Saturday, 13 May 2017

राजकुमार की शादी में दो करोड़ खर्च

ऐसे में जबकि सरकारें दहेज़ रहित और बिना तामझाम की शादी की वकालत कर रही हैं, ऐसे में राजकुमार राव की शादी में 2 करोड़ रुपये खर्च किया जाना कान खड़े कर देता है। लेकिन, राजकुमार राव की यह शादी रियल लाइफ नहीं, बल्कि रील लाइफ है।  निर्माता विनोद बच्चन की फिल्म शादी में ज़रूर आना में राजकुमार राव की शादी  का आलीशान सेट खड़ा करने में दो करोड़ खर्च हो गए।  इस सेट को बनाने में इतने ज़्यादा पैसे इसलिए भी खर्च हो गए कि आर्ट डायरेक्टर अरूप अधिकारी ने सेट डिजायनर शबीउल हसन और टीम के साथ मिलकर तीन दिन में इस सेट को तैयार करवाया था।  साथ ही इस सेट को इस प्रकार का होना चाहिए  था, जैसा कभी बॉलीवुड की किसी शादी में नहीं देखा गया हो।  ​निर्माता विनोद बच्चन कहते है " ​चूंकि यह शादी का दृश्य है, इसलिए हम एक भव्य समारोह की तरह इस दृश्य को बहुत ही शानदार दिखाना चाहते थे।" इस फिल्म से ​फिल्मकार  अनुभव सिन्हा की पत्नी रत्ना सिन्हा बतौर निर्देशक डेब्यू कर रही है। इलाहबाद, लखनऊ और कानपूर में फिल्माई गई इस फिल्म में अभिनेता राजकुमार राव और कृति खरबंदा लीड रोल में नजर आएंगे ।  
अँधेरे में ग़ुम बच्चों की दुनिया में होगा 'सनराइज' !
मुंबई पुलिस की समाज सेवा शाखा का इंस्पेक्टर लक्षमण जोशी रातों को भटकता है मुंबई की अँधेरे में डूबी गन्दी गलियों में घूमता फिरता है, अपनी गायब कर  दी गई बेटी अरुणा की तलाश में। एक व्यक्ति की इस कहानी के पीछे वह तथ्य हैं, जो यह बताते हैं कि हिंदुस्तान में हर साल ६० हजार बच्चे इसी प्रकार गुम हो जाते हैं।  इनमे से ज़्यादातर मिलते ही नहीं। यह कहानी है डायरेक्टर पार्थ सेन-गुप्ता की फिल्म सनराइज की।  यह फिल्म स्त्रियों और बच्चों के प्रति हिंसा का मुद्दा भी उठाती है।  इस फिल्म में लक्षमण जोशी का मुख्य किरदार सशक्त अभिनेता आदिल हुसैन ने किया है।  फिल्म में, बच्ची के गायब होने के बाद पागल सी हो गई पत्नी लीला का किरदार तनिष्ठा चटर्जी ने किया है। इनके अलावा आशालता वाबगाओंकर, गुलनाज़ अंसारी, चिन्मय कांबली, हृदयनाथ जाधव और एषा अमलानी भी अपने किरदारों से फिल्म को सपोर्ट करते हैं।  
बुरे किरदार में चंकी पांडेय
धर्मेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा के साथ फिल्म आग ही आग में नीलम के रोमांटिक जोड़ीदार चंकी पांडेय पर अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित की फिल्म तेज़ाब ने सह-अभिनेता का ठप्पा लगा दिया।  इस फिल्म के बाद वह गोविंदा के साथ कॉमेडी करते रहे।  परदे पर हंसाते थे।  दर्शक हँसते भी थे।  पर समीक्षक उन्हें उनके चहरे के हावभाव के कारण मंकी पांडेय पुकारते रहे।  उन्होंने ज़्यादातर फिल्मों में लाउड कॉमिक करैक्टर ही किये।  लेकिन, अब वह कुछ अलग करते नज़र आ रहे हैं।  १४ अप्रैल को दर्शकों ने चंकी पांडेय को श्रीजित मुख़र्जी की फ़िल्म बेगम जान में कबीर के किरदार में देखा।  अजीबोगरीब तरीके से लिखा गया यह किरदार चंकी पांडेय के लिए चुनौतीपूर्ण था।  यह किरदार हिन्दुओं के तरह जनेऊ पहनता है और इसने मुसलमानों की तरह खतना करा रखा है। मौके पर यह इन्हे इस्तेमाल करता है।  ज़ाहिर है कि चंकी पांडेय का यह किरदार निगेटिव शेड लिए हुए थे।  बेगम जान के कबीर के बाद चंकी पांडेय एक तेलुगु फिल्म में भी खल चरित्र कर रहे हैं।  चंकी पांडेय की यह पहली तेलुगु फिल्म है।  इसमें वह साउथ के एक बड़े सितारे के साथ काम कर रहे हैं। चंकी पांडेय ने एक एनीमेशन फिल्म हनुमान दा दमदार में के शरारती मगर मज़ाकिया नाज़ुक गाइड के करैक्टर के लिए वौइस् ओवर किया है।  देखें, अपने नए खल तेवरों में चंकी पांडेय कितना सफल होते हैं।

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