Saturday, 27 February 2016

जंगल बुक के लिए डिज्नी और वार्नर ब्रदर्स आमने सामने

जब १८९३-९४ में रुडयार्ड किपलिंग की जंगल पर आधारित कहानियों की सीरीज अख़बारों में प्रकाशित होनी शुरू हुई थी, तो शायद उन्हें भी अंदाज़ा नहीं रहा होगा कि उनकी इन  कहानियों का संग्रह 'द जंगल बुक' दुनिया के लगभग सभी देशों में इतना लोकप्रिय होगा कि इन कहानियों पर सैकड़ों की तादाद में फ़िल्में, शार्ट मूवीज और सीरीज बनाई जानी लगेंगी।  उनके लिए यह सोचना भी मुमकिन नहीं था कि हॉलीवुड के दो  बड़े स्टूडियो एक ही समय पर फ़िल्में बनाएंगे।  लेकिन, आज जंगल में भेड़ियों द्वारा पाले गए मानव बालक मोगली पर दो फ़िल्में वाल्ट डिज्नी और वार्नर ब्रदर्स द्वारा बनाई जा रही हैं।  यह बात दीगर है कि इन दोनों फिल्मों की रिलीज़ की तारीखों के बीच १८ महीनों का अंतराल हैं।
डिज्नी की मोगली करैक्टर वाली फिल्म का टाइटल 'द जंगल बुक' है।  यह फिल्म १५ अप्रैल को रिलीज़ होने जा रही है। द जंगल बुक के डायरेक्टर जॉन फवरो  हैं।  जॉन फवरो ने एल्फ, ज़थूरा, आयरन मैन, आयरन मैन २,  काऊबॉयज एंड एलियंस, रेवोलुशन और द ऑफिस जैसी हिट फिल्मों का निर्देशन किया है।  उन्होंने कोई ६३ फिल्मों में मुख्य या कॉमेडियन की भूमिकाये की हैं।  उनकी हालिया रिलीज़ फिल्म शेफ थी।  द जंगल बुक में उनके एक्टर का कोई काम नहीं है।  लेकिन, वह द जंगल बुक को  मनोरंजक फिल्म बना सकते हैं।  द जंगल बुक की कहानी भेड़ियों द्वारा पाले गए मानव बालक मोगली की कहानी है, जिसे जंगल में शेर खान का सामना करना पड़ता है तथा उसे जंगल के लिए अजनबी समझने वाले अन्य पशु भी नहीं चाहते।  बघीरा और बालू ही उसके साथ हैं।
वॉर्नर ब्रदर्स की फिल्म का टाइटल जंगल बुक : ओरिजिन की कहानी के बारे में ख़ास कुछ नहीं मालूम।  यह कहना मुश्किल है कि वॉर्नर ब्रदर्स की फिल्म रुडयार्ड किपलिंग की कहानियों में से होगी या वॉर्नर ब्रदर्स के लिए लेखक केलिए क्लोव्स ने कुछ नया देने की कोशिश की है।  लेकिन टाइटल से इतना तो तय है कि फिल्म की कहानी मोगली के जंगल में पहुँचने पर केंद्रित होगी।  इस फिल्म का निर्देशन एंडी सर्किस कर रहे हैं।  द जंगल बुक के निर्देशक जॉन फवरो की तरह एंडी  सर्किस भी एक्टर से  डायरेक्टर बने हैं। वह फिल्म द लार्ड ऑफ़ द रिंग्स सीरीज की फिल्मों में गोलम के किरदार से पहचाने जाते हैं।  उन्होंने अब तक ९२ फिल्मों में अभिनय किया है।  जंगल बुक ओरिजिंस उनकी बतौर डायरेक्टर पहली फिल्म है।
आइये जानते हैं इन दोनों फिल्मों के विभिन्न करैक्टरों को परदे पर करने वाले और आवाज़ देने वाले कलाकारों के बारे में।
मोगली- भेड़िया बालक - द जंगल बुक और जंगल बुक ओरिजिंस में केवल मोगली ही ऐसा करैक्टर है, जो मानव है।  बाकी करैक्टर पशुओं के एनिमेटेड हैं, जो मानव भाषा में बातचीत करते हैं। दोनों ही फिल्मों में  मोगली का करैक्टर भारतीय मूल के बाल अभिनेता कर रहे हैं।  द जंगल बुक के मोगली नील सेठी हैं।  वह २२ दिसंबर २००३ को न्यूयॉर्क सिटी में जन्मे नील सेठी अमेरिकन इंडियन मूल के हैं।  उन्होंने केवल एक फिल्म दिवाली (२०१३) की है।  जंगल बुक ओरिजिंस में मोगली की भूमिका करने वाले रोहन चाँद न्यूयॉर्क में भारत से आकर अमेरिका में बसे माता पिता से जन्मे हैं। रोहन भी नील सेठी के हमउम्र हैं।  वह छह साल की उम्र से फ़िल्में कर रहे हैं।  उनकी जैक एंड जिल, होमलैंड, बैड वर्ड्स, लोन सर्वाइवर और द हंड्रेड फूट- जर्नी जैसी फ़िल्में और सीरीज कर चुके हैं।
शेर खान- मोगली को नापसंद करने वाला शेर खान फिल्म का अहम एनिमेटेड करैक्टर है।  इस करैक्टर को डिज्नी की फिल्म 'द जंगल बुक' में इदरीस अल्बा आवाज़ देंगे। इदरीस अल्बा को भारतीय दर्शकों ने अवेंजर्स: एज ऑफ़ अल्ट्रान, थॉर और थॉर द डार्क वर्ल्ड में हैंडल के किरदार में देखा था।  वार्नर ब्रदर्स की जंगल बुक : ओरिजिंस के शेर खान को बेनेडिक्ट कम्बरबैच आवाज़ दे रहे हैं।  बेनेडिक्ट ने द होब्बिट सीरीज की फिल्मों के स्मॉग किरदार को आवाज़ दी है।
बालू- भालू -  मोगली के दोस्त इस मशहूर काले तेंदुआ करैक्टर को फिल्म 'द जंगल बुक' में बिल मरे और जंगल बुक ओरिजिंस में एंडी सर्किस आवाज़ दे रहे हैं।
बघीरा- काला तेंदुआ- भारत के जंगल में रहने वाले इन तेंदुआ करैक्टर को द जंगल बुक में बेन किंग्सले और जंगल बुक ओरिजिंस में क्रिस्चियन बेल ने आवाज़ दी है।
का- सांप- मोगली की जान का दुश्मन करैक्टर है।  द जंगल बुक में का को स्कारलेट जॉनसन ने और जंगल बुक ओरिजिंस में केट ब्लैंचेट ने आवाज़ दी है।
निशा- मादा भेड़िया- मोगली को पालने वाली माँ निशा या रक्षा को द जंगल बुक में लुपिता न्योंग'ओ ने और जंगल बुक ओरिजिंस में नाओमी हैरिस ने आवाज़ दी है।
अकेला -भेड़िया- मोगली को पालने वाले तीन भेड़ियों में से एक अकेला को द जंगल बुक में गिअन्सारलो ने और जंगल बुक ओरिजिंस में पीटर मूलन ने आवाज़ दी है।
डिज्नी की फिल्म  में कई ऐसे करैक्टर हैं, जो वार्नर ब्रदर्स की फिल्म में नज़र नहीं आएंगे।  ऐसा स्वाभाविक भी है।  क्योंकि,  ओरिजिंस मोगली के जंगल में आने और पाले जाने पर ख़ास केंद्रित है।  जबकि, द जंगल बुक आगे की कहानी है।  ओरिजिंस में भेड़िया चरित्रों को ज़्यादा महत्व दिया गया है। साफ़ तौर पर जहाँ द जंगल बुक एक्शन एडवेंचर से भरी कहानी होगी, वहीँ जंगल बुक ओरिजिंस बच्चों की अभिरुचि के अनुरूप होगी।
 डिज्नी ने कम से कम चार जंगल बुक फ़िल्में और एक एनिमेटेड टीवी सीरीज बनाई है।  १९६७ में एनिमेटेड द जंगल बुक सीरीज रिलीज़ हुई।  इसके बाद १९९४ में एक लाइव-एक्शन फिल्म 'रुडयार्ड किपलिंग्स द जंगल बुक' और १९९८ में 'द जंगल बुक : मोगलीज स्टोरी' रिलीज़ हुई।  २००३ में १९६७ की द जंगल बुक का सीक्वल द जंगल बुक २ रिलीज़ की गई।  लेकिन, सबसे ज़्यादा लोकप्रियता मिली डिज्नी कार्टून की १९९० के दौर  की टीवी सीरीज टेलस्पिन को।  ज़ाहिर है कि रुडयार्ड किपलिंग की किताब पर फिल्म बनाना डिज्नी के लिए कोई नया अनुभव नहीं है।
२०१४ में जब डिज्नी की द जंगल बुक और वार्नर ब्रदर्स की फिल्म जंगल बुक ओरिजिंस के निर्माण की घोषणा की गई थी, तब डिज्नी ने अपनी फिल्म के  १९ अक्टूबर २०१५ को और वॉर्नर ब्रदर्स ने २१ अक्टूबर २०१६ को रिलीज़ करने का ऐलान किया था। लेकिन,पिछले दिनों हॉलीवुड  में मचे तारीखों के बदलाव के घमासान में इन दोनों फिल्मों की रिलीज़ में बदलाव हो गया।  इसके बाद द जंगल बुक की रिलीज़ की तारिख १५ अप्रैल २०१६ तय कर दी गई।  उस समय वॉर्नर ब्रदर्स की फिल्म को को ६ महीने बाद २१ अक्टूबर को रिलीज़ होना था। लेकिन, फिर काफी सोच विचार के वॉर्नर ब्रदर्स ने स्पेशल इफेक्ट्स पर अधिक ध्यान दिए जाने के ख्याल से फिल्म की रिलीज़ ६ अक्टूबर २०१७ कर दी।  डिज्नी की द जंगल बुक और वार्नर ब्रदर्स की जंगल बुक ओरिजिंस की रिलीज़ की तारीखों के बीच डेढ़ साल का फासला है।
रुडयार्ड किपलिंग के उपन्यास पर बनी दूसरी जंगल बुक फ़िल्में और सीरीज
१८९४ में रुडयार्ड किपलिंग की द जंगल बुक पाठकों के हाथों में आई।  इसके बाद १८९५ में द सेकंड जंगल बुक और फिर तीसरी किताब आल द मोगली स्टोरीज १९३३ में आई। १९३३ की किताब रुडयार्ड किपलिंग की लिखी तमाम कहानियों का क्रोनोलॉजिकल कलेक्शन है।
फिल्म रूपांतरण और टीवी सीरीज- रुडयार्ड किपलिंग की जंगल कहानियों पर बनी सबसे पहली फिल्म एलीफैंट बॉय (१९३७) थी।  फिर जंगल बुक (१९४२), द जंगल बुक (१९६७), एडवेंचर्स ऑफ़ मोगली (१९७३), द जंगल बुक (१९९४), द सेकंड जंगल  बुक : मोगली एंड बालू (१९९७), द जंगल बुक: मोगलीज स्टोरी (१९९८) और द जंगल बुक २ (२००३) रिलीज़ हुई। टेलीविज़न सीरीज में जंगल  बुक शोनेन मोगली (१९८९-९०), जंगल कब्स (१९९६-९८), मोगली: द न्यू एडवेंचर्स ऑफ़ द जंगल बुक (१९९८) और द जंगल बुक (२०१०-१४) उल्लेखनीय है।
चक जोंस ने १९७६ में रुडयार्ड  किपलिंग के उपन्यास पर शार्ट फिल्म मोगलीज  ब्रदर्स का निर्माण किया था। यह फिल्म काफी दिलचस्प बन पड़ी थी।

Friday, 26 February 2016

नकली टाइटल के साथ गुपचुप बनती फ़िल्में

कुछ  समय पहले डिज्नी और लुकास फिल्म ने अधिकारिक तौर पर स्टार वार्स: एपिसोड ८ का प्रोडक्शन शुरू करने की सूचना ल्यूक स्काईवॉकर के एक वीडियो के ज़रिये  दी थी।  स्टूडियो ने इस बार यह सावधानी बरती थी कि फिल्म के सेट के ऊपर उड़ने वाले ड्रोन कैमरा की तोड़ ढूंढ ली थी।  पिछली बार २०१४ में जब स्टार वार्स: द फ़ोर्स अवकेंस की शूटिंग चल रही थी, तब ड्रोन कैमरा के ज़रिये फिल्म के सेट के फोटो और शूटिंग के दृश्य चुरा लिए गए थे। स्टार वार्स ८ का वर्किंग टाइटल स्पेस बेयर रखा गया है।   लेकिन,कुछ लोगों को इस पर शक है।  स्टार वार्स सीरीज की फिल्मों का वर्किंग टाइटल रखने की लम्बी परंपरा है।  स्टार वार्स ६ : रिटर्न ऑफ़ द जेडई का वर्किंग टाइटल ब्लू हार्वेस्ट रखा गया था। बाद में इस टाइटल को फैमिली गय प्रेजेंट्स: ब्लू हार्वेस्ट के बतौर उपयोग किया गया।  यह स्टार वार्स की एनिमेटेड ट्राइलॉजी शो की पहली कड़ी थी।  द फ़ोर्स अवकेंस को भी नकली टाइटल अवको के साथ शूट किया गया था।  स्पिन-ऑफ रोग वन: अ स्टार वार्स स्टोरी को कोड नाम लूनक हैवी के साथ शूट किया जा रहा है। बहरहाल, स्टार वार्स: एपिसोड ८ को रयान जॉनसन ने लिखा है और निर्देशित कर रहे हैं।  स्टार वार्स के आठवें एपिसोड में मार्क हैमिल, करी फिशर, एडम ड्राइवर, डेज़ी रिडली, जॉन बोयेगा, ऑस्कर इसाक, लुपिता न्योंग'ओ, डोमहनल ग्लीसन, अन्थोनी डेनियल्स, ग्वेंडोलिन क्रिस्टी और एंडी सर्किस को फिर देखा जा सकेगा। बेनिसिओ डेल टोरो, लौरा डेरन और केली मारी ट्रेन की नई भर्ती की गई है।  एपिसोड ८ को १५ दिसम्बर २०१७ को देखा जा सकेगा।  

ऑफिस क्रिसमस पार्टी के लिए फिर साथ जेनिफ़र एनिस्टन और जैसन बॅटमॅन

जेनिफर एनिस्टन और जैसन बॅटमॅन ने  २००६ में पहली बार फिल्म 'द ब्रेक-अप' एक साथ की थी। इसके बाद  यह दोनों 'द  स्विच', 'हॉरिबल बॉसेस' और 'हॉरिबल बॉसेस २' में भी नज़र आये। 'हॉरिबल बॉसेस २'  दो साल पहले रिलीज़ हुई थी।  अब यह दोनों फिर साथ आ रहे हैं 'ऑफिस क्रिसमस पार्टी' के लिए।  ऑफिस क्रिसमस पार्टी के कॉमेडी फिल्म है।  दरअसल, ऑफिस क्रिसमस पार्टी पिछले छह सालों से प्लान की जा रही थी । इसे द स्विच की विल स्पेक और जॉश गॉर्डोन की जोड़ी निर्देशित करने जा रहे हैं ।  पहले इस कॉमेडी फिल्म को द हैंगओवर के लेखक द्वय जॉन लुकास और स्कॉट मूर की जोड़ी लिख रही थी।  अब फिल्म का फाइनल ड्राफ्ट लॉरा सोलोन के साथ जीन स्तूपनित्स्की और ली आइजनबर्ग ने लिखा है।  फिलहाल, फिल्म में टी जे मिलर और केट मैककिनोन के अलावा किसी अन्य एक्टर के शामिल होने की खबर नहीं है। यह फिल्म ९ दिसंबर २०१६ को रिलीज़ होगी।




क्या लिओनार्डो डिकेप्रिओ जीतेंगे ऑस्कर !

