Sunday, 4 March 2018

अब परदे पर लड़ा जायेगा पानीपत का युद्ध !

ऐतिहासिक- प्रागैतिहासिक फिल्म खेले हम जी जान से और मोहनजोदड़ो की असफलता के बावजूद, निर्माता-निर्देशक आशुतोष गोवारिकर ने हठ नहीं छोड़ा है।  वह अभी भी ऐतिहासिक फिल्म बनाने में जी जान से जुटे हुए हैं। इस बार उनके कैमरे की जद में, दिल्ली से ९७ किलोमीटर दूर उत्तर में पानीपत के मैदान में १४ जनवरी १७६१ को लड़ा गया पानीपत का तीसरा युद्ध है। यह युद्ध मराठा युद्द्धों और अफगानिस्तान के आक्रमणकारी अहमदशाह अब्दाली की सेना के बीच लड़ा गया था।  आशुतोष गोवारिकर ने जोधा अकबर जैसी सफल ऐतिहासिक-काल्पनिक फिल्म बनाई है।  इसलिए, उनकी इस फिल्म पर निगाहें होंगी ही।  कौन होंगे उनकी फिल्म के कलाकार !  पिछले दिनों यह खबर थी कि आशुतोष गोवारिकर हिट मराठी फिल्म आपला मानुष का हिंदी रीमेक बनाना चाहते हैं।  इस बारे में, उनके करीना कपूर खान से मिलने की भी खबर थी।  लेकिन, अब एक चौंकाने वाली खबर है।  एक वेबसाइट के मुताबिक़, करीना कपूर खान और आशुतोष गोवारिकर के बीच बातचीत हुई थी।  लेकिन, यह आपला मानुष के हिंदी रीमेक के लिए नहीं, बल्कि पानीपत के तीसरे युद्ध पर फिल्म को लेकर थी। इस युद्ध में अर्जुन कपूर और संजय दत्त भी होंगे।  दरअसल, यह युद्ध ही संजय दत्त के किरदार अहमद शाह अब्दाली और अर्जुन कपूर के किरदार मराठा सेना का नतृत्व करने वाले सदाशिवराव भाउ के बीच लड़ा जायेगा। सदाशिव राव महान मराठा योद्धा बाजीराव (इन पर फिल्म बाजीराव मस्तानी बनी थी) के भतीजे थे।  इस युद्ध में वह वीरगति को प्राप्त होते हैं। करीना कपूर सदाशिवराव भाउ की दूसरी पत्नी पार्वतीबाई की भूमिका करेंगी।  की एंड का के बादअर्जुन कपूर और करीना कपूर की यह दूसरी फिल्म होगी। इस साल इन तीन कलाकारों की एक एक फिल्म रिलीज़ होनी है।  करीना कपूर की वीरे दी वेडिंग जल्द रिलीज़ होने वाली है।  संजय दत्त अपनी बायोपिक फिल्म और अर्जुन कपूर संदीप और पिंकी फरार में नज़र आएंगे। 

