एरोस इंटरनेशनल २१ मार्च को जापान में सैफ अली खान की ज़ोंबी फिल्म 'गो गोवा गॉन' को रिलीज़ करेगा। एरोस को लगता है कि जापान में भारतीय फिल्मों की मांग है। कृष्णा-डीके निर्देशित यह ज़ोंबी कॉमेडी फिल्म इंडियन बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास नहीं कर सकी थी। पर एरोस को ऐसा लगता है कि जापान में भारतीय फिल्मों की मांग है। जापान में अभी २१ फरवरी को रिलीज़ फिल्म 'फेरारी की सवारी' को जापान में उत्साहजनक सफलता मिली थी। जबकि इंडियन बॉक्स ऑफिस पर 'फेरारी की सवारी' भी असफल रही थी। इसी से उत्साहित हो कर एरोस ने गो गोवा गॉन को जापान में रिलीज़ करने की सोची। जापानी मार्किट में, इससे पहले रजनीकांत की फिल्म 'रोबोट', शाहरुख़ खान और दीपिका पादुकोण की फिल्म 'ओम शांति ओम' और इधर हाल ही में श्रीदेवी की फिल्म 'इंग्लिश विंग्लिश' रिलीज़ हुई थी। इन फिल्मों को जापानी बॉक्स ऑफिस पर अच्छी सफलता मिली थी। फिल्म 'इंग्लिश विंग्लिश' ने तो जापानी बॉक्स ऑफिस पर दस लाख अमेरिकी डॉलर की कमाई भी और लम्बे समय तक जापानी बॉक्स ऑफिस पर चलती रही। जापानी बाजार में बॉलीवुड फिल्मों को रिलीज़ करने के लिए उनके प्रचार पोस्टरों को जापानी भाषा के रंग में रंगा जाता है। देखिये 'फेरारी की सवारी' और 'गो गोवा गॉन' के पोस्टर।
भारतीय भाषाओँ हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, पंजाबी, आदि की फिल्मो के बारे में जानकारी आवश्यक क्यों है ? हॉलीवुड की फिल्मों का भी बड़ा प्रभाव है. उस पर डिजिटल माध्यम ने मनोरंजन की दुनिया में क्रांति ला दी है. इसलिए इन सब के बारे में जानना आवश्यक है. फिल्म ही फिल्म इन सब की जानकारी देने का ऐसा ही एक प्रयास है.
Tuesday, 3 March 2015
गो गोवा जापान !
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सरहद पार
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
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