फिल्म ही फिल्म

भारतीय भाषाओँ हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, पंजाबी, आदि की फिल्मो के बारे में जानकारी आवश्यक क्यों है ? हॉलीवुड की फिल्मों का भी बड़ा प्रभाव है. उस पर डिजिटल माध्यम ने मनोरंजन की दुनिया में क्रांति ला दी है. इसलिए इन सब के बारे में जानना आवश्यक है. फिल्म ही फिल्म इन सब की जानकारी देने का ऐसा ही एक प्रयास है.

Thursday, 17 November 2016

दक्षिण से कौन बन सकती हैं बॉलीवुड की दीपिका और प्रियंका !

कह सकते हैं कि बॉलीवुड की दो बड़ी अभिनेत्रियां प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण बॉलीवुड से ज़्यादा हॉलीवुड फिल्मों में व्यस्त हैं।  प्रियंका चोपड़ा के पास कोई हिंदी फिल्म नहीं है।  लेकिन, वह अमेरिका में क़्वान्टिको की दूसरी कड़ी के अलावा हॉलीवुड फिल्म बेवॉच की अपनी नेगेटिव भूमिका में मस्त हैं।  बाजीराव मस्तानी जैसी बड़ी सफलता के बावजूद दीपिका पादुकोण ने खुद के सामने फिल्मों का ढेर नहीं लगा लिया है।  वह विन डीजल के साथ एक्शन फिल्म 'ट्रिपल एक्स : रिटर्न ऑफ़ जेंडर केज' में एक्शन और स्किन शो का ख़ास ख्याल रख रही हैं।  उनकी अगली हिंदी फिल्म संजय लीला भंसाली की ही फिल्म पद्मावती होगी।  यों बॉलीवुड के पास कैटरीना  कैफ, सोनाक्षी सिन्हा, अनुष्का शर्मा, श्रद्धा कपूर, आदि ढेरों अभिनेत्रियां हैं।  लेकिन, बॉलीवुड मांगे मोर।  फिफ्टी और फोर्टी प्लस के अभिनेताओं के लिए जोड़ीदार की तलाश ज़ारी है।
साठ और सत्तर के दशक तक, दक्षिण की अनुभवी अभिनेत्रियां हिंदी फिल्मों को नायिका की कमी महसूस नहीं होने देती थी।  हालाँकि, उस समय भी नर्गिस, मीना कुमारी, नूतन, आदि अभिनेत्रियां बॉलीवुड की पारिवारिक फिल्मों को अपने अभिनय का खाद पानी दिया करती थी। लेकिन, शोख  और चंचल भूमिकाओं के लिए आशा पारेख और साधना के आठ वैजयंतीमाला, पद्मिनी, रागिनी, बी सरोजदेवी, हेमा मालिनी, रेखा, जयाप्रदा, आदि ही पंजाबी अभिनेताओं की जोड़ीदारी के लिए उपयुक्त समझी जाती थी।  यह अभिनेत्रियां अभिनयशील तो थी हीं, तीखे नाक नक्श वाली खूबसूरत और नृत्य पारंगत भी थी।  कहने का मतलब यह है कि दक्षिण हमेशा से बॉलीवुड को नायिकाएं देता रहा है। वैसे आज समय थोड़ा बदल गया है।  दक्षिण की फिल्मों में जो अभिनेत्रियां हिट हैं, वह दिल्ली, पंजाब या मुम्बई की ही देन हैं।  इन अभिनेत्रियों ने हिंदी फिल्मों से पहले दक्षिण की फिल्मों में दस्तक दी।  दक्षिण ने इन्हें हाथोंहाथ लिया।  ऎसी तमाम अभिनेत्रियां अब बॉलीवुड फिल्मों के लिए किसी दीपिका पादुकोण या प्रियंका चोपड़ा की कमी पूरी कर सकती हैं।  क्योंकि, यह अभिनेत्रियां अभिनय की हर क्षेत्र में माहिर हैं।  आइये, जानते हैं ऎसी कुछ अभिनेत्रियों के बारे में -
दिशा पाटनी
बरेली में जन्मी दिशा पाटनी का फिल्म डेब्यू तेलुगु फिल्म लोफर से किया। इस फिल्म में वरुण तेज उनके नायक थे।  निर्देशक पूरी जगन्नाथ थे।  फिल्म ख़ास बिज़नस नहीं कर सकी।  दिशा को, इसी साल म्यूजिक वीडियो बेफिक्रा में टाइगर श्रॉफ के साथ रोमांटिक देखा गया।  भारतीय क्रिकेट टीम के कैप्टेन महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक फिल्म एम ऐस धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी में धोनी की प्रेमिका के किरदार ने दिशा के रास्ते खोल दिए।  दिशा पाटनी केवल बॉलीवुड तक सीमित नहीं।  वह जैकी चैन  के साथ हिंदी चीनी भाषा में फिल्म कुंग फू योगा में ख़ास किरदार कर रही हैं।
तापसी पन्नू

मायानगरी वाले शहर मुम्बई में जन्मी तापसी का एक्टर  बनने का सपना पूरा हुआ सुदूर दक्षिण में बनी तेलुगु रोमांस फिल्म झुमान्दी नादम से।  दक्षिण की कोई दस फ़िल्में करने के बाद तापसी को हिंदी फिल्म में डेब्यू करने का मौक़ा दिया निर्देशक डेविड धवन ने कॉमेडी चश्मे बद्दूर में।  यह फिल्म हिट हुई।  तापसी को हिंदी फिल्मों में पहचाना जाने लगा। बेबी में वह अक्षय कुमार के साथ एक्शन कर रही थी।  इस साल रिलीज़ फिल्म पिंक ने तापसी पन्नू को अभिनयशील अभिनेत्री साबित कर दिया।  इस समय वह तेलुगु और हिंदी में बनाई जा रही फिल्म गाज़ी के अलावा रनिंग शादी डॉट कॉम, तड़का और नाम शबाना जैसी फ़िल्में कर रही हैं।
तारा अलीशा बेरी
तेलुगु फिल्म १००% लव और मनी मनी मोर मनी से अभिनय के क्षेत्र में कदम रखने वाली तारा अलीशा बेरी ने हिंदी दर्शकों के बीच अपनी पहचान हॉट फिल्मों की सेक्सी एक्ट्रेस के  बतौर बनाई।  मस्तराम फिल्म में वह नायक की पत्नी थी।  लेकिन, उन्होंने फिल्म में खूब हॉट सीन किये।  अगली फिल्म द परफेक्ट गर्ल और लव गेम्स में भी यही सिलसिला जारी रहा।  उन्होंने भट्ट बंधुओं के साथ तीन फिल्मों की डील साइन की है।  इसकी पहली फिल्म लव गेम्स रिलीज़ हो गई है।  ज़ाहिर है कि अलीशा अपनी सेक्सी इमेज बनाने में सफल हैं। लेकिन यहाँ भी उन्हें ज़रीन खान, सना खान, सनी लियॉन, आदि से ज़बरदस्त चुनौती मिलने जा रही है।  उन्होंने टी सीरीज के साथ भी अनुबंध किया है।
कृति खरबंदा
दिल्ली में जन्मी कृति खरबंदा ने कन्नड़ फिल्मों में काफी नाम कमाया है।  हालाँकि, उनका फिल्म डेब्यू तेलुगु फिल्म बोनी से हुआ था। वह १५ तेलुगु और कन्नड़ फिल्मों में अभिनय करने के बाद भट्ट बंधुओं की फिल्म राज़ रिबूट में इमरान हाशमी और गौरव अरोरा के साथ मुख्य भूमिका में नज़र आई।  वह अपने अभिनय से दर्शकों को प्रभावित कर पाने में कामयाब हुई थी।  अब वह आश्विन धीर की फिल्म अतिथि इन लन्दन में एक ऎसी लड़की का किरदार कर रही हैं, जो अपने पुरुष मित्र के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में है।
एमी जैक्सन

ब्रितानी एक्टर एमी जैक्सन ने तमिल फिल्म मद्रासपट्टिनम (२०१०) से डेब्यू किया था।  दो साल बाद वह प्रतीक बब्बर के साथ बुरी तरह फ्लॉप फिल्म एक दीवाना था से हिंदी फिल्म डेब्यू कर रही थी।  हिंदी फिल्मों में एमी को बूस्ट मिला अक्षय कुमार के साथ फिल्म सिंह इज ब्लिंग से।  इस फिल्म में उनके एक्शन को काफी पसंद किया गया।  अब वह तीन भाषाओं हिंदी, तमिल और तेलुगु में बनाई जा रही विज्ञानं फंतासी फिल्म २.० में रजनीकांत की नायिका के बतौर नज़र आएंगी।
सोनारिका भदौरिया

देवों के देव महादेव की पार्वती से मशहूर सोनिका भदौरिया को उनके नखरों  की वजह से शो से अलग कर दिया गया।  उनकी जगह तेलुगु फिल्मों की सेक्स बम पूजा बोस ने ले ली थी।  पर सोनारिका ने महादेव की पार्वती से मिली शोहरत का फायदा उठाते हुए तेलुगु फिल्म जादूगदू साइन कर ली थी। सोनारिका ने अब तक तीन तेलुगु फ़िल्में की हैं।  इन सभी में उन्होंने जम कर अंग प्रदर्शन किया है।  अब वह निर्देशक राजेश एस रुइया की रोमांटिक हॉरर फिल्म सांसें : द लास्ट ब्रेथ में दर्शकों की सांसें रोक देने वाला अंग प्रदर्शन कर रही हैं।
सना खान

मॉडल एक्ट्रेस सना खान भी मुम्बई से अभिनय करने दक्षिण जा पहुंची।  हालाँकि, सना खान की पहली फिल्म हिंदी में ये है हाई सोसाइटी थी।  लेकिन, उन्हें ज़्यादा सफलता मिली तमिल और तेलुगु फिल्मों में।  २०१४ में सलमान खान की फिल्म जय हो में सना खान ने नेगेटिव किरदार किया था।  इसके दो साल बाद, उनकी बतौर नायिका फिल्म वजह तुम हो रिलीज़ होने जा रही है।  इस फिल्म में उन्होंने जम कर अंग प्रदर्शन किया है और कामुक दृश्य दिए हैं।  उनकी एक अन्य फिल्म टॉम डिक एंड हैरी २ अगले साल रिलीज़ होगी।
यामी गौतम

हिंदी टीवी सीरियलो में नाम कमाने के बाद यामी गौतम दक्षिण चली गई थी।  उन्होंने कन्नड़ फिल्म उल्लासा उत्साहा से फिल्म डेब्यू किया।  आयुष्मान खुराना के साथ फिल्म विक्की डोनर से यामी ने हिंदी फिल्म डेब्यू किया।  फिल्म सफल रही।  लेकिन, यामी को एक्शन जैक्सन जैसी बड़ी फिल्म में छोटी भूमिका ही मिली।  सनम रे, जुनूनियत और बदलापुर के बाद वह फिल्म काबिल में हृथिक रोशन की नायिका बन कर आ रही हैं।  रामगोपाल वर्मा की फिल्म सरकार ३ भी उनके खाते में है।
कृति शेनन

टाइगर श्रॉफ के साथ फिल्म हीरोपंथी से अपने करियर का आगाज़ करने वाली कृति शेनन ने शाहरुख़ खान की सपोर्टिंग एक्ट्रेस वाली फिल्म दिलवाले के लिए अक्षय कुमार की फिल्म सिंह इज ब्लिंग में नायिका का रोल ठुकरा दिया था।  कृति शेनन के फिल्म करियर की शुरुआत भी तेलुगु फिल्म से हुई थी।  फिलहाल, उनके पास सुशांत सिंह राजपूत के साथ फिल्म राब्ता ही  है।
इलेना डिक्रूज

तेलुगु फिल्मों की बड़ी अभिनेत्री इलेना डिक्रूज ने अनुराग बासु की फिल्म बर्फी में रणबीर कपूर और प्रियंका चोपड़ा की मौजूदगी में दर्शकों को अपनी प्रतिभा से चौंकाया था।  वह अब तक फटा पोस्टर निकाला हीरो, मैं तेरा हीरो, हैप्पी एंडिंग और रुस्तम जैसी हिंदी फ़िल्में कर चुकी हैं।  उनकी आगामी हिंदी फिल्मों में अजय देवगन के साल बादशाओ के अलावा फिल्म मुबारकां भी है।












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Labels: फिल्म पुराण
Rajendra Prasad Kandpal
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.

