Monday, 3 November 2025

#BoxOffice पर विनाशक फिल्म #ArjunKapoor की #TheLadyKiller



अर्जुन कपूर, एक ऐसे अभिनेता हैं, जो चाँदी का नहीं, सोने का चम्मच मुंह में लेकर पैदा हुए है। वह, मुम्बईया फिल्म उद्योग के सुरिंदर कपूर परिवार के बेटे बोनी कपूर के बेटे हैं। उन्होंने इक्का दुक्का फिल्मों के लिए कैमरा के पीछे काम करने के बाद, २०१२ में, यशराज फिल्म्स की रोमांटिक ड्रामा फिल्म इश्कजादे से अपने नायक के रूप में अभिनय जीवन का प्रारम्भ कर दिया। इश्कजादे बड़ी हिट फिल्म साबित हुई। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर में श्रेष्ठ अभिनेता की  श्रेणी में नामांकन मिला। 




इसके बाद, उनकी प्रदर्शित २०१४ की क्राइम एक्शन ड्रामा फिल्म गुंडे और रोमांटिक कॉमेडी २ स्टेट्स को सफलता मिली। इसके बाद उनकी तीन फिल्मों कॉमेडी ड्रामा की एंड का (२०१६) , हाफ गर्लफ्रेंड (२०१७) और कॉप एक्शन फिल्म सिंघम अगेन (२०२४) के अतिरिक्त शेष फिल्मे एक के बाद एक असफल होती चली गई । 




अर्जुन कपूर ने बॉक्स ऑफिस की डिजास्टर या विनाशक फिल्मों की लम्बी श्रृंखला दी है।  इनमे से एक फिल्म द लेडी  किलर भी थी। इस फिल्म के निर्माता और निर्देशक अजय बहल थे।  अजय बहल ने, बीए पास, सेक्शन ३७५ और ब्लर्र जैसी सफल फिल्में दी थी। किन्तु, द लेडी किलर को लेकर वह भयानक रूप से असफल हुए।




अपराध, हत्या रहस्य ड्रामा फिल्म द लेडी किलर में,  अर्जुन  कपूर की दो नायिकाएं भूमि पेढनेकर और प्रियंका बोस थी। हत्या रहस्य वाली अपराध फिल्मे  दर्शकों द्वारा पसंद भी की जाती है। किन्तु, न जाने क्या बात थी कि द लेडी किलर को दर्शकों का भयंकर टोटा हो गया।



  

द लेडी किलर, ३ नवंबर २०२३ को प्रदर्शित हुई थी। इस फिल्म से पूर्व अर्जुन कपूर की  प्रदर्शित दो फ़िल्में एक विलैन रिटर्न्स औसत और कुत्ते फ्लॉप हुई थी। ऐसा प्रतीत होता है कि दर्शकों ने इस फिल्म की गुणवत्ता पहले ही सूंघ ली थी। तभी तो फिल्म को पहले दिन, पूरे भारत में मात्र २९३ टिकट बिके और ३८ हजार का ग्रॉस हुआ।  फिल्म को प्रदर्शकों ने केवल १२ शो ही दिए थे।  फिल्म की विनाशलीला चहुँ ओर बरसी।  फिल्म के निर्माण में ४५ करोड़ व्यय हुए थे। किन्तु, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एक लाख का ग्रॉस ही कर पाई।




बताया जाता है कि फिल्म के बजट में निरंतर वृद्धि को देखते हुए निर्माताओं ने फिल्म को आधा अधूरा ही प्रदर्शित कर दिया था। बजट में वृद्धि का मुख्य कारण शूटिंग की उत्तराखंड में निरंतर बारिश होते रहने के कारण फिल्म की शूटिग निरस्त हो जाना था। इसी का परिणाम था कि फिल्म को बहुत काटा पीटा गया।  कलाकारों द्वारा डबिंग न करने के कारण वॉइसओवर कराया गया। इससे फिल्म की गुणवत्ता में पर्याप्त अंतर पड़ा।




द लेडी किलर को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होना था।  किन्तु, बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की इस बुरी असफलता को देखते हुए प्लेटफार्म द्वारा फिल्म को स्ट्रीम करने से इंकार कर दिया। इसके बाद, इस फिल्म को  यू ट्यूब चैनल से प्रदर्शित किया गया। यहाँ भी दर्शकों ने इसकी कड़ी आलोचना की।  इस फिल्म के कथानक की समीक्षकों द्वारा भी कटु आलोचना की गई। 




अर्जुन  कपूर की, द लेडी किलर के अतिरिक्त विनाशक फिल्मों में कुत्ते, संदीप और पिंकी फरार, पानीपत, इंडियाज मोस्ट वांटेड, नमस्ते इंग्लैंड, मुबारकां, तेवर, फाइंडिंग फेनी और औरंगजेब थी।  इस प्रकार से, अर्जुन कपूर सबसे बड़ी डिजास्टर फिल्म का नायक है, जिसने अपनी सफल फिल्मों से अधिक विनाशक फ़िल्में दी है। 

#KichchaSudeep की आदिवासी योद्धा फिल्म #MarkTheMovie



आज से, २५ दिसंबर, २०२५ को प्रदर्शित होने वाली कन्नड़ एक्शन थ्रिलर फिल्म मार्क का प्रचार प्रारम्भ हो गया।  विजय कार्तिकेय द्वारा निर्देशित इस फिल्म में कन्नड़ फिल्म अभिनेता किच्चा सुदीप मुख्य भूमिका में  है।





यद्यपि, फिल्म से सम्बंधित उपलब्ध सामग्री में कथानक के विशिष्ट विवरण विस्तृत रूप से उपलब्ध नहीं हैं। फिर भी सुदीप की पिछली फिल्म मैक्स की सफलता के बाद यह फिल्म एक उच्च-स्तरीय परियोजना प्रतीत होती है।





टीज़र से फिल्म  सुदीप के तीव्र आदिवासी युद्ध लड़ने वाले एक भयंकर योद्धा व्यक्तित्व से जुड़ी एक कहानी प्रतीत होती है, जो एक्शन और ड्रामा से भरपूर एक कहानी का संकेत देती है। यह फिल्म एक भव्य नाट्य अनुभव वाली, संभवतः संघर्ष, शक्ति और संभवतः मुक्ति के विषयों पर केंद्रित है, जो कन्नड़ फिल्म उद्योग में एक्शन थ्रिलर फिल्मों की विशेषता होती है।





यह फिल्म सत्य ज्योति फिल्म्स और किच्चा क्रिएशंस के बैनर तले निर्मित है, जिसका संगीत बी. अजनीश लोकनाथ ने दिया है, छायांकन शेखर चंद्र ने किया है और संपादन एसआर गणेश बाबू ने किया है। 

गैंगस्टर फिल्मों का प्रारंभ करने वाली परिंदा !



