भारतीय भाषाओँ हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, पंजाबी, आदि की फिल्मो के बारे में जानकारी आवश्यक क्यों है ? हॉलीवुड की फिल्मों का भी बड़ा प्रभाव है. उस पर डिजिटल माध्यम ने मनोरंजन की दुनिया में क्रांति ला दी है. इसलिए इन सब के बारे में जानना आवश्यक है. फिल्म ही फिल्म इन सब की जानकारी देने का ऐसा ही एक प्रयास है.
Sunday, 14 September 2025
राष्ट्रीय सहारा १४ सितम्बर २०२५
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
अमिताभ बच्चन कमल हासन "गिरफ्तार"
अमिताभ बच्चन, कमल हासन, रजनीकांत, पूनम ढिल्लों, माधवी, रंजीत, शक्ति कपूर, कादर खान, निरूपा रॉय, अरुणा ईरानी, राबिया अमीन, रेनू जोशी, ओम शिवपुरी, सत्येन्द्र कपूर, पिंचू कपूर, शरत सक्सेना, जीवन, जगदीश राज, मास्टर रवि, माणिक ईरानी, मास्टर सुरेश, बॉब क्रिस्टो, विजय कुमार, तेज सप्रू, आदि सितारों से सजी फिल्म गिरफ्तार १३ सितम्बर १९८५ को प्रदर्शित हुई थी। इस फिल्म को बॉलीवुड के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन की दक्षिण के दो सुपरस्टारों कमल हासन और रजनीकांत के साथ तिकड़ी के लिए याद किया जाता है।
गिरफ्तार का निर्माण १ करोड़ ७८ लाख के बजट से हुआ था। इस फिल्म ने भारत में ३ करोड़ ८० लाख का विशुद्ध व्यवसाय किया था। फिल्म ने पहले दिन १० लाख का नेट किया था। फिल्म ने पहले सप्ताह में ७४ लाख का विशुद्ध व्यवसाय किया था।
निर्देशक एस रामनाथन ने कुछ कन्नड़ फिल्मों का निर्देशन किया था। उनकी हिंदी में निर्देशित पहली फिल्म बॉम्बे टू गोवा थी। यह फिल्म तमिल हिट मद्रास टू पॉन्डिचेरी की रीमेक फिल्म थी। रामनाथन ने अपनी पहली हिंदी फिल्म का नायक अमिताभ बच्चन को बनाया था। उस समय तक अमिताभ बच्चन सह भूमिकाये ही किया करते थे। बॉम्बे टू गोवा अमिताभ बच्चन के फिल्म जीवन की पहली हिट फिल्म थी। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन की नायिका अरुणा ईरानी को भी पहली बार नायिका की भूमिका मिली थी।
गिरफ्तार के निर्माण के समय अमिताभ बच्चन ने फिल्मों में काम करना बंद कर दिया था। यहाँ तक कि उन्होंने पहले से हाथ में कुछ प्रोजेक्ट्स से भी हाथ खींच लिए थे । लेकिन, अमिताभ बच्चन रामनाथन द्वारा उन्हें बॉम्बे टू गोवा जैसी हिट फिल्म का नायक बनाये जाने से उनके एहसानमंद थे। उन्होंने रामनाथन से वादा किया था कि जब वह निर्माता के रूप में कोई फिल्म बनाएंगे तो वह उस फिल्म के नायक बनेंगे। इसलिए अमिताभ, एस रामनाथन की पहली हिंदी फिल्म को इंकार नहीं कर सके।
एक फिल्म करने का वादा कर लिया था, इसलिए उन्होंने अपना वादा पूरा कर दिया। टीनू आनंद अमिताभ बच्चन को शहेंशा में अभिनय करने के लिए मनाने के लिए गेरेफ़्टार के सेट पर उनका पीछा करते थे और आख़िरकार अमिताभ बच्चन सहमत हो गए। अमिताभ बच्चन की भूमिका पहले अतिथि भूमिका में होनी थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ा दिया गया।
फिल्म गिरफ्तार, कमल हासन और रजनीकांत की एक साथ अंतिम फिल्म थी। यह एकमात्र हिंदी फिल्म है, जिसमें यह दोनों अभिनेता साथ नज़र आए। किन्तु, इस फिल्म में रजनीकांत और कमल हासन के कोई भी दृश्य एक साथ नहीं थे । दोनों अलग अलग फ्रेमों में ही दिखाई दिये। यद्यपि, कमल हासन और रजनीकांत ने पांच अलग अलग भाषाओँ की १६ फ़िल्में साथ साथ की।
गिरफ्तार एकमात्र ऐसी फिल्म है जिसमें भारतीय फिल्म उद्योग के तीन शीर्ष के अभिनेता अमिताभ बच्चन, कमल हासन और रजनीकांत एक साथ आये थे । हालाँकि, कमल हासन केवल अमिताभ बच्चन के साथ दिखाई दिए, रजनीकांत के साथ नहीं। इस फिल्म के बाद, कभी भी इन तीनों की एक साथ कोई भी फिल्म नहीं आई।
एक रोचक तथ्य यह है कि रामनाथन की गिरफ्तार से पहले गिरफ्तार शीर्षक के साथ एक फिल्म बनाई जा रही थी। किन्तु, संजीव कुमार, जीतेंद्र, रीना रॉय अभिनीत, राहुल देव बर्मन द्वारा संगीतबद्ध तथा वी.के. सोबती द्वारा निर्देशित यह फिल्म बंद हो गई। बाद में यह शीर्षक रामनाथन के पास चला गया।
चरित्र अभिनेता और धार्मिक फिल्मों के नारद जीवन की अंतिम फिल्मों में से एक गिरफ्तार भी थी। फिल्म में जीवन ने, राबिया अमीन के रील चरित्र लूसी के पिता की भूमिका की थी।
यह आखिरी फिल्म थी जिसमें सत्येन कपूर ने अमिताभ बच्चन के पिता की भूमिका निभाई थी। सत्येन कप्पू ने १९७३ में प्रकाश मेहरा की फिल्म ज़ंजीर में अमिताभ बच्चन के पालक पिता की भूमिका निभाई थी। इसके बाद, १९७५ में यश चोपड़ा की फिल्म दीवार, १९८३ में मनमोहन देसाई की कुली और १९८५ में मनमोहन देसाई की ही फिल्म मर्द में दत्तक पिता की भूमिका निभाई। इसी कड़ी में प्रयाग राज की गिरफ्तार में भी काम किया। इन सभी फिल्मों में से दोनों अभिनेताओं ने केवल कुली और मर्द में ही स्क्रीन स्पेस साझा किया था ।
गिरफ्तार, ऐसी दुर्लभ फिल्म है, जिसमे अमिताभ बच्चन के चरित्र का नाम विजय नहीं था। बल्कि, उनके सामने दुसरे अभिनेता के चरित्र को विजय नाम दिया गया था। इन फिल्मों में रेशमा और शेरा में विनोद खन्ना, परवाना में अनवर अली, कभी कभी में शशि कपूर, अंधा कानून में रजनीकांत, गिरफ्तार में शरत सक्सेना, हम में गोविंदा, और इंद्रजीत में कुमार गौरव के चरित्र का नाम विजय था। फिल्म गिरफ्तार में अमिताभ बच्चन का नाम करण था।
रजनीकांत से एक फाइट सीन के दौरान बॉब क्रिस्टो की बाईं आँख में चोट लग गई थी । उनकी हालत इतनी खराब थी कि क्रिस्टो को सर्जरी के लिए जर्मनी जाना पड़ा था।
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
#PawanKalyan की #TheyCalHimOG को झटका !
