Wednesday, 28 February 2018

हॉलीवुड की 'टेकेन' है नागार्जुन की ऑफिसर ?

तेलुगु हॉरर कॉमेडी फिल्म राजू गारी गांधी २ में दिमाग को पढ़ सकने वाले रूद्र की भूमिका कर रहे थे। इस फिल्म में नागार्जुन के अभिनय की प्रशंसा हुई थी। अब तक धीमा करियर झेल रहे नागार्जुन को इस फिल्म ने राहत दी थी। अब वह, लगभग २५ साल बाद, निर्माता-निर्देशक रामगोपाल वर्मा के निर्देशन में फिल्म ऑफिसर करने जा रहे हैं। नागार्जुन ने, रामगोपाल वर्मा के साथ आखिरी बार फिल्म द्रोही (१९९२) में काम किया था। द्रोही भी एक एक्शन फिल्म थी।  इसी तर्ज़ पर अफसर भी एक एक्शन ड्रामा फिल्म है। यह फिल्म अंग्रेजी भाषा में पिअर मोरेल निर्देशित फिल्म टेकेन से प्रेरित है। लिएम नीसों की इस एक्शन फिल्म की कहानी सीआईए के रिटायर अफसर की बेटी के अपहरण से शुरू होती थी। अपनी बेटी को छुड़ाने के लिए यह एजेंट अपना सब कुछ लगा देता है।  २००८ में रिलीज़ टेकेन के  निर्माण में २५ मिलियन डॉलर खर्च हुए थे तथा इस फिल्म २२६.८ मिलियन का  कारोबार किया था।  इस फिल्म के दो सीक्वल टेकेन २ और टेकेन ३ भी बनाये गए।  इन दोनों ही सीक्वल फिल्मों में भी लिएम नीसों एजेंट ब्र्यान मिल्स का किरदार कर रहे थे। इस हिट फ्रैंचाइज़ी पर फिल्म, नागार्जुन के लिए बढ़िया मौक़ा है।  यह कहानी नागार्जुन की उम्र के लिहाज़ से भी बढ़िया है। लिएम ने ब्र्यान का किरदार ५६ साल की उम्र में किया था।  नागार्जुन इस समय ५८ साल के हैं।  वह एक बेटी का पिता बन भी सकते हैं।  पिछले दिनों इस फिल्म की शूटिंग मुंबई में शुरू  हो गई। इस फिल्म की शूटिगं १६ फरवरी से शुरू हुई।  १९८९ में १६ फरवरी को नागार्जुन ने रामगोपाल वर्मा के निर्देशन में पहली बार कैमरा फेस किया था।  इस दौरान कई एक्शन दृश्य फिल्माए गए। जिनमे एक छोटी लड़की के साथ नागार्जुन बन्दूक ताने नज़र आ रहे थे। खबर है कि यह फिल्म हिंदी और तेलुगु में होगी। अगर अफसर हिट हो गई तो नागार्जुन के साथ दो सीक्वल बनाने का रामगोपाल वर्मा का रास्ता साफ़ हो जायेगा। 

क्या बाजीराव रणवीर से दबंगई करेंगे सलमान खान - पढ़ने के लिए क्लिक करें 

क्या बाजीराव रणवीर से दबंगई करेंगे सलमान खान !

पिछले दिनों, यह खबर थी कि सलमान खान ने अपनी दबंग टीम को साफ़ कह दिया है कि वह शाहरुख़ खान की फिल्म से कोई टकराव नहीं करना चाहेंगे।  उनका साफ़ इशारा जीरो की तरफ था, जो २१ दिसंबर को रिलीज़ हो रही है। सलमान खान, इस समय रेमो डिसूज़ा की फिल्म रेस ३ की शूटिंग पूरी तेज़ी से ख़त्म कर रहे हैं।  इस फिल्म को ईद २०१९ को रिलीज़ होना है।  इस फिल्म के बाद, वह रियलिटी शो दस का दम की तमाम किस्ते पूरी करेंगे।  इस काम के बाद, वह अली अब्बास ज़फर की फिल्म भारत की शूटिंग शुरू कर देंगे।  जून से भारत की शूटिंग शुरू कर देंगे। भारत का एक लम्बा शिड्यूल करने के बाद, वह फिल्म से ब्रेक लेंगे।  इस दौरान वह एक शिड्यूल में लगातार प्रोडूसर अरबाज़ खान की फिल्म दबंग ३ की शूटिंग शुरू कर देंगे।  इस फिल्म का निर्देशन प्रभुदेवा कर रहे हैं।  अरबाज़ खान का इरादा दबंग ३ की शूटिंग जल्दी जल्दी पूरी करने के बाद, लम्बे समय से बनने का  इंतज़ार कर रही दबंग फ्रैंचाइज़ी की तीसरी फिल्म को २०१८ के आखिर में रिलीज़ करने का है।  किसी साल का आखिर दिसंबर, ख़ास तौर पर, क्रिसमस वीकेंड होता है।  अरबाज़ खान  ने फिल्म दबंग २ का निर्देशन किया था और यह फिल्म २१ दिसंबर २०१२ को रिलीज़ होकर बड़ा कारोबार कर पाने मे कामयाब हुई थी।  अरबाज़ खान, छह साल बाद बनाये जा रहे सीक्वल को २१ दिसंबर २०१८ को रिलीज़ करना चाहते थे।  लेकिन, इस तारिख को शाहरुख़ खान की फिल्म जीरो रिलीज़ हो रही है।  ऐसे में सलमान  खान के यह कहने के बाद, दबंग ३ को एक हफ्ते बाद यानि २८ दिसंबर को ही रिलीज़ किया जा सकता है।  जबकि, २८  दिसंबर को रोहित शेट्टी निर्देशित फिल्म सिम्बा रिलीज़ हो रही है।  इस फिल्म के नायक रणवीर सिंह है।  अगर ऐसा होता है तो यह एक बार फिर इतिहास दुहराने जैसा होगा, जब रणवीर सिंह से एक खान अभिनेता टकरायेगा।  २०१५ में १८ दिसंबर को रणवीर सिंह की फिल्म बाजीराव मस्तानी और शाहरुख़ खान की फिल्म दिलवाले टकराई थी।  इस टकराव में शाहरुख़ खान की फिल्म को नुकसान हुआ था। अगर, इस साल भी ऐसा ही होता है तो यह दो पुलिस किरदारों का टकराव होगा।  सिम्बा में जहाँ, रणवीर सिंह एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी बने हैं, वही दबंग ३ का चुलबुल पांडे रॉबिनहुड टाइप का है।  यह वर्दियों का टकराव रणवीर सिंह का इम्तिहान होगा।  वह अपनी फिल्म से शाहरुख़ खान को मात दे चुके हैं।  अगर वह दबंग खान को भी मात दे गए तो फिर रणवीर सिंह बॉलीवुड में खान अभिनेताओं की बदल साबित हो जायेंगे।  देखिये, क्या होता २८ दिसंबर को ?

दूसरी बार गरम मसाला पीसेंगे अक्षय और जॉन - पढ़ने के लिए क्लिक करें 

दूसरी बार गरम मसाला पीसेंगे अक्षय कुमार और जॉन अब्राहम !

