हिन्दुस्तानी बॉक्स ऑफिस पर स्टार वार्स सीरीज का एपिसोड ७ बॉलीवुड की दो फिल्मों 'दिलवाले' और 'बाजीराव मस्तानी' को कड़ी चुनौती दे रही हैं। वही, इस फिल्म को अपने घरेलु बाज़ार में चार फिल्मों से चुनौती मिलने जा रही है। पूरे एक हफ्ते तक बॉक्स ऑफिस के तमाम रिकॉर्ड तोड़ने के बाद स्टार वार्स ७ को थोडा ठिठकना होगा। द फाॅर्स अवकेंस कलेक्शन के मामले में अवतार से ही थोडा पीछे है। लेकिन, काफी कुछ निर्भर करेगा दूसरे वीकेंड पर। चूंकि, यह कमाई वाला क्रिसमस वीकेंड है, इसलिए हॉलीवुड की चार फ़िल्में बड़ी रिलीज़ के साथ स्टार वार्स एपिसोड ७ को पीछे धकेलने के लिए आमादा है। यह फिल्म २८०० से अधिक प्रिंट्स में रिलीज़ हो रही हैं। सीन एंडर्स की कॉमेडी फिल्म 'डैडीज होम' सबसे ज्यादा ३,२७१ स्क्रीन पर रिलीज़ हो रही है। इस फिल्म में विल फरेल, मार्क वह्ल्बर्ग, लिंडा कार्देलिनी और थॉमस हडेन चर्च मुख्य भूमिका में हैं। विल फरेल और मार्क वह्ल्बर्ग, २०१० की एक्शन कॉमेडी 'द अदर गाइस' के बाद दूसरी बार साथ आ रहे हैं। यह फिल्म कहानी है रेडियो एग्जीक्यूटिव ब्रैड की, जो अपनी बीवी से दो सौतेले बच्चों से तालमेल बैठाने की कोशिश में है। करेले पर नीम तब चढ़ता है, जब उसकी बीवी का पहला पति चुनौती बन कर आ खड़ा होता है। इन तीनों भूमिकाओं को विल फरेल, लिंडा कार्देलिनी और मार्क वह्ल्बर्ग ने किया है। डैडी'ज होम ९६ मिनट लम्बी है। दूसरी फिल्म डेविड ओ रसेल निर्देशित जॉय २८९६ प्रिंट्स में रिलीज़ हो रही है। यह फिल्म एक बिज़नेसवुमन जॉय माँगनो की कहानी है, जो अपने बल पर अपना बिज़नेस एम्पियर मिरेकल मैप खड़ा करती है। अभिनेत्री जेनिफर लॉरेंस जॉय की भूमिका कर रहे हैं। फिल्म मे ब्रेडले कूपर, रॉबर्ट डिनिरो, वर्जिनिया माड़सेन, एडगर रामिऱेज और इसाबेला रोसेलिनी सह भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म १२४ मिनट लम्बी है। तीसरी फिल्म निर्देशक पीटर लंडसमैन की 'ककशन' है। यह बायोग्राफिकल स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म २८४१ प्रिंट्स में रिलीज़ हो रही है। नेशनल फुटबॉल लीग एक फॉरेंसिक पथालॉजिस्ट बेनेट ओमालु की उस रिपोर्ट को दबाने की कोशिश कर रहा है, जिसका निष्कर्ष है कि पेशेवर फुटबॉल खिलाडियों के दिमाग को मैदान में लगी चोटों से नुक्सान पहुंचता है। बेनेट अपनी रिपोर्ट को अंजाम तक पहुंचाने के लिए संघर्ष करता है। इस १२३ मिनट लम्बी फिल्म में विल स्मिथ ने फॉरेंसिक पथालॉजिस्ट का किरदार किया है। उनके सपोर्टिंग रोल में एलेक बाल्डविन, गुगु मबाथा-रॉ और ल्यूक विल्सन हैं। इस फिल्म के प्रोडूसर रिडले स्कॉट हैं। निर्देशक एरिक्सन कोर की फिल्म 'पॉइंट ब्रेक' २९१० प्रिंट्स में रिलीज़ हो रही है। ११३ मिनट लम्बी पॉइंट ब्रेक १९९१ में इसी टाइटल के साथ रिलीज पैट्रिक स्वेज़ और कीअनु रीव्स की फिल्म का रीमेक है। एफबीआई एजेंट जॉनी उटा पेशेवर अपराधियों का पता लगाने के लिए एथलीट्स के ग्रुुप में अंडरकवर बन कर जाता है। इस फिल्म में ल्यूक ब्रेसी (जॉनी उटा),डेलरॉय लिंडो (एफबीआई इंस्ट्रक्टर), टेरेसा पामर (संसारा), एडगर रमिरेज़ (बोधि) और रे विंस्टन (एंजेलो पप्पास) के किरदार में है।
भारतीय भाषाओँ हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, पंजाबी, आदि की फिल्मो के बारे में जानकारी आवश्यक क्यों है ? हॉलीवुड की फिल्मों का भी बड़ा प्रभाव है. उस पर डिजिटल माध्यम ने मनोरंजन की दुनिया में क्रांति ला दी है. इसलिए इन सब के बारे में जानना आवश्यक है. फिल्म ही फिल्म इन सब की जानकारी देने का ऐसा ही एक प्रयास है.
Friday, 25 December 2015
क्रिसमस वीकेंड पर चार फिल्मों से घिरी स्टार वार्स
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मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
अब 'बाजीराव-मस्तानी' के पीछे 'दिलवाले'
निर्देशक संजय लीला भंसाली की रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा की मुख्य भूमिका वाली फिल्म 'बाजीराव मस्तानी' और निर्देशक रोहित शेट्टी की शाहरुख़ खान, काजोल, वरुण धवन और कीर्ति सेनन की मुख्य भूमिका वाली फिल्म 'दिलवाले' एक ही दिन १८ दिसंबर को रिलीज़ हुई। पहले दिन ही खान की फिल्म ने लम्बी छलांग लगी। फर्स्ट डे कलेक्शन के लिहाज़ से दिलवाले और बाजीराव मस्तानी के बीच ८ करोड़ का फर्क था। लेकिन, इसके साथ ही दिलवाले का कलेक्शन गिरना शुरू हुआ। फिल्म की रिलीज़ के सातवे दिन ७.२० करोड़ का फर्क ४ करोड़ रह गया। देखिये तुलनात्मक चार्ट -
दिन दिलवाले बाजीराव मस्तानी
शुक्रवार २० करोड़ १२.८० करोड़
शनिवार १८ करोड़ १५.५० करोड़
रविवार २१.५० करोड़ १८.४५ करोड़
सोमवार ०९ करोड़ १०.२५ करोड़
मंगलवार ०७.७५ करोड़ ०९.५० करोड़
बुद्धवार ०७.५० करोड़ ०९.२५ करोड़
गुरुवार ०६.५० करोड़ १०.५० करोड़
कुल ७ दिन ९०.२५ करोड़ ८६.२५ करोड़
दिन दिलवाले बाजीराव मस्तानी
शुक्रवार २० करोड़ १२.८० करोड़
शनिवार १८ करोड़ १५.५० करोड़
रविवार २१.५० करोड़ १८.४५ करोड़
सोमवार ०९ करोड़ १०.२५ करोड़
मंगलवार ०७.७५ करोड़ ०९.५० करोड़
बुद्धवार ०७.५० करोड़ ०९.२५ करोड़
गुरुवार ०६.५० करोड़ १०.५० करोड़
कुल ७ दिन ९०.२५ करोड़ ८६.२५ करोड़
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बॉक्स ऑफिस पर
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
रहस्यमय सौंदर्य की साधना !