तेलुगु सुपरस्टार पवन कल्याण की गैंगस्टर एक्शन थ्रिलर दे कॉल हिम ओजी इस वर्ष की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक है। पवन कल्याण के प्रशंसकों के बीच, खासकर तेलुगु राज्यों में, खूब चर्चा बटोर रही है। तेलुगु पेटी में इस फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन की आशा की जा रही है।
तेलुगु बाज़ार में इस फिल्म की बॉक्स ऑफिस क्षमता निर्विवाद है। इस चर्चा को देखते हुए, इस फिल्म को हिंदी बाज़ार में पवन कल्याण की सफल फिल्मों में सम्मिलित किया जा रहा था । फिल्म में इमरान हाशमी की उपस्थिति सकारात्मक थी ।
ताज़ा रिपोर्ट्स बताती हैं कि फिल्म की हिंदी रिलीज़ की योजना को बड़ा झटका लगा है। रिपोर्ट्स के अनुसार ओजी को उत्तरी क्षेत्र में सीमित रिलीज़ के लिए तैयार किया गया है, क्योंकि फिल्म मल्टीप्लेक्स चेन में जगह नहीं बना पा रही है । इसका प्रमुख कारण यह नहीं है कि २५ सितम्बर को बॉलीवुड की कोई बड़ी फिल्म प्रदर्शित होने जा रही है। क्योंकि, इस दिन कोई भी मंझोले दर्जे की फिल्म भी प्रदर्शित नहीं हो रही है। ऎसी अपेक्षा भी नहीं है कि अक्षय कुमार की कोर्ट रूम कॉमेडी ड्रामा फिल्म जॉली एलएलबी ३ एक सप्ताह पूर्व प्रदर्शित हो कर हिंदी पेटी के दर्शकों पर पकड़ बना लेगी।
ओजी का हिंदी पेटी के मल्टीप्लेक्स चेन में प्रदर्शित न हो पाया प्रदर्शन उद्योग के नियम है। इनके अनुसार, किसी भी भाषा की किसी भी फिल्म को हिंदी सर्किट में मल्टीप्लेक्स रिलीज़ तभी मिल पाएगी, जब उसे ओटीटी स्ट्रीमिंग पर जाने से पहले कम से कम आठ हफ़्ते तक सिनेमाघरों में चलना होगा। अर्थात कोई भी फिल्म हिंदी पेटी में प्रदर्शन के आठ सप्ताह पश्चात् ही ओटीटी पर भेजी जा सकती है।
जबकि, ओजी अथवा दक्षिण की अन्य अधिकतर फ़िल्में ओटीटी प्लेटफार्म से छविगृहों में प्रदर्शन के चार सप्ताह बाद ओटीटी पर अपनी फिल्म देने का समझौता कर चुकी होती है। ओजी ने भी ऐसा ही समझौता कर रखा है। इसलिए पवन कल्याण की फिल्म मल्टीप्लेक्स छविगृहों में हिंदी संस्करणों में रिलीज़ नहीं हो पाएगी । इसीलिए समाचारों के अनुसार, पवन कल्याण तेलुगु राज्यों के बाहर अपनी फ़िल्म का प्रचार नहीं करेंगे।
यह उत्तर भारत में ओजी की बॉक्स ऑफिस संभावनाओं के लिए एक बड़ा झटका है। हिंदी पेटी में मल्टीप्लेक्स से बाहर होने के कारण, फ़िल्म को सिंगल स्क्रीन पर भी ज़्यादा सफलता मिलने की संभावना नहीं है। चुनौती को और बढ़ाते हुए, अक्षय कुमार और अरशद वारसी की बहुप्रतीक्षित कॉमेडी ड्रामा जॉली एलएलबी 3 ओजी से ठीक एक हफ़्ते पहले सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है, जिससे बड़े केंद्रों के ज़रिए हिंदी बाज़ार में इसकी छाप छोड़ने की संभावना और कम हो गई है।
यद्यपि 'दे कॉल हिम ओजी' को अपने घरेलू बाज़ारों में बड़ी कमाई की उम्मीद है, लेकिन हिंदी रिलीज़ में आई रुकावट इसकी अखिल भारतीय क्षमता को काफ़ी सीमित कर देगी, जो ख़ास तौर पर इमरान हाशमी के प्रशंसकों के लिए निराशाजनक है, जिनकी युवाओं में अच्छी ख़ासी फैन फॉलोइंग है।
डीवीवी एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित फिल्म ओजी में प्रियंका अरुल मोहन भी मुख्य भूमिका में हैं। साहो फेम सुजीत द्वारा निर्देशित यह फिल्म २५ सितंबर को कई भाषाओं में रिलीज़ होने वाली है।
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
#DemonSlayer:InfinityCastleले गई दिल फिल्म जापान की
जापानी एनीमेशन फिल्म डेमन स्लेयर: इन्फिनिटी कैसल इस साल देश में सबसे बड़ी प्री-सेल्स में से एक दर्ज करने के बाद, भारतीय बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार शुरुआत की ओर बढ़ रही है। भारत में एनीमेशन शैली के अप्रत्याशित उदय को इन्फिनिटी कैसल ने अगले पड़ाव पर पहुँचा दिया है। यह टिकेटों की प्री-सेल्स के आधार पर सबसे बड़ी गैर-हॉलीवुड फिल्म बन गई है।
हारुओ सोतोज़ाकी द्वारा निर्देशित, इस फिल्म ने भारत में पहले दिन और सप्ताहांत दोनों में किसी भी एनीमेशन फिल्म की अब तक की सबसे बड़ी प्री-सेल्स दर्ज की है। २०२५ में प्रदर्शित फिल्मों में, डेमन स्लेयर तीन राष्ट्रीय श्रृंखलाओं (पीवीआर, आईनॉक्स और सिनेपोलिस) में बेचे गए टिकटों के मामले में इस साल तीसरी सबसे बड़ी प्री-सेल्स फिल्म है।
इसे समझने के लिए, राष्ट्रीय स्तर पर रिलीज़ हुई अन्य प्रमुख फ़िल्मों की तुलना में इन्फिनिटी कैसल की प्रीसेल्स पर दृष्टि डालना उपयुक्त होगा। इन फिल्मों में द कॉन्ज्यूरिंग ४ के २ लाख २७ हजार टिकट, छावा २ अलख २३ हजार टिकट, डेमन स्लेयर: इन्फिनिटी कैसल के २ लाख टिकट, सैय्यारा के १ लाख ८३ हजार टिकट और मिशन इम्पॉसिबल ८ के १ लाख ६५ हजार टिकट प्रीसेल्स में बेचे गए। इन आँकड़ों में डेमन स्लेयर साल की प्री-सेल रैंकिंग में तीसरे स्थान पर है, जो केवल हॉलीवुड हॉरर फ़िल्म द कॉन्ज्यूरिंग ४ और विक्की कौशल की ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर फिल्म छावा से पीछे है।
दो घंटा ३५ मिनट लम्बी यह फिल्म देश में १७ सौ स्क्रीन पर प्रदर्शित हो रही है। इस फिल्म ने पहले दिन १३ करोड़ का विशुद्ध व्यवसाय किया। शनिवार को फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर १३.९२ करोड़ का नेट किया। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि एनीमेशन फिल्म महावतार नरसिंह के बाद यह जापानी फिल्म भारतीय दर्शकों को आकर्षित कर रही है। इससे दर्शकों की फिल्म के प्रति उत्सुकता और भारत में एनीमेशन की लगातार बढ़ती लोकप्रियता के संकेत मिलते है। संभव है कि इन्फिनिटी कैसल देश में इस शैली के लिए नए मील के पत्थर स्थापित कर दे ।
कोयोहारू गोटूगे की २०१६-२० की मंगा सीरीज़ डेमन स्लेयर: किमेत्सु नो याइबा के इन्फिनिटी कैसल आर्क पर आधारित जापानी एनिमेटेड डार्क फ़ैंटेसी एक्शन फ़िल्म है। यह सीरीज जापानियों में पर्याप्त लोकप्रिय है।
डेमन स्लेयर: इन्फिनिटी कैसल के प्रति भारतीय दर्शकों की उत्सुकता बढ़ती जा रही है। फिल्म के प्रति लोगों की दीवानगी को देखते हुए, सोनी पिक्चर्स इंडिया ने जनता की मांग पर आधी रात और सुबह के शो निर्धारित किए हैं, जो भारत में किसी एनीमेशन फिल्म के लिए दुर्लभ है।
हारुओ सोतोजाकी द्वारा निर्देशित यह फिल्म 12 सितंबर को मूल जापानी भाषा के साथ-साथ अंग्रेजी, हिंदी, तेलुगु और तमिल के डब संस्करणों में रिलीज हुई है।
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Saturday, 13 September 2025
#MahavatarNarsimha के ५० दिन और एनीमेशन फिल्मों का पुनर्जन्म !
ऐसा प्रतीत होता है कि भारतीय एनीमेशन फिल्मों का पुनर्जन्म होने जा रहा है। इसका प्रमाण यह है कि पौराणिक कथानकों से सन्दर्भ लेकर कार्तिकेय और कार्तिकेय २ जैसी सफल फिल्मों का निर्माण करने वाले निर्देशक चंदू मोंडेती अब रामदूत हनुमान पर फिल्म वायुपुत्र ले कर आ रहे है। यह फिल्म दशहरा पर प्रदर्शित की जाएगी। फिल्म एक एनीमेशन फिल्म है। इसमें हनुमान जी एनिमेटेड अवतार में दिखाई देंगे।
वायुपुत्र के अवतार का श्रेय एनीमेशन फिल्म महावातर नरसिंह को दिया जाना चाहिए। इस साल भारतीय बॉक्स ऑफिस पर महावतार नरसिम्हा के रूप में एक अप्रत्याशित ब्लॉकबस्टर फिल्म देखने को मिली, जो भारतीय सिनेमा में अधिकतर अनछुई रही एनीमेशन तकनीक पर आधारित है । अश्विन कुमार निर्देशित फिल्म महावतार नरसिम्ह २५ जुलाई को प्रदर्शित हुई थी। इस फिल्म ने अब सिनेमाघरों में पचास दिन पूरे कर लिए हैं और दुनिया भर में बॉक्स ऑफिस पर अभूतपूर्व कमाई की है।
क्लीम प्रोडक्शन द्वारा निर्मित और होम्बले फिल्म्स द्वारा प्रस्तुत, महावतार नरसिम्हा ने अपने मंत्रमुग्ध कर देने वाले दृश्यों और भारतीय महाकाव्यों पर आधारित सशक्त कहानी के दम पर पहले दिन से ही दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनानी प्रारम्भ कर दी थी । ऐसे समय में जब कि ज़्यादातर फ़िल्में परदे पर दो हफ़्ते भी टिकने के लिए संघर्ष करती हैं, यह एनिमेटेड ब्लॉकबस्टर न सिर्फ़ टिकी रही बल्कि प्रत्येक व्यतीत दिन के साथ इसका व्यवसाय बढ़ता ही चला गया और यह फिल्म सही अर्थों में ब्लॉकबस्टर फिल्म बन गई ।
सिनेमाघरों में अपने पचास दिनों के प्रदर्शन में, सिनेमा ट्रेड के अनुसार, महावतार नरसिंह ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर लगभग ३२५ करोड़ रुपये कमा लिए हैं, जिसमें भारत में २६९ करोड़ रुपये का कुल व्यवसाय (विशुद्ध २४९ करोड़) कमाई कर फिल्म २०२५ की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में अपना स्थान बना लिया है। रोचक तथ्य यह है कि महावतार नरसिंह ने मात्र भारत में ही डेढ़ करोड़ के लगभग टिकट बेच लिए है। यह दर्शक भी फिल्म को पूरी श्रद्धा के साथ देखते है।
