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Monday, 13 July 2026

भगवान मुरुगन पर #ThamizhMurugan और #GodOfWar



जून के अंत में, भगवान मुरुगन पर तेलुगु फिल्म गॉड ऑफ़ वॉर की घोषणा हुई थी। १० जून को एक तमिल फिल्म तमीज़ मुरुगन (तमिल मुरुगन) की घोषणा हुई।  दोनों ही फ़िल्में शिव और पारवती के पुत्र कुमार कार्तिकेय उर्फ़ मुरुगन पर केंद्रित कथानक वाली है। इन दोनों फिल्मों के कथानक के केंद्र में मुरुगन भगवान् है, किन्तु दोनों फिल्मो की प्रस्तुति काफी भिन्न होगी।



 

भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) पर बनने जा रही ये दोनों ही फिल्में भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी और भव्य पौराणिक फिल्मों में से एक होने वाली हैं। इन दोनों प्रोजेक्ट्स को लेकर भारतीय सिनेमा और सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा और बहस छिड़ गई है।




अभिनेता धनुष और लेखक- निर्देशक वेत्रिमारन की फिल्म तमिल मुरुगन (Thamizh Murugan) शुद्ध रूप से तमिल संस्कृति, साहित्य (संगम काल) और ऐतिहासिक परंपराओं पर आधारित होगी।




यह धनुष और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता वेत्रिमारन की ब्लॉकबस्टर जोड़ी की 5 वीं फिल्म है। फिल्म को प्रसिद्ध लेखक अरीवुमथी लिख रहे हैं और संगीत साई अभ्यंकर का है।




यह फिल्म अरीवुमथी के ऐतिहासिक उपन्यास पर आधारित है, जो भगवान मुरुगन को 'तमिल कड़वुल' (तमिल लोगों के देवता, राजा और रक्षक) के रूप में दिखाती है।




इसके टीज़र/फर्स्ट लुक वीडियो में युद्ध का मैदान दिखाया गया है, जहां नायक हाथी पर सवार होकर हाथ में मुरुगन का पारंपरिक अस्त्र 'वेल' (भाला) थामे हुए सेना के बीच से गुजरता है। इसे धनुष की वंडरबार फिल्म्स प्रोड्यूस कर रही है।




यह फिल्म पूरी तरह से मुरुगन की 'तमिल पहचान' और सांस्कृतिक गौरव को समर्पित है।




गॉड ऑफ वॉर,  अभिनेता जूनियर एनटीआर और निर्देशक त्रिविक्रम श्रीनिवास की अखिल भारतीय स्तर पर प्रदर्शित की जाने वाली भव्य पौराणिक सामाजिक फैंटेसी फिल्म होगी, जिसमें भगवान मुरुगन को पूरे भारत के संदर्भ (कार्तिकेय/कुमारस्वामी) में प्रस्तुत किया जाएगा। 





 फिल्म 'आरआरआर' से उत्तर में प्रसिद्ध तेलुगु फिल्म अभिनेता जूनियर एनटीआर और दिग्गज निर्देशक त्रिविक्रम श्रीनिवास की जोड़ी इस फिल्म को बना रही है। फिल्म का निर्माण हारिका एंड हासिनी क्रिएशंस द्वारा किया जा रहा है और इसका धमाकेदार संगीत रॉकस्टार अनिरुद्ध रविचंदर तैयार करेंगे।




गॉड ऑफ़ वॉर की शूटिंग, जूनियर एनटीआर अपनी निर्माणाधीन फिल्म 'ड्रैगन' (प्रशांत नील के साथ) पूरी करने के बाद 2027 की शुरुआत में शुरू करेंगे।




 त्रिविक्रम और जूनियर एनटीआर की फिल्म गॉड ऑफ़ वॉर अपनी घोषणा के साथ ही विवादों में आ गई। क्योंकि, फिल्म के निर्माताओं ने शीर्षक की एक टैगलाइन जारी की थी: "Born in the North, Forged in the Heartland, Worshipped in the South" (उत्तर में जन्मे, मध्य-भूमि में गढ़े गए, दक्षिण में पूजे गए)।




यह फिल्म भगवान मुरुगन को शिव-पार्वती के पुत्र कार्तिकेय (देवताओं के सेनापति) के व्यापक और अखिल भारतीय पौराणिक इतिहास के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है, जिसमें उनके हिमालय में जन्म की कथाएं भी जुड़ी होंगी। 




चूंकि धनुष की फिल्म की घोषणा जूनियर एनटीआर की फिल्म के विवाद के ठीक बाद हुई है, इसलिए इंटरनेट पर इसे एक बड़े सांस्कृतिक मुकाबले के रूप में देखा जा रहा है। 




तेलुगु संस्करण गॉड ऑफ वॉर में भगवान मुरुगन को उत्तर भारत (स्कंद/कार्तिकेय रूप) से जोड़ते हुए पूरे भारत के 'वॉर गॉड' के रूप में दिखाना चाहता है।




जबकि, तमिल मुरुगन के समर्थकों का इसके विपरीत   मानना है कि मुरुगन की जड़ें प्राचीन तमिल इतिहास और संस्कृति में हैं, इसलिए वे इसे तमिल गौरव के रूप में पेश कर रहे हैं।




तमिल मुरुगन धनुष और वेत्रिमारन की इस फिल्म के मुख्य कलाकारो में अभी केवल धनुष के नाम की ही आधिकारिक घोषणा मुख्य अभिनेता के रूप में हुई है। वे फिल्म में एक योद्धा और नायक के अवतार में दिखेंगे। बाकी सह-कलाकारों के नामों का खुलासा होना अभी बाकी है।




निर्देशक वेत्रिमारन, लेखक अरीवुमथी (प्रसिद्ध लेखक जिनके उपन्यास पर यह फिल्म आधारित है), संगीतकार युवा संगीत सनसनी साई अभ्यंकरप्रोडक्शन तैयार कर रहे हैं। धनुष की कंपनी वंडरबार फिल्म्स (Wunderbar Films) और 'प्रॉडक्शन माइल्स टू गो' इसका निर्माण कर रही है 



