्मों को हिट होने के लिए  जरूरी कमाई का कर लेना आवश्यक हो जाता है। वर्तमान प्री-रिलीज स्थिति में बेबी डू डाई डू अपने बजट २२ करोड़ के बदले में ४०-४५ करोड़ की उम्मीद कर सकती है। जबकि, अल्फा  ८०-१२० करोड़ के बजट को ध्यान में रखे तो फिल्म को अपनी ओपनिंग के दृष्टिगत ही १४०-१६० उम्मीद कर सकती है। 






बॉक्स ऑफिस के अर्थशास्त्र के नियम के अनुसार, जो फिल्म अपनी लागत कम रखती है, उसके मुनाफे में जाने के  अवसर अधिक होते हैं। इसलिए निवेश पर प्रतिफल के मामले में 'बेबी डू डाई डू' बाजी मार सकती है। जबकि, 'अल्फा' को हिट होने के लिए सिनेमाघरों में असाधारण  प्रदर्शन करना होगा।






यहाँ बताते चलें कि यशराज फिल्म्स ने आलिया भट्ट की 'अल्फा' को अब ३ जुलाई के स्थान पर एक दिन पहले २ जुलाई को प्रदर्शित करने का निर्णय लिया है। जबकि, हुमा कुरैशी की 'बेबी डू डाई डू'  ३ जुलाई को ही प्रदर्शित हो रही है।






इन दोनों फिल्मों को मिली एडवांस बुकिंग ट्रेंड्स के अनुसार अल्फा वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की फिल्म होने के बावजूद इसकी एडवांस बुकिंग उम्मीद से काफी धीमी और ठंडी शुरू हुई है। नेशनल मल्टीप्लेक्स चेन्स में भी टिकटों की बिक्री की रफ्तार सुस्त है, जो मेकर्स के लिए चिंता का विषय है।







वहीँ, बेबी डू डाई डू, छोटे बजट की फिल्म होने के कारण फिल्म की एडवांस बुकिंग इसके पैमाने के हिसाब से काफी संतोषजनक और मजबूत है। फिल्म का 'कल्ट/डार्क-कॉमेडी' एक्शन प्रोमो दर्शकों को आकर्षित कर रहा है, जिससे लिमिटेड स्क्रीन्स पर भी इसकी टिकटें अच्छी गति से बिक रही हैं।






पहले दिन के बॉक्स ऑफिस प्रेडिक्शन  के अनुसार अल्फा को अनुमानित ओपनिंग ८ से १० करोड़ नेट की मिल रही है। जबकि, फिल्म का भारी-भरकम बजट देखते हुए इसे कम से कम  १५ -१८ करोड़ की ओपनिंग चाहिए । धीमी शुरुआत के कारण अब यह फिल्म पूरी तरह से स्पॉट बुकिंग और शाम के शोज में जनता के  वर्ड-ऑफ-माउथ (सकारात्मक समीक्षा) पर निर्भर करेगी। 






बेबी डू डाई डू की अनुमानित ओपनिंग २-३ करोड़ नेट मिलती दिखाई दे रही है। फिल्म के २२ करोड़ के दृष्टिगत फिल्म के लिए २-३ करोड़ की ओपनिंग को बेहतरीन शुरुआत माना जाएगा। यदि दर्शकों को इसका अनूठा एक्शन पसंद आता है, तो वीकेंड (शनिवार और रविवार) को इसकी कमाई में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है।






जहाँ तक कमाई के आंकड़ों की बात है, 'अल्फा' नंबर १ रहेगी, लेकिन अपनी भारी लागत के कारण उस पर पहले ही दिन से दबाव रहेगा। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' अपने सीमित बजट और अच्छे एडवांस बुकिंग रिस्पॉन्स के कारण पहले दिन से ही मुनाफे की तरफ सुरक्षित कदम बढ़ाती दिख सकती है। 






दोनों फिल्मों के स्क्रीन काउंट अर्थात सिनेमाघरों की संख्या पर दृष्टि डालें तो अल्फा वाईआरएफ के बड़े बैनर की फिल्म होने के कारण भारत में बड़े पैमाने पर रिलीज की जा रहा है। 'अल्फा' को भारत में लगभग ३५०० से ४०००  स्क्रीन्स मिलने का अनुमान है। फिल्म को सभी प्रमुख मल्टिप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन्स पर मुख्य प्राइम-टाइम शोज दिए गए हैं। वही बेबी डू डाई डू एक सीमित और कल्ट-ऑडियंस अर्थात लक्षित दर्शकों वाली फिल्म है। इसे भारत में लगभग ८०० से १२००  स्क्रीन्स मिलने की उम्मीद है। इसे मुख्य रूप से बड़े शहरों और चुनिंदा मल्टिप्लेक्स चेन में ज्यादा जगह दी जा रही है।







