Wednesday, 13 December 2017

माय बर्थडे सांग के साथ समीर सोनी बन गए निर्देशक

माय बर्थडे सॉंग।  संजय सूरी और समीर सोनी की बतौर निर्माता फिल्म का नाम है माय बर्थडे सांग।  यह एक थ्रिलर फिल्म है।  फिल्म एक ख्वाब की है। ख्वाब में आप एक विरला फूल देखते हैं।  चकित से आप फूल तोड़  लेते हैं।   क्या हो, जब आपकी नींद खुलती है तो आप पाते हैं कि वह फूल आपके  हाथ में हैं। लेकिन, क्या हो अगर....!   इस रहस्य और सनसनी से भरपूर कहानी समीर सोनी ने वृषाली तेलंग के साथ लिखी है।  फिल्म की मुख्य  भूमिका में संजय सूरी, नोरा फतेही, ज़ेनिया  स्टार, अयाज़ खान, पितोबाश और इलेना कज़ान हैं।  साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म माय बर्थडे सांग का निर्देशन समीर सोनी ने किया है।  यह समीर की पहली बतौर लेखक और निर्देशक फिल्म  है।  

माधुरी दीक्षित और रेणुका शहाणे फिर एक साथ

दर्शकों को याद होगी, निर्देशक सूरज बड़जात्या की १९९४ में रिलीज़ फिल्म हम आपके हैं कौन की।   इस फिल्म में रेणुका शहाणे ने माधुरी दीक्षित की बड़ी बहन का किरदार किया था , जो अपनी छोटी बहन को अपनी देवरानी  बनाना चाहती थी।   लेकिन, एक दुर्घटना में मृत्य हो जाने के कारण अपने ख्वाब पूरे नहीं कर पाती।  इस फिल्म को २३ साल बीत चुके हैं।  इस सुपर हिट फिल्म के बावजूद यह दोनों हिट ऑन स्क्रीन बहने दुबारा एक साथ नज़र नहीं आई।  लेकिन, अब यह दोनों एक मराठी फिल्म में काम करने जा रही हैं। दर्शकों के  जेहन में यह सवाल पैदा हो  सकता है कि क्या निर्देशक तेजस विजय देऊस्कर की इस अनाम मराठी फिल्म में दोनों एक बार फिर बहनों की भूमिका में होंगी या देवरानी-जेठानी बनेंगी ? वास्तविकता यह है कि एक फिल्म में साथ होने के बावजूद दोनों एक साथ नज़र नहीं आएंगी।  इन दोनों के किरदार कथा-वृतांत से  ही एक दूसरे से जुड़ेंगी। फिल्म की नायिका  माधुरी दीक्षित हैं।  

आ रहा है पोरस

सोनी एंटरटेनमेंट पर ऐतिहासिक सीरियल पोरस में आज पोरस की एंट्री होगी।  इस भूमिका में टीवी अभिनेता लक्ष लालवानी नज़र आएंगे। टीवी दर्शक लक्ष लालवानी को परदेस में है मेरा दिल, प्यार तूने क्या किया और अधूरी हमारी कहानी में वीर, आरव और माधव/कृष के किरदार में देख चुके हैं। लेकिन, पोरस  की भूमिका लक्ष के लिए काफी कठिन साबित हुई।  इस फिल्म के लिए लक्ष को  अपना वजन छह किलो तक बढ़ाना पढ़ा।  उन्हें अपने शारीरिक गठन के अलावा बोलचाल, शब्दों का उच्चारण और  इमोशन पर काफी मेहनत करनी पड़ी। पोरस के किरदार के बारे में लक्ष कहते हैं, "यह बड़ा चुनौतीपूर्ण किरदार था। मैं धन्यवाद करता हूँ कि मुझे यह रोल मिला।  मैं इस पर काफी मेहनत कर रहा हूँ। मैंने बॉडी लैंग्वेज पर काम करने के अलावा घुड़सवारी, पानी के अंदर तैराकी, तलवारबाज़ी सीखी है, ताकि पोरस को स्वाभाविक बना सकूं । बाकी दर्शकों पर है कि वह इसे कितना पसंद करते हैं।" लक्ष के प्रशंसकों के लिए खुशखबर है कि वह आज रात से लक्ष को पोरस के रूप में देखेंगे। 

