Sunday, 5 July 2026

#HombaleFilms और #Parasuram की फिल्म में #HrithikRoshan

 


अपुष्ट समाचार हैं कि बॉक्स ऑफिस पर धमाका होने जा रहा है। यह धमाका एक अखिल भारतीय फिल्म के माध्यम से होगा, जिसकी शीघ्र ही घोषणा हो सकती है। 





सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया गया है कि बॉक्स ऑफिस पर ज़बरदस्त धमाका सुनने के लिए तैयार हो जाइए! ऋतिक रोशन एक बड़े पैन-इंडिया प्रोजेक्ट के लिए ब्लॉकबस्टर डायरेक्टर परशुराम के साथ काम करने की तैयारी कर रहे हैं। 





अभी तक बॉलीवुड फिल्मों तक ही सीमित हृथिक रोशन, पहले बार किसी दक्षिण के किसी बैनर की फिल्म में काम करने जा रहे है।  बड़ी बात यह है कि इस अखिल भारतीय बहु भाषीय फिल्म के निर्माता केजीएफ, सालार और कांतारा फिल्मों के निर्माता होम्बले फिल्म्स है।  यदि बात बानी तो हृथिक की फिल्म का निर्देशन गीता गोविन्दम, सरकारू वारी पाटा के निर्देशक परशुराम करेंगे।





बताते चलें कि  होम्बले फिल्म्स ने इस फिल्म के बारे में मई २०२५ में ही संकेत दिया था। उन्होंने बताया था कि वह हृथिक रोशन के साथ अगली फिल्म करने जा रहे है। अब की घोषणा से स्पष्ट है कि फिल्म का निर्देशन तेलुगु फिल्म निर्देशक परशुराम करेंगे।





परशुराम ने अब तक आठ फिल्मों का निर्देशन किया है। इन फिल्मों में वह रवि तेजा, नयनतारा, काजल अग्रवाल, अल्लू शिरीष, लावण्या त्रिपाठी, विजय देवराकोण्डा, रश्मिका मंदना,  महेश बाबू, कीर्ति सुरेश और मृणाल ठाकुर को निर्देशित कर चुके है। यह फ़िल्में एक्शन, रोमांस, हास्य और थ्रिलर शैली की फिल्मे थी। 






हृथिक रोशन की कथित फिल्म की घोषणा अभी नहीं हुई है।  किन्तु, बताया जा रहा है कि   पावरहाउस प्रोडक्शन हाउस होम्बले फिल्म्स  की इस फिल्म स्केल बड़ा भारी होगा तथा इसमें भव्यता होगी। यह केवल  एक  फिल्म नहीं, एक घटना होगी । ऋतिक रोशन का बेजोड़ स्टारडम और स्क्रीन प्रेजेंस, परशुराम की जनता की नब्ज पहचानने की क्षमता और सफल  फिल्मे दे चुके निर्माता  का पारस स्पर्श एक ऐसा सहकार बनाएगा, जो सारे कीर्तिमान तोड़ देगा।  

#SheenaChohan : #PankajParashar की वेब सीरीज की खलनायिका !


 

नसीरुद्दीन शाह के साथ, अर्चना पूरन सिंह को नायिका बना कर जलवा जैसी विचित्र हास्य फिल्म का निर्माण करने वाले निर्देशक पंकज पराशर ने, रजनीकांत और सनी देओल के साथ श्रीदेवी की दोहरी भूमिका वाली चालबाज़ का निर्माण कर अनोखा सफल प्रयोग किया था। उन्होंने फिल्म हिमालय पुत्र से विनोद खन्ना पुत्र अक्षय खन्ना का पहला परिचय दर्शकों से कराया था। बनारस (२००६) उनकी अंतिम प्रदर्शित फिल्म थी। 





अब २० साल बाद, पंकज पराशर वापसी कर रहे हैं।  उनकी यह वापसी ओटीटी सीरीज से हो रही है।  यह सीरीज, विश्व के प्रमुख सीक्रेट एजेंट्स पर केंद्रित है।  इस सीरीज की शूटिंग सितम्बर से प्रारम्भ होगी। अभी यह ज्ञात नहीं हुआ है कि यह सीरीज की ओटीटी प्लेटफार्म पर स्ट्रीम होगी। 





किन्तु, यहाँ बात हो रही है इस सीरीज की खलनायिका की। पंकज पराशर की खलनायिका शीना चौहान है।  बॉलीवुड के फिल्म दर्शकों के लिए यह नाम बहुत परिचित नहीं। क्योंकि, उनकी एक ही फिल्म संत तुकाराम २०२५ प्रदर्शित हुई थी। इस फिल्म को हिंदी पेटी के बॉक्स ऑफिस पर सफलता नहीं मिली थी। किन्तु, समीक्षकों ने, अवली की भूमिका में शीना के अभिनय की सराहना की थी। 





शीना, ने बांग्ला, तमिल, तेलुगु और मलयालम फ़िल्में की है।  हिंदी दर्शक, उन्हें फिल्मों से नहीं, किन्तु वेब सीरीज के माध्यम से पहचानते होंगे। वह जन्नत, वन मोर, अमर प्रेम, रब्बिश और छोटू जैसी वेब सीरीज में मुख्य भूमिकाएं कर चुकी है। 




कई पुरस्कार जीत चुकी शीना को अपने गहन अभिनय, स्वयं को चरित्र के अनुरूप ढाल लेने की क्षमता, गहरी संवेदनशीलता के लिए पहचाने जाती है। उनका फिल्म डेब्यू मलयालम फिल्म द ट्रेन (२०११) से हुआ था। ११ जुलाई २००६ को मुंबई ट्रेन ब्लास्ट पर आधारित जयराज निर्देशित इस फिल्म में वह मम्मूट्टि की पत्नी की भूमिका में थी।  





शीना ने सात फीचर फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं की हैं। इन फिल्मों में उन्हें भारत के पुरस्कार विजेता निर्देशकों के साथ काम करने का अवसर मिला।  वह ओटीटी पर सीरीज द फेम गेम में माधुरी दीक्षित और द ट्रायल में काजोल जैसी अभिनेत्रियों के अपोजिट कैमरा फेस कर चुकी है।  

Saturday, 4 July 2026

दूसरी छमाही में क्या युवा होंगे बॉलीवुड सितारे !