यह घटनाक्रम १९८५ का है।  विधु विनोद चोपड़ा अपनी पंकज कपूर, सोनी राजदान, अमोल पालेकर, नसीरुद्दीन शाह और शबाना आज़मी अभिनीत फिल्म खामोश को छविगृहों में प्रदर्शित करने के लिए संघर्ष कर रहे थे।  कोई भी वितरक इस फिल्म को लेने के लिए तैयार नही था। बताते हैं कि विधु को खामोश को स्वयं ही मुंबई के एक सिनेमाघर रीगल में एक प्रिंट में प्रदर्शित करना  पड़ा था।  इसलिए, उनके सामने अपनी फिल्म परिंदा के लिए वितरक जुटाने की चिंता तो थी ही।




  

हिंदी फिल्म उद्योग में, कई वर्जनाएं अर्थात टैबू रहे है। इन्हे किसी न किसी फिल्म  ने ही तोडा है। परिंदा ऎसी ही एक फिल्म थी। यह पहली फिल्म  थी,जिसमे एक गैंगस्टर को केंद्र  में रखा गया था। इसने फ़िल्म निर्माताओं की एक पूरी पीढ़ी को प्रभावित किया था।  विशेष रूप से राम गोपाल वर्मा और महेश मांजरेकर प्रमुख थे।  इन दोनों फिल्मकारों ने डरवर्ल्ड पर आधारित दो प्रशंसित फ़िल्में सत्या (१९९८) और वास्तव: द रियलिटी (१९९९)। गैंगस्टर फिल्मों के माहिर अनुराग कश्यप भी इन फिल्मों से  प्रभावित हुए।  उन्होंने कहा था कि परिंदा और शिवा की हिंसा ने उन पर प्रभाव डाला था। 




इस फिल्म को यथार्थवादी शैली में फ़िल्माया गया था। अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित के रोमांटिक जोड़े के बावजूद फिल्म में  केवल दो गाने रखे  गए थे। कमरों के दृश्य में प्रकाश का उपयोग दिन के समय सूरज के प्रकाश में किया था । इस फिल्म का मूल शीर्षक कबूतरखाना था। फिल्म में, अनुपम खेर के चरित्र के मारे जाने का दृश्य, इसी भीड़-भाड़ वाले दादर, मुंबई स्थित कबूतरखाना में ही फिल्माया गया था। 




बम्बइया फिल्मों की परंपरा में, परिंदा की स्टारकास्ट भी बदलती रही। फिल्मकार विधु विनोद चोपड़ा ने इस फिल्म का विषय कर्मा के सेट पर अनिल  कपूर को सुनाया  । अनिल को कहानी इतनी पसंद आई कि उन्होंने फिल्म तुरंत साइन कर ली ।




किशन की भूमिका के लिए, विनोद चोपड़ा किशन की  भूमिका के लिए अमिताभ बच्चन को लेना चाहते थे। किन्तु, अमिताभ बच्चन ने अज्ञात कारणों से मना कर दिया।  फिर विधु ने किशन के किरदार के लिए नसीरुद्दीन शाह को साइन करने की कोशिश की, लेकिन विधु के साथ कुछ समस्याओं के कारण उन्होंने मना कर दिया। अगले कुछ महीनों में विनोद खन्ना, सुरेश ओबेरॉय, अजीत वच्चानी, यहाँ तक कि नाना पाटेकर भी किशन के किरदार के लिए विचार में थे।





नाना पाटेकर को अनिल कपूर ने अस्वीकार किया था। अनिल ने विधु से कहा कि नाना पाटेकर उनके भाई जैसे नहीं लगेंगे। अनिल ने सुझाव दिया कि जैकी श्रॉफ को लिया जाए। लेकिन किसी कारण से जैकी को इसमें कोई दिलचस्पी नहीं थी। जैकी तो विधु से मिलने में भी रुचि नहीं रखते थे। जब कास्टिंग बहुत मुश्किल हो गई, तो विधु ने अनिल को बड़े भाई और कुमार गौरव को छोटे भाई के किरदार में रखने का विचार किया। लेकिन विधु को लगा कि कुमार गौरव शायद गुस्से वाले किरदार में जंचेंगे नहीं। आखिरकार अनिल ने जैकी को फ़िल्म के लिए मना लिया। जैकी, अनिल पर फ़िल्माए जाने वाले एक गाने को सुनने के बाद मान गए। नाना पाटेकर को इस बात का बुरा लगा था कि अनिल कपूर ने उन्हें अपने बड़े भाई की भूमिका नहीं मिलने दी।  इस फिल्म के बाद, उनकी अनिल कपूर के साथ पहली फिल्म वेलकम थी। 





परिंदा के सितारों की तारीखें और लोकेशन की उपलब्धता के कारण परिंदा को शूट होने में तीन साल लग गए।  यद्यपि इस फिल्म की शूटिंग चालीस दिनों में पूरी हुई। इस फिल्म ने दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पांच फिल्मफेयर पुरस्कार जीते, और यह 1990 के सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म के लिए अकादमी पुरस्कार हेतु भारत की आधिकारिक चयन थी, लेकिन यह फिल्म ऑस्कर के लिए  नामांकित नहीं हो पाई ।





परिंदा नाना पाटेकर की प्रमुख फिल्मों में एक थी। यद्यपि, नाना पाटेकर ने, परिंदा से पूर्व कम से कम दो दर्जन से मराठी और हिंदी फिल्मे कर चुके थे। उन्हें गमन में छोटी भूमिका के पश्चात बीआर चोपड़ा की फिल्म आज की आवाज़ में जगमोहन की भूमिका से पहचान मिली। उनकी मोहरा,अंधा युद्ध, अंकुश, आदि सफल फिल्मे कर चुके थे। किन्तु, परिंदा ने उन्हें अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ और माधुरी दीक्षित की उपस्थिति में भी अपनी भिन्न पहिचान बनाई। 





नाना पाटेकर के चरित्र अन्ना आग से डरता था और अपना सर पीटने लगता था। पाटेकर को, इसकी प्रेरणा हॉलीवुड फिल्म रेनमैन में डस्टिन हॉफमैन के चरित्र से मिली। इस फिल्म के क्लाइमेक्स में अन्ना आग से घिर कर मारा जाता है। इस शूटिंग में नाना पाटेकर के हाथ इस बुरी तरह से जल गए थे कि उन्हें दो महीनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था।  





इतनी बड़ी स्टारकास्ट के बाद भी, परिंदा का बजट मात्र १२ लाख तक सीमित था।  किन्तु, इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपना  झंडा गाड़ते हुए निर्माता को ९ करोड़ का व्यवसाय करवा दिया। 





परिंदा के गीत प्यार के मोड़ पे का निर्देशन संजय लीला भंसाली ने किया था, जो इस फिल्म में निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा के सहायक थे। उनके काम से खुश होकर, चोपड़ा ने भंसाली को अपनी अगली फिल्म १९४२ अ लव स्टोरी (१९९४) के सभी गानों के निर्देशन की ज़िम्मेदारी सौंप दी थी ।





कुछ रोचक तथ्य- 

इस फिल्म में नया वर्ष मानाने का दृश्य नए वर्ष के दिन ही फिल्माया गया।  सेट पर ही शैम्पेन पी कर नया वर्ष मनाया गया। 