ऑस्कर पुरस्कारों की जूरी इस साल परेशान है।  ऑस्कर अवार्ड्स में नॉमिनेशन को लेकर बावेला मचा हुआ है।  हालाँकि,  हॉलीवुड में डॉल्बी थिएटर में २८ फरवरी की शाम होने जा रहे ऑस्कर समारोह को अश्वेत अभिनेता और कॉमेडियन क्रिस रॉक होस्ट का रहे हैं।   लेकिन, पुरस्कारों के लिए फिल्मों के चुनाव में केवल सफ़ेद चमड़ी वाले कलाकारों और तकनीशियन को तरजीह दिए जाने के कारण रंगभेद पर बहस छिड़ चुकी है।  घबराई ऑस्कर एकेडेमी ने ऑस्कर पुरस्कारों के लिए फिल्मों के चुनाव सम्बन्धी नियमों में कुछ बदलाव किये जाने का ऐलान भी किया है।  इस बार बेस्ट पिक्चर की केटेगरी में घमासान मचा हुआ है ।  ऑस्कर पुरस्कारों की बेस्ट पिक्चर की श्रेणी में पहले पांच फ़िल्में शामिल की जाती थी।  लेकिन, २००६ से नियमों में बदलाव करते हुए दस फ़िल्में शामिल की जाने लगी, ताकि नॉमिनेशन के कारण कोई अच्छी फिल्म छूट न जाये।  इसका परिणाम यह हुआ है कि इस साल बेस्ट पिक्चर की श्रेणी में द बिग शार्ट, ब्रिज ऑफ़ स्पाईज, ब्रुकलिन, मैड मैक्स फरी रोड, द मर्शियन, द रेवनैंट, रूम और स्पॉटलाइट ऑस्कर की दौड़ में शामिल हैं।  आम तौर पर ऑस्कर सेरेमनी के नज़दीक आने से काफी पहले यह साफ़ हो जाता है कि कौन दो फ़िल्में सबसे आगे रहेंगी।  लेकिन,  इस  साल अभी तक तीन फ़िल्में द रेवनैंट, द बिग शार्ट और स्पॉटलाइट खुद को कमतर साबित होने देना नहीं चाहती।  उस पर मैड मैक्स फरी रोड भी दावा ठोके बैठी है।  वैसे उसका दावा तकनीकी श्रेणियों में ही गंभीर लगता है।
क्या चौथी बार ऑस्कर विजेता एक्टर साबित होंगे डिकेप्रिओ !
इस साल का सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अभिनेता लिओनार्डो डीकेप्रिओ इस साल फिल्म द रेवनैंट के लिए बेस्ट एक्टर की ट्रॉफी ले जा पाएंगे।  लिओनार्डो तीन बार से ऑस्कर की श्रेष्ठ पांच अभिनेताओं की श्रेणी में शामिल किये जा रहे हैं।  वह पहली बार फिल्म द एविएटर (२००५) में होवार्ड ह्यूजेज की भूमिका के लिए नामित हुए थे।  फिर २००७ में वह ब्लड डायमंड के लिए नामित हुए।  तीसरी बार वह २०१४ में द वुल्फ ऑफ़ वॉल स्ट्रीट के लिए नामित हुए। लेकिन, तीनों ही बार ऑस्कर जूरी ने उन्हें नकार दिया ।  इसीलिए, इस साल भी उनके आलोचक अंदाज़ा लगा रहे हैं कि लिओनार्डो बेस्ट एक्टर साबित नहीं होने जा रहे।  वैसे यदि कराये गए पोल की बात की जाये तो ७३ प्रतिशत लोग लिओनार्डो डीकेप्रिओ के इस साल ऑस्कर जीतने का दावा कर रहे हैं।
द रेवनैंट को १२ नॉमिनेशन
इस साल एकेडेमी अवार्ड्स में सबसे ज़्यादा १२ नॉमिनेशन द रेवनैंट को मिले हैं।  द रेवनैंट के ठीक पीछे है १० ऑस्कर नॉमिनेशन के साथ मैड मैक्स फरी रोड।  ऐसा दूसरी बार होगा जब निर्देशक अलेजैंड्रो जी इनरितु की फिल्म सबसे ज़्यादा ऑस्कर नॉमिनेशन पा रही है।  पिछले साल अलेजैंड्रो की फिल्म बर्डमैन ने सबसे ज़्यादा नॉमिनेशन पाये थे।  ऑस्कर पुरस्कार निकट आते आते कयासों का बाज़ार गर्म हो जाता है।  इस साल भी अनुमान-दर-अनुमान लगाए जा रहे हैं। अनुमान किया जा रहा है कि किस केटेगरी में कौन-सी फिल्म बेस्ट साबित होगी। अटकलें हैं कि बेस्ट लाइव एक्शन शार्ट फिल्म शॉक, बेस्ट डॉक्यूमेंट्री एमी, बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शार्ट अ गर्ल इन द रिवर, बेस्ट एनिमेटेड शार्ट फिल्म वर्ल्ड ऑफ़ टुमारो बेस्ट एनिमेटेड फीचर फिल्म इनसाइड आउट,  बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म सन ऑफ़ सॉल साबित होने जा रही है।  बेस्ट ओरिजिनल सांग की केटेगरी में द हंटिंग ग्राउंड के गीत टिल इट हैप्पेंस टू यू को ऑस्कर ट्रॉफी मिल सकती है।  अगर ऐसा होता है तो लेडी गागा के साथ गीत लिखने वाली और आठ बार की ऑस्कर नॉमिनी डिएन वारेन का ऑस्कर ट्रॉफी अपने घर ले जाने का सपना पूरा हो जायेगा।  बेस्ट ओरिजिनल स्कोर का पुरस्कार द हेटफुल एट के एंनिओ मोरीकन को मिलने की संभावना है। हालाँकि, निर्देशक जॉर्ज मिलर की फिल्म मैड मैक्स फरी रोड को बेस्ट पिक्चर और बेस्ट डायरेक्टर सहित दस श्रणियों में नॉमिनेशन मिला है।  लेकिन, इस फिल्म के टेक्निकल केटेगरी में बेस्ट साउंड मिक्सिंग, बेस्ट साउंड एडिटिंग, बेस्ट विसुअल इफेक्ट्स, बेस्ट मेकअप एंड हेयर स्टाइलिंग और बेस्ट प्रोडक्शन डिज़ाइन के पुरस्कार ही जीतने की संभावना है। सैंडी पॉवेल दो फिल्मों कैरोल और सिंड्रेला के लिए बेस्ट कॉस्ट्यूम डिज़ाइन की श्रेणी में नॉमिनेट हुई है।  वह अब तक १२ बार नॉमिनेट हो चुकी हैं।  वह शेक्सपीअर इन लव, द एविएटर और द यंग विक्टोरिया के लिए बेस्ट कॉस्ट्यूम डिज़ाइन के ऑस्कर जीत चुकी हैं।  बेस्ट सिनेमेटोग्राफर का अवार्ड द रेवनैंट के सिनेमेटोग्राफर इम्मानुएल लुबेज़्की जीत सकते हैं।  द बिग शार्ट के चार्ल्स रैन्डोल्फ और एडम मैका्य को बेस्ट अडाप्टेड स्क्रीनप्ले का अवार्ड मिल सकता है।  जहाँ तक मौलिक पटकथा का सवाल है यह स्पॉटलाइट के जॉश सिंगर और टॉम मैकार्थी को ही मिलने जा रहा है।
ऑस्कर पुरस्कारों की प्रमुख छह श्रेणियों बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस, सपोर्टिंग एक्टर, बेस्ट एक्टर और एक्ट्रेस, बेस्ट पिक्चर और बेस्ट डायरेक्टर के अवार्ड्स क्रमशः द डेनिश गर्ल की अलिसिआ विकंदर, क्रीड के सीलवेस्टर स्टैलोन, रूम की ब्री लार्सन, द रेवनैंट के लिओनार्डो डि केप्रिओ, द रेवनैंट के अलेजैंड्रो इनरितु  और  द बिग शार्ट को मिल सकता है।  उल्लेखनीय है कि क्रीड को सपोर्टिंग एक्टर के अलावा दूसरी किसी श्रेणी में नॉमिनेशन नहीं मिला है।  इसलिए इस फिल्म के निर्माता निर्देशक सीलवेस्टर स्टेलोन के लिए ऑस्कर का सांत्वना पुरस्कार बताया जा रहा है।    
आजकल ऑस्कर पुरस्कारों में बांटे जा रहे ऑस्कर्स गिफ्ट बैग चर्चा में हैं।  दो लाख डॉलर की कीमत वाले इनबैगो  में लक्ज़री गिफ्ट्स हैं।  ५५ हजार डॉलर कीमत की इजराइल की सैर, ४५ हजार डॉलर  कीमत का जापान टूर के अलावा २७५ डॉलर का टॉयलेट पेपर कुछ ख़ास है।  इस बैग को डिस्टिंक्टिव एसेट्स कंपनी ऑस्कर के सेलिब्रिटीज को दे रही हैं।  हालाँकि, कंपनी का कहना है कि यह गिफ्ट बैग सेलिब्रिटी को इस लिए  दिए जा रहे हैं ताकि वह उनके प्रोडक्ट प्रमोट करें।  लेकिन, एकेडेमी को इस पर ऐतराज़ है।  कंपनी ने दस साल पहले ऐसे बैग बांटने शुरू किये थे।  वह इन बैग को यह कह कर देती है कि एवरीवन वीनस एट द ऑस्कर्स ! नॉमिनी गिफ्ट बैग्स' ।  २००६ में एकेडेमी ने इन पुरस्कारों को बांटने से रोक दिया।  अमेरिका का इनकम टैक्स विभाग भी इन बैग्स को आमदनी मानते हुए टैक्स माँगने लगा।  इस साल फिर, जब यह कंपनी इन बैग्स को ऑस्कर का नाम उपयोग करते हुए बांटने लगी, तब एकेडेमी ने उसे कानूनी नोटिस जारी कर दिया।



Wednesday, 24 February 2016

अब नेवी ऑफिसर रुस्तम पावरी अक्षय कुमार

यह हैं नेवी ऑफिसर रुस्तम पावरी. निर्माता नीरज पाण्डेय की फिल्म 'रुस्तम' में यह भूमिका अभिनेता अक्षय कुमार कर रहे हैं. नीरज पाण्डेय और अक्षय कुमार की जोड़ी ने स्पेशल २६ और बेबी जैसी हिट फ़िल्में दी हैं . जैसी कि नीरज की फिल्मों की खासियत है, रुस्तम भी थ्रिलर फिल्म हैं. लेकिन, इसमे रोमांस का तड़का है. रुस्तम में अक्षय की रोमांटिक जोड़ीदार इलेअना डिक्रुज़ हैं. लेकिन, इस फिल्म को नीरज नहीं टीनू सुरेश देसाई निर्देशित कर रहे हैं. टीनू को '१९२०' सीरीज की तीसरी फिल्म को डायरेक्ट करने काजिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन, यह फिल्म नहीं बन सकी. इसी दौरान टीनू ने रुस्तम की पटकथा लिखी. टीनू के ज़ेहन में रुस्तम के लिए अक्षय कुमार फिट थे. नीरज पाण्डेय और अक्षय कुमार को फिल्म की स्क्रिप्ट अच्छी लगी. इस प्रकार से अक्षय कुमार ने नेवी ऑफिसर की वर्दी को पहन लिया. अक्षय कुमार को नए निर्देशक फलते हैं. उन्होंने विपुल अमृतलाल शाह की बतौर निर्देशक पहली फिल्म आँखें की थी. इसी साल नवोदित निर्देशक राजा कृष्णा मेनन के साथ उनकी फिल्म 'एयरलिफ्ट' १०० करोड़ क्लब में शामिल होने वाली इस साल की पहली हिंदी फिल्म बनी है. रुस्तम १२ अगस्त २०१६ को रिलीज़ होगी। 

'इन्फर्नो' के सामने 'रिंग्स'

हॉलीवुड में फिल्मों की रिलीज़ की तारीखे बदलने का सिलसिला बदस्तूर ज़ारी है।  अभी पैरामाउंट पिक्चर्स ने अपनी फिल्म 'रिंग्स' की रिलीज़ की तारिख में फिर बदलाव किया है।  स्टूडियो ने अपनी हॉरर फिल्म रिंग्स की रिलीज़ की तारीख १ अप्रैल से बढ़ा कर २८ अक्टूबर कर दी है।  इसी तरह से रिचर्ड लिंकलेटर की कॉमेडी फिल्म एवरीबॉडी वांट्स सम भी अब १५  अप्रैल के बजाय १ अप्रैल को रिलीज़ होगी।  निर्देशक ऍफ़ जेवियर गुटिेर्रिज की फिल्म रिंग्स हॉरर सीरीज २००२ की द रिंग और २००५ की फिल्म द रिंग टू का सीक्वल है।  ज़ाहिर है कि ५० मिलियन डॉलर से बनी द रिंग टू के १६१.५ मिलियन डॉलर का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लेने के बावजूद सीक्वल बनाने में काफी देर हुई।  यह सीक्वल फिल्म २०१० में डेविड लूका द्वारा फिल्म की स्क्रिप्ट लिखने से बनाना शुरू हुआ।  इसे त्रिआयामी बनाने की योजना थी।  २०१४ में ज़ेवियर को निर्देशन की कमान सौंपी गई।  फिल्म की शूटिंग 'रिंग्स टाइटल के साथ पिछले साल के शुरू में शुरू हो गई।  इस समय फिल्म को १३ मार्च २०१५ को रिलीज़ करने की योजना थी।  फिर इसे १३ नवंबर २०१५ कर दिया गया। रिलीज़ की तारिख १ अप्रैल २०१६ करने के बाद फिर बदल कर २८ अक्टूबर २०१६ हो गई।  अब यह फिल्म हिन्दुस्तानी इरफ़ान खान की टॉम हैंक्स और फ़ेलिसिटी जोंस के साथ फिल्म  इन्फर्नो और लायंसगेट की फिलहाल अनाम हॉरर फिल्म के सामने रिलीज़ होगी।   