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बॉलीवुड न्यूज़ ४ मार्च

कुमार सानू का बेटी शैनॉन के साथ रोमांटिक ट्रैक  'इट्स मैजिकल'
हाल ही मेंज़ी म्यूजिक द्वारा रिलीज़ ट्रैक इट्स मैजिकल इस लिहाज़ से ख़ास है कि इस रोमांटिक ट्रैक में पिता-पुत्री की आवाज़ है। इस ट्रैक के पिता है बॉलीवुड फिल्मों के मशहूर प्लेबैक सिंगर कुमार सानू और उनकी अभी पढ़ रही १६ साल की बेटी शैनन के । शैनन अभी टीनएज हैंलेकिन उनकी आवाज़ मधुर और सधी हुई है हीकाफी परिपक्व भी है।  वह हर प्रकार के गीत गा सकती हैं। इस ट्रैक की खास बात यह है कि कुमार सानू के इस ट्रैक की कल्पना शैनन के बिना की गई थी। कहते हैं कुमार सानू, "अगर शैनन से गवाना होता तो यह रोमांटिक ट्रैक न होता।" सानू को ट्रैक के लिए  सह गायिका की तलाश थी। कोई आवाज़ फाइनल नहीं हो पा रही थी। ट्रैक रिलीज़ होने में देर हो रही थी। ऐसे में आगे आई शैनन। शैनन ने कुमार सानू से गीत की कम्पोजीशन पर एक मौका देने की गुज़ारिश की। शैनन ने अपने हिस्से का ट्रैक खुद ही तैयार किया है और इसके बोल लिखे हैं। कुमार सानू के हिस्से के बोल समीर ने लिखे हैं। यह ट्रैक दो अलग अलग जगहों पर रिकॉर्ड हुआ था। कुमार सानू वाला हिस्सा मुंबई में और शैनन का हिस्सा लॉस एंजेल्स में। इस गीत के विडियो को मॉडल मानित जौरा और अलीना प्रिमतोवा पर फिल्माया गया है। 
दक्षिण की रिजायना बॉलीवुड में
दक्षिण की रानी बॉलीवुड में कदम रखने जा रही है।  यह रानी है दक्षिण की तमिल और तेलुगु फिल्मों की अभिनेत्री रिजायना कैसांद्रा। लैटिन में रिजायना का अर्थ क्वीन या रानी होता है।रिजायना कैसांद्रा दक्षिण की फिल्मों की अभिनय की रानी है। कैसांद्रा को अभिनय के लिहाज़ से अलग तरह की अभिनेत्री माना जाता है। उनकी पिछली रिलीज़ तेलुगु फिल्म आव् में एक वेट्रेस मीरा की भूमिका की थीजिसे नशे की लत हैजो एक अमीर आदमी को लूटना चाहती है।  इस भूमिका में कैसांद्रा ने अज़ब भेष रखा था। उनकी नाक के बीच बुलाकी थी। शरीर में टैटू थे। बाल भी विचित्र तरीके सेट थे। उनके इस लुक को चित्र से समझा जा सकता है। ऎसी रिजायना अब बॉलीवुड में कदम रखने जा रही है। उनकी फिल्म का नाम एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा है। इस फिल्म का निर्देशन विधु विनोद चोपड़ा की बहन शैली चोपड़ा धर कर रही हैं। रिजायना ने फिल्म के लिए ऑडिशन दिया है। हालाँकिवह दक्षिण में २६ से ज़्यादा फ़िल्में कर चुकी है। ख़ास बात यह है कि रिजायना के आने से पहले ही एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा में अनिल कपूर और जूही चावला की जोड़ी के अलावा सोनम कपूर और राजकुमार राव को लिया जा चुका है। सितारों से भरी इस फिल्म में रिजायना कैसांद्रा को कितना फुटेज मिलेगा सोनम  कपूर और जूही चावला की मौजूदगी में उनकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होगी इन सबका जवाब तो फिल्म देखने के बाद ही मिलेगा।  लेकिनरिजायना दक्षिण की फिल्मों में अभिनय की रानी मानी जाती हैं तो बॉलीवुड का फ़र्ज़ होता है कि वह ऎसी अभिनेत्री की प्रतिभा का उपयोग करें।  वेलकम रिजायना कैसांद्रा। 
जब सेंसर बोर्ड ने चुप कराया ग्लोरी टू हनुमान को
हिन्दुस्तानी सेंसर बोर्ड के सन्दर्भ में मैन प्रोपोसेज गॉड डिस्पोसेजबदल कर प्रोडूसर प्रोपोसेज बोर्ड डिस्पोज़ेस हो जाता है। कम से कमशुक्रवार १६ फरवरी को रिलीज़ रयान कूगलर निर्देशित आल ब्लैक स्टारकास्ट फिल्म ब्लैक पैंथर को लेकर तो ऐसा कहा ही जा सकता है। इस फिल्म के एक दृश्य में जाबरी कबीले का मुखिया मबाकू (विंस्टन ड्यूक) अपने आराध्य का जिक्र करते हुएउसकी महिमा का बखान करते हुए कहता है, “ग्लोरी टू हनुमान” । इस संवाद को मार्वेल सिनेमेटिक यूनिवर्स के लोगों ने हिन्दुस्तानी लोगों को फिल्म की ओर आकृष्ट करने के लिए एक तोहफे के तौर पर रखा गया था। सब जानते हैं कि ब्लैक पैंथर मार्वल कॉमिक्स में जाबरी अफ्रीका की एक जनजाति हैजिसके लोग मैन एप यानि बन्दर आदमी की पूजा करते हैं।  कॉमिक्स में यह मैन-एप गोरिल्ला दिखाया गया है। भारत का फिल्म सेंसर बोर्ड दूर की कौड़ी लाया। उसे लगा कि अगर फिल्म के पात्र ने गोरिल्ला को हनुमान कहा तो हिन्दू जनता की धार्मिक भावनाएं चोटिल हो सकती हैं। इसलिए सेंसर ने ग्लोरी टू हनुमान शब्द को ही म्यूट कर दिया। अब हिंदी या इंग्लिशतमिल और तेलुगु दर्शक इस संवाद के दौरान अभिनेता विंस्टन ड्यूक हिलते होंठ ही दिखाई देंगेसुनाई कुछ नहीं देगा। जबकिदुनिया के बाकी सिनेमाघरों में ग्लोरी टू हनुमान गूँज रहा होगा।
१७ साल बाद सैफ के साथ माधवन   
सैफ अली खान और आर माधवन एक दूसरे के खिलाफ तलवार भांजने जा रहे हैं। उनका यह मुकाबला १७ साल बाद होगा। २००१ में रिलीज़ निर्माता वाशु भगनानी की रोमांस ड्रामा फिल्म रहना है तेरे दिल में में सैफ अली खान और आर माधवन के करैक्टर एक ही लड़की दिया मिर्ज़ा से रोमांस करते हैं। दोनों अपने कॉलेज के बॉक्सर हैं। गौतम निर्देशित इस फिल्म का संगीत हिट हुआ था। यह फिल्म तमिल फिल्म मिन्नाले का रीमेक थी। इस फिल्म सेआर माधवन का हिंदी फिल्म डेब्यू हुआ था। यह फिल्म सैफ और माधवन के चरित्रों के टकराव के कारण दिलचस्प बन गई थी। सैफ अली खान उस समय तक हिंदी फिल्मों में कदम जमा चुके थे। इसके बावजूद माधवन ने अपनी पहली फिल्म में ही सैफ को कड़ी टक्कर दी थी। इस फिल्म को रिलीज़ हुए १७ साल हो चुके है। अब खबर है कि सैफ अली खान और आर माधवन की मरदाना जोड़ी एक बार फिर बनने जा रही है। वह निर्माता आनंद एल राज की एनएच १० के निर्देशक नवदीप सिंह निर्देशित अनाम फिल्म में दो ऐतिहासिक चरित्र करते नज़र आयेंगे। इस भूमिका के लिए दोनों को राजसी पोशाकें तो पहननी ही होंगीतलवारबाजी भी खूब करनी होंगी। फिल्म में इन दोनों का लुक काफी अलग होगाइसलिए प्रोस्थेटिक मेकअप का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी फिल्म में सोनाक्षी सिन्हा का कैमिया हो रहा है। लेकिनयह कैमिया फिल्म में बड़ा ख़ास होगा। सूत्र बताते हैं कि सोनाक्षी सिन्हा के परदे पर आने के बाद कहानी में अहम् मोड़ आएगा। यह भी खबर है कि सोनाक्षी सिन्हा ने अपने हिस्से की शूटिंग राजस्थान में शुरू भी कर दी है। 
