Sunday, 25 February 2018

बॉलीवुड न्यूज़ २५ फरवरी


अमावस में डराएगी नर्गिस फाखरी
नर्गिस फाखरी की, २०१६ में चार हिंदी फ़िल्में अजहर, हाउसफुल ३, डिशूम और बैंजो रिलीज़ हुई थी।इन सभी फिल्मों में नरगिस की भूमिका सपोर्टिंग एक्ट्रेस वाली थी। इन फिल्मों के बाद, उनकी कोई फिल्म रिलीज़ नहीं हुई। इस बीच उन्होंने सिर्फ एक हिंदी फिल्म संजय दत्त के साथ फिल्म तोरबाज़ की शूटिंग ख़त्म की है। इस फिल्म में वह एक एनजीओ के लिए काम करने वाली महिला का किरदार कर रही हैं, जो संजय दत्त के बच्चे को बचाने के लिए उनके किरदार की मदद करती है।  इस फिल्म से पहले तक यह समझा जा रहा था कि नर्गिस फाखरी बॉलीवुड में करियर न जमता देख कर, हिंदुस्तान को अलविदा कर चुकी हैं। लेकिन, नर्गिस ने इस खबर को हमेशा अफवाह ही बताया। अब इसे साबित करने के लिए नर्गिस निर्देशक भूषण पटेल की फिल्म से वापसी कर रही हैं। इस फिल्म का नाम अमावस है। खबर है कि नर्गिस फाखरी इस फिल्म में दर्शकों को डराएँगी। अमावस के निर्देशक भूषण पटेल कहते हैं, "बॉलीवुड में हॉरर जॉनर को दूसरे जॉनर के मुक़ाबले दोयम दर्ज़े का माना जाता है। लेकिन, नरगिस को पहली बार में फिल्म की स्क्रिप्ट पसंद आई और उन्होंने इसे बिना देर मंज़ूरी दे दी।" इम्तियाज़ अली की दुखांत रोमांटिक नायिका नर्गिस फाखरी का दर्शकों को डराने का कार्यक्रम चौंकाने वाला है। लेकिन, अब जबकि बॉलीवुड की नायिका अभिनेत्रियां  किसी ख़ास इमेज में बंधी रहना नहीं चाहती तो नर्गिस का डराने वाली फिल्म करना, उचित निर्णय  लगता है। पाठक जानते ही होंगे कि अनुष्का शर्मा भी इस होली में अपनी बतौर निर्माता फिल्म परी में भयावना किरदार कर रही हैं। लेकिन नर्गिस के लिहाज़ से भयावनी फिल्म करना इसलिए शंका पैदा करता है, क्योंकि नर्गिस के हाथों में तोरबाज़ के अलावा यही एक फिल्म है। अगर अमावस का भयावना किरदार मिसफायर कर गया तो...!
अब रणभूमि में दुल्हनिया की टीम
फिल्म निर्माता करण जोहर ने अपने बैनर धर्मा प्रोडक्शंस के तहत नई फिल्म का ऐलान कर दिया।  लेकिन, उनकी इस नई फिल्म में भी शाहरुख़ खान नहीं होंगे।  पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि शाहरुख़ खान धर्मा प्रोडक्शंस के अंतर्गत फिल्म में अभिनय करेंगे।  मगर, करण जोहर द्वारा घोषित की गई इस फिल्म के नायक वरुण धवन होंगे।  इस फिल्म का टाइटल रणभूमि रखा गया है।  करण जोहर ने अपनी ट्वीट में इस फिल्म को युद्ध फिल्म बताया है।  लेकिन, यह किस प्रकार का युद्ध होगा, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।  फिल्म का निर्देशन भी करण जोहर नहीं करेंगे।  इस फिल्म के निर्देशक शशांक खेतान होंगे। शशांक खेतान ने ही इस फिल्म को लिखा भी है। इस बारे में शशांक ने बताया, "इस फिल्म की कहानी पर मैंने दिसंबर २०१५ से काम करना शुरू कर दिया था।" निर्माता करण जोहर, निर्देशक शशांक  खेतान और अभिनेता वरुण धवन की तिकड़ी की, रणभूमि एक साथ तीसरी फिल्म है।  शशांक खेतान ने धर्मा प्रोडक्शंस के लिए हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया को लिखा और निर्देशित किया था।  दुल्हनिया सीरीज की दूसरी बद्रीनाथ की दुल्हनिया में भी हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया वाली वरुण धवन और आलिया भट्ट की स्टार कास्ट ही थी।  रणभूमि में आलिया भट्ट होंगी या नहीं अभी साफ़ नहीं हुआ है।  वैसे आलिया भट्ट, निर्माता करण जोहर की ब्रह्मास्त्र ट्राइलॉजी की तीन फिल्मों के लिए अनुबंधित हैं।  वह ज़ोया अख्तर की फिल्म गली बॉय में रणवीर सिंह के साथ नायिका का किरदार कर रही है।  जबकि वरुण धवन की दो फ़िल्में अक्टूबर और सुई धागा मेड इन इंडिया इसी साल रिलीज़ होनी हैं।  अलबत्ता, रणभूमि की रिलीज़ की तारिख अभी काफी दूर है।  रणभूमि २०२० में दिवाली वीकेंड पर रिलीज़ होगी।  करण जोहर ने इसका ऐलान फिल्म के  ऐलान के साथ ही किया। 
आनंद कुमार पढ़ाएंगे, इमरान हाश्मी करेंगे चीट इंडिया
२०१९ के गणतंत्र दिवस (२६ जनवरी) वीकेंड पर अक्षय कुमार नहीं होंगे । हालाँकि, गणतंत्र दिवस वीकेंड को सुपरडुपर हिट कलेक्शन देने वाला बनाने की शुरुआत हृथिक रोशन की फिल्म अग्निपथ (२०१२) से हुई थी । इस फिल्म के बाद यह वीकेंड बॉलीवुड के बड़े एक्टर्स की फिल्मों की रिलीज़ के लिए आकर्षण का वीकेंड बन गया । यहाँ ध्यान रहे कि चालू दशक की शुरू में, सलमान खान की फिल्म वीर (२०१०) को गणतंत्र दिवस वीकेंड पर बुरी असफलता मिली थी । यह कहा जाए तो ज्यादा ठीक रहेगा कि सलमान खान की फ़िल्में इस वीकेंड में रिलीज़ हो कर असफल ही होती रही है । जय हो (२०१४) इसका प्रमाण है । इसके बावजूद इस वीकेंड में रिलीज़ रेस २ (२०१३), बेबी (२०१५), एयरलिफ्ट (२०१६), रईस और काबिल (दोनों गणतंत्र दिवस २०१७) तथा इस साल पद्मावत को ज़ोरदार शुरुआत कराने वाला वीकेंड मिला था । जिन पाठकों ने यह फ़िल्में देखी हैं, वह इनके विषयों से परिचित होंगे । लेकिन, अगले साल के गणतंत्र दिवस वीकेंड पर इन सब से बिलकुल अलग विषय से बिलकुल अलग, भारत की शिक्षा पर दो फ़िल्में रिलीज़ हो रही होंगी । अगले साल, २५ जनवरी को हृथिक रोशन गणित के अध्यापक आनंद  कुमार बने हुए ३० छात्रों को आइआइटी में भेजने की कोशिश कर रहे होंगे । वहीँ इमरान हाशमी बताएँगे कि हिंदुस्तान में कैसे शिक्षा एक समानांतर भ्रष्ट और लालची व्यवस्था बन गई है। इस फिल्म का निर्माण फैशन फोटोग्राफर अतुल कस्बेकर और निर्देशन सौमिक सेन करेंगे । ज़ाहिर है कि २०१९ में शिक्षा व्यवस्था पर दो फिल्मों का टकराव देखना दिलचस्प होगा ।
नई जोड़ियां बनाते वरुण धवन !
वरुण धवन की आगामी दो फ़िल्में ख़ास हैं। शूजित सरकार निर्देशित रोमांटिक ड्रामा फिल्म अक्टूबर  १३ अप्रैल को रिलीज़ हो रही है। वहीँ, शरत कटारिया निर्देशित सामाजिक ड्रामा फिल्म सुई धागा -मेड इन इंडिया २८ सितम्बर को रिलीज़ होगी। इन दोनों फिल्मों की  ख़ास बात यह है कि दोनों ही फिल्मों में वरुण धवन की भूमिका उनकी इमेज के अनुरूप नहीं है। दूसरी बड़ी ख़ास बात यह है कि दोनों ही फिल्मों में उनकी जोडीदार नई अभिनेत्रियां है । सुई धागा में अनुष्का शर्मा नायिका की भूमिका में हैं तो अक्टूबर में मॉडल बनिता संधू उनकी नायिका हैं । अक्टूबर बनिता संधू की पहली फिल्म है। जबकि, अनुष्का शर्मा अब तक १५ फ़िल्में कर चुकी है। वरुण धवन के करियर की खास बात यह है कि वह किसी ख़ास जोड़ीदार से चिपक कर फ़िल्में नहीं कर रहे हैं । उनकी पहली फिल्म स्टूडेंट ऑफ़ द इयर में उनकी नायिका अलिया भट्ट बाद में दो दूसरी फिल्मों हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया और बद्रीनाथ की दुल्हनिया में भी नायिका थी । नर्गिस फाखरी, जैक्विलिन फर्नॅंडेज़ और इलीना डिक्रूज़ के साथ भी वरुण धवन की दो दो फ़िल्में हैं। वरुण ने नर्गिस फाखरी के साथ मैं तेरा हीरो और ढिशूम, जैक्विलिन फर्नॅंडेज़ के साथ ढिशूम और जुड़वाँ २ तथा इलीना के साथ मैं तेरा हीरो और जुडवा २ की थी। लेकिन, इन फिल्मों में इन तीन अभिनेत्रियों के साथ वरुण की जोड़ियाँ  सही मायनों में नहीं बनी थी । बदलापुर में यमी गौतम ने उनकी पत्नी की छोटी भूमिका की थी ।  एबीसीडी २ में श्रद्धा कपूर और दिलवाले में कृति सेनन उनकी जोड़ीदार थी । इससे ज़ाहिर है कि वरुण धवन ने जोडी बनाने के मामले में किसी ख़ास अभिनेत्री को तरजीह नहीं दी है । ऐसा इसलिए भी हुआ है कि वरुण अपनी इमेज से चिपके रहना नहीं चाहते । चूंकि वह अपनी इमेज तोड़ते हुए फिल्म कर रहे है, इसलिए उनका जोड़ी तोड़ना लाजिमी है ।
