Saturday, 3 March 2018

ज़ूम होली सेलिब्रेशन २०१८

अकासा सिंह 

हमा कुरैशी 

मनीष पॉल मजरी फडनिस 

मनीष पॉल 

सलीम सुलेमान 

सकीब सलीम 

उर्वशी रौतेला 


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Friday, 2 March 2018

है कोई बॉलीवुड में जो टक्कर देगा इस 'काला' को !

पा रंजित निर्देशित गैंगस्टर फिल्म 'काला' का हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषा मे ट्रेलर आज  रिलीज़ हुआ। इस फिल्म मे बॉलीवुड से नाना पाटेकर जैसे दमदार अभिनेता भी हैं, लेकिन ज़बरदस्त टक्कर दे रहे हैं काला की केंद्रीय भूमिका में रजनीकांत। इस  ट्रेलर में, ६७ साल के रजनीकांत की एनर्जी देखने लायक है । अपनी डायलाग डिलीवरी और एक्शन बॉलीवुड के तमाम एक्शन सितारों को बगले झांकने के लिए मज़बूर कर देगा । इस फिल्म में रजनीकांत और नाना पाटेकर का टकराव इन दोनों की संवाद अदायगी के कारण ज़बरदस्त बनता नज़र आता है । पा रंजित ने, रजनीकांत के साथ कबाली (२०१६) जैसी गैंगस्टर फिल्म बनाई थी । इस फिल्म को ज़बरदस्त सफलता मिली थी । निर्माता धनुष की काला (तमिल में काला करिकालन) २७ अप्रैल को रिलीज़ हो रही है । ऊपर फिल्म काला का हिंदी ट्रेलर देखिये।   


सूर्यवंशी में सलमान खान की नायिका थी शीबा  - पढ़ने के लिए क्लिक करें 

सूर्यवंशी में सलमान खान की नायिका थी शीबा

सूर्यवंशी में सलमान खान के साथ 
हरी सिंह की फिल्म विंड्स से शीबा की वापसी हो रही है।  इस फिल्म में शीबा के साथ किरण कुमार  मुख्य भूमिका में हैं।  अभिनेत्री शीबा को कुछ समय पहले सस्पेंस थ्रिलर टीवी सीरियल हासिल में सारिका रायचंद की भूमिका में देखा गया था।  शीबा कोई १५  साल बाद कैमरा फेस कर रही थी।  शीबा ने आखिरी फिल्म दम (२००३) की थी।  यह वही शीबा हैं, जो कभी सलमान खान और  अक्षय कुमार की फिल्मों में नायिका बनी थी। शीबा के करियर की शुरुआत सुनील दत्त की दहेज़ प्रथा की बुराइयों पर आधारित फिल्म यह आग कब बुझेगी से हुई थी।  इस फिल्म के बाद, शीबा को सलमान खान के साथ सूर्यवंशी और अक्षय कुमार के साथ मिस्टर बांड में अभिनय करने का मौक़ा मिला था।  अब यह बात दीगर है कि यह दोनों ही फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर धड़ाम हो गई। सूर्यवंशी के बाद सलमान खान और मिस्टर बांड के बाद अक्षय कुमार का करियर ख़त्म नहीं हुआ।  आज यह दोनों सुपर स्टार में गिने जाते हैं।  लेकिन, शीबा का करियर ख़त्म होता चला गया।  ख़ास बात यह थी कि शीबा की बाद में रिलीज़ कोई भी फिल्म उनके करियर को बचा नहीं सकी।  हालाँकि, इस दौरान शीबा ने मिथुन चक्रवर्ती के साथ सुरक्षा और रावण राज जैसी हिट फिल्मे भी की थी।  मिस्टर बांड में अक्षय कुमार हिंदुस्तानी  जेम्स बांड बने थे।  उन्ही तर्ज़ पर शीबा ने मिस ४२० फिल्म में लेडी बांड बनने की कोशिश की।  इस  फिल्म का निर्देशन शीबा के पति आकाशदीप ने किया था।  फिल्म  के नायक बाबा सहगल थे।  लेकिन, फिल्म असफल हुई।  शीबा का एक म्यूजिक एल्बम आग लग गयी (१९९५) भी रिलीज़ हुआ है।   उन्होंने मिस ४२० के अपने गीत  खुद गाये थे।

रिश्ता लिखेंगे हम नया में होली - क्लिक करें 

रिश्ता लिखेंगे हम नया में होली

'पृथ्वी वल्लभ' के निर्दयी अफगान किरण कुमार

लोटिया पठान के किरदार में किरण कुमार - फिल्म तेज़ाब 
सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन की महाकृति सप्ताहांत की ऐतिहासिक सीरीज, 'पृथ्वी वल्लभ' दो योद्धाओं की कहानी बताने के उत्तम कथानक से सभी का दिल जीत रहा है। प्रतिभाशाली कलाकारों की इस टुकड़ी में जुड़ने वाला नया नाम है अनुभवी कलाकार किरण कुमार का। भारतीय सिनेमा और टेलीविजन में एक प्रमुख नाम, किरण कुमार ने इस शो के लिए शूटिंग करना शुरू भी कर दिया है। टेलीविजन पर यह उनका पहला ऐतिहासिक शो है और वे एक निर्दयी अफगानी सुबुकतिगिन का किरदार निभाते नजर आएंगे जिसे समाज से कोई मतलब नहीं है। जीवन में उसकी सबसे बड़ी आकांक्षा भारत और उसकी संपदा पर कब्जा करना है। यह किरदार निभाने को लेकर उत्साहित, किरण कुमार कहते हैं, “मैं 'पृथ्वी वल्लभ इतिहास भी, रहस्य भी' जैसे भव्य शो का हिस्सा बनकर काफी खुश हूं। यह पहली बार है कि मैं एक ऐतिहासिक शो में एक भूमिका निभा रहा हूं और मुझे अपना किरदार बहुत पसंद है। मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को मेरा नया अवतार पसंद आएगा।” किरण कुमार  के अफगान किरदार को देखते समय दर्शकों को तेज़ाब के लोटिया पठान की याद आ सकती है, जो हिंसा के मामले में बेहद क्रूर था। अनिल कपूर और माधुरी  दीक्षित के बीच वह निर्दयी विलेन थे। तेज़ाब ने किरण कुमार को हिंदी फिल्मों के विलेन बतौर स्थापित कर दिया था।  
आने वाले एपिसोड्स में, दर्शक देखेंगे कि पृथ्वी बेहोश मृणाल को मालवा महल ले आएगा और उसका इलाज शुरू करेगा। लेकिन राजामाता यह जोर देती हैं कि मृणाल को जेल भेज देना चाहिए। जबकि उसे जेल ले जाते हुए, कोई मृणाल को भगाने की कोशिश करता है। कौन मृणाल का अपहरण करने की कोशिश कर रहा है? क्या मृणाल मालवा से भागने की कोशिश करेगी?

मार्च की बड़ी हिट फिल्म साबित हो सकती है रेड !- पढ़ने के लिए क्लिक करें 

मार्च की बड़ी हिट फिल्म साबित हो सकती है रेड !