Wednesday, 16 November 2016

अली के कविता निर्माण कौशल से प्रभावित हुई जूडी

आमिर खान की फिल्म ३ इडियट्स की छोटी भूमिका से अपना हिंदी फिल्म करियर शुरू करने वाले अली फज़ल को किसी बड़ी हिंदी फिल्म में हीरो बनाने का मौका नहीं मिल सका है। लेकिन, वह हॉलीवुड फिल्मों के कारण चर्चित हो रहे हैं।  २०१५ में रिलीज़ फ़ास्ट एंड फ्यूरियस फ्रैंचाइज़ी की सातवी फिल्म फ्यूरियस ७ में अली ने ज़फर की छोटी भूमिका में हॉलीवुड के विन डीजल जैसे अभिनेता के साथ स्क्रीन शेयर की थी।  इस समय वह जेम्स बांड फिल्मों में जेम्स बांड की बॉस एम का किरदार करने वाली दिग्गज ब्रिटिश अभिनेत्री जूडी डेंच के साथ हॉलीवुड फिल्म विक्टोरिया एंड अब्दुल की शूटिंग में व्यस्त हैं। अली ने सेट पर मिले खाली समय में कुछ कविताओं की रचना की थी।  इन कविताओं को सुन कर जूडी डेंच भी काफी प्रभावित हुई। उन्होंने अली की कविताओं की बेहद प्रशंसा की । अली फज़ल इस फिल्म में एक भारतीय क्लर्क अब्दुल करीम की भूमिका निभा रहे है। यह कहानी युवा विक्टोरिया के भारतीय क्लर्क अब्दुल से प्रेम की कहानी हैं।  यह एक कवि ह्रदय किरदार है। शायद इसी ने अली को कविता रचाने की प्रेरणा दी। विक्टोरिया एंड अब्दुल अगले साल २२ सितम्बर को रिलीज़ होगी।  
Posted by Rajendra Kandpal Rajendra Prasad Kandpal at 15:14 No comments:
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Labels: Hollywood
Rajendra Prasad Kandpal
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Tuesday, 15 November 2016

फ़िल्में फ्लॉप भी कर देते हैं गर्मागर्म चुम्बन !


किस के मामले में हालिया रिलीज़ फिल्म ऐ दिल है मुश्किल और शिवाय  एक दूसरे को टक्कर देती है। चुम्बनों का यह टकराव चुम्बनों की गिनती के लिहाज़ से नहीं।  चुम्बन का यह टकराव इस लिए है कि शिवाय में वह अजय देवगन अपनी नायिका एरिका कार चुम्बन ले रहे थे जो चुम्बन लो लेकर शर्मीले हैं।  वहीँ ऐ दिल है मुश्किल में रणबीर कपूर से उम्र में काफी बड़ी ऐश्वर्या राय बच्चन रणबीर को अपने चुम्बन को चर्चित और हॉट बना रही थी। वैसे ऐश्वर्या राय ने पहले भी शब्द (संजय दत्त और ज़ायद खान), धूम २ (ह्रितिक रोशन) और मिस्ट्रेस ऑफ़ स्पाइसेज (डायलन माकडेर्मोट) में चुम्बन देकर विवाद पैदा किया था। 
१९३४ में जब देविका रानी और हिमांशु रॉय ने फिल्म कर्मा के लिए चार मिनट लंबा लिप लॉक फिल्माया था, तब उन्हें एहसास भी नहीं रहा होगा कि जब भी बॉलीवुड में चुम्बन का ज़िक्र होगा कर्मा का चुम्बन सदाबहार साबित होगा। इसके बाद से आज़ादी मिलने तक चुम्बनों ने अलग अलग कीर्तिमान बनाये।  फिर आज़ाद भारत के सेंसर से चुम्बन की विदाई हो गई।  खोसला समिति की रिपोर्ट के बाद फिल्मों में फिर चुम्बन इंट्रोड्यूस हुआ तो हमेशा चर्चित होता रहा।  इस चुम्बन की बदौलत बहुत से खिताब ईज़ाद हुए, चुम्बनों की संख्या का कीर्तिमान बना।  
प्रेम का प्रतीक: हॉट और सेंसुअस !

आज़ादी के बाद लंबे समय तक चुम्बन की नामौजूदगी में दो फूलों का मिलना या कबूतरों का चोंच से चोंच भिड़ाना प्रेम के प्रतीक स्वरुप दिखाया जाने लगा।  ऐसे में यह महसूस किया जाने लगा और कहा जाने लगा कि प्रेम की अभिव्यक्ति के लिए इस प्रकार से प्रतीक क्यों ? क्यों नहीं प्रेम  की अभिव्यक्ति नायक और नायिका के होंठों के मिलने से की जा सकती है।  लेकिन, उस समय यह नहीं सोचा गया था कि प्रेम के इस प्रतीक को हॉट और सेंसुअस जैसे खिताब दिए जायेंगे। बहुत लंबा न जाए तो जब हिंदी फिल्मों में चुम्बन आम हो रहा था, तब जब वी मेट फिल्म के आखिर में करीना कपूर का विदा ले रहे शाहिद कपूर का आवेग से भरा चुम्बन गीत की आदित्य के प्रति प्रेम की प्रभावशाली प्रस्तुति थी।  लेकिन कालांतर में इस चुम्बन को हॉट किस का खिताब भी दे दिया गया । चुम्बन सेंसुअस भी हो सकता है, इसे बताया आदित्य दत्त ने।  फिल्म निर्देशक आदित्य दत्त की २१ वी सदी की सबसे सेंसुअल फिल्म आशिक़ बनाया आपने में इमरान हाशमी और तनुश्री दत्त का लंबा चुम्बन 'सेंसुअस किस' माना गया।  
हॉट किस फ्लॉप फिल्म
आम तौर पर फिल्म में चुम्बन को बॉक्स ऑफिस पर दर्शक बटोरने के लिहाज़ से भी फिल्माया जाता है। इन चुम्बनों को किसी न किसी खासियत की वजह से सुर्ख किया जाता है।  इसके बावजूद यह चर्चित चुम्बन फिल्म को बचा नहीं पाते। अभिषेक कपूर उर्फ़ गट्टू की फिल्म फितूर में कैटरिना कैफ और आदित्य रॉय कपूर के बीच हॉट किस की बेहद चर्चा हुई थी।  लेकिन,यह गर्मागर्म किस फिल्म चला पाने में नाकामयाब रहे। इससे पहले, हृथिक रोशन और बारबरा मोरी के बीच फिल्म काइट्स के हॉट किस भी फिल्म को हिट नहीं बना सका। क्यों हो गया न में उस समय के हॉट पेअर ऐश्वर्या राय बच्चन और विवेक ओबेरॉय का किस फिल्म को बचा नहीं पाया। यहां तक कि आमिर खान भी लिप लॉक के बावजूद अपनी दो फिल्मों को डूबने से नहीं बचा पाए थे।  फिल्म बाज़ी में ममता कुलकर्णी के होंठो के बीच रखी आइस क्यूब को आमिर खान अपने होंठों से पकड़ रहे थे । पर आमिर खान और ममता कुलकर्णी के बीच के इस उत्तेजक लिप लॉक के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ठंडी गई।  इसके विपरीत मेला में आमिर और ट्विंकल खन्ना के बीच का किस मशीनी साबित हुआ था। इसमे इश्क़ की कोई गरमी नहीं थी। कमबख्त इश्क़ आखिरी सीन में हनीमून मानाने के लिए जा रहे अक्षय कुमार और करीना कपूर के बीच बहस होने लगाती है।  इस पर नाराज़ हो रहे अक्षय कुमार को चुप कराने के लिए करीना कपूर अपने होंठ उनके होंठों पर रख देती हैं। लेकिन, कमबख्त इश्क़ भी बॉक्स ऑफिस पर कमबख्त साबित हुई। दिलचस्प तथ्य यह है कि उस समय हॉट हो रही फिल्म दयावान में माधुरी दीक्षित और विनोद खन्ना के बीच का लंबा और गर्मागर्म चुम्बन फिल्म के दर्शकों को अपना दयावान नहीं बना सका। किल दिल में परिणीति चोपड़ा और रणवीर सिंह के बीच स्विमिंग पूल के अंदर स्मूचिंग के दृश्यों के बावजूद फिल्म फ्लॉप हुई ।
हॉट किस हिट फिल्म
राजकपूर ने फिल्म संगम (१९६२) में फ्रांस के एफिल टावर पर एक विदेशी जोड़े पर चुम्बन फिल्म कर सेंसर को लाजवाब कर दिया था कि यह विदेशी जोड़े पर था, जहां चुम्बन टैबू नहीं है।  राजकपूर ने बड़ी कुशलता से वैजयंतीमाला को इस चुम्बन को दिखा कर अपने प्रेम की अभिव्यक्ति की थी।  इसी प्रकार से निर्माता, निर्देशक और अभिनेता इन्द्रसेन जौहर उर्फ़ आई एस जौहर ने फिल्म जौहर-मेहमूद इन गोवा में सोनिया साहनी द्वारा लिया गया उनका चुम्बन इस आधार पर बचा लिया था कि सोनिया साहनी का रीटा का करैक्टर पुर्तगाली थी। इन दोनों कथित विदेशी संस्कृति वाले चुम्बन वाली फिल्मों को उनके चुम्बनों की गरमी ने बॉक्स ऑफिस पर भी गरमा दिया।  इसके बाद, ख़ास तौर पर खोसला कमिटी की रिपोर्ट के बाद तो जैसे चुम्बनों के गर्म होने का सिलसिला शुरू हो गया। फिल्म सागर (१९८५) में  ऋषि कपूर द्वारा डिंपल का फ़्लैश चुम्बन सबसे ज़्यादा चर्चित हुआ।  अभिनेत्री मल्लिका शेरावत ने चुम्बनों की गिनती शुरू करवा दी फिल्म ख्वाहिश में अपने चुम्बनों को गिन कर। इसके खबर गर्म हुई कि सुशांत सिंह राजपूत और परिणीति चोपड़ा ने फिल्म शुद्ध देसी रोमांस में एक दूसरे को २७ बार चूमा है । इन सभी चुम्बनों ने अपनी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर गर्म  कर दिया।  पीके में आमिर खान और अनुष्का शर्मा के बीच चुम्बन नहीं था।  लेकिन, वह सुशांत सिंह राजपूत को चुम्बन देती नज़र आई थी।
चुम्बनों की मल्लिकाएं भी 