अक्षय कुमार से  पांच साल छोटे जॉन अब्राहम का फिल्म करियर अक्षय के फिल्म सौगंध (२०११) में आने के १२ साल बाद, फिल्म जिस्म से शुरू हुआ था। दो साल बाद, जॉन अब्राहम ने अक्षय कुमार के साथ फिल्म गरम मसाला की।  प्रियदर्शन की इस कॉमेडी मसाला फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर सफलता मिली।  लेकिन, इस सफल फिल्म के बावजूद यह सफल मेल पेअर तीन साल बाद दोस्ताना में नज़र आया।  इन दोनों की तीसरी फिल्म हाउसफुल २ चार साल बाद आई।  दिलचस्प बात यह थी कि लगातार तीन हिट फिल्म देने वाली जोड़ी को चौथी बार बनाने का कोई ख़ास प्रयास नहीं किया गया। अब १३ साल बाद, गरम मसाला का दूसरा हिस्सा बनाये जाने की सुगबुगाहट है। यह सुगबुगाहट जॉन अब्राहम के एक इंटरव्यू में दिए जवाब के कारण शुरू हुई थी, जिसमे जॉन अब्राहम ने यह खुलासा किया था कि वह कोई हँसी मज़ाक वाली फिल्म करना चाहेंगे। अक्षय कुमार से उनका दोस्ताना है।  दोनों को एक दूसरे के साथ काम करने में भी मज़ा आता है। ऐसा संकेत है कि जॉन अब्राहम और अक्षय कुमार के बीच गरम मसाला २ को लेकर शुरूआती बात हुई है। लेकिन, फिलहाल, सब सुगबुगाहट ही है। जॉन अब्राहम की, कई बार से टलती आ रही फिल्म परमाणु द स्टोरी ऑफ़ पोखरण ८ अप्रैल को रिलीज़ होने वाली है।  यह उनकी घरेलु फिल्म है।  इसलिए, इसे पूरी तैयारी के साथ रिलीज़ करने की ज़िम्मेदारी भी जॉन अब्राहम की ही है।  परमाणु, भारतीय सेना द्वारा १९९८ में किये गए परमाणु विस्फोट की पृष्ठभूमि पर है। अभिषेक शर्मा निर्देशित फिल्म में जॉन अब्राहम कैप्टेन अश्वेत रैना की भूमिका कर रहे हैं। उधर, अक्षय कुमार तो कुछ ज़्यादा ही व्यस्त हैं।  उनकी तीन फ़िल्में २.०, गोल्ड और केसरी इसी साल रिलीज़ होनी है।  अक्षय कुमार इन सभी फिल्मों में काफी ज़्यादा व्यस्त है।  इसलिए, जॉन अब्राहम अक्षय कुमार के साथ गरम मसाला तभी पीस पाएंगे, जब अपनी हाथ की फिल्मों से फारिग होंगे। 

