Friday, 21 November 2025

वहीदा रहमान ने फिर क्यों नहीं की राज खोसला के साथ फिल्म ?



देवानंद और गीताबाली की साथ फिल्म मिलाप (१९५५) का निर्देशन करने वाले निर्देशक राज खोसला हिंदी दर्शकों की रूचि समझते थे।  वह जानते थे कि किसी भी युग के दर्शकों को सबसे अधिक रूचि हत्या रहस्य और रोमांच से मिलती है।  इस शैली में बनी फिल्मे, दर्शकों को अवश्य पसंद आएंगी।

 

 

 

 

 

यही कारण था कि उन्होंने कॉमेडी ड्रामा फिल्म मिलाप के बाद, क्राइम थ्रिलर एक्शन फिल्मों का निर्माण प्रारम्भ किया। उन्होंने समय के अनुरूप भिन्न शैली की फिल्म का निर्माण भी किया।

 

 

 

 

 

 

राज खोसला के निर्देशन में सीआईडी क्राइम थ्रिलर शैली में बनी, अगली फिल्म थी। इस फिल्म की सफलता के बाद, उन्होंने थ्रिलर फिल्मों को अधिक महत्त्व दिया।  राज खोसला की इसी समझ का परिणाम था कि वह हर अगली फिल्म दर्शकों की पसंद के अनुरूप सुपरहिट बना देते।

 

 

 

 

 

 

 

उनके नाम के पारस पत्थर ने काला पानी, सोलहवा साल, बम्बई का बाबू, एक मुसाफिर एक हसीना, वह कौन थी, मेरा साया, दो बदन, अनीता, चिराग, दो रास्ते, मेरा गांव मेरा देश, शरीफ बदमाश, कच्चे धागे, आदि फिल्मे हिट करा डाली।

 

 

 

 

 

 

उन्होंने अपनी फिल्मों का ट्रैक भी बदला। पारिवारिक प्रेम कथानक वाली फ़िल्में प्रेम कहानी, मैं तुलसी तेरे आँगन की, दो प्रेमी, दोस्ताना, दो रास्ते, आदि फ़िल्में उनकी भिन्न शैली और दर्शकों की रूचि के अनुरूप फिल्मे बना सकने की क्षमता का प्रमाण है।

 

 

 

 

 

 

हर अभिनेता या अभिनेत्री उनकी निर्देशित फिल्मों की स्टारकास्ट में सम्मिलित होना चाहती। किन्तु, वहीदा रहमान ही, कदाचित ऎसी अभिनेत्री थी, जिन्होंने, राज खोसला के साथ दो हिट फिल्मे करने के बावजूद फिर २६ साल तक कोई फिल्म नहीं की।

 

 

 

 

 

 

 

ऐसा क्या हो गया था कि वहीदा रहमान ने, सोने के हाथ वाले निर्देशक की बाद की फिल्मों में अभिनय नहीं किया, जबकि वह उनके साथ सीआईडी और सोलहवा साल जैसी हिट फिल्मो में अभिनय कर चुकी थी? इसका कारण भी इन्ही फिल्मों  के शूटिंग के समय हुए घटनाक्रम में छुपा है।

 

 

 

 

 

 

 

वहीदा रहमान को हिंदी फिल्मों में अवसर दिया, स्वर्गीय गुरुदत्त ने। उन्होंने, वहीदा रहमान की तमिल और तेलुगु फिल्मों को देखा था। वह वहीदा रहमान से प्रभावित हुए। उन्होंने, वहीदा रहमान को, राज खोसला द्वारा निर्देशित की जाने वाली फिल्म सीआईडी में देवानंद और शकीला के साथ सह-भूमिका में ले लिया। राज खोसला के साथ मनमुटाव का प्रारम्भ इसी फिल्म से हुआ।

 

 

 

 

 

 

 

