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Wednesday, 15 July 2026

#SanjayLeelaBhansali का #King से प्यार, टाली #LoveAndWar ?



मुंबई के गलियारों से समाचार है कि निर्माता निर्देशक संजयलीला भंसाली ने अपनी फिल्म लव एण्ड वॉर की प्रदर्शन  की तिथि टाल दी है।  अब यह फिल्म अगले वर्ष २१ जनवरी २०२७ को हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओँ में प्रदर्शित होगी।





 

इसके साथ ही अटकलों का दौर प्रारम्भ हो गया है।  कहा जा रहा है कि लव एंड वॉर की रिलीज़ फिल्म की नायिका आलिया भट्ट की फिल्म अल्फा के बॉक्स ऑफिस पर लुढ़कने के कारण टाली गई है। भंसाली यह नहीं चाहते थे कि अपनी फिल्म की नायिका की इतनी बड़ी असफलता के बाद, बड़े बजट की फिल्म को प्रदर्शित किया जाए। क्योंकि, आलिया के कारण फिल्म को नकारात्मक प्रचार ही मिलेगा।




 

अटकलें तो यहाँ तक हैं कि अल्फा के बाद, लव एंड वॉर में आलिया भट्ट के हिस्सों को कतरा जा रहा है। निर्माता नहीं चाहते थे कि इतना बुरा अभिनय करने वाली अभिनेत्री का मुंह दर्शकों के सामने बार बार आये। वह सोचते हैं कि फिल्म के दो नायकों रणबीर कपूर और विक्की कौशल के चेहरों की सहायता से फिल्म को दर्शकों की पसंदीदा बनाया जा सकेगा।




 

किन्तु, सवाल कई उठते है। आलिया भट्ट का अभिनय उत्कृष्ट कब होता था? गंगूबाई काठियावाड़ी में उनका अभिनय साधारण स्तर का ही था।  अब बात दूसरी है कि उन्हें राष्ट्रिय फिल्म पुरस्कार मिल गया। जहाँ तक निर्माताओं का प्रश्न है क्या गंगूबाई काठियावाड़ी शूट करते समय आलिया भट्ट का बुरा अभिनय सामने नहीं आया था? क्या लव एंड वॉर की शूटिंग में आलिया खराबा अभिनय नहीं कर रही थी? स्पष्ट है कि लव एंड वॉर की प्रदर्शन  की तिथि बदलने का कारण कोई दूसरा है।




 

यह सोचना इस लिए भी आवश्यक है कि लव एंड वॉर उनकी नायिका प्रधान एकल अभिनेत्री फिल्म नहीं है। इस फिल्म में उनके लव और वॉर रणबीर कपूर और विक्की कौशल  भी है। यह दोनों अभिनेता अपनी कई फिल्मों में अद्वितीय अभिनय कर चुके है।  राजकुमार हिरानी की फिल्म संजू में इस जोड़ी ने कमाल कर दिखाया था। तो यह कैसे समझ लिया गया कि लव एंड वॉर में आलिया भट्ट का कमाल ही बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की सफलता की गारंटी है?





 

निश्चित रूप से आलिया भट्ट की फिल्म अल्फा फ्लॉप हुई है। किन्तु, रणबीर कपूर ने २०२३ में तू झूठी मैं मक्कार और एनिमल जैसी बड़ी सफल फिल्म दी है।  विक्की कौशल ने तो पिछली साल ही छावा जैसी सुपर हिट फिल्म  दी है।  उनका अभिनय भी अद्वितीय पाया गया था। इसके लिए उन्हें ज़ी सिने अवार्ड भी मिला है। क्या लव एंड वॉर इन दोनों अभिनेताओं के अभिनय से सफल नहीं हो सकती थी ? फिल्म को आलिया भट्ट के व्यक्तित्व की इतनी जरुरत क्यों कि फिल्म की रिलीज़ टालनी पड़ी ?




 

जहाँ तक लव एंड वॉर के प्रदर्शन की तिथि बदलने की बात है, इस फिल्म की रिलीज़ पहले भी टालनी पड़ी थी। २०२४ में घोषित फिल्म लव एंड वॉर को मूल रूप में २०२५ की क्रिसमस को प्रदर्शित किया जाना था।  फिल्म को निर्माण में देरी के कारण २० मार्च २०२६ तक टालना पड़ा।  किन्तु, मार्च रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर २ द रिवेंज तथा यश की फिल्म टॉक्सिक प्रदर्शित हो रही थी।  इन दोनों फिल्मों से टकराव टालने के लिए फिल्म को क्रिसमस २०२६ को प्रदर्शित किया जाना तय किया गया। अब जबकि, फिल्म की रिलीज़ अगले साल तक बढ़ा दी गई है तो इसके लिए आलिया भट्ट को दोषी क्यों ठहराना ?





 

लव एंड वॉर की रिलीज़ बढाए जाने के एकाधिक कारण लगते हैं। पहला तो यह कि संजय लीला भंसाली हमेशा से टकराव से बचते रहे है।  क्रिसमस २०२६ में, २४ दिसंबर को शाहरुख़ खान की एक्शन फिल्म किंग प्रदर्शित हो रही है।  शाहरुख खान, हमेशा से संजय लीला भंसाली के प्रिय एक्टर रहे है। उन्होंने उनके साथ देवदास जैसी बड़ी हिट फिल्म बनाई है। शाहरुख़ खान की फिल्म किंग का प्रचार काफी ठंडा चल रहा है। रक्षकों में कोई विशेष उत्सुकता नहीं है।  इसलिए भंसाली नहीं चाहते थे कि उनकी फिल्म का किंग से टकराव हो या किंग को उनकी फिल्म से कोई नुकसान उठाना पड़े।  इसलिये उन्होंने फिल्म को टालना उपयुक्त समझा।




 

एक कारण और है।  फिल्म के एक नायक रणबीर कपूर की सबसे मूल्यवान फिल्म रामायण का पहला हिस्सा, दिवाली २०२६ में ३० अक्टूबर को प्रदर्शित हो रहा है। इस फिल्म को भारी भरकम व्यवसाय करने वाली फिल्म बताया जा रहा है।  यदि रामायण सुपरडुपर हिट होती है तो भी और यदि असफल होती है तो भी लव एंड वॉर का दो महीने से भी कम समय में प्रदर्शित होना लाभदायक नहीं होगा।

 




इस प्रकार से, अब लव एंड २१ जनवरी २०२७ को प्रदर्शित होगी। यह स्लॉट बिलकुल खाली है।  संदीप रेड्डी वंगा की तेलुगु भाषा की अखिल भारतीय स्तर पर प्रदर्शित होने वाली प्रभास की फिल्म स्पिरिट ५ जनवरी को प्रदर्शित हो जाएगी। 

Tuesday, 14 July 2026

#Tumbbad2 में #Alpha की फ्लॉप #AliaBhatt



आज फिल्म तुम्बाद २ के निर्माता सोहम शाह ने अपने एक्स अकाउंट पर, इस सीक्वल फिल्म की स्टारकास्ट में फ्लॉप फिल्म अल्फा की अल्फा नायिका आलिया भट्ट कोई सम्मिलित किये जाने की आधिकारिक घोषणा की।  निर्माता सोहम शाह की फिल्म तुम्बाद २ के निर्देशक आदेश प्रसाद है। यह फिल्म, इस साल नहीं, अगले साल ३ दिसंबर को प्रदर्शित की जाएगी। 





