Wednesday, 16 August 2017

छीन कर ले जायेंगे मृत शरीर

हॉलीवुड में रीमेक फिल्मों का सिलसिला काफी लम्बा है।  अब इसमे इनवेजन ऑफ़ द बॉडी स्नैचर्स  का नाम भी जुड़ गया है।  जैक फ़िने के १९५४ में प्रकाशित उपन्यास  द बॉडी स्नैचर्स पर पहली फिल्म १९५६ में बनाई गई।  इस फिल्म को सफलता मिली।  इसके बाद इस उपन्यास पर तीन बार १९७८, १९९३ और २००७ में बनाई गई। १९७८ में बनाई गई डोनाल्ड सुदरलैंड की फिलिप कॉफमैन फिल्म इन्वेजन ऑफ़ द बॉडी स्नैचर्स को पहली फिल्म से ज़्यादा अच्छी बताया जाता है।  दूसरी रीमेक फिल्म बॉडी स्नैचर्स १९९३ में रिलीज़ हुई थी।  अबेल फेरारा  निर्देशित फिल्म में गैब्रिएल अनवर ने मुख्य भूमिका की थी।  तीसरा रीमेक द  इन्वेजन २००७ में रिलीज़ हुआ था।  फिल्म में डेनियल क्रैग और निकोल किडमैन की मुख्य भूमिका थी।  अब यह बात दूसरी है कि हॉलीवुड के सबसे सफल जेम्स बांड डेनियल क्रैग की यह फिल्म फ्लॉप हुई थी। अब चौथी बार वार्नर ब्रदर्स द्वारा फिल्म  का निर्माण किया जा रहा  है।  डेविड लेस्ली जॉनसन इस फिल्म की पटकथा नए रूप में लिखेंगे।  डेविड फिल्म कंजूरिंग २ भी लिख चुके हैं।  इस फिल्म ने स्टूडियो को बढ़िया कमाई कराई है।  कैलिफ़ोर्निया के एक छोटे शहर पर पौधे की फलियों  में छुपे एलियंस का हमला हो जाता है।  जैसे ही फलियां तोड़ी  जाती हैं, एलियंस मानव रूप ले लेते हैं।  इन एलियंस के हमले का शिकार एक के बाद एक शहर के लोग होने लगते हैं।
भेड़िया और मनुष्य की दोस्ती की 'अल्फा'
अल्फा की कहानी प्रागैतिहासिक काल या आइस एज की नहीं है।  बीस हजार साल पहले की यह कहानी एक भेडिये से मनुष्य की दोस्ती की है। शिकार पर गए घायल केडा को उसके साथी मरने के लिए वीरान इलाके में ही छोड़ देते हैं। उसका पैर टूट चूका है।  उसे उस बर्फीले इलाके में कैसे जीवित रहा जाये, सीखना है।  ऐसे में उसका साथी बनाता है एक भेडिया अल्फा ।  केडा और अल्फा घर वापस लौटने के अपने असंभव से अभियान को संभव कर दिखाते हैं।  कहानी के लिहाज़ से फिल्म थ्रिलर लगाती है।  लेकिन, इसके ट्रेलर में मार्मिक क्षण भी दिखाई देते हैं,जब ठण्ड से ठिठुर रहे केडा और अल्फा एक दूसरे से चिपक कर सर्दी भगाने की कोशिश करते हैं।  निर्देशक अल्बर्ट ह्यूजेज (द बुक ऑफ़ एली) निर्देशित अल्फा में केडा की भूमिका कोडी स्मिथ-मैक्फी कर रहे हैं।  इनके अलावा नाटसिआ माल्थे, लेओनोर वरेला,आदि के नाम भी उल्लेखनीय हैं।  इंसान और भेड़िये की यह दोस्ती अगले साल २ मार्च को रिलीज़ होगी। 


छोटे परदे पर बड़े बड़े 'अवतार'