भारतीय एनीमेशन की दुनिया में महावतार नरसिम्हा एक घटना कही जा सकती है। इस फिल्म से पूर्व तक सबसे अधिक कमाई करने वाली भारतीय एनिमेटेड फिल्म हनुमान ने पूरी दुनिया में ११ करोड़ रुपये का व्यवसाय कर पहले स्थान पर थी। किन्तु, महावतार नरसिंह ने अब तक इस फिल्म से तीस गुना कमाई कर ली है।
फिल्म महावतार नरसिंह ने भारतीय एनीमेशन फिल्मों के लिए द्वार खोल दिए हैं। भारतीय एनिमेशन सिनेमा में एक नए युग की आधिकारिक शुरुआत हो गई है। अब तक कई एनीमेशन फिल्मों की घोषणा हो चुकी है। फ़िल्म महावतार नरसिम्हा की मेगा ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद होम्बले फ़िल्म्स और क्लीम प्रोडक्शन की महावतार सिनेमैटिक यूनिवर्स की आगामी फ़िल्मों के अतिरिक्त सितारा एंटरटेनमेंट्स ने श्रीकारा स्टूडियोज़ और फ़ॉर्च्यून फ़ोर सिनेमाज़ के साथ मिलकर भगवान हनुमान पर आधारित अपनी महत्वाकांक्षी एनिमेटेड फ़ीचर फ़िल्म वायुपुत्र की घोषणा की है।
कार्तिकेय 2 के प्रसिद्ध चंदू मोंडेती द्वारा निर्देशित और नाग वामसी एस व साई सौजन्या द्वारा निर्मित, यह फ़िल्म एक अभूतपूर्व दृश्य प्रस्तुति का विश्वास दिलाती है, जिसमें हिंदू धार्मिक कथानक को अत्याधुनिक त्रिआयामी एनिमेशन के साथ मिश्रित किया गया है। फिल्म के निर्माताओं ने फिल्म के दो फ़र्स्ट-लुक पोस्टर जारी किए हैं, जिनमें भगवान हनुमान को अभूतपूर्व एनिमेटेड अवतार में दिखाया गया है।
एक पोस्टर में शक्तिशाली योद्धा, भगवान हनुमान जलती हुई लंका के सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं, उनकी आकृति शक्ति और दिव्यता का प्रतीक है। एक अन्य पोस्टर में हनुमान की एक विस्तृत, जटिल रूप से डिज़ाइन की गई मूर्ति है, जो फिल्म की रचनात्मक टीम की शिल्प कौशल और कलात्मक दृष्टि को उजागर करती है।
अभी तक किसी वॉयस कास्ट की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन निर्माताओं ने पुष्टि की है कि वायुपुत्र २०२६ के दशहरा पर तेलुगु, हिंदी, तमिल, मलयालम और कन्नड़ सहित कई भाषाओं में सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी।
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#AjayDevgn और #SanjayDutt के साथ जंगल एडवेंचर में #TamannahBhatia
थ्रिलर रेड २ के बाद, अभिनेता अजय देवगन जंगल एडवेंचर पर निकल चुके है. इसमें उनके विरुद्ध अजय देवगन और साथ तमन्ना भाटिया है. रेंजर शीर्षक वाली इस फिल्म के निर्देशक जगन शक्ति है। जगन शक्ति ने अक्षय कुमार और विद्या बालन के साथ विज्ञान फिल्म मिशन मंगल का निर्देशन किया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल हुई थी।
रेंजर, असीम अरोड़ा और ऋचा गणेश की २०१८ में प्रकाशित पुस्तक पर आधारित है। यह पुस्तक, मध्य प्रदेश में, बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान में शेरोन के अवैध शिकार और भ्रष्टाचार की घटनाओं पर लिखी गई है। इस उद्यान का एक नया फारेस्ट अफसर किस प्रकार से व्याप्त भ्रष्टाचार का सामना करते हुए शेरो के शिकार पर रोक लगाने का प्रयास करता है।
निर्माता लव रंजन की फिल्म रेंजर में वन्य अधिकारी की भूमिका अजय देवगन कर रहे है। फिल्म में संजय दत्त का नकारात्मक चरित्र है। उनकी अजय देवगन के चरित्र के साथ भिडंत होती रहती है। तमन्ना भाटिया फिल्म में ग्लैमर बिखेरने के लिए राखी गई प्रतीत होती है। फिल्म में अजय देवगन और तमन्ना भाटिया के मध्य एक गीत पिछले दिनों ही शूट किया गया है।
फिल्म रेंजर, निर्माण के अंतिम पड़ाव में है। इस फिल्म की ४५ दिनों की शूटिंग ऊटी के जंगलों में की जा चुकी है। इस शूट में अजय देवगन, संजय दत्त और तमन्ना भाटिया ने भाग लिया था। अब यह तीनों फिल्म की शूटिंग के अंतिम चरण में थाईलैंड में हैं, जहाँ पर फिल्म का क्लाइमेक्स फिल्माया जायेगा।
रेंजर की शूटिंग इस वर्ष की समाप्ति तक पूरी हो जाएगी। अभी इस फिल्म के प्रदर्शन की तिथि सुनिश्चेत नहीं है। किन्तु, फिल्म २०२६ में ही प्रदर्शित की जाएगी।
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Friday, 12 September 2025
लगातार १३ असफलताओं के बाद सफल हुई थी १९२०
आज से `१७ साल पहले, १२ सितम्बर २००८ को हॉरर फिल्म १९२० प्रदर्शित हुई थी। फिल्म का कथानक १९२० के ब्रितानी शासित भारत का था। एक नवविवाहित जोड़ा, एक हवेली में रहने जाता है। नवविवाहिता को शीघ्र ही समझ में आ जाता है कि उस रहस्यमयी हवेली में कोई है। इसके बाद, वह नवविवाहिता उस आत्मा के नियंत्रण में आ जाती है।
विक्रम भट्ट निर्देशित यह फिल्म २००२ में विक्रम भट्ट द्वारा निर्देशित फिल्म राज़ की बड़ी सफलत के पश्चात् प्रदर्शित होने वाली भयानक फिल्म थी। राज़ की सफलता के पश्चात, विक्रम भट्ट ने, भयानक कथानकों से हट कर रोमांटिक, थ्रिलर शैली की फिल्मों का निर्माण किया था । इस शैली की रोमांटिक आप मुझे अच्छे लगने लगे, इन्तहा, फुटपाथ, ऐतबार, जुर्म, ऐलान, दीवाने हुए पागल, अनकही, रेड, लाइफ में कभी कभी, स्पीड और फियर जैसी फिल्मे बॉक्स ऑफिस पर असफल हुई थी। इतनी अधिक असफलताओं से निराश विक्रम भट्ट ने हॉरर शैली में वापसी करने का निर्णय किया था। इसी का परिणाम १९२० थी।
यद्यपि, भयावनी शैली की फिल्म १९२० विक्रम भट्ट की निराशा का परिणाम थी। किन्तु, बॉक्स ऑफिस ने १९२० को निराश नहीं किया। इस फिल्म को ७ करोड़ के बजट से बनाया गया था। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर १४.५ करोड़ का व्यवसाय किया था। इस फिल्म को औसत सफल बताया गया।
विक्रम भट्ट ने, १९९४ में थ्रिलर फिल्म मदहोश से फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में प्रवेश किया था। उन्होंने इसके बाद एक्शन फिल्म गुनहगार, साइकोलॉजिकल थ्रिलर फरेब, एक्शन ड्रामा बम्बई का बाबू, एक्शन फिल्म गुलाम और लीगल थ्रिलर फिल्म कसूर के बाद, एक नई फिल्म निर्माण शैली हॉरर में हाथ आजमाने का प्रयास किया। यह हॉरर फिल्म थी राज़। यह बात दूसरी है कि सफल हॉरर फिल्म राज़ के बाद, विक्रम भट्ट ने छह साल तक दूसरी हॉरर फिल्म का निर्माण नहीं किया।
१९२० मौलिक कथानक वाली फिल्म नहीं थी। यह १९७३ में प्रदर्शित अमेरिकन हॉरर फिल्म द एक्सॉर्सिस्ट से प्रेरित फिल्म थी। फिल्म के काफी दृश्य द एक्सॉर्सिस्ट, द एक्सोरसिस्म ऑफ़ एमिली रोज, स्टीग्मटा और वन मिस्ड काल की चोरी बताये गए थे। हिंदी फिल्म १९२० को तमिल और तेलुगु में १९२०- गायत्री के साथ डब कर प्रदर्शित किया गया था। इस फिल्म को विदेशी मनोरंजन प्रकाशन कोलाइडर ने इसे अब तक की सबसे महान भारतीय हॉरर फिल्मों में से एक बताया था।
विक्रम भट्ट की फिल्म राज़ की सफलता फिल्म के कर्णप्रिय संगीत, भयावना पार्श्व संगीत और नए चेहरे थे। राज़ से, बिपाशा बासु और डिनो मोरया का दर्शकों से पहला परिचय कराया गया था। दर्शकों को यह चेहरे और उनका अभिनय प्रभावित कर गया था। फिल्म बड़ी सफलता प्राप्त कर सकी।
लगातार असफलता के छह साल बाद, विक्रम भट्ट ने, जब हॉरर शैली में फिल्म १९२० का निर्माण प्रारम्भ किया, तब एक बार फिर नए चेहरे उनके साथ थे। १९२० से अदा शर्मा और रजनीश दुग्गल का पहला परिचय दर्शकों से कराया गया था। विशेष रूप से, अभिनेत्री अदा शर्मा की प्रशंसा हुई थी, जिन्होंने अपनी सुंदरता की परवाह किये बिना, चेहरे पर भयावना मेकअप लगवाया था।
इंग्लैंड में नार्थ यॉर्कशायर में, अलर्टन कैसल में, १९२० की शूटिंग की गई थी, उसे भूतिया माना जाता था। कहते हैं कि उस कैसल में रह रहे एक करोड़पति ने एक बढ़ई की हत्या कर दी थी। उसी बढई की आत्मा वहां भटकती थी। फिल्म के निर्माता और निर्देशक ने वहां किसी आत्मा का अनुभव किया था।
हिंदी फिल्म उद्योग चढ़ते सूरज को नमस्कार करता है। इसका ज्वलंत प्रमाण विक्रम भट्ट थे। राज़ के बाद, जब विक्रम भट्ट की एक एक कर सभी ने उनसे किनारा करना प्रारम्भ कर दिया। यहाँ तक कि १९२० के कई ट्रायल शो होने के बाद भी निर्माताओं और वितरकों ने फिल्म के प्रति कोई रूचि नहीं दिखाई।
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
#BoxOffice ने झंड कर दी #Baaghi 4 की बगावत !
टाइगर श्रॉफ की एक्शन थ्रिलर फिल्म बागी ४, अपने पहले सप्ताह में ५० करोड़ का विशुद्ध व्यवसाय तक नहीं कर सकी। शुक्रवार को, १२ करोड़ के व्यवसाय से प्रारम्भ करने वाली बागी ४ का व्यवसाय प्रत्येक दिन के साथ गिरता चला गया। यहाँ तक कि सप्ताहांत में शनिवार और रविवार को भी यह फिल्म उठ नहीं सकी और अंततः बॉक्स ऑफिस से उठ गयी। फिल्म ने प्रथम सप्ताह में ४४.५५ करोड़ का व्यवसाय किया।
लेखक साजिद नाडियाडवाला ने, पूरी फिल्म में सभी मसाले भरे थे। अभिनेत्री हरनाज़ संधू के सुते बदन की खूब नुमाइश की गई थी। सोनम बाजवा के भी अभिनय के स्थान पर उनके ग्लैमर को महत्व दिया गया था। रही टाइगर श्रॉफ की बात तो वह बेचारे क्या करें। उन्हें अभिनय आता नहीं। कसरती सुती मांसपेशियों वाला शरीर है। हर अवसर पर उघाड़ दिया। साजिद ने मौलिकता के स्थान पर नक़ल को प्राथमिकता दी। फिल्म को देखते हुए एनिमल की याद आती थी। किन्तु, कोई भी दर्शक हिंसा के अतिरेक कोई कितना देखे ?
