Showing posts with label Huma Qureshi. Show all posts
Showing posts with label Huma Qureshi. Show all posts

Friday, 3 July 2026

क्या कामुक हैं #ToxicTheMovie की #LadiesAndLadies ?



कन्नड़ सुपरस्टार यश की अखिल विश्व फिल्म टॉक्सिक, अपनी घोषणा के साथ ही चर्चा में आ गई थी।  दर्शकों को, केजीएफ फिल्मों के नायक यश की इस फिल्म की उत्सुकता से प्रतीक्षा थी।  किन्तु, १ जुलाई को फिल्म की महिला चरित्रों का  परिचय कराने वाला टीज़र जारी हुआ, यह फिल्म विवादित रूप से चर्चा में आ गई।  







टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स को पावर और ग्लैमर का जबरदस्त जश्न बताया जा रहा है।  गीतू मोहनदास निर्देशित फिल्म टॉक्सिक में पांच महिला चरित्र है।  १ जुलाई को अनावृत टीज़र इन चरित्रों का परिचय करने वाला है।  समीक्षक इस टीज़र को महिला चरित्रों का विषैला परिचय बता रहे है।   






इसमें कोई संदेह नहीं कि इस टीज़र में शक्ति और सेक्सी  सौंदर्य का प्रभावशाली परिचय हुआ है।  यश का मरदाना जिस्म उनकी शक्ति और क्षमता का परिचय देता है।  उनको देखते हुए आप भयभीत भी हो सकते है।  यद्यपि, वह ऐसा कुछ करते दिखाई नहीं देते।  क्योंकि, वह फिल्म के गैंगस्टर तो हैं ही।  






कुछ समीक्षकों का मानना है कि फिल्म बताती है कि महिला चरित्रों को किस प्रकार से प्रस्तुत किया जाना चाहिए।  ऐसा, कदाचित इसलिए कहा जा रहा है कि फिल्म कोई निर्देशक गीतू मोहनदास स्वयं एक महिला है।  एक महिला दूसरी महिला की सेक्स अपील और कामुकता को भली भांति प्रस्तुत कर सकती है।  गीतू मोहनदास से पहले भी कई महिला फिल्म निर्देशक ऐसा दावा करती रही है। 






अखिल भारतीय और अखिल विश्व आकर्षण  वाली फिल्म टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स में बॉलीवुड की किआरा अडवाणी, तारा सुतरिया और हुमा कुरैशी जैसी सेक्सी अभिनेत्रियां हैं तो दक्षिण से नयनतारा और रुक्मिणी वसंत का ग्लैमर भी है। फिल्म की इन महिला चरित्रों को, टीज़र में कुछ इस प्रकार से प्रस्तुत किया गया है कि वह कामुक भी दिखती है और यश जैसे गैंगस्टर से भिड़ जाने वाली शक्तिशालिनी सुंदरियाँ भी। 






क्या टॉक्सिक टीज़र सचमुच महिला चरित्रों की इतनी टॉक्सिक झलक दिखा जाता है कि होहल्ला मचा हुआ है ! टॉक्सिक का लेडीज एंड लेडीज प्रोमो ग्लैमरस, डार्क  विज़ुअल्स पर केंद्रित है। इससे फिल्म की पांच महिलाओं की सेक्सुअलिटी चित्रण पर शंका पैदा हो सकती है। किन्तु, ध्यान रहे कि टीज़र में कहीं भी नग्न या उकसाने वाले अंग प्रदर्शन नहीं है। 






आरोप लगाया जा रहा है कि टीज़र से, महिला  चरित्रों का ऑब्जेक्टिफिकेशन होता लगता है। जिस प्रकार से, यश पांच महिलाओं को युद्ध मुद्रा में अपने सामने देखते हैं, वह कहते हैं लेडीज एंड लेडीज ! क्या एक एक कर आओगी या पांचों एक साथ होगी।  लोग इसे द्विअर्थी बता रहे है। महिला चरित्रों को वस्तु की भांति प्रस्तुत करना बता रहे है। 






इस फिल्म के प्रारंभिक एक टीज़र में एक कार के दृश्य की आलोचना हुई थी। इसे मेल गेज़ बताया गया था।  मेल गेज़ का अर्थ फिल्मों में नारी चरित्र का पुरुष दृष्टि से कामुक चित्रण किया जाना।  इसमें नारी शरीर को वस्तु की तरह, पुरुष दर्शको की कामवासना उभाड़ने का प्रयास किया जाता है। 







जहाँ तक, महिला चरित्र का वस्तुकरण करने की बात है, इस प्रकार के चित्रण वाली कई फ़िल्में पहले भी बन चुकी है।  महेश भट्ट और उनकी कंपनी महिला चरित्र को मेल गेज़ की तरह ही प्रस्तुत करती थी।  जिस्म, मर्डर, आदि भट्ट कैंप की फ़िल्में ऐसा ही वस्तुकरण करने वाली होती थी। रामगोपाल वर्मा की फिल्म रंगीला मेल गेज़ का श्रेष्ठ उदाहरण है।  इस फिल्म की नायिका उर्मिला मातोंडकर अपने कामुक अंग प्रदर्शन और हाव भाव के कारण चर्चित हो गई थी। 






किन्तु, टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स की गीतू मोहनदास मेल गेज़ के आरोपों को नकारते हुए इस फिल्म को फीमेल गेज़ फिल्म बताती है।  फीमेल गाजे की अवधारण स्थापित करती है कि किसी भी नारी में कामुकता होती है।  वह अपनी इस कामुकता को कैसे मिटाती है, वह उस  चरित्र पर निर्भर है।  गीतू मोहनदास अपनी फिल्म की नारी चरित्र के चित्रण को फीमेल प्लेज़र बताती है। यदि, कोई महिला अपनी कामुकता के चलते किसी पुरुष से सम्बन्ध बनाना चाहती है तो वह उसका अपना सुख है।  गीतू मोहनदास कहती है, "यह नारी सुख, सहमति और तंत्र का अपने अनुसार उपयोग करना है। फिल्म की महिलाएं सशक्त हैं और आत्मनिभर है।" 






गीतू मोहनदास की माने तो टॉक्सिक के महिला चरित्र यश के चरित्र के सेक्स गुलाम नहीं।  वह अपनी सहमति से सेक्स कर सकती है और सुख प्राप्त कर सकती है। वह तंत्र को अपने अनुसार उपयोग कर सकती है।  वह गहराई से भावुक है।  किन्तु, वास्तविकता क्या है, यह तो फिल्म प्रदर्शित होने के पश्चात् ही पता चलेगा।  इस समय तो टॉक्सिक विवादित हो चुकी है।  इससे फिल्म को भारी प्रचार मिला है और बड़ी ओपनिंग सुनिश्चित है। कदाचित फिल्मकार का उद्देश्य यही था।  इससे फिल्म वयस्कों के लिए प्रमाणपत्र प्राप्त करेगी। किन्तु, इससे क्या ? एनिमल भी तो वयवस्कों के लिए थी और कबीर सिंह भी। 

Wednesday, 1 July 2026

#Yash की #Toxic को सेक्सी बनाती #Nayanthara @advani_kiara #TaraSutaria @rukminitweets @humasqureshi !