Saturday, 20 February 2016

बॉलीवुड थप्पड़ : ऑन स्क्रीन भी ऑफ स्क्रीन भी

पिछले दिनों लेखक,  निर्माता और निर्देशक राजीव चौधरी की फिल्म 'बेईमान इश्क़' की शूटिंग मुंबई के होटल  नोवाटेल में चल रही थी।  इस फिल्म के नायक रजनीश दुग्गल और नायिका सनी लियॉन के बीच एक इंटेंस सीन फिल्माया जा रहा था।  इस सीन में सनी लियॉन को संवाद बोलने के बीच रजनीश दुग्गल के एक करारा थप्पड़ ज़माना था।  लेकिन,  निर्देशक राजीव चौधरी सनी लियॉन के थप्पड़ से संतुष्ट नहीं थे।  उन्होंने सनी को रजनीश के गाल पर पूरी ताकत से तमाचा जड़ने के लिए कहा।  बार बार के रिटेक से ऊब चुकी सनी लियॉन ने एक ज़बरदस्त हाथ रजनीश के चेहरे पर जड़ दिया।  राजीव चौधरी ने शॉट ओके कर दिया।  लेकिन, तब टका रजनीश दुग्गल की नाक डैमेज हो चुकी थी।  उससे खून  बह रहा था। सनी रजनीश से माफ़ी मांग रही थी, रजनीश उदारता का परिचय दे रहे थे।  फिल्म के डायरेक्टर बढ़िया सीन काफी खुश नज़र आ रहे थे।
तेरे बिन लादेन के सेट पर मनीष पॉल को पड़े  थप्पड़ 
अभिषेक शर्मा निर्देशित फिल्म तेरे बिन लादेन डेड ऑर अलाइव  में  अभिनेता पियूष मिश्रा खलीली नामक एक  आतंकवादी की भूमिका में नज़र आयेंगे, जो अपने मूर्खता भरे दिमाग से एक आतंकवादी संगठन "हरकत ए मंशा" को चलाता है। ​फिल्म की शूटिंग के  दौरान एक सीन में ​पियूष के किरदार को मनीष को थप्पड़ जड़ना था। लेकिन अभिषेक सीन से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने सीन के लिए कई रीटेक लिए और मनीष भी पुरे ईमानदारी साथ सीन करते रहे। सीन पूरा होने तक तक़रीबन मनीष के पचास थप्पड़ पड़ चुके थे । मनीष का चेहरा सूज चूका था।  उन्हें दूसरे दिन शूटिंग से छुट्टी लेनी पड़ी ।
आदित्य पंचोली का गुस्सा 
यह घटना फिल्म लाखों हैं यहाँ दिलवाले की शूटिंग के दौरान की है।  इस फिल्म में आदित्य पंचोली विट्ठल दादा का किरदार कर रहे थे।  फिल्म में वीजे भाटिया एक गायक अर्श का किरदार कर रहे थे।  आदित्य पंचोली  और वीजे भाटिया के बीच कई इंटेंस सीन है।   लेकिन, यह तमाचेबाजी कैमरा के सामने नहीं  पीछे हुई।  आदित्य पंचोली कुछ देर तक तो दूर बैठे वीजे भाटिया को देखते रहे।  फिर यकायक उठे और भाटिया के सामने जा कर उनके गालों पर तमाचा जड़ दिया। वीजे भौंचक अपने गाल सहलाते रह गए।  आदित्य पंचोली की बददिमागी से परिचित दूसरे लोग भी कुछ कह न सके।
जब गोविंदा ने मारा डायरेक्टर को थप्पड़
अभी अभिनेता गोविंदा अपनी एक फिल्म के सेट पर अपने प्रशंसक के गालों के बजा देने के कारण सर्वोच्च न्यायलय की फटकार सुन चुके हैं और दो  लाख का जुर्माना दे  चुके हैं।  इन्ही गोविंदा ने फिल्म रन भोला रन के डायरेक्टर नीरज वोरा को एक करारा थप्पड़ जड़ दिया।  गोविंदा नाराज़ थे कि नीरज उनके जैसे सीनियर अभिनेता की उपेक्षा करते हुए,  जूनियर कलाकारों को ज़्यादा महत्त्व दे  रहे थे।
जब सनी देओल को पड़े थप्पड़
जिन दर्शकों ने घायल वन्स अगेन देखी है, उन्हें याद होगा कि फिल्म के एक इमोशनल में अभिनेता सनी देओल अपनी बेटी के विलेन के चंगुल में फंसे होने के कारण तनाव में हैं।  वह कुछ इतने ज़्यादा इमोशनल हो जाते हैं कि इस सीक्वेंस में उन्हें शांत करने के लिए सोहा अली खान सनी देओल के गालों पर थप्पड़ मारती हैं।   लेकिन, सीन करते समय सोहा कुछ  इतनी चार्ज हो गई कि उन्होंने  सनी देओल के गाल पर सचमुच थप्पड़ जड़ दिए । फिल्म के निर्देशक खुद सनी  देओल इस थप्पड़ की गूंज से हैरान रह गए।  यूनिट सकपका गई।  जबकि सोहा अली खान सॉरी बोल रही थी।
रील लाइफ थप्पड़ के बाद हुआ प्यार
कुछ ऐसा ही वाकया कॉमेडी फिल्म रॉकी (२००६) की शूट के दौरान हुआ।  एक सीन में ईशा श्रावणी को गलतफहमी हो जाती है कि नायक ज़ायेद खान उन्हें परेशान कर रहे हैं।  इसी गलतफहमी में वह ज़ायद खान के थप्पड़ मार देती है।  यह सीन कॉमेडी क्रिएट करने के लिए था । दर्शक हँसते हँसते लोटपोट हो गए।  यही एक थप्पड़ खाने के बाद ज़ायद खान को ईशा श्रावणी का प्यार मिल गया।
यादगार रोमांटिक थप्पड़ों की बरसात
खुद द्वारा निर्देशित राजकपूर की  म्यूजिकल रोमांस फिल्म बरसात में राजकपूर एक गरीब परिवार से हैं।  नर्गिस बड़े घर की बेटी हैं।  लेकिन वह राजकपूर से प्रेम करने लगती है।  राजकपूर किरदार में हीन भावना है।  उन्हें लगता है कि लोग उनको आवारा मानते हैं।  ऐसे ही समुद्र के किनारे रोमांस करते हुए नर्गिस राजकपूर को उंगली कहीं के कह देती है।  नाराज़ राजकपूर नर्गिस को बालों से  पकड़ कर तड़ातड़ तमाचों की बरसात करते हैं।  नर्गिस तमाचे खाने के बाद भी राजकपूर को जंगली कहती रहती है। यह हिंदी फिल्मों का अब  तक सबसे रोमांटिक सीक्वेंस कहा जाता है।  हिंदी फिल्मों में इमोशन और क्रोध के दौरान थप्पड़बाज़ी आम होती है।  निर्देशक के राघवेन्द्र राव की १९८६ में रिलीज़ फिल्म सुहागन में जीतेन्द्र, श्रीदेवी और पद्मिनी कोल्हापुरे का त्रिकोण था।  फिल्म में एक गर्मागर्म तकरार के दौरान जीतेन्द्र श्रीदेवी के थप्पड़ मार देते हैं ।  श्रीदेवी बिलख उठती है।  यह फिल्म को गंभीर मोड़ पर ले जाने वाला दृश्य था।
स्टेज और पार्टी में थप्पड़ बाजी 
कोई दो साल पहले मीका सिंह ने एक शो के दौरान एक डॉक्टर को स्टेज पर बुला कर थप्पड़ जड़ दिया।  मीका सिंह का कहना था कि वह डॉक्टर फीमेल ऑडियंस से लिबर्टी लेने कोशिश कर रहा था। बाद में उस डॉक्टर ने मीका  सिंह पर मुकदमा दायर कर दिया।  अभी इस मुकदमे का फैसला नहीं हुआ है।  लेकिन, सलमान खान को एक थप्पड़ की कीमत सुभाष घई  की फिल्म करके चुकानी पड़ी।  हुआ यह कि एक  पार्टी में  सलमान खान को सुभाष घई की टिप्पणियां कुछ इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने घई के एक करारा 'खान'दार थप्पड़ जमा दिया। पार्टी में मौजूद लोग इस घटना से सुन्न रह गए।  तत्काल ही यह खबर सलमान खान के पिता सलीम खान तक जा पहुंची।  उन्होंने बिना समय गंवाए सलमान खान से सुभाष घई से माफ़ी माँगने के आदेश दिए ।  फिल्म कर्मा में दिलीप कुमार के डॉक्टर डेंग के गाल पर थप्पड़ की गूँज कर्मा को हिट  करा ले गई थी।  इस थप्पड़ के  बाद सलमान खान ने सुभाष घई के निर्देशन में फिल्म युवराज की। लेकिन, यह फिल्म हिट नहीं हो सकी।


Wednesday, 17 February 2016

एक्शन 'द एक्सपेंडब्ल्स' की तर्ज पर हॉरर 'डेथ हाउस'

हॉलीवुड अभिनेता सिल्वेस्टर स्टेलोन की लिखी और निर्देशित एक्शन फिल्म 'द एक्सपेंडब्ल्स' २०१० में रिलीज़ हुई थी।  'द एक्सपेंडब्ल्स' को मिली बड़ी सफलता के बाद इस सीरीज में दो फ़िल्में २०१२ और २०१४ में रिलीज़ हुई। द एक्सपेंडब्ल्स में फिल्म के नायक सिल्वेस्टर स्टैलोन के साथ जैसन स्टेथम, जेट ली, डॉल्फ लुंडग्रेन, रैंडी कूचर, टेरी क्रुज, स्टीव ऑस्टिन और मिकी रूरके जैसी मिली जुली स्टारकास्ट थी।  द एक्सपेंडब्ल्स की सफलता के बाद सीरीज में तीन फ़िल्में ही नहीं बनाई गई, बल्कि इस फिल्म की मिली जुली स्टारकास्ट ने इसी तर्ज पर अन्य शैली की फ़िल्में बनाने की प्रेरणा भी दूसरे फिल्मकारों को दी । फ़ास्ट एंड फ्यूरियस सीरीज की फिल्मों में स्टार कास्ट का जमावड़ा लगने लगा।  द एक्सपेंडब्ल्स के स्टूडियो मिलेनियम ने सभी महिला किरदारों वाली फिल्म द एक्सपेंडाबैलेस' का ऐलान किया।  इस फिल्म में मेरील स्ट्रीप, कैमरून दिआज़ और मिला जोवोविच के अलावा कुछ अन्य अभिनेत्रियों को लिया जाना है। द एक्सपेंडब्ल्स का हॉरर संस्करण बनाये जाने की भी खबर है।  इस फिल्म को हॉरर फिल्म ज़ोंबी किलर्स: एलीफैंट ग्रेवयार्ड' के निर्देशक हैरिसन स्मिथ निर्देशित कर रहे हैं।  इस फिल्म में हॉरर फिल्मों के रॉबर्ट एंग्लुण्ड, दैन्य ट्रेजो, माइकल बेरीमैन, केन हॉडर, डी वैलेस, बिल मोसली, बर्बर क्राम्पटन, डौग  ब्रेडले,केन फ़ौरी, कमिले कीटोन और डॉन शांक्स जैसे हॉरर फिल्मों के एक्टर नृशंस हत्यारों की शक्लों में नज़र आएंगे।  इस फिल्म के एक एक्टर गनर हैनसन, जिन्होंने फिल्म  की कहानी भी लिखी थी, की असामयिक मृत्य हो चुकी है। यह फिल्म कहानी है भूमिगत ईविल सरकार के एरिया ५१ स्थित द डेथ हाउस की है, जहाँ  पहुँचाने वाले इंसानों को भयानक नौ स्तरों से गुजरना होता है, जहाँ ऐसे नृशंस हत्यारे मौजूद मौजूद  हैं, जिनसे मौत भी पनाह मांगती है। फिल्म २०१७ में रिलीज़ हो सकती है।     
  

विल स्मिथ ही बनेंगे बैड बॉयज !

२००३ में हॉलीवुड एक्टर विल स्मिथ की फिल्म बैड बॉयज २ रिलीज़ हुई थी।  इस फिल्म में विल स्मिथ ने मियामी पुलिस डिपार्टमेंट के नारकोटिक्स डिवीज़न के डिटेक्टिव लेफ्टिनेंट माइक लौरे का किरदार किया था।  यह फिल्म १९९५ में रिलीज़ बॉयज का सीक्वल थी।  उस समय, जब विल स्मिथ से बैड बॉयज ३ के बनाये जाने के बारे में सवाल किया गया तो विल का जवाब था, "ज़रूर बनेगी।" इस  फिल्म में दूसरे बैड बॉय मार्टिन लॉरेंस थे, जिन्होंने विल के दूसरे साथी डिटेक्टिव लेफ्टिनेंट मार्कस बर्नेट का किरदार किया था।  बैड बॉयज २ के बाद कुछ ऐसा घटा कि तीसरी फिल्म शुरू होने की नौबत ही नहीं आई।  फिर मार्टिन लॉरेंस के परिवार की गलतियों के कारण कुछ ऐसा हुआ कि मार्टिन लॉरेंस विल स्मिथ से ही नहीं, हॉलीवुड फिल्मों से भी कट गए। उन्हें पैसे कमाने के लिए टीवी सीरियलों का सहारा लेना पड़ा।  एक इंटरव्यू में विल स्मिथ ने बताया कि 'मैंने मार्टिन को पिछले दो सालों से देखा तक नहीं था।  लेकिन, कुछ हफ्ते पहले वह मुझे मिला।  हम दोनों ने एक दूसरे को गले लगाया।  उस समय हम जानते थे कि हम बैड बॉयज ३ करने जा रहे हैं।'  बैड बॉयज २ ने १८६७ करोड़ रुपये की कमाई की थी, जो बैड बॉयज की कमाई का दोगुना थी।  बैड बॉयज सीरीज की पहली दो फिल्मों के निर्देशक माइकल बे थे।  लेकिन, माइकल  बे की ट्रांसफार्मर्स सीरीज की पांचवी फिल्म में व्यस्तता को देखते हुए, ऐसा नहीं लगता कि वह बैड बॉयज ३ का निर्देशन कर पाएंगे।  एक पत्रिका की रिपोर्ट पर भरोसा करें तो द ग्रे और द ए- टीम के निर्देशक जो कार्नहान बैड बॉयज ३ का निर्देशन करने जा रहे हैं।  बैड बॉयज ३ की रिलीज़ की तारिख २०१७ में फरवरी में किसी तारीख में हो सकती है।

Tuesday, 16 February 2016

बॉलीवुड रोमांस पर भारी हॉलीवुड की एक्शन कॉमेडी

इस साल, वैलेंटाइन डे वीकेंड में बॉलीवुड के रोमांस ड्रामा को हॉलीवुड की एक्शन कॉमेडी फिल्म ने पछाड़ दिया। इस शुक्रवार वैलेंटाइन डे वीकेंड का फायदा उठाने के लिए कैटरीना कैफ और आदित्य रॉय कपूर की रोमांस ड्रामा फिल्म 'फितूर' रिलीज़ हुई थी। निर्देशक अभिषेक कपूर की फिल्म में तब्बू की केंद्रीय भूमिका है।  इसकी स्टार कास्ट को देखते हुए, फिल्म के वैलेंटाइन डे वीकेंड में बढ़िया बिज़नेस करने की उम्मीद थी।  लेकिन, दर्शकों को यह फिल्म भारी लगी।  फिल्म ज़रुरत से ज़्यादा क्लास फिल्म बन गई।  नतीजे के तौर पर इस फिल्म ने ३.६१, ४.५४ और ५.९६ करोड़ का बिज़नेस करते हुए १४.११ करोड़ का वैलेंटाइन डे वीक निकाला।  इसके ठीक विपरीत हॉलीवुड की फिल्म डेडपूल ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।  इस फिल्म की ओपनिंग ही ४.१० करोड़ की हुई।  शनिवार और रविवार को फिल्म ने क्रमशः ४.९० और ५.२५ करोड़ का बिज़नेस करते हुए १४.२५ करोड़ का वीकेंड बिज़नेस करते हुए १४ लाख से फितूर को पछाड़ दिया।  लेकिन, यह नाम का अधिक बिज़नेस उस समय बढ़िया महसूस होता है, जब हम पाते हैं कि बॉलीवुड की फिल्म फितूर १२२५ सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। जबकि, डेडपूल को केवल ८०० स्क्रीन मिले थे।

फैशन भी आराम का मामला है

ग्लैडरेग्स की मेगा मॉडल रूपाली सूरी का मानना है कि फैशन भी आराम का मामला है।  फैशन उद्योग में अपनी  पहचान बना चुकी और देश की श्रेष्ठ डिज़ाइनरस के लिए रैंप पर चल चुकी रूपाली सूरी के पसंदीदा फैशन डिज़ाइनर राहुल मिश्रा और वैशाली एस हैं।  रूपाली कहती हैं, "वैशाली की डिज़ाइन पोशाकें स्त्रियोचित हैं।  कुछ अन्य डिज़ाइनर की फैशन की समझ भी मुझे पसंद हैं।" रूपाली को ड्रेसिंग सेंस और रंगों के सामंजस्य वाली ड्रेस पहने देखा जाता है।  लेकिन, वह कहती हैं, "मुझे फ्लो के साथ जाना पसंद है।  मेरी पर्सनल स्टाइल कम्फर्ट और कलर का  मिश्रण है।  यानि ड्रेस आरामदेह हो और रंगों का सही चुनाव हुआ हो।" रूपाली सूरी को दर्शक निर्देशक अरुण फ्रैंक की पूरी लम्बाई की इंग्लिश फिल्म 'डैड....होल्ड माय हैंड' में देख सकेंगे।  इस फिल्म की पूरी शूटिंग मुंबई और लंदन में हुई है।  विभिन्न फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाए जाने के बाद 'डैड....होल्ड माय हैंड' भारत और पश्चिम के देशों में रिलीज़ की जाएगी।  .

