इस पर विवाद की तकनीकी गुंजाईश है कि हेमा मालिनी द्वारा निर्देशित और २७ अक्टूबर २०११ को प्रदर्शित फिल्म टेल मी ओ खुदा, उनकी निर्देशित दूसरी फिल्म थी या तीसरी फिल्म थी। इसमें भी विवाद है कि फिल्म हेमा मालिनी द्वारा निर्देशित पहली फिल्म की रीमेक थी या मौलिक फिल्म थी। किन्तु, यह सुनिश्चित है कि बड़ी और लोकप्रिय स्टारकास्ट के बाद भी फिल्म दर्शक बटोर पाने में असफल रही थी।
दिल आशना है (१९९२) के बाद हेमा मालिनी की निर्देशक रूप में वापसी फिल्म टेल मी ओ खुदा को दिल आशना है का रीमेक बताया जाता है। फिल्म को पहले निर्देशक मयूर पुरी निर्देशित कर रहे थे। किन्तु, क्रिएटिव डिफरेंस की वजह से निर्माता हेमा मालिनी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था। बाद में हेमा मालिनी ने निर्देशन की कमान संभाली और फैसला किया कि मयूर पुरी का नाम क्रेडिट में नहीं लिया जाएगा।
फिल्म की नायिका ईशा देओल पहली बार अपने माता-पिता धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के साथ अभिनय कर रही थी । फिल्म में भी, धर्मेंद्र और हेमा मालिनी, ईशा के माता-पिता बने थे।
टेल मी ओ खुदा की कहानी, हेमा मालिनी द्वारा ही निर्देशित और १९९२ में प्रदर्शित फिल्म दिल आशना है से काफी मिलती-जुलती थी। इस फिल्म में हॉलीवुड फिल्म मामा मिया (२००८) की कुछ छाप भी देखी गई ।
वैसे टेल मी ओ खुदा, हेमा मालिनी की निर्देशित दूसरी फिल्म थी। उन्होंने सोलह साल बाद फिल्म निर्देशन में वापसी की थी। अन्यथा, उनकी विगत निर्देशित फिल्म टीवी फिल्म मोहिनी (१९९५) थी ।
फिल्म टेल मी ओ खुदा जनवरी २०११ में रिलीज़ होने वाली थी, लेकिन हेमा मालिनी ने इस समय प्रदर्शित होने जा रही अपने पति की फिल्म यमला पगला दीवाना के साथ अपनी फिल्म रिलीज़ न करने का फैसला किया। इस फिल्म में धर्मेंद्र के साथ उनके सौतेले बेटे सनी देओल और बॉबी देओल मुख्य भूमिका में थे। कोई खरीदार न मिलने के कारण भी फिल्म की रिलीज़ कई महीनों तक टलती रही।
हेमा मालिनी ने अपनी बेटी ईशा देओल की वापसी के लिए इस
फिल्म को लॉन्च किया था, लेकिन बॉक्स
ऑफिस पर इसका प्रदर्शन बहुत बुरा रहा।
फिल्म की शूटिंग महबूब स्टूडियो में हुई थी। फिल्म का
ज़्यादातर हिस्सा तुर्की में फिल्माया गया था, जिसमें तुर्की स्टार मेल्टेम कुम्बुल ने अतिथि भूमिका
निभाई थी। वीडियोकॉन ने पोस्टरों पर फिल्म का प्रचार किया था।
धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की जोड़ी, बॉलीवुड फिल्मों की हिट जोड़ियों में सम्मिलित है। टेल मी ओ खुदा से पूर्व इस जोड़ी ने १९८७ में प्रदर्शित फिल्म जान हथेली पे में जोड़ी बनाई थी। इस प्रकार से टेल मी ओ खुदा में यह जोड़ी २३ साल बाद एक साथ आ रही थी ।
अभिनेता फारुख शेख भी इस फिल्म में धर्मेंद्र, विनोद खन्ना और ऋषि कपूर के साथ पहली
और आखिरी बार नजर आए।
विनोद खन्ना ने पहली बार, देओल परिवार के सभी सदस्यों के साथ काम
किया था। विनोद खन्ना, धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के साथ कई फिल्मों में अभिनय कर चुके थे। वह क्षत्रिय में सनी देओल, क्रांति में बॉबी देओल और अब टेल मी ओ खुदा फिल्म में
ईशा देओल के साथ अभिनय कर रहे थे । विनोद खन्ना ने केवल धर्मेंद्र के भतीजे अभय देओल के साथ कोई फिल्म नहीं की।
यह विनोद खन्ना और ऋषि कपूर की आखिरी फिल्म थी। फिल्म ईना मीना डीका (१९९४) के सत्रह साल बाद ऋषि कपूर और विनोद खन्ना ने इस फिल्म में साथ काम किया था।
धर्मेंद्र और विनोद खन्ना भी १९९३ में प्रदर्शित सितारा बहुल फिल्म क्षत्रिय के बाद टेल मी ओ खुदा में एक साथ काम किया था। यह इन दोनों की एक साथ अंतिम फिल्म थी।

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