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Thursday, 20 August 2026

#Ramayan के राम नहीं बन सके #SalmaKhan, ##HrithikRoshan और #AjayDevgn !



नितेश तिवारी की 8 नवम्बर को प्रदर्शित होने जा रही रामायण और 2023 मे प्रदर्शित प्रभाष की फिल्म आदिपुरुष से पहले, बॉलीवुड ने इस महा-गाथा को एक बार नहीं, दो बार नहीं, बल्कि तीन बार बड़े पर्दे पर लाने की घोषणा की। हर परियोजना बड़े सितारोंभारीभरकम बजट, उत्साह और बड़ी उम्मीदों के साथ प्रारम्भ की गई थी। कुछ की शूटिंग भी शुरू हुई। कुछ घोषणा तक सीमित रह गई। कोई भी, किन्ही न किन्ही कारणों के चलते दर्शकों तक नहीं पहुंच सकीं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

पहली बड़ी कोशिश 1990 के दशक की शुरुआत में हुई जब सोहेल खान ने सलमान खान को भगवान राम और सोनाली बेंद्रे को सीता की भूमिका में लेकर रामायण निर्देशित करने की योजना बनाई। रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस अति महात्वाकांक्षी फिल्म की 40 प्रतिशत शूटिंग भी हुई. किन्तु, अंततः यह फिल्म डिब्बा बंद कर दी गई।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

उस समय की कतरनो के अनुसार उस दौरान फिल्म में पूजा भट्ट भी सह निर्देशक के रूप में फिल्म से जुड़ी जुड़ी हुई थीं. सोहेल खान के साथ उनके व्यक्तिगत संबंधों (लव अफ़ेयर) की चर्चाएं थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, खान परिवार इस रिश्ते के पक्ष में नहीं था, जिसके चलते सेट पर और व्यक्तिगत जीवन में काफी तनाव पैदा हो गया। पूजा भट्ट ने बीच में ही फिल्म छोड़ दी. अंदरूनी विवाद और क्रिएटिव मतभेदों के कारण करीब 40% शूटिंग पूरी होने के बावजूद फिल्म को हमेशा के लिए ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सालों बाद, राजकुमार संतोषी ने अजय देवगन को भगवान राम, काजोल को सीता, रितेश देशमुख को लक्ष्मण और प्रकाश राज को रावण के रोल में लेकर एक अन्य भव्य पटकथा रूपांतरण की कल्पना की। फिल्म के प्रति अत्यंत उत्सुकता और उत्साह के बावजूद, फिल्म को उसके बड़े बजट और शेड्यूलिंग इशू की वजह से रोक दिया गया।

 

 

 

 

 

 

 

मुख्य कलाकार अजय देवगन (राम) और काजोल (सीता) के पास पहले से ही कई अन्य बड़ी फिल्में थीं। राजकुमार संतोषी के बार-बार प्रोजेक्ट्स की घोषणा करने और फिर उन्हें आगे बढ़ाने की आदत (जैसे बाद में 'पावर' जैसी फिल्मों के साथ हुआ) के चलते कलाकारों के साथ तालमेल नहीं बैठ पाया। आखिरकार, बजट की तंगी और तारीखों के टकराव के चलते फिल्म को डिब्बाबंद करना पड़ा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

ऐसी ही एक तीसरी रामायण की घोषणा 2008 में, संजय खान ने 'द लेजेंड ऑफ़ रामा' शीर्षक के साथ घोषित की.  इस फिल्म को 50 करोड़ की लागत से बनाया जाना था। इसमें ऋतिक रोशन भगवान राम, ज़ायद खान लक्ष्मण और अमिताभ बच्चन राजा दशरथ बने थे। यह फ़िल्म भी कभी प्लानिंग स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाई।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 ऋतिक रोशन उस समय 'क्रिश' और 'धूम 2' की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद बॉलीवुड के टॉप स्टार बन चुके थे। इस फिल्म के लिए उन्हें कम से कम 6 से 8 महीने का लगातार शेड्यूल देना था। ऋतिक ने अपने ससुर के प्रोजेक्ट में रुचि तो दिखाई, लेकिन उनके पास पहले से ही अन्य निर्देशकों की बड़ी फिल्में कतार में थीं, जिससे वह तारीखें नहीं निकाल पा रहे थे।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

