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Sunday, 2 November 2025

पिता #Mohanlal से बढ़ कर पुत्र #PranavMohanlal



मलयालम फिल्म सुपरस्टार मोहनलाल, स्वयं को गौरवान्वित अनुभव कर रहे होंगे। अक्टूबर के समाप्त होते होते उनके जीवन में माँ सरस्वती की कृपा बरसने लगी। अपने इस गौरव का चित्रण, मोहनलाल ने एक पोस्ट के माध्यम से किया। उन्होंने एक्स पर अपनी पत्नी सुचित्रा, बेटे प्रणव और बेटी विस्मया की एक पारिवारिक तस्वीर साझा करते हुए शीर्षक दिया-वह सब जो सचमुच मायने रखता है,एक फ्रेम में।'





उनकी यह पोस्ट 30 अक्टूबर को कोच्चि में बेटी विस्मया मोहनलाल के अभिनय जीवन का प्रारम्भ करने वाली जोतिष शंकर के निर्देशन में फिल्म थुडक्कम की पूजा समारोह के पश्चात् पोस्ट की गई थी। 





इसके एक दिन बाद, ३१ अक्टूबर २०२५ को पुत्र प्रणव मोहनलाल की, मलयालम हॉरर थ्रिलर फिल्म डिएस इराए प्रदर्शित हुई। इस फिल्म में पहले दिन ही बॉक्स ऑफिस पर नियंत्रण कर लिया। फिल्म ने पहले दिन, पूरे विश्व में ११ करोड ६३ लाख का ग्रॉस कर लिया। मलयालम फिल्म उद्योग को आशा है कि प्रणव की फिल्म  ४० करोड़ से अधिक का सप्ताहांत सरलता  से निकला लेगी। 





डिएस इराए अर्थात क्रोध का दिन, राहुल सदाशिवन की लिखी और निर्देशित फिल्म है। इस फिल्म का निर्माण चक्रवर्ती रामचंद्र और एस. शशिकांत द्वारा नाइट शिफ्ट स्टूडियो और वाईएनओटी स्टूडियो के अंतर्गत किया गया है। यह फिल्म राहुल सदाशिवन की हॉरर सिनेमाई दुनिया की तीसरी किस्त में है। इस श्रृंखला की पहली दो फ़िल्में भूतकालम और ब्रह्मयुगम क्रमशः २०२२ और २०२४ में प्रदर्शित हो चुकी है। 





बताते हैं कि इस फिल्म की कहानी आठ साल पहले केरल के एक परिवार में घटी  रहस्यमई और भयावनी सत्य घटना पर आधारित है। रोहन (प्रणव मोहनलाल) का जीवन तब अस्त-व्यस्त हो जाता है जब उसे अपने घर में एक अलौकिक शक्तियों की उपस्थिति का संदेह होता है। उसकी जाँच-पड़ताल उसे रहस्यमयी दुनिया और अप्रत्याशित साझेदारियों से गुज़ारती है जहाँ उसका सामना भयानक अलौकिक शक्तियों से होता है। 





समीक्षकों द्वारा डिएस इराए को, भारत में बनी सर्वश्रेष्ठ हॉरर फिल्मों में से एक बताया जा रहा है और उतना ही श्रेष्ठ फिल्म में प्रणव के अभिनय को । दर्शक मध्यांतर से पूर्व और ठीक मध्यांतर में रोंगटे खड़े करने वाले दृश्य देख कर इतना चीखने चिल्लाने लगते हैं कि अब सिनेमाघरों में घोषणा की जाने लगी है कि फिल्म देखते समय इतना चीखे चिल्लाएं नहीं ताकि फिल्म के संवाद तक न सुन सके।





