Monday, 26 June 2017

जब गले नहीं मिले सलमान खान और शाहरुख़ खान

बॉलीवुड को और बॉलीवुड में दिलचस्पी रखने वालों को हर साल सिद्दीकियों (बाबा और जीशान) की इफ्तार पार्टी का इंतज़ार रहता है। इस पार्टी में अक्षय कुमार जैसे बॉलीवुड अभिनेता या तो बुलाये नहीं जाते या यह लोग जाते नहीं। लेकिन, बॉलीवुड का एक ख़ास तबका इस इफ्तार पार्टी का आनंद लेता है।
ऐसी शाम में फोटोग्राफरों की चांदी हो जाती है। बॉलीवुड के पूरे साल के दुश्मनों को गले मिलते देखा जाता है, दुश्मनी निभाये जाते भी नज़र आते हैं बॉलीवुड सितारे। २०१३ में इस कांग्रेसी नेता की इफ्तार पार्टी में शाहरुख़ खान और सलमान खान गले मिले थे। यह कैटरीना कैफ की २००८ में बर्थडे पार्टी में दोनों खानों के बीच मारामारी के बाद का ऐतिहासिक मिलन था। इसलिए इस साल भी कैमरा क्लिक करने वालों को उम्मीद थी कि जब यह दोनों खान पार्टी में पहुंचेंगे तो करण-अर्जुन वाला मिलाप जैसा कुछ होगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इस पार्टी में दोनों पहुंचे ज़रूर। दोनों ने अलग अलग फोटो भी खिंचवाई। पर आपस में गले नहीं मिले और न ही गले मिलते हुए फोटो खिंचवाई।

Sunday, 25 June 2017

५३ साल की श्रीदेवी के ५० साल और ३०० फ़िल्में

श्रीदेवी की रवि उदयवार निर्देशित फिल्म मॉम हिंदी के अलावा तीन दूसरी भारतीय भाषाओँ तमिल, तेलुगु और मलयालम में रिलीज़ की जाएगी।  श्रीदेवी पर केंद्रित इस फिल्म में नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी और अक्षय खन्ना पहली बार श्रीदेवी के साथ अभिनय कर रहे हैं।  फिल्म में श्रीदेवी ने दो बेटियों की माँ देवकी का किरदार किया है। उसकी बेटी आर्या भावुक लड़की है।  उसका मानना है कि एक माँ की  ज़िन्दगी में बेटी आती है, न कि बेटी की ज़िन्दगी में माँ आती है।  इसे लेकर दोनों में मतभेद हैं।  देवकी इंतज़ार करती है अपनी बेटी के प्यार और उसे स्वीकार करने का, ताकि दोनों के बीच मतभेद दूर हो सके।  परन्तु एक दुर्घटनावश यह दूरियां बढ़ जाती है।  अब देवकी के सामने दो ही रास्ते हैं कि वह ज़्यादा खराब और काम खरब में से किसी को चुनना है। ज़ाहिर है कि देवकी का किरदार श्रीदेवी की अभिनय क्षमता को उभारने वाला है। श्रीदेवी ने अभिनय का सिलसिला दक्षिण की फिल्मों से शुरू किया था। अब बॉलीवुड फिल्मों को भी दक्षिण के बाजार की तलाश है। कहते हैं फिल्म के निर्माता और श्रीदेवी के पति बोनी कपूर, "साउथ इंडिया में तो उनकी इतनी फैनफॉलोविंग हैं कि फिल्म वितरक हमेशा श्रीदेवी की फिल्मों का इंतजार करतें रहते हैं। जब से मॉम’ का प्रोमो ऑनलाइन रिलीज हुआ हैं। तब से वितरक इस फिल्म को दक्षिण भारतीय भाषाओं में डब कर रिलीज़ करने की मांग कर रहें हैं। इसी वजह से यह फिल्म हिंदी के साथ ही तमिलतेलुगुऔर मलयालम में भी रिलीज कर रहें हैं।" 
फिल्म करियर के ५० साल 
मॉम ७ जुलाई को रिलीज़ हो रही है। इस तारिख का श्रीदेवी की ज़िन्दगी में विशेष महत्व है। तमिलनाडु में शिवकाशी में १३  अगस्त १९६३ को जन्म हुआ था।  श्रीदेवी ने अपने फिल्म करियर की शुरुआत तमिल भक्ति फिल्म कंधन करुणाई में बतौर बाल कलाकार की थी।  इस फिल्म में वह भगवान मुरुग का बालावतार थी।  उस समय श्रीदेवी की उम्र महज़ चार साल थी।  कंधन करुणाई ७ जुलाई १९६७ को रिलीज़ हुई थी।  इस प्रकार से श्रीदेवी के एक्टिंग करियर को इस साल ७ जुलाई को ५० साल पूरे हो जाते हैं।  इसे देखते हुए ही बोनी कपूर ने मॉम को ७ जुलाई को दक्षिण की तीन भाषाओँ के साथ रिलीज़ करने का फैसला लिया है।  संयोग की बात यह है कि मॉम  श्रीदेवी की बतौर एक्ट्रेस ३००वी फिल्म है।  यह तीन सौ फ़िल्में हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में है। इस प्रकार से अपने अभिनय जीवन के पचास सालों में ५३ साल की श्रीदेवी कुल ३०० फ़िल्में कर चुकी हैं।  जबकि, वह पिछले पांच सालों से हिंदी फ़िल्में नहीं कर रही थी।  उन्होंने १९७९ से कोई कन्नड़ फिल्म नहीं की है।  १९९४ से तेलुगु और १९९६ से मलयालम फिल्मों से दूर हैं।  जिस तमिल इंडस्ट्री से श्रीदेवी ने अपने करियर की शुरुआत की थी, उसमे भी उनकी २६ साल बाद वापसी २०१५ में रिलीज़ कॉस्ट्यूम ड्रामा ऐतिहासिक फिल्म पुलि से हुई थी ।  
तमिल फिल्म से शुरुआत करने के बाद श्रीदेवी ने  बॉलीवुड का रुख किया।  दक्षिण के फिल्म निर्माता बी नागिरेड्डी और चक्रपाणि की के एस सेतुमाधवन निर्देशित फिल्म जूली (१९७५) ने उन्हें फिल्म की नायिका लक्ष्मी की छोटी बहन के रोल में मौक़ा दिया। इस बड़ी हिट फिल्म के बावजूद श्रीदेवी की अगली फिल्म सोलवां सावन १९७८ में रिलीज़ हुई।  पी भारतीराजा की इस फिल्म में श्रीदेवी ने अमोल पालेकर के अपोजिट १६ साल की लड़की के प्यार को अंजाम दिया था।  फिर कमल हासन के साथ रीमेक फिल्म सदमा  रिलीज़ हुई।  यह दोनों फ़िल्में बुरी तरह से असफल हुई।
थंडर थइ श्रीदेवी 
जब ऐसा लग रहा था कि दक्षिण की इस अभिनेत्री का करियर तीन फिल्मों के साथ ही ख़त्म हो जायेगा, अभी रिलीज़ हुई के राघवेंद्र राव के निर्देशन में बनी एक्शन कॉमेडी फिल्म हिम्मतवाला । यह फिल्म हिट तमिल फिल्म उरिकी मोनगाडू की रीमेक थी।  तमिल फिल्म में कृष्णा की नायिका जयाप्रदा थी।  बाद में, इन्ही जयाप्रदा के साथ श्रीदेवी ने कई फ़िल्में की और दोनों के बीच लगातार कैट फाइट होती रही।  हिम्मतवाला में श्रीदेवी ने जम कर अंग प्रदर्शन किया था।  इस फिल्म ने उन्हें थंडर थइ वाली अभिनेत्री का खिताब दिलवाया।  श्रीदेवी ने इसी साल एक के बाद अंग प्रदर्शन से भरपूर फ़िल्में की।  जानी दोस्त, जस्टिस चौधरी और मवाली फिल्मों की सफलता के पीछे श्रीदेवी की सेक्स अपील ही थी। वह बॉलीवुड की सेक्स बम के बतौर स्थापित हो गई।  
अभिनय भी दिखाया 
हिंदी फिल्मों में श्रीदेवी ने केवल अंग प्रदर्शन ही नहीं किया। श्रीदेवी की सेक्स अपील का प्रदर्शन करने वाली तमाम फ़िल्में साउथ के निर्माताओं द्वारा बनाई गई थी। साउथ के फिल्म निर्माता श्रीदेवी की अभिनय क्षमता को जानते और पहचानते थे।  इसीलिए, जिस दौर में बॉलीवुड दर्शकों को आकर्षित करने के लिए तोहफा, मकसद और सरफ़रोश जैसी श्रीदेवी की सेक्स अपील उभारने वाली फ़िल्में बनाई गई, वहीँ के विश्वनाथ ने मिथुन चक्रवर्ती के साथ फिल्म जाग उठा इंसान में श्रीदेवी के नृत्यांगना किरदार को भावाभिनय से सरोबार पेश किया। १९८६ में श्रीदेवी के करियर में बड़ा बदलाव आया। इस दौरान श्रीदेवी को हरमेश मल्होत्रा ने नागिन किरदार में पेश किया।  फिल्म थी नगीना।  यह फिल्म बड़ी हिट साबित हुई।  इस फिल्म के साथ श्रीदेवी बॉलीवुड की सबसे महँगी अभिनेत्री बन गई। पारिवारिक फिल्म घर संसार में श्रीदेवी ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों और समीक्षकों की वाहवाही बटोरी।  सुहागन, औलाद और नज़राना के बाद श्रीदेवी ने अपने उत्कृष्ट अभिनय से अनिल कपूर के साथ फिल्म मिस्टर इंडिया को मिस इंडिया बना दिया।  राम-अवतार, चांदनी, चालबाज़, लम्हे, गुमराह, आदि उनकी उल्लेखनीय फ़िल्में थी, जिनमे श्रीदेवी ने खुद की पहचान बतौर सेक्स बम नहीं अभिनेत्री बनाई। 
श्रीदेवी ने १९९६ में अपनी मिस्टर इंडिया, रूप की रानी चोरों का राजा और जुदाई जैसी फिल्मों निर्माता बोनी कपूर से विवाह कर लिया।  १९९७ में पहली बेटी के जन्म के साथ ही श्रीदेवी ने फिल्मों को पूरी तरह से अलविदा कह दी।  कोई १५ साल श्रीदेवी की वापसी हुई गौरी शिंदे की कॉमेडी ड्रामा फिल्म इंग्लिश विंग्लिश से।  इस फिल्म में श्रीदेवी ने एक ऐसी गृहणी के किरदार को किया था, जो इंग्लिश नहीं बोल सकती है।  इससे उसकी घर में उपेक्षा होती ही है, जब वह एक शादी में विदेश जाती है तो यह समस्या ज़्यादा बढ़ जाती है।  इसलिए वह इंग्लिश क्लास ज्वाइन कर लेती है।  इस फिल्म को हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, फ्रेंच और इंग्लिश में भी बनाया गया। इस फिल्म के बाद  श्रीदेवी को बॉलीवुड की मेरिल स्ट्रीप और जापान में फीमेल रजनीकांत का खिताब दिया गया।  
श्रीदेवी उम्र का अर्धशतक लगा चुकी हैं।  वह रोमांटिक किरदार नहीं कर सकती।  इसलिए वह अपनी उम्र के अनुरूप किरदार कर रही हैं।  इंग्लिश विंग्लिश में एक बेटी की माँ का किरदार करने के बाद श्रीदेवी मॉम में दो बेटियों की माँ का किरदार कर रही है।  लेकिन, यह फिल्म सोशल ड्रामा नहीं।  इस फिल्म में थ्रिल की छौंक है।  संबंधों और परिस्थितियों की जटिलता है।  श्रीदेवी कहती हैं, "यह फिल्म मेरे लिए बड़ा चैलेंज थी।  मुझे इसका ख़ास अनुभव हुआ।  मैं खुश हूँ कि मुझे इन महान अभिनेताओं (नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी और अक्षय खन्ना) के साथ अभिनय करने का मौक़ा मिला।"