फिल्म तमिल मुरुगन अभी  घोषणा चरण में है। धनुष पहले अपनी आगामी बड़ी फिल्म 'Om' (जो अक्टूबर 2026 में रिलीज हो रही है) और वेत्रिमारन अपनी फिल्म 'अरसन' (Arasan) को पूरा करेंगे। इसके बाद ही 'तमिल मुरुगन' फ्लोर पर जाएगी।




जूनियर एनटीआर और त्रिविक्रम श्रीनिवास की इस भव्य पौराणिक पैन-इंडिया फिल्म गॉड ऑफ वॉर,  को लेकर जून-जुलाई 2026 में मेकर्स (निर्माता नागा वंशी) द्वारा बड़े अपडेट्स दिए गए हैं।




 जूनियर एनटीआर इसमें मुख्य भूमिका (भगवान कार्तिकेय/मुरुगन का चरित्र) निभा रहे हैं। शुरुआती दौर में इस रोल के लिए अल्लू अर्जुन के नाम की भी अफवाहें उड़ी थीं, लेकिन अब जूनियर एनटीआर का नाम पूरी तरह तय हो चुका है। मुख्य अभिनेत्री और विलेन के किरदारों की आधिकारिक घोषणा अभी प्रतीक्षित है।




निर्देशक व लेखक: त्रिविक्रम श्रीनिवास संगीतकार रॉकस्टार अनिरुद्ध रविचंदर (एस.एस. थमन भी इस प्रोजेक्ट के संगीत को लेकर शुरुआती काम कर चुके हैं।फिल्म के निर्माता सितारा एंटरटेनमेंट्स, हारिका एंड हासिनी क्रिएशंस और एनटीआर आर्ट्स हैं।




फिल्म का प्री-विजुअलाइजेशन और प्री-प्रोडक्शन का काम शुरू हो चुका है। जूनियर एनटीआर फिलहाल निर्देशक प्रशांत नील की फिल्म 'ड्रैगन' की शूटिंग में व्यस्त हैं। 'गॉड ऑफ वॉर' की नियमित शूटिंग 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में सेट पर जाएगी। मेकर्स इसे 2027 के अंत तक एक विजुअल मास्टरपीस के रूप में सिनेमाघरों में रिलीज करने का लक्ष्य रख रहे हैं।




तमिल और तेलुगु सिनेमा में भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) की महिमा, पौराणिक कथाओं और उनके प्रति भक्तों के समर्पण को दर्शाती कई बेहतरीन फिल्में बनी हैं 'श्री मुरुगन' (1946) जैसी क्लासिक फिल्मों से लेकर 'कंधा सामी' (2009) जैसी आधुनिक प्रस्तुति, तक ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया है। दक्षिण भारतीय सिनेमा में भगवान मुरुगन पर बनी प्रमुख फिल्मों में तमिल फिल्म श्री मुरुगन (1946), भगवान मुरुगन पर बनी सबसे प्रारंभिक और प्रसिद्ध तमिल फिल्मों में से एक है. थिरुवरुल (1975), भगवान् मुरुगन के अनन्य भक्तों की कहानियों और उनकी कृपा पर आधारित एक उत्कृष्ट क्लासिक फिल्म है. जबकि, मुरुगन आदिमई (1977) फिल्म भगवान मुरुगन के प्रति पूर्ण समर्पण और भक्ति दर्शाने वाली फिल्म हैमुरुगने थुनई (1990), मुरुगन के चमत्कारों और उनकी महिमा का गुणगान करने वाली एक लोकप्रिय भक्ति फिल्म है . आधुनिक एक्शन ड्रामा फिल्म कंधा सामी (2009 में भगवान मुरुगन (सामी) को न्याय के देवता के रूप में आधुनिक परिवेश में पेश किया गया था।

Sunday, 5 July 2026

#HombaleFilms और #Parasuram की फिल्म में #HrithikRoshan

 


अपुष्ट समाचार हैं कि बॉक्स ऑफिस पर धमाका होने जा रहा है। यह धमाका एक अखिल भारतीय फिल्म के माध्यम से होगा, जिसकी शीघ्र ही घोषणा हो सकती है। 





सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया गया है कि बॉक्स ऑफिस पर ज़बरदस्त धमाका सुनने के लिए तैयार हो जाइए! ऋतिक रोशन एक बड़े पैन-इंडिया प्रोजेक्ट के लिए ब्लॉकबस्टर डायरेक्टर परशुराम के साथ काम करने की तैयारी कर रहे हैं। 





अभी तक बॉलीवुड फिल्मों तक ही सीमित हृथिक रोशन, पहले बार किसी दक्षिण के किसी बैनर की फिल्म में काम करने जा रहे है।  बड़ी बात यह है कि इस अखिल भारतीय बहु भाषीय फिल्म के निर्माता केजीएफ, सालार और कांतारा फिल्मों के निर्माता होम्बले फिल्म्स है।  यदि बात बानी तो हृथिक की फिल्म का निर्देशन गीता गोविन्दम, सरकारू वारी पाटा के निर्देशक परशुराम करेंगे।





बताते चलें कि  होम्बले फिल्म्स ने इस फिल्म के बारे में मई २०२५ में ही संकेत दिया था। उन्होंने बताया था कि वह हृथिक रोशन के साथ अगली फिल्म करने जा रहे है। अब की घोषणा से स्पष्ट है कि फिल्म का निर्देशन तेलुगु फिल्म निर्देशक परशुराम करेंगे।





परशुराम ने अब तक आठ फिल्मों का निर्देशन किया है। इन फिल्मों में वह रवि तेजा, नयनतारा, काजल अग्रवाल, अल्लू शिरीष, लावण्या त्रिपाठी, विजय देवराकोण्डा, रश्मिका मंदना,  महेश बाबू, कीर्ति सुरेश और मृणाल ठाकुर को निर्देशित कर चुके है। यह फ़िल्में एक्शन, रोमांस, हास्य और थ्रिलर शैली की फिल्मे थी। 