संजय खान को उम्मीद थी कि ऋतिक के नाम पर कॉर्पोरेट स्टूडियोज तुरंत पैसा लगा देंगे। लेकिन उस दौर में पौराणिक फिल्मों का बॉक्स ऑफिस ट्रैक रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं था। बिना किसी पक्के स्टूडियो पार्टनर और ऋतिक की कन्फर्म डेट्स के, फिल्म का प्री-प्रोडक्शन कभी खत्म ही नहीं हो सका और स्क्रिप्ट केवल कागजों पर रह गई।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अब, दशकों तक तीन असफल प्रयासों के बाद, नितेश तिवारी के कल्पना वाली रामायण पर्दे पर आने वाली है। नमित मल्होत्रा ​​निर्मित इस महादशा में रणबीर कपूर भगवान राम, साईं पल्लवी सीता, यश रावण और सनी देओल हनुमान बने हैं. इस समय यह फिल्म अब तक की सबसे बड़ी और सबसे ज़्यादा इंतज़ार की जा रही भारतीय फ़िल्मों में से एक बन गई है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

यह सोचना दिलचस्प है कि अगर उन पुराने वर्शन में से कोई भी थिएटर में आया होता तो बॉलीवुड का इतिहास कितना अलग होता।  

Monday, 17 August 2026

#Ramayana: Part One विरुद्ध #GodzillaMinusZero : #BoxOffice पर रावण को दैत्य गॉडज़िल्ला की ललकार !

 


बॉलीवुड फ़िल्म रामायण पार्ट 1 और हॉलीवुड/जापानी फ़िल्म 'गॉडज़िला माइनस ज़ीरो' का 6 नवंबर 2026 को होने वाला बॉक्स ऑफिस टकराव एक ऐतिहासिक मुकाबला है। इसे भारत में बड़े घरेलू लाभ और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आईमैक्स (IMAX) स्क्रीन के लिए एक कड़े वैश्विक संघर्ष के रूप में देखा जा रहा है। इस भिड़ंत का घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तरपर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका आँकलन किया जाने लगा है ।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

भारत में 'रामायण' को दिवाली और धनतेरस के बड़े त्योहार का पूरा फायदा मिलेगा। भारत में यह फिल्म सोलो और बेहद मजबूत स्थिति में रहेगी। रणबीर कपूर, सनी देओल, साई पल्लवी और यश जैसे बड़े कलाकारों के कारण फ़िल्म के प्रति घरेलू दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

किंतु, फ़िल्म के लिए अंतरराष्ट्रीय चुनौतियाँ हैं और आईमैक्स स्क्रीन पाने के लिए युद्ध सा लड़ना होगा । दोनों बड़ी फ़िल्में दुनिया भर में प्रीमियम आईमैक्स और बड़ी स्क्रीन्स हासिल करने के लिए आमने-सामने हैं। पश्चिमी देशों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में 'गॉडज़िला' फ्रेंचाइजी की मजबूत पकड़ है, जिससे रामायण के ओवरसीज कलेक्शन पर असर पड़ सकता है। बाजार का भविष्य यह टकराव तय करेगा कि भारतीय पौराणिक कथाओं पर बनी विशाल बजट की फ़िल्में वैश्विक मंच पर जापानी-पश्चिमी मॉन्स्टर फ्रेंचाइजी को कितनी टक्कर देती हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

एक विशेष तथ्य ! रामायण पार्ट १, पूरी दुनिया में ६ नवंबर को प्रदर्शित होगी, जबकि, भारतीय बॉक्स ऑफिस में यह फ़िल्म ८ नवम्बर को प्रदर्शित की जा रही है । यहीं पर दिनों का महत्व दिखाई देगा । इन दो दिनों के महत्व को निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं से समझा जा सकता है-

