Sunday, 17 March 2019

कौन बनेगी तीजन बाई : रानी, प्रियंका या विद्या !


बीस साल की छोटी उम्र में वो अपनी कुर्सी पर अक्सर खड़े हो जाया करते थे ताक़ि उन्हें उनकी परफॉर्मेंस की एक झलक दिख जाए. वो नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी थे जो तीजन बाई की गायिकी के दिवाने थे. आज नवाज़ इस बात को लेकर काफ़ी उत्साहित हैं कि उनकी पत्नी आलिया सिद्दीकी और मंजू गढ़वाल वाय. एस. एंटरटेनमेंट के बैनर तले मशहूर लोक गायिका तीजन बाई की ज़िंदगी पर एक फ़िल्म बनाने का आइडिया लेकर आए हैं. और वो भी ऐसे समय में जब तीजन बाई को कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाज़ा गया है जिसमें से एक है 2018 में उन्हें दिया गया द फ़ुकुओका प्राइज़. इसके अलावा उन्हें इस साल‌ पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया है.

छत्तीसगढ़ के गनियारी गांव में 1956 में जन्मी तीजन बाई के पिता का नाम चुनुक लाल पारधी और मां का नाम सुखवती था. छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति पारधी समाज से ताल्लुक रखनेवाली तीजन बाई को 1988 में पद्मश्री, 1995 में श्री संगीत कला अकादमी पुरस्कार, 2003 में डॉक्टरेट की डिग्री, 2003 में पद्म भूषण, 2016 में एम. एस. सुब्बालक्ष्मी शताब्दी पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है.

तीजन बाई की शादी 12 साल की बेहद नाज़ुक उम्र में कर दी गई थी. उन्हें अपने पारधी समाज से निष्काषित भी कर दिया गया था. और उनका कसूर बस इतना था कि वो एक महिला होकर पंडवानी नामक गायिकी की विधा में बेहद रुचि रखती थीं. इस तरह से बचपन से ही उनका संघर्ष शुरू हो गया था. उन्होंने ख़ुद ही एक झोपड़ी बनाकर स्वतंत्र रूप से वहां रहना शुरू कर दिया था. आलिया सिद्दीकी कहती हैं, "उन्होंने कभी भी गायिकी का दामन नहीं छोड़ा और इसी गायिकी के चलते उन्हें ख़ासी लोकप्रियता मिली. तीजन बाई की ज़िंदगी के कई पहलू हैं जिसके बारे में लिखा जा सकता है. मुझे शिद्दत से लगा कि उनकी ज़िंदगी पर एक फ़िल्म बनाई जानी चाहिए."

तीजन बाई को लोक गायन की मशहूर कला पंडवानी की गायिकी में महारत हासिल है. पंडवानी छत्तीसगढ़ में सुनाई जानेवाली महाभारत से जुड़े किस्सों से संबंधित गायिकी की विधा है. तीजन बाई की इसी कला ने आलिया सिद्दीकी को बेहद प्रभावित किया. ऐसे में उन्हें लगा कि उनपर आधारित एक बायोपिक उनकी ज़िंदगी के साथ न्याय कर पाएगी. ऐसे में उनपर बन रही फ़िल्म की स्क्रिप्ट लिखने का ज़िम्मा भी आलिया ने ख़ुद ही उठाया. मगर वो चाहती हैं कि फ़िल्म के लिए तमाम गाने एक ऐसा कद्दवार शख़्स लिखे जिसे कलम का जादूगर माना जाता है. आलिया कहती हैं, "मेरी दिली ख़्वाहिश है कि गुलज़ार साहब तीजन बाई पर बन रही फ़िल्म के गाने लिखकर उनकी ज़िंदगी को अपने लिखे शब्दों से हमेशा के लिए अमर कर दें."

जब आलिया सिद्धिकी से पूछा गया की तीजन बाई का किरदार कौन निभाएगा ? आलिया सिद्धिकी कहती है ‘’हम चाहते है रानी मुखर्जी, विद्या बालन या प्रियंका चोपड़ा इनमे से एक हो.


इस फ़िल्म के निर्माण के लिए आलिया सिद्दीकी और मंजू गढ़वाल की मदद कर रहे नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी कहते हैं, "तीजन बाई अपने आप में एक किवदंती हैं. मुझे आलिया पर‌ पूरा यकीन है कि वो इस फ़िल्म को महज़ फ़िल्म फ़ेस्टिवल के लिए नहीं, बल्कि आज के आम‌ दर्शकों को ध्यान में रखकर इसे बेहद प्रासंगिकता के साथ बनाएंगी."

मंजू गढ़वाल कहती हैं, "आज भी वो अपनी जादुई और प्रभावशाली आवाज़ से दुनिया भर के श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर रही हैं. वो अपनी गायिकी को आज की पीढ़ी तक पहुंचा रही हैं."




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रॉ एजेंट रविन्द्र कौशिक पर राजकुमार गुप्ता की फिल्म


आमिर, नो वन किल्ड जेसिका और रेड जैसी फिल्मों के निर्देशक राजकुमार गुप्ता (Raj Kumar Gupta), फिल्म रेड पूरी हो जाने के बाद दो स्क्रिप्ट पर काम कर रहे थे।  एक फिल्म की स्क्रिप्ट डिटेक्टिव क्राइम थ्रिलर थी।  इस कहानी पर, राजकुमार गुप्ता ने अभिनेता अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor) के साथ फिल्म इंडियाज मोस्ट वांटेड पूरी कर ली है।  यह फिल्म २४ मई को रिलीज़ होने जा रही है।

