Thursday, 28 February 2019

कभी ‘सोन चिड़िया’ साबित होती थी डाकू फ़िल्में


सोन चिड़िया, चम्बल के डाकुओं पर फिल्म है।  इन डकैतों के बीच का टकराव है। डकैतों के इस टकराव और खूनी जंग ने कभी, चम्बल घाटी को दहला दिया था। १९६० और १९७० के दशक में इन डाकू फिल्मों को दर्शकों की कमी नहीं थी।  बड़े बड़े सितारे भी डाकू चरित्र करने को बेकरार हुआ करते थे।  आज, अभिषेक चौबे की फिल्म सोन चिड़िया में, बॉक्स ऑफिस के सुपरस्टार नहीं जुटे हैं। लेकिन, सुशांत सिंह राजपूत, मनोज बाजपेयी, रणवीर शोरे, आशुतोष राणा और भूमि पेडनेकर जैसे सशक्त एक्टर इस डाकू फिल्म के आकर्षण हैं। चम्बल के डाकू कभी चम्बल का आतंक हुआ करते थे। उनके नाम पर बनी हिंदी फ़िल्में हिट हुआ करती थी। क्या चम्बल के डाकुओं के नाम पर बनी सोन चिड़िया उसी तरह हिट होगी ?


बदला लेने के लिए डाकू
रियल लाइफ डाकुओं की कहानी पर विश्वास करें तो ज़्यादातर बदला लेने के लिए डाकू बने।  किसी के परिवार के किसी सदस्य को मार डाला गया।  किसी की ज़मीन जायदाद छीन ली गई।  ऐसे सब लोग डाकू बन गए।  कुछ ही ऐसे थे, जिनको खून बहाने का शौक था, इलाके में आतंक फ़ैलाने का इरादा था। शोले का गब्बर सिंह आतंक फैलाने के लिए डाकू बनने का उदहारण है।  अलबत्ता बाकी ज़्यादातर फ़िल्मी डाकू भी, बदला लेने के लिये डाकू बने। अब चाहे वह मदर इंडिया का बिरजू हो या गंगा जमुना का गंगा या फिर पान सिंह तोमर का पान सिंह, सभी को अपना बदला चुकाना था।  यहाँ तक कि महिला डकैत भी बदला लेने के लिए बनी। 
 

सुपरस्टार बने डाकू
हिंदी फिल्मों के कोई ऐसा बड़ा सितारा नहीं बचा, जिसने फिल्म में डाकू का चोला न पहना हो। दिलीप कुमार (गंगा जमुना), अमिताभ बच्चन (गंगा की सौगंध), धर्मेंद्र (पत्थर और पायल), विनोद खन्ना (मेरा गांव मेरा देश, पत्थर और पायल), सुनील दत्त (मुझे जीने दो), इरफ़ान खान (पान सिंह तोमर), सीमा बिस्वास (बैंडिट क्वीन), डाकू हसीना (ज़ीनत अमान), हेमा मालिनी (रामकली), मिथुन चक्रवर्ती (बदला), अजय देवगन (लज्जा) डाकू किरदार कर चुके हैं। अमजद खान को तो शोले के डाकू गब्बर सिंह ने सुपरस्टार बना दिया। 


डाकू फिल्मों में विविधता
डाकू फिल्मों में जीतनी विविधता दिखाई देती है, उतनी किसी दूसरे विषय पर बनी फिल्मों में दिखाई नहीं देती।  मुझे जीने दो का खतरनाक डाकू जरनैल सिंह एक नर्तकी के प्यार में आ कर सुधर जाता था।  राजकपूर की फिल्म जिस देश में गंगा बहती है डाकुओं के समर्पण पर बनी उत्कृष्ट फिल्म थी। मदर इंडिया और गंगा जमुना ऐसी फ़िल्में थी, जिनमे खुद माँ और भाई अपने डकैत पुत्र और भाई को गोली मार देते थे। रमेश सिप्पी की फिल्म शोले का जेलर डाकू गब्बर सिंह से बदला लेने के लिए दो चोरों को किराए में लेता है। पान सिंह तोमर बीहड़ में उतरने से पहले सेना में था और उत्कृष्ट एथेलीट था।