रितेश देशमुख का 'बैंजो' लुक

पिछले दिनों, ईरोस इंटरनेशनल ने रितेश देशमुख और नर्गिस फाखरी की जोड़ी को लेकर म्यूजिकल ड्रामा फिल्म 'बैंजो' का ऐलान किया था।  इस फिल्म में रितेश के साथ नर्गिस की जोड़ी पहली बार बन रही है।  आज इस फिल्म में रितेश  देशमुख का बैंजो लुक जारी किया गया।  इस चित्र में रितेश के सर पर लम्बे बाल नज़र आ रहे हैं।  रितेश के यह लुक फिल्म में उनके म्यूजिशियन के किरदार के अनुरूप है।  यह एक मराठी करैक्टर है।  यह संगीतकार अपने सपनों को पूरा करने के लिए सात समंदर  पार तक का सफर पूरा करता है।  बैंजो का यह सफर पूरा करने में एक अमेरिकन डीजे मदद करता है।  दोनों मिल कर एक बैंड बनाते हैं।  इसके साथ ही इन दोनों का करियर छलांगे लगाने लगता है।  निर्माता कृषका लुल्ला की फिल्म का निर्देशन रवि जाधव ने किया है। 
   

Saturday, 13 February 2016

अहमदाबाद में हुआ शाहरुख़ खान की कार पर पथराव, लगे नारे

'दिलवाले' के सुपर फ्लॉप हो जाने के बावजूद घुटन महसूस करने के शाहरुख़ खान के बयान पर लोगों का गुस्सा अभी ख़त्म नहीं हुआ है। वह जहाँ भी जाते हैं विरोध का शिकार होते हैं।  उन्हें लोगों का ताज़ातरीन गुस्सा भुज में फिल्म रईस की शूटिंग के दौरान झेलना पड़ा।  रईस  गुजरात के शराब तस्कर के डॉन बनने की कहानी है।  शाहरुख़ खान इस करैक्टर को कर रहे हैं।  लेकिन, भुज में शूटिंग में रुकावट पैदा होने का सिलसिला यहीं नहीं रुका।  कल रात अहमदाबाद में जिस होटल में शाहरुख़ खान रुके हुए थे, कुछ युवकों के झुण्ड ने उनके मुर्दाबाद के नारे लगाये और उनकी कार पर पथराव किया।  इस समय शाहरुख़ खान अहमदाबाद में सरखेज रोज़ा गुम्बद और मस्जिद में शूटिंग कर रहे हैं।  इसलिए, भुज की घटना को देखते हुए उनकी सुरक्षा में गुजरात पुलिस के ४०० जवान लगाए गए हैं।   लेकिन, इसके बावजूद खान की फिल्म की शूटिंग नहीं हो सकी, क्योंकि  इस शूट के लिए  यूनिट के लोग पुरातत्व विभाग से अनुमति लेना भूल गए।  यह इमारत एक ऐतिहासिक स्मारक है।  रईस की शूटिंग में पाकिस्तानी अभिनेत्री माहिरा खान के हिस्सा लेने की भी खबर है।   

ऑस्कर पुरस्कारों में भारतीय फिल्म हस्तियां !

प्रियंका चोपड़ा इस  साल २८ फरवरी को हो रहे ऑस्कर पुरस्कारों में प्रेजेंटर की हैसियत से हिस्सा लेंगी।  वह हॉलीवुड की उन कुछ बड़ी हस्तियों के साथ ऑस्कर के मंच पर दिखाई देंगी, जिन्हे हम उनकी फिल्मों से जानते पहचानते हैं।  प्रियंका चोपड़ा के लिए ऑस्कर से जुड़ने का यह दूसरा मौका होगा।  पिछले साल, ऑस्कर २०१५ की प्री-अवार्ड पार्टी में प्रियंका ने हिस्सा लिया था।  इस पार्टी को भारतीय रक्त वाली हॉलीवुड फिल्म अभिनेत्री फ्रीडा पिंटो ने  वैनिटी फेयर के साथ आयोजित किया था।
प्रियंका चोपड़ा से पहले भी
लेकिन, ऑस्कर समारोहों में हिस्सा लेने वाली प्रियंका चोपड़ा पहली भारतीय फिल्म उद्योग से जुड़ी हस्ती नहीं हैं।  हिंदुस्तान १९५७ से ऑस्कर अवार्ड्स की विदेशी फिल्मों की श्रेणी में अपनी फ़िल्में भेज रहा है।  लेकिन, अब तक तीन बार भारतीय फ़िल्में शामिल की गई थी।  १९५७ में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म की श्रेणी में महबूब खान की फिल्म मदर इंडिया भेजी गई।  यह फिल्म अंतिम पांच फिल्मों में चुनी भी गई।   लेकिन, एक वोट से मदर इंडिया ने ऑस्कर अवार्ड्स फेडरिको फेलिनी की इतालवी फिल्म नाइट्स ऑफ़ कैबिरिआ के पक्ष में खो दिया। फिर ३१ साल बाद मीरा नायर की फिल्म सलाम बॉम्बे (१९८८) को ऑस्कर पुरस्कारों की होड़ में नामित होने का मौका मिला। सलाम बॉम्बे डेनिश फिल्म पेले द कॉन्करर से पिछड़ गई। इसके १३ साल बाद  आशुतोष गोवारिकर की फिल्म लगान ऑस्कर पुरस्कारों में नामित हुई। यह फिल्म बोस्नियाई फिल्म नो मेंस लैंड से परास्त हो गई।  इस प्रकार से तीनों भारतीय फ़िल्में ऑस्कर जीत पाने में नाकाम रही। इस साल मराठी फिल्म कोर्ट ऑस्कर में विदेशी फिल्म की श्रेणी के लिए भेजी गई थी। लेकिन, वह नामित तक नहीं हो सकी। ऑस्कर पुरस्कारों के लिए होने वाले समारोह में नामित फिल्मों से जुड़ी हस्तियां हिस्सा ले सकती हैं।  इसलिए, लगान के नामित होने पर निर्देशक आशुतोष  गोवारिकर, आमिर खान अपनी उस समय की बीवी रीना खान के साथ शामिल हुए।
नामित होने के कारण ऑस्कर में
७१ वे ऑस्कर अवार्ड्स में शेखर कपूर की इंग्लिश फिल्म एलिज़ाबेथ नामित हुई थी।  फिल्म के नॉमिनेशन के कारण ऑस्कर पुरस्कारों के फंक्शन में शेखर कपूर की मौजूदगी दर्ज़ हुई। दीपा मेहता की फिल्म वॉटर के ऑस्कर में नॉमिनेट होने के कारण जॉन अब्राहम, लिसा रे और सीमा बिस्वास को दीपा मेहता के साथ ७९ वे ऑस्कर अवार्ड्स समारोह में शामिल होने का मौका मिला।  यह हिंदी फिल्म कनाडा की प्रविष्टि के रूप में भेजी गई थी। लाइफ ऑफ़ पाई के हीरो और भारतीय अभिनेता  सूरज शर्मा २०१३ में हुए ८५ वे ऑस्कर अवार्ड्स समारोह में शामिल हुए थे।  इसी फिल्म के लिए बॉम्बे जयश्री भी बेस्ट सांग की श्रेणी में नामित हुई। २०१३ में स्टीवन स्पीलबर्ग की फिल्म लिंकन १२  श्रेणियों में नामित हुई थी।  लिंकन का निर्माण स्टीवन स्पीलबर्ग की कंपनी ड्रीम वर्क्स के साथ रिलायंस ने किया था।  इसीलिए इस फिल्म के निर्माता के तौर पर अनिल अम्बानी और उनकी पत्नी और भूतपूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री इस समारोह में मौजूद थी।  डेविड ओ रसेल की फिल्म सिल्वर लइनिंग्स प्लेबुक ऑस्कर में नामित हुई थी।  फिल्म में केंद्रीय भूमिका करने वाले भारतीय अभिनेता अनुपम खेर को नॉमिनेशन नहीं मिला था।  लेकिन, अपनी फिल्म के कारण उन्हें भी इस फंक्शन में शामिल होने का मौका मिला।
जब ऑस्कर में छाया इंडिया
ऑस्कर पुरस्कारों का ८१ वां एडिशन  भारत के लिए ख़ास था।  जैसे पूरा बॉलीवुड ऑस्कर समारोह में मौजूद था। भारतीय संगीतकार ए आर रहमान ने  २००९ में डैनी बॉयल की इंग्लिश फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर के लिए दो श्रेणियों (बेस्ट ओरिजिनल स्कोर और गुलज़ार के साथ बेस्ट ओरिजिनल सांग जय हो) में ऑस्कर पुरस्कार जीता था। इसी फिल्म के लिए रसूल पुकुट्टी ने साउंड मिक्सिंग की श्रेणी में पुरस्कार जीता था। इसी साल स्माइल पिंकी ने शार्ट डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार जीता।  इसीलिए, जब जब ऑस्कर अवार्ड्स  में स्लमडॉग मिलियनेयर का नाम पुकारा जाता, स्टेज पर भारतीय डिज़ाइनर्स की डिज़ाइन लहराने इतराने लगती।  समारोह में बराबर ए आर रहमान का संवारा जय हो गीत बजने लगता।  इस धुन पर हॉल में मौजूद तमाम हस्तियां भी मुग्ध हो जाती।
ऑस्कर पुरस्कारों में नामित और पुरस्कृत भारतीय
१९८३ में रिचर्ड एटनबरो की फिल्म गांधी एकेडेमी अवार्ड्स की आठ  श्रेणियों में नामित हुई थी।  इस फिल्म की कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर भानु अथैया थी।  उन्होंने जॉन मोलो के साथ बेस्ट कॉस्ट्यूम डिज़ाइन का पुरस्कार  जीता था। सितार वादक रवि शंकर का ऑस्कर अवार्ड्स में बेस्ट ओरिजिनल स्कोर की श्रेणी में नामित किया गया था। सत्यजित रे को १९९२ में मानद ऑस्कर से सम्मानित किया गया। अश्विन कुमार की लघु फिल्म लिटिल टेररिस्ट को २००५ में ऑस्कर नॉमिनेशन मिला था।  वह ऑस्कर्स  में नामित होने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय थे।
भारतीय और भारत के विषय पर फ़िल्में
१९८४ में ई एम फोर्स्टर की पुस्तक का  स्क्रीन रूपांतरण निर्देशक डेविड लीन की फिल्म अ पैसेज टू इंडिया ११ ऑस्कर श्रेणियों में नामित हुई थी।  फिल्म ने बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस और बेस्ट ओरिजिनल स्कोर के अवार्ड जीते।  इस फिल्म में विक्टर बनर्जी, सईद जाफरी और रोशन सेठ जैसे भारतीय अभिनेताओं ने भी काम किया था। भारतीय  मूल के फिल्मकार इस्माइल मर्चेंट एक बार नहीं चार बार ऑस्कर के लिए नामित हुए।  मर्चेंट आइवरी की लघु फिल्म द क्रिएशन ऑफ़ वुमन १९६१ में ऑस्कर पुरस्कारों में नामित हुई।  उनकी तीन फ़िल्में अ रूम विथ अ  व्यू, होवार्डस एंड और द रिमेंस ऑफ़ द डे भी ऑस्कर पुरस्कारों में बेस्ट पिक्चर की श्रेणी में नामित हुई।
ऑस्कर पुरस्कार समारोह में किसी बॉलीवुड सेलेब्रिटी के शामिल होने पर दूसरे सेलिब्रिटीज को डाह करने की ज़रुरत नहीं। हॉलीवुड में अपने कांटेक्ट बढाइये और पाइए ऑस्कर अवार्ड्स में शामिल होने का सुनहरा मौका।  इसीलिए, भारतीय फिल्म अभिनेत्रियां किसी हॉलीवुड हस्ती के इनविटेशन पर भी ऑस्कर अवार्ड्स फंक्शन में शामिल  नज़र आती हैं।  ८३ वे अकैडमी अवार्ड्स में मल्लिका शेरावत ऑस्कर मूर्ति के पास खडी हो कर फोटो खिंचवाती नज़र आई।  इसी साल ऐश्वर्या राय की ऑस्कर मौजूदगी भी दर्ज़ हुई।
इसमे कोई शक नहीं कि ऑस्कर अवार्ड्स में भारतीय फिल्म  उद्योग, ख़ास कर बॉलीवुड सेलिब्रिटी नज़र आते हैं।   लेकिन, प्रियंका चोपड़ा का कारनामा इस लिए ख़ास है कि वह डॉल्बी थिएटर हॉलीवुड में कोई ऑस्कर अवार्ड अन्य बॉलीवुड हस्तियों के साथ प्रेजेंट कर रही होंगी।  प्रियंका चोपड़ा इस साल स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड अवार्ड्स प्रेजेंट कर चुकी हैं तथा उन्हें पीपलस चॉइस अवार्ड भी दिया गया।


अल्पना कांडपाल

क्या बॉक्स ऑफिस पर टकराएंगे दो खान अभिनेता !

बॉलीवुड में पीते पीते जाम बदल जाते हैं, मुफीद बैठता है।  चाय की प्याली को उठा कर  मुंह तक ले जाने के बीच इतना समय होता है कि प्याली किसी दूसरे के होंठों तक पहुँच सकती है ।  ऐसा ही कुछ रईस और सुल्तान के टकराव को लेकर हुआ।  पिछले साल फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने अपने एक्सेल बैनर की फिल्म रईस के ईद २०१६ में रिलीज़  करने की घोषणा की थी।  ऐसा स्वाभाविक था।  कोई भी अभिनेता, ख़ास तौर पर मुस्लमान अभिनेता ईद के  खुशनुमा माहौल को अपनी फिल्म की सफलता में उपयोग करना चाहेगा।  शाहरुख़ खान अगर अपनी फिल्म रईस को हिट कराने के लिए ईद को बढ़िया समय मान रहे थे, तो कोई गलत नहीं कर रहे थे।  लेकिन, जैसी की यशराज बैनर की आदत है, यशराज फिल्म्स ने कुछ दिनों बाद ही अपनी सलमान खान की मुख्य भूमिका वाली फिल्म सुल्तान को ईद २०१६ में रिलीज़ करने का ऐलान फिल्म के टीज़र के साथ कर दिया।  इसके साथ ही एक अभूतपूर्व टकराव को लेकर तमाम फ़िल्मी गैर फिल्मी पत्र और पत्रिकों में गॉसिप छिड़ गई।  हालाँकि, उस समय तक सलमान खान ने सुलतान और शाहरुख़ खान ने रईस की फिल्म की शूटिंग शुरू भी नहीं की थी। क्योंकि, उस समय तो सलमान खान फिल्म प्रेम रतन धन पायो और शाहरुख़ खान निर्माता आदित्य चोपड़ा की फिल्म फैन और रोहित शेट्टी की फिल्म दिलवाले की शूटिंग में व्यस्त थे।  पिछले साल नवंबर में फरहान अख्तर ने एक इंटरव्यू में रईस और सुलतान के टकराव को सुनिश्चित बता दिया।  अब आते हैं पीते पीते कभी कभी तो जाम बदल जाते हैं की बात पर।  शुक्रवार (१२ फरवरी को) रात आठ बजे एक ट्रेड मैगज़ीन के संपादक ने ट्वीट किया कि रईस और सुल्तान का टकराव टला।  रईस अब पहले की किसी तारिख में रिलीज़ होगी।  अभी इस खबर का सोशल मीडिया में छाना शुरू ही हुआ था कि एक्सेल के रितेश सिधवानी ने रईस के पहले रिलीज़ होने और सलमान खान की सुल्तान के लिए ईद वीकेंड खाली कर देने की खबर को अफवाह बता दिया।  यानि, अब टकराव होगा ही होगा।  लेकिन, क्या सचमुच !