सीक्वल फिल्म तुम्बाद की मूल फिल्म तुम्बाद, १२ अक्टूबर २०१८ को प्रदर्शित हुई थी।  इस फिल्म का निर्देशन राही अनिल बर्वे ने किया था। इस फिल्म में सोहम शाह ही मुख्य भूमिका में थे।  फिल्म के निर्माण में १५ करोड़ व्यय हुए थे। बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत के बावजूद फिल्म ने कुल ५३.४६ करोड़ का ग्रॉस किया था। स्पष्ट है कि फिल्म अपनी सामग्री के कारण दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर पाई। 




ओरिजिनल 2018 की तुम्बाड एक कम बजट की लोककथा हॉरर फिल्म थी जिसे क्रिटिक्स ने बहुत पसंद किया था। यह अपनी एटमॉस्फेरिक कहानी और पौराणिक एलिमेंट्स के लिए जानी जाती थी, जिसमें सोहम शाह का लीड रोल था।




प्रमोशनल तस्वीरों में आलिया भट्ट और सोहम शाह को एक रेड बैकग्राउंड पर कोऑर्डिनेटेड ब्लैक आउटफिट्स में दिखाया गया है, साथ में एक पारंपरिक सफेद सर्कल और लालटेन है, जो सीक्वल में डार्क, लोककथा थीम को जारी रखने का इशारा देता है।




तुम्बाड की मुख्य कहानी महाराष्ट्र की लोककथाओं से प्रेरित एक काल्पनिक कहानी है, जो हस्तर पर आधारित है, जो खुशहाली की देवी (पृथ्वी को उनके गर्भ के रूप में दिखाती है) का लालची पहला बच्चा है। उसने 16 करोड़ देवताओं को जन्म दिया।हस्तर ने उसका सोना छीन लिया, लेकिन अनाज लेने की कोशिश करते समय उसके भाई-बहनों ने उस पर हमला कर दिया, फिर उसे इस शर्त पर अपनी कोख में कैद कर लिया कि पुराणों में उसकी कभी पूजा या नाम नहीं लिया जाएगा।




श्राप और गाँव: तुम्बाड के लोगों ने हस्तर की पूजा की, जिससे देवताओं ने मना कर दिया, और सज़ा के तौर पर लगातार बारिश हुई। हस्तर के साथ बातचीत से सोना मिलता है, लेकिन पीड़ितों को अमरता, कभी न खत्म होने वाली भूख, शरीर का ठीक न होना, या इंसानियत खत्म होने का श्राप मिलता है—जो लालच को एक विरासत में मिली बीमारी के रूप में पीढ़ियों तक पहुँचाता है।




सीक्वल हस्तर के आस-पास की इस दुनिया को और गहरा करता है, अमरता (पांडुरंग जैसे किरदारों के ज़रिए), परेशान करने वाली मना की गई ताकतों के नतीजों, और शायद हस्तर जैसी कई चीज़ों को एक्सप्लोर करता है, साथ ही लालच, कॉस्मिक हॉरर, और साइक्लिकल किस्मत की थीम को बनाए रखता है।




 प्रश्न यह है कि जब तुम्बाद २ का कथानक भी लोक कथाओं पर आधारित भयावनी फिल्म है, तब इसे आलिया भट्ट को सम्मिलित किये जाने का क्या अर्थ हो सकता है? क्या आलिया भट्ट को मात्रा बजट बढ़ाने या स्टार पावर के लिए लिया गया। क्योंकि, इस समय भी फिल्म की कास्ट में सोहम शाह और नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी ही है।  




तुम्बाद २ का स्केल बड़ा करने के लिए आलिया भट्ट को लिया गया लगता है। इस फिल्म का बजट करीब १००-१५० करोड़ का है, जो पहली फिल्म के १५ करोड़ के बजट से कही बहुत बड़ा है। आलिया भट्ट को लाने से फिल्म को पैन-इंडिया अपील, बेहतर मार्केटिंग और ज्यादा थिएटर कवरेज मिल सकता है, विशेषकर महिलाओं और युवा ऑडियंस में उनका क्रेज है। 





आलिया भट्ट ने स्क्रिप्ट पसंद करने के बाद फिल्म की शूटिंग पूरी करने के लिए २० दिनों की शूटिंग के लिए समय दिया है। बताते हैं कि फिल्म में उनकी भूमिका सशक्त और महत्वपूर्ण है, जो तुम्बाद ३ की कहानी भी सेट करती है। यह सिर्फ स्टार पावर नहीं, बल्कि फ्रैंचाइजी को एक्सपैंड करने का हिस्सा है 




पहली फिल्म तुम्बाद  कंटेंट से हिट हुई, लेकिन सीक्वल में बड़े बजट, VFX और वर्ल्ड-बिल्डिंग के लिए स्टार कैस्ट जरूरी हो जाता है ताकि रिस्क कवर हो और ज्यादा कमर्शियल सफलता मिले। यह आम ट्रेंड है।  

Saturday, 11 July 2026

हांफने लगी #YRF और #AliaBhatt की #Alpha


ऊपर का चित्र देखिये ! अल्फा के इस पोस्टर में हृथिक रोशन के चेहरे के बड़े से क्लोज़अप के नीचे अनिल कपूर और शरवरी से संरक्षित आलिया भट्ट कितनी डरी डरी  सी लग रही है। उनके डर का क्या कारण है ? शायद इस कहानी से आगे चल कर कोई निष्कर्ष निकले। 





ईश्वर की कृपा कि बिना पाकिस्तान में रिलीज़ हुए यशराज फिल्म्स की आलिया भट्ट अभिनीत फिल्म अल्फ़ा दूसर सप्ताह में प्रवेश कर गई।  अब यह बात दूसरी है कि दूसरे शुक्रवार इस फिल्म का कलेक्शन औंधे मुंह गिर रहा है।  यशराज फिल्म्स और आलिया भट्ट की स्पाई यूनिवर्स की फीमेल स्पाई फिल्म अल्फा ५० करोड़ के लिए हांफ रही है।  क्या इसे अल्फा और स्पाई यूनिवर्स की ख़त्म कहानी समझा जाए ?





