Wednesday, 1 July 2026

#KumarSiddharth's Vertical Series #TheRehearsal



Director Kumar Siddharth is set to make a significant mark in the rapidly growing vertical content space with his upcoming series, The Rehearsal, a compelling drama that explores ambition, relationships, and the fine line between performance and reality.

 




Having built a strong foundation in the film and advertising industries, Kumar Siddharth brings years of creative experience to the project. Over the course of his career, he has directed more than 200 advertising films and several feature films, earning recognition for his distinctive visual style, engaging storytelling, and ability to connect with audiences across formats. His latest feature film is currently streaming on a reputed OTT platform, further reflecting his versatility as a filmmaker.

 




The Rehearsal marks an exciting new chapter in his directorial journey. Designed specifically for the vertical viewing format, the series aims to deliver a fast-paced and emotionally engaging narrative tailored for today's mobile-first audience.





Speaking about the project, Kumar Siddharth said: "The Rehearsal is a story that examines the roles we play in our lives and the moments when those roles begin to blur with reality. The vertical format offers a unique opportunity to create an intimate viewing experience, and we're excited to bring a fresh, immersive narrative to audiences."

 




The series combines contemporary storytelling with innovative visual techniques, reflecting Kumar Siddharth's experience across both cinematic and commercial filmmaking. With a focus on character-driven drama and relatable human emotions, The Rehearsal seeks to resonate with viewers across generations.




 

As vertical storytelling continues to gain momentum across digital entertainment platforms, The Rehearsal is positioned to be a notable addition to this evolving entertainment landscape.





 

Further details regarding the cast, release schedule, and streaming platform will be announced in the coming weeks.

 




About Kumar Siddharth- Kumar Siddharth is a filmmaker and director with extensive experience in feature films, advertising, and digital content. He has directed over 200 advertising films and several feature films, developing a distinctive storytelling approach that blends cinematic vision with audience-focused narratives. His latest feature film is currently streaming on a reputed OTT platform. The Rehearsal represents his latest creative venture and his entry into the emerging vertical series format.

#YRF और #PoshamPaPictures की #AyushmannKhurrana अभिनीत #Mupapa



यशराज फिल्म्स और पोशम पा पिक्चर्स का पहला सिनेमाई सहकार फिल्म मुपापा में आयुष्मान खुराना मुपपा की शीर्षक भूमिका कर रहे हैं। इस फिल्म को, यशराज फिल्म्स के सीईओ और फिल्म सैयारा के निर्माता अक्षय विधानी ही निर्मित कर रहे है।





इस फिल्म को समीर सक्सेना ने निर्देशित किया है, जो भारत के जाने-माने शो रनर और डायरेक्टरो में से एक हैं।   





पोशम पा पिक्चर्स को भारतीय एंटरटेनमेंट में सबसे आगे की सोचने वाली आवाज़ों में से एक माना जाता है। यशराज और पोशम पा का उद्देश्य आज के दर्शकों के लिए डिसरप्टिव और इमर्सिव थिएटर एक्सपीरियंस देना है। उनके क्रिएटिव कोलेबोरेशन में दोनों मिलकर थिएटर फिल्में बनाएंगे। इसका प्रारंभ मोपपा से हो चुका है। 





यह पार्टनरशिप आदित्य चोपड़ा के उस विज़न के मुताबिक है जिसमें अक्षय विधानी के अधीन एक नया क्रिएटिव बिज़नेस मॉडल बनाना है, जो एक निर्माता के रूप में यशराज फिल्म्स के अंदर स्टूडियो मॉडल की व्यूह रचना है । 






मुपापा एक जॉनर-बेंडिंग थिएटर फिल्म है। यह थिएटर में लोगों को एक बहुत ही नया विज़ुअल एक्सपीरियंस देगी। आयुष्मान खुराना, जिन्होंने कंटेंट डिसरप्शन को अपना परिचय बना लिया है, इस प्रोजेक्ट में अभिनय कर रहे हैं। यह फिल्म दर्शकों को प्रारम्भ से ही सीट से बांधे रखेगा। 

#Trivikram की फिल्म #GodOfWar के भगवान् मुरुगन #JrNTR



तेलुगु सुपरस्टार अभिनेता जूनियर एनटीआर और निर्देशक त्रिविक्रम श्रीनिवास बड़े पैमाने पर पौराणिक महाकाव्य को परदे पर उतारने के लिए फिर साथ आ रहे हैं। इन दोनों की, अंतिम बार २०१८ की ब्लॉकबस्टर फिल्म अरविन्द समेता वीर राघव प्रदर्शित हुई थी।  यह फिल्म इन दोनों का इकलौता सहकार है। अब आठ साल बाद, यह दोनों इस भव्य परियोजना के साथ सोशल मीडिया पर आये हैं। 






त्रिविक्रम श्रीनिवास, जिस परियोजना को लेकर आ रहे है, उसका अस्थाई शीर्षक गॉड ऑफ़ वॉर अर्थात युद्ध के देवता रखा गया है।  इस परियोजना में एनटीआर को हिंदू योद्धा देवता भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) के रूप में दिखाये जाने की अटकलें  है।






भगवान् कार्तिकेय, देवों के देव महादेव और महादेवी पारवती के पुत्र थे।  वह उत्तर में जन्मे थे और उन्होंने सम्पूर्ण जीवन दक्षिण और पश्चिम को राक्षसों से मुक्त कराने के लिए युद्ध किया।  उन्हें दक्षिण के भक्त भगवान् मुरुगन बोलते हैं। 





फिल्म एक महत्वाकांक्षी, बड़े बजट की पौराणिक फंतासी है जिसमें उच्च कोटि के दृश्य प्रभाव (वीएफएक्स) है, जो रामायण या महाभारत जैसे महाकाव्यों के चिरपरिचित कथानक के पुनर्कथन के बजाय युद्ध के देवता की कम सुनी कहानियों की खोज करती है।





जूनियर एनटीआर वर्तमान में प्रशांत नील निर्देशित फिल्म ड्रैगन की शूटिंग में व्यस्त हैं।  इसे पूरा करने के बाद ही वह त्रिविक्रम की फिल्म की  शूटिंग प्रारम्भ कर  सकते हैं। 




 

विशेष बात यह है कि इस जोड़ी की  २०१८ में प्रदर्शित ब्लॉकबस्टर फिल्म 'अरविंद समेता वीरा राघव एक एक्शन-ड्रामा फिल्म थी। इसकी कहानी आंध्र प्रदेश के 'रायलासीमा' क्षेत्र में दो गुटों के बीच सालों से चली आ रही हिंसक दुश्मनी पर आधारित थी।




इस फिल्म में एनटीआर ने 'वीर राघव' नाम के युवक का किरदार निभाया था, जो अपने पिता की मौत के बाद हिंसा को छोड़कर शांति स्थापित करने की कोशिश करता है।