हृथिक रोशन की कथित फिल्म की घोषणा अभी नहीं हुई है।  किन्तु, बताया जा रहा है कि   पावरहाउस प्रोडक्शन हाउस होम्बले फिल्म्स  की इस फिल्म स्केल बड़ा भारी होगा तथा इसमें भव्यता होगी। यह केवल  एक  फिल्म नहीं, एक घटना होगी । ऋतिक रोशन का बेजोड़ स्टारडम और स्क्रीन प्रेजेंस, परशुराम की जनता की नब्ज पहचानने की क्षमता और सफल  फिल्मे दे चुके निर्माता  का पारस स्पर्श एक ऐसा सहकार बनाएगा, जो सारे कीर्तिमान तोड़ देगा।  

Wednesday, 1 July 2026

#Yash की #Toxic को सेक्सी बनाती #Nayanthara @advani_kiara #TaraSutaria @rukminitweets @humasqureshi !

 


 

लेडीज़ एंड लेडीज़’ के साथ और भी खतरनाक हुई टॉक्सिक की दुनिया: दमदार महिलाओं ने संभाली कमान, यश लौटे हाई-इम्पैक्ट एक्शन अवतार में 

 

 

बोल्ड, दमदार और बेखौफ: ‘लेडीज़ एंड लेडीज़’ ने टॉक्सिक की दुनिया को दिया नया विस्तार

 


 

टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स की दुनिया अब पहले से भी ज्यादा खतरनाक और रोमांचक हो गई है। ‘लेडीज़ एंड लेडीज़’ के लॉन्च के साथ फिल्म का एक नया वीडियो सामने आया है, जो इस डार्क और स्टाइलिश दुनिया की ताकतवर महिलाओं पर रोशनी डालता है। पावर, मिस्ट्री, एटीट्यूड और रोमांच से भरपूर यह वीडियो उन महिला किरदारों की झलक देता है जो इस कहानी को दिशा दे रही हैं — और साफ कर देता है कि वे किसी के बनाए नियमों पर चलने वाली नहीं हैं।

 



 

नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी हर फ्रेम में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराती हैं। उनके किरदार जितने प्रभावशाली हैं, उतने ही जटिल भी। नयनतारा का तीखा और प्रभावशाली अंदाज़, कियारा की आकर्षक और भावनात्मक झलक, तारा की सहज और जीवंत उपस्थिति, रुक्मिणी की तीव्रता और हुमा की दृढ़ और प्रभावी झलक — हर एक किरदार टॉक्सिक की दुनिया पर अपनी अलग छाप छोड़ता है। इस पूरे माहौल को और गहराई देता है एक प्रभावशाली महिला वॉइस-ओवर, जो कहानी को एक महिला के दृष्टिकोण से पेश करता है और उसमें रहस्य, शक्ति और विद्रोह की भावना जोड़ता है।

 



 

वीडियो की शुरुआत से ही इसका विद्रोही अंदाज़ साफ नजर आता है, जब स्क्रीन पर एक चेतावनी दिखाई देती है: “बच्चे… दूर रहें। माता-पिता… अपने बच्चों को दूर रखें। दादा-दादी… अपने बच्चों के बच्चों को भी दूर रखें। परदादा-परदादी… अपनी जिम्मेदारी पर देखें।” यह बेबाक और साफ चेतावनी फिल्म के मूड को पूरी तरह दर्शाती है।

#SSRajamouli ने बताया कि #Varanasi के सेट पर #MaheshBabu कभी मोबाइल नहीं लाये !



निर्देशक एसएस राजामौली, तेलुगु फिल्मों के सुप्रसिद्ध अभिनेताओं प्रभास, जूनियर एनटीआर और रामचरण के बाद, पहली बार एक अन्य तेलुगु फिल्म अभिनेता महेश बाबू के साथ काम कर रहे है। इन दोनों की पहली फिल्म का नाम वाराणसी है।  यह एक पौराणिक कथानक पर आधारित फिल्म है। इस फिल्म में महेश बाबू ने मुख्य चरित्र रूद्र का निर्वहन किया है। 




फिल्म वाराणसी की शूटिंग २०२४ में प्रारम्भ हुई थी। राजामौली, महेश बाबू के साथ फिल्म की शूटिंग फरवरी २०२५ से कर रहे हैं।  स्पष्ट है कि अभिनेता के साथ निर्देशक का साथ पर्याप्त अंतराल वाला रहा है।  वह महेश बाबू के अभिनेता के अतिरिक्त एक व्यक्ति के रूप में महेश बाबू को भी भलीभांति जान चुके होंगे। 




महेश बाबू ने वैरायटी को एक साक्षात्कार में महेश बाबू के विषय में कुछ रहस्योद्घाटन किये।  उन्होंने महेश  बाबू की अच्छी आदतों पर भी बात की। उन्होंने पत्रिका को  महेश बाबू के साथ वाराणसी  शूटिंग करते समय उनकी किस आदत ने उन्हें प्रभावित किया। राजामौली वर्षों से महेश बाबू के अभिनय की तारीफ़ करते रहे हैं, किन्तु, वाराणसी के सेट पर उन्हें महेश बाबू के अनुशासन, कार्य के प्रति समर्पण और चरित्र पर केंद्रित क्षमता ने प्रभावित किया और अपनी गहरी छाप छोड़ी।  




महेश बाबू के बारे में, बात करते हुए राजामौली ने कहा, "उन्हें एक एक्टर के रूप में देख कर, मुझे ज़्यादा हैरानी नहीं हुई, क्योंकि मैं बहुत लंबे समय से उनकी फिल्में देख रहा था। मुझे पता है कि वह क्या कर सकते हैं। जो बात हैरान करने वाली थी, वह थी उनका वर्क एथिक।"




राजामौली ने महेश बाबू की एक आदत के बारे में बताया जो उन्हें खास तौर पर पसंद आई। फिल्ममेकर के मुताबिक, एक्टर पूरे काम के दिन अपना फोन दूर रखते हैं, जिससे वह पूरी तरह से अपने काम पर फोकस कर पाते हैं।