 



साल २०१६ के प्रथमार्ध में दर्शकों को कई दमदार कहानियां और यादगार अभिनय वाली फिल्में देखने को मिली। वहीं अब साल का दूसरा हिस्सा भी उतना ही रोमांचक होने वाला है। नई पीढ़ी के कई कलाकार अपनी अलग पहचान बना रहे हैं और कमर्शियल फिल्मों के साथ-साथ कंटेंट आधारित सिनेमा में भी बेहतरीन काम कर रहे हैं। बड़े पर्दे पर रिलीज़ होने वाली फिल्मों से लेकर महत्वाकांक्षी ओटीटी प्रोजेक्ट्स तक, ये युवा कलाकार अपने करियर के सबसे अहम दौर में प्रवेश कर रहे हैं।




 

चाहे बड़े कमर्शियल एंटरटेनर हों, भावनात्मक ड्रामा या अलग तरह की कहानियां, इन कलाकारों की आने वाली फिल्मों की लाइनअप इंडस्ट्री के बदलते दौर की झलक दिखाती है। नई प्रतिभाएं लगातार अपनी जगह बना रही हैं और दर्शकों को नए किरदार, नई कहानियां और भविष्य के बड़े सितारे देखने को मिलने वाले हैं।




 

आइए जानते हैं 2026 के दूसरे हाफ में किन युवा बॉलीवुड सितारों पर सबकी नजर रहने वाली है।

 





सुहाना खान – किंग - द आर्चिस से अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने वाली सुहाना खान अब साल की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक किंग में नज़र आएंगी। इस फिल्म में वह अपने पिता शाहरुख खान के साथ स्क्रीन शेयर करेंगी। एक्शन से भरपूर यह फिल्म 2026 की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल है। इस फिल्म के ज़रिए सुहाना बड़े और मुख्यधारा के सिनेमा में अपनी नई पहचान बनाने के लिए तैयार हैं।

 






मिहिर आहूजा - ऑपरेशन सफेद सागर - मिहिर आहूजा ने द आर्चिस, विजय 69, मा का सम और हिंदी विन्दी जैसी फिल्मों में अपने शानदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीता है। अब वह ऑपरेशन सफेद सागर में नज़र आएंगे। यह फिल्म उन्हें अपनी अभिनय क्षमता का एक और नया पहलू दिखाने का मौका देगी और बॉलीवुड के उभरते हुए प्रतिभाशाली कलाकारों में उनकी जगह को और मजबूत करेगी।

 





प्रगति श्रीवास्तव - जनादेश - प्रगति श्रीवास्तव भी इस साल की उभरती हुई प्रतिभाओं में शामिल हैं। उनकी आने वाली फिल्म जनादेश एक ऐसी कहानी है जिसमें अभिनय सबसे अहम भूमिका निभाता है। यह फिल्म उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकती है।

 





बाबिल खान - दार्जिलिंग- बाबिल खान इस समय सबसे व्यस्त युवा कलाकारों में से एक हैं। एक नई वेब सीरीज़ के अलावा उनके पास एक मलयालम फिल्म और निर्देशक शूजीत सरकार की फिल्म दार्जिलिंग भी है। कला और लॉगआउट जैसे अलग तरह के किरदारों के ज़रिए बाबिल ने हमेशा नए प्रयोग किए हैं और लगातार अपनी अलग पहचान बनाई है।

 





वेदांग रैना - मैडॉक की अगली फिल्म - जिगरा और मैं वापस आऊंगा जैसी फिल्मों के बाद वेदांग रैना अब मैडॉक फिल्म्स की अगली फिल्म में मुख्य भूमिका निभाएंगे। मैडॉक लगातार सफल और मनोरंजक फिल्में बना रहा है, ऐसे में वेदांग की इस नई फिल्म से भी काफी उम्मीदें हैं।

 






अभय वर्मा - दिलकशी - अपनी बढ़ती लोकप्रियता के बीच अभय वर्मा अब दिलकशी लेकर आ रहे हैं। मुंज्या और ए वतन मेरे वतन जैसी फिल्मों में अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस से प्रभावित करने वाले अभय की यह नई फिल्म उनके करियर को नई ऊंचाई दे सकती है।

 





शनाया कपूर - जॉम्बी रेड्डी 2 - शनाया कपूर अब जॉम्बी रेड्डी 2 के जरिए एक नए जॉनर में कदम रखने जा रही हैं। आँखों की गुस्ताखियां और तू या मैं के बाद यह हॉरर-कॉमेडी फिल्म उन्हें एक अलग तरह का किरदार निभाने का मौका देगी और उनके अभिनय के दायरे को और बढ़ाएगी।

 





खुशी कपूर - मॉम 2 - द आर्चिस और लवयापा में अपने अभिनय से प्रभावित करने के बाद खुशी कपूर अब मॉम 2 में नज़र आएंगी। एक लोकप्रिय फिल्म के सीक्वल होने के कारण इस प्रोजेक्ट से दर्शकों की उम्मीदें काफी ज़्यादा हैं। अब सभी की नज़र इस बात पर होगी कि खुशी इस भावनात्मक और प्रतिष्ठित कहानी को किस तरह पर्दे पर पेश करती हैं।

Friday, 3 July 2026

क्या दर्शक स्वीकार करेगा #EmraanHashmi का #Awarapan 2 ?