इनविजिबल मैन बनेंगे जॉनी डेप


पिछले साल नवंबर में यूनिवर्सल स्टुडिओ ने हर साल एक हॉरर फिल्म रिलीज़ करने की योजना का खुलासा किया था।  इस  योजना के तहत मंमी रिबूट  ऎसी पहली फिल्म होगी।  इस फिल्म का निर्देशन एलेक्स कुर्त्ज़मैन करेंगे।  फिल्म में टॉम क्रूज और सोफ़िया बौटला मुख्य  भूमिका में होंगे।  इस फिल्म की शूटिंग इस साल के शुरू में होगी।  फिल्म ९ जून २०१७ को रिलीज़ होगी।  यूनिवर्सल का सालाना हॉरर मूवी जलसा की अन्य फिल्मों में ड्रैकुला, वैन हेल्सिंग, द ब्राइड ऑफ़ फ्रैंकेंस्टीन और द वुल्फ मैन करैक्टर पर फ़िल्में होंगी।   यूनिवर्सल स्टुडिओ की एक फिल्म द इनविजिबल मैन १३ नवंबर १९३३ को रिलीज़ हुई थी।  इस फिल्म में क्लॉड रैंस ने डॉक्टर जैक ग्रिफिन का किरदार किया था, जो अदृश्य होने की शक्ति पा लेता है।  अब होता क्या है कि इस शक्ति के दुष्प्रभाव से पागल हो जाता है और शहर के लोगों को मारने लगता है।  इस फिल्म के बाद स्टूडियो ने चालीस के दशक में द इनविजिबल मैन रिटर्न्स और द इनविजिबल मैन्स रिवेंज और १९५१ में एबोट एंड कोस्टेलो मीट द इनविजिबल मैन का निर्माण किया।  अब जबकि इनविजिबल मैन को रिबूट किया जा रहा  तो यह साफ़ नहीं है कि इस फिल्म को लिखने का ज़िम्मा किसे सौंपा गया है।  लेकिन, यूनिवर्सल का इरादा एक से ज़्यादा इनविजिबल मैन फ़िल्में बनाने का है।  इसलिए, इनविजिबल मैन  सीरीज की फ़िल्में लिखने के लिए एलेक्स कुर्त्ज़मैन क्रिस मॉर्गन के नेतृत्व में पूरी एक टीम  तैनात की गई है।  इस फिल्म में इनविजिबल मैन  का किरदार जॉनी डेप्प करेंगे।  फिल्म २०१७ में रिलीज़ होगी।  

बेहद खतरनाक है सिले मुंह वाला डेडपूल

स्पेशल  फ़ोर्स के लिए काम करने वाले वेड विल्सन के कैंसर का इलाज़ करने के लिए उस पर प्रयोग किया जाता है।  इसके फलस्वरूप उसके उपचार-शक्ति बढ़ जाती है।  लेकिन, उसकी खाल विकृत हो जाती है।  दिमाग अस्थिर हो जाता है।  उसमे रहस्यमय और उलझने वाला सेंस ऑफ़ ह्यूमर पैदा हो जाता है।  इतनी शक्तियों और नई पहचान के साथ वेड विल्सन  निकल पड़ता है उस व्यक्ति को ढूंढने जिसने उसकी ज़िन्दगी नष्ट कर दी।  इसके साथ ही डेडपूल का जन्म होता है। वेड विल्सन की यह कहानी डायरेक्टर टिम मिलर की फिल्म डेडपूल की है।  डेडपूल मार्वल कॉमिक्स का एक करैक्टर है।  फिल्म दर्शकों ने इस करैक्टर को पहली बार ट्वेंटीथ सेंचुरी फॉक्स की फिल्म वॉल्वरिन: ओरिजिंस (२००९) में देखा था।  लेकिन इस फिल्म में डेडपूल के कैंसर, कॉस्ट्यूम और सिले मुंह के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया था।  इस लिहाज़ से टिम की फिल्म में डेडपूल से दर्शकों का पहला परिचय होगा।  डेडपूल की भूमिका रयान रेनॉल्ड्स ही कर रहे हैं।  वह इस फिल्म के प्रोडूसरों में भी है । वह इस करैक्टर पर २००५ से काम कर रहे हैं।  वेड के शारीरिक विशेषतायें काफी कुछ डेडपूल जैसी हैं।  ख़ास बात यह भी है कि डेडपूल और रेनॉल्ड्स दोनों ही कनाडियन  हैं। इनके नाम तीन हिस्सों में हैं - वेड विंस्टन विल्सन और रयान रॉडनी रेनॉल्ड्स। डेडपूल एक्स-मेन सीरीज की फिल्मों में आठवी है।  यह रेनॉल्ड्स की पांचवी कॉमिक बुक फिल्म है।  वह इससे पहले मार्वल की फिल्म ब्लेड: ट्रिनिटी ( २२०४) में हनीबल,  एक्स-मेन ओरिजिंस: वॉल्वरिन (२००९)  में वेड विल्सन, डीसी कॉमिक्स  फिल्म ग्रीन लैंटर्न (२०११) में हाल जॉर्डन और डार्क हॉर्सेज आर० आई० पी० डी० में निक वॉकर का किरदार कर चुके हैं।  कॉमिक्स में डेडपूल विखंडन  की दिमागी बीमारी से ग्रस्त है तथा कई बार खुद से बात करने लगता है।  १२ फरवरी को रिलीज़ इस फिल्म में दर्शक ने स्टेन ली को एक स्ट्रिप क्लब के डीजे और रॉब लिेफेल्ड टैटू पार्लर के ग्राहक के कैमिया में देखा होगा।  फिल्म में वेड की गर्लफ्रेंड का किरदार मोरेना बकरिन, वेड के दोस्त वैसेल का किरदार टी जे मिलर, फ्रांसिस का किरदार एड स्क्रैन और म्युटेंट एंजेल डस्ट  जीना करानो ने किया है।   

Friday, 12 February 2016

बॉयफ्रेंड राजकुमार राव को अपनी फिल्म का ट्रेलर दिखाना चाहती हैं पत्रलेखा

बॉलीवुड फिल्म 'सिटी लाइट' में शानदार अभिनय से सफल बॉलीवुड डेब्यू करने वाली अदाकारा पत्रलेखा जल्द ही आगामी फिल्म 'लव गेम्स' में नज़र आनेवाली हैं। फिल्म 'लव गेम्स; में पत्रलेखा का डार्क रोल है। पत्रलेखा और राजकुमार राव की रिलेशनशिप के बारे में सभी को खबर है। वह राव के साथ फिल्म सिटी लाइट्स में फिल्म की नायिका थी।  अदाकारा पत्रलेखा अपनी फिल्म का ट्रेलर सबसे पहले अपने बॉयफ्रेंड राजकुमार राव को दिखाना चाहती हैं। राजकुमार बहुत ही प्रतिभाशाली अभिनेता हैं। पत्रलेखा चाहती हैं की राजकुमार उनकी फिल्म का ट्रेलर देखे और पत्रलेखा को उनकी गलतियां समझाएं ताकि  वह अगले पड़ाव पर यही गलतियां सुधार सकें। फिल्म 'लव गेम्स' के अलावा पत्रलेखा जल्द ही विशेष फिल्म्स के बैनर तले  बन रही आगामी फिल्म में भी नज़र आनेवाली हैं। 

फिल्म 'नीरजा' को कैलिफ़ोर्निया में प्रदर्शित करना चाहते हैं अतुल कस्बेकर

किंगफ़िशर कैलेंडर शूट के लिए पहचाने जाने वाले बेहतरीन फोटोग्राफर अतुल कस्बेकर अब फिल्म निर्माता भी बन गए  हैं। अतुल द्वारा प्रोडूस फिल्म 'नीरजा' रिलीज़ को तैयार है। इनके अलावा अतुल एक 'ब्लिंग' नामक टैलेंट मैनजमेंट कंपनी के मालिक हैं जिनके अंतरगत वे विद्या बालन और सोनम कपूर जैसी बड़ी हस्तियों को हैंडल करते हैं । अब अतुल अपने प्रोडक्शन हाउस 'ब्लिंग अनप्लग्ड' के ज़रिये फिल्म 'नीरजा' को प्रोडूस कर रहे हैं जोकि 19 फ़रवरी को रिलीज़ होने को तैयार है। यह एक बायोग्राफिकल फिल्म है जिसका निर्देशन राम माधवानी ने  किया है। यह फिल्म एक असल घटना पर आधारित फिल्म है। अतुल प्रोडूसर के तौर पर अपनी पहली फिल्म 'नीरज' को कैलिफ़ोर्निया के ब्रूक इंस्टिट्यूट में दिखाना चाहते हैं। अतुल ब्रूक इंस्टिट्यूट के एक्स स्टूडेंट हैं और वे अपने इंस्टिट्यूट में अपनी पहली फिल्म दिखाने के लिए बहुत बेताब हैं। अतुल का कहना है ' ब्रुक्स इंस्टिट्यूट ने मेरे फोटोग्राफी के शिक्षण और मेरे कर्रिएर को सवाारा है। मै अपने कामयाबी का श्रेया अपने इंस्टिट्यूट को देना चाहता हूँ। ब्र्रोक्स इंस्टिट्यूट में अपनी फिल्म की स्क्रीनिंग करना मेरे लिए बहुत बड़ी बात होगी।'

वरुण धवन की जुडवा २ में करिश्मा कपूर का एक आइटम

खबर है कि बॉलीवुड की पांच साल से परदे का मुंह न देख सकी अभिनेत्री करिश्मा कपूर जुड़वा २ फिल्म में आइटम सांग करके अपनी वापसी करने वाली है।  जुडवा २, करिश्मा कपूर की १९९७ में रिलीज़ फिल्म जुड़वाँ का सीक्वल है। डेविड धवन के निर्देशन में सलमान खान की दोहरी भूमिका वाली इस फिल्म में करिश्मा कपूर ने रम्भा के साथ सलमान खान के एक किरदार की प्रेमिका का किरदार किया था। यह फिल्म बड़ी हिट साबित हुई थी। अब  २० बाद इस फिल्म का सीक्वल बनाया जा रहा है तो तमाम किरदार बदली शक्लों में नज़र आएंगे।  सलमान खान की जगह वरुण धवन ने ले ली है।  अभी उनकी नायिकाओं का चुनाव नहीं हुआ है।  लेकिन, जुडवा (१९९७) के डायरेक्टर डेविड धवन ही जुडवा २ को डायरेक्ट करेंगे।  इस तरह से मैं तेरा हीरो के बाद दूसरी बार बाप बेटा जोड़ी एक साथ काम कर रही है। जुडवा के समय में २३ साल की करिश्मा कपूर अब ४३ साल की हो गई है।  क्या इस उम्रदराज अभिनेत्री का आइटम आज का युवा देखना चाहेगा ?

Thursday, 11 February 2016

बड़े बजट की फिल्म को छोटी फिल्म का बड़ा झटका !

शुक्रवार (१२ फरवरी को) को दो हिंदी फ़िल्में टकरा रही हैं।  वैलेंटाइन्स डे वीकेंड पर रिलीज़ यह फिल्मे अपनी रोमांस थीम के कारण एक दूसरे को चुनौती देती लगती हैं।  इन दोनों ही फिल्मों में बड़ा फर्क यह है कि मेकर, कहानी, बजट और स्टार कास्ट के लिहाज़ से दोनों का कोई मुक़ाबला नहीं। फितूर के निर्देशक अभिषेक कपूर उर्फ़ गट्टू हैं, जबकि सनम रे की निर्देशक दिव्या खोसला कुमार हैं।  यह दोनों ही हिंदी फिल्मों के असफल एक्टर हैं।  इन दोनों ने ही अपनी फिल्मों से सफलता का स्वाद चखा हैं।  कहानी के लिहाज़ से चार्ल्स डिकेन्स के रोमांटिक उपन्यास ग्रेट एक्सपेक्टेशन पर आधारित होने के कारण फितूर सनम रे से बड़ी फिल्म हैं।  इन दोनों ही फिल्मों के बजट में भारी अंतर हैं। टी सीरीज की फिल्म सनम रे का बजट मात्र १५ करोड़ है, जबकि  यू टी वी मोशन पिक्चर्स ने फितूर के निर्माण, आदि पर ९५ करोड़ खर्च किये हैं।  स्टार कास्ट के लिहाज़ से भी फितूर तब्बू और कैटरीना कैफ के कारण इतनी बड़ी फिल्म बन चुकी है कि सनम रे की यामी गौतम और पुलकित सम्राट कहीं नहीं नज़र आते।  कश्मीरी पृष्ठभूमि पर मुस्लिम संस्कृति झलकाती फिल्म  है फितूर । माहौल मुसलमानी होगा।  वहीँ सनम रे पंजाबी  तड़के वाली फिल्म है।  लेकिन---लेकिन------ इन  दोनों फिल्मों की स्क्रीन संख्या में भारी अंतर है।  सनम रे को दो हजार प्रिंटों में रिलीज़  किया जा रहा है।   जबकि,  फितूर केवल १२०० स्क्रीन में ही रिलीज़ होगी।  बड़ी फिल्म फितूर के मुकाबले छोटी सनम रे ८०० ज़्यादा प्रिंट वीकेंड में फितूर को झटका दे सकते हैं। साथ ही फितूर का बड़ा बजट भी उसके लिए खतरा बन सकता है। ऐसे में साधारण बजट से बनी सनम रे पहले वीकेंड में ही मुस्कुरा सकती है।  आइये देखते हैं क्या होता है इस वीकेंड।  

हॉलीवुड फिल्मों में बॉलीवुड गीत : मुलान रूज़ से डेडपूल तक

अगर आप इस शुक्रवार रिलीज़ हो रही हॉलीवुड की फिल्म 'डेडपूल' के दर्शक बनने जा रहे हैं तो फिल्म शुरुआत बिलकुल मत छोड़ियेगा।  क्योकि, फिल्म के शुरुआत सीन में डेडपूल करैक्टर गोलियों की बरसात करता हुआ राजकपूर की १९५५ में रिलीज़ फिल्म 'श्री ४२०' का उन्ही पर फिल्माया गया गीत 'मेरा जूता हैं जापानी' गाता हुआ नज़र आएगा।  कॉमेडी फिल्म डेडपूल का यह गीत फिल्म के मनोरंजन को बयान करने वाला है।  हॉलीवुड की फिल्मों की नक़ल करने वाले बॉलीवुड की किसी फिल्म का गीत हॉलीवुड की फिल्म में बजाना नई बात नहीं है।  इससे पहले भी कुछ हिंदी गीतों का उपयोग हॉलीवुड फिल्मों में किया जा चूका है। बज़ लुहरमन की फिल्म मुलान रूज़ (२००१)  में उर्मिला मातोंडकर पर फिल्माए गए चाइना गेट के गीत छम्मा छम्मा पर अभिनेत्री निकोल किडमैन  थिरक रही थी।  लुहरमन ने निकोलस केज की क्राइम वॉर फिल्म लार्ड ऑफ़ वॉर (२००५) में बॉम्बे के थीम सांग का उपयोग किया था।  २००६ में रिलीज़ फिल्म इनसाइड मैन में ए आर रहमान का संगीतबद्ध फिल्म दिल से का  छैयां छैयां गीत शामिल किया गया था।  यह  गीत फिल्म के नायक क्लाइव ओवेन के एकल संवादों के बात फिल्म की कास्टिंग की शुरुआत के साथ बजता है।  फिल्म इटरनल सनशाइन ऑफ़ अ स्पॉटलेस माइंड (२००४) में मोहम्मद रफ़ी का फिल्म गाइड में गाया गीत 'मेरा मन तेरा प्यासा' का उपयोग किया गया था।  डायरेक्टर साचा बैरन कोहेन की फिल्म द डिक्टेटर' (२०१२) में फिल्म बूम के गीत मुंडया तू बच के रहना को लिया गया है।  इस गीत को रैप के बादशाह जे जेड ने अमेरिकन टच दिया।  उमा थर्मन की फिल्म द एक्सीडेंटल हस्बैंड (२००८) में तमिल फिल्म तेनाली का स्वस्मे गीत उमा थर्मन और जेफ्फ्रे डीन मॉर्गन के रोमांस का दौरान पार्श्व में बजता है।



Wednesday, 10 February 2016

सनम तेरी कसम ! प्यार का मौसम आया रे !!