यह वाक़या १९६० का है। निर्माता शशधर मुख़र्जी की फिल्म 'लव इन शिमला' रिलीज़ हुई थी। इस फिल्म से दो नए चेहरे लांच हो रहे थे। फिल्म के हीरो जॉय मुख़र्जी, शशधर मुख़र्जी के बेटे थे। फिल्म की नायिका साधना एक छोटे एक्टर हरी शिवदासानी की भतीजी थीं। फिल्म के निर्देशक आर के नय्यर की भी यह पहली फिल्म थी। यह फिल्म कहानी थी एक मोटा चश्मा पहनने वाली अनाथ लड़की की। उस बदसूरत लड़की को कोई प्यार नहीं करता था । तब उसकी दादी उसे खूबसूरत बनाती है। इस फिल्म से अविभाजित भारत के सिंध प्रान्त में २ सितम्बर १९४१ को एक सिंधी परिवार में पैदा अभिनेत्री का आगमन हुआ था। अपनी पहली ही फिल्म से साधना ने बॉलीवुड में तहलका मचा दिया था। आर के नय्यर ने उन्हें ऑड्रे हेपबर्न की तर्ज़ पर बालों को सेट किया था। हिंदुस्तान में यह सेटिंग 'साधना कट' बाल के नाम से मशहूर हुए। साधना रातों रात स्टार बन गयीं। लव इन शिमला श्वेत श्याम फिल्म थी। १९६१ में रिलीज़ शम्मी कपूर और सायरा बानो की फिल्म जंगली ने हिंदी फिल्मों में रंग स्थाई कर दिए। जंगली के निर्माता और निर्देशक शशधर मुख़र्जी के भाई सुबोध मुख़र्जी थे। लेकिन, साधना ने लव इन शिमला के बाद रिलीज़ श्वेत श्याम
फिल्मों हम दोनों, प्रेम पत्र, मनमौजी, एक मुसाफिर एक हसीना और असली नक़ली से अपने हुस्न का वह
जलवा बिखेरा कि यह शोख हीरोइन दर्शकों के दिलों में समां गयी। साधना की पहली रंगीन फिल्म एच एस रवैल की 'मेरे मेहबूब' ने तो साधना की शोखियों को गहरा कर दिया था। इसके बाद साधना ने राजकुमार, वक़्त, आरज़ू, मेरा साया, अनीता, सच्चाई, इन्तेक़ाम, एक फूल दो माली, आप आये बहार आयी, आदि फिल्मों से जुबलियों की भरमार कर दी। साधना के सन्दर्भ में दिलचस्प तथ्य यह था कि सुपर हिट फिल्म जंगली से अपने करियर की हिट शुरुआत करने वाली सायरा बानो की अगली फिल्म शादी श्वेत श्याम थी। शादी बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से असफल हुई। अपनी इस असफलता से सायरा बानो कुछ इतना हड़बड़ाई कि उन्होंने फिर कभी कोई श्वेत श्याम फिल्म न करने की कसम खा ली। लेकिन, दूसरी ओर, जब साधना एक के बाद एक रंगीन हिट फ़िल्में दे रही थीं, उनकी एक बाद एक तीन फ़िल्में वह कौन थी, पिकनिक और दूल्हा दुल्हन श्वेत श्याम में रिलीज़ हुई। वह कौन थी एक बड़ी सफल फिल्म थी।
साधना, जितनी सुन्दर थीं, उनका चेहरा उतना ही रहस्यमय भी था। इसीलिए, साधना वह कौन थी, अनीता, मेरा साया, आदि रहस्य फिल्मों को सफल बनाने में कामयाब हो पायीं। साधना के सफलता के दौर में आशा पारेख और सायरा बानो की फ़िल्में भी हिट हो रही थीं। लेकिन, साधना ने जो मुक़ाम बनाया, उससे उन्हें कोई अभिनेत्री हटा नहीं पायीं। उनकी दर्शकों पर पकड़ का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि उन्होंने १९६६ में अपनी पहली फिल्म के डायरेक्टर आर के नय्यर से शादी कर ली थी, इसके बावजूद उनकी शादी के बाद रिलीज़ अनीता, एक फूल दो माली, इन्तेक़ाम और आप आये बहार आई जैसी फ़िल्में सुपर हिट हुई। उन्हें १९६३ से १९६७ के दौरान सबसे ज़्यादा पारिश्रमिक पाने वाली टॉप की अभिनेत्री वैजयंतीमाला के बराबर पारिश्रमिक मिला करता था। १९६१-६२ में उन्हें नंदा के बराबर दूसरा सबसे ज़्यादा पारिश्रमिक मिलता था। १९६९ से १९७३ तक वह पारिश्रमिक के लिहाज़ से तीसरे नंबर की अभिनेत्री थीं। साधना को फैशन आइकॉन कहना ठीक होगा। वह एक ऐसी अभिनेत्री थी, जिसने साधना कट बालों का फैशन चलाने के बाद फिल्म वक़्त में चूड़ीदार और कुरता पहन कर युवा लड़कियों में इसका क्रेज पैदा कर दिया।
साधना ने १९७४ में फिल्मों में अभिनय बंद कर दिया था। उनकी एक रुकी हुई फिल्म 'उल्फत की नयी मंज़िलें' २० साल बाद १९९४ में रिलीज़ हुई थी। चूंकि,इस फिल्म में साधना का काम पूरा नहीं हुआ था, इसलिए एक बॉडी डबल की मदद से फिल्म पूरी करवाई गयी। साधना की एक अन्य फिल्म गुरु दत्त के साथ पिकनिक गुरु दत्त की मृत्यु की वजह से अधूरी रह गयी। राज खोसला के निर्देशन में देव आनंद के साथ साधना की फिल्म 'साजन की गलियां' भी अधूरी रह गयी।
साधना ने अपने समय के सभी बड़े अभिनेताओं के साथ फ़िल्में की। सभी कपूर भाइयों की नायिका बनी। शशि कपूर के साथ प्रेम पत्र करने के बाद साधना ने शम्मी कपूर के साथ राजकुमार और राजकपूर के साथ दूल्हा दुल्हन में काम किया था। वह एक फूल दो माली और इन्तेक़ाम में संजय खान की नायिका बनी तो गीता मेरा नाम में संजय खान के भाई फ़िरोज़ खान उनके हीरो थे।
साधना ने हिंदी फिल्म 'लव इन शिमला' से पहले एक सिंधी फिल्म 'अबाना' में सेकंड लीड की थी। इस फिल्म में वह शीला रामानी की बहन की भूमिका में थीं। शीला रामानी उस समय की बड़ी एक्ट्रेस में शुमार की जाती थीं। इसलिए साधना ने उनसे ऑटोग्राफ की मांग की। तब, साधना के लिए ऑटोग्राफ साइन करते समय शीला रामानी ने कहा, "एक दिन मैं तुमसे तुम्हारा ऑटोग्राफ मांगूंगी।" इसमे कोई शक नहीं कि शीला रामानी ने भविष्य की स्टार को पहचान लिया था।
कोई दो दशक तक हिंदी फिल्म दर्शकों के दिलों में एकछत्र राज करने वाली शोख हसीना साधना का लम्बे समय से कैंसर की बीमारी से जूझने के बाद आज (२५ दिसंबर को) निधन हो गया। उन्हें श्रद्धांजलि।
फिल्मों हम दोनों, प्रेम पत्र, मनमौजी, एक मुसाफिर एक हसीना और असली नक़ली से अपने हुस्न का वह
जलवा बिखेरा कि यह शोख हीरोइन दर्शकों के दिलों में समां गयी। साधना की पहली रंगीन फिल्म एच एस रवैल की 'मेरे मेहबूब' ने तो साधना की शोखियों को गहरा कर दिया था। इसके बाद साधना ने राजकुमार, वक़्त, आरज़ू, मेरा साया, अनीता, सच्चाई, इन्तेक़ाम, एक फूल दो माली, आप आये बहार आयी, आदि फिल्मों से जुबलियों की भरमार कर दी। साधना के सन्दर्भ में दिलचस्प तथ्य यह था कि सुपर हिट फिल्म जंगली से अपने करियर की हिट शुरुआत करने वाली सायरा बानो की अगली फिल्म शादी श्वेत श्याम थी। शादी बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से असफल हुई। अपनी इस असफलता से सायरा बानो कुछ इतना हड़बड़ाई कि उन्होंने फिर कभी कोई श्वेत श्याम फिल्म न करने की कसम खा ली। लेकिन, दूसरी ओर, जब साधना एक के बाद एक रंगीन हिट फ़िल्में दे रही थीं, उनकी एक बाद एक तीन फ़िल्में वह कौन थी, पिकनिक और दूल्हा दुल्हन श्वेत श्याम में रिलीज़ हुई। वह कौन थी एक बड़ी सफल फिल्म थी।
साधना, जितनी सुन्दर थीं, उनका चेहरा उतना ही रहस्यमय भी था। इसीलिए, साधना वह कौन थी, अनीता, मेरा साया, आदि रहस्य फिल्मों को सफल बनाने में कामयाब हो पायीं। साधना के सफलता के दौर में आशा पारेख और सायरा बानो की फ़िल्में भी हिट हो रही थीं। लेकिन, साधना ने जो मुक़ाम बनाया, उससे उन्हें कोई अभिनेत्री हटा नहीं पायीं। उनकी दर्शकों पर पकड़ का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि उन्होंने १९६६ में अपनी पहली फिल्म के डायरेक्टर आर के नय्यर से शादी कर ली थी, इसके बावजूद उनकी शादी के बाद रिलीज़ अनीता, एक फूल दो माली, इन्तेक़ाम और आप आये बहार आई जैसी फ़िल्में सुपर हिट हुई। उन्हें १९६३ से १९६७ के दौरान सबसे ज़्यादा पारिश्रमिक पाने वाली टॉप की अभिनेत्री वैजयंतीमाला के बराबर पारिश्रमिक मिला करता था। १९६१-६२ में उन्हें नंदा के बराबर दूसरा सबसे ज़्यादा पारिश्रमिक मिलता था। १९६९ से १९७३ तक वह पारिश्रमिक के लिहाज़ से तीसरे नंबर की अभिनेत्री थीं। साधना को फैशन आइकॉन कहना ठीक होगा। वह एक ऐसी अभिनेत्री थी, जिसने साधना कट बालों का फैशन चलाने के बाद फिल्म वक़्त में चूड़ीदार और कुरता पहन कर युवा लड़कियों में इसका क्रेज पैदा कर दिया।
साधना ने १९७४ में फिल्मों में अभिनय बंद कर दिया था। उनकी एक रुकी हुई फिल्म 'उल्फत की नयी मंज़िलें' २० साल बाद १९९४ में रिलीज़ हुई थी। चूंकि,इस फिल्म में साधना का काम पूरा नहीं हुआ था, इसलिए एक बॉडी डबल की मदद से फिल्म पूरी करवाई गयी। साधना की एक अन्य फिल्म गुरु दत्त के साथ पिकनिक गुरु दत्त की मृत्यु की वजह से अधूरी रह गयी। राज खोसला के निर्देशन में देव आनंद के साथ साधना की फिल्म 'साजन की गलियां' भी अधूरी रह गयी।
साधना ने अपने समय के सभी बड़े अभिनेताओं के साथ फ़िल्में की। सभी कपूर भाइयों की नायिका बनी। शशि कपूर के साथ प्रेम पत्र करने के बाद साधना ने शम्मी कपूर के साथ राजकुमार और राजकपूर के साथ दूल्हा दुल्हन में काम किया था। वह एक फूल दो माली और इन्तेक़ाम में संजय खान की नायिका बनी तो गीता मेरा नाम में संजय खान के भाई फ़िरोज़ खान उनके हीरो थे।
साधना ने हिंदी फिल्म 'लव इन शिमला' से पहले एक सिंधी फिल्म 'अबाना' में सेकंड लीड की थी। इस फिल्म में वह शीला रामानी की बहन की भूमिका में थीं। शीला रामानी उस समय की बड़ी एक्ट्रेस में शुमार की जाती थीं। इसलिए साधना ने उनसे ऑटोग्राफ की मांग की। तब, साधना के लिए ऑटोग्राफ साइन करते समय शीला रामानी ने कहा, "एक दिन मैं तुमसे तुम्हारा ऑटोग्राफ मांगूंगी।" इसमे कोई शक नहीं कि शीला रामानी ने भविष्य की स्टार को पहचान लिया था।
कोई दो दशक तक हिंदी फिल्म दर्शकों के दिलों में एकछत्र राज करने वाली शोख हसीना साधना का लम्बे समय से कैंसर की बीमारी से जूझने के बाद आज (२५ दिसंबर को) निधन हो गया। उन्हें श्रद्धांजलि।
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श्रद्धांजलि
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
Wednesday, 23 December 2015
दीपिका पादुकोण नहीं होंगी २०१६ में लेकिन_____!