मनमर्ज़ियाँ में काम आई सूरमा में सीखी तापसी की हॉकी
कभी कभी एक प्रोजेक्ट के लिए की गई मेहनत अगले प्रोजेक्ट में काम आ जाती है। कम से कम यह बात बॉलीवुड और ख़ास तौर पर अभिनेत्री तपसी पन्नू के बारे मे सच साबित हो जाती है। हॉकी खिलाड़ी संदीप सिंह पर बायोपिक फिल्म सूरमा में अभिनेता दिलजीत दोसांझ मुख्य भूमिका कर रहे हैं। इस फिल्म में तपसी पन्नू ने संदीप सिंह को अपने पैरों पर खडा करने के लिए मेहनत करने वाली और हॉकी खिलाड़ी प्रीतो की भूमिका की है।  चूंकि,  सूरमा में वह हॉकी खिलाड़ी बनी थीइस लिए फिल्म में अपने किरदार के लिए तपसी पन्नू को हॉकी सीखनी पड़ी थी। दिलजीत दोसांझ के मुकाबले तपसी पन्नू की भूमिका ज्यादा बड़ी नहीं। लेकिनउन्हें इस अपेक्षाकृत छोटी भूमिका के लिए हॉकी सीखने के लिए तो मेहनत करनी ही पड़ी थी। पर मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। तपसी पन्नू के साथ भी ऐसा हुआ है। उन्होंने सूरमा के लिए हॉकी सीखीफिल्म पूरी हो गईलेकिन हॉकी का खेल अब भी उनके काम आ रहा है। वहआनंद एल राज की अनुराग कश्यप निर्देशित फिल्म मनमर्जियां में हॉकी खेलने वाली लड़की की भूमिका कर रही हैं। हालाँकिफिल्म में वह प्रोफेशनल हॉकी खिलाड़ी नहीं बनी है। फिल्म मे उनका करैक्टर खेल का सामान बेचने वाली लड़की का हैं। लेकिनफिल्म में वह हॉकी खेलती ज़रूर नज़र आयेंगी। इस प्रकार से उन्हें मनमर्जियां में अपने किरदार के लिए हॉकी पर मेहनत करने की ज़रुरत नहीं पड़ी। इस फिल्म में तपसी के सह अभिनेता विक्की कौशल और अभिषेक बच्चन हैं। यहाँ बताते चलें कि सूरमा २९ जून को रिलीज़ हो रही है।
क्या प्रियंका चोपड़ा फिर जनम लेंगी ऐतराज़ २ के लिए ?
निर्माता सुभाष घई के बैनर मुक्ता आर्ट्स के अंतर्गतअक्षय कुमारप्रियंका चोपड़ा और करीना कपूर को लेकर एक फिल्म बनाई गई थीजिसका टाइटल ऐतराज़ था।  यह सेक्सुअल हरासमेन्ट पर बोल्ड फिल्म थी।  इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा ने वैमपिश भूमिका की थी। इस फिल्म के लिए प्रियंका चोपड़ा ने बेस्ट परफॉरमेंस  इन निगेटिव रोल का फिल्मफेयर पुरस्कार जीता था।  फिल्म के निर्माण में ११ करोड़ खर्च हुए थे और ने बॉक्स ऑफिस पर  २६ करोड़ का कारोबार किया था।  अब खबर है कि सुभाष घई इस चर्चित और बोल्ड फिल्म का सीक्वल बनाने जा  रहे हैं।  सीक्वल के लिए स्क्रिप्ट पर सुभाष घई पिछले दो सालों से काम करते आ रहे हैं।  अब जा कर फिल्म की स्क्रिप्ट पूरी हो गई है।  अबसुभाष घई को फिल्म के किरदारों के लिए सितारों की तलाश है। फिल्म की कहानी क्या हैअभी साफ़ नहीं है।  लेकिनसुभाष घई अपने सीक्वल के लिए प्रियंका चौपड़ा को लेना चाहते हैं।  इस बारे में  प्रियंका चोपड़ा से सुभाष घई की बात भी हो गई है। पिछले सालप्रियंका चोपड़ा ने न्यू यॉर्क से वापस आने पर अपने घर में पार्टी दी थी।  इसमे सुभाष घई भी शामिल हुए थे।  उस समय स्क्रिप्ट पर  बात हुई थी।  प्रियंका चोपड़ा को स्क्रिप्ट बहुत पसंद आई थी।  इसलिएखबर है कि ऐतराज़ २ में प्रियंका चोपड़ा ज़रूर होंगी।  लेकिनवह फिल्म में कौन सा किरदार कर रही होंगी क्योंकिऐतराज़ के क्लाइमेक्स में प्रियंका चोपड़ा का सोनिया रॉय का किरदार अपने ऑफिस की बिल्डिंग से कूद कर जान दे देती थी।  इसका मतलब यह हुआ कि ऐतराज़ २ की कहानीबिलकुल वहां से नहीं शुरू होगीजहाँ ऐतराज़ ख़त्म हुई थी। जहाँ तक दूसरी स्टार कास्ट का सवाल हैअक्षय कुमार ने फिल्म को साफ़ मना कर दिया है।बताते हैं कि ऐसा  अक्षय कुमार का प्रियंका के साथ कोई फिल्म न करने की नीति का परिणाम है। कभी  अख़बारों की सुर्खियां बनी थी कि प्रियंका चोपड़ा को लेकर ट्विंकल खन्ना और अक्षय  कुमार के बीच सरेआम झगड़ा हुआ था।  इसी के परिणामस्वरुप वक़्त द रेस अगेंस्ट टाइम के बाद अक्षय कुमार ने प्रियंका चोपड़ा के साथ फिर कोई फिल्म नहीं की। हालाँकिइस अलगाव पर अक्षय से बात करो तो वह कहते हैं कि लगाओ प्रियंका को फ़ोन और पूछो क्या लड़ाई है।लेकिनजो भी हो ऐतराज़ २ में अक्षय कुमार नहीं होंगे।  अब देखने की बात यह होगी कि ऐतराज़ २ का निर्देशन कौन करेगा सुभाष घई या अब्बास मुस्तान की मूल जोड़ी ?
पूजा भट्ट सड़क २ में अलिया भट्ट
आजपूजा भट्ट ने ४६वा जन्मदिन मनाया। वह महज १७ साल की पूजा भट्ट फिल्म डैडी (१९९०) में शराबी किरदार कर रहे अनुपम खेर की बिटिया बनाई गई थी। कैसा इत्तेफाक था कि डैडी में शराबी की बेटी की भूमिका करने वाली पूजा भट्ट को १६ साल की उम्र से ही शराब की लत लग गई थी। टूटे घर की यही दास्ताँ होती है। पूजा भट्ट नेडैडी के बादएक एक करदिल है कि मानता नहींसड़कजानमफिर तेरी कहानी याद आईसरचाहत और तमन्ना जैसी फिल्मों में बतौर अभिनेत्री अपनी पहचान बनाई। १९९८ मेंपूजा भट्ट संघर्ष बना कर फिल्म निर्माता बन गई। उन्होंनेजिस्म जैसी फिल्म बना कर इरोटिक थ्रिलर फिल्मों की नीव डाली। खुद भीपापहॉलिडेकजरारेधोखा और जिस्म २ से बतौर निर्देशक अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। पूजा भट्ट नेअपने करियर की तीसरी फिल्म सड़क में एक युवा वेश्या पूजा का यादगार किरदार किया था। अबजबकि इस फिल्म को रिलीज़ हुए १७ साल हो चुके हैंपूजा भट्ट इस फिल्म का सीक्वल बनाने जा रही हैं। वह चाहती थी कि उनकी इस फिल्म में उनके सेंडल में छोटी बहन अलिया भट्ट पैर डाले। लेकिनअलिया की व्यस्तता ने उन्हें यह ऐलान करने से रोक दिया। आज, पूजा भट्ट उम्र के ४६वे जन्मदिन पर उनकी २४ साल की बहन अलिया भट्ट ने सड़क २ की नायिका बनना मंजूर कर लिया है। ज़ाहिर है कि यह आलिया भट्ट का अपनी बहन को बड़ा तोहफा है। ख़ास बात यह भी है कि सड़क २ में सड़क के नायक-नायिका यानि संजय दत्त और पूजा भट्ट भी सड़क २ में नज़र आयेंगे। यह फिल्म अगस्त २०१८ में रिलीज़ होनी है। 