छोटा पर्दा धर्ममय हो गया है।  टेलीविज़न चैनलों पर अवतार सीरियलों की भरमार है।  परंपरागतपारिवारिक सोपओपेरा का जैसे दर्शक सिमट गया है।  हर चैनल किसी न किसी पौराणिक चरित्र पर शोज का ऐलान करता नज़र आता है।  एक सीरियल ख़त्म होता नहीं कि उसकी जगह लेने दूसरा धार्मिक-पौराणिक सीरियल तैयार रहता  है।  अब सोनी को ही लीजिये।  इस चैनल पर प्रसारित हो रहा संकटमोचन महाबली  हनुमान जैसे ही ख़त्म होगाउसकी जगह विघ्नहर्ता गणेश ले लेगा।  हनुमानजी का महिमामंडन करने वाला सोनी एंटरटेनमेंट गणेश जी के जयजयकारे लगाने लगा।  मौका भी तो अच्छा है गणेश चतुर्थी (२५ अगस्त) का।  परदे पर देवा ओ देवा होना ही है। 
हिन्दू टीवी सीरियलों के चैनल
धार्मिक सीरियल टेलीकास्ट करने के मामले में कोई भी चैनल खुद के सेक्युलर होने का दावा नहीं कर सकता।  तीन साल पहले अल जज़ीरा की वेब साइट पर प्रकाशित एक लेख हिन्दू माइथोलॉजी रूल इंडियन टेलीविज़न पूरी कहानी बयां करने वाला है।  आज तीन साल बाद भी माहौल नहीं बदला है।  हर प्रमुख टीवी चैनल हिन्दू धार्मिक सीरियल ले कर आ रहा है।  बिग मैजिक पर कृष्ण लीला दर्शाने वाला सीरियल बाल कृष्ण टेलीकास्ट हो रहा है।  इस सीरियल  का प्रोडक्शन हाउस भगवान् श्रीकृष्ण की बाल लीला के अनछुए पहलू दिखाने का दावा करता है।  इस सीरियल के निर्माता सिद्धार्थ कुमार तिवारी धार्मिक सीरियल बनाने के ब्रांड बने हुए है।  एंड टीवी पर परमावतार श्रीकृष्ण प्रसारित हो रहा है।  फिलहाल इस शो में भगवान् श्रीकृष्ण के बालरूप का चित्रण किया जा रहा है।  हालाँकिइस सीरियल द्वारा दिखाई जा रही तमाम कहानियों से दर्शक परिचित है। एंड टीवी से ही प्रसारित हो रहे सीरियल संतोषी माँ में संतोषी माता की एक भक्त महिला पर संतोषी माँ की कृपा का चित्रण किया जा रहा है।  कलर्स से माँ दुर्गा के रूपों पर सीरियल महाकाली अंत ही प्रारम्भ है का प्रसारण हो रहा है।  इस सीरियल को शुरूआती कड़ियों से ही ज़बरदस्त सफलता और प्रशंसा मिली है।  कलर्स पर पहले से ही शनि महिमा का बखान करने   वाला शो कर्मफल दाता शनि का प्रसारण हो रहा है।  स्टार प्लस से आरंभ कहानी देवसेना की का प्रसारण हो रहा है।  यह सीरियल प्रागैतिहासिक काल में आर्यों के भारत आगमन और उनके द्रविड़ों से युद्ध का चित्रण कर रहा है।  वैसे लाइफ ओके पर सबसे पॉपुलर पौराणिक शो  देवों के देव महादेव की वापसी की खबर गर्म है।
धार्मिक टीवी सीरियलों के निर्माता
सिद्धार्थ कुमार तिवारी को २१वी सदी का वेदव्यास कहा जा सकता है।  वह अपनी निर्माण संस्था स्वस्तिक प्रोडक्शंस के अंतर्गत टीवी सीरियलों का निर्माण करते हैं।  उनका सबसे सफल शो महाभारत २०१३ से टेलीकास्ट हुआ था।  इससे पहले वह महिमा सोमनाथ की बना कर ख्याति प्राप्त कर चुके थे। सूर्यपुत्र कर्ण और बाल कृष्ण जैसे पौराणिक शो बनाने वाले सिद्धार्थ के इस समय दो पौराणिक शो कर्मफल दाता शनि और महाकाली : अंत ही आरम्भ है कलर्स से प्रसारित हो रहे हैं।  धार्मिक सीरियलों की सफलता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फिल्म निर्देशक रामानंद सागर ने रामायण की अपार सफलता के बाद राम के दो पुत्रों लव और कुश पर  लव-कुश का निर्माण भी किया।  यह दोनों सीरियल दूरदर्शन पर नेशनल चैनल से दिखाए गए।  दूरदर्शन संकट मोचक हनुमान का प्रसारण भी कर चूका है।  बीआर चोपड़ा ने भी महाभारत के बाद विष्णु कथाओं पर विष्णु पुराण का निर्माण किया।  ट्रायंगल फिल्म कंपनी के निर्माता निखिल सिन्हा और सोहना सिन्हा देवों के देव महादेव और महाभारत जैसे भव्य शोज का निर्माण कर चुके हैं।  खबर है कि देवों के देव महादेव के सीजन २ का प्रसारण हो सकता है। 
छोटे परदे के 'अवतारएक्टर