फिलहाल तो अजय देवगन की फिल्म रेड को मार्च महीने की फिल्म  कहा जा  सकता है।  कल अनुष्का शर्मा की हॉरर फिल्म परी के अलावा पुलकित सम्राट, जिमी शेरगिल और कृति खरबंदा की फिल्म वीरे की वेडिंग रिलीज़ हो रही है।   ९ मार्च को उर्वशी रौतेला और ईहाना ढिल्लों की इरोटिका फिल्म हेट स्टोरी ४ और तापसी पन्नू की फिल्म दिल जंगली, १६ मार्च को अजय देवगन और इलीना डिक्रूज़ की फिल्म रेड के बाद २३ मार्च को निर्देशक सुधीर मिश्रा की राहुल भट, अदिति राव हैदरी और ऋचा चड्डा की फिल्म दास देव, रानी मुख़र्जी की फिल्म हिचकी तथा २३ मार्च को टाइगर श्रॉफ  और दिशा पाटनी की फिल्म बागी २ रिलीज़ हो रही है।  इन सभी की स्टार कास्ट पर नज़र डाले तो यह सभी मिल कर भी अजय देवगन और इलीना डिक्रूज़ का मुक़ाबला नहीं कर सकते हैं।  अजय देवगन का होना ही किसी फिल्म को बड़ी फिल्म बना  देता है।  बॉक्स ऑफिस धमाकेदार कारोबार की उम्मीद करने लगता है।  राजकुमार गुप्ता की फिल्म रेड एक्शन, ड्रामा और थ्रिल से भरपूर फिल्म है।  राजकुमार गुप्ता ने आमिर और नो वन किल्ड जेसिका से अपनी फिल्म निर्माण शैली से दर्शकों को प्रभावित किया है।  वह एक सामान्य से विषय को भी काफी प्रभावशाली ढंग से ख़त्म करते हैं।  अजय देवगन ने पिछले साल गोलमाल अगेन से अपनी बॉक्स ऑफिस पर पकड़ को साबित किया है। रेड की कहानी लखनऊ की एक इनकम टैक्स रेड पर आधारित है।  साफ तौर पर इसमें थ्रिलर की ज़बरदस्त गुंजाईश है।  अजय देवगन  फिल्म में आय कर अधिकारी बने हैं।  वह इस प्रकार के चरित्र करने के माहिर हैं।  इसलिए, यह फिल्म मूवी ऑफ़ द मंथ यानि मार्च की फिल्म बन जाती है।  बाकी तो बॉक्स ऑफिस साबित करेगा, जहां अजय देवगन को परी और बागी २ से मुक़ाबला करना है।

क्या फिल्मों में आने की तैयारी कर रही है मानुषी छिल्लर ? - पढ़ने के लिए क्लिक करें 

क्या फिल्मों में आने की तैयारी कर रही है मानुषी छिल्लर ?

ग्रेजीआ के कवर पर मानुषी छिल्लर ! वह २०१७ की मिस इंडिया और मिस वर्ल्ड का खिताब विजेता है। मुंबई की पत्रिका के कवर पर मानुषी का ग्लैमरस फोटो यह बताने के लिए काफी है कि मनुष्य के कदम बॉलीवुड की ओर बढ़ चुके हैं।  कभी हिंदुस्तान की मिस यूनिवर्स और मिस  वर्ल्ड ने अपनी सुती हुई, कटावदार देह से बॉलीवुड ग्लैमर की नई परिभाषा लिखी थी।  मानुषी  इसकी अगली कड़ी हैं।  वह सोनीपत हरियाणा की है।  मिस इंडिया में शामिल होने के समय वह डॉक्टरी की पढ़ाई कर रही थी।  उनकी आँखों का रंग  भूरा है।  बाल भूरे हैं।  उनकी लम्बाई १.७५ मीटर यानि ५.७४ फुट लम्बी हैं।  वह ६६ किलोग्राम वजनी हैं।  उनके शरीर का कटाव ३४-२४-३४ यानि नियर परफेक्ट है।  ऎसी फिगर हिंदी फिल्मों का दर्शक  ज़रूर देखना चाहेगा।  उनको नृत्य करना, खूब घूमना, पेंटिंग करना। कविता लिखना और गीत गाना पसंद है।  वह प्रशिक्षित क्लासिकल गायिका हैं।  वह आमिर खान, रणवीर सिंह और प्रियंका चोपड़ा को  पसंद करती हैं। उनकी पसंदीदा मॉडल १९६६  की मिस वर्ल्ड रीता फरिआ है।  प्रधान मंत्री  नरेंद्र मोदी उनके पसंदीदा राजनीतिज्ञ हैं।  वह नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा का हिस्सा रही हैं।  इतनी योग्यता एक अभिनेत्री के लिए काफी होनी चाहिए।  देखें कभी कार्डियक सर्जन बनने का ख्वाब देखने वाली मनुष्य छिल्लर  ख्वाबों में भी  प्रशंसकों के दिल का ईलाज कर पाती है।

रिलीज़ होने से पहले ही मुनाफे में 'परी' - पढ़ने के लिए क्लिक करें 

Thursday, 1 March 2018

रिलीज़ होने से पहले ही मुनाफे में 'परी'

ट्रेड पंडितों की माने तो अनुष्का शर्मा की फिल्म परी ने रिलीज़ होने से पहले ही मुनाफ़ा कमा लिया है। अनुष्का शर्मा और उनके भाई कर्णेश शर्मा के बैनर क्लीन स्लेट फिल्म्स के अंतर्गत बनी फ़िल्में कथ्यात्मक होती हैं।  इसलिए, इस बैनर की प्रतिष्ठा दिलचस्प और मनोरंजक कहानियों पर फ़िल्में बनाने वाले बैनर की बन  चुकी है।  अब क्रिअर्ज एंटरटेनमेंट के साथ उनकी फिल्म परी भी इसी कड़ी में फिल्म है।  यही कारण है कि  यह फिल्म अपनी रिलीज़ की तारिख २ मार्च से पहले ही मुनाफे की स्थिति में आ गई है। परी, आम दर्शकों को पसंद आने वाले जॉनर वाली हॉरर फिल्म है। फिल्म की नायिका अनुष्का शर्मा बॉलीवुड के ए ग्रेड अभिनेत्री हैं। इसी लिए इस फिल्म के निर्माण में महज १० करोड़ खर्च हुए हैं।  प्रिंट और विज्ञापन में ८ करोड़ खर्च होंगे।  इस प्रकार से फिल्म पर १८ करोड़ की कुल लागत आई है। इस फिल्म के निर्माताओं को फिल्म के संगीत, सॅटॅलाइट और डिजिटल राइट्स और अन्य दूसरे अधिकारों को बेच कर १० करोड़ जुटा लिए है।  यानि अब फिल्म को ब्रेकइवन पर पहुँचने के लिए केवल ८ करोड़ और कमाने हैं।  इसके बाद जो भी कलेक्शन होगा, वह फिल्म  निर्माताओं के मुनाफे में शुमार होगा। इस फिल्म के फर्स्ट डे  कलेक्शन को लेकर जो अनुमान है, वह उत्साहजनक है। इस फिल्म को हॉलीवुड की ब्रूस विलिस अभिनीत एक्शन फिल्म डेथ विश के अलावा दो हिंदी फिल्मों वीरे की वेडिंग और हे राम हमने गांधी को मार दिया से मुकाबला करना है। इसके बावजूद परी के पहले दिन ५ से ६ करोड़ के बीच का कारोबार करने का अनुमान किया जा रहा है।  यह आंकड़े इसलिए भी सही हैं कि अनुष्का शर्मा की बतौर निर्माता पहली फिल्म एनएच १० ने पहले दिन ३.३५ करोड़ और फिल्लौरी ने ४.०२ करोड़ का कारोबार किया था।  इसे देखते हुए होली में रिलीज़ हो रही फिल्म परी का छह करोड़ तक कारोबार कर ले जाना बड़ी बात नहीं होगी।  

फौजी अल्लू अर्जुन का स्टाइलिश लुक ! - पढ़ने के लिए क्लिक करें 

फौजी अल्लू अर्जुन का स्टाइलिश लुक !