Saturday, 24 June 2017

स्वतंत्रता दिवस पर मीका सिंह का जय जय इंडिया

बॉलीवुड फिल्मों के इकलौते पुरुष आइटम सांग गायक मीका सिंह ने आगामी फिल्म तेज रफ़्तार के लिए नया गाना जय जय इंडिया रिकॉर्ड कराया है । यह देश भक्ति से ओतप्रोत मानव शक्ति के अंदर जोश भर देने वाला गाना है ।  मीका सिंह ने रिकॉर्डिंग के दौरान अपनी जोशीली गायिकी से स्टूडियो का माहौल देश प्रेम और जोश से भर दिया ।  फिल्म के निर्माता कौशिक गून और किंशुक गून कहते है , “हमारे बोर्ड पर सबसे अच्छा गायक मीका सिंह ने हमारी उम्मीद से भी ज्यादा शानदार गीत गाया है। इस गीत में हमारे देश के लिए उत्सव का अनुभव दर्शकों को अपील करेगा।“  फिल्म तेज़ रफ़्तार में समीर सोनीऋषिता भट्टसिद्धार्थ निगमजन्नत जुबैर रहमानीमुश्ताक खान,  देबद्युती देबनाथअंजान श्रीवास्तव रजीब -मोनाआदि ने काम किया है ।
       

द स्कूल बैग की सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री रसिका दुग्गल

भारत में शोर्ट फिल्म का ज़बरदस्त क्रेज बन गया है । इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बॉलीवुड के कुछ नामी-गिरामी कलाकार शोर्ट फ़िल्में कर रहे हैं। हालिया रिलीज़ शोर्ट फिल्म द स्कूल बैग में रसिका दुग्गल बेहद ज़ोरदार भूमिका में हैं । यह फ़िल्म पाकिस्तान में एक स्कूल में हुए दुःखद और वीभत्स आंतकवादी हमले की सच्ची घटना से प्रेरित काल्पनिक रूपांतरण है । २०१४ में हुए इस हादसे ने दुनिया को हिलाकर रख दिया था । इस घटना में आर्मी पब्लिक स्कूल के १३२ मासूम बच्चे आतंकवादियों के हाथों मारे गए थे । इन आतंकवादियों का निशाना छोटे-छोटे बच्चे ही थे। इस शार्ट फ़िल्म को दुनिया के अलग-अलग फिल्म फेस्टिवल्स में नामांकित किया जा चुका है । इसने अब तक २२ पुरस्कार जीते हैं। रसिका दुग्गलइस फ़िल्म में एक ऐसी माँ का किरदार निभा रही है जो अपने बच्चे के चेहरे पर मुस्कराहट लाने के लिए कुछ भी कर सकती है । रसिका ने इस भूमिका के लिए हरियाणा शार्ट फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ अभीनेत्री का पुरस्कार जीता है। धीरज जिंदल द्वारा निर्देशित 'द स्कूल बैगएक बच्चे की जन्मदिन पर इच्छाउसकी ख़ुशी के लिए कुछ भी करनेवाली माँ और एक स्कूल बैग की कहानी हैजो उसे जन्मदिन पर मिलता है। रसिका कहती हैं‘द स्कूल बैग’ एक साधारण कहानी है । मगर इसे बहुत अच्छे से बताया गया है। अंतरराष्ट्रीय उत्सवों में मेरे अभिनय के प्रति मिली प्रतिक्रिया का अनुभव बहुत सुखद है।“

शाहिद कपूर की हेयर स्टाइल का ट्रेंड

शाहिद कपूर के लाखो करोड़ो प्रशंसकों के दिलों में उनके लिए खास जगह है । उनके भावाभिनय और डांस क्षमता के लोग दीवाने हैं । हर एक्टर के साथ ऐसा होता है कि उसको उसके फैंस एक्टर की ड्रेसिंग स्टाइल हेयर स्टाइल या कोई दूसरी स्टाइल को फॉलो करते है । वह कोशिश करते हैं अपने पसंदीदा एक्टर की तरह लुक पाने की, स्टाइल अपनाने की ।  ऐसे अभिनेताओ की तरह शाहिद कपूर का स्टाइल भी युवाओ को प्रेरित करता रहा है । जब फ़िल्म उड़ता पंजाब आयी थी, तब उनका हेयर स्टाइल बहुत युवाओं ने अपनाया था । तबसे अभी तक शाहिद का यही हेयर स्टाइल ट्रैंड में है । मुम्बई के उपनगरों में कई सलून में शाहिद कपूर्स स्पेशल लुक के बोर्ड लगाए गए है ।  सलून के अन्दर शाहिद कपूर की कई नए लुक और नए हेयर स्टाइल वाली तस्वीरें लगाई गयी है । इन तस्वीरों को देख कर कोई भी कस्टमर अपना मनपसंद लुक चुन सकता है ।  
     

यह फुटबॉल की पेनाल्टी है

फुटबॉल के खेल पर रुद्राक्ष फिल्म्स के बैनर तले बनाई जा रही हिंदी फिल्म "पेनाल्टी" की ४५ दिनों की शूटिंग पिछले दिनों समाप्त हुई । फुटबॉल पर हिंदी में हिप हिप हुर्रे, धन धना धन गोल, आदि गिनी चुनी फ़िल्में ही बनाई गई हैं । अभिनेता के के मेननशशांक अरोड़ामनजोत सिंह और लुकराम स्मिल के अभिनय से सजी इस फिल्म की शूटिंग, जहाँ  महाराष्ट्र में भिवंडी और उत्तरप्रदेश में लखनऊ जैसे भीषण गर्म इलाको में की गयी है,  वहीँ  शिलांग जैसी ठंडी जगह पर भी इसे फिल्माया गया है । निर्देशक शुभम सिंह की इस फिल्म में के के मेनन, शशांक अरोड़ा, मनजोत सिंह, आदि की भूमिकाये अहम् हैं ।

रामरतन में सलमान खान की डेज़ी शाह

सब स्टार मूवीज की पहली फिल्म रामरतन की आखिरी दिन की शूटिंग के दौरान नृत्य निर्देशक मुदस्सर के निर्देशन में फिल्म की लीड जोड़ी डेज़ी शाह और ऋषि भूटानी पर २०० डांसरो के साथ एक बेहद रोमांचक गीत फिल्माया गया। फिल्म के निर्देशक गोविन्द सकारिया ने बताया की इस गीत के दौरान ही नायक नायिका की पहली मुलाकात होती है । रामरतन एक कॉमेडी और थ्रिलर से भरपूर फॅमिली ड्रामा फिल्म है। इस गीत में गुजराती लोक गीत का तड़का लगाया है । डेज़ी शाह एक बेहतरीन डांसर है । वह स्वयं गुजराती हैं इसलिए उन्हें गुजराती लोक संगीत से बेहद लगाव है । इसलिए उन्हें गीत के फिल्मांकन के दौरान कोई दिक्कत नहीं आयी । डेज़ी शाह ने सलमान खान के साथ फिल्म जय हो की थी । ऋषि भूटानी के फ्रैक्चर के बावजूद डेज़ी शाह का भरपूर साथ दिया । फिल्म के निर्देशक गोविन्द सकारिया ने १५ सुपर हिट गुजराती फिल्में देने के बाद हिंदी में पहली फिल्म रामरतन बनाई है । फिल्म में डेज़ी शाह और ऋषि भूटानी के अलावा महेश ठाकुरसुधा चंद्रनराजपाल यादवसुमित वत्सप्रशांत राजपूतकंगना शर्मा और सतीश कौशिक ने भी अभिनय किया है ।

अब नीरज पांडेय की 'ऐयारी'

स्पेशल २६ और एम एस धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी बनाने वाले फिल्मकार नीरज पांडेय एक बार फिर रियल लाइफ घटना पर फिल्म बना रहे है।  ऐयारी टाइटल वाली यह फिल्म ऐयारों यानि जासूसों पर है।  लेकिन, यह सैन्य जासूसों और उनकी जासूसी वाली फिल्म है।  इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा  कैप्टेन जय सिंह और  मनोज बाजपेई उनके गुरु कैप्टेन अभय सिंह के किरदार कर रहे हैं।  यह दोनों ऑफिसर दृढ इच्छा शक्ति वाले हैं।  नीरज की खासियत रियल लोकेशन पर शूट करने की है।  इसलिए  फिल्म की तमाम शूटिंग कश्मीर और दिल्ली के अलावा लन्दन में हुई है।  फिल्म में अभिनेत्री राकुल प्रीत सिद्धार्थ मल्होत्रा की लव इंटरेस्ट बनी हैं। यह फिल्म इंडिपेंडेंस डे वीकेंड २०१८ को रिलीज़ होगी। इसी दिन, नीरज पांडेय की फिल्मों स्पेशल २६, बेबी और रुस्तम के नायक अक्षय कुमार की साउथ के सुपर स्टार रजनीकांत की विज्ञानं फैंटसी फिल्म २.० भी रिलीज़ हो रही है।