अब वह, अपनी दूसरी स्क्रिप्ट पर काम कर रहे हैं।  यह स्क्रिप्ट भारत के लिए काम करने वाले अंडरकवर एजेंट रविंद्र कौशिक (Ravindra Kaushik) की है।  वह रॉ एजेंट बनने से पहले ही देश के लिए सूचनाएं इकठ्ठा कर भेजा करते थे।  तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गाँधी (Indira Gandhi) ने, उनकी इस जांबाज़ी के लिए ब्लैक टाइगर का खिताब दिया था।

रविंद्र कौशिक की कहानी बड़ी थ्रिलिंग और रोचक है।  उन्हें किस प्रकार से एजेंसी में शामिल किया गया।  उन्हें भेजने के लीये क्या क्या तैयारियां की, उन्होंने किस प्रकार की सूचनाएं एजेंसी को भेजी। वह पकड़े गए।  उन्हें यातनाएं मिली।  मृत्युदंड मिला और अंत मे जेल में १३ साल तक रहने के बाद टीबी की बीमारी से उनका निधन हो गया।


यह खुलासा दिलचस्प होगा कि उस समय की सरकार ने उनकी कोई भी मदद नहीं नही की। फिल्म मे इन सब चीजों का खुलासा आम दर्शक के लिए ज़बरदस्त जानकारी और प्रशंसा का कारण बनेगा। कहा जाता है कि सलमान खान (Salman Khan) की फिल्म एक था टाइगर की कहानी रविंद्र कौशिक की कहानी से प्रेरित थी।

रविंद्र कौशिक पर फिल्म की स्क्रिप्ट खुद राजकुमार गुप्ता लिख रहे हैं।  उन्हें इस फिल्म को बनाने के अधिआर, रविंद्र कौशिक के परिवार से मिल गए हैं। अभी इस फिल्म की स्टारकास्ट की जानकारी नहीं है।  लेकिन, जल्द ही इसका खुलासा भी हो जाएगा।  


राष्ट्रीय सहारा १७ मार्च २०१९  - क्लिक करें 

राष्ट्रीय सहारा १७ मार्च २०१९






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क्यों रिलीज़ होती हैं शुक्रवार को फ़िल्में ?


इस साल रिलीज़ होने वाली फिल्मों की तारीखों और उस तारीख़ में पड़ने वाले दिनों की पड़ताल कीजिये ! ज़्यादातर तारीख़ को शुक्रवार यानि फ्राइडे नज़र आता है।  मतलब यह कि छोटे, मंझोले और बड़े बजट की नई फिल्म शुक्रवार को रिलीज़ हो रही है। कभी शुक्रवार को या वीकेंड पर फिल्म देखने का कार्यक्रम बनाते समय आपने कभी सोचा कि हिंदी फ़िल्में शुक्रवार को ही क्यों रिलीज़ होती हैं ? किसी दूसरे दिन में क्यों नहीं रिलीज़ होती फ़िल्में ? 

हॉलीवुड का ट्रेंड ! 
हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का नामकरण हॉलीवुड से प्रेरित होकर बॉलीवुड किया गया है। साफ़ तौर पर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री, दुनिया के बॉक्स ऑफिस पर राज करने वाले हॉलीवुड से प्रभावित नज़र आती हैं। क्या हमारे देश में हिंदी फ़िल्में शुक्रवार को इसीलिए रिलीज़ होती है कि हॉलीवुड की फ़िल्में शुक्रवार को रिलीज़ होती है। क्योंकि, बाद के दो दिन यानि शनिवार और रविवार छुट्टियों के होते हैं।  फिल्म को देखने का प्रोग्राम बनाया जा सकता है। हॉलीवुड की फिल्म गॉन विथ द विंड पहली बार शुक्रवार  १५ दिसंबर को रिलीज़ हुई थी।  क्या इस कारण से हिंदी फिल्मे भी शुक्रवार को रिलीज़ होती हैं ? लेकिन, पचास के दशक एक उत्तरार्ध तक हिंदी फ़िल्में शुक्रवार को रिलीज़ नहीं हुआ करती थी।  नील कमल प्रमाण है कि यह फिल्म सोमवार २४ मार्च १९४७ को रिलीज़ हुई थी।  अलबत्ता, बॉलीवुड में फिल्मों के शुक्रवार को रिलीज़ होने का सिलसिला मुग़ल ए आज़म से शुरू हुआ।  यह फिल्म ५ अगस्त १९६० को रिलीज़ हुई थी।  इस दिन शुक्रवार था।

कुछ घरेलु कारण
हिंदी फिल्मों के शुक्रवार को रिलीज़ होने के घरेलु कारण ज़्यादा मज़बूत हैं।  यह देश की आर्थिक व्यवस्था पर आधारित हैं और धार्मिक आस्था की क़द्र करने वाले हैं। इस लिहाज़ से यह कारण ज़्यादा पुख्ता लगते हैं। 

शुक्रवार के बाद दो दिन छुट्टियों के 
आम तौर पर, शुक्रवार के बाद के दो दिन यानि शनिवार और रविवार छुट्टियों के होते हैं।  किसी फिल्म के शुक्रवार को रिलीज़ होने की दशा में, इसे शनिवार और रविवार को ज़्यादा दर्शक मिल सकते हैं।  दर्शकों को भी छुट्टियों में नई फ़िल्में देखने का मौक़ा मिल सकता था। 

मिलों में साप्ताहिक वेतन का दिन 
एक दूसरा कारण आर्थिक है।  मुंबई में कपड़ा मिलों तथा दूसरी मिलों की बहुतायत थी।  इन मिलों में मज़दूरों को साप्ताहिक वेतन दिया जाता था।  इसके बाद दो दिन छुट्टियों के होते थे।  चूंकि, बॉम्बे हिंदी फिल्मों का गढ़ है, इसलिए भी शुक्रवार को फिल्मे रिलीज़ होने का सिलसिला शुरू हो गया। 

