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Wednesday, 8 July 2026

#Yash और #KiaraAdvani की #Toxic प्रेम कहानी की #Tabaahi

 


कुछ लव स्टोरीज़ “आई लव यू” से शुरू होती हैं… लेकिन ‘तबाही’ खामोशी से शुरू होती है। और शायद यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।

 



 

रॉकिंग स्टार यश और कियारा आडवाणी के साथ ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ का पहला गाना ‘तबाही’ हमें उस प्यार की दुनिया में ले जाता है, जो कहा कम और महसूस ज़्यादा किया जाता है। विशाल मिश्रा की आवाज़ और धुन इस इमोशनल खामोशी को और गहरा बना देती है, जहां हर नज़र, हर ठहराव अपने आप में एक कहानी बन जाता है।

 



 

पूरे म्यूज़िक वीडियो में यश और कियारा के बीच एक अजीब सा खिंचाव महसूस होता है। उनकी हर नज़र में तड़प है, और हर खामोशी किसी लंबी बातचीत से भी ज़्यादा भारी लगती है। यहां बड़े-बड़े इज़हार नहीं हैं, बल्कि दिल को चुपचाप दबाकर रखने की कोशिश है… और यही इसे और ज़्यादा असरदार बना देता है।




 

 

वीडियो का एक बेहद खास पल तब आता है, जब तारा सुतारिया का किरदार रेबेका, राया (यश) से पूछती है, “क्या तुम खुद के अलावा किसी और से प्यार नहीं कर सकते?”




 

और राया बिना रुके जवाब देता है, “बिलकुल नहीं।”




 

 

ऊपर से ये जवाब बहुत पक्का लगता है… जैसे उसे यकीन हो कि उसके दिल में किसी के लिए जगह ही नहीं है।




 

लेकिन अगले ही पल ये यकीन खुद ब खुद टूटने लगता है।




 

 

कैमरा जैसे ही राया को कियारा की तरफ देखते हुए दिखाता है… शब्द बेकार हो जाते हैं। उसकी आंखें सब कुछ बयां कर देती हैं, जो वो खुद से भी छुपा रहा है।




 

वो तड़प, वो झिझक, वो छुपी हुई नर्मी… ये सब मिलकर एक ऐसे इंसान की कहानी बताते हैं, जो अपने ही जज़्बातों से भाग रहा है, लेकिन उनसे बच नहीं पा रहा।




 

 

यही अंदरूनी टकराव ‘तबाही’ को इतना यादगार बनाता है।




 

ये प्यार की वो कहानी नहीं है, जो खुलेआम कबूल की जाती है… ये वो प्यार है जिसे नकारा जाता है, दबाया जाता है, लेकिन फिर भी जो हर हाल में रास्ता निकाल ही लेता है।





 

 

और शायद यही ‘तबाही’ को बाकी सब से अलग बनाता है।




 

यहां प्यार कोई नरम एहसास नहीं, बल्कि एक ऐसी ताकत है जो हर फैसले, हर ठहराव और हर नज़र के पीछे चुपचाप अपना असर छोड़ जाती है।





 

 

राया चाहे जितना भी मना कर ले… कुछ जज़्बात ऐसे होते हैं, जो छुपाए नहीं छुपते।





 

 

गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में यश के साथ नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी जैसी शानदार स्टारकास्ट नजर आएगी।




 

 

वेंकट के. नारायण और यश द्वारा केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के बैनर तले प्रोड्यूस की गई यह फिल्म इस साल की सबसे बड़ी सिनेमैटिक रिलीज़ में से एक बनने जा रही है।





 

 

फिल्म 26 अगस्त 2026 को दुनियाभर में बड़े पैमाने पर सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

Friday, 3 July 2026

क्या कामुक हैं #ToxicTheMovie की #LadiesAndLadies ?



कन्नड़ सुपरस्टार यश की अखिल विश्व फिल्म टॉक्सिक, अपनी घोषणा के साथ ही चर्चा में आ गई थी।  दर्शकों को, केजीएफ फिल्मों के नायक यश की इस फिल्म की उत्सुकता से प्रतीक्षा थी।  किन्तु, १ जुलाई को फिल्म की महिला चरित्रों का  परिचय कराने वाला टीज़र जारी हुआ, यह फिल्म विवादित रूप से चर्चा में आ गई।  







टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स को पावर और ग्लैमर का जबरदस्त जश्न बताया जा रहा है।  गीतू मोहनदास निर्देशित फिल्म टॉक्सिक में पांच महिला चरित्र है।  १ जुलाई को अनावृत टीज़र इन चरित्रों का परिचय करने वाला है।  समीक्षक इस टीज़र को महिला चरित्रों का विषैला परिचय बता रहे है।   