 


 

लेडीज़ एंड लेडीज़’ के साथ और भी खतरनाक हुई टॉक्सिक की दुनिया: दमदार महिलाओं ने संभाली कमान, यश लौटे हाई-इम्पैक्ट एक्शन अवतार में 

 

 

बोल्ड, दमदार और बेखौफ: ‘लेडीज़ एंड लेडीज़’ ने टॉक्सिक की दुनिया को दिया नया विस्तार

 


 

टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स की दुनिया अब पहले से भी ज्यादा खतरनाक और रोमांचक हो गई है। ‘लेडीज़ एंड लेडीज़’ के लॉन्च के साथ फिल्म का एक नया वीडियो सामने आया है, जो इस डार्क और स्टाइलिश दुनिया की ताकतवर महिलाओं पर रोशनी डालता है। पावर, मिस्ट्री, एटीट्यूड और रोमांच से भरपूर यह वीडियो उन महिला किरदारों की झलक देता है जो इस कहानी को दिशा दे रही हैं — और साफ कर देता है कि वे किसी के बनाए नियमों पर चलने वाली नहीं हैं।

 



 

नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी हर फ्रेम में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराती हैं। उनके किरदार जितने प्रभावशाली हैं, उतने ही जटिल भी। नयनतारा का तीखा और प्रभावशाली अंदाज़, कियारा की आकर्षक और भावनात्मक झलक, तारा की सहज और जीवंत उपस्थिति, रुक्मिणी की तीव्रता और हुमा की दृढ़ और प्रभावी झलक — हर एक किरदार टॉक्सिक की दुनिया पर अपनी अलग छाप छोड़ता है। इस पूरे माहौल को और गहराई देता है एक प्रभावशाली महिला वॉइस-ओवर, जो कहानी को एक महिला के दृष्टिकोण से पेश करता है और उसमें रहस्य, शक्ति और विद्रोह की भावना जोड़ता है।

 



 

वीडियो की शुरुआत से ही इसका विद्रोही अंदाज़ साफ नजर आता है, जब स्क्रीन पर एक चेतावनी दिखाई देती है: “बच्चे… दूर रहें। माता-पिता… अपने बच्चों को दूर रखें। दादा-दादी… अपने बच्चों के बच्चों को भी दूर रखें। परदादा-परदादी… अपनी जिम्मेदारी पर देखें।” यह बेबाक और साफ चेतावनी फिल्म के मूड को पूरी तरह दर्शाती है।

Tuesday, 30 June 2026

#Nagabandham से हो सकती है #Alpha और #BabyDoDieDo को #Shiver



यो तो सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया पर, बॉक्स ऑफिस पर अल्फा और बेबी डू डाई के टकराव की ही चर्चा है।  किन्तु, बॉक्स ऑफिस पर तीसरा और चौथा कोण, वास्तव में तीसरा कोण ही उलटफेर कर सकता है।  यह तीसरे और चौथे कोण, अल्फा और बेबी डू डाई डू को नागबंधन में बांध सकते है या शिविर पैदा कर सकते हैं।  क्या आप नहीं समझे? 





जी हां, हम  इसी सप्ताह ३ जुलाई २०२६ को रिलीज हो रही पैन-इंडिया पौराणिक फिल्म 'नागबंधम' द सीक्रेट ट्रेज़र और हॉलीवुड फिल्म शिविर की। नागबंधम और शिविर के प्रदर्शित होने का 'अल्फा' और 'बेबी डू डाई डू' के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर  पर काफी बड़ा और गहरा प्रभाव पड़ने वाला है।






जहाँ नागबंधम पौराणिक कथानक पर खजाने के रहस्य के कथानक पर है, वही दूसरी और शिविर एक हॉरर थ्रिलर फिल्म है।  सभी जानते हैं कि हिंदी पेटी के दर्शकों को हॉरर बहुत भाता है।  चूंकि, शिविर एक छोटी फिल्म है, किन्तु, इसका उपरोक्त दो फिल्मों के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर सीमित प्रभाव अवश्य दिखाई देगा।




'नागबंधमका सबसे बड़ा खतरा इसकी अखिल भारतीय अपील है। यह सनातन पर आधारित है। 'नागबंधम' एक बड़े बजट की पौराणिक एडवेंचर-थ्रिलर फिल्म है, जो प्राचीन विष्णु मंदिरों और गुप्त 'नागबंधम' मंत्र के रहस्यों पर आधारित है। यह फिल्म हिंदी, तेलुगु और तमिल सहित कई भाषाओं में बड़े स्टार पर ज़ी स्टूडियोज द्वारा रिलीज हो रही है। चूंकि 'अल्फा' का प्रदर्शन पूर्व का माहौल पहले से ही कमजोर है, 'नागबंधम' हिंदी बेल्ट और विशेषकर दक्षिण भारत में उसके स्क्रीन काउंट और दर्शकों की संख्या को बुरी तरह प्रभावित करेगी। जो दर्शक बड़े पर्दे पर भव्य सिनेमा देखना चाहते हैं, वे कमजोर हाइप वाली 'अल्फा' की बजाय 'नागबंधम' को चुन सकते हैं।





वही, बेबी डू डाई डू का बजट छोटा है और यह एक सस्पेंस डार्क-कॉमेडी है। 'नागबंधम' के आने से इसे मल्टिप्लेक्सों में स्क्रीन्स मिलने में कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि थिएटर मालिक 'नागबंधम' को अधिक शोज दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त 'शिवरका प्रभाव बेबी डू डाई डू के लक्षित दर्शकों का बंटवारा कर पड़ेगा। 'शिवर' एक विशुद्ध हॉरर/साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है। इसलिए इसका सीधा मुकाबला 'बेबी डू डाई डू' से होगा, क्योंकि दोनों ही फिल्में थ्रिलर जॉनर (Genre) की हैं। जो दर्शक इस वीकेंड पर कुछ डरावना या सस्पेंस से भरपूर देखना चाहते हैं, उनकी पसंद इन दोनों फिल्मों के बीच बंट जाएगी, जिससे 'बेबी डू डाई डू' की दर्शक संख्या में थोड़ी कमी आ सकती है।






इस चौकोणीय संघर्ष के कारण सिनेमाघरों में स्क्रीन्स और शोज का भयंकर बंटवारा होगा। ऐसे में 'अल्फा' के लिए अपनी भारी लागत वसूलना और मुश्किल हो जाएगा। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' और 'नागबंधम' को अपने-अपने जॉनर के दर्शकों का साथ मिलने की उम्मीद ज्यादा है।