कार्तिक नुसरत और सनी की सोनू की टीटू की स्वीटी

प्यार का पंचनामा, आकाश-वाणी और प्यार का पंचनामा २ के निर्देशक लव रंजन एक बार फिर रोम-कॉम फिल्म यानि रोमांस कॉमेडी फिल्म सोनू की टीटू की स्वीटी लेकर आ रहे हैं।  इस फिल्म में प्यार का पंचनामा २ के एक्टर कार्तिक आर्यन, नुशरत भरुचा और सनी सिंह ही सोनू स्वीटी और टीटू के किरदार में नज़र आएंगे।  लव रंजन की कॉमेडी का अपना फ्लेवर होता है।  इस फॉर्मेट में उनके दो प्रिय एक्टर कार्तिक आर्यन और नुशरत भरुचा फिट बैठते हैं।  लव रंजन की  सभी फिल्मों में यह एक्टर ज़रूर लिए जाते हैं।  पिछले दिनों इस फिल्म को लेकर एक वीडियो जारी किया गया था।  इस वीडियो में यह तीनों एक्टर अपने उन अनुभवों को साझा कर रहे थे, जो उन्हें फिल्म की शूटिंग के दौरान हुए।  जिनमे वह मज़ाकिया लहज़े में एक दूसरे के साथ काम न करने की कसमे भी खा रहे थे।  लव फिल्म्स और टी-सीरीज की यह फिल्म ३ नवंबर को रिलीज़ हो रही है।  

सलमान खान की ट्यूबलाइट हुई फ्यूज

कहाँ उम्मीद की जा रही थी कि सलमान खान की फिल्म ट्यूबलाइट बाहुबली २ के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर देगी।  मगर हुआ उल्टा।  ट्यूबलाइट ने इंडियन बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ २१.१५ करोड़ का बिज़नेस किया।  यह फिल्म इस साल रिलीज़ बाहुबली २ के बाद खडी ज़रूर है।  लेकिन, बाहुबली २ के ४१ करोड़ के बिज़नेस के काफी पीछे है।  ख़ास बात यह है कि तेलुगु फिल्मों ने हिंदी फिल्मों को चुनौती देनी शुरू कर दी है।  ख़ास तौर पर विदेशी बाज़ार में।  अमेरिका में तेलुगु डीजे ने बॉलीवुड के सुल्तान सलमान खान की ट्यूबलाइट फ्यूज ही कर दी । साफ़ तौर पर अमेरिकी बॉक्स ऑफिस पर तेलुगु फिल्मों का जलवा अभी कायम है । बाहुबली २ के बाद तेलुगु फिल्म दुव्वाडा जगन्नाधम ने यूएस बॉक्स ऑफिस पर ११वे नंबर की ओपनिंग ली है।  इस फिल्म ने सलमान खान की फिल्म के मुक़ाबले दुगुने से ज़्यादा कलेक्शन किया है।  जहाँ, ट्यूबलाइट ने अमेरिका में ३०१ पर्दों के साथ बॉक्स ऑफिस पर १.३९ करोड़ बटोरे, वहीँ ट्यूबलाइट के मुकाबले आधे स्क्रीन्स पर रिलीज़ दुव्वाडा जगन्नाधम ने ३.३९ करोड़ लपक लिए। इस हरीश शंकर इस रोमांटिक एक्शन फिल्म में अल्लू अर्जुन नायक है।  फिल्म में उनकी नायिका पूजा हेगड़े हैं।  पूजा हेगड़े ने एक हिंदी फिल्म हृथिक रोशन के साथ मोहनजोदड़ो की है।  डीजे की सफलता से साफ़ है कि बॉलीवुड को अपने सुपर स्टारों की ताकत को समझना होगा और कुछ ऎसी फ़िल्में बनानी होंगी, जो वर्ल्ड वाइड बिज़नेस कर सके।  अन्यथा, दक्षिण की फ़िल्में उनका रास्ता रोकने आ रही हैं।  

Friday, 23 June 2017

१२ फीट डीप: पुराना हिसाब चुकाना है !

द शैलोज़ (२०१६) और हालिया रिलीज़ ४७ मीटर्स डाउन में समुद्र के गहरे पानी में शार्क के हमले की कहानी को भय और थ्रिल के ज़रिये दिखाया गया था।  साबित होता था कि शार्क के हमले से जीने के लिए जद्दोजहद करनी होती है।  लेकिन पानी के अंदर बिना शार्क के भी जान जोखिम में पड़ सकती है।  २० जून को रिलीज़ होने जा रही  मैट इस्कन्दरी निर्देशित थ्रिलर फिल्म १२ फ़ीट डीप इसे अपने दर्शकों को महसूस करा सकती है।  दो बहाने ब्री (नोरा-जेन नूंए) और जोंना (अलेक्सांद्रा पार्क) ओलिंपिक के लिए बनाये गए पूल में १२ फ़ीट की गहराई में उस समय फंस जाती हैं, जब वह पूल के फाइबर ग्लास कवर के नीचे धोखे से फंस जाती है।  इन दोनों बहनों को कड़ाके की ठण्ड की रात का सामना करते हुए खुद को बचाना है।  ऐसे भयानक समय में पूल की रखवाली करने वाली क्लारा को भी अपना पुराना हिसाब चुकाने का मौका मिल गया है।  फिल्म में डिआने फर क्लारा का किरदार कर रहीं हैं। सॉ फ्रैंचाइज़ी के टोबिन बेल भी इस फिल्म में दिखाई देंगे।  

दो डायरेक्टर के बदले एक डायरेक्टर

स्टार वार्स के करैक्टर हान सोलो पर एक अनाम फिल्म की शूटिंग फिल लार्ड और क्रिस मिलर द्वारा जनवरी में शुरू कर दी गई थी।  इस डायरेक्टर जोड़ी ने क्लॉउडी विथ अ चांस ऑफ़ मेटाबॉल्स, २१ जम्प स्ट्रीट्स, २२ जम्प स्ट्रीट्स और द लीगो मूवी का निर्देशन कर  दुनिया के दर्शकों के बीच अपनी कल्पनाशीलता के कारण जगह बनाई थी।  पिछले दिनों लुकास फिल्म्स की ओर से यह बयान आया कि अब यह जोड़ी क्रिएटिव डिफरेंस के कारण हान सोलो पर फिल्म का निर्देशन नहीं कर रही है।  यह इस जोड़ी के प्रशंसकों के लिए निराशा की बात थी।  हान सोलो एक प्रतिष्ठित नायक है।  इस किरदार को परदे पर साकार करने के लिए फिल और क्रिस की जोड़ी परफेक्ट लगती थी। परन्तु, अब ऐसे दर्शकों को तसल्ली होगी कि हान सोलो का बड़े परदे पर विकास सक्षम निर्देशक द्वारा किया जायेगा।  लुकास फिल्म्स के हान सोलो पर अनाम फिल्म के निर्देशन का जिम्मा स्टार वार्स सीरीज की फिल्म रोग वन: अ स्टार वार्स स्टोरी के डायरेक्टर गैरेथ एडवर्ड्स को सौंपा गया है।  गैरेथ ने मॉन्स्टर्स, गॉडज़िला और मॉन्स्टर्स :डार्क कांटिनेंट के निर्देशन में भी अपनी क्षमता का परिचय दिया है। चूंकि, हान सोलो स्पिन ऑफ फिल्म रोग वन: अ स्टार वार्स स्टोरी से जुडी हुई है , इसलिए यह उम्मीद की जा सकती है कि गैरेथ फिल्म की पूर्व डायरेक्टर जोड़ी की विज़न की भरपाई अच्छी तरह से कर पाएंगे।  फिलहाल यह अनाम फिल्म २५ मई २० को रिलीज़ होनी है।   

अक्षय कुमार की 'गोल्ड' में टेलीविज़न की 'नागिन' मौनी रॉय

आजकल मिशिगन में छुट्टियां मना रही मौनी रॉय के लिए खुशखबरी है।  वह जब भारत वापस लौटेंगी, तब उनका स्वागत अक्षय कुमार की फिल्म द गोल्ड का सेट कर रहा होगा।  फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के बैनर एक्सेल एंटरटेनमेंट के अंतर्गत बनाई जा रही गोल्ड का निर्देशन रीमा कागती कर रही हैं।  इस फिल्म की कहानी स्वतंत्रता पूर्व भारत द्वारा जीते गए हॉकी के पहले गोल्ड पर केंद्रित है।  इस फिल्म में अक्षय कुमार हॉकी खिलाड़ी बलबीर सिंह का किरदार कर रहे हैं  ।  पुरुष हॉकी पर, पुरुष किरदारों की इस फिल्म में मौनी रॉय की क्या भूमिका होगी, बहुत साफ़ नहीं है।  वैसे सूत्रों का कहना  है कि मौनी का किरदार काफी सशक्त होगा।  शायद भाग मिल्खा भाग में सोनम कपूर के किरदार जैसा।  ३१ साल की मौनी रॉय ने २००७ में कृष्णा तुलसी विरानी  के किरदार से टेलीविज़न डेब्यू किया था।  देवों के देव महादेव में सति के किरदार से वह काफी लोकप्रिय हुई।  टेलीविज़न शो नागिन और नागिन २ में अपने शिवन्या और शिवांगी के दोहरे किरदार से वह टेलीविज़न की टॉप अभिनेत्रियों में शुमार हो गई।  पिछले दिनों यह खबर थी कि मौनी रॉय का फिल्म डेब्यू सलमान खान की फिल्म से होयेगा।  इस फिल्म में फरहान अख्तर और कुणाल कपूर के साथ कियरा अडवाणी भी काम कर रही हैं।






इन रीलों में रियल लाइफ की कहानी है !