धार्मिक कारण 
शुक्रवार को भाग्य लक्ष्मी का दिन माना जाता है। बॉलीवुड चाहे कितने ही धर्म मानने वालों का जमावड़ा क्यों न हो, लक्ष्मी को हर कोई मानता है।  पूजा पाठ करता और मनौतियां मानता है। फिल्मों के ज़्यादातर महूरत शुक्रवार को किये जाते हैं।  ऐसा माना जाता था कि शुक्रवार को लक्ष्मी की कृपा बरसती है।  यह पवित्र दिन माना गया है।  एक धार्मिक कारण मुस्लिम समुदाय से जुड़ा है।  मिलों में काम करने वाले अधिसंख्य मुस्लिम कर्मचारी शुक्रवार को नमाज़ के लिए आधी छुट्टी पर रहते थे।  नमाज़ पढ़ने के बाद और खीसे में पगार होने के कारण, स्वाभाविक था जनता का सिनेमाघरों की ओर रुख करना और अपने चहेते एक्टर की नई फिल्म देखना। 

पीवीआर ने भी बदला ट्रेंड 
क्या कभी आपने सोचा कि फिल्मे शुक्रवार को ही क्यों रिलीज़ होती है ? किसी दूसरे दिन क्यों नहीं ? ट्रेड से जुड़े लोग खुलासा करते हैं कि इसका कारण पीवीआर की टिकट दरें हैं।  आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि पीवीआर सिनेमाज में शुक्रवार को कम भाड़े में फिल्मे रिलीज़ की जाती हैं।यदि कोई नई फिल्म शुक्रवार के अलावा किसी दूसरे दिन रिलीज़ हो तो भाड़ा ज़्यादा काउंट किया जाता है।  इस लिहाज़ से, पहले दिन भारी कलेक्शन करने के ख्याल से भी शुक्रवार मुफीद बैठता है।


बढ़िया वीकेंड कलेक्शन 
इससे साफ़ होता है कि नई फिल्म की रिलीज़ के लिहाज़ से, शुक्रवार की स्थापित परंपरा पुख्ता है।  क्योंकि, वीकेंड के दो दिन छुट्टियों के होने के कारण दर्शकों की संख्या में वृद्धि करते हैं।  नई फिल्मों के वीकेंड के कलेक्शन बार बार इसकी पुष्टि करते भी हैं। फिल्मे चाहे हिंदी हो या तमिल, तेलुगु या कन्नड़ या फिर हॉलीवुड फ़िल्में, शुक्रवार को ही रिलीज़ होती है।  माउथ पब्लिसिटी इन फिल्मों का वीकेंड का कारोबार बढ़िया कर देते हैं। अगर फ़िल्में शुक्रवार के अलावा किसी दूसरे दिन रिलीज़ हो तो दर्शक बहुत कम मिलेंगे।  कितने ऐसे दर्शक होंगे जो ऑफिस या स्कूल कॉलेज छोड़ कर नई फिल्म देखने जाए।  उस पर माउथ पब्लिसिटी सकारात्मक प्रभाव डालती हैं तो नकारात्मक प्रभाव भी उतनी ही शिद्दत से डाल सकती है।  इसलिए वीकेंड का महत्व कुछ ज़्यादा हो चला है। इसके बावजूद वीकेंड के अलावा यानि शुक्रवार के अलावा दिनों में भी फ़िल्में रिलीज़ होती हैं। 

आमिर की ईज़ाद - एक्सटेंडेड वीकेंड ?
शुक्रवार के अलावा दूसरे किसी दिन फिल्म की रिलीज़ होने पर इसे एक्सटेनडेड वीकेंड कहा जाता है। आमिर खान की फिल्म गजिनी २५ दिसंबर २००८ को रिलीज़ हुई थी। इस दिन, पारम्परिक शुक्रवार नहीं गुरुवार (थर्सडे) था।  लेकिन, २५ दिसंबर को क्रिसमस हॉलिडे भी था। आमिर खान ने सोचा कि फिल्म थर्सडे रिलीज़ होगी तो उसे क्रिसमस हॉलिडे का फ़ायदा मिलेगा ही, वीकेंड का भी फायदा हो जाएगा। ऐसा हुआ भी। गजिनी, बॉलीवुड की १०० करोड़ क्लब बनाने वाली पहली फिल्म साबित हुई।क्या एक्सटेंडेड वीकेंड का फंडा आमिर खान की ईज़ाद है ? ऐसा कहना गलत होगा।  अलबत्ता, आमिर खान ने एक्सटेनडेड वीकेंड को १०० करोड़ की आसान दौड़ लगाने वाला ज़रूर बना दिया।  हालाँकि, २००८ में ही, संजय दत्त के साथ आमिर के भांजे इमरान खान की फिल्म किडनैप गुरुवॉर २ अक्टूबर गाँधी जयंती के दिन रिलीज़ हुई थी।  लेकिन, फिल्म बुरी तरह से असफल हुई। 