फिल्म के एक दृश्य में दिखाई गई  नाना पाटेकर के परिवार की तस्वीर, नाना के वास्तविक परिवार पत्नी नीलकांति और पुत्र मल्हार की थी। यह चित्र १९८५ ने खींचा गया था। ऑस्कर फिल्म विजेता निर्देशक डैन्नी बॉयल ने स्वीकार किया कि उन्हें अपनी फिल्म स्लमडॉग  मिलियनेयर के लिए मुंबई को समझने में फिल्म परिंदा से सहायता मिली।





वितरकों ने विधु विनोद चोपड़ा को क्लाइमेक्स में अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित की जगह जैकी श्रॉफ का किरदार निभाने के लिए दस लाख रुपये मुफ़्त में देने का वादा किया था। लेकिन विधु विनोद चोपड़ा ने अपनी कहानी में कोई बदलाव नहीं किया।





विधु विनोद चोपड़ा ने उस दृश्य में एक लाश, एक वेटर का किरदार निभाया था जब अनिल टॉम ऑल्टर को मारने जाते हैं और उन्होंने ५-६  लोगों के लिए डबिंग भी की थी।





फिल्म में अन्ना का मुख्यालय एंटॉप हिल पर एक पानी की टंकी पर बनाया गया था, जिस पर आस-पास की झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों का कूड़ा-कचरा फैला हुआ था। चोपड़ा ने यह जगह बृहन्मुंबई नगर निगम से किराए पर ली थी।





विधु विनोद चोपड़ा ने इस फिल्म की रीमेक ब्रोकन हॉर्सेज  २०१५ बनाई थी।  

Sunday, 2 November 2025

मिस्ट्री सीरीज़ से #NimritKaur का #OTT डेब्यू



इस साल की शुरुआत में गुरु रंधावा के साथ पंजाबी फिल्म शौंकी सरदार से बड़े पर्दे पर प्रभावशाली शुरुआत करने के बाद, टेलीविज़न और रियलिटी शोज़ जैसे बिग बॉस और खतरों के खिलाड़ी से मशहूर अभिनेत्री निमृत कौर अहलूवालिया अब अपने ओटीटी डेब्यू की तैयारी में हैं।






उद्योग से जुड़ी खबरों के अनुसार, अभिनेत्री ने पिछले महीने मुंबई में अपने नए प्रोजेक्ट की शूटिंग शुरू कर दी है, जो इस समय चल रही है। हालांकि सीरीज़ और उनके किरदार से जुड़ी जानकारी फिलहाल गुप्त रखी जा रही है, लेकिन बताया जा रहा है कि यह एक कैरेक्टर-ड्रिवन ड्रामा है जिसमें रहस्य (मिस्ट्री) का तत्व भी शामिल है।






प्रोजेक्ट से जुड़े एक सूत्र ने बताया, “पंजाबी फिल्म डेब्यू के बाद निमृत अपने अगले कदम को लेकर काफी सोच-समझकर चल रही थीं। वह डिजिटल स्पेस में कुछ नया और दमदार करना चाहती थीं। यह प्रोजेक्ट एक स्ट्रॉन्ग, परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड वेब सीरीज़ है जो उनके अभिनय की बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाएगी। फिलहाल मेकर्स इस सीरीज़ के कॉन्सेप्ट को सीक्रेट रख रहे हैं, लेकिन माना जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट उनके ओटीटी डेब्यू को यादगार बना देगा।”




इस नए रोमांचक अध्याय के साथ, निमृत कौर अहलूवालिया टेलीविज़न और फिल्मों से आगे बढ़कर डिजिटल स्टोरीटेलिंग की दुनिया में अपनी रचनात्मक सीमाओं को और विस्तार देने के लिए तैयार हैं।

#Jatadhara का गीत ‘शिव स्तोत्रम्’ रिलीज़




 फिल्म ‘जटाधारा’ का गीत ‘शिव स्तोत्रम्’ रिलीज़ हो चुका है, और यह अध्यात्म और सिनेमा का ऐसा अद्भुत संगम है, जिसे देखकर और सुनकर मन श्रद्धा से भर उठता है। इस भक्ति गान के पीछे निर्माता प्रेरणा अरोड़ा की गहरी व्यक्तिगत आस्था और समर्पण झलकता है।






ज़ी स्टूडियोज़ और प्रेरणा अरोड़ा द्वारा प्रस्तुत यह गीत दृश्य और श्रव्य चमत्कार से प्रेरित भक्ति की सच्ची भावना से ओतप्रोत भगवान शिव को समर्पित एक दिव्य अनुभव है।






राजीव राज द्वारा संगीतबद्ध और गाया गया यह स्तोत्रम्, अपनी भव्यता में श्रद्धा का सार पकड़ता है। प्रेरणा अरोड़ा की सोच से जन्मे इस गीत में उन्होंने संगीत टीम के साथ मिलकर भगवान शिव की शक्ति, सौंदर्य और करुणा का सार बुना है। हर दृश्य में एक दिव्य ऊर्जा प्रवाहित होती है, जो इस ट्रैक को एक भव्य भक्ति गान बना देती है। यह गीत न केवल सुनने में अलौकिक है, बल्कि आत्मा को झकझोर देने वाला भी है।






फिल्म के मुख्य अभिनेता सुधीर बाबू अपने तीव्र और सशक्त अभिनय से गीत के दृश्यों में ऐसी प्राण-शक्ति भरते हैं कि हर क्षण श्रद्धा और जोश से सराबोर हो उठता है।






 सुधीर बाबू ने कहा, “‘शिव स्तोत्रम्’ की शूटिंग मेरे लिए वास्तव में एक दिव्य अनुभव था। विशेष रूप से सेट पर बिताया गया हर पल ऐसा था, जैसे मैं स्वयं भगवान शिव की उपस्थिति में खड़ा हूं। जब मैंने पहली बार इस ट्रैक को सुना, तो उसकी ऊर्जा और आभा सिर्फ एक गीत तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह एक आध्यात्मिक जागरण जैसा था। सच कहूं तो एक अभिनेता के रूप में, ऐसे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना मेरे लिए सम्मान की बात है, जो आत्मा को श्रद्धा के साथ गहराई से जोड़ दे। मुझे गर्व है कि ‘जटाधारा’ में भक्ति की वही भावना और भगवान शिव की शक्ति का सार विद्यमान है।”






निर्माता प्रेरणा अरोड़ा ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, “‘शिव स्तोत्रम्’ जटाधारा' की आत्मा है। शुरुआत से ही मेरा उद्देश्य एक ऐसा गीत रचना था, जो पारंपरिक सीमाओं से परे जाकर सच्ची भावना, श्रद्धा और विस्मय को जगाए। मैंने अपनी आस्था से जुड़कर संगीत टीम के साथ मिलकर इसे साकार किया है। हमने इसमें अपना पूरा दिल लगाया है और मुझे विश्वास है कि दर्शक उस पवित्र स्पंदन को बड़े पर्दे पर महसूस करेंगे। विश्वास और एकता की शक्ति को समर्पित, यह भगवान शिव को हमारी विनम्र भेंट है।”