फिल्म व्यापार के विशेषज्ञों के अनुसार, चारों फिल्मों के स्क्रीन शेयरिंग प्रतिशत और पहले सप्ताहांत के संभावित कलेक्शन का विश्लेषण निम्न अनुसार है- 




स्क्रीन शेयरिंग प्रतिशत - सिनेमाघरों (मल्टिप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन) में शोज का बंटवारा इस प्रकार हुआ है। अल्फा को ४५ प्रतिशत स्क्रीन शेयर मिला है। बड़ा बैनर की फिल्म होने के कारण इसे हिंदी बेल्ट के मल्टिप्लेक्सों में सबसे ज्यादा शोज मिले हैं।नागबंधम को ३५ प्रतिशत स्क्रीन शेयर मिला है। दक्षिण भारत में इस फिल्म का दबदबा ७० प्रतिशत से अधिक है, जबकि हिंदी मार्केट में इसे ज़ी स्टूडियोज की वजह से लगभग २५-३० प्रतिशत स्क्रीन्स मिली हैं ।





बेबी डू डाई डू का स्क्रीन शेयर १२ प्रतिशत का है। सीमित बजट और कल्ट अपील के कारण इसे मुख्य रूप से मेट्रो शहरों के चुनिंदा मल्टिप्लेक्सों में जगह मिली है ।





शिवर को ८ प्रतिशत स्क्रीन शेयर एक हॉलीवुड/इंग्लिश सर्वाइवल थ्रिलर फिल्म होने के कारण इसे केवल बड़े शहरों के चुनिंदा अंग्रेजी शोज दिए गए हैं ।






इस प्रकार से इन फिल्मों का पहले सप्ताहांत का संभावित बॉक्स ऑफिस कलेक्शन  पहले तीन दिनों (शुक्रवार से रविवार) में का २८ से ३२ करोड़ अनुमानित है। सौ करोड़ से अधिक के बजट वाली फिल्म के लिए यह वीकेंड कलेक्शन बेहद निराशाजनक माना जाएगा। 'नागबंधम' के कारण इसके मास-सर्किट (सिंगल स्क्रीन्स) के दर्शक बुरी तरह बंट गए हैं।





नागबंधम पहला वीकेंड कलेक्शन सभी भाषाओं में ४५-५५ प्रतिशत आँका गया है। अपनी पौराणिक थीम और शानदार विजुअल्स के कारण यह फिल्म इस वीकेंड की सबसे बड़ी कमाऊ फिल्म बनने की राह पर है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और हिंदी बेल्ट के सिंगल स्क्रीन्स पर यह फिल्म 'अल्फा' को कड़ी शिकस्त दे रही है।





वही बेबी डू डाई डू का संभावित वीकेंड कलेक्शन ८-१० करोड़ के आसपास रह सकता है।अपने बजट की दृष्टि से तीन दिनों में दस करोड़ के आसपास पहुंचना, इस फिल्म के लिए एक अच्छी और सुरक्षित स्थिति होगी। अमर कौशिक के निर्देशन और हुमा के अभिनय को मिल रही तारीफ इसे लंबी रेस का घोड़ा बना सकती है।





शिवर का संभावित वीकेंड कलेक्शन ढाई से साढ़े तीन करोड़ के आसपास रह सकता है।सीमित स्क्रीन्स और केवल अंग्रेजी भाषा में होने के कारण इसका कलेक्शन कम रहना स्वाभाविक है। किन्तु, यह 'बेबी डू डाई डू' के कुछ सस्पेंस-थ्रिलर प्रेमी दर्शकों को अपनी ओर खींचने में सफल रहेगी।





वर्तमान में, इस चौ-कोणीय मुकाबले में 'नागबंधम' अपनी पैन-इंडिया अपील के कारण बॉक्स ऑफिस की रेस में सबसे आगे निकलती दिख रही है। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' अपने छोटे बजट की वजह से सुरक्षित है। सबसे बड़ा घाटा 'अल्फा' को हो रहा है, जिसे 'नागबंधम' की आंधी के कारण भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।





किन्तु, इससे यह निष्कर्ष निकलना ठीक नहीं कि अल्फा के लिए क्या आलिया भट्ट का स्टार स्टेटस नाकाम हो रहा है। जी नहीं, उनका स्टार स्टेटस पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। लेकिन 'जिगरा' के बाद उन पर दबाव बढ़ा है । पर आलिया भट्ट आज भी बॉलीवुड की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में से हैं जो अपने दम पर किसी फिल्म को आठ से दस करोड़ की ओपनिंग दिला सकती हैं।  दर्शकों में उत्साह की कमी के बावजूद 'अल्फा' की पहले दिन की अनुमानित कमाई हुमा की फिल्म से कहीं अधिक है।





अलबत्ता, गंगूबाई काठियावाड़ी' और 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' की सफलता के बाद, 'जिगरा' का फ्लॉप होना और अब 'अल्फा' का ठंडा प्री-रिलीज उत्साह यह दिखाता है कि दर्शक सिर्फ स्टार के नाम पर थिएटर नहीं आ रहे हैं। उन्हें वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स से और बेहतर कंटेंट की उम्मीद थी।





इसी प्रकार से यह भी नहीं कहा जा सकता है कि हुमा कुरैशी की पहचान हिंदी दर्शकों को आकर्षित नहीं कर पा रही है। हुमा की पहचान 'मास स्टार' की नहीं, बल्कि 'कल्ट/ओटीटी स्टार' की है । महारानी सीरीज की हुमा कुरैशी को दर्शक बेहतरीन अदाकारी के लिए जानते हैं, न कि २० करोड़ की बंपर ओपनिंग के लिए । उनके नाम पर दर्शक पहले दिन थियेटर नहीं भागते, लेकिन फिल्म का अनोखा कांसेप्ट (मूक-बधिर हिटवुमन) और अमर कौशिक-नचिकेत सामंत का कॉम्बिनेशन दर्शकों को 'माउथ पब्लिसिटीके जरिए धीरे-धीरे थिएटर्स तक खींच ला सकता है ।





यदि बॉक्स ऑफिस के 'बिजनेस मॉडल' और मुनाफे को देखा जाए, तो इस टकराव की असली विजेता 'बेबी डू डाई डूबनती दिख रही है। भारी बजट वाली फिल्म अल्फा का कारोबार,  'नागबंधम' के पैन-इंडिया क्रेज के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बड़े बजट की वजह से इसके लिए १५० करोड़ का आंकड़ा पार करना बेहद मुश्किल चुनौती बन गया है ।





इस प्रकार से, कुल कमाई के मामले में 'अल्फा' आगे रहेगी, लेकिन बिजनेस के नियमों (प्रतिशत लाभ) और बॉक्स ऑफिस वर्डिक्ट के लिहाज से 'बेबी डू डाई डू' एक सुरक्षित और बड़ी विनर साबित होगी।