अल्ला अल्ला खैर सल्ला करते करते अल्फा दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर गई।  किन्तु, दूसरे शुक्रवार इसका १.६५ करोड़ का विशुद्ध व्यवसाय, इसके एक दिन पहले के २.५० के विशुद्ध व्यवसाय से ३४ प्रतिशत गिरावट वाला था।  यद्यपि, यह गिरावट अजय देवगन की हास्य फिल्म धमाल ४ की रिलीज़ के कारण हुई, क्योंकि इसके यह स्क्रीन धमाल ४ को आवंटित कर दिए गए।  





 किन्तु, पहले सप्ताह की कहानी भी तो कुछ उत्साहजनक नहीं नहीं रही। शिव रवैल द्वारा निर्देशित यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की सातवीं फिल्म अल्फा ने पहले दिन ९.२५ करोड़ का नेट जुटाया। इस नेट में अगले दो दिनों में वृद्धि हुई। फिल्म ने शनिवार को ११.५०  करोड़ और रविवार को १३.२५ करोड़ का विशुद्ध कारोबार किया। किन्तु, सप्ताहांत समाप्त होते ही यह औंधे मुंह गिरी। फिल्म के व्यवसाय में ७० प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई।  फिल्म ने ३.८५ करोड़ का नेट किया। 





इसके बाद, यशराज फिल्म्स ने एक में एक फ्री का कार्ड खेला।  इससे फिल्म के कलेक्शन में वृद्धि हुई।  फिल्म ने ४० लाख अधिक का व्यवसाय कर लिया। किन्तु, क्या यह पर्याप्त था ? इससे और कुछ नहीं तो यह अवश्य साफ हो गया कि दर्शक फ्री के लालच में नहीं आने वाला। इसका प्रमाण आगामी दो दिनों में सामने आया।  फिल्म ने बुद्धवार को २.८५ करोड़ और गुरुवार को इससे भी कम २.५० करोड़ का व्यवसाय किया।





स्पष्ट रूप से फिल्म पहले सप्ताह पचास करोड़ का विशुद्ध व्यवसाय नहीं कर पाई। जबकि, यह ओवररेटेड स्पाई यूनिवर्स की फिल्म थी।  इसके साथ फिल्म को पहले दिन ७५३४ शो दिलवा देने वाला बैनर था। 





दलील दी जा रही है कि फिल्म के परदे अजय देवगन की फिल्म को चले गए।  यह तर्क अपनी जगह सही हो सकता है। किन्तु, पहले सप्ताह में क्या हुआ ? रविवार को ७४३९ शो में १३.२५ करोड़ का  विशुद्ध व्यवसाय करने वाली फिल्म अगले दिन ७४२ शो ७० प्रतिशत कैसे गिर गई? बिना किसी नई फिल्म के रिलीज़ हुये,अल्फा के परदे कैसे कम हो गए? 





कुछ भी हो, अल्फा ९वे दिन और उतार पर है।  फिल्म दोपहर तक पचास करोड़ का आंकड़ा नहीं छू पाई है। इसका तीन बजे दोपहर तक का कुल करोबार ४९.६६ करोड़ ही है। फिल्म के सौ ४८३१ से घट कर १५८२ रह गए है।  फिल्म का  वर्ल्ड वाइड ग्रॉस ८२.०६ का हो गया है। यह स्पाई यूनिवर्स का सबसे घटिया प्रदर्शन है।  






अल्फा के घटिया प्रदर्शन के लिए घटिया कहानी और पटकथा के अतिरिक्त आलिया भट्ट का घटिया चुनाव भी है।  वह किसी भी स्तर पर भाड़े की हत्यारिन नहीं लगती। ऎसी भूमिका में उनसे अधिक प्रभावित बेबी डू डाई डू की हुमा कुरैशी करती है। 






आलिया भट्ट ने, विगत कुछ  सालों में असफल फिल्मों की श्रृंखला बना दी है।  वह अल्फा के अतिरिक्त जिगरा, हार्ट ऑफ स्टोन, रॉकी और रानी की प्रेम कहानी, ब्रह्मास्त्र, डार्लिंग्स, गंगूबाई काठियावाड़ी, सड़क २, स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर २ तथा कलंक जैसी बॉक्स ऑफिस पर कलंक फ़िल्में दे चुकी है। क्या अल्फा असफलता के बाद, आलिया भट्ट का करियर समाप्त हो जाएगा।  ऎसी आशा तो नहीं की जा सकती। किन्तु, आलिया भट्ट ने यशराज फिल्म की स्पाई यूनिवर्स की फिल्मों के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह अवश्य लगा दिया है।






समाचार है कि संजय लीला भंसाली लव एंड वॉर में आलिया भट्ट के दृश्यों को छोटा कर रहे है।  यह भी समाचार है कि फरहान अख्तर अपनी फिल्म को जिन्दा रखने के लिए जी ले जरा से आलिया भट्ट को निकालने जा रहे है।





सबसे बड़ी बात ! क्या यशराज फिल्म्स अपनी अगली स्पाई यूनिवर्स फिल्म पठान २ और टाइगर वर्सेज पठान को घोषणा से आगे ले जाएगा ? अभी कुछ भी कहना जल्दी होगी। कदाचित, आदित्य चोपड़ा को सिद्धार्थ आनंद निर्देशित और २४ दिसंबर को प्रदर्शित होने जा रही एक्शन थ्रिलर फिल्म किंग को दर्शको के रुझान की प्रतीक्षा होगी। 

Tuesday, 30 June 2026

#Nagabandham से हो सकती है #Alpha और #BabyDoDieDo को #Shiver



यो तो सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया पर, बॉक्स ऑफिस पर अल्फा और बेबी डू डाई के टकराव की ही चर्चा है।  किन्तु, बॉक्स ऑफिस पर तीसरा और चौथा कोण, वास्तव में तीसरा कोण ही उलटफेर कर सकता है।  यह तीसरे और चौथे कोण, अल्फा और बेबी डू डाई डू को नागबंधन में बांध सकते है या शिविर पैदा कर सकते हैं।  क्या आप नहीं समझे? 





जी हां, हम  इसी सप्ताह ३ जुलाई २०२६ को रिलीज हो रही पैन-इंडिया पौराणिक फिल्म 'नागबंधम' द सीक्रेट ट्रेज़र और हॉलीवुड फिल्म शिविर की। नागबंधम और शिविर के प्रदर्शित होने का 'अल्फा' और 'बेबी डू डाई डू' के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर  पर काफी बड़ा और गहरा प्रभाव पड़ने वाला है।






जहाँ नागबंधम पौराणिक कथानक पर खजाने के रहस्य के कथानक पर है, वही दूसरी और शिविर एक हॉरर थ्रिलर फिल्म है।  सभी जानते हैं कि हिंदी पेटी के दर्शकों को हॉरर बहुत भाता है।  चूंकि, शिविर एक छोटी फिल्म है, किन्तु, इसका उपरोक्त दो फिल्मों के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर सीमित प्रभाव अवश्य दिखाई देगा।




'नागबंधमका सबसे बड़ा खतरा इसकी अखिल भारतीय अपील है। यह सनातन पर आधारित है। 'नागबंधम' एक बड़े बजट की पौराणिक एडवेंचर-थ्रिलर फिल्म है, जो प्राचीन विष्णु मंदिरों और गुप्त 'नागबंधम' मंत्र के रहस्यों पर आधारित है। यह फिल्म हिंदी, तेलुगु और तमिल सहित कई भाषाओं में बड़े स्टार पर ज़ी स्टूडियोज द्वारा रिलीज हो रही है। चूंकि 'अल्फा' का प्रदर्शन पूर्व का माहौल पहले से ही कमजोर है, 'नागबंधम' हिंदी बेल्ट और विशेषकर दक्षिण भारत में उसके स्क्रीन काउंट और दर्शकों की संख्या को बुरी तरह प्रभावित करेगी। जो दर्शक बड़े पर्दे पर भव्य सिनेमा देखना चाहते हैं, वे कमजोर हाइप वाली 'अल्फा' की बजाय 'नागबंधम' को चुन सकते हैं।