इसमें दो राय नहीं है कि गूंजते मंत्रों और प्रतीकात्मक दृश्यों से सजा ‘शिव स्तोत्रम्’ इस वर्ष का सबसे प्रभावशाली भक्ति गीत बनकर उभरेगा, क्योंकि यह एक ऐसा गीत है, जो शाश्वत और नवीन होने के साथ अध्यात्म और सिनेमा को भी जोड़ता है ।






वेंकट कल्याण और अभिषेक जायसवाल द्वारा निर्देशित और ज़ी स्टूडियोज़ तथा प्रेरणा अरोड़ा द्वारा प्रस्तुत ‘जटाधारा’ एक द्विभाषी सुपरनैचुरल फैंटेसी थ्रिलर है। इसका निर्माण उमेश कुमार बंसल, शिविन नारंग, अरुणा अग्रवाल, प्रेरणा अरोड़ा, शिल्पा सिंघल और निखिल नंदा ने किया है। सह-निर्माताओं में अक्षय केजरीवाल और कुसुम अरोड़ा, क्रिएटिव प्रोड्यूसर दिव्या विजय, और सुपरवाइजिंग प्रोड्यूसर भाविनी गोस्वामी शामिल हैं।





फिल्म में सुधीर बाबू और सोनाक्षी सिन्हा मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि सह कलाकारों में दिव्या खोसला, शिल्पा शिरोडकर, इंदिरा कृष्णा, रवि प्रकाश, नवीन नेनी, रोहित पाठक, झांसी, राजीव कनकाला और सुभलेखा सुधाकर शामिल हैं।






ज़ी म्यूज़िक कंपनी द्वारा समर्थित इसका संगीत एल्बम सिनेमा को नई आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक ले जाने का वादा करता है। ‘जटाधारा’ न केवल आस्था और नियति की कहानी है, बल्कि प्रकाश और अंधकार के सनातन संघर्ष की भव्य यात्रा भी है, जिसे प्रेरणा अरोड़ा ने अपनी आध्यात्मिक दृष्टि और अटूट समर्पण से जीवंत किया है।

क्यों एक शांत जन्मदिन मनाना चाहती हैं #ShanayaKapoor ?

 


बॉलीवुड की उभरती सितारा शनाया कपूर इस साल अपनी आगामी फिल्म की व्यस्त शूटिंग के बाद अपने जन्मदिन का जश्न सादगी से मना रही हैं। अपने आकर्षण और सहजता के लिए जानी जाने वाली, यह युवा अभिनेत्री अपने करीबी दोस्तों और परिवार के साथ एक सुकून भरे दिन का आनंद लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।





शनाया कहती हैं, "मुझे अपने जन्मदिन पर ओवर द टॉप जाना पसंद नहीं है। मैं अपने प्रियजनों के साथ एक अच्छा डिनर करना पसंद करती हूँ। मैं चाहती हूँ कि यह दिन आसान और सुकून भरा हो - शांत माहौल, अच्छा खाना, और मैं बस परिवार और दोस्तों के साथ इस पल का आनंद ले रही हूँ। यही मेरे लिए इस दिन को खास बनाता है।"





लगातार शूटिंग खत्म करने के बाद, इस साल का जश्न उनके व्यक्तित्व को पूरी तरह से दर्शाता है - सुकून भरा लेकिन खूबसूरत। वह अपने करीबी लोगों के साथ आराम करने की योजना बना रही हैं, और इस दिन को गर्मजोशी, हंसी-मजाक और क्वालिटी टाइम के साथ बिताना चाहती हैं।





पेशेवर मोर्चे पर, शनाया एक रोमांचक नए अध्याय की शुरुआत कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, "आँखों की गुस्ताखियाँ" में अपने डेब्यू के बाद, वह जल्द ही "तू या मैं" और "जेसी" में नज़र आएंगी, और उसके बाद एक बड़ी फ्रैंचाइज़ी से बनी सीरीज़ में उनकी बहुप्रतीक्षित एंट्री होगी। हर फिल्म के साथ, शनाया एक कलाकार के रूप में नए आयाम तलाशती रहती हैं और साथ ही बॉलीवुड की सबसे होनहार युवा प्रतिभाओं में से एक के रूप में अपनी पहचान मज़बूत करती रहती हैं।

#AdityaNimbalkar की शिक्षा प्रणाली पर आधारित फिल्म में #TanyaManiktala, #RajkummarRao

 



अभिनेत्री तान्या माणिकतला अब राजकुमार राव के साथ फिल्ममेकर आदित्य निम्बालकर की आगामी फिल्म में नज़र आने वाली हैं। यह फिल्म भारत की शिक्षा प्रणाली की वास्तविकताओं पर आधारित है। यह तीनों का एक अनोखा सहयोग है जो देश के सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों में से एक पर गहराई से प्रकाश डालने वाला है।





आदित्य निम्बालकर द्वारा लिखी और निर्देशित यह फिल्म छात्रों और शिक्षकों के सामने आने वाले शैक्षणिक दबाव, भावनात्मक संघर्ष और तंत्रगत चुनौतियों को ईमानदारी से दिखाएगी। तान्या फिल्म में एक अहम किरदार निभा रही हैं, जो कहानी का भावनात्मक आधार है।






प्रोजेक्ट से जुड़े एक सूत्र ने बताया, “यह फिल्म इसमें जुड़े सभी लोगों के लिए बेहद व्यक्तिगत है। आदित्य ने इस विषय को बहुत गहराई से समझा है और राजकुमार व तान्या दोनों ने अपने किरदारों में शानदार संवेदना डाली है। खासकर तान्या का किरदार उन कई युवाओं की आवाज़ को दर्शाता है जो इस जटिल और मांगलिक शिक्षा व्यवस्था में अपनी राह खोजने की कोशिश कर रहे हैं।”






‘ए सूटेबल बॉय’, ‘टूथ परी: व्हेन लव बाइट्स’ और ‘पी.आई. मीना’ जैसी परियोजनाओं में अपने सशक्त और दिल को छू लेने वाले अभिनय के लिए जानी जाने वाली तान्या, एक बार फिर एक ऐसी कहानी का हिस्सा बनने जा रही हैं जो सशक्त कहानी कहने और सामाजिक प्रासंगिकता का संगम है।






राजकुमार राव न केवल फिल्म के प्रमुख कलाकार हैं बल्कि इसके निर्माता भी हैं, जबकि निर्देशन की कमान आदित्य निम्बालकर संभाल रहे हैं। यह फिल्म भारत के उन लाखों युवाओं के अनुभवों को उजागर करने वाली एक भावनात्मक और विचारोत्तेजक कहानी होगी, जो शिक्षा व्यवस्था के दायरे में अपने सपनों को आकार देने की कोशिश कर रहे हैं।

पिता #Mohanlal से बढ़ कर पुत्र #PranavMohanlal



मलयालम फिल्म सुपरस्टार मोहनलाल, स्वयं को गौरवान्वित अनुभव कर रहे होंगे। अक्टूबर के समाप्त होते होते उनके जीवन में माँ सरस्वती की कृपा बरसने लगी। अपने इस गौरव का चित्रण, मोहनलाल ने एक पोस्ट के माध्यम से किया। उन्होंने एक्स पर अपनी पत्नी सुचित्रा, बेटे प्रणव और बेटी विस्मया की एक पारिवारिक तस्वीर साझा करते हुए शीर्षक दिया-वह सब जो सचमुच मायने रखता है,एक फ्रेम में।'