#AliaBhatt की #Alpha से टकराती #HumaQureshi की #BabyDoDieDo



इस शुक्रवार दो महिला हत्यारिनो का टकराव होने जा रहा है। यह महिलाएं, अपने कारण से या किसी के कहने से पैसा लेकर या फ्रीलांसिंग कर हत्याएं करती है। इन विदेशी सिनेमा से प्रेरित इन चरित्रों के माध्यम से यह टकराव आलिया भट्ट की फिल्म  'अल्फा' और हुमा कुरैशी की फिल्म 'बेबी डू डाई डू' के बीच होगा।  बॉक्स ऑफिस पर दो फिल्मों की यह भिड़ंत ३ जुलाई २०२६ को होने जा रही है। दोनों ही फिल्मों में महिला हत्यारों (फीमेल हिटवुमन) की कहानी दिखाई गई है। इन फिल्मों से सिनेमाघरों में एक्शन का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। 






अल्फा, वाईआरएफ के स्पाई यूनिवर्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म है। यशराज फिल्म्स इस फिल्म से पहली बार महिला स्पाई लेकर आ रहा है। इस फिल्म में आलिया भट्ट के साथ शरवरी लीड रोल में नजर आएंगी। बॉबी देओल की विशिष्ट केंद्रीय भूमिका है। बेबी डू डाई डू फिल्म में हुमा कुरैशी ने एक मूक-बधिर हिटवुमन का किरदार निभाया है जो अपनी दिवंगत बहन की आवाज सुनकर खूंखार मिशन को अंजाम देती है।  उनके साथ फिल्म में सिकंदर खेर और चंकी पांडे भी प्रमुख भूमिकाओं में है। 





बॉक्स ऑफिस पर दो महिला फिल्मों की टक्कर दर्शकों के लिए काफी रोमांचक है। क्योंकि एक तरफ बड़े बजट और जासूसी फ्रेंचाइजी फिल्म 'अल्फा' है तो दूसरी तरफ हुमा कुरैशी की सस्पेंस-थ्रिलर 'बेबी डू डाई डू' है।  'बेबी डू डाई डू' को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त  माहौल बना हुआ है।  हॉलीवुड निर्देशक जैक स्नाइडर द्वारा इसके एक्शन की तारीफ किए जाने के बाद दर्शकों में फिल्म के प्रति उत्सुकता और बढ़ गई है। 






बजट, प्री-रिलीज बिजनेस और मौजूदा मौजूदा माहौल के गणित को देखते हुए हुमा कुरैशी की 'बेबी डू डाई डू'  के बॉक्स ऑफिस पर 'हिट' का टैग हासिल करने की संभावना काफी अधिक है। फिल्मों का व्यापारिक विश्लेषण के अनुसार बेबी डू डाई डू  के  हिट होने की सबसे  सशक्त कारण कम बजट, सुरक्षित दांव है। फिल्म की अनुमानित लागत मात्र २२ करोड़ है। कम लागत होने के कारण फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर क्लीन 'हिट' होने के लिए केवल ४० से ५० करोड़ का लाइफटाइम कलेक्शन करना होगा, जो इसके अनोखे 'मूक-बधिर हिटवुमन' कांसेप्ट के चलते काफी आसान लग रहा है।






बेबी डू डाई डू  के  पक्ष में सबसे महत्वपूर्ण बात इसका प्रभावशाली प्रदर्शन पूर्व बना माहौल है।  हॉलीवुड डायरेक्टर द्वारा इसके एक्शन की तारीफ करने के बाद से सोशल मीडिया पर इसका वर्ड-ऑफ-माउथ बेहद सशक्त है।







अल्फा की अधिक जोखिम और बड़ी चुनौती, इसका भारी-भरकम बजट माथे पर सिलवटें लाने वाला है। वाईआरएफ  की इस एक्शन थ्रिलर का बजट अस्सी करोड़ से १२० करोड़ के बीच आंका जा रहा है। इस बजट के मद्देनजर फिल्म को केवल 'हिट' का दर्जा पाने के लिए  ही भारत में कम से कम १४०-१६० करोड़ का नेट बिजनेस करना होगा।







किन्तु, अल्फा की प्रदर्शन से पूर्व की हाइप काफी कमजोर है। ट्रेड एनालिस्ट्स के अनुसार, रिलीज के ठीक पहले 'अल्फा' का सोशल मीडिया पर माहौल काफी ठंडा पड़ा है। अगर फिल्म को पहले दिन सिंगल-डिजिट (१० करोड़ से कम) की ओपनिंग मिलती है, तो इतने बड़े बजट की रिकवरी करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।







इस तुलना से स्पष्ट है कि अनुमानित बजट के प्रकाश में इन फिल्मों को हिट होने के लिए  जरूरी कमाई का कर लेना आवश्यक हो जाता है। वर्तमान प्री-रिलीज स्थिति में बेबी डू डाई डू अपने बजट २२ करोड़ के बदले में ४०-४५ करोड़ की उम्मीद कर सकती है। जबकि, अल्फा  ८०-१२० करोड़ के बजट को ध्यान में रखे तो फिल्म को अपनी ओपनिंग के दृष्टिगत ही १४०-१६० उम्मीद कर सकती है। 






बॉक्स ऑफिस के अर्थशास्त्र के नियम के अनुसार, जो फिल्म अपनी लागत कम रखती है, उसके मुनाफे में जाने के  अवसर अधिक होते हैं। इसलिए निवेश पर प्रतिफल के मामले में 'बेबी डू डाई डू' बाजी मार सकती है। जबकि, 'अल्फा' को हिट होने के लिए सिनेमाघरों में असाधारण  प्रदर्शन करना होगा।






यहाँ बताते चलें कि यशराज फिल्म्स ने आलिया भट्ट की 'अल्फा' को अब ३ जुलाई के स्थान पर एक दिन पहले २ जुलाई को प्रदर्शित करने का निर्णय लिया है। जबकि, हुमा कुरैशी की 'बेबी डू डाई डू'  ३ जुलाई को ही प्रदर्शित हो रही है।






इन दोनों फिल्मों को मिली एडवांस बुकिंग ट्रेंड्स के अनुसार अल्फा वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की फिल्म होने के बावजूद इसकी एडवांस बुकिंग उम्मीद से काफी धीमी और ठंडी शुरू हुई है। नेशनल मल्टीप्लेक्स चेन्स में भी टिकटों की बिक्री की रफ्तार सुस्त है, जो मेकर्स के लिए चिंता का विषय है।







वहीँ, बेबी डू डाई डू, छोटे बजट की फिल्म होने के कारण फिल्म की एडवांस बुकिंग इसके पैमाने के हिसाब से काफी संतोषजनक और मजबूत है। फिल्म का 'कल्ट/डार्क-कॉमेडी' एक्शन प्रोमो दर्शकों को आकर्षित कर रहा है, जिससे लिमिटेड स्क्रीन्स पर भी इसकी टिकटें अच्छी गति से बिक रही हैं।