बब्बू मान का सिंगल तेरी याद आती है
म्यूजिक इंडस्ट्री की सनसनी गायक, बब्बू मान ने भी वैलेंनटाइन वीक पर अपना नया सिंगल लॉन्च किया । बकौल बब्बू मान यह लव सॉन्ग लोगों के दिलों को पिघला देगा । इस गाने को खुद मान ने लिखा है और इसे डीजे शेजवुड ने डायरेक्ट किया है । इस गीत को अभिनेत्री स्मिता गोंडकर पर फिल्माया गया है । गीत के बोल हैं तेरी याद आती है। डीजे शेरवूड ने बताया कि हमने इस गाने के मेकिंग के वक्त ही सोच लिया था इसे वैलेंनटाइन के मौके पर रिलीज करेंगे । बब्बू मान का असली नाम तेजिंदर सिंह मान है । बब्बू मान को बचपन से ही संगीत का बहुत शौक था । सात साल की उम्र में उन्होंने गाना शुरू कर दिया था । वह हर बात को एक संगीतकार के नज़रिये से देखते । यहां तक कि रसोई घर के बर्तनों को भी वे संगीत के साज़ बनाकर उनसे भी सुरीली तान छेड़ दिया करते थे । बब्बू मान उन गिने-चुने गायकों में से हैं जो अपने सभी गीतों के बोल ख़ुद लिखते हैं । बब्बू मान कहते हैं, “यह गीत एक खूबसूरत कहानी सुनाने वाला है । हम प्यार की भावना को भिन्न तरीके से बताने की कोशिश करते हैं ।इस गीत को वीनस वर्ल्डवाइड एंटरटेनमेंट द्वारा रिलीज़ किया गया है ।
बलात्कार के खिलाफ ऋचा चड्डा
फुकरे की भोली पंजाबन ऋचा चड्डा महिलाओं के अधिकारों के मामले में काफी वाचाल रही हैं।महिलाओं से जुड़ा कौन सा ऐसा मामला है, जिस पर वह बोली न हों। प्रधान मंत्री ने सेल्फी विथ गर्ल के ज़रिये एक सन्देश देने की कोशिश की तो ऋचा बोली इससे कुछ होने-हवाने वाला नहीं। मतलब, जो कुछ होगा ऋचा के बोलने से या गैंग्स ऑफ़ वासेपुर जैसी फिल्म में सेक्स स्लेव महिला का किरदार करने से। बहरहाल, ऋचा की बोलने की इस आदत के कारण सेक्शन ३७५ में उनका किरदार काफी कुछ उनके जैसा लगता है। इस फिल्म में वह बलात्कार की इस धारा को लेकर, अभिनेता अक्षय खन्ना के किरदार के खिलाफ कड़ी नज़र आएँगी। निर्माता कुमार मंगत पाठक और अभिषेक पाठक की मनीष गुप्ता निर्देशित फिल्म सेक्शन ३७५ एक बलात्कार के मामले में बहस प्रति बहस पर आधारित है। इस फिल्म में वकील किरदार अक्षय खन्ना के साथ ऋचा चड्डा कर रही हैं. अक्षय खन्ना बचाव पक्ष के वकील बने हैं तो ऋचा चड्डा सरकारी वकील बनी हैं। ज़ाहिर है कि बलात्कारी को सज़ा दिलवाने का जिम्मा ऋचा के किरदार पर ही है। मनीष गुप्ता ने सेक्शन ३७५ की कहानी दो साल की रिसर्च के बाद लिखी है। मनीष गुप्ता की फ़िल्में द स्टोनमैन मर्डरस, हॉस्टल और रहस्य जैसी फ़िल्में रियल घटनाओं पर आधारित फ़िल्में थी। अब देखने की बात होगी कि वह सेक्शन ३७५ में क्या कुछ चौंकाने वाला लाते हैं और ऋचा चड्डा इस फिल्म को किस प्रकार से महिलाओं के अधिकारों के लिए उपयोग कर पाती हैं।
क्या ऋषि कपूर को डरायेंगे इमरान हाश्मी ?
विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म राज़ रिबूट के दो साल बाद, इमरान हाश्मी एक बार फिर हॉरर जोनर की फिल्म करने जा रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण वायकॉम १८ द्वारा किया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन मलयालम फिल्म डायरेक्टर जीतू जोसफ करेंगे। जीतू के परिचय के लिए इतना जानना काफी होगा कि उन्होंने मलयालम एक्टर मोहनलाल के साथ थ्रिलर ड्रामा फिल्म दृश्यम का लेखन-निर्देशन किया था। इस फिल्म को चार भारतीय भाषाओँ में भी रीमेक किया गया था।  हिंदी फिल्म दृश्यम में अजय देवगन ने मोहनलाल वाली भूमिका की थी। इन्ही जीतू जोसफ की अनाम फिल्म दो मुख्य किरदारों पर फिल्म है। वैसे यह रहस्य-रोमांच वाली फिल्म है, लेकिन इसमे हॉरर खास है।  फिल्म में इमरान हाश्मी के जोड़ीदार ऋषि कपूर है। यह जोड़ी पहली बार एक साथ नज़र आयेगी।  इमरान हाश्मी के अभी तक के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए यह पूछा जा सकता है कि क्या वह फिल्म में ऋषि कपूर को डरायेंगे ? लेखक-निर्देशक जीतू जोसफ और एक्टर इमरान हाश्मी में से कोई भी इसे साफ़ नहीं करता। जीतू फिल्म को हॉरर एलिमेंट वाली मिस्ट्री थ्रिलर बताते हैं। इमरान हाश्मी सिर्फ इतना कहते हैं, “यह इस जोनर की दिलचस्प और दर्शकों के लिए उत्तेजनापूर्ण फिल्म होगी।यहाँ बताते चलें कि जीतू की फिल्म दृश्यम का हिंदी रीमेक वायकॉम १८ ने ही बनाया था।  उसी समय से यह कंपनी जीतू के साथ हिंदी फिल्म बनाना चाहती थी। जीतू जोसफ की यह बतौर डायरेक्टर पहली हिंदी फिल्म होगी। क्या, जीतू जोसफ की मूल हिंदी फिल्म भी रीमेक वाला जादू पैदा कर सकेगी ?
संजय दत्त क्यों चाहते हैं कि ८ माय को रिलीज़ हो ट्रेलर
संजय दत्त चाहते हैं कि उनके जीवन पर बन रही राजकुमार हिरानी निर्देशित फिल्म संजू का ट्रेलर ८ मई को रिलीज़ किया जाए। रणबीर कपूर द्वारा परदे पर संजय दत्त का किरदार वाली यह फिल्म २९ जून को रिलीज़ की जानी है। संजय दत्त क्यों चाहते हैं कि उनकी बायोपिक फिल्म का ट्रेलर ८ मई को रिलीज़ हो ? जिन लोगों ने संजय दत्त के करियर को ध्यान से देखा है, वह जानते हैं कि संजय दत्त को बतौर हिंदी फिल्म के नायक उनके पिता सुनील दत्त ने पेश किया था। संजय दत्त के साथ रीना रॉय और टीना मुनीम की भूमिका वाली इस फिल्म का नाम रॉकी था। यह फिल्म ८ मई १९८१ को रिलीज़ हुई थी। इसीलिए, संजय दत्त चाहते हैं कि जिस दिन उनकी पहली फिल्म रिलीज़ हुई है, उस दिन उनकी फिल्म का ट्रेलर ज़रूर रिलीज़ हो। बायोपिक फिल्म में रॉकी महत्वपूर्ण होगी। इस फिल्म की नायिका टीना मुनीम के साथ संजय दत्त का रोमांस खूब गर्म हुआ था। बायोपिक फिल्म में टीना मुनीम वाला किरदार सोनम कपूर कर रही हैं। संजू फिल्म के डायरेक्टर राजकुमार हिरानी ने अपने फिल्म करियर की पहली दो फ़िल्में मुन्नाभाई एमबीबीएस और लगे रहो मुन्नाभाई संजय दत्त के साथ ही बनाई थी। उनकी पहली फिल्म में संजय दत्त के पिता सुनील दत्त ने ही उनके पिता की भूमिका की थी। बायोपिक फिल्म में सुनील दत्त की भूमिका परेश रावल और नर्गिस की भूमिका मनीषा कोइराला कर रही हैं।