चुम्बन के लिहाज़ से हिंदी फिल्मों की अभिनेत्रियां भी पीछे नहीं। कभी फिल्मों में नायिका को नायक चूमता था। लेकिन आज की बोल्ड नायिकाओं का तकाज़ा है कि सिल्वर स्क्रीन पर नायिका अपने नायक का चुम्बन लेती है।  आज की नायिकाओं में आलिया भट्ट इस मायने में सबसे आगे  हैं कि उन्होंने अपनी पहली फिल्म स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर में अपने दो नायकों सिद्धार्थ मल्होत्रा और वरुण धवन को चूमा ही, बाद की अपनी तमाम फिल्मो के नायकों का खुद आगे बढ़ कर चुम्बन लिया। अब चाहे वह वरुण धवन या सिद्धार्थ मल्होत्रा रहे हों या रणदीप हूडा और शाहिद कपूर। कैटरीना कैफ ने पहली फिल्म बूम में अमिताभ बच्चन को चूम कर तहलका मचा दिया था।  उनके सेक्सी चुम्बनों का शिकार होने से किंग खान भी नहीं बच पाए।  उन्हें फिल्म जब तक है जान में अपनी चुम्बन न लेने की कसम तक तोड़नी पड़ी। प्रियंका चोपड़ा ने पहली बार फिल्म अंदाज़ में अक्षय कुमार को चुम्बन दिया ही, बाद की लगभग हर फिल्म में हीरो को अपने सुलगते होंठों की गरमी दी।  दीपिका पादुकोण ने तो गोलियों की रासलीला: राम-लीला में ऐसी चुम्बनगिरी की कि तमाम अभिनेत्रियों को फीका कर दिया। चुम्बनों की मल्लिका के लिहाज़ से परिणीति चोपड़ा का हक़ सबसे ज़्यादा बनता है। वह परदे पर बिंदास चुम्बन लेती हैं। करीना कपूर जब खान नहीं बनी थी, तब भी कमबख्त इश्क़ में अक्षय कुमार, देव में फरदीन खान, अजनबी में बॉबी देओल, कुर्बान में सैफ अली खान को चुम्बन देकर चुम्बन क्वीन का खिताब पाती रही, शादी के बाद भी कथित 'नो किस क्लॉज़' के बावजूद अर्जुन कपूर को डिनर टेबल पर चुम्बन देकर गर्म हो गई।  अनुष्का शर्मा चुम्बन देने के मामले में सबसे हॉट एक्ट्रेस मानी जाती हैं।   
किंग ऑफ़ किस आमिर खान
आमिर खान को किंग ऑफ़ किस कहा जाता है।  उन्होंने अपनी बतौर नायक पहली रोमांटिक फिल्म क़यामत से क़यामत तक में स्पाइडर मैन के टॉबी मैग्वायर की शैली में अपनी नायिका जूही चावल का चुम्बन लिया था। आमिर खान ने हम हैं रही प्यार के में भी जूही चावल को किस किया था।  गुलाम में बारिश से भीगते रानी मुख़र्जी और आमिर खान उत्तेजित हो कर एक दूसरे को चूमते थे। फिल्म राजा हिंदुस्तानी में करिश्मा कपूर को उनके लंबे किस ने तहलका मचा दिया था।  फिल्म सुपर हिट हो गई। जो जीता वही सिकंदर में आमिर खान और पूजा बेदी के बीच चुम्बन काफी सेक्सी बन पड़ा था।  अकेले हम अकेले तुम में आमिर खान बाथ टब में मनीष कोइराला को चूम रहे थे। धूम ३ में कैटरीना कैफ को आमिर का चुम्बन काफी धूमदार साबित हुआ।  
बेस्ट किसर ऑफ़ बॉलीवुड
इमरान हाशमी तो बेस्ट हैं ही। उनका प्रशंसक दर्शक चुम्बन को लेकर जैसा उनसे चाहता है वह करते हैं। अक्षय कुमार कमबख्त इश्क़ के बेस्ट किसर की श्रेणी में रखे जाते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते होंगे कि उन्होंने पूजा बत्रा से लेकर काजोल और सोनाली बेंद्रे से लेकर प्रियंका चोपड़ा तक को ऑन स्क्रीन किस किया है।  अब यह बात दीगर है कि इस खिलाड़ी कुमार एक्टर को किस का नहीं बल्कि एक्शन का खिलाड़ी समझा गया।  
चुम्बन से जानी जाती हैं
मल्लिका शेरावत, शेरलीन चोपड़ा, नेहा धूपिया, तनुश्री दत्त, सेलिना जेटली, सोनल चौहान, गीता बसरा, पॉली डैम, अमृता अरोरा, उदित गोस्वामी, समीरा रेड्डी, रिया सेन ,कोएना मित्रा, सनी लियॉन, आदि बेशक ऊंचाइयों को नहीं छू सकीं।  लेकिन इन्हें आज भी इनकी फिल्मों में अपने नायकों को गर्मागर्म चुम्बनों के कारण याद किया जाता है।  एक खिलाड़ी एक हसीना का फरदीन और कोएना मित्र के बीच का चुम्बन हॉटेस्ट किस माना जाता है। लेकिन, कोएना मित्रा का अतापता तक नहीं है।  इस मामले में साउथ की एक्ट्रेस राकुल प्रीत दूसरी अभिनेत्रियों से अलग है। यह माना जाता है कि राकुल प्रीत के ऑन स्क्रीन किस हिट अभिनेता की फिल्म को भी फ्लॉप कर देते हैं। दक्षिण के सुपर सितारे रामचरण तेजा की फिल्म ब्रूस ली में राकुल प्रीत ने उन्हें चूमा था, लेकिन फिल्म फ्लॉप हो गई।  






Posted by Rajendra Kandpal Rajendra Prasad Kandpal at 17:03 No comments:
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Rajendra Prasad Kandpal
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पद्मावती से नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देंगें संजय लीला भन्साली

निर्माता-निर्देशक संजय लीला भन्साली ने अपनी फिल्मों के ज़रिये कई गायक, तकनीशियनों और कला डिजाइनर्स को भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में सफलता की उंचाईयाँ पर पहुंचाया हैं। अब वह अपनी फिल्म पद्मावती से कॉस्ट्यूम डिजाइनर रिंपल और हरप्रीत नरूला को लाँच कर रहें हैं। सेल्यूलाइड पर भव्यता और कमाल के दृश्यों के लिए संजय लीला भन्साली की फिल्में जानी जातीं हैं । भंसाली की कोशिश रहेगी कि यह फिल्म भी उतनी ही खूबसूरती और भव्यता से लोगों तक पहूँचे ।  डिजाइनर्स जोडी रिंपल और हरप्रीत नरूला ने प्राचीन कपडों और उससे जुडी तकनीकों के बारें में गहराई सें अध्ययन किया हुआ हैं। दोनों डिजाइनर्स अपने विशेषज्ञता के लिए फिल्म इंडस्ट्री में जानी जाती हैं। लेकिन यह पहली बार होगा, की वह किसी फिल्म के लिए कॉस्च्युम्स डिजाइन करेंगीं। सूत्र बतातें हैं की १३ वी सदीं में चितौंड में प्रसिध्द तुर्की प्रभावों पर वह दोनों डिजाइनर्स काम कर रहीं हैं। इतना ही नहीं, बल्कि इन डिजाइनर्स ने उनके नियमित रूप से चल रहें व्यावसायिक कामों को पूरी तरह से बंद कर दिया हैं। हरप्रीत का कहना है, " भन्सालीजी की मार्गदर्शन से और पुराने दस्तावेजों, किताबों, और पांडुलिपियों का अध्ययन कर हम डिजाइन्स पर काम कर रहें हैं। यह बहुत गहन और विस्तृत प्रक्रिया हैं। लेकिन काफी बेहतरीन रचनात्मक काम हैं। भन्सालीजी अपने भव्यता और बेहतरीन दृश्यों के लिए जाने जाती हैं। यह डिजाइन्स वैसे ही होंगें।“ रिंपल कहती हैं, “इस फिल्म का हिस्सा बन कर हम काफी उत्साहित हैं। उम्मीद हैं हमें भन्सालीजी कि आगे की फिल्मों का भी हिस्सा बनने का मौका मिलेगा।“
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Rajendra Prasad Kandpal
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Saturday, 12 November 2016