बॉलीवुड फिल्म बागी ४ के बॉक्स ऑफिस पर व्यवसाय की दृष्टि से इसी फिल्म के साथ या पहले प्रदर्शित दक्षिण की फिल्मों पर एक दृष्टि डालें तो दक्षिण की फिल्में अपने क्षेत्रों में कहीं अधिक व्यवसाय करती दिखाई देती है। उदाहरण के लिए तमिल फिल्म अभिनेता शिवकार्तिकेयन की तमिल फिल्म मद्रासी के बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन पर दृष्टि डाले तो स्पष्ट होता है कि मद्रासी ने पहले दिन ही बागी ४ से अधिक १३.६५ करोड़ का विशुद्ध व्यवसाय किया। इस फिल्म ने अपनी पकड़ बनाये रखते हुए ४९ करोड़ का पहला सप्ताह निकाल लिया।
यदि, दक्षिण की किसी छोटे बजट की, छोटे सितारों वाली फिल्म पर दृष्टिपात करें तो पता चलता है कि इस सप्ताह उनकी भी दर्शकों पर पकड़ दिखाई दी। तेलुगु फिल्मो के नवोदित मौली तनुज प्रशांत और शिवानी नगराम की रोमकॉम फिल्म लिटिल हर्ट्स ने दर्शकों के दिलों पर बड़ी पकड़ बनाये रखते हुए १५.१० करोड़ का बढ़िया सप्ताह निकल लिया।
यहाँ एक रोचक तथ्य। मलयालम फिल्मों की अभिनेत्री कल्याणी प्रियदर्शन की डार्क फैंटसी सुपर हीरो फिल्म लोका चैप्टर १ चंद्रा २८ अगस्त २०२५ को मलायलम और तमिल भाषा में प्रदर्शित हुई थी। इस फिल्म ने ५४.७१ करोड़ का विशुद्ध व्यवसाय किया। फिल्म की रिलीज़ के सातवें दिन इस फिल्म को तेलुगु और हिंदी में भी प्रदर्शित किया गया। फिल्म के हिंदी संस्करण ने हिंदी दर्शकों में निरंतर अपनी पकड़ बनाये रखी। हिंदी संस्करण में इसका व्यवसाय स्थिर रहा। इस फिल्म में मलयालम, तमिल, तेलुगु और हिंदी संस्करणों की सहायता से बॉक्स ऑफिस पर दूसरे सप्ताह में बागी ४ के पहले सप्ताह से कहीं अधिक ४७ करोड़ का व्यवसाय कर डाला। अब यह फिल्म दो सप्ताह में १०१.७० करोड़ का व्यवसाय कर शतकवीर फिल्म साबित हो चुकी है।
जहाँ तक हॉलीवुड फिल्मो के वर्चस्व का प्रश्न है, बागी ४ जैसी फिल्मो पर वह बना हुआ है। यद्यपि, कंजूरिंग सीरीज में नौंवी फिल्म कंजूरिंग द लास्ट राइट्स भारतीय दर्शकों को बहुत नहीं भायी। किन्तु, फिल्म ने बागी ४ से ५ करोड़ अधिक की ओपेनिंग ली। फिल्म ने पहले सप्ताह की समाप्ति तक ६७. १९ करोड़ का व्यवसाय कर लिया।
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
Thursday, 11 September 2025
रंगीली उर्मिला मातोंडकर की सेक्सी रंगीला !
यह फिल्म तीस साल पहले प्रदर्शित हुई थी। बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म को दर्शकों और समीक्षको की सराहना मिली। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर १९९५ की चौथी सबसे अधिक कुल व्यवसाय करने वाली फिल्म का सम्मान पाया। इस फिल्म का शीर्षक फिल्म की नायिका की सेक्स अपील की सफलता के कारण समीक्षकों द्वारा बदल दिया गया।
फिल्म का नाम रंगीला थी। यह फिल्म ८ सितम्बर १९९५ को प्रदर्शित हुई थी। फिल्म के मुख्य कलाकार आमिर खान, जैकी श्रॉफ और उर्मिला मातोंडकर थे। निर्देशक रामगोपाल वर्मा ने, रंगीला में उर्मिला की सेक्स अपील का इतना उत्तेजक चित्रण किया गया कि इस फिल्म को रंगीला के स्थान पर रंगीली नाम दिया जाना लगा। उर्मिला मातोंडकर की सेक्स अपील की इतनी सफलता का परिणाम था कि साढ़े चार करोड़ ने बानी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ३३.४ करोड़ का कुल व्यवसाय किया। फिल्म १९९५ की सबसे अधिक ग्रॉस करने वाली चौथी फिल्म मानी गई।
फिल्म रंगीला को, ४१वे फिल्मफेयर पुरस्कारों में श्रेष्ठ फिल्म, श्रेष्ठ निर्देशक, श्रेष्ठ अभिनेता और श्रेष्ठ अभिनेत्री सहित १४ श्रेणियों में नामांकन मिले। फिल्म ने श्रेष्ठ सह अभिनेता जैकी श्रॉफ, श्रेष्ठ संगीतकार एआर रहमान और आशा भोंसले को तनहा तनहा गीत के लिए जूरी का श्रेष्ठ गायिका के पुरस्कार सहित कुल सात पुरस्कार मिले।
दक्षिण के संगीतकार एआर रहमान की रंगीला पहली मौलिक हिंदी फिल्म थी। इससे पहले रहमान का संगीत तमिल, मलयालम और तेलुगु फिल्मों के डब संस्करणों में सुना गया। रंगीला में रहमान का संगीत हिंदी फिल्म के लिए मौलिक था।
फिल्म रंगीला को नायिका उर्मिला मातोंडकर ने बाल कलाकार और किशोरावस्था में कई मलयालम, तमिल, तेलुगु और हिंदी फिल्मों में अभिनय किया। मासूम उनकी उल्लेखनीय फिल्म थी। इसके बाद, वयस्क उर्मिला ने एन चंद्रा की फिल्म नरसिम्हा से अपने हिंदी फिल्म जीवन का प्रारम्भ किया। उन्होंने शाहरुख़ खान के साथ चमत्कार, नागार्जुन के साथ द्विभाषी द्रोही में अभिनय किया। इन फिल्मों के बाद, उर्मिला मातोंडकर की ऋषि कपूर के साथ श्रीमान आशिक और अजय देवगन के साथ बेदर्दी फिल्मे प्रदर्शित हो कर असफल हो गई।
उर्मिला को पहचाना गया १९९४ में प्रदर्शित फिल्म आ गले लग जा से। इस फिल्म में उनके नायक जुगल हंसराज थे। किन्तु, रामगोपाल वर्मा की फिल्म रंगीला ने उर्मिला मातोंडकर को सेक्स बम बनाया ही, उनके भावपूर्ण अभिनय को भी सराहा गया। इसके बाद, उर्मिला मातोंडकर बड़े बजट की फिल्मों की प्रतिस्पर्द्धी अभिनेत्री के रूप में स्वीकार कर ली गई।
रंगीला को हिंदी सिनेमा इतिहास में मील का पत्थर फिल्म माना जाता है। यह फिल्म अब तक की हिंदी फिल्मों की परम्परा से इतर बॉलीवुड में आधुनिक सोच लाने वाली फिल्म बताया जाता है। फिल्म की कहानी का तरीका, आकर्षक दृश्य और आधुनिक संगीत उस समय की रूढ़िवादी और फार्मूला वाली कहानी कहने की शैली से अलग था। उर्मिला मातोंडकर ने फिल्म की नायिका को सेक्स सिंबल बना दिया।
फिल्म ने, हिंदी फिल्मों की नायिका को आधुनिक वेशभूषा में दिखाई देने की हिचक को समाप्त कर दिया। फिल्म के फैशन डिज़ाइनर मनीष मल्होत्रा ने ब्रांडेड कपड़ों का प्रवेश करा दिया। इससे पहले तक हिंदी फिल्मों में विशेष रूप से फैशन डिज़ाइनर का चलन नहीं था। रंगीला ने, अहमद खान कोई नृत्य निर्देशक के रूप में मान्यता दिला दी।
अभिनेता आमिर खान को आशा थी कि वह फिल्म में मुन्ना चरित्र के लिए वह फिल्मफेयर में श्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार जीतेंगे। इस पुरस्कार समारोह में गए आमिर खान को उस समय बहुत निराशा हुई, जब उनके स्थान पर शाहरुख खान को फिल्म दिल वाले दुलहनिया ले जायेंगे के लिए श्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दे दिया गया। इसके बाद, आमिर खान, फिर कभी किसी भी पुरस्कार समारोह में सम्मिलित नहीं हुए।
फिल्म रंगीला से रामगोपाल वर्मा को सराहना मिली थी। किन्तु, रामगोपाल वर्मा इस फिल्म को अपनी निकृष्ट फिल्म मानते हैं। इस फिल्म के बाद, वर्मा ने गैंगस्टर और थ्रिलर फिल्मो का ही निर्माण किया। केवल १९९९ में प्रदर्शित फिल्म मस्ती ही, ऐसी फिल्म थी जो रोमांटिक कथानक वाली थी। किन्तु, यह फिल्म असफल हुई।
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
Wednesday, 10 September 2025
नायिका के रूप में जयललिता की इकलौती हिंदी फिल्म इज़्ज़त
क्या आप जानते हैं कि तमिल फिल्म अभिनेत्री और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने हिंदी फिल्म डेब्यू किया था ? क्या आप जानते हैं कि उन्होंने नायिका के रूप में मात्र एक फिल्म में ही अभिनय किया? नहीं जानते तो इस बारे में बताते हैं।
यहाँ बताते चलें कि दक्षिण की, हिंदी फिल्म करने वाली अभिनेत्रियों में जयललिता पहली अभिनेत्री नहीं थी। उनसे काफी पहले दक्षिण की अभिनेत्रियां हिंदी दर्शकों को अपनी प्रतिभा से परिचित करा चुकी थी। अब यह बात दूसरी है कि इनमे कोई सफल हुई, कोई असफल।
