इमरान हाशमी की, दिशा पाटनी के साथ
रोमांटिक गैंगस्टर फिल्म आवारापन २ का टीज़र, २९ जून को जारी हुआ है। इस टीज़र को
आज तक १६ लाख से अधिक दर्शक देख चुके है।
किन्तु, फिल्म के प्रति दर्शकों
में वह उत्साह नहीं है। इसी उत्साह की कमी
को देखते हुए यह पूछा जा रहा है कि क्या दर्शक इमरान हाश्मी के आवारापन को स्वीकार
करेंगे ?
आवारापन २, २००७ में प्रदर्शित, इमरान हाश्मी की मोहित सूरी के निर्देशन में प्रदर्शित फिल्म आवारापन की सीक्वल फिल्म है। आवारापन को अपनी रिलीज़ के समय औसत या फ्लॉप फिल्म मना गया था। किन्तु, बाद में इसे कल्ट फिल्म में सम्मिलित किया गया। फिल्म को कल्ट स्टेटस दिलाने वाले मुख्य तत्व प्रीतम का हिट संगीत था, जिन्हे लम्बे समय तक याद रखा गया था।
इसके अतिरिक्त इस फिल्म में, इमरान हाशमी अपनी चॉकलेटी इमेज से हटकर ब्रूडिंग, गॉडलेस गैंगस्टर शिवम पंडित की भूमिका कर रहे थे । उनकी आँखों में दर्द, खालीपन और ट्रांसफॉर्मेशन को दर्शकों ने बहुत पसंद किया । इसे उनके श्रेष्ठ अभिनय वाली फिल्मों में से एक मानते हैं।
इस फिल्म के चरित्रों में प्यार, मुक्ति, विश्वास, नास्तिकता, बलिदान और पराजय का मिश्रण था। इस फिल्म में हिंसक गैंगस्टर ड्रामा को
भावुकता और आध्यात्मिकता का सहारा मिला था, जो इसे बॉलीवुड की गैंगस्टर फिल्मों से बिलकुल भिन्न बनाता था। मोहित सूरी के निर्देशन,हांगकांग की पृष्ठभूमि और मार्मिक संवादों ने फिल्म को अविस्मरणीय बना
दिया। क्या आवारापन २ मे ऐसा प्रभावशाली मिश्रण होगा?
आवारापन २ का बजट ८० से १२० करोड़ के मध्य बताया जा रहा है। जबकि, २००७ में प्रदर्शित आवारापन का बजट १८ करोड़ के
आसपास था। यो, विशेष फिल्म्स की फिल्में
अपने नियंत्रित बजट के लिए प्रसिद्द है। किन्तु, आवारापन २ को बड़े पैमाने पर बनाया जा रहा है। मूल आवारापन के समय इमरान
हाश्मी छोटे बजट की फिल्मों के अभिनेता थे। इस फिल्म में उनकी नायिका श्रिया सरन
थी। इसके बावजूद फिल्म औसत/फ्लॉप मानी गई, लेकिन बाद में म्यूज़िक और कहानी की वजह से कल्ट क्लासिक बन गई।
जबकि, आवारापन २ में भव्यता है। फिल्म में दिशा पाटनी
उनकी नायिका है। दिशा पाटनी को एक विलेन रिटर्न्स और योद्धा के लिए ५ करोड़ मिले
थे। तमिल फिल्म कंगूवा में उन्हें छह करोड़
का साइनिंग अमाउंट मिला था। इमरान हाश्मी कल टाइगर ३ में विलेन की भूमिका के लिए
१० करोड़ दिए गए थे। इस समय वह ७ से १५ करोड़ की फीस लेते है। स्पष्ट रूप से अन्य
कलाकारों की फीस को सम्मिलित करें तो आवारापन का पूरा बजट दिशा पाटनी और इमरान
हाश्मी की फीस में ही ख़त्म हो जाता है।
यद्यपि, आवारापन २ की शूटिंग राजस्थान में हुई है। किन्तु, इस फिल्म का ५० प्रतिशत हिस्सा बैंकाक में शूट हुआ है। यहाँ पर फिल्म की शूटिंग पूरे एक महीने तक चलती रही थी। बाद में फिल्म को कुआलालम्पुर में फिल्माया गया था। इस प्रकार से फिल्म को अंतर्राष्ट्रीय स्तर देने का प्रयास किया गया ?
एक बड़ा कारण यह भी है कि आवारापन २ में शिवम् पंडित की वापसी हो रही
है। यह वही गैंगस्टर शिवम् पंडित है, जो आवारापन में मार दिया जाता है। आवारापन २ के
टीज़र में इमरान हाश्मी कहते सुनाई पड़ते हैं कि मौत भी बड़ी अजीब चीज है। उसने मुझे छुआ जरूर पर अपनाया नहीं। क्या दर्शक १९ साल
पहले मारे जा चुके शिवम् पंडित को इस तरह जीवित देखना स्वीकार करेगा ?
कहानी का पुरानापन और कमजोरी फिल्म को कमजोर कर सकती है। पुरानी कहानी को दर्शक स्वीकार करेगा, कहा नहीं जा सकता है। इसके अतिरिक्त दिशा पाटनी कुछ प्रभाव छोड़ती नहीं दिखाई देती। फिल्म का संगीत भी कमजोर है। इमरान हाश्मी भी, विगत १९ सालों में शिवम् से काफी आगे निकल चुके है। वह एक्शन भूमिकाएं कर रहे है। टाइगर ३ जैसी फिल्म में खलनायक भी बन चुके है। अब उनके रोमांस में वह बात नहीं, जो आवारापन के समय थी।
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