२०१५ में दीपिका पादुकोण तीन फिल्मों 'पीकू', 'तमाशा' और 'बाजीराव मस्तानी'
में नज़र आई थी।
तमाशा औसत गई। बाकि दोनों फिल्मों
को सफलता मिली। कैसा इत्तेफ़ाक़ है कि पहली
हिंदी फिल्म 'ओम शांति ओम' के बाद से लगातार हर साल कम से कम एक हिट फिल्म देती आ रही दीपिका पादुकोण की २०१६ में एक भी फिल्म रिलीज़ नहीं होगी। लेकिन, 'तनु वेड्स मनु रिटर्न्स' की कंगना रनौत होगी
और लंच बॉक्स की निमृत कौर भी। कुछ नई और
वरिष्ठ अभिनेत्रियां भी अपने अभिनय के जौहर दिखा रही होंगी।
निर्देशक जयंत
गिल्टार की फिल्म चॉक एन डस्टर आज की शिक्षा व्यवस्था में छात्र-अध्यापक संबंधों
को लेकर है। यह कहानी है दो शिक्षिकाओं
विद्या और ज्योति की, जो मुंबई के एक हाई
स्कूल में पढ़ाती है। शिक्षा के प्रति उनका समर्पण उन्हें छात्रों में ख़ास बना देता
है। लेकिन उनके जीवन में मोड़ आता है स्कूल में एक दुष्ट टीचर कामिनी गुप्ता
के बाद। फिल्म में यह भूमिकाएं शबाना आज़मी,
जूही चावला और दिव्या दत्ता ने की हैं। इनके
आलावा ऋचा चड्ढा और ज़रीना वहाब की भी सशक्त भूमिकाये हैं। यह महिला प्रधान फिल्म जनवरी
में रिलीज़ होगी। इसके साथ ही दर्शकों को
कम बजट की नायिका प्रधान या महिलाओ की समस्या पर फिल्मों का सिलसिला शुरू हो
जायेगा।
इस साल रिलीज़ होने
वाली रियल लाइफ फ़िल्में बॉलीवुड अभिनेत्रियों को अभिनय के मौके देंगी। मसलन, राम माधवानी की
फिल्म 'नीरजा' में सोनम कपूर को १९८६ के भारत के विमान अपहरण के
दौरान यात्रियों को बचाने के प्रयास में आतंकवादियों की गोलियों से मारी गई एयर
होस्टेस नीरजा भनोट की भूमिका में अभिनय के कई रंग दिखाने के मौके मिलेंगे। ओमंग कुमार की फिल्म 'सरबजीत' पाकिस्तान की जेल
में मारे गए भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर के अपने भाई को छुड़ाने के
लिए किये गए संघर्ष की कहानी है। दलबीर
कौर की भूमिका में ऐश्वर्या राय बच्चन को 'जज़्बा' के बाद एक बार फिर
सशक्त भूमिका मिली है। चार्ल्स डिकेन्स के
उपन्यास ग्रेट एक्सपेक्टेशन पर अभिषेक कपूर की फिल्म 'फितूर' एक उम्रदराज़ अमीर और
चिड़चिड़ी औरत बेगम के किरदार के चारों और घूमने वाली रोमांटिक कहानी है। बेगम की भूमिका तब्बू कर रही हैं। प्रकाश झा के
निर्देशन में अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा फिल्म 'जय गंगाजल' में एक महिला पुलिस
अधिकारी आभा माथुर के किरदार में एक्शन भी करेंगी और बढ़िया अभिनय भी। यह पूरी फिल्म उनके किरदार पर ही केंद्रित
है।
बॉलीवुड की कुछ
अभिनेत्रियां अपनी सेक्स अपील से दर्शकों को इरोटिक या एडल्ट कॉमेडी फिल्मों के
ज़रिये आकर्षित करने की कोशिश करेंगी। इन
फिल्मों में पुरुष किरदार होंगे, लेकिन सभी इन
अभिनेत्रियों की इरोटिका से प्रभावित होंगे।
एकता कपूर की क्या कूल हैं हम सीरीज की तीसरी फिल्म क्या कूल हैं हम ३ की
मंदना करीमी का किरदार तुषार और आफताब शिवदासानी के साथ कमोबेश पोर्न किरदार कर
रही होंगी। मस्तीज़ादे की सनी लियॉन परंपरागत रूप से तुषार और वीर दास के साथ एडल्ट
कॉमेडी कर रही होंगी। इंद्र कुमार की
एडल्ट कॉमेडी फिल्म 'मस्ती' और 'ग्रैंड मस्ती'
के आगे की कड़ी है ग्रेट ग्रैंड मस्ती। इस फिल्म की कहानी पिछली फिल्मों से आगे की
कहानी नहीं, बल्कि बिलकुल नई कहानी है। लेकिन,इन्द्र कुमार की
स्टाइल में फिट अभिनेताओं विवेक ओबेरॉय, आफताब शिवदासानी और
रितेश देशमुख के साथ ग्रेट ग्रैंड मस्ती करती नज़र आएंगी उर्वशी रौतेला और इन
अभिनेताओं की पत्नियों के किरदार में मिष्टी, सोनल चौहान और पूजा चोपड़ा हैं।
श्रद्धा दास और पूजा बनर्जी भी अपना ग्लैमर बिखेर रही होंगी। केन घोष की
इरोटिक ड्रामा फिल्म एक्सएक्सएक्स में कीरा दत्ता के कई न्यूड और उत्तेजक सेक्स
सीन होंगे। इस फिल्म के लिए निर्माता एकता
कपूर ने अपनी अभिनेत्री कीरा दत्ता से न्यूड क्लॉज़ साइन करवाया है। इस फिल्म में पांच कहानियाँ हैं, जो भिन्न सेक्सुअल लाइफ का चित्रण करती हैं। हिंदी फिल्मों का इतिहास गवाह है कि यहाँ सेक्स
बिकता है। चाहे यह इरोटिका या सेक्स अपील
मंदना करीमी की हो या उर्वशी रौतेला की या फिर कीरा दत्ता की।
कम बजट की फिल्मों
में भी महिला चरित्र मज़बूत दिखाई देंगे।
शेफाली भूषण की फिल्म 'जुगनी' एक फिल्म संगीतकार की कहानी है, जो अपने संगीत के लिए उपयुक्त आवाज़ ढूढने में
रिश्तों की गहरी उलझन में फंस जाती
है। सुगंधा गर्ग ने इस भूमिका को किया
है। राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म 'मिर्ज़या' शायर मिर्ज़ा ग़ालिब
और साहिबां के इश्क़ की दास्ताँ है। इस
फिल्म में साहिबां का किरदार नवोदित अभिनेत्री सैयमी खेर कर रहे हैं।
कुछ ऎसी फ़िल्में भी
होंगी, जो होंगी तो नायक की ताक़त पर केंद्रित होंगी।
लेकिन, इन फिल्मों में भी नायिका अपने नायक को पूरा
सहयोग करती नज़र आयेगी। अक्षय कुमार फिल्म 'एयरलिफ्ट' में एक लाख से ज़्यादा
भारतीयों को कुवैत से बाहर निकालने में भारत सरकार की मदद करने वाले कुवैती बिजनेसमैन बने हैं। फिल्म में अक्षय की पत्नी बनी अभिनेत्री निमृत '
लंच बॉक्स' कौर उनसे कंधे से कंधा मिलती दिखाई देंगी । आर माधवन फिल्म 'साला खडूस' में एक हताश बॉक्सिंग
ट्रेनर की भूमिका कर रहे हैं, जो खुद को साबित
करने के लिए एक अलमस्त लड़की को बॉक्सिंग सिखाता है। इस भूमिका को नवोदित रीतिका
सिंह कर रही हैं। टोनी डिसूज़ा की क्रिकेट कैप्टेन मोहम्मद अज़हरुद्दीन की कथा पर
फिल्म 'अज़हर' में भारतीय कप्तान
का किरदार इमरान हाशमी कर रहे हैं। लेकिन, फिल्म में अज़हर की
पहली पत्नी नौरीन के किरदार में प्राची देसाई और दूसरी पत्नी संगीता बिजलानी के
किरदार में नर्गिस फाखरी के बेहतरीन इमोशनल सीन हैं। पंजाब की पृष्ठभूमि पर अभिषेक चौबे की फिल्म 'उड़ता पंजाब' के केंद्र में नशा है। इस फिल्म
में करीना कपूर और अलिया भट्ट के किरदार इन दोनों अभिनेत्रियों की अभिनय की रेंज की परीक्षा लेंगे। कंगना रनौत इस साल भी विशाल भारद्वाज की फिल्म 'रंगून' में अपने अभिनय के
जलवे बिखेरती नज़र आएंगी। इस देसी
कासाब्लांका फिल्म में शाहिद कपूर और सैफ अली खान के साथ कंगना रनौत का किरदार
हंटरवाली टाइप का बताया जा रहा है। करण जौहर की फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' में रणबीर कपूर के
साथ दो पाकिस्तानी अभिनेता इमरान अब्बास और फवाद खान को लिया गया है। लेकिन, इस रोमांटिक ड्रामा
फिल्म में ऐश्वर्या राय बच्चन और अनुष्का
शर्मा के किरदार काफी अहम है। यों कहा जाये कि कहानी इन्हीं दोनों किरदारों से
शुरू और ख़त्म होती है।
ज़ाहिर है कि २०१६ की
हिंदी फिल्मों में कुछ सशक्त महिला किरदार देखने को मिलेंगे। इन किरदारों को करने वाली अभिनेत्रियों के लिए
प्रतिभा प्रदर्शन के भरपूर अवसर हैं। इनसे
अलग एक पूर्व फिल्म अभिनेत्री दिव्या खोसला कुमार निर्देशक की कुर्सी पर दूसरी बार
बैठी नज़र आएंगी। दिव्या खोसला इस साल बतौर
निर्देशक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन फिल्म 'सनम रे' से करेंगी। दिव्या की बतौर निर्देशक पहली फिल्म 'यारियां हिट हुई थी।
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
फिर स्टार वार्स का स्पेस ओपेरा
इस शुक्रवार (२५ दिसम्बर को) रिलीज़ होने जा रही फिल्म