इसमें कोई संदेह नहीं कि इस टीज़र में शक्ति और सेक्सी  सौंदर्य का प्रभावशाली परिचय हुआ है।  यश का मरदाना जिस्म उनकी शक्ति और क्षमता का परिचय देता है।  उनको देखते हुए आप भयभीत भी हो सकते है।  यद्यपि, वह ऐसा कुछ करते दिखाई नहीं देते।  क्योंकि, वह फिल्म के गैंगस्टर तो हैं ही।  






कुछ समीक्षकों का मानना है कि फिल्म बताती है कि महिला चरित्रों को किस प्रकार से प्रस्तुत किया जाना चाहिए।  ऐसा, कदाचित इसलिए कहा जा रहा है कि फिल्म कोई निर्देशक गीतू मोहनदास स्वयं एक महिला है।  एक महिला दूसरी महिला की सेक्स अपील और कामुकता को भली भांति प्रस्तुत कर सकती है।  गीतू मोहनदास से पहले भी कई महिला फिल्म निर्देशक ऐसा दावा करती रही है। 






अखिल भारतीय और अखिल विश्व आकर्षण  वाली फिल्म टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स में बॉलीवुड की किआरा अडवाणी, तारा सुतरिया और हुमा कुरैशी जैसी सेक्सी अभिनेत्रियां हैं तो दक्षिण से नयनतारा और रुक्मिणी वसंत का ग्लैमर भी है। फिल्म की इन महिला चरित्रों को, टीज़र में कुछ इस प्रकार से प्रस्तुत किया गया है कि वह कामुक भी दिखती है और यश जैसे गैंगस्टर से भिड़ जाने वाली शक्तिशालिनी सुंदरियाँ भी। 






क्या टॉक्सिक टीज़र सचमुच महिला चरित्रों की इतनी टॉक्सिक झलक दिखा जाता है कि होहल्ला मचा हुआ है ! टॉक्सिक का लेडीज एंड लेडीज प्रोमो ग्लैमरस, डार्क  विज़ुअल्स पर केंद्रित है। इससे फिल्म की पांच महिलाओं की सेक्सुअलिटी चित्रण पर शंका पैदा हो सकती है। किन्तु, ध्यान रहे कि टीज़र में कहीं भी नग्न या उकसाने वाले अंग प्रदर्शन नहीं है। 






आरोप लगाया जा रहा है कि टीज़र से, महिला  चरित्रों का ऑब्जेक्टिफिकेशन होता लगता है। जिस प्रकार से, यश पांच महिलाओं को युद्ध मुद्रा में अपने सामने देखते हैं, वह कहते हैं लेडीज एंड लेडीज ! क्या एक एक कर आओगी या पांचों एक साथ होगी।  लोग इसे द्विअर्थी बता रहे है। महिला चरित्रों को वस्तु की भांति प्रस्तुत करना बता रहे है। 






इस फिल्म के प्रारंभिक एक टीज़र में एक कार के दृश्य की आलोचना हुई थी। इसे मेल गेज़ बताया गया था।  मेल गेज़ का अर्थ फिल्मों में नारी चरित्र का पुरुष दृष्टि से कामुक चित्रण किया जाना।  इसमें नारी शरीर को वस्तु की तरह, पुरुष दर्शको की कामवासना उभाड़ने का प्रयास किया जाता है। 







जहाँ तक, महिला चरित्र का वस्तुकरण करने की बात है, इस प्रकार के चित्रण वाली कई फ़िल्में पहले भी बन चुकी है।  महेश भट्ट और उनकी कंपनी महिला चरित्र को मेल गेज़ की तरह ही प्रस्तुत करती थी।  जिस्म, मर्डर, आदि भट्ट कैंप की फ़िल्में ऐसा ही वस्तुकरण करने वाली होती थी। रामगोपाल वर्मा की फिल्म रंगीला मेल गेज़ का श्रेष्ठ उदाहरण है।  इस फिल्म की नायिका उर्मिला मातोंडकर अपने कामुक अंग प्रदर्शन और हाव भाव के कारण चर्चित हो गई थी। 