चाहे फिल्म एक्टर हो या टीवी एक्टरपौराणिक चरित्रों से उन्हें हमेशा सराहना मिलती रही है।  अस्सी के दशक में अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया परदे के राम और सीता बन कर धार्मिक आबादी के चहीते बन गए थे।  महाभारत के प्रसारण के दौरान नीतीश भारद्वाज को भी कृष्ण की पहचान मिली।  इसी पहचान की बदौलत वह सांसद भी बने। आजकल सौरभ राज जैन धार्मिक धारावाहिकों के पौराणिक चरित्र बन गए हैं।  वह पौराणिक धारावाहिक महाभारत में कृष्ण  की भूमिका कर चुके हैं।  हालाँकिउनकी तुलना नीतीश भरद्वाज के साथ की जाती रही।  उन्होंने देवों के देव महादेव में विष्णु का अवतार लिया।  आजकल वह महाकाली अंत ही आरम्भ में शिव के अवतार में हैं।  सौरभ के सीरियल देवों के देव महादेव में अभिनेता मोहित रैना ने महादेव का अवतार लिया था।  इस शो ने मोहित को ज़बरदस्त शोहरत दिलाई।  इसी शोहरत का नतीजा था कि उनका ज़िक्र बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा के साथ सगाई की खबरों तक जा पहुंचा।  मोहित पर महादेव की इमेज के दुष्प्रभाव का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सीरियल चक्रवर्तिन अशोक सम्राट में उनके अशोक महान के अवतार को फीका महसूस किया गया।  अब खबर है कि देवों के देव महादेव सीजन २ से उनकी महादेव के रूप में वापसी हो रही है। खबर यह भी है कि महादेव में सती का किरदार करने वाली मौनी रॉय की वापसी भी हो रही है।  मौनी रॉय के फिल्म गोल्ड में अक्षय कुमार की नायिका बनाने की खबरों के साथ टीवी पर वापसी काफी कुछ कह  जाती है।  महादेव में मौनी रॉय के जाने बादपारवती का किरदार निभाने वाली दो अभिनेत्रियां सोनारिका भदौरिया और पूजा बोस भी अपने किरदार के कारण सुर्ख़ियों में रहीं।  महाकाली अंत ही आरम्भ है में पारवती का किरदार करने वाली अभिनेत्री पूजा शर्मा को महाभारत में द्रौपदी के किरदार के पहचान मिली।  अब वह महाकाली  के तमाम रूपों में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। 
चीन में लोकप्रिय पौराणिक सीरियल 
चीन में भारत में बने पौराणिक  टीवी सीरियलों को पसंद किया जाता है।  चीनी टेलीविज़न पर यह सीरियल चीनी भाषा में भाषांतरित होकर प्रसारित होते हैं।   चीनी दर्शकों के तीन सर्वाधिक पसंदीदा सीरियलों में महाभारत, देवों के देव और नागिन हैं।  चीनियों को भारत के पौराणिक सीरियलों का दर्शन और वैश्विकता प्रभावित करती है।  चीन के युवाओं को यह अलग संसार नज़र आता है।  देवों के देव महादेव को देखने के बाद चीनी युवा भारतीय कथानकों को पढ़ने के लिए प्रेरित हुआ।  बुद्ध राजाओं का राजा को देखने वाले चीनियों की कोई  थी।  
उच्च तकनीक का इस्तेमाल 
धार्मिक सीरियलों की लोकप्रियता का परिणाम है कि टेलीविज़न शोज की तकनीक में गुणात्मक सुधार किया जा रहा है । उच्च तकनीक से सीरियल बनाए जा रहे हैं । महाकाली अंत ही आरंभ है का निर्माण मोशन कैप्चर तकनीक और एनिमैट्रॉनिक्स के ज़रिये किया जा रहा है । इसके कारण से टीवी के भगवान गणेश बिल्कुल जीवंत नज़र आयेंगे । निर्माताओं का दावा है कि इस तकनीक का इस्तेमाल हॉलीवुड की फिल्मों में व्यापक रूप से किया जाता है । यह तकनीक दृश्यों को ज्यादा असली और गंभीर अनुभव देगी। दर्शक जब गणेश को देखेंगे तो उन्हें महसूस होगा कि गणेश के कलाकार के चेहरे पर निष्क्रिय मास्क नहीं लगाया गया है । यह तकनीक गणेश के एक विघ्नकारी बच्चे से सभी देवताओं में 'प्रथमेशबनने तक के भावनात्मक सफर को जीवंत कर देगी। यह अग्रणी तकनीक भगवान गणेश के विस्तृत यथार्थ मूवमेंट और चेहरे के भावों को स्पष्ट रूप से जीवंत करेगी और सभी दर्शकों को पूर्ण विजुअल ट्रीट देगी। तो चलिए देखते हैं गणेशावतार और महाकाली रूप ! 

