१९४० और १९५० के दशक की, सबसे अधिक पारिश्रमिक लेने वाली बॉलीवुड फिल्म अभिनेत्री कामिनी कौशल का १४ नवंबर २०२५ को निधन हो गया। वह ९८ वर्ष की आयु में अपनी स्मृतियाँ छोड़ कर चली गई। इसके साथ ही, कामिनी कौशल को श्रद्धांजलि संदेशों और लेखों की बाढ़ आ गई।
इधर, बॉलीवुड के ही-मैन धर्मेंद्र का स्वस्थ्य भी अच्छा नहीं चल रहा है। कुछ समय पूर्व वह मुंबई के अस्पताल में भर्ती भी रहे थे। उनके अस्पताल में भर्ती होने और उनका स्वास्थ्य अच्छा न होने के समाचार ने, मुम्बइया प्रेस में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया। धर्मेंद्र को एक ही दिन में दो दो बार स्वर्गवासी घोषित कर दिया गया। कथित राष्ट्रीय चैनलों ने उन्हें भावभीनी श्रृद्धांजलि क्लिप्स भी चला दी।
रोचक और मूर्खापूर्ण स्थिति बनी कामिनी कौशल के निधन पर। लगभग सभी श्रद्धांजलियों में, धर्मेंद्र की इंस्टाग्राम पर २०२१ में लिख गई एक पोस्ट का उल्लेख था, जिसमे लगाए गए एक चित्र में धर्मेंद्र और कामिनी कौशल मुस्कुराते हुए उत्साह दिखते हुए एक दूसरे का स्वागत कर रहे थे, परिचय लेते लग रहे थे। इस पोस्ट में धर्मेंद्र ने लिखा था - मेरी जिंदगी की, पहली फिल्म शहीद की नायिका कामिनी कौशल के साथ पहली मुलाकात की पहली तस्वीर... दोनों के चेहरे पर प्यार... इक्क प्यार भारी परिचय...।
विद्वान लेखकों ने, इसे कामिनी कौशल के सा थ पहली फिल्म बताते हुए कामिनी कौशल को धर्मेंद्र की पहली फिल्म शहीद की नायिका बता दिया। जबकि, वास्तविकता यह थी कि धर्मेंद्र ने कभी भी किसी शहीद शीर्षक वाली फिल्म में अभिनय नहीं किया। कदाचित धर्मेंद्र उस शहीद का उल्लेख कर रहे थे, जिसे उन्होंने पहली बार देखा था।
कामिनी कौशल की फिल्म शहीद १९४८ में प्रदर्शित हुई थी। इस फिल्म में कामिनी कौशल के नायक दिलीप कुमार थे। यह कामिनी कौशल के फिल्म जीवन की पांचवी फिल्म थी। उस समय उस समय धर्मेंद्र की आयु १३ साल थी। उस समय धर्मेंद्र पंजाब के साहनेवाल में आठवी की पढ़ाई कर रहे थे। उन्होंने १९५२ में दसवी की परीक्षा दे रहे थे। १९५४ में, उनका प्रकाश कौर के साथ विवाह हुआ।
धर्मेंद्र ने, १९६० में फिल्मफेयर की प्रतिभा खोज प्रतियोगिता जीत कर फिल्मी दुनिया में प्रवेश किया था। उनकी नायक के रूप में पहली फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे (१९६०) थी। इस फिल्म में उनके साथ बलराज साहनी थे तथा उनकी नायिका कुमकुम थी। इस फिल्म के प्रदर्शन के समय, कामिनी कौशल ने फिल्म बैंक मैनेजर के बाद फिल्मों से अवकाश ले लिया था। उनकी वापसी, राजकुमार के साथ फिल्म गोदान (१९६३) से हुई थी। किन्तु, अगली फिल्म, १९६५ में प्रदर्शित मनोज कुमार अभिनीत फिल्म शहीद में मनोज कुमार के भगत सिंह की माँ के रूप में हुई। इस फिल्म के बाद, कामिनी कौशल अधिकतर चरित्र भूमिकाओं में ही दिखाई दी।
धर्मेंद्र की कामनी कौशल के साथ पहली फिल्म, ८ अगस्त १९६९ को प्रदर्शित फिल्म आदमी और इंसान थी। इस फिल्म में कामिनी कौशल ने श्रीमती खन्ना की भूमिका की थी तथा वह परदे पर धर्मेंद्र की रोमांस मीना खन्ना यानि सायरा बानू की माँ की भूमिका की थी। स्पष्ट रूप से, आदमी और इंसान में, कामिनी कौशल धर्मेंद्र की रोमांस नहीं, बल्कि, सास थी।
इस फिल्म के बाद, कामिनी कौशल ने धर्मेंद्र के साथ यकीन (शर्मीला टैगोर), इश्क पर जोर नहीं (साधना) में ही अभिनय किया। इन सभी फिल्मों में कामिनी कौशल चरित्र अभिनेत्री थी। स्पष्ट है कि कामिनी कौशल कभी भी धर्मेंद्र की किसी फिल्म की नायिका नहीं बनी।
कदाचित, धर्मेंद्र ने अपनी उपरोक्त पोस्ट में, अपने द्वारा देखी गई पहली फिल्म शहीद का उल्लेख किया था, जिसकी नायिका कामिनी कौशल थी। धर्मेंद्र ने, इंस्टाग्राम पर जो चित्र लगाया है, वह फिल्म आदमी और इंसान के सेट पर पहली भेंट का था।

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