‘स्टार वार्स: द फ़ोर्स अवकेंस’ अमेरिकन स्पेस ओपेरा स्टार वार्स सीरीज की सातवी फिल्म है। इस सीरीज की
पहले फिल्म स्टार वार्स १९७७ में रिलीज़ हुई थी। लेखक डायरेक्टर जॉर्ज लुकास ने इस
फिल्म को कई बार कुछ कुछ बदलाव के साथ रिलीज़ किया। इस फिल्म को मिली भारी सफलता को देखते हुए फिल्म के दो सीक्वल १९८० और १९८३ में बनाये गए। इन दोनों फिल्मों को समीक्षकों ने भी सराहा और बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छी सफलता मिली। इसके बाद १९९९ से २००५ के बीच स्टार वार्स सीरीज की तीन प्रीक्वेल फ़िल्में बनाई गई। इन तीनों फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर अच्छी सफलता मिली। लेकिन, समीक्षकों द्वारा ज़्यादा नहीं सराही गई। अब २५ दिसंबर को स्टार वार्स सीरीज की छहों फिल्मों की स्टार कास्ट के साथ सातवी फिल्म रिलीज़ होने जा रही है। आइये जानते हैं स्टार वार्स सीरीज की सातों फिल्मों के बारे में -
स्टार वार्स १९७७ (स्टार वार्स, एपिसोड ४ अ न्यू होप)- ल्यूक स्काईवॉकर को ब्रह्माण्ड को एम्पायर के हमले से बचाने के लिए योद्धा जेडाई, बददिमाग पायलट, एक वूकी और दो ड्रॉइडस को साथ लेकर युद्ध में शामिल होना पड़ता है। एम्पायर दुनिया को बर्बाद करने के लिए बनाया गया युद्ध स्टेशन है। ल्यूक को राजकुमारी लिया को डार्थ वाडर से भी बचाना है। इस फिल्म का निर्देशन और लेखन जॉर्ज लुकास ने किया था। इस एपिसोड में मार्क हैमिल, हैरिसन फोर्ड, कर्री फिशर, पीटर कशिंग, एलेक गिनेस, आदि ने अभिनय किया था। २५ मई १९७७ को रिलीज़ स्टार वार्स सीरीज की पहली फिल्म के निर्माण में ११ मिलियन डॉलर खर्च हुए थे और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ७७५ मिलियन डॉलर से अधिक का बिज़नेस किया था। इस एपिसोड को कई बार पुनः सम्पादित कर, संवादों को बदल कर, साउंड ट्रैक रीमिक्स कर और कंप्यूटर ग्राफ़िक बदलाव करके रिलीज़ किया गया था।
स्टार वार्स एपिसोड ५: द एम्पायर स्ट्राइक्स बैक- इस दूसरी फिल्म में जॉर्ज लुकास कहानी लेखक और कार्यकारी निर्माता के बतौर थे। २१ मई १९८० को रिलीज़ इस फिल्म का निर्देशन इरविन कर्श्नर ने किया था। इस फिल्म में मार्क हैमिल, हैरिसन फोर्ड और कर्री फिशर के बील्ली डी विलियम्स, अन्थोनी दनिएल्स, डेविड प्रोसे, केनी बेकर, पीटर मेहू और फ्रैंक ओज ने अभिनय किया था। यह फिल्म डेथ स्टार के खात्मे के तीन साल बाद की कहानी थी। एम्पायर ने अपने नए अड्डे में अपने विरोधियो को बुरी तरह से कुचल कर अपना साम्राज्य स्थापित कर लिया है। अब वह फिर दुनिया के लिए खतरा बन कर उभर रहा है। ल्यूक मास्टर योड़ा के साथ जेडाई से एडवांस ट्रेनिंग लेता है। उधर डार्थ वाडर ल्यूक के दोस्तों को उसे गिरफ्तार करने के लिया मनाता है। पांचवे एपिसोड को १८ मिलियन डॉलर के बजट पर बनाया गया था और फिल्म ने ५३४ मिलियन डॉलर का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया था।
स्टार वार्स एपिसोड ६ : रिटर्न ऑफ़ जेडाई- यह स्टार वॉर सीरीज का छटा एपिसोड था, जो २५ मई १९८३ को रिलीज़ हुआ। फिल्म का निर्माण ३२ मिलियन डॉलर से अधिक के बजट से हुआ था। फिल्म ने वर्ल्डवाइड ५७२ मिलियन डॉलर से ज़्यादा का बिज़नेस किया। इस एपिसोड का निर्देशन रिचर्ड मार्क्वान्ड ने किया था। जब्बा द हट के महल से हान सोलो को छुड़ाने के बाद विद्रोही दूसरे स्टार को ख़त्म करने की कोशिश करते हैं। जबकि ल्यूक वाडर को फ़ोर्स की बुराइयों से बचाना चाहता है।
स्टार वार्स एपिसोड १ : द फैंटम मेनेस- स्टार वार्स सीरीज की प्रीक्वेल ट्राइलॉजी का यह पहला एपिसोड था, जो १९ मई १९९९ को रिलीज़ हुआ । इस फिल्म के निर्देशन की कमान एक बार फिर जॉर्ज लुकास के हाथों में थी। इस प्रीक्वेल फिल्म की कास्ट में भारी बदलाव स्वाभाविक था। लियम नीसन, एवन मैकग्रेगर, नताली पोर्टमैन, जेक लॉयड, जेक लॉयड, अन्थोनी डेनियल्स, आदि मुख्य भूमिकाओं में थे। दो जेडाई योद्धा शत्रुओं की नाकाबंदी से बच निकलते हैं। उन्हें एक लड़का मिलता है जो फ़ोर्स में संतुलन ला सकता है। उधर सिथ अपनी पुरानी प्रतिष्ठा पाने की कोशिश कर रहा है। स्टार वार्स के इस पहले प्रीक्वेल को ज़बरदस्त सफलता हासिल हुई। फिल्म के निर्माण में ११५ मिलियन डॉलर खर्च हुए थे और फिल्म ने १.०२७ बिलियन डॉलर का बिज़नेस किया था।
स्टार वार्स एपिसोड २: अटैक ऑफ़ द क्लोन्स १६ मई २००२ को रिलीज़ हुई। फिल्म का निर्माण ११५ मिलियन डॉलर से हुआ था। फिल्म ने ६४९ मिलियन डॉलर का बिज़नेस किया। निर्देशक जॉर्ज लुकास ही थे। अनाकिन स्काईवॉकर का पद्मे से रोमांस चल रहा है। जबकि, ओबी-वान को जांच में पता चलता है कि सीनेटर पर हमला होने वाला है।
स्टार वार्स एपिसोड ३: रिवेंज ऑफ़ द सिथ- इस तीसरे प्रीक्वेल के निर्देशक जॉर्ज लुकास ही थे। फिल्म के निर्माण में ११३ मिलियन डॉलर खर्च हुए थे। जबकि, बॉक्स ऑफिस पर ८४८.८ मिलियन डॉलर का कलेक्शन हुआ था। १५ मई २००५ को रिलीज़ फिल्म की कहानी क्लोन वार्स के तीन साल बाद की थी। जेडाई योद्धा सेपरेटिस्ट्स के विरुद्ध सेना के गठन के लिए पूरी गैलेक्सी में फ़ैल जाते हैं।
स्टार वार्स सीरीज की फिल्मों की खासियत यह थी कि इनमे समय के साथ परिवर्तन किये गए और नई चीज़े शामिल की गई। स्टार वार्स ट्राइलॉजी के बाद जब इस के प्रीक्वेल बनाने की शुरुआत की गई तब इन फिल्मों एपिसोड में दर्शाया गया। चूंकि, प्रीक्वेल फिल्मों में पहले की घटनाओं का चित्रण होता है, इसलिए बाद में बनी तीन प्रीक्वेल फिल्मों को एपिसोड १, २ और ३ कहा गया और पहले की फिल्मों को चार से छह एपिसोड कहा गया।
अब स्टार वार्स सीरीज की नई सीक्वल ट्राइलॉजी सीक्वल और प्रीक्वेल फिल्मों की कास्ट को शामिल कर बनाई जा रही है। फिल्म 'स्टार वार्स एपिसोड ७ : द फ़ोर्स अवकेंस' का निर्देशन जे जे अब्राम्स कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण लुकास फिल्म्स और जे जे अब्राम्स के बैड रोबोट प्रोडक्शंस द्वारा किया जा रहा है। फिल्म की कहानी दूसरे डेथ स्टार के खात्मे के तीस साल बाद शुरू होगी। अब ल्यूक स्काईवॉकर और जेडाई अदृश्य हो गए है। गैलेक्टिक एम्पायर के अवशेषों से फर्स्ट आर्डर का जन्म होता है, जो ल्यूक और रिपब्लिक के खात्मे का संकल्प लेते हैं । फिल्म के तमाम सितारे अपनी पुरानी भूमिकाओं में हैं। मसलन, हैरिसन फोर्ड (हान सोलो), मार्क हैमिल (ल्यूक स्काईवॉकर), कर्री फिशर (जनरल लिया ओर्गाना), आदम ड्राइवर (कीलो रेन), डेज़ी रिडले (रे), जॉन बोयेगा (फिन), ऑस्कर इसाक (पोए डमेरोन), लुपिता न्योंग (मेज़ कनॉट), एंडी सर्किस (सुप्रीम लीडर स्नोके), डोमहनल ग्लीसन (जनरल हुक्स), अन्थोनी डेनियल्स (सी-३पीओ), पीटर मेहू (चिउबैका) और मैक्स वॉन सीडो (लॉर सान टेक्का) के किरदार में हैं। भारत और पाकिस्तान में स्टार वार्स एपिसोड ७ इस हफ्ते रिलीज़ हो रही है। लेकिन, दुनिया के अन्य देशों में यह १८ दिसंबर को रिलीज़ हो चुकी है। कुल २०० मिलियन डॉलर के बजट में बनाई गई द फ़ोर्स अवकेंस अब तक ५१७ मिलियन डॉलर से ज़्यादा का बिज़नेस कर चुकी है। फिल्म की लम्बाई १३६ मिनट की है।
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
Tuesday, 22 December 2015
स्पेस पर युद्ध करते किरदारों की बॉलीवुड सितारों को चुनौती !