Tuesday, 15 August 2017

मेलबर्न के भारतीय फिल्म समारोह में राजकुमार राव को मिला फिल्म ट्रैप्ड के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का स्पेशल ज्युरी पुरस्कार

अपने परफॉर्मन्सेस के लिए हमेशा दर्शको और समीक्षकों से नवाजे गयें, राजकुमार राव को बॉलीवुड का सबसे विश्वसनीय और भरोसेमंद अभिनेताओं में से एक माना जाता हैं। राजकुमार राव की इस साल फिल्म ट्रैप्ड रिलीज हुई थी। जिसके लिए मेलबर्न में इस वक्त चल रहें भारतीय फिल्म फेस्टिवल में उन्हें ज्युरी व्दारा दियें जानेवाले सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के वैस्टपैक पुरस्कार से नवाजा गया। विक्रमादित्य मोटवानी व्दारा निदेशित हुए इस थ्रिलर फिल्म में किये प्रदर्शन की वजह से राजकुमार की काफी वाहवाही हुई हैं। फिल्म को मेलबर्न फिल्म समारोह में भी मनोनीत किया गया। 
मुंबई फिल्म फेस्टिवल में इस फिल्म का वल्ड प्रीमीयर हुआ था। तब फिल्म को स्टैंडिंग ओवेशन प्राप्त हुआ था। फिल्म को अब तक मिली अभूतपूर्व सफलता के बाद अब यह फिल्म का नामांकन होने से फिल्म ने ओर एक नया मकाम हासिल किया हैं। सुनने में आ रहा हैं की, राजकुमार राव की बहुचर्चित फिल्म न्यूटन का भी मेलबर्न फिल्म समारोह में प्रीमियर होने जा रहा हैं।  

राजकुमार राव कहतें हैं, “यह पुरस्कार प्राप्त करके मैं काफी खुश हुँ। फिल्म ट्रैप्ड मेरे लिए काफी चुनैतीपूर्ण फिल्म थी। और इस फिल्म को मिल रहें सम्मान से मैं, विक्रम सर और पूरी टिम खूद को काफी गौरान्वित महसूस कर रहीं हैं। उम्मीद हैं, की इसी तरह की बेहतरीन फिल्में मुझे आगे भी मिलती रहें।

Saturday, 12 August 2017

महाविनाश के बाद की बर्ड बॉक्स !

कुछ सालों तक लटके रहने के बाद सैंड्रा बुलक की पोस्ट महाविनाश के बाद की कथा पर फिल्म बर्ड बॉक्स अब शुरू हो सकती है।  इस फिल्म की स्क्रिप्ट अर्रिवल के पटकथाकार एरिक हेइससेरर लिख रहे हैं।  यह फिल्म जोश मलेरमन के २०१४ में प्रकाशित इसी नाम के उपन्यास पर आधारित है। निकट भविष्य की दुनिया की इस कहानी में एलियंस के हमले से दुनिया की अधिकतर आबादी का सर्वनाश हो जाता है।  ऐसे ही बचे कुछेक लोगों में एक माँ (सैंड्रा बुलक) और उसके दो युवा बच्चे छोटी सी नौका से २० मील का सफर कर रहे हैं। इस सफर के दौरान इन लोगों को अपनी चतुराई और बच्चो को अपने प्रशिक्षित कानों पर भरोसा करना है।  पहले २०१३ में इस फिल्म को यूनिवर्सल द्वारा बनाया जाना था, लेकिन अब इस फिल्म का निर्माण नेटफ्लिक्स के हाथों में हैं। फिल्म की शूटिंग अगस्त से शुरू हो जाएगी। फिल्म का निर्देशन मामा के एंडी मुस्कैटी करेंगे। सैंड्रा बुलक अगले साल २२ जून को रिलीज़ होने जा रही फिल्म ओसियन'स एट में नज़र आएंगी।   


