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Thursday, 9 April 2026

कपूर खानदान के दूसरे राम हैं #Ramayan के #RanbirKapoor

 


हनुमान जयंती के अवसर पर रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ का टीजर रिलीज हुआ था। इस फिल्म में मर्यादापुरुषोत्तम राम की भूमिका में उनकी पहली झलक दर्शकों को पसंद आई है। दर्शकों को लगता है कि रणबीर कपूर बड़े परदे पर राम को सजीव और स्वाभाविक कर पाएंगे और फिल्म रामायण एक बड़ी हिट फिल्म बनेगी।





यहाँ एक दिलचस्प तथ्य । परदे पर राम की भूमिका कर रहे रणबीर कपूर, कपूर खानदान में अकेले और पहले अभिनेता नहीं है, जिन्होंने भगवान राम का चरित्र बड़े पर्दे पर निभाया है। आज से लगभग ९३ साल पहले कपूर खानदान के एक दिग्गज अभिनेता ने भी श्रीराम की भूमिका बड़े पर्दे पर निभाई थी। साथ ही उनकी फिल्म ने एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज किया था।





 

यह फिल्म थी १९३३ में प्रदर्शित फिल्म सीता में, रणबीर कपूर के पितामह पृथ्वीराज कपूर ने राम की भूमिका की थी । यह पृथ्वीराज की, सवाक युग की  एक और बड़ी हिट फिल्म थी । पहली सवाक फिल्म आलमआरा पृथ्वीराज की पहली हिट फिल्म थी । सीता की सफलता ने पृथ्वीराज के फिल्म जीवन को सशक्त बना दिया । पृथ्वीराज ने इस चरित्र को कुछ इतना सहज बनाया था कि फिल्म सीता दर्शकों द्वारा पसंद की ही गई, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी बड़ा व्यवसाय कर पाने में सफल भी रही।





सीता, बांगला में बनाई गई थी, जो बाद में हिंदी में भी प्रदर्शित हुई । यह फिल्म रामायण के उत्तरकाण्ड पर आधारित थी । इस फिल्म के निर्देशक देबकी बोस थे। यह फिल्म वेनिस फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जाने वाली पहली  भारतीय फिल्म थी । इस फेस्टिवल में फिल्म के निर्देशक देबकी बोस को डिप्लोमा अवार्ड दिया गया था ।





फिल्म में सीता की भूमिका युवा दुर्गा खोटे ने निबाही थी । यह उनकी मराठी के अतिरिक्त किसी भाषा की पहली फिल्म थी । दुर्गा खोटे बाद में, फिल्म मुगले आजम में, पृथ्वीराज कपूर के अकबर की जोधा बाई भी बनी थी । यहाँ एक दिलचस्प तथ्य और । दुर्गा खोटे, रणबीर कपूर के पितामह पृथ्वीराज कपूर की सीता और जोधा बाई बनी थी थी, वह रणबीर कपूर के पिता ऋषि कपूर की नायक के रूप में पहली फिल्म बॉबी में उनकी आया मिसेज ब्रगेंजा की भूमिका कर रही थी । वह ऋषि कपूर की फिल्म कर्ज में भी थी ।

Wednesday, 4 June 2025

#ShahRukhKhan से लेकर #RandeepHooda तक बॉलीवुड के एंटी-हीरो !

 



 

बॉलीवुड में हीरो को हमेशा से प्यार मिला है, लेकिन असली शो चुराने वाले तो वो ऐंटी-हीरो होते हैं — जो गलत भी हैं, खतरनाक भी, लेकिन फिर भी बेहद दिलचस्प। ये किरदार अक्सर जुनून, दर्द या ताकत की भूख से प्रेरित होते हैं और नैतिकता की सीमाओं को पार करते हैं। ऐसे ही कुछ यादगार ऐंटी-हीरो किरदार निभाने वाले अभिनेताओं पर नज़र डालते हैं:

 







शाहरुख़ ख़ान - 'किंग ऑफ रोमांस' बनने से पहले शाहरुख़ ने डर (1993) में राहुल का किरदार निभाकर सबको चौंका दिया था — एक जुनूनी और डरावना प्रेमी जिसकी "क-क-क-किरण" आज भी याद की जाती है। बाद में डॉन 2 (2011) में उन्होंने एक स्टाइलिश और चालाक अपराधी का रोल किया, जिससे नई पीढ़ी के लिए ऐंटी-हीरो को फिर से परिभाषित किया।

 







रणदीप हुड्डा - जाट में रणदीप ने एक खतरनाक ऐंटी-हीरो का रोल निभाया। उनका किरदार जितना डरावना था, उतना ही आकर्षक भी। अपनी भूमिकाओं में गहराई और सच्चाई लाने के लिए रणदीप ने इस ग्रे किरदार को भी बड़ी बारीकी से निभाया।



 






रणबीर कपूरऐनिमल (2023) में रणबीर का किरदार रणविजय एक हिंसक और भावनात्मक रूप से टूटा हुआ इंसान था। प्रेम और विनाश के बीच फंसे इस किरदार को रणबीर ने इतनी खूबसूरती से निभाया कि दर्शक उसे एक साथ चाहने और डरने लगे।

 








सैफ अली खान - देवारा पार्ट 1, में सैफ अली खान ने जूनियर एनटीआर के सामने एक रहस्यमय और खतरनाक विलेन का किरदार निभाया। ओमकारा और लाल कप्तान जैसी फिल्मों में ग्रे किरदारों से सैफ पहले भी ये साबित कर चुके हैं कि वो ग्रे किरदारों को बड़ी गहराई से समझते हैं।









शाहिद कपूर - कमीने (2009) में शाहिद कपूर ने गड्डू और चार्ली के दोहरे किरदार निभाए — एक हकलाता है, दूसरा तुतलाता है — दोनों ही सिस्टम से जूझते हुए, नैतिकता की सीमा पर जीते हैं। ये किरदार नायक नहीं थे, लेकिन दर्शकों की हमदर्दी जरूर जीत गए।

 








विक्की कौशल - रमन राघव 2.0 (2016) में विक्की कौशल ने एक भ्रष्ट, ड्रग्स लेने वाले पुलिसवाले का किरदार निभाया था। कानून के रखवाले का ही अंधेरे में गिर जाना, उन्हें एक बेहद दिलचस्प ऐंटी-हीरो बना देता है।

 







रणवीर सिंह - पद्मावत (2018) में रणवीर सिंह ने अलाउद्दीन खिलजी की भूमिका में एक उन्मादी, महत्वाकांक्षी और क्रूर शासक को इतने प्रभावशाली ढंग से निभाया कि उनका किरदार फिल्म पर हावी हो गया। रणवीर ने साबित किया कि खलनायक भी दर्शकों का हीरो बन सकता है।