हिंदी रील पर रियल लाइफ करैक्टरो या रियल लाइफ इंसिडेंट का ज़बरदस्त हमला शुरू हो गया है। अभी जिन दो फिल्मों के पोस्टर बड़े जोरशोर के साथ रिलीज़ गए हैं, उनकी रील लाइफ पर रियल लाइफ तेवर प्रभावी नज़र आते हैं।  मधुर भंडारकर की फिल्म इंदु सरकार और मिलन लुथरिया की फिल्म बादशाहो की पृष्ठभूमि पर १९७५ की वह इमरजेंसी है, जिस दौरान पूरा हिंदुस्तान एक बड़ी जेल में तब्दील हो गया था । इन दो फिल्मों के अलावा कुछ दूसरी फ़िल्में भी रील लाइफ करैक्टर या इंसिडेंट यानि घटनाओं पर हैं।  ज़्यादा फ़िल्में बायोग्राफिकल कही जा सकती हैं।  
रियल इंसिडेंट पर फ़िल्में बनाने के अपने खतरे होते हैं।  अब गुलज़ार की फिल्म आंधी को ही ले लीजिये।  फिल्म के सुचित्रा सेन के करैक्टर आरती का मेकअप-गेटअप तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी से क्या मिला, तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने फिल्म को सिनेमाघरों से उतरवा दिया । बाद मे यह फिल्म जनता पार्टी के शासन काल में रिलीज़ हो पाई। अमृत नाहटा की फिल्म किस्सा कुर्सी के प्रिंट ही जलवा दिए गए। यह सब इंदिरा गांधी के द्वारा देश में आपातकाल की घोषणा के बाद किया गया। यह दो फ़िल्में आपातकाल के दौरान हुए सरकारी सितम की रियल घटनाये है।   
आपातकाल पर दो फ़िल्में 
इस साल जुलाई और सितम्बर में एक महीने के अंतराल से दो ऎसी फ़िल्में रिलीज़ होंगी, जो आपातकाल की पृष्ठभूमि पर है। २८ जुलाई को रिलीज़ होने जा रही मधुर भंडारकर की फिल्म इंदु सरकार आपातकाल के १९७५ से १९७७ के बीच के २१ महीनों की कहानी है।  इस फिल्म में कीर्ति कुल्हारी का किरदार का आपातकाल के दौरान आम आदमी के हक़ और स्वतंत्रता के लिए लड़ता है। इस फिल्म में नील नितिन मुकेश ने संजय गांधी और सुप्रिया विनोद ने इंदिरा गांधी का किरदार किया है।  फिल्म के अन्य कलाकारों में तोता रॉय चौधरी, अनुपम खेर, शीबा चड्डा और परवीन डबास के नाम शामिल हैं। १ सितम्बर को रिलीज़ होने जा रही दूसरी फिल्म में भी आपातकाल का दौर है। मिलन लुथरिया की फिल्म बादशाहो की कहानी इमरजेंसी के दौर के ९६ घंटों की है, जब हथियार बंद गारद के साथ ले जाए जा रहे अरबों के सोने की लूट की योजना बनाई जाती है।  इस काम को ६०० किलोमीटर में पूरा किया जाना है।  इस समय में छह किरदार अपने अपने काम अंजाम देते हैं। इन छह किरदारों को अजय देवगन, इलीना डिक्रूज़, एशा गुप्ता, विद्युत् जम्वाल, इमरान हाश्मी और संजय मिश्रा ने किया है। हालाँकि यह दोनों फ़िल्में १९७५ में लगी इमरजेंसी की पृष्ठभूमि पर है। लेकिन, इन दोनों फिल्मों की कहानियां और घटनाएं काल्पनिक हैं।  मधुर भंडारकर ने अपनी फिल्म का शीर्षक इंदिरा गांधी के उपनाम इंदु पर रखा है तथा फिल्म में संजय गांधी, इंदिरा गांधी, आदि के किरदार भी रखे गए हैं।  लेकिन मोटामोटी यह काल्पनिक कहानी है।  मिलन लुथरिया की फिल्म तो पूरी तरह से सस्पेंस, थ्रिल और एक्शन से भरपूर काल्पनिक घटना है। 
बॉम्बे के डॉन 
बॉलीवुड को डॉन करैक्टर बहुत भाते हैं। बॉलीवुड की ज़्यादा फ़िल्में बॉम्बे बम ब्लास्ट के कुख्यात भगौड़े अपराधी डॉन दाऊद इब्राहिम पर कंपनी, वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई, आदि फ़िल्में बनाई गई हैं।  अब दो ऎसी फ़िल्में आ रही हैं, जिनके मुख्य किरदारों के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं या उनके बारे में जानकारी रखते हैं। पहली फिल्म १८ अगस्त को रिलीज़ होने जा रही हसीना पारकर है।  इस फिल्म का निर्देशन अपूर्व लखिया ने किया है।  यह फिल्म भगोड़े दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर पर केंद्रित है।  हसीना ने मुंबई में अपने भाई के पाकिस्तान भाग जाने के बाद उसका कारोबार बखूबी सम्हाला था। फिल्म का पोस्टर बताता है कि हसीना पर ८८ मुकदमे चल रहे थे।  इस फिल्म में मुंबई की महिला डॉन हसीना का किरदार अभिनेत्री श्रद्धा कपूर ने किया है।  उनके भाई सिद्धांत कपूर डॉन दाऊद इब्राहिम बने हैं। अंकुर भाटिया ने हसीना का शौहर इब्राहिम पारकर का किरदार किया है। दूसरी डायरेक्टर अशीम अहलूवालिया की फ़िल्म डैडी बॉम्बे के गैंगस्टर अरुण गवली पर है, जिसका १९८० के दशक में मुंबई के चिंचपोकली इलाके में दबदबा हुआ करता था।  बाद में अरुण गवली राजनीती में भी उतरा था। इस फिल्म का शीर्षक डैडी इसी लिए रखा गया है कि उसके इलाके के लोग डॉन को डैडी कह कर पुकारते थे। स्थानीय चॉल के लोगों में उसे रोबिन हुड कहा जाता था।  इस किरदार को अर्जुन रामपाल ने किया है।  उन्होंने ही फिल्म की कहानी में भी योगदान दिया है। यह फिल्म १ दिसंबर को रिलीज़ हो रही है।  
रियल लाइफ फिल्मों के गोल्ड अक्षय कुमार
रियल लाइफ फिल्मों का किरदार करने के जहां अपने खतरे हैं, वही लोकप्रियता के फायदे भी हैं।  इसीलिए तमाम बॉलीवुड अभिनेता और अभिनेत्रियां रियल लाइफ किरदारों को करने की कोशिश करते हैं।  ऐसे एक्टरों में अभिनेता अक्षय कुमार सबसे आगे हैं।  अक्षय कुमार को रियल लाइफ किरदारों के गोल्ड अभिनेता कहना उचित होगा।  अक्षय कुमार ने कई रियल लाइफ किरदार किये हैं और उन्हें बॉक्स ऑफिस पर अच्छी सफलता भी मिली है। २०१३ में अक्षय कुमार ने रियल लाइफ घटनाओं पर दो फ़िल्में की थी।  नीरज गुप्ता की फिल्म स्पेशल २६ की कहानी १९८७ में मुंबई के ओपेरा हाउस में जौहरियों के शो रूम में पड़ी अनोखी डकैती पर थी, जिसमे कुछ लोग नकली सीबीआई बन कर लूट करते हैं।  अक्षय कुमार  ने लुटेरों के सरगना का किरदार किया था।  इसी साल रिलीज़ दूसरी फिल्म वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई दोबारा में अक्षय कुमार ने रियल लाइफ दाऊद इब्राहिम के रील लाइफ किरदार शोएब खान का किरदार किया था। २०१६ में अक्षय कुमार की दो फ़िल्में एयरलिफ्ट और रुस्तम रियल लाइफ किरदारों पर थी। एयरलिफ्ट १९९० में कुवैत पर इराक के हमले के दौरान एक भारतीय मूल के कुवैती व्यापारी मथुनि मैथ्यूज द्वारा कुवैत से भारतीयों को बाहर निकालने की कहानी थी। मैथ्यूज का किरदार अक्षय कुमार ने किया था। रुस्तम में अक्षय कुमार ने नौसेना अधिकारी के एम नानावटी का रील किरदार किया था।  यह फिल्म साथ के दशक में बॉम्बे में हुए एक मशहूर हत्याकांड पर थी।  अक्षय कुमार इस समय भी रियल लाइफ किरदार कर रहे हैं।  १९८९ में रानीगंज कोलफील्ड में हुए हादसे पर बनाई जा रही फिल्म में अक्षय कुमार कोलफील्ड के चीफ इंजीनियर जे एस गिल का किरदार कर रहे हैं, जिसने ६४ खनिकों की जान बचाई थी।  रीमा कागती की फिल्म गोल्ड में अक्षय कुमार हॉकी खिलाड़ी बलबीर सिंह का किरदार कर रहे हैं।  पैडमैन में वह सस्ते सेनेटरी पेड बनाने वाले मशीन की ईज़ाद करने वाले अरुणाचलम मुरुगनंथम का किरदार कर रहे हैं।  टी सीरीज की फिल्म मुग़ल में अक्षय कुमार ने गुलशन कुमार का किरदार किया है।  इसके अलावा बैटल ऑफ़ सरगढ़ी और टॉयलेट एक प्रेम कथा या तो रियल लाइफ किरदार पर हैं या रियल इंसिडेंट पर हैं। 
रिलीज़ हो गई फ़िल्में
रियल लाइफ किरदारों या घटनाओं पर कुछ फिल्में इसी साल रिलीज़ हुई हैं।  द गाज़ी अटैक १९७१ के भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान हुई उस घटना पर है, जिसमे भारतीय नौसैनिकों ने पाकिस्तान की पनडुब्बी गाज़ी को डुबो दिया था।  सचिन: अ बिलियन डॉलर ड्रीम क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर पर और एम एस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी क्रिकेटर धोनी पर बनाई गई बायोग्राफिकल फ़िल्में हैं।  राहुल बोस की फिल्म पूर्णा माउंट एवरेस्ट पर चढाने वाली छोटी बच्ची पूर्ण की रियल लाइफ कहानी थी। जब तक यह लेख प्रकाशित होगा सलमान खान की फिल्म ट्यूबलाइट रिलीज़ हो गई होगी।  यह फिल्म १९६२ के भारत-चीन युद्ध पर फिल्म है।   
बायोग्राफिकल फ़िल्में बनाने के अपने खतरे हैं। रियल लाइफ करैक्टर को ऐतराज़ हो सकता है। जैसे हसीना पार्कर के जीवन पर फिल्म हसीना पारकर को लेकर ऐतराज़ जताया गया था।  इसी परिवार ने वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई के निर्माण के दौरान भी आपत्ति जताई थी।  इसीलिए फिल्म में करैक्टर के नाम पर बदलाव किया गया।  पूर्व प्रधान मंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह पर बनाई जा रहे फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर पर तो सेंसर बोर्ड चीफ पहलाज निहलानी का ही ऐतराज़ था कि पहले मनमोहन सिंह से अनुमति ली जाए। कांग्रेस को तो इमरजेंसी पर बनाई गई इंदु सरकार पर भी नाराज़गी है।    