स्टार बन गए तो भूल गए अपने हमसफ़र

हिंदी  फिल्मों में रोमांस की अजब महिमा है।  कोई एक्शन या कॉमेडी फिल्म तक रोमांस से महरूम नहीं।  इनके हीरो हीरोइन मौका मिलते ही देशी विदेशी धुनों पर बदन थिरकाने लगते हैं।  ऐसी रोमांस फिल्मों के सितारे भी रोमांस में डूबे होते हैं।  किशोरावस्था में आते आते इन्हें इश्क़ की हवा सहलाने लगाती है।  किसी का बॉय फ्रेंड तो किसी की गर्ल फ्रेंड बगलगीर नज़र आने लगती हैं। बॉलीवुड फिल्मों का स्टार बनने से पहले इन स्टार  पुत्र और पुत्रियों की पहचान अपनी गर्ल फ्रेंड्स या बॉय फ्रेंड्स के साथ ही होती है।  लेकिन, ज्यों ही यह बॉलीवुड में सफलता की सीढियां चढने लगते हैं तब......! तमाम ऐसे सितारे हैं, जिन्होंने स्टारडम की दौड़ में सफलता हासिल करते ही अपने हमसफरों को धता दे दी।  हाथ छोड़ कर बड़ी तेज़ी से आगे बढ़ गए।  आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ सितारों, उनके रोमांस और अलगाव के बारे में -
रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण रोमांस से पहले
रणबीर  कपूर और दीपिका पादुकोण का रोमांस शादी की हद तक पहुंचा था। दीपिका पादुकोण ने अपनी लंबी गर्दन पर रणबीर का नाम गुदवा लिया था।  इन दोनों का रोमांस किस हद तक सुर्ख था, इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि इन दोनों की जोड़ी वाली फ़िल्में बचना ऐ हसीनों और ये जवानी है दीवानी बड़ी हिट फ़िल्में साबित हुई।  लेकिन, समय के साथ यह जोड़ी टूट गई।  लेकिन, शायद इन दोनों को अलग होना ही था।  क्योंकि, इन दोनों ने ही अपने स्ट्रगल के दिनों के साथी को धता बता दी थी।  रणबीर कपूर जब स्टारडम पाने के लिए अपने जूते कस रहे थे, उस समय उनके साथ अवंतिका मलिक थी ।  पांच साल
तक रोमांस चला दोनों का।  लेकिन,  जैसे ही रणबीर कपूर सोनम  के साँवरिया बने, उन्होंने अवंतिका का हाथ छोड़ दिया।  अवंतिका ने भी जल्द ही सम्हल कर अभिनेता इमरान खान को अपना लाइफ पार्टनर  चुन लिया।  कुछ ऐसा ही दीपिका पादुकोण ने निहार पंड्या के साथ भी किया था।  निहार भी एक्टर बनना चाहते थे। दीपिका और निहार साथ ही संघर्ष कर रहे थे।  लेकिन, पहली सफलता दीपिका पादुकोण को मिली फिल्म ॐ शांति ॐ के साथ।  इसके बाद दीपिका पादुकोण ने निहार पांड्या का हाथ झटक कर अपनी अगली फिल्म बचना ऐ हसीनों के हीरो रणबीर कपूर का हाथ थाम लिया।  
अक्षय कुमार और शाहिद कपूर से पहले प्रियंका चोपड़ा
मिस वर्ल्ड प्रियंका चोपड़ा ने अक्षय कुमार के साथ फिल्म अंदाज़ से पहली बार सफलता का स्वाद चखा था। इन दोनों ने मुझसे शादी करोगी, ऐतराज़, वक़्त : द रेस अगेंस्ट टाइम और मुझसे शादी करोगी जैसी फिल्मों में गर्मागर्म रोमांस किया।  लेकिन, इन दोनों की बढाती नज़दीकियों पर अक्षय की पत्नी को सख्त ऐतराज़ था।  परिणाम स्वरुप अक्षय और  प्रियंका का अलगाव हो गया।  प्रियंका शाहिद कपूर से जुड़ गई।  लेकिन, इन्ही प्रियंका चोपड़ा ने कभी असीम मर्चेंट को झटका दिया था।  असीम मर्चेंट कठपुतली, बुलेट एक धमाका और द ट्रेन: सम लाइन्स शुड नेवर बी क्रॉस्ड जैसी फिल्मों के अभिनेता थे।  असीम मर्चेंट जब मॉडलिंग कर रहे थे, उस समय प्रियंका चोपड़ा मिस वर्ल्ड खिताब के लिए तयारी कर रही थी।  उस समय असीम को प्रियंका के साथ हर जगह देखा जा सकता था।  लेकिन, जैसे ही प्रियंका मिस वर्ल्ड बनी, उन्होंने  असीम को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
इन्होंने धता बताई मॉडल  मित्रों को
अनुष्का शर्मा, अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय अपने संघर्ष के दिनों में अपने मॉडल दोस्तों के साथ रोमांस के लिए चर्चित हुआ करते थे।  अनुष्का शर्मा तो बैंगलोर से मॉडल जोहेब युसूफ के साथ मुंबई आई थी, अपने बॉलीवुड के सपने पूरे करने।  युसूफ को न तो सफलता मिली, न उनमे धैर्य ही बचा।  वह वापस बैंगलोर चले गए।   अनुष्का शर्मा को शाहरुख़ खान के साथ मौका मिल गया।  इस सफलता के साथ ही अनुष्का बैंगलोर के साथ साथ ज़ोहेब को भी भूल गई।  गुरु के निर्माण के दौरान अभिषेक बच्चन एक मॉडल एक्ट्रेस दीपानिता शर्मा के साथ रोमांस कर रहे थे।  उस समय तक अभिषेक बच्चन अपनी लगातार फ्लॉप फिल्मों के कारण फ्लॉप एक्टर शुमार कर लिए गए थे।  गुरु के दौरान उनकी नज़रे ऐश्वर्या से चार हुई।  गुरु भी हिट हो गयी।  अभिषेक बच्चन ने दीपानिता को भुला कर ऐश्वर्या से शादी कर ली।  ऐश्वर्या भी कहाँ पीछे थी।  जब वह मिस वर्ल्ड और ग्लैमर
वर्ल्ड में अपना मुकाम  बनाने की ज़द्दोज़हद में थी, उनके साथ राजीव मूलचंदानी दिखा करते थे।  दोनों ही मॉडलिंग में नाम कमाना चाहते थे।  इन दोनों ने कुछ फोटो शूट साथ किये भी।  अब यह बात दीगर है कि बड़ी कामयाबी ऐश्वर्या राय को मिली।  उन्होंने राजीव का दामन झटक कर सलमान खान को थाम लिया।   ऐश्वर्या के साथ मिस यूनिवर्स बनी थी लारा दत्ता।  लारा दत्ता मॉडलिंग और मिस इंडिया में अपना भाग्य आजमा रही थी।  उस समय उन्हें सपोर्ट कर रहे थे भूटान से आये मॉडल केली दोरजी।  केली ने खूब दोस्ती निबाही।  लारा को आगे बढ़ने में मदद की।  मिस यूनिवर्स बनाते ही लारा को पंख लग गए।  वह भारत से ज़्यादा विदेश में रहने लगी।  दोरजी के साथ उनके सम्बन्ध तनावपूर्ण हो गए।  जल्द ही दोनों के रास्ते बदल गए।
अर्जुन कपूर हुए मोटापे का शिकार
अर्जुन कपूर का किस्सा दिलचस्प है।  उन्होंने अपनी किसी गर्लफ्रेंड को डंप नहीं किया, बल्कि गर्लफ्रेंड ने उन्हें डंप कर दिया।  कारण था अर्जुन कपूर का मोटापा।  १८ साल के अर्जुन कपूर १४० किलो के थे।  वह  सलमान खान की बहन अर्पित खान को डेट कर रहे थे।  उनकी दो साल तक कोर्टशिप चली।  लेकिन, अर्जुन के मोटापे से परेशान अर्पित ने उन्हें दो साल में ही अलविदा कह दी।  इस अलगाव ने अर्जुन कपूर के जीवन में भारी बदलाव किया।  उन्होंने अपना वजन काफी कम किया और यशराज बैनर की फिल्म इशकजादे से फिल्म एक्टर बन गए।
नील नितिन मुकेश ने छोड़ा प्रियंका को !
गायक मुकेश के पोते नील नितिन मुकेश ने डिज़ाइनर प्रियंका भाटिया को लंबे समय तक डेटिंग की।  फिर दोनों ने मंगनी भी कर ली।  इसी के बाद नील को फ़िल्में मिलने लगी। उन्हें लगा कि उनका करियर डिज़ाइनर प्रियंका से काफी अलग है।  इसके साथ ही नील ने प्रियंका से अपनी मंगनी तोड़ ली।
कंगना और अध्ययन के अलगाव की मिस्ट्री का राज
कंगना रनौत काफी  पहले फिल्मों में नाम कमाने के लिए मुम्बई आ गई थी।  उन्हें दरकार थी इंडस्ट्री में दोस्तों की।  ऐसे में उनके काम आये अध्ययन सुमन।  एक्टर शेखर सुमन के इस बेटे का रुझान भी फिल्मों की ओर था।  दोनों की जोड़ी जम गई।  अध्ययन ने कंगना को इंडस्ट्री में दोस्त ढूंढने में काफी मदद की।  इस का नतीजा था कि कंगना को फिल्म गैंगस्टर मिल गई।  यह फिल्म सुपर हिट ही।  उधर दो साल बाद अध्ययन सुमन फ्लॉप फिल्म हाल ए दिल में नज़र आये।  हालाँकि, कंगना ने अध्ययन के साथ फिल्म राज़ : द मिस्ट्री कंटिन्यूज़ की।  लेकिन, तब तक दोनों की राह अलग हो चुकी थी।  कंगना द्वारा खुद को छोड़े जाने की कसक अध्ययन सुमन के हालिया इंटरव्यूज में सुनने को मिलती है।
यह जवानी है दीवानी (रणबीर-दीपिका)

निहार पंड्या के साथ दीपिका पादुकोण 

इमरान खान और अवंतिका मालिक 

अर्जुन कपूर जब मोटे थे अर्पिता खान के साथ 

ऐश्वर्या राय और राजीव मूलचंदानी 

अनुष्का शर्मा और जोहेब युसूफ 

असीम मर्चेंट के साथ प्रियंका चोपड़ा 

कंगना रानौत और अध्ययन सुमन 

लारा दत्ता और केली दोरजी 

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Labels: फिल्म पुराण
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मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.

फैंटास्टिक बीस्टस के सीक्वल में जॉनी डेप

जादूगरों के संसार पर फिल्म फैंटास्टिक बीस्ट्स एंड वेयर टू फाइंड देम १८ नवम्बर को रिलीज़ होने जा रही है। अभी इस फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन का कोई अतापता नहीं है।  इसके बावजूद फिल्म के सीक्वल का ऐलान कर दिया गया।  पहले, वार्नर ब्रदर्स का  इरादा इस फैंटास्टिक बीस्ट्स फ्रैंचाइज़ी की तीन फ़िल्में बनाने का था।  लेकिन, अब यह पांच कड़ियों में बनाई जाएँगी।  एड़ी रेडमायन की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म में जॉनी क्रिस्टोफर डेप २ यानि जॉनी डेप को भी शामिल कर लिया गया।  डेप के आ जाने के बाद फैंटास्टिक बीस्ट्स का अकार काफी बड़ा हो गया है।  हालाँकि, अभी यह साफ़ नहीं है कि सीक्वल फिल्म में जॉनी डेप का रोल क्या होगा।  लेकिन, पाइरेट्स ऑफ़ कॅरीबीयन सीरीज की फिल्मों के कैप्टेन जैक स्पैरो को ऐसे वैसे रोल से निबटाया नहीं जा सकता।  यह बताया जा रहा है कि फैंटास्टिक बीस्ट्स के सीक्वल से कैमिया में जॉनी डेप के करैक्टर का इंट्रोडक्शन होगा।  मार्वेल की शैली में इस के बाद की फिल्मों में जॉनी डेप का करैक्टर ख़ास हो जायेगा।  एक बार फिर बता दें कि फैंटास्टिक बीस्ट्स एंड वेयर टू फाइंड देम की स्क्रिप्ट हैरी पॉटर सीरीज की कहानीकार जे के रौलिंग लिख रही हैं।  फिल्म का निर्देशन डेविड याट्स कर रहे हैं।
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Labels: Hollywood, Johny Depp
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डेडपूल २ की लकी लेडी डॉमिनो कौन ?