इमरान हाशमी की, दिशा पाटनी के साथ रोमांटिक गैंगस्टर फिल्म आवारापन २ का टीज़र, २९ जून को जारी हुआ है।  इस टीज़र को आज तक १६ लाख से अधिक दर्शक देख  चुके है। किन्तु, फिल्म के प्रति दर्शकों में वह उत्साह नहीं है।  इसी उत्साह की कमी को देखते हुए यह पूछा जा रहा है कि क्या दर्शक इमरान हाश्मी के आवारापन को स्वीकार करेंगे ?





 

आवारापन २, २००७ में प्रदर्शित, इमरान हाश्मी की मोहित सूरी के निर्देशन में प्रदर्शित फिल्म आवारापन की सीक्वल फिल्म है। आवारापन को अपनी रिलीज़ के समय औसत या फ्लॉप फिल्म मना गया था।  किन्तु, बाद में इसे कल्ट फिल्म में सम्मिलित किया गया। फिल्म को कल्ट स्टेटस दिलाने वाले मुख्य तत्व प्रीतम का हिट संगीत था, जिन्हे लम्बे समय तक याद रखा गया था।






इसके अतिरिक्त इस फिल्म में, इमरान हाशमी अपनी चॉकलेटी इमेज से हटकर ब्रूडिंग, गॉडलेस गैंगस्टर शिवम पंडित की भूमिका कर रहे थे । उनकी आँखों में दर्द, खालीपन और ट्रांसफॉर्मेशन को दर्शकों ने बहुत पसंद किया ।  इसे उनके श्रेष्ठ अभिनय वाली फिल्मों में से एक मानते हैं।






इस फिल्म के चरित्रों में प्यार, मुक्ति, विश्वास, नास्तिकता, बलिदान और पराजय का मिश्रण था। इस फिल्म में हिंसक गैंगस्टर ड्रामा को भावुकता और आध्यात्मिकता का सहारा मिला था, जो इसे बॉलीवुड की गैंगस्टर फिल्मों से बिलकुल  भिन्न बनाता था। मोहित सूरी के  निर्देशन,हांगकांग की पृष्ठभूमि और मार्मिक संवादों ने फिल्म को अविस्मरणीय बना दिया। क्या आवारापन २ मे ऐसा प्रभावशाली मिश्रण होगा?






 

आवारापन २ का बजट ८० से १२० करोड़ के मध्य बताया जा रहा है। जबकि, २००७ में प्रदर्शित आवारापन का बजट १८ करोड़ के आसपास था। यो, विशेष फिल्म्स की फिल्में अपने नियंत्रित बजट के लिए प्रसिद्द है। किन्तु, आवारापन २ को बड़े पैमाने पर बनाया जा रहा है। मूल आवारापन के समय इमरान हाश्मी छोटे बजट की फिल्मों के अभिनेता थे। इस फिल्म में उनकी नायिका श्रिया सरन थी। इसके बावजूद फिल्म औसत/फ्लॉप मानी गई, लेकिन बाद में म्यूज़िक और कहानी की वजह से कल्ट क्लासिक बन गई।





 

 जबकि, आवारापन २ में भव्यता है। फिल्म में दिशा पाटनी उनकी नायिका है। दिशा पाटनी को एक विलेन रिटर्न्स और योद्धा के लिए ५ करोड़ मिले थे।  तमिल फिल्म कंगूवा में उन्हें छह करोड़ का साइनिंग अमाउंट मिला था। इमरान हाश्मी कल टाइगर ३ में विलेन की भूमिका के लिए १० करोड़ दिए गए थे। इस समय वह ७ से १५ करोड़ की फीस लेते है। स्पष्ट रूप से अन्य कलाकारों की फीस को सम्मिलित करें तो आवारापन का पूरा बजट दिशा पाटनी और इमरान हाश्मी की फीस में ही ख़त्म हो जाता है।





 

यद्यपि, आवारापन २ की शूटिंग राजस्थान में हुई है। किन्तु, इस फिल्म का ५० प्रतिशत हिस्सा बैंकाक में  शूट हुआ है। यहाँ पर फिल्म की शूटिंग पूरे एक महीने तक चलती रही थी। बाद में फिल्म को कुआलालम्पुर में फिल्माया गया था। इस प्रकार से फिल्म को अंतर्राष्ट्रीय स्तर देने का प्रयास किया गया ? 





एक बड़ा कारण यह भी है कि आवारापन २ में शिवम् पंडित की वापसी हो रही है।  यह वही गैंगस्टर शिवम् पंडित है, जो आवारापन में मार दिया जाता है।  आवारापन २ के  टीज़र में इमरान हाश्मी कहते सुनाई पड़ते हैं कि मौत भी  बड़ी अजीब चीज है। उसने मुझे छुआ जरूर पर अपनाया नहीं। क्या दर्शक १९ साल पहले मारे जा चुके शिवम् पंडित को इस तरह जीवित देखना स्वीकार करेगा ?




 

कहानी का पुरानापन और कमजोरी फिल्म को कमजोर कर सकती है।  पुरानी कहानी को दर्शक स्वीकार करेगा, कहा नहीं जा सकता है। इसके अतिरिक्त दिशा पाटनी कुछ प्रभाव छोड़ती नहीं दिखाई देती।  फिल्म का संगीत भी कमजोर है।   इमरान हाश्मी भी, विगत १९ सालों में शिवम् से काफी आगे निकल चुके है।  वह एक्शन भूमिकाएं कर रहे है। टाइगर ३ जैसी फिल्म में खलनायक भी बन चुके है।  अब उनके रोमांस में वह बात नहीं, जो आवारापन के समय थी। 

क्या #Pralay के #Zombie हैं #Dhurandhar एक्टर #RanveerSingh ?