हिंदी में डब होगी प्रभाष की बिल्ला

हिंदी दर्शकों पर बाहुबली के शिवुडु अमरेंद्र बाहुबली का जादू चढ़ गया है।  इस फिल्म में रानी देवसेना यानि अनुष्का शेट्टी के साथ उनकी जोड़ी काफी पसंद की गई थी।  दुनिया के दर्शक इस जोड़ी की दूसरी फिल्म में  देखना चाहते हैं। बाहुबली के बाद इस जोड़ी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि  इन दोनों को लेकर तेलुगु, तमिल और हिंदी में एक फिल्म साहो बनाई जा रही है।  इस थ्रिलर फिल्म के डायरेक्टर सुजीत हैं।  फिल्म की शूटिंग ९ जून से हैदराबाद में शुरू हो चुकी है।  फिलहाल साहो की रिलीज़ की तारीख तय नहीं हैं। बताते चलें कि प्रभाष और अनुष्का शेट्टी की जोड़ी ने बाहुबली से पहले बिल्ला और मिर्ची में अभिनय किया था।  यह दोनों ही प्रभाष की एक्शन  फ़िल्में हैं।  प्रभाष की लोकप्रियता को भुनाने के ख्याल से बिल्ला (२००९) को हिंदी में डब कर रिलीज़ किये जाने की खबर हैं।  बिल्ला में प्रभाष की दोहरी भूमिका है।  फिल्म की कहानी शत्रुघ्न सिन्हा की १९७६ में सुभाष घई निर्देशित फिल्म कालीचरण और अमिताभ बच्चन की फिल्म डॉन जैसी है।  डॉन बिल्ला (प्रभाष) पुलिस के पीछा करने के दौरान दुर्घटना  में मारा जाता है।  पुलिस कमिश्नर डॉन की मौत की खबर को दबा देता है और उसकी जगह एक छोटे मोटे चोर स्वामी रंगा (प्रभाष) को प्लांट कर देता है।  इस फिल्म में अनुष्का शेट्टी के अलावा नमिता और हंसिका मोटवानी जैसी सेक्स बम अभिनेत्रियां भी हैं।  हंसिका तो हिंदी फिल्मो में अभिनय भी कर चुकी हैं।  जल्द ही फिल्म का ट्रेलर रिलीज़ किया जायेगा।  इस फिल्म को रिटर्न ऑफ़ रिबेल रखा गया है।
  

शबीना के साथ मगन होके नाचे सलमान खान

आज रिलीज़ हो रही सलमान खान की फिल्म ट्यूबलाइट का एक गीत नाच मेरी जान काफी पॉपुलर हो  चुका है। इस गीत पर दोनों खान भाइयों सलमान खान और सोहैल खान को नचाने का काम किया शबीना खान ने।  सलमान खान और शबीना खान का साथ बरसों पुराना है।  शबीना ने पहली बार सलमान खान की फिल्म ख़ामोशी द म्यूजिकल में गणेश हेगड़े की असिस्टेंट के रूप में पहली बार सलमान खान को स्टेप करवाए थे। शबीना सरोज खान और प्रभुदेवा की असिस्टेंट भी रह चुकी हैं।  स्वतंत्र कोरियोग्राफर के रूप में ऑफर शबीना को ख़ामोशी के दौरान ही मिलने लगे थे। सलमान खान को शबीना की आर्टिस्टिक स्किल्स काफी पसंद है।  इसलिए वह दूसरे कोरियोग्राफर के बजाय शबीना को प्राथमिकता देते हैं। यही कारण है कि शबीना खान फिल्म दबंग, जय हो और प्रेम रतन धन पायो जैसी फिल्मों में सलमान खान के स्टेप तैयार कर चुकी हैं।  नाच मेरी जान की कोरियोग्राफी के बारे में बात करते हुए शबीना कहती हैं, "यह गाना मेरे दिल के बहुत करीब है। यह गाना भाइयो के रिश्तों को स्क्रीन पर सुंदर ढंग से पेश करता है। ख़ास बात यह है कि मेरे भाई शर्जिल ने भी इस गाने की कोरियोग्राफी करने में मदद की है।" इस गीत में सलमान खान और सोहेल खान के अलावा चीनी एक्ट्रेस जूजू भी नजर आती हैं । 


Thursday, 22 June 2017

प्रियंका चोपड़ा की दो हॉलीवुड फ़िल्में

बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा, जहाँ हिंदी फिल्मों में व्यस्त हैं, वही वह हॉलीवुड फ़िल्में भी साइन करती जा रही हैं। पिछले दिनों प्रियंका चोपड़ा ने बहुत गुपचुप दो हॉलीवुड फ़िल्में साइन कर ली हैं। इनमे से एक फिल्म अ किड लाइक जेक की तो उन्होंने शूटिंग भी शुरू कर दी है।  ड्रामा फिल्म अ किड लाइक जेक में प्रियंका चोपड़ा अमाल का किरदार कर रही हैं।  यह फिल्म अलेक्स और ग्रेग व्हीलर परिवार की है।  उनका बेटा जेक तीव्र बुद्धि ट्रांसजेंडर बच्चा है।  उन्हें उससे काफी उम्मीदें हैं। उसे अपनी उम्र के दूसरे बच्चों की तरह जीआई जो के बजाय सिंडरेला पसंद है। इस ट्रांसजेंडर बच्चे के न्यू यॉर्क सिटी के किंडरगार्टेन में एडमिशन के लिए उनके सामने आर्थिक कठिनाइयां हैं। फिल्म में व्हीलर दम्पति का किरदार क्लेयर डॅन्स और जिम पार्सन्स ने की है।  इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा उनकी मित्र अमाल का किरदार कर रही हैं।  जो एक बच्चे की तलाक़शुदा माँ है।  उसे भी किंडरगार्टेन में बच्चे के दाखिले के लिए संघर्ष करना है। इस  फिल्म के निर्देशक सिलास होवार्ड (बाय हुक ऒर बाय क्रूक) हैं। यह फिल्म अगले साल रिलीज़ होगी।  प्रियंका चोपड़ा की दूसरी हॉलीवुड फिल्म इज नॉट इट एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है। प्यार में धोखा खाई रूखे स्वभाव की युवती महसूस करती है कि उसकी ज़िन्दगी रोमांटिक कॉमेडी बन गई है। टॉड स्ट्रॉस-शुलसन निर्देशित फिल्म में केंद्रीय किरदार रिबेल विल्सन ने किया है।  हंगर गेम्स के लिएम हैम्सवर्थ और एडम डेविन के किरदारों के विल्सन के साथ प्रेम त्रिकोण में प्रियंका चोपड़ा का कोण बहुत साफ़ नहीं है।  यह फिल्म २०१९ में रिलीज़ होगी। क़्वान्टिको और बेवॉच से प्रियंका चोपड़ा ने खुद की इमेज निगेटिव किरदार वाली बना ली है।  देखने वाली बात होगी कि इन दो फिल्मों का ड्रामा और रोमांस कॉमेडी उनके हॉलीवुड करियर में क्या रंग लाती है।  

अब श्रीदेवी साड़ी

श्रीदेवी की ३००वी फिल्म मॉम ७ जुलाई को रिलीज़ हो रही है।  इसी तारीख को श्रीदेवी के अभिनय की दुनिया में पचास साल पूरे हो जायेंगे। इस दौर में श्रीदेवी ने हिंदी और दक्षिण की फिल्मों में अपने अभिनय और सेक्स अपील का सिक्का जमाया है।  वह जितनी आकर्षक और सेक्सी आधुनिक पोशाकों में लगती थी,  उससे कहीं ज़्यादा सेक्सी और आकर्षक साड़ी में दिखती थी।  मिस्टर इंडिया के काटे नहीं काटते दिन ये रात गीत में नीली शिफॉन साड़ी में भीगती श्रीदेवी कामुकता की देवी नज़र आती थी। यश चोपड़ा  की फिल्म चांदनी के ओ मेरी चांदनी गीत में पीली साड़ी में लिपटी श्रीदेवी ग्लैमर से भरपूर लग रही थी।  लम्हे में उज्जवल सफ़ेद साड़ी में वह रोमांस की देवी जैसी लगती थी।  २०१२ में रिलीज़ फिल्म इंग्लिश विंग्लिश में गृहणी शशि के किरदार के अनुरूप उन्होंने नौ गज की गहरे लाल रंग की साड़ी पहन कर दर्शकों पर जादू कर दिया था।  श्रीदेवी के इसी जादू को भुनाने के ख्याल से चेन्नई के परंपरागत वस्त्रों के विक्रेता और श्रीदेवी के प्रशंसक ने श्रीदेवी साड़ियां लांच करने का फैसला किया है।  साड़ियों की यह सीरीज  श्रीदेवी की फिल्मों में उनके किरदारों से प्रेरित होंगी।

Tuesday, 20 June 2017

'फ्यूरी रोड' पर हार्डी और थेरॉन टकराव ?

२०१५ की हिट फिल्म मैड मैक्स : फ्यूरी रोड के निर्माण के दौरान फिल्म में मैक्स का किरदार करने वाले अभिनेता टॉम हार्डी और विलेन फ्यूरिओसा की एक्ट्रेस चार्लीज थेरॉन के बीच टकराव की खबरें आती रहती थी।  लेकिन, इन खबरों की पुष्टि करने कोई भी आगे नहीं आता था। पिछले दिनों फिल्म में टोस्ट द नोईंग का किरदार करने वाली अभिनेत्री जोए क्रेविट्ज़ ने फिल्म रफ़ नाईट के प्रमोशन के दौरान ऐसा संकेत दिया कि हार्डी और थेरॉन में टकराव होता था।  उनके अनुसार, "यह ऐसा टकराव था, जैसे हम समर कैंप में रहते हैं।  घर से छह महीने तक अलग रेगिस्तान में बसते हैं। ऐसे में सभी लोगों के बीच कोई न कोई मुद्दा पैदा हो जाता है।" क्रेविट्ज़ की बात से बात मिलाती हुई इलाना ग्लेज़र मज़ाकिया लहज़े में इसे गर्भपात और प्रजनन के अधिकार से जोड़ देती है । इससे ऐसा लग सकता है कि हार्डी और थेरॉन टकराव पात्रों के अनुरूप बैठाने के लिए पैदा हुआ अधिक था।  परन्तु जब हमें यह मालूम होता है कि फिल्म के डायरेक्टर  जॉर्ज मिलर ने जो दो स्क्रिप्ट लिख रखी हैं, उनसे बन रही पहली फिल्म मैड मैक्स : द वेस्टलैंड में चार्लीज़ थेरॉन का फ्यूरिओसा का किरदार नहीं हैं, तब टकराव का सवाल फिर सर उठाता है । लेकिन, संकेत देते हैं जॉर्ज मिलर कि दूसरे सीक्वल में मैक्स और फ्यूरिओसा के बीच फिर वाद-विवाद होगा। साफ़ तौर पर मैड मैक्स: फ्यूरी रोड के पहले सीक्वल में फ्यूरिओसा नहीं है, लेकिन यह हार्डी से थेरॉन के टकराव का परिणाम नहीं है।

अब डायरेक्टर की कुर्सी पर सिमोन किनबर्ग

डेडपूल, लोगन और एक्स-मेन फिल्मों के निर्माण से जुड़े सिमोन किन्बर्ग ने अब डायरेक्शन की कमान भी सम्हाल ली है । वह २ नवम्बर २०१८ को रिलीज़ होने जा रही फिल्म एक्स-मेन: डार्क फ़ीनिक्स का निर्देशन करेंगे । इस फिल्म में जेम्स मकवाय (प्रोफेसर एक्स), जेनिफर लॉरेंस (मिस्टीक), माइकल फॉस्बेंडर (मैग्नेटो), सोफी टर्नर (जीन ग्रे) और निकोलस हॉल्ट (बीस्ट) अपने अपने किरदार करेंगे। प्रोफेसर एक्स के बुलावे पर इकठ्ठा सभी एक्स-मेन को दुनिया के उन लोगों को बचाना है, जो उनसे नफ़रत करते हैं।  यह युद्ध ब्रह्माण्ड की सीमा से दूर, उन ताकतों से लड़ना है, जिनकी ताक़त असीम है।  ऐसे में टीम की एक सदस्य जीन ग्रे को अपार शक्तियां मिल जाती हैं। यह शक्तियां उसे भ्रष्ट कर देती हैं और वह बुरी शक्ति डार्क फ़ीनिक्स बन जाती है।  सिमोन किनबर्ग की इस फिल्म में इंटरस्टेलर की जेसिका चेस्टेन दुष्ट राजकुमारी लीलांड्रा का किरदार कर रही हैं। एक्स-मेन फिल्मों में अब तक ब्रयान सिंगर के अलावा टिम मिलर, जेम्स मैनगोल्ड, ब्रेट रैटनर, गैविन हुड और मैथ्यू वॉन जैसे निर्देशको ने रोचकता बनाये रखी हैं।  अब इंतज़ार रहेगा एक्स-मेन के दर्शकों को एक्स- मेन : डार्क फ़ीनिक्स का कि सिमोन इस विज्ञान फैंटसी फिल्म में दर्शकों के लिये क्या रोचक दे पाते हैं! 