एक्सटेंडेड वीकेंड की बदौलत हिट 
आमिर खान की फिल्म रंग दे बसंती २६ जनवरी २००६ (गुरुवार) को रिलीज़ हुई थी। सलमान खान की फिल्म बॉडीगार्ड ३१ अगस्त २०११ (बुद्धवार) को रिलीज़ हुई थी। उस दिन ईद उल फ़ित्र भी थी।सलमान खान की ही फिल्म एक था टाइगर १५ अगस्त २०१२ (बुद्धवार) को स्वतंत्र दिवस के दिन  रिलीज़ हुई थी। इसके बाद ईद पड़ रही थी। नतीजे के तौर पर एक था टाइगर ने धुआँधार  कारोबार किया।  इसी प्रकार से, शाहरुख़ खान और दीपिका पादुकोण की एक्शन कॉमेडी फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस ८ अगस्त गुरुवार को, रणबीर कपूर की फिल्म बेशर्म २ अक्टूबर २०१३ बुद्धवार को रिलीज़ हुई थी। बेशर्म को असफलता हाथ लगी। सलमान खान की फिल्म सुल्तान, ईद वीकेंड का फायदा उठाने के लिए दो दिन पहले यानि बुद्धवार ६ जुलाई २०१६ को रिलीज़ हुई। पिछले साल ही, सत्यमेव जयते और गोल्ड १५ अगस्त २०१८ (बुद्धवार) को रिलीज़ हुई थी। इससे पहले, पद्मावत भी २५ जनवरी २०१८ गुरुवार को रिलीज़ हुई। आमिर खान और अमिताभ बच्चन की फिल्म ठग्स ऑफ़ हिंदुस्तान ८ नवंबर गुरुवार को, बधाई हो १८ अक्टूबर २०१८ गुरुवार को रिलीज़ हुई थी। रजनीकांत, अक्षय कुमार और एमी जैक्सन की शंकर निर्देशित विज्ञान फंतासी फिल्म २.० गुरुवार २९ नवंबर २०१८ को रिलीज़ हुई थी। इससे पहले, २०१७ में गुरुवार १९ अक्टूबर २०१७ को दो फ़िल्में सीक्रेट सुपरस्टार और गोलमाल अगेन रिलीज़ हुई थी। आमिर खान की कुश्ती पर फिल्म दंगल २१ दिसंबर २०१६ को रिलीज़ हुई।  इस दिन बुद्धवार था। प्रेम रतन धन पायो भी गुरुवार १२ नवंबर २०१५ को रिलीज़ हुई थी। अगर हिंदुस्तान की टॉप ग्रॉसर १० फिल्मों पर एक नज़र डालें तो इस लिस्ट में शुक्रवार के अलावा रिलीज़ हुई दंगल, सीक्रेट सुपरस्टार, सुल्तान और पद्मावत के नाम दर्ज नज़र आते हैं । यह सभी फ़िल्में अपने अपने साल की टॉप १० ग्रॉसर फ़िल्में हैं।  

इसलिए रिलीज़ हुई बुद्धवार को रईस और काबिल 
परंपरा है कि हर नई हिंदी फिल्म शुक्रवार को रिलीज़ हो। लेकिन, इसके अपवाद भी हैं कि हॉलिडे वीकेंड का फायदा उठाने के लिए वीकेंड को एक्सटेंडेड कर लिया गया। लेकिन, इसका एक अपवाद दो फ़िल्में हैं। शाहरुख़ खान और माहिरा खान की फिल्म रईस और हृथिक रोशन और यामी गौतम की फिल्म काबिल २५ जनवरी  २०१७ को बुधवार रिलीज़ हुई। यह दोनों फ़िल्में २५ जून २०१७ को क्यों रिलीज़ हुई, जबकि गणतंत्र दिवस गुरुवार को पड़ रहा था। दरअसल, राकेश रोशन ने काबिल की रिलीज़ २६ जनवरी २०१७ तय की थी। ऐसा लगता था कि कोई टकराव नहीं होगा।  लेकिन, शाहरुख़ खान उसी दिन, अपनी फिल्म रईस ले कर आ गए। इसे देख कर राकेश रोशन ने काबिल को २६ जनवरी के बजाय एक दिन पहले रिलीज़ करने का ऐलान कर दिया। ताकि शाहरुख़ खान की फिल्म से पहले दिन ही टकराव न हो। लेकिन, शाहरुख़ खान ने यह देख कर कि काबिल की ओपनिंग बढ़िया हो सकती है, रईस को भी बुद्धवार २५ जनवरी को रिलीज़ करने का फैसला कर लिया।  इस प्रकार से रईस और काबिल हॉलिडे वीकेंड से एक दिन पहले ही  रिलीज़ हो गई। 

शुक्रवार को रिलीज़ नहीं हुई थी हॉलीवुड की मिलियन डॉलर फ़िल्में 
ट्रांसफॉर्मर्स रिवेंज ऑफ़ द फालेन ने १०८.९६ मिलियन डॉलर की ओपनिंग लेते हुए ४०२.११ मिलियन डॉलर का लाइफटाइम बनाया था।  इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड ८३६.३ मिलियन डॉलर का कारोबार किया।  यह फिल्म २४ जून २००९ को रिलीज़ हुई थी।  उस दिन बुधवार था। स्टारवार्स एपिसोड ३ रिवेंज ऑफ़ सीथ १०८.४३ मिलियन की ओपनिंग लेते हुए ३८०.२७ मिलियन डॉलर का कारोबार किया।  इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड ८४८.७५ मिलियन डॉलर का  कारोबार किया।  यह फिल्म गुरुवार १९ मई २००५ को रिलीज़ हुई थी। श्रेक २ को १०८ मिलियन डॉलर की ओपनिंग मिली थी।  फिल्म ने लाइफटाइम ४४१.२२ मिलियन डॉलर का करबोआर किया।  फिल्म ने वर्ल्डवाइड ९१९.८३ मिलियन डॉलर का कारोबार किया।  यह फिल्म बुद्धवार १९ मई २००४  को रिलीज़ हुई थी। इंडिआना जोंस एंड किंगडम ऑफ़ द क्रिस्टल स्कल ने १०० मिलियन डॉलर की ओपनिंग लेते हुए ३१७.११ मिलियन डॉलर का लाइफटाइम कारोबार किया।  फिल्म ने वर्ल्डवाइड ७८६.६ मिलियन डॉलर का कारोबार किया।  यह फिल्म २२ मई २००८ को रिलीज़ हुई थी।  इस दिन गुरुवार था। ट्रांसफार्मर्स डार्क ऑफ़ द मून २९ जून २०११ को रिलीज़ हुई थी। इस दिन बुद्धवार था।  फिल्म ने ९७.८ मिलियन डॉलर की ओपनिंग ली थी। फिल्म ने लाइफटाइम ३५२.३ मिलियन का कारोबार किया।  फिल्म ने वर्ल्डवाइड ११२३.७ मिलियन डॉलर का कारोबार किया।