मार्वेल की  सुपर हीरो फिल्म डेडपूल (२०१६) को मिली अच्छी सफलता के बाद इस फिल्म के सीक्वल की कास्टिंग फाइनल की जा रही है।  इस सीक्वल फिल्म में एक्टर रयान रोनाल्डस ही सुपर हीरो वेड विल्सन उर्फ़ डेडपूल का किरदार करेंगे।  फिल्म में उनकी साथी के रूप में डोमिनो एक म्युटेंट हत्यारे का किरदार शामिल किया जा रहा है।  पहले खबर थी कि इस किरदार को हाल्ट और कैच फायर की अभिनेत्री मैकेन्ज़ी डेविस के नाम पर विचार किया जा रहा है।  लेकिन, अब कुछ नए नाम जुड़ चले हैं।  इनमे लिज़ी कैप्लान, मेरी एलिज़ाबेथ विंस्टेड, सिएना मिलर, सोफ़िया बौटेला, स्टेफ़नी सिग्मैन और सिल्विया हुक्स के नाम शामिल हैं।  लिज़ी कैप्लान टीवी सीरीज मास्टर्स ऑफ़ सेक्स में वर्जिनिया जॉनसन का किरदार कर चुकी है।  उनके खाते में मीन गर्ल्स, क्लोवरफील्ड और नाउ यू सी मी २ जैसी फ़िल्में दर्ज हैं।  विंस्टेड फाइनल डेस्टिनेशन ३, ब्लैक क्रिसमस, डेथ प्रूफ, द थिंग और अब्राहम लिंकन: वैम्पायर हंटर जैसी फ़िल्में कर चुकी हैं।  सिएना मिलर ने जीआई जो: द राइज ऑफ़ कोबरा में बैरोनेस और हाल में रिलीज़ फिल्म अमेरिकन स्नाइपर में ताया राने काइल का किरदार किया था।  सोफ़िया बौटेला को दर्शक किंग्समैन: द सीक्रेट सर्विस में खलनायक के गुर्गों में शामिल थी।  सिगमैन ने जेम्स बांड फिल्म स्पेक्टर में एस्ट्रेला का किरदार किया था।  सिल्विया होएक्स डच टेलीविज़न सीरीज में काम कर चुकी हैं।  उनकी हॉलीवुड फिल्म द लेक और ब्लेड रनर २०४९ प्रदर्शित होनी हैं।  वक़्त बताएगा कि डेडपूल की साथी  कौन अभिनेत्री बन पाती है।
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Friday, 11 November 2016

कुंग फू योग में दिखी दिशा पाटनी और जैकी चैन की बॉन्डिंग

हिट फिल्म एम. एस धोनी : द  अनटोल्ड स्टोरी में धोनी की गर्लफ्रेंड प्रियंका झा का किरदार करने वाली दिशा पाटनी  जल्दी ही  इंडो चाइनीस फिल्म कुंग फु योग  में जैकी चैन की साथ स्क्रीन शेयर करते हुए नज़र आएँगी। फिल्म का कुछ हिस्सा आइलैंड में फिल्माया गया है। इसी  की शूटिंग के दौरान दिशा  और जैकी चैन लकी मैस्कॉट "ला एंड ज़इ " के साथ फन टाइम स्पेंट करते हुए नज़र आये।  दिलचस्प  बात  यह  है  कि  इन सॉफ्ट टॉयस से जैकी चैन को इतना लगाव है कि वे हमेशा इन्हें अपने साथ हर यात्रा में ले जाते है। फिल्म  के एक एक्शन  सीक्वेंस के लिए दिशा और जैकी चैन को अंडरवाटर शूट करना था।  इस सीक्वन्स की शूटिंग आइलैंड पर की जा रही थी। वहां का तापमान माइनस पांच डिग्री था।  मगर अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट के कारण दिशा और जैकी ने इस सिक्वेंस को बिना किसी शिकवे शिकायत के शूट किया। 
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Wednesday, 9 November 2016

कई शत्रुओं के घेरे में बैड बॉयज फॉर लाइफ !

कई शत्रुओं के घेरे में बैड बॉयज फॉर लाइफ !
पंद्रह साल बाद डिटेक्टिव माइक लोव्रे और डिटेक्टिव मार्कस बर्नेट की जोड़ी एक साथ ड्रग माफिया के खिलाफ अभियान चलाती नज़र आएगी।  २००३ में आखिरी बार विल स्मिथ और मार्टिन लॉरेंस की जोड़ी इन किरदारों को फिल्म बैड बॉयज २ में करती नज़र आयी थी।  माइकल बे निर्देशित १३० मिलियन डॉलर में बनी बैड बॉयज २ ने बॉक्स ऑफिस पर २७३ मिलियन डॉलर से अधिक का बिज़नस किया था।  इस सफलता के बावजूद बैड बॉयज की तीसरी फिल्म बनाना किसी न किसी कारण से टलता रहा था।  लेकिन, अब खबर है कि बात बन गई है। फिल्म का नाम बैड बॉयज  फॉर लाइफ होगा। अभी फिल्म की स्क्रिप्ट को रिराइट  किया जा रहा है।  कारण यह है कि पिछली बैड बॉयज से १३ साल का अंतराल हो गया  है। इसलिए, फिल्म किस टाइमज़ोन और पृष्ठभूमि पर होगी, यह तय होना है।  अब तक की बैड बॉयज फिल्मों को सेंसर बोर्ड से पीजी १३ सर्टिफिकेट मिलता रहा है।  डायरेक्टर जो कार्नहन मुतमईन हैं कि उनकी फिल्म को आर-रेटिंग मिलेगी।  वह कहते हैं, "मैं बैड बॉयज फॉर लाइफ को पीजी-१३ रेटेड नहीं बनाना चाहता।  दुनिया में ८०० मिलियन डॉलर का बिज़नस करने वाले डेडपूल आर- रेटेड फिल्म थी।  नई वॉल्वरिन भी आर-रेटेड है। मेरा मानना है कि लोग पीजी १३ के बजाय आर-रेटेड फिल्म देखते हैं।  बैड बॉयज फिल्मों की सफलता को पीजी-१३ रेटिंग की सफलता  कहा जा सकता है।  लेकिन, यहां आर- रेटिंग वाली मैट्रिक्स ट्राइलॉजी की सफलता को भूलना नहीं चाहिए।"  इसका मतलब यह हुआ कि बैड बॉयज फॉर लाइफ में शत्रुओं से घिरे डिटेक्टिव लोव्रे और बर्नेट को भयंकर हिंसा के ज़रिये निबटना होगा।  बैड बॉयज फॉर लाइफ १२ जनवरी २०१८ को रिलीज़ होगी और चौथी बैड बॉयज फिल्म ३ जुलाई २०१९ को रिलीज़ होगी।
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विंस्टन चर्चिल के 'डार्केस्ट ऑवर'

विंस्टन चर्चिल के 'डार्केस्ट ऑवर'
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ग्रेट ब्रिटेन के प्रधान मंत्री रहे सर विंस्टन चर्चिल को टीवी सीरीज और फिल्मों में कई एक्टर जीवन्त कर चुके हैं।  चर्चिल के किरदार को परदे पर पहली बार १९५१ में रिलीज़ फिल्म ऐन अमेरिकन इन पेरिस में डडले फील्ड मैलोन ने और इसके बाद द मैन हु नेवर वाज़ (१९५६) में पीटर सेलर्स ने, विंस्टन चर्चिल: द  वालिण्ट इयर्स (१९६१) में रिचर्ड बर्टन  ने, यंग विंस्टन (१९७१) में साइमन वार्ड ने, जेनी: लेडी रैन्डोल्फ चर्चिल (१९७४) में वारेन क्लार्क ने, चर्चिल एंड द जनरल्स (१९७९) में टिमोथी वेस्ट ने, विंस्टन चर्चिल: द विल्डरनेस इयर्स (१९८१) और वॉर एंड रिमेम्ब्रेन्स (१९८९) में रॉबर्ट हार्डी ने,  द विंड्स ऑफ़ वॉर (१९८३) में होवार्ड लैंग ने,  वर्ल्ड वॉर सेकंड: व्हेन लायंस रोअरड (१९९४) में बॉब हॉस्किंस ने, द गैदरिंग स्टॉर्म (२००२) में अल्बर्ट फिने ने चर्चिल के किरदार को किया।  आगामी फिल्म चर्चिलस सीक्रेट (२०१६ में)  माइकल गैमबोन सर विंस्टन चर्चिल के किरदार में नज़र आएंगे।  अब चर्चिल का किरदार परदे पर करने वाले अल्बर्ट फिने, माइकल गैमबोन और ब्रायन कॉक्स जैसे ब्रितानी अभिनेताओं की कड़ी में गैरी ओल्डमैन का नाम भी जुड़ रहा है।  वह जो राइट की सर विंस्टन चर्चिल के द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान के कठिन निर्णायक क्षणों पर फिल्म डार्केस्ट ऑवर में सर सिंस्टन चर्चिल कर किरदार करेंगे। जर्मनी की सेना बड़ी तेज़ी से आगे बढ़ती जा रही है।  हिटलर पूरे यूरोप के लिए बड़ा खतरा बन गया है।  चर्चिल को निर्णय लेना है कि हिटलर से शर्मनाक संधि करनी है या आत्मघाती साबित हो सकने वाला युद्ध लड़ना है।  ऐसे  कठिन समय में चर्चिल की साथी उनकी सिगार है।  वह सिगार सुलगाते हैं और कहते हैं, "मैथ्यू ! मैं ऑप्शन बी चुनुंगा।"  इस फिल्म की स्क्रिप्ट अन्थोनी मकर्टन ने लिखी है।  फिल्म में चर्चिल की सहधर्मिणी क्लेमेंटाइन का किरदार क्रिस्टिन स्कोट थॉमस कर रही हैं।  बेन मेंडेलसोन और जॉन हर्ट क्रमशः किंग जॉर्ज सिक्स्थ और भूतपूर्व प्रधानमंत्री नेविले चेम्बर्लेन का किरदार कर रहे हैं।  फिल्म २४ नवम्बर को रिलीज़ होगी।
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Labels: Gary Oldman, Hollywood
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Monday, 7 November 2016

सिर्फ आयरन मैन से पीछे है डॉक्टर स्ट्रेंज !

