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Sunday, 26 October 2025

#Netflix पर सुपरनैचुरल थ्रिलर #Baramulla



नेटफ्लिक्स पर एक नई हिंदी सुपरनैचुरल थ्रिलर बारामूला प्रसारित होने जा रही है। इस फिल्म का निर्देशन आदित्य सुहास जम्भाले ने किया है।  फिल्म में मानव कौल कश्मीर के बारामूला शहर में भयावह घटनाओं के बीच बच्चों के अपहरण की जाँच करने वाले एक पुलिस अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं। इस फिल्म  का प्रीमियर नेटफ्लिक्स इंडिया पर ७ नवंबर २०२५ को होगा।





इस फिल्म की टैगलाइन—उस शहर में आपका स्वागत है, जहाँ सच्चाई एक मिथक है और मिथकों में सच्चाई होती है - इस फिल्म के रहस्य और लोककथाओं के मिश्रण को प्रतिध्वनित करती है। इस फिल्म के प्रचार के साथ जोड़े गए पोस्टर में तूफानी पहाड़, एक प्रेतवाधित आँख की आकृति, और वातावरण में भय पैदा करने वाला एक तनावपूर्ण सैन्य आकृति दिखाई गई है। इससे यह फिल्म पर्याप्त उत्सुकतापूर्ण और रहस्यपूर्ण लगने लगी है। 





अनुमान लगाया जा रहा है कि बारामुल्ला भी नेटफ्लिक्स पर फिल्म भूल भुलैया ३ को जैसी सफलता के बाद भारतीय हॉरर स्ट्रीमिंग सामग्री में बढ़ती रुचि इंगित करती है। इस दृष्टि से अनुमान है कि बारामुल्ला को नेटफ्लिक्स इंडिया पर वर्ल्डवाइड एक करोड़ से डेढ़ करोड़ तक दर्शकों द्वारा देखा जा सकता है।





सुपरनैचुरल ड्रामा-मिस्ट्री सीरीज़ बारामूला की कहानी डीएसपी रिदवान सैय्यद (मानव कौल) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कश्मीर के बर्फ से ढके बारामूला शहर में बच्चों के रहस्यमय ढंग से गायब होने की जाँच करने वाला पुलिस अधिकारी है। जैसे ही रिदवान और उसका परिवार शहर के एक खंडहर घर में रहने आता है, वह अपने अतीत के बोझ से जूझता है और साथ ही उन परेशान करने वाली सच्चाइयों को उजागर करता है जो वास्तविकता को अलौकिकता से जोड़ती हैं।






कहानी कश्मीर घाटी की बेहद खूबसूरत लेकिन अशांत पृष्ठभूमि में शुरू होती है, जहाँ अफवाहें, किंवदंतियाँ और शहर की नाज़ुक शांति इन भयानक घटनाओं से हिल जाती है। यह कहानी व्यक्तिगत हिसाब-किताब, पारिवारिक तनाव और वास्तविक व रहस्यमय के टकराव की एक शैली-मिश्रित यात्रा कराने वाली प्रतीत होती है, जिसमें कश्मीर खुद इस खुलते रहस्य में एक जीवंत, साँस लेने वाले पात्र की तरह काम करता है।





विगत कुछ वर्षों में बारामुल्ला से मिलते-जुलते कथानक वाली भारतीय थ्रिलर फ़िल्में  भिन्न ओवर द टॉप प्लेटफॉर्मों पर स्ट्रीम होती रही है। अमेज़न प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम  परी का कथानक अनुष्का शर्मा अभिनीत रुखसाना पर केंद्रित हैं, जो इस्लामी लोककथाओं और राक्षसी पंथों से जुड़ी एक अंधकारमय, अलौकिक उत्पत्ति वाली महिला है। उसे बचाने वाला एक आदमी जल्द ही यह महसूस करता है कि वह एक भयावह भविष्यवाणी का हिस्सा है, जिससे बुराई के साथ एक खौफनाक टकराव होता है।