उनकी यह पोस्ट 30 अक्टूबर को कोच्चि में बेटी विस्मया मोहनलाल के अभिनय जीवन का प्रारम्भ करने वाली जोतिष शंकर के निर्देशन में फिल्म थुडक्कम की पूजा समारोह के पश्चात् पोस्ट की गई थी। 





इसके एक दिन बाद, ३१ अक्टूबर २०२५ को पुत्र प्रणव मोहनलाल की, मलयालम हॉरर थ्रिलर फिल्म डिएस इराए प्रदर्शित हुई। इस फिल्म में पहले दिन ही बॉक्स ऑफिस पर नियंत्रण कर लिया। फिल्म ने पहले दिन, पूरे विश्व में ११ करोड ६३ लाख का ग्रॉस कर लिया। मलयालम फिल्म उद्योग को आशा है कि प्रणव की फिल्म  ४० करोड़ से अधिक का सप्ताहांत सरलता  से निकला लेगी। 





डिएस इराए अर्थात क्रोध का दिन, राहुल सदाशिवन की लिखी और निर्देशित फिल्म है। इस फिल्म का निर्माण चक्रवर्ती रामचंद्र और एस. शशिकांत द्वारा नाइट शिफ्ट स्टूडियो और वाईएनओटी स्टूडियो के अंतर्गत किया गया है। यह फिल्म राहुल सदाशिवन की हॉरर सिनेमाई दुनिया की तीसरी किस्त में है। इस श्रृंखला की पहली दो फ़िल्में भूतकालम और ब्रह्मयुगम क्रमशः २०२२ और २०२४ में प्रदर्शित हो चुकी है। 





बताते हैं कि इस फिल्म की कहानी आठ साल पहले केरल के एक परिवार में घटी  रहस्यमई और भयावनी सत्य घटना पर आधारित है। रोहन (प्रणव मोहनलाल) का जीवन तब अस्त-व्यस्त हो जाता है जब उसे अपने घर में एक अलौकिक शक्तियों की उपस्थिति का संदेह होता है। उसकी जाँच-पड़ताल उसे रहस्यमयी दुनिया और अप्रत्याशित साझेदारियों से गुज़ारती है जहाँ उसका सामना भयानक अलौकिक शक्तियों से होता है। 





समीक्षकों द्वारा डिएस इराए को, भारत में बनी सर्वश्रेष्ठ हॉरर फिल्मों में से एक बताया जा रहा है और उतना ही श्रेष्ठ फिल्म में प्रणव के अभिनय को । दर्शक मध्यांतर से पूर्व और ठीक मध्यांतर में रोंगटे खड़े करने वाले दृश्य देख कर इतना चीखने चिल्लाने लगते हैं कि अब सिनेमाघरों में घोषणा की जाने लगी है कि फिल्म देखते समय इतना चीखे चिल्लाएं नहीं ताकि फिल्म के संवाद तक न सुन सके।





डिएस इराए में  रोहन शंकर की भूमिका में, प्रणव हैरान कर देने वाला अभिनय करते है। मलयाली फिल्म निर्देशक सिबि मलयिल का मानना था कि बिना संवादों के क्लोज़-अप शॉट निभाना और उस दृश्य की भावनाओं को दर्शकों तक पहुँचाना, एक बेजोड़ अभिनेता होने का प्रमाण हैं। प्रणव मोहनलाल फिल्म डिएस इराए इस स्थापित कर ले जाते है। 





ऐसा प्रतीत होता है कि अब मलयाली फिल्म उद्योग में  पिता पुत्र युग का प्रारम्भ होने जा रहा है। प्रणव  मोहनलाल की मुख्य भूमिका वाली पांच फिल्मों में चार ब्लॉकबस्टर रही है। अब पांचवी ब्लॉकबस्टर होने जा रही है। इस साल की, पहले दिन, सबसे अधिक वर्ल्डवाइड ग्रॉस करने वाली पहली तीन फिल्मों में दो पिता मोहनलाल की एमपुराण ६८.२ करोड़ और ठुड्रम १७.१८ करोड़ तथा प्रणव की डिएस इराए ११.६३ करोड़ है।  

तेरी मेहरबानियाँ - जैकी श्रॉफ और पूनम ढिल्लों पर कुत्ते की मेहरबानियाँ !



यशराज बैनर से, १९७९ में एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म नूरी  प्रदर्शित हुई थी।  इस फिल्म के नायक नायिका  फारूख शेख और पूनम ढिल्लों थे। कश्मीर की पृष्ठभूमि पर इस रोमांस फिल्म में फारूख शेख और पूनम ढिल्लों के रोमांस के शत्रु बशीर  भरत कपूर थे। बशीर, नूरी से बलात्कार करता है। नूरी आत्महत्या कर लेती है।  जब युसूफ यानि फारूक शेख उसके पास जाते हैं तो दोनों के बीच बहस होती है। इसमें बशीर के हाथों युसूफ मारा जाता है। नूरी और युसूफ की मृत्यु को अपनी आँखों से देख चुका, उनका पालतू कुत्ता खैरू बशीर को मार डालता है। 





इस फिल्म के छह साल बाद एक फिल्म आई थी तेरी मेहरबानियां।  इस फिल्म की नायिका भी पूनम ढिल्लों ही थी। फिल्म में उनके नायक जैकी श्रॉफ थे।  इस फिल्म की विशेषता थी कुत्ते की मेहरबानियां। फिल्म के निर्माता के सी बोकाडिया ने, तेरी मेहबानियाँ में खैरू को मोती बना कर, उसका रोल हीरो  बड़ा कर दिया था।  फिल्म के नायक नायिका तो मध्यांतर से पहले ही मर जाते थे।  बाद में तो कुत्ता मोती अपने मालिक मालकिन के तीन हत्यारों  को एक एक कर मार डालता था।  






कुत्तें की इस मेहरबानी से तेरी मेहरबानियां बड़ी हिट फिल्म बन गई।  यद्यपि, इस फिल्म को समीक्षकों की कड़ी आलोचना का शिकार होना पड़ा था। किन्तु, दर्शक तो दर्शक है। कुत्ते पर भी कृपा कर गया।  इस फिल्म ने एक करोड़ बीस लाख के बजट के बदले में निर्माता को चार करोड़ से अधिक कमा कर दिए।





तेरी मेहरबानियां भी उस समय की बॉलीवुड फिल्मों की परंपरा में रीमेक फिल्म थी।  यह फिल्म निर्देशक विजय रेड्डी द्वारा ही निर्देशित और १९८४ में प्रदर्शित कन्नड़ फिल्म 'थलिया भाग्यका रीमेक थी ।





तेरी मेहरबानियां की सफलता, इस दृष्टि से चौंकाने वाली थी कि उस समय  सितारा बहुल फिल्मों का समय था।  किसी को उम्मीद नहीं थी कि जैकी श्रॉफ के कन्धों पर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर चांदी बटोर लेगी।  किन्तु, मोती ने निर्माता की झोली में ढेरों मोती भर दिए। इस फिल्म की सफलता से गदगद केसी बोकाड़िया ने, जैकी श्रॉफ को अपनी आगामी सात फिल्मों के लिए अनुबंधित कर लिया।