वही, बेबी डू डाई डू का बजट छोटा है और यह एक सस्पेंस डार्क-कॉमेडी है। 'नागबंधम' के आने से इसे मल्टिप्लेक्सों में स्क्रीन्स मिलने में कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि थिएटर मालिक 'नागबंधम' को अधिक शोज दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त 'शिवरका प्रभाव बेबी डू डाई डू के लक्षित दर्शकों का बंटवारा कर पड़ेगा। 'शिवर' एक विशुद्ध हॉरर/साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है। इसलिए इसका सीधा मुकाबला 'बेबी डू डाई डू' से होगा, क्योंकि दोनों ही फिल्में थ्रिलर जॉनर (Genre) की हैं। जो दर्शक इस वीकेंड पर कुछ डरावना या सस्पेंस से भरपूर देखना चाहते हैं, उनकी पसंद इन दोनों फिल्मों के बीच बंट जाएगी, जिससे 'बेबी डू डाई डू' की दर्शक संख्या में थोड़ी कमी आ सकती है।






इस चौकोणीय संघर्ष के कारण सिनेमाघरों में स्क्रीन्स और शोज का भयंकर बंटवारा होगा। ऐसे में 'अल्फा' के लिए अपनी भारी लागत वसूलना और मुश्किल हो जाएगा। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' और 'नागबंधम' को अपने-अपने जॉनर के दर्शकों का साथ मिलने की उम्मीद ज्यादा है।






फिल्म व्यापार के विशेषज्ञों के अनुसार, चारों फिल्मों के स्क्रीन शेयरिंग प्रतिशत और पहले सप्ताहांत के संभावित कलेक्शन का विश्लेषण निम्न अनुसार है- 




स्क्रीन शेयरिंग प्रतिशत - सिनेमाघरों (मल्टिप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन) में शोज का बंटवारा इस प्रकार हुआ है। अल्फा को ४५ प्रतिशत स्क्रीन शेयर मिला है। बड़ा बैनर की फिल्म होने के कारण इसे हिंदी बेल्ट के मल्टिप्लेक्सों में सबसे ज्यादा शोज मिले हैं।नागबंधम को ३५ प्रतिशत स्क्रीन शेयर मिला है। दक्षिण भारत में इस फिल्म का दबदबा ७० प्रतिशत से अधिक है, जबकि हिंदी मार्केट में इसे ज़ी स्टूडियोज की वजह से लगभग २५-३० प्रतिशत स्क्रीन्स मिली हैं ।





बेबी डू डाई डू का स्क्रीन शेयर १२ प्रतिशत का है। सीमित बजट और कल्ट अपील के कारण इसे मुख्य रूप से मेट्रो शहरों के चुनिंदा मल्टिप्लेक्सों में जगह मिली है ।





शिवर को ८ प्रतिशत स्क्रीन शेयर एक हॉलीवुड/इंग्लिश सर्वाइवल थ्रिलर फिल्म होने के कारण इसे केवल बड़े शहरों के चुनिंदा अंग्रेजी शोज दिए गए हैं ।






इस प्रकार से इन फिल्मों का पहले सप्ताहांत का संभावित बॉक्स ऑफिस कलेक्शन  पहले तीन दिनों (शुक्रवार से रविवार) में का २८ से ३२ करोड़ अनुमानित है। सौ करोड़ से अधिक के बजट वाली फिल्म के लिए यह वीकेंड कलेक्शन बेहद निराशाजनक माना जाएगा। 'नागबंधम' के कारण इसके मास-सर्किट (सिंगल स्क्रीन्स) के दर्शक बुरी तरह बंट गए हैं।





नागबंधम पहला वीकेंड कलेक्शन सभी भाषाओं में ४५-५५ प्रतिशत आँका गया है। अपनी पौराणिक थीम और शानदार विजुअल्स के कारण यह फिल्म इस वीकेंड की सबसे बड़ी कमाऊ फिल्म बनने की राह पर है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और हिंदी बेल्ट के सिंगल स्क्रीन्स पर यह फिल्म 'अल्फा' को कड़ी शिकस्त दे रही है।





वही बेबी डू डाई डू का संभावित वीकेंड कलेक्शन ८-१० करोड़ के आसपास रह सकता है।अपने बजट की दृष्टि से तीन दिनों में दस करोड़ के आसपास पहुंचना, इस फिल्म के लिए एक अच्छी और सुरक्षित स्थिति होगी। अमर कौशिक के निर्देशन और हुमा के अभिनय को मिल रही तारीफ इसे लंबी रेस का घोड़ा बना सकती है।





शिवर का संभावित वीकेंड कलेक्शन ढाई से साढ़े तीन करोड़ के आसपास रह सकता है।सीमित स्क्रीन्स और केवल अंग्रेजी भाषा में होने के कारण इसका कलेक्शन कम रहना स्वाभाविक है। किन्तु, यह 'बेबी डू डाई डू' के कुछ सस्पेंस-थ्रिलर प्रेमी दर्शकों को अपनी ओर खींचने में सफल रहेगी।





वर्तमान में, इस चौ-कोणीय मुकाबले में 'नागबंधम' अपनी पैन-इंडिया अपील के कारण बॉक्स ऑफिस की रेस में सबसे आगे निकलती दिख रही है। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' अपने छोटे बजट की वजह से सुरक्षित है। सबसे बड़ा घाटा 'अल्फा' को हो रहा है, जिसे 'नागबंधम' की आंधी के कारण भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।





किन्तु, इससे यह निष्कर्ष निकलना ठीक नहीं कि अल्फा के लिए क्या आलिया भट्ट का स्टार स्टेटस नाकाम हो रहा है। जी नहीं, उनका स्टार स्टेटस पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। लेकिन 'जिगरा' के बाद उन पर दबाव बढ़ा है । पर आलिया भट्ट आज भी बॉलीवुड की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में से हैं जो अपने दम पर किसी फिल्म को आठ से दस करोड़ की ओपनिंग दिला सकती हैं।  दर्शकों में उत्साह की कमी के बावजूद 'अल्फा' की पहले दिन की अनुमानित कमाई हुमा की फिल्म से कहीं अधिक है।





अलबत्ता, गंगूबाई काठियावाड़ी' और 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' की सफलता के बाद, 'जिगरा' का फ्लॉप होना और अब 'अल्फा' का ठंडा प्री-रिलीज उत्साह यह दिखाता है कि दर्शक सिर्फ स्टार के नाम पर थिएटर नहीं आ रहे हैं। उन्हें वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स से और बेहतर कंटेंट की उम्मीद थी।





इसी प्रकार से यह भी नहीं कहा जा सकता है कि हुमा कुरैशी की पहचान हिंदी दर्शकों को आकर्षित नहीं कर पा रही है। हुमा की पहचान 'मास स्टार' की नहीं, बल्कि 'कल्ट/ओटीटी स्टार' की है । महारानी सीरीज की हुमा कुरैशी को दर्शक बेहतरीन अदाकारी के लिए जानते हैं, न कि २० करोड़ की बंपर ओपनिंग के लिए । उनके नाम पर दर्शक पहले दिन थियेटर नहीं भागते, लेकिन फिल्म का अनोखा कांसेप्ट (मूक-बधिर हिटवुमन) और अमर कौशिक-नचिकेत सामंत का कॉम्बिनेशन दर्शकों को 'माउथ पब्लिसिटीके जरिए धीरे-धीरे थिएटर्स तक खींच ला सकता है ।