आज की डाकू फिल्मों की सफलता ?
सोन चिड़िया की सफलता को, ६० और ७० के दशक की डाकू फिल्मों के आईने में देखे तो इसे सफल होना ही है। लेकिन, पिछले कुछ सालों में, हिंदी फिल्म दर्शकों को चम्बल रास नहीं आता।  चम्बल की पृष्ठभूमि पर फिल्म फेमस असफल हुई थी। यशराज फिल्म्स की अंग्रेज़ों के जमाने के डाकुओं पर अमिताभ बच्चन और आमिर खान की फिल्म ठग्स ऑफ़ हिंदुस्तान भी असफल हुई थी।  रामगोपाल वर्मा की फिल्म डाकू वीरप्पन पर फिल्म वीरप्पन भी फ्लॉप हुई थी। ज़ाहिर है कि कुछ सालों में डाकू फ़िल्में बनी ही कम हैं।  जो बनी भी, उन्हें असफलता ही हासिल हुई।

एक्स-मेन सीरीज की फिल्म डार्क फ़ीनिक्स का ट्रेलर

Wednesday, 27 February 2019

नवोदय टाइम्स २७ फरवरी २०१९

सारे जहाँ से अच्छा में विक्की कौशल


काफी समय से यह चर्चा थी कि शाहरुख़ खान के अंतरिक्ष यात्रा पर फिल्म सारे जहाँ से अच्छा से निकल जाने के बादउनकी जगह कौन लेगा?

लग रहा था कि बॉलीवुड के दो सुपरस्टारों आमिर खान और फिर शाहरुख़ खान के जाने के बाद फिल्म का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। लेकिनवास्तव में इस भूमिका के लिए सुशांत सिंह राजपूतराजकुमार राव और विक्की कौशल के बीच टक्कर थी ।



पहले यह खबर थी कि सारे जहाँ से अच्छा के राकेश शर्मा की भूमिका के लिए सुशांत सिंह राजपूत को ले लिया गया है । क्योंकिसुशांत सिंह राजपूत ने फिल्म चंदा मामा दूर के के लिए अंतरिक्ष के बारे में काफी तैयारियां की थी । लेकिनफिल्म बंद हो गई । इस लिहाज़ से सुशांत का पलड़ा भारी लग रहा था ।



मगरबात बनी सफलता के आधार पर । फिल्म उरी द सर्जिकल स्ट्राइक के निर्माता रॉनी  स्क्रूवाला ही आदित्य रॉय कपूर के साथ फिल्म सारे जहाँ से अच्छा के निर्माता हैं । उन्होंने उरी द सर्जिकल स्ट्राइक की सफलता में विक्की कौशल के योगदान को देखते हुएसारे जहां से अच्छा में शाहरुख़ खान के बदल के तौर पर विक्की को ही उपयुक्त पाया ।

अब विक्की कौशल निर्देशक महेश मथाई के निर्देशन में रील लाइफ के स्पेसक्राफ्ट सोयुज़ टी ११ में बैठे नज़र आयेंगे ।


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म्यूजिक विडियो जाने न तू - रोनित वोहरा

म्यूजिक विडियो डांसिंग डॉल- गायिका ज्योतिका तांगड़ी

सानु केहंदी - फिल्म केसरी

बनेगी तीसरी शूटआउट फिल्म, होंगे सैफ अली खान



एकता कपूर, अपनी शूटआउट सीरीज फिर शुरू करने की तैयारी कर रही हैं।

पहली शूटआउट फिल्म ११ साल पहले रिलीज़ फिल्म शूटआउट एट लोखंडवाला (२००७) थी। १९९१ मेंगैंगस्टर माया डोलास के गिरोह और पुलिस के बीच लोखंडवाला में हुई मुठभेड़ की सच्ची घटना पर, अपूर्व लखिया की इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, विवेक ओबेरॉय, अभिषेक बच्चन, अरबाज़ खान और तुषार कपूर, पुलिस और गैंगस्टर भूमिका में थे।


इस सीरीज की दूसरी फिल्म शूटआउट एट वडाला (२०१३) थी। इस बार, संजय गुप्ता निर्देशित यह गैंगस्टर मान्या सुर्वे के एनकाउंटर पर बनी इस फिल्म में जॉन अब्राहम, अनिल कपूर, कंगना रनौत, तुषार कपूर, रोनित रॉय, महेश मांजरेकर, आदि भिन्न भूमिकाओं में थे। जॉन अब्राहम ने मान्या सुर्वे की भूमिका की थी। यह दोनों ही फिल्मे सफल रही थी।

अब पांच साल बाद, शूटआउट सीरीज की तीसरी फिल्म के निर्देशन की कमान संजय गुप्ता को ही सौंपी गई है। अभी इस फिल्म की स्टारकास्ट और दूसरे विवरण का इंतज़ार है। मगर, सैफ अली खान को चुने जाने की खबर है।


सैफ अली खान और संजय गुप्ता हमेशा (१९९७) के २१ साल बाद फिर साथ होंगे। अभी यह नहीं मालूम कि सैफ की भूमिका क्या होगी, लेकिन अधकचरी फिल्मों की असफलता से त्रस्त सैफ अली खान को बढ़िया स्क्रिप्ट का इंतज़ार रहता है। इसी इंतज़ार का नतीज़ा बाजार थी। इस फिल्म में सैफ के अभिनय की सराहना भी हुई थी।

अब यह तो शूटआउट सीरीज की तीसरी फिल्म रिलीज़ होने के बाद ही पता चलेगा कि सैफ अली खान और संजय गुप्ता की जोड़ी क्या गुल खिलाती है!

