Thursday, 20 October 2016

मुझे ख़ुशी है कि यह फिल्म भारत में बनायी गयी - अजय देवगन

चार साल बाद अजय देवगन की फिल्म शिवाय दिवाली पर रिलीज़ होने जा रही है।  इस फिल्म का टकराव करण जौहर की फिल्म ऐ दिल है मुश्किल से होगा। लेकिन, उन्हें अपनी फिल्म पर भरोसा है।  शिवाय, एक्शन, पाकिस्तानी एक्टर्स, आदि पर उनसे हुई बातचीत - 
फिल्म का नाम शिवाय क्यों है ?
मेरे किरदार का नाम शिवाय है।  लेकिन,यह धार्मिक फिल्म नहीं है। शिव ऐसे भगवान् हैं, जो आज के लोगों से कनेक्ट हो पाते हैं। उन्हें भोला भंडारी भी कहते हैं। साथ ही वह समय आने पर विनाश भी करते हैं। यह व्यक्तित्व आज कल के इंसान में भी मिलता है।  
आप एक्शन और कॉमेडी को बैलेंस कैसे करते हैं ?
इस फिल्म में ड्रामा ज्यादा है। कॉमेडी बिलकुल नहीं है। यह इमोशनल ड्रामा फिल्म है।  
आपने दृश्यम की थी, जो पारिवारिक बाप-बेटी रिश्तों वाली फिल्म थी। 
दृश्यम मैंने स्क्रिप्ट के हिसाब से की थी। यह एक अलग कहानी है। आज के जमाने में बाप बेटी के रिश्ते को देखते हुए यह फिल्म बनायी है।  
सुना है शिवाय एक कॉमिक्स के रूप में भी आ रहा है !
शिवाय का ट्रेलर देखकर एक कॉमिक्स कंपनी ने आईडिया दिया। उनका कांसेप्ट मुझे पसंद आया और मैंने हाँ कह दिया। हालांकि फिल्म की कहानी, कॉमिक्स से अलग है।  
फिल्म का एक्शन कैसा है ?
एक्शन काफी अलग है, जो इमोशन के साथ जुड़ा हुआ है।  मैंने काफी रीयल ट्रीट करने की कोशिश की है। मेरा मकसद हॉलीवुड स्टाइल का एक्शन सबके सामने लाना है। मुझे अपनी टीम पर भरोसा था।  हमारा काम मुश्किल था लेकिन बढ़िया हुआ है।  
फिल्म को इंटरनेशनल मार्किट में भी रिलीज़ किया जा रहा हैं ?
इंटरनेशनल  मार्किट में जर्मनी बुल्गारिया और साथ ही चीन से भी इसे रिलीज़ करने का मैसेज आया है।  मुझे बहुत ख़ुशी है कि यह फिल्म इण्डिया में बनायी गयी है।  
क्या यह किसी फिल्म से प्रेरित है ?
नहीं, बिल्कुल नहीं। लेकिन, कहानी काफी अलग है।  
फिल्म में विदेशी कलाकार  भी हैं ?
जी,  स्क्रिप्ट की डिमांड  थी, इसलिए  हमने  उन्हें लिया  है। अन्यथा  हमारे  देश  में एक्टर्स की कमी नहीं है।  इसे बनाने में लगभग डेढ़ साल का समय लगालेकिन मुझे बेहतरीन एक्टर्स मिले। 
शूटिंग के दौरान आपकी तबियत भी खराब हुयी थी ?
हाँ एक शॉट के दौरान मेरी गर्दन टूटने वाली थी। लेकिन बाल बाल बचा। अभी भी मेरी तबियत खराब है, लेकिन काम करना करना बहुत ज़रूरी है। फिल्म जल्द रिलीज करनी है। 
 आपके लिए क्रिटिक्स कितने मायने रखते हैं ?
आजकल हर कोई क्रिटिक हो गया है। मुझे लगता है कि लोगों को पढ़ाई-लिखाई करके इस क्षेत्र में आना चाहिए।  
आपको लगता है कि यह दीवाली ख़ास होने वाली है ?
मुझे ज्यादा तो नहीं पता लेकिन जितना ऊपरवाले ने साथ दिया है, आशा है आज भी उतना ही साथ देगा।  
पाकिस्तानी एक्टर्स के मुद्दे पर आप क्या कहना चाहेंगे ?
मुझे पाकिस्तानी एक्टर्स पसंद हैं। मैंने उनके साथ काम किया है, उन्होंने हमारे साथ किया है। लेकिन कभी कभी ऐसे हालात हो जाते हैं जहां पर बात देश की होती है। हमें जवानों के परिवार के बारे में सोचना चाहिए। जवान आपके लिए जिंदगी दे देता है।  मुझे लगता है की उस वक्त के लिए हमें अपने देश के लिए खड़ा रहना चाहिए। देश सबसे ऊपर है। अक्षय कुमार ने भी कहा कि हम लोगों को अपने लोगों का सपोर्ट करना चाहिए। कल्चरल एक्सचेंज नहीं हो सकते।  
अपनी सफलता को कैसे देखते हैं ?
अभी रास्ता बहुत लंबा है। काम करने की भूख बनी रहनी चाहिए।  
ऐ दिल है मुश्किल भी साथ ही रिलीज हो रही है। क्या थिएटर बराबर मिले हैं ?
जी, मुझे लगता है की थिएटर बराबर मिले हैं। ऑडिएंस को फिल्म देखने दीजिये और उन्हें ही निर्णय लेने दीजिये।  
आप किसी कैंप का हिस्सा नहीं हैं ?

देखिये कैम्प जैसी कोई चीज नहीं होती।  मेरा तो बस एक ही मानना है कि मैं आपके काम में दखल नहीं दे रहा हूँ, तो आप भी मेरे काम में दखलंदाजी मत कीजिये। लेकिन, अगर कोई मेरे काम में दखल देगा तो मैं  रिएक्ट करूंगा ही। 


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