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बॉलीवुड न्यूज़ १७ मार्च २०१९


दिनेश विजन का भूतिया संसार 
पिछले साल रिलीज़ हॉरर कॉमेडी फिल्म स्त्री की सफलता के बाद, निर्माता दिनेश विजन को भूतिया फिल्मों का चस्का लग गया लगता हैं। वह कम से कम, आधा दर्जन फिल्मों का भूतिया संसार बनाना चाहते हैं। यह भूतिया फ़िल्में, हॉरर कॉमेडी के तौर पर २०२२ तक रिलीज़ होंगी। इस श्रंखला की पहली फिल्म स्त्री एक्टर राजकुमार राव के साथ रूह अफज़ा हो सकती है। सभी जानते हैं कि यह टाइटल तनमन को ठंडा कर देने वाले पेय पदार्थ पर है। लेकिन, क्या खुशबू से भरा तन-मन को ठंडा कर देने वाला पेय पदार्थ किसी आत्मा को बेचैन कर सकता ? रूफ अफज़ा में दिनेश विजन यही साबित करना चाहते हैं। इस फिल्म का निर्देशन मृगदीप सिंह लाम्बा करेंगे। रूह अफज़ा के साथ ही भूतिया फिल्मों की श्रंखला शुरू हो जायेगी । रूह अफज़ा के बाद, उनकी दूसरी हॉरर कॉमेडी फिल्म  मुन्झा होगी। यह फिल्म रूह अफज़ा की सीक्वल फिल्म होगी। इसके बाद दिनेश विजन का प्रोडक्शन हाउस मैडॉक फिल्म्स कम से कम तीन हॉरर कॉमेडी फ़िल्में विकसित करेगा। यह सभी फ़िल्में एक दूसरे को क्रॉसओवर करेंगी।  यानि इनका एक दूसरे से सम्बन्ध होगा। रूह अफज़ा और मुंझा के बाद स्त्री २ का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद रूह अफज़ा २ और मुन्झा २ बनाई जाएंगी। 



एफएचएम के कवर पर कियरा अडवाणी
पुरुषों की लाइफस्टाइल मैगज़ीन एफएचएम के मार्च २०१९ अंक के मुख्य पृष्ठ पर कियरा अडवाणी, अपने सेक्सी अंदाज़ में पुरुषों पर ख़ास तौर पर गज़ब ढा रही हैं।  इस मैगज़ीन के लिए फोटो सेशन में, कियरा अडवाणी गुलाब गाउन में उन्मुक्त भाव में नज़र आ रही हैं।  पंखे की तेज़ हवा, उनके  गाउन को भी उड़ा ले जाती है। अब कियरा के शरीर में केवल इनर वियर ही बचे हैं।  लस्ट स्टोरीज के कामुक दृश्य के बाद कियरा के इन्स्टाग्राम पर ३० लाख से ज़्यादा फॉलोवर हो गए हैं।  कियरा अपने इंस्टाग्राम अकाउंट में अति ग्लैमरस चित्र अपलोड कर,  इनका ख़ास ख्याल भी रखती हैं। जहाँ तक फिल्म फ्रंट की बात हैं, उनके पास इतनी फिल्में हैं कि वह व्यस्त नज़र आती हैं। अफवाह है कि वह अक्षय कुमार की हॉरर कॉमेडी फिल्म लक्ष्मी में शोभिता धुलिपला  नहीं कियरा नायिका हैं। कियरा अडवाणी अक्षय कुमार के साथ, फिल्म गुड न्यूज़ में अभिनय कर रही हैं। लेकिन, फिल्म में अक्षय की जोड़ीदार करीना कपूर खान है। जबकि, कियरा की जोड़ी दिलजीत दोसांझ के साथ बनाई गई है। कियरा अडवाणी, एक दूसरी तमिल फिल्म अर्जुन रेड्डी की  रीमेक फिल्म कबीर सिंह में शाहिद कपूर के साथ जोड़ी बना रही हैं।



सैफ की हॉरर कॉमेडी में फातिमा सना शैख़
ज़ोंबी कॉमेडी फिल्म गो गोवा गॉन (२०१३) के बाद, सैफ अली खान एक हॉरर कॉमेडी फिल्म भूत पुलिस करने जा रहे हैं।  इस कॉमेडी फिल्म के तमाम भूत ३डी में होंगे। इस फिल्म में, सैफ अली खान का किरदार भूत का होगा या पुलिस का, अभी साफ नहीं है।  जयंत कृपलानी निर्देशित फिल्म भूत पुलिस का निर्माण फॉक्स स्टार स्टूडियोज द्वारा किया जा रहा है। पहले, इस फिल्म को तांत्रिक टाइटल के साथ बनाया जा रहा था। उस समय, अभिषेक बच्चन से बातचीत की जा रही थी। अब टाइटल बदलने के साथ ही, अभिषेक बच्चन भी बदल दिए गए हैं। फिल्म भूत पुलिस में सैफ अली खान के साथ फातिमा सना शैख़ फीमेल लीड हैं।  फातिमा सना शैख़ को, आमिर खान के साथ हिट फिल्म दंगल के बजाय, आमिर खान और अमिताभ बच्चन की सुपरफ्लॉप फिल्म ठग्स ऑफ़ हिंदुस्तान की अभिनेत्री की जाता है।  बेशक ठग्स ऑफ़ हिंदुस्तान सना से ज़्यादा आमिर और अमिताभ की असफलता है।  लेकिन, ठग्स ऑफ़ हिंदुस्तान की असफलता के बाद फातिमा सना  शैख़ की प्रतिष्ठा में कमी आई है।  यही कारण है कि वह आमिर खान से सैफ अली खान पर आ गई हैं, जो लम्बे समय से असफलता से जूझ रहे हैं। फिल्म भूत पुलिस की शूटिंग अगस्त से शुरू होगी। 