  

सीक्वल नहीं, बनेगी गुप्त फ्रैंचाइज़ी !


राजीव राय की बॉलीवुड में वापसी की खबरों के साथ ही, उनकी आखिरी सुपरहिट फिल्म गुप्त: द हिडन ट्रुथ की चर्चा भी शुरू हो गई है।  यह फिल्म राजीव राय की दर्शकों को रहस्य की भूल-भुलैया में घुमा देने वाली ऐसी फिल्म थी, जिसने काजोल और मनीषा कोइराला की जोड़ी को हीरो की तरह चर्चित कर दिया था।



आजकल, सीक्वल फिल्मों का ज़माना है।  इसलिए, अगर कोई राजीव राय जैसा रहस्य और रोमांच का जादुई संसार बुनने वाला निर्देशक वापसी करता है तो उसके नाम  के साथ गुजरे समय की रहस्य और रोमांस से भरपूर फिल्मो के सीक्वल भी दर्शकों के ज़ेहन में घूमने लगते हैं।


राजीव राय के पिता गुलशन राय के बैनर त्रिमूर्ति फिल्म्स के अंतर्गत १३ फिल्मों का निर्माण किया गया था।  इनमे से ११ फ़िल्में सुपरडुपर हिट फिल्मों के तौर पर याद की जाती है।


इस बैनर से पहली फिल्म जॉनी मेरा नाम थी। इसके बाद, त्रिमूर्ति फिल्म्स के अंतर्गत जोशीला, दीवार, ड्रीम गर्ल, त्रिशूल, विधाता, युद्ध, त्रिदेव, विश्वात्मा, मोहरा, और गुप्त फिल्मों का निर्माण किया गया।  यह सभी फ़िल्में रहस्य और रोमांस का संगम थी।


इसलिए, चर्चा हुई कि राजीव राय इसी में से किसी फिल्म का सीक्वल बना  सकते हैं।  राजीव राय किसी सीक्वल फिल्म के बनाये जाने का खंडन करते हैं। वह, जिस फिल्म से अपनी वापसी करेंगे, वह मौलिक कथानक वाली घुमाव और उतार-चढ़ाव से भरपूर फिल्म है।


जहाँ तक, गुप्त की सीक्वल  फिल्म बनाये जाने का सवाल है, गुप्त द हिडन ट्रुथ में काजोल के  किरदार को गोली मार दी जाती थी। इसलिए, गुप्त का सीक्वल तो संभव ही नहीं है।  अलबत्ता, राजीव राय गुप्त को फ्रैंचाइज़ी के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं, बशर्ते की रहस्य और रोमांस से भरपूर कहानियां मिल जाए।  


होली काऊ की प्रोडूसर बनी अलिया सिद्दीकी -  क्लिक करें


होली काऊ की प्रोडूसर बनी अलिया सिद्दीकी



नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी की बीवी आलिया सिद्दीक़ी, अब जब कि फिल्म निर्माता की कुर्सी पर बैठने जा रही हैं तो उनकी फिल्म का विषय गाय है।  इसलिए उनकी फिल्म का नाम ही होली काऊ रखा गया है।


इस फिल्म की नायिका एक गाय है। यह फिल्म समकालीन घटनाओं पर व्यंग्य है। आज के सन्दर्भों में इस फिल्म का महत्त्व है। इससे साफ़ है कि फिल्म गौ हत्या, गौ रक्षकों और सांप्रदायिक तनाव पर कहीं न कहीं व्यंग्य करती  होगी।

फिल्म होली काऊ का निर्देशन साई कबीर कर रहे हैं।  कबीर ने रिवाल्वर रानी, किस्मत कनेक्शन और द शौकीन्स जैसी फिल्मे निर्देशित की हैं। इस फिल्म की शूटिंग मध्य प्रदेश में होगी।


आलिया, अपने  पति नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी के साथ एक फिल्म पंडवानी लोक गायिका तीजन बाई पर बायोपिक फिल्म कर रही है।

नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी को दर्शकों ने पिछली बार, शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे पर फिल्म ठाकरे में शीर्षक भूमिका में देखा था।  उनकी एक फिल्म, रितेश बत्रा निर्देशित फोटोग्राफ १५ मार्च को रिलीज़ होगी।


शाहरुख़ खान को डॉक्टर नहीं बना पायेगी यूनिवर्सिटी - क्लिक करें  

शाहरुख़ खान को डॉक्टर नहीं बना पायेगी यूनिवर्सिटी


शाहरुख़ खान कोबॉलीवुड के पॉपुलर अवार्ड लेने की तरह डॉक्टरेट की मानद उपाधि लेने का चस्का सा लग गया है ।


कुछ समय पहलेजामिया मिलिया इस्लामिया द्वारा उन्हें डॉक्टरेट की मानक उपाधि देने का प्रस्ताव किया गया था । शाहरुख़ खान को२०१६ में मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी द्वारा मानद डॉक्टर बनाया जा चुका है । इसके बावजूदशाहरुख़ खान ने जामिया मिलिया से डॉक्टरेट की मानद उपाधि लेना मंज़ूर कर लिया ।


लेकिंनअब शाहरुख खान को यह उपाधि नहीं दी जा सकेगी । 


पिछले साल यूनिवर्सिटी द्वाराकेंद्र सरकार के पासयह प्रस्ताव मंज़ूरी के लिए भेजा गया था । लेकिन मंत्रालय द्वारा इसे अस्वीकार कर दिया गया । कारण यही था कि उनके पास मौलाना आज़ाद उर्दू यूनिवर्सिटी की डॉक्टरेट पहले से ही है ।


हालाँकिकिसी व्यक्ति को कितनी मानद उपाधियाँ जाएइसका कोई नियम नहीं है । लेकिनकेंद्र सरकार का ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट मंत्रालय इस प्रकार की कार्यवाही को बढ़ावा देना नहीं चाहता ।  इसलिएशाहरुख़ खान को मानद डॉक्टरेट वाले प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया गया ।


शायद शाहरुख़ खान को यह नागवार गुजरा था। इसीलिएउन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी डॉक्टरेट उपाधि वाली फोटो चस्पा कर गुड नाईट कर ली।


यहाँ यह बताते चलें कि कभी शाहरुख़ खान ने भी जामिया से मास कम्युनिकेशन में दाखिला लिया थालेकिन हाजिरी कम होने के कारण वह परीक्षा में नहीं बैठ पाए थे ।

Tuesday, 26 February 2019

अभिनेत्री अनीता राज की भतीजी मालविका राज

चश्मे बद्दूर २ में जैक्विलिन फर्नॅंडेज़


अब चश्मे बद्दूर का सीक्वल बनाया जा रहा है।

ख़ास बात यह है कि इस सीक्वल फिल्म में प्रीक्वेल फिल्म की कोई स्टारकास्ट नहीं होगी।  चश्मे बद्दूर (२०१३) का निर्देशन डेविड धवन ने किया था। इस फिल्म में, साई परांजपे की इसी टाइटल वाली फिल्म के तीन मुख्य किरदार, रीमेक फिल्म में चार हो गए थे।

इन चार भूमिकाओं को अली ज़फर, तापसी पन्नू, सिद्धार्थ और दिव्येंदु शर्मा ने किया था। फिल्म बड़ी हिट साबित हुई थी।


अब, जबकि चश्मे बद्दूर (२०१३) का सीक्वल बनाया जा रहा है तो इस फिल्म के चार मुख्य कलाकारों में कोई भी सीक्वल फिल्म में नहीं है। फिल्म का निर्देशन डेविड धवन के बजाय फरहाद सामजी कर रहे हैं।  फरहाद ने प्रीक्वेल फिल्म के संवाद लिखे थे।

फिल्म की नायिका जैक्विलिन फर्नॅंडेज़ होंगी। वह, इस फिल्म को किरिक पार्टी की शूटिंग अनिश्चितकाल के लिए टल जाने के कारण कर रही है।


इस फिल्म का निर्माण वायकॉम १८ द्वारा किया जा रहा है। इसी प्रोडक्शन ने२०१३ वाली चश्मे बद्दूर का निर्माण किया था।  फिल्म के दूसरे कलाकारों का ऐलान जल्द किया जाएगा।

जैक्विलिन फर्नांडेज की फिल्म ड्राइव २८ जून को रिलीज़ होने जा रही है।  फिल्म ड्राइव के ड्राइवर सुशांत सिंह राजपूत हैं। 


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बकैती - फिल्म मिलन टॉकीज