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

वैश्विक समीक्षाएं और वर्ड ऑफ माउथ (Word of Mouth) भारत के दर्शकों पर पर असर डालेंगी । क्योंकि, अंतरराष्ट्रीय दर्शक और समीक्षक भारत से दो दिन पहले फिल्म देखेंगे। सोशल मीडिया के युग में, विदेशों से आने वाली प्रारंभिक समीक्षाएं और प्रतिक्रियाएं भारत में 8 नवंबर की एडवांस बुकिंग और ओपनिंग डे कलेक्शन को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इस हाई-हाइप का लाभ और हानि दोनों ही हैं । यदि, इन दो दिनों में विदेशों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है, तो भारत में दिवाली के दिन (8 नवंबर) इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग लग सकती है। इसके विपरीत, कोई भी नकारात्मक प्रतिक्रिया घरेलू बाजार को नुकसान पहुंचा सकती है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों ही फिल्में विशाल विजुअल इफेक्ट्स (VFX) पर आधारित हैं। 6 और 7 नवंबर को दोनों फिल्में वैश्विक स्तर पर सीमित IMAX और प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट (PLF) स्क्रीन्स को हथियाने के लिए सीधे संघर्ष करेंगी।इस प्रकार से  इन दो दिनों का कलेक्शन यह तय करेगा कि अंतरराष्ट्रीय थिएटर चेन आगामी सप्ताहों में किस फिल्म को अधिक स्क्रीन्स आवंटित करेंगी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

'गॉडज़िला' के मजबूत गढ़ में 'रामायण' की परीक्षा फ्रेंचाइजी की क्षमता आंकनेवाली यह बढ़िया अवसर है । 'गॉडज़िला माइनस ज़ीरो' (जापान में 3 नवंबर और अमेरिका में 6 नवंबर) एक स्थापित ऑस्कर-विजेता फ्रेंचाइजी का हिस्सा है, जिसकी पश्चिमी देशों में भारी फैन फॉलोइंग है। इससे पहले दो दिन यह साफ कर देंगे कि क्या भारतीय प्रवासी (Diaspora) और वैश्विक दर्शक 'रामायण' को 'गॉडज़िला' जैसी वैश्विक महाशक्ति के सामने प्राथमिकता देते हैं या नहीं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

विदेशों में फिल्में अमूमन शुक्रवार को रिलीज होती हैं। निर्माता नमित मल्होत्रा के अनुसार, उन्होंने वैश्विक नियमों का पालन करने के लिए 6 नवंबर (शुक्रवार) को चुना। भारत में 8 नवंबर को दिवाली (रविवार) का दिन चुना गया है। भारत में त्योहार के दिन फिल्म रिलीज करने का अपना एक बड़ा पारंपरिक फायदा होता है, जिसे भुनाने के लिए मेकर्स ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो दिन पहले रिलीज करने का जोखिम उठाया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

रामायण पार्ट 1 और 'गॉडज़िला माइनस ज़ीरो' का अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में मुकाबला और उनकी तकनीकी क्षमता दोनों ही स्तरों पर अभूतपूर्व है। निर्माताओं के रणनीतिक फैसलों ने इस भिड़ंत को और भी दिलचस्प बना दिया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार, विशेषकर अमेरिका और यूके, में दोनों फिल्मों की स्क्रीन रणनीति बना ली गई है । निर्माता नामित मल्होत्रा और सोनी पिक्चर्स, इसे किसी भारतीय फिल्म के लिए अब तक का सबसे बड़ा ग्लोबल रोलआउट बना रहे हैं। फिल्म को दुनिया भर में 50,000 से अधिक स्क्रीन्स पर रिलीज करने की योजना है। इसके साथ ही, विदेशी दर्शकों को आकर्षित करने के लिए अत्याधुनिक एआई तकनीक से लैस ग्लोबल इंग्लिश डब ट्रेलर भी जारी किया गया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

गॉडज़िला माइनस ज़ीरो को उत्तरी अमेरिका में GKIDS द्वारा एक बड़े पैमाने पर (Wide Release) वितरित किया जा रहा है। पश्चिमी देशों में इस ऑस्कर-विजेता फ्रेंचाइजी का पहले से ही मजबूत थियेटर नेटवर्क और आईमैक्स (IMAX) के साथ गहरा तालमेल है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अमेरिका और यूके जैसे बाजारों में, पारंपरिक भारतीय प्रवासियों के बीच 'रामायण' को भारी स्क्रीन काउंट मिलेगा। लेकिन गैर-भारतीय मुख्यधारा के दर्शकों और प्रीमियम आईमैक्स स्क्रीन्स को हथियाने के लिए इसे 'गॉडज़िला' से कड़ी टक्कर मिलेगी।