डिएस इराए में  रोहन शंकर की भूमिका में, प्रणव हैरान कर देने वाला अभिनय करते है। मलयाली फिल्म निर्देशक सिबि मलयिल का मानना था कि बिना संवादों के क्लोज़-अप शॉट निभाना और उस दृश्य की भावनाओं को दर्शकों तक पहुँचाना, एक बेजोड़ अभिनेता होने का प्रमाण हैं। प्रणव मोहनलाल फिल्म डिएस इराए इस स्थापित कर ले जाते है। 





ऐसा प्रतीत होता है कि अब मलयाली फिल्म उद्योग में  पिता पुत्र युग का प्रारम्भ होने जा रहा है। प्रणव  मोहनलाल की मुख्य भूमिका वाली पांच फिल्मों में चार ब्लॉकबस्टर रही है। अब पांचवी ब्लॉकबस्टर होने जा रही है। इस साल की, पहले दिन, सबसे अधिक वर्ल्डवाइड ग्रॉस करने वाली पहली तीन फिल्मों में दो पिता मोहनलाल की एमपुराण ६८.२ करोड़ और ठुड्रम १७.१८ करोड़ तथा प्रणव की डिएस इराए ११.६३ करोड़ है।  

Friday, 10 October 2025

राख से उठ खड़े होने वाले फ़ीनिक्स है #HrithikRoshan



हृथिक रोशन को, उनकी विगत तीन फिल्मों विक्रम वेधा, फाइटर और वॉर २ के बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन के आधार पर, पतन की ओर अभिनेता  बताया जा रहा है।  क्या वास्तव में हृथिक रोशन का फिल्म यात्रा समाप्त होने जा रही है ? क्या किसी अभिनेता को लेकर ऐसी भविष्यवाणी उपयुक्त है ? 





इसमें कोई संदेह नहीं कि हृथिक रोशन की फिल्म विक्रम वेधा और वॉर २ बॉक्स ऑफिस पर असफल रही थी।  फाइटर भी बॉक्स ऑफिस पर बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी थी। किन्तु, इन सभी फिल्मों में, विशेषकर विक्रम वेधा में हृथिक रोशन का अभिनय अतुलनीय था।  वह अपने चरित्र को सजीव कर ले गए थे।  फाइटर और वॉर २ में भी, उन्होंने अपने अभिनय से कोई कसर नहीं छोड़ी थी। तब इन फिल्मों के लिए हृथिक रोशन को उत्तरदाई ठहरना कितना उचित है?





 किसी अभिनेता का, किसी फिल्म की सफलता या असफलता के आधार पर आंकलन करना उपयुक्त नहीं।  उनकी फ़िल्में अच्छी न गये हों, किन्तु, इन फिल्मों में उनके अभिनय की ईमानदारी पर कोई संदेह नही है। किसी फिल्म की सफलता के लिए अभिनेता के सर पर ताज पहनाना उचित नहीं।  इसी तरह से उसकी असफलता का दोष मढ़ना भी ठीक नहीं।  फिल्म निर्माण टीम वर्क है। इसकी सफलता-विफलता का श्रेय अभिनेता के अतिरिक्त निर्देशक, कहानीकार, लेखक, संवाद लेखक, संपादक, आदि को भी दिया जाना चाहिए। 




यह भी कहा जाता है कि हृथिक रोशन अपने काम के प्रति उदासीन रहते है।  वह अपना शतप्रतिशत नहीं देते।  यह भी कहा जाता है कि वह निर्देशक के काम में हस्तक्षेप करते हैं।  सह कलाकारों को निर्देशित करने एक प्रयास करते है। इसके लिए जोधा अकबर का उदाहरण दिया जाता हैं, जहाँ वह सेट पर आशुतोष गोवारिकर को शॉट के बारे में बताते थे। वह ऐश्वर्या राय के अभिनय में भी कमी निकालते थे। किन्तु, यहाँ यह नहीं भूलना चाहिए कि जोधा अकबर एक बड़ी हिट फिल्म थी।  उनका अकबर दर्शकों को प्रभावित कर गया था। तो स्पष्ट है कि हृथिक रोशन का सुझाव स्वस्थ रहा होगा, जिसे आशुतोष को मानना या न मानना था। 