सीआईडी की कामिनी एक क्लब डांसर थी। राज खोसला के साथ मनमुटाव का प्रारम्भ इसी फिल्म के गीत कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना की शूटिंग दौरान से हुआ था। इस गीत के लिए, राज खोसला क्लब डांसर के अनुरूप वहीदा रहमान को थोड़ा लो कट कुर्ता पहनाना चाहते थे। किन्तु, अपने परिधान के लिए सचेत वहीदा रहमान ने ऎसी कोई पोशाक पहनने से साफ मना कर दिया।

 

 

 

 

 

 

दोनों के बीच तीखी बहस हुई।  शूटिंग में व्यवधान भी पड़ा। अंत में, फिल्म के नायक देवानंद के बीच में पड़ने के बाद, वहीदा रहमान ने एक दुपट्टा डाल कर ही फिल्म का गीत किया। इसी फिल्म में, वहीदा रहमान ने, एक सीन में अपना दुपट्टा गिराने से मना कर दिया।

 

 

 

 

 

 

दूसरा टकराव हुआ, देवानंद के साथ वहीदा रहमान की राज खोसला निर्देशित फिल्म सोलहवा साल की शूटिंग के दौरान। हॉलीवुड फिल्म इट हैप्पेन्स वन नाईट की नक़ल पर बनी फिल्म सोलहवा साल एक युवती के शादी के ठीक पहले अपने प्रेमी के साथ भाग निकलने के एक रात के कथानक पर थी। फिल्म मुख्य रूप से वहीदा रहमान, उनके प्रेमी जगदेव और रिपोर्टर देवानंद पर केंद्रित थी।

 

 

 

 

 

 

इस फिल्म के एक दृश्य में नायिका वहीदा रहमान, भारी बारिश में भीग जाती है। एक घर में उन्हें शरण मिलती है। वहां वहीदा रहमान अपने कपडे बदलती है। राज खोसला इस दृश्य में चाहते थे कि नायिका को उनके साइज और पसंद के कपडे नहीं मिलने के कारण थोड़ी खुली ड्रेस पहननी पड़ती है। किन्तु, यहाँ भी वहीदा रहमान ने ऎसी ड्रेस न पहनने की का निर्णय लिया।

 

 

 

 

 

 

 

इस पर, निर्देशक राज खोसला के साथ वहीदा रहमान की गर्मागर्म बहस हुई। क्रुद्ध राज खोसला ने, फिल्म की शूटिंग रद्द कर दी।  यहाँ भी देवानंद बीच में पड़े। उन्होंने वहीदा रहमान का पक्ष लेते हुए, राज खोसला को उनकी पसंद की ड्रेस पहनने के लिए मना लिया। किन्तु, इस घटना के बाद, वहीदा रहमान ने, फिर कभी राज खोसला के साथ फिल्म करने से मना कर दिया।

 

 

 

 

 

 

 

वहीदा रहमान की, राज खोसला के साथ मनमुटाव का परिणाम था कि राज खोसला के हाथ से, गाइड के हिंदी संस्करण के निर्देशन का अवसर निकल गया। जैसे ही वहीदा रहमान को गाइड के निर्देशक के रूप में राज खोसला के नाम का पता चला, उन्होंने देवानंद को साफ कर दिया कि यदि गाइड का निर्देशन राज खोसला करते हैं तो वह फिल्म नहीं करेंगी। ऐसे में वहीदा रहमान पर मोहित देवानंद ने  गाइड के निर्देशन की कमान राज खोसला से लेकर अपने भाई विजय आनंद को सौंप दी।

 

 

 

 

 

 

 

वहीदा रहमान ने, राज खोसला के साथ अपने मतभेद भुलाते हुए, २६ साल बाद फिल्म सनी करने पर सहमति दी थी। इस फिल्म के नायक सनी देओल थे। नायिका अमृता सिंह और शर्मीला टैगोर के साथ, वहीदा रहमान ने फिल्म सनी में एक नकारात्मक चरित्र किया था।  इस फिल्म में धर्मेंद्र का कैमिया हुआ था। किन्तु, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी।  इस प्रकार से, वहीदा रहमान की राज खोसला के साथ २६ साल बाद तीसरी फिल्म असफल हुई।  

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