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शोहरत ले लेती है कम उम्र में जान !

भारतीय सिनेमा की सितारा अभिनेत्री श्रीदेवी का निधन ५४ साल की उम्र में हुआ था। जिस प्रकार से वह हिंदी और दक्षिण की फिल्मों में सक्रिय थी, उससे उनका जाना बड़ी ज़ल्दी चला जाना लगता है। लेकिन, श्रीदेवी से पहले और उनसे भी कम उम्र में, टेलीविज़न और फिल्मों के कई सितारे मृत्यु के ग्रास बन गए। कुछ सितारों ने पेशेवर या व्यक्तिगत जीवन की निराशा के चलते आत्महत्या कर ली। मगर, इन सितारों ने अपने छोटे करियर में ही रूपहले परदे को मालामाल कर दिया था।
इमोशन की मृत्यु
मीना कुमारी को जब याद किया जाता है तो बैजू बावरा से दिल अपना और प्रीत पराई, आरती, दिल एक मंदिर और साहिब बीवी और गुलाम से लेकर पाकीज़ा तक याद किया जाता है। वह हरफनमौला अभिनेत्री थी, लेकिन गंभीर भूमिकाये, ख़ास तौर पर दुखांत कहानियों की वह मलिका थी। उन्होंने छः साल की उम्र में फिल्म लेदर फेस की बाल भूमिका से लेकर पाकीज़ा में तवायफ की भूमिका तक ३४ साल के फिल्म करियर में लगभग ९२ फिल्मों में अभिनय किया। लेकिन, वह जीवित रही सिर्फ ३८ साल। स्मिता पाटिल तो उनसे भी कम उम्र जीवित रही। स्मिता पाटिल की मृत्य ३१ साल में हो गई। स्मिता पाटिल ने अपने १५ साल लम्बे फिल्म जीवन में निशांत, भूमिका, मंथन, भवानी भवाई, आक्रोश, चक्र, अर्थ और मंडी जैसी फिल्मों से खुद को अमर कर लिया। उन्हें भूमिका और चक्र के लिए दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले। दिलचस्प बात यह थी कि वह समान्तर फिल्मों की उन अभिनेत्रियों में शुमार हुई, जो मसाला फिल्मों मी भी सामान रूप से सफल हुई। उन्होंने, राजकुमार, अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, मिथुन चक्रवर्ती जैसे बॉलीवुड के सुपर सितारों के साथ फ़िल्में की।
दिल के दौरे ने ली जान
काम का तनाव था या निजी ज़िंदगी की ज़द्दोजहद, कुछ बॉलीवुड सितारे दिल की बीमारी का शिकार हो गए। दुःख तब होता है, जब यह सितारे काफी कम उम्र में हार्ट अटैक का शिकार हुए। विनोद मेहरा को ४५ साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ा और वह परलोक सिधार गए। इस समय तक विनोद मेहरा ने हिंदी की मुख्य धारा की फिल्मों में अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना, राजेश खन्ना, आदि के बीच अपना एक स्थान बना लिया था। बॉलीवुड के गब्बर सिंह अमजद खान भी ५१ साल की उम्र में हार्ट अटैक के शिकार हो गए। अमजद खान ने अपने हास्य से भरपूर खल किरदारों से हिंदी फिल्मों की खलनायिकी को कादर खान और शक्ति कपूर के साथ नया आयाम दिया। विनोद मेहरा और अमजद खान से काफी पहले, हिंदी फिल्मों की वीनस मधुबाला भी ३६ साल की उम्र में दिल की बीमारी के कारण मृत्य का शिकार हुई। गीता बाली तो ३५ साल की उम्र में चेचक ने लील लिया। इन दोनों ही अभिनेत्रियों ने अपनी छोटी ज़िन्दगी में हिंदी फिल्मों में अपने अभिनय के झंडे गाड़ दिए थे। अंतरमहल और चोखेर बाली से मशहूर बांगला फिल्म डायरेक्टर रितुपर्णो घोष का, जब दिल का दौरा पड़ने से निधन हुआ, वह सिर्फ ४९ साल के थे। उन्होंने, अल्पायु में ही, ११ राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत लिए थे।
शापित गुरुदत्त परिवार
बाज़, आर पार, मिस्टर एंड मिसेज ५५, प्यासा, कागज़ के फूल, चौदहवी का चाँद, भरोसा, बहुरानी, सांझ और सवेरा जैसी फिल्मों के एक्टर और कागज़ के फूल, प्यासा, बाज़, जाल, बाज़ी, आर पार जैसी फिल्मों के डायरेक्टर गुरुदत्त सिर्फ ३९ साल में स्वर्गवासी हो गए थे। उनकी गायिका पत्नी गीता राय की मृत्यु ४१ साल मे हो गई थी। गुरुदत्त परिवार को कमउम्र का श्राप अगली पीढ़ी तक गया। उनके बड़े बेटे तरुण दत्त ने फिल्म बिंदिया चमकेगी (१९८४) में रेखा को निर्देशित किया था। उन्होंने भी ३५ साल की उम्र में अपने पिता गुरुदत्त की तरह आत्महत्या कर ली थी। गुरुदत्त के छोटे बेटे तरुण दत्त की मृत्य ५८ साल में हुई थी।
संजीव कुमार और उनके भाई भी
संजीव कुमार ने दस्तक और कोशिश के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल फिल्म अवार्ड जीता था। अपनी तमाम फिल्मों में ७५ साल तक के बूढ़े की भूमिका करने वाले संजीव कुमार अपनी मृत्य के समय सिर्फ ४७ साल के थे। ख़ास बात यह थी कि संजीव कुमार का पूरा परिवार ज़ल्दी मरने के लिए शापित था। जब संजीव कुमार काफी छोटे थे, तभी उनके पिता का देहांत हो गया। संजीव कुमार के दो भाई थे। यह दोनों भी एक्टर थे। उनके एक छोटे भाई नकुल की मृत्य संजीव कुमार की मृत्यु से पहले ही हो गई थी। दूसरे भाई किशोर जरीवाला की मृत्य छः महीने बाद हो गई।
छोटी उम्र की मौत, बड़ा रहस्य