स्पष्ट रूप से, अरविन्द समेता वीर राघव  कथानक की दृष्टि से आधुनिक, पारिवारिक और सामाजिक पृष्ठभूमि पर बनी एक्शन फिल्म थी। गॉड ऑफ़ वॉर भी युद्ध दृश्यों की अधिकता वाली एक्शन फिल्म होगी, किन्तु, यह इन दोनों की पहली पौराणिक और फंतासी  फिल्म होने जा रही है। जिसमे एनटीआर पहली बार भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) से प्रेरित एक योद्धा के रूप में नजर आएंगे।  





जूनियर एनटीआर और निर्देशक त्रिविक्रम श्रीनिवास की इस आगामी पौराणिक महागाथा 'गॉड ऑफ वॉरको भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे भव्य और महंगी फिल्मों में से एक बनाने की तैयारी है।  यह फिल्म डुओलॉजी होगी अर्थात दो भागों में बनाई जाएगी।  इस फिल्म का बजट एक हजार करोड़ रखा गया।




  

फिल्म के निर्माता सूर्यदेवेरा नागा वामसी का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के निर्माण में बजट की कोई सीमा या कोई दायरा नहीं रखा जाएगा। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने के लिए बड़े पैमाने पर पैसा लगाया जा रहा है। 





चूंकि यह फिल्म भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) की दिव्य युद्ध कला और उनके आकाशीय सेनापति के रूप में पौराणिक लड़ाइयों पर आधारित है, इसलिए इसके दृश्यों को जीवंत करने के लिए हॉलीवुड के शीर्ष  वीएफएक्स  स्टूडियो के साथ बात किये जाने की चर्चा है।  





निर्देशक त्रिविक्रम श्रीनिवास अपनी इस काल्पनिक पौराणिक दुनिया को सशक्त पटकथा के माध्यम से अत्याधुनिक कंप्यूटर जनित दृश्यों का उपयोग करेंगे ताकि देवलोक, प्राचीन युद्धक्षेत्रों और मायावी शक्तियों को स्क्रीन पर जादुई तरीके से दिखाया जा सके।





फिल्म का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से मोशन कैप्चर और उन्नत विजुअल इफेक्ट्स पर निर्भर करेगा, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी दृश्यात्मक रूप से भव्य फिल्मों अर्थात 'बाहुबली' या 'कल्कि २८९८ एडी' की श्रेणी में खड़ी हो सके।  





फिल्म के मेकर्स इस प्रोजेक्ट के जरिए भारतीय पौराणिक कथाओं को वैश्विक स्तर पर ले जाने की योजना बना रहे हैं, यही वजह है कि इसके बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा सिर्फ वीएफएक्स और प्री-प्रोडक्शन रिसर्च पर खर्च किया जा रहा है।

Tuesday, 30 June 2026

#AdiviSesh और #WamiqaGabbi जुलाई में शुरू करेंगे #G2 की शूटिंग



 

अभिनेता अदिवि शेष अपनी बहुप्रतीक्षित स्पाई एक्शन थ्रिलर G2 के अगले शूटिंग शेड्यूल की तयारी कर रहे हैं। फिल्म का अगला शिड्यूल जुलाई में शुरू होगा ।





हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर, अदिवि ने अपने प्रशंसकों की स की उत्सुकता बढ़ा दी। उन्होंने लिखा, "जुलाई में G2 की शूटिंग से पहले...तूफ़ान से पहले की शांति ।"





इस पोस्ट से उन्होंने इशारा दिया कि जुलाई से फिल्म के अत्यधिक महत्त्वपूर्ण और रोमांचक शूटिंग चरण शिड्यूल शुरू होने वाला है।   





गुड़ाचारी की सफल फ्रेंचाइज़ी की अगली कड़ी G2 का ऐलान होने के बाद से ही दर्शकों में इसे लेकर ज़बरदस्त उत्साह है। गुड़ाचरी ने अदिवि शेष को स्पाई-थ्रिलर शैली के सबसे भरोसेमंद कलाकारों में शामिल कर दिया था। अब G2 में कहानी का दायरा पहले से कहीं बड़ा होगा और उनके जासूस किरदार का सफर भी नए स्तर पर पहुंचेगा। 





इस फिल्म में अदिवी सेश के साथ इमरान हाशमी और वामिका गब्बी भी अहम भूमिकाओं में नज़र आएंगे। दमदार स्टारकास्ट के साथ यह एक्शन-थ्रिलर अपने अगले चरण की शूटिंग में प्रवेश करने जा रही है। फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदें लगातार बढ़ती जा रही हैं और यह अदिवी की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक मानी जा रही है। 





फिल्म को बहुत सोच-समझकर और मेहनत से तैयार किया गया है। जुलाई से यह अगले अहम चरण में प्रवेश कर रही हैं। यह शेड्यूल दर्शकों को उस कहानी के और करीब ले जाने वाला है, जिसे फिल्मकार बड़े पर्दे पर दिखाना चाहते हैं।





अदिवि जुलाई में फिर से सेट पर लौटने को लेकर बेहद उत्साहित हूं क्योंकि इस चरण में फिल्म के कुछ सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों की शूटिंग होगी।  





 

जुलाई से शुरू होने वाले इस नए शेड्यूल के साथ निर्माता फिल्म की शूटिंग पूरी करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही G2 अपनी बहुप्रतीक्षित रिलीज़ के और करीब पहुंच रही है।

#Nagabandham से हो सकती है #Alpha और #BabyDoDieDo को #Shiver



यो तो सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया पर, बॉक्स ऑफिस पर अल्फा और बेबी डू डाई के टकराव की ही चर्चा है।  किन्तु, बॉक्स ऑफिस पर तीसरा और चौथा कोण, वास्तव में तीसरा कोण ही उलटफेर कर सकता है।  यह तीसरे और चौथे कोण, अल्फा और बेबी डू डाई डू को नागबंधन में बांध सकते है या शिविर पैदा कर सकते हैं।  क्या आप नहीं समझे? 