टेलीविज़न के सितारों के जीवन मे अहम् है संगीत

आज वर्ल्ड म्यूजिक डे है।  संगीत हिन्दुस्तानियों की नस नस में बहता है। अभिनय की दुनिया में तो संगीत ख़ास अहमियत रखता है।  टेलीविज़न की दुनिया में भी रोमांस की अभिव्यक्ति करने का जरिया गीत- संगीत बन गया है। टीवी के सितारों के संगीत को लेकर क्या विचार हैं, आइये जानने की कोशिश करते हैं -
हसन ज़ैदी- संगीत हमारे जीवन में काफी अहम् हिस्सा है।  मैं तो म्यूजिक के बीच बड़ा हुआ हूँ। मुझे याद है कि मैं हमेशा अपने साथ वॉकमैन लेकर चलता था।  मैं रेडियो जॉकी रहा हूँ।  मैं उस समय सायप्रस में पढता था।  वहां के रेडियो में इंडियन म्यूजिक पेश किया करता था।  स्कूल बैंड का लीड सिंगर हुआ करता था।  संगीत से मेरा रिश्ता आज भी बरकरार है।  मैं गिटार सीख रहा हूँ। पियानो और ड्रम बजा सकता हूँ।  
शक्ति अरोरा- मुझे म्यूजिक से प्यार है।  यह मेरा मूड बढ़िया कर देता है। मैं एनर्जी की ज़रुरत म्यूजिक से पूरी करता हूँ। मेरा पास एक छोटा स्पीकर और हेड फ़ोन है, जिस से मैं रोज म्यूजिक सुनता हूँ। इस प्रकार से दो शॉट्स के बीच खुद को तरोताज़ा कर लेता हूँ।  जब गुस्सा होता हूँ, तब भी म्यूजिक सुनता हूँ। शेप ऑफ़ यू मेरा पसंदीदा है। 
श्वेता बासु प्रसाद- मेरे जीवन में संगीत का बहुत ज्यादा महत्व है। मैं रोज संगीत सुनती हूँ।  मैंने इंडियन क्लासिकल म्यूजिक पर डाक्यूमेंट्री भी बनाई है।  मैं भारतीय और कर्णाटक म्यूजिक की प्रशंसक हूँ।  में जाज, फोक और पॉप सुनती हूँ।   मैं किसी ख़ास गीत को नहीं गुनगुनाती। इंडियन क्लासिकल में से ही कोई सुनती हूँ।
रमन हंडा- संगीत मेरे लिए जीवन है।  संगीत मुझे जीवन दे देता है।  बिना म्यूजिक के ज़िन्दगी बदरंग होती।  निर्वाण प्राप्त करने का आसान रास्ता संगीत है।  मेरा दिन संगीत से शुरू होता है। मैं रोज ३ घंटा संगीत सुनता हूँ। मुझे सभी तरह का संगीत पसंद है।  मगर पसंदीदा ईडीएम ही है। मुझे सूफी संगीत भी पसंद है। जब भी उदास होता हूँ, मैं हमेशा कल हो न हो गुनगुनाता हूँ।  यही मेरा सबसे पसंदीदा गीत है। 
रोहित भरद्वाज- एक एक्टर और म्यूजिक का गहरा सम्बन्ध है।  संगीत से किसी दृश्य को अलग करने की प्रेरणा मिलती है।  स्क्रिप्ट में नई चीज़ संगीत से ही मिलती है। जब मैं बेटी के साथ तैर रहा होता हूँ, पत्नी के साथ झगड़ रहा होता हूँ, दोस्तों के साथ खेल रहा होता हूँ, सफ़र करते समय खिड़की से बाहर झाँक रहा होता हूँ, उस समय भी कोई ट्रैक पृष्ठभूमि पर चल रहा होता है।  मुझे सूफी और कुछ इंग्लिश क्लासिक पसंद हैं। एन्ट नो सनशाइन व्हेन शी हैज गॉन किसी कारण से जादू सा करता है।
अनिरुद्ध दवे- संगीत ज़िन्दगी है।  मैंने अपनी अलार्म घडी में मोजार्ट सेट कर रखा है।  इस प्रकार से मेरे दिन की शुरुआत ही मोजार्ट से होती है।  जब मैं दौड़ रहा होता हूँ, मैडिटेशन/रिलैक्सेशन म्यूजिक सुनता हूँ। मैं नहाते समय भी संगीत सुनता हूँ।  मैं सिंथेसाइज़र बजाता हूँ।  संगीत मुझे खुश रखने का ज़रिया है।  जब मैं खुश होता हूँ तो पेपी नंबर सुनता हूँ।  सूफी और फ्यूज़न मेरे पसंदीदा है।

पारुल चौहान- मैं जब उदास होती हूँ या परिवार और दोस्तों को मिस कर रही होती हूँ तो मैं अपना मूड म्यूजिक सुन कर ठीक करती हूँ।  मैं खाने बनाते समय या जिम में संगीत सुनते हुए ही वर्क आउट करती हूँ। मेरे घर में बड़ा सा म्यूजिक सिस्टम है। सेट पर मेरे मेकअप रूम में भी म्यूजिक सिस्टम होता है।  सेट पर लोग जब म्यूजिक सुनते हैं, तब समझ जाते हैं कि पारुल सेट पर आ गई है।  मैं मेकअप करते समय और रिहर्सल करते समय भी म्यूजिक सुनती रहती हूँ।  मेरा पसंदीदा अरिजीत सिंह है।  वह सर्वश्रेष्ठ है।  मेरा पसंदीदा गीत तुम ही हो है।

Sunday, 18 June 2017

कौन है ट्यूबलाइट की झू झू ?

आज सलमान खान मुंबई के एक बड़े होटल में अपनी फिल्म ट्यूबलाइट के प्रमोशन के दौरान फिल्म में उनकी नायिका झू झू का परिचय पत्रकारों से कराएंगे।  झू झू चीनी अभिनेत्री है। उनका जन्म एक सैनिक परिवार में १९ जुलाई १९८४ को हुआ था।  उनके दादा यानि ग्रैंडफादर चीन की पीपल्स आर्मी में मेजर जनरल के पद पर थे। झू ने तीन साल की उम्र से पियानो बजाना शुरू कर दिया था।  वह जूनियर हाई स्कूल में ब्यूटी एंड द बीस्ट के इंग्लिश संस्करण में अभिनय कर चुकी है।  वह एमटीवी चाइना की वीजे रह चुकी हैं। उनका एक एल्बम २००९ में रिलीज़ हुआ है।  उन्होंने २०१० में चीनी फिल्म  व्हाट वीमेन वांट से डेब्यू किया था।  अमेरिका की मार्शल आर्ट्स फिल्म द मैन विथ द आयरन फ़िस्ट्स में झू झू ने रसेल क्रोव के साथ ची ची का किरदार किया था।  वह शंघाई कॉलिंग, सीक्रेट शेयरर और क्लाउड एटलस में भी अभिनय कर  चुकी है।  वैसे उनके पास बीजिंग टेक्नोलॉजी एंड बिज़नेस यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स और इनफार्मेशन इंजीनियरिंग की डिग्री है।  उन्होंने द एवोके इफेक्ट्स, मार्क पोलो, आदि जैसे टीवी शो भी किये हैं।  वह इस समय बटर लैंप फिल्म में भी अभिनय कर रही हैं।  झू झू की आदर्श हॉलीवुड की मेरिल स्ट्रीप, बारबरा स्ट्रेसैंड और केट विंस्लेट हैं।  वह वेस एंडरसन और वुडी एलन जैसे निर्देशकों की फ़िल्में करना चाहती हैं।  उनको घोड़ों और घुड़सवारी से बेहद प्यार है।  झू झू को चीन की फैशन आइकॉन माना जाता है।  वह हार्पर्स कॉलिन चाइना की असिस्टेंट एडिटर रह चुकी हैं।



Saturday, 17 June 2017

'खुले में शौच' मुक्त मुहिम से जुड़े सलमान खान

आज भी भारत के कई ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच करने का चलन है जो देश के विकास के लिए वाकई एक गंभीर समस्या है। इसी को ध्यान में रखते हुए खुले में शौच करने की प्रवृत्ति के खिलाफ पूरे देश मे मुहिम चलाई जा रही है। इसी मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए अभिनेता सलमान खान आगे आये हैं । मुम्बई के गोरेगांव ईस्ट स्थित मद्रास पाड़ा गाँव निवासियों के लिए उन्होंने कई शौचालय का निर्माण कराया है । मुम्बई की फ़िल्म सिटी से सटा मद्रास पाड़ा एक छोटा सा गाँव है जो आरे कालोनी के वनों से घिरा हुआ है। इस इलाके में लगभग ३००० से ज्यादा घर है जिनकी अधिकांश आबादी पिछड़े और मजदूर वर्ग के है। यहां के निवासियों के लिए सलमान खान की बीइंग ह्यूमन ट्रस्ट, बी एम सी, सच ईशान और आई लव मुम्बई जैसी संस्थाओ ने साथ मिलकर लगभग २० के करीब शौचालय का निर्माण कराया है जो बिजली और पानी की सुविधाओं से लैस है। सलमान खान ने कहा "यह सिर्फ एक शुरुआत है। जिस इलाके में ३००० से ज्यादा घर हो और हर घर में लगभग ६ से ७ लोग रहते हो, वहां के लोगों के लिए जितनी शौचालय की सुविधा मिलेगी उतना है, उनका विकास होगा। हम इस काम में जुड़े हुए है।"