किन्तु, टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स की गीतू मोहनदास मेल गेज़ के आरोपों को नकारते हुए इस फिल्म को फीमेल गेज़ फिल्म बताती है।  फीमेल गाजे की अवधारण स्थापित करती है कि किसी भी नारी में कामुकता होती है।  वह अपनी इस कामुकता को कैसे मिटाती है, वह उस  चरित्र पर निर्भर है।  गीतू मोहनदास अपनी फिल्म की नारी चरित्र के चित्रण को फीमेल प्लेज़र बताती है। यदि, कोई महिला अपनी कामुकता के चलते किसी पुरुष से सम्बन्ध बनाना चाहती है तो वह उसका अपना सुख है।  गीतू मोहनदास कहती है, "यह नारी सुख, सहमति और तंत्र का अपने अनुसार उपयोग करना है। फिल्म की महिलाएं सशक्त हैं और आत्मनिभर है।" 






गीतू मोहनदास की माने तो टॉक्सिक के महिला चरित्र यश के चरित्र के सेक्स गुलाम नहीं।  वह अपनी सहमति से सेक्स कर सकती है और सुख प्राप्त कर सकती है। वह तंत्र को अपने अनुसार उपयोग कर सकती है।  वह गहराई से भावुक है।  किन्तु, वास्तविकता क्या है, यह तो फिल्म प्रदर्शित होने के पश्चात् ही पता चलेगा।  इस समय तो टॉक्सिक विवादित हो चुकी है।  इससे फिल्म को भारी प्रचार मिला है और बड़ी ओपनिंग सुनिश्चित है। कदाचित फिल्मकार का उद्देश्य यही था।  इससे फिल्म वयस्कों के लिए प्रमाणपत्र प्राप्त करेगी। किन्तु, इससे क्या ? एनिमल भी तो वयवस्कों के लिए थी और कबीर सिंह भी। 

Wednesday, 4 March 2026

#Toxic ४ जून को क्यों ! युद्ध या #Dhurandhar2 का भय ?

 


१९ मार्च २०२६ को होने वाला टॉक्सिक और धुरंधर का टकराव टल गया है. पहले, ईद २०२६ को रणवीर सिंह की सीक्वल फिल्म धुरंधर पार्ट २ से टकराने वाली यश की फिल्म टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स की रिलीज़ टाल दी गई है. अब यह फिल्म ४ जून २०२६ को प्रदर्शित होगी.





 

इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर अपने अपने एक्सपर्ट कॉमेंट्स दर्ज करने का सिलसिला प्रारंभ हो गया है. कहा जा रहा है कि यश की मूल रूप में तेलुगु और इंग्लिश भाषा में शूट फिल्म टॉक्सिक, धुरंधर २ की संभावित धुरंधर सफलता से भयभीत हो कर कूच कर गई है. जिस प्रकार से, रणवीर सिंह की फिल्म को टॉक्सिक के मुकाबले बड़ी ओपनिंग मिली है. उससे इसका अनुमान लगाया जाना स्वभाविक है. किन्तु, यह अर्ध सत्य या २५ प्रतिशत सत्य ही है.





 

 

फिल्म निर्माता कंपनी केवीएन प्रोडक्शनस और मॉन्स्टर मिरो क्रिएशन्स ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा- फिल्म A Fairy Tale for Grown-ups एक ऐसी फ़िल्म है, जिसे हमने दुनिया भर के दर्शकों के सिनेमा के रूप में बनाने के लिए बनाया है। कन्नड़ और इंग्लिश में बनी यह फ़िल्म देश और दुनिया भर के दर्शकों से जुड़ने के इरादे से बनाई गई है। सालों की मेहनत के बाद, हम 19 मार्च को आप सभी के साथ अपनी फ़िल्म शेयर करने के लिए उत्साहित थे। हालाँकि, अभी की अनिश्चितता, खासकर मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति, ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है, जो हमारे ज़्यादा से ज़्यादा दर्शकों तक पहुँचने और उनसे जुड़ने के हमारे लक्ष्य पर असर डाल रही है। इसलिए, अपने पार्टनर और दर्शकों के हित में, हमने अपनी रिलीज़ को रीशेड्यूल करने का मुश्किल लेकिन सोच-समझकर फ़ैसला लिया है। हम आपकी समझ और सब्र के लिए धन्यवाद करते हैं और आपके लगातार प्यार और सपोर्ट की उम्मीद करते हैं। Toxic: A Fairy Tale for Grown-ups अब 4 जून 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में इंग्लिश और भारतीय भाषाओं में रिलीज़ होगी। मिलते हैं फ़िल्मों में।




 