बॉलीवुड में सचमुच प्यार का मौसम आ गया है। वैलेंटाइन्स डे के महीने में प्यार का इज़हार रूपहले परदे पर भी होना लाजिमी भी है। इसीलिए, दो नए चेहरों पाकिस्तान की मावरा हुसैन और हर्षवर्द्धन राणे की फिल्म सनम तेरी कसम, सनी देओल की एक्शन फिल्म घायल वन्स अगेन के अपोजिट रिलीज़ हो सकी। अब यह बात दीगर है कि सनी देओल का घूंसे की शक्ल में ढाई किलो का हाथ इन दो नए चेहरों पर ज़बरदस्त पडा। इसके बावजूद वैलेंटाइन्स डे के ठीक दो दिन पहले चार्ल्स डिकेन्स के उपन्यास ग्रेट एक्सपेक्टेशन्स पर अभिषेक कपूर गट्टू की रोमांस ड्रामा फिल्म फितूर रिलीज़ हो रही है। इस फिल्म को वैलेंटाइन्स डे के युवा दर्शकों फितूर की इसलिए उम्मीद नहीं होगी कि वह जोडी में आये और वैलेंटाइन डे मना कर फिल्म की हौसलाअफजाई करें। बल्कि, उन्हें  उम्मीद होगी फिल्म में बॉलीवुड की बड़ी एक्ट्रेस कटरीना कैफ की आदित्य रॉय कपूर के साथ रोमांटिक जोड़ी से। तब्बू जैसी सशक्त अभिनेत्री का बेगम हज़रत का किरदार फिल्म के केंद्र में हैं।  क्या कश्मीर की वादियों में पनपा यह रोमांस वैलेंटाइन्स दर्शकों को लुभाएगा ?
रोमांस के क्रेजी टाइटल 
रोमांस का सिलसिला फितूर के साथ ख़त्म होता नहीं लगता। वैलेंटाइन डे वाली फरवरी में तो जैसे रोमांस टपकाते शब्दों वाले टाइटल वाली फिल्मों की भरमार है। लखनवी इश्क, सनम रे, डायरेक्ट इश्क, इश्क फॉरएवर, लव शुदा और लव शगुन जैसे रोमांटिक टाइटल वाली फ़िल्में एक के बाद एक या साथ साथ रिलीज़ हो रही हैं। निर्देशक आनंद राउत की फिल्म लखनवी इश्क में अध्ययन सुमन और करिश्मा कोटक का लखनवी स्टाइल रोमांस ड्रामा देखने को मिलेगा। टी-सीरीज के मालिक भूषण कुमार की बीवी और पूर्व अभिनेत्री दिव्या खोसला कुमार अब दूसरी बार अपने निर्देशन के जौहर रोमांस फिल्म सनम रे से दिखाने आ रही है। इसमे उन्हें छोटी फिल्मों में बड़ी सफलता पाने वाले पुलकित सम्राट के अलावा यमी गौतम, उर्वशी रौतेला और वरिष्ठ अभिनेता ऋषि कपूर का सहयोग मिल रहा है। राजीव एस रुइया की ड्रामा फिल्म डायरेक्ट इश्क में रजनीश दुग्गल, निधि सुबैया और टीवी एक्टर अर्जुन बिजलानी का प्रेम त्रिकोण है, एक्शन भी है और ड्रामा भी। समीर सिप्पी भी नए चेहरों पर दांव लगा रहे हैं। वह कृष्णा चतुर्वेदी और रूही सिंह को लेकर ड्रामा फिल्म इश्क फॉरएवर ले कर आ रहे हैं। लेकिन, इश्क की ओवर-डोज से घबराने की ज़रुरत नहीं। फिल्म में कनाडियन ब्यूटी और पूर्व बॉलीवुड फिल्म अभिनेत्री लिसा रे की वापसी हो रही है। वह इस फिल्म में जावेद जाफ़री के साथ एक आतंकी षडयंत्र का पर्दाफाश करने जा रही हैं। टिप्स के कुमार तौरानी के बेटे गिरीश कुमार ने दो साल पहले रिलीज़ फिल्म रमैया वस्तावैया से प्रभुदेवा के निर्देशन में अपना फिल्म डेब्यू किया था। श्रुति हासन के साथ उनकी यह फिल्म ठीक ठाक चली थी। अब गिरीश कुमार निर्देशक वैभव मिश्र के इशारों पर नवनीत कौर ढिल्लों से रोमांस करने जा रहे हैं। नवनीत कौर ने २०१३ में मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। यह उनकी पहली फिल्म है। नवनीत की दूसरी फिल्म अम्बरसरिया भी इसी साल रिलीज़ होगी। डायरेक्ट इश्क की नायिका निधि सुबैया एक हफ्ते बाद सन्देश नायक की फिल्म लव शगुन में अनुज सचदेव के साथ दूसरी बार हंसता खिलखिलाता रोमांस करती नज़र आयेंगी। 
वैलेंटाइन डे बाद भी रोमांस 
बॉलीवुड का रोमांस फरवरी में वैलेंटाइन्स डे के साथ ही दम नहीं तोड़ देगा। इस पूरे साल लगातार कोई न कोई रोमांस फिल्म रिलीज़ होती रहेगी। काफी फिल्मों के टाइटल में इंग्लिश, हिंदी और उर्दू के रोमांटिक शब्दों का तड़का लगा होगा। अभिनेता से डायरेक्टर बने दीपक तिजोरी की फिल्म दो लफ़्ज़ों की कहानी कोरियाई फिल्म ऑलवेज का हिंदी रीमेक है। यह फिल्म एक पार्किंग स्थल पर काम करने वाले आदमी की एक अंधी लड़की से विचित्र रोमांस की कहानी है। फिल्म का यह विचित्र रोमांस रणदीप हूडा और काजल अगरवाल के बीच होगा। इस रोमांस के गवाह मामिक सिंह, इशिता व्यास, धीरज शेट्टी, अनिल जॉर्ज और युरी सूरी भी होंगे। २००७ में गायक और संगीतकार हिमेश रेशमिया की बतौर नायक अभिनेता फिल्म आप का सुरूर रिलीज़ हुई थी। अब दस साल बाद यह आपका सुरूर सीक्वल फिल्म में तेरा सुरूर में बदल गया है। अब यह लीथल लव स्टोरी भी बन गई है।  शॉन अरान्हा के निर्देशन में हिमेश रेशमिया एक ईरानी एक्ट्रेस फराह करीमी के साथ लीथल रोमांस कर रहे होंगे। फिल्म का बड़ा आकर्षण नसीरुद्दीन शाह, शेखर कपूर, कबीर बेदी और मोनिका डोगरा जैसे एक्टर होंगे। 
दादा जी बने ऋषि कपूर 
करण जौहर के चेले शकुन बत्रा के खाते में इमरान खान और करीना कपूर के साथ एक मैं और के तू जैसी बड़ी फ्लॉप फिल्म दर्ज है। इसके बावजूद वह दूसरी फिल्म ले कर आ रहे हैं। यह हास्य और रोमांस से भरपूर फिल्म कपूर एंड संस बिखरे परिवार के बूढ़े दादा और दो पोतों की कहानी है । ऋषि कपूर ने ८५ साल के बूढ़े अमरजीत कपूर का किरदार किया है। आजकल फिल्म में ऋषि कपूर का डेढ़ करोड़ के मेकअप वाला फोटो चर्चा में है। इस फिल्म में ऋषि कपूर के पोतों अर्जुन और राहुल कपूर का किरदार सिद्धार्थ मल्होत्रा और पाकिस्तान के फवाद खान कर रहे हैं। फिल्म का प्रेम त्रिकोण आलिया भट्ट बनायेंगी। कपूर एंड संस के बाद आयेगी कि एंड का। निर्देशक आर बल्की की यह फिल्म रोमकॉम यानि रोमांस कॉमेडी फिल्म है। इस फिल्म में करीना कपूर एक वर्किंग वुमन के किरदार में हैं। अर्जुन कपूर एक हाउस हस्बैंड के किरदार में हैं, जो अपनी पत्नी के लिए बढ़िया खाना बना कर उसके ऑफिस से लौटने का इंतज़ार करता है। विक्रम भट्ट की थ्रिलर फिल्म में लव का गेम है। यानि फिल्म का टाइटल लव गेम्स है। इस फिल्म में बांगला फिल्म अभिनेत्री पत्रलेखा अभिनेता गौरव अरोरा और तारा अलीशा बेरी के साथ लव का सनसनीखेज गेम खेल रही है। रोमांस के कॉमेडी, थ्रिलर और ड्रामा तड़के के अलावा दर्शकों को रोमांस का पीरियड तड़का भी देखने को मिलेगा। राजस्थान की पृष्ठभूमि पर राकेश ओमप्रकाश महरा की फिल्म मिर्ज़या के नायक हर्षवर्द्धन के नाम को लेकर सनम तेरी कसम के हर्षवर्द्धन राणे से कंफ्यूज होने की ज़रुरत नहीं। इस फिल्म से अनिल कपूर के बेटे हर्षवर्द्धन का स्क्रीन डेब्यू हो रहा है। वह हर्षवर्द्धन कपूर के नाम से फ़िल्में करेंगे। इस रोमांस ड्रामा फिल्म में हर्षवर्द्धन की साहिबां सैयमी खेर का भी डेब्यू हो रहा है। थ्रिलर एयरलिफ्ट के बाद अक्षय कुमार का रोमांटिक रूप देखने को मिलेगा नीरज पाण्डेय की फिल्म रुस्तम में। वह इस रोमांस थ्रिलर फिल्म में  दर्शकों को इलेअना डिक्रुज़ और एषा गुप्ता के साथ रोमांस का थ्रिल महसूस कराएँगे। इस फिल्म से पहले आशुतोष गोवारिकर की प्रागैतिहासिक काल की ड्रामा फिल्म मोहनजोदड़ो में हृथिक रोशन और पूजा हेगड़े का रोमांस देखने को मिलेगा। 
साल के आखिरी चार महीनों का रोमांस 
२०१६ के आखिरी चार महीनों में रोमांस सिल्वर स्क्रीन पर एक बार फिर ड्रामा पैदा कर रहा होगा।   इस गहरे ड्रामा का महा गहरा रोमांस करण जौहर के निर्देशन में भी होगा और विशाल भारद्वाज के निर्देशन में भी। इसीलिए बेफिक्रे आदित्य चोपड़ा भी रोमांस की गंगा बहायेंगे। ९ सितम्बर से इस रोमांस की शुरुआत नित्या मेहरा की रोमांस ड्रामा फिल्म बार बार देखो से हो जाएगी। इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और कटरीना कैफ का रूमानी ड्रामा दर्शकों को फिल्म बार बार देखो कहना चाहेगा। समीर शर्मा विक्की डोनर आयुष्मान शर्मा के साथ भूमि पेडणेकर का रोमांस मनमर्जियां दिखा रहे होंगे। आयुष्मान और भूमि दम लगा के हईशा के बाद फिर इस फिल्म में नज़र आयेंगे। सूत्रों का कहना है मनमर्जियां के आयुष्मान खुराना को भूमि को उठाने में ज्यादा जोर नहीं लगाना होगा। इस फिल्म के लिए भूमि ने अपना वजन काफी कम कर लिया है। विशाल भारद्वाज के साथ शाहिद कपूर, कंगना रानौत और सैफ अली खान का रोमांटिक ट्रायंगल द्वितीय विश्वयुद्ध की पृष्ठभूमि पर होगा। मोहित सूरी की फिल्म हाफ गर्लफ्रेंड में अर्जुन कपूर की पूरी गर्ल फ्रेंड श्रद्धा कपूर बनी हैं। करण जौहर की ड्रामा रोमांस फिल्म ऐ दिल है मुश्किल की ऐश्वर्या राय बच्चन, अनुष्का शर्मा, रणबीर कपूर, फवाद खान, इमरान अब्बास और लिसा हैडन की स्टार कास्ट से दर्शकों के लिए यह अंदाजा लगाना मुश्किल होगा कि किसके दिल से किसको मुश्किल हुई। साल की आखिरी रोमांस फिल्म आदित्य चोपड़ा की फिल्म बेफिक्रे हो सकती है, जिसमे रणवीर सिंह दीपिका पादुकोण के साथ नहीं एक फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत के साथ शुद्ध देसी रोमांस करने वाली वाणी कपूर के साथ जोड़ी बनायेंगे। 
ज़ाहिर है की रोमांस फ़िल्में केवल वैलेंटाइन डे के महीने का त्यौहार नहीं।  हिंदी फिल्मकारों का रोमांस से प्यार इश्क़ और मोहब्बत करने का सिलसिला पूरे साल बना रहेगा।  यह रोमांस नए चेहरों के बीच भी होगा और पुराने चेहरों के बीच।  इसका मतलब यह हुआ कि हिंदी फिल्मों में प्यार का मौसम आ ही गया।  

ऑस्कर जीतने वाली इकलौती एक्स रेटेड फिल्म

एकेडेमी अवार्ड्स, जिन्हे हम ऑस्कर अवार्ड्स या ऑस्कर्स के नाम से भी जानते  हैं, के  ८८ साल के इतिहास में केवल एक ही एक्स रेटेड फिल्म ऑस्कर जीत सकी है।  द मिडनाइट काऊबॉय टाइटल वाली यह फिल्म उदाहरण है कि ऑस्कर पुरस्कार किसी ख़ास शैली की फिल्मों तक सीमित नहीं।  अगर फिल्म अच्छी बनी  होगी और ऑस्कर की जूरी को प्रभावित कर पाएगी तो बेस्ट फिल्म का पुरस्कार भी जीत सकेगी।  १९६९ में रिलीज़ मिडनाइट काऊबॉय इसी टाइटल वाले उपन्यास पर आधारित टेक्सास के एक होटल में बर्तन धोने वाले जो बक की कहानी थी, जो एक दिन प्लेटें धोने से ऊब कर अपनी नौकरी  को लात मार कर काऊबॉय ड्रेस पहन कर औरतों के लिए पुरुष वैश्या बनने के ख्याल से न्यू यॉर्क सिटी को निकल पड़ता है।  जो की भूमिका को जॉन वोइट कर रहे थे।  जॉन वोइट उस समय तक  लगभग गुमनाम से थे।  लेकिन, इस फिल्म में डस्टिन हॉफमैन जैसा बड़ा सितारा भी था। फिल्म की रिलीज़ के बाद वोइट सुर्ख़ियों में आ गए।  वह डस्टिन हॉफमैन के साथ ऑस्कर पुरस्कारों में बेस्ट एक्टर की श्रेणी में नामित भी हुए।  लेकिन बेस्ट एक्टर का अवार्ड ट्रू गिफ्ट के नायक जॉन वेन को मिला।  इस फिल्म को वाल्डो साल्ट ने लिखा था। उन्हें श्रेष्ठ पटकथा रूपांतरण की श्रेणी का ऑस्कर मिला।   उस समय तक निर्देशक जॉन श्लेसिंगर ने  इंग्लैंड में कुछ फ़िल्में बनाई थी।  इनमे डार्लिंग को शोहरत मिली।  मिडनाइट काऊबॉय श्लेसिंगर का पहला हॉलीवुड प्रयास था।  उन्हें इस फिल्म के लिए बेस्ट डायरेक्टर का ऑस्कर मिला।  इस फिल्म के लिए सिल्विया माइल्स को सपोर्टिंग एक्ट्रेस और ह्यू ए रॉबर्टसन को एडिटिंग की श्रेणी में नॉमिनेशन मिला।  इस फिल्म को न्यू यॉर्क टाइम्स ने १९६९ की दस सर्वश्रेष्ठ फिल्म में शामिल किया था।  मिडनाइट काऊबॉय के बाद दो अन्य एक्स रेटेड फिल्मों को भी ऑस्कर में नॉमिनेशन मिला।  लेकिन, स्टैनले कुब्रिक की १९७१ में रिलीज़ फिल्म अ क्लॉकवर्क ऑरेंज और बर्नार्डो बेर्टोलुच्ची की १९७२ में रिलीज़  फिल्म  लास्ट टैंगो इन पेरिस ऑस्कर पुरस्कार नहीं जीत सकी थी।  इस प्रकार से मिडनाइट काऊबॉय को ऑस्कर जीतने वाली इकलौती एक्स रेटेड फिल्म का गौरव हासिल है।  यहाँ यह बताना समीचीन होगा कि मिडनाइट काऊबॉय को बाद में आर सर्टिफिकेट दे दिया गया।