होली पर हॉरर

इस साल, होली मनाने के बाद, जब दर्शक मनोरंजन करने के लिए किसी सिनेमाघर जाना चाहेंगे तो उनके सामने तीन विकल्प होंगे।  बॉलीवुड उनके लिए दो फ़िल्में अनुष्का शर्मा की प्रोसित रॉय निर्देशित हॉरर फिल्म परी और पुलकित सम्राट, जिमी शेरगिल और कृति सेनन की आशु त्रिखा निर्देशित कॉमेडी फिल्म वीरे की वेडिंग लाया होगा, जबकि हॉलीवुड से वर्ल्ड वाइड रिलीज़ हो रही ब्रूस विलिस, एलिज़ाबेथ शू और कैमिला मोरोन की एली रोथ निर्देशित एक्शन फिल्म डेथ विश होगी। हॉलीवुड की  डेथ विश बड़े  एक्टरों के कारण आकर्षण का केंद्र होगी।  लेकिन, बॉलीवुड उनके लिए कोई बड़ी कॉमेडी फिल्म नहीं दे रहा। अनुष्का शर्मा के सामने पुलकित सम्राट का कद कोई मायने नहीं रखता।  इसका मतलब यह हुआ कि माउथ पब्लिसिटी मिलने तक दर्शकों की पहली पसंद हॉरर फिल्म परी ही होगी। पूरे साल कॉमेडी फ़िल्में देने वाला बॉलीवुड होली के हास्य रंग के त्यौहार पर कोई बड़ी कॉमेडी फिल्म क्यों नहीं ला रहा? चालू दशक पर नज़र डालें तो अच्छी कॉमेडी फिल्म होली वीकेंड पर दर्शकों को पसंद बन कर उभरती है। 
अतिथि तुम कब जाओगे 
इस दशक की शुरू में  होली ८ फरवरी और १ मार्च २०१० को मनाई गई थी।  इस साल २६ फरवरी को फरहान अख्तर और  दीपिका पादुकोण की थ्रिलर फिल्म कार्तिक कालिंग और अमिताभ बच्चन, बेन किंग्सले, आर माधवन, जैकी श्रॉफ और राइमा सेन की ड्रामा थ्रिलर तीन पत्ति रिलीज़ हुई थी। इन दोनों ही फिल्मों का होली या कॉमेडी से कोई लेना देना नहीं था।  लेकिन, इसकी भरपाई हुई थी अगले हफ्ते ५ मार्च को अश्वनी धीर निर्देशित परेश रावल, अजय देवगन और कोंकणा सेन शर्मा की कॉमेडी फिल्म अतिथि तुम कब जाओगे से।  हालाँकि, इस हफ्ते चार अन्य फ़िल्में हेलो ज़िन्दगी, रोड, मूवी, रोक्क और थैंक्स  माँ रिलीज़ हुई थी।  लेकिन, सफलता मिली कॉमेडी अतिथि तुम कब जाओगे को ही। 
एक्सटेंडेड वीकेंड की कहानी ! 
२०१२ में होली बुद्धवार और गुरुवार को ७ और ८ मार्च को पड़ी थी। २ मार्च को रोमांटिक लंदन पेरिस न्यूयॉर्क, क्राइम पान सिंह तोमर, रोमांस विल यू मैरी मी तथा ९ मार्च को थ्रिलर कहानी और कॉमेडी चार दिन की चांदनी रिलीज़ हुई थी।  चार दिन की चांदनी के अलावा कोई भी फिल्म कॉमेडी शैली की नहीं थी। अब यह बात दीगर है कि तुषार कपूर की फिल्म चार दिन की चांदनी कॉमेडी फिल्म होने के बावजूद दर्शक नहीं बटोर सकी।  दर्शक मिले विद्या बालन की ड्रामा/ थ्रिलर कहानी को और एक हफ्ता पहले तिग्मांशु धुलिया निर्देशित इरफ़ान खान की फिल्म पान सिंह तोमर को। 
अजय देवगन की टूटी हिम्मत 
पिछले साल की तरह होली २०१३ भी हफ्ते के आखिरी दिनों मंगल और बुद्ध में थी।  होली से कोई दो हफ्ता पहले १५ मार्च को निर्देशक सुभाष कपूर की कॉमेडी फिल्म जॉली एलएलबी रिलीज़ हुई थी। अरशद वारसी, बोमन ईरानी और सौरभ शुक्ल की यह फिल्म हिट हो गई थी।  लेकिन, होली के आसपास रिलीज़ दो फ़िल्में जैकी भगनानी की प्रियदर्शन निर्देशित एक्शन फिल्म रंगरेज़ और साजिद खान की एक्शन कॉमेडी हिम्मतवाला रिलीज़ हुई थी। अब यह बात दीगर है कि अजय देवगन और तमन्ना भाटिया की हिम्मतवाला तक बुरी तरह से फ्लॉप हुई। 
फ्लॉप हुई आयुष्मान खुराना की बेवकूफियां 
२०१४ में होली का त्यौहार रविवार और सोमवार को था।  तीन दिन पहले १४ मार्च को आयुष्मान खुराना की रोमांस फिल्म बेवकूफियां, अरबाज़ खान की हॉरर नेबर्स दे आर वैम्पायरस और थ्रिलर डब्ल्यू रिलीज़ हुई थी।  बॉलीवुड को थोड़ी बहुत उम्मीद विक्की डोनर के आयुष्मान खुराना की फिल्म बेवकूफियां से थी।  मगर, नूपुर अस्थाना निर्देशित बेवकूफियां सोनम कपूर और ऋषि कपूर की मौजूदगी के बावजूद दर्शकों को आकर्षित नहीं कर सकी। 
पसंद नहीं आई गणेश आचार्य की कॉमेडी 
२०१५ में हिंदी फिल्मों को एक्सटेंडेड वीकेंड का फायदा मिल सकता था।  लेकिन, उस समय तक बॉलीवुड के बड़ी फिल्मों के निर्माता और एक्टर होली को उपजाऊ हॉलिडे वीकेंड नहीं समझते थे। इसलिए ४ मार्च को रिलीज़ हुई बिलकुल नए चेहरों वाली अमित खन्ना निर्देशित कॉमेडी फिल्म बदमाशियां तो बुरी तरह पिटी ही, रोमांस ड्रामा कॉफ़ी ब्लूम, पोलिटिकल ड्रामा डर्टी पॉलिटिक्स और गणेश आचार्य की बतौर अभिनेता कॉमेडी फिल्म हे ब्रो भी असफल हुई।  डर्टी पॉलिटिक्स से केसी बोकाडिया वापसी करना चाहते थे।  उन्होंने मलिका शेरावत, जैकी श्रॉफ और अनुपम खेर को लेकर यह पोलिटिकल ड्रामा गढ़ा था। लेकिन, यह फिल्म भी असफल हुई। 
क्या राजनीति का फिल्मों पर प्रभाव ? 
ऐसा लगता है कि देश में दिल्ली से चलाई जा रही राजनीति का प्रभाव पड़ता है। दूसरे कार्यकाल में कांग्रेस नीत यूपीए सरकार की नीतियों और भ्रष्टाचार का प्रभाव पूरे देश में पड़ा था। महंगाई पेट्रोल डीजल के बढ़ाते दामों के साथ बेलगाम थी।  भ्रष्टाचार के एक के बाद एक मामले माहौल को खराब कर रहे थे। क्या इसका प्रभाव था कि बॉक्स ऑफिस २०१३ में रिलीज़ हिम्मतवाला की हिम्मत भी जवाब दे गई ? हालाँकि अजय देवगन की साजिद खान निर्देशित एक्शन कॉमेडी फिल्म हिम्मतवाला इसी टाइटल के साथ रिलीज़ १९८३ की सुपर हिट फिल्म का रीमेक थी। २०१४ यूपीए के शासन का आखिरी साल होने के कारण यह आखिरी होली भी थी। मगर, आयुष्मान खुराना के साथ सोनम कपूर, ऋषि कपूर और अरबाज़ खान का आकर्षण भी इनकी फिल्म को बचा नहीं सका। इसमें कोई शक नहीं कि दर्शक बिना माउथ पब्लिसिटी के नए चेहरों और छोटे बजट की फ़िल्में देखने नहीं जाता।  इसलिए, किसी वीकेंड का मंदा रहना स्वाभाविक है।  लेकिन, जब कुछ जाने पहचाने और बड़े चहरे हों तो फिल्म के हिट होने की गुंजाईश बन जाती है। २०१६ को उदाहरण के रूप में लेते हैं। मार्च में २३ और २४ तारिख को होली थी। इसीलिए १८ मार्च को ऋषि कपूर, सिद्धार्थ मल्होत्रा, फव्वाद खान और आलिया भट्ट की कॉमेडी ड्रामा फिल्म कपूर एंड संस रिलीज़ हुई थी। शकुन बत्रा निर्देशित यह फिल्म दादा और उसके दो पोतों के बीच प्रतिद्वंद्विता की दिलचस्प कहानी थी।  फिल्म ने पहले दिन ६. ८५ करोड़ का कारोबार किया।  इस फिल्म ने होली के दिन बीच ६.६५ करोड़ का कारोबार कर दर्शकों में अपनी पकड़ बता दी थी।  अगले साल यानि २०१७ में १० मार्च को वरुण धवन और आलिया भट्ट की हिट जोड़ी की फिल्म बद्रीनाथ की दुल्हनिया  रिलीज़ हुई थी।  इस कॉमेडी फिल्म ने १०० करोड़ क्लब में जगह बनाई थी।  यह कारोबार  २०१६ में नोट बंदी के बावजूद हुआ था। 