'इन स्टाइल' के कवर पर गायिका अभिनेत्री सेलेना गोमेज़

सेलेना मारी गोमेज़ ने टीवी सीरीज बार्नी एंड फ्रेंड्स से बतौर बाल कलाकार एक्टिंग डेब्यू किया।  डिज़्नी चैनल की सीरीज विज़ार्डस ऑफ़ ववरली प्लेस ने सेलेना को मशहूर कर दिया।  सेलेना ने हॉलीवुड रिकार्ड्स से कॉन्ट्रैक्ट किया और अगले साल अपना बैंड सेलेना गोमेज़ एंड द सीन की  स्थापना की।  तीन स्टूडियो एल्बम और ३० सिंगल जारी किये।  रमोना एंड बीज़स (२०१०) और मोंटे कार्लो (२०११) ने उन्हें बतौर एक्ट्रेस स्थापित कर दिया।  २०१५ में उनका सोलो एल्बम रिवाइवल निकला।  अगले साल सेलेना ने रिवाइवल टूर किया।  दोनों ही काफी सफल माने गए।  उनकी होटल ट्रांसिलवानिया फिल्म सीरीज काफी सफल हुई।  अगले साल इस सीरीज की तीसरी फिल्म रिलीज़ होने जा रही है।  वह टीवी सीरीज १३ रीज़न व्हाई की प्रोडूसर हैं।  सेलेना गोमेज़ के लिए यह माना जाता है कि वह चाहे कुछ भी पहने रॉक करती है।  शायद इसीलिए प्रख्यात फैशन और सेलिब्रिटी  मैगज़ीन ने अपने सितम्बर अंक के कवर के लिए सेलेना गोमेज़ को चुना है।
ओसबोर्न हाउस में फिल्म विक्टोरिया और अब्दुल के कॉस्ट्यूम्स 
निर्देशक स्टीफन फ्रेअर्स की फिल्म विक्टोरिया एंड अब्दुलमहारानी विक्टोरिया और उनके सबसे विश्वसनीय क्लर्क अब्दुल करीमके बीच रोमांटिक दोस्ती पर आधारित है । फिल्म में जूडी डेंच महारानी विक्टोरिया और अली फजल क्लर्क अब्दुल करीम की भूमिका में हैं । अठारहवीं सदी के अंतिम दशकों में विक्टोरिया गौरव को ध्यान में रखकर दोनों लीड कलाकारों के लिए अनेक कॉस्ट्यूम्स डिजाईन किये गए हैं । खास तौर से जुडी और अली के किरदारों के कॉस्ट्यूम्स को ओरिजिनल लुक देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी गयी। अब. जबकि फिल्म सितम्बर में रिलीज़ होने जा रही है, इसके निर्माताओं ने यह तय किया है कि इन सटीक कॉस्ट्यूम्स को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए रखा जाए। इसलिए यह सारे कॉस्ट्यूम्स यू.के. के वाइट टापू में स्थित ओसबोर्न हाउस में सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए रखे जायेंगे। विक्टोरिया और अब्दुल के अधिकांश दृश्यों को इसी हाउस में फिल्माया गया था, जिससे उन्हें प्रामाणिकता मिलती है। 