इंडियन बॉक्स ऑफिस पर इस साल की आखिरी रिलीज़ फिल्म कोई हिंदी फिल्म नहीं होगी। इस साल क्रिसमस वीकेंड पर २५ दिसंबर को, स्टार वॉर्स सीरीज की सातवी फिल्म 'स्टार वॉर्स एपिसोड ७ : द फ़ोर्स अवकेंस' रिलीज़ हो रही है। यह हॉलीवुड की एक बड़ी और महंगी फिल्म है। इस फिल्म ने १८ दिसंबर को रिलीज़ हो कर घरेलु बॉक्स ऑफिस पर पहले शुक्रवार १२० मिलियन डॉलर का बिज़नेस किया था। हॉलीवुड की किसी फिल्म का पहले दिन का यह सबसे बड़ा बिज़नेस है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 'हैरी पॉटर एंड द डेथली हॉलोज पार्ट २' के नाम था, जिसने ९१ मिलियन डॉलर का बिज़नेस किया था। द फ़ोर्स अवकेंस का वर्ल्ड वाइड वीकेंड कलेक्शन ५१७ मिलियन डॉलर का हो चूका है। आम तौर पर पूरी दुनिया में सफल और रिकॉर्ड कायम करने वाली हॉलीवुड की फ़िल्में हिंदुस्तान में भी अच्छा बिज़नेस करती है। इसलिए, ऐसा समझा जा सकता है कि स्टार वार्स एपिसोड ७ : द फ़ोर्स अवकेंस इंडियन बॉक्स ऑफिस पर बढ़िया बिज़नेस करेगी और १८ दिसंबर को रिलीज़ दो बॉलीवुड फिल्मों 'दिलवाले' और 'बाजीराव मस्तानी' के दूसरे वीकेंड के बिज़नेस में सेंध लगाएगी।
वास्तविकता तो यह है कि हॉलीवुड की फिल्मों का भारत में प्रदर्शन दिनोंदिन अच्छा होता जा रहा है। कभी हॉलीवुड की फ़िल्में मल्टीप्लेक्स दर्शकों की फ़िल्में ही मानी जाती थी। अब चूंकि, यह फ़िल्में अंग्रेजी के अलावा भारत की तीन भाषाओँ हिंदी, तमिल और तेलुगु में भी रिलीज़ की जाती हैं, इसलिए उन्हें ज़्यादा दर्शक मिलते हैं और ज़्यादा बिज़नेस होता है। अब तो हॉलीवुड की डब फ़िल्में 'बी' और 'सी' सेंटरों में भी दर्शक पाने लगी हैं। इस साल, इंडियन बॉक्स ऑफिस पर हॉलीवुड की पांच फिल्मों ने ५०० करोड़ से ज़्यादा का बिज़नेस कर लिया है। हॉलीवुड की दो फिल्मों 'फ्यूरियस ७' और 'जुरैसिक वर्ल्ड' ने १०० करोड़ के क्लब में भी अपना नाम दर्ज़ करवा लिया है। फ्यूरियस ७ ने १५५ करोड़ और जुरैसिक वर्ल्ड ने १०३ करोड़ का बिज़नेस किया था। इन दोनों फिल्मों को भारत में एक हजार से ज़्यादा प्रिंटों में रिलीज़ किया गया था। देसी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा बिज़नेस करने वाली अन्य हॉलीवुड फिल्मों में अवेंजर्स एज ऑफ़ उल्ट्रॉन ने ७८ करोड़ और मिशन इम्पॉसिबल रोग नेशन ने ६९ करोड़ का बिज़नेस किया है । इस साल हॉलीवुड की 'स्पेक्ट्ऱ' और 'द मार्शियन' जैसी फिल्मों को भी अच्छे दर्शक मिले हैं।
स्टार वार्स सीरीज की फिल्म को लेकर यह कहना समझदारी नहीं होगी कि यह फिल्म 'दिलवाले' और 'बाजीराव मस्तानी' के सामने आने से घबरा रही थी, इसलिए १८ दिसंबर के बजाय एक हफ्ते बाद रिलीज़ हो रही है। क्योंकि, कई बार फिल्म के लिए पर्याप्त प्रिंट के लिहाज़ से भी रिलीज़ की तारीखे बदलनी पड़ती है। इसी साल अवेंजर्स एज ऑफ़ उल्ट्रॉन एक हफ्ता पहले यानि २४ अप्रैल को हिंदुस्तान में रिलीज़ हुई थी, क्योंकि १ मई को अक्षय कुमार की रिटर्न ऑफ़ गब्बर रिलीज़ हो रही थी। दिलवाले ने दर्शकों और समीक्षकों को निराश किया है। इसलिए, यह फिल्म दूसरे हफ्ते में बहुत अच्छे बिज़नेस की उम्मीद नहीं कर सकती। बाजीराव मस्तानी में भी इतना ज़्यादा दम नहीं कि यह स्टार वार्स जैसी प्रतिष्ठित सीरीज की फिल्म को पीछे ढकेल सके। इसलिए, उम्मीद की जा सकती है कि भारतीय दर्शक स्पेस ओपेरा 'स्टार वॉर्स एपिसोड ७ : द फ़ोर्स अवकेंस' को देख कर क्रिसमस मनाएगा।
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वजन कम कर रही हैं परिणीती चोपड़ा !
आजकल बॉलीवुड
एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा की वर्ज़िश करती रंगीन तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो
रही हैं। परिणीति के फिटनेस फंडा पर
सचित्र लेख लिखे जा रहे हैं। यह वही
परिणीति चोपड़ा हैं, जो एक्ट्रेस बनने से पहले यशराज फिल्म्स में काम
करती थी तथा उनका कुल वजन ८६ किलो हुआ करता था।
आदित्य चोपड़ा ने जब उन्हें २०११
में रणवीर सिंह के साथ फिल्म 'लेडीज वर्सेज रिक्की बहल' में सह नायिका बनाया, तब तक उन्होंने खुद को ५८ किलो कर लिया था। इसके
बाद, परिणीति ने इशकज़ादे, शुद्ध देसी रोमांस और हँसी तो फसी जैसी हिट
फ़िल्में दी। लेकिन, किल दिल की असफलता
के साथ परिणीति बिलकुल नदारद हो गई।
परिणीति की तरह भूमि
पेडणेकर भी यशराज फिल्म्स में काम करती थी।
वह उन दिनों, फिल्म दम लगा के हईशा के लिए कास्टिंग सेलेक्ट कर
रही थी। उन्होंने आयुष्मान खुराना की
नायिका के लिए १०० लड़कियों का ऑडिशन भी कर लिया था। तभी आदित्य चोपड़ा ने उनका ऑडिशन लिया और उन्हें
आयुष्मान खुराना की नायिका चुन लिया।
परिणीति से भिन्न भूमि को इस रोल के लिए अपना वजन करीब १०-१५ किलो तक बढ़ाना
पड़ा था । अब चूँकि, वह यशराज फिल्म्स के
साथ तीन फिल्मों के अनुबंध से हैं, इसलिए वह फिर अब अपना वजन घटा रही हैं। बताते हैं कि उन्होंने अपना वजन २५ किलो तक घटा
लिया है।
कम वजन का माधुरी
फंडा
रूपहले परदे पर
माधुरी दीक्षित से पहले तक साउथ की एक्ट्रेस का बोलबाला था। यह एक्ट्रेस भारी बदन की, हिरनी जैसी आँखों
वाली, नृत्य में पारंगत हुआ करती थी।
गहन अभिनय क्षमता इनकी खासियत थी।
बॉलीवुड के अच्छी कद काठी के पंजाबी अभिनेताओं के साथ इनकी जोड़ी फिट बैठती
थी। इसलिए, बॉलीवुड में मीना कुमारी तक भारी शरीर के
बावजूद टॉप की नायिकाओं में शुमार थी।
हालाँकि मिस इंडिया नूतन जैसे अपवाद भी थे। माधुरी दीक्षित के बाद हिंदी फिल्म अभिनेत्रियाँ
सेहत पर ध्यान देने लगी। बॉलीवुड सर्किल
में जिम, वर्जिश और डाइटिंग जैसे शब्द उछलने लगे। इसके बाद अभिनेत्रियों का शरीर की फिटनेस और
कटावदार बदन की इम्पोर्टेंस बढ़ गई।
ऐश्वर्या राय, सुष्मिता सेन, प्रियंका चोपड़ा, लारा दत्ता, आदि पूर्व विश्व
सुंदरियों ने इसे क्रेज बना दिया।
कम वजन कर फिल्मों
में आई स्टार पुत्रियाँ
पिछले कुछ सालों से
हिंदी फिल्मों में स्टार पुत्रियों की आमद होने लगी है। सितारों के यह बच्चे आराम तलब, खाने पीने के शौक़ीन
होते हैं। इसलिए, इनके शरीर का इकहरा
होना असंभव ही होता है। काफी पहले यह
सुनाई दिया था कि एक्टर अशोक कुमार की बेटी प्रीती गांगुली ने
अपने प्यार को पाने के लिए अपना वजन ५० किलो घटाया था। लेकिन, बॉलीवुड की तमाम स्टार पुत्रियों ने फिल्मों के लिए जिम में खूब पसीना
बहाया। डाइटिंग की। अनिल कपूर की बेटी
सोनम कपूर फिल्म करने से पहले ८६ किलो की
हुआ करती थी। उन्हें अपना वजन ३० किलो
घटाना पड़ा। अपने एक्सपर्ट डायटीशियन की
मदद से सोनम कपूर जब संजयलीला भंसाली की फिल्म 'सावरिया' में
रणबीर कपूर के अपोजिट नज़र आई तो वह ५६ किलो की हो गई थी। शत्रुघ्न सिन्हा की बेटी सोनाक्षी सिन्हा की
कहानी भी सोनम वाली है। उन्हें सलमान खान के
साथ दबंग फिल्म की नायिका का रोल दिया गया था।
उस समय सोनाक्षी सिन्हा ९४ किलो की हुआ करती थी। सोनाक्षी डाइटिंग और ज़बरदस्त एक्सरसाइज करने के
बावजूद ३० किलों वजन ही घटा सकी। लेकिन, दर्शकों को उनका ६४ किलो वजनी शरीर
लुभावना लगा। करीना कपूर ने २००१ में अभिषेक
बच्चन के साथ जे पी दत्ता की फिल्म 'रिफ्यूजी' के लिए अपना वजन ७७ किलो से २० किलो घटा
कर ५७ किलो कर लिया। एकबारगी, यशराज फिल्म्स की फिल्म 'टशन' के लिए करीना कपूर
जीरो साइज बन गई। लेकिन, इस फिल्म के बाद
उन्हें अपना वजन बढ़ाना पड़ा, क्योंकि फिल्म निर्माताओं को लगता था कि वह बढे
वजन के साथ ही सेक्सी और हॉट लगती
हैं। महेश भट्ट की बेटी अलिया भट्ट खाने
पीने की शौक़ीन हैं। लेकिन, फिल्म के रोग ने
उन्हें डाइटिंग करने और जिम में ज़्यादा समय गुजारने को मज़बूर कर दिया। करण जौहर की फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर' की शनाया के रोल में
अलिया भट्ट १६ किलो कम हो कर ५४ किलो की हो गई थी। सलमान खान के साथ फिल्म की
मज़बूरी ने लंदन की ज़रीन खान को अपना वजन ४५ किलो तक घटाना पड़ा। वीर से पहले
वह १०० किलो वजनी हुआ करती थी। लेकिन वीर में भी उन्हें मोटी हीरोइन बताया
गया।
बढ़ा वजन ! तो क्या
हुआ !!