Monday, 8 February 2016

राम गोपाल वर्मा का आरजीवी टॉकीज

सत्या फिल्म मेकर रामगोपाल वर्मा सेंसर बोर्ड से सचमुच परेशान नज़र आते  हैं। इसीलिए उन्होंने अपने आरजीवी टॉकीज की स्थापना की है।  यह ऑनलाइन टॉकीज बिना सेंसर के फ़िल्में दिखा सकेगा।  इस टॉकीज  पर लघु फिल्मों के दूसरे निर्माता भी अपनी शार्ट फ़िल्में अपलोड कर सकते हैं, बशर्ते कि वह वर्मा की कसौटियों पर खरी उतरें। कैसी होनी चाहिए यह फिल्में ! ट्विटर पर रामगोपाल वर्मा की शार्ट फिल्म सिंगल एक्स का पोस्टर इसे बयान करता है।  रामगोपाल की  यह शार्ट फिल्म 'एन इरोटिक थ्रिलर' फिल्म है।  रामगोपाल वर्मा कहते  हैं, "आरजीवी थिएटर में इरोटिक फिल्मों के अलावा अपराध और डरावनी फ़िल्में भी रिलीज़ होंगी। मैं गॉड पर फिल्म रिलीज़  नहीं करूंगा, क्योंकि,   मुझे ईश्वर पर विश्वास नहीं।  मुझे खेल से नफरत है, इसलिए खेल पर कोई फिल्म नहीं होगी।  रोमांटिक और सेक्स कॉमेडी के रिलीज़ होने का भी कोई सवाल नहीं, क्योकि मेरे लिए लव और सेक्स गंभीरता का मामला है।" इससे स्पष्ट है कि शार्ट फिल्म बनाने वालों के लिए काफी विषय है रामगोपाल वर्मा के थिएटर के लिए फिल्म बनाने के। रामगोपाल वर्मा अपनी पहली शार्ट फिल्म 'सिंगल एक्स' को सेंसर बोर्ड को समर्पित करते हैं।  वह कहते हैं, "मुझे पूरी आशा है कि सिंगल एक्स को दाऊद इब्राहिम ज़रूर पसंद करेगा।"   तो तैयार हो जाइये रामगोपाल वर्मा की इरोटिक थ्रिलर फिल्म सिंगल एक्स को आरजीवी टॉकीज पर देखने और अपनी अपनी फ़िल्में अपलोड करने के लिए।
  
शेमारू एंटरटेनमेंट ने अपनी डिजिटल मार्केटिंग को विस्तार देने के लिए कुणाल वाधवनी को अपना सोशल मीडिया और डिजिटल मार्केटिंग हेड नियुक्त किया है। कुणाल वाधवानी शेमारू से पहले एवरीमीडिया टेक्नोलॉजीज के मीडिया प्लानिंग और बाइंग के हेड थे। उन्होंने बड़ी संख्या में बॉलीवुड फिल्मों, कई ब्रांडों की डिजिटल मार्केटिंग  और ऑनलाइन रेपुटेशन मैनेजमेंट का काम देखा है। कुणाल कार्डिफ यूनिवर्सिटी यूनाइटेड किंगडम से मार्केटिंग के मास्टर डिग्री धारक हैं। कुणाल के शेमारू में आने का स्वागत करते हुए शेमारू एंटरटेनमेंट के डायरेक्टर जय मारू कहते हैं, “हम डिजिटल मार्केटिंग का महत्व और आम लोगों में इसके बढ़ाते प्रभाव को समझते हैं. कुणाल शेमारू को डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में आगे ले जायेंगे।”

रंजित बारोट के साथ 'क्युकी' का 'खुशनुमा'

मल्टीचैनल नेटवर्क और डिजिटल एजेंसी क्युकी और रंजीत बारोट की नई म्यूजिक वेब सीरीज प्रोजेक्ट एक्स #द विनर्स वे लांच हुई।  इस के अंतर्गत ए आर रहमान, शुभा मुद्गल, सलीम मर्चेंट और अमित त्रिवेदी ने रंजीत बरोट की कम्पोजीशन खुशनुमा को अपने अंदाज़ में पेश किया है।  खुशनुमा के वीडियो की कहानी एक  कलाकार की है, जो अपने पिता के विरोध के बावजूद अपने  संगीत को बुलंदियों तक  पहुंचाने के लिए निकल पड़ता है।  ताकि उसे सम्मान मिले और पिता की स्वीकृति भी।  खुशनुमा को शुभा मुद्गल, अमित त्रिवेदी और सलीम मर्चेंट ने गया हैं।  यह सीरीज चार  हिस्सों में है।  

Sunday, 7 February 2016

हृथिक रोशन की फिल्म के ‘काबिल’ यमी गौतम !

हिंदी टीवी सीरियल चाँद के पार चलो, राजकुमार आर्यन, यह प्यार न होगा कम और मीठी छूरी नंबर १ की अभिनेत्री यमी गौतम ने कन्नड़ फिल्मों से बड़े परदे का रुख किया था। उन्होंने एक एक कन्नड़, पंजाबी और तमिल फ़िल्में करने के बाद विक्की डोनर से हिंदी फिल्म डेब्यू किया था। इस फिल्म में यमी के नायक आयुष्मान खुराना थे, जिनका भी फिल्म डेब्यू हो रहा था। बड़े बजट की फिल्मों एक्शन जैक्सन और बदलापुर में छोटी भूमिकाएं करने वाली यमी गौतम ने अब लम्बी छलांग लगाईं है। खबर है कि उन्हें राकेश रोशन के प्रोडक्शन की लम्बे समय से रुकी फिल्म काबिल में हृथिक रोशन के अपोजिट नायिका का रोल मिला है। इस फिल्म का निर्देशन संजय गुप्ता करेंगे।  इस शुक्रवार (१२ फरवरी को) रिलीज़ हो रही निर्देशक दिव्या खोसला कुमार की रोमांटिक फिल्म सनम रे में पुलकित सम्राट की नायिका यामी गौतम, हृथिक रोशन के साथ फिल्म पा कर पुलकित हो रही होंगी। अब देखने वाली बात होगी कि आयुष्मान खुराना के साथ विक्की डोनर से मशहूर यमी को हृथिक रोशन के साथ फिल्म में क्या कुछ करने को मिलेगा। क्या यमी गौतम तमाम बॉलीवुड अभिनेत्रियों की तरह बॉलीवुड के बड़े सितारों के साथ कुछ मिनट के ग्लैमरस रोल कर रही होंगी ? इस सवाल पर तो यमी गौतम को ही विचार करना है।  

निशिकांत कामथ अपनी फिल्म के बैड मैन

अपनी ही फिल्म में अभिनय करने वाले हिंदी फिल्म डायरेक्टरों की पांत में निशिकांत कामथ का नाम भी जुड़ने जा रहा है।  वैसे निशिकांत कामथ पहले भी छह फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं। यहाँ ख़ास बात  यह है कि  २५ मार्च को रिलीज़ होने जा रही फिल्म रॉकी हैंडसम में निशिकांत बैड मैन यानि बुरे आदमी के किरदार में होगे।  इस प्रकार वह पहली बार कोई बुरा किरदार कर रहे होंगे। निशिकांत कामथ द्वारा ही निर्देशित रॉकी हैंडसम में निशिकांत गोवा के एक गैंग लॉर्ड केविन परेरा का किरदार कर रहे हैं।  केविन परेरा गंजा और दुष्ट किरदार है।  पहले इस किरदार को दूसरे एक्टर को करना था।  लेकिन, आखिरी मौके पर साथियों की सलाह पर निशिकांत ने केविन परेरा की विग खुद के सर पर रखवा ली।  निशिकांत कहते  हैं, "मुझे एक्टिंग  करने में मज़ा आता है और मैं कैमरा के सामने कॉन्फिन्डेन्ट भी रहता हूँ ।   लेकिन, अपनी ही फिल्म में कैमरे का सामना डरावना  होता है।  एक डायरेक्टर के डायरेक्शन के साथ एक्टिंग करना आसान नहीं होता। शायद आगे मैं ऐसा नहीं करूँ।" वैसे निशिकांत के लिए रॉकी हैंडसम के विलेन को करना ज़्यादा आसान था।   क्योंकि,फिल्म की स्क्रिप्ट खुद ही लिखने के कारण वह केविन परेरा के किरदार से अच्छी तरह से परिचित थे।  वैसे जब जॉन  अब्राहम ने अपने डायरेक्टर को गंजे सर और फैंसी सूट में देखा तो वह चौंक पड़े।   बहरहाल, फिल्म के इन दोनों हीरो और विलेन  के बीच काफी खतरनाक एक्शन सीन फिल्माए गए हैं।  

आमिर खान मिल कर बनाएंगे मल्टीप्लेक्स चेन

खबर गर्म है कि निर्माता और निर्देशक तथा धर्मा प्रोडक्शन्स के करण जौहर, अभिनेता आमिर खान, यूटीवी के पूर्व संस्थापक रोनी स्क्रूवाला, वितरक अनिल थडानी तथा यूटीवी-डिज्नी फिल्म्स के सिद्धार्थ रॉय कपूर ने मल्टीप्लेक्स मोनोपोली के विरुद्ध गुप्त युद्ध छेड़ दिया है. यह पंचकड़ी किसी न किसी रूप में फिल्म निर्माण और वितरण से जुड़ी है. मल्टीप्लेक्स थिएटर मालिकों के फिल्म प्रदर्शन के क्षेत्र में एकाधिकार के कारण फिल्मों की रिलीज़ की शर्तों में अनुकूल परिवर्तन कराने में कामयाब हो जाते हैं. यह पंच प्यारे इस एकाधिकार को तोड़ने के लिए छोटे मल्टीप्लेक्स थिएटरो की चैन तैयार करेंगे, नए थिएटर बनवायेंगे तथा अन्य दूसरे जारी सोचेंगे जो आर्थिक रूप से फायदेमंद हों तथा बड़ी मल्टीप्लेक्स चेन्स का विकल्प बन सकें.

Saturday, 6 February 2016

हॉलीवुड फिल्म में ऑस्ट्रोनौट पूजा बत्रा !

आम तौर पर बॉलीवुड की सक्सेसफुल फिल्म अभिनेत्रियाँ तक हॉलीवुड की फिल्मों को तरसती है।  हॉलीवुड फिल्मों में कोई भी, कैसा भी मौका मिलते ही, उसे लपक लेती हैं।  लेकिन, पूजा बत्रा इसका अपवाद कही जा सकती हैं। १९९३ की फेमिना मिस इंडिया इंटरनेशनल पूजा बत्रा की पहली बॉलीवुड फिल्म विश्वविधाता (१९९७) जैकी श्रॉफ, आयेशा झुल्का और शरद कपूर के साथ थी। विश्वविधाता फ्लॉप हुई।   लेकिन, इस फिल्म के ठीक बाद रिलीज़ निर्देशक प्रियदर्शन की फिल्म विरासत हिट हुई।  विरासत में अनिल कपूर और तब्बू नायक नायिका थे।  पूजा बत्रा सह नायिका थी।  विरासत के हिट होने के पूजा का बॉलीवुड करियर चल निकलने की उम्मीद थी। लेकिन, उनका फिल्म करियर वह रफ़्तार नहीं पकड़ सका।  कहीं प्यार न हो जाये, हसीना मान जाएगी, दिल ने फिर याद किया और नायक : द रियल हीरो के बावजूद वह बॉलीवुड में अपनी जगह बना पाने  नाकामयाब रही।  इसके बाद वह एक डॉक्टर से शादी कर लॉस एंजेल्स अमेरिका चली गई। वहां वह महिलाओं के प्रति हिंसा के विरोध में एक एनजीओ चला रही हैं और हॉलीवुड फिल्मों के निर्माण से भी जुडी हैं। उनकी फिल्म निर्माण कंपनी ग्लोबेल इंक ने ही अक्षय कुमार और करीना कपूर की फिल्म कमबख्त इश्क़ के लिए सील्वेस्टर स्टैलोन और डेनिस रिचार्ड को और चांदनी चौक टू चाइना के लिए रैपर बोहेमिया को जुटाया था।  उनकी ही कंपनी हॉलीवुड फिल्म वन अंडर द सन का निर्माण कर रही हैं।  इस फिल्म के निर्देशक विन्सेंट ट्रेन और रियाना हार्टले हैं।  इस फिल्म में जीन फरबर (कैप्टेन अमेरिका), माइकल कीली और बाल कलाकार अवा कैन्ट्रेल की भी भूमिका हैं।  यह फिल्म एक ऑस्ट्रोनॉट कैथरीन वॉस के इर्द गिर्द घूमती है, जो एक नष्ट स्पेस शटल की एकमात्र जीवित सदस्य है। अब होता यह है कि कैथरीन अपनी खतरनाक बीमारी से ग्रस्त बेटी से मिलना चाहती है।  जबकि, उसे एक असाधारण उपहार के कारण भागना पड़ रहा है।  कैथरीन की भूमिका पूजा बत्रा कर रही हैं।  यह करैक्टर भारत की पहली महिला ऑस्ट्रोनॉट जैसा है।  इस भूमिका के लिए पूजा बत्रा ने काफी तैयारियां की हैं।  पूजा बत्रा कहती है, "प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण को हॉलीवुड फ़िल्में मिल रही हैं।  लेकिन, रास्ता खोला है इरफ़ान खान ने।  हमारे लिए निरंतरता का अभाव है।  मैं यही निरंतरता बनाना चाहती हूँ।" 


हैरिसन फोर्ड चार दशक बाद भी ब्लेड रनर

खबर है कि रिडले स्कॉट की १९८२ में रिलीज़ मास्टरपीस फिल्म 'ब्लेड रनर' की फॉलो-अप फिल्म को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वार्नर ब्रदर्स  के साथ सोनी पिक्चर्स द्वारा रिलीज़  किया जायेगा । अलकॉम इंटरनेशनल के सह-संस्थापक और सह सीईओ एंड्रू कोसोव और ब्रॉडरिक जॉनसन ने इस बात का ऐलान किया।  द बिग शार्ट के रयान गॉस्लिंग और स्टार वार्स के हैरिसन फोर्ड की भूमिका वाली इस फिल्म का निर्देशन डेनिस विलेनुव कर रहे हैं।  डेनिस ने प्रिजनरस और इन्सेन्डिस जैसी फ़िल्में निर्देशित की हैं।  जुलाई  २०१६ में रिलीज़ होने जा रही है इस फिल्म की शुरुआत १९८२ की ब्लेड रनर के खात्मे के समय से कई दशकों (कोई चार दशक)  बाद से शुरू होगी।  इस फिल्म की कहानी, मूल ब्लेड रनर के लेखक हैम्पटन फैंचर के साथ माइकल ग्रीन  ने लिखी है।  ब्लेड रनर के प्रीक्वेल और सीक्वेल बनाने का फ्रैंचाइज़ी अधिकार एलकॉन एंटरटेनमेंट ने २०११ में बड यॉर्किन और सिंथिया साइक्स यॉर्किन से खरीदे थे।  वार्नर ब्रदर्स की फिल्म ब्लेड रनर (१९८२) के लिए फिलिप के डिक के उपन्यास 'डू एन्ड्रॉइडस ड्रीम ऑफ़ इलेक्ट्रिक शीप' का पटकथा रूपांतरण हैम्पटन फैंचर और डेविड पीपलस ने किया था।  रिडले स्कॉट ने एलियन के बाद इस फिल्म के निर्देशन की कमान सम्हाली।  फिल्म को विज़ुअल इफेक्ट्स और आर्ट डायरेक्शन की श्रेणी में नामांकित किया गया था। ब्लेड रनर को १९९३ में यूनाइटेड स्टेट्स नेशनल फिल्म रजिस्ट्री ने 'सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सौन्दर्यपूर्ण महत्व'  के लिहाज़ से लाइब्रेरी ऑफ़ कांग्रेस के लिए चुना था। विज़ुअल इफेक्ट्स सोसाइटी द्वारा २००७ में इसे सबसे ज़्यादा दृश्य प्रभाव वाली फिल्म बताया गया।  १९८२ की ब्लेड रनर में रिक डेकार्ड का मुख्य किरदार हैरिसन फोर्ड ने किया था।  जुलाई २०१६  शुरू होने जा रही फॉलो-अप फिल्म में भी रिक डेकार्ड का किरदार हैरिसन फोर्ड कर रहे हैं।  चूंकि, पहली फिल्म से फॉलो-अप फिल्म के बीच ३४ साल का अंतराल है और हैरिसन फोर्ड उम्र में भी इतना ही इज़ाफ़ा हो चूका है, इसलिए फॉलो-अप फिल्म की कहानी तीस चालीस साल बाद की रखी गई है।  एंड्रू कोसोव, ब्रॉडरिक जॉनसन के साथ थंडरबर्ड फिल्म्स के फ्रैंक गिउस्तरा और टिम गैम्बल और रिडले स्कॉट बतौर कार्यकारी निर्माता होंगे ।  इस फिल्म का छायांकन १३ बार के ऑस्कर नामित रॉजर डॉकिन्स करेंगे। रॉजर ने एलकॉन की प्रिजनरस और सिकरियो फिल्मों का छायांकन किया था।  उन्हें सिकरियो के लिए भी नामांकन मिला है। 


पहली फ्लॉप फिल्म के बावजूद !