पुलवामा, बालकोट और अभिनन्दन टाइटल वाली फ़िल्में
बॉलीवुड के कौवे, पुलवामा अटैक और अभिनन्दन की वापसी के ब्रह्मभोज को खाने आ गए हैं।  पुलवामा, बालकोट और अभिनंदन शीर्षक वाली फिल्मों के टाइटल पंजीकृत कराये जा रहे हैं। खबर है कि इन प्रोजेक्ट में बॉलीवुड के ए लिस्टर भी रूचि दिखा रहे हैं। बॉलीवुड के ऐसे कौवो में पहले है टी-सीरीज के मालिक और फिल्म निर्माता भूषण कुमार।  यह वही भूषण कुमार है, जो अपनी म्यूजिक कंपनी के ज़रिये पाकिस्तानी गायकों को खूब कमाई करवाते हैं।  पुलवामा अटैक के बाद भी उन्होंने अपना पाकिस्तानी प्रेम तब तक जारी रखा, जब तक महाराष्ट्र नव निर्माण सेना से धमकी नहीं मिल गई। ऐसे बॉलीवुड के भूषण ने, बालकोट पर हमले पर एक फिल्म बनाने का ऐलान किया है। फिल्म की कहानी भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनन्दन वर्धमान की वीरता पर केन्द्रित होगी। अभिनन्दन को बालकोट पर हमले का हीरो बताया जा रहा है ।  जबकि, अभिनन्दन बालकोट हमले के बाद, पाकिस्तान के जहाजों के भारत की सेना के आधार कैंप पर हमले की कोशिश को विफल करने मे अग्रणी थे । यह है बॉलीवुड का हाल! इस फिल्म में अभिनन्दन की भूमिका करने वाले एक्टर का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन, सूत्र बताते हैं कि अक्षय कुमार या अजय देवगन जैसे एक्टर इस फिल्म का हिस्सा बन सकते हैं।



माउंट एवेरेस्ट पर चढ़ेगी अलिया भट्ट !
आलिया भट्ट माउंट एवरेस्ट पर चढ़ेंगी । वह, करण जौहर की अरुणिमा सिन्हा के जीवन पर अनाम फिल्म में केंद्रीय भूमिका करने जा रही हैं। अरुणिमा सिन्हा के एक हादसे के बाद पैर काट दिए गए थे। अपंगता के बावजूद, अरुणिमा ने हिम्मत नहीं हारी।  उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी चोटियों में गिनी जाने वाली माउंट एवरेस्ट को फतह करने का फैसला किया। निर्माताओं को लगता है कि अरुणिमा सिन्हा का जीवन लाखों करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा बन सकता है।  आलिया भट्ट आज की युवा पीढ़ी की सबसे पसंदीदा अभिनेत्री हैं। इसलिए, उनके द्वारा अरुणिमा का किरदार करना, युवा दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बन सकता है।  आलिया भट्ट ने कहानी सुनने के बाद फिल्म को तत्काल हाँ कर दी थी। लेकिन, इस फिल्म के लिए उन्हें काफी तैयारी करनी होगी।  उन्हें खुद को बिना टांगो के सहारे चलते हुए, खुद को स्वभाविक बनाना होगा   कलंक और ब्रह्मास्त्र जैसी फिल्मों के पूरी होने के बाद, अलिया को बायोपिक फिल्म की तैयारी  के लिए काफी समय निकालना होगा  



अभिमन्यु के मर्द को दर्द नहीं होता ?
मर्द को दर्द नहीं होता के पोस्टर दिलचस्पी पैदा करने वाले हैं। इस फिल्म के अब तक रिलीज़ पोस्टरों में फिल्म के नायक अभिमन्यु दासानी के भिन्न पोज नज़र आते हैं। इन पोस्टरों से ऐसा आभास होता है कि अभिमन्यु का किरदार सूर्य एक ऐसा युवक है, जिसे कितनी भी बड़ी चोट लग जाए, उसे दर्द नहीं होता। अब इस फिल्म का राधिका मदान वाला पोस्टर जारी हुआ है। इस फिल्म में वह किक मारती नज़र आ रही हैं। पोस्टर में उनके किरदार के परिचय में लिखा गया है- सुप्री एज निंजा वारियर ब्लैक बेल्ट। इन पोस्टरों से दर्शकों में फिल्म के प्रति उत्सुकता पैदा होना स्वाभाविक है। अभिमन्यु दासानी, फिल्म मैंने प्यार किया में सलमान खान की नायिका भाग्यश्री के बेटे हैं। जबकि फिल्म की राधिका मदान टीवी एक्ट्रेस हैं। उनका फिल्म डेब्यू पिछले साल रिलीज़ विशाल भरद्वाज की दो बहनों की कहानी पर फ्लॉप फिल्म पटाखा से हुआ था। इसलिए, मर्द को दर्द नहीं होता की सफलता की ज़रुरत अभिमन्यु दासानी और राधिका मदान दोनों को ही है। मर्द को दर्द नहीं होता के लेखक निर्देशक वासन बाला हैं। फिल्म का निर्माण रॉनी स्क्रूवाला के बैनर आरवीएसपी द्वारा किया जा रहा है। फिल्म में दूसरी भूमिकाओं में गुलशन देवइया, महेश मांजरेकर और जिमित त्रिवेदी है।  




