Wednesday, 8 April 2026

#ZakirKhan की #Dhurandhar टिप्पणी पर धुंआ धुंआ क्यों #SiddharthAnand ?



एक फिल्म समारोह का सञ्चालन करते समय, स्टैंडप कॉमेडियन ज़ाकिर खान ने, मज़ाक में कहा कि  धुरंधर २ की सफलता से बांद्रा से जुहू तक के स्टार्स मन ही मन जल रहे हैं। उन्होंने कराची की लयारी बस्ती में बम फटने और मुंबई के पॉश इलाकों में धुआँ उठने का ज़िक्र करते हुए यह बात कही। 





ज़ाकिर खान के इस व्यंग्य पर, सोशल मीडिया पर फिल्म धुरंधर २ पर पहले दिन से ही  नकारात्मक टिप्पणियां करने वाले ट्विटरेटियों ने ज़ाकिर खान की तीखी आलोचना शुरू कर दी। इन टिप्पणीकारों का मानना है कि धुरंधर २ फ्लॉप है। इसे सरकार के पैसों से चमचो और भक्तों द्वारा देखा जा रहा है। फिल्म की प्रशंसा करने वाला हर सेलिब्रिटी इनके निशाने पर रहता है।  सो ज़ाकिर खान भी आ गए। 




इस विवाद में बॉलीवुड पेंच उस समय गहरा गया, जब शाहरुख़ खान की फिल्म पठान और हृथिक रोशन की फिल्म फाइटर के निर्देशक सिद्धार्थ आनंद भी इसमें कूद पड़े। उन्होंने ज़ाकिर खान का नाम लिए बिना, एक्स पर लिखा कि  जुहू-बांद्रा के लोगों ने पचास सालों से लगातार ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर फ़िल्में दी हैं, और जो कोई भी इस बात को कम करके आँकता है, उसे उन्होंने 'असली बेवकूफ़' कहा।





स्पष्ट रूप से, सिद्धार्थ आनंद की टिपण्णी ध्रुवीकरण कर गई।  बहस, जुहू बांद्रा अभिनेताओं के समर्थकों और धुरंधर फिल्म के समर्थकों के बीच बंट गई। पहले गुट का कहना था कि सिद्धार्थ आनंद ने सही लिखा है।  बांद्रा और जुहू में रहने वाले अमिताभ बच्चन, खान अभिनेताओं, देओल बंधुओं, आदि ने कई बड़ी हिट फ़िल्में दी है। सिद्धार्थ का कहने का तात्पर्य यह था कि बॉलीवुड इन्ही चंद अभिनेताओं के बलबूते पर जीवित है। 




वही, कुछ का कहना था कि ज़ाकिर खान ने मजाक में बात कही थी। यह बांद्रा जुहू बॉयज पर हलकीफुलकी टिपण्णी थी। क्योंकि,  धुरंधर फिल्मों की सफलता पर बॉलीवुड के किसी बड़े स्टार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। यहाँ तक कि खान अभिनेताओं के चहेतों ने तो धुरंधर फिल्मों की, अनावश्यक आलोचना करते हुए शाहरुख़ खान और उनकी पठान जवान फिल्मों को श्रेष्ठ बताना शुरू कर दिया। 




सभी जानते हैं कि कोई स्टैंड-अप कॉमेडियन फिल्म इंडस्ट्री अथवा अन्य किसी संस्था या व्यक्ति के बारे में एक हल्का-फुल्का मज़ाक करता है। ज़ाकिर खान ने भी किसी अभिनेता या फिल्मकार का नाम नहीं लिया था।  उन्होंने बिना किसी का अपमान किये, बेचैनी की और इशारा भर किया था। सिद्धार्थ आनंद को बीच इसे मजाक ही समझ कर भड़कना नहीं चाहिए थे। उनके इस प्रकार भड़कने से ज़ाकिर खान की धुंआ निकल रहा है वाली टिपण्णी सही साबित हो जाती है। क्योंकि, धुरंधर की सफलता ने कुछ लोगों को बेचैन कर दिया है। कहा गया कि यदि एक साधारण सा मज़ाक इतना ज़्यादा चुभता है, तो शायद यह असुरक्षा की भावना सचमुच मौजूद है। इस तरह प्रतिक्रिया देने के बजाय, शायद इसे उसी भावना से लेना चाहिए जिस भावना से इसे कहा गया था।




यहाँ बताते चलें कि सिद्धार्थ आनंद भी नेपो किड्ज़ में से हैं। उनके पिता बिट्टू आनंद ने अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म शहंशाह का निर्माण किया था। गीतकार और लेखक इन्दर राज आनंद उनके दादा है। मुकुल आनंद और टीनू आनंद उनके चाचा है। उन्होंने, अब तक आठ फ़िल्में निर्देशित की है।  इनमे से पांच फिल्में यशराज फिल्म्स की है। उन्होंने अब तक सैफ अली खान, रणबीर कपूर, हृथिक रोशन, शाहरुख़ खान, रानी मुख़र्जी, प्रियंका चोपड़ा, कटरीना कैफ, आदि बड़े सितारों वाली फ़िल्में ही निर्देशित की है। उनकी आगामी फिल्म किंग शाहरुख़ खान के साथ है। 




धुरंधर फिल्मों की सफलता से अप्रभावित लगने वाले सिद्धार्थ आनंद ने हृथिक रोशन और अनिल कपूर जैसे सितारों वाली युद्ध फिल्म फाइटर एक निर्माण और निर्देशन किया है। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास नहीं कर पाई थी। धुरंधर की सफलता को भाव न देने वाले सिद्धार्थ आनंद अपनी फिल्म हवाई युद्ध का प्रदर्शन करने वाली भारत की पहली एरियल फिल्म फाइटर की असफलता के लिए दर्शकों को दोषी बताते हुए विचित्र तर्क देते थे। उन्होंने कहा था कि अगर आप गौर करें, तो हमारे देश की एक बहुत बड़ी आबादी... मैं कहूंगा ९०% लोग ऐसे हैं जिन्होंने कभी प्लेन में सफर नहीं किया! जो कभी एयरपोर्ट गए ही नहीं! तो फिर आप उनसे यह उम्मीद कैसे कर सकते हैं कि उन्हें पता हो कि हवा में क्या हो रहा है? 





उनके इस अजीबोगरीब तर्क की सोशल मीडिया एक्स पर धुर्रे उड़ा दिए गए। उनकी पोस्ट पर एक कमेंट था कि पठान इसलिए हिट हो गई कि ९०% भारतीय रॉ एजेंट है। दूसरे यूजर ने लिखा कि इस तर्क से तो विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म ट्वेल्थ फेल इस लिए हिट हो गई कि ९० प्रतिशत भारतीय बारहवीं फेल है। तीसरे यूजर ने लिखा कि दंगल इसलिए हिट हो गई कि ९० प्रतिशत भारतीय पहलवान है। 





स्पष्ट रूप से, सिद्धार्थ आनंद और बॉलीवुड का जुहू बांद्रा गैंग चिंतित है।  अब हवा हवाई फ़िल्में नहीं चलने वाली। अभी किसी स्पाई यूनिवर्स का रॉ एजेंट वीएफएक्स पर उडता हुआ बॉक्स ऑफिस पर बमबारी नहीं कर सकता। अब बॉलीवुड के इस स्पाई को रियल होना पड़ेगा। खान अभिनेताओं की प्लास्टिक बॉडी पर निर्भर बॉलीवुड ऎसी फ़िल्में नहीं बना सकता।  इसलिए ज़ाकिर खान की टिपण्णी ने बॉलीवुड की सुलगा दी है। 

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