हृथिक रोशन को बड़े बजट की फिल्मों का विध्वंशक बताया जाता है।  कहा जाता है कि  फाइटर का बजट २५० करोड़ था तथा वॉर २ तो ४०० करोड़ की थी। इसके बाद भी यह दोनों फ़िल्में फ्लॉप हुई। फाइटर ने बॉक्स ऑफिस पर मात्र ३४४ करोड़ और वॉर २ ने अब तक  कठिनाई से ३०० करोड़ का व्यवसाय ही किया है। किन्तु, इसमें इकलौते हृथिक रोशन का दोष क्यों ? वॉर २ में अनिल कपूर, एनटीआर जूनियर और किआरा अडवाणी भी थी। फिल्म फाइटर के लिए अनिल कपूर का दोष क्यों नहीं होना चाहिए ? दीपिका पादुकोण को क्यों बरी किया जाए ?





इसके विपरीत, हृथिक रोशन ने अपनी योग्यता स्थापित की है। उनकी फिल्म काबिल का बजट ३५ करोड़ था। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर २०८ करोड़ का व्यवसाय किया।  इतना ही व्यवसाय ६० करोड़ में बनी फिल्म सुपर ३० ने भी किया था। यहाँ स्मरण रखना होगा कि इन दोनों फिल्मों के नायक हृथिक रोशन थे तथा दोनों फिल्में उनके कंधो पर ही टिकी हुई थी। स्पष्ट रूप से, सफल फिल्मों के इकलौते नायक हृथिक ही रहे है।





हृथिक रोशन, फ़ीनिक्स की तरह है। वह राख से उठ जाने में पटु हैं। अपनी पहली फिल्म कहो न प्यार है से वह ग्रीक गॉड बन कर उभरे।  कहो न प्यार है का बजट १० करोड़ का था।  फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ८० करोड़ का व्यवसाय किया। इस फिल्म के बाद, हृथिक की दो फिल्में फ़िज़ा और मिशन कश्मीर असफल हुई।  इन दोनों फिल्मों में हृथिक रोशन आतंकवादी की भूमिका में थे।  दर्शको को एक लवर बॉय का आतंकी बनना पसंद नहीं आया।  पर, हृथिक रोशन अगली फिल्म कभी ख़ुशी कभी गम में अमिताभ बच्चन और शाहरुख़ खान की उपस्थिति में भी दबंग साबित हुये।  ध्यान रहे कि कभी ख़ुशी कभी गम अमिताभ और शाहरुख़ के बाप बेटे पर ही केंद्रित थी। 




 कभी ख़ुशी कभी गम के बाद, ह्रितिक रोशन की निरंतर चार फिल्में आप मुझे अच्छे लगने लगे, न तुम जानो न हम, मुझसे दोस्ती करोगे और मैं प्रेम की दीवानी हूँ धराशाई हो गई। किन्तु, कोई मिल गया में उनके सुपरहीरो  न उनका रंग जमा दिया। इसके बाद, उन्होंने लक्ष्य, कृष, धूम २, जोधा अकबर जैसी एक के बाद एक हिट फ़िल्में दी। काइट्स और गुज़ारिश की असफलता के बाद वह ज़िन्दगी न मिलेगी दोबारा में चमक गए। अग्निपथ, कृष ३ और बैंग बैंग  हिट हुई।  असफल  मोहन जोदड़ो के बाद, उन्होंने काबिल, सुपर ३० और वॉर जैसी बड़ी हिट फिल्में दे दी।  क्या इस बार भी ऐसा नहीं होगा ?