वैजयंतीमाला, दक्षिण की पहली ऎसी अभिनेत्री थी, जिनका परिचय हिंदी दर्शकों से हुआ। उनका यह परिचय दक्षिण की एक फिल्म निर्माण बैनर एवीएम ने १९५१ में प्रदर्शित फिल्म बहार से कराया था। इस फिल्म के नायक करण दीवान थे। निर्देशक एमवी रामन थे।
वैजयंतीमाला के बाद, १९५५ में, अंजलि देवी हिंदी दर्शकों के समक्ष फिल्म लड़की में कामिनी की भूमिका से सामने आई। इस फिल्म के निर्माता और निर्देशक दोनों ही एवीएम और एमवी रामन थे। लड़की में वैजयंतीमाला भी अभिनय कर रही थी। इन दोनों को भारत भूषण और किशोर कुमार की नायिका बनाने का अवसर मिला।
अंजलि देवी के बाद, प्रतिभाशाली तमिल फिल्म अभिनेत्री सावित्री गणेशन ने १९५५ में प्रदर्शित फिल्म बहुत दिन हुए से हिंदी दर्शको को प्रभावित करने का प्रयास किया । बहुत दिन हुए का निर्माण जैमिनी स्टूडियोज ने किया था। फिल्म के निर्देशक एसएस वासन थे। फिल्म में मधुबाला और रतन कुमार मुख्य भूमिका में थे। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल हुई थी।
यद्यपि, दक्षिण की फिल्म अभिनेत्री वैजयंतीमाला को हिंदी फिल्मों में बड़ी सफलता मिली। वह हिंदी की सबसे बड़ी अभिनेत्री बनी। उन्होंने हिंदी फिल्मो के सभी बड़े सितारों के साथ अभिनय किया। किन्तु, अंजलि देवी और सावित्री को सफलता नहीं मिल सकी। यद्यपि यह दोनों अभिनेत्रियां अच्छी नृत्यांगना और अभिनयशील थी।
इस कड़ी में, जे जयललिता पर तो बहुत बुरी बीती। वह वैजयंतीमाला के हिंदी फिल्मों में प्रवेश के १७ साल बाद, फिल्म इज़्ज़त से हिंदी दर्शकों के सामने आई। दक्षिण के फिल्म निर्देशक टी प्रकाश राव निर्देशित फिल्म इज़्ज़त (१९६८) में धर्मेंद्र की दोहरी भूमिका थी। एक भूमिका में वह काले मेकअप में थे। तनूजा फिल्म की एक अन्य नायिका थी। इज़्ज़त में जयललिता ने एक आदिवासी लड़की झुमकी की भूमिका की थी।
ठाकुर, ठाकुर की लम्पटता और आदिवासी लड़की को गर्भवती करने के बाद शादी न करने के कथानक वाली इस घिसी पिटी फिल्म को असफलता मिली थी। यद्यपि, फिल्म का गीत संगीत काफी अच्छा और लोकप्रिय हुआ था। विशेष रूप से क्या मिलिए ऐसे लोगों से जिनकी फितरत छुपी रहे और तुम बिन दिल लगता नहीं क्या करें दर्शकों में लोकप्रिय हुए। फिल्म के संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल थे। गीत साहिर लुधियानवी ने लिखे थे।
यहाँ, रोचक तथ्य यह है कई फिल्म के अधिकतर गीत जयललिता पर फिल्माए गए थे। लता मंगेशकर के गए गीत जागी बदन में ज्वाला सैया तूने क्या कर डाला में जयललिता ने अपनी सेक्स अपील से हिंदी दर्शको को लुभाने का प्रयास किया था। उन पर दो अन्य गीत रुक जा ज़रा किधर को चला और सर पर लम्बा टोप लेके आएगा का फिल्मांकन भी किया गया था। फिल्म की अन्य नायिका तनूजा को केवल एक गीत तुम बिन जी लगता नहीं ही मिला था। अब यह बात दूसरी है कि एक फिल्म के तीन तीन गीत पाने के बाद भी, जयललिता हिंदी फिल्म दर्शकों को प्रभावित नहीं कर सकी। इज़्ज़त उनकी इकलौती और अंतिम फिल्म बन गई, जिसमे वह नायिका बनी थी।
यहाँ बता दें कि यद्यपि इज़्ज़त जयललिता की नायिका के रूप में इकलौती फिल्म थी। किन्तु, यह उनके हिंदी फिल्म जीवन की दूसरी फिल्म थी। उन्होंने किशोर कुमार और साधना की हिंदी फिल्म मन मौजी में एक नृत्य नाटिका की थी, जिसमे वह कृष्ण बनी थी। इन नृत्य नाटिका की राधा बॉलीवुड अभिनेत्री नाज थी।
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#Yash के गैंगस्टर की #Toxic कथा
अभिनेता यश की, घोषणा के समय से ही चर्चित और बहुप्रतीक्षित गैंगस्टर एक्शन थ्रिलर फिल्म टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोनअप्स इस समय एक महत्वकांक्षी अखिल भारतीय फिल्म बन कर उभर रही है। विशेष बात यह है कि फिल्म में टॉक्सिक गैंगस्टर यश के नेतृत्व में बॉलीवुड और टॉलीवूड की सुन्दर किन्तु प्रतिभाशाली अभिनेत्रियां अपनी अदाकारी का परिचय अखिल भारतीय दर्शकों को एक साथ देने जा रही है।
एक गैंगस्टर की टॉक्सिक कथा पर, फिल्म टॉक्सिक अ फेयरी टेल फॉर ग्रोनअप्स की चार सुंदरियों को कैमरा के पीछे से निर्देश एक महिला निर्देशक गीतू मोहनदास दे रही है। फिल्म में बॉलीवुड से किआरा अडवाणी, तारा सुतरिया और हुमा कुरैशी तथा दक्षिण की लेडी सुपरस्टार नयनतारा और रुक्मिणी वसंत गैंगस्टर के जीवन में महत्वपूर्ण चरित्र कर रही है।
वॉर २, गेम चेंजर, गोविंदा नाम मेरा, जुग जुग जियो और भूल भुलैया २ जैसी सफल फिल्मों में हृथिक रोशन, रामचरण, विक्की कौशल और वरुण धवन की रोमांस किआरा अडवाणी, टॉक्सिक में यश के जीवन के विषैलेपन को अपने सौंदर्य और कोमलता से कम करने का प्रयास करती दिखाई देंगी। वह उनकी रोमांटिक जोड़ीदार है।
दक्षिण की फिल्मों की लेडी सुपरस्टार मानी जाने वाले सुन्दर और प्रतिभाशाली नयनतारा यश से रोमांस नहीं कर रही। वह फिल्म में यश की बहन की भूमिका कर रही है। यह चरित्र टॉक्सिक की गैंगस्टर कथा को भावनात्मक स्तर पर आगे बढ़ाने वाली है। गीतू मोहनदास ने इस भूमिका के लिए बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान को लिया था। किन्तु, करीना कपूर ने यश की बहन के स्थान पर उनकी रोमांटिक जोड़ीदार बनाने की मांग रख दी थी। परिणामस्वरूप फिल्म में नयनतारा आ गई।
फिल्म की तीसरी सुंदरी बॉलीवुड की मरजावां, एक विलेन रिटर्न्स और अपूर्व में अपनी अभिनय प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी, तारा सुतरिया रोचक चरित्र कर रही है। वह फिल्म में यश की रोमांस तो नहीं हैं, किन्तु, फिल्म में यश के रोमांस को चुनौती देने वाली अवश्य है। बताते हैं कि फिल्म में कियरा अडवाणी और तारा सुतरिया के चरित्रों के मध्य तीखी झड़प होती रहती है।
हुमा कुरैशी, एक बार फिर खल चरित्र करने जा रही है। फिल्म काला में रजनीकांत और फिल्म वालीमै में अजित कुमार जैसे सुपर सितारों के विरुद्ध परदे पर अपनी उपस्थिति देने वाली हुमा कुरैशी फिल्म टॉक्सिक में नकारात्मक चरित्र कर रही है। यह महिला चरित्र यश के जीवन में जहर फ़ैलाने वाला है।
यहाँ अभिनेत्री रुक्मिणी वसंत का उल्लेख करना उपयुक्त होगा। वह कन्नड़ फिल्मों की नामचीन अभिनेत्री है। जिस साल, २०१९ में रुक्मिणी ने कन्नड़ फिल्म बीरबल ट्राइलॉजी से अपने कन्नड़ फिल्म जीवन का प्रारम्भ किया था, उसी साल उन्होंने हिंदी फिल्म अपस्टॉर्टस में एक एनजीओ के लिए काम करने वाली लड़की की भूमिका की थी। वह फिल्म सप्त सागरादाचे एलो साइड ए और साइड बी में अपनी जबरदस्त अभिनय प्रतिभा का परिचय दे चुकी है। हाल में प्रदर्शित तमिल फिल्म मद्रासी में शिवकार्तिकेयन की मालती की भूमिका में दिखाई दी थी। उनका भी फिल्म टॉक्सिक में हलचल मचाने वाला चरित्र है।
टॉक्सिक फिल्म का तकनीकी पक्ष भी उत्कृष्ट है। फिल्म के तकनीकी पक्ष को निखारने के लिए अंतर्राष्ट्रीय तकनीशियनों को सम्मिलित किया गया है। इनमे हॉलीवुड के एक्शन कोरियोग्राफर जे जे पेरी का नाम उल्लेखनीय है। पेरी ने, हॉलीवुड की तीन फिल्मों डे शिफ्ट, द किलर्स और आफ्टरबर्न का निर्देशन किया है।
स्पष्ट है कि जहाँ टॉक्सिक अ टेल फॉर ग्रोनअप्स शैली, विषय वास्तु और सशक्त अभिनय से सजी फिल्म होगी, बल्कि तकनीकी रूप से भी उत्कृष्ट फिल्म होगी। २०२६ में, जब टॉक्सिक परदे पर प्रदर्शित की जा रही होगी, तो दर्शक अब तक देखी समस्त गैंगस्टर फिल्मों को भुला बैठेंगे।
