Saturday, 21 January 2017

शाहरुख़ खान क्यों बनाना चाहते हैं ब्रेकिंग बैड पर फिल्म ?

बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस के बादशाह शाहरुख़ खान की तमन्ना है कि वह अमेरिकी क्राइम ड्रामा सीरीज ब्रेकिंग बैड पर हिंदी फिल्म बनाये।  विंस गिलिगन निर्देशित यह सीरीज दुनिया की सबसे ज़्यादा देखी और सराही जाने वाली सीरीज है।  इस सीरीज के पांच सीजन हुए।  कुल ६२ एपिसोड प्रसारित हुए।  एक हाई स्कूल के केमिस्ट्री टीचर वाल्टर वाइट को पता चलता है कि उसे फेफड़ों का असाध्य कैंसर हैं।  ऐसे में वह अपने परिवार को आर्थिक परेशानियों से निजात दिलाने के लिए ड्रग माफिया बन जाता है। केमिस्ट्री टीचर होने के नाते, वह खुद ड्रग्स बनाता और बेचता है।  इस भूमिका को अमेरिकी अभिनेता ब्रायन क्रेन्स्टन ने किया था।  इस भूमिका के लिए उन्होंने लगातार चार साल एमी अवार्ड्स में असाधारण अभिनय के लिए श्रेष्ठ अभिनेता के रूप  में पुरस्कृत किया गया।  ज़ाहिर है कि यह एक पावरफुल करैक्टर है।  शाहरुख़ खान उम्र के इस मोड़ पर कुछ ऐसे ही किरदार करके खुद को बेमिसाल साबित करना चाहेंगे।  हालाँकि, यह एक नेगेटिव किरदार है, नशीली दवाओं का कारोबारी माफिया।
शाहरुख़ खान को ऐसे किरदार फबते हैं।  खान की फिल्मों का इतिहास गवाह है कि वह निगेटिव किरदारों में बेहतरीन और प्रभावशाली अभिनय कर ले जाते हैं।  अब २५ जनवरी को रिलीज़ फिल्म रईस को ही लीजिये।  इस फिल्म में खान एक गुजराती डॉन का किरदार कर रहे हैं, जिसने अपने अपराध जीवन की शुरुआत शराब तस्करी से की थी।  शाहरुख़ खान को राहुल ढोलकिया निर्देशित अपनी इस फिल्म पर इतना भरोसा है कि वह हृथिक रोशन की फिल्म काबिल के सामने भी अपनी फिल्म रिलीज़ करने के लिए अड़े रहे।  हालाँकि, काबिल भी एक अपराध फिल्म है।  फर्क इतना है कि काबिल का अंधा नायक अपनी प्रेमिका से बलात्कार और हत्या का बदला लेने के लिए दो माफिया भाइयों के खिलाफ हथियार उठाता है।  इसके बावजूद शाहरुख़ खान बेपरवाह हैं।  वह काफी पहले ही कह चुके हैं कि आ रहा हूँ मैं।  शाहरुख़ खान को क्यों इतना अट्रैक्ट करते हैं निगेटिव  किरदार ?
बॉक्स ऑफिस जीतने वाला बाज़ीगर
निगेटिव या डॉन या माफिया किरदार शाहरुख़ खान के पसंदीदा हैं।  उनकी अभिनय शैली में ऐसे किरदार खिल उठते हैं।  शाहरुख़ खान का फिल्म करियर इसकी तस्दीक भी करता है।  दीवाना जैसी रोमांस फिल्म से अपने करियर की शुरुआत करने वाले शाहरुख़ खान ने हिंदी दर्शकों के दिलों में अपनी जगह टीवी सीरियल फौजी के लेफ्टिनेंट अभिमन्यु रॉय  के किरदार से बना ली थी।  दीवाना के बाद शाहरुख़ खान ने चमत्कार और  राजू बन गया जेंटलमैन जैसी फिल्मों से अपनी भोले भाले युवक की इमेज स्थापित करने की कोशिश की।  लेकिन, उनके करियर के साथ चमत्कार हुआ अब्बास मुस्तान की बाज़ीगर से।  इस फिल्म में शाहरुख़ खान ने अपने पिता की बर्बादी और मौत का बदला लेने के लिए खूनी खेल खेलने वाले युवक विक्की शर्मा उर्फ़ अजय शर्मा का किरदार किया था।  इस निगेटिव भूमिका में शाहरुख़ खान के पावरफुल अभिनय का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह दर्शकों द्वारा बतौर एंटी हीरो स्वीकार कर लिए गए।  इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवार्ड्स भी मिला।  बाज़ीगर १२ नवम्बर को रिलीज़ हुई थी।  इसके को ४२ दिनों बाद २४ दिसम्बर को यशराज बैनर से यश चोपड़ा निर्देशित फिल्म डर रिलीज़ हुई।  इस फिल्म में वह जूही चावल से एकतरफा प्रेम करने वाले हिंसक प्रेमी बने थे।  इस फिल्म को भी ज़बरदस्त सफलता मिली।  शाहरुख़ खान पहले ऐसे अभिनेता बन गए, जो खल भूमिकाओं के बावजूद दर्शकों का पसंदीदा बना।