Saturday, 15 August 2026

क्या #Ramayan से होगा भगवान राम का होगा हॉलीवुड अवतार



दर्शकों को नमित मल्होत्रा ​​की रामायण के जिस पटकथा रूपांतरण फिल्म की बेसब्री से प्रतीक्षा है, उसकी प्रदर्शन तिथि को लेकर नई रिपोर्ट्स सामने आई हैं। पिछले हफ़्ते के ट्रेलर से बनी ज़बरदस्त चर्चा के बाद, बॉलीवुड के गलियारों में फ़िल्म रामायण पार्ट 1 के शुक्रवार, 6 नवंबर, 2026 को दुनिया भर के थिएटर्स में आने की संभावना जतायी गई है । किंतु यह तिथि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए है.  भारत में रणबीर कपूर के राम aur यश के रा.वन को दर्शकों 8 नवम्बर को ही देख पाएंगे.  अर्थात, विदेशी दर्शकों को आईमैक्स पर्दे पर मर्यादापुरुषोत्तम राम के दर्शकों दो दिन पहले हो जाएंगे। 






निर्माताओं का फिल्म रामायण 1 को 6 नवंबर को रिलीज़ करने का फ़ैसला एक ग्लोबल डे-एंड-डेट स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जिससे यह पक्का होता है कि फ़िल्म ज़्यादातर इंटरनेशनल मार्केट में एक ही समय पर रिलीज़ हो।






हालांकि दिवाली से पहले के दिनों को पारंपरिक रूप से इंडियन बॉक्स ऑफ़िस के लिए धीमा समय माना जाता है, लेकिन ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना ​​है कि यह प्रोजेक्ट एक बड़ा एक्सेप्शन होगा। लॉजिक यह है कि ज़बरदस्त चर्चा शुक्रवार को एक मज़बूत ओपनिंग दिलाएगी, जिसके बाद सोमवार, 9 नवंबर से पीक हॉलिडे पीरियड शुरू होने पर दर्शकों की संख्या में ज़बरदस्त उछाल आएगा।







इस बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन के लिए डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क भी उतना ही ज़रूरी है। पूरे भारत में डिस्ट्रीब्यूशन संभालने के लिए धर्मा प्रोडक्शंस को लाया गया है, जबकि सोनी पिक्चर्स ने ओवरसीज मार्केट के राइट्स हासिल कर लिए हैं। कमर्शियल फ्रंट पर, फिल्म अपने म्यूजिक राइट्स के साथ पहले ही सुर्खियों में आ चुकी है। खबर है कि टी-सीरीज़ ने ₹75 करोड़ की एडवांस डील में इस कहानी के दोनों हिस्सों के राइट्स हासिल कर लिए हैं, जिससे इस प्रोजेक्ट से जुड़ी बड़ी फाइनेंशियल उम्मीदें सामने आती हैं।






नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में भगवान राम के रोल में रणबीर कपूर, सीता के रोल में साईं पल्लवी और रावण के रोल में यश जैसे स्टार्स हैं। सनी देओल भगवान हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के रोल में हैं, जिससे यह फिल्म और भी दमदार हो गई है। टेक्निकल प्रेस्टीज को और बढ़ाने के लिए ए. आर. रहमान और एकेडमी अवॉर्ड विनर हैंस ज़िमर के बीच म्यूजिकल कोलेबोरेशन है, जो मिलकर इस दो-पार्ट वाली एपिक के लिए स्कोर बना रहे हैं।







अभी के रोडमैप के हिसाब से, यह दो-पार्ट का सिनेमैटिक इवेंट है। पहला पार्ट इस दिवाली के लिए लॉक है, जबकि दूसरा पार्ट दिवाली 2027 में रिलीज़ करने की प्लानिंग पहले से ही की जा रही है। प्राइम फ्राइडे स्लॉट हासिल करके, मेकर्स फिल्म को इंडियन सिनेमा के इतिहास में सबसे बड़े हॉलिडे विंडो में से एक का फ़ायदा उठाने के लिए तैयार कर रहे हैं।

Wednesday, 15 July 2026

#SanjayLeelaBhansali का #King से प्यार, टाली #LoveAndWar ?