आज की बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस के नाम पर नज़र डालिये।  प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण, अनुष्का शर्मा, सोनाक्षी सिन्हा, कटरीना कैफ, सोनम कपूर, जैक्विलिन फर्नांडीज, श्रद्धा कपूर, अलिया भट्ट, आदि के चेहरे आँखों के सामने घूम जाते हैं।  प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण, अनुष्का शर्मा, आदि की पहली रिलीज़ फ़िल्में जहाँ हिट साबित हुई थी, वही बाकी की अभिनेत्रियों के करियर की फ्लॉप फिल्मों से हुई थी।  कटरीना कैफ की पहली फिल्म बूम बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी थी।  लगा कि वह तमाम अन्य अंग प्रदर्शन करने वाली विदेशी अभिनेत्रियों में से एक हैं।  लेकिन, अक्षय कुमार की फिल्मों ने कैटरीना कैफ को आज के मुकाम तक पहुंचा दिया।  सोनम कपूर की पहली फिल्म आयेशा भी फ्लॉप हुई थी।  लेकिन, इस फिल्म ने सोनम को फैशन आइकॉन का दर्ज़ा दिलवाया था।  बाद में सफलता की सीढ़ियां चढ़ती हुई सलमान खान की फिल्म प्रेम रतन धन पायो की नायिका बन गई।  करीना कपूर की भी पहली फिल्म अभिषेक बच्चन के साथ रिफ्यूजी फ्लॉप हुई थी।  लेकिन, मुझे कुछ कहना है, अजनबी और कभी ख़ुशी कभी गम के बाद उनके पैर इंडस्ट्री में जम गए। वह चारों खान अभिनेताओं की फिल्मों की नायिका बनी। 
हिंदी सिनेमा का इतिहास ऎसी पहली फ्लॉप फिल्मों वाली अभिनेत्रियों से भरा हुआ है, जो  इसके बावजूद बॉलीवुड फिल्मों में अपना सिक्का जमा पाने में कामयाब हुई। इन अभिनेत्रियों में लगन थी, काम के प्रति समर्पण था और अनुशासित थी।  उन्होंने हर मौके को लपकने की कोशिश की।  अंततः उनकी मेहनत रंग लाई और वह बॉलीवुड की सफल अभिनेत्रियों में अपना नाम दर्ज़ करा पाने में कामयाब हुई।
सत्तर के दशक में हेमा, रीना और परवीन
सत्तर के दशक में हेमा मालिनी, जीनत अमान, नीतू  सिंह, रीना रॉय, परवीन बाबी, आदि अभिनेत्रियों का डेब्यू हुआ था।  हेमा मालिनी की पहली हिंदी फिल्म महेश कौल निर्देशित सपनों का सौदागर राजकपूर के साथ होने के बावजूद फ्लॉप हुई थी ।  लेकिन, अगली फिल्म वारिस हिट हो गई।  इसके बाद धर्मेन्द्र के साथ तुम हसीं मैं जवान और शराफत ने हेमा मालिनी को टॉप की एक्ट्रेस का रास्ता दिखा दिया। नीतू सिंह की पहली फिल्म राजकपूर के बेटे रणबीर कपूर के साथ रिक्शा वाला सुपर फ्लॉप हुई।  लेकिन, रणधीर कपूर के साथ अगली फिल्म कसमे वादे हिट हो गई।  रंधीर के छोटे भाई ऋषि कपूर के साथ तो उनकी जोडी इतनी जमी की रियल लाइफ में भी बन गई।  रीना रॉय के करियर की शुरुआत बी आर इशारा की रुकती बनती फिल्म नै दुनिया नए लोग से हुई थी।  लेकिन, जब यह फिल्म रिलीज़ हुई तो फ्लॉप साबित हुई।  इशारा की फिल्म फिल्म ज़रुरत ने उन्हें सेक्सी फिल्मों की ज़रुरत बना दिया। इसके बाद रीना रॉय ने जैसे को तैसा, मदहोश, ज़ख़्मी, आदि फिल्मों के ज़रिये धीरे धीरे अपना मुकाम बना लिया।  उनकी जीतेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा के साथ जोड़ी खूब जमी।  
सत्तर के दशक की फिल्मों के मॉडर्न चेहरे 
सत्तर के दशक में, जब अमिताभ बच्चन की तूती बोल रही थी, बॉलीवुड को दो अल्ट्रा मॉडर्न चेहरे मिले। इन चेहरों की फ्लॉप शुरुआत हुई थी। जीनत अमान की भी पहली दो फ़िल्में हंगामा और हलचल फ्लॉप हुई। लेकिन देव आनंद की फिल्म हरे राम हरे कृष्ण के बाद वह बॉलीवुड में जम गई। हालाँकि, इस फिल्म में वह देव आनंद की बहन की भूमिका में थी, लेकिन, वह अपनी पर्सनालिटी के बल पर डॉन, द ग्रेट गैम्बलर, दोस्ताना, राम बलराम, लावारिस, आदि फिल्मों में अमिताभ बच्चन की नायिका बनी। एक साल तक वह बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस भी बनी। उन्ही की तरह सत्तर के दशक की हिंदी फिल्मों का मॉडर्न चेहरा परवीन बाबी भी थी। परवीन बाबी को विवादित फिल्म बनाने वाले फिल्मकार बीआर इशारा ने फिल्म ‘चरित्र’ में सलीम दुर्रानी के अपोजिट कास्ट किया था। चरित्र फ्लॉप हुई। लेकिन, अगली फिल्म मज़बूर बड़ी हिट फिल्म साबित हुई।  इस फिल्म के साथ परवीन बाबी ने बॉलीवुड में तब के सुपर स्टार अमिताभ बच्चन की नायिका बनने तक का सफ़र तय कर लिया। उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ मजबूर के अलावा दीवार, अमर अकबर अन्थोनी, काला पत्थर, सुहाग, दो और दो पांच, शान, कालिया, देश प्रेमी, नमक हलाल, खुद्दार, महान और अमीर आदमी गरीब आदमी कीं। किमी काटकर का करियर छोटा रहा।  उनकी पहली फिल्म पत्थर दिल फ्लॉप हुई थी।  लेकिन, हेमंत बिर्जे के साथ एडवेंचर ऑफ़ टार्ज़न ने उन्हें  मॉडर्न सेक्स बम साबित कर दिया।  वह इस सफलता के बाद हम फिल्म में अमिताभ बच्चन की नायिका बन पाने में कामयाब हुई।  
अस्सी के दशक की फ्लॉप का टॉप 
अस्सी के दशक में श्रीदेवी टॉप की अभिनेत्री हुआ करती थी। उनकी बतौर नायिका पहली हिंदी फिल्म अमोल पालेकर के साथ सोलहवां सावन फ्लॉप हुई थी। दूसरी फिल्म सदमा भी कुछ ख़ास नहीं कर सकी।  फिर आई जीतेंद्र के साथ एक्शन कॉमेडी फिल्म हिम्मतवाला।  यह फिल्म सुपर हिट हुई। श्रीदेवी की थंडर थइ ने हिंदी दर्शकों इतना आकर्षित किया कि वह सबसे सफल सेक्स बम बन गई। अब यह बात दीगर है कि अपनी अभिनय  क्षमता के बूते वह टॉप पर पहुंची। उन्होंने अपने समय के सभी टॉप अभिनेताओं  जीतेन्द्र, राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, आदि के साथ कई फ़िल्में की। दक्षिण का एक दूसरा चेहरा मीनाक्षी शेषाद्री की पहली फिल्म राजीव गोस्वामी के साथ पेंटर बाबू सुपर फ्लॉप हुई। लेकिन, सुभाष घई की फिल्म हीरो (१९८३) ने उनका बॉलीवुड में टॉप तक पहुँचने का सफ़र शुरू करवा दिया। मीनाक्षी शेषाद्री भी अमिताभ बच्चन की फिल्मों की नायिका बनी। उन्होंने भी शहंशाह, गंगा जमुना सरस्वती, अकेला और तूफ़ान जैसी फ़िल्में अमिताभ बच्चन के साथ की। गोविंदा की फिल्मों की डांसिंग स्टार नीलम कोठारी का करियर भी फ्लॉप फिल्म जवानी (१९८४) से शुरू हुआ था। लेकिन, गोविंदा के साथ अगली फिल्म लव ८६ के हिट होते ही, वह अगले दस सालों तक हिंदी की तमाम बड़ी फिल्मों की नायिका बनी । माधुरी दीक्षित ने राजश्री की फिल्म अबोध से फ्लॉप बॉलीवुड डेब्यू किया था। उन्हें हिट एक्ट्रेस का दर्ज़ा दसवी फिल्म के बाद मिला। यह फिल्म थी चंदू नार्वेकर यानि एन चन्द्र की फिल्म ‘तेज़ाब' ।इस फिल्म के बाद माधुरी दीक्षित टॉप की हीरोइन बनने की ओर तेज़ी से बढ़ी। वह शायद इकलौती ऎसी अभिनेत्री थी, जो किसी भी फिल्म में अमिताभ बच्चन की नायिका नहीं बनी, फिर भी टॉप की हीरोइन मानी गई। जूही चावला के शुरुआत सनी देओल की फ्लॉप फिल्म सल्तनत से हुई, जिसमे वह शशि कपूर के बेटे कुणाल कपूर की नायिका थी।  उन्हें दो साल बाद ही बड़ी सफलता मिली आमिर खान के साथ रोमांस फिल्म क़यामत से क़यामत तक से।  
फ्लॉप फिल्म की रानी का ऐश्वर्य 
नब्बे के दशक में तीन बंगाली अभिनेत्रियों का आगमन हुआ। हालाँकि, इन तीनों की शुरुआत फ्लॉप फिल्मों से हुई। पहले आई काजोल। उनकी कमल सडाना के साथ पहली फिल्म बेखुदी १९९२ में रिलीज़ हुई और बुरी तरह से फ्लॉप हुई। लेकिन, अगले ही साल शाहरुख़ खान के साथ फिल्म बाज़ीगर ने काजोल को स्थापित कर दिया। वह टॉप पर पहुंची। काजोल की  कजिन रानी मुख़र्जी ने १९९७ में ऐश्वर्या राय के साथ फिल्म डेब्यू किया । हालाँकि,ऐश्वर्या राय के पास मिस वर्ल्ड का ऐश्वर्य था। लेकिन, उनकी पहली तमिल और हिंदी फ़िल्में फ्लॉप हुई।  ऐश्वर्य की पहली फिल्म बॉबी देओल के साथ और प्यार हो गया बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी।  ऐश्वर्या राय को टॉप पर पहुँचने का ऐश्वर्या मिला संजय लीला भंसाली की सलमान खान के साथ फिल्म हम दिल दे चुके सनम से।  इस फिल्म में नंदिनी की भूमिका से ऐश्वर्या बॉलीवुड पर छा गई। दूसरी ओर रानी मुख़र्जी को भी एक खान अभिनेता का साथ मिला। अमजद खान के बेटे शादाब के साथ फिल्म राजा की आएगी बरात से असफल शुरुआत करने वाली रानी मुख़र्जी की आमिर खान के साथ विक्रम भट्ट की फिल्म सुपर हिट हो गई।  इन फिल्मों के साथ ही रानी मुख़र्जी बॉलीवुड की रानी बन गई और ऐश्वर्या को स्टारडम का ऐश्वर्य मिल गया। प्रीटी जिंटा की पहली फिल्म मणि रत्नम की शाहरुख़ खान के साथ फिल्म दिल से फ्लॉप हुई थी। अब्बास मुस्तान की फिल्म सोल्जर ने उन्हें हिट बना दिया। करिश्मा कपूर की १९९१ में प्रेम कैदी के साथ शुरुआत भी खराब हुई थी। लेकिन, धीरे धीरे उनके कदम जमते चले गए। उन्होंने सलमान खान और गोविंदा के साथ हिट जोड़ी बनाई।       
फ्लॉप शुरुआत करने वाले हिट चेहरे 
श्रद्धा कपूर की बतौर नायिका पहली फिल्म ‘लव का द एंड’ बुरी तरह से फ्लॉप हुई थी। लेकिन, फिल्म आशिकी २ ने उन्हें आज के दौर की सबसे सफल नायिका की कतार में ला दिया। जक्विलिने फर्नांडिस की पहली दो फ़िल्में अलादीन और जाने कहाँ से आई है फ्लॉप हुई थी।  उन्हें सफलता मिली अक्षय कुमार  के साथ फिल्म हाउसफुल से।  किक में वह सलमान खान की नायिका बनी। एमी जैक्सन की पहली हिंदी फिल्म एक दीवाना था फ्लॉप हुई थी।  सिंह इज़ ब्लिंग में अपने एक्शन दृश्यों से उन्होंने दर्शकों का ध्यान खींचा।  अलिया भट्ट की पहली फिल्म स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर हिट फिल्मों में शुमार नहीं होती।  लेकिन, अलिया हिट हैं।  
इस साल भी कुछ नए चेहरे वाली फ़िल्में दर्शकों के सामने होंगे। इनमे काफी फ़िल्में फ्लॉप हो जाएंगी। इसके बावजूद सनम तेरी कसम की मावरा हुसैन, इश्क़ फॉरएवर की रूही सिंह, लव शुदा की नवनीत कौर, तेरा सुरूर की फराह करीमी, यह लाल रंग की पिया बाजपेयी, फैन की वलूशा डिसूज़ा और श्रेया पिलगांवकर, मिर्ज़या की सैयमी खेर, राज़ रिबाउंड की कीर्ति खरबंदा, रईस की माहिरा खान, हैप्पी भाग जाएगी की मोमल शेख, मोहन जोदड़ो की पूजा हेगड़े, शिवाय की सयेशा सहगल, आदि कतई निराश नहीं होंगी।  ऊपर के तमाम उदाहरण उन्हें उत्साहित करते रहेंगे कि शुक्रवार बदलते देर नहीं होगी।  

अल्पना कांडपाल