"वह बिना फोन के ऑफिस आते हैं। वह फोन अपनी कार में रखते हैं और ऑफिस में चले जाते हैं। शूटिंग के दौरान, मैंने उन्हें कभी भी फोन के साथ सेट पर आते नहीं देखा। कार में वापस आने के बाद ही वह अपना फोन ले जाते हैं।"




फिल्ममेकर ने आगे बताया कि महेश का डिसिप्लिन सिर्फ ध्यान भटकाने वाली चीज़ों से बचने से कहीं ज़्यादा है। ब्रेक के दौरान भी, वह अपना फ़ोन उठाने के बजाय चुपचाप अपने आस-पास हो रही हर चीज़ को देखना पसंद करते हैं।




"कभी-कभी दो, तीन घंटे ऐसे होते हैं, जब वह बस अपनी टेबल पर बैठकर काम करने वाले सभी लोगों को देखते हैं। वह अपना फ़ोन नहीं उठाते। वह बस देखते रहते हैं।"





राजामौली ने यह भी बताया कि महेश के अप्रोच ने उन्हें पर्सनली इंस्पायर किया, जिससे उन्हें अपने परिवार के साथ समय बिताते हुए अपने फ़ोन से दूर रहने की हिम्मत मिली।





जहाँ महेश बाबू को स्क्रीन पर उनके परफॉर्मेंस के लिए लंबे समय से सराहा जाता रहा है, वहीं राजामौली की तारीफ़ उनके डिसिप्लिन, फोकस और प्रोफेशनलिज़्म की एक झलक दिखाती है जो उन्हें ऑफ-स्क्रीन भी डिफाइन करते हैं, जिससे यह और पक्का होता है कि वह इंडस्ट्री के सबसे सम्मानित स्टार्स में से एक क्यों बने हुए हैं।





दर्शक महेश बाबू को अगले साल, एस.एस. राजामौली की बहुप्रतीक्षित एपिक वाराणसी में ६ अप्रैल २०१७ को देखेंगे।  इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा जोनास और पृथ्वीराज सुकुमारन की भूमिकाएं भी बहुत महत्वपूर्ण  हैं।

#Trivikram की फिल्म #GodOfWar के भगवान् मुरुगन #JrNTR



तेलुगु सुपरस्टार अभिनेता जूनियर एनटीआर और निर्देशक त्रिविक्रम श्रीनिवास बड़े पैमाने पर पौराणिक महाकाव्य को परदे पर उतारने के लिए फिर साथ आ रहे हैं। इन दोनों की, अंतिम बार २०१८ की ब्लॉकबस्टर फिल्म अरविन्द समेता वीर राघव प्रदर्शित हुई थी।  यह फिल्म इन दोनों का इकलौता सहकार है। अब आठ साल बाद, यह दोनों इस भव्य परियोजना के साथ सोशल मीडिया पर आये हैं। 






त्रिविक्रम श्रीनिवास, जिस परियोजना को लेकर आ रहे है, उसका अस्थाई शीर्षक गॉड ऑफ़ वॉर अर्थात युद्ध के देवता रखा गया है।  इस परियोजना में एनटीआर को हिंदू योद्धा देवता भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) के रूप में दिखाये जाने की अटकलें  है।






भगवान् कार्तिकेय, देवों के देव महादेव और महादेवी पारवती के पुत्र थे।  वह उत्तर में जन्मे थे और उन्होंने सम्पूर्ण जीवन दक्षिण और पश्चिम को राक्षसों से मुक्त कराने के लिए युद्ध किया।  उन्हें दक्षिण के भक्त भगवान् मुरुगन बोलते हैं। 





फिल्म एक महत्वाकांक्षी, बड़े बजट की पौराणिक फंतासी है जिसमें उच्च कोटि के दृश्य प्रभाव (वीएफएक्स) है, जो रामायण या महाभारत जैसे महाकाव्यों के चिरपरिचित कथानक के पुनर्कथन के बजाय युद्ध के देवता की कम सुनी कहानियों की खोज करती है।





जूनियर एनटीआर वर्तमान में प्रशांत नील निर्देशित फिल्म ड्रैगन की शूटिंग में व्यस्त हैं।  इसे पूरा करने के बाद ही वह त्रिविक्रम की फिल्म की  शूटिंग प्रारम्भ कर  सकते हैं। 




 

विशेष बात यह है कि इस जोड़ी की  २०१८ में प्रदर्शित ब्लॉकबस्टर फिल्म 'अरविंद समेता वीरा राघव एक एक्शन-ड्रामा फिल्म थी। इसकी कहानी आंध्र प्रदेश के 'रायलासीमा' क्षेत्र में दो गुटों के बीच सालों से चली आ रही हिंसक दुश्मनी पर आधारित थी।




इस फिल्म में एनटीआर ने 'वीर राघव' नाम के युवक का किरदार निभाया था, जो अपने पिता की मौत के बाद हिंसा को छोड़कर शांति स्थापित करने की कोशिश करता है।




स्पष्ट रूप से, अरविन्द समेता वीर राघव  कथानक की दृष्टि से आधुनिक, पारिवारिक और सामाजिक पृष्ठभूमि पर बनी एक्शन फिल्म थी। गॉड ऑफ़ वॉर भी युद्ध दृश्यों की अधिकता वाली एक्शन फिल्म होगी, किन्तु, यह इन दोनों की पहली पौराणिक और फंतासी  फिल्म होने जा रही है। जिसमे एनटीआर पहली बार भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) से प्रेरित एक योद्धा के रूप में नजर आएंगे।  





जूनियर एनटीआर और निर्देशक त्रिविक्रम श्रीनिवास की इस आगामी पौराणिक महागाथा 'गॉड ऑफ वॉरको भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे भव्य और महंगी फिल्मों में से एक बनाने की तैयारी है।  यह फिल्म डुओलॉजी होगी अर्थात दो भागों में बनाई जाएगी।  इस फिल्म का बजट एक हजार करोड़ रखा गया।