इन दोनों फिल्मों के ट्रेलर को मिले  रिस्पॉन्स के अनुसार अल्फा के ऑफिशियल ट्रेलर को दर्शकों से मिला-जुला लेकिन चर्चा से भरपूर  रिस्पॉन्स मिला है। आलिया भट्ट और शरवरी के 'नेवर-सीन-बिफोर' एक्शन अवतार, बैकग्राउंड म्यूजिक और विजुअल्स की काफी तारीफ हो रही है। सबसे बड़ा सरप्राइज इंटरनेट पर वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स के 'कबीर' यानी ऋतिक रोशन  के कैमियो की झलक को लेकर है, जिससे फैन्स के बीच जबरदस्त क्रेज बन गया है। कुछ दर्शकों को फिल्म के शुरुआती डायलॉग्स और बॉबी देओल का हरियाणवी लहजा  थोड़ा कमजोर लगा।






बेबी डू डाई डू के ट्रेलर को लेकर सोशल मीडिया और समीक्षकों की राय काफी बंटी हुई  नजर आ रही है। हुमा कुरैशी के मूक-बधिर सीरियल किलर के अनोखे कांसेप्ट और सस्पेंस से भरे बैकग्राउंड टोन को काफी पसंद किया जा रहा है। इसके शुरुआती टीज़र ने दर्शकों में कहानी को लेकर अच्छी उत्सुकता जगाई थी। किन्तु, फिल्म समीक्षकों का मानना है कि ट्रेलर थोड़ा फीका है और इसमें थिएटर्स जैसी बड़ी अपील की कमी दिखती है। कुछ जगहों पर एक्शन सीन्स की एडिटिंग थोड़ी कमजोर बताई गई है।






स्क्रीन काउंट और स्टार पावर के मामले में 'अल्फा' का पलड़ा भारी है, लेकिन 'ऋतिक रोशन' के कैमियो हाइप के बावजूद इसके खुद के कंटेंट को लेकर दर्शकों में थोड़ा संशय है। वहीं 'बेबी डू डाई डू' अपने अनूठे कांसेप्ट के दम पर सीमित स्क्रीन्स में भी अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है।

Monday, 22 June 2026

एक और #HITWOMAN फिल्म #BabyDoDieDo



अभी, आलिया भट्ट की हिटवुमन भूमिका वाली फिल्म  अल्फा की चर्चा थमी न थी कि एक अन्य हिटवुमन फिल्म चर्चा में है।  इस हिटवुमन फिल्म का शीर्षक बेबी डू डाई डू  है। 





बेबी डू डाई डू को भारत की पहली हिटवुमन फिल्म बताया जा रहा है। इस फिल्म की हिटवुमन बॉलीवुड फिल्म अभिनेत्री हुमा कुरैशी है।  इस फिल्म का निर्देशन नचिकेत सामंत ने किया है।  किन्तु, इस फिल्म के निर्माता हुमा के महा फ्लॉप अभिनेता भाई साकिब सलीम हैं। 





अपराध और क्रूरता से भरपूर इस अनोखी थ्रिलर फिल्म का कथानक थोड़ा घिसा हुआ सा लगता है।  फिल्म में हुमा कुरैशी अतीत में हुई किसी दुखद घटना से जूझ रही है। कदाचित, हुमा कुरैशी का चरित्र या तो बलात्कार का शिकार हुआ होगा या उसके परिवार के साथ कुछ दुखांत हुआ होगा।  इसका बदला लेने के लिए हुमा कुरैशी ऎसी बेबी बनी है, जो पैसे के लिए किसी की भी हत्या कर सकती है।





 नचिकेत और हुमा, दूसरी बार एक साथ है। विगत वर्ष, नचिकेत ने हुमा कुरैशी को सिंगल सलमा की सलमा बनाया था। यह सलमा अपने परिवार के लिए सब कुछ करती है। इसके बाद भी उसकी कोई पहचान नहीं, क्योंकि, उसकी अभी तक शादी नहीं हुई है।  विश्वास कीजिये यह फिल्म बुरी तरह से असफल हुई थी। 





हिंदी में, बेबी कर मर कर शीर्षक वाली फिल्म में हुमा कुरैशी का साथ सिकंदर खेर, सीमा पाहवा, चंकी पांडेय, विद्या मालवडे और रचित सिंह दे रहे है। 





 इस फिल्म के ट्रेलर से पता चलता है कि हुमा कुरैशी फिल्म में एक बाहरी युवती बनी है। पहले ट्रेलर से ऐसा लगता था कि उनकी गूंगी बहरी बहन का  बलात्कार होता है। यह भी  बताया गया कि सीरियल किलर भी एक बहरा और गूंगा व्यक्ति है।  कहने का अर्थ यह कि रहस्य ही रहस्य।




बेबी डू डाई डू, अगले सप्ताह ४ जुलाई २०२६ को प्रदर्शित होने जा रही है।