इस कथानक से, १९६७ में
प्रदर्शित निर्देशक विजय आनंद की फिल्म ज्वेल थीफ की याद आ जाती है. १९६७ की फिल्म
की विशेषता थी कि फिल्म का रहस्य हीरा चोर की पहचान के इर्दगिर्द घूमता था. कौन है
हीरा चोर ? इसका संदेह कई चरित्रों पर जा कर ठहरा करता था. वैसे सामने देव आनंद का
चेहरा ही रखा गया था.
क्या श्रृंखला ज्वेल थीफ में भी फिल्म जैसा कोई
सदेह भरा गया है ? श्रृंखला के हीरा चोर को भी दुर्लभ द अफ्रीकन रेड हीरा चुराने
के लिए
रखा जाता है. सैफ अली खान इस हीरा चोर की भूमिका
कर रहे है. क्या वह सचमुच हीरा चोर है या कोई दूसरा है या फिर यह हीरा चोरी की
थ्रिलर पटकथा है? इस रहस्य पर से पर्दा तो ज्वेल थीफ ही हटा पायेगी.
कथानक के रहस्य और रोमांच को स्थापित करने में
हीरा चोरी के लिए नियुक्त करने वाले गैंगस्टर की भूमिका के लिए जयदीप अहलावत को
लिया गया है. जयदीप ने अपनी अभिनय क्षमता से ओटीटी प्लेटफार्म पर अपना सिक्का जमा
लिया है. ज्वेल थीफ में उनका साथ कुणाल कपूर और निकिता दत्ता भी दे रही है.
नेटफ्लिक्स के लिए इस सीरीज का निर्देशन रोबी
ग्रेवाल और कूकी गुलाटी कर रहे है. ऐसा प्रतीत होता है कि कूकी गुलाटी को चोरी
कथानक पर फिल्में बनाने में रूचि है. उनकी २०१० में प्रदर्शित फिल्म प्रिंस में
अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने एक एंटीक चोर की भूमिका की थी.
इस सीरीज का निर्माण फाइटर और पठान के निर्देशक
सिद्धार्थ आनंद ने अपनी पत्नी ममता के साथ मारफ्लिक्स पिक्चरस के अंतर्गत नेटफ्लिक्स
के लिए किया है.
सैफ अली खान, लगभग १७ साल बाद, सिद्धार्थ आनंद के साथ काम कर
रहे है. यहाँ बताते चलें कि सिद्धार्थ आनंद की निर्देशकीय यात्रा की पहली तीन फिल्में
हम तुम, सलाम नमस्ते और तारा रम पम के नायक सैफ अली खान थे.