जी हां, हम  इसी सप्ताह ३ जुलाई २०२६ को रिलीज हो रही पैन-इंडिया पौराणिक फिल्म 'नागबंधम' द सीक्रेट ट्रेज़र और हॉलीवुड फिल्म शिविर की। नागबंधम और शिविर के प्रदर्शित होने का 'अल्फा' और 'बेबी डू डाई डू' के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर  पर काफी बड़ा और गहरा प्रभाव पड़ने वाला है।






जहाँ नागबंधम पौराणिक कथानक पर खजाने के रहस्य के कथानक पर है, वही दूसरी और शिविर एक हॉरर थ्रिलर फिल्म है।  सभी जानते हैं कि हिंदी पेटी के दर्शकों को हॉरर बहुत भाता है।  चूंकि, शिविर एक छोटी फिल्म है, किन्तु, इसका उपरोक्त दो फिल्मों के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर सीमित प्रभाव अवश्य दिखाई देगा।




'नागबंधमका सबसे बड़ा खतरा इसकी अखिल भारतीय अपील है। यह सनातन पर आधारित है। 'नागबंधम' एक बड़े बजट की पौराणिक एडवेंचर-थ्रिलर फिल्म है, जो प्राचीन विष्णु मंदिरों और गुप्त 'नागबंधम' मंत्र के रहस्यों पर आधारित है। यह फिल्म हिंदी, तेलुगु और तमिल सहित कई भाषाओं में बड़े स्टार पर ज़ी स्टूडियोज द्वारा रिलीज हो रही है। चूंकि 'अल्फा' का प्रदर्शन पूर्व का माहौल पहले से ही कमजोर है, 'नागबंधम' हिंदी बेल्ट और विशेषकर दक्षिण भारत में उसके स्क्रीन काउंट और दर्शकों की संख्या को बुरी तरह प्रभावित करेगी। जो दर्शक बड़े पर्दे पर भव्य सिनेमा देखना चाहते हैं, वे कमजोर हाइप वाली 'अल्फा' की बजाय 'नागबंधम' को चुन सकते हैं।





वही, बेबी डू डाई डू का बजट छोटा है और यह एक सस्पेंस डार्क-कॉमेडी है। 'नागबंधम' के आने से इसे मल्टिप्लेक्सों में स्क्रीन्स मिलने में कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि थिएटर मालिक 'नागबंधम' को अधिक शोज दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त 'शिवरका प्रभाव बेबी डू डाई डू के लक्षित दर्शकों का बंटवारा कर पड़ेगा। 'शिवर' एक विशुद्ध हॉरर/साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है। इसलिए इसका सीधा मुकाबला 'बेबी डू डाई डू' से होगा, क्योंकि दोनों ही फिल्में थ्रिलर जॉनर (Genre) की हैं। जो दर्शक इस वीकेंड पर कुछ डरावना या सस्पेंस से भरपूर देखना चाहते हैं, उनकी पसंद इन दोनों फिल्मों के बीच बंट जाएगी, जिससे 'बेबी डू डाई डू' की दर्शक संख्या में थोड़ी कमी आ सकती है।






इस चौकोणीय संघर्ष के कारण सिनेमाघरों में स्क्रीन्स और शोज का भयंकर बंटवारा होगा। ऐसे में 'अल्फा' के लिए अपनी भारी लागत वसूलना और मुश्किल हो जाएगा। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' और 'नागबंधम' को अपने-अपने जॉनर के दर्शकों का साथ मिलने की उम्मीद ज्यादा है।






फिल्म व्यापार के विशेषज्ञों के अनुसार, चारों फिल्मों के स्क्रीन शेयरिंग प्रतिशत और पहले सप्ताहांत के संभावित कलेक्शन का विश्लेषण निम्न अनुसार है- 




स्क्रीन शेयरिंग प्रतिशत - सिनेमाघरों (मल्टिप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन) में शोज का बंटवारा इस प्रकार हुआ है। अल्फा को ४५ प्रतिशत स्क्रीन शेयर मिला है। बड़ा बैनर की फिल्म होने के कारण इसे हिंदी बेल्ट के मल्टिप्लेक्सों में सबसे ज्यादा शोज मिले हैं।नागबंधम को ३५ प्रतिशत स्क्रीन शेयर मिला है। दक्षिण भारत में इस फिल्म का दबदबा ७० प्रतिशत से अधिक है, जबकि हिंदी मार्केट में इसे ज़ी स्टूडियोज की वजह से लगभग २५-३० प्रतिशत स्क्रीन्स मिली हैं ।





बेबी डू डाई डू का स्क्रीन शेयर १२ प्रतिशत का है। सीमित बजट और कल्ट अपील के कारण इसे मुख्य रूप से मेट्रो शहरों के चुनिंदा मल्टिप्लेक्सों में जगह मिली है ।





शिवर को ८ प्रतिशत स्क्रीन शेयर एक हॉलीवुड/इंग्लिश सर्वाइवल थ्रिलर फिल्म होने के कारण इसे केवल बड़े शहरों के चुनिंदा अंग्रेजी शोज दिए गए हैं ।






इस प्रकार से इन फिल्मों का पहले सप्ताहांत का संभावित बॉक्स ऑफिस कलेक्शन  पहले तीन दिनों (शुक्रवार से रविवार) में का २८ से ३२ करोड़ अनुमानित है। सौ करोड़ से अधिक के बजट वाली फिल्म के लिए यह वीकेंड कलेक्शन बेहद निराशाजनक माना जाएगा। 'नागबंधम' के कारण इसके मास-सर्किट (सिंगल स्क्रीन्स) के दर्शक बुरी तरह बंट गए हैं।





नागबंधम पहला वीकेंड कलेक्शन सभी भाषाओं में ४५-५५ प्रतिशत आँका गया है। अपनी पौराणिक थीम और शानदार विजुअल्स के कारण यह फिल्म इस वीकेंड की सबसे बड़ी कमाऊ फिल्म बनने की राह पर है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और हिंदी बेल्ट के सिंगल स्क्रीन्स पर यह फिल्म 'अल्फा' को कड़ी शिकस्त दे रही है।





वही बेबी डू डाई डू का संभावित वीकेंड कलेक्शन ८-१० करोड़ के आसपास रह सकता है।अपने बजट की दृष्टि से तीन दिनों में दस करोड़ के आसपास पहुंचना, इस फिल्म के लिए एक अच्छी और सुरक्षित स्थिति होगी। अमर कौशिक के निर्देशन और हुमा के अभिनय को मिल रही तारीफ इसे लंबी रेस का घोड़ा बना सकती है।





शिवर का संभावित वीकेंड कलेक्शन ढाई से साढ़े तीन करोड़ के आसपास रह सकता है।सीमित स्क्रीन्स और केवल अंग्रेजी भाषा में होने के कारण इसका कलेक्शन कम रहना स्वाभाविक है। किन्तु, यह 'बेबी डू डाई डू' के कुछ सस्पेंस-थ्रिलर प्रेमी दर्शकों को अपनी ओर खींचने में सफल रहेगी।





वर्तमान में, इस चौ-कोणीय मुकाबले में 'नागबंधम' अपनी पैन-इंडिया अपील के कारण बॉक्स ऑफिस की रेस में सबसे आगे निकलती दिख रही है। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' अपने छोटे बजट की वजह से सुरक्षित है। सबसे बड़ा घाटा 'अल्फा' को हो रहा है, जिसे 'नागबंधम' की आंधी के कारण भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।





