विष्णु
मांचू की महत्वाकांक्षी पौराणिक ड्रामा फिल्म कन्नप्पा में मोहन बाबू, अक्षय कुमार, मोहनलाल, प्रभास, शरदकुमार, काजल अग्रवाल और
प्रीति मुखुंधन जैसे भारतीय फिल्म जगत के कई स्टार कलाकार भिन्न धार्मिक चरित्र कर
रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार फिल्म में छोटी या मेहमान भूमिका में ऐसे लगभग डेढ़
दर्जन से अधिक सितारे सम्मिलित किये गए है। सितारों की इस भीड़ ने फिल्म का अखिल
भारतीय आकर्षण बढ़ा दिया है।
फिल्म
में जितने बड़े सितारे हैं, उतनी ही फिल्म की लम्बाई भी है। तेलुगु फिल्म उद्योग
से समाचार है कि इस बहु-प्रतीक्षित पैन-इंडिया फिल्म को 3 घंटे और 10 मिनट का
विशाल रनटाइम में लॉक कर दिया गया है। इससे फिल्म की भव्य विस्तृत कथा का संकेत
माना जा सकता है।
दक्षिण से 3 घंटे से अधिक लम्बी फिल्मों का चलन बन गया है। दर्शकों को विगत कुछ वर्षों में दक्षिण की तीन घंटे से अधिक लम्बाई वाली आरआरआर (3 घंटे 2 मिनट), एनिमल (3 घंटे 21 मिनट), पुष्पा (3 घंटे) के अतिरिक्त लियो, देवरा और सालार जैसी बड़ी फिल्में भी 3 घंटे के करीब या उससे अधिक समय तक चलीं।
यदि
कथानक मनोरंजक हो और सामग्री भावनात्मक रूप से समृद्ध हो तो इतनी बड़ी लम्बाई वाली
फिल्मों को भी दर्शक देखने जाता है। क्योंकि, इन सभी फिल्मों को बॉक्स
ऑफिस अपर अच्छी सफलता मिली थी।
हिंदी
फिल्म दर्शको को भी बड़ी लम्बाई वाली फिल्मे पसंद आती है। यदि उनकी सामग्री उच्च
गुणवत्ता वाली मनोरंजक हो। शाहरुख़ खान की
फिल्म जवान और पठान इसका प्रमाण है। सनी देओल की फिल्म ग़दर २ की लम्बाई लगभग पौने
दो घंटे की थी। हिंदी दर्शकों ने कल्कि २८९८ एड़ी जैसी ३ घंटा ५६ सेकंड लम्बी फिल्म
को हिट बनाया था।
फिल्म कन्नप्पा में इतने बड़े नामों की उपस्थिति ने स्वभाविक रूप से फिल्म के प्रति दर्शकों में उत्सुकता बढ़ा दी है। मुकेश कुमार सिंह द्वारा निर्देशित, कन्नप्पा में विष्णु मांचू कन्नप्पा की मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म की बल्कि पटकथा भी उन्होंने ही लिखी हैं।

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