इस शुक्रवार रिलीज़ सुपर हीरो फिल्म डॉक्टर स्ट्रेंज मार्वेल स्टूडियोज की ऎसी १४वी फिल्म बन गई है, जिसका बॉक्स ऑफिस पर नंबर वन डेब्यू हुआ है।  डॉक्टर स्ट्रेंज ने डॉमेस्टिक मार्किट में ८४.९ मिलियन डॉलर की ओपनिंग ले कर मार्वेल स्टूडियोज और डिज्नी के लिए टॉप का स्थान पाया है।  इस प्रकार से, डॉक्टर स्ट्रेंज का पूरी दुनिया में ओपनिंग   वीकेंड ३२५ मिलियन डॉलर का होगा।  इस प्रकार से यह फिल्म मार्वेल की टॉप ओपनिंग करने वाली फिल्मों थॉर: द डार्क वर्ल्ड, अंट-मैन, कैप्टेन अमेरिका: द फर्स्ट एवेंजर, गार्डियंस ऑफ़ द गैलेक्सी और कैप्टेन अमेरिका: द विंटर सोल्जर के साथ शामिल हो गई है।  मार्वेल की फिल्म थॉर: द डार्क वर्ल्ड भी नवम्बर में रिलीज़ हुई थी।  द डार्क वर्ल्ड की डॉमेस्टिक ओपनिंग ८५.७३ मिलियन डॉलर की हुई थी।  लेकिन, यह ओपनिंग ३८४१ थिएटरों में रिलीज़ के बाद मिली थी।  जबकि, डॉक्टर स्ट्रेंज ३८८२ थिएटरों में रिलीज़ की गई है।  डॉक्टर स्ट्रेंज के साथ रिलीज़ ड्रीमवर्क की एनीमेशन फिल्म ट्रॉल ४५.६ मिलियन डॉलर और लायंसगेट की मेल गिब्सन निर्देशित फिल्म हैकसॉ रिज १४.७ मिलियन डॉलर की ओपनिंग लेकर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर काबिज़ हैं।  मेल गिब्सन निर्देशित पिछली फिल्म एपोकैलिप्टो को भी इतनी ही ओपनिंग मिली थी।  सिंगल करैक्टर फिल्म को मिली बड़ी ओपनिंग के लिहाज़ से डॉक्टर स्ट्रेंज पिछले साल रिलीज़ कैप्टेन अमेरिका: द फर्स्ट अवेंजर और थॉर तथा २००८ में रिलीज़ अंट-मैन और द इनक्रेडिबल हल्क से काफी आगे हैं।  इन चारों फिल्मों ने क्रमशः ६५ मिलियन डॉलर, ६६ मिलियन डॉलर, ५७ मिलियन डॉलर और ५५.४ मिलियन डॉलर की ओपनिंग ली थी।  डॉक्टर स्ट्रेंज से सोलो हीरो फिल्म आयरन मैन ही आगे हैं, जिसने ९८.६ मिलियन डॉलर की बड़ी ओपनिंग ली थी।  
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Labels: Hollywood Box Office
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कुणाल और तारा ने कहा- हम दोनों होंगे कामयाब !

कुणाल रॉय कपूर और तारा अलीशा बेरी 
हम दोनों होंगे कामयाब विशाल मिश्र की रोमांटिक कॉमेडी फिल्म का नाम है, जिसमे कुणाल रॉय कपूर और तारा अलीशा बेरी विशाल मिश्रा की रोमांटिक जोड़ी बनाई गई  है।  इस फिल्म की पूरी शूटिंग कानपूर में की जाएगी । दिल्ली बेली और नौटंकी साला के बाद कुणाल रॉय कपूर एक बार फिर नायक की भूमिका करने जा रहे हैं।  निर्देशक विशाल मिश्रा की इस फिल्म के निर्माता प्रमोद गोरे हैं।  यह फिल्म अथर्वा मोशन पिक्चर्स तले बनाई जा रही हैं। विशाल मिश्रा कानपूर के ही हैं।  यह उनकी दूसरी फिल्म है।  विशाल ने बताया, "इस फिल्म की शूटिंग नवम्बर के दूसरे हफ़्ते में शुरू होगी। यह शूटिंग कानपूर के रेलवे स्टेशन ,मोती झील ,गंगा घाट ,फूल बाग़ और मॉल रोड पे होगी।" फिल्म की शूटिंग नवम्बर में ही शुरू होने वाली है।
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Labels: शूटिंग/लोकेशन
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Sunday, 6 November 2016

अर्नाल्ड श्वार्ज़नेगर के साथ सिल्वेस्टर स्टेलॉन का एस्केप प्लान २

सिल्वेस्टर स्टेलॉन की ५० मिलियन डॉलर से बनी और बॉक्स ऑफिस पर १३७.३ मिलियन डॉलर का कलेक्शन करने वाली फिल्म एस्केप प्लान (२०१३) की सीक्वल फिल्म बनाये जाने की खबर है।  इस फिल्म में सिल्वेस्टर स्टेलॉन की वापसी होगी।  एमेट/फरला/ओएसिस फिल्म्स ने लेखकों की पूरी टीम एस्केप प्लान के सीक्वल को लिखने के लिए लगा रखी है, जो आखिरी पड़ाव पर है।  अंतरराष्ट्रीय सफलता के लिहाज़ से इस फिल्म की काफी ज़्यादा फंडिंग चीन से हो रही है।  यहाँ बताते चले कि एस्केप प्लान की कमाई का बड़ा हिस्सा चीन से मिला था।  इसीलिए स्टूडियो का इरादा इस सीक्वल फिल्म का बड़ा हिस्सा चीन में शूट करने का है।  फिल्म का प्री-प्रोडक्शन जनवरी में पूरा कर लिया जायेगा।  इसके बाद मार्च से नियमित शूटिंग शुरू हो जाएगी।  एस्केप प्लान का कथानक स्टेलॉन के करैक्टर रे ब्रेस्लिन के इर्द गिर्द बुना गया है, जो जेलों की डिजाइनिंग करने में एक्सपर्ट है ।  जेल से छूटने के बाद रे ब्रेस्लिन अपने साथी रॉटमेयर के साथ जेल तोड़ने का काम करने लगता है।  रॉटमेयर की भूमिका को अर्नाल्ड श्वार्ज़नेगर ही करेंगे। इन दो के अलावा मूल फिल्म के किसी स्टार को अभी तक साइन नहीं किया गया है।  सिल्वेस्टर स्टेलॉन को सीक्वल फ़िल्में करने का खासा अनुभव है।  वह अब तक तीन एक्सपेंडेबल्स फ़िल्में करने के अलावा रेम्बो मूवीज और पूरी रॉकी फ्रैंचाइज़ी कर चुके हैं।   क्रीड फिल्म में रॉकी बल्बोआ के रोल के  लिए स्टेलॉन ऑस्कर नॉमिनेशन भी पा चुके हैं।  वह अगले साल ५ मई को फिल्म गार्डियंस ऑफ़ द गैलेक्सी २ में नोवा पुलिस के सदस्य के  बतौर नज़र आएंगे। 
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Rajendra Prasad Kandpal
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.

.मंदी की चपेट में चीन का बॉक्स ऑफिस

चीनी बॉक्स ऑफिस को मंदी ने हिला कर रख दिया है।  फ़िल्में उतना बिज़नस नहीं कर पा रही जितनी अपेक्षा की जा रही थी।  इसलिए सरकार ने चीन के फिल्म उद्योग को संरक्षित करने के लिए हॉलीवुड फिल्मों का कोटा तय करने की अपनी नीति में थोड़ी ढील दे दी लगती है।  नवम्बर और दिसम्बर के महीने में ज्यादा हॉलीवुड फ़िल्में रिलीज़ होंगी।  ट्वेंटिएथ सेंचुरी फॉक्स की फिल्म कीपिंग अप विथ द जोनेसेस और मिस पेरेग्रींस होम फॉर पेचुलिअर पेक्यूलियर चिल्ड्रन को ८ नवम्बर और २ दिसम्बर को रिलीज़ की अनुमति दे दी गई है।  इसके अलावा २३ नवम्बर को पैरामाउंट की अलाइड, २५ नवम्बर को डिज्नी की मोआना और २९ नवम्बर को वार्नर ब्रदर्स की सुली भी रिलीज़ होनी हैं।   आखिरी समय में हॉलीवुड फिल्मों को हरी झंडी दिखाने का नतीजा है कि डिज्नी की डॉक्टर्स स्ट्रेंज, हैरी पॉटर स्पिन ऑफ फैंटास्टिक बीस्ट्स एंड वेयर टू फाइंड देम और आंग ली की बिली लिंस लॉन्ग हाफटाइम वाक के साथ कुल आठ हॉलीवुड फ़िल्में नवम्बर में रिलीज़ होने  जा रही हैं।  चीन रेवेन्यू शेयरिंग के आधार पर ३४ फिल्मों का आयात करता है।  अब यह आंकड़ा चार ज़्यादा हो गया है।  इस आधार पर हॉलीवुड फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर रेवेन्यू का २५ परसेंट ले जाती हैं।  फ्लैट फ्री आधार पर चीन के वितरक एकमुश्त आधार पर फिल्म ले कर रिलीज़ करते हैं।  इस प्रकार से ३०-३५ फ़िल्में रिलीज़ हुआ करती हैं।  इस साल चीन का बॉक्स ऑफिस आंकड़ा पिछले साल २३ अक्टूबर तक ८.९ बिलियन डॉलर के मुकाबले इस साल ५.६ बिलियन डॉलर ही रहा है।  इस समय के आंकड़ों के लिहाज़ से चीन इस साल ६.५ बिलियन डॉलर कम कलेक्शन करेगा।

  Keeping Up with the Joneses




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Rajendra Prasad Kandpal
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Saturday, 5 November 2016

दादा शम्मी कपूर के गीत पर पोता रणबीर कपूर

१९६७ में रिलीज़ और शक्ति सामंत निर्देशित फिल्म 'ऐन इवनिंग इन पेरिस' में शम्मी कपूर और शर्मीला टैगोर पर फिल्माया गया एक गीत 'ऐसा मौका फिर कहाँ मिलेगा' करण जौहर ने अपनी फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' में शम्मी कपूर के पोते रणबीर कपूर और अनुष्का शर्मा पर फिल्माया था।  लेकिन, बाद में इसे मूल फिल्म से हटा दिया गया।  पहले सुनिए इस गीत को- 
अब ऐन इवनिंग इन पेरिस के इस गीत को शम्मी कपूर और शर्मीला टैगोर पर फिल्माया गया देखिये और सुनिए. कितने बकवास लग रहे हैं 'ऐ दिल है मुश्किल' के रणबीर कपूर और अनुष्का शर्मा. यही फर्क है पीएल राज और आज के डांस डाइरेक्टरों का।  
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Wednesday, 2 November 2016