 हृथिक रोशन अभी ५१ साल के हैं। वह खान अभिनेताओं से १० साल के लगभग छोटे है। उनमे सम्भावनाये बनी हुई है।  उनका प्रशंसकों का विस्तारित आधार है। वह एक ब्रांड है। उन पर निर्माताओं का विश्वास अभी डिगा नहीं है।  समाचार यह है कि केजीएफ चैप्टर १ और २, कांतारा फिल्मों और सालार पार्ट १ के निर्माता होम्बले फिल्म्स ने हृथिक रोशन के साथ एक अखिल भारतीय फिल्म का निर्माण करने की घोषणा कर रखी है।





यह भी समाचार है कि कृष ४ का निर्माण प्रारम्भ होने जा रहा है। इस फिल्म का निर्देशन भी हृथिक रोशन ही करेंगे।  इस फिल्म में उनकी कृष २ और अग्निपथ की जोड़ीदार प्रियंका चोपड़ा वापसी कर रही है। विश्वास कीजिये, हृथिक रोशन भी दमदार वापसी करेंगे।  वह बॉलीवुड के ग्रीक गॉड ही नहीं, राख से उठ जाने वाले फ़ीनिक्स भी है। 

Friday, 3 October 2025

#SanchithSanjeev की डेब्यू फिल्म #MangoPachcha

 


यह कह सकते हैं कि परिस्थितियां बन चुकी है। अष्टमी के पवित्र दिन, कन्नड़ फिल्म अभिनेता  किच्चा सुदीप ने यह वातावरण बना दिया।  उन्होंने फिल्म मैंगो पच्चा के विषय में एक्स पर पोस्ट कर यह माहौल बनाया। 






इस घोषणा के साथ ही, कन्नड़ फिल्म उद्योग में एक नवोदित अभिनेता और नवोदित निर्माता का आगमन होने जा रहा है। इन दोनों का सम्बन्ध कन्नड़ फिल्मों के सुपर सितारे किच्चा सुदीप से है। इस इस तथ्य की घोषणा स्वयं सुदीप ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर की। 




   

कन्नड़ फिल्म मैंगो पाच्चा का निर्माण के आर जी स्टूडियोज के साथ  सुप्रियान्वी पिक्चर स्टूडियो द्वारा किया जा रहा है। इस फिल्म की निर्माता प्रिया सुदीप है, अभिनेता सुदीप की पत्नी है। मैंगो पाच्चा, इस बैनर की पहली फिल्म है। सुदीप ने घोषणा की है कि यह बैनर आगे भी सार्थक कन्नड़ फिल्मों का निर्माण करेगा और नई प्रतिभाओं का परिचय फिल्म जगत से कराएगा। 





इस बैनर से, जिस अभिनेता का पहला परिचय कराया जा रहा है, वह  सुदीप और प्रिया के भतीजे है। इस अभिनेता का नांम संचित संजीव है। इस फिल्म का निर्देशन कार्तिक गौड़ा कर रहे है। यह एक क्राइम ड्रामा फिल्म है। इसमें एक्शन की भरमार है। किन्तु, दावा करते हैं कि यह फिल्म गैंगस्टर फिल्म होते हुए भी खून खराबे वाली नहीं हैं। 




संचित संजीव का कन्नड़ फिल्म उद्योग से पहला परिचय फिल्म जिमी के माध्यम से कराया जाना था।  बाद में, उनके डेब्यू के लिए जिमी के स्थान पर मैंगो पाच्चा उपयुक्त समझी गई।





कुछ साल पहले यह समाचार था कि किच्चा सुदीप, अपने भतीजे संचित संजीव को निर्देशन के लिए प्रेरित कर रहे है। संचित ने, मैसूर और बेंगलुरु की पृष्ठभूमि पर अनाम गैंगस्टर फिल्म के कुछ दृश्य शूट भी किये थे। उस फिल्म का कथानक भी मिलता जुलता था। क्या,मैंगो पाच्चा वही फिल्म है, जिसके निर्देशन संजीव कर रहे थे ?