तेलुगु स्टार वेंकटेश के साथ फिल्म बोब्बिली राजा से फिल्म डेब्यू करने वाली दिव्या भारती ने सिर्फ चार साल में दक्षिण और बॉलीवुड की फिल्मों में अपना नाम बना लिया था।  विश्वात्मा (१९९२) से  हिंदी फिल्म डेब्यू करने वाली दिव्या भारती ने सिर्फ दो सालों में दिल का क्या कसूर, शोला और शबनम, दीवाना, बलवान, दिल आशना है, क्षत्रिय, आदि हिट फिल्मों से श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित के लिए चुनौती खडी कर दी थी। दिव्या ने फिल्म निर्माता साजिद नाडियाडवाला के साथ शादी   कर ली थी। दिव्या भारती की मृत्यु अपने पांचवी मंजिल के फ्लैट की बालकनी से गिरकर हो गई थी।  कुछ लोग कहते हैं कि वह नशे की हालत में गिर पड़ी, कुछ का कहना है कि उन्हें धक्का दिया गया।  यह कहने वालों की भी कमी नहीं कि दिव्या भारती ने आत्महत्या की थी। लेकिनदिव्या भारती की मौत हादसा थी या...! कुछ ऐसा ही जिया खान की मौत का रहस्य है।  जिया खान ने अमिताभ बच्चन के साथ, रामगोपाल वर्मा के निर्देशन में फिल्म निःशब्द से डेब्यू किया था।  आमिर खान की फिल्म गजिनी में सह भूमिका में भी उन्होंने दर्शकों को प्रभावित किया।  जिया खान, एक्टर आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली से प्रेम  करती थी और शादी करना चाहती थी।  कहते हैं कि सूरज ने शादी से इंकार किया, इसलिए निराश जिया ने आत्महत्या कर ली। उस समय वह २५ साल की थी। जिया की माँ आज भी अपनी बेटी की मौत को हत्या ही बताती हैं। दिव्या भारती और जिया खान की मौत आज भी रहस्य के घेरे में है।
जसपाल भट्टी के शो के शौक
जसपाल भट्टी के शो फ्लॉप शो से अपने करियर की शुरुआत करने वाले विवेक शौक का निधन ४७ साल में हो गया था। विवेक को सनी  देओल के साथ फिल्म ग़दर एक प्रेम कथा में सनी के दोस्त दरमियान सिंह की भूमिका से फिल्मों में पहचान मिली। उनकी  उल्लेखनीय फिल्मों में दिल्ली हाइट्स, ऐतराज़, ३६ चाइना टाउन, दिल है तुम्हारा, आदि हैं। ख़ास बात यह थी कि उल्टा पुल्टा में उनके डायरेक्टर जसपाल भट्टी की मृत्यु एक कार एक्सीडेंट में हुई थी।  उस समय वह ५७ साल के थे।  लेकिन, श्रीदेवी की तरह, जसपाल भी अपने बेटे की  पहली फिल्म पावर कट की रिलीज़ नहीं देख सके। जसपाल ही इस फिल्म के डायरेक्टर थे। 
टीवी के सितारे, दिल के मारे
टीवी एक्टर संजीत बेदी (फिल्म हॉलिडे और टीवी सीरियल हमारी बेटियों का विवाह, क्या होगा निम्मो का, कोई जाने न) और अबीर गोस्वामी (कुसुम, प्यार का दर्द है मीठा मीठा प्यारा प्यारा, घर आना पड़ेसी, आदि) का भी देहांत चालीस साल से कम की उम्र में हो गया। दिलचस्प तथ्य यह था कि संजीत का जहाँ लम्बी बीमारी के बाद हॉस्पिटल मे देहांत हुआ, वही अबीर का इलाज़ के दौरान दिल का दौरा पड़ने से देहांत हुआ। रामगोपाल वर्मा की फिल्मों जंगल, शूल, आदि के एक्टर अशरफुल हक़ का निधन भी ४५ साल में हुआ। उन्होंने, मांझी द माउंटेनमैन, फुकरे, तलाश द आंसर लाइज वीथिन, पान सिंह  तोमर, डेल्ही बेली, आदि से अपनी अलग पहचान बनाई। टीवी सीरियल नुक्कड़ के गुरु दिलीप धवन के फिल्म करियर की शुरुआत हिंदी फिल्म संघर्ष में दिलीप कुमार के बचपन का किरदार करके हुई। उन्होंने नुक्कड़ के बाद कई टीवी सीरियल किये। सईद मिर्ज़ा की फिल्मों के वह स्थाई सदस्य हुआ करते थे। उनकी दिल का दौरा पड़ने से जब मृत्यु हुई तब वह ४५ साल के थे। ये जो है ज़िन्दगी के शफी इनामदार दिल का दौरा पड़ने से ५० साल की उम्र में कालकवलित हो गए।
अनोखे निर्मल पांडे
शेखर कपूर की फिल्म बैंडिट क्वीन में विक्रम मल्लाह की छोटी भूमिका से भी अपनी पहचान बनाने वाली निर्मल ने छोटी आयु (४७ साल) में ही ट्रेन टू पाकिस्तान, इस रात की सुबह नहीं, हम तुम पे मरते हैं, आदि से ही खूब शोहरत लूटी थी। उन्हें फिल्म दायरा में एक हिंजड़े के किरदार के लिए फ्रांस के फिल्म फेस्टिवल में सोनाली कुलकर्णी के साथ बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार मिला था। यह निर्मल द्वारा स्थापित अपने आप में अनोखा कीर्तिमान है।
कुछ दूसरी बीमारियां और दुर्घटना
लक्ष्मीकांत बेर्डे ने सूरज बडजात्या की फिल्मों मैंने प्यार किया, हम साथ साथ हैं, हम आपके हैं कौन के कॉमेडियन के तौर पर अपनी पहचान बना ली थी। किडनी की बीमारी के कारण ५० साल की उम्र में उनका निधन हो गया। अक्षय कुमार की फिल्म भूल भुलैया में जानकी उपाध्याय की भूमिका करने वाली रसिका जोशी का ३८ साल की उम्र में रक्त कैंसर से निधन हो गया। प्रियदर्शन और रामगोपाल वर्मा की फिल्मों के इस जाना पहचाने इस चेहरे ने मालामाल वीकली, ढोल, डरना ज़रूरी है, गायब, सरकार, एक हसीना थी, आदि फिल्मों से अपनी पहचान बनाई। अमिताभ बच्चन की दोहरी भूमिका वाली फिल्म सुर्यवंषम में अमिताभ बच्चन की पत्नी की भूमिका करने वाली अभिनेत्री सौंदर्या तमिल, तेलूग, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों की स्थापित एक्टर थी। लेकिन, उन्होंने हिंदी मे सिर्फ यही एक फिल्म की थी। २००४ में जब वह भारतीय जनता पार्टी के प्रचार में जा रही थी, तो एक हवाई दुर्घटना में ३१ साल की उम्र में उनकी मृत्यु हो गई।
आत्महत्या कर ली
टीवी एक्ट्रेस और बालिका बधू की आनंदी प्रत्युष बनर्जी अपने घर में रहस्यमय मौत का शिकार हुई। हिप हिप हुर्रे, घर एक मंदिर, रिश्ते, क्यों होता है प्यार, आदि शो की मशहूर अभिनेत्री कुलराज रंधावा ने २८ साल की अल्पायु में आत्महत्या कर ली थी। इसी प्रकार से कुलराज की अच्छी मित्र नसीफा जोसफ ने अपनी शादी टूट जाने के कारण अवसादग्रस्त हो कर आत्महत्या कर ली।  उस समय वह २६ साल की थी। माधुरी दीक्षित के सेक्रेटरी रिक्कू राकेशनाथ के बेटे करण नाथ के साथ फिल्म पागलपन में अभिनय करने वाली आरती अगरवाल को दक्षिण की फिल्मों में सफलता मिली।  लेकिन, उनका निजी जीवन काफी उथलपथल भरा रहा। उनकी शादी टूट गई थी। उन्होंने कई बार आत्महत्या करने की कोशिश की। सर्जरी में समस्या के बाद उनकी हालत ख़राब होती चली गई। एक दिन कोमा की हालत में वह हॉस्पिटल ले जाई गई, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उस समय वह ३१ साल की थी। 