पहले दिन के बॉक्स ऑफिस प्रेडिक्शन  के अनुसार अल्फा को अनुमानित ओपनिंग ८ से १० करोड़ नेट की मिल रही है। जबकि, फिल्म का भारी-भरकम बजट देखते हुए इसे कम से कम  १५ -१८ करोड़ की ओपनिंग चाहिए । धीमी शुरुआत के कारण अब यह फिल्म पूरी तरह से स्पॉट बुकिंग और शाम के शोज में जनता के  वर्ड-ऑफ-माउथ (सकारात्मक समीक्षा) पर निर्भर करेगी। 






बेबी डू डाई डू की अनुमानित ओपनिंग २-३ करोड़ नेट मिलती दिखाई दे रही है। फिल्म के २२ करोड़ के दृष्टिगत फिल्म के लिए २-३ करोड़ की ओपनिंग को बेहतरीन शुरुआत माना जाएगा। यदि दर्शकों को इसका अनूठा एक्शन पसंद आता है, तो वीकेंड (शनिवार और रविवार) को इसकी कमाई में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है।






जहाँ तक कमाई के आंकड़ों की बात है, 'अल्फा' नंबर १ रहेगी, लेकिन अपनी भारी लागत के कारण उस पर पहले ही दिन से दबाव रहेगा। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' अपने सीमित बजट और अच्छे एडवांस बुकिंग रिस्पॉन्स के कारण पहले दिन से ही मुनाफे की तरफ सुरक्षित कदम बढ़ाती दिख सकती है। 






दोनों फिल्मों के स्क्रीन काउंट अर्थात सिनेमाघरों की संख्या पर दृष्टि डालें तो अल्फा वाईआरएफ के बड़े बैनर की फिल्म होने के कारण भारत में बड़े पैमाने पर रिलीज की जा रहा है। 'अल्फा' को भारत में लगभग ३५०० से ४०००  स्क्रीन्स मिलने का अनुमान है। फिल्म को सभी प्रमुख मल्टिप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन्स पर मुख्य प्राइम-टाइम शोज दिए गए हैं। वही बेबी डू डाई डू एक सीमित और कल्ट-ऑडियंस अर्थात लक्षित दर्शकों वाली फिल्म है। इसे भारत में लगभग ८०० से १२००  स्क्रीन्स मिलने की उम्मीद है। इसे मुख्य रूप से बड़े शहरों और चुनिंदा मल्टिप्लेक्स चेन में ज्यादा जगह दी जा रही है।







इन दोनों फिल्मों के ट्रेलर को मिले  रिस्पॉन्स के अनुसार अल्फा के ऑफिशियल ट्रेलर को दर्शकों से मिला-जुला लेकिन चर्चा से भरपूर  रिस्पॉन्स मिला है। आलिया भट्ट और शरवरी के 'नेवर-सीन-बिफोर' एक्शन अवतार, बैकग्राउंड म्यूजिक और विजुअल्स की काफी तारीफ हो रही है। सबसे बड़ा सरप्राइज इंटरनेट पर वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स के 'कबीर' यानी ऋतिक रोशन  के कैमियो की झलक को लेकर है, जिससे फैन्स के बीच जबरदस्त क्रेज बन गया है। कुछ दर्शकों को फिल्म के शुरुआती डायलॉग्स और बॉबी देओल का हरियाणवी लहजा  थोड़ा कमजोर लगा।






बेबी डू डाई डू के ट्रेलर को लेकर सोशल मीडिया और समीक्षकों की राय काफी बंटी हुई  नजर आ रही है। हुमा कुरैशी के मूक-बधिर सीरियल किलर के अनोखे कांसेप्ट और सस्पेंस से भरे बैकग्राउंड टोन को काफी पसंद किया जा रहा है। इसके शुरुआती टीज़र ने दर्शकों में कहानी को लेकर अच्छी उत्सुकता जगाई थी। किन्तु, फिल्म समीक्षकों का मानना है कि ट्रेलर थोड़ा फीका है और इसमें थिएटर्स जैसी बड़ी अपील की कमी दिखती है। कुछ जगहों पर एक्शन सीन्स की एडिटिंग थोड़ी कमजोर बताई गई है।






स्क्रीन काउंट और स्टार पावर के मामले में 'अल्फा' का पलड़ा भारी है, लेकिन 'ऋतिक रोशन' के कैमियो हाइप के बावजूद इसके खुद के कंटेंट को लेकर दर्शकों में थोड़ा संशय है। वहीं 'बेबी डू डाई डू' अपने अनूठे कांसेप्ट के दम पर सीमित स्क्रीन्स में भी अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है।

Monday, 22 June 2026

एक और #HITWOMAN फिल्म #BabyDoDieDo



अभी, आलिया भट्ट की हिटवुमन भूमिका वाली फिल्म  अल्फा की चर्चा थमी न थी कि एक अन्य हिटवुमन फिल्म चर्चा में है।  इस हिटवुमन फिल्म का शीर्षक बेबी डू डाई डू  है। 





बेबी डू डाई डू को भारत की पहली हिटवुमन फिल्म बताया जा रहा है। इस फिल्म की हिटवुमन बॉलीवुड फिल्म अभिनेत्री हुमा कुरैशी है।  इस फिल्म का निर्देशन नचिकेत सामंत ने किया है।  किन्तु, इस फिल्म के निर्माता हुमा के महा फ्लॉप अभिनेता भाई साकिब सलीम हैं। 





अपराध और क्रूरता से भरपूर इस अनोखी थ्रिलर फिल्म का कथानक थोड़ा घिसा हुआ सा लगता है।  फिल्म में हुमा कुरैशी अतीत में हुई किसी दुखद घटना से जूझ रही है। कदाचित, हुमा कुरैशी का चरित्र या तो बलात्कार का शिकार हुआ होगा या उसके परिवार के साथ कुछ दुखांत हुआ होगा।  इसका बदला लेने के लिए हुमा कुरैशी ऎसी बेबी बनी है, जो पैसे के लिए किसी की भी हत्या कर सकती है।





 नचिकेत और हुमा, दूसरी बार एक साथ है। विगत वर्ष, नचिकेत ने हुमा कुरैशी को सिंगल सलमा की सलमा बनाया था। यह सलमा अपने परिवार के लिए सब कुछ करती है। इसके बाद भी उसकी कोई पहचान नहीं, क्योंकि, उसकी अभी तक शादी नहीं हुई है।  विश्वास कीजिये यह फिल्म बुरी तरह से असफल हुई थी। 





हिंदी में, बेबी कर मर कर शीर्षक वाली फिल्म में हुमा कुरैशी का साथ सिकंदर खेर, सीमा पाहवा, चंकी पांडेय, विद्या मालवडे और रचित सिंह दे रहे है। 