समाचार है कि धुरंधर अभिनेता रणवीर सिंह, सितंबर से, निर्देशक जय मेहता की ज़ॉम्बी फ़िल्म 'प्रलय' शुरू करेंगे। इस समय, जय मेहता अपनी फिल्म की शूटिंग प्रारम्भ  करने की तैयारी में जुटे हुए है।  वह अपनी इस ज़ोंबी फिल्म की शूटिंग ऑस्ट्रेलिया से प्रारम्भ करेंगे। 






भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे अधिक कारोबार करने वाली जासूसी एक्शन फ़िल्म धुरंधर के बाद, रणवीर सिंह पाकिस्तान के बाद, इस नई  दुनिया में क्या करने जा रहे हैं? क्या फिल्म प्रलय में,  फिल्म धुरंधर में भीषण रक्पात करने वाले हमजा की तरह मानव रक्त के प्यासे ज़ोम्बी बने हैं ? निसंदेह यह फिल्म ज़ोंबी जंतुओं की कयामत दिखाने वाली फिल्म है। किन्तु, रणवीर सिंह इस फिल्म में ज़ोंबी नहीं बने हैं।




  

यद्यपि, फिल्म प्रलय की शूटिंग ऑस्ट्रेलिया से शुरू हो रही है।  किन्तु, फिल्म का कथानक बर्बाद मुंबई की पृष्ठभूमि पर ज़ोंबी आतंक पर  फिल्म है।  पूरी फिल्म, ज़ोंबी के आतंक से वीरान पड़ी मुंबई पर केन्द्रित है। प्रलय एक कयामत के बाद की दुनिया में सेट है। इसमें एक डायस्टोपियन मुंबई की कल्पना की गई है जो ज़ॉम्बी से भरी हुई है और एक शादीशुदा जोड़ा उसमें ज़िंदा रहने के लिए संघर्ष कर रहा है। तीन सौ करोड़ के बजट के साथ, यह फ़िल्म रणवीर सिंह के फिल्म जीवन की सबसे महँगी एकल हीरो फिल्म है।






  

रणवीर सिंह, इसी दम्पति का पुरुष चरित्र कर रहे हैं।  बताते हैं कि फिल्म में रणवीर सिंह की पत्नी की भूमिका सुपरहिट मलयालम फिल्म लोक पार्ट १ चंद्रा की नायिका कल्याणी प्रियदर्शन कर रही है।  मलयालम फिल्मों और  विगत दिनों सुपरहिट हुई हिंदी फिल्म भूत बंगला के सुप्रसिद्ध निर्देशक प्रियदर्शन की इकलौती बेटी है कल्याणी प्रियदर्शन। वह अब  तक डेढ़ दर्जन मलयालम, तमिल और तेलुगु फ़िल्में कर चुकी है।  प्रलय उन की पहली बॉलीवुड फिल्म होगी। 






जय मेहता, अपनी फिल्म को स्वाभाविक और रोमांचक बनाने के लिए कुछ छोड़ना नहीं चाहते।  इस फिल्म की ऑस्ट्रेलिया में शूटिंग अनुभवी तकनीशियनों की देखरेख में होगी। यह फिल्म वीएफएक्स पर भी बहुत अधिक निर्भर करेगी। फिल्म के लिए द हंगर गेम्स की शैली में मुंबई की कल्पना की गई है। इसके लिए तबाह मुंबई सेट्स बनाए जायेंगे।  शहर के बड़े हिस्से को डिजिटल रूप से पुराना किया जाएगा ताकि इसे परित्यक्त रूप दिया जा सके।






भारतीय दर्शकों को, विदेशी ज़ोंबी चरित्र आकर्षित करता है।  अब तक संख्या में कम बनी फिल्म शैली वाली ज़ोम्बी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर सफलता मिली है। इस  प्रकार की कुछ फिल्मों का विवरण निम्न प्रकार है -   





गो गोवा गॉन (२०१३) हिन्दी में निर्मित इस फिल्म के मुख्य कलाकार सैफ अली खान, कुणाल खेमू, वीर दास, आदि थे। यह भारत की पहली मुख्यधारा की एक्शन ज़ॉम्बी फ़िल्म मानी जाती है। यह एक हॉरर-कॉमेडी फिल्म  है, जिसमें गोवा की एक रेव पार्टी के दौरान एक नए ड्रग के कारण लोग ज़ॉम्बी बन जाते हैं।






ज़ॉम्बी रेड्डी (२०२१) तेलुगू में निर्मित और हिंदी में भी डब  फिल्म है।  इसके मुख्य कलाकार  तेजा सज्जा, आनंदी, दक्षा नगरकर हैं। प्रशांत वर्मा द्वारा निर्देशित यह तेलुगू सिनेमा की पहली ज़ॉम्बी फ़िल्म है। इसमें रायलसीमा क्षेत्र के गुटीय संघर्ष  को ज़ॉम्बी महामारी के साथ बेहद अनोखे और मनोरंजक तरीकों से जोड़ा गया है।






मिरुथन (२०१६) तमिल भाषा में निर्मित और हिंदी में डैरिंग रखवाला नाम से डब फिल्म है।  इस फिल्म के मुख्य कलाकार जयम रवि, लक्ष्मी , जैसे प्रतिष्ठित नाम है। यह तमिल सिनेमा की पहली ज़ॉम्बी फ़िल्म है। ओट में एक केमिकल लीक के कारण वायरस फैलता है, जिससे लोग ज़ोंबी बनने लगते है।






बेताल (२०२०) हिंदी भाषा में निर्मित नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज़ है। इसके मुख्य कलाकार विनीत कुमार सिंह, अहाना कुमार हैं। तथापि यह फ़िल्म नहीं बल्कि सीरीज़ है, लेकिन भारतीय ज़ॉम्बी जॉनर में इसका बड़ा नाम है। इसमें ब्रिटिश काल के मरे हुए अनडेड सैनिक और उनके अधिकारी आधुनिक सैनिकों पर हमला करते हैं।






घोस्ट स्टोरीज़ (२०२०) हिंदी भाषा में निर्मित नेटफ्लिक्स सीरीज है। इस एंथोलॉजी फ़िल्म की दिवाकर बनर्जी द्वारा निर्देशित तीसरी कहानी पूरी तरह से ज़ॉम्बी विषय पर आधारित थी, जिसमें एक व्यक्ति ऐसे गाँव में पहुँचता है जहाँ लोग इंसानों को खा रहे होते हैं।





जी - ज़ॉम्बी (२०२१) तेलुगु भाषा में बनाई गई आर्यन गौरा, दिव्या पांडे की मुख्य भूमिका वाली फिल्म है। यह फिल्म मेडिकल थ्रिलर फिल्म है, जहाँ युवा डॉक्टरों की एक टीम इम्युनिटी वैक्सीन विकसित करने की कोशिश करती है, लेकिन वायरस की वजह से लोग ज़ॉम्बी बनने लगते हैं।

क्या कामुक हैं #ToxicTheMovie की #LadiesAndLadies ?