रवीना टंडन की मौजूदगी में सिफ्सी का तीसरा संस्करण शुरू

स्माइल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल फॉर चिल्ड्रन एंड यूथ' (सिफ्सी) के तीसरे संस्करण का अनावरण मंगलवार को राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता एक्ट्रेस रवीना टंडन की उपस्थिति में किया गया; जिनके साथ स्माइल फाउंडेशन के एक्जीक्यूटिव ट्रस्टी और चेयरमैन शांतनु मिश्रा और फेस्टिवल के डायरेक्टर जीतेंद्र मिश्रा भी उपस्थित थे। एक सप्ताह तक चलने वाला यह फेस्टिवल सीरीफोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली में आयोजित होगा। प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय जूरी के अतिरिक्त इस साल सिफ्सी में युवा जूरी बोर्ड भी है, जिसमें बच्चों ने फिल्मों के चयन में अपने सुझाव दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय जूरी में काराकुम और 'माई फ्रेंड रैफी' के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता एरेंड आग्थे (जर्मनी); यूरोपियन चिल्ड्रंस फिल्म एसोसिएशन के चीफएडिटर गर्ट हर्मंस (बेल्जियम); जूनियर फेस्ट की फेस्टिवल डायरेक्टर जुडिटा सोकुपोवा (चेक गणराज्य), शिक्षा विभाग की हेड, सिनेमाथेक और टेल अवीव इंटरनेशनल चिल्ड्रंस फिल्म फेस्टिवल की फेस्टिवल डायरेक्टर माइकल मैटस (इजराइल) और अनुभवी फिल्म निर्माता और यूथ मीडिया एलायंस की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर चेनटल बोवेन (कनाडा) एवं भारत के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता अनवर जमाल शामिल हैं। इस​ फिल्म फेस्टिवल के पैनल में फिल्म निर्माता लौरी गॉर्डन (कनाडा); फिल्म डायरेक्टर-मॉन्ट्रियाल एनिमेशन एफएफ और प्रवक्ता एवं ट्रेनर, लाइफ स्किल पैरेंटिंग 2.0 मैनलेन कवर (यूएसए) शामिल हैं।
इस अवसर पर रवीना टंडन ने कहा, 'मैं आप सबकी आभारी हूं कि आप हमारे अपने सिफ्सी के अनावरण में यहां पहुंचे। यह एक ऐसा फेस्टिवल है, जिस पर बच्चों को बहुत गर्व होगा कि एक ऐसा फिल्म फेस्टिवल भी है, जो केवल और पूरी तरह से बच्चों के लिए है। मैं चाहती हूं कि बच्चे यह संकल्प लें कि वे यहां से जो कुछ भी सीखेंगे, उनका अनुसरण वे अपने दैनिक जीवन में भी करेंगे। फिल्में हमारे बच्चों को शिक्षित करने का सबसे अच्छा माध्यम है। इसलिए मैं सिफ्सी को भी धन्यवाद करना चाहती हूं, जिसने हमारे बच्चों में अच्छाई का संचार करने के लिए एक माध्यम के रूप में काम किया है, क्योंकि बच्चों के लिए क्या सही है और क्या गलत, यह बात उन्हें सिखाने का यह सही समय है।'
स्माइल फाउंडेशन के एक्जीक्यूटिव ट्रस्टी और चेयरमैन शांतनु मिश्रा ने कहा, 'मैं उम्मीद करता हूं कि सिफ्सी के माध्यम से, हम बच्चों व युवाओं की ऊर्जा को एक सकारात्मक तरीके में मार्ग दिखाने और सामाजिक परिवर्तन लाने की प्रक्रिया में उन्हें सक्रिय रूप से शामिल करने में सक्षम होंगे। सिफ्सी के पीछे का आइडिया इंफोटेनमेंट उद्योग में बढ़ती दिलचस्पी पैदा करने और उन्हें सहयोग देने के लिए फिल्म कार्यक्रमों का उत्कृष्ट मिश्रण डिजाइन करना है। इसमें वह प्रोग्रामिंग भी शामिल है, जो विश्व सिनेमा के लिए दर्शकों को तैयार करती है, साथ ही करियर के विकास में फिल्मनिर्माताओं का सहयोग भी करना है, ताकि गंभीर परंतु प्रभावी सामाजिक संदेशों का प्रसार करने के लिए एक केंद्रित रीति में इस शक्तिशाली माध्यम को और खोजा जा सके।'