परदे पर उतरेगी मॉर्टल एंजिन्स

द लार्ड ऑफ़ द रिंग्स सीरीज की फिल्मों के बाद जब निर्देशक पीटर जैक्सन द हॉबिट सीरीज की फिल्मों पर काम कर रहे थे, उसी दौरान उन्होंने फिलिप रीव के भविष्य में झांकते चार उपन्यासों की सीरीज में पहले उपन्यास मॉर्टल एंजिन्स पर फिल्म पर काम करना शुरू कर दिया था ।   लेकिन, वह  इस उपन्यास पर फिल्म बनाने का पहला गंभीर प्रयास द हॉबिट सीरीज की आखिरी फिल्म द बैटल ऑफ़ द फाइव आर्मीज के बाद ही शुरू कर सके।  कोई आठ महीने पहले उन्होंने मॉर्टल एंजिन्स की स्क्रिप्ट पर काम पूरा कर लिया था। उपन्यास की कहानी भविष्य के इंग्लैंड की पृष्ठभूमि पर है, जो 'सिक्स मिनट वॉर' से नष्टप्राय है।  पीटर जैक्सन इस फिल्म को यूनिवर्सल पिक्चर्स और मीडिया राइट्स कैपिटल के साथ मिल कर बना रहे हैं।  इस फिल्म के निर्माण में लार्ड ऑफ़ द रिंग्स और द हॉबिट के फ्रान वाल्श और फिलिप बॉयेंस भी सहयोग कर रहे हैं।  अलबत्ता, इस फिल्म का निर्देशन पीटर जैक्सन नहीं कर रहे।  इस फिल्म से पीटर जैक्सन के सहयोगी क्रिस्चियन रिवर्स का बतौर निर्देशक डेब्यू हो रहा है।  इस फिल्म की शूटिंग अगले साल के वसंत से न्यूज़ीलैण्ड में शुरू हो जाएगी।  मोर्टल एंजिन्स का पटकथा रूपांतरण फ्रान वाल्श और फिलिपा बॉयेंस के साथ पीटर जैक्सन कर रहे हैं।  पहला उपन्यास मॉर्टल एंजिन्स २००१ में प्रकाशित हुआ था।  इसके बाद २००३ में प्रिडेटर'स गोल्ड, २००५ में इनफेरनल डिवाइसेज और २००६ में अ डार्कलिंग प्लेन प्रकाशित हुए। 

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इंडियाना जोंस ५ से नहीं जुड़ेंगे जॉर्ज लुकास

काल्पनिक चरित्र डॉक्टर हेनरी 'इंडियाना' जोंस पर पांचवी फिल्म पर काम शुरू हो चुका है।  पहली बार १९८१ में रेडर्स ऑफ़ द लॉस्ट आर्क के साथ हैरिसन फोर्ड डॉक्टर इंडियाना जोंस के अवतार में परदे पर उतरे।  इस फिल्म के बाद, हैरिसन फोर्ड ने इंडियाना जोंस सीरीज की शेष तीन फिल्मों टेम्पल ऑफ़ डूम (१९८४), द लास्ट क्रूसेड और किंगडम ऑफ़ द क्रिस्टल स्कल में भी इस किरदार को किया।  इन चारों फिल्मों की कहानी इंडियाना जोंस के रचयिता जॉर्ज लुकास ने ही लिखी थी।  चूंकि, जॉर्ज लुकास ही इंडियाना जोंस के क्रिएटर थे, इसलिए उनका विज़न इन फिल्मों में साफ़ नज़र आता था।  हालाँकि, इन चारों फिल्मों का निर्देशन स्टीवन स्पीलबर्ग ने किया था।  इस पांचवी फिल्म में जॉर्ज लुकास का कोई योगदान नहीं होगा।  दरअसल, जॉर्ज लुकास को फिल्म किंगडम ऑफ़ द क्रिस्टल स्कल में पचास के दशक के सस्ते एक्शन और कॉमेडी की घालमेल के लिए जिम्मेदार माना जाता है, जिसके कारण चौथी इंडियाना जोंस फिल्म विफल हो गई।  इंडियन जोंस सीरीज की चार फिल्मों के निर्माण में २७९ मिलियन डॉलर खर्च हुए थे।  वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर यह फ़िल्में १.९८७ बिलियन का कलेक्शन कर चुकी है। इंडियाना जोन्स ५ को डेविड कोएप लिख रहे हैं।  इसलिए, इस फिल्म में जॉर्ज लुकास का प्रभाव नदारद होगा।  मगर, इस  पांचवी फिल्म के डॉक्टर हेनरी 'इंडियाना' जोंस हैरिसन फोर्ड ही होंगे और फिल्म का निर्देशन स्टीवन स्पीलबर्ग ही करेंगे।  यह फिल्म १९ जुलाई  २०१९ को रिलीज़ होगी।

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द फ़्लैश ने खोया डायरेक्टर

हॉलीवुड में क्रिएटिव डिफरेंस की वजह से डाइरेक्टरों के बाहर होने का सिलसिला जारी है।  अब इस क्रिएटिव डिफरेंस का नया शिकार हुए हैं रिक फामूयिमा बने हैं।  वह डीसी फिल्म्स की फिल्म द फ़्लैश से बाहर हो गए हैं।  इस फिल्म के वह दूसरे डायरेक्टर हैं, जो क्रिएटिव डिफरेंसेज़ के कारण फिल्म छोड़ने को मज़बूर हुए हैं। फामूयिमा  से पहले सेथ ग्राहम-स्मिथ को क्रिएटिव डिफरेंस की वजह से द फ़्लैश छोडनी पड़ी थी।  दरअसल, वार्नर ब्रदर्स और डीसी फिल्म्स को फामूयिमा का कहानी कहने के तरीका पसंद नहीं आया था। क्रिस्टोफर मिलर और फिल लार्ड की कहानी की स्क्रिप्ट सेथ ग्राहम-स्मिथ ने लिखी है।  एज्रा मिलर, किएरसे क्लेमॉन्स, बिली क्रूडप और रे फिशर की मुख्य भूमिका वाली फिल्म द फ़्लैश कहानी है पुलिस साइंटिस्ट बैरी एलन की, जो साइंस लैब में एक केमिकल की ट्रे पर बिजली गिरने से, भरे केमिकल से भीग जाता है।  इस घटना के बाद बैरी बिजली की रफ़्तार से भाग सकता है।  वह अब सेंट्रल सिटी के लोगों को द फ़्लैश बन कर बचाने लगता है।  द फ़्लैश १८ मार्च २०१८ को रिलीज़ होगी।  दर्शक द फ़्लैश करैक्टर को फिल्म बैटमैन वर्सस सुपरमैन : डौन ऑफ़ जस्टिस में एज्रा मिलर के कैमिया में देख चुके हैं।  अब यह करैक्टर १७ नवम्बर २०१७ को जैक स्नायडर की फिल्म जस्टिस लीग में भी नज़र आएगा।  इस रोल को भी एज्रा मिलर ही कर रहे हैं।  

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सीक्वल जो एज ऑफ़ टुमारो का प्रीकुएल भी होगी!

टॉम क्रूज़ और एमिली ब्लंट की २०१४ में रिलीज़ फिल्म 'एज ऑफ़ टुमारो' को इसकी टैग लाइन लिव. डाई. रिपीट से ज्यादा पहचान मिली थी, ने बॉक्स ऑफिस पर ३७० मिलियन डॉलर से अधिक का कारोबार किया था। हालाँकि, एज ऑफ़ टुमारो ने अपनी लागत १७८ मिलियन डॉलर के मुक़ाबले ख़ास बिज़नस नहीं किया था।  खुद अभिनेता टॉम क्रूज़ भी फिल्म के सीक्वल के पक्ष में नहीं थे।  लेकिन, इस फिल्म ने विज्ञानं फंतासी फिल्म के दर्शकों का दिल जीत लिया था। अब इस फिल्म का सीक्वल बनाये जाने की खबर है।  एज ऑफ़ टुमारो का सीक्वल फिल्म के नायक टॉम क्रूज़ के आईडिया पर ही है।  एज ऑफ़ टुमारो का डायरेक्शन डॉग लीमन ही करेंगे।  वार्नर ब्रदर्स के इस सीक्वल को विज्ञान फंतासी फिल्म का गेम चेंजर बताया जा रहा है।  इस सीक्वल फिल्म को एज ऑफ़ टुमारो का प्रीकुएल भी बताया जा रहा है।  डॉग का दावा है कि इस फिल्म की कहानी पहली फिल्म की कहानी से अधिक प्रभावशाली है।  इस फिल्म में एक्शन और साइंस फिक्शन की कुछ ऎसी मिक्सिंग की जाएगी कि आगे बनाने वाली फिल्मों के लिए यह उदाहरण फिल्म बन जाएगी।  फिलहाल, अभी इस फिल्म की रिलीज़ डेट तय नहीं हुई है।  इसलिए, फिल्म की अन्य सूचनाओं का ही मज़ा उठाना होगा।  


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Labels: Emily Blunt, Hollywood, Tom Criuise
Rajendra Prasad Kandpal
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Wednesday, 26 October 2016

खेल फिल्मों को चाहिए बड़े सितारे और चुस्त स्क्रिप्ट !