किन्तु, इससे यह निष्कर्ष निकलना ठीक नहीं कि अल्फा के लिए क्या आलिया भट्ट का स्टार स्टेटस नाकाम हो रहा है। जी नहीं, उनका स्टार स्टेटस पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। लेकिन 'जिगरा' के बाद उन पर दबाव बढ़ा है । पर आलिया भट्ट आज भी बॉलीवुड की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में से हैं जो अपने दम पर किसी फिल्म को आठ से दस करोड़ की ओपनिंग दिला सकती हैं।  दर्शकों में उत्साह की कमी के बावजूद 'अल्फा' की पहले दिन की अनुमानित कमाई हुमा की फिल्म से कहीं अधिक है।





अलबत्ता, गंगूबाई काठियावाड़ी' और 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' की सफलता के बाद, 'जिगरा' का फ्लॉप होना और अब 'अल्फा' का ठंडा प्री-रिलीज उत्साह यह दिखाता है कि दर्शक सिर्फ स्टार के नाम पर थिएटर नहीं आ रहे हैं। उन्हें वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स से और बेहतर कंटेंट की उम्मीद थी।





इसी प्रकार से यह भी नहीं कहा जा सकता है कि हुमा कुरैशी की पहचान हिंदी दर्शकों को आकर्षित नहीं कर पा रही है। हुमा की पहचान 'मास स्टार' की नहीं, बल्कि 'कल्ट/ओटीटी स्टार' की है । महारानी सीरीज की हुमा कुरैशी को दर्शक बेहतरीन अदाकारी के लिए जानते हैं, न कि २० करोड़ की बंपर ओपनिंग के लिए । उनके नाम पर दर्शक पहले दिन थियेटर नहीं भागते, लेकिन फिल्म का अनोखा कांसेप्ट (मूक-बधिर हिटवुमन) और अमर कौशिक-नचिकेत सामंत का कॉम्बिनेशन दर्शकों को 'माउथ पब्लिसिटीके जरिए धीरे-धीरे थिएटर्स तक खींच ला सकता है ।





यदि बॉक्स ऑफिस के 'बिजनेस मॉडल' और मुनाफे को देखा जाए, तो इस टकराव की असली विजेता 'बेबी डू डाई डूबनती दिख रही है। भारी बजट वाली फिल्म अल्फा का कारोबार,  'नागबंधम' के पैन-इंडिया क्रेज के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बड़े बजट की वजह से इसके लिए १५० करोड़ का आंकड़ा पार करना बेहद मुश्किल चुनौती बन गया है ।





इस प्रकार से, कुल कमाई के मामले में 'अल्फा' आगे रहेगी, लेकिन बिजनेस के नियमों (प्रतिशत लाभ) और बॉक्स ऑफिस वर्डिक्ट के लिहाज से 'बेबी डू डाई डू' एक सुरक्षित और बड़ी विनर साबित होगी।

#AliaBhatt की #Alpha से टकराती #HumaQureshi की #BabyDoDieDo



इस शुक्रवार दो महिला हत्यारिनो का टकराव होने जा रहा है। यह महिलाएं, अपने कारण से या किसी के कहने से पैसा लेकर या फ्रीलांसिंग कर हत्याएं करती है। इन विदेशी सिनेमा से प्रेरित इन चरित्रों के माध्यम से यह टकराव आलिया भट्ट की फिल्म  'अल्फा' और हुमा कुरैशी की फिल्म 'बेबी डू डाई डू' के बीच होगा।  बॉक्स ऑफिस पर दो फिल्मों की यह भिड़ंत ३ जुलाई २०२६ को होने जा रही है। दोनों ही फिल्मों में महिला हत्यारों (फीमेल हिटवुमन) की कहानी दिखाई गई है। इन फिल्मों से सिनेमाघरों में एक्शन का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। 






अल्फा, वाईआरएफ के स्पाई यूनिवर्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म है। यशराज फिल्म्स इस फिल्म से पहली बार महिला स्पाई लेकर आ रहा है। इस फिल्म में आलिया भट्ट के साथ शरवरी लीड रोल में नजर आएंगी। बॉबी देओल की विशिष्ट केंद्रीय भूमिका है। बेबी डू डाई डू फिल्म में हुमा कुरैशी ने एक मूक-बधिर हिटवुमन का किरदार निभाया है जो अपनी दिवंगत बहन की आवाज सुनकर खूंखार मिशन को अंजाम देती है।  उनके साथ फिल्म में सिकंदर खेर और चंकी पांडे भी प्रमुख भूमिकाओं में है। 





बॉक्स ऑफिस पर दो महिला फिल्मों की टक्कर दर्शकों के लिए काफी रोमांचक है। क्योंकि एक तरफ बड़े बजट और जासूसी फ्रेंचाइजी फिल्म 'अल्फा' है तो दूसरी तरफ हुमा कुरैशी की सस्पेंस-थ्रिलर 'बेबी डू डाई डू' है।  'बेबी डू डाई डू' को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त  माहौल बना हुआ है।  हॉलीवुड निर्देशक जैक स्नाइडर द्वारा इसके एक्शन की तारीफ किए जाने के बाद दर्शकों में फिल्म के प्रति उत्सुकता और बढ़ गई है। 






बजट, प्री-रिलीज बिजनेस और मौजूदा मौजूदा माहौल के गणित को देखते हुए हुमा कुरैशी की 'बेबी डू डाई डू'  के बॉक्स ऑफिस पर 'हिट' का टैग हासिल करने की संभावना काफी अधिक है। फिल्मों का व्यापारिक विश्लेषण के अनुसार बेबी डू डाई डू  के  हिट होने की सबसे  सशक्त कारण कम बजट, सुरक्षित दांव है। फिल्म की अनुमानित लागत मात्र २२ करोड़ है। कम लागत होने के कारण फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर क्लीन 'हिट' होने के लिए केवल ४० से ५० करोड़ का लाइफटाइम कलेक्शन करना होगा, जो इसके अनोखे 'मूक-बधिर हिटवुमन' कांसेप्ट के चलते काफी आसान लग रहा है।






बेबी डू डाई डू  के  पक्ष में सबसे महत्वपूर्ण बात इसका प्रभावशाली प्रदर्शन पूर्व बना माहौल है।  हॉलीवुड डायरेक्टर द्वारा इसके एक्शन की तारीफ करने के बाद से सोशल मीडिया पर इसका वर्ड-ऑफ-माउथ बेहद सशक्त है।







अल्फा की अधिक जोखिम और बड़ी चुनौती, इसका भारी-भरकम बजट माथे पर सिलवटें लाने वाला है। वाईआरएफ  की इस एक्शन थ्रिलर का बजट अस्सी करोड़ से १२० करोड़ के बीच आंका जा रहा है। इस बजट के मद्देनजर फिल्म को केवल 'हिट' का दर्जा पाने के लिए  ही भारत में कम से कम १४०-१६० करोड़ का नेट बिजनेस करना होगा।