 इस फिल्म के ट्रेलर से पता चलता है कि हुमा कुरैशी फिल्म में एक बाहरी युवती बनी है। पहले ट्रेलर से ऐसा लगता था कि उनकी गूंगी बहरी बहन का  बलात्कार होता है। यह भी  बताया गया कि सीरियल किलर भी एक बहरा और गूंगा व्यक्ति है।  कहने का अर्थ यह कि रहस्य ही रहस्य।




बेबी डू डाई डू, अगले सप्ताह ४ जुलाई २०२६ को प्रदर्शित होने जा रही है। 

Monday, 15 September 2025

अजय जॉली, विजेता निशानची अ बिग बोल्ड ब्यूटीफुल जर्नी

 


इस शुक्रवार, १९ सितम्बर को भारतीय बॉक्स ऑफिस पर चार बॉलीवुड फ़िल्में और एक हॉलीवुड फिल्म प्रदर्शित होने जा रही है। इन पाँचों फिल्मों में ड्रामा शैली विशिष्ट है।  किन्तु,  अन्य भिन्न तड़के के साथ। यह फ़िल्में रोमांस ड्रामा एक्शन ड्रामा, बायोग्राफिकल ड्रामा, कॉमेडी ड्रामा शैली वाली फ़िल्में हैं। 






 

हॉलीवुड की रोमांस ड्रामा फिल्म अ बिग बोल्ड ब्यूटीफुल जर्नी के नायक नायिका कॉलिन फेरेल और मार्गोट रोब्बी है। यह फिल्म दर्शकों को बताती हैं कि कुछ दरवाज़े आपको आपके अतीत तक ले जाते हैं। कुछ दरवाज़े आपको आपके भविष्य तक ले जाते हैं। और कुछ दरवाज़े सब कुछ बदल देते है।



  

यह कथन सारा और डेविड के माध्यम से दर्शकों के सामने आएगा। सारा  (मार्गोट रोबी) और डेविड (कॉलिन फैरेल) एकल अजनबी हैं जो एक पारस्परिक मित्र की शादी में मिलते हैं और जल्द ही, भाग्य के एक आश्चर्यजनक मोड़ के माध्यम से, खुद को एक बड़े बोल्ड सुंदर सफर पर पाते हैं - एक मजेदार, काल्पनिक, व्यापक साहसिक यात्रा जहां वे अपने-अपने अतीत के महत्वपूर्ण क्षणों को फिर से जीते हैं, जिससे उन्हें पता चलता है कि वे वर्तमान में कहां हैं... और संभवतः उन्हें अपने भविष्य को बदलने का मौका मिलता है। इस फिल्म के निर्देशक कोगोनाडा है। 





एक्शन ड्रामा फिल्म निशानची, एक जैसे दिखने वाले लेकिन अलग-अलग मूल्यों वाले जुड़वाँ भाईयो की भाईचारे, विश्वासघात, प्रेम और मुक्ति की एक्शन ड्रामा फिल्म  हैं। अपराध के माध्यम से उनकी राहें मानव स्वभाव और उसके परिणामों की एक गहरी कहानी में बुनी जाती हैं। इस फिल्म के नायक ऐश्वर्या ठाकरे, मुंबई के प्रसिद्ध ठाकरे परिवार से है। वह शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के पोते है। फिल्म की दो नायिकाएं मोनिका पंवार और   वेदिका पिंटो हैं तथा खल भूमिका में मोहम्मद जीशान अय्यूब हैं।  इस फिल्म के निर्देशक अनुराग कश्यप है। 





२०१६ में, जब अनुराग कश्यप ने पहले बार निशानची की घोषणा की थी, तब उनके निशानची  सुशांत सिंह राजपूत थे।  किन्तु, धर्मा प्रोडक्शंस की दो बड़ी फ़िल्में पाने के बाद, सुशांत ने अनुराग के संपर्क में रहना बंद कर दिया। 




निशानची, जहाँ उत्तर प्रदेश की पृष्ठभूमि में बनी फिल्म है, वही अजय द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ़ अ योगी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर फिल्म है। इस फिल्म में गढ़वाल के पुत्र अजय बिष्ट के योगी आदित्यनाथ बनने की यात्रा का चित्रण है।  इस फिल्म में योगी आदित्यनाथ की भूमिका अनंतविजय जोशी ने की है। परेश रावल, दिनेश लाल यादव 'निरहुआ', अजय मेंगी, गरिमा विक्रांत सिंह, पवन मल्होत्रा, राजेश खट्टर और अन्य कलाकार सह भूमिकाओं में हैं। इस फिल्म का निर्देशन रवींद्र गौतम ने किया है और निर्माता रितु मेंगी हैं। फिल्म शांतनु गुप्ता की बेस्टसेलर द मॉन्क हू बिकेम चीफ मिनिस्टर से प्रेरित है। 





राजीव एस रुइया द्वारा निर्देशित फिल्म विजेयता, जीरो के हीरो बनाने की कहानी है ।  फिल्म में  अभिनेता रवि भाटिया ने कलकत्ता की सडकों पर भटकने वाले एक युवक के अमीरात का करोड़पति बनने के कथानक में मुख्य भूमिका की है।  फिल्म में उनका साथ ज्ञान प्रकाश, भारती अवस्थी, दीक्षा ठाकुर, गोदान कुमार और प्रिटी अग्रवाल ने दिया है।




 

इस शुक्रवार, दर्शक २०१३ में प्रारम्भ कोर्ट रूम ड्रामा के साक्षी बनेंगे। २०१३ की, सुभाष कपूर निर्देशित जॉली एलएलबी में अभिनेता अरशद वारसी ने जॉली अधिवक्ता जगदीश त्यागी की भूमिका की थी। चार साल बाद, प्रदर्शित जॉली एलएलबी २ में, अरशद वारसी के जॉली का स्थान अक्षय कुमार के जॉली जगदीश्वर मिश्रा ने ले लिया था। यह दोनों ही फिल्मे बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफल हुई थी।  सुभाष कपूर ही, इस तीसरी जॉली का निर्देशन कर रहे है।  किन्तु, इस तीसरी जॉली में अक्षय कुमार के जॉली जगदीश्वर मिश्रा का अरशद मिश्रा के जॉली जगदीश त्यागी का कोर्ट रूम में सीधा टकराव होगा।  स्पष्ट रूप से जज सुन्दर लाल त्रिपाठी सौरभ शुक्ल ही है।  इस फिल्म में दोनों जॉलीयो की पत्निया हुमा कुरैशी और अमृता राव भी उपस्थित रहेंगी। 

Wednesday, 10 September 2025

#Yash के गैंगस्टर की #Toxic कथा



अभिनेता यश की, घोषणा के समय से ही चर्चित और बहुप्रतीक्षित गैंगस्टर एक्शन थ्रिलर फिल्म टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोनअप्स इस समय एक महत्वकांक्षी अखिल भारतीय फिल्म बन कर उभर रही है।  विशेष बात यह है कि फिल्म में टॉक्सिक गैंगस्टर यश के नेतृत्व में बॉलीवुड और टॉलीवूड की सुन्दर किन्तु प्रतिभाशाली अभिनेत्रियां अपनी अदाकारी का परिचय अखिल भारतीय दर्शकों को एक साथ देने जा रही है। 