अब कहानी की ज़रुरत है होली गीत - पढ़ने के लिए क्लिक करें 

अब कहानी की ज़रुरत है होली गीत

संजय लीला भंसाली की इसी साल रिलीज़ फिल्म पद्मावत में एक होली गीत है। लेकिन, यह आम फ़िल्मी होली गीतों की तरह तेज़ रफ़्तार और अबीर गुलाल बिखेरने वाला नहीं। गीत भी काफी धीमा मगर सम्मोहक है। यह गीत मांगनियार और लंगा लोक धुन पर है। इसमे रानी पद्मावती रावल रतन सिंह का तिलक कर होली मनाती है। भंसाली की फिल्म का यह गीत उनकी पहले की फिल्म गोलियों की रास लीला राम-लीला के लहू मुंह लग गया से बिलकुल अलग है, जो उछाह और छेड़छाड़ वाला गीत था। इस गीत में दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह के किरदार लप्पा-झप्पी करते एक दूसरे को छूते छेड़ते रंग लगाते और गुलाल उड़ाते हैं। दोनों ही फिल्मों के गीत विज़ुअल्स और इमोशन के लिहाज़ से उत्कृष्ट हैं। यह गीत प्रमाणित करते हैं कि संजय लीला भंसाली अपनी फिल्मों में होली को अपने ढंग से, भावनाओं को व्यक्त करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। 
पुराने जमाने की फिल्मों से अलग, जब हर उत्साह और ख़ुशी का मतलब होली हुआ करता था, बॉलीवुड की फिल्मों में होली का अब यह मतलब या उपयोग नहीं रह गया है। अब होली गीत फिल्म निर्माता या निर्देशक की सोच पर निर्भर करते हैं। अब हिंदी फिल्मों के फॉर्मूले में होली के रंग शामिल नहीं हैं। इसके बावजूद कुछ फिल्म निर्माता अपनी फिल्मों में होली गीत किसी न किसी तरीके से शामिल कर लेते हैं। जैसे संजय लीला भंसाली की फिल्मों में होली का कोई रंग ज़रूर देखने को मिलता है।  ऐसे ही नए पुराने जमाने के निर्माता-निर्देशक अपनी पसंद के अनुरूप होली गीत रख लेते हैं। 
चोपड़ा बंधुओं की फिल्मों के गीत
चोपड़ा बंधुओं की फिल्मों में होली गीतों को हमेशा स्थान मिलता रहा है। यश चोपड़ा या बीआर चोपड़ा की फिल्मों के गीत सिर्फ उत्साह, उछाह या छेड़छाड़ तक ही सीमित नहीं रहा करते थे। बीआर चोपड़ा की फिल्म मशाल का गीत होली आयी रे महत्वपूर्ण मोड़ पर आया गीत है। इसी गीत के दौरान दिलीप कुमार और अनिल कपूर एक साथ होली खेलते हैं। यह गीत अनिल कपूर की उन भावनाओं को व्यक्त करता है, जिसमे दिलीप कुमार के दिल में उसके लिए बुरी भावनाओं के ख़त्म हो जाने के कारण उत्साह है।  दिलीप कुमार भी बस्ती के लोगों के साथ होली खेलने निकल पड़ते है। सिलसिला में रंग बरसे गीत के ज़रिये अमिताभ बच्चन का चरित्र भंग के नशे में अपने पुराने प्यार रेखा के प्रति भावनाए व्यक्त करता है, जबकि दोनों विवाहित है। यह गीत दो विवाहित जोड़ों के बीच गलतफहमी की दीवार कड़ी कर देता है। आदित्य चोपड़ा की फिल्म मोहब्बतें का होली गीत सोनी सोनी चार मोहब्बत भरे दिलों की धड़कने सुनाने वाला है। जहाँ गुरुकुल के प्राचार्य की बेटी का गुरुकुल के एक गिटार टीचर से प्रेम है तो वही गुरुकुल के तीन छात्र भी मोहब्बत के रंग में खोये हुए हैं। जिमी शेरगिल का किरदार तो एक विधवा के सूने जीवन में रंग भरने के लिए इस होली गीत का इस्तेमाल करता है। फिल्म डर में जूही चावला और सनी देओल प्यार करने वाले जोड़े हैं। शाहरुख़ खान का चरित्र उनके बीच ज़बरदस्त घुसने का प्रयास करता है। फिल्म का अंग से अंग लगाना सनी और जूही के चरित्रों के बीच गहरे प्यार का चित्रण करने वाला है। इस गीत के ज़रिये यह समझा जा सकता है कि जब कोई तीसरा बीच में घुसाने की कोशिश करता है तो उसका क्या हश्र होता है। बीआर चोपड़ा के बेटे रवि चोपड़ा की फिल्म बागबान का गीत होली खेले रघुबीरा भी चार दशक के पति पत्नी अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी की भावनाओं के अनुरूप है। इस गीत को अमिताभ बच्चन की आवाज़ में रख कर स्वाभाविकता बनाने की कोशिश की गई है। 
अक्षय कुमार और विपुल शाह की जोड़ी की होली
अक्षय कुमार आज की पीढ़ी के एक्शन कुमार हैं। उनके खतरनाक एक्शन युवा दर्शकों के पसंदीदा हैं। लेकिन, अक्षय कुमार अपनी फिल्मों में अपने चरित्रों को देसी गंध में डुबोये रहते हैं। विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म वक़्त द रेस अगेंस्ट टाइम का प्रियंका चोपड़ा के साथ अक्षय कुमार पर फिल्माया गया गीत डू मी फेवर लेट्स प्ले होली गीत पानी के रंगों से भिगोने वाला नहीं, लेकिन रोमांस के गुलाल से पटा ज़रूर है। यह उस समय के गीतों में है, जब अक्षय कुमार ट्विंकल खन्ना से विवाहित नहीं थे। फिल्म के इस गीत में उनकी और प्रियंका चोपड़ा की केमिस्ट्री गज़ब लगती है। कुछ ऐसी ही होली शाह और कुमार की फिल्म एक्शन रिप्ले के छन के मोहल्ला गीत में भी है।  हालाँकि, यह गीत बैक टू द पास्ट यानि बीते समय का गीत है। लेकिन इस होली गीत में भी परंपरागत रंग भरी पिचकारियों का इस्तेमाल नहीं किया गया है। फिल्म के गीत में ऐश्वर्या राय बच्चन, अक्षय कुमार और आदित्य रॉय कपूर और उनके साथी अबीर और गुलाल, ख़ास तौर पार लाल गुलाल का इस्तेमाल करते हुए होली मनाते हैं। विपुल अमृतलाल शाह अपनी होली गीतों को ज़रिये सूखी होली के सन्देश को देने वाले लगते हैं। 
अक्षय कुमार की अकेली होली
रंगों वाली अक्षय कुमार की होली देखनी और खेलनी हो तो जॉली एलएलबी २ और टॉयलेट एक प्रेम कथा देखनी होगी। इन दोनों फिल्मों की पृष्ठभूमि में उत्तर प्रदेश के नगर हैं। जॉली एलएलबी २ का कथानक लखनऊ शहर का है। फिल्म की होली बिलकुल लखनऊ के रंग में रंगी रंगों, गुलाल, भंग और उड़दंग वाली है। इस फिल्म के गो पागल गीत में अक्षय कुमार और हम कुरेशी के किरदार दूसरे अन्य किरदारों के साथ पानी के रंगों से भीगी उत्साहपूर्ण होली खेलते नज़र आते हैं। वैसे यह गीत फिल्म के अदालती तनाव को ख़त्म करने के लिहाज़ से रखा गया लगता है। लेकिन, दूसरी तरफ अक्षय कुमार की गाँव में संडास की समस्या पर श्रीनाथ सिंह की फिल्म टॉयलेट एक प्रेम कथा की होली मथुरा की होने के कारण बरसाने की लट्ठ मार होली है। यह गीत अक्षय कुमार की भूमि पेडनेकर के किरदार के प्रति प्रेम की अभिव्यक्ति करने का ज़रिया बनता है। भूमि पेडनेकर उन्हें लट्ठ से मारती है और अक्षय कुमार गोरी तू लट्ठ मार गा कर उसे अपने सच्चे प्रेम का परिचय देने की कोशिश करते है। यह दोनों ही गीत देसी स्वभाव के ठेठ होली गीत हैं। 
वरुण धवन की पिंजड़े वाली मुनिया होली
बॉलीवुड के होली गीतों में से एक नवीनतम गीत वरुण धवन और अलिया भट्ट की फिल्म बद्रीनाथ की दुल्हनिया का बद्री की दुल्हनिया गीत भी है। इस गीत में भी होली है। इस होली गीत को गवई रंग देने के लिए फ़िल्मी गीतों के रीमिक्स बनाने के लिए मशहूर तनिष्क बागची ने इस गीत में तीसरी कसम के बिहारी फोक वाले गीत चलत मुसाफिर मोह लियों रे को इस्तेमाल किया है। यह इस्तेमाल बढ़िया बन पडा है। होली की मस्ती से भरा यह गीत स्टेज पर अबीर गुलाल उड़ाते एक्स्ट्राओं के बीच वरुण धवन और उनकी दुल्हनिया अलिया भट्ट पर फिल्माया गया है। इन दोनों की बढ़िया केमिस्ट्री है। इसलिए इस गीत में होली का उत्साह नज़र आता है। यह गीत काफी पॉपुलर भी हुआ है। इस गीत के साथ, अयान मुख़र्जी की फिल्म यह जवानी है दीवानी के बलम पिचकारी गीत का ज़िक्र करना इसलिए ज़रूरी है कि यह नए जमाने के युवाओं पर फिल्माया गया, मस्ती भरा  गीत है। इस गीत में दीपिका पादुकोण का किरदार अपने दब्बू खोल से निकल कर उन्मुक्त हो जाती है।  उस पर फ़िदा रणबीर कपूर भी उसे भिगोने में कोई कसर नहीं छोड़ते। इसी गीत के ख़त्म होते होते दीपिका पादुकोण रणबीर के प्रति अपना प्रेम व्यक्त करना चाहती है कि तभी आदित्य रॉय कपूर राज खोलते हैं कि रणबीर कपूर विदेश जाना चाहता है। दीपका की बात उसके मन में रह जाती है।
तीन ख़ास होली गीत 
हिंदी फिल्मों के सैकड़ों होली गीतों में तीन गीतों का ज़िक्र कुछ ख़ास है। पहला गीत फिल्म नवरंग (१९५९) का अरे जा रे हट नटखट खूबसूरत और यादगार होली गीत है। यह गीत अपने संगीत और बोलों के साथ साथ विज़ुअल ट्रीट के लिहाज़ से भी शानदार है। इस गीत को संध्या पर फिल्माया गया है। संध्या एक पारंगत नृत्यांगना थी। वह इस गीत के हर टुकडे पर अपने कदमों का धीमी और तेज़ गति से बखूबी इस्तेमाल करती हैं। गाढे रंगों से भीगा यह गीत एक हाथी के नृत्य के कारण चकित करने वाला बन पड़ा है।  राजेश खन्ना और आशा पारेख की फिल्म कटी पतंग का गीत राजेश खन्ना के किरदार को विधवा आशा पारेख को प्रेम व्यक्त करने के साथ साथ उसे समाज के बंधनों को तोड़ने का सन्देश भी देता है, जब राजेश खन्ना आशा पारेख के बालों पर लाल गुलाल लगा देते हैं। तीसरा गीत शोले फिल्म में ज़बरदस्त क्लाइमेक्स की तरफ बढ़ने वाला गीत है। गाँव वाले गब्बर सिंह के डाकुओं को भगा देने की ख़ुशी होली खेल कर व्यक्त करते हैं। जहाँ वीरू (धर्मेन्द्र) अपनी बसंती (हेमा मालिनी) को रंगों से सरोबार कर अपने उन्मुक्त प्रेम का प्रदर्शन करता है, वही जय (अमिताभ बच्चन) गुलाल मुट्ठी में बांधे होली खेल रहा है। यकायक उसकी नज़र विधवा राधा (जया बच्चन) पर जाती है। वह खुद को नियंत्रित कर गंभीर हो जाता है। क्योंकि जानता है कि विधवा होली के रंग नहीं खेल सकती। इस गीत के ख़त्म होते होते गब्बर सिंह अपने साथियों के साथ रामगढ पर हमला कर देता है। इसके साथ ही संजीव कुमार के किरदार की कहानी का खुलासा होने का समय आ जाता है। 