मुंबई के गलियारों से समाचार है कि निर्माता निर्देशक संजयलीला भंसाली ने अपनी फिल्म लव एण्ड वॉर की प्रदर्शन  की तिथि टाल दी है।  अब यह फिल्म अगले वर्ष २१ जनवरी २०२७ को हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओँ में प्रदर्शित होगी।





 

इसके साथ ही अटकलों का दौर प्रारम्भ हो गया है।  कहा जा रहा है कि लव एंड वॉर की रिलीज़ फिल्म की नायिका आलिया भट्ट की फिल्म अल्फा के बॉक्स ऑफिस पर लुढ़कने के कारण टाली गई है। भंसाली यह नहीं चाहते थे कि अपनी फिल्म की नायिका की इतनी बड़ी असफलता के बाद, बड़े बजट की फिल्म को प्रदर्शित किया जाए। क्योंकि, आलिया के कारण फिल्म को नकारात्मक प्रचार ही मिलेगा।




 

अटकलें तो यहाँ तक हैं कि अल्फा के बाद, लव एंड वॉर में आलिया भट्ट के हिस्सों को कतरा जा रहा है। निर्माता नहीं चाहते थे कि इतना बुरा अभिनय करने वाली अभिनेत्री का मुंह दर्शकों के सामने बार बार आये। वह सोचते हैं कि फिल्म के दो नायकों रणबीर कपूर और विक्की कौशल के चेहरों की सहायता से फिल्म को दर्शकों की पसंदीदा बनाया जा सकेगा।




 

किन्तु, सवाल कई उठते है। आलिया भट्ट का अभिनय उत्कृष्ट कब होता था? गंगूबाई काठियावाड़ी में उनका अभिनय साधारण स्तर का ही था।  अब बात दूसरी है कि उन्हें राष्ट्रिय फिल्म पुरस्कार मिल गया। जहाँ तक निर्माताओं का प्रश्न है क्या गंगूबाई काठियावाड़ी शूट करते समय आलिया भट्ट का बुरा अभिनय सामने नहीं आया था? क्या लव एंड वॉर की शूटिंग में आलिया खराबा अभिनय नहीं कर रही थी? स्पष्ट है कि लव एंड वॉर की प्रदर्शन  की तिथि बदलने का कारण कोई दूसरा है।




 

यह सोचना इस लिए भी आवश्यक है कि लव एंड वॉर उनकी नायिका प्रधान एकल अभिनेत्री फिल्म नहीं है। इस फिल्म में उनके लव और वॉर रणबीर कपूर और विक्की कौशल  भी है। यह दोनों अभिनेता अपनी कई फिल्मों में अद्वितीय अभिनय कर चुके है।  राजकुमार हिरानी की फिल्म संजू में इस जोड़ी ने कमाल कर दिखाया था। तो यह कैसे समझ लिया गया कि लव एंड वॉर में आलिया भट्ट का कमाल ही बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की सफलता की गारंटी है?





 

निश्चित रूप से आलिया भट्ट की फिल्म अल्फा फ्लॉप हुई है। किन्तु, रणबीर कपूर ने २०२३ में तू झूठी मैं मक्कार और एनिमल जैसी बड़ी सफल फिल्म दी है।  विक्की कौशल ने तो पिछली साल ही छावा जैसी सुपर हिट फिल्म  दी है।  उनका अभिनय भी अद्वितीय पाया गया था। इसके लिए उन्हें ज़ी सिने अवार्ड भी मिला है। क्या लव एंड वॉर इन दोनों अभिनेताओं के अभिनय से सफल नहीं हो सकती थी ? फिल्म को आलिया भट्ट के व्यक्तित्व की इतनी जरुरत क्यों कि फिल्म की रिलीज़ टालनी पड़ी ?




 

जहाँ तक लव एंड वॉर के प्रदर्शन की तिथि बदलने की बात है, इस फिल्म की रिलीज़ पहले भी टालनी पड़ी थी। २०२४ में घोषित फिल्म लव एंड वॉर को मूल रूप में २०२५ की क्रिसमस को प्रदर्शित किया जाना था।  फिल्म को निर्माण में देरी के कारण २० मार्च २०२६ तक टालना पड़ा।  किन्तु, मार्च रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर २ द रिवेंज तथा यश की फिल्म टॉक्सिक प्रदर्शित हो रही थी।  इन दोनों फिल्मों से टकराव टालने के लिए फिल्म को क्रिसमस २०२६ को प्रदर्शित किया जाना तय किया गया। अब जबकि, फिल्म की रिलीज़ अगले साल तक बढ़ा दी गई है तो इसके लिए आलिया भट्ट को दोषी क्यों ठहराना ?