एक गैंगस्टर की टॉक्सिक कथा पर, फिल्म टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोनअप्स की चार सुंदरियों को कैमरा के पीछे से निर्देश एक महिला निर्देशक गीतू मोहनदास दे रही है। फिल्म में बॉलीवुड से किआरा अडवाणी, तारा सुतरिया और हुमा कुरैशी तथा दक्षिण की लेडी सुपरस्टार नयनतारा और रुक्मिणी वसंत गैंगस्टर के जीवन में महत्वपूर्ण चरित्र कर रही है। 





वॉर २, गेम चेंजर, गोविंदा नाम मेरा, जुग जुग जियो और भूल भुलैया २ जैसी सफल फिल्मों में हृथिक रोशन, रामचरण, विक्की कौशल और वरुण धवन की रोमांस किआरा अडवाणी, टॉक्सिक में यश के जीवन के विषैलेपन को अपने सौंदर्य और कोमलता से कम करने का प्रयास करती दिखाई देंगी।  वह उनकी रोमांटिक जोड़ीदार है। 





दक्षिण की फिल्मों की लेडी सुपरस्टार मानी जाने वाले सुन्दर और प्रतिभाशाली नयनतारा यश से रोमांस नहीं कर रही।  वह फिल्म में यश की बहन की भूमिका कर रही है।  यह चरित्र टॉक्सिक की गैंगस्टर कथा को भावनात्मक स्तर पर आगे बढ़ाने वाली है।  गीतू मोहनदास ने इस भूमिका के लिए बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान को लिया था। किन्तु, करीना कपूर ने यश की बहन के स्थान पर उनकी रोमांटिक जोड़ीदार बनाने की मांग रख दी थी।  परिणामस्वरूप फिल्म में नयनतारा आ गई। 





 

फिल्म की तीसरी सुंदरी बॉलीवुड की मरजावां, एक विलेन रिटर्न्स और अपूर्व में अपनी अभिनय प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी, तारा सुतरिया रोचक चरित्र कर रही है। वह फिल्म में यश की रोमांस तो नहीं हैं, किन्तु, फिल्म में यश के रोमांस को चुनौती देने वाली अवश्य है। बताते हैं कि फिल्म में कियरा अडवाणी और तारा सुतरिया के चरित्रों के मध्य तीखी झड़प होती रहती है।





हुमा कुरैशी, एक बार फिर खल चरित्र करने जा रही है। फिल्म काला में रजनीकांत और फिल्म वालीमै में अजित कुमार जैसे सुपर सितारों के विरुद्ध परदे  पर अपनी उपस्थिति देने वाली हुमा कुरैशी फिल्म टॉक्सिक में नकारात्मक चरित्र कर रही है। यह महिला चरित्र यश के जीवन में जहर फ़ैलाने वाला है।  





यहाँ अभिनेत्री रुक्मिणी वसंत का उल्लेख करना उपयुक्त होगा।  वह कन्नड़ फिल्मों की नामचीन अभिनेत्री है।  जिस साल, २०१९ में रुक्मिणी ने कन्नड़ फिल्म बीरबल ट्राइलॉजी से अपने कन्नड़ फिल्म जीवन का प्रारम्भ किया था, उसी साल उन्होंने हिंदी फिल्म अपस्टॉर्टस में एक एनजीओ के लिए काम करने वाली लड़की की भूमिका की थी। वह फिल्म सप्त सागरादाचे एलो साइड ए और साइड बी में अपनी जबरदस्त  अभिनय प्रतिभा का परिचय दे चुकी है। हाल में प्रदर्शित तमिल फिल्म मद्रासी में शिवकार्तिकेयन की मालती की भूमिका में दिखाई दी थी। उनका भी फिल्म टॉक्सिक में हलचल मचाने वाला चरित्र है। 





टॉक्सिक फिल्म का तकनीकी पक्ष भी  उत्कृष्ट है। फिल्म के तकनीकी पक्ष को निखारने के लिए अंतर्राष्ट्रीय तकनीशियनों को सम्मिलित किया गया है। इनमे हॉलीवुड के एक्शन कोरियोग्राफर जे जे पेरी का नाम उल्लेखनीय है। पेरी ने, हॉलीवुड  की तीन फिल्मों डे शिफ्ट, द किलर्स और आफ्टरबर्न का निर्देशन किया है।





स्पष्ट है कि जहाँ टॉक्सिक अ टेल फॉर ग्रोनअप्स शैली, विषय वास्तु और सशक्त अभिनय से सजी फिल्म होगी, बल्कि तकनीकी रूप से भी उत्कृष्ट फिल्म होगी। २०२६ में, जब टॉक्सिक परदे पर प्रदर्शित की जा रही होगी, तो दर्शक अब तक देखी समस्त गैंगस्टर फिल्मों को भुला बैठेंगे। 





२०१८ में प्रदर्शित कोलार खदान की पृष्ठभूमि वाली फिल्म केजीएफ चैप्टर १ से बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख़ खान को बुरी तरह मात देने वाले कन्नड़ फिल्म अभिनेता यश ने अखिल भारतीय सफलता प्राप्त की थी।  फिल्म के दूसरे चैप्टर केजीएफ चैप्टर २ के पूरे देश में क्रेज़ से घबराये आमिर खान को अपनी फिल्म लालसिंह चड्डा का प्रदर्शन १४ अप्रैल के स्थान पर स्वंतंत्रता दिवस के सप्ताह में ११ अगस्त को प्रदर्शित करने को विवश कर दिया।  

Monday, 6 July 2020

अगस्त से शुरू होगी Akshay Kumar की बेलबॉटम


फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने, नंबर १ रहने की बाज़ी फिर मार ली है. वह कोरोना महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन में छूट के बाद, फिल्मों की शूटिंग शुरू करने वाले पहले अभिनेता भी बन गए हैं. उनकी फिल्म बेलबॉटम की शूटिंग अगले महीने यानि अगस्त से शुरु होगी. बेशक इस शूट में उनके साथ उनके निर्देशक रंजित तिवारी होंगे ही. महिला शक्ति भी पीछे नहीं है. बेलबॉटम के अंडरकवर स्पाई की सहयोगिनी या रोमांस करने वाली तीन अभिनेत्रियाँ वाणी कपूर, लारा दत्ता और हमा कुरैशी भी उनके साथ शूटिंग की शुरुआत करेंगी. इससे पहले यह उम्मीद की जा रही थी कि संजय लीला भंसाली की फिल्म गंगुबाई कठियावाड़ी या सलमान खान की फिल्म राधे योर मोस्ट वांटेड भाई में से किसी एक फिल्म की शूटिंग सबसे पहले शुरू होगी.फिल्म बेलबॉटम २ अप्रैल २०२१ को प्रदर्शित होगी.