फिल्म मैंगो पाच्चा में, संजीव संजीव  की भूमिका प्रशांत की है। यह २००१ के मैसूरु  की सड़क पर पले बढे चतुर व्यक्ति की एक दशक लम्बी यात्रा  है। वह अंडरवर्ल्ड के विशाल साम्राज्य में गद्दारी और वफादारी के बीच संघर्ष करता युवा है। इसका प्रमाण फिल्म की जारी डेढ़ मिनट की झलकियों  से मिलता है। इस भूमिका में संजीव  प्रभावित करते है। इसके अर्थ यह हुआ कि कन्नड़ फिल्म उद्योग को एक प्रतिभाशाली अभिनेता मिलने जा रहा है, जिसके लिए अभिनय की कोई सीमा नहीं होगी।  

Wednesday, 4 June 2025

#ShahRukhKhan से लेकर #RandeepHooda तक बॉलीवुड के एंटी-हीरो !

 



 

बॉलीवुड में हीरो को हमेशा से प्यार मिला है, लेकिन असली शो चुराने वाले तो वो ऐंटी-हीरो होते हैं — जो गलत भी हैं, खतरनाक भी, लेकिन फिर भी बेहद दिलचस्प। ये किरदार अक्सर जुनून, दर्द या ताकत की भूख से प्रेरित होते हैं और नैतिकता की सीमाओं को पार करते हैं। ऐसे ही कुछ यादगार ऐंटी-हीरो किरदार निभाने वाले अभिनेताओं पर नज़र डालते हैं:

 







शाहरुख़ ख़ान - 'किंग ऑफ रोमांस' बनने से पहले शाहरुख़ ने डर (1993) में राहुल का किरदार निभाकर सबको चौंका दिया था — एक जुनूनी और डरावना प्रेमी जिसकी "क-क-क-किरण" आज भी याद की जाती है। बाद में डॉन 2 (2011) में उन्होंने एक स्टाइलिश और चालाक अपराधी का रोल किया, जिससे नई पीढ़ी के लिए ऐंटी-हीरो को फिर से परिभाषित किया।

 







रणदीप हुड्डा - जाट में रणदीप ने एक खतरनाक ऐंटी-हीरो का रोल निभाया। उनका किरदार जितना डरावना था, उतना ही आकर्षक भी। अपनी भूमिकाओं में गहराई और सच्चाई लाने के लिए रणदीप ने इस ग्रे किरदार को भी बड़ी बारीकी से निभाया।



 






रणबीर कपूरऐनिमल (2023) में रणबीर का किरदार रणविजय एक हिंसक और भावनात्मक रूप से टूटा हुआ इंसान था। प्रेम और विनाश के बीच फंसे इस किरदार को रणबीर ने इतनी खूबसूरती से निभाया कि दर्शक उसे एक साथ चाहने और डरने लगे।

 








सैफ अली खान - देवारा पार्ट 1, में सैफ अली खान ने जूनियर एनटीआर के सामने एक रहस्यमय और खतरनाक विलेन का किरदार निभाया। ओमकारा और लाल कप्तान जैसी फिल्मों में ग्रे किरदारों से सैफ पहले भी ये साबित कर चुके हैं कि वो ग्रे किरदारों को बड़ी गहराई से समझते हैं।









शाहिद कपूर - कमीने (2009) में शाहिद कपूर ने गड्डू और चार्ली के दोहरे किरदार निभाए — एक हकलाता है, दूसरा तुतलाता है — दोनों ही सिस्टम से जूझते हुए, नैतिकता की सीमा पर जीते हैं। ये किरदार नायक नहीं थे, लेकिन दर्शकों की हमदर्दी जरूर जीत गए।

 








विक्की कौशल - रमन राघव 2.0 (2016) में विक्की कौशल ने एक भ्रष्ट, ड्रग्स लेने वाले पुलिसवाले का किरदार निभाया था। कानून के रखवाले का ही अंधेरे में गिर जाना, उन्हें एक बेहद दिलचस्प ऐंटी-हीरो बना देता है।