अल्पना कांडपाल 

हॉलीवुड की ब्री लार्सन की भारतीय फिल्म

ब्री लार्सन, बेशक अपनी साइंस फिक्शन फिल्म कॉंग स्कल आइलैंड के लिए टीन चॉइस अवार्ड्स के लिए नामित की गई हों, लेकिन उनके पास की फ़िल्में दूसरी कहानी कहती हैं।  वह हर शैली की फ़िल्में करती हैं। पिछले साल वह ड्रामा फिल्म रूम में लिए टीन चॉइस थी।  वह एक्शन, ड्रामा, रोमांस, आदि भिन्न शैलियों की फ़िल्में कर चुकी हैं।  उनकी ११ अगस्त को रिलीज़ होने जा रही फिल्म ग्लास कैसल ड्रामा फिल्म है।  ब्री लार्सन निर्देशित फिल्म यूनिकॉर्न स्टोर एक कॉमेडी फिल्म है।  इस साल रिलीज़ होने जा रही ब्री की चौथी फिल्म बासमती ब्लूज भारत के लिहाज़ से ख़ास है।  एक तो यह कि यह फिल्म  हिंदी में भी बनाई जा रही है। दूसरी बात यह कि डान बैरन द्वारा लिखी और निर्देशित यह फिल्म ब्री लार्सन के साइंटिस्ट किरदार लिंडा पर केंद्रित हैं, जो अपने पिता बेन के साथ चावल की अनुवांशिक तौर पर शोधित चावल की ईज़ाद करती हैं। उनका बॉस उन्हें इस चावल को भारत में ग्रामीण किसानों को बेचने को भेजता है।  इस फिल्म में भारतीय सिनेमा के कुछ चेहरे भी नज़र आएंगे।  इनमे दक्षिण की अभिनेत्री लक्ष्मी मांचू और हिंदी दर्शकों की जानी पहचानी सुहासिनी मुले के नाम उल्लेखनीय हैं।
अब दुष्टों की मददगार  बनेगी ऐलिस मिला जोवोविच !
रेजिडेंट ईविल सीरीज की छह फिल्मों में दुष्ट पिशाचों का नाश करने वाली और बुरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए जान की बाज़ी लगा देने वाली ऐलिस का किरदार करने वाली अमेरिकन मॉडल एक्ट्रेस मिला जोवोविच ने अब पाला बदल लिया लगता है।  कम से कम हेलबॉय सीरीज की तीसरी फिल्म हेलबॉय: राइज ऑफ़ द ब्लड क्वीन में वह बुरी ताक़तों का साथ दे रही हैं।  अभी तक हेलबॉय सीरीज की दो फिल्मों को  गुइलर्मो डेल टोरो ने निर्देशित किया था।  लेकिन, इस तीसरी फिल्म राइज ऑफ़ द ब्लड क्वीन के निर्देशन का दायित्व नील मार्शल के हाथों में हैं। नील, गेम ऑफ़ थ्रोन्स जैसी टीवी सीरीज के अलावा कोंस्टनटिन, हनिबल, वेस्टवर्ल्ड और टाइमलेस जैसी  फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं।  हेलबॉय चरित्र के क्रिएटर माइक मिगनोला ने इस फिल्म का रिबूट लिखा है।  अभिनेता डेविड हारबर द्वारा मुख्य चरित्र बिग रेड की भूमिका की जायेगी।  प्रोफेसर ब्रूम का किरदार इयान मैकशेन करेंगे।  यह फिल्म बिग रेड और पृथ्वी को नष्ट करने को तैयार दुष्ट शक्तियों की नेता और जादूगरनी ब्लड क्वीन के टकराव की कहानी है।  बताया जा रहा है कि मिला जोवोविच इन्हीं दुष्ट शक्तियों की मददगार होंगी।  इस फिल्म की शूटिंग सितम्बर से बुल्गारिया और यूके में शुरू हो जाएगी।  फिलहाल मिला जोवोविच को रॉब रेनर की फिल्म शॉक एंड अव् और जेम्स फ्रांको की फिल्म फ्यूचर वर्ल्ड में नज़र आएंगी।  