श्रेष्ठ बाल फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकी डायरेक्टर सौमेंद्र पढ़ी की फिल्म बुधिया सिंह बोर्न टू रन इस शुक्रवार रिलीज़ हो रही है। उड़ीसा के वंडर बॉय के नाम से मशहूर बुधिया सिंह के जीवन पर बुधिया के पांच साल की उम्र में ४८ बार मैराथन में दौड़ने, उसके कोच के साथ जुड़े विवादों के बाद बुधिया का करियर ख़त्म होने की इस दास्ताँ में कई घुमाव और उतार चढ़ाव हैं, जो एक दिलचस्प फिल्म के लिए अच्छा कथानक साबित हो सकते हैं। लेकिन, इस फिल्म के साथ कोई बड़ा सितारा नहीं। मनोज बाजपेई बुधिया के कोच विरंची दास की भूमिका में हैं, लेकिन उनकी पहचान मसाला फिल्मों के हीरो से ज्यादा रीयलिस्टिक फिल्मों के हीरो वाली है। ऐसे हीरो फिल्म नहीं चलवा सकते। हिंदी की खेल फिल्मों का इतिहास गवाह है कि बॉलीवुड ने सुल्तान तक कई कथित खेल फ़िल्में बनाई हैं। इनमे क्रिकेट के अलावा हॉकी, एथलेटिक्स, फुटबॉल और बॉक्सिंग पर फ़िल्में शामिल हैं। लेकिन, ज़्यादातर खराब स्क्रिप्टिंग और बड़े सितारों का शिकार हो गई। 
क्रिकेट में फ्लॉप सुपर स्टार !
हिंदी में क्रिकेट पर बहुत सी फ़िल्में बनाई गई। इन फिल्मों में नए या कम पहचाने चेहरों से लेकर सुपर स्टार्स ने भी अभिनय किया। लेकिन, इनमे से कई फ़िल्में औंधे मुंह गिरी। बहुत से सुपर स्टार्स को क्रिकेट कतई रास नहीं आया। २००१ में लगान जैसी हिट फिल्म देने वाले आमिर खान ने अपने करियर की शुरुआत में ही क्रिकेट पर फिल्म अव्वल नंबर में अभिनय किया था। देव आनंद द्वारा निर्देशित फिल्म में आमिर खान ने उभरते क्रिकेटर की भूमिका की थी। मगर, १९९० में रिलीज़ देव आनंद की लिखी यह फिल्म कमज़ोर कथानक के कारण बुरी तरह से असफल हुई। ज़ाहिर है कि उस समय तक आमिर खान सुपर स्टार नहीं बने थे, लेकिन ख़राब कहानी पर क्रिकेट फिल्म से कोई सुपर स्टार भी असफल हो सकता है, इसका उदाहरण निखिल आडवानी की अक्षय कुमार और अनुष्का शर्मा अभिनीत फिल्म पटियाला हाउस हैं। यह फिल्म इंग्लैंड के गेंदबाज़ मोंटी पनेसर के करियर से प्रेरित फिल्म होने के बावजूद दर्शकों को प्रभावित नहीं कर सकी। रवीना टंडन ने २००३ में बतौर प्रोडूसर पहली फिल्म क्रिकेट पर स्टंप्ड बनाई थी। उन्होंने इस फिल्म में अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए सलमान खान और सचिन तेंदुलकर का स्पेशल अपीयरेंस भी करवाया था। लेकिन, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर स्टंप आउट हो गई। लव स्टोरी (१९८१) से सुपर स्टार साबित हो रहे कुमार गौरव ने १९८३ में मोहन कुमार की क्रिकेट फिल्म आल राउंडर में मुख्य किरदार किया था।  लेकिन, यह फिल्म भी बुरी तरह से पिटी।  
कुछ दूसरी फ्लॉप फ़िल्में
ऐसे में, जबकि सुपर स्टार्स को क्रिकेट रास नहीं आ रहा है तो बाकी सितारों की क्या बिसात ! किटू सलूजा ने राहुल बोस के साथ तारे ज़मीन पर के बाल कलाकार जईन खान को लेकर क्रिकेट पर फिल्म चेन कुली की मेन कुली का निर्माण किया था। हॉलीवुड फिल्म लाइक माइक पर आधारित यह फिल्म एक तेरह साल के लडके की कहानी थी, जिसके हाथ कपिल देव का बैट लग जाता है। इसके बाद उसका करियर नाटकीय मोड़ लेता है। मंदिरा बेदी ने फिल्म मीराबाई नॉट आउट में क्रिकेट की दीवानी प्रशंसक की भूमिका की थी। इस फिल्म में अनिल कुंबले का कैमिया हुआ था। से सलाम क्रिकेट के दीवाने चार युवकों की कहानी थी, जो क्रिकेट खेलना चाहते थे। लेकिन, उनका स्कूल कुश्ती पर केन्द्रित था।  हैटट्रिक फिल्म एक विवाहित जोड़े की कहानी थी, जिनका वैवाहिक जीवन पति के क्रिकेट क्रेजी होने के कारण खतरे में पड़ जाता है। अभिनेता हरमन बवेजा ने भी एक क्रिकेट फिल्म विक्ट्री में अभिनय किया था। मैच फिक्सिंग पर वर्ल्ड कप २०११ टाइटल से एक फिल्म रिलीज़ हुई थी। कम पहचाने चेहरों वाली यह फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी। अभी क्रिकेट टीम के भूतपूर्व कैप्टेन मोहम्मद अज़हरुद्दीन पर फिल्म अज़हर फ्लॉप हुई है। 
क्रिकेट पर सफल फ़िल्में
कब बजट और मंझोले सितारों के साथ क्रिकेट पर कुछ सफल फ़िल्में भी बनी। निर्माता विधु विनोद चोपड़ा की राजेश मापुस्कर लिखित और निर्देशित फिल्म फेरारी की सवारी एक पारसी पिता और उसकी अपने बेटे का लॉर्ड्स में क्रिकेट खेलने का सपना पूरा कराने की कहानी थी। शर्मन जोशी ने इस फिल्म में पिता की भूमिका की थी। फिल्म को समीक्षकों द्वारा भी सराहा गया। निर्माता सुभाष घई की फिल्म इक़बाल एक गूंगे बहरे लडके इकबाल के क्रिकेट खेलने का सपना पूरा करने की कहानी थी। इस फिल्म में श्रेयस तलपडे ने गूंगे-बहरे इक़बाल और नसीरुद्दीन शाह ने उसके कोच की भूमिका की थी। अपने कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय के कारण इक़बाल दर्शकों को आकर्षित कर पाने में कामयाब हुई थी। इस फिल्म के निर्देशक नागेश कुकनूर थे। इमरान हाशमी की फिल्म जन्नत और जन्नत २ क्रिकेट के खेल में सट्टेबाजी पर फ़िल्में थी। अपने गीत संगीत के कारण जन्नत को अच्छी सफलता मिली थी। लेकिन, जन्नत २ इतनी सफल नहीं हो सकी थी।  क्रिकेट और साम्प्रदायिकता पर अभिषेक कपूर निर्देशित सुशांत सिंह राजपूत अभिनीत फिल्म काई पो चे को बढ़िया सफलता मिली थी। 
फुटबॉल पर फ़िल्में
हिंदी में खेल फिल्मो के लिहाज़ से प्रकाश झा की डेब्यू फिल्म हिप हिप हुर्रे उल्लेखनीय है।  इस फिल्म में कॉलेज में फुटबॉल और फुटबॉल में राजनीति को दिखाया गया था। राज किरण ने मुख्य भूमिका की थी। यह पहली फिल्म थी, जिसने हिंदी फिल्म निर्माताओं को खेल फ़िल्में बनाने की दिशा में सोचने को मज़बूर कर दिया था। २००७ में यूटीवी मोशन पिक्चर्स ने फिल्म गोल या दे दना दन गोल का निर्माण किया था। यूके में दक्षिण एशियाई समुदाय के फुटबॉल खिलाड़ियों द्वारा प्रोफेशनल फुटबॉल में अपना सिक्का जमाने के प्रयास पर इस फिल्म को विवेक अग्निहोत्री ने निर्देशित किया था। मुख्य भूमिका मे जॉन अब्राहम, बिपाशा बासु, अरशद वारसी और बोमन ईरानी के नाम उल्लेखनीय हैं। इस फिल्म को औसत सफलता मिली थी। कश्मीर और फुटबॉल की पृष्ठभूमि पर पियूष झा की फिल्म सिकंदर उल्लेखनीय है। इस फिल्म में एक छोटा बच्चा अपने माँ-बाप के जेहादियों द्वारा मार दिए जाने के बाद कुपवाड़ा में रहने लगता है। वहां उसकी रूचि फुटबॉल में पैदा होती है। कैसे फूटबाल का खेल उस बच्चे को जिहादी बनने से रोकता है, फिल्म इसका प्रभावी चित्रण करती थी। 
दूसरे खेलों पर फ़िल्में
रवि एक अनुशासन पसंद सख्त मिजाज़ पिता है। वह चाहता है कि उसका इकलौता बेटा एथलेटिक्स की प्रतियोगिता जीते। अपने पिता की मर्ज़ी के कारण वह बच्चा घायल होने के बावजूद दौड़ता है और दूसरे स्थान पर आता है। इस फिल्म में पिता की भूमिका सुनील शेट्टी ने और उनके बेटे मयंक टंडन बने थे. यह फिल्म सफल नहीं हुई थी। लेकिन, बॉक्सिंग, दौड़ और हॉकी पर कुछ सफल फ़िल्में उल्लेखनीय हैं. वैसे यह सभी फ़िल्में बड़े सितारों वाली फ़िल्में थी। बॉक्सिंग पर निर्देशक ओमंग कुमार की रियल लाइफ फिल्म मैरी कोम में प्रियंका चोपड़ा ने मुख्य भूमिका की थी। बॉक्सिंग पर ही अनिल शर्मा की देओलों के साथ फिल्म अपने भी सफल हुई थी। भाग मिल्खा भाग में फरहान अख्तर ने अंतर्राष्ट्रीय धावक मिल्खा सिंह का किरदार किया था।  हॉकी की महिला टीम को विश्व कप जितवाने वाले एक दागी हॉकी फॉरवर्ड पर फिल्म चक दे इंडिया को शाहरुख़ खान की बेहतरीन एक्टिंग, शिमिट अमीन के निर्देशन और तमाम दूसरे कलाकारों के संतुलित अभिनय के कारण सफल हुई थी। सेना के धावक पान सिंह तोमर के डाकू बनाने की रियल स्टोरी पर तिग्मांशु धुलिया ने फिल्म पान सिंह तोमर का निर्माण किया था। इस फिल्म में इरफ़ान खान ने मुख्य किरदार किया था। शैलेश वर्मा की २०१४ में रिलीज़ फिल्म बदलापुर बॉयज कबड्डी पर आधारित फिल्म थी। मंसूर खान की फिल्म जो जीता वही सिकंदर दो कॉलेजों के बीच प्रतिस्पर्धा और साइकिल चैंपियन बनने की कहानी पर फिल्म में आमिर खान की केंद्रीय भूमिका थी। अरिंदम चौधरी की फिल्म रोक सको तो रोक लो को जो जीता वही सिकंदर से प्रेरित बताया जाता है। इस फिल्म में सनी देओल मुख्य भूमिका में थे। सैफ अली खान और रानी मुख़र्जी की फिल्म तारा रम पम कार रेसिंग पर फिल्म थी।  इस फिल्म को औसत सफलता मिली थी।   .
क्षेत्रीय भाषाओँ की खेल फ़िल्में
प्रकाश राज ने क्रिकेट को लेकर एक पिता और बेटे के बीच टकराव को लेकर फिल्म धोनी का निर्माण किया था . पिता अपने बेटे को एमबीए करवाना चाहता है, जबकि बेटे को क्रिकेट का दूसरा महेंद्र सिंह धोनी बनाने की ख्वाहिश है. यह फिल्म महेश मांजरेकर की मराठी फिल्म का तमिल और तेलुगु भाषा में रीमेक फिल्म थी. दक्षिण से बॉक्सिंग पर इरुधि शुत्तरू और जॉनी का निर्माण किया गया. १९९१ में दौडाक अश्विनी नाचाप्पा के जीवन पर तेलुगु फिल्म अश्विनी का निर्माण किया गया था . इस फिल्म में अश्विनी नाचाप्पा ने ही शीर्षक भूमिका की थी. कबड्डी पर पंजाबी भाषा में फिल्म कबड्डी वन्स अगेन और कन्नड़ में कबड्डी का निर्माण हुआ . 
Posted by Rajendra Kandpal Rajendra Prasad Kandpal at 12:56 No comments:
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Labels: फिल्म पुराण
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फिल्म ही फिल्म

भारतीय भाषाओँ हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, पंजाबी, आदि की फिल्मो के बारे में जानकारी आवश्यक क्यों है ? हॉलीवुड की फिल्मों का भी बड़ा प्रभाव है. उस पर डिजिटल माध्यम ने मनोरंजन की दुनिया में क्रांति ला दी है. इसलिए इन सब के बारे में जानना आवश्यक है. फिल्म ही फिल्म इन सब की जानकारी देने का ऐसा ही एक प्रयास है.

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