 







रणवीर सिंह - पद्मावत (2018) में रणवीर सिंह ने अलाउद्दीन खिलजी की भूमिका में एक उन्मादी, महत्वाकांक्षी और क्रूर शासक को इतने प्रभावशाली ढंग से निभाया कि उनका किरदार फिल्म पर हावी हो गया। रणवीर ने साबित किया कि खलनायक भी दर्शकों का हीरो बन सकता है।

Sunday, 20 August 2023

Box Office पर छाये Sixly Plus के Rajanikanth, Kamal Haasan और Sunny Deol !

 




इधर कुछ दिलचस्प घटा है. जहाँ, एक तरफ भारतीय फिल्म उद्योग में नए खून का संचार हुआ. कन्नड़ फिल्मों के यश, तमिल फिल्मों के सूर्य, विजय, तेलुगु फिल्मों के नानी, रामचरण, जूनियर एनटीआर, निखिल सिद्धार्थ, आदि और मलयालम फिल्मों से दुलकर सलमान का अखिल भारतीय पदार्पण हुआ. वहीँ इन उगते सूरजों के मध्य अस्त होते सूरज पूर्व को रोशन करने लगे.





हालिया प्रमाण के बॉलीवुड के ढाई किलों के घूंसे वाले नायक सनी देओल है. पैंसठ साल के सनी देओल की फिल्म ग़दर २ ने बॉक्स ऑफिस पर कीत्तिमान भंग करने और नए स्थापित करने का सिलसिला प्रारंभ कर दिया है. कोई अचरज नहीं यदि यह फिल्म ६०० करोड़ क्लब की नींव रखे या सबसे अधिक व्यवसाय करने वाली हिंदी फिल्म प्रमाणित हो.





जब, ११ अगस्त २०२३ को प्रदर्धित ६५ वर्षीय अनिल शर्मा निर्देशित फिल्म ग़दर २ बॉक्स ऑफिस पर ग़दर मचा रही थी, उसके ठीक एक दिन पहले अर्थात १० अगस्त को ७२ साल के रजनीकांत की ३९ साल के निर्देशक नेल्सन दिलीपकुमार की तमिल फिल्म जेलर ने बॉक्स ऑफिस पर झंडे गाड़ना प्रारंभ कर दिया था. नेल्सन दिलिपुकर ने, इस वयोवृद्ध अभिनेता को अपनी दृष्टि से कुछ इस रूप में प्रस्तुत किया कि युवा दर्शक भी फिल्म थिएटरों में टूट पड़े.







इससे भी पहले, ३ जून २०२२ को, कमल हासन की तमिल  एक्शन फिल्म विक्रम ने बॉक्स ऑफिस को झिंझोड़ का रख दिया था. यहाँ उनहत्तर वर्षीय अभिनेता कमल हसन को ३७ साल के युवा  निर्देशक लोकेश कनकराज का साथ मिला था. लोकेश ने इस ६० प्लस के अभिनेता को उनकी तमाम विशिष्टताओं के साथ परदे पर प्रस्तुत किया. फिल्म विक्रम पूरे भारत के दर्शकों को आकर्षित कर पाने में सफल हुई.





स्पष्ट रूप से सिक्सटी प्लस के अभिनेताओं में दम है. पर उन्हें नई दृष्टि से इस प्रकार से प्रस्तुत करना है कि युवा दर्शक उनकी उम्र को महत्त्व न दें. इस दृष्टि से ६५ वर्ष के अनिल शर्मा बधाई के पात्र हैं कि उन्होंने सनी देओल के तारा सिंह का २२ साल बाद कुछ इस प्रकार से उपयोग किया कि २२ साल बाद भी वह पाकिस्तान से अपने बेटे के दुल्हनिया वापस दिल पाने में सफल हुआ और दर्शकों ने इसे स्वीकार किया.