रियल लाइफ को रील लाइफ में उतारने वाले अभिनेता अक्षय कुमार

अक्षय कुमार ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट हैं।  उन्होंने बैंकाक से मार्शल आर्ट्स सीख रखी हैं।  वह इस युद्ध कला के निपुण बॉलीवुड एक्टर माने जाते हैं।  अपनी शुरूआती फिल्मों दीदार, सौगंध तथा खिलाड़ी सीरीज की फिल्मों में उन्होंने इस कला का जम कर प्रदर्शन किया और दर्शकों की वाहवाही लूटी।  अपने खतरनाक और दिलेर एक्शन दृश्यों के कारण वह एक्शन के खिताब से भी नवाज़े गए हैं।  अपने इस रियल आर्ट्स का रील पर प्रदर्शन करने वाले अक्षय कुमार अब लगातार रील लाइफ में रियल लाइफ को उतारने में लगे हैं।  यह इत्तफ़ाक़ ही है कि उनकी ११ अगस्त को रिलीज़ होने जा रही फिल्म टॉयलेट एक प्रेम कथा भारतीय प्रधान मंत्री के भारत स्वच्छता अभियान से जुड़ गई है।  लेकिन, इसमें कोई शक नहीं कि यह रियल प्रॉब्लम हैं।  गाँवों में यह समस्या तो सुरसा की तरह मुंह खोले खडी ही है, शहरों मे भी इसकी ख़ास ज़रुरत है।  वैसे रियल लाइफ में ऐसे कई उदाहरण हैं, जिनमे गाँव में टॉयलेट न होने के कारण दुल्हन ने घर छोड़ दिया। टॉयलेट एकलौती रियल लाइफ पर रील लाइफ नहीं।  अक्षय कुमार रियल लाइफ को रील में उतारने के माहिर हैं।  पहले और बाद में रिलीज़ उनकी फिल्मे इसका प्रमाण भी हैं।
कानून को आईना दिखाया !
अक्षय कुमार ने इस साल की शुरुआत सीक्वल फिल्म जॉली एलएलबी २ से की थी।  लखनऊ शहर की पृष्ठभूमि पर आधारित निर्देशक सुभाष कपूर की कोर्ट ड्रामा जॉली एलएलबी की खासियत थी कि यह देश की न्याय व्यवस्था पर तीखा व्यंग्य करती थी।  वकील किस प्रकार से कानूनी धाराओं का दुरुपयोग करते हैं।  किस प्रकार से  तारीख़ पे तारीख़ का खेल खेलते हैं। न्याय व्यस्था को भीड़ तंत्र से नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं। फिल्म में इस सबको बेहद साफगोई से प्रदर्शित किया गया था।  लेखक सुभाष कपूर की तारीफ़ करनी होगी कि उन्होंने अक्षय कुमार के साथ भी वकील जॉली के किरदार को लाउड नहीं होने दिया।  उन्होंने पटकथा पर पकड़ बनाये रखते हुए कानून के छेद तो दिखाए ही, पुलिस के निकम्मेपन और कश्मीर के हालात पर भी एक चोट मार दी।  दर्शकों ने फिल्म से खुद को जुड़ा हुआ महसूस किया।  तभी तो ३० करोड़ में बनी जॉली एलएलबी २ ने बॉक्स ऑफिस पर १९७ करोड़ का ग्रॉस कर लिया।
प्रवासी भारतीयों को 'एयरलिफ्ट' कराने वाले
२०१६ में अक्षय कुमार ने दो रियल लाइफ किरदारों वाली फ़िल्में की।  इन फिल्मों को मोटे तौर पर बायोपिक फ़िल्में भी कहा जा सकता है।  इराक ने १९९० में कुवैत पर हमला कर दिया था।  उस समय कुवैत में १,७०,००० भारतीय फंस गए थे।  स्थिति दिनों दिन खराब होती जा रही थी।  इराकी सैनिक लूटपाट खून खराबा कर रहे थे।  ऐसे समय में एक कुवैती हिंदुस्तानी रंजीत कत्याल आगे आया।  उसने इन भारतीयों के रहने और खाने का प्रबंध किया ही, उन्हें कुवैत से बाहर भी निकाल ले गया।  इसमें उसके ईराक़ के साथ सम्बन्ध भी काम आये।  एयरलिफ्ट का रंजीत कत्याल का करैक्टर रियल लाइफ के एक कुवैती भारतीय बिजनेसमैन मथुन्नी मैथ्यूज का रील करैक्टर था।  इस फिल्म के कुछ दूसरे करैक्टर भी रियल लाइफ थे।  इसी साल अक्षय कुमार दूसरी बार रियल लाइफ किरदार की भूमिका में नज़र आये।  फिल्म थी रुस्तम।  यह फिल्म पचास के दशक की मुंबई में घटी एक  सनसनीखेज वारदात, जिसमे एक नेवी अफसर अपने व्यवसाई  मित्र की हत्या कर देता है, क्योंकि व्यवसाई के उसकी पत्नी से अवैध सम्बन्ध थे । इस हत्याकांड ने न्याय व्यवस्था पर ऐसा असर डाला था कि तत्कालीन प्रचलित जूरी व्यवस्था को ही ख़त्म कर दिया गया।  इस हत्याकांड पर  निर्माता निर्देशक और अभिनेता सुनील दत्त ने एक फिल्म यह रास्ते हैं प्यार के (१९६३) का निर्माण किया था।  लेकिन फिल्म असफल हुई थी।  मगर, अक्षय कुमार की फिल्म रुस्तम  ने न केवल ६५ करोड़ के बजट के ऐवज में निर्माताओं को २१६ करोड़ वापस लौटाए, बल्कि अक्षय कुमार के श्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार भी दिलाया।