अल्लू अर्जुन, तेलुगु फिल्मों के स्टाइलिश एक्टर्स में शुमार हैं।  इस महीने के मैक्सिम कवर पर अल्लू अर्जुन ही छाये हुए हैं।  उनके स्टाइल सेंस पर एक स्टोरी की गई है। अपनी स्टाइल को लेकर अल्लू कहते हैं, "स्टाइल  कुछ नहीं आपके व्यक्तित्व का प्रतिबिम्ब  है। मेरा विश्वास है कि आपके वार्डरॉब को आपकी विचारधारा को व्यक्त करने वाला होना चाहिए।" अल्लू  अर्जुन की  एक तेलुगु फिल्म ना पेरू सूर्या, ना इल्लू इंडिया ( मेरा नाम सूर्या है, मेरा घर इंडिया है) ४ मई को रिलीज़ होने जा रही है।  इस फिल्म मे  वह एक  सैनिक किरदार कर रहे  हैं। इस फिल्म का ट्रेलर, इस साल की शुरू में रिलीज़ हुआ था। इस ट्रेलर से फिल्म के कंटेंट और अल्लू अर्जुन की भूमिका का पता चलता था। इसे देखने के बाद अल्लू अर्जुन के प्रशंसक बेसब्र हो रहे थे। इसे देखते हुए ही फिल्म के निर्माताओं ने आज फिल्म का फर्स्ट लुक पोस्टर जारी किया है। इस पोस्टर में अभिनेता अल्लू अर्जुन सिगार पीते हुए बिलकुल स्टाइलिश नज़र आ रहे हैं। उनकी मांसपेशियां उनके मज़बूत होने का प्रमाण दे रही हैं। निश्चित रूप से यह पोस्टर अल्लू के प्रशंसकों की नींदे हराम करने जा रहा है। इस फिल्म की शूटिंग भारत पाक सीमा पर हुई है। फिल्म में अर्जुन की नायिका अनु इम्मानुएल हैं और बॉलीवुड अभिनेता बोमन ईरानी के अलावा शरदकुमार और ठाकुर अनूप सिंह की अहम् भूमिका है। इस फिल्म का संगीत बॉलीवुड की संगीतकार जोड़ी विशाल-शेखर के विशाल डडलानी द्वारा तैयार किया गया है।  कुछ समय पहले इस फिल्म का एक सिंगल सैनिक पिछले दिनों जारी हुआ था। यह गीत सैनिकों को श्रद्धांजली स्वरुप लगता है। फिल्म का निर्देशन वक्कंथम वामसी ने किया है।

कल २ मार्च को रिलीज़ होगा रजनीकांत की फिल्म का ट्रेलर - पढ़ने के लिए क्लिक करें 

कल २ मार्च को रिलीज़ होगा रजनीकांत की फिल्म का ट्रेलर

रजनीकांत के प्रशंसक आज निराश हैं।  वह बेसबीर से इंतज़ार कर रहे थे रजनीकांत की फिल्म काला करिकालन के ट्रेलर का।  इस ट्रेलर को आज शाम को रिलीज़ होना था।  लेकिन, ऐन मौके इस रिलीज़ को कल (२ मार्च) तक के लिए टाल दिया गया है।  काला करिकालन रजनीकांत की गैंगस्टर ड्रामा एक्शन फिल्म है।  इस फिल्म में वह एक गैंगस्टर का किरदार कर रहे हैं। काला  कहानी उस समय के बॉम्बे की है, जहाँ दक्षिण के लोगों को, उनके रंग के कारण  काला कह कर पुकारा जाता था। रजनीकांत का किरदार अपनी आबादी के इस अपमान से रुष्ट है।  वह एक गैंगस्टर बन कर अपना दबदबा कायम करता है और दक्षिण के लोगों के प्रति सम्मान पैदा करता है। बॉम्बे के इसी रवैये के आधार पर फिल्म का नाम काला रखा गया है। इस फिल्म को हिंदी में भी रिलीज़ किया जाना है। पिछले साल से  रजनीकांत की दो फ़िल्में- विज्ञान फंतासी फिल्म २.० तथा काला करिकालन रिलीज़ की कतार में थी। पहले, यह खबर थी कि काला को २.० के बाद रिलीज़ किया जायेगा।  २०१० की विज्ञानं फंतासी फिल्म रोबोट की इस सीक्वल फिल्म को २७ अप्रैल को रिलीज़ होना था । चूंकि, २.० के विशेष इफेक्ट्स का ढेर काम शेष था। इसलिए, २.० को अप्रैल में रिलीज़ करना संभव  नहीं था।  ऐसे में २.० के बाद रिलीज़ करने के लिए तय की गई एक्शन फिल्म काला को २७ अप्रैल को रिलीज़ करने का निर्णय लिया गया।  इसलिए, काला का ट्रेलर आज गुरुवार १ मार्च को रिलीज़ होना था।  लेकिन, जगद्गुरु शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का आकस्मिक निधन हो  जाने के कारण, उनके सम्मान में काला की ट्रेलर रिलीज़ को कल तक के लिए टाल दिया गया।  इस सम्बन्ध में धनुष ने ट्वीट कर जानकारी दी, "सम्मानीय जगद्गुरु पूज्यश्री जयेंद्र सरस्वती शंकराचार्य के सम्मान में काला के टीज़र रिलीज़ को कल (२ मार्च) के लिए टाल दिया गया है।  बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे प्रशंसकों से क्षमा प्रार्थना है।" काला करिकालन का निर्देशन पा रंजित ने किया हैं।

मल्लिका ने होली पर रखी बॉलीवुड स्टाइल पार्टी - पढ़ने के लिए क्लिक करें 

मल्लिका ने होली पर रखी बॉलीवुड स्टाइल पार्टी


बॉलीवुड एक्ट्रेस मल्लिका शेरावत होली को लेकर काफी उत्साहित हैं l उन्होंने होली पर लॉस एंजेलिस स्थित अपने घर पर विशेष पार्टी का आयोजन किया है और बॉलीवुड स्टाइल पार्टी का थीम रखा है l इसके लिए उन्होंने अपने दोस्तों और पड़ोसियों को निमंत्रण भेजा है l वे इस पार्टी को यादगार बनाना चाहती है और इस पार्टी की ज़ोरो शोरो से तैयारी कर रही है l उन्होंने पार्टी में बजने वाले गाने की लिस्ट तैयार की है और पार्टी में भारतीय व्यंजन का भी विशेष ख्याल रखा है l अपना पसंदीदा खाना राजमा चावल वह ख़ास तौर पर अपने इंग्लिश दोस्तों को खिलाएंगी l मल्लिका कहती है, "मुझे होली का त्यौहार बेहद पसंद है l चूंकि मैं भारत में नहीं हूं, इसलिए मैं करीबी दोस्तों के साथ होली का उत्सव लॉस एंगेल्स में मनाऊंगी l और अपने अंग्रेजी दोस्तों को इंडिया के रिच कल्चर के बारे में परिचित करना चाहूंगी l"