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क्या सलमान खान के साथ डांस फिल्म एबीसीडी ३ होगी ?

एबीसीडी २ की स्टार कास्ट के साथ बनेगी एबीसीडी ३ 

कुछ दिनों पहले ही यह खबर गर्म थी कि रेस ३ के बाद, रेमो डिसूजा बड़े सितारों को लेकर एक धुंआधार डांस फिल्म का निर्माण करेंगे। उस समय इस फिल्म के बड़े कलाकारों के नाम नहीं बताये गए थे। अब यह साफ़ हो गया है कि इस मल्टी स्टारकास्ट फिल्म में सलमान खान, वरुण धवन, जैक्विलिन फर्नॅंडेज़ और कैटरीना कैफ को लिया गया है। पहले यह खबर थी कि सलमान खान की जगह वरुण धवन ने ले ली है, क्योंकि वरुण धवन रेमो की डांस फिल्म एबीसीडी २ के नायक थे। लेकिन, अब साफ़ हो गया है कि फिल्म में दोनों ही अभिनेता होंगे। यह रेमो की धमाकेदार डांस नंबरों वाली फिल्म ही होगी। इस फिल्म में कैटरीना कैफ, एक था टाइगर और टाइगर जिंदा है के बाद तीसरी बार पाकिस्तानी लड़की की भूमिका करती नज़र आयेंगी। फिल्म में जैक्विलिन का एक ब्रिटिश डांसर का किरदार है। खबर यह भी है कि फिल्म में सलमान खान को उनकी सिग्नेचर स्टाइल से अलग डांस करने होंगे।  इसके लिए उन्हें अलग तरह के डांस की ट्रेनिंग दिलवाई जाएगी। वैसे इस फिल्म की शुरुआत तभी हो पायेगी, जब सलमान खान अपने हाथ की फ़िल्में भारत और दबंग ३ पूरी कर लेंगे। उसके बाद ही, रेमो अपनी डांस फिल्म पर काम करना शुरू कर देंगे। तो क्या इस फिल्म का टाइटल एबीसीडी ३ होगा ? इस बारे में रेमो साफ़ करते हैं कि वह एबीसीडी ३ को अगले साल जून में शुरू करना चाहते है। अभी इस फिल्म के तमाम विवरण अंतिम नहीं हो पाए है. इनके पूरा होने के बाद ही एबीसीडी ३ का ऐलान किया जायेगा। बताते हैं रेमो डिसूज़ा, “हम एबीसीडी ३ को पिछली फिल्म एबीसीडी २ की वरुण धवन और श्रद्धा कपूर की स्टार कास्ट के साथ शुरू कर देंगे।" 

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अनिल कपूर : पास्ट इन प्रेजेंट.

जो दर्शक, इस ईद को, पुराने प्रेमी जोड़े, सलमान खान और ऐश्वर्या राय बच्चन की फिल्मों के टकराव की उम्मीद कर रहे थे, उन्हें निराशा होगी कि अब ऐश्वर्या राय की फिल्म फन्ने खान सलमान खान की फिल्म रेस ३ के खिलाफ रिलीज़ नहीं हो रही है। अब फन्ने खान १३ जुलाई को रिलीज़ होने जा रही है। अगर रेस ३ से फन्ने खान टकराती तो अनिल कपूर खुद से टकराते। रेस ३ में भी अनिल कपूर एक डिटेक्टिव के किरदार में है। दर्शकों के लिहाज़ से यह एक दिलचस्प नज़ारा होता। मगर, फन्ने खान और रेस ३ का टकराव टल जाने के बावजूद फन्ने खान अनिल कपूर के लिहाज़ से दिलचस्प बनी हुई है। फिल्म में अनिल कपूर ऐसे व्यक्ति की भूमिका कर रहे रहे हैं, जो अपनी बेटी को बड़ी गायिका बनाने के लिए कुछ भी कर सकता है। दरअसल, निर्माता राकेश ओमप्रकाश मेहरा की इस फिल्म में अनिल कपूर जो किरदार कर रहे हैं, उसके दो रूप होंगे। अनिल कपूर जहाँ अपनी आज की उम्र में होंगे, वही २२ साल के भी नज़र आयेंगे। उनका यह युवा अवतार उनके फ़्लैश बेक यानि अतीत में जाने पर देखा जायेगा। अनिल कपूर का यह युवा चेहरा इन्टरनेट पर सनसनी फैला चूका है। कैसे किया होगा अनिल कपूर ने खुद को इतना जवान? अनिल कपूर को जवान बनाना किसी मेकअप और गेटअप का कमाल नहीं होगा। यह कमाल होगा वीएफएक्स प्रभाव का। अनिल कपूर को उनके पुराने चित्रों के ज़रिये युवा बनाया जायेगा। इस काम के लिए, फन्ने खान की टीम के साथ वीएफएक्स टीम भी जुडी हुई है। सूत्र बताते हैं कि यह टीम अनिल कपूर के लुक पर फिल्म और कास्टिंग के ऐलान के बाद से ही जुटी हुई है। तो, १३ जुलाई को तैयार रहिये ट्वेंटी प्लस के अनिल कपूर को देखने के लिए। 