  

फिल्म के निर्माता सूर्यदेवेरा नागा वामसी का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के निर्माण में बजट की कोई सीमा या कोई दायरा नहीं रखा जाएगा। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने के लिए बड़े पैमाने पर पैसा लगाया जा रहा है। 





चूंकि यह फिल्म भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) की दिव्य युद्ध कला और उनके आकाशीय सेनापति के रूप में पौराणिक लड़ाइयों पर आधारित है, इसलिए इसके दृश्यों को जीवंत करने के लिए हॉलीवुड के शीर्ष  वीएफएक्स  स्टूडियो के साथ बात किये जाने की चर्चा है।  





निर्देशक त्रिविक्रम श्रीनिवास अपनी इस काल्पनिक पौराणिक दुनिया को सशक्त पटकथा के माध्यम से अत्याधुनिक कंप्यूटर जनित दृश्यों का उपयोग करेंगे ताकि देवलोक, प्राचीन युद्धक्षेत्रों और मायावी शक्तियों को स्क्रीन पर जादुई तरीके से दिखाया जा सके।





फिल्म का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से मोशन कैप्चर और उन्नत विजुअल इफेक्ट्स पर निर्भर करेगा, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी दृश्यात्मक रूप से भव्य फिल्मों अर्थात 'बाहुबली' या 'कल्कि २८९८ एडी' की श्रेणी में खड़ी हो सके।  





फिल्म के मेकर्स इस प्रोजेक्ट के जरिए भारतीय पौराणिक कथाओं को वैश्विक स्तर पर ले जाने की योजना बना रहे हैं, यही वजह है कि इसके बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा सिर्फ वीएफएक्स और प्री-प्रोडक्शन रिसर्च पर खर्च किया जा रहा है।

Tuesday, 30 June 2026

#Nagabandham से हो सकती है #Alpha और #BabyDoDieDo को #Shiver



यो तो सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया पर, बॉक्स ऑफिस पर अल्फा और बेबी डू डाई के टकराव की ही चर्चा है।  किन्तु, बॉक्स ऑफिस पर तीसरा और चौथा कोण, वास्तव में तीसरा कोण ही उलटफेर कर सकता है।  यह तीसरे और चौथे कोण, अल्फा और बेबी डू डाई डू को नागबंधन में बांध सकते है या शिविर पैदा कर सकते हैं।  क्या आप नहीं समझे? 





जी हां, हम  इसी सप्ताह ३ जुलाई २०२६ को रिलीज हो रही पैन-इंडिया पौराणिक फिल्म 'नागबंधम' द सीक्रेट ट्रेज़र और हॉलीवुड फिल्म शिविर की। नागबंधम और शिविर के प्रदर्शित होने का 'अल्फा' और 'बेबी डू डाई डू' के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर  पर काफी बड़ा और गहरा प्रभाव पड़ने वाला है।






जहाँ नागबंधम पौराणिक कथानक पर खजाने के रहस्य के कथानक पर है, वही दूसरी और शिविर एक हॉरर थ्रिलर फिल्म है।  सभी जानते हैं कि हिंदी पेटी के दर्शकों को हॉरर बहुत भाता है।  चूंकि, शिविर एक छोटी फिल्म है, किन्तु, इसका उपरोक्त दो फिल्मों के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर सीमित प्रभाव अवश्य दिखाई देगा।




'नागबंधमका सबसे बड़ा खतरा इसकी अखिल भारतीय अपील है। यह सनातन पर आधारित है। 'नागबंधम' एक बड़े बजट की पौराणिक एडवेंचर-थ्रिलर फिल्म है, जो प्राचीन विष्णु मंदिरों और गुप्त 'नागबंधम' मंत्र के रहस्यों पर आधारित है। यह फिल्म हिंदी, तेलुगु और तमिल सहित कई भाषाओं में बड़े स्टार पर ज़ी स्टूडियोज द्वारा रिलीज हो रही है। चूंकि 'अल्फा' का प्रदर्शन पूर्व का माहौल पहले से ही कमजोर है, 'नागबंधम' हिंदी बेल्ट और विशेषकर दक्षिण भारत में उसके स्क्रीन काउंट और दर्शकों की संख्या को बुरी तरह प्रभावित करेगी। जो दर्शक बड़े पर्दे पर भव्य सिनेमा देखना चाहते हैं, वे कमजोर हाइप वाली 'अल्फा' की बजाय 'नागबंधम' को चुन सकते हैं।





वही, बेबी डू डाई डू का बजट छोटा है और यह एक सस्पेंस डार्क-कॉमेडी है। 'नागबंधम' के आने से इसे मल्टिप्लेक्सों में स्क्रीन्स मिलने में कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि थिएटर मालिक 'नागबंधम' को अधिक शोज दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त 'शिवरका प्रभाव बेबी डू डाई डू के लक्षित दर्शकों का बंटवारा कर पड़ेगा। 'शिवर' एक विशुद्ध हॉरर/साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है। इसलिए इसका सीधा मुकाबला 'बेबी डू डाई डू' से होगा, क्योंकि दोनों ही फिल्में थ्रिलर जॉनर (Genre) की हैं। जो दर्शक इस वीकेंड पर कुछ डरावना या सस्पेंस से भरपूर देखना चाहते हैं, उनकी पसंद इन दोनों फिल्मों के बीच बंट जाएगी, जिससे 'बेबी डू डाई डू' की दर्शक संख्या में थोड़ी कमी आ सकती है।






इस चौकोणीय संघर्ष के कारण सिनेमाघरों में स्क्रीन्स और शोज का भयंकर बंटवारा होगा। ऐसे में 'अल्फा' के लिए अपनी भारी लागत वसूलना और मुश्किल हो जाएगा। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' और 'नागबंधम' को अपने-अपने जॉनर के दर्शकों का साथ मिलने की उम्मीद ज्यादा है।