गृहलक्ष्मी के कवर पर दूध पिलाते फंसी गिलू जोसफ- पढ़ने के लिए क्लिक करें 

गृहलक्ष्मी के कवर पर दूध पिलाते फंसी मलयालम अभिनेत्री गिलू जोसफ

मलयालम फिल्म अभिनेत्री गिलू जोसफ के  एक मैगज़ीन के कवर पर चित्र ने तूफ़ान बरपा दिया है।  ट्वीट -एंटी ट्वीट  शुरू हो गए हैं।  कोई गिलू की आलोचना कर रहा है, कोई उनके साहस की प्रशंसा कर रहा है।  गिलू के कवर फोटो में ऐसा क्या है कि सोशल मीडिया आंदोलित है ?  महिलाओं की मलयालम  भाषा में छपने वाली पत्रिका गृहलक्ष्मी में गिलू जोसफ का एक  चित्र छपा है, जिसमे वह नंगे स्तन के साथ एक बच्चे को दूध  पिलाती नज़र आ रही हैं।  उनका यह फोटो शूट गृहलक्ष्मी के उस मुहीम का हिस्सा है, जिसमे महिलाओं के खुले में स्तनपान कराने के खिलाफ लोगों के नज़रिये को लेकर है।  गिलू ने इस फोटो शूट के ज़रिये  यह सन्देश दिया है कि अपने बच्चे को खुले में दूध पिलाने में माताओं को क्यों झिझक होनी चाहिए?  इस पत्रिका के बाजार में आते ही, हल्ला मच गया।  जहाँ, लोग इस फोटो शूट की खिलाफत में थे, वही  काफी लोग अभिनेत्री के इस साहस की प्रशंसा कर रहे थे।  गिलू ने इस फोटो शूट को एक महिला अमृता की बच्चे को दूध पिलाने वाला अपना फोटो सोशल साइट पर पोस्ट करने पर  कड़ी आलोचना के खिलाफ किया है।  गिलू  ने इस फोटो शूट में अपनी मांगे में सिन्दूर भर रखा है और मंगलसूत्र पहन रखा है।  गिलू की आलोचना करने वालो का एक ऐतराज़ है कि उन्होंने हिन्दू चिन्हों का उपयोग कर यह फोटो सूट करवाया है। क्या वह ऐसा पोस्ट बुरखा पहन कर कर सकती है ?  लेकिन, ऐसा कहने वाले यह भूल जाते हैं कि गिलू जोसफ एक भारतीय महिला का चित्रण कर  रही थी।  इसे  किसी धर्म से  जोड़ना ठीक नहीं।  हालाँकि, इस फोटो शूट के कारण गिलू को अपने घर में माँ  और बहनों के विरोध का भी सामना करना पड़ा है।  गिलू का मानना है कि माँ का खुले में अपने बच्चे को ढूढ़ पिलाना सेक्सुअलिटी की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।  यह एक माँ की खूबसूरती है।  माँ अपने बच्चे को दूध पिलाएगी तो कौन ईश्वर नाराज़ होगा।  गिलू जोसफ पेशे से फ्लाई दुबई में एयर होस्टेस हैं ।  उनकी इस साल तीन मलयालम फ़िल्में नॉनसेंस, अब्राह्मिनते संथथिगल और माम्मूटी के साथ फिल्म पैरोल रिलीज़ होने वाली हैं।


प्रियंका चोपड़ा क्यों कर रही है पाकिस्तानी फिल्म का प्रचार - क्लिक करें 


प्रियंका चोपड़ा क्यों कर रही है पाकिस्तानी फिल्म का प्रचार ?

सुधीर मिश्र के राजनीतिक देवदास संस्करण दास देव में पाकिस्तान गायक आतिफ असलम ने एक गीत सहमी है धड़कन गाया है। यह गीत फिल्म के एक महत्वपूर्ण लम्हे का गवाह है। इस गीत को विपिन पटवा ने संगीतबद्ध किया है। आतिफ असलम से इस गीत को गवाने के लिए विपिन पटवा दुबई तक गए थे। लेकिन, पूरा पैसा लेने के बाद अब आतिफ असलम इस गीत का प्रमोशन नहीं कर रहे। आड़ यह ली जा रही है कि भारत के एक केंद्रीय मंत्री पाकिस्तानी गायकों के खिलाफ हैं। कैसी विडम्बना है कि हिंदुस्तान का फिल्म उद्योग इन कथित पाकिस्तानी प्रतिभाओं के पीछे पागल है, वहीँ यह लोग अपनी मुख्य ज़िम्मेदारी तक निभाने को तैयार नहीं। उधर हमारे एक्टर पाकिस्तानियों के लिए कुछ भी करने को तैयार है। प्रियंका चोपड़ा इसका ताजातरीन उदाहरण हैं। पाकिस्तान के गायक अभिनेता अली ज़फर की बतौर निर्माता रोमांटिक एक्शन कॉमेडी फिल्म टीफा इन ट्रबल २० जुलाई को रिलीज़ होने जा रही है। इस फिल्म को भारतीय अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा अपनी सोशल साइट्स ट्विटर और इंस्टाग्राम पर जम कर प्रमोट कर रही हैं। उन्होंने इस फिल्म का ट्रेलर अपने अकाउंट डाल रखा है। वह इसे देखने के लिए अपने प्रशंसकों से अपील भी करती हैं, “अली ज़फर को, बतौर निर्माता उनकी अगली फिल्म के लिए ढेरों प्यार और कामनाएं। तो महिलाओं और पुरुषों, अपनी सीट बेल्ट कस कर तैयार हो जाओ, साँसों को थाम लो, क्योंकि टीफा आ नहीं रहा, टीफा आ गया है।” टीफा इन ट्रबल अहसान रहीम निर्देशित फिल्म का नाम है। कैसी विडम्बना है कि एक पाकिस्तानी कलाकार अपनी पूरी फीस, बिना भारत सरकार को टैक्स चुकाए ले रहा है। मगर फिल्म का प्रमोशन नहीं कर रहा। वही एक भारतीय अभिनेत्री खुद को खुदा समझ कर पाकिस्तानियों के लिए जी जान से जुटी हुई है। क्या बॉलीवुड के कलाकार किसी अलग देश में रहते हैं या भारतीय नहीं है ? तब पाकिस्तान के प्रति इतना प्यार क्यों ?  ऊपर देखिये टीफा इन ट्रबल का ट्रेलर।  


नहीं रहे कॉनेरी और मूर को जेम्स बांड बनाने वाले लेविस गिल्बर्ट

यू ओनली लिव ट्वाइस, द स्पाई हु लव्ड मी और मूनरेकर जैसी क्लासिक बांड फिल्मों के डायरेक्टर लेविस गिल्बर्ट का मोनैको में निधन हो गया।  वह ९७ साल के थे। हैकने लंदन में एक म्यूजिक परफ़ॉर्मर परिवार में ६ मार्च १९२० को जन्मे गिल्बर्ट ने अपना फिल्म करियर चाइल्ड आर्टिस्ट के बतौर शुरू किया।  वह फिल्म जमैका इन (१९३९) में अल्फ्रेड हिचकॉक के सहायक बने । उन्होंने अपने करियर के ६० सालों में चालीस फ़िल्में निर्देशित की । उनकी निर्देशित फिल्मों मे रीच फॉर द स्काई (१९५६), सिंक द बिस्मार्क (१९६०), अल्फी (१९६६), एदुकातिंग रीता (१९८३) और शिर्ले वैलेंटाइन (१९८९) उल्लेखनीय हैं । गिल्बर्ट को एल्फी के लिए ऑस्कर नॉमिनेशन भी मिला । उन्होंने १९६७ में सीन कॉनरी को फिल्म यू ओनली लिव ट्वाइस में निर्देशित किया । यह उनकी पहली बांड फिल्म थी और सीन कॉनरी की पांचवी बांड फिल्म थी। इस फिल्म के बाद सीन कॉनरी ने जेम्स बांड को अलविदा कह दिया । लेविस गिल्बर्ट ने रॉजर मूर को फिल्म द स्पाई हु लव्ड मी (१९७७) और मूनरेकर में निर्देशित किया । यह तीनों फिल्में जेम्स बांड फिल्मों की श्रंखला की क्लासिक फिल्मों में शुमार है । अंट-मैन फिल्मों के निर्देशक पेटों रीड ने लेविस गिल्बर्ट को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया, “द स्पाई हु लव्ड मी पहली बांड फिल्म थी, जिसे मैंने थिएटर में देखा। मैं अंट-मैन एंड द वास्प में मूनरेकर को बहुत छोटी श्रद्धांजलि दे रहा हूँ। रेस्ट इन पीस। 