इससे फिल्म टॉक्सिक के निर्माताओं के इरादे स्पष्ट होते है. उन्होंने टॉक्सिक को १९ मार्च को न रिलीज़ करने का फैसला इसलिए नहीं किया कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर के कारोबार से घबराई हुई थी. क्योंकि, यश की फिल्म टॉक्सिक मूल रूप में कन्नड़ फिल्म है तथा अंग्रेजी भाषा में भी शूट हुई है. यह फिल्म हिंदी में डब हो कर प्रदर्शित होगी. यश की विगत प्रदर्शित फिल्म केजीएफ़ २ ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर ८५९.७९ करोड़ का कारोबार किया था. इसमें कन्नड़ भाषा में १५४.६९ करोड़ का कारोबार सम्मिलित था. फिल्म ने हिंदी में ४५३.३३ करोड़ का कारोबार कर गई थी. कन्नड़ भषा में इतने बड़े कलेक्शन की रणवीर सिंह कल्पना भी नहीं कर सकते. क्योंकि, शाहरुख़ खान की फिल्म जवान का दक्षिण में, तेलुगु और तमिल भाषा में बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ५८ करोड़ के लगभग था. उस प्रकार से धुरंधर २, यश की फिल्म का कारोबार हिंदी पेटी में प्रभावित कर सकती थी. विशेष रूप से प्रारंभिक दिनों में. किन्तु, दक्षिण का बॉक्स ऑफिस टॉक्सिक के लिए बिलकुल खुला था.




 

स्पष्ट रूप से, देशों में युद्ध के कारण उपजी अस्थिरता के कारण लिया है. धुरंधर २ के लिए खाड़ी देशो के बॉक्स ऑफिस का महत्त्व नहीं, क्योंकि, अपनी मूल फिल्म धुरंधर की तरह धुरंधर २ भी पाकिस्तान विरोधी होने के कारण खाड़ी देशो में प्रदर्शित नहीं होगी. किन्तु, यश की फिल्म के विरुद्ध ऐसा कोई फतवा नहीं है. यह फिल्म खाड़ी देशो में प्रदर्शित होने जा रही थी. जिस प्रकार से युद्ध की स्थिति में अमेरिका और मलयेशिया जैसे देश शामिल है, दक्षिण की फिल्मे सबसे अधिक प्रभावित होंगी. क्योंकि, इन देशों में दक्षिण के अभिनेताओं को भारी समर्थन प्राप्त है. यद्यपि युद्ध की स्थिति बनी रहने पर धुरंधर २ का कलेक्शन भी प्रभावित होगा . किन्तु, आदित्य धर की फिल्म को भारत के दर्शकों पर भरोसा है.




 

पूरे मार्च महीने में दक्षिण की चार फ़िल्में प्रदर्शित होनी थी. इनमे से, अदिवी शेष की १९ मार्च को प्रदर्शित होने जा रही फिल्म डकैत अ लव स्टोरी अब १० अप्रैल को, नानी की तेलुगु फिल्म द पैराडाइस अब २६ मार्च के बजाय २६ अगस्त को तथा रामचरण की फिल्म पेड्डी अब २७ मार्च के स्थान पर १० अगस्त को प्रदर्शित होगी. इन सभी फिल्मों को युद्ध के टलने की प्रतीक्षा है.

Wednesday, 10 September 2025

#Yash के गैंगस्टर की #Toxic कथा



अभिनेता यश की, घोषणा के समय से ही चर्चित और बहुप्रतीक्षित गैंगस्टर एक्शन थ्रिलर फिल्म टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोनअप्स इस समय एक महत्वकांक्षी अखिल भारतीय फिल्म बन कर उभर रही है।  विशेष बात यह है कि फिल्म में टॉक्सिक गैंगस्टर यश के नेतृत्व में बॉलीवुड और टॉलीवूड की सुन्दर किन्तु प्रतिभाशाली अभिनेत्रियां अपनी अदाकारी का परिचय अखिल भारतीय दर्शकों को एक साथ देने जा रही है। 




एक गैंगस्टर की टॉक्सिक कथा पर, फिल्म टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोनअप्स की चार सुंदरियों को कैमरा के पीछे से निर्देश एक महिला निर्देशक गीतू मोहनदास दे रही है। फिल्म में बॉलीवुड से किआरा अडवाणी, तारा सुतरिया और हुमा कुरैशी तथा दक्षिण की लेडी सुपरस्टार नयनतारा और रुक्मिणी वसंत गैंगस्टर के जीवन में महत्वपूर्ण चरित्र कर रही है। 





वॉर २, गेम चेंजर, गोविंदा नाम मेरा, जुग जुग जियो और भूल भुलैया २ जैसी सफल फिल्मों में हृथिक रोशन, रामचरण, विक्की कौशल और वरुण धवन की रोमांस किआरा अडवाणी, टॉक्सिक में यश के जीवन के विषैलेपन को अपने सौंदर्य और कोमलता से कम करने का प्रयास करती दिखाई देंगी।  वह उनकी रोमांटिक जोड़ीदार है। 