२०१८ में प्रदर्शित कोलार खदान की पृष्ठभूमि वाली फिल्म केजीएफ चैप्टर १ से बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख़ खान को बुरी तरह मात देने वाले कन्नड़ फिल्म अभिनेता यश ने अखिल भारतीय सफलता प्राप्त की थी। फिल्म के दूसरे चैप्टर केजीएफ चैप्टर २ के पूरे देश में क्रेज़ से घबराये आमिर खान को अपनी फिल्म लालसिंह चड्डा का प्रदर्शन १४ अप्रैल के स्थान पर स्वंतंत्रता दिवस के सप्ताह में ११ अगस्त को प्रदर्शित करने को विवश कर दिया।
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
Tuesday, 9 September 2025
#SalmanKhan ने शुरू की #BattleOfGalwan की शूटिंग
सलमान खान की युद्ध फिल्म बैटल ऑफ़ गलवान की शूटिंग प्रारम्भ हो गई है। कल ८ सितम्बर से सलमान खान ने, फिल्म की शूटिंग में अपनी भूमिका निभानी प्रारम्भ कर दी है। यह शूटिंग लद्दाख में हो रही है।
बैटल ऑफ़ गलवान एक सत्य घटना पर फिल्म है। चीनी सेना ने गलवान में घुसपैठ करने का प्रयास किया था। इस घुसपैठ को रोकने में भारतीय सेना ने कर्नल बिकुमाला संतोष बाबू के नेतृत्व में वीरता पूर्वक चीनी सैनिकों का मुकाबला करते हुए, उन्हें पीछे हटाने पर विवश कर दिया। फिल्म कर्नल की भूमिका सलमान खान कर रहे है।
फिल्म की शूटिंग लद्दाख की दुर्गम पहाड़ियों में की जा रही है। ऐसी पहाड़ियों में तापमान -४० डिग्री तक पहुँच जाता है। ऐसी दुर्गम पहाड़ी पर शूटिंग करने का साहस दिखाना, सलमान खान का सराहनीय प्रयास है।
बैटल ऑफ़ गलवान का निर्देशन अपूर्व लखिया कर रहे है। अपूर्व ने शूटआउट एट लोखंडवाला और मिशन इस्ताम्बुल जैसी चर्चित एक्शन थ्रिलर फिल्मों का निर्माण किया है। बैटल ऑफ़ गलवान, विक्की कौशल अभिनीत आदित्य धर निर्देशित फिल्म उरी द सर्जिकल स्टिके की परंपरा में युद्ध फिल्म होने के बाद भी भिन्न है। क्योंकि, यह फिल्म भारत पाकिस्तान युद्ध से अलग भारत और चीन के बीच युद्ध की अनकही दास्तान है। इस दृष्टि से फिल्म दर्शकों को आकर्षित कर सकती है।
आदित्य धर की फिल्म उरी द सर्जिकल स्ट्राइक का निर्माण ४४ करोड़ में हुआ था। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ते हुए, पूरे विश्व में ३४३ करोड़ का ग्रॉस किया था। क्या बैटल ऑफ़ गलवान भी कुछ ऎसी ही सफलता प्राप्त कर सकेगी। यदि ऐसा होता है तो ५९ वर्षीय सलमान खान के फिल्म जीवन को थोड़ी अधिक लम्बाई मिल सकेगी।
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
'नक्शा', सनी देओल और विवेक ओबेरॉय का करियर बिगाड़ने वाली फिल्म
इस समय, बॉलीवुड और कॉलीवूड, महाभारत और रामायण के चरित्रों और प्रतीकों पर फिल्म बनाने की भागदौड़ में है। बॉलीवुड से, जहाँ नीतिश तिवारी की तीन भागों में बनाई जाने वाली फिल्म रामायण पर्याप्त चर्चित हो रही है। वहीँ, कॉलीवूड से फिल्म सूर्यपुत्र महावीर कर्ण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यह फिल्म पूरी तरह से महाभारत के कर्ण पर केंद्रित होगी। स्पष्ट रूप से, फिल्म सूर्यपुत्र महावीर कर्ण में, इंद्रदेव द्वारा कर्ण के कवच कुण्डल भिक्षा में मांग लेने का चित्रण भी होगा। क्योंकि, इन अलौकिक और अजेय कवच कुण्डलों के रहते कर्ण को मारा नहीं जा सकता था।
क्या बॉलीवुड कोई ऐसी फिल्म बनाएगा, जिसमे कर्ण के कवच कुण्डलों की महिमा का चित्रण हो? यह प्रश्न अभी अनुत्तरित है। किन्तु, २००६ में, कर्ण के कवच और कुण्डलों की खोज पर एक फिल्म नक्शा बनाई जा चुकी है। यद्यपि, इस फिल्म का पहले नाम खोज ही रखा गया था। किन्तु, बाद में इसे नक्शा शीर्षक दे दिया गया।
नक्शा : अनलॉक द मिस्ट्री का निर्माण अक्षय बजाज ने किया था और निर्देशक सचिन बजाज थे। सचिन बजाज, फिल्म वितरक तोलू बजाज के बेटे थे। किन्तु, नक्शा के बाद उनकी कोई भी फिल्म प्रदर्शित नहीं हो सकी। नक्शा में सनी देओल और विवेक ओबेरॉय सौतेले भाइयों की भूमिका कर रहे थे। समीरा रेड्डी ने विवेक की प्रेमिका की भूमिका की थी। फिल्म के खलनायक जैकी श्रॉफ थे। अन्य भूमिकाएं सुहासिनी मुले, नवनी परिहार, आदि की थी।
यह फिल्म निर्देशक सचिन बजाज की पहली और अंतिम फिल्म भी थी। नक्शा का बजट २२ करोड़ का था। किन्तु, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर मात्र ६.६१ करोड़ ही बटोर सकी। इस प्रकार से नक्शा डिजास्टर फिल्म साबित हुई।
फिल्म में अनिल कपूर की आवाज में नक्शा का नक्शा खींचा गया है कि कैसे इंद्रदेव ने, कारण के कवच और कुण्डल प्राप्त का हिमालय में किसी गुफा में छुपा दिया था और इन कवच कुण्डलों को आज भी खोजा जा रहा है। नक्शा में इन कवच कुण्डलों की खोज जैकी श्रॉफ का खलनायक बाली अमर होने के लिए खोज रहा है। वही सनी देओल और विवेक ओबेरॉय के चरित्र अपने पिता की अंतिम खोज पूरी करने के लिए इन कवच कुण्डलों के पीछे है।
निर्देशक सचिन बजाज, सनी देओल, विवेक ओबेरॉय और समीरा रेड्डी फिल्म नक्शा में पहली और अंतिम बार एक साथ आये थे। यद्यपि, सनी देओल, विवेक ओबेरॉय और समीरा रेड्डी २००७ में प्रदर्शित कॉमेडी फिल्म फूल एंड फाइनल में एक साथ थे। इसके बाद, इन तीनों की भी कोई फिल्म एक साथ नहीं आई।
जैकी श्रॉफ फिल्म नक्शा में खल भूमिका कर रहे थे। वह दूसरी बार सनी के विरुद्ध खल चरित्र कर रहे थे। इससे पहले वह २००१ में प्रदर्शित सनी देओल की फिल्म फर्ज में भी खलनायक का फ़र्ज़ निभा रहे थे।
नक्शा की कहानी हैरिसन फोर्ड की इंडियाना जोंस एंड लास्ट क्रूसेड और ड्वेन जॉनसन की फिल्म रनडाउन की घालमेल बताई जाती है। विशेष रूप से फिल्म के जंगल के दृश्य और गुफा में जाने के दृश्य इन दोनों फिल्मों की भद्दी नक़ल लगते थे।
नक्शा की पहली पसंद जैकी श्रॉफ और विवेक ओबेरॉय नहीं थे। उनसे पहले संजय दत्त को जैकी की भूमिका और विवेक भूमिका के लिए अभिषेक बच्चन से बात की गई थी। किन्तु, इन लोगों द्वारा फिल्म बाद में छोड़ देने के बाद, इन्हे जैकी और विवेक को सौंप दिया गया। इसी प्रकार से समीरा रेड्डी से पहले अमृता राव को फिल्म की नायिका बनाया गया था। किन्तु, वह विवाह की शूटिंग में व्यस्त होने के कारण फिल्म नहीं कर सकी।
यद्यपि, फिल्म नक्शा खराब लिखी गई और अभिनीत फिल्म थी। किन्तु, निर्माता अपनी फिल्म की असफलता के लिए संजय दत्त की कॉमेडी फिल्म लगे रहो मुन्ना भाई की आड़ लेते है। जब, ८ सितम्बर को नक्शा प्रदर्शित हुई, उसके एक हफ्ता पहले संजय दत्त की मुन्ना सीरीज की दूसरी फिल्म १ सितम्बर को प्रदर्शित हुई ही थी। लगे रहो मुन्ना भाई को दर्शकों की पसंदगी मिल रही थी। निर्माता कहते हैं कि उनकी फिल्म संजय दत्त की फिल्म की वजह से अच्छी नहीं गई।
नक्शा की असफलता ने, सनी देओल और विवेक ओबेरॉय, दोनों के ही करियर को हानि पहुंचाई। सनी देओल की बाद में प्रदर्शित तीसरी आँख और बिग ब्रदर असफल हुई। उन्हें अपने ने बचा लिया।
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
ढलान पर बॉलीवुड के खान ?
यह प्रश्न पूछा ही जाना चाहिए ! क्या बॉलीवुड के खान अभिनेताओं का बॉलीवुड पर वर्चस्व समाप्त हो गया है या ढलान पर है ? बॉलीवुड की खान अभिनेता अर्थात सैफ अली खान, सलमान खान, शाहरुख़ खान और आमिर खान लगभग साढ़े तीन दशक से फिल्मों में सक्रिय है। सैफ अली खान १९९१ से तो बाकी तीन खान १९८८ से निरंतर फ़िल्में कर रहे है। कभी इनके नाम पर फिल्मे बिका करती थी। यह शर्ते निर्धारित किया करते थे। किन्तु आज !
सैफ अली खान ने २०२० से फिल्मों को असफल बनाना प्रारंभ कर दिया है। तन्हाजी की बाद, वह अब तक जवानी जानेमन, दिल बेचारा, भूत पुलिस, बंटी और बबली २, विक्रम वेधा, आदिपुरुष, देवरा और ज्वेल थीफ को फ्लॉप कर चुके है। देवरा के फ्लॉप होने के बाद, सैफ की फिल्म ज्वेल थीफ ओटीटी पर प्रदर्शित हुई। उनकी घोषित फिल्म हैवान का कोई अतापता नहीं है। अर्थात सैफ तो फिनिश !