बिंदास अंदाज़ में तृषा कृष्णन -  पढ़ने के लिए क्लिक करें 

Saturday, 3 March 2018

बिंदास अंदाज़ में तृषा कृष्णन

तमिल फिल्म अभिनेत्री तृषा कृष्णन का यह अंदाज़ गज़ब का है।  वह अपने पप्पीज  के साथ फर्श पर बैठी कुछ  पी रही हैं।  इस तस्वीर से ऐसा नहीं लगता कि वह तमिल फिल्मों के बड़ी एक्टर हैं। वह पिछले १८ सालों से दक्षिण की इंडस्ट्री में सक्रीय हैं। वह करीब ५६ तमिल और तेलुगु फिल्मों में अभिनय कर चुकी है।  वह, अक्षय कुमार के साथ फिल्म खट्टा मीठा (२०१०) से हिंदी फिल्म डेब्यू कर चुकी है। उन्होंने, २ फरवरी को रिलीज़ फिल्म हे जूड से मलयालम फिल्म डेब्यू किया है।  इस फिल्म में वह एक बाइपोलर डिसऑर्डर की शिकार संगीतकार  की भूमिका से खूब सराहना पाई है।  इस फिल्म में उनके नायक निविन पॉलीएसपर्जरस सिंड्रोम के शिकार  एक माथेमैटिक जीनियस जूड रोड्रिगुएज की भूमिका कर रहे हैं।  यह इन दोनों की दोस्ती की कहानी है। तृषा के पास इस समय फिल्मों की भरमार है। यह ६ तमिल और एक तमिल-तेलुगु फिल्म में व्यस्त है। इसके बाद अपने पप्पीज के साथ उनकी मौज़ मस्ती उनकी सादगी बयान करने वाली है। 


साइकोलॉजिकल थ्रिलर में जूही चावला - पढ़ने के लिए क्लिक करें

साइकोलॉजिकल थ्रिलर में जूही चावला

पिछले दिनों, यह खबर थी कि अभिनेत्री नर्गिस फाखरी डराएँगी। अभी इसी शुक्रवार, ग्लैमरस फिल्म अभिनेत्री अनुष्का शर्मा शैतानी किरदार में दर्शकों को भयभीत कर चुकी हैं। अब इस कड़ी में, फिल्म अभिनेत्री जूही चावला का नाम तो नहीं जुड़ने जा रहा, लेकिन, वह एक थ्रिलर फिल्म में ज़रूर अभिनय करने जा रही है। यह फिल्म एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म होगी। इस फिल्म का अभी टाइटल नहीं रखा गया है। फिल्म को निद्धिश पूझक्कल ने लिखा है और वही इसे निर्देशित भी करेंगे। निद्धिश ने तीन शार्ट फिल्मों का निर्माण किया है। उन्होंने हाल ही में एक मलयालम फिल्म कैनवास निर्देशित की है। यह एक रोमांस फिल्म है। निद्धिश की बॉलीवुड फिल्म की ख़ास बात यह है कि यह फिल्म जूही चावला के किरदार के इर्द्गिर्द ही घूमती है। इस फिल्म की शूटिंग मार्च में शुरू हो जायेगी। जूही चावला इस समय शेली चोपड़ा धर की फिल्म एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा में अभिनय कर रही हैं। एक लड़की को ऐसा लगा में ११ साल बाद जूही चावला और अनिल कपूर एक साथ आ रहे हैं। फिल्म में सोनम कपूर और राजकुमार राव की रोमांटिक जोड़ी बनाई गई। पंजाब में एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा की शूटिंग पूरी करने के बाद जूही चावला मुंबई आ कर निद्धिश की फिल्म शुरू कर देंगी।   

तमिल तुम्हारी सुलू की विद्या बालन और नेहा धूपिया ! - पढ़ने के लिए क्लिक करें 

तमिल तुम्हारी सुलू की विद्या बालन और नेहा धूपिया !

सुरेश त्रिवेणी निर्देशित बॉलीवुड फिल्म तुम्हारी सुलू (२०१७) की आरजे सुलोचना उर्फ़ सुलू ने दक्षिण के निर्माताओं को भी प्रभावित कर लिया है। इसीलिए, इस फिल्म का तमिल रीमेक बनाए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस फिल्म का निर्माण अभिनेत्री ज्योतिका और  अभिनेता पति सूर्या कर रहे हैं और निर्देशन राधा मोहन द्वारा किया जाएगा। राधा मोहन की पिछले साल प्रदर्शित गूंगे-बहरे नायक वाली फिल्म बृंदावनम की बड़ी प्रशंसा हुई थी। वह मानवीय भावनाओं पर फिल्म बनाने वाले निर्देशक साबित होते थे। यही राधा मोहन तुम्हारी सुलू के तमिल रीमेक फिल्म का निर्देशन करने जा रहे हैं। इस फिल्म में, विद्या बालन के गृहणी सुलोचना की भूमिका को प्रियदर्शन की फ्लॉप हिंदी फिल्म डोली सजा के रखना की नायिका और फिल्म की निर्माता ज्योतिका कर रही हैं। फिल्म में नेहा धूपिया वाला किरदार तेलुगु फिल्मों की नायिका लक्ष्मी मांचू करेंगी। लक्ष्मी मांचू, वरिष्ठ एक्टर मोहन बाबु की बेटी हैं। वह कादल, गुन्डेलो गोड़ारी जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुकी है। लक्ष्मी मांचू ने एक हिंदी फिल्म डिपार्टमेंट में अभिनय किया है। उन्हें इस फिल्म में नेहा धूपिया के किरदार में लेने का इरादा, फिल्म के निर्माता सूर्या और ज्योतिका का है। इन दोनों का मानना है कि वह नेहा धूपिया के किरदार में हर तरह से फिट हैं। अब देखने की बात होगी कि हिंदी फिल्मों में असफलता का मुंह देखने वाली ज्योतिका और लक्ष्मी मांचू, एक हिट हिंदी फिल्म के तमिल रीमेक को सफल बना पाती हैं या नहीं ?  