यदि बॉक्स ऑफिस के 'बिजनेस मॉडल' और मुनाफे को देखा जाए, तो इस टकराव की असली विजेता 'बेबी डू डाई डूबनती दिख रही है। भारी बजट वाली फिल्म अल्फा का कारोबार,  'नागबंधम' के पैन-इंडिया क्रेज के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बड़े बजट की वजह से इसके लिए १५० करोड़ का आंकड़ा पार करना बेहद मुश्किल चुनौती बन गया है ।





इस प्रकार से, कुल कमाई के मामले में 'अल्फा' आगे रहेगी, लेकिन बिजनेस के नियमों (प्रतिशत लाभ) और बॉक्स ऑफिस वर्डिक्ट के लिहाज से 'बेबी डू डाई डू' एक सुरक्षित और बड़ी विनर साबित होगी।

#AliaBhatt की #Alpha से टकराती #HumaQureshi की #BabyDoDieDo



इस शुक्रवार दो महिला हत्यारिनो का टकराव होने जा रहा है। यह महिलाएं, अपने कारण से या किसी के कहने से पैसा लेकर या फ्रीलांसिंग कर हत्याएं करती है। इन विदेशी सिनेमा से प्रेरित इन चरित्रों के माध्यम से यह टकराव आलिया भट्ट की फिल्म  'अल्फा' और हुमा कुरैशी की फिल्म 'बेबी डू डाई डू' के बीच होगा।  बॉक्स ऑफिस पर दो फिल्मों की यह भिड़ंत ३ जुलाई २०२६ को होने जा रही है। दोनों ही फिल्मों में महिला हत्यारों (फीमेल हिटवुमन) की कहानी दिखाई गई है। इन फिल्मों से सिनेमाघरों में एक्शन का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। 






अल्फा, वाईआरएफ के स्पाई यूनिवर्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म है। यशराज फिल्म्स इस फिल्म से पहली बार महिला स्पाई लेकर आ रहा है। इस फिल्म में आलिया भट्ट के साथ शरवरी लीड रोल में नजर आएंगी। बॉबी देओल की विशिष्ट केंद्रीय भूमिका है। बेबी डू डाई डू फिल्म में हुमा कुरैशी ने एक मूक-बधिर हिटवुमन का किरदार निभाया है जो अपनी दिवंगत बहन की आवाज सुनकर खूंखार मिशन को अंजाम देती है।  उनके साथ फिल्म में सिकंदर खेर और चंकी पांडे भी प्रमुख भूमिकाओं में है। 





बॉक्स ऑफिस पर दो महिला फिल्मों की टक्कर दर्शकों के लिए काफी रोमांचक है। क्योंकि एक तरफ बड़े बजट और जासूसी फ्रेंचाइजी फिल्म 'अल्फा' है तो दूसरी तरफ हुमा कुरैशी की सस्पेंस-थ्रिलर 'बेबी डू डाई डू' है।  'बेबी डू डाई डू' को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त  माहौल बना हुआ है।  हॉलीवुड निर्देशक जैक स्नाइडर द्वारा इसके एक्शन की तारीफ किए जाने के बाद दर्शकों में फिल्म के प्रति उत्सुकता और बढ़ गई है। 






बजट, प्री-रिलीज बिजनेस और मौजूदा मौजूदा माहौल के गणित को देखते हुए हुमा कुरैशी की 'बेबी डू डाई डू'  के बॉक्स ऑफिस पर 'हिट' का टैग हासिल करने की संभावना काफी अधिक है। फिल्मों का व्यापारिक विश्लेषण के अनुसार बेबी डू डाई डू  के  हिट होने की सबसे  सशक्त कारण कम बजट, सुरक्षित दांव है। फिल्म की अनुमानित लागत मात्र २२ करोड़ है। कम लागत होने के कारण फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर क्लीन 'हिट' होने के लिए केवल ४० से ५० करोड़ का लाइफटाइम कलेक्शन करना होगा, जो इसके अनोखे 'मूक-बधिर हिटवुमन' कांसेप्ट के चलते काफी आसान लग रहा है।






बेबी डू डाई डू  के  पक्ष में सबसे महत्वपूर्ण बात इसका प्रभावशाली प्रदर्शन पूर्व बना माहौल है।  हॉलीवुड डायरेक्टर द्वारा इसके एक्शन की तारीफ करने के बाद से सोशल मीडिया पर इसका वर्ड-ऑफ-माउथ बेहद सशक्त है।







अल्फा की अधिक जोखिम और बड़ी चुनौती, इसका भारी-भरकम बजट माथे पर सिलवटें लाने वाला है। वाईआरएफ  की इस एक्शन थ्रिलर का बजट अस्सी करोड़ से १२० करोड़ के बीच आंका जा रहा है। इस बजट के मद्देनजर फिल्म को केवल 'हिट' का दर्जा पाने के लिए  ही भारत में कम से कम १४०-१६० करोड़ का नेट बिजनेस करना होगा।







किन्तु, अल्फा की प्रदर्शन से पूर्व की हाइप काफी कमजोर है। ट्रेड एनालिस्ट्स के अनुसार, रिलीज के ठीक पहले 'अल्फा' का सोशल मीडिया पर माहौल काफी ठंडा पड़ा है। अगर फिल्म को पहले दिन सिंगल-डिजिट (१० करोड़ से कम) की ओपनिंग मिलती है, तो इतने बड़े बजट की रिकवरी करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।







इस तुलना से स्पष्ट है कि अनुमानित बजट के प्रकाश में इन फिल्मों को हिट होने के लिए  जरूरी कमाई का कर लेना आवश्यक हो जाता है। वर्तमान प्री-रिलीज स्थिति में बेबी डू डाई डू अपने बजट २२ करोड़ के बदले में ४०-४५ करोड़ की उम्मीद कर सकती है। जबकि, अल्फा  ८०-१२० करोड़ के बजट को ध्यान में रखे तो फिल्म को अपनी ओपनिंग के दृष्टिगत ही १४०-१६० उम्मीद कर सकती है। 






बॉक्स ऑफिस के अर्थशास्त्र के नियम के अनुसार, जो फिल्म अपनी लागत कम रखती है, उसके मुनाफे में जाने के  अवसर अधिक होते हैं। इसलिए निवेश पर प्रतिफल के मामले में 'बेबी डू डाई डू' बाजी मार सकती है। जबकि, 'अल्फा' को हिट होने के लिए सिनेमाघरों में असाधारण  प्रदर्शन करना होगा।






यहाँ बताते चलें कि यशराज फिल्म्स ने आलिया भट्ट की 'अल्फा' को अब ३ जुलाई के स्थान पर एक दिन पहले २ जुलाई को प्रदर्शित करने का निर्णय लिया है। जबकि, हुमा कुरैशी की 'बेबी डू डाई डू'  ३ जुलाई को ही प्रदर्शित हो रही है।






इन दोनों फिल्मों को मिली एडवांस बुकिंग ट्रेंड्स के अनुसार अल्फा वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की फिल्म होने के बावजूद इसकी एडवांस बुकिंग उम्मीद से काफी धीमी और ठंडी शुरू हुई है। नेशनल मल्टीप्लेक्स चेन्स में भी टिकटों की बिक्री की रफ्तार सुस्त है, जो मेकर्स के लिए चिंता का विषय है।







वहीँ, बेबी डू डाई डू, छोटे बजट की फिल्म होने के कारण फिल्म की एडवांस बुकिंग इसके पैमाने के हिसाब से काफी संतोषजनक और मजबूत है। फिल्म का 'कल्ट/डार्क-कॉमेडी' एक्शन प्रोमो दर्शकों को आकर्षित कर रहा है, जिससे लिमिटेड स्क्रीन्स पर भी इसकी टिकटें अच्छी गति से बिक रही हैं।






पहले दिन के बॉक्स ऑफिस प्रेडिक्शन  के अनुसार अल्फा को अनुमानित ओपनिंग ८ से १० करोड़ नेट की मिल रही है। जबकि, फिल्म का भारी-भरकम बजट देखते हुए इसे कम से कम  १५ -१८ करोड़ की ओपनिंग चाहिए । धीमी शुरुआत के कारण अब यह फिल्म पूरी तरह से स्पॉट बुकिंग और शाम के शोज में जनता के  वर्ड-ऑफ-माउथ (सकारात्मक समीक्षा) पर निर्भर करेगी। 






बेबी डू डाई डू की अनुमानित ओपनिंग २-३ करोड़ नेट मिलती दिखाई दे रही है। फिल्म के २२ करोड़ के दृष्टिगत फिल्म के लिए २-३ करोड़ की ओपनिंग को बेहतरीन शुरुआत माना जाएगा। यदि दर्शकों को इसका अनूठा एक्शन पसंद आता है, तो वीकेंड (शनिवार और रविवार) को इसकी कमाई में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है।






जहाँ तक कमाई के आंकड़ों की बात है, 'अल्फा' नंबर १ रहेगी, लेकिन अपनी भारी लागत के कारण उस पर पहले ही दिन से दबाव रहेगा। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' अपने सीमित बजट और अच्छे एडवांस बुकिंग रिस्पॉन्स के कारण पहले दिन से ही मुनाफे की तरफ सुरक्षित कदम बढ़ाती दिख सकती है। 






दोनों फिल्मों के स्क्रीन काउंट अर्थात सिनेमाघरों की संख्या पर दृष्टि डालें तो अल्फा वाईआरएफ के बड़े बैनर की फिल्म होने के कारण भारत में बड़े पैमाने पर रिलीज की जा रहा है। 'अल्फा' को भारत में लगभग ३५०० से ४०००  स्क्रीन्स मिलने का अनुमान है। फिल्म को सभी प्रमुख मल्टिप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन्स पर मुख्य प्राइम-टाइम शोज दिए गए हैं। वही बेबी डू डाई डू एक सीमित और कल्ट-ऑडियंस अर्थात लक्षित दर्शकों वाली फिल्म है। इसे भारत में लगभग ८०० से १२००  स्क्रीन्स मिलने की उम्मीद है। इसे मुख्य रूप से बड़े शहरों और चुनिंदा मल्टिप्लेक्स चेन में ज्यादा जगह दी जा रही है।







इन दोनों फिल्मों के ट्रेलर को मिले  रिस्पॉन्स के अनुसार अल्फा के ऑफिशियल ट्रेलर को दर्शकों से मिला-जुला लेकिन चर्चा से भरपूर  रिस्पॉन्स मिला है। आलिया भट्ट और शरवरी के 'नेवर-सीन-बिफोर' एक्शन अवतार, बैकग्राउंड म्यूजिक और विजुअल्स की काफी तारीफ हो रही है। सबसे बड़ा सरप्राइज इंटरनेट पर वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स के 'कबीर' यानी ऋतिक रोशन  के कैमियो की झलक को लेकर है, जिससे फैन्स के बीच जबरदस्त क्रेज बन गया है। कुछ दर्शकों को फिल्म के शुरुआती डायलॉग्स और बॉबी देओल का हरियाणवी लहजा  थोड़ा कमजोर लगा।






बेबी डू डाई डू के ट्रेलर को लेकर सोशल मीडिया और समीक्षकों की राय काफी बंटी हुई  नजर आ रही है। हुमा कुरैशी के मूक-बधिर सीरियल किलर के अनोखे कांसेप्ट और सस्पेंस से भरे बैकग्राउंड टोन को काफी पसंद किया जा रहा है। इसके शुरुआती टीज़र ने दर्शकों में कहानी को लेकर अच्छी उत्सुकता जगाई थी। किन्तु, फिल्म समीक्षकों का मानना है कि ट्रेलर थोड़ा फीका है और इसमें थिएटर्स जैसी बड़ी अपील की कमी दिखती है। कुछ जगहों पर एक्शन सीन्स की एडिटिंग थोड़ी कमजोर बताई गई है।






स्क्रीन काउंट और स्टार पावर के मामले में 'अल्फा' का पलड़ा भारी है, लेकिन 'ऋतिक रोशन' के कैमियो हाइप के बावजूद इसके खुद के कंटेंट को लेकर दर्शकों में थोड़ा संशय है। वहीं 'बेबी डू डाई डू' अपने अनूठे कांसेप्ट के दम पर सीमित स्क्रीन्स में भी अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है।

Sunday, 21 June 2026

क्या #Alpha पर टिका है #YRF के #SpyUniverse का भविष्य ?



अल्फा के, १७ जून को अनावृत ट्रेलर को मिली जुली प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है।  यह प्रतिक्रियाएं उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव की तरह है।  इससे फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर मिल सकने वाले प्रतिसाद को स्थापित नहीं किया जा सकता।  किन्तु, महिला प्रधान एक्शन फिल्म अल्फा को, पूर्व में प्रदर्शित महिला प्रधान एक्शन फिल्मों के प्रकाश में अल्फा की सफलता पर कोई टिप्पणी तो की ही जा सकती है।





 शिव रवैल द्वारा निर्देशित फिल्म अल्फा को, फ्रेंच फिल्म ला फेम्मे निकिता की रीमेक बताया जा रहा है।  फ्रेंच फिल्म, एक पोलिसवाले की ह्त्या के लिए सजायाफ्ता छोटी बच्ची की कहानी थी, जिसे एक सरकारी व्यक्ति अपने लिए भाड़े की हत्यारी बना कर ट्रेनिंग देता है।  फिल्म के ट्रेलर में बॉबी देओल ऐसा करते दिखाई देते है। इस दृष्टि से, एक्शन फिल्म कहा जा सकता है।  





किन्तु, जहाँ मूल फिल्म सरकार के लिए ह्त्या करने वाली लड़की की कहानी थी, वहीँ रीमेक फिल्म अल्फा, निर्माता अदित्य चोपड़ा के स्पाई यूनिवर्स के अंतर्गत बनाई गई फिल्म है। इससे स्पष्ट है कि अल्फा  किसी सरकार की एजेंट है।  इससे इसे, सीक्रेट एजेंट एक्शन फिल्म कहा जा सकता है। 





ऐसे में, हिंदी फिल्मों के इतिहास पर दृष्टिपात करते हुए, यह जानना  उपयुक्त होगा कि बॉलीवुड ने कितनी महिला प्रधान एक्शन स्पाई फिल्म बनाई हैं और इनमे से कितनी फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल हुई है या दर्शकों द्वारा मान्यता प्राप्त है। 




भारतीय सिनेमा में महिला जासूस या रॉ एजेंट की भूमिकाओं वाली फिल्मों की बात करें तो आलिया भट्ट की फिल्म राज़ी (रॉ एजेंट) की नायिका भारत के लिए जासूसी करने के लिये एक पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी से निकाह करती है।  इससे काफी पहले, विद्या बालन की फिल्म कहानी पूरी फिल्म तक एक गर्भवती महिला की कोलकत्ता में अपने पति की खोज का कथानक प्रतीत होती थी, किन्तु, क्लाइमेक्स में आ आकर पता चलता था कि वह अंडरकवर थी।





तापसी पन्नू ने फिल्म बेबी में अंडरकवर एजेंट की छोटी भूमिका की थी। इस फिल्म के बाद, वह फिल्म नाम शबाना में अंडरकवर नायिका बन गई। फाॅर्स २ में सोनाक्षी सिन्हा, जॉन अब्राहम के साथ एक मिशन पर जाने वाली रॉ एजेंट बनी थी। फिल्म धूम २ में ऐश्वर्या राय का चरित्र सुनहरी भी अंडरकवर थी। 





इन सभी फिल्मों को ध्यान में रखें तो पता चलता है कि महिला अंडरकवर वाली अधिकतर फ़िल्में पूरी तरह से महिला चरित्र पर निर्भर नहीं थी।  बेबी के कथानक के केंद्र में अक्षय कुमार थे।  नाम शबाना, तापसी पन्नू की शबाना पर केंद्रित थी। किन्तु, फिल्म फ्लॉप हुई थी। फाॅर्स २ की सोनाक्षी सिन्हा भी, जॉन अब्राहम की जोड़ीदार एजेंट थी।  यही बात धूम २ की सुनहरी उर्फ़ ऐश्वर्या राय के लिए कही जा सकती है। 





 

स्पष्ट  रूप से, बॉलीवुड ने, विशेष रूप से महिला एजेंट पर फिल्म नहीं बनाई है।  केवल राज़ी और कहानी अपवाद स्वरुप हैं।  आलिया भट्ट और विद्या बालन अभिनीत यह दोनों फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल भी हुई थी।  






 यह सोचना कि आलिया भट्ट अभिनीत रॉ एजेंट फिल्म राज़ी सफल हुई थी तो अल्फा भी सफल होगी, ठीक नहीं होगा।  राज़ी में आलिया रॉ एजेंट थी। किन्तु, एक्शन नहीं थे।  अल्फा में एक्शन को महत्त्व दिया जा रहा है। किन्तु, आलिया भट्ट एजेंट की तरह रफ़ टफ नहीं लगती।  वह नाज़ुक बदन बॉलीवुड की फिल्म नायिका जैसी लगती है। इसलिए, अल्फा के यशराज फिल्म्स की स्पाई यूनिवर्स की फिल्म होने के नाते सफल होने की उम्मीद लगाना उपयुक्त नहीं होगा।





यशराज फिल्म्स द्वारा, अल्फा की अल्फा पर बॉबी देओल के चरित्र पर अधिक जोर दिया जा रहा है।  इससे ऐसा प्रतीत होता है कि बैनर भी सशंकित है।  या फिर वह देखना चाहता है कि टाइगर ३ की मद्धम सफलता और वॉर २ की असफलता के बाद, अल्फा को दर्शक किस प्रकार का रिस्पांस देता है। क्योंकि, इस फिल्म पर यशराज बैनर के स्पाई यूनिवर्स का भविष्य टिका हुआ है।  यदि अल्फा गिरी तो स्पाई यूनिवर्स भी ध्वस्त हो जायेगा। 

Saturday, 13 June 2026

#YRF की #ShivRawail निर्देशित फिल्म #Alpha का टीज़र



आदित्य चोपड़ा की यश राज फिल्म्स ने 'अल्फा' का टीज़र रिलीज़ किया है, जिसमें आलिया भट्ट मुख्य भूमिका में हैं। यह टीज़र YRF स्पाई यूनिवर्स में एक युवा हत्यारी (assassin) की शुरुआती कहानी दिखाता है, जिसे मारने के लिए ही पाला-पोसा और तैयार किया गया है!





पहले टीज़र में, YRF ने एक ऐसी हत्यारी (आलिया) की कहानी पेश की है जिसे बॉबी देओल ने पाला-पोसा है। YRF जल्द ही दूसरी मुख्य अभिनेत्री, शरवरी के किरदार का भी खुलासा करेगा, क्योंकि वे अपने मार्केटिंग कैंपेन के ज़रिए दर्शकों के सामने हर किरदार को पेश कर रहे हैं।






'अल्फा' पूरी तरह से मनोरंजन से भरपूर (पॉपकॉर्न एंटरटेनर) फिल्म है। यह सिनेमा में महिलाओं के नेतृत्व वाली ऐसी एक्शन फिल्म है जो पहले कभी नहीं बनी; यह दो लड़कियों के 'अल्फा' एटीट्यूड का जश्न मनाती है!






'अल्फा' का अनुभव एक रोमांचक सफर जैसा होगा - जिसमें रोमांच, भावनाएं, मज़ाक, अनपेक्षित मोड़ और भरपूर मनोरंजन होगा।






शिव रवैल द्वारा निर्देशित 'अल्फा' 3 जुलाई, 2026 को दुनिया भर में सिर्फ़ सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। इसमें बॉबी देओल और अनिल कपूर भी अहम भूमिकाओं में हैं!

Tuesday, 18 August 2020

अलिया भट्ट से आर आर आर को नुकसान


बाहुबली द कॉन्क्लुजन (२०१७) के बाद, निर्देशक एसएस राजामौली की अगली फिल्म आर आर आर को ८ जनवरी २०२१ को रिलीज़ किये जाने का ऐलान मार्च में किया गया था। लेकिनकोरोना महामारी के कारण किये गए लॉकडाउन के बाद इस फिल्म की शूटिंग बंद करनी पड़ी। जुलाई में राजामौली भी  सपरिवार कोरोना की चपेट में आ गए।

स्वस्थ हुए राजामौली

राजामौली के प्रशंसकों और आर आर आर की  प्रतीक्षा कर रहे दर्शकों के लिए खुशखबरी है कि राजामौली अब स्वस्थ है। वह लॉकडाउन से छूट मिलने के बाद फिल्म का बचा हुआ काम पूरा कर सकते है । अब सवाल यह किया जा सकता है कि यह फिल्म अगले साल ८ जनवरी को रिलीज़ हो पाएगी। क्योंकि, सब कुछ लॉकडाउन के दौरान शूटिंग के लिए मिली ढिलाई पर निर्भर करेगा। हो सकता है कि आर आर आर की रिलीज़ किसी अगली तारीख़ तक बढ़ जाए।

आलिया भट्ट से नाराज़गी

आर आर आर चाहे जिस तारीख़ में रिलीज़ हो, एक शंका फिल्म के निर्माता और निर्देशक को सताने लगी है। यह शंका फिल्म में रामचरण की रोमांस अलिया भट्ट को लेकर है । अलिया भट्ट फिल्म को अखिल भारतीय अपील दिलाने के लिए शामिल की गई थी । लेकिन, अब निर्माताओं को डर सताने लगा है कि अलिया भट्ट की मौजूदगी से फिल्म को नुकसान हो सकता है । ख़ास तौर पर हिंदी बेल्ट में हालात खराब हैं।

सोशल मीडिया पर गुस्सा

सुशांत सिंह राजपूत द्वारा आत्महत्या के बाद, आम लोगों के निशाने पर अलिया भट्ट और उनका परिवार आ गया था । क्योंकि, अलिया भट्ट ने करण जौहर के एक कार्यक्रम में सुशांत सिंह राजपूत का मज़ाक उड़ाया था। उनके पिता महेश भट्ट और चाचा मुकेश भट्ट ने बीमार दिमाग वाला बताया था । इस कारण से अलिया भट्ट को सोशल मीडिया पर लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा तथा उनके प्रशंसकों की संख्या में लाखों की कमी आई ।

सड़क २ को ५० लाख नापसन्दगियां

आर आर आर को संभावित नुकसान की चिंता इसलिए है कि लोगों का गुस्सा ट्विटर और इंस्टाग्राम  तक सीमित नहीं रह गया है । अलिया भट्ट की फ़िल्में भी निशाने पर हैं । ११ अगस्त को अलिया भट्ट की फिल्म सड़क २ का ट्रेलर जारी हुआ था । इस ट्रेलर ने २४ घंटों के अन्दर कीर्तिमान ५० लाख से ज़्यादा नापसंदागियाँ दर्ज करा ली है। इसलिए यह समझा जा रहा है कि लोगों का गुस्सा आर आर आर पर भी फूट सकता है । देखें राजामौली और उनकी फिल्म के निर्माता क्या निर्णय लेते हैं।

Sunday, 5 July 2020

एक्शन करेंगी बारूद उड़ाएंगी Alia Bhatt !



प्यार के साइड इफेक्ट्स और शादी के साइड इफेक्ट्स जैसी असफल रोमकॉम फिल्मों के बाद कॉमेडी ड्रामा हिंदी मीडियम से सफल निर्देशक साकेत चौधरी अपना जोनर बदलने जा रहे हैं. खबरों पर विश्वास किया जाये तो वह इस बार एक्शन में हाथ आजमाने जा रहे हैं. इस फिल्म के निर्माता साजिद नाडियाडवाला हैं. लेकिन, चौंकाने वाला पक्ष यह है कि यह एक्शन फिल्म नायिका प्रधान होगी. मतलब यह कि फिल्म की नायिका अपने नायक का दिल बहलाने के लिए नहीं बल्कि एक्शन करने के लिए रखी गई है. हालाँकि, साकेत चौधरी इस फिल्म के जोनर को साफ़ साफ नहीं बताते. लेकिन, इतना ज़रूर साफ़ हो गया है कि इस फिल्म को लॉकडाउन के दौरान काफी हद तक लिखा जा चुका है तथा स्टारकास्ट पर बातचीत भी की जा चुकी है. इसी के अनुसार यह पता चला है कि फिल्म की एक्शन नायिका की भूमिका अलिया भट्ट करेंगी. अलिया भट्ट ने अब तक रोमांटिक कॉमेडी फ़िल्में ही की है. कलंक जैसी फ़िल्में इक्कादुक्का ही है. उन्होंने एक्शन के नाम पर राज़ी में पिस्तौल ही दागी है. ऐसे में यह तथ्य उत्सुकता पैदा करने वाला है कि एक्शन हीरोइन के तौर पर अलिया भट्ट किसी हद तक गोला बारूद का धुँआ उड़ाएंगी!

Tuesday, 30 June 2020

Ram Charan और Jr. NTR के गुरु Ajay Devgan


हिंदी फिल्म दर्शक उस समय हैरान रह गए थे, जब तानाजी द अनसंग वारियर एक्टर अजय देवगन ने, एस एस राजामौली की फिल्म आर आर आर में एक्सटेंडेड रोल करने पर सहमति दी थी। बेशक, राजामौली से उनके पुराने सम्बन्ध थे। लेकिन, रामचरण और जूनियर एनटीआर की मुख्य भूमिका वाली फिल्म के कैमिया में ऐसा क्या था कि अजय देवगन ने उसे हां कर दी?

गुरु की भूमिका में- अब जवाब मिल गया है। इस फिल्म में अजय देवगन, रामचरण के अल्लूरी सीतारामन राजू और जूनियर एनटीआर के कोमारम भीमा के गुरु की भूमिका कर रहे हैं। वह फिल्म में दिल्ली के स्वतंत्रता सेनानी बने हैं। वही, इन दोनों को स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने के लिए प्रेरित करता है। अजय देवगन, रामचरण और जूनियर एनटीआर के बीच के तमाम दृश्य लगभग दस दिनों तक, हैदराबाद में दिल्ली का सेट लगा कर पूरे किये गए हैं।

अखिल भारतीय अपील- एक साल पहले, राजामौली ने आर आर आर में तेलुगु फिल्मों के सुपर सितारों रामचरण और जूनियर एनटीआर के साथ बॉलीवुड के कुछ सितारों को भी लिए जाने का ऐलान किया था। आर आर आर का निर्माण अखिल भारतीय अपील वाला किया जा रहा था। इस फिल्म को दक्षिण की भाषाओं के अलावा हिंदी में भी रिलीज़ किया जाना था। इसलिए, बॉलीवुड के कलाकारों का फिल्म में शामिल किया जाना, स्वभाविक था। लेकिन, अजय देवगन की मौजूदगी उनके प्रशंसकों को तभी आकर्षित करती, जब उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती।

विदेशी हीरोइन का देशी हीरो -चूंकि, आर आर आर ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम की कथा है, इसलिए फिल्म में रे स्टीवेंसन, एलिसन डूडी और ओलिविया मोरिस जैसे हॉलीवुड ब्रितानी कलाकार भी शामिल किये गए हैं। ओलिविया मोरिस ने जूनियर एनटीआर की प्रेमिका की भूमिका है। जबकि, रामचरण की जोड़ीदार अलिया भट्ट हैं।

कुछ ख़ास बातें - यहाँ बताते चले कि एसएस राजामौली ने अपने पिता केवी विजयेन्द्र प्रसाद के कथानक पर फिल्म की पटकथा खुद लिखी है। फिल्म आर आर आर को तेलुगु में रौद्रम रणम रुधिरम और हिंदी में राइज रोर रिवोल्ट टाइटल के साथ रिलीज़ किया जायेगा। यह फिल्म अगले साल ८ जुलाई २०२१ को प्रदर्शित हो सकती है।