सम्हल गया 'डॉन'
शाहरुख़ खान ने जल्द जान लिया कि खल किरदार उनके व्यक्तित्व के अनुरूप हैं।  लेकिन, ऎसी भूमिकाओं से वह खल नायक बन सकते थे।  जबकि, वह हिंदी फिल्मों का रोमांटिक नायक बनना चाहते थे। अंजाम में उनके निगेटिव किरदार ने उनका यह एहसास पुख्ता किया।  इसलिए इसी दौरान उन्होंने कुछ रोमांस फ़िल्में साइन कर ली।  राम जाने की असफलता ने शाहरुख़ खान की सोच पर  मोहर लगा दी कि निगेटिव रोल उन्हें लंबी रेस का घोड़ा नहीं बना सकते हैं।  शाहरुख़ खान, सचमुच किस्मत के बादशाह भी हैं।  अंजाम और राम जाने के बीच उनकी दो फ़िल्में-पुनर्जन्म पर एक्शन रोमांस फिल्म करण अर्जुन और एनआरआई रोमांस वाली फिल्म दिल वाले दुल्हनिया ले जायेंगे हिट हो गई।  शाहरुख़ खान रोमांस के बादशाह बन गए।
एनआरआई रोमांस वाले शाहरुख़ खान
ध्यान  से देखे तो शाहरुख़ खान ने निगेटिव या ग्रे शेड वाले किरदारों को अलविदा नहीं कहा।   अज़ीज़ मिर्ज़ा की फिल्म यस बॉस में वह नायिका जूही चावल को अपने जाल में फंसाने के लिए अपने बॉस की मदद करते है।  परदेस और दिल तो पागल है में रोमांस करने वाले शाहरुख़ खान निर्देशक महेश भट्ट की फिल्म डुप्लीकेट में अपनी दो भूमिकाओं में से एक में डॉन का किरदार कर रहे थे।  मंसूर खान निर्देशित फिल्म जोश में वह ऐश्वर्या राय के भाई बने थे और गोवा के ईगल गैंग के लीडर मैक्स डियास का किरदार कर रहे थे।  जोश के ६ साल बाद शाहरुख़ खान ने डॉन का चोला ओढ़ लिया।  फरहान अख्तर निर्देशित फिल्म डॉन : द चेज बेगिंस अमिताभ बच्चन की १९७८ की सुपर हिट फिल्म डॉन का रीमेक थी।  इस फिल्म में खान ने अमिताभ बच्चन के जूते में पैर डाला था।  हालाँकि, डॉन हिट हुई।  इसका सीक्वल डॉन द चेज बेगिंस अगेन भी बना और सफल हुआ। लेकिन, खान कहीं से भी अमिताभ बच्चन के आसपास तक नहीं थे।
बहुत से अभिनेता बने हैं डॉन
रईस में शाहरुख़ खान डॉन बने हैं।  डॉन किरदारों ने कई बॉलीवुड अभिनेताओं को सफलता दिलाई है।  अजय देवगन, संजय दत्त, अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना, धर्मेन्द्र, आदि अभिनेताओं ने डॉन करैक्टर के सहारे बुलंदियों को छुआ है।  शाहरुख़  खान पिछले २ नवम्बर को ५१ साल के हो गए।  अब वह अलग तरह की भूमिकाएं करना चाहते हैं।  डिअर ज़िंदगी इसका उदाहरण हैं।  लेकिन, डॉन की भूमिकाओं में तो कोई नयापन नहीं।  शाहरुख़ खान क्यों कर रहे हैं डॉन के किरदार।  जबकि वह २०१५ में रोहित शेट्टी की फिल्म दिलवाले में डॉन काली का किरदार करके मात खा चुके हैं।  अब वह रईस के ज़रिये गुजरात के एक डॉन का किरदार पेश करने जा रहे हैं।  ऐसे किरदार बहुत उत्सुकता पैदा नहीं करते।  डॉन में नया क्या ? दर्शक सोचता है।  क्या रईस में कुछ नया दे पाएंगे शाहरुख़ खान ?
जहाँ तक शाहरुख़ खान के निगेटिव किरदार करने का सवाल है, यह स्वाभाविक है।  ऐसे किरदार करना उनके अभिनेता की रगों में बाह रहे खून का परिणाम है।  शाहरुख़ खान ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत नाटकों से की थी।  नाटकों में अच्छा या बुरा किरदार नहीं होता।  वहां एक केंद्रीय किरदार होता है।  वह अच्छा भी हो सकता है और बुरा भी।  शाहरुख़ खान ने स्टेज पर ऐसे सभी किरदार किये।  शाहरुख़ खान कहते है "बुरे या बहुत बुरे करैक्टर, चाहे वह किताबों कहानियों में हो या स्टेज-टेलीविज़न में  खेले जा रहे हों, मुझे अट्रैक्ट करते हैं। " इसीलिए, शाहरुख़ खान बनाना चाहते हैं ब्रेकिंग बैड पर फिल्म और बनते रहते हैं डॉन !








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