फेस्टिवल डायरेक्टर जीतेंद्र मिश्रा ने कहा, 'सिफ्सी किसी भी पक्षपात के बिना युवा, आकांक्षी और स्वतंत्र लोगों के बीच एक अर्थपूर्ण सिनेमा में बढ़ती दिलचस्पी का प्रोत्साहित व समर्थित करने हेतु एक अनोखा प्लेटफॉर्म है। इस यह हम काफी सौभाग्यशाली रहे हैं कि हमें कई सारे अंतरराष्ट्रीय साझेदारी मिले, जिन्होंने विभिन्न सिनेमेटिक अनुभवों और संबंधित क्षमता निर्माण के वर्कशॉप्स के माध्यम से बच्चों और युवाओं का मनोरंजन करने, उन्हें शामिल, शिाक्षित और सशक्त करने की हमारी पहल की ओर अपना सहयोग बढ़ाया है। फिल्म निर्माण, सिनेमेटोग्राफी, साउंड डिजाइन, प्रोडक्शन डिजाइन, स्टोरी टेलिंग और फोटोग्राफी पर इंडस्ट्री के ​विशेषज्ञों द्वारा नियमित तकनीकी वर्कशॉप्स के अलावा, हमने पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन‘, ‘सड़क सुरक्षा', ‘जीवन कौशल का विकासऔर सिनेमा की भूमिका पर पैनल चर्चा और फोरम्स का आयोजन भी किया है।'
मीकेमिन क्लिंकस्पूर द्वारा​ निर्देशित बेल्जियम, स्वीडन, नॉर्वे, नीडरलैंड द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित क्लाउड बॉयके अलावा रीमा दास की भारतीय प्रोडक्शन विलेज रॉकस्टार्सको इस एक हफ्ते लंबे फेस्टिवल के लिए ओपनिंग फिल्म के रूप में चुना गया है। 30 से ज्यादा देशों से 100 से ज्यादा फिल्मों को इस साल के फेस्टिवल में दर्शाया जाएगा जिसमें फीचर फिल्म, नॉनफीचर, शॉर्ट व डॉक्यूमेंट्री और बच्चों द्वारा बनाई गई फिल्में शामिल हैं। सात दिनों तक चलने वाले, इस फेस्टिवल में एक छोटी बच्ची की आंखों से जंग के बारे में बनाई गई फिल्म द डे माई फादर बिकेम अ बुश‘, इरान की नफासऔर ग्लासेज़जैसे फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी। दुनिया भर से बच्चों द्वारा बनाई गई 25 शॉर्ट फिल्मों को भी टेक वानसेक्शन में दिखाया जाएगा। साथ  ही, इस फेस्टिवल में फिल्म निर्माण, फोटोग्राफी, स्टोरीटेलिंग, आर्ट डिजाइन और अन्य क्षमता निर्माण गतिविधियों पर वर्कशॉप भी शामिल होगी। इस साल ऑ​स्कर की चयन समिति में शामिल रहने वाले पुरस्कार विजेता साउंड डिजाइनर अमृत प्रीतम दत्ता साउंड डिजाइन के वर्कशॉप का आयोजन करेंगे। साउथ एशियन चिल्ड्रंस सिनेमा फोरम की संस्थापिका मोनिका वाही द्वारा इस फिल्म कार्यक्रम को क्यूरेट किया जाएगा। सिफ्सी जनता, खासतौर पर बच्चों व युवाओं को संवेदनशील बनाने, और समाज में बदलाव लाने की प्रक्रिया में उन्हें सक्रिय रूप से शामिल करने के लिए एक माध्यम के रूप में फिल्मों का प्रयोग करने के स्माइल फाउंडेशन के प्रयासों की झलक है।