कन्नड़ सुपरस्टार यश की अखिल विश्व फिल्म टॉक्सिक, अपनी घोषणा के साथ ही चर्चा में आ गई थी।  दर्शकों को, केजीएफ फिल्मों के नायक यश की इस फिल्म की उत्सुकता से प्रतीक्षा थी।  किन्तु, १ जुलाई को फिल्म की महिला चरित्रों का  परिचय कराने वाला टीज़र जारी हुआ, यह फिल्म विवादित रूप से चर्चा में आ गई।  







टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स को पावर और ग्लैमर का जबरदस्त जश्न बताया जा रहा है।  गीतू मोहनदास निर्देशित फिल्म टॉक्सिक में पांच महिला चरित्र है।  १ जुलाई को अनावृत टीज़र इन चरित्रों का परिचय करने वाला है।  समीक्षक इस टीज़र को महिला चरित्रों का विषैला परिचय बता रहे है।   






इसमें कोई संदेह नहीं कि इस टीज़र में शक्ति और सेक्सी  सौंदर्य का प्रभावशाली परिचय हुआ है।  यश का मरदाना जिस्म उनकी शक्ति और क्षमता का परिचय देता है।  उनको देखते हुए आप भयभीत भी हो सकते है।  यद्यपि, वह ऐसा कुछ करते दिखाई नहीं देते।  क्योंकि, वह फिल्म के गैंगस्टर तो हैं ही।  






कुछ समीक्षकों का मानना है कि फिल्म बताती है कि महिला चरित्रों को किस प्रकार से प्रस्तुत किया जाना चाहिए।  ऐसा, कदाचित इसलिए कहा जा रहा है कि फिल्म कोई निर्देशक गीतू मोहनदास स्वयं एक महिला है।  एक महिला दूसरी महिला की सेक्स अपील और कामुकता को भली भांति प्रस्तुत कर सकती है।  गीतू मोहनदास से पहले भी कई महिला फिल्म निर्देशक ऐसा दावा करती रही है। 






अखिल भारतीय और अखिल विश्व आकर्षण  वाली फिल्म टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स में बॉलीवुड की किआरा अडवाणी, तारा सुतरिया और हुमा कुरैशी जैसी सेक्सी अभिनेत्रियां हैं तो दक्षिण से नयनतारा और रुक्मिणी वसंत का ग्लैमर भी है। फिल्म की इन महिला चरित्रों को, टीज़र में कुछ इस प्रकार से प्रस्तुत किया गया है कि वह कामुक भी दिखती है और यश जैसे गैंगस्टर से भिड़ जाने वाली शक्तिशालिनी सुंदरियाँ भी। 






क्या टॉक्सिक टीज़र सचमुच महिला चरित्रों की इतनी टॉक्सिक झलक दिखा जाता है कि होहल्ला मचा हुआ है ! टॉक्सिक का लेडीज एंड लेडीज प्रोमो ग्लैमरस, डार्क  विज़ुअल्स पर केंद्रित है। इससे फिल्म की पांच महिलाओं की सेक्सुअलिटी चित्रण पर शंका पैदा हो सकती है। किन्तु, ध्यान रहे कि टीज़र में कहीं भी नग्न या उकसाने वाले अंग प्रदर्शन नहीं है। 






आरोप लगाया जा रहा है कि टीज़र से, महिला  चरित्रों का ऑब्जेक्टिफिकेशन होता लगता है। जिस प्रकार से, यश पांच महिलाओं को युद्ध मुद्रा में अपने सामने देखते हैं, वह कहते हैं लेडीज एंड लेडीज ! क्या एक एक कर आओगी या पांचों एक साथ होगी।  लोग इसे द्विअर्थी बता रहे है। महिला चरित्रों को वस्तु की भांति प्रस्तुत करना बता रहे है। 






इस फिल्म के प्रारंभिक एक टीज़र में एक कार के दृश्य की आलोचना हुई थी। इसे मेल गेज़ बताया गया था।  मेल गेज़ का अर्थ फिल्मों में नारी चरित्र का पुरुष दृष्टि से कामुक चित्रण किया जाना।  इसमें नारी शरीर को वस्तु की तरह, पुरुष दर्शको की कामवासना उभाड़ने का प्रयास किया जाता है। 







जहाँ तक, महिला चरित्र का वस्तुकरण करने की बात है, इस प्रकार के चित्रण वाली कई फ़िल्में पहले भी बन चुकी है।  महेश भट्ट और उनकी कंपनी महिला चरित्र को मेल गेज़ की तरह ही प्रस्तुत करती थी।  जिस्म, मर्डर, आदि भट्ट कैंप की फ़िल्में ऐसा ही वस्तुकरण करने वाली होती थी। रामगोपाल वर्मा की फिल्म रंगीला मेल गेज़ का श्रेष्ठ उदाहरण है।  इस फिल्म की नायिका उर्मिला मातोंडकर अपने कामुक अंग प्रदर्शन और हाव भाव के कारण चर्चित हो गई थी। 