निर्माता केसी बोकाडिया ने, सुपरहिट तेरी मेहरबानियां की सीक्वल तेरी मेहरबानियां २ की घोषणा की थी। इस  घोषणा के साथ जारी पोस्टर में कुत्ते के डबल रोल दिखाई देते थे। इस फिल्म का शीर्षक था ट्रू ब्रदर्स तेरी मेहरबानियां २। पोस्टर में टैग लाइन रिवेंज ऑफ़ डॉग्स भी दिखाई देती थी। किन्तु, यह फिल्म प्रारम्भ ही न हो सकी। 





वास्तविकता तो यह है कि तेरी मेहरबानियां शीर्षक वाली कोई भी घोषणा से आगे नहीं बढ़ सकी। ऎसी ही एक फिल्म २०१० में प्रारम्भ किये जाने की घोषणा की गई।  इस फिल्म में विकास कलंत्रीतन्वी वर्मामिलिंद गुणाजीमोहन जोशी और शक्ति कपूर ने अभिनय किया था। यह फिल्म घोषणा से आगे नहीं बढ़ी।





फिल्म का वफादार कुत्ता मोती एक लैब्राडोर ब्रीड का कुत्ता था । शूटिंग के  प्रारम्भ में जैकी श्रॉफ को इस कुत्ते से  बड़ा डर लगता था। एक बार तो इस कुत्ते ने जैकी को काट भी लिया था। किन्तु, बाद में इन दोनों की अच्छी  दोस्ती हो गई। 

Saturday, 1 November 2025

सुपरहीरो #Hanu-Man से #Mahakali तक #PrashanthVarma



 

फिल्म 'हनुमान' के ज़रिए भारतीय सुपरहीरो जॉनर को नया आयाम देनेवाले आरकेडी स्टूडियोज़ और दूरदर्शी फिल्ममेकर प्रशांत वर्मा ने अपनी अगली फिल्म 'महाकाली' की मुख्य नायिका के खुलासे के साथ सभी को चौंका दिया है। जी हाँ, हाल ही में मेकर्स ने पोस्टर के ज़रिए भूमि शेट्टी को महाकाली की शीर्षक भूमिका में उनके अभूतपूर्व लुक से दर्शकों को अचंभित कर दिया हैं।

 




यहाँ सूचित करते चलें कि इस फिल्म की आधी से अधिक शूटिंग पूरी हो चुकी है।  वर्तमान में हैदराबाद में विशेष रूप से बनाए गए भव्य सेट पर इसकी शूटिंग चल रही  है।






पाठकों को बताते चलें कि सामान्य रूप से फिल्म उद्योग में, निर्मातागण सीताराविहीन फिल्मों में निवेश करने से हिचकते हैं। किन्तु,  महाकाली   के निर्माताओं ने  भूमि शेट्टी के रूप में एक नई कलाकार को लेकर न सिर्फ उन पर बेहद भरोसा किया है, बल्कि एक बहुत बड़ा बजट  भी उपलब्ध कराया है।






भूमि शेट्टी को महाकाली के चरित्र में चुने जाने से पूर्व समाचार थे कि कुछ शीर्ष की अभिनेत्रियां इस भूमिका को करने की इच्छुक थी। किन्तु, निर्माताओं ने चरित्र के अनुरूप एक ऐसी अभिनेत्री को चुना जो न सिर्फ नई और सांवली थीं, बल्कि भारतीयता की असली पहचान भी थीं। निर्माता यह भी चाहते थे कि वे एक ऐसी अभिनेत्री को चुने, जो कहानी की आत्मा को साकार कर सके और भूमि शेट्टी के रूप में उनकी कल्पना को सही आकार मिला।




 

फिलहाल  'महाकाली' के अपने पहले लुक में दिव्यता और रहस्य का अद्भुत संगम लग रहीं भूमि शेट्टी ने फर्स्ट लुक से  ही दर्शकों का ध्यान आकृष्ट किया है। विशेष रूप से लाल और सुनहरे रंगों में रंगी, पारंपरिक आभूषणों और पवित्र चिह्नों से सजी, 'महाकाली' का यह विकराल रूप आँखों में क्रोध और करुणा का अतुलनीय संगम है।




 

फिल्म महाकाली के विषय में बताते हुए निर्माता प्रशांत वर्मा ने कहा, “हनुमान के बाद, मैं दिव्य स्त्री शक्ति के सार को गहराई से समझने और उसे पर्दे पर उतारना चाहता था। महाकाली  से अधिक उपयुक्त और क्या हो सकता था। यह चरित्र जो हमारे इतिहास और पुराणों में  निहित एक ब्रह्मांडीय शक्ति हैं। हालांकि हमारी फिल्म इंडस्ट्री में शायद ही कभी उस भव्यता के साथ उन्हें चित्रित किया गया  है,जिसमे उन्हें प्रस्तुत किया जाना चाहिए था ।' 





भूमि के विषय में बताते हुए वर्मा ने कहा, ' इस भूमिका के लिए भूमि शेट्टी के अपने चुनाव पर हमें गर्व है। क्योंकि, जब हमने भूमि को इस चरित्र  के लिए चुना, तो उन्होंने भी पूरे समर्पण के साथ अपने आप को इस भूमिका में ढालने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी । इतना ही नहीं इस चरित्र की अपार शक्ति और गरिमा को आत्मसात करने के लिए उन्होंने कठोर प्रशिक्षण लिया। सच पूछिए तो उनकी आँखों में एक दुर्लभ तीव्रता है, जो महाकाली की आत्मा को सजीव कर देती है। मुझे यकीन है यह फिल्म दर्शकों के लिए पर्दे पर देवियों को देखने का दृष्टिकोण सदैव के लिए बदल देगी।”





 

फिल्म का पोस्टर  दर्शाता है कि 'महाकाली', प्रशांत वर्मा के हनुमान के पश्चात् निरंतर विस्तार पा रहे सिनेमैटिक यूनिवर्स का अगली महागाथा बनने जा रही है। विशेष रूप से इसकी टैगलाइन 'हनुमान की रहस्यमयी दुनिया से', न सिर्फ इस फिल्म के जुड़ाव का संकेत देती है, बल्कि एक ऐसे पौराणिक सुपरहीरो ब्रह्मांड की झलक भी दिखाती है, जो आस्था में निहित होने के साथ आधुनिक सिनेमा की तकनीक और दृष्टि को दर्शाती है।





 

निर्माता प्रशांत वर्मा, आर.के. दुग्गल और रिवाज़ रमेश दुग्गल द्वारा समर्थित आरकेडी स्टूडियोज़ की 'महाकाली' को भव्यता के नए स्तर पर ले जा रहा है। ऐसे में यह कहें तो कतई गलत नहीं होगा कि प्रशांत वर्मा की रचनात्मक दृष्टि और निर्देशिका पूजा कोल्लूरू के श्रेष्ठ निर्देशन में बन रही फिल्म 'महाकाली' का इंतज़ार प्रशंसक बेसब्री से कर रहे हैं।

Friday, 31 October 2025

क्या पुनर्जीवित होगा आरके स्टूडियो और आरके फिल्म्स ?