फिल्म व्यापार के विशेषज्ञों के अनुसार, चारों फिल्मों के स्क्रीन शेयरिंग प्रतिशत और पहले सप्ताहांत के संभावित कलेक्शन का विश्लेषण निम्न अनुसार है- 




स्क्रीन शेयरिंग प्रतिशत - सिनेमाघरों (मल्टिप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन) में शोज का बंटवारा इस प्रकार हुआ है। अल्फा को ४५ प्रतिशत स्क्रीन शेयर मिला है। बड़ा बैनर की फिल्म होने के कारण इसे हिंदी बेल्ट के मल्टिप्लेक्सों में सबसे ज्यादा शोज मिले हैं।नागबंधम को ३५ प्रतिशत स्क्रीन शेयर मिला है। दक्षिण भारत में इस फिल्म का दबदबा ७० प्रतिशत से अधिक है, जबकि हिंदी मार्केट में इसे ज़ी स्टूडियोज की वजह से लगभग २५-३० प्रतिशत स्क्रीन्स मिली हैं ।





बेबी डू डाई डू का स्क्रीन शेयर १२ प्रतिशत का है। सीमित बजट और कल्ट अपील के कारण इसे मुख्य रूप से मेट्रो शहरों के चुनिंदा मल्टिप्लेक्सों में जगह मिली है ।





शिवर को ८ प्रतिशत स्क्रीन शेयर एक हॉलीवुड/इंग्लिश सर्वाइवल थ्रिलर फिल्म होने के कारण इसे केवल बड़े शहरों के चुनिंदा अंग्रेजी शोज दिए गए हैं ।






इस प्रकार से इन फिल्मों का पहले सप्ताहांत का संभावित बॉक्स ऑफिस कलेक्शन  पहले तीन दिनों (शुक्रवार से रविवार) में का २८ से ३२ करोड़ अनुमानित है। सौ करोड़ से अधिक के बजट वाली फिल्म के लिए यह वीकेंड कलेक्शन बेहद निराशाजनक माना जाएगा। 'नागबंधम' के कारण इसके मास-सर्किट (सिंगल स्क्रीन्स) के दर्शक बुरी तरह बंट गए हैं।





नागबंधम पहला वीकेंड कलेक्शन सभी भाषाओं में ४५-५५ प्रतिशत आँका गया है। अपनी पौराणिक थीम और शानदार विजुअल्स के कारण यह फिल्म इस वीकेंड की सबसे बड़ी कमाऊ फिल्म बनने की राह पर है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और हिंदी बेल्ट के सिंगल स्क्रीन्स पर यह फिल्म 'अल्फा' को कड़ी शिकस्त दे रही है।





वही बेबी डू डाई डू का संभावित वीकेंड कलेक्शन ८-१० करोड़ के आसपास रह सकता है।अपने बजट की दृष्टि से तीन दिनों में दस करोड़ के आसपास पहुंचना, इस फिल्म के लिए एक अच्छी और सुरक्षित स्थिति होगी। अमर कौशिक के निर्देशन और हुमा के अभिनय को मिल रही तारीफ इसे लंबी रेस का घोड़ा बना सकती है।





शिवर का संभावित वीकेंड कलेक्शन ढाई से साढ़े तीन करोड़ के आसपास रह सकता है।सीमित स्क्रीन्स और केवल अंग्रेजी भाषा में होने के कारण इसका कलेक्शन कम रहना स्वाभाविक है। किन्तु, यह 'बेबी डू डाई डू' के कुछ सस्पेंस-थ्रिलर प्रेमी दर्शकों को अपनी ओर खींचने में सफल रहेगी।





वर्तमान में, इस चौ-कोणीय मुकाबले में 'नागबंधम' अपनी पैन-इंडिया अपील के कारण बॉक्स ऑफिस की रेस में सबसे आगे निकलती दिख रही है। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' अपने छोटे बजट की वजह से सुरक्षित है। सबसे बड़ा घाटा 'अल्फा' को हो रहा है, जिसे 'नागबंधम' की आंधी के कारण भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।





किन्तु, इससे यह निष्कर्ष निकलना ठीक नहीं कि अल्फा के लिए क्या आलिया भट्ट का स्टार स्टेटस नाकाम हो रहा है। जी नहीं, उनका स्टार स्टेटस पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। लेकिन 'जिगरा' के बाद उन पर दबाव बढ़ा है । पर आलिया भट्ट आज भी बॉलीवुड की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में से हैं जो अपने दम पर किसी फिल्म को आठ से दस करोड़ की ओपनिंग दिला सकती हैं।  दर्शकों में उत्साह की कमी के बावजूद 'अल्फा' की पहले दिन की अनुमानित कमाई हुमा की फिल्म से कहीं अधिक है।





अलबत्ता, गंगूबाई काठियावाड़ी' और 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' की सफलता के बाद, 'जिगरा' का फ्लॉप होना और अब 'अल्फा' का ठंडा प्री-रिलीज उत्साह यह दिखाता है कि दर्शक सिर्फ स्टार के नाम पर थिएटर नहीं आ रहे हैं। उन्हें वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स से और बेहतर कंटेंट की उम्मीद थी।





इसी प्रकार से यह भी नहीं कहा जा सकता है कि हुमा कुरैशी की पहचान हिंदी दर्शकों को आकर्षित नहीं कर पा रही है। हुमा की पहचान 'मास स्टार' की नहीं, बल्कि 'कल्ट/ओटीटी स्टार' की है । महारानी सीरीज की हुमा कुरैशी को दर्शक बेहतरीन अदाकारी के लिए जानते हैं, न कि २० करोड़ की बंपर ओपनिंग के लिए । उनके नाम पर दर्शक पहले दिन थियेटर नहीं भागते, लेकिन फिल्म का अनोखा कांसेप्ट (मूक-बधिर हिटवुमन) और अमर कौशिक-नचिकेत सामंत का कॉम्बिनेशन दर्शकों को 'माउथ पब्लिसिटीके जरिए धीरे-धीरे थिएटर्स तक खींच ला सकता है ।