इस उदाहरण से साफ़ है कि होली हास्य और रंग का त्यौहार है।  लेकिन, इस दिन भी हास्य से पगे बड़े सितारे सोने पर सुहागे का काम कर सकते हैं।  अगर राजनीतिक माहौल बढ़िया हो तो क्या कहना।  ऐसे में सवाल उठता है कि इस साल रिलीज़ हो रही हॉरर फिल्म पारी और कॉमेडी वीरे की वेडिंग का क्या होगा ? माहौल अच्छा है।  देश भ्रष्टाचार के दंश से घायल नहीं है।  अनुष्का शर्मा के पति विराट कोहली के नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट टीम दक्षिण अफ्रीका में बढ़िया कर रही है।  ऐसे में अनुष्का शर्मा की परी को, हॉरर फिल्म होने के बावजूद दर्शक मिलेंगे।  पुलकित सम्राट फुकरे गैंग के लीडर की तरह मशहूर हैं।  जिमी शेरगिल भी तनु वेड्स मनु फिल्मों के राजा अवस्थी से दर्शकों के बीच हिट हैं।  ऐसे में आशु त्रिखा की वापसी फिल्म वीरे की वेडिंग हास्य के रंग जमा सकती है।


इंडियन नेवर अगेन निर्भया – पढ़ने के लिए क्लिक करें 

Saturday, 24 February 2018

निर्भया के संघर्ष और इन्साफ की आवाज है इंडियन नेवर अगेन निर्भया


दिल्ली बस गैंग रेप पर आधारित " इंडियन नेवर अगेन  निर्भया " प्रदर्शन  के लिए तैयार है। हाल में ही फिल्म का ट्रेलर मुंबई में लांच किया गया। इस अवसर पर फिल्म के निर्माता एवं निर्देशक बिदिशा अधिकारी, कंचन अधिकारी, अभिनेता दिनेश के मेहता, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, अभिनेत्री गहना वशिष्ट एवं फिल्म वितरक मनोज नंदवाना उपस्थित थे।  
फिल्म नेवर अगेन निर्भया देश की राजधानी दिल्ली में १६ दिसंबर २०१२ को चलती बस में  घटित रेप व हत्याकांड का प्रतिगुंजित रूप है। साथ ही बलात्कार के निषेधात्मक प्रभावों तले दम तोड़ती स्त्री को बचाये रखने की बेचैन लड़ाई का प्रतीक भी। निर्भया ने अपनी आखिरी ख्वाहिश यही जताई थी कि उन सभी को जिंदा जला देना चाहिए। क्या निर्भया की आखिरी ख्वाहिश पूरी हो सकेगी, क्या कानूनी लड़ाई में निर्भया को इंसाफ मिल पाएगा।  
इस अवसर पर निर्माता एवं निर्देशक कंचन अधिकारी ने कहा, "देश में २०१२ की घटना के बाद बलात्कार जैसे घृणित आपराध प्रति एक जबरजस्त आक्रोश है। किसी भी समाज के लिए यह एक शर्मशार करनेवाली घटना है। हमारे लिए यह एक मुश्किल फिल्म है। क्योकि फिल्म सत्य घटना पर आधारित है। इसलिए कोशिश की गयी है कि उस हैवानियत की काली रात में क्या हुआ परदे पर दिखाया जा सके। फिल्म की शूटिंग के समय हम सब को कई बार महसूस हुआ की निर्भया को कितना तकलीफ़ का सामना करना पड़ा होगा। फ़िल्म का मुख्य उद्देश्य हैंकि  २१वी शताब्दी में आज  स्त्रियों के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए।" फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में ऋचा शर्मा, बिदिशा अधिकारी, दिनेश के मेहता, रवि कुमार, राजू खेर, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, राजू श्रेष्ठ, अनिल यादव गोपाल सिंह, पप्पू पॉलिस्टर, कंचन अधिकारी विभिन्न भूमिकाओं में नजर आयेंगे।  साथ ही अभिनेत्री गहना वशिष्ट एक आयटम सांग में नजर आएँगी