विगत दिनों, यह अटकले लगाई जा रही थी कि रणबीर कपूर दिसंबर २०२५ में अपने दादा, महान फिल्म निर्माता राज कपूर की १०० वीं जयंती के अवसर पर प्रतिष्ठित आरके स्टूडियोज को पुनर्जीवित करने के लिए तैयार हैं। यह पहल कपूर परिवार की सिनेमाई विरासत और भारतीय सिनेमा पर राज कपूर के स्थायी प्रभाव के प्रति एक बड़ी श्रद्धांजलि का हिस्सा है।





आरके स्टूडियो की स्थापना, स्वर्गीय राजकपूर ने १९४८ में की थी।  उस समय राजकपूर मात्रा २४ साल के थे। इस स्टूडियो में, राजकपूर, नरगिस, प्रेमनाथ, निगार सुल्ताना और  कामिनी कौशल अभिनीत फिल्म आग शूट हुई थी। इस फिल्म से स्वर्गीय राजकपूर ने निर्माता और निर्देशक के  रूप में पहला परिचय दिया था।  इसी स्टूडियो में बरसात, बूट पोलिश, जागते रहो, श्री ४२०, आवारा, जिस देश में गंगा बहती  है, आदि २२ फिल्मों की शूटिंग हुई थी। 





सौंवी जयंती समारोह के एक भाग के रूप में, आरके फिल्म्स, फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन और राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) के सहयोग से, 'राज कपूर १०० - महानतम शोमैन की शताब्दी का जश्न'  शीर्षक से एक पूर्वावलोकन प्रदर्शनी शुरू करेंगे, जिसमें १३ दिसंबर २०२५ से देश के चालीस शहरों के १३५  सिनेमाघरों में राज कपूर की दस सबसे प्रतिष्ठित फिल्में दिखाई जाएँगी। 





इसी सन्दर्भ में, कुछ मीडिया पोर्टल पर यह समाचार दौड़ाया गया कि रणबीर कपूर आरके फिल्म्स को पुनर्जीवित करेंगे।  यह भी कहा गया कि इस पुनर्जीवित बैनर के अंतर्गत दीपिका पादुकोण, रणबीर कपूर और अयान मुख़र्जी एक फिल्म भी प्रारम्भ करेंगे। इस फिल्म को एक समकालीन पारिवारिक ड्रामा बताया जा रहा है, जो स्टूडियो के लिए एक नए रचनात्मक अध्याय की शुरुआत करेगी। यह भी कहा गया कि सितम्बर  २०२६ से आरके स्टूडियोज भी काम करने लगेगा।




  

किन्तु, यह अटकलें मात्र है। क्योंकि, आरके स्टूडियोज को अब प्रारम्भ करना असंभव है।  ऎसी योजना पहले भी समाचारों में थी। आर.के. फिल्म्स को पुनर्जीवित करने की शुरुआती योजनाओं के बावजूद, मुंबई के चेंबूर में प्रसिद्ध स्टूडियो और उससे जुड़ी जमीन गोदरेज प्रॉपर्टीज को बेच दी गई।रियल एस्टेट डेवलपर ने तब से इस साइट पर एक लक्जरी आवासीय परियोजना का निर्माण किया है, जिससे पुराने स्टूडियो के पुनरुद्धार की संभावना प्रभावी रूप से समाप्त हो गई है।




 

सितंबर २०१७ में एक भीषण आग ने आरके स्टूडियो के बड़े हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया था और बहुमूल्य फिल्म यादगार नष्ट हो गई थी । वित्तीय घाटे और स्टूडियो को बनाए रखने में असमर्थता का हवाला देते हुए, कपूर परिवार ने संपत्ति को बिक्री के लिए रख दिया था। 





गोदरेज प्रॉपर्टीज ने मई २०१९ में  २.२ एकड़ के स्टूडियो की संपत्ति का अधिग्रहण भी कर लिया। बाद में उन्होंने २०२३ में राज कपूर के बगल वाले बंगले को भी कथित तौर पर १००  करोड़ रुपये में खरीद लिया ।





स्टूडियोज़ के बिक जाने के बाद, २०२० में आई कुछ रिपोर्टों में कहा गया था कि यह फ़िल्म निर्माण बैनर वापस आ सकता है। अक्टूबर २०२० में, रणधीर कपूर ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया को बताया कि कपूर परिवार एक नई प्रेम कहानी के साथ आर.के. बैनर को पुनर्जीवित करेगा, जिसका निर्देशन वह स्वयं करने वाले थे।





यद्यपि, हाल के वर्षों में इस परियोजना पर कोई महत्वपूर्ण समाचार या प्रगति नहीं हुई है। पहले २०२० में ऋषि कपूर और २०२१ में राजीव कपूर के निधन के बाद, बैनर के पुनरुद्धार की संभावनाएँ समाप्तप्राय हो गई । वैसे भी यह स्टूडियो ८ अगस्त २०१९ को मिटटी में मिला दिया गया। 





फिलहाल, आरके फिल्म्स के अंतर्गत नई फिल्म की घोषणा, राज कपूर के जन्मदिन पर १४ दिसंबर २०२५ को होने की संभावना है। 

#JioHotstar पर #JurassicWorldRebirth १४ नवम्बर से



यदि आप जुरासिक वर्ल्ड: रीबर्थ को बड़े पर्दे पर नहीं देख पाए हैं, तो आपके लिए यह सुसमाचार है। अब, भारतीय दर्शक इस फिल्म को अपने घर में सोफे पर लेटे- अधलेटे इस फिल्म को ओटीटी प्लेटफार्म पर आनंदपूर्वक देख सकते है।  एक सूचना के अनुसार जुरासिक वर्ल्ड: रीबर्थ  डिजिटल प्लेटफार्म जिओ हॉटस्टार पर १४ नवंबर २०२५ से देखा जा सकेगा।  इस फिल्म को मूल  अंग्रेजी भाषा के अतरिक्त हिंदी, तमिल और तेलुगु में भी देखा सकेगा।





जुरैसिक वर्ल्ड रिबर्थ, इस साल भारत में  छविगृहों में १०० करोड़ से अधिक का  व्यवसाय करने वाली  दूसरी फिल्म है।  इससे पहले टॉम क्रूज़ की मिशन: इम्पॉसिबल - द फ़ाइनल रेकनिंग इस साल भारत में सबसे अधिक  कमाई करने वाली हॉलीवुड की पहली फ़िल्म थी । इस फिल्म के बाद, जुरासिक वर्ल्ड: रीबर्थ ही दूसरी हॉलीवुड फिल्म है, जो १०० करोड़ का व्यवसाय कर सकी है।  टॉम क्रूज की फिल्म ने १२० करोड़ का ग्रॉस किया था। 