दक्षिण की फिल्मों की लेडी सुपरस्टार मानी जाने वाले सुन्दर और प्रतिभाशाली नयनतारा यश से रोमांस नहीं कर रही।  वह फिल्म में यश की बहन की भूमिका कर रही है।  यह चरित्र टॉक्सिक की गैंगस्टर कथा को भावनात्मक स्तर पर आगे बढ़ाने वाली है।  गीतू मोहनदास ने इस भूमिका के लिए बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान को लिया था। किन्तु, करीना कपूर ने यश की बहन के स्थान पर उनकी रोमांटिक जोड़ीदार बनाने की मांग रख दी थी।  परिणामस्वरूप फिल्म में नयनतारा आ गई। 





 

फिल्म की तीसरी सुंदरी बॉलीवुड की मरजावां, एक विलेन रिटर्न्स और अपूर्व में अपनी अभिनय प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी, तारा सुतरिया रोचक चरित्र कर रही है। वह फिल्म में यश की रोमांस तो नहीं हैं, किन्तु, फिल्म में यश के रोमांस को चुनौती देने वाली अवश्य है। बताते हैं कि फिल्म में कियरा अडवाणी और तारा सुतरिया के चरित्रों के मध्य तीखी झड़प होती रहती है।





हुमा कुरैशी, एक बार फिर खल चरित्र करने जा रही है। फिल्म काला में रजनीकांत और फिल्म वालीमै में अजित कुमार जैसे सुपर सितारों के विरुद्ध परदे  पर अपनी उपस्थिति देने वाली हुमा कुरैशी फिल्म टॉक्सिक में नकारात्मक चरित्र कर रही है। यह महिला चरित्र यश के जीवन में जहर फ़ैलाने वाला है।  





यहाँ अभिनेत्री रुक्मिणी वसंत का उल्लेख करना उपयुक्त होगा।  वह कन्नड़ फिल्मों की नामचीन अभिनेत्री है।  जिस साल, २०१९ में रुक्मिणी ने कन्नड़ फिल्म बीरबल ट्राइलॉजी से अपने कन्नड़ फिल्म जीवन का प्रारम्भ किया था, उसी साल उन्होंने हिंदी फिल्म अपस्टॉर्टस में एक एनजीओ के लिए काम करने वाली लड़की की भूमिका की थी। वह फिल्म सप्त सागरादाचे एलो साइड ए और साइड बी में अपनी जबरदस्त  अभिनय प्रतिभा का परिचय दे चुकी है। हाल में प्रदर्शित तमिल फिल्म मद्रासी में शिवकार्तिकेयन की मालती की भूमिका में दिखाई दी थी। उनका भी फिल्म टॉक्सिक में हलचल मचाने वाला चरित्र है। 





टॉक्सिक फिल्म का तकनीकी पक्ष भी  उत्कृष्ट है। फिल्म के तकनीकी पक्ष को निखारने के लिए अंतर्राष्ट्रीय तकनीशियनों को सम्मिलित किया गया है। इनमे हॉलीवुड के एक्शन कोरियोग्राफर जे जे पेरी का नाम उल्लेखनीय है। पेरी ने, हॉलीवुड  की तीन फिल्मों डे शिफ्ट, द किलर्स और आफ्टरबर्न का निर्देशन किया है।





स्पष्ट है कि जहाँ टॉक्सिक अ टेल फॉर ग्रोनअप्स शैली, विषय वास्तु और सशक्त अभिनय से सजी फिल्म होगी, बल्कि तकनीकी रूप से भी उत्कृष्ट फिल्म होगी। २०२६ में, जब टॉक्सिक परदे पर प्रदर्शित की जा रही होगी, तो दर्शक अब तक देखी समस्त गैंगस्टर फिल्मों को भुला बैठेंगे। 





२०१८ में प्रदर्शित कोलार खदान की पृष्ठभूमि वाली फिल्म केजीएफ चैप्टर १ से बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख़ खान को बुरी तरह मात देने वाले कन्नड़ फिल्म अभिनेता यश ने अखिल भारतीय सफलता प्राप्त की थी।  फिल्म के दूसरे चैप्टर केजीएफ चैप्टर २ के पूरे देश में क्रेज़ से घबराये आमिर खान को अपनी फिल्म लालसिंह चड्डा का प्रदर्शन १४ अप्रैल के स्थान पर स्वंतंत्रता दिवस के सप्ताह में ११ अगस्त को प्रदर्शित करने को विवश कर दिया।