शुरू हुआ गुलशन कुमार के नाम पर फिल्म इंस्टिट्यूट

संगीत कंपनी टी-सीरीज के संस्थापक एवं म्यूजिक मुगल के नाम से प्रख्यात गुलशन कुमार हमेशा प्रतिभाओं को हरसंभव बेहतर प्लेटफाॅर्म मुहैया कराते रहे थे। उनकी मृत्यु के बाद उनकी उम्मीदों, आकांक्षाओं एवं सपनों को साकार करने का बीड़ा उनके पुत्र भूषण कुमार ने उठाया है। वह अपनी फिल्मों से नई पीढ़ी के कलाकारों को लाइमलाइट में ला कर अपने पिता के अधूरे सपनों को पूरा कर रहे हैं। अब उन्हें इस काम में छोटी बहन एवं बाॅलीवुड की नामचीन प्लेबैक सिंगर तुलसी कुमार का साथ-सहयोग भी मिलने लगा है। दरअसल, गुलशन कुमार के आम प्रतिभाओं को भी संपूर्ण कलाकारबनाने के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम एठाते हुए तुलसी ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित फिल्मसिटी में गुलशन कुमार फिल्म ऐंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट आॅफ इंडिया (जीकेएफटीटीआई) की स्थापना की है। यह इंस्टिट्यूट 27 फरवरी से केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा, नामचीन फिल्म निर्देशक निखिल आडवाणी, प्लेबैक सिंगर तुलसी कुमार, रंगकर्मी-कवि-सह-अभिनेता डाॅ. सईद आलम, गलगोटिया विश्वविद्यालय के सीईओ ध्रुव गलगोटिया की मौजूदगी में शुरू हो गया । जीकेएफटीटीआई के उद्घाटन के मौके पर केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि गुलशन कुमार खुद एक काॅमनमैनथे, जिन्होंने अपने जीवन में फर्श से अर्श तक का सफर अपनी मेहनत, लगन, समर्पण, ईमानदारी और बेमिसाल व्यक्तित्व के दम पर किया। यही वजह रही कि जीवन एवं कारोबार के क्षेत्र में ऊंचाइयों को छूने के बावजूद वे हमेशा काॅमनमैनही बने रहे। इसी कारण उनकी हमेशा कोशिश रही कि वे प्रतिभाशाली काॅमनमैनको हरसंभव मदद करें। हालांकि, आज वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन जीकेएफटीटीआई की स्थापना करके तुलसी कुमार ने साबित कर दिया है कि वह भी अपने पिता के दिखाए नेकी के रास्ते एवं नक्शेकदम पर चल रही हैं। जीकेएफटीटीआई की स्थापना वाकई प्रतिभाशाली युवाओं के लिए बेहतर मंच साबित होगा, जो उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहायक बनेगा।
फिल्म निर्देशक निखिल आडवाणी ने कहा कि गुलशन कुमार जी ने उस वक्त आमलोगों का साथ दिया, उनके साथ एक बड़े भाई की तरह मजबूती के साथ खड़े रहे, जब वे खुद कुछनहीं थे। जैसे-जैसे उनकी ताकत बढ़ी, उनके सहयोग का दायरा बढ़ता गया। उनकी सदाशयता और सहयोग से बाॅलीवुड में कई ऐसे कलाकार पैदा हुए, जो आज टाॅपपर विराजमान हैं। मुझे यह कहने में हिचक नहीं कि गुलशन जी का आम प्रतिभाओं को संपूर्ण कलाकार बनाने जो सपना अधूरा रह गया था, जीकेएफटीटीआई को स्थापित करके तुलसी कुमार उसे संपूर्णता प्रदान करेंगी।

तुलसी कुमार ने कहा कि देश में एक से बढ़कर एक फिल्म इंस्टीट्यूट मौजूद हैं। वहां से भी कलाकार पैदा किए जा रहे हैं। लेकिन, उन फिल्म संस्थानों से जीकेएफटीटीआई बिलकुल अलग होगा, क्योंकि यहां प्रतिभाओं को केवल एक्टर, सिंगर, डायरेक्टर, कैमरामैन, स्टोरी राइटर आदि ही नहीं बनाया जाएगा, बल्कि हमारा जोर उन्हें संपूर्णकलाकार बनाने पर होगा। जीकेएफटीटीआई की स्थापना का मूल उद्देश्य धनोपार्जन करना नहीं, बल्कि अन्य संस्थानों से अलग राह अख्तियार करते हुए इस फील्ड में खुद को एक माइलस्टोनके रूप में स्थापित करना होगा। जीकेएफटीटीआई में प्रतिभाशाली छात्रों को उनकी रुचि एवं प्रतिभा के कारण ही प्रवेश मिलेगा। इसके लिए बाकायदा संस्थान के नामचीन शिक्षकों के द्वारा आॅडिशन लिया जाएगा और चयनित छात्रों को संपूर्णकलाकार के तौर पर विकसित एवं प्रशिक्षित किया जाएगा।"



क्या फिर बनेगी अभिषेक-ऐश्वर्या जोड़ी ?

क्या, ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन की जोड़ी फिर बनेगी ? शैलेश आर सिंह एक स्वतंत्र फिल्म निर्माता हैं. उन्होंने, बस एक पल, दिल कबड्डी और तनु वेड्स मनु के अलावा अलीगढ, मदारी और सिमरन जैसी फिल्मों का निर्माण भी किया है . वह ऐश्वर्या राय बच्चन और अभिषेक बच्चन की पति-पत्नी जोड़ी को लेकर कोप फिल्म बनाना चाहते हैं. यह फिल्म उत्तर प्रदेश की पृष्ठभूमि पर होगी. इस फिल्म में ऐश्वर्या और अभिषेक दोनों ही पुलिस किरदार करेंगे. इस जोड़ी ने अब तक, ढाई अक्षर प्रेम के, कुछ न कहो, उमराव जान, धूम २, गुरु, सरकार राज और रावण जैसी फ़िल्में एक साथ की हैं. कुछ फिल्मों में यह नायक नायिका थे. धूम २ और गुरु की बात न की जाए तो यह जोड़ी अभी तक दर्शकों को आकर्षित नहीं कर सके हैं. इसके बावजूद इन दोनों को जोड़ी में लेने की कोशिश की जाती रही है. अब शैलेश ऐसा ही एक प्रयास कर रहे हैं. लेकिन, कुछ समय पहले यह खबर थी कि बजट के झंझटों के कारण इस जोड़ी की फिल्म को बंद कर दिया गया है. यह भी कहा गया कि ऐश्वर्या राय फिल्म की स्क्रिप्ट में काफी बदलाव चाहती थी. बहरहाल, अब कहा जा रहा है कि ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन को लेकर यह फिल्म बनाई जाएगी. ज़ल्द ही इस फिल्म की दूसरी महत्वपूर्ण जानकारी से अवगत कराया जायेगा. यह भी खबर है कि शैलेश इस फिल्म के निर्देशन के लिए किसी नए निर्देशक की तलाश में हैं. अगर यह फिल्म बनाई जाती है तो फिल्म की तुलना बेशरम से होगी . रणबीर कपूर अभिनीत बेशरम में रणबीर के माँ-पिता नीतू सिंह और ऋषि कपूर ने पुलिस किरदार किये थे, जो एक ही थाने में तैनात थे.  बेशरम के निर्देशक अभिनय कश्यप ने अपनी फिल्म में रियल लाइफ पति-पत्नी और माँ-पिता को इसी लिए लिया था कि दर्शकों का फिल्म के प्रति कौतूहल बढेगा. लेकिन, दबंग जैसी फिल्म के निर्देशक की बेशरम बॉक्स ऑफिस पर धुल चाट गई थी. 