स्कारलेट जोहानसन अभिनीत फ़िल्म जुरासिक वर्ल्ड: रीबर्थ  ने इस साल बिना किसी प्रीव्यू शो के सबसे बड़े ओपनिंग वीकेंड का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया, और पहले सप्ताहांत में    ही ४७ करोड़ की कमाई कर ली थी । फिल्म ने निरंतर दर्शकों को आकर्षित करते हुए पहले सप्ताह में ५६.२५ करोड़ का ग्रॉस किया। दूसरे सप्ताह में फिल्म ने २५.७५ करोड़ का कुल व्यवसाय किया।  इस प्रकार से जुरासिक वर्ल्ड: रीबर्थ  ने दो सप्ताहों में ही ८२ करोड़ का ग्रॉस कर लिया। यही कारण था कि इस फिल्म ने भारत में कुल ११४ करोड़ का ग्रॉस कर लिया था। एक रिपोर्ट के अनुसार जुरासिक वर्ल्ड: रीबर्थ ने यह सम्मान मात्र १५ दिनों में प्राप्त कर लिया था। 





२०१० से अब तक, हॉलीवुड की कुल २६ फ़िल्में भारत में १०० करोड़ से अधिक की  कमाई कर पाने में सफल हुई है। स्कारलेट जोहानसन की फिल्म जुरासिक वर्ल्ड: रीबर्थ के साथ ही ब्राड पिट की फार्मूला कार रेसिंग पर फिल्म ऍफ़ १ ने भी १०० करोड़ का ग्रॉस किया था।   






अमेरिकी साइंस फिक्शन एक्शन थ्रिलर जुरासिक वर्ल्ड: रीबर्थ, डेविड कोएप द्वारा लिखित और गैरेथ एडवर्ड्स द्वारा निर्देशित थी। यह जुरासिक वर्ल्ड सीरीज़ की चौथी और जुरासिक पार्क कहानी की सातवीं फिल्म है। यह जुरासिक वर्ल्ड डोमिनियन (२०२२) का स्टैंड-अलोन सीक्वल भी है। इस फिल्म में, स्कारलेट जोहानसन के साथ अकादमी पुरस्कार विजेता महेरशला अली और जोनाथन बेली ने भी अभिनय किया है । इनके अतिरिक्त एड स्क्रेन, मैनुअल गार्सिया-रुल्फो और रूपर्ट फ्रेंड भी फिल्म के ढेरों सह कलाकारों में सम्मिलित हैं।





इस फिल्म की कहानी एक ऐसे भविष्य पर आधारित है जहाँ पुनर्जीवित डायनासोर भूमध्य रेखा के आसपास के क्षेत्रों में रहते हैं, जो एकमात्र ऐसा स्थान है जहाँ ऐसी जलवायु है जो उन्हें जीवित रहने के उपयुक्त है। कहानी के अनुसार एक शोध दल हृदय रोग के उपचार के लिए आवश्यक जैविक नमूने एकत्र करने के लिए इस दूरस्थ द्वीप पर जाता है। अपने कार्य के दौरान वे एक असहाय परिवार से मिलते हैं, और जीवित रहने के लिए, उन्हें खतरनाक इलाके से निपटने और घातक प्रागैतिहासिक जानवरों से बचने के लिए मिलकर काम करना होगा।

Thursday, 30 October 2025

#IRCTC Releases World’s First AI-Powered Anthem



The Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC) has become the first government organization in the world to release a fully AI-powered anthem, blending human creativity with Artificial Intelligence.






The anthem, developed using Coqui TTS and Magenta AI models, written by Poonam Gupta, and creatively directed by the IRCTC team, marks a historic collaboration between technology and artistry within a government enterprise.







The initiative has received high praise from CMD Sanjay Kumar Jain and Director (Marketing & Tourism) Rahul Himalian, who lauded the project for redefining storytelling through innovation. The concept has now evolved into a scalable business model, leading to new ventures in corporate anthems, narrations, and AI-powered visual content.






This milestone not only showcases India’s leadership in human-AI collaboration, but also sets an inspiring precedent for how public sector enterprises can adopt emerging technologies to express creativity and efficiency.

#HungamaOTT पर #DirtyScams

भारत के प्रमुख डिजिटल मनोरंजन प्लेटफॉर्म्स में से एक हंगामा ओटीटी पर उनकी नवीनतम ओरिजिनल एंथोलॉजी सीरीज़ "डर्टी स्कैम्स" आज से स्ट्रीम होने जा रही है। एक डर्टी स्कैम्स एक ऎसी तेज़-तर्रार दुनिया है, जहाँ चतुर महिलाएँ अपनी शैली और साहस के साथ सबसे चतुर ठगों को भी मात दे देती हैं





 

इस एंथोलॉजी का पहला एपिसोड, "इश्क पार्लर", 30 अक्टूबर को रिलीज़ होगा। इस एपिसोड में पवित्रा पुनिया रानी के रूप में मुख्य भूमिका में हैं, जो एक उग्र, बहुस्तरीय किरदार है जिसने एक अभिनेत्री के रूप में उनके धैर्य और अभिनय की गहराई की परीक्षा ली है।





डर्टी स्कैम्स में रानी की भूमिका निभा रहीं पवित्रा पुनिया अपने किरदार के बारे में बताते हुए कहती है, "इस किरदार को निभाने में सबसे चुनौतीपूर्ण बात यह थी कि मुझे पहली बार पर्दे पर अंतरंगता का अनुभव हुआ। टीम का शुक्रिया, उन्होंने मुझे सहज महसूस कराया और इसे बेहद पेशेवर तरीके से निभाया।"





 

दुसरे आश्रम एपिसोड में, पूजा बनर्जी एक शांत, लेकिन रहस्यमयी चिकित्सक की भूमिका में हैं, जो एक कपल्स रिट्रीट चलाती हैं, जहाँ रिश्ते ठीक नहीं होते, बल्कि बिखर जाते हैं। उनके मृदुभाषी व्यवहार और मनमोहक आकर्षण के पीछे एक तेज़ दिमाग छिपा है जो हमेशा वही पाता है जो वह चाहता है।




 

 

अपने किरदार और लुक के बारे में बात करते हुए, पूजा कहती हैं, "मोहिनी का किरदार निभाना मेरे अब तक के किसी भी किरदार से अलग है। उसका शांत स्वभाव ही उसका हथियार है और उसकी खूबसूरती ही उसका भेस है। यह लुक ज़ीनत अमान और जया प्रदा जैसी अभिनेत्रियों से प्रेरित है, जो खूबसूरत होने के साथ-साथ बेहद रहस्यमयी भी है। उसके बालों में लगे फूलों से लेकर नाज़ुक एक्सेसरीज़ तक, हर छोटी-बड़ी बात उसके रहस्य को और बढ़ा देती है। यह एक ऐसा किरदार है जिसने मुझे चुनौती दी और साथ ही रोमांचित भी किया।"




हंगामा ओटीटी पर डर्टी स्कैम्स का प्रीमियर देखना न भूलें। पहले दो एपिसोड, इश्क पार्लर और आश्रम ३० अक्टूबर को, उसके बाद ६ नवंबर को शादी मुबारक और दीमक और अंतिम कहानी राइट स्वाइप १३ नवंबर को स्ट्रीम होंगे ।