 

लव एंड वॉर की रिलीज़ बढाए जाने के एकाधिक कारण लगते हैं। पहला तो यह कि संजय लीला भंसाली हमेशा से टकराव से बचते रहे है।  क्रिसमस २०२६ में, २४ दिसंबर को शाहरुख़ खान की एक्शन फिल्म किंग प्रदर्शित हो रही है।  शाहरुख खान, हमेशा से संजय लीला भंसाली के प्रिय एक्टर रहे है। उन्होंने उनके साथ देवदास जैसी बड़ी हिट फिल्म बनाई है। शाहरुख़ खान की फिल्म किंग का प्रचार काफी ठंडा चल रहा है। रक्षकों में कोई विशेष उत्सुकता नहीं है।  इसलिए भंसाली नहीं चाहते थे कि उनकी फिल्म का किंग से टकराव हो या किंग को उनकी फिल्म से कोई नुकसान उठाना पड़े।  इसलिये उन्होंने फिल्म को टालना उपयुक्त समझा।




 

एक कारण और है।  फिल्म के एक नायक रणबीर कपूर की सबसे मूल्यवान फिल्म रामायण का पहला हिस्सा, दिवाली २०२६ में ३० अक्टूबर को प्रदर्शित हो रहा है। इस फिल्म को भारी भरकम व्यवसाय करने वाली फिल्म बताया जा रहा है।  यदि रामायण सुपरडुपर हिट होती है तो भी और यदि असफल होती है तो भी लव एंड वॉर का दो महीने से भी कम समय में प्रदर्शित होना लाभदायक नहीं होगा।

 




इस प्रकार से, अब लव एंड २१ जनवरी २०२७ को प्रदर्शित होगी। यह स्लॉट बिलकुल खाली है।  संदीप रेड्डी वंगा की तेलुगु भाषा की अखिल भारतीय स्तर पर प्रदर्शित होने वाली प्रभास की फिल्म स्पिरिट ५ जनवरी को प्रदर्शित हो जाएगी। 

Thursday, 9 April 2026

कपूर खानदान के दूसरे राम हैं #Ramayan के #RanbirKapoor

 


हनुमान जयंती के अवसर पर रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ का टीजर रिलीज हुआ था। इस फिल्म में मर्यादापुरुषोत्तम राम की भूमिका में उनकी पहली झलक दर्शकों को पसंद आई है। दर्शकों को लगता है कि रणबीर कपूर बड़े परदे पर राम को सजीव और स्वाभाविक कर पाएंगे और फिल्म रामायण एक बड़ी हिट फिल्म बनेगी।





यहाँ एक दिलचस्प तथ्य । परदे पर राम की भूमिका कर रहे रणबीर कपूर, कपूर खानदान में अकेले और पहले अभिनेता नहीं है, जिन्होंने भगवान राम का चरित्र बड़े पर्दे पर निभाया है। आज से लगभग ९३ साल पहले कपूर खानदान के एक दिग्गज अभिनेता ने भी श्रीराम की भूमिका बड़े पर्दे पर निभाई थी। साथ ही उनकी फिल्म ने एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज किया था।





 

यह फिल्म थी १९३३ में प्रदर्शित फिल्म सीता में, रणबीर कपूर के पितामह पृथ्वीराज कपूर ने राम की भूमिका की थी । यह पृथ्वीराज की, सवाक युग की  एक और बड़ी हिट फिल्म थी । पहली सवाक फिल्म आलमआरा पृथ्वीराज की पहली हिट फिल्म थी । सीता की सफलता ने पृथ्वीराज के फिल्म जीवन को सशक्त बना दिया । पृथ्वीराज ने इस चरित्र को कुछ इतना सहज बनाया था कि फिल्म सीता दर्शकों द्वारा पसंद की ही गई, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी बड़ा व्यवसाय कर पाने में सफल भी रही।





सीता, बांगला में बनाई गई थी, जो बाद में हिंदी में भी प्रदर्शित हुई । यह फिल्म रामायण के उत्तरकाण्ड पर आधारित थी । इस फिल्म के निर्देशक देबकी बोस थे। यह फिल्म वेनिस फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जाने वाली पहली  भारतीय फिल्म थी । इस फेस्टिवल में फिल्म के निर्देशक देबकी बोस को डिप्लोमा अवार्ड दिया गया था ।