पोरस की ओरेकल पुजारिन बनी अरुणा ईरानी- पढ़ने के लिए क्लिक करें 

पोरस की ओरेकल पुजारिन बनी अरुणा ईरानी

२०१२  में, फिल्मफेयर का लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड पाने वाली अभिनेत्री  अरुण  ईरानी की पिछली हिंदी फिल्म मितवा २०१५ में रिलीज़ हुई थी।  इस के बाद उनकी कोई भी हिंदी फिल्म न तो रिलीज़ हुई है, न ही इस समय उनके हाथ में कोई फिल्म है।  २०१६ में वह एंड टीवी के शो सौभाग्यलक्ष्मी में वसुंधरा प्रजापति की भूमिका में थी।  अब, अरुणा  ईरानी की डेढ़ साल बाद टेलीविज़न पर वापसी होने जा रही है।  वह सोनी टीवी के शो पोरस की  अगली कड़ियों में ओरेकल पुजारिन की भूमिका में आने वाली है।   ग्रीस में ओरेकल पुजारी  मनुष्यों को ईश्वर का सन्देश देते थे।  वह मानवों को सलाह भी  देते थे और भविष्यवाणी भी करते थे।  अपनी इस भूमिका के बारे में अरुणा ईरानी कहती हैं, "सिद्धार्थ (कुमार तिवारी) बहुत अच्छे हैं और मेरे पुराने दोस्त हैं।  उन्होंने मुझसे ओरेकल पुजारिन की भूमिका के लिए कैमिया करने के लिए कहा।  उन्होंने जिस प्रकार से इस चरित्र को मुझे सुनाया, मैं बेहद प्रभावित हुई और तुरंत इस भूमिका के लिए तैयार हो गई।" अरुणा ईरानी की भूमिका सामान्य पुजारिन वाली नहीं।  वह रहस्यपूर्ण शख्शियत है।  वह बेहद बुद्धिमान है।  इस चरित्र की संदिग्धता उनकी  मौजूदगी में नज़र आएगी।  अरुणा  ईरानी कहती हैं, "मेरा लुक बिलकुल अलग होगा। मैं इस भूमिका को लेकर बेहद उत्तेजित हूँ।" अरुणा ईरानी ने १५ साल की उम्र में दिलीप कुमार और वैजयंतीमाला की फिल्म गंगा जमुना (१९६१) में अजरा की बचपन की भूमिका की थी। मुंबई में, १८ अगस्त १९४६ को जन्मी अरुणा ईरानी ने अब तक ३०० के करीब फ़िल्में की हैं।  अरुणा ईरानी ने ज़्यादातर सह भूमिकाएं ही की हैं। अलबत्ता, वह १९७२ में रिलीज़  दो फिल्मों बॉम्बे टू गोवा में अमिताभ बच्चन और  गरम मसाला में महमूद की नायिका थी। उनके करियर को ज़बरदस्त मोड़ दिया राजकपूर की फिल्म बॉबी में नीमा की भूमिका ने। इस भूमिका के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस की श्रेणी में नामांकन मिला।  


हॉलीवुड की 'टेकेन' है नागार्जुन की ऑफिसर ? - पढ़ने  के लिए क्लिक करें 

Wednesday, 28 February 2018

हॉलीवुड की 'टेकेन' है नागार्जुन की ऑफिसर ?

तेलुगु हॉरर कॉमेडी फिल्म राजू गारी गांधी २ में दिमाग को पढ़ सकने वाले रूद्र की भूमिका कर रहे थे। इस फिल्म में नागार्जुन के अभिनय की प्रशंसा हुई थी। अब तक धीमा करियर झेल रहे नागार्जुन को इस फिल्म ने राहत दी थी। अब वह, लगभग २५ साल बाद, निर्माता-निर्देशक रामगोपाल वर्मा के निर्देशन में फिल्म ऑफिसर करने जा रहे हैं। नागार्जुन ने, रामगोपाल वर्मा के साथ आखिरी बार फिल्म द्रोही (१९९२) में काम किया था। द्रोही भी एक एक्शन फिल्म थी।  इसी तर्ज़ पर अफसर भी एक एक्शन ड्रामा फिल्म है। यह फिल्म अंग्रेजी भाषा में पिअर मोरेल निर्देशित फिल्म टेकेन से प्रेरित है। लिएम नीसों की इस एक्शन फिल्म की कहानी सीआईए के रिटायर अफसर की बेटी के अपहरण से शुरू होती थी। अपनी बेटी को छुड़ाने के लिए यह एजेंट अपना सब कुछ लगा देता है।  २००८ में रिलीज़ टेकेन के  निर्माण में २५ मिलियन डॉलर खर्च हुए थे तथा इस फिल्म २२६.८ मिलियन का  कारोबार किया था।  इस फिल्म के दो सीक्वल टेकेन २ और टेकेन ३ भी बनाये गए।  इन दोनों ही सीक्वल फिल्मों में भी लिएम नीसों एजेंट ब्र्यान मिल्स का किरदार कर रहे थे। इस हिट फ्रैंचाइज़ी पर फिल्म, नागार्जुन के लिए बढ़िया मौक़ा है।  यह कहानी नागार्जुन की उम्र के लिहाज़ से भी बढ़िया है। लिएम ने ब्र्यान का किरदार ५६ साल की उम्र में किया था।  नागार्जुन इस समय ५८ साल के हैं।  वह एक बेटी का पिता बन भी सकते हैं।  पिछले दिनों इस फिल्म की शूटिंग मुंबई में शुरू  हो गई। इस फिल्म की शूटिगं १६ फरवरी से शुरू हुई।  १९८९ में १६ फरवरी को नागार्जुन ने रामगोपाल वर्मा के निर्देशन में पहली बार कैमरा फेस किया था।  इस दौरान कई एक्शन दृश्य फिल्माए गए। जिनमे एक छोटी लड़की के साथ नागार्जुन बन्दूक ताने नज़र आ रहे थे। खबर है कि यह फिल्म हिंदी और तेलुगु में होगी। अगर अफसर हिट हो गई तो नागार्जुन के साथ दो सीक्वल बनाने का रामगोपाल वर्मा का रास्ता साफ़ हो जायेगा। 

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क्या बाजीराव रणवीर से दबंगई करेंगे सलमान खान !