इहाना ढिल्लन से प्यार करने लगेंगे - पढ़ने के लिए क्लिक करें

हेट स्टोरी ४ देख कर इहाना ढिल्लन से प्यार करने लगेंगे !

दावा किया जा रहा है कि बॉलीवुड की हिट हेट स्टोरीफ्रैंचाइज़ी की चौथी फिल्म हेट स्टोरी ४ की  रिलीज के साथ ही दर्शकों का परिचय एक पंजाबी कुड़ी इहाना ढिल्लन से होगा । पंजाबी फिल्मों की यह कातिल हसीना डायरेक्टर विशाल पंड्या की हेट स्टोरी ४ से अपने करियर की शुरुआत करने जा रही हैं। फिल्म  मार्च को रिलीज हो रही है। 
अपनी इस डेब्यू बाॅलीवुड फिल्म के बारे में इहाना ने बताया, ‘दरअसल टी-सीरीज की कास्टिंग टीम से मुझे एक कॉल मिला। मुझे बताया गया कि उन लोगों ने मेरी पंजाबी फिल्म टाइगरको देखा है और उस फिल्म में मेरा प्रदर्शन उन लोगों को पसंद आया है । इसके बावजूद मुझे हेट स्टोरी ४ में काम करने को लेकर थोड़ा संशय था, क्योंकि मैं बोल्ड किरदार के साथ बॉलीवुड में एंट्री नहीं करना चाहती थी। इसकी वजह यह थी कि साल २०१२ में आई विवेक अग्निहोत्री निर्देशित इस सीरीज की पहली फिल्म में बंगाली एक्ट्रेस पाओली दाम ने सनसनीखेज तरीके से बॉलीवुड में डेब्यू किया था, तो वहीं २०१४ में आई विशाल पंड्या निर्देशित सीरीज की दूसरी फिल्म ने पंजाबी और साउथ की फिल्मों की हिट एक्ट्रेस सुरवीन चावला को रातोंरात बॉलीवुड में भी सुर्खियों में ला दिया था। जबकि, दो साल पहले आई इस सीरीज की तीसरी फिल्म में भी दर्शकों ने एक्ट्रेस जरीन खान को पहली बार बेहद बोल्ड अवतार में देखा था। स्वाभाविक तौर पर हेट स्टोरीसीरीज की चैथी फिल्म को लेकर भी मेरे मन में ऐसा ही कुछ भाव था। मेरे मन में यह बात घुसी हुई थी कि अगर आप ऐसी फिल्म से शुरुआत करते हैं, तो आप केवल उसी प्रकार की भूमिकाएं पा सकते हैं, क्योंकि बाॅलीवुड का दस्तूर रहा है कि आप जैसा काम करते हो, आपकी छवि वैसी ही बनती है। इसलिए पहले मैंने इस फिल्म के लिए इनकार कर दिया था, क्योंकि मैं इतने बोल्ड किरदार के साथ बॉलिवुड में अपना करियर शुरू नहीं करना चाहती थी। 
तब इस फिल्म को आपकी मंज़ूरी कैसे मिली, पूछे जाने पर इहाना  बताती हैं, "लेकिन जब फिल्म की टीम के साथ दूसरी बार मेरी मुलाकात हुई, तो मैंने पूरी कहानी सुनी। कहानी सुनने और फिल्म में अपने किरदार के बारे में और ज्यादा जानने के बाद मैंने फौरन हांकह दिया, क्योंकि मुझे पता चल गया था कि हेट स्टोरी ४ पिछली तीन फिल्मों की तरह नहीं है, बल्कि यह फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है। इसकी कहानी बहुत अच्छी है। दरअसल, यह अपनी पूर्ववर्ती तीनों फिल्मों की तरह नफरत की कहानी नहीं है, बल्कि यह बदला लेने की कहानी है।
इस फिल्म में अपनी भूमिका के बारे में होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई के दौरान ही मॉडलिंग की शुरुआत कर चुकी इहाना ने कहा, ‘फिल्म में मेरी एक कॉरपोरेट लड़की रेशमा की भूमिका है, जो फिल्म की कहानी पर जबरदस्त और प्रभावी असर डालती है। इसलिए एक अभिनेत्री के रूप में मैंने सोचा कि यह मेरे लिए एक बेहतरीन शुरुआत है, क्योंकि इसके जरिये मुझे देश की सबसे बड़ी प्रोडक्शन हाउस में से एक टी-सीरीज के साथ काम करने का मौका भी मिल रहा था।’ 
उन्होंने फिल्म में अपनी भूमिका की तैयारी कैसे की, के बारे में पूछने पर इहाना ने बताया, ‘इस रोल को समझने एवं उसी रूप में पर्दे पर साकार करने के लिए हमने निर्देशक विशाल पंड्या के साथ एक महीने की एक कार्यशाला की। उसके बाद मुझे पता चला कि एक कॉरपोरेट लड़की का मेरा किरदार ग्रेशेड वाला है, इसलिए इसमें भरपूर विविधताएं हैं। इसी वजह से फिल्म में मेरे अभिनय को, लुक के बजाय ज्यादा महत्व दिया गया है। इसीलिए मैं इस फिल्म को लेकर काफी उत्सुक भी हूं। इस फिल्म में गुलशन ग्रोवर भी काफी समय बाद फिर से नजर आने वाले है और उनका भी इस फिल्म में बेहद अहम किरदार है। फिल्म की कहानी समीर अरोड़ा ने लिखी है और इसका निर्देशन विशाल पांड्या ने किया है।
यह पूछने पर कि रील लाइफ की रेशमा एवं रियल लाइफ की इहाना के बीच क्या और कितनी समानताएं हैं, तो इहाना ने कहा कि वास्तविक जीवन में रेशमा और इहाना के बीच कोई भी समानता नहीं हैं। रियल लाइफ में मैं एक साधारण लड़की हूं, जो हर समय मुस्कुराती रहती है। जबकि रेशमा बहुत जिद्दी, लेकिन मजबूत इरादों वाली भी है। दोनों के बीच एकमात्र समानता यह है कि दोनों ही बहुत आसानी से भावुक हो जाती हैं। चूंकि यह मेरे रियल लाइफ से बहुत अलग कैरेक्टर है, इसलिए यह बेहद चुनौतीपूर्ण भी था। मेरे लिए थोड़ा मुश्किल भी था, लेकिन ऐसा अद्भुत काम और किरदार हर किसी को नहीं मिलता है। इसलिए इस किरदार को जीने में बहुत मजा आया।’ 
र्जुन रामपाल की आने वाली फिल्म नास्तिकमें इहाना का कैमियो हैं।