अब बात करते हैं आमिर खान की। २०१८ में प्रदर्शित ठग्स ऑफ़ हिंदुस्तान से वह निरंतर असफल हो रहे है। यद्यपि, वह चुनिंदा फिल्में ही करते हैं, साल में एक बार की दर से। किन्तु, दर्शक उनकी इन फिल्मो को भी नहीं चुन रहा। ठग्स ऑफ़ हिंदुस्तान के बाद, वह कोई जाने न फिल्म के मेहमान थे। किन्तु, उनकी मुख्य भूमिका वाली फिल्म लाल सिंह चड्डा हॉलीवुड की हिट और ऑस्कर पुरस्कार विजेता फिल्म फारेस्ट गंप की आधिकारिक रीमेक होने के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर दम तोड़ गई। उनका कैमिया काजोल की फिल्म सलाम वेंकय को सफल नहीं बना सका। अभी २० जून को प्रदर्शित उनकी फिल्म सितारे जमीन पर १२० करोड़ के बजट के विरुद्ध २६३ करोड़ का ग्रॉस ही कर सकी। अब उनका १४ अगस्त को प्रदर्शित होने जा रही तमिल फिल्म कुली में, रजनीकांत के लिए सहयोग इस फिल्म को हृथिक रोशन और जूनियर एनटीआर की फिल्म वॉर २ के समक्ष हिंदी पेटी में कितना भला कर सकेगा, यह मालूम हो गया है । उनकी एक फिल्म लाहौर १९४७ अभी बन ही रही है। इस फिल्म की कोई चर्चा नहीं।
शाहरुख़ खान २०१७ से संघर्ष कर रहे है। उनकी जब हैरी मेट सेजल और जीरो फिल्मों की बॉक्स ऑफिस पर दुर्दशा हुई। जीरो की असफलता से शाहरुख़ खान कुछ इतने असुरक्षित हो ए कि हो गए कि उन्होंने दो साल तक अपनी किसी फिल्म की घोषणा तक नहीं की। इसके बाद, वह २०२३ में दो हजार करोडियां फिल्मों पठान और जवान से दर्शकों के सामने आये। यद्यपि, उनकी इन दोनों फिल्मों ने, बॉक्स ऑफिस पर हजार करोड़ का व्यवसाय किया। किन्तु, यह हजार करोड़ का ग्रॉस आज भी ब्लॉक बुकिंग के कारण किसी को हजम नहीं हो रहा। इसका प्रमाण यह था कि २०२३ में हजार करोड़ के घोड़े पर सवार शाहरुख़ खान की राजकुमार हिरानी के साथ फिल्म डंकी प्रदर्शित हुई तो इसकी भी ब्लॉक बुकिंग प्रारम्भ हो गई। तभी खबर आई कि गौरी खान से जुडी एक कंपनी पर मनी लॉन्डरिंग मामले में छापा पड़ा है। इस खबर का प्रभाव था या फिर क्या डंकी की ब्लॉक बुकिंग रुक गई और फिल्म हजार करोड़ तो क्या ५०० करोड़ के लिए भी तरस गई।
अब शाहरुख़ खान तीन साल से फिर सदमे में हैं। उनकी कुछ फिल्मों की घोषणा हुई। टाइगर वर्सेज पठान भी प्रारंभिक चर्चाओं के बाद लुप्त हो गई। लम्बे समय बाद उनकी गैंगस्टर फिल्म किंग की घोषणा हुई। सिद्धार्थ आनंद निर्देशित इस फिल्म की शूटिंग मार्च २०२५ से प्रारम्भ हो गई है। सिद्धार्थ के साथ शाहरुख़ खान ने पठान जैसी फिल्म दी थी। किन्तु, क्या बात है कि किंग पठान की हवा नहीं बना पा रहा है?
सबसे अधिक दुर्दशा सलमान खान की है। वह सोच समझ कर बड़े निर्माताओं की बड़े बजट की फिल्म चुनते है। किन्तु, दर्शक इन फिल्मों की नहीं चुनता। यशराज फिल्मस के लिए एक था टाइगर से स्पाई यूनिवर्स के जन्मदाता सलमान खान की इस सीरीज की तीसरी फिल्म टाइगर ३ बॉक्स ऑफिस पर ३०० करोड़ के बजट के विरुद्ध ४६७ करोड़ का कुल व्यवसाय ही कर सकी।
टाइगर ३ के बाद, सलमान खान २०२४ में दो फिल्मों सिंघम अगेन और बेबी जॉन में चुलबुल पांडेय और एजेंट भाईजान के रूप में दिखाई दिए। उनकी केंद्रीय भूमिका वाली फिल्म सिकंदर इसी साल प्रदर्शित हुई। फिल्म में बॉलीवुड के अभिनेताओं के लिए भाग्यशाली चेहरा रश्मिका मंदना उनकी नायिका थी। किन्तु, इसके बावज़ूद सिकंदर बॉक्स ऑफिस पर सिकंदर नहीं साबित हो सकी। सिकंदर का बजट २०० करोड़ का था। किन्तु, फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर केवल १७६ करोड़ का ग्रॉस किया। सलमान खलास !!
देखा जाये तो खान अभिनेता साठ के आसपास घूम रहे है। इस उम्र में चरित्र अभिनेता बन जाना ही उपयुक्त होता है। किन्तु, यह अभिनेता युवा अभिनेत्रियों के नायक बन कर अपनी जवानी का प्रदर्शन कर रहे है। किन्तु, चेहरे और गले की झुर्रियां उनकी जवानी की चुगली खाती है। उनका कम उम्र लड़की से रोमांस करना ऊब पैदा करता है।
साढ़े तीन दशक बहुत होते है। मुम्बई की चौपाटी के समुद्र से करोडो लीटर पानी बह चुका है। जब समुद्र पानी को रुकने नहीं देता तो बॉलीवुड क्यों ताजगी न अपनाये। ऐसा ही हो भी रहा है। दक्षिण की तेलुगु और कन्नड़ फिल्मों के हमले ने बॉलीवुड को घायल कर रखा है। इसका सीधा नुकसान इन खान अभिनेताओं को हो रहा है। हिंदी दर्शक अब खान अभिनेताओं की मूल हिंदी फिल्मों के स्थान पर प्रभास, अल्लू अर्जुन, यश और जूनियर एनटीआर की डब फिल्मों को देखना पसंद कर रहे है। बॉलीवुड और खान अभिनेताओं की असफलता का अनुमान इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि तेलुगु और कन्नड़ भाषा की छोटे बजट को छोटे सितारों वाली फ़िल्में भी १०० करोड़ आसानी से कमा ले जा रही है।
आगे भी बॉलीवुड और खान अभिनेताओं के लिए चुनौतियाँ ही चुनौतियाँ है। अल्लू अर्जुन कीएटली के साथ अनाम फिल्म काफी चर्चा में है। कन्नड़ फिल्म अभिनेता यश की अखिल भारतीय फिल्म टॉक्सिक का दर्शको को उत्सुकता से प्रतीक्षा है। रामायण के राम के बजाय हिंदी दर्शक यश के रावण को देखना चाहते है। प्रभास की हॉरर कॉमेडी फिल्म द राजा साब पर्याप्त हिंदी दर्शक बटोर चुकी है। उनकी तीन फिल्मे फौजी, स्पिरिट और सालार पार्ट २ अगले साल या २०२७ में रंग जमाने जा रही है। २०२६ में एनटीआर जूनियर की फिल्म ड्रैगन प्रदर्शित होगी। रामचरण की तेलुगु फिल्म पेड्डी हिंदी में भी प्रदर्शित होगी।
दक्षिण से कुछ दूसरी फिल्मे भी चर्चा में है। कन्नड़ फिल्म अभिनेता ध्रुव सरजा की केडी द डेविल ४ सितम्बर को हिंदी में भी प्रदर्शित होने जा रही है। एक अन्य कन्नड़ हिट कांतारा की प्रीक्वेल फिल्म कांतारा चैप्टर १ २ अक्टूबर २०२५ को वरुण धवन की फिल्म सनी संस्कारी की तुलसी को नैपथ्य में धकेलने के लिए तैयार है। सबसे दिलचस्प होगा ५ दिसंबर को, रणवीर सिंह स्पाई एक्शन फिल्म धुरंधर को प्रभास की फिल्म द राजा साब और केडी से घिरा देखना।
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
Monday, 8 September 2025
डैडी में डॉन अरुण गवली बने थे अर्जुन रामपाल
अभिनेता अर्जुन रामपाल ने, निर्माता के रूप में केवल एक फिल्म डैडी का निर्माण किया था। इस फिल्म की कहानी के सह लेखक भी अर्जुन रामपाल थे। अशीम अहलूवालिया निर्देशित इस फिल्म में अर्जुन रामपाल के अतिरिक्त ऐश्वर्या राजेश, निशिकांत कामत, आनंद इंग्ले, राजेश श्रृंगारपोरे, पूर्णानंद वांडेकर, अनुप्रिया गोयनका, श्रुति बापना, उषा नाइक, श्रीकांत यादव, और दीपक दामले ने अभिनय किया था। यह फिल्म आज के दिन ८ सितम्बर २०१७ को प्रदर्शित हुई थी।
यह फिल्म बनने से पहले ही विवादों में आ गई। कहा
जाता है कि इस फिल्म के फिल्मांकन से पहले, अभिनेता
अर्जुन रामपाल फिल्म की स्क्रिप्ट लेकर अस्पताल में भर्ती अरुण गवली से मिलने गए
थे । उस समय अरुण गवली जे जे अस्पताल में भर्ती थे। इसके लिए अर्जुन रामपाल की कड़ी
आलोचना हुई थी।
राजनीतिक पृष्ठभूमि में बनी फिल्म डैडी
राजनीतिक थ्रिलर फिल्म थी। इस फिल्म में अर्जुन रामपाल ने गैंगस्टर से राजनेता बने
अरुण गवली का रियल लाइफ चरित्र किया था।
फिल्म में अपने चरित्र को स्वाभाविक रखने के लिए अर्जुन रामपाल उस दगडी चॉल
में गए और उनके निवासियों से बातचीत की, जहाँ अरुण गवली आजीवन रहे।
फिल्म का शीर्षक गवली या अरुण द डॉन
रखने के स्थान पर डैडी रखे जाने का कारण भी रोचक है। फिल्म को डैडी शीर्षक इसलिए
दिया गया कि अरुण गवली के साथी और प्रशंसक उन्हें डैडी नाम से सम्बोधित करते थे।
अरुण गवली भी स्वयं को डैडी कहलाना पसंद करते थे। इस फिल्म को प्रशंसा अवश्य मिली।
किन्तु, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही।
तमिल फिल्म अभिनेत्री ऐश्वर्या राजेश
ने इस फिल्म में अरुण गवली की पत्नी जुबैदा मुजावर उर्फ़ आशा गवली की भूमिका की थी।
यह फिल्म ऐश्वर्या की पहली हिंदी फिल्म थी।
फिल्म में फरहान अख्तर ने दाऊद
इब्राहिम के चरित्र को परदे पर किया था।
किन्तु, फिल्म में उनके चरित्र को मकसूद नाम दिया गया था। भाग मिल्खा भाग
(२०१३) में ओलिंपिक धावक मिल्खा सिंह के चरित्र के बाद फरहान अख्तर ने दूसरा
वास्तविक चरित्र परदे पर किया था। डैडी में फरहान अख्तर की भूमिका के बारे में
फिल्म के प्रदर्शन से पहले गुप्त रखा गया था।
फिल्म के निर्माता अर्जुन रामपाल ने
फिल्म में 80 के दशक का एहसास लाने के लिए "डांस डांस 1987" का गाना "ज़िंदगी मेरी डांस डांस" चुना। "ज़िंदगी
मेरी डांस डांस" गाने की शूटिंग के दौरान अर्जुन रामपाल ने नताशा स्टेनकोविक
की तुलना जीनत अमान और परवीन बॉबी से की थी।
फिल्म डैडी में, वरिष्ठ
मराठी फिल्म अभिनेत्री उषा नाइक ने अरुण गवली की माँ की भूमिका की थी। इस प्रकार से वह, फिल्म
में अर्जुन रामपाल की माँ बनी थी। हिंदी फिल्म दर्शको ने उषा नाइक को, वी
शांताराम की मराठी हिंदी फिल्म पिंजरा (१९७२) में एक डांसर की भूमिका में पहली बार
देखा था। इस प्रकार से, वह
४५ साल बाद हिंदी दर्शकों के सामने आई थी।
प्रारम्भ में, उषा को फिल्म में केवल बूढी माँ की भूमिका के
लिए ही चुना गया था। किन्तु, बाद में उन्हें युवा भूमिका भी सौंप दी
गई।
डैडी, मराठी
फिल्म अभिनेता नितिन बोडरे की पहली और इकलौती हिंदी फिल्म थी। वह मराठी कॉमेडी दगडी चॉल और दगडी चॉल २ से
प्रसिद्द अभिनेता थे। उन्होंने कुल मिलाकर
ग्यारह फिल्मे और टीवी शो किये। एक अन्य
मराठी फिल्म अभिनेता विद्याधर जोशी की भी यह पहली हिंदी फिल्म थी।
फिल्म डैडी को २१ जुलाई २०१७ को
प्रदर्शित किया जाना था। किन्तु, अरुण
गवली की बेटी गीता गवली ने फिल्म को ८ सितम्बर को प्रदर्शित करने का अनुरोध
किया। क्योंकि, उस
समय अरुण गवली जेल में थे। उनकी पैरोल के लिए अनुरोध किया गया था। अब यह बात दूसरी
है कि अरुण गवली को संजय दत्त के कारण पैरोल नहीं मिल सकी। उस समय संजय दत्त को
बार बार पैरोल स्वीकार किये जाने पर सवाल उठाये जा रहे थे।
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
आज के दिन मिस्टर कबड्डी, समीर, द रैली, डैडी और पोस्टर बॉयज !