पिछले दिनों, यह खबर थी कि सलमान खान ने अपनी दबंग टीम को साफ़ कह दिया है कि वह शाहरुख़ खान की फिल्म से कोई टकराव नहीं करना चाहेंगे।  उनका साफ़ इशारा जीरो की तरफ था, जो २१ दिसंबर को रिलीज़ हो रही है। सलमान खान, इस समय रेमो डिसूज़ा की फिल्म रेस ३ की शूटिंग पूरी तेज़ी से ख़त्म कर रहे हैं।  इस फिल्म को ईद २०१९ को रिलीज़ होना है।  इस फिल्म के बाद, वह रियलिटी शो दस का दम की तमाम किस्ते पूरी करेंगे।  इस काम के बाद, वह अली अब्बास ज़फर की फिल्म भारत की शूटिंग शुरू कर देंगे।  जून से भारत की शूटिंग शुरू कर देंगे। भारत का एक लम्बा शिड्यूल करने के बाद, वह फिल्म से ब्रेक लेंगे।  इस दौरान वह एक शिड्यूल में लगातार प्रोडूसर अरबाज़ खान की फिल्म दबंग ३ की शूटिंग शुरू कर देंगे।  इस फिल्म का निर्देशन प्रभुदेवा कर रहे हैं।  अरबाज़ खान का इरादा दबंग ३ की शूटिंग जल्दी जल्दी पूरी करने के बाद, लम्बे समय से बनने का  इंतज़ार कर रही दबंग फ्रैंचाइज़ी की तीसरी फिल्म को २०१८ के आखिर में रिलीज़ करने का है।  किसी साल का आखिर दिसंबर, ख़ास तौर पर, क्रिसमस वीकेंड होता है।  अरबाज़ खान  ने फिल्म दबंग २ का निर्देशन किया था और यह फिल्म २१ दिसंबर २०१२ को रिलीज़ होकर बड़ा कारोबार कर पाने मे कामयाब हुई थी।  अरबाज़ खान, छह साल बाद बनाये जा रहे सीक्वल को २१ दिसंबर २०१८ को रिलीज़ करना चाहते थे।  लेकिन, इस तारिख को शाहरुख़ खान की फिल्म जीरो रिलीज़ हो रही है।  ऐसे में सलमान  खान के यह कहने के बाद, दबंग ३ को एक हफ्ते बाद यानि २८ दिसंबर को ही रिलीज़ किया जा सकता है।  जबकि, २८  दिसंबर को रोहित शेट्टी निर्देशित फिल्म सिम्बा रिलीज़ हो रही है।  इस फिल्म के नायक रणवीर सिंह है।  अगर ऐसा होता है तो यह एक बार फिर इतिहास दुहराने जैसा होगा, जब रणवीर सिंह से एक खान अभिनेता टकरायेगा।  २०१५ में १८ दिसंबर को रणवीर सिंह की फिल्म बाजीराव मस्तानी और शाहरुख़ खान की फिल्म दिलवाले टकराई थी।  इस टकराव में शाहरुख़ खान की फिल्म को नुकसान हुआ था। अगर, इस साल भी ऐसा ही होता है तो यह दो पुलिस किरदारों का टकराव होगा।  सिम्बा में जहाँ, रणवीर सिंह एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी बने हैं, वही दबंग ३ का चुलबुल पांडे रॉबिनहुड टाइप का है।  यह वर्दियों का टकराव रणवीर सिंह का इम्तिहान होगा।  वह अपनी फिल्म से शाहरुख़ खान को मात दे चुके हैं।  अगर वह दबंग खान को भी मात दे गए तो फिर रणवीर सिंह बॉलीवुड में खान अभिनेताओं की बदल साबित हो जायेंगे।  देखिये, क्या होता २८ दिसंबर को ?

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दूसरी बार गरम मसाला पीसेंगे अक्षय कुमार और जॉन अब्राहम !

अक्षय कुमार से  पांच साल छोटे जॉन अब्राहम का फिल्म करियर अक्षय के फिल्म सौगंध (२०११) में आने के १२ साल बाद, फिल्म जिस्म से शुरू हुआ था। दो साल बाद, जॉन अब्राहम ने अक्षय कुमार के साथ फिल्म गरम मसाला की।  प्रियदर्शन की इस कॉमेडी मसाला फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर सफलता मिली।  लेकिन, इस सफल फिल्म के बावजूद यह सफल मेल पेअर तीन साल बाद दोस्ताना में नज़र आया।  इन दोनों की तीसरी फिल्म हाउसफुल २ चार साल बाद आई।  दिलचस्प बात यह थी कि लगातार तीन हिट फिल्म देने वाली जोड़ी को चौथी बार बनाने का कोई ख़ास प्रयास नहीं किया गया। अब १३ साल बाद, गरम मसाला का दूसरा हिस्सा बनाये जाने की सुगबुगाहट है। यह सुगबुगाहट जॉन अब्राहम के एक इंटरव्यू में दिए जवाब के कारण शुरू हुई थी, जिसमे जॉन अब्राहम ने यह खुलासा किया था कि वह कोई हँसी मज़ाक वाली फिल्म करना चाहेंगे। अक्षय कुमार से उनका दोस्ताना है।  दोनों को एक दूसरे के साथ काम करने में भी मज़ा आता है। ऐसा संकेत है कि जॉन अब्राहम और अक्षय कुमार के बीच गरम मसाला २ को लेकर शुरूआती बात हुई है। लेकिन, फिलहाल, सब सुगबुगाहट ही है। जॉन अब्राहम की, कई बार से टलती आ रही फिल्म परमाणु द स्टोरी ऑफ़ पोखरण ८ अप्रैल को रिलीज़ होने वाली है।  यह उनकी घरेलु फिल्म है।  इसलिए, इसे पूरी तैयारी के साथ रिलीज़ करने की ज़िम्मेदारी भी जॉन अब्राहम की ही है।  परमाणु, भारतीय सेना द्वारा १९९८ में किये गए परमाणु विस्फोट की पृष्ठभूमि पर है। अभिषेक शर्मा निर्देशित फिल्म में जॉन अब्राहम कैप्टेन अश्वेत रैना की भूमिका कर रहे हैं। उधर, अक्षय कुमार तो कुछ ज़्यादा ही व्यस्त हैं।  उनकी तीन फ़िल्में २.०, गोल्ड और केसरी इसी साल रिलीज़ होनी है।  अक्षय कुमार इन सभी फिल्मों में काफी ज़्यादा व्यस्त है।  इसलिए, जॉन अब्राहम अक्षय कुमार के साथ गरम मसाला तभी पीस पाएंगे, जब अपनी हाथ की फिल्मों से फारिग होंगे। 