किन्तु, अल्फा की प्रदर्शन से पूर्व की हाइप काफी कमजोर है। ट्रेड एनालिस्ट्स के अनुसार, रिलीज के ठीक पहले 'अल्फा' का सोशल मीडिया पर माहौल काफी ठंडा पड़ा है। अगर फिल्म को पहले दिन सिंगल-डिजिट (१० करोड़ से कम) की ओपनिंग मिलती है, तो इतने बड़े बजट की रिकवरी करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।







इस तुलना से स्पष्ट है कि अनुमानित बजट के प्रकाश में इन फिल्मों को हिट होने के लिए  जरूरी कमाई का कर लेना आवश्यक हो जाता है। वर्तमान प्री-रिलीज स्थिति में बेबी डू डाई डू अपने बजट २२ करोड़ के बदले में ४०-४५ करोड़ की उम्मीद कर सकती है। जबकि, अल्फा  ८०-१२० करोड़ के बजट को ध्यान में रखे तो फिल्म को अपनी ओपनिंग के दृष्टिगत ही १४०-१६० उम्मीद कर सकती है। 






बॉक्स ऑफिस के अर्थशास्त्र के नियम के अनुसार, जो फिल्म अपनी लागत कम रखती है, उसके मुनाफे में जाने के  अवसर अधिक होते हैं। इसलिए निवेश पर प्रतिफल के मामले में 'बेबी डू डाई डू' बाजी मार सकती है। जबकि, 'अल्फा' को हिट होने के लिए सिनेमाघरों में असाधारण  प्रदर्शन करना होगा।






यहाँ बताते चलें कि यशराज फिल्म्स ने आलिया भट्ट की 'अल्फा' को अब ३ जुलाई के स्थान पर एक दिन पहले २ जुलाई को प्रदर्शित करने का निर्णय लिया है। जबकि, हुमा कुरैशी की 'बेबी डू डाई डू'  ३ जुलाई को ही प्रदर्शित हो रही है।






इन दोनों फिल्मों को मिली एडवांस बुकिंग ट्रेंड्स के अनुसार अल्फा वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की फिल्म होने के बावजूद इसकी एडवांस बुकिंग उम्मीद से काफी धीमी और ठंडी शुरू हुई है। नेशनल मल्टीप्लेक्स चेन्स में भी टिकटों की बिक्री की रफ्तार सुस्त है, जो मेकर्स के लिए चिंता का विषय है।







वहीँ, बेबी डू डाई डू, छोटे बजट की फिल्म होने के कारण फिल्म की एडवांस बुकिंग इसके पैमाने के हिसाब से काफी संतोषजनक और मजबूत है। फिल्म का 'कल्ट/डार्क-कॉमेडी' एक्शन प्रोमो दर्शकों को आकर्षित कर रहा है, जिससे लिमिटेड स्क्रीन्स पर भी इसकी टिकटें अच्छी गति से बिक रही हैं।






पहले दिन के बॉक्स ऑफिस प्रेडिक्शन  के अनुसार अल्फा को अनुमानित ओपनिंग ८ से १० करोड़ नेट की मिल रही है। जबकि, फिल्म का भारी-भरकम बजट देखते हुए इसे कम से कम  १५ -१८ करोड़ की ओपनिंग चाहिए । धीमी शुरुआत के कारण अब यह फिल्म पूरी तरह से स्पॉट बुकिंग और शाम के शोज में जनता के  वर्ड-ऑफ-माउथ (सकारात्मक समीक्षा) पर निर्भर करेगी। 






बेबी डू डाई डू की अनुमानित ओपनिंग २-३ करोड़ नेट मिलती दिखाई दे रही है। फिल्म के २२ करोड़ के दृष्टिगत फिल्म के लिए २-३ करोड़ की ओपनिंग को बेहतरीन शुरुआत माना जाएगा। यदि दर्शकों को इसका अनूठा एक्शन पसंद आता है, तो वीकेंड (शनिवार और रविवार) को इसकी कमाई में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है।






जहाँ तक कमाई के आंकड़ों की बात है, 'अल्फा' नंबर १ रहेगी, लेकिन अपनी भारी लागत के कारण उस पर पहले ही दिन से दबाव रहेगा। वहीं, 'बेबी डू डाई डू' अपने सीमित बजट और अच्छे एडवांस बुकिंग रिस्पॉन्स के कारण पहले दिन से ही मुनाफे की तरफ सुरक्षित कदम बढ़ाती दिख सकती है। 






दोनों फिल्मों के स्क्रीन काउंट अर्थात सिनेमाघरों की संख्या पर दृष्टि डालें तो अल्फा वाईआरएफ के बड़े बैनर की फिल्म होने के कारण भारत में बड़े पैमाने पर रिलीज की जा रहा है। 'अल्फा' को भारत में लगभग ३५०० से ४०००  स्क्रीन्स मिलने का अनुमान है। फिल्म को सभी प्रमुख मल्टिप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन्स पर मुख्य प्राइम-टाइम शोज दिए गए हैं। वही बेबी डू डाई डू एक सीमित और कल्ट-ऑडियंस अर्थात लक्षित दर्शकों वाली फिल्म है। इसे भारत में लगभग ८०० से १२००  स्क्रीन्स मिलने की उम्मीद है। इसे मुख्य रूप से बड़े शहरों और चुनिंदा मल्टिप्लेक्स चेन में ज्यादा जगह दी जा रही है।







इन दोनों फिल्मों के ट्रेलर को मिले  रिस्पॉन्स के अनुसार अल्फा के ऑफिशियल ट्रेलर को दर्शकों से मिला-जुला लेकिन चर्चा से भरपूर  रिस्पॉन्स मिला है। आलिया भट्ट और शरवरी के 'नेवर-सीन-बिफोर' एक्शन अवतार, बैकग्राउंड म्यूजिक और विजुअल्स की काफी तारीफ हो रही है। सबसे बड़ा सरप्राइज इंटरनेट पर वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स के 'कबीर' यानी ऋतिक रोशन  के कैमियो की झलक को लेकर है, जिससे फैन्स के बीच जबरदस्त क्रेज बन गया है। कुछ दर्शकों को फिल्म के शुरुआती डायलॉग्स और बॉबी देओल का हरियाणवी लहजा  थोड़ा कमजोर लगा।






बेबी डू डाई डू के ट्रेलर को लेकर सोशल मीडिया और समीक्षकों की राय काफी बंटी हुई  नजर आ रही है। हुमा कुरैशी के मूक-बधिर सीरियल किलर के अनोखे कांसेप्ट और सस्पेंस से भरे बैकग्राउंड टोन को काफी पसंद किया जा रहा है। इसके शुरुआती टीज़र ने दर्शकों में कहानी को लेकर अच्छी उत्सुकता जगाई थी। किन्तु, फिल्म समीक्षकों का मानना है कि ट्रेलर थोड़ा फीका है और इसमें थिएटर्स जैसी बड़ी अपील की कमी दिखती है। कुछ जगहों पर एक्शन सीन्स की एडिटिंग थोड़ी कमजोर बताई गई है।






स्क्रीन काउंट और स्टार पावर के मामले में 'अल्फा' का पलड़ा भारी है, लेकिन 'ऋतिक रोशन' के कैमियो हाइप के बावजूद इसके खुद के कंटेंट को लेकर दर्शकों में थोड़ा संशय है। वहीं 'बेबी डू डाई डू' अपने अनूठे कांसेप्ट के दम पर सीमित स्क्रीन्स में भी अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है।

Monday, 29 June 2026

बॉक्स ऑफिस पर #EmraanHashmi का #Awarapan2 और #SunnyDeol का #Batwara1947 ?