क्या एन्डगेम से डरी कलंक ?
भारतीय बॉक्स ऑफिस पर, हॉलीवुड की फ़िल्में बॉलीवुड की फिल्मों की सांस फुला सकती है।  पिछले शुक्रवार, अमिताभ बच्चन की फिल्म बदला के सामने पहली बार सुपरहीरो बन रही ब्री लार्सन की फिल्म कैप्टेन मार्वल रिलीज़ हुई थी। बदला ने पहले दिन ५ करोड़ का कारोबार किया, वहीँ कैप्टेन मार्वल ने पहले शो से ही उड़ान भरते हुए १५ करोड़ का इनिशियल दर्ज किया।  इसे भांपते हुए, फिल्म कलंक के अनुभवी निर्माता करण जौहर ने अपनी फिल्म कलंक की रिलीज़ की तारिख दो दिन पहले कर दी है।  पहले कलंक १९ अप्रैल को रिलीज़ होनी थी।  इसके एक हफ्ते बाद २६ अप्रैल को मार्वल सिनेमेटिक यूनिवर्स की सुपरहीरोज फिल्म अवेंजर्स एन्डगेम रिलीज़ हो रही है।  इस लिहाज़ से, कलंक को सिर्फ एक हफ्ते का ही समय था बॉक्स ऑफिस पर चांदी बटोरने का। कलंक महंगी सितारा बहुल फिल्म है।  इस फिल्म का बजट १५० करोड़ के करीब है। फिल्म में संजय दत्त, माधुरी दीक्षित, वरुण धवन, आलिया भट्ट, सोनाक्षी सिन्हा, आदि सितारों को देखने के लिए दर्शक जुटेंगे । लेकिन, १५० करोड़ की फिल्म को ३०० करोड़ से ऊपर का कारोबार करना ही होगा।  इसे देखते हुए करण जौहर ने फिल्म कलंक को १९ अप्रैल के बजाय १७ अप्रैल को ही रिलीज़ करने का फैसला किया है।  इस प्रकार से कलंक को महावीर जयंती और गुड फ्राइडे के हॉलिडे क्राउड को आकर्षित करने का मौका मिलेगा ही, ७ दिन के बजाय ९ दिन का सप्ताह भी मिल जाएगा। 


जंगली के ट्रेलर में जंगल रोमांच
विद्युत जामवाल की फिल्म जंगली जंगल के रोमांच पर बच्चों को पसंद आने वाली फिल्म है । इस फिल्म में, भोला हाथी और उसके दोस्त राज (विद्युत् जामवाल) की दोस्ती का अद्भुत चित्रण हुआ है । जंगली का ट्रेलर इसे साबित करता हैं। निर्देशक चक रसेल के इस जंगल क्रॉनिकल मेंमानव और पशु के रिश्तों का मार्मिक चित्रण हुआ है। राज एक पशु चिकित्सक है । वह प्राचीन युद्ध कला कलरीपयट्टू का महारथी है । वह करीब दस साल बाद मुंबई से अपने गृहनगर पहुंचता है, जहां एक प्रसिद्ध हाथी अभयारण्य में उसके पिता और बचपन के मित्र भोला हाथी रहते हैं। घर पहुंचने के कुछ समय बाद ही यह भावनात्मक यात्रा नाटकीय रुप से एक बदले का रुप ले लेती है । जिसके फलस्वरुप राज को इस गांव में पनप रहे हाथियों के अवैध शिकार के रैकेट का पर्दाफाश करना पड़ता है। एक्शन से भरपूर इस फिल्म में, राज और भोला हाथी की बचपन की दोस्ती का तकाजा है कि यह दोनों बुरे लोगों से लड़ते हैं । फिल्म में जंगल के माहौल के खुशनुमा और रोमांच से भर देने वाले दृश्य, बाल दर्शकों को बहुत पसंद आयेंगे । जंगली ५ अप्रैल को रिलीज हो रही है ।  



नोटबुक का फ्लोटिंग सेट !
दो नए चेहरों जहीर इकबाल और प्रनूतन अभिनीत तथा नितिन कक्कड़ निर्देशित फिल्म नोटबुक का अनूठा फ्लोटिंग सेट आजकल चर्चा में है । इस फिल्म की कहानी, २००७ के दौरान की, एक झील के बीच पानी में बने एक स्कूल पर केंद्रित है ।  इसीलिए खास तौर पर, पानी के बीच खड़ा एक सेट ख़ास तौर पर बनाया गया । इस सेट को बनाने में ३० दिन का समय लगा । क्रू के ८० सदस्यों ने चौबीसों घंटे काम करके बनाया । इस असाधारण सेट को दो युवा लड़कियों उर्वी अशर और शिप्रा रावल द्वारा डिजाइन किया गया है । उन्होंने फिल्म नोटबुक के सेट के लिए बतौर आर्ट डिजाइनर के काम किया। इस फ्लोटिंग सेट के बारे में बताते हुए, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक नितिन कक्कड़ ने कहा, "यह पहली बार है कि जब मैंने एक वास्तविक स्थान पर बनाए गए सेट पर शूटिंग की है ।आर्ट डिजाइनर उर्वी और शिप्रा के काम बहुत सराहनीय है । कभी लगा तक नहीं था कि फिल्म का सेट इतना अच्छा होगा। यह बहुत मुश्किल था, क्योंकि यह पानी में तैरता हुआ था । जिस दिन सेट पर काम पूरा हुआ  और सेट तोड़ा जाना था तो मेरा दिल भर आया था। अब मैं इस सेट से जुड़ी यादों को जीवन भर संजोऊंगा।“ नोटबुक २९ मार्च को रिलीज़ होगी ।