अब कहानी की ज़रुरत है होली गीत - पढ़ने के लिए क्लिक करें 

अब कहानी की ज़रुरत है होली गीत

संजय लीला भंसाली की इसी साल रिलीज़ फिल्म पद्मावत में एक होली गीत है। लेकिन, यह आम फ़िल्मी होली गीतों की तरह तेज़ रफ़्तार और अबीर गुलाल बिखेरने वाला नहीं। गीत भी काफी धीमा मगर सम्मोहक है। यह गीत मांगनियार और लंगा लोक धुन पर है। इसमे रानी पद्मावती रावल रतन सिंह का तिलक कर होली मनाती है। भंसाली की फिल्म का यह गीत उनकी पहले की फिल्म गोलियों की रास लीला राम-लीला के लहू मुंह लग गया से बिलकुल अलग है, जो उछाह और छेड़छाड़ वाला गीत था। इस गीत में दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह के किरदार लप्पा-झप्पी करते एक दूसरे को छूते छेड़ते रंग लगाते और गुलाल उड़ाते हैं। दोनों ही फिल्मों के गीत विज़ुअल्स और इमोशन के लिहाज़ से उत्कृष्ट हैं। यह गीत प्रमाणित करते हैं कि संजय लीला भंसाली अपनी फिल्मों में होली को अपने ढंग से, भावनाओं को व्यक्त करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। 
पुराने जमाने की फिल्मों से अलग, जब हर उत्साह और ख़ुशी का मतलब होली हुआ करता था, बॉलीवुड की फिल्मों में होली का अब यह मतलब या उपयोग नहीं रह गया है। अब होली गीत फिल्म निर्माता या निर्देशक की सोच पर निर्भर करते हैं। अब हिंदी फिल्मों के फॉर्मूले में होली के रंग शामिल नहीं हैं। इसके बावजूद कुछ फिल्म निर्माता अपनी फिल्मों में होली गीत किसी न किसी तरीके से शामिल कर लेते हैं। जैसे संजय लीला भंसाली की फिल्मों में होली का कोई रंग ज़रूर देखने को मिलता है।  ऐसे ही नए पुराने जमाने के निर्माता-निर्देशक अपनी पसंद के अनुरूप होली गीत रख लेते हैं। 
चोपड़ा बंधुओं की फिल्मों के गीत
चोपड़ा बंधुओं की फिल्मों में होली गीतों को हमेशा स्थान मिलता रहा है। यश चोपड़ा या बीआर चोपड़ा की फिल्मों के गीत सिर्फ उत्साह, उछाह या छेड़छाड़ तक ही सीमित नहीं रहा करते थे। बीआर चोपड़ा की फिल्म मशाल का गीत होली आयी रे महत्वपूर्ण मोड़ पर आया गीत है। इसी गीत के दौरान दिलीप कुमार और अनिल कपूर एक साथ होली खेलते हैं। यह गीत अनिल कपूर की उन भावनाओं को व्यक्त करता है, जिसमे दिलीप कुमार के दिल में उसके लिए बुरी भावनाओं के ख़त्म हो जाने के कारण उत्साह है।  दिलीप कुमार भी बस्ती के लोगों के साथ होली खेलने निकल पड़ते है। सिलसिला में रंग बरसे गीत के ज़रिये अमिताभ बच्चन का चरित्र भंग के नशे में अपने पुराने प्यार रेखा के प्रति भावनाए व्यक्त करता है, जबकि दोनों विवाहित है। यह गीत दो विवाहित जोड़ों के बीच गलतफहमी की दीवार कड़ी कर देता है। आदित्य चोपड़ा की फिल्म मोहब्बतें का होली गीत सोनी सोनी चार मोहब्बत भरे दिलों की धड़कने सुनाने वाला है। जहाँ गुरुकुल के प्राचार्य की बेटी का गुरुकुल के एक गिटार टीचर से प्रेम है तो वही गुरुकुल के तीन छात्र भी मोहब्बत के रंग में खोये हुए हैं। जिमी शेरगिल का किरदार तो एक विधवा के सूने जीवन में रंग भरने के लिए इस होली गीत का इस्तेमाल करता है। फिल्म डर में जूही चावला और सनी देओल प्यार करने वाले जोड़े हैं। शाहरुख़ खान का चरित्र उनके बीच ज़बरदस्त घुसने का प्रयास करता है। फिल्म का अंग से अंग लगाना सनी और जूही के चरित्रों के बीच गहरे प्यार का चित्रण करने वाला है। इस गीत के ज़रिये यह समझा जा सकता है कि जब कोई तीसरा बीच में घुसाने की कोशिश करता है तो उसका क्या हश्र होता है। बीआर चोपड़ा के बेटे रवि चोपड़ा की फिल्म बागबान का गीत होली खेले रघुबीरा भी चार दशक के पति पत्नी अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी की भावनाओं के अनुरूप है। इस गीत को अमिताभ बच्चन की आवाज़ में रख कर स्वाभाविकता बनाने की कोशिश की गई है। 
अक्षय कुमार और विपुल शाह की जोड़ी की होली
अक्षय कुमार आज की पीढ़ी के एक्शन कुमार हैं। उनके खतरनाक एक्शन युवा दर्शकों के पसंदीदा हैं। लेकिन, अक्षय कुमार अपनी फिल्मों में अपने चरित्रों को देसी गंध में डुबोये रहते हैं। विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म वक़्त द रेस अगेंस्ट टाइम का प्रियंका चोपड़ा के साथ अक्षय कुमार पर फिल्माया गया गीत डू मी फेवर लेट्स प्ले होली गीत पानी के रंगों से भिगोने वाला नहीं, लेकिन रोमांस के गुलाल से पटा ज़रूर है। यह उस समय के गीतों में है, जब अक्षय कुमार ट्विंकल खन्ना से विवाहित नहीं थे। फिल्म के इस गीत में उनकी और प्रियंका चोपड़ा की केमिस्ट्री गज़ब लगती है। कुछ ऐसी ही होली शाह और कुमार की फिल्म एक्शन रिप्ले के छन के मोहल्ला गीत में भी है।  हालाँकि, यह गीत बैक टू द पास्ट यानि बीते समय का गीत है। लेकिन इस होली गीत में भी परंपरागत रंग भरी पिचकारियों का इस्तेमाल नहीं किया गया है। फिल्म के गीत में ऐश्वर्या राय बच्चन, अक्षय कुमार और आदित्य रॉय कपूर और उनके साथी अबीर और गुलाल, ख़ास तौर पार लाल गुलाल का इस्तेमाल करते हुए होली मनाते हैं। विपुल अमृतलाल शाह अपनी होली गीतों को ज़रिये सूखी होली के सन्देश को देने वाले लगते हैं। 
अक्षय कुमार की अकेली होली
रंगों वाली अक्षय कुमार की होली देखनी और खेलनी हो तो जॉली एलएलबी २ और टॉयलेट एक प्रेम कथा देखनी होगी। इन दोनों फिल्मों की पृष्ठभूमि में उत्तर प्रदेश के नगर हैं। जॉली एलएलबी २ का कथानक लखनऊ शहर का है। फिल्म की होली बिलकुल लखनऊ के रंग में रंगी रंगों, गुलाल, भंग और उड़दंग वाली है। इस फिल्म के गो पागल गीत में अक्षय कुमार और हम कुरेशी के किरदार दूसरे अन्य किरदारों के साथ पानी के रंगों से भीगी उत्साहपूर्ण होली खेलते नज़र आते हैं। वैसे यह गीत फिल्म के अदालती तनाव को ख़त्म करने के लिहाज़ से रखा गया लगता है। लेकिन, दूसरी तरफ अक्षय कुमार की गाँव में संडास की समस्या पर श्रीनाथ सिंह की फिल्म टॉयलेट एक प्रेम कथा की होली मथुरा की होने के कारण बरसाने की लट्ठ मार होली है। यह गीत अक्षय कुमार की भूमि पेडनेकर के किरदार के प्रति प्रेम की अभिव्यक्ति करने का ज़रिया बनता है। भूमि पेडनेकर उन्हें लट्ठ से मारती है और अक्षय कुमार गोरी तू लट्ठ मार गा कर उसे अपने सच्चे प्रेम का परिचय देने की कोशिश करते है। यह दोनों ही गीत देसी स्वभाव के ठेठ होली गीत हैं। 
वरुण धवन की पिंजड़े वाली मुनिया होली
बॉलीवुड के होली गीतों में से एक नवीनतम गीत वरुण धवन और अलिया भट्ट की फिल्म बद्रीनाथ की दुल्हनिया का बद्री की दुल्हनिया गीत भी है। इस गीत में भी होली है। इस होली गीत को गवई रंग देने के लिए फ़िल्मी गीतों के रीमिक्स बनाने के लिए मशहूर तनिष्क बागची ने इस गीत में तीसरी कसम के बिहारी फोक वाले गीत चलत मुसाफिर मोह लियों रे को इस्तेमाल किया है। यह इस्तेमाल बढ़िया बन पडा है। होली की मस्ती से भरा यह गीत स्टेज पर अबीर गुलाल उड़ाते एक्स्ट्राओं के बीच वरुण धवन और उनकी दुल्हनिया अलिया भट्ट पर फिल्माया गया है। इन दोनों की बढ़िया केमिस्ट्री है। इसलिए इस गीत में होली का उत्साह नज़र आता है। यह गीत काफी पॉपुलर भी हुआ है। इस गीत के साथ, अयान मुख़र्जी की फिल्म यह जवानी है दीवानी के बलम पिचकारी गीत का ज़िक्र करना इसलिए ज़रूरी है कि यह नए जमाने के युवाओं पर फिल्माया गया, मस्ती भरा  गीत है। इस गीत में दीपिका पादुकोण का किरदार अपने दब्बू खोल से निकल कर उन्मुक्त हो जाती है।  उस पर फ़िदा रणबीर कपूर भी उसे भिगोने में कोई कसर नहीं छोड़ते। इसी गीत के ख़त्म होते होते दीपिका पादुकोण रणबीर के प्रति अपना प्रेम व्यक्त करना चाहती है कि तभी आदित्य रॉय कपूर राज खोलते हैं कि रणबीर कपूर विदेश जाना चाहता है। दीपका की बात उसके मन में रह जाती है।
तीन ख़ास होली गीत 
हिंदी फिल्मों के सैकड़ों होली गीतों में तीन गीतों का ज़िक्र कुछ ख़ास है। पहला गीत फिल्म नवरंग (१९५९) का अरे जा रे हट नटखट खूबसूरत और यादगार होली गीत है। यह गीत अपने संगीत और बोलों के साथ साथ विज़ुअल ट्रीट के लिहाज़ से भी शानदार है। इस गीत को संध्या पर फिल्माया गया है। संध्या एक पारंगत नृत्यांगना थी। वह इस गीत के हर टुकडे पर अपने कदमों का धीमी और तेज़ गति से बखूबी इस्तेमाल करती हैं। गाढे रंगों से भीगा यह गीत एक हाथी के नृत्य के कारण चकित करने वाला बन पड़ा है।  राजेश खन्ना और आशा पारेख की फिल्म कटी पतंग का गीत राजेश खन्ना के किरदार को विधवा आशा पारेख को प्रेम व्यक्त करने के साथ साथ उसे समाज के बंधनों को तोड़ने का सन्देश भी देता है, जब राजेश खन्ना आशा पारेख के बालों पर लाल गुलाल लगा देते हैं। तीसरा गीत शोले फिल्म में ज़बरदस्त क्लाइमेक्स की तरफ बढ़ने वाला गीत है। गाँव वाले गब्बर सिंह के डाकुओं को भगा देने की ख़ुशी होली खेल कर व्यक्त करते हैं। जहाँ वीरू (धर्मेन्द्र) अपनी बसंती (हेमा मालिनी) को रंगों से सरोबार कर अपने उन्मुक्त प्रेम का प्रदर्शन करता है, वही जय (अमिताभ बच्चन) गुलाल मुट्ठी में बांधे होली खेल रहा है। यकायक उसकी नज़र विधवा राधा (जया बच्चन) पर जाती है। वह खुद को नियंत्रित कर गंभीर हो जाता है। क्योंकि जानता है कि विधवा होली के रंग नहीं खेल सकती। इस गीत के ख़त्म होते होते गब्बर सिंह अपने साथियों के साथ रामगढ पर हमला कर देता है। इसके साथ ही संजीव कुमार के किरदार की कहानी का खुलासा होने का समय आ जाता है। 