यदि बॉक्स ऑफिस के 'बिजनेस मॉडल' और मुनाफे को देखा जाए, तो इस टकराव की असली विजेता 'बेबी डू डाई डूबनती दिख रही है। भारी बजट वाली फिल्म अल्फा का कारोबार,  'नागबंधम' के पैन-इंडिया क्रेज के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बड़े बजट की वजह से इसके लिए १५० करोड़ का आंकड़ा पार करना बेहद मुश्किल चुनौती बन गया है ।





इस प्रकार से, कुल कमाई के मामले में 'अल्फा' आगे रहेगी, लेकिन बिजनेस के नियमों (प्रतिशत लाभ) और बॉक्स ऑफिस वर्डिक्ट के लिहाज से 'बेबी डू डाई डू' एक सुरक्षित और बड़ी विनर साबित होगी।

Sunday, 28 June 2026

दर्शक पसंद कर रहे है #MaaIntiBangaaram की हत्यारिन #SamanthaRuthPrabhu को !



तेलुगु फिल्म माँ इंति बंगाराम का बॉक्स ऑफिस पर दूसरा वीकेंड बहुत अच्छा चल रहा है। बॉक्स ऑफिस पर इसके  कलेक्शन में ज़बरदस्त उछाल देखा गया है। फिल्म के प्रदर्शन के नवें दिन का कुल व्यवसाय, पहले दिन के बराबर है। इससे पता चलता है कि फिल्म की दर्शकों पर पकड़ कितनी मजबूत है। 





पूरे भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस ४९.७१ करोड़ का हो गया है। ओवरसीज़ ग्रॉस मिलाकर फिल्म ने ९ दिनों में कुल ७० करोड़ का अखिल विश्व व्यवसाय पर कर लिया है। इस प्रकार से यह फिल्म एक बहुत बड़ी ब्लॉकबस्टर बनने जा रही है। 





जहाँ तक भारत की बात है, माँ इंति बंगाराम ने ९ वें दिन  (शनिवार, २७ जून २०२६) ३५० शहरों में २७६०  शो से रूपया ५.५३ करोड़ का व्यवसाय किया है, जो शुक्रवार के ४.७८ करोड़ के व्यवसाय से  अधिक है।





इस प्रकार का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन चर्चा में आने के दो  स्पष्ट कारण है। पहला यह कि यह फिल्म एक महिला प्रधान फिल्म है। फिल्म कहानी है भाड़े में हत्या करने वाली एक पूर्व हत्यारिन की, जिसे अपने नए परिवार को पुराने लोगों से खतरा होने के बाद अपने रास्ते पर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यह फिल्म बताती है कि अपने डर और बहादुरी, दोनों पलों में, एक औरत को पता चलता है कि अपनी कमज़ोरियों को अपनाना उसकी अंदर की ताकत के लिए उतना ही ज़रूरी है जितना कि चुनौतियों का सीधे सामना करना। 





दूसरा और सबसे बड़ा कारण यह है कि माँ इंति बंगाराम की हिंदी दर्शकों में फिल्म पुष्पा के अपने आइटम गीत ऊ बोलेगा साला ऊ ऊ बोलेगा की नर्तकी सामंथा रुथ प्रभु। इस फिल्म की ज़बरदस्त सफलता के बाद, फिल्म की नायिका के रूप में सामंथा रूथ प्रभु की सफल वापसी हो रही है।





फिल्म अभिनेता नाग चैतन्य से, २०२१ शादी टूटने के बाद, सामंता बिलकुल टूट चुकी थी। वह फिल्मों से संन्यास लेने का मन बना चुकी थी।  क्योंकि, पुष्पा के आइटम गीत के बावजूद सामंता की प्रदर्शित फिल्मों यशोदा, शाकुंतलम और ख़ुशी को दर्शकों ने  बॉक्स ऑफिस पर अस्वीकार कर दिया था। 





तब उनके जीवन में, फिल्म निर्देशक राज निदिमोरू आये। इन दोनों ने, २०२५ में विवाह कर लिया।  उस समय राज ने उन्हें समझाया कि वह फ़िल्में न छोड़े।  राज के बहुत समझने पर सामंता ने, तेलुगु फिल्म माँ इंति बंगाराम में  अभिनय करना स्वीकार कर लिया।  इस फिल्म की निर्माता, राज के साथ सामंता भी थी।  फिल्म की निर्देशक बी वी नंदिनी रेड्डी है।  




फिल्म की सफलता का उत्सव मनाते हुए फिल्म के निर्माता राज निदिमोरू ने बताया कि इस फिल्म का सीक्वल भी बनाया जायेगा।  सीक्वल फिल्म में भी सामंता होंगी। इस तरह से सामंता रुथ प्रभु की रुपहले परदे पर सफल वापसी होने जा रही है। 




यहां बताते चले कि बी वी नंदिनी रेड्डी के डायरेक्शन में बनी, माँ इंति बंगाराम सामंथा की सबसे बड़ी सोलो बॉक्स ऑफिस सफलताओं में से एक है । इस एक्शन-कॉमेडी को दर्शकों और समीक्षकों द्वारा समान रूप पसंद किया जा रहा है।  इस प्रकार से  सामंथा की तेलुगु सिनेमा के लीडिंग स्टार्स में जगह बनती दिख रही है । इस फिल्म के ओटीटी प्लेटफार्म जिओ हॉट स्टार पर जुलाई या अगस्त में प्रदर्शित होने की भी संभावना है।  

Thursday, 25 June 2026

#PawanKalyan की #Sujeeth निर्देशित OG2, के पीछे #SurenderReddy की फिल्म !