उन्यासी साल पहले, १४ अगस्त १९४७ को भारत का बंटवारा कर, पाकिस्तान बनवाया गया था।  इस बार, स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले १४ अगस्त, २०२६ को भारत के बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों,  फिल्म के पर्दों, शोज और सीटों का बंटवारा होगा।  यह बटवारा बॉलीवुड की दो फिल्मों के माध्यम से  होगा।





१४ अगस्त २०२६ को बॉक्स ऑफिस पर दो फिल्मों का टकराव होने जा रहा है।  यह दोनों फ़िल्में अपनी घोषणा से ही फिल्म प्रेमियों के मध्य चर्चा में है।  यह दो फ़िल्में है इमरान हाशमी की रोमांस फिल्म आवारापन २ और सनी देओल की देश  के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बटवारा १९४७। 





आवारापन २, २००७ में प्रदर्शित इमरान हाशमी की थ्रिलर फिल्म आवारापन की सीक्वल फिल्म है।  इस फिल्म का निर्देशन नितिन कक्कड़ ने किया है।  फिल्म में, इमरान हाश्मी अपने १९ साल पहले के आवारापन के चरित्र शिवम् पंडित को दोहरा रहे है। इसमें उनका साथ दिशा पटानी, रणदीप हूडाऔर शबाना आज़मी दे रहे है।



 


वहीँ बटवारा १९४७, जिसे लाहौर १९४७ शीर्षक के साथ पूरा किया गया था, राजकुमार संतोषी की पीरियड ड्रामा फिल्म है। इस फिल्म को आमिर खान ने निर्मित किया है। फिल्म सनी देओल, प्रीति ज़िंटा और शबाना आज़मी ने अभिनय किया है। यह दोनों ही फ़िल्में दर्शकों का ध्यान आकृष्ट कर पाने में सफल होती है।  इसलिए उम्मीद तो यही की जाती है कि यह फ़िल्में अपने लक्षित दर्शकों को छविगृहों ला पाने में समर्थ होंगी। इसीलिए, उत्सुकता से देखा जा रहा है कि कौन फिल्म किस पर भारी पड़ती है अर्थात अधिक कारोबार कर पाती है।   





बटवारा १९४७  ज़्यादा मास अपील और सनी देओल के हालिया ट्रैक रिकॉर्ड और देशभक्ति थीम्स की वजह से अधिक ओपनिंग ले सकती है। अनुमानित है कि अपनी थीम और सनी देओल की छवि के कारण बटवारा १९४७ बॉक्स ऑफिस पर २० से ३० करोड़ का लक्ष्य पा सकती है। यह भी संभव है कि यह फिल्म स्वत्नत्रता दिवस सप्ताहांत का अपने विषय और सनी देओल की देशभक्ति से सरोबार एक्शन छवि तथा आमिर खान प्रोडक्टिविन की प्रतिष्ठा के प्रभाव से अधिक कारोबार भी कर सकती है। किन्तु, इसके बावजूद सनी देओल की फिल्म बटवारा १९४७ अपनी पूर्व की देशभक्तिपूर्ण फिल्मों बॉर्डर २ के प्रथम दिन ३२ करोड़ और ग़दर २ के ४० के लक्ष्य को नहीं पा सकेगी।





आवारापन २ प्रदर्शन पूर्व की सुगबुगाहट में सबसे आगे है। इसकी रोमांटिक शैली रोमांस फिल्मों के कीर्तिमानों को लक्ष्य में रखती है।  ऐसा प्रतीत होता है कि आवारापन २ का लक्ष्य  शायद रोमांस शैली में कीर्तिमान प्रारम्भ लेने वाली फिल्म सैयारा के २२ करोड़ नेट को तोड़ना चाहेगी। आवारापन कल्ट फिल्म मानी गई थी। आवारापन की कल्ट इमेज ज़बरदस्त नॉस्टैल्जिया लिए हुए है। इमरान हाशमी लम्बे समय बाद रोमांटिक मुद्रा में दिखाई देंगे।  इसी कारण से फिल्म को २२ से २५ करोड़ का नेट कारोबार करने की आशा है। 






दर्शकों के बंटवारे की दृष्टि से दोनों फिल्मों को उनके अलग-अलग जॉनर थोड़ा अलग बनाते हैं। इसलिए आवारापन २ शहरी युवाओं, जोड़ो और इमरान हाशमी के परंपरागत दर्शकों  को रोमांस-थ्रिलर नॉस्टैल्जिया के साथ टारगेट करती है, जबकि बटवारा १९४७ सनी देओल की एक्शन-हीरो इमेज और पार्टीशन ड्रामा के ज़रिए आम/ग्रामीण दर्शकों, परिवारों और देशभक्ति की भावना को अपील करती है। इस कारण से  इन फिल्मों के कलेक्शन में सीधे कमी नहीं हो सकती है, किन्तु, छविगृहों के पर्दों का बटवारा अवश्य कर जाती हैं। 






यद्यपि, स्वतंत्र दिवस सप्ताहांत की लंबी छुट्टियों और दर्शकों में फिल्मों के प्रति जोश बॉक्स ऑफिस पर उत्साह पैदा करते है। यह स्थिति बटवारा १९४७ के कथानक को सहयोग करती है। किन्तु, यदि सलमान खान की फिल्म मातृभूमि की संभावित प्रविष्टि इसे प्रभावित कर सकती है।  यह टकराव पर्दों को साझा करने का तनाव और खास सर्किट में एडवांस बुकिंग की लड़ाई को बढ़ाता हैं। 