पूजा भट्ट सड़क २ में अलिया भट्ट – पढ़ें के लिए क्लिक करें 

पूजा भट्ट सड़क २ में अलिया भट्ट

आज, फिल्मकार महेश भट्ट की बड़ी बेटी पूजा भट्ट ४६वा जन्मदिन मनाया। १९९० में, वह महज १७ साल की उम्र में फिल्म डैडी में शराबी किरदार कर रहे अनुपम खेर की बिटिया पूजा बना दी गई थी। कैसा इत्तेफाक था कि डैडी में शराबी की बेटी की भूमिका करने वाली पूजा भट्ट को १६ साल की उम्र से ही शराब की लत लग गई थी। टूटे घर की यही दास्ताँ होती है। बहरहाल, लेकिन सम्हाला भी महेश भट्ट ने ही। जी जान से लग कर पूजा की शराब की लत छुड़ाई। पूजा भट्ट ने, डैडी के बाद, एक एक कर, दिल है कि मानता नहीं, सड़क, जानम, फिर तेरी कहानी याद आई, सर, चाहत और तमन्ना जैसी फिल्मों में बतौर अभिनेत्री अपनी पहचान बनाई। बहुत ज़ल्द ही, १९९८ में, पूजा भट्ट संघर्ष बना कर फिल्म निर्माता बन गई। उन्होंने, जिस्म जैसी फिल्म बना कर इरोटिक थ्रिलर फिल्मों की नीव डाली। खुद भी, पाप, हॉलिडे, कजरारे, धोखा और जिस्म २ से बतौर निर्देशक अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। पूजा भट्ट ने, अपने करियर की तीसरी फिल्म सड़क में एक युवा वेश्या पूजा का यादगार किरदार किया था। अब, जबकि इस फिल्म को रिलीज़ हुए १७ साल हो चुके हैं, पूजा भट्ट इस फिल्म का सीक्वल बनाने जा रही हैं। वह चाहती थी कि उनकी इस फिल्म में उनके सेंडल में छोटी बहन अलिया भट्ट पैर डाले। लेकिन, अलिया की व्यस्तता ने उन्हें यह ऐलान करने से रोक दिया। आज, जबकि पूजा भट्ट उम्र के ४६वे साल में हैं, उनकी २४ साल की बहन अलिया भट्ट ने सड़क २ की नायिका बनना मंजूर कर लिया है। ज़ाहिर है कि पूजा भट्ट के लिए बहन की ओर से यह बड़ा तोहफा है। ख़ास बात यह भी है कि सड़क २ में सड़क के नायक-नायिका यानि संजय दत्त और पूजा भट्ट भी सड़क २ में नज़र आयेंगे। अभी अलिया भट्ट के लिए नायक के लिए अभिनेता का चुनाव होना है। यह फिल्म अगस्त २०१८ में रिलीज़ होनी है। जहाँ तक अलिया भट्ट का सवाल है, जोया अख्तर की फिल्म गली बॉय और अयान मुख़र्जी की फिल्म ब्रह्मास्त्र में व्यस्त हैं। उनकी मेघना गुलजार निर्देशित फिल्म राज़ी ११ मई को रिलीज़ होने जा रही है। 



हैप्पी होली पढ़ने के लिए क्लिक करें

सोनी टेलीविजन के एक्टर्स ने कहा - हैप्पी होली !

आशी सिंह- ये उन दिनों की बात है की नैना
इस बार मैं अपनी 'ये ​उन दिनों की बात है' की स्टारकास्ट के साथ ९० के दशक की स्टाइल में होली मनाउंगी। हमने सेट पर ९० के दशक के गानों पर डांस पार्टी रखने और गुलाल से होली खेलने की योजना भी बनाई है। पिछले साल की होली काफी यादगार थी, क्योंकि मुझे अपने दोस्तों के साथ होली खेलने का मौका मिला था और आमतौर मैं केवल अपने परिवार के साथ खेलती हूं। होली पर, मैंने अपने त्वचा का खास ख्याल रखती हूं और बालों की सुरक्षा करने के लिए उसमें सरसो का तेल लगाती हूं। इस बार, मैं शूटिंग करती रहूंगी लेकिन हां मैं होली के लिए वाकई काफी उत्साहित हूं।
तोरल रसपुत्रा- मेरे सांई की बाइजा 
मैं सुरक्षित और इकोफ्रेंडली होली मनाने में विश्वास करती हूं। इस साल मैंने अपने परिवार के साथ होली मनाने और ढेर सारी मिठाइयां खाने की योजना बनाई है। मैं दृढ़ता से मानती हूं कि हमें कम पानी के साथ और इकोफ्रेंडली होली खेलनी चाहिए और इस त्योहार के दौरान पानी की बर्बादी नहीं करनी चाहिए।
तेजस्वी प्रकाश- रिश्ता लिखेंगे हम नया की दीया 
मेरी सबसे यादगार होली बचपन में मेरे भाईयों के साथ थी। हम रंगीन पानी से गुब्बारे फुला लिया करते थे और फिर उन्हें एक-दूसरे पर फोड़ा करते थे। इस दिन पारिवारिक मेल-मिलाप होता था और त्योहार ही वे दिन हैं जब आप असल में अपने व्यस्त शेड्यूल से बाहर निकल सकते हैं। इस साल होली का उत्सव मैं निजी तौर पर मनाने जा रही हूं और मैं अपने परिवार और करीबी दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बिताउंगी। मैं पानी बचाने में विश्वास करती हूं, इस​ वजह से मैंने रंगों से होली खेलना बंद कर दिया है क्योंकि यह टिक जाते हैं आपकी त्वचा को प्रभावित और पानी बर्बाद करते हैं। होली के लिए मेरी स्किनकेयर का रूटीन रंग खेलने के लिए जाने से पहले ढेर सारा तेल लगाना है। अतीत में, एक अजीबोगरीब वाकया मेरे साथ हुआ, जब मैं ऑटो से सफर कर रही थी और एक अजनबी ने मेरे ऊपर पानी का गुब्बारा फोड़ दिया था। इससे मैं गुस्सा हो गई थी लेकिन मैंने हंसकर इसे टाल दिया था। मुझे भरोसा है, कि उसने इसे एक सुपर कूल त्योहार बनाया होगा! 
डॉनल बिष्ट- एक दीवाना था की शरण्या 
मुझे रंगों का त्योहार होली बहुत पसंद है। मुझे घर पर अपने परिवार और दोस्तों के साथ त्योहार मनाना बहुत पसंद है। होली एक ऐसा त्योहार है जिसे सबसे अच्छी तरह से अपने स्कूल और बचपन के दोस्तों के साथ मनाया जाता है। भीगना और रंगीन कपड़ों और बालों के साथ भागना एक बहुत प्यारा अनुभव है। यह पूरा उत्सव संगीत बजाने के लिए एक बैंड और बॉलीवुड गानों पर डांस किए बिना अधूरा है। मैं दिल्ली से हूं और इस त्योहार के समय में विभिन्न स्टॉल्स लगाए जाते हैं। मैं अपने दोस्त के घर जाते और और परिवार में सभी पर रंग फेंकते। मेरी एक खास मेमरी है, जब मां इस अवसर पर गुजिया बनाया करती थी और इस त्योहार से एक रात पहले हम सभी सदस्य एक साथ बैठ जाते थे और इसे मनाते थे। मैं निश्चित नहीं हूं कि इस साल मैं होली मनाने अपने घर जाउंगी या नहीं, लेकिन मुझे उम्मीद है कि मैं ऐसा कर पाउंगी। 
सोनारिका भदौरिया- पृथ्वी वल्लभ की मृणाल 
जब मैं छोटी बच्ची थी, तो मुझे खेलना बहुत पसंद था और मेरी होली का उत्सव काफी आॅर्गेनिक हुआ करता था। मेरी मां को चंदन से खेलने की आदत थी और वह फूलों को पीसकर रंग बना लिया करती थी। जब मैं बड़ी हुई, तो मैं यह उत्सव मनाना बंद कर दिया क्योंकि मैंने पाया कि ये उत्सव महिलाओं के प्रति अश्लील और असम्मानीय बन गए हैं। पिछली बार जब मैंने होली खेली थी, तब मैं ९ या १० साल की थी। हम होली के दौरान शूटिंग करते रहेंगे इसलिए मैंने चंदन लाने और अपने को-स्टार्स के साथ सेलिब्रेट करने की योजना बनाई है। मुझे 'होलिका दहन' का विचार भी बहुत पसंद है जिसे 'छोटी दिवाली' भी कहते हैं, इसकी अवधारणा और इतिहास की वजह से जो बताते हैं कि बुराई पर अच्छाई की जीत होती है। 
समीक्षा सिंह - पोरस' की ओलिम्पिया 
मुझे होली का एक किस्सा याद है जब मेरे कुछ दोस्तों ने मुझे भांग पिला दी थी और वह एक मजेदार अनुभव बन गया था। हम सभी ने डांस करना और हंसना शुरू कर दिया था और इसके बारे में मुझे अगले दिन पता चला जब मेरे दोस्तों ने मुझे इसके बारे में बताया। उसमें बहुत मजा आया था और अब भी हम उस वाकये को याद करके हंसते हैं। साथ ही, होली मुझे एक होली के गाने की भी याद दिलाती है, एक पंजाबी फिल्म के लिए जिसकी शूटिंग मैंने पांच दिन तक की थी। हमें पूरे दिन रंगों और पानी के साथ खेलना था। इस बार होली में, मैं शायद अपने शो के लिए शूटिंग करती रहूं और अपने को-एक्टर दोस्तों के साथ इसे मनाना चाहूंगी। मैं इस होली पर बिना शक्कर वाली मिठाईयां बनाने वाली हूं और सबको खिलाउंगी।


दो चुम्बनों का भूकंप : भारत पकिस्तान में झटके !