आज से आठ साल पहले, अर्थात ८ सितम्बर २०१७ को बॉलीवुड की कुल पांच फिल्मे प्रदर्शित हुई थी। यह फ़िल्में व्यंग्यात्मक, हास्यपूर्ण, ड्रामा, थ्रिलर और राजनीतिक फ़िल्में थी। इनमे से केवल एक फिल्म औसत गई। शेष फिल्मे बॉक्स ऑफिस पर बेरौनक रही।
व्यंग्यपूर्ण हास्य फिल्म मिस्टर कबाड़ी का कथानक एक कबाड़ी की थी, जो अचानक ही अमीर हो जाता है। पैसा आता ही वह अपनी जीवन शैली बिलकुल बदल लेता है। वह न केवल आधुनिक पोशाके पहनता है, बल्कि अपना उच्चारण भी बदल लेता है। इस फिल्म के निर्माता अनूप जलोटा थे और निर्देशकओमपुरी की पत्नी सीमा कपूर थी। इस असफल फिल्म में सीमा कपूर ने अपने तत्कालीन पति ओमपुरी को अनु कपूर, सारिका, विनय पाठक, बृजेन्द्र काला, उल्का गुप्ता, राजवीर सिंह, कशिश वोरा सतीश कौशिक जैसे सशक्त कलाकारों को निर्देशित किया था।
मोहम्मद ज़ीशान अयूब,अंजलि पाटिल, सुब्रत दत्ता और सीमा बिस्वास अभिनीत निर्देशक दक्षिण छारा की ड्रामा फिल्म समीर का कथानक आतंकवाद पर था। इसमें पुलिस एक आतंकवादी की गिरफ़्तारी के बजाय एक मासूम व्यक्ति को पकड़ लेती है। किन्तु, वास्तविकता का ज्ञान हो जाने पर, वह उसे छोड़ने के स्थान पर उनके लिए काम कर आतंकवादी को पकड़वाने की शर्त रखते है।
निर्देशक दीपक आनंद की मिर्ज़ा और अरशीं मेहता अभिनीत ड्रामा फिल्म द रैली में एक युवक के हिमालय कार रैली में भाग लेने की यात्रा पर केंद्रित थी। इसके लिए वह अपनी प्रेमिका को भी धोखा देने में नहीं हिचकता।
अशीम अहलूवालिया निर्देशित और अर्जुन रामपाल की राजनीतिक थ्रिलर फिल्म डैडी डॉन अरुण गवली के चरित्र पर आधारित फिल्म थी। इस फिल्म में अर्जुन ने डॉन की भूमिका की थी।
श्रेयस तलपड़े अभिनीत और निर्देशित हास्य फिल्म पोस्टर बॉयज में सनी देओल, बॉबी देओल, सोनाली कुलकर्णी, रणधीर राय, लारा दत्ता, उर्वशी रौतेला, आदि की प्रमुख भूमिका थी। यह फिल्म निर्माता के रूप में श्रेयस की मराठी फिल्म पोश्टर बॉयज (२०१३) की हिंदी रीमेक थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औसत कारोबार ही कर सकी थी।
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Sunday, 7 September 2025
राष्ट्रीय सहारा 7 सितंबर 2025
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
Saturday, 6 September 2025
बॉलीवुड के #Baaghi4 पर भारी हॉलीवुड की #TheConjuringLastRites
इस शुक्रवार, भारत के बॉक्स ऑफिस पर हिंदी की दो फ़िल्में बागी ४ और द बंगाल फाइल्स प्रदर्शित हुई। इन फिल्मों के साथ, दक्षिण से तेलुगु फिल्म घाटी और तमिल फिल्म मद्रासी प्रदर्शित हुई है। शुक्रवार को, मलयालम हॉरर फिल्म लोका पार्ट १ चंद्रा का नौंवा दिन, हिंदी फिल्म परम सुंदरी का आठवां दिन था। इन फिल्मों ने शुक्रवार को कैसा व्यवसाय किया, डालते हैं बॉक्स ऑफिस आंकड़ों आप एक दृष्टि।
निर्देशक कृष की तेलुगु एक्शन क्राइम ड्रामा फिल्म घाटी ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर २ करोड़ का विशुद्ध कारोबार किया है। यह फिल्म अनुष्का शेट्टी की मुख्य भूमिका वाली महिला प्रधान फिल्म है। यह फिल्म तेलुगु और तमिल में प्रदर्शित की गई थी।
नोआखली बंगाल में, १९४६ मे, पाकिस्तान बनवाने के लिए दबाव बनाने के लिए मुसलमानों द्वारा हिन्दुओ के कत्लेआम पर फिल्म द बंगाल फाइल्स ने पहले दिन १.७५ करोड़ का विशुद्ध व्यवसाय किया। यद्यपि यह द कश्मीर फाइल्स के पहले दिन के व्यवसाय से काफी कम है। फिर भी विवेक अग्निहोत्री की यह फिल्म दर्शको को झिंझोड़ने में सफल लगती है। इस फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती का चरित्र दर्शकों को आकृष्ट कर रहा है।
एआर मुरुगादॉस निर्देशित तमिल फिल्म मद्रासी ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर १३. १ करोड़ का विशुद्ध व्यवसाय किया। इस साइकोलॉजिकल एक्शन थ्रिलर के नायक शिवकार्तिकेयन हैं और उनकी नायिका रुक्मिणी वसंत है।
हॉलीवुड की हॉरर फिल्म द कंजूरिंग लास्ट रइट्स ने १७.५ करोड़ का व्यवसाय किया। इस फिल्म ने सबसे अधिक दस करोड़ अंग्रेजी संस्करण से और उसके बाद हिंदी संस्करण से ६,३५ करोड़ का व्यवसाय किया। यह फिल्म हॉलीवुड की सुपरनैचरल हॉरर कंजूरिंग फिल्म सीरीज की नौंवी फिल्म है।
निर्माता साजिद नाडियाडवाला की बागी सीरीज में चौथी फिल्म बागी ४ ने बॉक्स ऑफिस पर १२ करोड़ का विशुद्ध व्यवसाय किया है। इस फिल्म के निर्देशक कन्नड़ फिल्मों के निर्देशक ए हर्षा है। इस फिल्म में टाइगर श्रॉफ के साथ संजय दत्त, सोनम बाजवा और हरनाज़ संधू सह भूमिकाओं में है।
इससे स्पष्ट है कि शुक्रवार को बॉक्स ऑफिस पर भारतीय फिल्मों पर हॉलीवुड की फिल्म भारी पड़ी है। शनिवार को भी द कंजूरिंग लास्ट रइट्स भारी पड़ती लग रही है।
इस बार शुक्रवार ५ अगस्त को, जान्हवी कपूर की हिंदी फिल्म परम सुंदरी का आठवां दिन था। फिल्म ने आठवे दिन १.७५ करोड़ जुटाए। अर्थात इसका आठवे दिन का व्यवसाय द बंगाल फाइल्स के बराबर रहा। शुक्रवार को मलयालम हॉरर फिल्म लोका पार्ट १ चंद्रा का नौंवा दिन था। फिल्म ने अपने मलायलम, तेलुगु और तमिल संस्करणों से कुल ७.८५ करोड़ का व्यवसाय किया। दूसरे सप्ताह में अब तक परम सुंदरी ४१.५ करोड़ और लोका पार्ट १ चंद्रा ६२.५५ करोड़ का व्यवसाय कर चुकी है।
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.





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