क्या !!! सनी लियॉन बनेंगी मीना कुमारी ?

खबरों पर भरोसा करें तो विवादित फिल्मों के लिए कुख्यात अभिनेता ने निर्देशक बने करण राजदान अपना कम्बल किनारे डाल कर फिर मैदान पर आ उतरे हैं।  अपनी रोशनी, हवस, गर्ल फ्रेंड, सौतन, आदि गर्म फिल्मों के लिए मीडिया और समीक्षकों की कड़ी आलोचनाओं में घिरे रहने वाले करण राज़दान ने कॉमेडी फिल्म मिस्टर भट्टी ऑन छुट्टी (२०१२) के बाद फिल्मों से किनारा कर लिया था।  कुछ समय पहले, यह खबर आई थी कि करण राज़दान पुराने जमाने की अदाकारा मीना कुमारी पर फ़िल्म बनाने जा रहे हैं।  करण राजदान की फिल्म मीना कुमारी की शराब में डूबी और प्रेम में असफल निराश ज़िन्दगी की कहानी होगी।  उन्होंने इस बायोपिक  में मीना कुमारी की भूमिका करने के लिए कंगना रनौत, माधुरी दीक्षित और विद्या बालन से संपर्क किया।  कहते हैं करण राज़दान, "इन अभिनेत्रियों ने किसी न किसी कारण से इस फिल्म में काम करने से मना कर दिया। " विद्या बालन बायोपिक फिल्म में मीना  कुमारी का किरदार करने के लिए बिलकुल तैयार थी।  लेकिन, वह स्क्रिप्ट में कुछ बदलाव चाहती थी।  वह फिल्म को पूरी तरह से गंभीर बना देना चाहती थी।  इस पर बात बिगड़ गई।  हो सकता है कि इन अभिनेत्रियों ने फिल्म में मीना कुमारी की ज़िन्दगी को लेकर विवादित अंश पाए हो, इसलिए फिल्म करने से मना कर दिया।  लेकिन, जब इस फिल्म के बारे में सनी लियॉन को मालूम हुआ तो उन्होंने खुद करण राजदान को फ़ोन कर स्क्रिप्ट सुनने की इच्छा प्रकट की।  कहते हैं करण राजदान, "मैं उनसे उनके घर जा कर मिला।  मैंने उन्हें काफी देर तक स्क्रिप्ट सुनाई।  वह पहली अभिनेत्री थी, जिसने स्क्रिप्ट सुनने के बाद मुझसे  पूछा कि इसकी शूटिंग कब शुरू कर सकते हैं ! मैं  नहीं कहूंगा कि सनी लियॉन इस रोल के लिए सही चुनाव नहीं।  खुद  सनी भी  इसमें बड़ा मौका देख रही है।" सनी लियॉन के मीना कुमारी की फिल्म के प्रति उत्साह ने करण राजदान की फिल्म  उन्हें  दिला तो दी है।  लेकिन,  देखना है कि मीना कुमारी के प्रशंसकों के भारी विरोध के बावजूद वह मीना कुमारी के करैक्टर को परदे पर किस तरह अंजाम  देती हैं।  

भेड़ियों से लड़ने के बाद टाइगर, फिर भी जिंदा है


पिच परफेक्ट ३ कहानी है बेलास

कॉलेज के दिनों में साथ आई गायिका लड़कियों का समूह बार्डेन बेलास वर्ल्ड चैंपियनशिप्स जीत कर सातवे आसमान पर है।  इस जीत के बावज़ूद द बेलास में टूट पैदा हो जाती है।  लम्बे समय तक अलग संगीत रचना करते हुए, उन्हें समझ में आता है कि वह अलग अलग स्वीकार्य संगीत की रचना नहीं कर सकते। इसलिए, जैसे ही उन्हें विदेशों में यूएसओ टूर पर जाने का मौक़ा मिलता है, एक साथ आ जाती हैं।  इस फिल्म का निर्देशन ट्रिश सिए ने किया है।  यह फिल्म २०१२ में शुरू पिच परफेक्ट ट्राइलॉजी की तीसरी और आखिरी फिल्म है।  फिल्म में एनाकेंड्रिक, एना कैंप, रिबेल विल्सन, ब्रिटनी स्नो, हैली स्टैनफेल्ड, अलेक्सिस कनप, ईस्टर डीन, हाना माए ली, क्रिसी फिट, केली जैक़ले, शेली रेग्नर, एलिज़ाबेथ बैंक्स और जॉन मिचली हिग्गिंस की मुख्य भूमिका है।  इस फिल्म की पटकथा के केनन ने लिखी है।  पिच परफेक्ट ३ दिसंबर में रिलीज़ होगी।