ऐश्वर्या राय ने लांच किया हृदयान्तर का संगीत

फैशन डिज़ाइनर विक्रम फडनिस ने बॉलीवुड के तमाम बड़े सितारों के लिए उनकी फिल्मों में पोशाकें डिजाईन की हैं । विक्रम ने फिल्म हम किसी से कम नहीं की डिजाइनिंग ऐश्वर्या राय के लिए ख़ास तौर पर की थी । कुछ न कहो के कॉस्टयूम भी विक्रम फडनिस ने डिजाईन किये थे । विक्रम फडनिस की इसी प्रतिष्ठा का नतीजा है कि उनकी बतौर डायरेक्टर पहली मराठी फिल्म हृदयान्तर का ट्रेलर जारी करने के लिए हृथिक रोशन मौजूद थे, तो वहीँ फिल्म का संगीत ऐश्वर्या राय ने जारी किया ।  हृदयान्तर एक भावुक किस्म की पारिवारिक फिल्म है । फिल्म का संगीत भी इसी थीम पर है ।  फिल्म का संगीत जारी करने के बाद ऐश्वर्य राय ने कहा, “हृदयान्तर जिंदगी को जीने की कहानी है ।  मगर यह खूबसूरत, सेंसिटिव और इमोशनल है ।  यही जिन्दगी का सफ़र है ।  मैं फिल्म के संगीत की लौन्चिंग के मौके पर मौजूद हो कर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हूँ ।फिल्म के संगीत की रिलीज़ के समय ऐश्वर्या राय की मौजूदगी से गदगद विक्रम फडनिस कहते हैं, “कुछ सम्बन्ध कपड़ों (कॉस्ट्यूम) से इतर होते हैं । मैं ऐश्वर्या को प्यार करता हूँ और उनकी इज्ज़त करता हूँ । मेरी फिल्म के संगीत की रिलीज़ के मौके पर उनकी मौजूदगी ने मेरा यह दिन यादगार बना दिया है । मैं बेहद खुश हूँ ।

रजनीकांत की 'काला' की महत्वपूर्ण साक्षी !

राजस्थानी पिता और तमिलभाषी माँ की संतान साक्षी अग्रवाल का जन्म अल्मोड़ा उत्तराखंड में हुआ था।  जन्म के तुरंत बाद माँ-पता के साथ वह चेन्नई आ गई।  यहाँ उन्होंने अन्ना यूनिवर्सिटी से बीआईटी किया।  एक टॉप मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट से एमबीए किया।  बंगलुरु की कुछ कंपनियों में काम किया।  इसी दौरान एक फैशन डिज़ाइनर ने उन्हें देखा।  वह मॉडलिंग करने लगी।  ली स्ट्रासबर्ग थिएटर एंड फिल्म इंस्टिट्यूट से एक्टिंग का क्रैश कोर्स किया।  वह यह कोर्स करने वाली दक्षिण की एकमात्र अभिनेत्री हैं।  हॉलीवुड की उमा थर्मन और स्कारलेट जोहानसन और बॉलीवुड से रणबीर कपूर और इमरान खान ने ही इस इंस्टिट्यूट से कोर्स किया है।  साक्षी ने तमिल भाषा की हॉरर सस्पेंस थ्रिलर फिल्म युगन से अपने फिल्म करियर की शुरुआत की।  वह अब तक पांच तमिल और एक कन्नड़ फिल्म में अभिनय कर चुकी हैं।  पिछले दिनों वह चर्चा में आई रजनीकांत की फिल्म काला करिकालन में अभिनय के कारण।  इस फिल्म में साक्षी का किरदार छोटा मगर अहम् है।  साक्षी कहती हैं, "अपने करियर की शुरुआत में ही रजनी फिल्म पा कर मैं खुद को खुशनसीब महसूस करती हूँ।"

'स्ट्रीट कार रेसर बन 'ड्राइव' करेंगी जैक्वेलिन फर्नांडीज़

अभिषेक बच्चन, जॉन अब्राहम और प्रियंका चोपड़ा के साथ दोस्ताना जैसी फिल्म निर्देशित करने के बाद तरुण मनसुखानी खामोश बैठ गए थे।  जबकि, खबरे उड़ती और बैठती रही कि वह दोस्ताना २ का निर्माण करने जा रहे हैं। इस प्रकार से दोस्ताना को रिलीज़ हुए नौ साल हो गए।  अब जा कर तरुण मनसुखानी की ख़ामोशी टूटी हैं।  वह दोस्ताना का सीक्वल तो नहीं बना रहे।  अलबत्ता, वह स्ट्रीट कार रेसिंग पर फिल्म ड्राइव ज़रूर बना रहे हैं। इस फिल्म का पहला शिड्यूल अप्रैल में ख़त्म हो चूका है। हॉलीवुड में स्ट्रीट कार रेसर पर फ़ास्ट एंड फ्यूरियस  सीरीज पूरी दुनिया में लोकप्रिय हुई है।  कुछ दूसरी कार रेसिंग पर फ़िल्में भी सफल हुई हैं।  लेकिन, बॉलीवुड में तारा रम पम पम और रेस के अलावा अन्य कोई प्रयास नहीं हुए ।  इसीलिए तरुण मनसुखानी की स्ट्रीट कार रेस पर फिल्म ड्राइव पर तमाम निगाहें हैं।  इस फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत एक कार रेसर की भूमिका में हैं।  खबर है कि जैक्वलिन फर्नांडीज़ का किरदार भी एक कार रेसर का है।  इस फिल्म में जैक्वेलिन ने ढेरों खतरनाक स्टंट किये हैं।  वह तेज़ रफ़्तार से कार भगाती भी नज़र आएँगी।  जैक्वलिन के लिए यह किरदार रियल लाइफ जैसा है।  क्योंकि, बहरीन में रहने के दौरान वह स्ट्रीट रेसर हुआ करती थी। इस दौरान उनके कई अच्छे दोस्त बने।  बहरीन  की वह इकलौती महिला कार रेसर हुआ करती थी।  वह कितनी अच्छी कार रेसर थी, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने दो बार पुरुष ड्राइवरों को कार रेसिंग में मात दी थी।  इस लिहाज़ से जैक्वलिन ड्राइव में रियल लाइफ किरदार कर रही होंगी।  जैक्वलिन आज की सबसे ज़्यादा व्यस्त अभिनेत्रियों में शुमार हैं।  वह सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ एक्शन कॉमेडी फिल्म अ जेंटलमैन और वरुण धवन के साथ जुड़वा कर रही हैं।  इन फिल्मों में जैक्वलिन के नायक उनके हमउम्र और सफल अभिनेता हैं। यह तीनों फ़िल्में इस साल रिलीज़ हो सकती हैं।

इलेआना को दिया अजय देवगन ने धुप का चश्मा

अजय देवगन और मिलन लुथरिया का साथ दो दशक पुराना है । मिलन ने अजय देवगन को लेकर अपनी पहली फिल्म नाजायज़ (१९९५) निर्देशित की थी । इसके बाद इस जोड़ी ने चोरी चोरी, कच्चे धागे और वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई जैसी हिट फ़िल्में की । बादशाओ इस जोड़ी की पांचवी फिल्म है । परन्तु इलेअना डी’क्रूज़ के साथ अजय देवगन और मिलन लुथरिया दोनों ही पहली बार कोई फिल्म कर रहे हैं । इलेअना की पहली हिंदी फिल्म बरफी रणबीर कपूर और प्रियंका चोपड़ा के साथ थी । वह अब तक कुल पांच हिंदी फ़िल्में कर चुकी है । अजय देवगन के साथ इस फिल्म में उनकी केमिस्ट्री बढ़िया जमी है । एक दिन अजय देवगन ने देखा की इलेअना उनका धूप का चश्मा पहन कर देख रही है । वह चश्मा इलेअना के चेहरे पर काफी फब भी रहा था । इसलिए, जब बादशाओ को शूटिंग ख़त्म हुई तो अजय देवगन ने इलेअना को अपना वही चश्मा उपहार में दे दिया।अजय देवगन से यह गिफ्ट पा कर इलेआना बेहद खुश हुई । आपातकाल पर फिल्म बादशाओ एक सितम्बर को रिलीज़ हो रही है ।

बॉलीवुड में फिलिस्तीनी गायिका सना मूसा

ऑस्कर अवार्ड विजेता भारतीय संगीतकार ए.आर.रहमान हमेशा नए कलाकारों ​तलाश में रहते है, ताकि वह अपने संगीत में और नया फ्लेवर ला सके । इसी तलाश में वह फिलिस्तानी गायिका सना मूसा तक जा पहुंचे । बोनी कपूर और जी स्टूडियोज की फिल्म मॉम के अनोखे बैकग्राऊँड स्कोर के लिए सना मूसा की आवाज़ का इस्तेमाल किया गया है। साना को फिलिस्तीनी महिलाओं के लोकगीत को समर्पित गायिका के बतौर पहचाना जाता है । सना का सम्बन्ध फिलीस्तीनी कलाकारों के एक प्रतिष्ठित परिवार की से है । प्रसिद्ध अरब संगीतकार खालिद जुब्रान से उन्होंने अल अरमावी संगीत शैली का अध्ययन किया है । वह फिलिस्तीन के अलावा जॉर्डन और कैरो तथा इजराइल में हैफा में अपने शो कर चुकी हैं रवि उद्यावार द्वारा निर्देशित फिल्म मॉम में श्रीदेवी, अक्षय खन्ना और नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की मुख्य भूमिका है । यह फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषा में ७ जुलाई को रिलीज़ होगी । लेकिन, मूसा वाला साउंडट्रैक तीनों ही वर्शन में शामिल होगा ।