 

इसी प्लेटफार्म से प्रसारित फिल्म तुम्बाड स्वतंत्रता-पूर्व भारत पर आधारित एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जो एक शापित गाँव में दुष्ट शक्ति द्वारा संरक्षित एक पौराणिक खजाने के प्रति आसक्त है। लालच और अलौकिक प्रतिशोध की यह कहानी देखने में अद्भुत और विचलित करने वाली है। 






एनिमेटेड थ्रिलर छोटा भीम और दमन का अभिशाप में, छोटा भीम एक तीन सौ साल पुराने जादूगर, दमन से लड़ता है, जो तबाही मचाने के लिए लौटता है। रोमांच और अलौकिक दांव का यह मिश्रण  नेटफ्लिक्स के सभी उम्र के लोगों को पसंद आ रहा है। 






जी ५ पर कबाड़ द कॉइन का कथानक एक मनोवैज्ञानिक थ्रिलर है, जिसमें एक आदमी को एक प्राचीन सिक्का मिलता है जो काली शक्तियों को मुक्त करता है, जिससे हत्याओं की एक श्रृंखला शुरू होती है और इसकी उत्पत्ति का पता लगाने की होड़ मच जाती है। धीमी गति से चलने वाला सस्पेंस तनाव पैदा करता है।  






सोनी लिव से प्रसारित रात बाकी है का  कथानक में एक रात में एक हत्या का रहस्य उजागर होता है जब एक वकील एक राजनेता के परिवार से जुड़ी हत्या की जाँच करता है, जिसमें अलौकिक गतिविधि के संकेत रहस्य को और भी गहरा करते हैं।  






जिओ सिनेमा से प्रसारित मुंज्या का कथानक मराठी लोककथाओं पर आधारित एक युवक की  हॉरर-कॉमेडी है, जिसका सामना एक शरारती आत्मा, मुंज्या, से होता है, जो एक पारिवारिक श्राप से बंधी है। यह डर और हास्य का संतुलन बनाए रखती है।  





उपरोक्त सभी थ्रिलर फ़िल्में बारामुल्ला की तरह भारत की विविध कथा-शैली को दर्शाने वाली हैं, जिसमें अलौकिक तत्वों को क्षेत्रीय मिथकों और रहस्य के साथ मिलाया गया है।   




मानव कौल की मुख्य भूमिका के साथ भाषा सुंबली की गुलनार भूमिका वाली बारामुल्ला का निर्देशन और लेखन आदित्य सुहास जम्भाले ने किया है, जिन्हें आर्टिकल ३७०  के लिए जाना जाता है। इसकी कहानी आदित्य धर ने लिखी है और सह-निर्माता बी६२ स्टूडियो के लोकेश धर हैं। यह फिल्म जियो स्टूडियो के सहयोग से निर्मित की गई है, जो नेटफ्लिक्स और बी६२ स्टूडियो के बीच दूसरी साझेदारी है।

Thursday, 7 March 2019

फिर अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है ?


१९८० में रिलीज़सईद अख्तर मिर्ज़ा द्वारा निर्देशित फिल्म अल्बर्ट पिंटू को गुस्सा क्यों आता है ? का रीमेक बनाया जा रहा है।



१९८० की फिल्म में नसीरुद्दीन शाह ने गुस्सैल अल्बर्ट पिंटो की भूमिका की थी। फिल्म में शबाना आज़मी, स्मिता पाटिल और ओम पुरी जैसे प्रतिष्ठित एक्टर सह भूमिकाओं में थे।



सौमित्र रानाडे निर्देशित २०१९ की अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है के अल्बर्ट पिंटो अभिनेता मानव कौल बने हैं। उनको नंदिता दास और सौरभ शुक्ला सपोर्ट कर रहे हैं।



ख़ास बात यह है कि नवीन सन्दर्भ में बनाई जा रही यह फिल्म सबसे पहले २०१४ में रीमेक  के कारण सुर्ख़ियों में आई। लगभग साढ़े चार साल तक बनते, रुकते और फिर बनते, यह फिल्म अब १५ अप्रैल को रिलीज़ होगी। 