एक तरफ जहाँ, फिल्म सितारों की
बेटियां अपना वजन घटाने की ज़द्दो जहद में थी, वही कुछ अभिनेत्रियों को अपने वजन को लेकर
कोई ऐतराज नहीं था। फिल्म निर्माताओं ने
उन्हें इसी वजन के साथ फ़िल्में दी। ऐसी
अभिनेत्रियों को विद्या बालन लीड करती हैं। उन्होंने फिल्म 'डर्टी पिक्चर' के लिए अपना वजन १२
किलो तक घटाया था। इस फिल्म के बाद
उन्होंने अपना वजन कुछ कम किया ही था कि घनचक्कर के लिए उन्होंने फिर वेट गेन करना
पड़ा। फिलहाल, विद्या बालन वजनी
एक्ट्रेस में शुमार की जा रही हैं। गैंग्स ऑफ़ वासेपुर की अभिनेत्री हुमा कुरैशी का वजन ६१ किलो है। वह अपने इतने वजन से खुश हैं। वजनी एक्ट्रेस में सोनाक्षी सिन्हा, रानी मुख़र्जी, आदि मोटी
अभिनेत्रयों में शामिल हों। माधुरी
दीक्षित, काजोल, मनीषा कोइराला, आदि अभिनेत्रियां शादी के बाद मोटी हो
गई। अब ऎसी मोटी अभिनेत्रियों में भूमि
पेडणेकर का नाम भी शामिल हो गया है।
कभी कम कभी वजन
अपने रोल के लिहाज़
से फिल्म एक्ट्रेस का वजन घटाना और बढ़ाना अब आम बात है। मणि रत्नम ने 'गुरु' फिल्म के लिए ऐश्वर्या से अपना वजन बढ़ाने
के लिए कहा था। क्योंकि, फिल्म में ऐश्वर्या
के करैक्टर को धीरे धीरे उम्रदराज़ होना था।
कटरीना कैफ ने 'तीस मार खान फिल्म के लिये अपना वजन घटाया था, लेकिन, फिल्म मेरे ब्रदर की दुल्हन के लिए उन्हें अपना वजन बढ़ाना
पड़ा। हालाँकि,विद्या बालन वजनी एक्ट्रेस के शामिल हैं। लेकिन इसके बावजूद उन्हें फिल्म डर्टी पिक्चर्स
के लिए अपना वजन १५ किलो तक बढ़ाना पड़ा था। श्रीदेवी ने फिल्म इंग्लिश विंग्लिश से
बॉलीवुड में वापसी की थी। दो बेटियों की माँ के बावजूद वह कितनी फिट रही होंगी, इसका अंदाज़ा इसी बात
से लगाया जा सकता है कि निर्देशक गौरी शिंदे ने उनसे अपना वजन पांच किलो तक बढ़ाने
की ताकीद की थी। करीना कपूर रानी मुखर्जी
ने दिल बोले हडिप्पा के लिए अपना अजान घटाया था। ऐश्वर्या राय बच्चन ने माँ बनने
के कारण बढ़ा अपना वजन कम कर संजय गुप्ता की फिल्म 'जज़्बा' की थी।
इससे पहले जब वह कांन्स फिल्म फेस्टिवल में रेड कारपेट पर चली तो उनके
प्रशंसक उनके भारी शरीर को देख कर सन्न रह गए थे।
जिम में पसीना बहा
बहा कर और डायटीशियन की देख रेख में परिणीति चोपड़ा अपना वजन कम कर रही हैं । वह
सोचती हैं कि उनका वजन कम हुआ और वह आकर्षक बनी तो उन्हें फ़िल्में मिलने लगेंगी । क्या सचमुच परिणीती चोपड़ा स्लिम-एन-ट्रिम बन कर
फिल्मों की नायिका बन जायेंगी ? लेकिन, ऊपर तमाम भारी वजन की अभिनेत्रियों के
उदाहरण साबित करते हैं कि फिल्म न मिलने के लिए वजन बहुत ज़िम्मेदार नहीं । ज़रुरत है प्रतिभा की । परिणीती ने अभी तक सीमित प्रतिभा का ही प्रदर्शन
किया है । उनके लिए जितना ज़रूरी अपना वजन कम करना है, उतना ही ज़रूरी अभिनय की
बारीकियां सीखने का भी है । इसलिए, वजन कम करना परिणीती की कोशिश ज़रूर है ।
फ़िल्में मिलेंगी ! गारंटी नहीं ।
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फिल्म पुराण
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Monday, 21 December 2015
बेदिल 'दिलवाले' काशीबाई के बाजीराव
'दिलवाले' (आफ्टर बाईपास सर्जरी वाले)- डॉक्टर ने सर्जरी के बाद भूल से कलाकारों के दिल डस्ट बिन में डाल दिये। ऐसे में बेदिल शाहरुख़ खान, काजोल और रोहित शेट्टी टोटली ऑफ कलर। वैसे भी बासी कढी में कही उबाल आता है! शाहरुख़ खान दाढ़ी बढ़ा लेने से चक दे हो जाती तो अब तक तुम इंडिया पर छा जाते। लेकिन, इतनी बासी कहानी, सडियल दृश्यों और उतने ही रद्दी संवादों के कारण फिल्म घिसटती सी लगती है। शाहरुख़ खान ऊबे से लगते हैं। काजोल सोचती लगती हैं - ये कहाँ मैं आ फांसी। यहाँ तक कि वरुण धवन और रोहित शेट्टी का कॉमेडी तड़का भी सुगन्धहीन। कीर्ति सेनन पता नहीं अभिनय कर रही थी या सब को चिढ़ा रही थी। फिल्म कितनी ऊबाऊ होगी, इसका अंदाज़ा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है कि वरुण धवन के दोस्त सिद्धू की भूमिका में वरुण शर्मा भी हँसाते हँसाते रुलाने लगते हैं। संजय मिश्रा, पंकज त्रिपाठी, मुकेश तिवारी और जॉनी लीवर जैसे एक्टर नीरस कॉमेडी करते हैं। विनोद खन्ना और कबीर बेदी ने इस फिल्म को अपनी दारू की बाटली खरीदने के लिए ही किया होगा। प्रीतम की धुनें ऎसी लगाती हैं जैसे बिना नहाये तैयार कर दी गई। यह फिल्म १०० करोडिया है, बजट के लिहाज़ से। लेकिन, १०० करोड़ का ग्रॉस ही इसके लिए ताज होगा।
| सब कुछ बासी दिलवाले
बाजीराव मस्तानी - पता नहीं पेशवा बाजीराव नाचते थे या नहीं। लेकिन, संजय लीला भंसाली की फिल्म 'बाजीराव मस्तानी' के बाजीराव क्या खूब नाचते हैं। उन्हें नाचते देख कर अपने बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह की याद आ गई। वह भी क्या खूब नाचते हैं। गोलियों की रास लीला राम -लीला में वह क्या खूब नाचे थे। लगता है बाजीराव ने राम-लीला देखी थी। वह मस्तानी से रोमांस करते हैं। मस्तानी उनकी कतार लेकर झाँसी से बाजीराव के घर आ धमकाती हैं। कहती हैं कतार से विवाह हो गया। इन दोनों का रोमांस देखते हुए मुग़ल ए आजम याद आ जाती है। कोफ़्त होती है, यही गहराई रह गई है २१ वी सदी के रोमांस में। बिलकुल ठन्डे बाजीराव, उससे ज़्यादा ठंडी मस्तानी। इससे ज़्यादा गर्मागर्म रोमांस तो रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण स्टेज पर कर मारते हैं। लेकिन, मान गए प्रियंका चोपड़ा को। काशीबाई को जीवंत कर दिया। कलाकारों की भीड़ जमा है। सब अपने अपने रोल में फिट हैं। संजय लीला भंसाली हिंदी दर्शकों के लिए नई प्रेम कथा लाये हैं। विज़ुअल प्रभावशाली हैं। सेट, कॉस्ट्यूम, लोकेशन सब कुछ बढ़िया। आखिरी के दृश्य तो भंसाली की कल्पनाशीलता के प्रमाण हैं। अगर रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण का ऑन स्क्रीन रोमांस जम पाता को एक अविस्मरणीय फिल्म बन जाती।
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मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
Saturday, 19 December 2015
बैक टू द फ्यूचर की पोर्न पैरोडी
इस साल २१ अक्टूबर को १९८५ की क्लासिक फिल्म 'बैक टू द फ्यूचर' के तीस साल सेलब्रेट किये गए। इस मौके पर इस फिल्म की डीवीडी और ब्लू-रे की लॉन्चिंग हुई। फिल्म की पूरी कास्ट एक जगह इकठ्ठा हुई। एक रात को इस फिल्म पुनर्प्रदर्शन किया गया। लेकिन, इस मौके का पूरा फायदा उठाया एडल्ट फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर वुड राकेट ने। उन्होंने बैक टू द फ्यूचर की ट्रिपल एक्स पैरोडी 'फप टू द फ्यूचर' का ऐलान किया । पिछले हफ्ते इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज़ किया गया। इस ट्रेलर में नग्नता तो नहीं दिखाई गई है, लेकिन सेक्सुअल सीन्स और संवादों की भरमार हैं। इनके ज़रिये 'बैक टू द फ्यूचर' के चरित्रों को भिन्न नज़रिये से दिखाया गया है। इस कहानी में मार्टी (अप्रैल ओनील) औरत बन जाता है। वैज्ञानिक कॉक ब्राउन ने डीलोरीन को मॉडिफाई कर सेक्स टाइम मशीन की ईज़ाद कर ली है। मूल फिल्म में लीबियाई आक्रमण होता है। इस फिल्म में लेस्बियन अटैक होता है। मार्टी को १९५५ में भेज दिया जाता है। फिल्म में कुछ दूसरे भी बैक टू द फ्यूचर हैं। इस फिल्म का निर्देशन ली रॉय मयर्स ने किया है। फिल्म की स्क्रिप्ट लोके वैन केम्प के साथ खुद ली ने लिखी है। फिल्म में अप्रैल ओनील के अलावा माइकल वेगास क्रिस स्लाटर और कस्सोंड्रा रैनी मुख्य भूमिका में हैं।
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Wednesday, 16 December 2015
दर्शकों को हँसाएगा हॉलीवुड का मकडा और चीटा !