Sunday, 26 April 2020

फिल्म 'वलीमाई' में एक्शन करेंगी Huma Qureshi


रजनीकांत की फिल्म काला से तमिल फिल्म डेब्यू करने के बाद, हुमा कुरैशी अपनी अगली तमिल एक्शन थ्रिलर फिल्म वलीमाई में अजित कुमार की नायिका बनने जा रही  हैं। फिल्म में हुमा कुरैशी का अजित कुमार के साथ रोमांटिक जोड़ी बनाएंगी। आजकल हुमा, चेन्नई में इस फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस बीच, हाल में ही हुमा कुरैशी को चेन्नई शहर में बाइक चलाते हुए देखा गया। वह एक क्लासिक रेड रॉयल एनफील्ड की सवारी करते हुए दिखाई दी । सर से पैर तक काली पोशाक  में हुमा बेहद आकर्षक नज़र आ रहीं थी। उन्होंने बाइक की सवारी करते अपने फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर किये। वलीमाई' एक एक्शन-थ्रिलर फिल्म है जो कि इस साल दीवाली पर रिलीज़ होने वाली है। इससे ऐसा लगता है कि हुमा कुरैशी 'वलीमाई' में एक्शन भूमिका कर रही है तथा अपने एक्शन सीन्स की तैयारी के लिए ही वह बाइक चलाना सीख रही थी। इस  रहस्य और रोमांच से भरपूर फिल्म को एच विनोद, निर्माता बोनी कपूर के लिए निर्देशित कर रहे हैं। हुमा कुरैशी, एक हॉलीवुड फिल्म आर्मी ऑफ़ द डेड भी कर रही है। इस फिल्म के निर्देशक जस्टिस लीग, बैटमैन वर्सेज सुपरमैन डौन ऑफ़ द जस्टिस और मैन ऑफ़ स्टील के निर्देशक जैक स्निडर कर रहे हैं। फिल्म के नायक एवेंजर्स एन्डगेम के डेव बॉटिस्टा हैं।

Tuesday, 7 April 2020

जेनिफर गार्नर की वैश्विक पहल में शामिल Huma Qureshi



एमी एडम्स के साथ मिलकर हॉलीवुड स्टार जेनिफर गार्नर ने गर्व के साथ 'सेव विथ स्टोरीज' नामक एक नया प्रयास शुरू किया है, जिसका उद्देश्य कोरोनोवायरस महामारी के दौरान बच्चों की मदद करना है। जिन्हें ज्ञात नही है उन्हें बता दें कि ये अभियान 'सेव द चिल्ड्रन' और 'नो किड हंग्री' के लिए एक फंड रेज़र है। दोनों आइकनों ने #SaveWithStories को एक इंस्टाग्राम हैंडल के रूप में लॉन्च किया, जिसमें  बच्चों की किताबों को दुनिया भर की मशहूर हस्तियों द्वारा पढ़ा जाएगा।

इस अभियान को क्रिस प्रैट, रीज़ विदरस्पून, केली क्लार्कसन, क्रिस इवांस, इवा लोंगोरिया जैसे सेलेब्स का सपोर्ट मिला है वहीं अब बॉलीवुड स्टार हुमा एस कुरैशी भी इस अभियान में अपना सहयोग दे रही हैं।

 हुमा ने कहानी पढ़ते हुए खुद का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया और Covid 19 से प्रभावित बच्चों की मदद करने के लिए इस पहल के लिए @savethechildren    @savewithstories @savethechildren_india and Ofcourse @jennifer.garner @pmcgetrick और @pragyavats को धन्यवाद दिया।

उन्होंने लिखा " स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा के महत्व को हम सभी जानते हैं- विशेषकर आज की परिस्थिति में।  लेकिन, हम अपने तात्कालिक दायरे से परे सोचकर और दूसरों की देखभाल के लिए #SlowtheCurve कर सकते हैं, खासकर ऐसे बच्चों के लिये जिनका आश्रय जोखिम में हैं। आप सेव द चिल्ड्रन का समर्थन करके अब उनकी मदद कर सकते हैं जो अपने प्रोग्राम के माध्यम से उन बच्चों तक पहुंचते हैं जिन्हें बीमारी और संक्रमण का ख़तरा है।

 मैं 'मुल्ला नसीरुद्दीन फीड्स हिज कोट' की कहानी भारत के उन सभी बच्चों को # SavewithStories के साथ समर्पित करती हूं। मैं सभी को बच्चों के लिए अपनी पसंदीदा कहानी लेने और पढ़ने के लिए नॉमिनेट करती हूं।
यह बहुत ही सिंपल है, बच्चों की कोई भी कहानी लें जोकि बचपन में आपको प्रेरित करती हों उसे पोस्ट करें और www.savethechildren.in/savewithstories में डोनेशन देकर अपना सहयोग दें।

Friday, 29 November 2019

समलैंगिक संबंधो पर फिल्म में काम करेंगी Huma Qureshi ?


ज़ैक स्नाइडर की फिल्म 'आर्मी ऑफ़ द डेड' में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बाद हुमा कुरैशी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर रही हैं। फिल्म इंडिपेंडेंट के न्यू वेब एक्टर्स की लिस्ट में एकमात्र भारतीय प्रतिभा के तौर पर शामिल हैं।  यह उनकी एक सराहनीय उपलब्धि है।

अब प्रशंसकों की निगाहें हुमा कुरैशी की अगली फिल्म पर टिकी हुई है। हुमा कुरैशी ने हाल ही में इंडिया कल्चर लैब का दौरा किया। तब से, अटकलें लगाई जा रही हैं कि कुरैशी जल्द ही भारत में एलजीबीटीक्यू समुदाय से जुड़े किसी प्रोजेक्ट में नज़र आ सकती हैं।

इंडिया कल्चर लैब एक प्रो-एलजीबीटीक्यू समुदाय है। कुछ दिनों पहले हुमा कुरैशी को संस्था के संस्थापक परमेश शहानी के साथ बातचीत करते देखा गया था। सूत्रों के अनुसार, इस लीला अभिनेत्री ने एलजीबीटीक्यू समुदाय के स्वयंसेवकों के साथ भी बातचीत की। इसलिए ही यह अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि इस प्रकार से हुमा अपनी अगली फिल्म की तैयारी कर रही हैं।

भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा धारा 377 को हटाए जाने के परिणामस्वरूप, बॉलीवुड में समलैंगिक प्रेम पर आधारित फिल्मों की संख्या में वृद्धि हुई है। अभी तक इस प्रेम को अप्राकृतिक माना जाता था।

ऐसा लगता है कि हुमा कुरैशी अब एक नए जॉनर की फिल्म में अभिनय करने जा रही हैं |