अमला पॉल का बॉलीवुड डेब्यू -  पढ़ने के लिए क्लिक करें 

अर्जुन पाल के साथ अमला पॉल का बॉलीवुड डेब्यू

पिछले दिनों, इसी ब्लॉग में साउथ की तमिल फिल्मों की अभिनेत्री अमला पॉल के फिल्म थिरुट्टू पयाले २ में नाभि प्रदर्शन की सनसनी की चर्चा की गई थी। अमला पॉल दक्षिण में अपने उत्तेजक अंग प्रदर्शन के लिए चर्चित रहती हैं। लेकिन, इस बार उनकी चर्चा बॉलीवुड के कारण है। वह ज़ल्द ही एक हिंदी फिल्म में, अभिनेता अर्जुन रामपाल के अपोजिट नज़र आने वाली हैं। यह फिल्म मंद सुगन्धित बयार जैसे रोमांस वाली फिल्म है। इस फिल्म का निर्देशन नरेश मल्होत्रा करने वाले हैं। नरेश मल्होत्रा बड़े सितारों वाली पांच फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। उन्होंने अक्षय कुमार, काजोल और सैफ अली खान के साथ फिल्म ये दिल्लगी (१९९४), गोविंदा और मनीषा कोइराला के साथ अचानक (१९९८), विनोद खन्ना, बॉबी देओल और अमीषा पटेल के साथ क्रांति (२००२), अर्जुन कपूर, ऐश्वर्या राय और प्रियांशु चटर्जी के साथ दिल का रिश्ता (२००२३) और मुग्धा गोडसे और निशांत मलकानी के साथ फिल्म क्रेजी किया रे (२०१५) का निर्देशन किया था। एक अख़बार की खबर के अनुसार, फिल्म निर्माताओं को एक आकर्षक और उत्तेजक सौदर्य वाली अभिनेत्री की तलाश थी।  अमला पॉल उनके पैमाने पर फिट बैठती थी। इसके बावजूद, फिल्म की भूमिका के अनुरूप अमला पॉल का स्क्रीन टेस्ट लिया गया। इस टेस्ट में अमला अव्वल नंबर से पास हुई। खबर यह भी है कि इस फिल्म में उनका लुक काफी अलग सा होगा। इसीलिए, अमला पॉल को स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद अपनी भूमिका काफी पसंद आई। तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों के लोकप्रिय अभिनेत्री अमला पॉल इस समय भास्कर ओरु रास्कल, वाडा चेन्नई और रातचासन में अभिनय कर रही हैं। 

दिल्ली जाने से खुश डेज़ी शाह एअरपोर्ट पर - क्लिक करें 

शायद दिल्ली जाने से खुश डेज़ी शाह एअरपोर्ट पर

अनुष्का शर्मा को रामसे ब्रदर्स की बहन साबित करने वाली परी

निर्माता और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा की फिल्म परी की होली के मौके पर दर्शकों को बेसब्री से प्रतीक्षा थी।  यह कहा जा रहा था कि फिल्म भारत की हॉरर फिल्मों के लिहाज़ से मील का पत्थर साबित होगी।  अनुष्का शर्मा ने एक हॉरर फिल्म करके, हॉरर को ए-ग्रेड की अभिनेत्रियों का जॉनर बना दिया है।  लेकिन, अब जबकि फिल्म रिलीज़ हो चुकी हैं, परी कोई मील का पत्थर नहीं साबित होती।  बेशक अनुष्का शर्मा  हॉरर फिल्म की नायिका बन कर हिम्मत का काम करती हैं, लेकिन हुमा खान, कृतिका देसाई, नीलम मेहरा का  श्लील संस्करण ही साबित होती है।  फिल्म  की शुरुआत ही अजीबोगरीब है।  परमब्रत चटर्जी और रिताभरी चक्रवर्ती के चरित्र  छत पर कॉफ़ी पीते नज़र आते हैं।  कहानी का सूत्र पकड़ने का अजीबोगरीब तरीका।  अगले सीन में फिल्म ढर्रे पर आती है, जब तेज़ बारिश के बीच जा रही अर्नब की विंड स्क्रीन से एक औरत  आ टकरती है। इस औरत के साथ सामने आता है, अनुष्का शर्मा की रुखसाना का चरित्र।  इसके बाद कहानी बांगलादेश और कोलकत्ता के बीच घूमती रहते है।  धीरे धीरे खुलासा होता है कि रुखसाना अरैबिक कहावतों के शैतान इफरित की संतान है।  इन शैतानों को  ख़त्म करने वाला क़यामत समूह है, जिसका मुखिया एक आँख वाला प्रोफेसर क़ासिम है।  कहानी का अंत होता है इस  सन्देश के साथ कि प्यार शैतान को भी इंसान बना देता है देता है।  क्योंकि, अनुष्का शर्मा और परमब्रत चटर्जी के बीच एक चुम्बन से उपजी कामुकता का नतीजा अनुष्का शर्मा की संतान शैतान नहीं, इंसान है, हालाँकि, वह सामान्य इंसानों के  बच्चे की तरह नौ महीने में नहीं, एक महीने में पैदा हुई है।   अभिषेक बनर्जी और प्रोसित रॉय की कथा-पटकथा में ऐसे ढेरों सूत्र है, जो बिना स्पष्ट किये छोड़ दिए गए हैं या दिखा दिए गए हैं। 
प्रोसित रॉय के निर्देशन की केवल यही खासियत है कि वह धीमी गति से गति से कहानी चलाते हैं।  उनकी कल्पनाशीलता में खून, विकृत चेहरे और घाव ही डरावनी फिल्म होती है।  साउंड के ज़रिये डराने की कोशिश की गई है।  लेकिन, रामगोपाल वर्मा की भूत से बहुत पीछे हैं।  कुछेक दृश्य बहुत अच्छे बन पड़े हैं, मसलन पोस्टमॉर्टम हाउस से बिल्लियों की तरह छलांग मारते हुए रुखसाना का अर्नब के घर पहुँचना,   रुखसाना का अर्नब  के चरित्र का गला पकड़ लेनाअर्नब और उसकी मंगेतर पियाली के  चुम्बन के बीच रुखसाना का खिड़की की छत से झांकना, आदि आदि।  ज़्यादातर फिल्म अँधेरे में  खून से सनी हुई है।  अनुष्का के चेहरे को घावों से भरकर डरावना बनाया गया है।
जहाँ तक अभिनय पक्ष की बात है अनुष्का शर्मा अनुष्का शर्मा ही लगाती है, चोट खाई हुई।  परमब्रत चटर्जी ने अभिनय की अपनी शैली में स्वाभाविक अभिनय किया है।  क़ासिम की भूमिका में रजित कपूर छा गए हैं।  पियाली की भूमिका में रिताभरी चक्रवर्ती असहज लगाती हैं।  मानसी मुल्तानी का असली चेहरा तो बहुत कम नज़र आता है।  वह साउंड और मेकअप के बीच डरा ले जाती है।   
जिश्नु चटर्जी का कैमरा अँधेरे में  भटकता रहता है।   केतन सोढा का बैकग्राउंड म्यूजिक डराता है, लेकिन कुछ नई नहीं पुरानी शैली में।  फिल्म १३४ मिनट लम्बी है।  मानस मित्तल को इस पर जम कर  कैंची  चलानी चाहिए थी। 

 नॉट अ फेयरी टेल टैग लाइन वाली यह परी फिल्म एनएच १० और फिल्लौरी की फिल्म निर्माता अनुष्का शर्मा को रामगोपाल वर्मा नहीं, मोहन भाखरी की श्रेणी में लाने वाली है यानि दो कदम पीछे।


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