Tuesday, 14 July 2026

#JioHotstarTelugu पर #SamanthaRuthPrabhu की #MaaIntiBangaaram

 


इसी महीने, ३ जुलाई को, दो एक्शन थ्रिलर फ़िल्में आलिया भट्ट की  फिल्म अल्फा और हुमा कुरैशी की फिल्म बड़ी डू डाई डू  प्रदर्शित हुई थी।  इन दोनों फिल्मों की नायिकाएं एक्शन मोड में थी और सीरियल किलर की भूमिकाएं कर रही थी।




 

आलिया भट्ट की फिल्म अल्फा का बजट १२० करोड़ के आसपास था। जबकि, बेबी डू डाई  डू  के निर्माण में २२ करोड़ के लगभग व्यय हुए थे।  आशा की जा रही थी कि बड़े बैनर यशराज फिल्म्स की स्पाई यूनिवर्स की सातवी फिल्म अल्फा और कम लागत में बनी फिल्म बेबी डू डाई डू  अपना खर्च निकाल कर. निर्माताओं को मुनाफा कमा कर देगी।  लेकिन हुआ बिलकुल उल्टा।  दोनों ही फिल्मे दर्शकों द्वारा नकार दी गई।  इस का अर्थ हुआ कि दर्शको ने महिला एक्शन फिल्म या सटीक कहिये तो भाड़े की हत्यारिन नायिका वाली फिल्मों को सिरे से नकार दिया। 





 

इससे ऐसा प्रतीत हो सकता है कि भारतीय दर्शक हत्यारी नायिकाओं वाली फिल्म को नकार देता है।  किन्तु, यह अर्ध सत्य है। बॉलीवुड फिल्मों के दर्शको को लेकर तो यह कहा जा सकता है।  किन्तु, भारतीय दर्शकों के सन्दर्भ में नहीं।  दक्षिण के दर्शक इसका प्रमाण है। 




 

तेलुगु एक्शन ड्रामा फिल्म मा इनती बंगारम, अल्फा और बेबी डू डाई डू से मात्र दो सप्ताह पहले १९ जून को प्रदर्शित हुई थी। इस फिल्म के निर्माण में ४५ करोड़ के आसपास व्यय हुए थे।  फिल्म की नायिका सामंथा रुथ प्रभु थी। फिल्म में उनके विरुद्ध गुलशन देवैया का चरित्र था। सामंथा की विगत प्रदर्शित फ़िल्में ख़ुशी, शाकुंतलम, यशोदा, आदि फ्लॉप हुई थी।  ऐसा प्रतीत होता था कि  सामंथा का फिल्म जीवन समाप्त हो गया।  किन्तु, मा इनती बंगारम ने चमत्कार कर दिखाया। इस फिल्म ने, बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को आकर्षित करते हुए बॉक्स ऑफिस १०० करोड़ का ग्रॉस करने वाले पहली महिला तेलुगु फिल्म का गौरव हासिल कर लिया। 





 

क्या आप जानते हैं कि इस फिल्म का कथानक क्या था ? यह फ़िल्म स्वर्णा (सामंथा रूथ प्रभु) की कहानी है, जो अनाथ है और डॉ. अनिरुद्ध (दिगंत मनचले) के साथ भाग जाती है। बाद में, वह परिवार की एक शादी के लिए उनके पारंपरिक, पुरुष-प्रधान गाँव वाले घर लौटती है। परिवार में अपनी जगह बनाने की कोशिश में, वह एक आदर्श और आज्ञाकारी बहू का रोल निभाती है।

 



लेकिन, उसका यह घरेलू रूप सिर्फ़ एक दिखावा है। वास्तव में वह झाँसी है, जो पहले एक खतरनाक हत्यारी और नक्सली विद्रोही रह चुकी है। शांति तब भंग हो जाती है जब उसका जुनूनी पूर्व गैंग लीडर, करुणा (गुलशन देवैया), उसे ढूँढ निकालता है। इससे स्वर्णा को अपने हिंसक अतीत का सहारा लेना पड़ता है, ताकि वह उन्हीं ससुराल वालों की रक्षा कर सके जो उस पर शक करते हैं। यह ज़िंदा रहने और छिपी हुई पहचान की एक रोमांचक कहानी है। स्पष्ट रूप  से इस फिल्म में सामंथा एक भाड़े की हत्यारिन की भूमिका कर रही थी।




 

मा इनती बंगारम को बॉक्स ऑफिस पर इतनी सफलता कैसे मिली ? इस फिल्म में पारंपरिक पारिवारिक ड्रामा और जबरदस्त हत्यारे वाले एक्शन का यह अनोखा मिश्रण था।  इस मिश्रण ने दर्शकों को इतना आकर्षित किया कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कीर्तिमान स्थापित कर पाने में सफल हुई।




 

सामंथा रूथ प्रभु की फिल्म मा इनती बंगारम ने बॉक्स ऑफिस पर कीर्तिमान स्थापित करते हुए अनुष्का शेट्टी की फिल्म रुद्रमा देवी के ८६.९२ करोड़, कीर्ति सुरेश की फिल्म महानटी के ८३ करोड़, अनुष्का शेट्टी की फिल्म अरुंधति के ६८.५० करोड़ और उन्ही की फिल्म भागमती के ६७.२ करोड़ के ग्रॉस को पीछे धकेल दिया है।




 

मा इन्टी बंगारम, अभी छविगृहों में चल रही है।  किन्तु, इस फिल्म के ओटीटी प्लेटफार्म पर प्रदर्शित किये जाने की घोषणा हो चुकी है। जिओ हॉटस्टार की घोषणा के अनुसार, सामंथा रुथ प्रभु की सीरियल किलर महिला वाली फिल्म मा इनती बंगारम उनके प्लेटफार्म पर स्ट्रीम होगी। यद्यपि, अभी इस फिल्म के हिंदी संस्करण के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। किन्तु, सामंथा के इस अनोखे रूप को देखने के लिए हिंदी दर्शक अंग्रेजी सब टाइटल के साथ फिल्म को १७ जुलाई से देख सकते हैं।

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