Tuesday, 27 February 2018

सुधीर मिश्र का राजनीतिक देवदास है दास देव

शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय का निराश हताश देवदास अब १०० साल का सफ़र तय कर चुका है।  इस शराबी किरदार को कई भाषाओँ की फिल्मों में उतारा गया है।  कुछ फिल्मकारों ने इसे अपने दृष्टिकोण से देखने की कोशिश की है।  इनमे से एक सुधीर मिश्र भी हैं।  राजनीति के खुरदुरे धरताल पर व्यंग्य की पीक मारने के लिए मशहूर सुधीर मिश्र अब देवदास के  राजनीतिक संस्करण दास देव को लेकर आ रहे हैं।  इस फिल्म का दास देव राजनीती के खेल का महत्वाकांक्षी खिलाड़ी है।  इस फिल्म में नेता देव की भूमिका राहुल भट कर रहे हैं।  कश्मीर से  इस खूबसूरत अभिनेता को हिंदी दर्शक उर्दू फिल्म यह मोहब्बत है (२००२) के अलावा हिंदी फिल्म नई पड़ोसन, अग्ली, फितूर, जय गंगाजल और यूनियन लीडर में देख चुके हैं।  उनके १६ साल लम्बे फिल्म करियर मे सिर्फ छह फ़िल्में इस बात  की गवाही देती हैं कि बॉलीवुड ने उनकी प्रतिभा का उपयोग करने की कोशिश नहीं की।  दास देव के ट्रेलर में राहुल भट्ट  बड़े दमदार लग रहे हैं।  सुधीर मिश्रा कहते हैं, "मेरी फिल्मों में हीरो नहीं होतेएक्टर होते हैं।  मैंने एक फिल्म में राहुल में अपने देव को देखा था।  उनकी भेद देने की क्षमता ने मुझे प्रभावित किया।" इस आधुनिक देवदास की पारो ऋचा चड्डा हैं।  दास देव की पारो एक ऐसी महत्वकांक्षी औरत है, जो सही  करने के लिए कुछ भी गलत कर सकती है।  वह हमेशा, हर परिस्थिति में देव के साथ खड़ी रहती है। सुधीर मिश्रा कहते  हैं, "ऋचा चड्डा का प्रखर आत्मनिर्भर व्यक्तित्व, मेरी फिल्म की पारो के लिहाज़ से  परफेक्ट है।" देवदास की तमाम फिल्मों में तीन किरदार देवदास, पारो और चंद्रमुखी हमेशा अहम् रहे हैं।  दास देव में चंद्रमुखी राजनीती का चोला पहन कर चांदनी बन गई है।  वह आज की राजनीतिक हस्ती है। वह पार्टी के पैसो की देखभाल करती है, फ़िक्सर है और छल परपंच की महारथी है।  फिल्म में इस भूमिका को खूबसूरत अदाकारा  अदिति राव हैदरी कर रही हैं। वह एक खतरनाक गलती कर जाती है, देव से प्यार।  सुधीर मिश्रा कहते हैं, "जब मैं चांदनी की भूमिका को लिख रहा था, मेरे  जेहन में केवल एक ही चेहरा था, वह थी अदिति राव हैदरी।" इन तीन किरदारों के अलावा, उत्तर प्रदेश की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर फिल्म में कुछ दूसरे महत्वपूर्ण चरित्र भी हैं।  इन भूमिकाओं को विनीत सिंहसौरभ शुक्ल, विपिन शर्मा, दीपराज राणा और दलीप ताहिल कर रहे हैं।  सुधीर मिश्रा कहते हैं, "यह सभी अभिनेता सशक्त अभिनय करने वाले हैं।  इसीलिए, दास देव के  जटिल चरित्र कर रहे हैं।" अनुराग कश्यप की ख़ास भूमिका वाली दास देव पहले १६ फरवरी को रिलीज़ हो रही थी।  बाद में इसकी तारीख ९ मार्च निश्चित की गई।  लेकिन, अब यह फिल्म एक हफ्ता देर से २३ मार्च को रिलीज़ हो रही है।  


सोनू ठुकराल का म्यूजिक वीडियो- देखने के लिए क्लिक करें

सोनू ठुकराल का म्यूजिक वीडियो, हिना खान का जलवा

बाॅलीवुड के मशहूर गायकों उदित नारायण, सोनू निगम, शान, सुनिधि चैहान, गुरदास मान, हंसराज हंस, मलकीत सिंह, हरभजन मान, जसबीर जस्सी, मीका सिंह, जैजी बी जैसे कई दिग्गज गायकों के साथ देशभर में स्टेज शो कर चुके पॉप सिंगर सोनू ठुकराल ने अपनी आवाज से मायानगरी का भी दिल जीत लिया है। एक के बाद एक लगातार पंजाबी और हरियाणवी हिट लोकगीत देने के बाद सोनू का पहला एलबम ढोल स्पीकरटिप्स म्यूजिक कंपनी ने वर्ष २००९ में रिलीज किया था, जिसमें फोक, पाॅप एवं ट्रैजिक जैसे कुल नौ गानों का संगम था। संगीत प्रेमियों ने ढोल स्पीकरपर खूब प्यार बरसाया था। खासकर टिप्स म्यूजिक कंपनी के एलबम ढोल स्पीकरउनकी पहली सोलो एलबम थी, जिसके मार्केट में आने के बाद उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। वहीं टिप्स कंपनी की ही एक और एलबम हरियाणे का छोरासे भी धूम मचाया। हालांकि, फिलहाल सोनू की चर्चा उनके नए गाने को लेकर हो रही है, जिसका शीर्षक है भसूडी। अपने इस नए म्यूजिक वीडियो के बारे में सोनू ने बताया कि इसकी शूटिंग हमने हाल ही में पंजाब के पटियाला में संपन्न की है। इस म्यूजिक वीडियो में गीत एवं संगीत प्रीत हुंडाल का है, जबकि रैप की जिम्मेदारी प्रधान ने उठाई है। खास बात यह कि प्रोड्यूसर अर्शदीप सिंह एवं स्वपन मोंगा की राॅबी सिंह के डायरेक्शन में बने इस म्यूजिक वीडियो में मेरे साथ टीवी डेली शॉप ये रिश्ता क्या कहलाता हैसे लेकर रियलिटी शोज खतरों के खिलाड़ीके अलावा कलर्स के ही शो बिग बॉसका हिस्सा रह चुकी एक्ट्रेस हिना खान ने काम किया है। सोनू ने बताया कि यह एक मनोरंजक गाना है, जिसका शीर्षक भसूडीभी अपने आप में अनूठा है। खास बात यह है कि यह हिना खान का पहला म्यूजिक वीडियो है यानी इसी एलबम के साथ उन्होंने म्यूजिक वीडियो की यात्रा शुरू की है। यह गाना इसी मार्च महीने में रिलीज होगा।

अपने इस नए म्यूजिक वीडियो को लेकर बेहद उत्साहित सोनू ठुकराल ने बताया कि उनका अब तक का अंतिम एलबम टी-सीरीज द्वारा रिलीज क्लब बीटपिछले साल जनवरी में आया था। क्लब बीटको उस समय तीन लाख से ज्यादा व्यूज मिला था। ऐसे में करीब एक साल के बाद आ रहे इस नए म्यूजिक वीडियो को लेकर सोनू का उत्साहित होना लाजिमी है। हरियाणा के बल्ल्भगढ़ में ६ सितंबर 1986 को पैदा हुए एवं पफरीदाबाद के डीएवी काॅलेज से स्नातक तक की शिक्षा हासिल करने वाले सोनू ठुकराल की आवाज चूंकि हरियाणा-पंजाब की सरहदों को लांघते हुए बाॅलीवुड तक पहुंच चुकी है, इसलिए वे बाॅलीवुड गानों को लेकर भी रोमांचित हैं। क्योंकि बहुत जल्द उनका हिंदी फिल्मी गाना लाॅन्च होने जा रहा है। जिसे बाॅलीवुड के खिलाड़ी कुमारअक्षय कुमार पर फिल्माया गया है। इसके अलावा एक सोलो पंजाबी सिंगल क्या बात हैभी इसी साल रिलीज होगा। इसे लिखा है दीप झांडु ने। दीप ने ही इसमें रैप भी दिया है। जबकि, इरोज फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म चलो दिल्लीमें इन्होंने बॉलीवुड स्टार रणवीर कपूर के लिए पंजाबी गाना गाया है।