किन्तु, टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स की गीतू मोहनदास मेल गेज़ के आरोपों को नकारते हुए इस फिल्म को फीमेल गेज़ फिल्म बताती है।  फीमेल गाजे की अवधारण स्थापित करती है कि किसी भी नारी में कामुकता होती है।  वह अपनी इस कामुकता को कैसे मिटाती है, वह उस  चरित्र पर निर्भर है।  गीतू मोहनदास अपनी फिल्म की नारी चरित्र के चित्रण को फीमेल प्लेज़र बताती है। यदि, कोई महिला अपनी कामुकता के चलते किसी पुरुष से सम्बन्ध बनाना चाहती है तो वह उसका अपना सुख है।  गीतू मोहनदास कहती है, "यह नारी सुख, सहमति और तंत्र का अपने अनुसार उपयोग करना है। फिल्म की महिलाएं सशक्त हैं और आत्मनिभर है।" 






गीतू मोहनदास की माने तो टॉक्सिक के महिला चरित्र यश के चरित्र के सेक्स गुलाम नहीं।  वह अपनी सहमति से सेक्स कर सकती है और सुख प्राप्त कर सकती है। वह तंत्र को अपने अनुसार उपयोग कर सकती है।  वह गहराई से भावुक है।  किन्तु, वास्तविकता क्या है, यह तो फिल्म प्रदर्शित होने के पश्चात् ही पता चलेगा।  इस समय तो टॉक्सिक विवादित हो चुकी है।  इससे फिल्म को भारी प्रचार मिला है और बड़ी ओपनिंग सुनिश्चित है। कदाचित फिल्मकार का उद्देश्य यही था।  इससे फिल्म वयस्कों के लिए प्रमाणपत्र प्राप्त करेगी। किन्तु, इससे क्या ? एनिमल भी तो वयवस्कों के लिए थी और कबीर सिंह भी। 

Wednesday, 1 July 2026

रिलीज़ से पहले पैसा वसूल हैं #Alpha और #BabyDoDie Do ?

इसमें कोई संदेह नहीं आज के सॅटॅलाइट युग में, भारत में बनी अधिकांश फ़िल्में छविगृहों में प्रदर्शन से पहले ही अपने बजट की काफी हद तक वसूली कर लेती है।  अधिकांश फिल्मे अपने बजट का ६० से ८० प्रतिशत तक  थिएटर्स में रिलीज होने से पहले ही डिजिटल और नॉन-थिएट्रिकल


 राइट्स बेचकर वसूल कर लेती है। यद्यपि, पूरी तरह से मुनाफे में आने और बॉक्स ऑफिस पर 'हिट' का टैग पाने के लिए उन्हें सिनेमाघरों में भी अच्छा प्रदर्शन करना पड़ता है।





इस  दृष्टि से, इस ३ जुलाई को प्रदर्शित होने जा रही दोनों फ़िल्में, क्या अपनी लागत का बड़ा हिस्सा अपने निर्माताओं को वापस दिलवा चुकी है ? इसके लिए इन दोनों फिल्मों का बजट और प्रदर्शन से पूर्व के विभिन्न प्रकार के अधिकारों को बेचने का गणित समझना होगा।





इस दृष्टि से बेबी डू डाई डू सुरक्षित लगती है। बेबी डू डाई डू  की निर्माण लागत मात्र २२ करोड़ रुपये है । निर्देशक के रूप में स्त्री २ के निर्देशक अमर कौशिक  का नाम जुड़ा होने के कारण इस फिल्म के ओटीटी अधिकार, सैटेलाइट अधिकार और म्यूजिक अधिकार  बहुत अच्छे दामों में बिके हैं। इस प्रकार से फिल्म ने रिलीज से पहले ही अपने २२ करोड़ के बजट का लगभग ७५ से ८० प्रतिशत अर्थात  १६ से १८ करोड़ इन अधिकारों को बेच कर आसानी से सुरक्षित कर लिया है।





अब बेबी डू डाई डू अपनी बाकी बची लागत और डिस्ट्रीब्यूशन कमीशन निकालने के लिए बॉक्स ऑफिस पर केवल १० से १५ करोड़ का शेयर अर्थात ३० से ३५ करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन ही करना है। सप्ताहांत के १० करोड़ अनुमानित कारोबार को देखते हुए यह बहुत जल्द मुनाफा कमाने लगेगी।





वहीँ दूसरी ओर अल्फा भारी बजट, बड़ा जोखिम लागत वाली फिल्म लगती है। इस फिल्म की लागत ८० से १२० करोड़ के बीच की बताई जा रही है। चूंकि यह वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की बड़ी फिल्म है, इसके ओटीटी और डिजिटल राइट्स की वैल्यू बहुत ज्यादा है। मार्केट रिपोर्ट्स के अनुसार, यशराज फिल्म्स ने इसके डिजिटल प्रीमियर के लिए एक लीडिंग प्लेटफॉर्म के साथ भारी-भरकम डील की है, जिससे बजट का ६५ से ७० प्रतिशत अर्थात लगभग ६० से ८० करोड़ पहले ही कमा लिए है।




इतनी बड़ी वसूली के बावजूद, फिल्म का बजट इतना विशाल है कि डिजिटल रिकवरी के बाद भी इसे टेबल-प्रॉफिट में आने के लिए सिनेमाघरों से कम से कम ८० से १०० करोड़ का शुद्ध डिस्ट्रीब्यूटर शेयर कमाना होगा। इसके लिए फिल्म को भारत में कम से कम १५०-१६० करोड़ का नेट कलेक्शन करना होगा । फिल्म के प्रति सुस्त माहौल और 'नागबंधम' के टकराव के कारण इस थिएटर शेयर को निकालना फिल्म के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।





फिल्म निर्माताओं  के नजरिए से देखें तो दोनों ही फिल्में सुरक्षित हैं और डिजिटल डील्स की वजह से उन्हें कोई भारी नुकसान नहीं होगा। लेकिन जहाँ 'बेबी डू डाई डू' अपने छोटे बजट की वजह से आसानी से नेट प्रॉफिट कमाकर सुपरहिट की तरफ बढ़ेगी, वहीं 'अल्फा' अपनी भारी लागत के कारण सिर्फ ओटीटी के भरोसे नहीं रह सकती और उसे खुद को फ्लॉप होने से बचाने के लिए थिएटर्स में बहुत लंबी लड़ाई लड़नी होगी।

#Yash की #Toxic को सेक्सी बनाती #Nayanthara @advani_kiara #TaraSutaria @rukminitweets @humasqureshi !