हिंदुस्तान से लेकर पाकिस्तान तक, चुम्बनों ने तहलका मचा रखा है। हालाँकि, चुम्बन सिर्फ दो ही हैं, पर हिंदुस्तान से पाकिस्तान तक जलजला आ गया । पहले खबर बनी हिंदुस्तान में । रियलिटी शो वॉयस ऑफ़ इंडिया किड्स के होली एपिसोड में पपोन एक टीनएज लड़की के गालों में गुलाल लगाने के बाद उसे चूमते नज़र आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि पपोन ने उस लड़की के होंठों का जबरन चुम्बन लिया, जबकि पपोन उसे कैमरा एंगल बता रहे हैं। इस बारे में पपोन ने अपना एक स्टेटमेंट जारी कर सफाई भी दी है। परन्तु तूफ़ान है कि भूचाल में परिवर्तित हो चुका है। पपोन के खिलाफ पुलिस कंप्लेंट की गई है। बॉलीवुड की हस्तियाँ पपोन के काम की आलोचना करते हुए, उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं। फिलहाल, खबर है कि पपोन को शो से हटा दिया गया है। इस लिहाज़ से पाकिस्तान में स्थिति यहाँ तक नहीं पहुंची है। घटना लक्स स्टाइल अवार्ड्स २०१८ की है। अपना पुरस्कार लेने के बाद महिरा खान एक्टर जावेद शैख़ की तरफ गई। उन्होंने जावेद से हाथ मिलाया। इसी समय जावेद शैख़ अपना पोउट बना कर माहिरा के चेहरे की ओर झुके। लेकिन माहिर ने चेहरा घुमा लिया और दूसरी ओर बढ़ी गई। लेकिन, सोशल मीडिया पर यह विडियो वायरल हो गया। जावेद शैख़ की आलोचना होने लगी। हालाँकि, माहिरा ने जावेद को मेंटर बताते हुए स्थिति सम्हालने की कोशिश की। लेकिन, आलोचक मानने को तैयार नहीं। इससे साफ़ है कि भारत और पाकिस्तान में दो बड़े चुम्बन झटकों के बाद छोटे छोटे झटके आते रहेंगे। 




वायरल हो रहा है कंगना रनौत का लक्ष्मीबाई लुक

मार्च से कंगना रानौत का चोला बदल जायेगा। मणिकर्णिका के पूरी हो जाने के बाद, वह रानी झांसी की राजसी वेशभूषा उतार कर एक सामान्य नज़र आने वाली लड़की की असामान्य भूमिका करने लगेंगी। यह फिल्म तेलुगु फिल्म निर्माता के राघवेन्द्र राव के बेटे प्रकाश कोवेलामुडी की बतौर डायरेक्टर पहली हिंदी फिल्म होगी। प्रकाश ने अपनी पहली तेलुगु फिल्म बोम्मलता के लिए श्रेष्ठ तेलुगु फिल्म का ५३वा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता था। बोम्मलता की बाल फिल्म एक कठपुतली नचाने वाले परिवार के बेटे की कहानी थी, जो पढ़ना चाहती हैं। लेकिन, उसकी ज़िन्दगी उस समय नरक हो जाती है, जब वह इम्तिहान में मुखिया के लडके से ज्यादा नंबर लाता है। प्रकाश की हिंदी फिल्म तेज़ रफ़्तार थ्रिलर फिल्म है। इस फिल्म की कहानी दो मुख्य किरदारों पर केन्द्रित है। इस भूमिका को परदे पर कंगना रानौत रही हैं और उनके जोड़ीदार क्वीन (२०१४) के राजकुमार राव है। इस फिल्म का निर्माण शैलेश आर सिंह और एकता कपूर कर रहे हैं। राजकुमार राव, इस समय एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा और स्त्री फिल्मों में अभिनय कर रहे हैं। कंगना रानौत इस समय जोधपुर में फिल्म मणिकर्णिका : द क्वीन ऑफ़ झाँसी की शूटिंग कर रही हैं। इस फिल्म में उनके सेट्स पर झाँसी की रानी की वेशभूषा में चित्र सोशल साइट्स पर वायरल हो रहे हैं। इन चित्रों में वह रानी लक्ष्मीबाई को साकार करती लग रही हैं। कृष निर्देशित मणिकर्णिका की रिलीज़ की तारीख़ अभी तय नहीं हुई है। 



महाकाली- अंत ही प्रारम्भ है का पूरा कैलाश परिवार

सौरभ राज जैन, कृष चौहान, पूजा शर्मा, मेघन जाधव और कन्नन मल्होत्रा 
ऊपर के चित्र में कलर्स के शो महाकाली अंत ही प्रारंभ है के एक्टर नज़र आ रहे हैं। फिल्म में पारवती की भूमिका करने वाली अभिनेत्री पूजा शर्मा ने यह चित्र इंस्टाग्राम पर पोस्ट  करते हुए लिखा-  पूरा कैलाश  परिवार। इस चित्र में रील लाइफ महादेव, गणेशपार्वती, कार्तिकेय और विष्णु नज़र आ रहे हैं।  सीरियल में इन भूमिकाओं को जिन एक्टर्स ने किया है, उनका संक्षिप्त परिचय निम्न है -
पूजा शर्मा (पार्वती/महाकाली) - महाभारत में द्रौपदी की भूमिका ने पूजा शर्मा को मशहूर कर दिया था।  दिल्ली की पूजा ने मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत की थी।  वह दूरदर्शन के लिए स्पोर्ट्स टॉक शो करती थी। फेमिना  मिस इंडिया २००६ के दस फाइनलिस्टो में पूजा शर्मा का नाम भी था।
सौरभ राज जैन (महादेव)- सौरभ राज जैन ने स्टार वन से प्रसारित शो रीमिक्स से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी।  उतरन के युवराज वीर सिंह  बुंदेला की खल भूमिका से वह काफी चर्चित हुए।  लेकिन, दर्शकों द्वारा उन्हें पसंद किया गया कलर्स टीवी के धार्मिक शो जय श्री कृष्ण और लाइफ ओके के देवों के देव महादेव  के विष्णु और स्टार प्लस के महाभारत के कृष्ण/विष्णु के तौर पर उन्हें ज़्यादा पसंद किया गया। पिछले साल रिलीज़ तेलुगु फिल्म ओम नमः वेंकटेशाय में भगवान वेंकटेश्वर की भूमिका इसी शोहरत का नतीजा थी।
मेघन जाधव (कार्तिकेय)- मुंबई के एक्टर मेघन  जाधव ने टेलीविज़न और फिल्मों में बाल भूमिकाओं से करियर की शुरुआत की।  इतिहास के स्नातक और साहित्य के परस्नातक मेघन जाधव ने धार्मिक सीरियलों में कई पौराणिक चरित्र किये है।  सीरियल रावण में बाल विभीषण, जय श्रीकृष्ण में कान्हा और सूर्य पुत्र कर्ण में अभिमन्यु की भूमिका कर चुके मेघन अब शिव  और पार्वती के बेटे कार्तिकेय की भूमिका में नज़र आ रहे हैं।
कृष चौहान (गणेश)- महाकाली में विनायक/गणेश की भूमिका कर रहे कृष चौहान ने इससे पहले संकटमोचन महाबली हनुमान में बाल हनुमान के अलावा बद्तमीज़ दिल, बिन कुछ कहे में भी अभिनय किया है।
कन्नन मल्होत्रा (भगवान विष्णु)- दिल्ली के ३१ साल के कन्नन ने २०१० में स्टार प्लस के शो चाँद छुपा बादल में से अपने करियर की शुरुआत की। वह अब तक सवारे अपने सपने-प्रीतो, अपनो के लिए गीता का धर्मयुद्ध, रब से सोहना इश्क़, आज फिर जीने की तमन्ना है और प्यार तूने क्या किया जैसे सामाजिक शो करने के धार्मिक शो सूर्यपुत्र कर्ण में युधिष्ठिर की भूमिका कर चुके हैं।  आजकल वह विष्णु की भूमिका में छाये हुए हैं।   