फिल्म में सीता की भूमिका युवा दुर्गा खोटे ने निबाही थी । यह उनकी मराठी के अतिरिक्त किसी भाषा की पहली फिल्म थी । दुर्गा खोटे बाद में, फिल्म मुगले आजम में, पृथ्वीराज कपूर के अकबर की जोधा बाई भी बनी थी । यहाँ एक दिलचस्प तथ्य और । दुर्गा खोटे, रणबीर कपूर के पितामह पृथ्वीराज कपूर की सीता और जोधा बाई बनी थी थी, वह रणबीर कपूर के पिता ऋषि कपूर की नायक के रूप में पहली फिल्म बॉबी में उनकी आया मिसेज ब्रगेंजा की भूमिका कर रही थी । वह ऋषि कपूर की फिल्म कर्ज में भी थी ।

Wednesday, 4 June 2025

#ShahRukhKhan से लेकर #RandeepHooda तक बॉलीवुड के एंटी-हीरो !

 



 

बॉलीवुड में हीरो को हमेशा से प्यार मिला है, लेकिन असली शो चुराने वाले तो वो ऐंटी-हीरो होते हैं — जो गलत भी हैं, खतरनाक भी, लेकिन फिर भी बेहद दिलचस्प। ये किरदार अक्सर जुनून, दर्द या ताकत की भूख से प्रेरित होते हैं और नैतिकता की सीमाओं को पार करते हैं। ऐसे ही कुछ यादगार ऐंटी-हीरो किरदार निभाने वाले अभिनेताओं पर नज़र डालते हैं:

 







शाहरुख़ ख़ान - 'किंग ऑफ रोमांस' बनने से पहले शाहरुख़ ने डर (1993) में राहुल का किरदार निभाकर सबको चौंका दिया था — एक जुनूनी और डरावना प्रेमी जिसकी "क-क-क-किरण" आज भी याद की जाती है। बाद में डॉन 2 (2011) में उन्होंने एक स्टाइलिश और चालाक अपराधी का रोल किया, जिससे नई पीढ़ी के लिए ऐंटी-हीरो को फिर से परिभाषित किया।

 







रणदीप हुड्डा - जाट में रणदीप ने एक खतरनाक ऐंटी-हीरो का रोल निभाया। उनका किरदार जितना डरावना था, उतना ही आकर्षक भी। अपनी भूमिकाओं में गहराई और सच्चाई लाने के लिए रणदीप ने इस ग्रे किरदार को भी बड़ी बारीकी से निभाया।



 






रणबीर कपूरऐनिमल (2023) में रणबीर का किरदार रणविजय एक हिंसक और भावनात्मक रूप से टूटा हुआ इंसान था। प्रेम और विनाश के बीच फंसे इस किरदार को रणबीर ने इतनी खूबसूरती से निभाया कि दर्शक उसे एक साथ चाहने और डरने लगे।

 








सैफ अली खान - देवारा पार्ट 1, में सैफ अली खान ने जूनियर एनटीआर के सामने एक रहस्यमय और खतरनाक विलेन का किरदार निभाया। ओमकारा और लाल कप्तान जैसी फिल्मों में ग्रे किरदारों से सैफ पहले भी ये साबित कर चुके हैं कि वो ग्रे किरदारों को बड़ी गहराई से समझते हैं।









शाहिद कपूर - कमीने (2009) में शाहिद कपूर ने गड्डू और चार्ली के दोहरे किरदार निभाए — एक हकलाता है, दूसरा तुतलाता है — दोनों ही सिस्टम से जूझते हुए, नैतिकता की सीमा पर जीते हैं। ये किरदार नायक नहीं थे, लेकिन दर्शकों की हमदर्दी जरूर जीत गए।

 








विक्की कौशल - रमन राघव 2.0 (2016) में विक्की कौशल ने एक भ्रष्ट, ड्रग्स लेने वाले पुलिसवाले का किरदार निभाया था। कानून के रखवाले का ही अंधेरे में गिर जाना, उन्हें एक बेहद दिलचस्प ऐंटी-हीरो बना देता है।

 







रणवीर सिंह - पद्मावत (2018) में रणवीर सिंह ने अलाउद्दीन खिलजी की भूमिका में एक उन्मादी, महत्वाकांक्षी और क्रूर शासक को इतने प्रभावशाली ढंग से निभाया कि उनका किरदार फिल्म पर हावी हो गया। रणवीर ने साबित किया कि खलनायक भी दर्शकों का हीरो बन सकता है।