साथ फिल्म करेंगे अमिताभ बच्चन और शाहरुख़ खान !
शाहरुख़ खान और अमिताभ बच्चन की जोड़ी की पिछली भूतनाथ (२००८) थी । लेकिन, इन दोनों की निर्माता-एक्टर जोडी फिल्म बदला में नज़र आई थी । बदला को दर्शकों और समीक्षकों की प्रशंसा और प्यार मिल रहा है । इसके बाद ही, अमिताभ बच्चन और शाहरुख़ खान के साथ फिल्म करने की अफवाह उड़ने लगी । हुआ यह कि अमिताभ बच्चन ने ट्वीट किया कि यह तो हो गया..अब कल नौकरी कहाँ... ५० सालों से यही पूछता आ रहा हूँ । इस पर शाहरुख़ खान ने रिट्वीट किया कि अगर आपको नौकरी मिल जाए तो मुझे भी रिकमेंड कर देना  इस पर बिग बी ने लिखा,”हे हे हे..सर साथ मे काम करते हैं...मेरे पास एक आईडिया है ।” इसके साथ ही यह अफवाह उड़ने लगी कि शाहरुख़ खान और अमिताभ बच्चन कोई फिल्म साथ करने जा रहे हैं । परिस्थितियां अनुकूल हैं । अमिताभ बच्चन को झुण्ड के बाद किसी फिल्म का इंतज़ार रहेगा । जीरो की असफलता के बाद, शाहरुख़ खान के प्रोजेक्ट फाइनल नहीं हो पा रहे हैं । वह बिलकुल खाली हैं । ऐसे में कोई आश्चर्य नहीं अगर मोहब्बतें, कभी ख़ुशी कभी गम, वीर-ज़ारा, कभी अलविदा न कहना, आदि हिट फ़िल्में साथ कर चुके अमिताभ बच्चन और शाहरुख़ खान फिर एक साथ नज़र आयें ।  

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ही मेरा मूल मंत्र - शिल्पा सरोच - क्लिक करें 

Saturday, 16 March 2019

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ही मेरा मूल मंत्र - शिल्पा सरोच


सॉफ्टवेयर इंजीनियर से सिंगर बनीं शिल्पा सरोच, म्यूजिक इंडस्ट्री में अपने फ़िल्मी गीतों के साथ संगीत दिग्गजों के बीच अपनी अलग पहचान बना चुकी है और अपने अगले ट्रैक की रिलीज़ के लिए तैयार है, जो कि आने वाली फिल्म 'पहाड़गंज' के टाइटल ट्रैक में सुनने को मिलेगा ।

अपने नए प्रोजेक्ट के बारे में आगे बताते हुए शिल्पा ने कहा, "मैंने 'पहाड़गंज' के टाइटल ट्रैक में रैप किया हैजोकि मेरे लिए काफी चुनौतीपूर्ण था। लेकिन फिल्म के संगीतकार अजय सिंहा ने मेरी इसमे काफ़ी मदद की और मेरा मार्गदर्शन किया।

"इसके अलावा, मैं इस प्रोजेक्ट को लेकर इसलिये भी बेहद उत्साहित हूँ।क्योंकि इस फिल्म में मोहित चौहान ने भी एक रोमांटिक गाना गाया है, साथ ही हम दोनों ही हिमाचल प्रदेश से हैं! शिल्पा सरोच को 'ऐ अजनबी' के लिए इंडियन विकिमीडिया के सर्वश्रेष्ठ गायक के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

बेशक इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने की शौकीन, शिल्पा के पास अभी तक सफलता के लिए कोई मंत्र नहीं है। लेकिन वे कहती है मेरा जुनून और संगीत के लिए प्यार ही मेरे सभी निर्णय लेता है - जिसमें एक प्लैनिन्ग का होना जरूरी होता है, जो कभी-कभी काम करता है और कभी-कभी नहीं भी करता है। लेकिन मेरे लगातार कोशिश करते रहने के कारण मै हमेशा खुश और  संतुष्ट होकर घर जाती हूँ। 


मैं एक इंजीनियर हूँ और अपनी शिक्षा के आधार पर, मैं बहुत एक्स्पेरमेन्ट करती हूँ। शायद मेरे गैर-फिल्मी बैक्ग्राउन्ड के कारण मैं औपचारिक रूप से प्रशिक्षित नहीं हूँ। मुझे ऐसा लगता है कि मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है और इसलिए, मैं वही करने की कोशिश करतीहूँ।जो मेरे दिल को पसंद है। 

यदि वेब सिरीज या फिल्मों के लिए गाने के बीच उन्हे विकल्प दिया जाता है, तो शिल्पा कहती हैं कि वह केवल अपना बेस्ट देने पर ध्यान देती है चाहे वह बॉलीवुड हो या वेब सिरीज। उनका गीत कहानी को पूरा करने के साथ उसे असरदार बनाने पर जोर देता है। 


अंत में शिल्पा ने कहा - मैं इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकती कि प्रसारण के  ऐसे विभिन्न माध्यम हैं जिससे सब कुछ बदल जाता है। भले ही दोनो में दर्शक लगभग समान होता है लेकिन फिल्मों के लिए गीत गाना हमेशा जीवन के अनुभवो से भी बडा होता है। अन्तिम में शिल्पा सोरच ने कहा कि, वेब सिरीज एक गायक को गायन का मौका देती है, और इसके अधिक समय तक परदे पर चलने के कारण इसकी मदद से दर्शकों से जुड़ने में भी आसानी होती है।


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