स्पेशल २६ से शुरुआत !
अक्षय कुमार की रियल लाइफ पर फिल्मों का सिलसिला २०१३ से शुरू हुआ, जब उन्होंने १७८७ की मशहूर ओपेरा हाउस डकैती पर फिल्म स्पेशल २६ की।  इस डकैती में २६ लोग नकली इनकम टैक्स अफसर और कर्मचारी बन कर हीरा व्यापारियों को लूट ले जाते हैं, वह भी पुलिस और सीबीआई को चैलेंज के साथ।  इस फिल्म का मास्टरमाइंड का केंद्रीय किरदार अक्षय कुमार कर रहे थे। हर घटना का बारीक विश्लेषण और प्रदर्शन करने वाली नीरज गुप्ता की इस फिल्म ने दर्शकों को मोहित कर दिया।  २०१३ में प्रदर्शिदूसरी रियल लाइफ किरदार  फिल्म वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई दोबारा में अक्षय कुमार ने गैंगस्टर और मुंबई बम ब्लास्ट के आरोपी दाऊद इब्राहिम के रील लाइफ किरदार शोएब खान का किरदार किया था।  लेकिन, यह फिल्म फ्लॉप हुई थी।
कुछ दूसरी रील में रियल लाइफ फ़िल्में
ज़रूरी नहीं कि अक्षय कुमार की फिल्मों के किरदार रियल  हो।  ऎसी तमाम फ़िल्में हैं, जिनमे मुख्य किरदार रियल नहीं था।  लेकिन घटनाएं रियल लाइफ थी।  मसलन गब्बर इज बैक को ही लीजिये।  यह फिल्म देश में फैले भ्रष्टाचार पर प्रहार करती थी।  अक्षय कुमार का किरदार भ्रष्ट लोगों को सरेआम दंड दिया करता है।  बेबी के किरदार भी एनआईए या एसटीएफ से प्रेरित थे।  अक्षय कुमार की २००९ में रिलीज़ फिल्म चांदनी चौक टू चाइना, हालाँकि एक काल्पनिक कथा थी, लेकिन इसमें अक्षय कुमार वाला किरदार खुद अक्षय कुमार की रियल लाइफ कहानी से प्रेरित था।  अक्षय कुमार भी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में काम करते हुए बैंकाक गए थे।  एक अन्य फिल्म पटियाला हाउस  में अक्षय कुमार का सिख युवा गट्टू का किरदार रियल लाइफ के क्रिकेटर मोंटी पनेसर पर आधारित था।  एक प्रेस वार्ता में अक्षय कुमार ने इसे स्वीकार भी किया था।
रियल लाइफ पर फिल्मों का हिट होना ज़रूरी नहीं।  ऐसी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर बहुत ज़्यादा रिस्पांस नहीं मिलता, अगर इसमें स्टार पावर नहीं है तो।  ऐसे में अक्षय कुमार की फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर सफलता अक्षय कुमार का उत्साह बढ़ाने वाली है।  वह कहते हैं, "बॉक्स ऑफिस पर आंकड़ों के लिहाज़ से इस प्रकार की फ़िल्में उत्साहित नहीं करती।  लेकिन, एयरलिफ्ट ने मुझे प्रेरित किया है कि मैं कुछ और ऎसी फ़िल्में करूँ । क्योंकि, एयरलिफ्ट को बॉक्स ऑफिस पर सफलता भी मिली और प्रशंसा भी।" टॉयलेट एक प्रेमकथा के बाद उनकी कोई रियल या रील लाइफ फिल्म रिलीज़ नहीं होगी।  लेकिन, अगले साल फिर अक्षय कुमार की रियल लाइफ फिल्मों का सिलसिला शुरू हो जायेगा।  पहले रिलीज़ होगी पैडमैन।  गरीब महिलाओं में पीरियड्स के दौरान होने वाली गन्दगी को ध्यान में रखते हुए सस्ते पैड बनाने वाले मशीन की ईज़ाद करने वाले अरुणाचलम मुरुगनंथम पर केंद्रित हैं  पैडमैन।  इस फिल्म में अरुणाचलम का किरदार अक्षय कुमार कर रहे हैं।  फिल्म के निर्देशक आर बल्कि हैं।  दूसरी, रीमा कागती की फिल्म गोल्ड १९४८ के ओलंपिक्स में हॉकी का गोल्ड लाने वाली भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी बलबीर सिंह पर फिल्म में अक्षय कुमार बलबीर सिंह के किरदार में होंगे।  यह फिल्म अगले साल १५ अगस्त को रिलीज़ होगी।  हो सकता है कि उस समय तक दर्शकों को अक्षय कुमार की दूसरी रियल लाइफ चरक्टेरों में अक्षय कुमार क फिल्मों के नाम सुनाने को मिल जाएँ।