शांति से सोने दो श्रीदेवीको ! कहा फिल्म सेलिब्रिटी ने- पढ़ने के लिए क्लिक 

शांति से सोने दो श्रीदेवी को ! कहा फिल्म सेलिब्रिटी ने

श्रीदेवी के आकस्मिक देहांत के बाद, जिस प्रकार से भारतीय मीडिया, ख़ास तौर पर टीवी चैनल ने जिस प्रकार से उनकी मृत्यु को टीआरपी बढ़ाने का ज़रिया बना लिया है, उससे फिल्म सेलिब्रिटी काफी दुखी और गुस्से में हैं।  श्रीदेवी को हार्ट अटैक हुआ या वह बाथटब में डूबने से मरी, इस पर चरित्र हनन तक पहुंची रिपोर्टिंग शुरू हो गई है।  चैनल श्रीदेवी का शराबी होना साबित करने में जुटे हैं। कुछ चैनलों को लगता है कि यह मृत्यु हादसा नहीं कुछ और है। कहने का मतलब यह कि जितने चैनल उतनी खबरें और उससे ज़्यादा बहस। इन खबरों ने स्वर्गीय आत्मा के परिवार को तो व्यथित किया ही है, फिल्म सेलिब्रिटी भी हैरान है।  यह क्या हो रहा है।  जिस अभिनेत्री के ग्लैमर की चकाचौंध में मीडिया चमका करता था, अब वह उसके मृत शरीर के साथ खबर पका रहा है। ताज़ा खबर है कि शायद आज श्रीदेवी का पार्थिव शरीर आज उनके पति बोनी कपूर को सौंप दिया जायेगा।  इसके साथ फ़िल्मी हस्तियों ने सोशल मीडिया पर मीडिया घरानों से श्रीदेवी के प्रकरण को जटिल न बनाये।  इसके लिए इन हस्तियों ने अपने सोशल पेज पर हैश टैग #लेटहररेस्टइनपीस से अभियान चलाया है। इसमें श्रीदेवी के चित्र के साथ व्यक्तिगत अपील की लिखी जा रही है। वह व्यक्तिगत तौर पर मीडिया से इसकी गुज़ारिश कर रहे हैं। इस अभियान में अभी तक दक्षिण के राणा डग्गुबाती, तापसी पन्नू, हंसिका मोटवानी, अल्लू अर्जुन, अल्लू शिरीष, काजल अगरवाल और परिणीता सुभाष शामिल हो चुके हैं। अभी तक इस अभियान में बॉलीवुड की को बड़ी हस्ती शामिल नज़र नहीं आ रही है।  हालाँकि, श्रीदेवी ने दक्षिण की तमिल-तेलुगु फिल्मों से अपने करियर की शुरुआत की थी।  लेकिन, कोई चार दशक तक वह बॉलीवुड की फिल्मों की महारानी भी तो बनी रही थी।  किसी कलाकार की सीमा बांधना तो आज के दौर में बिलकुल ठीक नहीं।  श्रीदेवी को श्रद्धांजलि देने तो दक्षिण के तमाम बड़े सितारे मुंबई पहुंचे हैं।  ऐसे में बॉलीवुड को भी इस अभियान अभियान में आगे आना चाहिए। 


सोनी पर यह प्यार नहीं तो क्या है- पढ़ने के लिए क्लिक करें

सोनी पर यह प्यार नहीं तो क्या है !

सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और 'एक दूजे के वास्ते' के निर्माता, प्रसिद्ध लेखक और निर्माता, बिंदू मूविंग इमेजेस के दिलीप झाआधुनिक दिनों की एक ताजा और असाधारण प्रेम कहानी ये प्यार नहीं तो क्या है पेश करने जा रहे हैं। इस शो को रियल लाइफ रखने की भरपूर कोशिश की गई है।  दर्शकों को असली उच्च मध्यवर्ग की लाइफस्टाइल और संस्कृति दिखाने एवं उन्हें बेहतरीन व्यूइंग अनुभव प्रस्तुत करने के लिए आधुनिक दिल्ली की पृष्ठभूमि पर सेट किए गए हैं। इस शो के ज्यादातर हिस्सों की शूटिंग दिल्ली और नोएडा में और उसके आसपास के असली मेंशंस और प्रसिद्ध जगहों पर की गई है। एक दूजे के वास्ते में सिद्धांत सिन्हा की भूमिका में नमित खन्ना को चुना गया है। वह मॉडलिंग की दुनिया में वह एक जानापहचाना नाम हैं। उन्होंने सब्यसाची व अन्य जैसे प्रसिद्ध ब्रांड्स के साथ काम किया है। वेब सीरीज ट्विस्टेड में उनकी भूमिका को भी बहुत प्रशंसा मिली है। लंदन में जन्मे नामित एक फिल्म बैंग बैंग बैंकाक (२०१३) कर चुके हैं। पलक जैन का यह पहला शो है।  वह इस शो में नायिका अनुष्का रेड्डी की भूमिका निभाएंगी । इसकी स्टारकास्ट में उद्योग के मनीष चौधरी, अल्का अमीन, अनुराग अरोड़ा और अन्य कई प्रसिद्ध नाम शामिल हैं। यह प्यार नहीं तो क्या है कहानी एक उदीयमान वकील की, जो लगातार सफलता की खोज में है। भले ही वह सफल है, लेकिन सफलता की नई ऊंचाईयों पर पहुंचने का उसका जोश कभी खत्म नहीं होता है। यह कहानी दर्शकों को बांधे रखेगी, उनमें हलचल पैदा करेगी और उन्हें यह सोचने और सवाल करने पर मजबूर करेगी कि आधुनिक दुनिया के जोड़े के लिए सारी योजनाओ में प्यार का क्या महत्व है ! अगर आपका प्रिय आपके पक्ष में नहीं है, तो भौतिक उपलब्धियां और सफलता के कोई मायने नहीं है। यह शो सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर जल्द आ रहा है ।



एफिसिएंट इंश्योरेंस ब्रोकर्स एप की लॉन्चिंग पर जेनिफर विंगेट

इंश्योरेंस कारोबार से जुड़ी कंपनी इंश्योर एफीसेंट जल्द अपनी एप लॉन्च करने जा रही है। इस ऍप के जरिए बेहद आसानी से इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी जा सकती है। आपको बता दें कि इस कंपनी ने जुलाई २०१७ से कारोबार शुरू किया है। इस समय कंपनी के कारोबार का विस्तार ७ राज्यों के ९ शहरों में हो चुका है। कंपनी अगले १२ महीने में ९ और जगहों पर अपने ऑफिस खोलने जा रही है। इसके अलावा कंपनी विदेशों में भी विस्तार करेगी। कंपनी की योजना सिंगापुर और लंदन में नए ऑफिस खोलने की है। पिछले दिनों, टीवी एक्ट्रेस जेनिफर विनगेट ने कंपनी की नई एप को मुंबई में लॉन्च लांच किया । कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कोई भी अब बेहद आसानी से इंश्योरेंस प्लान खरीद सकता है। इसके अलावा कंपनी ऑफलाइन सपोर्ट भी मुहैया कराएगी।  कंपनी का कहना है कि उनकी समर्पित टीम ग्राहकों की सभी समस्याओं का समधान करने में सक्षम है। कंपनी के निदेशक राकेश राठी ने बताया, "बीमा को हर जगह प्रक्रिया में आखिरी चीज के रूप में देखा जा रहा है। मैं लंबे समय से पहले महसूस करता रहा हूँ कि हमें अपने ग्राहकों के लिए सलाहकार होना।"



अक्षय कुमार अपनी इमेज बदलना चाहते हैं या....!

