Wednesday, 1 July 2026

#Trivikram की फिल्म #GodOfWar के भगवान् मुरुगन #JrNTR



तेलुगु सुपरस्टार अभिनेता जूनियर एनटीआर और निर्देशक त्रिविक्रम श्रीनिवास बड़े पैमाने पर पौराणिक महाकाव्य को परदे पर उतारने के लिए फिर साथ आ रहे हैं। इन दोनों की, अंतिम बार २०१८ की ब्लॉकबस्टर फिल्म अरविन्द समेता वीर राघव प्रदर्शित हुई थी।  यह फिल्म इन दोनों का इकलौता सहकार है। अब आठ साल बाद, यह दोनों इस भव्य परियोजना के साथ सोशल मीडिया पर आये हैं। 






त्रिविक्रम श्रीनिवास, जिस परियोजना को लेकर आ रहे है, उसका अस्थाई शीर्षक गॉड ऑफ़ वॉर अर्थात युद्ध के देवता रखा गया है।  इस परियोजना में एनटीआर को हिंदू योद्धा देवता भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) के रूप में दिखाये जाने की अटकलें  है।






भगवान् कार्तिकेय, देवों के देव महादेव और महादेवी पारवती के पुत्र थे।  वह उत्तर में जन्मे थे और उन्होंने सम्पूर्ण जीवन दक्षिण और पश्चिम को राक्षसों से मुक्त कराने के लिए युद्ध किया।  उन्हें दक्षिण के भक्त भगवान् मुरुगन बोलते हैं। 





फिल्म एक महत्वाकांक्षी, बड़े बजट की पौराणिक फंतासी है जिसमें उच्च कोटि के दृश्य प्रभाव (वीएफएक्स) है, जो रामायण या महाभारत जैसे महाकाव्यों के चिरपरिचित कथानक के पुनर्कथन के बजाय युद्ध के देवता की कम सुनी कहानियों की खोज करती है।





जूनियर एनटीआर वर्तमान में प्रशांत नील निर्देशित फिल्म ड्रैगन की शूटिंग में व्यस्त हैं।  इसे पूरा करने के बाद ही वह त्रिविक्रम की फिल्म की  शूटिंग प्रारम्भ कर  सकते हैं। 




 

विशेष बात यह है कि इस जोड़ी की  २०१८ में प्रदर्शित ब्लॉकबस्टर फिल्म 'अरविंद समेता वीरा राघव एक एक्शन-ड्रामा फिल्म थी। इसकी कहानी आंध्र प्रदेश के 'रायलासीमा' क्षेत्र में दो गुटों के बीच सालों से चली आ रही हिंसक दुश्मनी पर आधारित थी।




इस फिल्म में एनटीआर ने 'वीर राघव' नाम के युवक का किरदार निभाया था, जो अपने पिता की मौत के बाद हिंसा को छोड़कर शांति स्थापित करने की कोशिश करता है।




स्पष्ट रूप से, अरविन्द समेता वीर राघव  कथानक की दृष्टि से आधुनिक, पारिवारिक और सामाजिक पृष्ठभूमि पर बनी एक्शन फिल्म थी। गॉड ऑफ़ वॉर भी युद्ध दृश्यों की अधिकता वाली एक्शन फिल्म होगी, किन्तु, यह इन दोनों की पहली पौराणिक और फंतासी  फिल्म होने जा रही है। जिसमे एनटीआर पहली बार भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) से प्रेरित एक योद्धा के रूप में नजर आएंगे।  





जूनियर एनटीआर और निर्देशक त्रिविक्रम श्रीनिवास की इस आगामी पौराणिक महागाथा 'गॉड ऑफ वॉरको भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे भव्य और महंगी फिल्मों में से एक बनाने की तैयारी है।  यह फिल्म डुओलॉजी होगी अर्थात दो भागों में बनाई जाएगी।  इस फिल्म का बजट एक हजार करोड़ रखा गया।




  

फिल्म के निर्माता सूर्यदेवेरा नागा वामसी का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के निर्माण में बजट की कोई सीमा या कोई दायरा नहीं रखा जाएगा। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने के लिए बड़े पैमाने पर पैसा लगाया जा रहा है। 





चूंकि यह फिल्म भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) की दिव्य युद्ध कला और उनके आकाशीय सेनापति के रूप में पौराणिक लड़ाइयों पर आधारित है, इसलिए इसके दृश्यों को जीवंत करने के लिए हॉलीवुड के शीर्ष  वीएफएक्स  स्टूडियो के साथ बात किये जाने की चर्चा है।  





निर्देशक त्रिविक्रम श्रीनिवास अपनी इस काल्पनिक पौराणिक दुनिया को सशक्त पटकथा के माध्यम से अत्याधुनिक कंप्यूटर जनित दृश्यों का उपयोग करेंगे ताकि देवलोक, प्राचीन युद्धक्षेत्रों और मायावी शक्तियों को स्क्रीन पर जादुई तरीके से दिखाया जा सके।





फिल्म का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से मोशन कैप्चर और उन्नत विजुअल इफेक्ट्स पर निर्भर करेगा, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी दृश्यात्मक रूप से भव्य फिल्मों अर्थात 'बाहुबली' या 'कल्कि २८९८ एडी' की श्रेणी में खड़ी हो सके।  





फिल्म के मेकर्स इस प्रोजेक्ट के जरिए भारतीय पौराणिक कथाओं को वैश्विक स्तर पर ले जाने की योजना बना रहे हैं, यही वजह है कि इसके बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा सिर्फ वीएफएक्स और प्री-प्रोडक्शन रिसर्च पर खर्च किया जा रहा है।

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