चर्चा है कि तेलुगु फिल्म अभिनेता और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, निर्देशक सुजीत की सीक्वल फिल्म को प्राथमिकता दे रहे है।  इस कारण से, निर्देशक सुरेंदर रेड्डी की, पूर्व में पवन कल्याण के साथ घोषित फिल्म पीछे धकेल दी गई है। 





बता दें कि पवन कल्याण की घोषित फिल्म ओजी २, उनकी २०२५ में प्रदर्शित फिल्म दे कॉल हिम ओजी की सीक्वल फिल्म है।  जापान से भाग कर मुंबई पहुंचे एक गैंगस्टर की उसके विरोधियों से टकराव के कथानक पर आधारित फिल्म २५ सितम्बर २०२५ को प्रदर्शित हुई थी।  इस फिल्म के खलनायक इमरान हाश्मी थे।  अन्य भूमिकाओं में प्रकाश राज,  प्रियंका मोहन, अर्जुन दास और श्रिया रेड्डी थे। 





फिल्म दे कॉल हिम ओजी, २०२५ की सबसे सफल तेलुगु फिल्म बन गई थी।  यह फिल्म भारत की सबसे अधिक ग्रॉस करने वाली २०२५ की फिल्मों में नवीं पायदान पर रखा गया था।  फिल्म ने पहले दिन, सम्पूर्ण विश्व में, १५५ करोड़ का ग्रॉस किया था।  फिल्म को मिश्रित समीक्षा मिलने के कारण अधिक सफलता नहीं मिली। फिल्म ३०० करोड़ के विश्वव्यापी ग्रॉस पर सिमट गई। 





जहाँ तक, ओजी २ के निर्माण की बात है, इसकी स्क्रिप्ट को तराशा जा रहा है।  फिल्म निर्माण पूर्व की  स्थिति में है।  इस फिल्म की घोषणा जुलाई २०२६ में की गई थी। किन्तु,इस  पवन कल्याण से हरी झंडी मिलने के पश्चात फिल्म की शूटिंग नवंबर २०२६ में प्रारम्भ होगी। फिल्म के निर्देशक सुजीत ने, रोमांटिक कॉमेडी थ्रिलर फिल्म रन राजा रन (शर्वानन्द और सीरत कपूर). साहो (प्रभास) और दे कॉल हिम ओजी (पवन कल्याण) का निर्देशन किया है। 





सुरेंदर रेड्डी के साथ पवन कल्याण की फिल्म की घोषणा  २६ में हुई थी। फिल्म की शूटिंग तो प्रारम्भ नहीं हो सकी थी। क्योंकि, फिल्म की स्क्रिप्ट पर अभी तक काम ही चल रहा है। किन्तु, निर्माता राम ताल्लुरी की फिल्म को  इस फिल्म को संक्रांति २०२६ पर प्रदर्शित किया जाना था। 





दे कॉल हिम ओजी को, पवन कल्याण के फिल्म जीवन की सबसे सफल फिल्म माना जाता है।  इस फिल्म ने उत्तरी अमेरिका के बॉक्स ऑफिस पर ६४-६५ करोड़ का ग्रॉस किया था। तेलुगु प्रदेश में २०० करोड़ का आंकड़ा पार करने वाली यह पहली तेलुगु फिल्म थी।  

Wednesday, 24 June 2026

फिल्म #Naagbandham का नया गीत #VeerNaga 26 जून को होगा रिलीज



 

हैदराबाद और मुंबई में फिल्म नागबंधम के ट्रेलर लॉन्च के बाद बनी जबरदस्त चर्चा के बीच अब निर्माता फिल्म का नया और दमदार ट्रैक ‘वीरा नागा’ २६ जून को रिलीज करने जा रहे हैं।

 





फिल्म के निर्माताओं ने हाल ही में इस गाने का एक बेहद आकर्षक और दमदार पोस्टर जारी किया है, जिसने फैंस की उत्सुकता और बढ़ा दी है। पोस्टर में नागा साधुओं के कई शक्तिशाली और अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं, जो साहस, आध्यात्मिकता और योद्धा जैसी ऊर्जा को दर्शाते हैं। इसकी भव्य और रहस्यमयी झलक फिल्म की उस दुनिया की तरफ इशारा करती है, जिसे नागबंधम बड़े पर्दे पर लेकर आने वाली है।

 





मेकर्स ने इस अनाउंसमेंट को खास अंदाज में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते हुए लिखा:

"हर हर महादेव 🐍🔱"

"नागबंधम के ‘वीरा नागा’ गीत के साथ नागा साधुओं के शौर्य और पराक्रम को महसूस करने के लिए तैयार हो जाइए।"

 





फिल्म के निर्माता निशिता नागिरेड्डी और किशोर अन्नापुरेड्डी ने संयुक्त बयान में कहा, "फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है, जिसने हमारा उत्साह और बढ़ा दिया है। ‘वीरा नागा’ सिर्फ एक गीत नहीं है, बल्कि यह एक भावना, ऊर्जा और आत्मा को अपने साथ लेकर आता है, जो नागबंधम की दुनिया से गहराई से जुड़ा हुआ है। हमें विश्वास है कि दर्शक इस गीत की शक्ति और इसकी तीव्रता को महसूस करेंगे।"

 





वहीं फिल्म के निर्देशक अभिषेक नामा ने कहा, "‘वीरा नागा’ साहस, आस्था और योद्धा भावना का प्रतीक है। इस गीत को तैयार करते समय हमारी कोशिश थी कि दर्शक नागा दुनिया की भव्यता और उसकी तीव्रता को महसूस कर सकें। इसके विजुअल्स, संगीत और स्केल मिलकर एक ऐसा अनुभव तैयार करते हैं जो फिल्म की कहानी को और मजबूत बनाता है।"

 





मिस्ट्री, पौराणिक कथाओं, एडवेंचर और शानदार विजुअल अनुभव से भरपूर नागबंधम पहले से ही इस साल की सबसे चर्चित पैन इंडिया फिल्मों में अपनी जगह बना चुकी है।

 




विराट कर्ण, नभा नटेश, दक्षा नागरकर, ऋषभ साहनी और महेश मांजरेकर अभिनीत इस फिल्म का निर्माण किशोर अन्नापुरेड्डी और निशिता नागिरेड्डी ने निक स्टूडियो  और अभिषेक पिक्चर्स के बैनर तले किया है। फिल्म को ज़ी स्टूडियो  प्रस्तुत कर रहा है और यह 3 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।