 


 

लेडीज़ एंड लेडीज़’ के साथ और भी खतरनाक हुई टॉक्सिक की दुनिया: दमदार महिलाओं ने संभाली कमान, यश लौटे हाई-इम्पैक्ट एक्शन अवतार में 

 

 

बोल्ड, दमदार और बेखौफ: ‘लेडीज़ एंड लेडीज़’ ने टॉक्सिक की दुनिया को दिया नया विस्तार

 


 

टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स की दुनिया अब पहले से भी ज्यादा खतरनाक और रोमांचक हो गई है। ‘लेडीज़ एंड लेडीज़’ के लॉन्च के साथ फिल्म का एक नया वीडियो सामने आया है, जो इस डार्क और स्टाइलिश दुनिया की ताकतवर महिलाओं पर रोशनी डालता है। पावर, मिस्ट्री, एटीट्यूड और रोमांच से भरपूर यह वीडियो उन महिला किरदारों की झलक देता है जो इस कहानी को दिशा दे रही हैं — और साफ कर देता है कि वे किसी के बनाए नियमों पर चलने वाली नहीं हैं।

 



 

नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी हर फ्रेम में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराती हैं। उनके किरदार जितने प्रभावशाली हैं, उतने ही जटिल भी। नयनतारा का तीखा और प्रभावशाली अंदाज़, कियारा की आकर्षक और भावनात्मक झलक, तारा की सहज और जीवंत उपस्थिति, रुक्मिणी की तीव्रता और हुमा की दृढ़ और प्रभावी झलक — हर एक किरदार टॉक्सिक की दुनिया पर अपनी अलग छाप छोड़ता है। इस पूरे माहौल को और गहराई देता है एक प्रभावशाली महिला वॉइस-ओवर, जो कहानी को एक महिला के दृष्टिकोण से पेश करता है और उसमें रहस्य, शक्ति और विद्रोह की भावना जोड़ता है।

 



 

वीडियो की शुरुआत से ही इसका विद्रोही अंदाज़ साफ नजर आता है, जब स्क्रीन पर एक चेतावनी दिखाई देती है: “बच्चे… दूर रहें। माता-पिता… अपने बच्चों को दूर रखें। दादा-दादी… अपने बच्चों के बच्चों को भी दूर रखें। परदादा-परदादी… अपनी जिम्मेदारी पर देखें।” यह बेबाक और साफ चेतावनी फिल्म के मूड को पूरी तरह दर्शाती है।

#SSRajamouli ने बताया कि #Varanasi के सेट पर #MaheshBabu कभी मोबाइल नहीं लाये !



निर्देशक एसएस राजामौली, तेलुगु फिल्मों के सुप्रसिद्ध अभिनेताओं प्रभास, जूनियर एनटीआर और रामचरण के बाद, पहली बार एक अन्य तेलुगु फिल्म अभिनेता महेश बाबू के साथ काम कर रहे है। इन दोनों की पहली फिल्म का नाम वाराणसी है।  यह एक पौराणिक कथानक पर आधारित फिल्म है। इस फिल्म में महेश बाबू ने मुख्य चरित्र रूद्र का निर्वहन किया है। 




फिल्म वाराणसी की शूटिंग २०२४ में प्रारम्भ हुई थी। राजामौली, महेश बाबू के साथ फिल्म की शूटिंग फरवरी २०२५ से कर रहे हैं।  स्पष्ट है कि अभिनेता के साथ निर्देशक का साथ पर्याप्त अंतराल वाला रहा है।  वह महेश बाबू के अभिनेता के अतिरिक्त एक व्यक्ति के रूप में महेश बाबू को भी भलीभांति जान चुके होंगे। 




महेश बाबू ने वैरायटी को एक साक्षात्कार में महेश बाबू के विषय में कुछ रहस्योद्घाटन किये।  उन्होंने महेश  बाबू की अच्छी आदतों पर भी बात की। उन्होंने पत्रिका को  महेश बाबू के साथ वाराणसी  शूटिंग करते समय उनकी किस आदत ने उन्हें प्रभावित किया। राजामौली वर्षों से महेश बाबू के अभिनय की तारीफ़ करते रहे हैं, किन्तु, वाराणसी के सेट पर उन्हें महेश बाबू के अनुशासन, कार्य के प्रति समर्पण और चरित्र पर केंद्रित क्षमता ने प्रभावित किया और अपनी गहरी छाप छोड़ी।  




महेश बाबू के बारे में, बात करते हुए राजामौली ने कहा, "उन्हें एक एक्टर के रूप में देख कर, मुझे ज़्यादा हैरानी नहीं हुई, क्योंकि मैं बहुत लंबे समय से उनकी फिल्में देख रहा था। मुझे पता है कि वह क्या कर सकते हैं। जो बात हैरान करने वाली थी, वह थी उनका वर्क एथिक।"




राजामौली ने महेश बाबू की एक आदत के बारे में बताया जो उन्हें खास तौर पर पसंद आई। फिल्ममेकर के मुताबिक, एक्टर पूरे काम के दिन अपना फोन दूर रखते हैं, जिससे वह पूरी तरह से अपने काम पर फोकस कर पाते हैं।




"वह बिना फोन के ऑफिस आते हैं। वह फोन अपनी कार में रखते हैं और ऑफिस में चले जाते हैं। शूटिंग के दौरान, मैंने उन्हें कभी भी फोन के साथ सेट पर आते नहीं देखा। कार में वापस आने के बाद ही वह अपना फोन ले जाते हैं।"