अदिति राव हैदरी का तमिलडेब्यू – पढ़ने के लिए क्लिक करें 

गहन रोमांस फिल्म सम्मोहनम से अदिति राव हैदरी का तमिल डेब्यू

बॉलीवुड की यह साली ज़िन्दगी, लन्दन पेरिस न्यू यॉर्क और मर्डर ३ जैसी फिल्मों की अभिनेत्री अदिति राव हैदरी को इसी साल, संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत में अलाउद्दीन खिलजी की बीवी मेहरुन्निसा की भूमिका में देखा गया था। आजकल अदिति राव हैदरी तेलुगु फिल्म सम्मोहनम की शूटिंग कर रही हैं। यह अदिति के करियर की बतौर नायिका पहली तेलुगु फिल्म है। अदिति के फिल्म करियर की शुरुआत मलयालम फिल्म प्रजापति से हुई थी। अदिति ने हिंदी में ज्यादा फ़िल्में रोमांटिक की हैं। लेकिन, उनके खाते में वज़ीर जैसी लीक से हट कर फ़िल्में भी दर्ज हैं। तमिल फिल्म सम्मोहनम नई पीढ़ी के रोमांस वाली फिल्म है। यह फिल्म एक जोड़े के प्रेम की गहराई को दर्शाने वाली है। इस फिल्म में कॉमेडी और ड्रामा भी है। फिल्म के निर्माता और निर्देशक मोहन कृष्ण इन्द्रगंती हैं। इस फिल्म में अदिति की रोमांटिक जोड़ी सुधीर बाबु के साथ बनी हैं। फिल्म की ८० प्रतिशत शूटिंग हैदराबाद में पूरी हो चुकी है। उम्मीद की जा रही है कि होली से पहले यह फिल्म पूरी हो जायेगी। सम्मोहनम में नरेश, तानिकेल्ला भरनी, पवित्र लोकेश, राहुल रामकृष्ण और नंदू को भी शामिल किया गया हैं। 



१७ साल बाद सैफ के साथ माधवन और सोनाक्षी का कैमिया

सैफ अली खान और आर माधवन एक दूसरे के खिलाफ तलवार भांजने जा रहे हैं। उनका यह मुकाबला १७ साल बाद होगा। २००१ में रिलीज़ निर्माता वाशु भगनानी की रोमांस ड्रामा फिल्म रहना है तेरे दिल में में सैफ अली खान और आर माधवन के करैक्टर एक ही लड़की दिया मिर्ज़ा से रोमांस करते हैं। दोनों अपने कॉलेज के बॉक्सर हैं। गौतम निर्देशित इस फिल्म का संगीत हिट हुआ था। यह फिल्म तमिल फिल्म मिन्नाले का रीमेक थी। इस फिल्म से, आर माधवन का हिंदी फिल्म डेब्यू हुआ था। यह फिल्म सैफ और माधवन के चरित्रों के टकराव के कारण दिलचस्प बन गई थी। सैफ अली खान उस समय तक हिंदी फिल्मों में कदम जमा चुके थे। इसके बावजूद माधवन ने अपनी पहली फिल्म में ही सैफ को कड़ी टक्कर दी थी। इस फिल्म को रिलीज़ हुए १७ साल हो चुके है। अब खबर है कि सैफ अली खान और आर माधवन की मरदाना जोड़ी एक बार फिर बनने जा रही है। वह निर्माता आनंद एल राज की एनएच १० के निर्देशक नवदीप सिंह निर्देशित अनाम फिल्म में दो ऐतिहासिक चरित्र करते नज़र आयेंगे। इस भूमिका के लिए दोनों को राजसी पोशाकें तो पहननी ही होंगी, तलवारबाजी भी खूब करनी होंगी। फिल्म में इन दोनों का लुक काफी अलग होगा, इसलिए प्रोस्थेटिक मेकअप का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी फिल्म में सोनाक्षी सिन्हा का कैमिया हो रहा है। लेकिन, यह कैमिया फिल्म में बड़ा ख़ास होगा। सूत्र बताते हैं कि सोनाक्षी सिन्हा के परदे पर आने के बाद कहानी में अहम् मोड़ आएगा। यह भी खबर है कि सोनाक्षी सिन्हा ने अपने हिस्से की शूटिंग राजस्थान में शुरू भी कर दी है। बुलेट राजा के बाद सोनाक्षी सिन्हा और सैफ अली खान फिर साथ आ रहे है। फिल्म की नायिका जोया 'मुक्काबाज़' हुसैन हैं। दीपक डोबरियाल का भी अहम् किरदार है। दीपक डोबरियाल तनु वेड्स मनु में माधवन के साथ और ओमकारा में सैफ अली खान के साथ अभिनय कर चुके हैं। सोनाक्षी सिन्हा की, दिलजीत दोसांझ के साथ कॉमेडी फिल्म वेलकम टू न्यू यॉर्क इस शुक्रवार रिलीज़ हुई है। उनकी एक फिल्म हैप्पी भाग जायेगी भी इसी साल रिलीज़ होगी। 

१९वी शताब्दी की मुंबई की राजनेता-अपराधी गठजोड़ का सेक्रेड गेम्स

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शीघ्र रिलीज़ होने जा रही सीरीज सेक्रेड गेम्स का फर्स्ट लुक कहानी की गहराई और प्रभाव को दर्शाने वाला है।  यह सीरीज, पत्रकार विक्रम चंद्र के क्राइम थ्रिलर उपन्यास सेक्रेड गेम्स पर आधारित है।  यह नेटफ्लिक्स की उन तीन मौलिक सीरीज की पहली फिल्म है, जो भारत में भारत के निर्माताओं द्वारा भारतीय कलाकारों के साथ बनाई जा रही हैं।   आठ घंटे की इस सीरीज का निर्देशन अनुराग कश्यप और विक्रमदित्य मोटवाने द्वारा किया जा रहा है।  यह फिल्म इनकी कंपनी फैंटम फिल्म्स द्वारा ही बनाई जा रही है।  मुंबई का तिरस्कृत पुलिस अधिकारी सरताज सिंह को किसी अज्ञात  सूत्र से अपराधियों के एक सरगना गणेश गायतोण्डे के बारे में पता चलता है।  जब, वह इस सूत्र पर आगे बढ़ता है तो पता चलता है कि अपराध गायतोण्डे तक सीमित नहीं।  इसकी  कड़ियों में बहुत से और बड़े लोग शामिल  हैं।  विक्रम चंद्रा का यह उपन्यास २००६ में प्रकाशित  हुआ था। यह उपन्यास, १९वी शताब्दी की मुंबई, इसके भाईअपराध और अपराधी-राजनेताओं के गठजोड़ का व्योरा था।  इस उपन्यास पर फिल्म में सरताज सिंह की  भूमिका सैफ अली खान, गणेश गायतोण्डे नवाज़उद्दीन सिद्दीकी और राधिका आप्टे ने रॉ की एनालिस्ट की भूमिका की है ।  यह पहली ऐसी सीरीज है, जिसमे बॉलीवुड के एक बड़े अभिनेता ने अभिनय किया है।  यह सीरीज हिंदी और इंग्लिश में एक एक घंटे के आठ एपिसोड में प्रसारित होगी।