शुरू हुआ गुलशन कुमार के नाम पर फिल्म इंस्टिट्यूट

संगीत कंपनी टी-सीरीज के संस्थापक एवं म्यूजिक मुगल के नाम से प्रख्यात गुलशन कुमार हमेशा प्रतिभाओं को हरसंभव बेहतर प्लेटफाॅर्म मुहैया कराते रहे थे। उनकी मृत्यु के बाद उनकी उम्मीदों, आकांक्षाओं एवं सपनों को साकार करने का बीड़ा उनके पुत्र भूषण कुमार ने उठाया है। वह अपनी फिल्मों से नई पीढ़ी के कलाकारों को लाइमलाइट में ला कर अपने पिता के अधूरे सपनों को पूरा कर रहे हैं। अब उन्हें इस काम में छोटी बहन एवं बाॅलीवुड की नामचीन प्लेबैक सिंगर तुलसी कुमार का साथ-सहयोग भी मिलने लगा है। दरअसल, गुलशन कुमार के आम प्रतिभाओं को भी संपूर्ण कलाकारबनाने के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम एठाते हुए तुलसी ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित फिल्मसिटी में गुलशन कुमार फिल्म ऐंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट आॅफ इंडिया (जीकेएफटीटीआई) की स्थापना की है। यह इंस्टिट्यूट 27 फरवरी से केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा, नामचीन फिल्म निर्देशक निखिल आडवाणी, प्लेबैक सिंगर तुलसी कुमार, रंगकर्मी-कवि-सह-अभिनेता डाॅ. सईद आलम, गलगोटिया विश्वविद्यालय के सीईओ ध्रुव गलगोटिया की मौजूदगी में शुरू हो गया । जीकेएफटीटीआई के उद्घाटन के मौके पर केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि गुलशन कुमार खुद एक काॅमनमैनथे, जिन्होंने अपने जीवन में फर्श से अर्श तक का सफर अपनी मेहनत, लगन, समर्पण, ईमानदारी और बेमिसाल व्यक्तित्व के दम पर किया। यही वजह रही कि जीवन एवं कारोबार के क्षेत्र में ऊंचाइयों को छूने के बावजूद वे हमेशा काॅमनमैनही बने रहे। इसी कारण उनकी हमेशा कोशिश रही कि वे प्रतिभाशाली काॅमनमैनको हरसंभव मदद करें। हालांकि, आज वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन जीकेएफटीटीआई की स्थापना करके तुलसी कुमार ने साबित कर दिया है कि वह भी अपने पिता के दिखाए नेकी के रास्ते एवं नक्शेकदम पर चल रही हैं। जीकेएफटीटीआई की स्थापना वाकई प्रतिभाशाली युवाओं के लिए बेहतर मंच साबित होगा, जो उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहायक बनेगा।
फिल्म निर्देशक निखिल आडवाणी ने कहा कि गुलशन कुमार जी ने उस वक्त आमलोगों का साथ दिया, उनके साथ एक बड़े भाई की तरह मजबूती के साथ खड़े रहे, जब वे खुद कुछनहीं थे। जैसे-जैसे उनकी ताकत बढ़ी, उनके सहयोग का दायरा बढ़ता गया। उनकी सदाशयता और सहयोग से बाॅलीवुड में कई ऐसे कलाकार पैदा हुए, जो आज टाॅपपर विराजमान हैं। मुझे यह कहने में हिचक नहीं कि गुलशन जी का आम प्रतिभाओं को संपूर्ण कलाकार बनाने जो सपना अधूरा रह गया था, जीकेएफटीटीआई को स्थापित करके तुलसी कुमार उसे संपूर्णता प्रदान करेंगी।

तुलसी कुमार ने कहा कि देश में एक से बढ़कर एक फिल्म इंस्टीट्यूट मौजूद हैं। वहां से भी कलाकार पैदा किए जा रहे हैं। लेकिन, उन फिल्म संस्थानों से जीकेएफटीटीआई बिलकुल अलग होगा, क्योंकि यहां प्रतिभाओं को केवल एक्टर, सिंगर, डायरेक्टर, कैमरामैन, स्टोरी राइटर आदि ही नहीं बनाया जाएगा, बल्कि हमारा जोर उन्हें संपूर्णकलाकार बनाने पर होगा। जीकेएफटीटीआई की स्थापना का मूल उद्देश्य धनोपार्जन करना नहीं, बल्कि अन्य संस्थानों से अलग राह अख्तियार करते हुए इस फील्ड में खुद को एक माइलस्टोनके रूप में स्थापित करना होगा। जीकेएफटीटीआई में प्रतिभाशाली छात्रों को उनकी रुचि एवं प्रतिभा के कारण ही प्रवेश मिलेगा। इसके लिए बाकायदा संस्थान के नामचीन शिक्षकों के द्वारा आॅडिशन लिया जाएगा और चयनित छात्रों को संपूर्णकलाकार के तौर पर विकसित एवं प्रशिक्षित किया जाएगा।"