फिल्ममेकर ने आगे बताया कि महेश का डिसिप्लिन सिर्फ ध्यान भटकाने वाली चीज़ों से बचने से कहीं ज़्यादा है। ब्रेक के दौरान भी, वह अपना फ़ोन उठाने के बजाय चुपचाप अपने आस-पास हो रही हर चीज़ को देखना पसंद करते हैं।




"कभी-कभी दो, तीन घंटे ऐसे होते हैं, जब वह बस अपनी टेबल पर बैठकर काम करने वाले सभी लोगों को देखते हैं। वह अपना फ़ोन नहीं उठाते। वह बस देखते रहते हैं।"





राजामौली ने यह भी बताया कि महेश के अप्रोच ने उन्हें पर्सनली इंस्पायर किया, जिससे उन्हें अपने परिवार के साथ समय बिताते हुए अपने फ़ोन से दूर रहने की हिम्मत मिली।





जहाँ महेश बाबू को स्क्रीन पर उनके परफॉर्मेंस के लिए लंबे समय से सराहा जाता रहा है, वहीं राजामौली की तारीफ़ उनके डिसिप्लिन, फोकस और प्रोफेशनलिज़्म की एक झलक दिखाती है जो उन्हें ऑफ-स्क्रीन भी डिफाइन करते हैं, जिससे यह और पक्का होता है कि वह इंडस्ट्री के सबसे सम्मानित स्टार्स में से एक क्यों बने हुए हैं।





दर्शक महेश बाबू को अगले साल, एस.एस. राजामौली की बहुप्रतीक्षित एपिक वाराणसी में ६ अप्रैल २०१७ को देखेंगे।  इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा जोनास और पृथ्वीराज सुकुमारन की भूमिकाएं भी बहुत महत्वपूर्ण  हैं।

#KumarSiddharth's Vertical Series #TheRehearsal



Director Kumar Siddharth is set to make a significant mark in the rapidly growing vertical content space with his upcoming series, The Rehearsal, a compelling drama that explores ambition, relationships, and the fine line between performance and reality.

 




Having built a strong foundation in the film and advertising industries, Kumar Siddharth brings years of creative experience to the project. Over the course of his career, he has directed more than 200 advertising films and several feature films, earning recognition for his distinctive visual style, engaging storytelling, and ability to connect with audiences across formats. His latest feature film is currently streaming on a reputed OTT platform, further reflecting his versatility as a filmmaker.

 




The Rehearsal marks an exciting new chapter in his directorial journey. Designed specifically for the vertical viewing format, the series aims to deliver a fast-paced and emotionally engaging narrative tailored for today's mobile-first audience.





Speaking about the project, Kumar Siddharth said: "The Rehearsal is a story that examines the roles we play in our lives and the moments when those roles begin to blur with reality. The vertical format offers a unique opportunity to create an intimate viewing experience, and we're excited to bring a fresh, immersive narrative to audiences."

 




The series combines contemporary storytelling with innovative visual techniques, reflecting Kumar Siddharth's experience across both cinematic and commercial filmmaking. With a focus on character-driven drama and relatable human emotions, The Rehearsal seeks to resonate with viewers across generations.




 

As vertical storytelling continues to gain momentum across digital entertainment platforms, The Rehearsal is positioned to be a notable addition to this evolving entertainment landscape.





 

Further details regarding the cast, release schedule, and streaming platform will be announced in the coming weeks.

 




About Kumar Siddharth- Kumar Siddharth is a filmmaker and director with extensive experience in feature films, advertising, and digital content. He has directed over 200 advertising films and several feature films, developing a distinctive storytelling approach that blends cinematic vision with audience-focused narratives. His latest feature film is currently streaming on a reputed OTT platform. The Rehearsal represents his latest creative venture and his entry into the emerging vertical series format.

#YRF और #PoshamPaPictures की #AyushmannKhurrana अभिनीत #Mupapa



यशराज फिल्म्स और पोशम पा पिक्चर्स का पहला सिनेमाई सहकार फिल्म मुपापा में आयुष्मान खुराना मुपपा की शीर्षक भूमिका कर रहे हैं। इस फिल्म को, यशराज फिल्म्स के सीईओ और फिल्म सैयारा के निर्माता अक्षय विधानी ही निर्मित कर रहे है।





इस फिल्म को समीर सक्सेना ने निर्देशित किया है, जो भारत के जाने-माने शो रनर और डायरेक्टरो में से एक हैं।   





पोशम पा पिक्चर्स को भारतीय एंटरटेनमेंट में सबसे आगे की सोचने वाली आवाज़ों में से एक माना जाता है। यशराज और पोशम पा का उद्देश्य आज के दर्शकों के लिए डिसरप्टिव और इमर्सिव थिएटर एक्सपीरियंस देना है। उनके क्रिएटिव कोलेबोरेशन में दोनों मिलकर थिएटर फिल्में बनाएंगे। इसका प्रारंभ मोपपा से हो चुका है। 





यह पार्टनरशिप आदित्य चोपड़ा के उस विज़न के मुताबिक है जिसमें अक्षय विधानी के अधीन एक नया क्रिएटिव बिज़नेस मॉडल बनाना है, जो एक निर्माता के रूप में यशराज फिल्म्स के अंदर स्टूडियो मॉडल की व्यूह रचना है । 






मुपापा एक जॉनर-बेंडिंग थिएटर फिल्म है। यह थिएटर में लोगों को एक बहुत ही नया विज़ुअल एक्सपीरियंस देगी। आयुष्मान खुराना, जिन्होंने कंटेंट डिसरप्शन को अपना परिचय बना लिया है, इस प्रोजेक्ट में अभिनय कर रहे हैं। यह फिल्म दर्शकों को प्रारम्भ से ही सीट से बांधे रखेगा।