कैप्टेन अमेरिका और
आयरन मैन के खेमे में बंट चुके हॉलीवुड के सुपर हीरो निर्देशक अन्थोनी रूसो की
फिल्म ‘सिविल वॉर’ में गंभीर चिता, बहस और युद्ध में व्यस्त होंगे। ज़ाहिर है कि
इन सुपर हीरोज के बीच तनाव के लम्हे दर्शकों पर भारी पड़ सकते हैं। रूसो ब्रदर्स
की निर्देशक जोडी को इसका एहसास है। इसलिए, फिल्म के दो सुपर हीरो अंट-मैन और
स्पाइडर-मैन कॉमिक अवतार में होंगे। कभी एक दूसरे के मित्र और दुनिया को बचाने के
लिए एक जुट होकर काम करने वाले यह दोनों सुपर हीरो खेमे में बंटे ज़रूर होंगे। उनके बीच युद्ध की नौबत भी आयेगी। इसके बावजूद यही करैक्टर फिल्म में हलके फुल्के
क्षण लायेंगे, दर्शकों को कॉमिक रिलीफ देंगे। अन्य सुपर हीरो चरित्रों की तुलना
में अंट मैन और स्पाइडर मैन का ही कॉमिक अवतार क्यों ? जवाब देते हैं फिल्म के एक
निर्देशक अन्थोनी रूसो, “इसमे कोई शक नहीं मार्वेल की फिल्मों की तुलना में सिविल
वॉर में गंभीर क्षण ज्यादा हैं। ऐसा स्वाभाविक है, जब दो दोस्त और साथी एक दूसरे
के आमने सामने खड़े हों। अगर हम इन्हें पूरी फिल्म में युद्ध करते दिखायेंगे तो
मामला गंभीर हो जायेगा। क्योंकि, यह सुपर हीरो है, कोई विलेन नहीं। अंट मैन और
स्पाइडर मैन बहुत बड़े हीरो हैं, लेकिन उन्हें विलेन नहीं बनाया जा सकता। इसलिए,
फिल्म को गंभीर और हास्य परिस्थितियों का मिला जुला फॉर्मेट दिया गया है। स्पाइडर
मैन और अंट मैन के करैक्टर दर्शकों को हंसाएंगे। अट मैन बने पॉल रड और स्पाइडर
मैन बने टॉम हॉलैंड काबिल अभिनेता हैं। वह अपने दर्शकों को रिलैक्स होने का पूरा
अवसर देंगे।
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मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
सिर्फ सलमान खान पर मेहरबान नहीं होती अदालतें !
तेरह साल पहले के
हिट एंड रन केस में पांच साल की सज़ा पाने के छः महीने के भीतर बॉलीवुड अभिनेता सलमान
खान बॉम्बे हाई कोर्ट से बरी हो गए। सलमान खान के प्रशंसक जहाँ खुश है कि उनका पसंदीदा
सितारा दोष मुक्त हो गया, वहीँ आम आदमी
हैरान है कि लम्बी सुनवाई और बहस के बाद सेशन कोर्ट में दोषी पाए गए सलमान खान इतनी
आसानी से छुटकारा कैसे पा सके। क्या इसलिए कि मारे गए और घायल हुए लोग फूटपाथ पर
सोने वाले गरीब थे, जबकि सलमान खान बॉलीवुड के बड़े सितारे हैं, उनका काफी रसूख और
पहुँच है। पैसा तो है ही। क्या कोर्ट मीडिया ट्रायल से प्रभावित होता है या
सेलेब्रिटी स्टेटस उसके न्याय को बौना बना देता है ?
क्या छूटेंगे सूरज पंचोली भी !
सच क्या है, इसकी
पुष्टि तो सुप्रीम कोर्ट के फैसले कि बाद ही होगी। लेकिन, आदित्य पंचोली को कुछ
आस बंधी है।उनके बेटे सूरज पंचोली पर गजिनी और निःशब्द की नायिका जिया खान की माँ द्वारा जिया की कथित
हत्या करने के आरोप लगाए हैं । प्रारंभिक जांच में सूरज पंचोली को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी ही
माना गया था। बाद में आलिया की माँ ने कोर्ट में अपील दायर कर जिया की मृत्यु को
हत्या बताया था। इसके लिए उन्होंने सूरज को दोषी बताया था तथा सीबीआई जांच की अपील की थी। सलमान खान के मामले में हाई कोर्ट का फैसला आने से सूरज पंचोली के पिता आदित्य
पंचोली काफी खुश हैं। वह उन्ही बिन्दुओं पर, जिनके आधार पर हाई कोर्ट ने सलमान खान
को दोष मुक्त माना, जोर देकर सूरज को छुडाना चाहेंगे। यहाँ बताते चलें कि सलमान
खान ने ही इस साल फिल्म ‘हीरो’ के ज़रिये सूरज पंचोली का फिल्म डेब्यू करवाया था।
गोविंदा को सुप्रीम कोर्ट की सलाह
क्या सूरज पंचोली भी
सलमान खान की तरह पुख्ता सबूतों के अभाव में रिहा कर दिए जायेंगे ? इस सवाल का
जवाब तो आने वाला समय बतायेगा। लेकिन, इसमे कोई शक नहीं कि बॉलीवुड के एक्टर अपने
सेलेब्रिटी गुरूर में इधर उधर पंगा लेते रहते हैं। इस लिहाज़ से सलमान खान ज्यादा
कुख्यात हैं। उन पर कई दूसरे मामले देश की विभिन्न अदालतों में चल रहे हैं। दूसरे
मुकदाओं का परिणाम बॉम्बे हाई कोर्ट जैसा होगा, नहीं कहा जा सकता। लेकिन कोर्ट इन
सेलेब्रिटी के मामले में थोडा नरम लगता है। सलमान खान के साथ पार्टनर में जोड़ीदार
गोविंदा का मामला भी ताज़ा है। गोविंदा २००८ में मनी है तो हनी है की शूटिंग कर
रहे थे। उन्होंने सेट पर मौजूद एक गेस्ट को इस
लिए तमाचा मार दिया कि वह लड़कियों से बदसलूकी कर रहा था। पुलिस द्वारा राय नाम के गेस्ट
की शिकायत दर्ज न करने पर वह व्यक्ति खुद कोर्ट गया। ट्रायल कोर्ट ने गोविंदा
को दोषी मान कर सज़ा सुना दी। लेकिन, बॉम्बे हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आर्डर को
खारिज कर दिया। इस पर राय सुप्रीम कोर्ट गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में
गोविंदा को मौका दिया कि वह अपने प्रशंसक राय से मिल कर माफ़ी मांगे और मामले को
ख़त्म करवाए। अन्यथा उन पर आपराधिक मामला चलेगा और दो साल तक की सजा हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में
गोविंदा के एक्टर और एमपी होने को संज्ञान में लिया था।
बचे जॉन अब्राहम
बॉलीवुड सेलेब्रिटी
या तो घमंडी होते हैं या बददिमाग कि वह अपने प्रशंसकों से दुर्व्यवहार करने से बाज़
नहीं आते। लेकिन सैफ अली खान तो कुछ ज्यादा आगे चले गए। वह पद्मश्री से सम्मानित
हैं। लेकिन, उन्होंने इसकी परवाह किये बिना एक होटल में अपने परिवार और मित्र के
साथ मौजूद इकबाल शर्मा नाम के गेस्ट के साथ बदसलूकी और मारपीट की। इस मामले में
भी मुंबई पुलिस ने प्रारंभिक ढिलाई बरती। फिलहाल सैफ अली खान पर मुकदमा चल रहा
है। जॉन अब्राहम अभिनीत तेज़ रफ़्तार मोटर साइकिल चलाने वाले डकैतों की कहानी ‘धूम’
बॉक्स ऑफिस पर सुपर हिट हुई थी। जॉन अब्राहम का मोटर साइकिल चलाने का शौक पुराना
है। अप्रैल २००६ में वह अपनी सुजुकी हयाबुषा मोटर साइकिल की रफ़्तार पर नियंत्रण
नहीं रख पाए और उन्होंने दो लोगों को घायल कर दिया। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर
लिया। चार साल बाद इस मुकदमे पर हुए फैसले में कोर्ट ने उनके पहले अपराध के कारण
उन्हें केवल १५ दिनों सादा कैद की सजा सुनाई। लेकिन कुछ ही घंटों में बॉम्बे हाई कोर्ट
ने उन्हें ज़मानत दे दी। आजकल जॉन अब्राहम अपनी फिल्मों पर ज्यादा ध्यान लगा रहे
हैं।
अबु सलेम की मोनिका
कभी छोटी फिल्मों के
ज़रिये बॉलीवुड में प्रवेश करने वाली मोनिका बेदी को फ़िल्में तो मिली, लेकिन यह
फ़िल्में ख़ास नहीं चली। मोनिका बेदी का बॉलीवुड करियर ख़त्म हो जाता कि मोनिका को गैंगस्टर
अबू सलेम का साथ मिल गया। इसी के बूते पर वह करियर के ढलान में जोड़ी नंबर वन और
प्यार इश्क और मोहब्बत जैसी बड़े बैनर की फ़िल्में पाने में कामयाब हो पाई। इसके बाद
वह अबू सलेम के साथ भारत से बाहर भाग गई। लम्बी कानूनी कार्यवाही के बाद उनका
भारत को प्रत्यर्पण हुआ। लेकिन, जाली पासपोर्ट मामले में दोषी साबित होने के
बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अब तक काटी जेल अवधि को सज़ा की अवधि मानते हुए
रिहा कर दिया। आजकल मोनिका बेदी टीवी सीरियल कर रही हैं।
मई २००१ में एक्टर
फ़िरोज़ खान के बेटे फरदीन खान कोकीन खरीदते हुए पकडे गए थे। चूंकि, उन्होंने
स्वीकार किया कि वह ड्रग एडिक्ट हैं और उनके पास बरामद कोकीन थोड़ी मात्र में थी,
इसलिए उन पर नशीली दवाओं की बिक्री का मामला नहीं चला। उन पर खुद के उपयोग के लिए
कोकीन रखने का मामला चलाया गया। इस कानून के अन्दर पहली बार पकडे जाने वाला अगर
कोई शख्स सरकारी हॉस्पिटल में अपना ईलाज करवाता है तो उसे सज़ा नहीं होती। इस
प्रकार से नशे के आदि फरदीन खान भी कानून के शिकंजे से बच निकले।
पुरू ने मारे थे तीन
यहाँ बडबोले अभिनेता
राजकुमार के असफल एक्टर बेटे पुरु राजकुमार का मामला बेहद दिलचस्प है। पुरु पर मुंबई में नशे में तेज़ रफ़्तार कार चला कर ८ लोगों को कुचल देने का मामला
