Friday, 3 July 2026

क्या कामुक हैं #ToxicTheMovie की #LadiesAndLadies ?



कन्नड़ सुपरस्टार यश की अखिल विश्व फिल्म टॉक्सिक, अपनी घोषणा के साथ ही चर्चा में आ गई थी।  दर्शकों को, केजीएफ फिल्मों के नायक यश की इस फिल्म की उत्सुकता से प्रतीक्षा थी।  किन्तु, १ जुलाई को फिल्म की महिला चरित्रों का  परिचय कराने वाला टीज़र जारी हुआ, यह फिल्म विवादित रूप से चर्चा में आ गई।  







टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स को पावर और ग्लैमर का जबरदस्त जश्न बताया जा रहा है।  गीतू मोहनदास निर्देशित फिल्म टॉक्सिक में पांच महिला चरित्र है।  १ जुलाई को अनावृत टीज़र इन चरित्रों का परिचय करने वाला है।  समीक्षक इस टीज़र को महिला चरित्रों का विषैला परिचय बता रहे है।   






इसमें कोई संदेह नहीं कि इस टीज़र में शक्ति और सेक्सी  सौंदर्य का प्रभावशाली परिचय हुआ है।  यश का मरदाना जिस्म उनकी शक्ति और क्षमता का परिचय देता है।  उनको देखते हुए आप भयभीत भी हो सकते है।  यद्यपि, वह ऐसा कुछ करते दिखाई नहीं देते।  क्योंकि, वह फिल्म के गैंगस्टर तो हैं ही।  






कुछ समीक्षकों का मानना है कि फिल्म बताती है कि महिला चरित्रों को किस प्रकार से प्रस्तुत किया जाना चाहिए।  ऐसा, कदाचित इसलिए कहा जा रहा है कि फिल्म कोई निर्देशक गीतू मोहनदास स्वयं एक महिला है।  एक महिला दूसरी महिला की सेक्स अपील और कामुकता को भली भांति प्रस्तुत कर सकती है।  गीतू मोहनदास से पहले भी कई महिला फिल्म निर्देशक ऐसा दावा करती रही है। 






अखिल भारतीय और अखिल विश्व आकर्षण  वाली फिल्म टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स में बॉलीवुड की किआरा अडवाणी, तारा सुतरिया और हुमा कुरैशी जैसी सेक्सी अभिनेत्रियां हैं तो दक्षिण से नयनतारा और रुक्मिणी वसंत का ग्लैमर भी है। फिल्म की इन महिला चरित्रों को, टीज़र में कुछ इस प्रकार से प्रस्तुत किया गया है कि वह कामुक भी दिखती है और यश जैसे गैंगस्टर से भिड़ जाने वाली शक्तिशालिनी सुंदरियाँ भी। 






क्या टॉक्सिक टीज़र सचमुच महिला चरित्रों की इतनी टॉक्सिक झलक दिखा जाता है कि होहल्ला मचा हुआ है ! टॉक्सिक का लेडीज एंड लेडीज प्रोमो ग्लैमरस, डार्क  विज़ुअल्स पर केंद्रित है। इससे फिल्म की पांच महिलाओं की सेक्सुअलिटी चित्रण पर शंका पैदा हो सकती है। किन्तु, ध्यान रहे कि टीज़र में कहीं भी नग्न या उकसाने वाले अंग प्रदर्शन नहीं है। 






आरोप लगाया जा रहा है कि टीज़र से, महिला  चरित्रों का ऑब्जेक्टिफिकेशन होता लगता है। जिस प्रकार से, यश पांच महिलाओं को युद्ध मुद्रा में अपने सामने देखते हैं, वह कहते हैं लेडीज एंड लेडीज ! क्या एक एक कर आओगी या पांचों एक साथ होगी।  लोग इसे द्विअर्थी बता रहे है। महिला चरित्रों को वस्तु की भांति प्रस्तुत करना बता रहे है। 






इस फिल्म के प्रारंभिक एक टीज़र में एक कार के दृश्य की आलोचना हुई थी। इसे मेल गेज़ बताया गया था।  मेल गेज़ का अर्थ फिल्मों में नारी चरित्र का पुरुष दृष्टि से कामुक चित्रण किया जाना।  इसमें नारी शरीर को वस्तु की तरह, पुरुष दर्शको की कामवासना उभाड़ने का प्रयास किया जाता है। 







जहाँ तक, महिला चरित्र का वस्तुकरण करने की बात है, इस प्रकार के चित्रण वाली कई फ़िल्में पहले भी बन चुकी है।  महेश भट्ट और उनकी कंपनी महिला चरित्र को मेल गेज़ की तरह ही प्रस्तुत करती थी।  जिस्म, मर्डर, आदि भट्ट कैंप की फ़िल्में ऐसा ही वस्तुकरण करने वाली होती थी। रामगोपाल वर्मा की फिल्म रंगीला मेल गेज़ का श्रेष्ठ उदाहरण है।  इस फिल्म की नायिका उर्मिला मातोंडकर अपने कामुक अंग प्रदर्शन और हाव भाव के कारण चर्चित हो गई थी। 






किन्तु, टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स की गीतू मोहनदास मेल गेज़ के आरोपों को नकारते हुए इस फिल्म को फीमेल गेज़ फिल्म बताती है।  फीमेल गाजे की अवधारण स्थापित करती है कि किसी भी नारी में कामुकता होती है।  वह अपनी इस कामुकता को कैसे मिटाती है, वह उस  चरित्र पर निर्भर है।  गीतू मोहनदास अपनी फिल्म की नारी चरित्र के चित्रण को फीमेल प्लेज़र बताती है। यदि, कोई महिला अपनी कामुकता के चलते किसी पुरुष से सम्बन्ध बनाना चाहती है तो वह उसका अपना सुख है।  गीतू मोहनदास कहती है, "यह नारी सुख, सहमति और तंत्र का अपने अनुसार उपयोग करना है। फिल्म की महिलाएं सशक्त हैं और आत्मनिभर है।" 






गीतू मोहनदास की माने तो टॉक्सिक के महिला चरित्र यश के चरित्र के सेक्स गुलाम नहीं।  वह अपनी सहमति से सेक्स कर सकती है और सुख प्राप्त कर सकती है। वह तंत्र को अपने अनुसार उपयोग कर सकती है।  वह गहराई से भावुक है।  किन्तु, वास्तविकता क्या है, यह तो फिल्म प्रदर्शित होने के पश्चात् ही पता चलेगा।  इस समय तो टॉक्सिक विवादित हो चुकी है।  इससे फिल्म को भारी प्रचार मिला है और बड़ी ओपनिंग सुनिश्चित है। कदाचित फिल्मकार का उद्देश्य यही था।  इससे फिल्म वयस्कों के लिए प्रमाणपत्र प्राप्त करेगी। किन्तु, इससे क्या ? एनिमल भी तो वयवस्कों के लिए थी और कबीर सिंह भी। 

No comments: