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Tuesday, 18 November 2025

क्या #ArjunRampal #AkshayeKhanna और #SanjayDutt के सामने #Dhurandhar साबित होंगे #RanveerSingh ?



पाकिस्तान में, एसएसपी चौधरी असलम, रहमान डाकू, बाबा लाडला, फहीम कमांडो, उजैर बलूच आदि ऐसे कुख्यात किरदार हैं जिनकी कहानियाँ सुनाई जाती हैं। किन्तु, किसी पाकिस्तानी फिल्म  निर्माता द्वारा दिखाई नहीं जाती। भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लिए उत्तरदाई इन नामों का सन्दर्भ पाकिस्तान की किसी फिल्म में नहीं मिलता। किन्तु,  बॉलीवुड के फिल्म निर्माता इनमे से कुछ का परिचय भारतीय दर्शकों से कराने जा रहे है। 





उरी के निर्देशक आदित्य धर द्वारा निर्मित, लिखित और निर्देशित फिल्म धुरंधर का ट्रेलर आज कुछ देर पहले जारी हुआ है। इस ट्रेलर में रणवीर सिंह बिलकुल भिन्न शैली में है।  उनका संवाद कि यदि तुम्हारे पटाखे ख़त्म हो गए हों तो मैं धमाका शुरू करूँ, दर्शकों का उत्साह बढ़ाने वाला है। 





किन्तु, चार मिनट ७ सेकंड लम्बे इस टीज़र का बड़ा भाग पाकिस्तान के विलेन लूट ले गए है। प्रारम्भ में, अर्जुन रामपाल के मेजर इक़बाल को मौत का फरिश्ता बताया गया है। आईएसआई का यह अधिकारी एक व्यक्ति के साथ क्रूरता करता दिखाया गया है। उसके बारे में यह विवरण दिया गया है कि उसकी जिस पर कृपा हो जाएँ, उसका भविष्य बदल जाता है तथा यह भी कि  उसकी मर्जी के बिना पाकिस्तान की  राजनीती का एक पत्ता भी नहीं हिलता।  






अर्जुन रामपाल के मेजर इक़बाल के बाद, अक्षय खन्ना का रहमान डकैत सामने आता है।  अक्षय  खन्ना अपनी ही शैली में इस चरित्र को क्रूर बताते हुए कहते हैं कि रहमान डकैत की दी हुई मौत बड़ी कसाईनुमा होती है। वह पत्थर  से किसी का सर कुचलते दिखाए जाते है।  





इसके बाद, रणवीर  सिंह के चरित्र से एक व्यक्ति बताता है कि एक बार एक शैतान और जिन्न के बीच सेक्स हुआ। नौ महीने बाद जो पैदा हुआ, उसका नाम पड़ा चौधरी असलम। तब सामने  हैं बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त।  उनका असलम भी जिन्न बताया गया है।  वह स्वचालित बन्दूक थामे अनियंत्रित गोलियां बरसा रहे है। 





इन तीन चरित्रों के मध्य इकलौते रणवीर सिंह पाकिस्तान में घुसे दिखाए गए है। पाकिस्तान के मेजर  इक़बाल, रहमान डकैत और चौधरी असलम के चरित्रों का इतना विस्तार से दिखाया जाना और विवरण दिया जाना, यह जताता है कि फिल्मकार,  रणवीर सिंह के भारतीय एजेंट को मानवेत्तर यानि  सुपर ह्यूमन दिखाना चाहते है।  किन्तु, यह भारी भी पड़  सकता है।  





निस्संदेह, हिंदी फिल्मों का गणित है कि खलनायक जितने खतरनाक होंगे, हीरो उतना ही बहादुर समझा जायेगा। दर्शकों के सामने ऐसे नायक का कद बढ़ जाता है। किन्तु, यह तभी हो पायेगा, जबकि वह अभिनेता अपने इस हीरो को इतनी  ऊंचाई  तक ले जा सकें, जहाँ से खलनायक बौने लगे। 






क्या भारतीय एजेंट बने रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, अक्षय खन्ना और संजय दत्त जैसे अभिनेताओं द्वारा खेले गए विलेन चरित्रों के सामने अपने एजेंट को उस  ऊंचाई तक ले जा पाएंगे ?  यही रणवीर सिंह के अभिनेता की परीक्षा होगी।  क्योंकि, वह अभी तक एक्शन करते हुए भी कॉमेडी मिक्स हो जाया करते रहे है।