दर ब दर की कहानी एक अफगानी प्रवासी के यात्रा के इर्द-गिर्द घूमती है जो
हॉलैंड में रहता है और चंदन से मिलता है। यह काबुल से लेकर एम्स्टर्डम तक की कहानी
है जो अफगानिस्तान में अफगानी प्रवासी के संकट को दर्शाती है जो एक अभिनेता बनना
चाहता है। फिल्म देशांतर गमन की मुसीबत और उसके प्रभाव पर प्रकाश डालती है |
इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर चंदन रॉय सान्याल का कहना है कि "यह
बहुत ही खुशी की बात है कि ढाका फिल्म फेस्टिवल में 'दर-बदर' को
प्रदर्शित किया गया है। मेरा मानना है कि यह इसका कॉन्सेप्ट दर्शकों को छू पाया और
वो उससे जुड़ा हुआ महसूस किये । फिल्म को दर्शकों से बहुत सराहना और अच्छी
प्रतिक्रिया मिली और बतौर अभिनेता और लेखक मुझे इस बात से बहुत संतुष्टि मिली है | मैं इस अद्भुत और रियलिस्टिक कॉन्सेप्ट का
हिस्सा बनकर बेहद खुश हूं।"
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