कल देखने को मिलेगी आलिया और वरुण के कलंक संसार की झलक - क्लिक करें 

Tuesday, 11 April 2017

प्रियंका चोपड़ा का 'दुश्मन' विद्या बालन का 'पति'

दर्शकों को याद होगी २०१६ में रिलीज़ प्रियंका चोपड़ा की मुख्य भूमिका वाली प्रकाश झा निर्देशित फिल्म 'जय गंगाजल' के विधायक बबलू पांडेय की, जो प्रियंका चोपड़ा की अपराधियों के प्रति सख्ती से नाराज़ हो कर उसकी जान का दुश्मन बन जाता है।  इस भूमिका को कश्मीर के बारामुला में जन्मे थिएटर अभिनेता मानव कौल ने किया था।  सिटी लाइट्स, काई पो चे और वज़ीर में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके मानव कौल अब निर्देशक सुरेश त्रिवेणी की फ़िल्म तुम्हारी सुलु में फिल्म की नायिका सुलोचना के पति अशोक का किरदार कर रहे हैं।  अशोक एक फैक्ट्री में मैनेजर है। सुलोचना या सुलु के किरदार को अभिनेत्री विद्या बालन ने किया है। यह एक म्यूजिकल कॉमेडी फिल्म है।  जिसमे नृत्य गीतों की भरमार है।  इस फिल्म  के लिए विद्या बालन दूसरी बार रेडियो जॉकी के किरदार में हैं।  इस फिल्म में विद्या बालन को नृत्य भी करना है।  इसके लिए वह जम कर प्रैक्टिस कर रही हैं।  विद्या बालन ने फिल्म भूल भुलैया में अपनी डांस  प्रतिभा का परिचय दिया था।  विद्या बालन १४ अप्रैल को रिलीज़ होने जा रही श्रीजीत मुख़र्जी की फिल्म बेगम जान में एक कोठे की मालकिन का किरदार कर रही हैं।


Thursday, 14 January 2016

'जय गंगाजल' में प्रियंका चोपड़ा से टकराएंगे मानव कौल

थिएटर आर्टिस्ट मानव कौल को दुष्ट किरदार भाते हैं।  बारामुला कश्मीर में जन्मे मानव कौल का ठिकाना होशंगाबाद मध्य प्रदेश है।  उन्होंने २००४ में नाट्य समूह 'अरण्य' की स्थापना की।  उनके नाटक इल्हाम, पार्क और शक्कर के पांच दाने ख़ास उल्लेखनीय हैं।  मोनोलॉग शक्कर के पांच दाने को खूब सराहा गया।  मानव कौल ने बतौर एक्टर २००३ में रिलीज़ फंतासी फिल्म 'जजंतरम ममंतरम्' से अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत की।  इस दौरान उन्होंने दायें या बाएं, १९७१ और आई ऍम जैसी फ़िल्में की।  लेकिन उन्हें  पहचान मिली अभिषेक कपूर की फिल्म 'काई पो चे' में वाम पंथी राजनीतिक का किरदार किया था।   इसके बाद उनकी दो अन्य फ़िल्में 'सिटी लाइट्स' और ' वज़ीर' भी रिलीज़ हो चुकी हैं।  इन सभी में उनके किरदारों में निगेटिव शेड थे।  अब प्रकाश झा की फिल्म 'जय गंगाजल' में वह दुष्ट नेता बबलू पाण्डेय के किरदार में अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा से टकराते नज़र आएंगे।  बबलू पाण्डेय का किरदार निगेटिव होने बावजूद प्रभावशाली है।  मानव क़ौल के लिए अपनी प्रतिभा का खुल कर प्रदर्शन करने के भरपूर मौके हैं।  क्या 'जय गंगाजल' मानव कौल के करियर को कोई खूबसूरत मोड़ दे पायेगी ?