सोशल साइट्स पर बॉलीवुड सुंदरियाँ- पढ़ने के लिए क्लिक करें

Thursday, 22 February 2018

सोशल साइट्स पर बॉलीवुड सुंदरियाँ

ऐश्वर्या राय बच्चन 

नेहा धूपिया 

रिया चक्रवर्ती 

सैयमी खेर 

सुष्मिता सेन 

यामी गौतम 




नमस्ते इंग्लैंड के लिए स्वर्ण मंदिर में अर्जुन कपूर और परिणीती चोपड़ा

नमस्ते इंग्लैंड  का आज से आगाज़ हो गया।  इस फिल्म की शूटिंग के लिए, अमृतसर पहुंचे फिल्म के सितारों ने फिल्म की शूटिंग से पहले हरमिंदर साहब जा कर मत्था टेका।  चित्र में अर्जुन कपूर और परिणीति चोपड़ा के साथ फिल्मकार विपुल अमृतलाल शाह  स्वर्ण मंदिर परिसर में दिखाई दे रहे हैं।  नमस्ते इंग्लैंड की  अर्जुन कपूर और परिणीति चोपड़ा की जोड़ी दूसरी बार बन रही है।  इस जोड़ी को दर्शकों ने फिल्म इशकज़ादे (२०१२) में काफी पसंद किया था।  फिल्म की शूटिंग अमृतसर और  लुधियाना के बाद ब्रुसेल्स, लंदन और मुंबई में भी होगी। इस फिल्म का निर्देशन अक्षय कुमार और कैटरीना कैफ की फिल्म नमस्ते लंदन के निर्देशक विपुल अमृतलाल शाह ही कर रहे हैं।  लेकिन, यह फिल्म नमस्ते लंदन की सीक्वल फिल्म नहीं होगी। 




मेरे हर कदम का विरोध किया गया - मुकेश खन्ना

चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटी औफ इंडिया के चेयरमैन मुकेश खन्ना ने तो अपना कार्यकाल खत्म होने के दो माह पहले ही सूचना प्रसारण मंत्रालय व केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति इरानी की कार्यशैली के विरोध में त्यागपत्र दे दिया. कई फिल्मों के अलावा कई सीरियलों में अभिनय कर चुके मुकेश खन्ना की पहचान शक्तिमानके रूप में होती है. मुकेश खन्ना ने बच्चों के लिए शक्तिमाननामक सीरियल का निर्माण और उसमें पहले भारतीय सुपर हीरो शक्तिमान का मुख्य किरदार भी निभाया था. यह सीरियल पूरे सात वर्ष तक प्रसारित हुआ. आज भी शक्तिमानबच्चों का सबसे पसंदीदा सीरियल माना जाता है. लगभग तीन वर्ष पहले जब मुकेश खन्ना को चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटीका चेयरमैन बनाया गया था, तब उम्मीद जगी थी कि अब बच्चों के लिए कुछ बेहतरीन फिल्मों का निर्माण चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटीकरेगी. मगर परिणाम वही ढाक के तीन पात रहे. अब अपने पद से त्यागपत्र देने के बाद मुकेश खन्ना ने बताया कि उन्हे बच्चों के लिए बेहतर काम करने के लिए सूचना प्रसारण मंत्रालय और इस मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों से आपेक्षित सहयोग नहीं मिला. मुकेश खन्ना का दावा है कि उनके हर कदम का विरोध किया गया.
मुकेश खन्ना कहते हैं- ‘‘केंद्र में नई सरकार बनने के बाद मेरे पास पुणे फिल्म इंस्टीट्यूटऔर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्डमें से किसी एक का चेयरमैन बनने का प्रस्ताव आया था. मैने बड़ी विनम्रता से इंकार कर दिया था. उसके बाद मेरे पास चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटीका चेयरमैन बनने का प्रस्ताव आया. दो दिन मैने सोचा, तो मुझे लगा कि चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटीसे जुड़कर मैं बच्चों के लिए कुछ अच्छी फिल्मों का निर्माण कर सकता हूं.’’
मुकेश खन्ना आगे कहते हैं- ‘‘मगर मेरे अनुभव बहुत ही खराब व दुःखदायी रहे. चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटीका चेयरमैन बनने के बाद मैने पाया कि हालात ऐसे हैं कि कोई भी चेयरमैन बच्चों के लिए कुछ कर ही नहीं सकता. मैने देखा कि चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटीने अब तक 260 फिल्मों का निर्माण किया है, पर सभी कलात्मक सिनेमाऔर फेस्टिवलवाली फिल्में है, जिन्हें बच्चें तो क्या बूढ़ा भी न देखना चाहे. मैने अपने तरीके से चीजों को सही करने का प्रयास किया. मैने सबसे पहले फिल्मों की पटकथा चयन करने वाली में बदलाव कर कुछ समझदार व अच्छे लोगों को जोडा. काफी मशक्कत के बाद करीबन 12 फिल्मों को स्वीकृति प्रदान की. इनमें से चार एनीमेशन फिल्में हैं. पर मसला बजट का अड़ गया. चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटीको प्रति वर्ष फिल्मों का निर्माण करने के लिए दस करोड़ रूपए मिलते हैं. इनमें से एक करोड़ रूपए उत्तरपूर्वी भारतकी फिल्म के लिए होता है. अब आप बताएं कि इस युग में इतने कम पैसे में बेहतर सिनेमा कैसे बनेगा? खैर,हमने कुल चार फिल्मों का निर्माण किया. पर समस्या यह आ गयी कि इनका वितरण कैसे किया जाए. जब तक यह फिल्में सही ढंग से सिनेमा घरों में रिलीज नहीं होंगी, बच्चों को इन फिल्मों की जानकारी नहीं मिलेगी, बच्चे यह फिल्में नहीं देखेंगे, तब तक इनका निर्माण बेकार है. मगर फिल्म के प्रमोशन और उन्हे सिनेमाघर में रिलीज करने के लिए चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटीके पास कोई बजट नही है.’’
मुकेश खन्ना आगे कहते हैं- ‘‘हमने इसका रास्ता निकालने के लिए प्रयास किए और बड़ी मशक्कत के बाद यह नियम बनवाया कि चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटीकी फिल्म को निजी निर्माता के साथ मिलकर सिनेमाघर में पहुंचाया जाए. पर इसमें भी मंत्रालय के अधिकारी कई तरह के रोड़े डालते रहते हैं.’’
मुकेश खन्ना आगे कहते हैं- ‘‘जब मैने चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटी’’ के चेयरमैन का पद संभाला, तो उस वक्त सूचना प्रसारण मंत्री अरूण जेटली थे. उनसे मेरा परिचय शक्तिमानके निर्माण के दौरान से रहा है. तो उन्होने मेरी बातों को सुना और उस पर अमल करने का आश्वासन दिया. पर कुछ काम होता, उससे पहले उनके हाथ से मंत्रालय चला गया. फिर वेंकैया नायडू आए. उनसे भी पहचान रही है. उन्हे भी मेरे सुझाव पसंद आए. कुछ काम हुआ भी. पर बात आगे बढ़ती, उससे पहले ही वह उपराष्ट्रपति बन गए. अब सूचना प्रसारण मंत्री के रूप में स्मृति ईरानी आ गयी. उनके आने के बाद तो मेरे लिए काम करना बहुत मुश्किल हो गया. अब तो सेक्रेटरी, ज्वाइंट सेक्रेटरी सहित सभी कई तरह के कानून का हवाला देकर मेरे हर कदम का विरोध करने लगे. कह दिया कि फिल्म को सिनेमाघर में प्रदर्शित करने के लिए पहले टेंडर मंगवाइए, वगैरह वगैरह. मैने सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी से मिलने का वक्त मांगा. मगर स्मृति जी ने मेरे पत्र को पाने की सूचना देना भी उचित नहीं समझा. पूरे चार माह तक इंतजार करने के बाद मैने चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटीके चेयरमैन पद से त्यागपत्र देने का निर्णय लेते हुए अपना त्यागपत्र भेज दिया. पूरे सत्रह दिन तक मैं चुप रहा. सत्रह दिन बाद चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटीके सीईओ के पास पत्र आया कि चेयरमैन के पद से मेरा त्यागपत्र मंजूर कर लिया गया है. दुःख की बात यह है कि मंत्री महोदया ने मेरा त्यागपत्र स्वीकार करने से पहले यह भी नही पूछा कि मुझे ऐसा करने की जरुरत क्यों पड़ी?
मुकेश खन्ना कहते हैं- ‘‘मैं महसूस कर रहा हूं कि यहां किसी की कोई सुनवायी नही है. जब चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटीके चेयरमैन को मिलने के लिए सूचना प्रसारण मंत्रीसमय नहीं दे सकती, तो काम कैसे होगा? सब कुछ ठप्प सा हो गया है.’’