इस समय, बॉलीवुड फिल्म रामायण में
रणबीर कपूर के राम की सीता साई पल्लवी का एक इंटरव्यू चर्चा में है और निशाने पर
टॉक्सिक की किआरा अडवाणी है। साई का उदाहरण देते हुए किआरा अडवाणी को सोशल मीडिया
पर उपदेश दिया जा रहा है कि वह साई का उदाहरण ले कर बदलाव लाएं। मामला जानने के
लिए साई पल्लवी के इंटरव्यू के बारे में जानना होगा कि उन्होंने क्या कहा !
एक इंटरव्यू में, साक्षात्कारकर्ता ने साई से चुम्बन के
विषय में पूछा था कि वह फिल्मों में चुम्बन क्यों नहीं देती ? उस समय साई ने जो उत्तर दिया, वह कुछ यों था - यदि मेरा कोई बॉयफ्रेंड है, तो मुझे किसी और का चुम्बन नहीं करना चाहिए, चाहे वह एक्टिंग हो या कुछ और। एक आदमी या औरत
को अच्छी ज़िंदगी जीने के लिए बस एक खुशहाल परिवार, एक कार और एक घर चाहिए होता है। मेरे पास ये सब
पहले से ही है। मुझे सिर्फ़ एक और कार खरीदने के लिए किसी और को किस करने की
ज़रूरत नहीं है। मेरे पास जो है, मैं उसी में खुश हूं। अगर आप मुझे एक्टिंग के लिए फिल्म में चाहते हैं, तो मुझे ले लो। अगर इंटिमेट सीन के लिए, तो किसी और को कास्ट करो। मुझे इससे कोई दिक्कत
नहीं है।
इस इंटरव्यू के सोशल मीडिया पर आने के बाद, किआरा अडवाणी निशाने पर आ गई।
वह निशाने पर आईं फिल्म टॉक्सिक के लेडीज एंड लेडीज टीज़र में अपने यश के
साथ आतंरिक संबंधों का चित्रण कर। लोग कायरा
आडवाणी पर शादी के बाद बोल्ड सीन करने पर सवाल उठाने लगे। उन्होंने किआरा को उपदेश
दिया कि वह साई पल्लवी से सीख लें।
क्योंकि, वह शादी शुदा हैं। उन्हें ऐसे दृश्य नहीं करने
चाहिए। किआरा के पति अभिनेता सिद्धार्थ
मल्होत्रा को भी खींच लाया गया कि उन्होंने किआरा को ऐसे दृश्य करने की अनुमति
कैसे दे दी! इसके बाद, सोशल मीडिया पर
बहस छिड़ गई।
समझ से बाहर है कि किआरा अडवाणी को यह सलाह क्यों ? साई पल्लवी ऐसे दृश्य नहीं करती तो वैसा ही
किआरा को क्यों करना चाहिए? किसी भी ऐसे आतंरिक यौन संबंधों वाले दृश्य करने के लिए एक स्त्री के साथ
एक पुरुष भी होता है। टॉक्सिक के अंतरंग
दृश्य में यह पुरुष अभिनेता यश है। किआरा
की तरह यश भी शादी शुदा है। उन्हें ऐसे
दृश्य क्यों करने चाहिए ? उनकी पत्नी ने
उन्हें ऐसे दृश्य करने की अनुमति कैसे दे दी ? ऐसे सवाल यश की तरफ क्यों नहीं उछाले गए?
यदि, आपको किसी इंटिमेट सीन से सच में बुरा लगता है क्योंकि एक्टर असल ज़िंदगी
में शादीशुदा हैं, तो आपको उन दोनों
से परेशान होना चाहिए। इसके बजाय, पुरुष अभिनेता के काम को स्टैंडर्ड बिज़नेस माना जाता है, जबकि फीमेल अभिनेत्री के चरित्र पर निशाना बनाया
जाता है। ऐसा क्यों ?
एक सीधी सी बात, जो लोग समझ नहीं पा रहे हैं वह यह है कि एक इंटिमेट सीन को फिल्माने के लिए
दो लोगों की ज़रूरत होती है। अगर आपका गुस्सा सिर्फ़ औरत पर है, तो आपकी प्रॉब्लम असल में सीन से नहीं है- यह
औरतों से है। अन्यथा, यश पर भी यह सवाल उठाये जाने चाहिए थे।
ऐसा प्रतीत होता है कि
किआरा अडवाणी और लेडीज एंड लेडीज टीज़र के कारण फिल्म निशाने पर है। इस टीज़र के बाद, फिल्म टॉक्सिक की हवा बड़ी तेजी से बहने लगी है।
इस फिल्म की दर्शकों को अत्यधिक उत्सुकता से प्रतीक्षा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह फिल्म हजार करोड़
का व्यवसाय आसानी से कर ले जाएगी। इस
इंडस्ट्री में ऐसे लोगों की कमी नहीं, जो किसी की सफलता पर प्रसन्न नहीं हो सकते।
यश की फिल्म टॉक्सिक के सेक्सुअल कंटेंट वाले दृश्य और उन पर किआरा की आलोचना को फिल्म के एक अभिनेता बेनेडिक्ट गैरेट खारिज करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे कोई आइडिया नहीं है। मैं बस यह मान सकता हूं कि लोगों को हिंसा देखने से ज़्यादा सेक्स से जुड़ा कंटेंट देखने में दिक्कत होती है, जो मेरी राय में पूरी तरह से बकवास है। मुझे किसी भी दिन हिंसा से ज़्यादा सेक्स वाली दुनिया दिखाओ।"
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