दर्ज हुआ था। इनमे से तीन की मौत हो गई थी। मुकदमे में पुरु दोषी भी साबित हुए। लेकिन, वह प्रत्येक मृतक परिवार को सिर्फ ३० हजार का हर्जाना दे कर छूट गए। इस समय भी कई
सेलेब्रिटी अपने किये अपराधों के लिए मुकदमे का सामना कर रहे हैं। शाहरुख़ खान पर आरोप
लगा था कि अपने तीसरे बेटे के जन्म से पहले उन्होंने गौरी के गर्भ का सेक्स
निर्धारण टेस्ट करवाया था। हालाँकि, खान का कहना था कि यह आरोप अबराम (बेटे) के
जन्म के बाद लगा है। फिलहाल इस मामले में कोर्ट का फैसला आना है।सलमान खान भी
अभी राजस्थान में काले हिरन के शिकार से अपना पल्ला नहीं छुडा पाए हैं। उनके साथ तब्बू,
नीलम और सोनाली बेंद्रे भी अभियुक्त हैं। शाइनी आहूजा को अपनी नौकरानी के साथ बलात्कार के मामले में सज़ा हो चुकी है। फिलहाल, वह जमानत पर बाहर हैं। इसी प्रकार से अंकित तिवारी और मॉडल एक्टर इन्दर
कुमार बलात्कार के आरोप में जेल गए और आजकल ज़मानत पर हैं। अरमान कोहली बिग बॉस की
सह-प्रतिभागी सोफ़िया हयात को धमकी देने के आरोप में जेल गए। वह भी ज़मानत पर हैं।
इससे साफ़ है कि भिन्न अपराधों के लिए आरोपित बॉलीवुड सेलिब्रिटीज मुकदमा ज़रूर झेल
रहे हैं, लेकिन जल्द ही ज़मानत पर बाहर आ गए। सिर्फ संजय दत्त ही इकलौते ऐसे अभिनेता हैं, जो
अपनी सज़ा पूरी करने क लिए महाराष्ट्र की यरवदा जेल में हैं। इससे ऐसा लग सकता है कि देश की अदालतें बॉलीवुड सेलिब्रिटी पर ख़ास मेहरबान होती है। वैसे मीडिया ट्रायल भी कोर्ट को प्रभावित कर देता है।
अल्पना कांडपाल
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फिल्म पुराण
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
हर महान जासूस के पीछे एक बेवक़ूफ़ भाई होता है
लुइस लेटेरिएर निर्देशित एक्शन कॉमेडी फिल्म 'द ब्रदर्स ग्रिम्सबी ' यह स्थापित करने की कोशिश है कि हर महान जासूस के पीछे एक शर्मिंदा करने वाला भाई होता है। नॉबी इंगिलश फुटबॉल टीम के लिए उपद्रव करने वाले गिरोह का एक अच्छा लेकिन मंदबुद्धि सदस्य है। एक ग्रिम्सबी जो कुछ चाहता है, वह सब कुछ नॉबी के पास है। यानि ११ बच्चे और खूबसूरत महिला मित्र। बस कमी है तो बिछुड़े हुए भाई की। नॉबी और सेबेस्टियन लम्बे समय के बिछुड़े भाई है। सेबेस्टियन एमआई ६ का एजेंट है। सबसे खतरनाक हत्यारा। इन दोनों बिछुड़े भाई फिर साथ आते हैं दुनिया पर संभावित बड़े आतंकी हमले को रोकने के लिए। सेबेस्टियन को अगर इस हमले को रोकना है तो उसे अपने बेवक़ूफ़ भाई का साथ लेना ही होगा। इस दिलचस्प खतनाक वाली एक्शन कॉमेडी फिल्म के निर्देशक लुइस ने नाउ यू सी मी, द इनक्रेडिबल हल्क और द ट्रांसपोर्टर जैसी हिट फिल्मों का निर्देशन किया है। फिल्म में नॉबी की भूमिका साचा बैरन कोहेन कर रहे हैं। उन्होंने ही फिल्म को लिखा भी है। उनके भाई की भूमिका में मार्क स्ट्रांग हैं तथा गर्ल फ्रेंड रिबेल विल्सन बनी है। आइला फिशर, गबौरी सिडिबे और पेनेलोप क्रज़ की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
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Tuesday, 15 December 2015
बिना श्रवण के नदीम सैफी की वापसी !
अगले साल २९ जनवरी को रिलीज़ होने जा रही फिल्म 'इश्क़ फॉरएवर' में नदीम सैफी का संगीत है। वह १० साल बाद हिंदी फिल्मों में वापसी कर रहे हैं। पूरे १९९० के दशक और २००० के पूर्वार्द्ध में कभी नदीम सैफी का नाम श्रवण राठौड़ के साथ बतौर संगीतकार जोड़ी नदीम श्रवण सुना पढ़ा जाता था। इन दोनों ने इस दौरान आशिक़ी, साजन, दीवाना, दिल का क्या कसूर, हम हैं रही प्यार के, रंग, दिलवाले, राजा, बरसात, अग्नि साक्षी, जीत, राजा हिंदुस्तानी, परदेस, सिर्फ तुम धड़कन, कसूर, हम हो गए आपके, राज़, दिल है तुम्हारा, दिल का रिश्ता अंदाज़, तुमसे नहीं देखा, बेवफा आदि जैसी ढेरो फिल्मों का संगीत दिया। बताते हैं कि फिल्म राज के संगीत को मशहूर सर पॉल मैककार्टनी ने भी सराहा था। नदीम और श्रवण की जोड़ी १९७९ में भोजपुरी फिल्म 'दंगल' के संगीत के रिलीज़ के साथ सामने आया। इन दोनों ने हिंदी फिल्म 'मैंने जीना सीख लिया' (१९८१) का संगीत दे कर पहली बार बॉलीवुड में प्रवेश किया। लेकिन, इस जोड़ी को शोहरत मिली टी सीरीज की महेश भट्ट निर्देशित फिल्म 'आशिक़ी' के संगीत से। यह टी सीरीज के मालिक गुलशन कुमार की व्यावसायिक चतुराई थी कि उन्होंने फिल्म के संगीत का ज़बरदस्त प्रचार किया। फिल्म का संगीत इतना हिट हुआ कि संगीत के बल पर आशिक़ी भी सुपर हिट हो गई। नदीम-श्रवण जोड़ी टी सीरीज के गुलशन कुमार की पसंदीदा जोड़ी थी। नदीम, श्रवण और गुलशन तिकड़ी ने ९० के दशक को मधुर संगीत से गूंजायमान कर दिया। कैसी विडम्बना थी कि जिस गुलशन कुमार ने नदीम को आकाश पर पहुंचाया, उसी गुलशन कुमार की हत्या में आरोपित हो कर नदीम सैफी को देश छोड़ कर लंदन बस जाना पड़ा। लंदन से भी वह श्रवण के साथ संगीत रचना करते रहे। लेकिन २००५ में दोस्ती फिल्म के संगीत के बाद यह जोड़ी टूट गई। अब 'इश्क़ फॉरएवर' के ज़रिये नदीम सैफी हिंदी फिल्मों में वापसी करना चाहते हैं। खबर यह भी है कि वह दीवाना २ और साजन २ के अलावा विशेष फिल्म्स की अगली फिल्म का संगीत दे सकते हैं। लेकिन, सब कुछ निर्भर करेगा 'इश्क़ फॉरएवर' के संगीत की लोकप्रियता पर। समीर सिप्पी की इस फिल्म में कृष्णा चतुर्वेदी, रूही सिंह, लिसा रे, आदि काम कर रहे हैं। यह एक म्यूजिकल ड्रामा फिल्म है। क्या नदीम सैफी नब्बे के दशक वाला रंग जमा पाएंगे ? यह बड़ा सवाल है। लेकिन, पहले सुनिए फिल्म के एक गीत के टीज़र में नदीम की धुन-
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गीत संगीत
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Monday, 14 December 2015
फिर बच्चों के बीच स्टीवन स्पीलबर्ग
बच्चों के लिए ई टी और जुरैसिक पार्क जैसी श्रेष्ठ फ़िल्में बनाने वाले निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग एक बार फिर बच्चों के संसार में लौट आये हैं। वह रोआल्ड डाहल के १९८२ में प्रकाशित उपन्यास 'द बीएफजी' पर इसी टाइटल के साथ फिल्म बना रहे हैं। जिस दौर में स्पीलबर्ग 'पोलटेरजिस्ट' और 'ब्रिजेज ऑफ़ स्पाईज' के निर्माण में व्यस्त थे, ठीक उसी समय 'द बीएफजी' पर भी काम कर रहे थे। यह कहानी सोफी नाम की लड़की की देश की रानी और २४ फुट लम्बे बीएफजी के साथ मानवता के लिए खतरनाक दैत्यों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने की है। बीएफजी यानि बिग फ्रेंडली जायंट एक अच्छा दैत्य है, जबकि उसके साथी दैत्य ब्लडलॉटर और फ़्लैशलम्पईटर बुरी प्रकृति के हैं। इस फिल्म में सोफी का किरदार नया चेहरा रूबी बर्नहिल कर रहा है। स्टीवन स्पीलबर्ग की जर्मनी में जासूस की कहानी 'ब्रिजेज ऑफ़ स्पाईज' से बिलकुल हट कर है। ब्रिजेज ऑफ़ स्पाईज जहाँ गंभीर किस्म की फिल्म थी, वहीँ द बीएफजी बच्चों को टारगेट फिल्म होने के बावजूद हँसी मज़ाक से भरपूर मनोरंजक फिल्म है। इस फिल्म का टाइटल रोल मार्क रयलन्स कर रहे है। मार्क ने 'ब्रिजेज ऑफ़ स्पाईज में रुडोल्फ एबल का किरदार किया था। रूबी बार्नहिल अभी ११ साल की हैं। वह ब्रिटिश हैं। द बीएफजी उनकी पहली फिल्म है। अपनी पहली फिल्म में ही रूबी बिल हैडर, पेनेलोप विल्टन और जेमैन क्लेमेंट जैसे वरिष्ठ कलाकारों के साथ काम करने का मौक़ा ही नहीं मिला है, बल्कि वह एक प्रकार से उनके मुकाबले में लीड कर रही है। मेलिसा मथिसन की यह आखिरी फिल्म है, जिसे उन्होंने स्टीवन स्पीलबर्ग के लिए लिखा है। मेलिसा ने ईटी: द एक्स्ट्रा-टेरेस्ट्रियल और द ट्वाईलाईट जोन जैसी फ़िल्में लिखी थी। मेलिसा के पिछले महीने कैंसर के कारण स्वर्गवास हो गया था। अगले साल १ जुलाई को रिलीज़ होने जा रही फिल्म 'द बीएफजी' का जादुई ट्रेलर देखिये।
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The BFG
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