टॉयलेट एक  प्रेम कथा और पैडमैन के बाद अक्षय कुमार किसी दूसरे जॉनर की फिल्म करना चाहते हैं।  अभी तक बायोपिक फिल्मों से शोहरत और दौलत बटोर रहे अक्षय कुमार स्टीरियोटाइप होने से बचना चाहते हैं।  कभी एक्शन कुमार से मशहूर अक्षय कुमार ने अपनी इमेज बदलने के लिए एक्शन कॉमेडी फिल्मों  का सहारा  लिया था।  वह कहते हैं, "मैं बदलाव करते रहना चाहता हूँ।  मैं नहीं चाहता कि कोई मुझे किसी ख़ास इमेज में बंद करे।" क्या अक्षय कुमार सचमुच किसी इमेज से बांधना नहीं चाहते ? देखा जाये तो मुख्य धारा की फिल्मों के स्टार्स की तरह अक्षय कुमार भी इमेज में बंधे एक्टर हैं।  जब उन्होने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत  की, तब उस हुनर का इस्तेमाल किया, जिसमे वह माहिर थे।  यानि उन्होने ऐसी फ़िल्में की, जिसमे उनकी मार्शल आर्ट्स के ब्लैक बेल्ट का इस्तेमाल हो सके।  उन्होंने जम कर उछल उछल कर किक मारी।  उनकी इस कला को काफी पसंद किया गया।  वह एक्शन  कुमार के तौर पर मशहूर हो गए।  फिर  अक्षय कुमार ने  एक्शन कॉमेडी फिल्मों का सहारा लिया।  २००७ से वह इसमें भी सफल हुए।  यह सिलसिला २०१३ तक चलता रहा।  इस बीच अक्षय कुमार की बॉम्बे की मशहूर झावेरी बाजार डकैती पर फिल्म स्पेशल २६ आई।  इस फिल्म को बड़ी सफलता मिली।  इसके बाद, अक्षय कुमार वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई दोबारा, हॉलिडे अ सोल्जर इज नेवर ऑफ ड्यूटी, बेबी और गब्बर इज बैक जैसी फ़िल्में करते दिखे, जो काफी हद तक आज के भारत की समस्या पर फ़िल्में थी।  तभी रिलीज़ हुई एयरलिफ्ट।  यह फिल्म सद्दाम हुसैन के कुवैत में फंसे भारतीयों को बाहर निकालने के एक रियल किरदार पर फिल्म थी।  इस फिल्म को  बड़ी सफलता मिली।  अक्षय कुमार को जैसे रियल लाइफ फिल्मों का फार्मूला मिल गया।  अक्षय कुमार रुस्तम, जॉली एलएलबी २टॉयलेट एक प्रेम कथा और पैडमैन जैसी फिल्मों में रियल हीरो या रियल घटनाओं पर फ़िल्में करते चले गए।  पैडमैन से पहले तक उनकी तमाम फिल्मों को सफलता भी मिल रही थी।  इसीलिए, वह बैटल ऑफ़ सारागढ़ी पर केसर, हॉकी के पहले गोल्ड मैडल की घटना पर गोल्ड और टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार के जीवन पर मुग़ल जैसी रियल लाइफ फ़िल्में कर रहे थे। उन्होंने हिंदुस्तान में दुग्ध क्रांति या वाइट रेवोलुशन लाने वाले वर्घीज़ कुरियन पर भी फिल्म पर भी अपनी सहमति की मोहर लगा दी थी।  लेकिन, पैडमैन की असफलता ने अक्षय कुमार को झटका दिया।  यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर दर्शक नहीं बटोर सकी।  अक्षय कुमार को शायद  समझ में आ गया कि वह रियल लाइफ किरदारों को परदे पर करते समय रियल लाइफ अक्षय कुमार ही लग रहे थे।  उनमे किरदार के अनुरूप अभिनय कर सकने और खुद को बदल पाने की काबिलियत नहीं थी।  इसे भांप कर अक्षय कुमार ने अपना जॉनर बदलने का फैसला सूना दिया।  यानि अब वह रियल लाइफ किरदार नहीं करेंगे।  कुरियन को उन्होने मना कर दिया है।  मुग़ल  फिलहाल सन्नाटे में है।  गोल्ड में उनका किरदार रियल घटना पर काल्पनिक किरदार है।  गोल्ड के बाद उनकी विज्ञान फंतासी फिल्म २.० रिलीज़ होगी।  इस फिल्म में उनका खल किरदार है।  इस फिल्म की रिलीज़ के बाद उन्हें दूसरे जॉनर की फिल्मों को अपनाने में कोई परेशानी नहीं होगी।  मतलब यह कि अक्षय कुमार अपना जॉनर इसीलिए  बदल रहे हैं कि रियल लाइफ जॉनर अब दर्शक नहीं घसीट पा रहे।  



अपूर्व लाखिया की एक और रियल लाइफ फिल्म

अपूर्व लाखिया के एक और रियल लाइफ पर फिल्म बनाने की खबर है। अपूर्व लाखिया की पिछले साल रिलीज़ दाऊद इब्राहीम की बहन हसीना पार्कर पर फिल्म हसीना पार्करको सफलता नहीं मिली थी। इस असफलता से अपूर्व निराश नहीं लगते। वह फिर एक नायिका प्रधान फिल्म बनाने की दिशा में बढ़ रहे हैं। वह चेन्नई की रहने वाली एक नौ साल की बच्ची नज़ीमा पर फिल्म बनाने जा रहे हैं, जिसे १९८४ में बेच दिया गया था। नज़ीमा से घरेलु काम कराया जाता  थाउसे मारापीटा जाता था। एक दिन, वह वहां से भाग निकलती है। उसे मैसूर मे रहने वाला ब्राह्मण जोड़ा पालता-पोसता और शिक्षा दिलवाता है। फिर उसकी शादी उसी के कौम के लडके सैयद से करा दी जाती है। उसका पति उसके साथ नौकरी करने सऊदी अरब चला जाता है। परन्तु, नज़ीमा को अपने जन्मदाता माता-पिता की याद आती रहती है। उसका पति उसे माता पिता से मिलाने के लिए एक चेन्नई के एक डिटेक्टिव आर वरदराजा से मदद लेता है। अंततः चेन्नई पुलिस के ज़रिये नजीमा अपने माँ पिता से मिल पाती है। इस कहानी ने अपूर्व को बहुत प्रभावित किया। उन्होंने तत्काल ही इस कहानी पर फिल्म बनाने के अधिकार प्राप्त कर लिए। अपूर्व फिलहाल इस फिल्म की स्क्रिप्ट लिख रहे हैं। जैसे ही स्क्रिप्ट पूरी होगी, फिल्म की कास्ट पर विचार किया जायेगा। उसके बाद ही फिल्म फ्लोर पर जा सकेगी। अपूर्व लाखिया ने अब तक मुंबई से आया मेरा दोस्त, एक अजनबी, शूटआउट एट लोखंडवाला, दस कहानिया, मिशन इस्ताम्बुल, ज़ंजीर और हसीना पार्कर का निर्देशन किया है। नज़ीमा की कहानी, उनकी पहले की फिल्मों की कहानियों से बिलकुल अलग है। क्या एक्शन से भरपूर गैंगस्टर फिल्मों के शाहकार अपूर्व लाखिया नज़ीमा पर फिल्म के साथ न्याय कर पाएंगे ?