सनी देओल की फिल्मों की खासियत होती है कि वह अपने कथानक और सन्देश के कारण अन्य फिल्मों पर भरी पड़ जाती है। यही कारण है कि फिल्म व्यापार के जानकारों का अनुमान है कि सनी देओल की फिल्म को ५५ से ६५ प्रतिशत परदे मिल सकते हैं। वही  आवारापन २ को रोमांस-थ्रिलर नॉस्टैल्जिया और युवा आबादी की पसंदगी के अनुरूप शहरी और मल्टीप्लेक्स छविगृहों में ४० से ६० प्रतिशत सीटें मिल सकती है।





यहाँ, १९ साल पूर्व के अतीत में विचारना होगा। इमरान हाशमी की म्यूजिकल रोमांस फिल्म आवारापन २९ जून २००७ को प्रदर्शित हुई थी। इसी दिन सनी देओल की पारिवारिक फिल्म अपने भी प्रदर्शित हुई थी। जून २००७ में, सनी देओल की फिल्म 'अपने' ने बॉक्स ऑफिस पर इमरान हाशमी की 'आवारापन' से अधिक व्यवसाय किया था। 'अपने' ने औसत प्रारम्भ किया था, जबकि 'आवारापन' की शुरुआत खराब रही थी।  यह दूसरी है कि बाद में फिल्म को कल्ट स्टेटस मिल गया। 




   

किन्तु, १९ साल बाद, आज स्थिति काफी कुछ बदली हुई है। २००७ में आवारापन २ और अपने छुट्टियों के सप्ताहांत के बिना प्रदर्शित हुई थी। जबकि २०२६ स्वतंत्रता दिवस सप्ताहांत के अतिरिक्त लम्बी छुट्टियों का सिलसिला है। इंडिपेंडेंस डे वीकेंड बटवारा १९४७ की देश विभाजन की पृष्ठभूमि के कथानक को पसंद प्राथमिकता देने वाला है, जिसमें पिछली देशभक्ति फिल्मों की सफलताओं की तरह लंबे समय तक चलने की संभावना है, जबकि आवारापन २ को सीक्वल की याद और शहरी मल्टीप्लेक्स वृद्धि का लाभ मिलता है। यह संकेत २००७ में दिखाई नहीं देता था

क्या #King का #Doomsday लायेंगे #Avengers और #Dune3 ?



शाहरुख खान की आगामी २४ दिसंबर २०२६ को प्रदर्शित होने जा रही एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'किंग' का छह दिनों बाद, बॉक्स ऑफिस पर सीधा टकराव हॉलीवुड की दो बहुप्रतीक्षित फिल्मों 'एवेंजर्स: डूम्सडे' और  'ड्यून पार्ट 3'  तथा  बॉलीवुड की हॉरर-कॉमेडी फिल्म 'शक्ति शालिनी' से है। फिल्म किंग के प्रदर्शन पर इन टकरावों का क्या प्रभाव पड़ेगा ?  





'एवेंजर्स: डूम्सडे' और 'ड्यून पार्ट 3' जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी फिल्मे एक सप्ताह पूर्व १८ दिसंबर को प्रदर्शित हो रही है।  जबकि, किंग ६ दिन बाद २४ दिसंबर को प्रदर्शित हो रही है। यह दोनों फिल्मे वीएफएक्स प्रभाव वाली तकनीकी रूप से समृद्ध फ़िल्में हैं।  दोनों ही फिल्मों को मल्टीप्लेक्स छविगृहों और आईमैक्स पर्दों की आवश्यकता है।  इन दोनों फिल्मों को यह परदे मिले भी है।  चूंकि, शाहरुख़ खान की फिल्मों का दर्शक भी मल्टीप्लेक्स वाला है, इसलिए किंग को कुछ पर्दों का टोटा पड़ भी सकता है। किन्तु, इतना नहीं कि किंग का व्यवसाय प्रभावित हो।





यद्यपि, क्रिसमस की छुट्टियों का लंबा सप्ताहांत, बॉलीवुड और हॉलीवुड, दोनों को फूलने-फलने का अवसर देता है। इसलिए, शाहरुख़ खान की फिल्म को पर्याप्त परदे तो मिलेंगे ही। शाहरुख़ खान की फिल्मों का दर्शक एकल पर्दों वाले छविगृहों वाला भी है।  डूम्सडे और ड्यून ३ को इनमें से कुछ परदे मिल जाएंगे।  किंग को, बॉलीवुड फिल्म शक्ति शालिनी से टक्कर मिल सकती है।  इसके स्पष्ट कारण भी है। यह फिल्म मैडॉक फिल्म्स की हॉरर कॉमेडी यूनिवर्स की फिल्मों में से है।  यह एक महिला चरित्र प्रधान फिल्म है।  फिल्म में सैयारा से प्रसिद्ध अभिनेत्री अनीत पड्डा शक्ति और शालिनी की दोहरी भूमिका कर रही है ।  शक्ति एक सामान्य महिला है, जबकि शालिनी बुरी आत्मा से ग्रसित है। शक्ति, शालिनी के विरुद्ध लोगों को बचाने का काम करती है। फिल्म के निर्देशक आदित्य सरपोतदार हैं।  आदित्य ने मुँज्या और थम्मा जैसी सफल फिल्मों का निर्देशन किया था। 





हिंदी दर्शकों को हॉरर की हास्य से भरपूर कथा आकर्षित करती है। विशेष रूप से, एकल पर्दों के दर्शक छविगृहों के अंधेरों में भयभीत होना चाहते है। 'शक्ति शालिनी' जैसी घरेलू फिल्मों के साथ क्लैश होने के कारण सिंगल स्क्रीन और मास पॉकेट में स्क्रीन्स का बंटवारा हो सकता है। किन्तु, सम्भव है कि मैडॉक फिल्म्स शाहरुख़ खान की फिल्म के समक्ष अपनी फ़िल्में लाने से विरत रहे।






इन चुनौतियों के बावजूद, फिल्म के थिएट्रिकल राइट्स और प्री-रिलीज बिज़नेस ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जो फिल्म के प्रति दर्शकों के अपार उत्साह को दर्शाता है। फिल्म में सिद्धार्थ आनंद का निर्देशन और शाहरुख खान का डार्क या नेगेटिव अवतार दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए काफी है, जो बड़े अंतरराष्ट्रीय बजट वाले क्लैश के सामने भी टिकने का दम रखता है।






फिल्म में शाहरुख खान के साथ उनकी बेटी सुहाना खान, दीपिका पादुकोण और अभिषेक बच्चन की उपस्थिति इसे एक पारिवारिक और मनोरंजक फिल्म बनाती है। यह फिल्म १९९४ की क्लासिक फ्रांसीसी फिल्म 'लियोन: द प्रोफेशनल  से प्रेरित बताई जा रही है।  'किंग' को भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी एक्शन फिल्मों में से एक माना जा रहा है। रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट और मार्फ्लिक्स पिक्चर्स के बैनर तले बन रही इस फिल्म पर निर्माता पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं।