दक्षिण की फिल्म से शुरुआत नहीं कर रही श्रीदेवी की बेटियां

दक्षिण में श्रीदेवी और बोनी कपूर की बेटी ख़ुशी कपूर की चर्चा है।  नागार्जुन अपने बेटे अखिल अखिल अक्किनेनी को लेकर एक फिल्म बना रहे हैं।  इस फिल्म के निर्देशक विक्रम कुमार हैं।  इस फिल्म का पहला शिड्यूल पूरा भी हो चुका है।  लेकिन, अभी तक अखिल की नायिका का किरदार करने वाली अभिनेत्री फाइनल नहीं हुई है।  इसे देख कर यह अफवाह फ़ैलने लगी कि दक्षिण की सुपर स्टार एक्ट्रेस रही श्रीदेवी की छोटी बेटी ख़ुशी कपूर अखिल की फिल्म की नायिका होगी।  यह अफवाह इस लिए भी फैली कि श्रीदेवी और नागार्जुन अच्छे दोस्त भी हैं और कुछ फिल्मों में साथ काम भी कर चुके हैं।  श्रीदेवी और नागार्जुन ने कुछ तमिल और तेलुगु फिल्मों के अलावा खुदा गवाह और मिस्टर बेचारा जैसी हिंदी फिल्मों में भी एक साथ काम किया था।  लेकिन, नागार्जुन ने जैसे ही इन अफवाहों को सुना उन्होंने तुरंत ट्वीट कर अपने प्रशंसकों को जानकारी दी, "इस खबर में सच्चाई नहीं है।" नागार्जुन भूले नहीं थे अपनी कोस्टार राधा की बेटी कार्तिका को लेकर फिल्म जोश बनाने की भूल को।  इस फिल्म से वह अपने बड़े बेटे नाग चैतन्य  डेब्यू करवा रहे थे।  २००९ में रिलीज़ यह फिल्म बुरी तरह से फ्लॉप हुई थी।  इस फिल्म को करते समय कार्तिका सिर्फ १७ साल की थी।  दक्षिण के दर्शकों को विद्या की  भूमिका में कमउम्र कार्तिका जांची नहीं थी।  इसीलिए, उन्होंने तत्काल इस अफवाह को नकार दिया।  इसका मतलब यही हुआ कि ख़ुशी को अभी तीन चार साल तक इंतज़ार करना होगा।  अभी वह केवल १६ साल की हैं।  अलबत्ता उनकी बड़ी बहन जाह्नवी (१९ साल)  निर्माता करण जौहर की मराठी फिल्म सैराट की रीमेक फिल्म से बॉलीवुड डेब्यू करने जा रही हैं।  यहाँ बताते चलें कि एआर मुरुगदास (गजिनी, हॉलिडे) अपनी तेलुगु फिल्म के लिए श्रीदेवी की बड़ी बेटी जाह्नवी को साउथ के सुपरस्टार महेश बाबू के साथ लेना चाहते थे।  लेकिन, जाह्नवी ने इस प्रस्ताव को सिरे से ठुकरा दिया था ।

आयेशा टाकिया की ज़िन्दगी ये ज़िन्दगी !

आयेशा टाकिया वापसी कर रही है।  उनकी पिछली फिल्म मोड़ २०११ में रिलीज़ हुई थी।  यानि छह साल बाद आयेशा टाकिया परदे पर दिखाई देंगी।  लेकिन, उनकी यह वापसी किसी फिल्म के लिए नहीं होगी।  वह एक म्यूजिक वीडियो में काम कर रही हैं।  जिसका पोस्टर आज जारी हुआ है।  निर्देशक लवली सिंह के म्यूजिक वीडियो ज़िन्दगी ये ज़िन्दगी आयेशा टाकिया पर केंद्रित है।  बकौल लवली सिंह यह महिला सशक्तिकरण पर म्यूजिक वीडियो के रूप में पूरी एक कहानी है।  आयेशा टाकिया ने लवली सिंह की फिल्म क्या लव स्टोरी है (२००७) में काम किया था।  आयेशा टाकिया ने अपने पूरे करियर में कोई २४ फ़िल्में की।  इन फिल्मो में ज़्यादातर फ्लॉप ही हुई।  सलमान खान के साथ उनकी फिल्म वांटेड (२००९) सुपर हिट हुई थी।  सलमान खान उसके बाद से हर साल  दे दना दन हिट-सुपरहिट फ़िल्में दे रहे हैं।  लेकिन, फिल्म में उनकी नायिका आयेशा टाकिया कुल जमा दो फ़िल्में पाठशाला और मोड़ ही कर सकी है।  यह फ़िल्में भी बॉक्स ऑफिस पर कुछ ख़ास नहीं कर सकी।  हालाँकि इन दोनों ही फिल्मों और आयेशा के अभिनय को समीक्षकों ने सराहा।  ऐसे में आयेशा टाकिया का १७ साल पहले की तरह  मेरी चूनर उड़ उड़ जाये और नहीं नहीं जैसे म्यूजिक वीडियो करने का औचित्य ?  सूत्र बताते हैं कि यह आयेशा टाकिया की बड़े परदे पर पूरी तरह से वापसी की ओर पहला कदम है।  क्या आकर्षक मुस्कान वाली आयेशा के चेहरे पर उनका यह म्यूजिक वीडियो बॉलीवुड जाने लायक मुस्कान ला सकेगा ?


Friday, 16 June 2017

ओवेन विल्सन को कैसे मिली कार्स !

सफल फ्रैंचाइज़ी कार्स ३ में अभिनेता ओवेन विल्सन पुराने ज़माने की पिस्टन कप कार लाइटनिंग मैकक्वीन को आवाज़ दे रहे हैं। मैकक्वीन एक चैंपियन रेसर कार है।  लेकिन, एक दुर्घटना के बाद उसका करियर खत्म हो गया लगता है।  नई नई कार्स भी रेसिंग के मैदान पर उतर आई हैं।  ऐसे में उसे खुद को साबित करना है।  ओवेन विल्सन को कार्स में मैकक्वीन को आवाज़ देने का जिम्मा उनकी जैकी चैन के साथ कॉमेडी फिल्मों शंघाई नून और शंघाई नाइट्स के कारण मिला। दरअसल, एक दिन ओवेन विल्सन कार्स के एनिमेटर जॉन लसेटेर से मिले, वह अपने बच्चों के साथ शंघाई नून का मज़ा ले रहे थे।  विल्सन को उन्होंने बताया कि उन्हें चैंपियन रेसिंग कार लाइटनिंग मैकक्वीन बनाने का विचार इस फिल्म में उनके किरदार को देख कर आया, जो रॉयल गार्ड्स जैकी चैन और उनके साथियों को ले जा रही ट्रेन का अपहरण कर लेता है।  इसीलिए ओवेन विल्सन को कार्स सीरीज में लाइटनिंग मैकक्वीन को आवाज़ देने का मौक़ा मिल गया। यह फिल्म १६ जून को आईमैक्स, थ्रीडी प्रभाव के साथ रिलीज़ हो रही है।  

पांच मेडिकल छात्रों का खतरनाक प्रयोग

मेडिकल के पांच छात्र एक खतरनाक प्रयोग करते हैं।  वह जानना चाहते हैं कि जीवन के बाद क्या है ? इस प्रयोग में वह थोड़े समय के लिए अपने दिलों की धड़कने रोक लेते हैं। इस प्रकार से उन्हें जो अनुभव होता है, वह आपस में साझा करते जाते हैं।  लेकिन जैसे जैसे उनका यह प्रयोग खतरनाक होता जाता है, अपने अतीत में किये गए पापों का अनुभव करने लगते हैं।  वह एक दूसरे के अनुभवों में प्रवेश करने लगते हैं।  जिसके परिणाम खतरनाक हो सकते हैं।  यह कहानी डायरेक्टर नील्स आर्डेन ऑप्लेव की साइंस फिक्शन साइकोलॉजिकल हॉरर फिल्म फ्लैटलाइनर्स की।  बेन रिप्ले की लिखी यह फिल्म १९९० में रिलीज़ माइकल डगलस द्वारा निर्मित जोएल शुमेशर निर्देशित फिल्म फ्लैटलाइनर्स का सीक्वल है।  फिल्म में एलन पेज, डिएगो लूना, निना डोब्रे, जेम्स नॉर्टन, कीरसे क्लेमॉन्स और कीफर सुदरलैंड की भूमिकाएं अहम् हैं।  १९९० की फिल्म फ्लैटलाइनर में कीफर सुदरलैंड ने मेडिकल छात्र नेल्सन राइट का किरदार किया था, जो अपने बाकी चार दोस्तों को जीवन के पार क्या देखने के लिए प्रेरित करता है।  इस सीक्वल फिल्म में वह अब डॉक्टर नेल्सन राइट बन गया है। इन दोनों फिल्मों को जोड़ने का काम नेल्सन का किरदार ही करता है।  यह फिल्म २९ सितम्बर को रिलीज़ होगी।  

एक था टाइगर की शेरनी है कैटरीना कैफ !

आजकल कैटरीना कैफ और अली अब्बास ज़फर २२ दिसम्बर को रिलीज़ होने जा रही फिल्म टाइगर जिंदा है की वर्किंग स्टिल्स जारी कर रहे हैं । इन सभी चित्रों में कैटरीना कैफ तलवारबाज़ी के स्टंट करती नज़र आती हैं । टाइगर जिंदा है, २०१२ में रिलीज़ सलमान खान और कैटरीना कैफ की मुख्य भूमिका वाली जासूसी रोमांस फिल्म एक था टाइगर की सीक्वल फिल्म है । एक था टाइगर का निर्देशन कबीर खान ने किया था । लेकिन, सीक्वल फिल्म का निर्देशन अली अब्बास ज़फर कर रहे हैं । अलबत्ता, सलमान खान और कैटरीना कैफ मुख्य स्टार कास्ट में बरकरार है । सलमान खान एक बार फिर रॉ एजेंट अविनाश सिंह राठौर तथा कैटरीना कैफ पाकिस्तानी जासूस जोया के किरदार में हैं । इस फिल्म के ज़ारी किये गए चित्रों में कैटरीना कैफ की जोया को टाईग्रेस जोया कहा जा रहा है । सूत्रों की माने तो कैटरीना कैफ ने शेरनी की मानिंद स्टंट किये भी हैं । उन्होंने अपने आप को फिट रखने के लिए सख्त ट्रेनिंग ली है । कैटरीना कैफ को हॉलीवुड के एक्शन और स्टंट डायरेक्टर टॉम स्ट्रूथर्स (डार्क नाइट राइजेज, वॉरक्राफ्ट, एक्स-मेन फर्स्ट क्लास) ने तैयार किये हैं । हॉलीवुड कीकई फिल्मों के फाइट कोऑर्डिनेटर बस्टर रीव्स (अमेरिकन असैसिन, द ग्रेट वॉल, द अकाउंटेंट) ने भी कैटरीना के एक्शन कोआर्डिनेट किये हैं । अली अब्बास ज़फर कैटरीना कैफ के तमाम एक्शन दृश्य विश्व स्तरीय बनाना चाहते हैं । इसी लिए फिल्म में ज़रुरत के मुताबिक फ्रांस, यूके और स्पेन के स्टंटमेन को भी शामिल किया गया है । इस फिल्म की तमाम शूटिंग ऑस्ट्रिया, अबू धाबी और मोरक्को में होने के बाद आजकल मुंबई में हो रही है। टाइगर ज़िंदा है का अनुमानित बजट ९६ करोड़ बताया जा रहा है।