निर्देशक सिद्धार्थ आनंद इस फिल्म को वैश्विक स्तर  पर तैयार कर रहे हैं। इसके लिए पश्चिम के मशहूर स्टंट कोरियोग्राफरों को शामिल किया गया है। फिल्म में बड़े पैमाने के ६ हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस रखे गए हैं, जिन्हें 'रियल एक्शन' और एडवांस वीएफएक्स के हाइब्रिड कॉम्बिनेशन से तैयार किया जा रहा है।





फिल्म में विदेशी लोकेशन का तड़का भी है। फिल्म की शूटिंग मुंबई के महबूब स्टूडियो और विले पार्ले जैसी जगहों पर प्रारम्भ हुई थी।  यहाँ दो सौ से अधिक स्टंट आर्टिस्ट्स के साथ एक विशाल जेल एक्शन सीक्वेंस फिल्माया गया। इसके अतिरिक्त फिल्म के प्रमुख और महत्वपूर्ण भागों को पोलैंड (वारसा), प्राग, बुडापेस्ट और बर्लिन जैसे यूरोपीय शहरों में शूट किया जा रहा है।






रिपोर्टों के अनुसार, 'किंग' की कहानी लुक बेसन द्वारा निर्देशित लियोन: द प्रोफेशनल के कथानक से गहराई से प्रेरित है। मूल फिल्म एक अकेले रहने वाले प्रोफेशनल हिटमैन (जीन रेनो) और एक छोटी लड़की (नताली पोर्टमैन) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसके परिवार की हत्या के बाद वह हिटमैन से ट्रेनिंग लेती है। भारतीय रूपांतरण 'किंग' में शाहरुख खान एक खूंखार हत्यारे/गुरु की भूमिका में होंगे, जबकि उनकी असल जिंदगी की बेटी सुहाना खान उस शिष्या का किरदार निभाएंगी जिसे वह दुश्मनों से बचाते हैं और ट्रेनिंग देते हैं। हालाँकि, मेकर्स ने भारतीय दर्शकों के स्वाद के अनुसार इसके स्केल, ड्रामा और गानों को काफी बढ़ा दिया है।






यहाँ बताते चलें कि लियोन: द प्रोफेशनल से प्रेरित हो कर निर्देशक गुड्डू धनोआ ने, साल २००० में बॉबी देओल और रानी मुखर्जी को मुख्य भूमिका  में लेकर  फिल्म 'बिच्छू' का निर्माण किया था । इस फिल्म में बॉबी देओल हिट मैन थे और वह रानी मुख़र्जी को बदला लेने के लिए प्रशिक्षित करते है।  इस फिल्म का बजट साढ़े सात करोड़ था।  फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर १९ करोड़ ७५ लाख का ग्रॉस किया था। लेकिन 'किंग' का कैनवास और मेकिंग स्टाइल उससे कई गुना बड़ा और आधुनिक है। 





बॉक्स ऑफिस २४ दिसंबर से होने वाली महा-टक्कर को लेकर दर्शकों में भारी उत्सुकता है। हॉलीवुड की दोनों फिल्मों में कुछ ख़ास है। मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की फिल्म अवेंजर्स डूम्सडे में रॉबर्ट डाउनी जूनियर विलेन 'डॉक्टर डूम' की मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इसे रूसो ब्रदर्स द्वारा निर्देशित किया जा रहा है। भारत में यह अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज होगी।  ड्यून ३, डेनिस विलन्यूव द्वारा निर्देशित इस ट्रिलॉजी की अंतिम फिल्म है। इस फिल्म में तिमोथी शालामे और जेंडया मुख्य भूमिकाओं में हैं। भारत में यह फिल्म अंग्रेजी और हिंदी भाषाओं के साथ आईमैक्स फॉर्मेट में भी रिलीज होगी।हॉलीवुड के इन दोनों बड़े प्रोजेक्ट्स की रिलीज डेट एक ही दिन होने के कारण, दिसंबर २०२६  का यह हफ्ता सिने प्रेमियों के लिए बेहद खास होने वाला है।





हॉलीवुड की इन दोनों ही फिल्मों का सबसे मजबूत पक्ष आईमैक्स और ३डी स्क्रीन्स हैं। 'ड्यून 3' ने एडवांस बुकिंग के जरिए कई प्रीमियम स्क्रीन्स पहले ही ब्लॉक कर रखी हैं। इस वजह से 'किंग' को बड़े महानगरों के मल्टीप्लेक्स और विशेष रूप से आईमैक्स थिएटर्स में शत-प्रतिशत स्क्रीन्स मिलने में थोड़ी कठिनाई हो सकती है।  बॉलीवुड फिल्म के लिए हॉलीवुड फिल्म अवेंजर्स डूम्सडे चुनौती साबित हो सकती है। अवेंजर्स श्रृंखला की विगत फिल्म अवेंजर्स एन्डगेम ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर ३७३ की ठोस कमाई की थी।  इस प्रदर्शन के दृष्टिगत डूम्सडे आईमैक्स छविगृहों में किंग की डूम्सडे साबित हो सकती है। 






'किंग' प्रदर्शन से पूर्व ही निर्माताओं को फायदा पहुंचा चुकी है। इस फिल्म  का बजट लगभग ३६० से ४०० करोड़ का है। लेकिन फिल्म ने अपने थिएट्रीकल, डिजिटल, सैटेलाइट और म्यूजिक राइट्स बेचकर ७५० करोड़ से अधिक का प्री-रिलीज बिजनेस कर लिया है। इसका मतलब है कि फिल्म रिलीज होने से पहले ही टेबल-प्रॉफिट (मुनाफे) में है। फिल्म के केवल भारतीय थिएट्रीकल राइट्स ही २५० करोड़ में पेन मरुधर को बेचे गए हैं, जो शाहरुख खान के करियर की सबसे बड़ी थिएट्रिकल डील है।





बताते हैं कि  नेटफ्लिक्स  ने इसके डिजिटल स्ट्रीमिंग राइट्स करीब २७५ करोड़ में खरीदे हैं, जबकि सैटेलाइट राइट्स ९० करोड़ से अधिक में बिके हैं। इसके ओवरसीज डिस्ट्रीब्यूशन की जिम्मेदारी खुद वाईआरएफ संभाल रही है। शाहरुख़ खान की विगत दो फिल्मों 'जवान' और 'पठान' ने बॉक्स ऑफिस पर एक हजार करोड़ का जादुई आंकड़ा पार किया था। 'किंग' के पास क्रिसमस वीकेंड का फायदा और शाहरुख खान का डार्क 'एंटी-हीरो' अवतार है, जिससे ट्रेड एक्सपर्ट्स उम्मीद कर रहे हैं कि यह फिल्म आसानी से एक हजार करोड़ से १५०० करोड़ का वर्ल्डवाइड कारोबार कर सकती है।